समांतर चतुभुर्जों और त्रिाभुजांे के क्षेत्रापफल ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम किसी बंद समतल आवृफति का क्षेत्रापफल उस आवृफति के अंदर के क्षेत्रा का माप होता हैः ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध आवृफति 9ण्1 छायांकित भाग ;आवृफति 9ण्1द्ध वे क्षेत्रा निरूपित करते हैं जिनके क्षेत्रापफल सरल ज्यामितीय परिणामों का प्रयोग करके निधर्रित किए जा सकते हैं। ऐसी आवृफतियों के क्षेत्रापफलों को मापने के लिए एक वगर् इकाइर् ;या मात्राकद्ध मानक इकाइर् है। ऽ यदि Δ ।ठब् ≅ Δ च्फत् है, तो ंत ;Δ ।ठब्द्ध त्र ंत ;Δ च्फत्द्ध होता है। समतल आवृफति ।ठब्क् का वुफल क्षेत्रापफल त् दोनों त्रिाभुजाकार क्षेत्रों त्1 और त्2ए के योग के बराबर है, अथार्त् ंत ;त्द्ध त्र ंत ;त्1द्ध ़ ंत ;त्2द्ध है ;आवृफति 9.2द्ध। ऽ दो सवा±गसम आवृफतियों के क्षेत्रापफल बराबर होते हैं परंतु इसका विलोम सदैव सत्य नहीं है। ऽ एक समांतर चतुभुर्ज का विकणर् उसे दो बराबर क्षेत्रापफल वाले त्रिाभुजों में विभाजित करता है। ऽ ;पद्ध एक ही आधर पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने समांतर चतुभुर्ज, क्षेत्रापफल में, बराबर होते हैं। ;पपद्ध एक ही आधर पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बना एक समांतर चतुभुर्ज और एक आयत क्षेत्रापफल में बराबर होते हैं। ऽ समान आधरों पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने समांतर चतुभुर्ज क्षेत्रापफल में बराबर होते हैं। ऽ एक ही आधर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिाभुज क्षेत्रापफल में बराबर होते हैं। ऽ समान आधरों और समान क्षेत्रापफलों वाले त्रिाभुजों के संगत शीषर्लंब समान होते हैं। ऽ एक त्रिाभुज का क्षेत्रापफल एक ही आधर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने आयत/समांतर चतुभुर्ज के क्षेत्रापफल का आध होता है। ऽ यदि एक त्रिाभुज और एक समांतर चतुभुर्ज एक ही आधर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने हों, तो त्रिाभुज का क्षेत्रापफल समांतर चतुभुर्ज के क्षेत्रापफल का आध होता है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न सही उत्तर लिख्िाए - प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू 12 बउ और 16 बउ विकणा±े वाले एक समचतुभुर्ज की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को मिलाने से बनी आवृफति का क्षेत्रापफल है ;।द्ध 48 बउ2 ;ठद्ध 64 बउ2 ;ब्द्ध 96 बउ2 ;क्द्ध 192 बउ2 हल रू उत्तर ;।द्ध प्रश्नावली 9ण्1 निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में सही उत्तर लिख्िाए - 1ण् एक त्रिाभुज की माियका उसे विभाजित करती है, दो ;।द्ध बराबर क्षेत्रापफल वाले त्रिाभुजांे में ;ठद्ध सवा±गसम त्रिाभुजों में ;ब्द्ध समकोण त्रिाभुजों में ;क्द्ध समद्विबाहु त्रिाभुजों में 2ण् निम्नलिख्िात आवृफतियों ;आवृफति 9ण्3द्धमें से किसमें आप एक ही आधर पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीचए बने दो बहुभुज प्राप्त करते हैंः ;।द्ध ;ठद्ध आवृफति 9ण्3 3ण् 8 बउ और 6 बउ भुजाओं वाले एक आयत की आसन्न भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को मिलाने से बनी आवृफति है रू ;।द्ध 24 बउ2 क्षेत्रापफल का एक आयत ;ठद्ध 25 बउ2 क्षेत्रापफल का एक वगर् ;ब्द्ध 24 बउ2 क्षेत्रापफल का एक समलंब ;क्द्ध 24 बउ2 क्षेत्रापफल का एक समचतुभुर्ज 4ण् आवृफति 9ण्4 में, समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् का क्षेत्रापफल हैरू ;।द्ध ।ठ × ठड ;ठद्ध ठब् × ठछ ;ब्द्ध क्ब् × क्स् ;क्द्ध ।क् × क्स् 5ण् आवृफति 9ण्5 में, यदि समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् और आयत ।ठम्ड समान क्षेत्रापफल के हैं, तो रू ;।द्ध ।ठब्क् का परिमाप त्र ।ठम्ड का परिमाप ;ठद्ध ।ठब्क् का परिमाप ढ ।ठम्ड का परिमाप आवृफति 9ण्5 ;ब्द्ध ।ठब्क् का परिमाप झ ।ठम्ड का परिमाप 1 ;क्द्ध ।ठब्क् का परिमाप त्र ;।ठम्ड का परिमापद्ध26ण् एक त्रिाभुज की भुजाओं के मध्य - बिंदु किसी भी एक शीषर् को चैथा बिंदु लेकर एक समांतर चतुभुर्ज बनाते हैं, जिसका क्षेत्रापफल बराबर है ;।द्ध 1 2 ंत ;।ठब्द्ध ;ठद्ध 1 3 ंत ;।ठब्द्ध 1 ;ब्द्ध ंत ;।ठब्द्ध ;क्द्ध ंत ;।ठब्द्ध 47ण् दो समांतर चतुभुर्ज बराबर आधरों पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्िथत हैं। उनके क्षेत्रापफलों का अनुपात है ;।द्ध 1 रू 2 ;ठद्ध 1 रू 1 ;ब्द्ध 2 रू 1 ;क्द्ध 3 रू 1 8ण् ।ठब्क् एक चतुभुर्ज है जिसका विकणर् ।ब् उसे बराबर क्षेत्रापफल वाले दो भागों में विभाजित करता है। तब, ।ठब्क् ;।द्ध एक आयत है ;ठद्ध सदैव एक समचतुभुर्ज है ;ब्द्ध एक समांतर चतुभुर्ज है ;क्द्ध ;।द्धए ;ठद्ध या ;ब्द्ध में से कोइर् भी होना आवश्यक नहीं 9ण् एक त्रिाभुज और एक समांतर चतुभुर्ज एक ही आधर पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्िथत हैं, तो त्रिाभुज के क्षेत्रापफल का समांतर चतुभुर्ज के क्षेत्रापफल से अनुपात है ;।द्ध 1 रू 3 ;ठद्ध 1 रू 2 ;ब्द्ध 3 रू 1 ;क्द्ध 1 रू 4 10ण् ।ठब्क् एक समलंब है जिसकी समांतर भुजाएँ ।ठ त्र ं बउऔर क्ब् त्र इ बउहै;आवृफति9ण्6द्ध। म् और थ् असमांतर भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं। ंत ;।ठथ्म्द्ध और ंत ;म्थ्ब्क्द्ध का अनुपात हैं ;।द्ध ं रू इ ;ठद्ध ;3ं ़ इद्ध रू ;ं ़ 3इद्ध ;ब्द्ध ;ं ़ 3इद्ध रू ;3ं ़ इद्ध ;क्द्ध ;2ं ़ इद्ध रू ;3ं ़ इद्ध आवृफति 9ण्6 ;ब्द्ध तवर्फ के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न सत्य या असत्य लिख्िाए तथा अपने उत्तर का औचित्य दीजिएः प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू यदि च् किसी त्रिाभुज ।ठब् की माियका ।क् पर स्िथत कोइर् बिंदु है, तो ंत ;।ठच्द्ध ≠ ंत ;।ब्च्द्ध है। हल रू असत्य, क्योंकि ंत ;।ठक्द्ध त्र ंत ;।ब्क्द्ध और ंत ;च्ठक्द्ध त्र ंत ;च्ब्क्द्धए और इसीलिएए ंत ;।ठच्द्ध त्र ंत ;।ब्च्द्ध है। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू यदि आवृफति 9ण्7 में, च्फत्ै और म्थ्त्ै दो समांतर चतुभुर्ज हैं, तो 1 ंत ;डथ्त्द्ध त्र ंत ;च्फत्ैद्ध है।2हल रू सत्य, क्योंकि ंत ;च्फत्ैद्ध त्र ंत ;म्थ्त्ैद्ध त्र 2 ंत ;डथ्त्द्ध है। आवृफति 9ण्7 प्रश्नावली 9ण्2 सत्य या असत्य लिख्िाए और अपने उत्तर का औचित्य दीजिए - 1ण् ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज और ग् भुजा ।ठ का मध्य - बिंदु है। यदि ंत ;।ग्ब्क्द्ध त्र 24 बउ2 है तो ंत ;।ठब्द्ध त्र 24 बउ2 है। 2ण् च्फत्ै एक आयत है, जो त्रिाज्या 13 बउ वाले एक वृत्त के चतुथा±श के अंतगर्त है। । भुजा च्फ पर स्िथत कोइर् बिंदु है। यदि च्ै त्र 5 बउ है, तो ंत ;च्।ैद्ध त्र 30 बउ2 है। 3ण् च्फत्ै एक समंातर चतुभुर्ज है जिसका क्षेत्रापफल 180 बउ2 है तथा । विकणर् फै पर स्िथत कोइर् बिंदु है। तब Δ ।ैत् का क्षेत्रापफल 90 बउ2 है। 4ण् ।ठब् और ठक्म् दो समबाहु त्रिाभुज इस प्रकार हैं कि क् भुजा ठब् का मध्य - बिंदु है। तब, 1 ंत ;ठक्म्द्ध त्र ंत ; ।ठब्द्ध है।45ण् आवृफति 9ण्8 मेंए ।ठब्क् और म्थ्ळक् दो समांतर चतुभुर्ज हैं तथा ळ भुजा ब्क् का मध्य - बिंदु है। तब, 1 ंत ;क्च्ब्द्ध त्र ंत ; म्थ्ळक्द्ध है।2आवृफति 9ण्8 ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू च्फत्ै एक वगर् है। ज् और न् क्रमशः च्ै और फत् के मध्य - बिंदु हैं ;आवृफति 9.9द्ध। Δ व्ज्ै का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, यदि च्फ त्र 8 बउ है तथा व् रेखाखंड ज्न् और फै का प्रतिच्छेद बिंदु है। हल रू च्ै त्र च्फ त्र 8 बउ है तथा ज्न् द्यद्य च्फ है। 11 ैज् त्र च्ै त्र × 8 त्र 4 बउ 22आवृफति 9ण्9साथ ही, च्फ त्र ज्न् त्र 8 बउ 11 इसलिए, व्ज् त्र ज्न् त्र × 8 त्र 4 बउ 22 अतः, Δव्ज्ै का क्षेत्रापफल 1 त्र × ैज् × व्ज् ख्क्योंकि व्ज्ै एक समकोण त्रिाभुज है,21 त्र त्र 8 बउ2× 4 × 4 बउ 2 2 प्रतिदशर् प्रश्न 2रू ।ठब्क् एक समंातर चतुभुर्ज तथा ठब् को फ तक इस प्रकार बढ़ाया जाता है कि ।क् त्र ब्फ है ;आवृफति 9ण्10द्ध। यदि ।फ भुजा क्ब् कोच् पर प्रतिच्छेद करता है, तो दशार्इए कि ंत ;ठच्ब्द्ध त्र ंत ;क्च्फद्ध हलरू ंत ;।ब्च्द्ध त्र ंत ;ठब्च्द्ध ;1द्ध ख्एक आधर पर तथा एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने दो त्रिाभुज, ंत ;।व्फफद्ध त्र ंत ;।क्ब्द्ध ;2द्ध ंत ;।क्ब्द्ध दृ ंत ;।क्च्द्ध त्र ंत ;।व्फफद्ध दृ ंत ;।क्च्द्ध अतः, ंत ;।च्ब्द्ध त्र ंत ;क्च्फद्ध ;3द्ध ;1द्ध और ;3द्ध सेए हमें प्राप्त होता हैः ंत ;ठब्च्द्ध त्र ंत ;क्च्फद्ध आवृफति 9ण्10 प्रश्नावली 9ण्3 1ण् आवृफति 9ण्11 मेंए च्ैक्।एक समंातर चतुभुर्ज है। च्ै पर बिंदु फ और त् इस प्रकार लिए गए हैं कि आवृफति 9ण्11 2ण् ग् औरल् त्रिाभुज स्डछ की भुजा स्छ पर स्िथत दो बिंदु इस प्रकार हैं कि स्ग् त्र ग्ल् त्र ल्छ हैं। ग् से होकर जाती हुइर् एक रेखा स्ड के समांतर खींची गइर् जो डछ कोर्पर मिलती है ;देख्िाए आवृफति 9.12द्ध। सि( कीजिए कि ंत ;स्र्ल्द्ध त्र ंत ;डर्ल्ग्द्ध है। आवृफति 9ण्12 3ण् समांतर चतुभुर्ज।ठब्क् का क्षेत्रापफल 90 बउ2 है ;आवृफति 9.13द्ध। ज्ञात कीजिएः ;पद्ध ंत ;।ठम्थ्द्ध ;पपद्ध ंत ;।ठक्द्ध ;पपपद्ध ंत ;ठम्थ्द्ध 4ण् Δ ।ठब्ए क् भुजा ।ठ का मध्य - बिंदु है तथा च् भुजा ठब् पर स्िथत कोइर् बिंदु है। यदि रेखाखंड ब्फ द्यद्य च्क् भुजा।ठ से फ पर मिलता है ;आवृफति 9.14द्ध, तो सि( कीजिए कि 1 ंत ;ठच्फद्ध त्र ंत ;।ठब्द्ध है।25ण् ।ठब्क् एक वगर् है। म् और थ् क्रमशः ठब् और ब्क् भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं। यदित् रेखाखंड म्थ् का मध्य - बिंदु है ;आवृफति 9.15द्ध, तो सि( कीजिए कि ंत ;।म्त्द्ध त्र ंत ;।थ्त्द्ध है। 6ण् व् एक समांतर चतुभुर्ज च्फत्ै के विकणर् च्त् पर स्िथत कोइर् बिंदु है ;आवृफति 9.16द्ध। सि( कीजिए कि ंत ;च्ैव्द्ध त्र ंत ;च्फव्द्ध है। आवृफति 9ण्16 7ण् ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज है, जिसमें ठब् को म् तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि ब्म् त्र ठब् है ;आवृफति 9.17द्ध। ।म् भुजा ब्क् को थ् पर प्रतिच्छेद करती है। यदि ंत ;क्थ्ठद्ध त्र 3 बउ2 है, तो समंातर चतुभुर्ज ।ठब्क् का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। आवृफति 9ण्17 8ण् एक समलंब।ठब्क् मेंए ।ठ द्यद्य क्ब् है तथा स् भुजा ठब् का मध्य - बिंदु है।स् से होकर, एक रेखा च्फ द्यद्य ।क् खींची गइर् है, जो ।ठ को च् पर और बढ़ाइर् गइर् क्ब् को फ पर मिलती है ;आवृफति 9.18द्ध, सि( कीजिए ंत ;।ठब्क्द्ध त्र ंत ;।च्फक्द्ध 9ण् यदि किसी चतुभुर्ज की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को क्रम से मिलाया जाता है, तो सि( कीजिए कि इस प्रकार बने समांतर चतुभुर्ज का क्षेत्रापफल दिए हुए चतुभुर्ज के क्षेत्रापफल का आध होता है ;आवृफति 9.19द्ध। ख्संकेतः ठक् को मिलाइए और । से ठक् पर लंब खींचिए।, ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न1 रू आवृफति9ण्20 मेंए ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज है। बिंदु च् औरफ भुजाठब् को तीन बराबर भागों में विभाजित करते हैं। 1 सि( कीजिए कि ंत ;।च्फद्ध त्र ंत ;क्च्फद्ध त्र ंत;।ठब्क्द्ध है।6आवृफति 9ण्20 हल रू च् और फ से होकर, ।ठ के समांतर च्त् और फै खींचिए ;आवृफति 9.21द्ध। अब, च्फत्ै एक 1 समांतर चतुभुर्ज है तथा इसका आधर च्फ त्र ठब् है।31 ंत ;।च्क्द्ध त्र ंत ;।ठब्क्द्ध ख्एक ही आधर ठब् और ठब् द्यद्य ।क्, ;1द्ध2 1 ंत ;।फक्द्ध त्र ंत ;।ठब्क्द्ध ;2द्ध2;1द्ध और ;2द्ध से, हमें प्राप्त होता है ंत ;।च्क्द्ध त्र ंत ;।फक्द्ध ;3द्ध दोनों पक्षों में से ंत ;।व्क्द्ध घटाने पर, हमें प्राप्त होता है ंत ;।च्क्द्ध दृ ंत ;।व्क्द्ध त्र ंत ;।फक्द्ध दृ ंत ;।व्क्द्ध ंत ;।च्व्द्ध त्र ंत ;व्फक्द्धए ;4द्ध ;4द्ध के दोनों पक्षों में ंत ;व्च्फद्ध को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता हैः ंत ;।च्व्द्ध ़ ंत ;व्च्फद्ध त्र ंत ;व्फक्द्ध ़ ंत ;व्च्फद्ध ंत ;।च्फद्ध त्र ंत ;क्च्फद्ध 1 क्योंकिए ंत ;।च्फद्ध त्र ंत ;च्फत्ैद्धए इसलिए21 ंत ;क्च्फद्ध त्र ंत ;च्फत्ैद्ध 21 अबए ंत ;च्फत्ैद्ध त्र ंत ;।ठब्क्द्ध 3अतःए ंत ;।च्फद्ध त्र ंत ;क्च्फद्ध 1 11 त्र ंत ;च्फत्ैद्ध त्र × ंत ;।ठब्क्द्ध223 1 त्र ंत ;।ठब्क्द्ध 6प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू आवृफति 9ण्22 मेंए सए उए और दए सरल रेखाएँ इस प्रकार हैं कि स द्यद्य उ है तथा द रेखा स को च् पर तथा उ को फ पर प्रतिच्छेद करती है। ।ठब्क् एक चतुभुर्ज इस प्रकार है कि शीषर् ।ए रेखा स पर स्िथत है, शीषर् ब् औरक् रेखा उ पर स्िथत हैं तथा ।क् द्यद्य द है। दशार्इए कि ंत ;।ठब्फद्ध त्र ंत ;।ठब्क्च्द्ध हल रू ंत ;।च्क्द्ध त्र ंत ;।फक्द्ध ;1द्ध ख्एक ही आधर।क् पर है तथा एक ही समांतर रेखाओं ।क् और द के बीच में स्िथत है,ण् ;1द्ध के दोनों पक्षों में ंत ;।ठब्क्द्ध जोड़ने पर, हमें प्राप्त होता है ंत ;।च्क्द्ध ़ ंत ;।ठब्क्द्ध त्र ंत ;।फक्द्ध ़ ंत ;।ठब्क्द्ध या ंत ;।ठब्क्च्द्ध त्र ंत ;।ठब्फद्ध है। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू आवृफति 9ण्23 मेंए ठक् द्यद्य ब्। हैए म् 1 रेखाखंड ब्। का मध्य - बिंदु है तथा ठक् त्र ब्। है।2सि( कीजिए कि ंत ;।ठब्द्ध त्र 2ंत ;क्ठब्द्ध है। हल रू क्म् को मिलाइए। यहाँ ठब्म्क् एक समांतर चतुभुर्ज है, क्योंकि ठक् त्र ब्म् और ठक् द्यद्य ब्म् है। ंत ;क्ठब्द्ध त्र ंत ;म्ठब्द्ध ;1द्ध ख्एक ही आधर ठब् और एक ही समांतर रेखाओं की बीच में है , Δ ।ठब् मेंए ठम् एक माियका है। 1 अतःए ंत ;म्ठब्द्ध त्र ंत ;।ठब्द्ध2अबए ंत ;।ठब्द्ध त्र ंत ;म्ठब्द्ध ़ ंत ;।ठम्द्ध इसलिएए ंत ;।ठब्द्ध त्र 2 ंत ;म्ठब्द्धए अतःए ंत ;।ठब्द्ध त्र 2 ंत ;क्ठब्द्ध ख्;1द्ध से, प्रश्नावली 9ण्4 1ण् किसी समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की भुजा ठब् पर कोइर् बिंदु म् लिया जाता है। ।म् और क्ब् को बढ़ाया जाता है जिससे वे थ् पर मिलती हैं। सि( कीजिए कि ंत ;।क्थ्द्ध त्र ंत ;।ठथ्ब्द्ध है। 2ण् एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के विकणर् बिंदु व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। व् से होकर एक रेखा खींची जाती है, जो ।क् को च् औरठब् से फ पर मिलती है। दशार्इए कि च्फ इस समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् को बराबर क्षेत्रापफल वाले दो भागों में विभाजित करता है। 3ण् एक त्रिाभुज।ठब् की माियकाएँठम् औरब्थ्परस्पर बिंदु ळ पर प्रतिच्छेद करती हैं। सि( कीजिए कि Δ ळठब् का क्षेत्रापफल चतुभुर्ज ।थ्ळम् के क्षेत्रापफल के बराबर है। 4ण् आवृफति 9ण्24 मेंए ब्क् द्यद्य ।म् और ब्ल् द्यद्य ठ। है। सि( कीजिए कि ंत ;ब्ठग्द्ध त्र ंत ;।ग्ल्द्ध है। आवृफति 9ण्24 5ण् ।ठब्क् एक समलंब है, जिसमें ।ठ द्यद्य क्ब्ए क्ब् त्र 30 बउ और।ठ त्र 50 बउ है। यदि ग् और ल् क्रमशः ।क् और ठब् के मध्य - बिंदु हैं, तो सि( कीजिए कि ंत ;क्ब्ल्ग्द्ध त्र 7 ंत ;ग्ल्ठ।द्ध है।96ण् त्रिाभुज ।ठब् में यदि स् औरड क्रमशः ।ठ और ।ब् भुजाओं पर इस प्रकार स्िथत बिंदु हैं कि स्ड द्यद्य ठब् है। सि( कीजिए कि ंत ;स्व्ठद्ध त्र ंत ;डव्ब्द्ध है। 7ण् आवृफति9ण्25 मेंए ।ठब्क्म् एक पंचभुज है। ।ब् के समंातर खींची गइर् ठच् बढ़ाइर् गइर् क्ब् कोच् पर तथा ।क् के समांतर खींची गइर् म्फ बढ़ाइर् गइर् ब्क् से फ पर मिलती है। सि( कीजिए कि ंत ;।ठब्क्म्द्ध त्र ंत ;।च्फद्ध है। आवृफति 9ण्25 8ण् यदि एक त्रिाभुज ।ठब् की माियकाएँ ळ पर मिलती हैं, तो सि( कीजिए कि 1 ंत ;।ळठद्ध त्र ंत ;।ळब्द्ध त्र ंत ;ठळब्द्ध त्र ंत ;।ठब्द्ध है।39ण् आवृफति 9ण्26 मेंए ग् और ल् क्रमशः ।ब् और ।ठ के मध्य - बिंदु हैं, फच् द्यद्य ठब् और ब्ल्फ और ठग्च् सरल रेखाएँ हैं। सि( कीजिए कि ंत ;।ठच्द्ध त्र ंत ;।ब्फद्ध है। आवृफति 9ण्26 10ण् आवृफति 9ण्27 मेंए ।ठब्क् और।म्थ्क् दो समांतर चतुभुर्ज हैं। सि( कीजिए कि ंत ;च्म्।द्ध त्र ंत ;फथ्क्द्ध है। ख्संकेत: च्क् को मिलाइए।, आवृफति 9ण्27

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