चतुभुर्ज ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम एक चतुभुर्ज की भुजाएँ, कोण और विकणर्ऋ विभ्िान्न प्रकार के चतुभुर्ज, समलंब, समांतर चतुभुर्ज, आयत, समचतुभुर्ज और वगर्। ऽ एक चतुभुर्ज के कोणों का योग 360ह् होता है। ऽ एक समांतर चतुभुर्ज का विकणर् उसे दो सवार्ंगसम त्रिाभुजों में विभाजित करता है। ऽ एक समांतर चतुभुर्ज में, ;पद्ध सम्मुख कोण बराबर होते हैं। ;पपद्ध सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। ;पपपद्ध विकणर् परस्पर समद्विभाजित करते हैं। ऽ कोइर् चतुभुर्ज एक समांतर चतुभुर्ज होता है, यदि ;पद्ध उसके सम्मुख कोण बराबर हों ;पपद्ध उसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर हों ;पपपद्ध उसके विकणर् परस्पर समद्विभाजित करें ;पअद्ध सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर हो और समांतर हो। ऽ एक आयत के विकणर् परस्पर समद्विभाजित करते हैं और बराबर होते हैं और इसका विलोम भी। ऽ एक समचतुभुर्ज के विकणर् परस्पर समकोण पर समद्विभाजित करते हैं और इसका विलोम भी। ऽ एक वगर् के विकणर् परस्पर समकोण पर समद्विभाजित करते हैं और बराबर होते हैं और इसका विलोम भी। ऽ एक त्रिाभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समंातर होता है तथा उसका आध होता है। ऽ एक त्रिाभुज की एक भुजा के मध्य - बिंदु से होकर, दूसरी भुजा के समांतर खींची गइर् रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है। ऽ एक चतुभुर्ज की भुजाओं के मध्य - बिंदु को, एक ही क्रम में, मिलाने पर प्राप्त चतुभुर्ज एक समांतर चतुभुर्ज होता है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न सही उत्तर लिख्िाए - प्रतिदशर्प्रश्न 1 रू एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के विकणर् बिंदु व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि ∠ठव्ब् त्र 90ह् और ∠ठक्ब् त्र 50ह् है, तो ∠व्।ठ है ;।द्ध 90ह् ;ठद्ध 50ह् ;ब्द्ध 40ह् ;क्द्ध 10ह् हल: उत्तर ;ब्द्ध प्रश्नावली 8ण्1 निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में सही उत्तर लिख्िाए - 1ण् एक चतुभुर्ज के तीन कोण 75ह्ए 90ह् और 75ह् है। इसका चैथा कोण है ;।द्ध 90ह् ;ठद्ध 95ह् ;ब्द्ध 105ह् ;क्द्ध 120ह् 2ण् एक आयत का एक विकणर् उसकी एक भुजा से 25ह् पर नत है। इसके विकणोर्ं के बीच का न्यून कोण है ;।द्ध 55ह् ;ठद्ध 50ह् ;ब्द्ध 40ह् ;क्द्ध 25ह् 3ण् ।ठब्क् एक समचतुभुर्ज है, जिसमें ∠।ब्ठ त्र 40ह् है। तब ∠।क्ठ है ;।द्ध 40ह् ;ठद्ध 45ह् ;ब्द्ध 50ह् ;क्द्ध 60ह् 4ण् चतुभुर्ज च्फत्ैए की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को, एक ही क्रम में, मिलाने पर बना चतुभुर्ज एक आयत होता है, यदि ;।द्ध च्फत्ै एक आयत है ;ठद्ध च्फत्ै एक समांतर चतुभुर्ज है ;ब्द्ध च्फत्ै के विकणर् परस्पर लंब हों ;क्द्ध च्फत्ै के विकणर् बराबर हों 5ण् चतुभुर्ज च्फत्ै की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को, एक ही क्रम में मिलाने पर बना चतुभुर्ज एक समचतुभुर्ज होता है, यदि ;।द्ध च्फत्ै एक समचतुभुर्ज है ;ठद्ध च्फत्ै एक समांतर चतुभुर्ज है ;ब्द्ध च्फत्ै के विकणर् परस्पर लंब हों ;क्द्ध च्फत्ै के विकणर् बराबर हों 6ण् यदि चतुभुर्ज ।ठब्क् के कोणों ।ए ठए ब् और क् का, इसी क्रम में लेने पर, अनुपात 3रू7रू6रू4 हैए तो ।ठब्क् है एक ;।द्ध समचतुभुर्ज ;ठद्ध समांतर चतुभुर्ज ;ब्द्ध समलंब ;क्द्ध पतंग 7ण् यदि चतुभुर्ज ।ठब्क् के ∠।और ∠ठ के समद्विभाजक परस्पर च्पर प्रतिच्छेद करते हैं,∠ठ और ∠ब् के समद्विभाजकफ पर,∠ब् और ∠क् के त् पर तथा ∠क् और ∠। के ै पर प्रतिच्छेद करते हैं, तो च्फत्ै है एक ;।द्ध आयत ;ठद्ध समचतुभुर्ज ;ब्द्ध समांतर चतुभुर्ज ;क्द्ध चतुभुर्ज जिसके सम्मुख कोण संपूरक हैं। 8ण् यदि ।च्ठ और ब्फक् दो समांतर रेखाएँ हैं, तो कोणों ।च्फए ठच्फए ब्फच् और च्फक् के समद्विभाजक बनाते हैं ;।द्ध एक वगर् ;ठद्ध एक समचतुभुर्ज ;ब्द्ध एक आयत ;क्द्ध कोइर् अन्य समांतर चतुभुर्ज 9ण् एक समचतुभुर्ज की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को, एक ही क्रम में, मिलाने पर बनने वाली आवृफति होती है ;।द्ध एक समचतुभुर्ज ;ठद्ध एक आयत ;ब्द्ध एक वगर् ;क्द्ध कोइर् भी समांतर चतुभुर्ज 10ण् क् और म् क्रमशः Δ।ठब् की भुजा ।ठ और ।ब् के मध्य - बिंदु है तथा व् भुजा ठब् पर कोइर् बिंदु है। व् को ।से मिलाया जाता है।यदि च् और फ क्रमशः व्ठ और व्ब् के मध्य - बिंदु हैंए तो क्म्फच् है एक ;।द्ध वगर् ;ठद्ध आयत ;ब्द्ध समचतुभुर्ज ;क्द्ध समांतर चतुभुर्ज 11ण् एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को, एक ही क्रम में, मिलाने पर प्राप्त आवृफति केवल एक वगर् है, यदि ;।द्ध ।ठब्क् एक समचतुभुर्ज है ;ठद्ध ।ठब्क् के विकणर् बराबर हैं;ब्द्ध ।ठब्क् के विकणर् बराबर हैं और परस्पर लंब हंै ;क्द्ध ।ठब्क् के विकणर् परस्पर लंब हैं 12ण् समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के विकणर् ।ब् और ठक् परस्पर बिंदु व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि ∠क्।ब् त्र 32ह् और ∠।व्ठ त्र 70ह् हैं तो ∠क्ठब् बराबर है ;।द्ध 24ह् ;ठद्ध 86ह् ;ब्द्ध 38ह् ;क्द्ध 32ह् 13ण् एक समांतर चतुभुर्ज के लिए, निम्नलिख्िात में से कौन - सा कथन सत्य नहीं है? ;।द्ध सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं ;ठद्ध सम्मुख कोण बराबर होते हैं ;ब्द्ध सम्मुख कोण विकणोर्ं से समद्विभाजित होते हैं ;क्द्ध विकणर् परस्पर समद्विभाजित करते हैं 14ण् क् और म् क्रमशः Δ।ठब् की भुजा ।ठ और ।ब् के मध्य - बिंदु हैं।क्म् को थ् तक बढ़ाया जाता है। यह सि( करने के लिए किब्थ् रेखाखंड क्। के बराबर और समांतर है, हमें एक अतिरिक्त सूचना की आवश्यकता है, जो है ;।द्ध ∠क्।म् त्र ∠म्थ्ब् ;ठद्ध ।म् त्र म्थ् ;ब्द्ध क्म् त्र म्थ् ;क्द्ध ∠।क्म् त्र ∠म्ब्थ् ;ब्द्ध तकर् के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज है। यदि इसके विकणर् बराबर हैं, तो ∠।ठब् का मान ज्ञात कीजिए। हल रू क्योंकि समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के विकणर् बराबर हैं, इसलिए यह एक आयत है। अतःए ∠।ठब् त्र 90ह् है। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू एक समचतुभुर्ज के विकणर् परस्पर बराबर और लंब होेते हैं। क्या यह कथन सत्य है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। हल रू कथन असत्य है, क्योंकि समचतुभुर्ज के विकणर् परस्पर लंब होते हैं, परंतु बराबर नहीं होते हैं। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू एक चतुभुर्ज ।ठब्क् के तीन कोण बराबर हैं। क्या यह एक समांतर चतुभुर्ज है? क्यों और क्यों नहीं? हल रू इसका समांतर चतुभुर्ज होना आवश्यक नहीं है, क्योंकि हमें ∠। त्र ∠ठ त्र ∠ब् त्र 80ह् प्राप्त हो सकता है। तब, ∠क् त्र 120ह् होगा। यहाँए ∠ठ ≠∠क् है। प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू चतुभुर्ज ।ठब्क् के विकणर् परस्पर बिंदु व् पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि व्। रू व्ब् त्र 3 रू 2 है। क्या ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज है? क्यों और क्यों नहीं? हल रू ।ठब्क् एक समांतर चतुभुर्ज नहीं है, क्योंकि समांतर चतुभुर्ज के विकणर् परस्पर समद्विभाजित करते हैं। यहाँ व्। ≠ व्ब् है। प्रश्नावली 8ण्2 1ण् एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क्के विकणर् ।ब् और ठक् परस्पर बिंदु व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि व्। त्र 3बउ और व्क् त्र 2बउ है, तो ।ब् और ठक् की लंबाइर् ज्ञात कीजिए। 2ण् एक समांतर चतुभुर्ज के विकणर् परस्पर लंब होते हैं। क्या यह कथन सत्य है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 3ण् क्या कोण 110ह्ए 80ह्ए 70ह् और 95ह् किसी चतुभुर्ज के कोण हो सकते हैं? क्यों और क्यों नहीं? 4ण् चतुभुर्ज ।ठब्क् में,∠। ़ ∠क् त्र 180ह् है। इस चतुभुर्ज को कौन - सा विशेष नाम दिया जा सकता है? 5ण् एक चतुभुर्ज के सभी कोण बराबर हैं। इस चतुभुर्ज को कौन - सा विशेष नाम दिया गया है? 6ण् एक आयत के विकणर् परस्पर बराबर और लंब हैं। क्या यह कथन सत्य है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 7ण् क्या किसी चतुभुर्ज के सभी कोण अध्िककोण हो सकते हैं? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 8ण् Δ।ठब् में,।ठ त्र 5 बउए ठब् त्र 8 बउ और ब्। त्र 7 बउ हैं। यदिक् और म् क्रमशः ।ठ और ठब् के मध्य - बिंदु हैं, तो क्म् की लंबाइर् निधर्रित कीजिए। 9ण् आवृफति 8ण्1 में, यह दिया है कि ठक्म्थ् और थ्क्ब्म् समांतर चतुभुर्ज हैं। क्या आप कह सकते हैं कि ठक् त्र ब्क् हैघ् क्यों और क्यों नहीं घ् 10ण् आवृफति 8ण्2 में, ।ठब्क् और ।म्थ्ळ दो समंातर चतुभुर्ज हैं यदि ∠ब् त्र 55ह्हैए तो∠थ् निधर्रित कीजिए। 11ण् क्या किसी चतुभुर्ज के सभी कोण न्यून कोण हो सकते हैं? अपने उत्तर का कारण दीजिए। 12ण् क्या किसी चतुभुर्ज के सभी कोण समकोण हो सकते हैं? अपने उत्तर का कारण दीजिए। 13ण् एक चतुभुर्ज ।ठब्क् के विकणर् परस्पर समद्विभाजित करते हैं। यदि ∠। त्र 35ह् है, तो∠ठ निधर्रित कीजिए। 14ण् एक चतुभुर्ज ।ठब्क् के सम्मुख कोण बराबर हैं। यदि।ठ त्र 4 बउ है, तो ब्क् निधर्रित कीजिए। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू किसी चतुभुर्ज के कोण 3 रू 4 रू 4 रू 7 के अनुपात में हैं। इस चतुभुर्ज के सभी कोण ज्ञात कीजिए। हल रू मान लीजिए कि चतुभुर्ज के कोण 3गए 4गए 4ग और 7ग हैं। इसलिए, 3ग ़ 4ग ़ 4ग ़ 7ग त्र 360ह् या 18ग त्र 360ह्ए अथार्त् ग त्र 20ह् इस प्रकार, वाँछित कोण 60ह्ए 80ह्ए 80ह् और 140ह् हैं। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू आवृफति 8ण्3 मेंए ग् और ल् क्रमशः समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की सम्मुख भुजाओं ।क् और ठब् के मध्य - बिंदु हैं। साथ ही, ठग् और क्ल् क्रमशः ।ब् को च् और फ पर प्रतिच्छेद करते हैं। दशार्इए कि ।च् त्र च्फ त्र फब् है। हल रू ।क् त्र ठब्;समांतर चतुभुर्ज की सम्मुख भुजाएँ द्ध 11 अतःए क्ग् त्रठल् ; ।क् त्र ठब्द्ध22 आवृफति 8ण्3 साथ हीए क्ग् द्यद्यठल् ;क्योंकि।क् द्यद्य ठब्द्ध अतःए ग्ठल्क् एक समांतर चतुभुर्ज है। ;सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है।द्ध अथार्त्ए च्ग् द्यद्य फक् अतःए ।च् त्र च्फ ;Δ।फक् से, जहाँ ग् रेखाखंड ।क् का मध्य - बिंदु हैद्ध ;1द्ध इसी प्रकार, Δब्च्ठ सेए ब्फ त्र च्फ ;2द्ध इस प्रकारए ।च् त्र च्फ त्र ब्फ ख्;1द्ध और ;2द्ध से, प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू आवृफति 8ण्4 में, ।ग् और ब्ल् क्रमशः समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के सम्मुख कोण । और ब् के समद्विभाजक हैं। दशार्इए कि ।ग् द्यद्य ब्ल् है। हल रू ∠। त्र ∠ब् ;समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के सम्मुख कोणद्ध 11 अतः, ∠। त्र ∠ब् 22 अथार्त् ए ∠ल्।ग् त्र ∠ल्ब्ग् आवृफति 8ण्4 ;1द्ध साथ हीए ∠।ल्ब् ़ ∠ल्ब्ग् त्र180ह् ;क्योंकिल्। द्यद्य ब्ग्द्ध ;2द्ध अतः ∠।ल्ब् ़ ∠ल्।ग् त्र 180ह् ख्;1द्ध और ;2द्धसे, इसलिएए ।ग् द्यद्य ब्ल् ;क्योंकि तियर्क रेखा के एक ही ओर के अंतःकोण संपूरक हैंद्ध प्रश्नावली 8ण्3 1ण् एक चतुभुर्ज का एक कोण 108ह् है तथा अन्य तीनों कोण बराबर हैं। तीनों बराबर कोणों में से प्रत्येक को ज्ञात कीजिए। 2ण् ।ठब्क् एक समलंब है जिसमें ।ठ द्यद्य क्ब् और∠। त्र ∠ठ त्र 45ह् है। इस समलंब के कोण ब् और क् ज्ञात कीजिए। 3ण् एक समांतर चतुभुर्ज के एक अध्िक कोण के शीषर् से खींचे गए उस समांतर चतुभुर्ज के दो शीषर्लंबों के बीच का कोण 60ह् है। इस समांतर चतुभुर्ज के सभी कोण ज्ञात कीजिए। 4ण् ।ठब्क् एक समचतुभुर्ज है, जिसमें क् से ।ठ पर शीषर्लंब।ठ को समद्विभाजित करता है। समचतुभुर्ज के कोण ज्ञात कीजिए। 5ण् समांतर चतुभुर्ज।ठब्क् के विकणर्, ।ब् पर बिंदु म् और थ् इस प्रकार स्िथत हैं कि ।म् त्र ब्थ् है। दशार्इए कि ठथ्क्म् एक समांतर चतुभुर्ज है। 6ण् म् एक समलंब।ठब्क् की भुजा।क् का मध्य - बिंदु है, जिसमें ।ठ द्यद्य क्ब् है। म् से होकर ।ठ के समांतर खींची गइर् रेखा ठब् को थ् पर प्रतिच्छेद करती है। दशार्इए कि थ् भुजा ठब् का मध्य - बिंदु है। ख्संकेत रू ।ब् को मिलाइए, 7ण् एक त्रिाभुज ।ठब् के शीषोर्ं ।ए ठ और ब् से होकर, क्रमशः भुजाओं ठब्ए ब्। और ।ठ के समांतर रेखाएँ त्फए च्त् और फच् आवृफति 8ण्5 में दशार्ए अनुसार खींची गइर् हैं। दशार्इए कि 1 ठब् त्र फत् है।2 8ण् क्ए म् और थ् क्रमशः एक समबाहु त्रिाभुज ।ठब् की भुजाओं ठब्ए ब्। और ।ठ के मध्य - बिंदु हैं। दशार्इए कि Δ क्म्थ् भी एक समबाहु त्रिाभुज है। आवृफति 8ण्59ण् एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की सम्मुख भुजाओं ।ठ और ब्क् पर क्रमशः बिंदु च् और फ इस प्रकार लिए गए हैं कि ।च् त्र ब्फ है ;आवृफति 8ण्6द्ध। दशार्इए कि ।ब् और च्फ परस्पर समद्विभाजित करते हैं। 10ण् आवृफति 8ण्7 में, समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की भुजा ठब् पर एक बिंदु च् इस प्रकार स्िथत है कि ∠ठ।च् त्र ∠क्।च् है। सि( कीजिए कि आवृफति 8ण्6।क् त्र 2ब्क् है। आवृफति 8ण्7 ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू च्फ और त्ै दो बराबर और समांतर रेखाखंड हैं। बिंदु डए जो च्फ या त्ै पर स्िथत नहीं है, को फ और ै से मिलाया जाता है। च् से होकर जाती हुइर् फड के समांतर रेखा और त् से होकर जाती हुए ैड के समांतर रेखा परस्पर छ पर मिलती है। सि( कीजिए कि रेखाखंड डछ और च्फ परस्पर बराबर और समांतर हैं। हलरू हम दिए हुए प्रतिबंधें के अनुसार आवृफति खींचते हैं ;आवृफति 8ण्8द्ध। आवृफति 8ण्8 यह दिया है कि च्फ त्र त्ै और च्फ द्यद्य त्ै है। अतः, च्फैत् एक समंातर चतुभुर्ज है। अतः, च्त् त्र फै और च्त् द्यद्य फै है। ;1द्ध अब ए च्त् द्यद्य फै इसलिएए ∠त्च्फ ़ ∠च्फै त्र180ह् ;तियर्क रेखा के एक ही ओर के अंतःकोणद्ध अथार्त्ए ∠त्च्फ ़ ∠च्फड ़ ∠डफै त्र 180ह् ;2द्ध साथ हीए च्छ द्यद्य फड ;रचना सेद्ध ∠छच्फ ़ ∠च्फड त्र 180ह् अथार्त्ःए ∠छच्त् ़ ∠त्च्फ ़ ∠च्फड त्र 180ह् ;3द्ध अतःए ∠छच्त् त्र ∠डफै ख्;2द्ध और ;3द्धसे, ;4द्ध इसी प्रकार, ∠छत्च् त्र ∠डैफ ;5द्ध इसलिएए Δच्छत् ≅Δफडै ख्।ै।ए;1द्धए;4द्ध और;5द्धके प्रयोग से, अतः च्छ त्र फड और छत् त्र डै ;ब्च्ब्ज्द्ध क्योंकि च्छ त्र फड और च्छ द्यद्य फड है, अतः च्फडछ एक समांतर चतुभुर्ज है अतः, डछ त्र च्फ और छड द्यद्य च्फ है। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू सि( कीजिए कि एक समांतर चतुभुर्ज का एक विकणर् उसे दो सवार्ंगसम त्रिाभुजों में बाँटता है। हलरू कक्षा प्ग् की गण्िात पाठ्यपुस्तक में प्रमेय 8ण्1 की उपपिा देख्िाए। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू दशार्इए कि एक समचतुभुर्ज की भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को, एक ही क्रम में मिलाने पर बना चतुभुर्ज एक आयत होता है। हल रू मान लीजिए कि।ठब्क् एक समचतुभुर्ज है तथा च्ए फए त् और ै क्रमशः भुजाओं ।ठए ठब्ए ब्क् और क्। के मध्य - बिंदु हैं ;आवृफति 8ण्9द्ध। ।ब् और ठक् को मिलाइए। आवृफति 8ण्9 Δ।ठक् से, हमें प्राप्त है: 1 ैच् त्र 2 ठक् और ैच् द्यद्य ठक् ;क्योंकि ै और च् मध्य - बिंदु हैद्ध इसी प्रकार, त्फ त्र 1 2 ठक् और त्फ द्यद्य ठक् अतः, ैच् त्र त्फ और ैच् द्यद्य त्फ इसलिएए च्फत्ै एक समांतर चतुभुर्ज है। ;1द्ध साथ हीए ।ब् ⊥ ठक् ;समचतुभुर्ज के विकणर् लंब होते हैं द्ध इसके अतिरिक्त, च्फ द्यद्य ।ब् ;Δठ।ब् से द्ध क्योंकि ैच् द्यद्य ठक्ए च्फ द्यद्य ।ब् और ।ब् ⊥ ठक् है, इसलिए हमें प्राप्त होता है: ैच् ⊥ च्फए अथार्त् ∠ैच्फ त्र 90ह्ण् ;2द्ध अतः, च्फत्ै एक आयत है ख्;1द्ध और ;2द्ध से, प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू एक समांतर चतुभुर्ज का एक विकणर् उसके एक कोण को समद्विभाजित करता है। सि( कीजिए कि वह विकणर् उस कोण के सम्मुख कोण को समद्विभाजित करेगा। हल रू आइए दिए हुए प्रतिबंधें के अनुसार आवृफति खींचें ;आवृफति 8ण्10द्ध। इसमें विकणर् ।ब् समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् के ∠ठ।क् को समद्विभाजित करता है। अथार्त् यह दिया है कि ∠ठ।ब् त्र ∠क्।ब् है। हमें सि( करना है कि ∠ठब्। त्र ∠क्ब्। है। ।ठ द्यद्य ब्क् है तथा ।ब् एक तियर्क रेखा है। अतःए ∠ठ।ब् त्र ∠क्ब्। ;एकांतर कोण द्ध ;1द्ध इसी प्रकारए ∠क्।ब् त्र ∠ठब्। ;।क् द्यद्य ठब् सेद्ध ;2द्ध परंतु यह दिया है कि ∠ठ।ब् त्र ∠क्।ब् ;3द्ध अतः ;1द्धए ;2द्ध और ;3द्ध से हमें प्राप्त होता है ∠ठब्। त्र ∠क्ब्। आवृफति 8ण्10 प्रश्नावली 8ण्4 1ण् कोइर् वगर् एक समद्विबाहु समकोण त्रिाभुज के अंतगर्त इस प्रकार है कि वगर् और त्रिाभुज में एक कोण उभयनिष्ठ है। दशार्इए कि वगर् का शीषर् जो उभयनिष्ठ कोण के शीषर् के सम्मुख है कणर् को समद्विभाजित करता है। 2ण् एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् मेंए ।ठ त्र 10 बउ और।क् त्र 6 बउ है। ∠।का समद्विभाजक क्ब् से म् पर मिलता है तथा ।म् और ठब् बढ़ाने पर थ् पर मिलते हैं। ब्थ् की लंबाइर् ज्ञात कीजिए। 3ण् च्ए फए त् और ै क्रमशः एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की ।ठए ठब्ए ब्क् औरक्। भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं, जिसमें ।ब् त्र ठक् है। सि( कीजिए कि च्फत्ै एक समचतुभर्ज है। 4ण् च्ए फए त् और ै क्रमशः एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की ।ठए ठब्ए ब्क् औरक्। भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं, जिसमें ।ब् ⊥ ठक् है। सि( कीजिए कि च्फत्ै एक आयत है। 5ण् च्ए फए त् और ै एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की क्रमशः ।ठए ठब्ए ब्क् और क्। भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं, जिसमें ।ब् त्र ठक् और ।ब् ⊥ ठक् है। सि( कीजिए कि च्फत्ै एक वगर् है। 6ण् एक समांतर चतुभुर्ज का एक विकणर् उसके एक कोण को समद्विभाजित करता है। सि( कीजिए कि यह समांतर चतुभुर्ज एक समचतुभुर्ज है। 7ण् च् और फ क्रमशः एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की सम्मुख ।ठ और ब्क् भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं। ।फए क्च् को ै पर प्रतिच्छेद करता है तथा ठफए ब्च् को त् पर प्रतिच्छेद करता है। सि( कीजिए कि च्फत्ै एक समांतर चतुभुर्ज है। 8ण् ।ठब्क् एक चतुभुर्ज है, जिसमें ।ठ द्यद्य क्ब् और ।क् त्र ठब् है। सि( कीजिए कि ∠। त्र ∠ठ और ∠ब् त्र ∠क् है। 9ण् आवृफति 8ण्11 मेंए ।ठ द्यद्य क्म्ए ।ठ त्र क्म्ए ।ब् द्यद्य क्थ् तथा ।ब् त्र क्थ् है। सि( कीजिए कि ठब् द्यद्य म्थ् और ठब् त्र म्थ् है। आवृफति 8ण्11 10ण् म् एक Δ।ठब् की माियका ।क् का मध्य - बिंदु है तथा ठम् को ।ब् को थ् पर मिलने के लिए 1 बढ़ाया गया है। दशार्इए कि ।थ् त्र ।ब् है।3 11ण् दशार्इए कि किसी वगर् की क्रमागत भुजाओं के मध्य - बिंदुओं को मिलाने पर बना चतुभुर्ज भी एक वगर् होता है। 12ण् म् और थ् क्रमशः एक समलंब ।ठब्क् की असमांतर ।क् और ठब् भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं। सि( कीजिए कि म्थ् द्यद्य ।ठ और म्थ् त्र 1 ;।ठ ़ ब्क्द्ध है।2ख्संकेत रू ठम् को मिलाइए तथा इसे बढ़ाइर् गइर् ब्क् से ळ पर मिलने के लिए बढ़ाइए।, 13ण् सि( कीजिए कि एक समांतर चतुभुर्ज के कोणों के समद्विभाजकों द्वारा बना चतुभुर्ज एक आयत होता है। 14ण् च् औरफ क्रमशः एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की सम्मुख ।क् और ठब् भुजाओं पर स्िथत बिंदु इस प्रकार हैं कि च्फ विकण ।ब् और ठक् के प्रतिच्छेद बिंदु व् से होकर जाता है। सि( कीजिए कि च्फ बिंदु व् पर समद्विभाजित हो जाता है। 15ण् ।ठब्क् एक आयत है, जिसका विकणर् ठक् कोण ∠ठ को समद्विभाजित करता है। दशार्इए कि ।ठब्क् एक वगर् है। 16ण् क्ए म् और थ् क्रमशः एक त्रिाभुज ।ठब् की ।ठए ठब् और ब्। भुजाओं के मध्य - बिंदु हैं। सि( कीजिए क्ए म्और थ् बिंदुओं को मिलाने से त्रिाभुज ।ठब् चार सवार्ंगसम त्रिाभुजों में बँट जाता है। 17ण् सि( कीजिए कि किसी समलंब के विकणोर्ं के मध्य - बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा उस समलंब की समांतर भुजाओं के समांतर होती है। 18ण् च् एक समांतर चतुभुर्ज ।ठब्क् की भुजा ब्क् का मध्य - बिंदु है। ब् से होकर च्। के समांतर खींची गइर् रेखा ।ठ कोफ पर तथा बढ़ाइर् हुइर् क्। को त् पर मिलती है। सि( कीजिए कि क्। त्र ।त् और ब्फ त्र फत् है।

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