वृत्त ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम वृत्त, त्रिाज्या, व्यास, जीवा, वृत्तखंड, चक्रीय चतुभुर्ज। ऽ एक वृत्त ;या सवा±गसम वृत्तोंद्ध की समान ;या बराबरद्ध जीवाएँ वेंफद्र ;या वेंफद्र्रोंद्ध पर बराबर कोण अंतरित करती हैं। ऽ यदि एक वृत्त ;या सवा±गसम वृत्तोंद्ध की जीवाएँ वेंफद्र्र ;या वेंफद्र्रोंद्ध पर बराबर कोण अंतरित करें तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं। ऽ वृत्त के वेंफद्र्र से उसकी किसी जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। ऽ किसी वृत्त के वेंफद्र्र से होकर उसकी जीवा को समद्विभाजित करती हुइर् रेखा जीवा पर लंब होती है। ऽ दिए हुए तीन असंरेख बिंदुओं से होकर एक और केवल एक ही वृत्त खींचा जा सकता है। ऽ एक वृत्त ;या सवा±गसम वृत्तोंद्ध की बराबर जीवाएँ वेंफद्र्र ;या वेंफद्र्रोंद्ध से समदूरस्थ होती हैं। ऽ वृत्त के वेंफद्र्र से समदूरस्थ जीवाएँ बराबर होती हैं। ऽ यदि एक वृत्त की दो जीवाएँ बराबर हों तो उनके संगत चाप सवा±गसम होते हैं तथा विलोमतः यदि दो चाप सवा±गसम हों तो उनकी संगत जीवाएँ बराबर होती हैं। ऽ एक वृत्त के सवा±गसम चाप वेंफद्र्र पर बराबर कोण अंतरित करते हैं। ऽ किसी चाप द्वारा वृत्त के वेंफद्र्र पर बनाया गया कोण वृत्त के शेष भाग पर स्िथत किसी बिंदु पर बनाए गए कोण का दुगुना होता है। ऽ एक ही वृत्त - खंड में बने कोण बराबर होते हैं। ऽ यदि दो बिंदुओं को मिलाने पर बना रेखाखंड उस रेखाखंड को अंतविर्ष्ट करने वाली रेखा के एक ही ओर स्िथत दो बिंदुओं पर बराबर कोण अंतरित करे ;बनाएद्ध, तो ये चारों बिंदु चक्रीय होते हैं। ऽ एक चक्रीय चतुभुर्ज के सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म का योग 180ह् होता है। ऽ यदि किसी चतुभुर्ज के सम्मुख कोणों के एक युग्म का योग 180ह् हो, तो वह चतुभुर्ज चक्रीय होता है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न सही उत्तर लिख्िाए - प्रतिदशर् प्रश्न 1रू आवृफति 10ण्1 में दो सवा±गसम वृत्तों के वेंफद्र्र व् और व्′ हैं। चाप ।ग्ठ वेंफद्र्र व् पर 75ह् का कोण अंतरित करता है तथा चाप ।′ ल् ठ′ वेंफद्र्र व्′ पर 25° का कोण अंतरित करता है। तब चाप । ग् ठ और ।′ ल् ठ′ का अनुपात है आवृफति 10ण्1 ;।द्ध 2 रू 1 ;ठद्ध 1 रू 2 ;ब्द्ध 3 रू 1 ;क्द्ध 1 रू 3 हल रू उत्तर ;ब्द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू आवृफति10ण्2 मेंए ।ठ और ब्क् वेंफद्र्र व् वाले वृत्त की दो बराबर जीवाएँ हैं।व्च्औरव्फ क्रमशः ।ठ औरब्क् जीवाओं पर लंब हैं। यदि ∠च्व्फ त्र 150ह् है, तो ∠।च्फ बराबर है ;।द्ध 30ह् ;ठद्ध 75ह् ;ब्द्ध 15ह् ;क्द्ध 60ह् हल रू उत्तर ;ठद्ध आवृफति 10ण्2 प्रश्नावली 10ण्1 निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में सही उत्तर लिख्िाए - 1ण् किसी वृत्त का ।क् एक व्यास है और ।ठ एक जीवा है। यदि ।क् त्र 34 बउए ।ठ त्र 30 बउ है, तो वृत्त के वेंफद्र्र से ।ठ की दूरी है ;।द्ध17 बउ ;ठद्ध 15 बउ ;ब्द्ध 4 बउ ;क्द्ध8 बउ 2ण् आवृफति 10ण्3 में, यदि व्। त्र 5 बउए ।ठ त्र 8 बउ तथा व्क् जीवा।ठ पर लंब है, तो ब्क् बराबर है ;।द्ध2 बउ ;ठद्ध 3 बउ ;ब्द्ध4 बउ ;क्द्ध 5 बउ 3ण् यदि।ठ त्र 12 बउए ठब् त्र 16 बउ और ।ठ रेखाखंड ठब् पर लंब है, तो ।ए ठ और ब् से होकर जाने वाले वृत्त की त्रिाज्या है ;।द्ध6 बउ ;ठद्ध 8 बउ ;ब्द्ध10 बउ ;क्द्ध 12 बउ 4ण् आवृफति 10ण्4 में, यदि ∠।ठब् त्र 20ह् है, तो ∠।व्ब् बराबर है ;।द्ध 20ह् ;ठद्ध 40ह् ;ब्द्ध 60ह् ;क्द्ध 10ह् आवृफति 10ण्5 6ण् आवृफति 10ण्6 में, यदि ∠व्।ठ त्र 40ह् है, तो ∠।ब्ठ बराबर है ;।द्ध 50ह् ;ठद्ध 40ह् ;ब्द्ध 60ह् ;क्द्ध 70° आवृफति 10ण्6 7ण् आवृफति 10ण्7 में, यदि ∠क्।ठ त्र 60ह्ए ∠।ठक् त्र 50ह् है, तो ∠।ब्ठ बराबर है ;।द्ध 60ह् ;ठद्ध 50ह् ;ब्द्ध 70ह् ;क्द्ध 80ह् आवृफति 10ण्7 8ण् ।ठब्क् एक ऐसा चक्रीय चतुभुर्ज है कि ।ठ इस चतुभुर्ज के परिगत वृत्त का एक व्यास है तथा ∠।क्ब् त्र 140ह् है। तब, ∠ठ।ब् बराबर है ;।द्ध80ह् ;ठद्ध 50ह् ;ब्द्ध40ह् ;क्द्ध 30ह् 9ण् आवृफति10ण्8 में,ठब् वृत्त का व्यास है तथा ∠ठ।व् त्र 60ह् है। तब, ∠।क्ब् बराबर है आवृफति 10ण्8 ;।द्ध30ह् ;ठद्ध 45ह् ;ब्द्ध60ह् ;क्द्ध 120ह् 10ण् आवृफति 10ण्9 मेंए ∠।व्ठ त्र 90ह् और ∠।ठब् त्र 30ह् है। तब, ∠ब्।व् बराबर है: ;।द्ध 30ह् ;ठद्ध 45ह् ;ब्द्ध 90ह् ;क्द्ध 60ह् आवृफति 10ण्9 ;ब्द्ध तवर्फ के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न सत्य या असत्य लिख्िाए तथा अपने उत्तर का औचित्य दीजिए - प्रतिदशर् प्रश्न 1रू किसी जीवा द्वारा वृत्त पर स्िथत किन्हीं दो बिंदुओं पर अंतरित कोण बराबर होते हैं। हलरू असत्य। यदि दोनों बिंदु केवल एक ही वृत्तखंड ;दीघर् या लघुद्ध में स्िथत होते हैं, तभी बराबर होते हैं, अन्यथा नहीं। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू एक वृत्त की जीवाएँ जिनकी लंबाइर्याँ 10 बउ और 8 बउ हैं वेंफद्र्र से क्रमशः 8ण्0 बउ और 3ण्5 बउ की दूरियों पर हैं। हल रू असत्य। क्योंकि बड़ी जीवा वेंफद्र्र से कम दूरी पर होती है। प्रश्नावली 10ण्2 निम्नलिख्िात में प्रत्येक के लिए सत्य या असत्य लिख्िाए और अपने उत्तर का औचित्य दीजिए - 1ण् एक वृत की दो जीवाएँ ।ठ और ब्क् में से प्रत्येक वेंफद्र्र से 4 बउ की दूरी पर है। तब, ।ठ त्र ब्क् है। 2ण् वेंफद्र्र व् वाले वृत्त की दो जीवाएँ ।ठ और ।ब्ए व्। के विपरीत ओर स्िथत हैं। तब, ∠व्।ठ त्र ∠व्।ब् है। 3ण् व् और व्′ वेंफद्र्रों वाले दो सवा±गसम वृत्त । और ठ दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं। तब, ∠।व्ठ त्र ∠।व्′ठ है। 4ण् तीन संरेख बिंदुओं से होकर एक वृत्त खींचा जा सकता है। 5ण् दो बिंदुओं। और ठ से होकर 3 बउ त्रिाज्या का एक वृत्त खींचा जा सकता है, यदि ।ठ त्र 6 बउ है। 6ण् ।व्ठ वृत्त का एक व्यास है तथा ब् वृत्त पर स्िथत कोइर् बिंदु है। तब, ।ब्2 ़ ठब्2 त्र ।ठ2 है। 7ण् ।ठब्क् एक चक्रीय चतुभुर्ज है, जिसमें ∠। त्र 90°ए ∠ठ त्र 70°ए ∠ब् त्र 95° और ∠क् त्र 105° है। 8ण् यदि ।ए ठए ब्ए और क् चार बिंदु इस प्रकार हैं कि ∠ठ।ब् त्र 30° और ∠ठक्ब् त्र 60° है, तो क् उस वृत्त का वेंफद्र्र है, जो ।ए ठ और ब् बिंदुओं से होकर खींचा जाता है। 9ण् यदि ।ए ठए ब् और क् चार बिंदु इस प्रकार हैं कि ∠ठ।ब् त्र 45° और ∠ठक्ब् त्र 45° है, तो ।ए ठए ब् और क् चक्रीय है। 10ण् आवृफति10ण्10में, यदि ।व्ठ एक व्यास है और∠।क्ब् त्र 120° है, तो ∠ब्।ठ त्र 30° है। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1रू आवृफति 10ण्11 मेंए ।व्ब् वृत्त का एक 1 व्यास है तथा चाप ।ग्ठ त्र चापठल्ब् है। ∠ठव्ब् ज्ञात 2 कीजिए। हलरू 1 क्योंकि चाप ।ग्ठ त्र चाप ठल्ब् है, इसलिए2 1 ∠।व्ठ त्र ∠ठव्ब् 2 साथ ही, ∠।व्ठ ़ ∠ठव्ब् त्र 180ह् 1 अतः, 2 ∠ठव्ब् ़ ∠ठव्ब् त्र 180ह् 2 या ∠ठव्ब् त्र 180ह् 120ह् 3 × त्र आवृफति 10ण्10 आवृफति 10ण्11 प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू आवृफति 10ण्12 में, ∠।ठब् त्र 45ह् है। सि( कीजिए कि व्। ⊥ व्ब् है। 1 हलरू ∠।ठब् त्र ∠।व्ब् है।2 अथार्त् ∠।व्ब् त्र 2∠।ठब् त्र 2 × 45ह् त्र 90ह् या व्। ⊥ व्ब् प्रश्नावली 10ण्3 1ण् यदि एक वृत्त के चाप।ग्ठ और ब्ल्क् सवा±गसम हैं तो ।ठ और ब्क् का अनुपात ज्ञात कीजिए। 2ण् यदि एक वृत्त च्ग्।फठल् की एक जीवा ।ठ का लंब समद्विभाजक वृत्त को च् और फ बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करता है, तो सि( कीजिए कि चाप च्ग्। ≅ चाप च्ल्ठ है। 3ण् ।ए ठ और ब् किसी वृत्त पर स्िथत तीन बिंदु हैं। सि( कीजिए कि ।ठए ठब् और ब्। के लंब समद्विभाजक संगामी हैं। 4ण् ।ठ और।ब् एक वृत्त की दो बराबर जीवाएँ हैं। सि( कीजिए कि ∠ ठ।ब् का समद्विभाजक वृत्त के वेंफद्र्र से होकर जाता है। 5ण् यदि वृत्त की दो जीवाओं के मध्य - बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड वृत्त के वेंफद्र्र से होकर जाता है, तो सि( कीजिए कि दोनों जीवाएँ समांतर हैं। 6ण् ।ठब्क् एक ऐसा चतुभुर्ज है कि । शीषो± ठए ब् और क् से होकर जाने वाले वृत्त का वेंफद्र्र है। 1सि( कीजिए कि ∠ब्ठक् ़ ∠ब्क्ठ त्र ∠ठ।क् है।2 7ण् व् त्रिाभुज ।ठब् का परिवेंफद्र्र है तथा क् आधर ठब् का मध्य - बिंदु है। सि( कीजिए कि ∠ठव्क् त्र ∠। है। 8ण् एक उभयनिष्ठ कणर्।ठ पर दो समकोण त्रिाभुज।ब्ठ और।क्ठ इस प्रकार खींचे गए हैं कि वे विपरीत ओर स्िथत हैं। सि( कीजिए कि ∠ठ।ब् त्र ∠ठक्ब् है। 9ण् एक वृत्त की दो जीवाएँ ।ठ और।ब् उसके वेंफद्र्र पर क्रमशः 90ह् और 150ह् के कोण अंतरित करती हैं। ∠ठ।ब् ज्ञात कीजिए, यदि ।ठ और।ब् वेंफद्र्र के विपरीत ओर स्िथत हैं। 10ण् यदिठड औरब्छ त्रिाभुज ।ठब् की भुजाओं ।ब् और।ठ पर खींचे गए लंब हैं, तो सि( कीजिए कि बिंदु ठए ब्ए ड और छ चक्रीय हैं। 11ण् यदि किसी समद्विबाहु त्रिाभुज के आधर के समंातर कोइर् रेखा उसकी बराबर भुजाओं को प्रतिच्छेद करने के लिए खींची जाए, तो सि( कीजिए कि इस प्रकार बना चतुभुर्ज चक्रीय होता है। 12ण् यदि किसी चक्रीय चतुभुर्ज की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर है, तो सि( कीजिए कि इसके विकणर् भी बराबर हैं। 13ण् एक त्रिाभुज ।ठब् का परिवेंफद्र्र व् है। सि( कीजिए कि ∠व्ठब् ़ ∠ठ।ब् त्र 90ह् है। 14ण् किसी वृत्त की एक जीवा उसकी त्रिाज्या के बराबर है। इस जीवा द्वारा दीघर् वृत्तखंड में किसी बिंदु पर अंतरित कोण ज्ञात कीजिए। 15ण् आवृफति 10ण्13 मेंए ∠।क्ब् त्र 130° और जीवा ठब् त्र जीवा ठम् है। ∠ब्ठम् ज्ञात कीजिए। 16ण् आवृफति 10ण्14 में,∠।ब्ठ त्र 40ह् है। ∠व्।ठ ज्ञात कीजिए। 17ण् एक चतुभुर्ज।ठब्क् एक वृत्त के अंतगर्त इस प्रकार है कि ।ठ वृत्त का व्यास है और∠।क्ब् त्र 130ह् है।∠ठ।ब् ज्ञात कीजिए। 18ण् वेंफद्र्रों व् और व्′ वाले दो वृत्त बिंदुओं । और ठ पर प्रतिच्छेद करते हैं। । ;या ठद्ध से होकर एक रेखा च्फ रेखाखंडव्व्′ के समांतर खींची जाती है, जो वृत्तों को च् और फ पर प्रतिच्छेद करती है। सि( कीजिए कि च्फ त्र 2 व्व्′ है। 19ण् आवृफति 10ण्15 मेंए ।व्ठ वृत्त का व्यास है तथा ब्ए क् और म् अध्र्वृत्त पर स्िथत कोइर् तीन बिंदु हैं। ∠।ब्क् ़ ∠ठम्क् का मान ज्ञात कीजिए। आवृफति 10ण्15 20ण् आवृफति 10ण्16 में, ∠व्।ठ त्र 30ह् और∠व्ब्ठ त्र 57ह् है। ∠ठव्ब् और ∠।व्ब् ज्ञात कीजिए। आवृफति 10ण्16 ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू सि( कीजिए कि दो वृत्त परस्पर दो से अध्िक बिंदुओं पर प्रतिच्छेद नहीं कर सकते। हलरू मान लीजिए कि दो वृत्त ऐसे हैं, जो ।ए ठ और ब् तीन बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं। स्पष्टतः ।ए ठ और ब् संरेख नहीं हैं। हम जानते हैं कि तीन असंरेख बिंदुओं से होकर एक और केवल एक ही वृत्त खींचा जा सकता है। अतः बिंदुओं ।ए ठ और ब् से होकर दो वृत्त नहीं खींचे जा सकते हैं। दूसरे शब्दों में, दो वृत्त दो से अध्िक बिंदुओं पर प्रतिच्छेद नहीं कर सकते हैं। प्रतिदशर् प्रश्न 2रू सि( कीजिए की वृत्त के अंदर किसी बिंदु से होकर जाने वाली सभी जीवाओं में से वह जीवा सबसे छोटी होती है, जो उस बिंदु से होकर जाने वाले व्यास पर लंब होती है। हल रू मान लीजिए कि वेंफद्र्र व् वाले वृत्त के अंदर च् कोइर् बिंदु है। च्से होकर जाने वाले व्यास ग्ल् पर लंब एक जीवा ।ठ खींचिए जोच् से होकर जाए। माना ब्क्, बिंदु च् से होकर जाती हुइर् एक अन्य जीवा है। व् से ब्क् पर व्छ लंब खींजिए। तब Δव्छच् एक समकोण त्रिाभुज है ;आवृफति 10.17द्ध। इसलिए, इसका कणर् व्च् भुजा व्छ से बड़ा है। हम जानते हैं कि वह जीवा जो वेंफद्र्र से निकटतम दूरी पर होती है उस जीवा से बड़ी होती है जो वेंफद्र्र से अध्िक दूरी पर होती है। अतः ब्क् झ ।ठ है। अतः, ।ठ बिंदु च् से होकर जाने वाली जीवाओं में सबसे छोटी है। प्रश्नावली 10ण्4 1ण् यदि एक वृत्त की दो बराबर जीवाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें, तो सि( कीजिए कि एक जीवा के दो भाग दूसरी जीवा के दोनों भागों के पृथक - पृथक बराबर होते हैं। 2ण् यदि एक समलंब की असमांतर भुजाएँ बराबर हों, तो सि( कीजिए कि यह एक चक्रीय चतुभुर्ज है। 3ण् यदि च्ए फ और त् क्रमशः एक त्रिाभुज की ठब्ए ब्।और।ठ भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं तथा ।क् शीषर्। से ठब् पर लंब है, तो सि( कीजिए कि बिंदु च्ए फए त् और क् चक्रीय हंै। 4ण् ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज है। ।और ठ से होकर एक वृत्त इस प्रकार खींचा जाता है कि वह ।क् को च् पर और ठब् को फ पर प्रतिच्छेद करता है। सि( कीजिए कि च्ए फए ब् और क् चक्रीय हैं। 5ण् सि( कीजिए कि एक त्रिाभुज के किसी कोण का समद्विभाजक और उसकी सम्मुख भुजा का लंब समद्विभाजक, यदि प्रतिच्छेद करते हैं तो, उस त्रिाभुज के परिवृत्त पर प्रतिच्छेद करते हैं। 6ण् यदि किसी वृत्त ।ल्क्र्ठॅब्ग् की दो जीवाएँ ।ठ और ब्क् समकोण पर प्रतिच्छेद करती हैं ;आवृफति 10.18द्ध, तो सि( कीजिए कि चाप ब्ग्। ़ चाप क्र्ठ त्र चाप ।ल्क् ़ चापठॅब् त्र एक अध्र्वृत्त है। 7ण् यदि ।ठब् किसी वृत्त के अंतगर्त एक समबाहु त्रिाभुज है तथा च् लघु चाप ठब् पर स्िथत कोइर् बिंदु है, जो ठ या ब् के संपाती नहीं है, तो सि( कीजिए कि च्। कोण ठच्ब् का समद्विभाजक है। 8ण् आवृफति 10ण्19 मेंए।ठ औरब्क्एक वृत्त की दो जीवाएँ हैं, जो म् पर प्रतिच्छेद करती हैं। सि( कीजिए कि 1 ∠।म्ब् त्र ;चाप ब्ग्। द्वारा वेंफद्र्र पर अंतरित कोण2़ चाप क्ल्ठ द्वारा वेंफद्र्र पर अंतरित कोणद्ध है। 9ण् यदि एक चक्रीय चतुभुर्ज ।ठब्क् के सम्मुख कोणों के समद्विभाजक इस चतुभुर्ज के परिगत वृत्त को च् और फए बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं, तो सि( कीजिए कि च्फ इस वृत्त का व्यास है। आवृफति 10ण्18 आवृफति 10ण्19 10ण् एक वृत्त की त्रिाज्या 2 बउ है। 2 बउ लंबाइर् वाली जीवा द्वारा यह वृत्त दो वृत्त - खंडांे में विभाजित किया जाता है। सि( कीजिए कि इस जीवा द्वारा दीघर् वृत्त - खंड के किसी बिंदु पर बना कोण 45ह् है। 11ण् एक वृत्त की दो बराबर ।ठ औरब्क् जीवाएँ बढ़ाने पर बिंदु च् पर प्रतिच्छेद करती हैं। सि( कीजिए कि च्ठ त्र च्क् है। 12ण् ।ठ और ।ब् त्रिाज्या त वाले एक वृत्त की दो जीवाएँ इस प्रकार हैं कि ।ठ त्र 2।ब् है। यदि च और ु क्रमशः वेंफद्र्र से ।ठ और ।ब् की दूरियाँ हैं, तो सि( कीजिए कि 4ु2 त्र च2 ़ 3त2 है। 13ण् आवृफति 10ण्20 में, व् वृत्त का वेंफद्र्र है और ∠ठब्व् त्र 30° है। ग और ल ज्ञात कीजिए। आवृफति 10ण्20 14ण् आवृफति 10ण्21 मेंए व् वृत्त का वेंफद्र्र है, ठक् त्र व्क् और ब्क् ⊥ ।ठ है। ∠ब्।ठ ज्ञात कीजिए।

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