त्रिाभुज ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम त्रिाभुज और उसके भाग, त्रिाभुजों की सवा±गसमता, सवा±गसमता और शीषो± की संगतता, त्रिाभुजों की सवा±गसमता के लिए कसौटियाँ ;नियमद्ध: ;पद्ध ै।ै ;पपद्ध ।ै। ;पपपद्ध ैैै ;पअद्ध त्भ्ै ।ै। कसौटी की एक विश्िाष्ट स्िथति के रूप मंे ।।ै कसौटी। ऽ एक त्रिाभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं। ऽ एक त्रिाभुज के बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। ऽ दो दिए हुए बिंदु से समदूरस्थ एक बिंदु उन बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के लंब समद्विभाजक पर स्िथत होता है। ऽ दो प्रतिच्छेदी रेखाओं से समदूरस्थ एक बिंदु उन रेखाओं से बने कोणों के समद्विभाजकों पर स्िथत होता है। ऽ किसी त्रिाभुज में, ;पद्ध बड़े कोण की सम्मुख भुजा लंबी होती है। ;पपद्ध लंबी भुजा का सम्मुख कोण बड़ा होता है। ;पपपद्ध किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न सही उत्तर लिख्िाए - प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू यदि Δ ।ठब् ≅ Δ च्फत् है तथा Δ ।ठब्ए Δ त्च्फ के सवा±गसम नहीं है, तो निम्नलिख्िात में से कौन - सा कथन सत्य नहीं है? ;।द्ध ठब् त्र च्फ ;ठद्ध ।ब् त्र च्त् ;ब्द्ध फत् त्र ठब् ;क्द्ध ।ठ त्र च्फ हल रू उत्तर ;।द्ध प्रश्नावली 7ण्1 निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में, सही उत्तर लिख्िाए - 1ण् निम्नलिख्िात में से कौन त्रिाभुजों की सवा±गसमता की एक कसौटी नहीं है? ;।द्ध ै।ै ;ठद्ध ।ै। ;ब्द्ध ैै। ;क्द्ध ैैै 2ण् यदि ।ठ त्र फत्ए ठब् त्र च्त् और ब्। त्र च्फ है, तो ;।द्ध Δ ।ठब् ≅ Δ च्फत् ;ठद्ध Δ ब्ठ। ≅ Δ च्त्फ ;ब्द्ध Δ ठ।ब् ≅ Δ त्च्फ ;क्द्ध Δ च्फत् ≅ Δ ठब्। 3ण् Δ ।ठब् में, ।ठ त्र ।ब् और ∠ठ त्र 50° है, तब ∠ब् बराबर है ;।द्ध 40° ;ठद्ध 50° ;ब्द्ध 80° ;क्द्ध 130° 4ण् Δ ।ठब् में, ठब् त्र ।ठ और ∠ठ त्र 80° है, तब ∠। बराबर है ;।द्ध 80° ;ठद्ध 40° ;ब्द्ध 50° ;क्द्ध 100° 5ण् Δ च्फत् में, ∠त् त्र ∠च् तथा फत् त्र 4 बउ और च्त् त्र 5 बउ है, तब च्फ की लम्बाइर् है ;।द्ध 4 बउ ;ठद्ध 5 बउ ;ब्द्ध 2 बउ ;क्द्ध 2ण्5 बउ 6ण् क् एक त्रिाभुज ।ठब् की भुजा ठब् पर एक बिंदु इस प्रकार स्िथत है कि ।क् कोण ठ।ब् को समद्विभाजित करता है। तब, ;।द्ध ठक् त्र ब्क् ;ठद्ध ठ। झ ठक् ;ब्द्ध ठक् झ ठ। ;क्द्ध ब्क् झ ब्। 7ण् यह दिया है कि Δ ।ठब् ≅ Δ थ्क्म् है तथा ।ठ त्र 5 बउए ∠ठ त्र 40° और ∠। त्र 80° है। तब निम्नलिख्िात में से कौन सत्य है? ;।द्ध क्थ् त्र 5 बउए ∠थ् त्र 60° ;ठद्ध क्थ् त्र 5 बउए ∠म् त्र 60° ;ब्द्ध क्म् त्र 5 बउए ∠म् त्र 60° ;क्द्ध क्म् त्र 5 बउए ∠क् त्र 40° 8ण् एक त्रिाभुज की दो भुजाओं की लंबाइयाँ 5 बउ और 1ण्5 बउ हैं। इस त्रिाभुज की तीसरी भुजा की लंबाइर् निम्नलिख्िात नहीं हो सकती ;।द्ध 3ण्6 बउ ;ठद्ध 4ण्1 बउ ;ब्द्ध 3ण्8 बउ ;क्द्ध 3ण्4 बउ 9ण् Δ च्फत् में, यदि ∠त् झ ∠फ है, तो ;।द्ध फत् झ च्त् ;ठद्ध च्फ झ च्त् ;ब्द्ध च्फ ढ च्त् ;क्द्ध फत् ढ च्त् 10ण् त्रिाभुजों ।ठब् और च्फत् में, ।ठ त्र ।ब्ए ∠ब् त्र ∠च् और ∠ठ त्र ∠फ है। ये दोनों त्रिाभुज हैं ;।द्ध समद्विबाहु परंतु सवा±गसम नहीं ;ठद्ध समद्विबाहु और सवा±गसम ;ब्द्ध सवा±गसम परंतु समद्विबाहु नहीं ;क्द्ध न तो सवा±गसम और न ही समद्विबाहु 11ण् त्रिाभुजों ।ठब् और क्म्थ् में, ।ठ त्र थ्क् तथा ∠। त्र ∠क् है। दोनों त्रिाभुज ै।ै अभ्िागृहीत से सवा±गसम होंगे, यदि ;।द्ध ठब् त्र म्थ् ;ठद्ध ।ब् त्र क्म् ;ब्द्ध ।ब् त्र म्थ् ;क्द्ध ठब् त्र क्म् ;ब्द्ध तवर्फ के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू दो त्रिाभुजों ।ठब् और क्म्थ् में,।ठ त्र क्म् और।ब् त्र म्थ् है। दोनों त्रिाभुजों में से दो कोणों के नाम बताइए जो बराबर होने चाहिए, ताकि ये दोनों त्रिाभुज सवा±गसम हों। अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। हल रूवाँछित दोनों कोण ∠।और∠म् हैं। जब ∠। त्र ∠म् है, तो ै।ै कसौटी से Δ ।ठब् ≅ Δ म्क्थ् है। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू त्रिाभुजों ।ठब् और क्म्थ् में,∠। त्र ∠क्ए ∠ठ त्र ∠म् और।ठ त्र म्थ् है। क्या दोनों त्रिाभुज सवा±गसम होंगे? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। हल रू दोनों त्रिाभुजों का सवा±गसम होना आवश्यक नहीं है क्योंकि ।ठ औरम्थ् दोनों त्रिाभुजों की संगत भुजाएँ नहीं हैं। प्रश्नावली 7ण्2 1ण् त्रिाभुजों ।ठब् और च्फत् में, ∠। त्र ∠फ और ∠ठ त्र ∠त् है। Δ च्फत् की कौन सी भुजा Δ ।ठब् की भुजा ।ठ के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिाभुज सवा±गसम हों? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 2ण् त्रिाभुजों ।ठब् और च्फत् में, ∠। त्र ∠फ और ∠ठ त्र ∠त् है। Δ च्फत् की कौन - सी भुजा Δ ।ठब् की भुजा ठब् के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिाभुज सवा±गसम हों? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 3ण् श्यदि किसी त्रिाभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिाभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिाभुज अवश्य ही सवा±गसम होने चाहिए।श् क्या यह कथन सत्य है? क्यों? 4ण् श्यदि किसी त्रिाभुज के दो कोण और एक भुजा दूसरे त्रिाभुज के दो कोण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिाभुज अवश्य ही सवा±गसम होने चाहिए।श् क्या यह कथन सत्य है? क्यों? 5ण् क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 4 बउए 3 बउ और 7 बउ लेकर किसी त्रिाभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 6ण् Δ ।ठब् ≅ Δ त्च्फ दिया हुआ है। क्या यह कहना सत्य है कि ठब् त्र फत् है? क्यों? 7ण् यदि Δ च्फत् ≅Δ म्क्थ् है, तो क्या यह कहना सत्य है कि च्त् त्र म्थ् है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 8ण् Δ च्फत् में,∠च् त्र 70° और ∠त् त्र 30° है। इस त्रिाभुज की कौन - सी भुजा सबसे लंबी है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 9ण् ।क् किसी त्रिाभुज ।ठब् की एक माियका है। क्या यह कहना सत्य है कि ।ठ ़ ठब् ़ ब्। झ 2 ।क् है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 10ण् ड किसी त्रिाभुज ।ठब् की भुजा ठब् पर स्िथत एक बिंदु ऐसा है कि ।ड कोण ठ।ब् का समद्विभाजक है। क्या यह कहना सत्य है कि त्रिाभुज का परिमाप 2 ।ड से अध्िक है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 11ण् क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 9 बउए 7 बउऔर17 बउ लेकर किसी त्रिाभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 12ण् क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 8 बउए 7 बउ और 4 बउ लेकर किसी त्रिाभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू आवृफति 7ण्1 में, च्फ त्र च्त् और ∠फ त्र ∠त् है। सि( कीजिए कि Δ च्फै ≅ Δ च्त्ज् है। हल रू Δ च्फै और Δ च्त्ज् में, च्फ त्र च्त् ;दिया हैद्ध ∠फ त्र ∠त्;दिया हैद्ध तथा ∠फच्ै त्र ∠त्च्ज् ;एक ही कोणद्ध अतःए Δ च्फै ≅Δ च्त्ज् ;।ै।द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 2रू आवृफति 7ण्2 में, दो रेखाएँ ।ठ और ब्क् परस्पर बिंदु व् पर प्रतिच्छेद इस प्रकार करती हैं कि ठब् द्यद्य क्। और ठब् त्र क्। है। दशार्इए कि बिंदु व् दोनों ही रेखाखंडों ।ठ और ब्क् का मध्य - बिंदु है। हल रू ठब् द्यद्य।क् ;दिया हैद्ध अतःए ∠ब्ठव् त्र ∠क्।व् ;एकांतर अंतःकोणद्ध और ∠ठब्व् त्र ∠।क्व् ;एकांतर अंतःकोणद्ध साथ हीए ठब् त्र क्।;दिया हैद्ध आवृफति 7ण्2इसलिएए Δ ठव्ब् ≅Δ ।व्क् ;।ै।द्ध अतःए व्ठ त्र व्। और व्ब् त्र व्क् है, अथार्त् व् दोनों रेखाखंडों ।ठ और ब्क् का मध्य - बिंदु है। प्रतिदशर् प्रश्न 3रू आवृफति 7ण्3 में, च्फ झ च्त् है तथा फै तथा त्ै व्रफमशः ∠फ और ∠त् के समद्विभाजक हैं। दशार्इए कि ैफ झ ैत् है। हल रू च्फ झ च्त् ;दिया हैद्ध इसलिएए ∠त् झ ∠फ ;लंबी भुजा के सामने का कोण बड़ा होता है।द्ध आवृफति 7ण्3अतःए ∠ैत्फ झ ∠ैफत् ;प्रत्येक कोण का आधद्ध अतःए ैफ झ ैत् ;बड़े कोण की सम्मुख भुजा लंबी होगी।द्ध प्रश्नावली 7ण्3 1ण् ।ठब् समद्विबाहु त्रिाभुज है, जिसमें ।ठ त्र ।ब् है तथा ठक् औरब्म् इसकी दो माियकाएँ हैं। दशार्इए कि ठक् त्र ब्म् है। 2ण् आवृफति 7ण्4 में, क् और म् त्रिाभुज ।ठब् की भुजा ठब् पर दो बिंदु इस प्रकार स्िथत हैं कि ठक् त्र ब्म् और।क् त्र ।म् है। दशार्इए कि Δ ।ठक् ≅ Δ ।ब्म् है। 3ण् ब्क्म् एक वगर् ।ठब्क् की भुजा ब्क् पर बना एक समबाहु आवृफति 7ण्4त्रिाभुज है ;आवृफति 7ण्5द्ध। दशार्इए कि Δ ।क्म् ≅ Δठब्म् है। म् आवृफति 7ण्5 4ण् आवृफति 7ण्6 में, ठ। ⊥ ।ब् औरक्म् ⊥ क्थ् इस प्रकार हैं कि ठ। त्र क्म् औरठथ् त्र म्ब् है। दशार्इए कि Δ ।ठब् ≅Δ क्म्थ् है। 5ण् एक Δ च्ैत् की भुजा ैत् पर एक बिंदु फ इस प्रकार स्िथत है कि च्फ त्र च्त् है। सि( कीजिए कि च्ै झ च्फ है। 6ण् Δ च्फत् की भुजा फत् पर ै कोइर् बिंदु स्िथत है। दशार्इए कि च्फ ़ फत् ़ त्च् झ 2 च्ै है। आवृफति 7ण्6 7ण् ।ठ त्र ।ब् वाले एक Δ।ठब् की भुजा, ।ब् पर क् कोइर् बिंदु स्िथत है। दशार्इए कि ब्क् ढ ठक् है। 8ण् आवृफति 7ण्7 में,स द्यद्य उ है तथाड रेखाखंड ।ठ का मध्य - बिंदु है। दशार्इए कि ड किसी भी रेखाखंड ब्क् का मध्य - बिंदु है जिसके अंतःबिंदु व्रफमशः स और उ पर स्िथत हैं। 9ण् ।ठ त्र ।ब् वाले एक समद्विबाहु त्रिाभुज के कोणों ठ और ब् के समद्विभाजक परस्पर व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। ठव् को एक बिंदु आवृफति 7ण्7 ड तक बढ़ाया जाता है। सि( कीजिए कि ∠डव्ब् त्र∠।ठब् है। 10ण् ।ठ त्र ।ब् वाले एक समद्विबाहु त्रिाभुज के कोणों ठ और ब् के समद्विभाजक परस्पर व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। दशार्इए कि ∠।ठब् के आसन्न एक बहिष्कोण ∠ठव्ब् के बराबर है। 11ण् आवृफति 7ण्8 में, ।क्कोण ठ।ब् का समद्विभाजक है। सि( कीजिए कि ।ठ झ ठक् है। ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न आवृफति 7ण्8 प्रतिदशर् प्रश्न 1रू आवृफति 7ण्9 में, ।ठब् एक समकोण त्रिाभुज है, जिसका कोण ठ समकोण इस प्रकार है कि ∠ठब्। त्र 2 ∠ठ।ब् है। दशार्इए कि कणर् ।ब् त्र 2 ठब् है। हल रू ब्ठ को बिंदु क् तक इस प्रकार बढ़ाइए कि ठब् त्र ठक् हो तथा ।क् को मिलाइए। Δ ।ठब् और Δ ।ठक् में, ब् क् ठब् त्र ठक् ;रचना सेद्ध आवृफति 7ण्9 ।ठ त्र ।ठ ;एक ही भुजाद्ध ∠।ठब् त्र ∠।ठक् ;प्रत्येक 90° हैद्ध इसलिएए Δ ।ठब् ≅ Δ ।ठक् ;ै।ैद्ध अतःए ∠ब्।ठ त्र ∠क्।ठ और ।ब् त्र ।क् ⎫ ⎬⎭ ;1द्ध ;ब्च्ब्ज्द्ध ;2द्ध इस प्रकारए ∠ब्।क् त्र ∠ब्।ठ ़ ∠ठ।क् त्र ग ़ ग त्र 2ग ख्;1द्ध से, ;3द्ध तथा ∠।ब्क् त्र ∠।क्ठ त्र 2ग ख्;2द्ध सेए ।ब् त्र ।क्, ;4द्ध अथार्त् Δ ।ब्क् एक समबाहु त्रिाभुज है। ख्;3द्ध और ;4द्ध से, या ।ब् त्र ब्क्ए अथार्त्ए ।ब् त्र 2 ठब् ;क्योंकि ठब् त्र ठक्द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू सि( कीजिए कि यदि दो त्रिाभुजों मंें, एक त्रिाभुज के दो कोण और उनकी अंतगर्त भुजा दूसरे त्रिाभुज के दो कोणों और उनकी अंतगर्त भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिाभुज सवा±गसम होते हैं। हल रू कक्षा प्ग् की गण्िात पाठ्यपुस्तक की प्रमेय 7ण्1 की उपपिा देख्िाए। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू यदि एक त्रिाभुज के किसी कोण का समद्विभाजक उसकी सम्मुख भुजा को भी समद्विभाजित करे, तो सि( कीजिए कि त्रिाभुज समद्विबाहु होगा। हल रू हमें एक Δ ।ठब् की भुजा ठब् पर एक बिंदु क् इस प्रकार प्राप्त आवृफति 7ण्10है कि ∠ठ।क् त्र ∠ब्।क् और ठक् त्र ब्क् है ;देख्िाए आवृफति 7ण्10द्ध। हमें सि( करना है कि ।ठ त्र ।ब् है। ।क् को एक बिंदु म् तक इस प्रकार बढ़ाइए कि ।क् त्र क्म् हो। अब ब्म् को मिलाइए। अबए Δ ।ठक् और Δ म्ब्क् में, हमें प्राप्त है ठक् त्रब्क् ;दिया हैद्ध ।क् त्रम्क् ;रचना सेद्ध तथा ∠।क्ठ त्र ∠म्क्ब् ;शीषार्भ्िामुख कोणद्ध अतःए Δ ।ठक् ≅Δ म्ब्क् ;ै।ैद्ध इसलिएए ।ठ त्र म्ब् और ∠ठ।क् त्र ∠ब्म्क् ⎫ ⎬⎭ ;1द्ध;ब्च्ब्ज्द्ध ;2द्ध साथ हीए ∠ठ।क् त्र ∠ब्।क् ;दिया हैद्ध अतःए ∠ब्।क् त्र ∠ब्म्क् ख् ;2द्ध से, इसलिएए ।ब् त्र म्ब् ख्बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ, ;3द्ध अतःए ।ठ त्र ।ब् ख्;1द्ध और ;3द्ध से, प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू ै किसी त्रिाभुज Δ च्फत् के अभ्यंतर में स्िथत कोइर् बिंदु है। दशार्इए कि ैफ ़ ैत् ढ च्फ ़ च्त् है। हलरू फै को च्त् से ज् पर प्रतिच्छेद करने के लिए बढ़ाइए ;देख्िाए आवृफति 7ण्11द्ध। Δ च्फज् से, हमें प्राप्त होता हैः च्फ ़ च्ज् झ फज्;किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता हैद्ध आवृफति 7ण्11 अथार्त्ए च्फ ़ च्ज् झ ैफ ़ ैज् ;1द्ध Δ ज्ैत् से, हमें प्राप्त होता हैः ैज् ़ ज्त् झ ैत् ;2द्ध ;1द्ध और ;2द्ध को जोड़ने पर, हमें प्राप्त होता हैः च्फ ़ च्ज् ़ ैज् ़ ज्त् झ ैफ ़ ैज् ़ ैत् अथार्त्ए च्फ ़ च्ज् ़ ज्त् झ ैफ ़ ैत् अथार्त्ए च्फ ़ च्त् झ ैफ ़ ैत् या ैफ ़ ैत् ढ च्फ ़ च्त् प्रश्नावली 7ण्4 1ण् एक समबाहु त्रिाभुज के सभी कोण ज्ञात कीजिए। 2ण् एक समतल दपर्ण स्ड के सम्मुख स्िथत बिंदु । पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक क् से बिंदु ठ पर देखता है, जैसा कि आवृफति 7ण्12 में दशार्या गया है। सि( कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दपर्ण के पीछे उतनी ही दूरी पर है आवृफति 7ण्12 जितनी दूरी पर वह वस्तु दपर्ण के सम्मुख है। ख्संकेत रू ब्छ दपर्ण पर अभ्िालंब है। साथ ही, आपतन कोण त्र परावतर्न कोण।, 3ण् ।ठ त्र ।ब् वाला ।ठब् एक समद्विबाहु त्रिाभुज है तथा क् भुजा ठब् पर इस प्रकार स्िथत है कि ।क् ⊥ ठब् है ;आवृफति 7ण्13द्ध। ∠ठ।क् त्र ∠ब्।क् सि( करने के लिए, किसी विद्याथीर् ने निम्नलिख्िात प्रवि्रफया अपनाइर्ः Δ ।ठक् और Δ ।ब्क् में, ।ठ त्र ।ब् ∠ठ त्र ∠ब् तथा ∠।क्ठ त्र ∠।क्ब् अतःए Δ ।ठक् ≅Δ ।ब्क् इसलिएए ∠ठ।क् त्र ∠ब्।क् उपरोक्त तवर्फणोें में क्या कमी है? ;दिया हैद्ध ;क्योंकि।ठ त्र ।ब्द्ध ;प्रत्येक90°द्ध ;।।ैद्ध ;ब्च्ब्ज्द्ध ख्संकेत रू याद कीजिए कि जब ।ठ त्र ।ब् हो, तो ∠ठ त्र ∠ब् को वैफसे सि( किया जाता है।, 4ण् च् कोण ।ठब् के समद्विभाजक पर स्िथत कोइर् बिंदु है। यदि च् से होकर ठ। के समांतर खींची गइर् रेखा ठब् से फ पर मिलती है, तो सि( कीजिए कि ठच्फ एक समद्विबाहु त्रिाभुज है। 5ण् ।ठब्क् एक चतुभुर्ज है, जिसमें ।ठ त्र ठब् और ।क् त्र ब्क् है। दशार्इए कि ठक् दोनों कोणों ।ठब् और।क्ब् को समद्विभाजित करता है। 6ण् ।ठब् एक समकोण त्रिाभुज है, जिसमें ।ठ त्र ।ब् है।∠।का समद्विभाजक ठब् से क् पर मिलता है। सि( कीजिए कि ठब् त्र 2 ।क् है। 7ण् व् एक वगर् ।ठब्क् के अभ्यंतर में स्िथत बिंदु इस प्रकार है कि व्।ठ एक समबाहु त्रिाभुज है। सि( कीजिए कि Δ व्ब्क् एक समद्विबाहु त्रिाभुज है। 8ण् ।ठब् औरक्ठब् एक ही आधर ठब् पर स्िथत दो त्रिाभुज इस प्रकार हैं कि बिंदु । औरक् आधार ठब् के विपरीत ओर स्िथत हैं, ।ठ त्र ।ब् और क्ठ त्र क्ब् है। दशार्इए कि ।क् रेखाखंड ठब् का लंब समद्विभाजक है। 9ण् ।ठब् एक समद्विबाहु त्रिाभुज है, जिसमें ।ब् त्र ठब् है। ।क् और ठम् व्रफमशः ठब् और।ब् पर शीषर्लंब हैं। सि( कीजिए कि ।म् त्र ठक् है। 10ण् सि( कीजिए कि एक त्रिाभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा की संगत माियका के दोगुने से बड़ा होता है। 11ण् दशार्इए कि एक चतुभुर्ज ।ठब्क् में, ।ठ ़ ठब् ़ ब्क् ़ क्। ढ 2 ;ठक् ़ ।ब्द्ध होता है। 12ण् दशार्इए कि एक चतुभुर्ज ।ठब्क् में,।ठ ़ ठब् ़ ब्क् ़ क्। झ ।ब् ़ ठक् होता है।13ण् एक त्रिाभुज ।ठब् में, क् भुजा ।ब् का मध्य - बिंदु है ताकि ठक् त्र ।ब् है। दशार्इए कि ∠।ठब् एक समकोण है। 2 14ण् एक समकोण त्रिाभुज में, सि( कीजिए कि कणर् के मध्य - बिंदु को उसके सम्मुख शीषर् से मिलाने वाला रेखाखंड कणर् का आध होता है। 15ण् दो रेखाएँ स और उ बिंदु व् पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा च् बिंदु व् से होकर जाने वाली रेखा द पर स्िथत कोइर् बिंदु इस प्रकार है कि च् रेखाओं स औरउ से समदूरस्थ है। सि( कीजिए कि द रेखाओं स और उ के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है। 16ण् एक समलंब ।ठब्क् की व्रफमशः समांतर भुजाओं ।ठ और क्ब् के मध्य - बिंदुओं ड और छ को मिलाने वाला रेखाखंड दोनों भुजाओं ।ठ और क्ब् पर लंब है। सि( कीजिए कि ।क् त्र ठब् है। 17ण् ।ठब्क् एक चतुभुर्ज इस प्रकार है कि विकणर् ।ब् दोनों कोणों । और ब् का समद्विभाजक है। सि( कीजिए कि ।ठ त्र ।क् और ब्ठ त्र ब्क् है। 18ण् ।ठब् एक समकोण त्रिाभुज है, जिसमें ।ठ त्र ।ब् है तथा ∠ब् का समद्विभाजक भुजा ।ठ को क् पर प्रतिच्छेद करता है। सि( कीजिए कि ।ब् ़ ।क् त्र ठब् है। 19ण् ।ठ और ब्क् व्रफमशः एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजाएँ हैं। ∠ठ और ∠क् में से निश्िचत कीजिए कि कौन बड़ा है। 20ण् सि( कीजिए कि एक समबाहु त्रिाभुज को छोड़कर, किसी त्रिाभुज में सबसे लंबी भुजा का सम्मुख 1 2 कोण एक समकोण के भाग से बड़ा होता है।3 21ण् ।ठब्क् एक चतुभुर्ज है, जिसमें ।ठ त्र ।क् और ब्ठ त्र ब्क् है। सि( कीजिए कि ।ब्ए ठक् का लंब समद्विभाजक है।

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