यूक्िलड की ज्यामिति का परिचय ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम बिंदु, रेखा, तल या पृष्ठ, अभ्िागृहीत, अभ्िाधरणा और प्रमेय, एलीमेंट्स, प्राचीन भारत में अग्िनवुंफड या वेदियों के आकार, यूक्िलड की पाँचवीं अभ्िाधरणा के समतुल्य रूपांतरण, अभ्िागृहीतों के एक निकाय की संगतता। प्राचीन भारत ऽ वैदिक काल की ज्यामिति का उद्गम वैदिक पूजा के लिए आवश्यक विभ्िान्न प्रकार की वेदियों और अग्िनवुंफडों के निमार्ण से हुआ। घरेलू धमिर्क वि्रफयाओं के लिए वगार्कार और वृत्ताकार वेदियों का प्रयोग होता था जबकि सावर्जनिक पूजा स्थलों के लिए आयतों, त्रिाभुजों और समलंबों के समायोजनों के आकार की वेदियों के प्रयेाग की आवश्यकता होती थी। मिस्र, बेबीलोनिया और यूनान ऽ मिस्रवासियों ने सरल क्षेत्रापफलों को परिकलित करने तथा सरल रचनाएँ करने के लिए अनेक ज्यामितीय तकनीक और नियम विकसित किए। बेबीलोनिया के निवासियों और मिस्रवासियों ने ज्यामितीय का प्रयोग अध्िकांशतः व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए किया तथा इसको एक व्रफमब( विज्ञान के रूप में विकसित करने के लिए बहुत कम कायर् किया। यूनानियों की रुचि अपने द्वारा खोजे गए कथनों की निगमन तवर्फण द्वारा सत्यता स्थापित करने में थी। सवर्प्रथम ज्ञात उत्पिा प्रदान करने का श्रेय एक यूनानी गण्िातज्ञ थेल्स को जाता है। यूक्िलड के एलीमेंट्स ऽ लगभग 300 ठण्ब्ण् में यूक्िलड ने उस समय तक ज्ञात गण्िात को क्षेत्रा के संपूणर् ज्ञान को एकत्रिात किया तथा उसे एलीमेंट्स नामक अपनी प्रसि( वृफति के रूप में व्यवस्िथत किया। यूक्िलड ने वुफछ गुणों को बिना सि( किए सत्य मान लिया। ये सत्य मान ली गइर् कल्पनाएँ वास्तव में स्पष्टतः सवर्व्यापी सत्य हैं। उन्होंने उन्हें दो वगो± में बाँटा। अभ्िागृहीत 1ण् वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, परस्पर बराबर होती हैं। 2ण् यदि बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूणर् भी बराबर होते हैं। 3ण् यदि बराबरों को बराबरों में से घटाया जाए, तो शेषपफल भी बराबर होते हैं। 4ण् वे वस्तुएँ जो परस्पर संपाती हों, परस्पर बराबर होती हैं। 5ण् पूणर् अपने भाग से बड़ा होता है। 6ण् वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, परस्पर बराबर होती हैं। 7ण् वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की आध्ी हों, परस्पर बराबर होती हैं। अभ्िाधरणाएँ 1ण् एक बिंदु से एक अन्य बिंदु तक एक सरल रेखा खींची जा सकती है। 2ण् एक सांत रेखा ;रेखाखंडद्ध को अनिश्िचत रूप से विस्तृत किया जा सकता है। 3ण् किसी वेंफद्र और किसी त्रिाज्या को लेकर एक वृत्त खींचा जा सकता है। 4ण् सभी समकोण एक दूसरे के बराबर होते हैं। 5ण् यदि एक सीध्ी रेखा दो सीध्ी रेखाओं पर गिरकर अपने एक ही ओर दो अंतःकोण इस प्रकार बनाए कि इन दोनों कोणों का योग मिलकर दो समकोणों से कम हो, तो वे दोनों सीध्ी रेखाएँ अनिश्िचत रूप से बढ़ाने पर उसी ओर मिलती हैं जिस ओर यह योग दो समकोणों से कम होता है। यूक्िलड ने उन कल्पनाओं के लिए अभ्िाधरणा शब्द का प्रयोग किया जो विश्िाष्ट रूप से ज्यामिति से संब( थे तथा अन्य कल्पनाओं को उन्होंने अभ्िागृहीत कहा। एक प्रमेय वह गण्िातीय कथन होता है जिसकी सत्यता ताविर्फक रूप से स्थापित कर ली जाती है। वतर्मान ज्यामिति ऽ एक गण्िात निकाय ;प(तिद्ध में अभ्िागृहीत, परिभाषाएँ और अपरिभाष्िात शब्द निहित हैं। ऽ बिंदु, रेखा और तल को अपरिभाष्िात पदों के रूप में मान लिया गया है। ऽ अभ्िागृहीतों का कोइर् निकाय संगत ;या अविरोध्ीद्ध कहलाता है, यदि इन अभ्िागृहीतों तथा इनसे निगमित प्रमेयों में कोइर् विरोधभास न हो। ऽ दो दिए हुए भ्िान्न बिंदुओं से होकर एक अद्वितीय रेखा जाती है। ऽ दो भ्िान्न रेखाओं में एक से अध्िक बिंदु उभयनिष्ठ नहीं हो सकते। ऽ प्लेपेफयर अभ्िागृहीत ;यूक्िलड की पाँचवीं अभ्िाधरणा का एक समतुल्य रूपांतरणद्ध ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न सही उत्तर लिख्िाए - प्रतिदशर् प्रश्न1 रू यूक्िलड की दूसरी अभ्िागृहीत ;कक्षा प्ग् की पाठ्यपुस्तक में दिए व्रफम के अनुसारद्ध है। ;।द्ध वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, परस्पर बराबर होती हैं। ;ठद्ध यदि बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूणर् बराबर होते हैं। ;ब्द्ध यदि बराबरों को बराबरों में से घटाया जाए, तो शेषपफल बराबर होते हैं। ;क्द्ध वे वस्तुएँ जो परस्पर संपाती हों परस्पर बराबर होती हैं। हल रू उत्तर ;ठद्ध प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू यूक्िलड की पाँचवीं अभ्िाधरणा है ;।द्ध पूणर् अपने भाग से बड़ा होता है। ;ठद्ध किसी वेंफद्र और किसी त्रिाज्या को लेकर एक वृत्त खींचा जा सकता है। ;ब्द्ध सभी समकोण एक दूसरे के बराबर होते हैं। ;क्द्ध यदि एक सीध्ी रेखा दो सीध्ी रेखाओं पर गिरकर अपने एक ही ओर दो अंतःकोण इस प्रकार बनाए कि इन दोनों कोणों का योग मिलकर दो समकोणों से कम हो तो वे दोनों सीध्ी रेखाएँ अनिश्िचत रूप से बढ़ाने पर उसी ओर मिलती हैं जिस ओर यह योग दो समकोणों से कम होता है। हल रू उत्तर ;क्द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू वे वस्तुएँ, जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, होती हैं ;।द्ध बराबर ;ठद्ध बराबर नहीं ;ब्द्ध उसी वस्तु की आध्ी ;क्द्ध उसी वस्तु की दोगुनी हल रू उत्तर ;।द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू अभ्िागृहीत ऐसी कल्पनाएँ हैं, जो ;।द्ध गण्िात की सभी शाखाओं में सवर्व्यापी सत्य हैं ;ठद्ध विश्िाष्ट रूप से ज्यामिति से संब( सवर्व्यापी तथ्य हैं ;ब्द्ध प्रमेय हैं ;क्द्ध परिभाषाएँ हैं हल रू उत्तर ;।द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 5 रू जाॅन की आयु मोहन की आयु के बराबर है। राम की आयु वही है जो मोहन की है। यूक्िलड की वह अभ्िागृहीत बताइए जो जाॅन और राम की आयु में संबंध् स्पष्ट करती है। प्रतिदशर् प्रश्न6 रू यदि एक सीध्ी रेखा दो सीध्ी रेखाओं पर गिरकर अपने एक ही ओर दो अंतः कोण इस प्रकार बनाए कि इन दोनों कोणों का योग 120° हो, तो दोनों सीध्ी रेखाएँ अनिश्िचत रूप से बढ़ाने ;।द्ध पहली अभ्िागृहीत ;ठद्ध दूसरी अभ्िागृहीत ;ब्द्ध तीसरी अभ्िागृहीत ;क्द्ध चैथी अभ्िागृहीत हल रू उत्तर ;।द्ध पर, उस ओर परस्पर मिलेंगी जहाँ कोणों का योग होगा। ;।द्ध 120° से कम ;ठद्ध 120° से अध्िक ;ब्द्ध 120° के बराबर ;क्द्ध 180° से अध्िक हल रू उत्तर ;।द्ध प्रश्नावली 5ण्1 1ण् ठोसों से बिंदुओं तक तीन चरण हैंः ;।द्ध ठोस - पृष्ठ - रेखाएँ - बिंदु ;ठद्ध ठोस - रेखाएँ - पृष्ठ - बिंदु ;ब्द्ध रेखाएँ - बिंदु - पृष्ठ - ठोस ;क्द्ध रेखाएँ - पृष्ठ - बिंदु - ठोस 2ण् एक ठोस की विमाओं की संख्या हैः ;।द्ध1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध3 ;क्द्ध0 3ण् एक पृष्ठ की विमाओं की संख्या हैः ;।द्ध1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध3 ;क्द्ध0 4ण् एक बिंदु की विमाओं की संख्या हैः ;।द्ध0 ;ठद्ध1 ;ब्द्ध2 ;क्द्ध3 5ण् यूक्िलड ने अपनी प्रसि( वृफति श्एलीमेंट्सश् को निम्नलिख्िात में विभाजित कियाः ;।द्ध 13 अध्याय ;ठद्ध 12 अध्याय ;ब्द्ध 11 अध्याय ;क्द्ध 9 अध्याय 6ण् एलीमेंट्स में साध्यों की वुफल संख्या हैः ;।द्ध 465 ;ठद्ध 460 ;ब्द्ध 13 ;क्द्ध 55 7ण् ठोसों की परिसीमाएँ हैंः ;।द्ध पृष्ठ ;ठद्ध वव्रफ ;ब्द्ध रेखाएँ ;क्द्ध बिंदु 8ण् पृष्ठों की परिसीमाएँ हैंः ;।द्ध पृष्ठ ;ठद्ध वव्रफ ;ब्द्ध रेखाएँ ;क्द्ध बिंदु 9ण् सिन्ध्ु घाटी सभ्यता ;लगभग300 ठण्ब्ण्द्ध में निमार्ण कायर् में प्रयुक्त ईंटों की विमाओं का अनुपात था ;।द्ध 1 रू 3 रू 4 ;ठद्ध 4 रू 2 रू 1 ;ब्द्ध 4 रू 4 रू 1 ;क्द्ध 4 रू 3 रू 2 10ण् पिरामिड एक ठोस आवृफति है जिसका आधर होता हैः ;।द्ध केवल त्रिाभुज ;ठद्ध केवल वगर् ;ब्द्ध केवल आयत ;क्द्ध कोइर् भी बहुभुज 11ण् एक पिरामिड के पाश्वर् पफलक होते हैंः ;।द्ध त्रिाभुज ;ठद्ध वगर् ;ब्द्ध बहुभुज ;क्द्ध समलंब 12ण् यह ज्ञात है कि यदि ग ़ ल त्र 10 हो, तो ग ़ ल ़ ्र त्र 10 ़ ्र होगा। यूक्िलड की अभ्िागृहीत, जो इस कथन को स्पष्ट करती है, निम्नलिख्िात हैः ;।द्ध पहली अभ्िागृहीत ;ठद्ध दूसरी अभ्िागृहीत ;ब्द्ध तीसरी अभ्िागृहीत ;क्द्ध चैथी अभ्िागृहीत 13ण् प्राचीन भारत में, घरेलू पूजा कायर् में प्रयोग की जाने वाली वेदियों के आकार होते थेः ;।द्ध वगर् और वृत्त ;ठद्ध त्रिाभुज और आयत ;ब्द्ध समलंब और पिरामिड ;क्द्ध आयत और वगर् 14ण् ;अथवर्वेद में दिएद्ध ‘श्रीयंत्रा’ में एक दूसरे के साथ जुड़े अंतनिर्हित समद्विबाहु त्रिाभुजों की संख्या हैः ;।द्ध सात ;ठद्ध आठ ;ब्द्ध नौ ;क्द्ध ग्यारह 15ण् यूनानियों ने निम्नलिख्िात पर बल दियाः ;।द्ध अगमन तवर्फण ;ठद्ध निगमन तवर्फण ;ब्द्ध । और ठ दोनों ;क्द्ध ज्यामिति का व्यावहारिक प्रयोग 16ण् प्राचीन भारत में, आयतों, त्रिाभुजों और समलंबों से संयोजित आकारों की वेदियाँ निम्नलिख्िात में प्रयोग होती थींः ;।द्ध सावर्जनिक पूजा स्थल ;ठद्ध घरेलू पूजा कायर् ;ब्द्ध । और ठ दोनों ;क्द्ध ।ए ठ और ब् में से कोइर् नहीं 17ण् यूक्िलड निम्नलिख्िात देश का वासी थाः ;।द्ध बेबीलोनिया ;ठद्ध मिस्र ;ब्द्ध यूनान ;क्द्ध भारत 18ण् थेल्स निम्नलिख्िात देश का वासी थाः ;।द्ध बेबीलोनिया ;ठद्ध मिस्र ;ब्द्ध यूनान ;क्द्ध रोम 19ण् पाइथागोरस एक विद्याथीर् थाः ;।द्ध थेल्स का ;ठद्ध यूक्िलड का ;ब्द्ध । और ठ दोनों का ;क्द्ध आवर्फमिडीज का 20ण् निम्नलिख्िात में से किसको उपपिा की आवश्यकता है? ;।द्ध प्रमेय ;ठद्ध अभ्िागृहीत ;ब्द्ध परिभाषा ;क्द्ध अभ्िाधरणा 21ण् यूक्िलड के कथन, सभी समकोण एक दूसरे के बराबर होते हैं, निम्नलिख्िात के रूप में दिया गया है ;।द्ध एक अभ्िागृहीत ;ठद्ध एक परिभाषा ;ब्द्ध एक अभ्िाधरणा ;क्द्ध एक उपपिा 22ण् ष्रेखाएँ समांतर होती हैं, यदि वे प्रतिच्छेद नहीं करतीष् का कथन, निम्नलिख्िात के रूप में दिया गया है ;।द्ध एक अभ्िागृहीत ;ठद्ध एक परिभाषा ;ब्द्ध एक अभ्िाधरणा ;क्द्ध एक उपपिा ;ब्द्ध तवर्फ के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू निम्नलिख्िात कथन सत्य हैं या असत्य लिख्िाए। अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। ;पद्ध पिरामिड एक ठोस आवृफति है, जिसका आधर एक त्रिाभुज, एक वगर् या कोइर् भी बहुभुज होता है तथा इसके पाश्वर् पफलक समबाहु त्रिाभुज होते हैं जो उफपर एक बिंदु पर मिलते हैं। ;पपद्ध वैदिक काल में, वगार्कार और वृत्ताकार वेदियाँ घरेलू पूजा के कायो± में प्रयोग की जाती थीं जबकि सावर्जनिक पूजा स्थलों में ऐसी वेदियाँ प्रयोग की जाती थीं जिनका आकार आयतों, त्रिाभुजों और समलंबों का संयोजन होता था। ;पपपद्ध ज्यामिति में हम बिंदु, रेखा और तल को अपरिभाष्िात पद मानते हैं। ;पअद्ध यदि एक त्रिाभुज का क्षेत्रापफल एक आयत के क्षेत्रापफल के बराबर है और आयत का क्षेत्रापफल एक वगर् के क्षेत्रापफल के बराबर है तो त्रिाभुज का क्षेत्रापफल वगर् के क्षेत्रापफल के बराबर होगा। ;अद्ध यूक्िलड की चैथी अभ्िागृहीत कहती है कि प्रत्येक वस्तु स्वयं के बराबर होती है। ;अपद्ध यूक्िलडीय ज्यामिति केवल समतल ;तलद्ध में स्िथत आवृफतियों के लिए ही मान्य है। हलरू ;पद्ध असत्य। पिरामिड के पाश्वर्पफलक त्रिाभुज होते हैं और इनका समबाहु त्रिाभुज होना आवश्यक नहीं है। ;पपद्ध सत्य। वैदिक काल की ज्यामिति का उद्गम वैदिक पूजा के कायो± को करने के लिए वेदियों और अग्िनवुंफडों के निमार्ण से हुआ। पवित्रा अग्िनयों के स्थान उनके आकारों और क्षेत्रापफलों के बारे में स्पष्ट रूप से निधर्रित अनुदेशों के अनुसार होते थे। ;पपपद्ध सत्य। एक बिंदु, एक रेखा और एक तल को परिभाष्िात करने के लिए हमें अनेक अन्य वस्तुओं को परिभाष्िात करने की आवश्यकता होती है, जिससे परिभाषाओं की एक लंबी शृंखला प्राप्त होती है जिसका कोइर् अंत नहीं है। इन्हीं कारणवश, गण्िातज्ञ इन ज्यामितीय पदों को अपरिभाष्िात मानने के लिए सहमत हो गए। ;पअद्ध सत्य। वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों बराबर होती हैं। ;अद्ध सत्य। यह अध्यारोपण के सि(ांत का औचित्य है। ;अपद्ध सत्य। यह वव्रफीय पृष्ठों पर कायर् नहीं करती है। उदाहरणाथर्, वव्रफीय पृष्ठों पर, त्रिाभुज के कोणों का योग 180° से अध्िक हो सकता है। प्रश्नावली 5ण्2 निम्नलिख्िात कथन सत्य हैं या असत्य लिख्िाए। अपने उत्तर का औचित्य दीजिए - 1ण् यूक्िलडीय ज्यामिति केवल वव्रफ पृष्ठों के लिए ही मान्य है। 2ण् ठोसों की परिसीमाएँ वव्रफ होती हैं। 3ण् एक पृष्ठ के किनारे वव्रफ होते हैं। 4ण् वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों परस्पर बराबर होती हैं। 5ण् यदि एक राश्िा ठ एक अन्य राश्िा । का एक भाग है, तो । को ठ और एक अन्य राश्िा ब् के योग के रूप में लिखा जा सकता है। 6ण् वे कथन जिन्हें सि( किया जाता है अभ्िागृहीत कहलाते हैं। 7ण् कथन श्प्रत्येक रेखा स और उस पर न स्िथत प्रत्येक बिंदु च् के लिए, एक अद्वितीय रेखा का अस्ितत्व है जो च् से होकर जाती है और स के समांतर हैश् प्लेपेफयर अभ्िागृहीत कहलाता है। 8ण् दो भ्िान्न प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही रेखा के समांतर नहीं हो सकतीं। 9ण् यूक्िलड की पाँचवीं अभ्िाधरणा को अन्य अभ्िाधरणाओं और अभ्िागृहीतों का प्रयोग करते हुए, सि( करने के प्रयासों के पफलस्वरूप अन्य अनेक ज्यामितियों की खोज हुइर्। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न1 रू राम और रवि का एक ही भार है। यदि दोनों में से प्रत्येक का भार 2 ाह बढ़ जाता है, तो उनके नए भारों की तुलना वैफसे होगी? हलरू मान लीजिए कि राम और रवि में से प्रत्येक का भार ग ाह है। 2 ाह भार बढ़ने पर, प्रत्येक का भार ;ग ़ 2द्ध हो जाएगा। यूक्िलड की दूसरी अभ्िागृहीत के अनुसार, जब बराबरों को बराबरों में जोड़ा जाता है, तो पूणर् बराबर होते हैं। अतः, राम और रवि के भार पुनः बराबर होंगे। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू समीकरण ं दृ 15 त्र 25 को हल कीजिए तथा बताइए कि आप यहाँ कौन सी अभ्िागृहीत का प्रयोग कर रहे हैं। हलरू ं दृ 15 त्र 25 के दोनों पक्षों में 15 जोड़ने पर, हमें प्राप्त होता है: ं दृ 15 ़ 15 त्र 25 ़ 15 त्र 40 ;यूक्िलड की दूसरी अभ्िागृहीत द्वाराद्ध। या ं त्र 40 प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू आवृफति 5ण्1 में, यदि ∠1 त्र ∠3ए ∠2 त्र ∠4 और∠3 त्र ∠4 है, तो यूक्िलड की एक अभ्िागृहीत का प्रयोग करते हुए, ∠1 और ∠2 में संबंध् लिख्िाए। हल रू यहाँ ∠3 त्र ∠4, ∠1 त्र ∠3 और ∠2 त्र ∠4 है। यूक्िलड की पहली अभ्िागृहीत कहती है कि वे वस्तुएँ जो आवृफति 5ण्1 एक ही वस्तु के बराबर हों परस्पर बराबर होती हैं। अतः, ∠1 त्र ∠2 है। प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू आवृफति 5ण्2 में, हमें प्राप्त हैः ।ब् त्र ग्क्ए ब्ए ।ठ का मध्य - बिंदु है तथा क्ए ग्ल् का मध्य - बिंदु है। यूक्िलड अभ्िागृहीत का प्रयोग करते हुए, दशार्इए कि ।ठ त्र ग्ल् है। हल रू ।ठ त्र 2।ब् ;ब्ए ।ठ का मध्य - बिंदु हैद्ध ग्ल् त्र 2।क् ;क्ए ग्ल् का मध्य - बिंदु हैद्ध साथ हीए ।ब् त्र ग्क् ;दिया हैद्ध आवृफति 5ण्2 अतः,।ठ त्र ग्ल् , क्योंकि वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, परस्पर बराबर होती हैं। प्रश्नावली 5ण्3 निम्नलिख्िात में से प्रत्येक प्रश्न को उपयुक्त यूक्िलड की अभ्िागृहीत का प्रयोग करते हुए, हल कीजिएः 1ण् दो सेल्समैन ने अगस्त के महीने में बराबर बिव्रफी की। सितंबर में, प्रत्येक सेल्समैन अपनी बिव्रफी अगस्त के महीने की बिव्रफी की दोगुनी कर लेता है। दोनों की सितंबर की बिवि्रफयों की तुलना कीजिए। 2ण् यह ज्ञात है कि ग ़ ल त्र 10 और ग त्र ्र है। दशार्इए कि ्र ़ ल त्र 10 है। 3ण् आवृफति 5ण्3 को देख्िाए। दशार्इए ।भ् झ ।ठ ़ ठब् ़ ब्क् है। आवृफति 5ण्3 4ण् आवृफति 5ण्4 में, हमें प्राप्त हैः ।ठ त्र ठब्ए ठग् त्र ठल्। दशार्इए कि ।ग् त्र ब्ल् है। 5ण् आवृफति 5ण्5 में, ग् औरल् व्रफमशः ।ब् और ठब् के मध्य - बिंदु हैं तथा ।ग् त्र ब्ल् है। दशार्इए कि ।ब् त्र ठब् है। आवृफति 5ण्4 6ण् आवृफति 5ण्6 में, हमें प्राप्त हैः 1 7ण् आवृफति 5ण्7 में, ∠1 त्र ∠2 और ∠2 त्र ∠3 है। दशार्इए कि ∠1 त्र ∠3 है। 8ण् आवृफति 5ण्8 में, ∠1 त्र ∠3 और ∠2 त्र ∠4 है। दशार्इए कि ∠। त्र ∠ब् है। 9ण् आवृफति 5ण्9 में, ∠।ठब् त्र ∠।ब्ठ और∠3 त्र ∠4 है। दशार्इए कि ∠1 त्र ∠2 है। 10ण् आवृफति 5ण्10 में ।ब् त्र क्ब् और ब्ठ त्र ब्म् है। दशार्इए कि।ठ त्र क्म् है। ठग् त्र ।ठ 2 1 ठल् त्र 2 ठब् तथा ।ठ त्र ठब् है। दशार्इए कि ठग् त्र ठल् है। आवृफति 5ण्9 1 1 11ण् आवृफति 5ण्11 में, यदि व्ग् त्र 2 ग्ल्ए च्ग् त्र 2 ग्र् और व्ग् त्र च्ग् हो, तो दशार्इए कि ग्ल् त्र ग्र् है। 12ण् आवृफति 5ण्12 में, ;पद्ध ।ठ त्र ठब्ए ड रेखाखंड ।ठ का मध्य - बिंदु है और छ रेखाखंड ठब् का मध्य - बिंदु है। दशार्इए कि ।ड त्र छब् है। ;पपद्ध ठड त्र ठछ है, ड रेखाखंड ।ठ का मध्य - बिंदु है तथा छ रेखाखंड ठब् का मध्य - बिंदु है। दशार्इए कि ।ठ त्र ठब् है। ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू निम्नलिख्िात कथन को पढि़एः श्एक वगर् चार रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है, जिसमें से तीन रेखाखंडों की लंबाइयाँ चैथे रेखाखंड की लंबाइर् के बराबर है तथा इसके सभी कोण समकोण हैं।श् इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाष्िात कीजिए जिन्हें आप आवश्यक अनुभव करते हैं। क्या इनमें वुफछ अपरिभाष्िात पद हैं? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक वगर् के सभी कोण और भुजाएँ बराबर होती हैं? हलरू परिभाष्िात किए जाने वाले पद हैंः बहुभुज रू तीन या अध्िक रेखाखंड से बनी एक सरल बंद आवृफति रेखाखंड रू रेखा का वह भाग जिसके दो अंत बिंदु हों रेखा रू अपरिभाष्िात पद बिंदु रू अपरिभाष्िात पद कोण रू उभयनिष्ठ शीषर् वाली दो किरणों से बनी आवृफति किरण रू रेखा का वह भाग जिसका एक अंत बिंदु हो समकोण रू कोण जिसकी माप 90° है। अपरिभाष्िात पद जिनका प्रयोग हुआ हैरू रेखा, बिंदु यूक्िलड की चैथी अभ्िाधरणा कहती है कि श्सभी समकोण एक दूसरे के बराबर होते हैं।श् एक वगर् में सभी कोण समकोण होते हैं। अतः चारों कोण बराबर हैं। ;यूक्िलड की चैथी अभ्िाधारणा सेद्ध तीन रेखाखंड चैथे रेखाखंड के बराबर हैं। ;दिया हैद्ध अतः वगर् की सभी चारों भुजाएँ बराबर होंगी। ;यूक्िलड की प्रथम अभ्िागृहीत से श्वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, परस्पर बराबर होती हैं।श्द्ध प्रश्नावली 5ण्4 1ण् निम्नलिख्िात कथन को पढि़ए: एक समबाहु त्रिाभुज तीन रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है जिनमें से दो रेखाखंड तीसरे रेखाखंड के बराबर हैं तथा इसका प्रत्येक कोण 60° का है। इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाष्िात कीजिए जिन्हें आप आवश्यक समझते हैं। क्या इसमें कोइर् अपरिभाष्िात पद है? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक समबाहु त्रिाभुज के सभी कोण और सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। 2ण् निम्नलिख्िात कथन का अध्ययन कीजिएः श्दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही रेखा पर लंब नहीं हो सकती हैं।श् जाँच कीजिए कि क्या यह कथन यूक्िलड पाँचवीं अभ्िाधरणा का समतुल्य रूपांतरण है। ख्संकेतरू उपरोक्त कथन में, दो प्रतिच्छेदी रेखा स और उ तथा एक अन्य रेखा द की पहचान कीजिए।, 3ण् निम्नलिख्िात कथनों को अभ्िागृहीत माना गया हैः ;पद्ध यदि एक तियर्क रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो संगत कोण आवश्यक रूप से बराबर नहीं होते हैं। ;पपद्ध यदि एक तियर्क रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं। क्या अभ्िागृहीतों का यह निकाय संगत ;अविरोध्ीद्ध है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। 4ण् निम्नलिख्िात कथनों को अभ्िागृहीत माना गया हैः ;पद्ध यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें तो शीषार्भ्िामुख कोण बराबर नहीं होते हैं। ;पपद्ध यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो तो इस प्रकार प्राप्त दोनांे आसन्न कोणों का योग 180° होता है। क्या अभ्िागृहीतों का यह निकाय संगत है? 5ण् निम्नलिख्िात अभ्िागृहीतों को पढि़एः ;पद्ध वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, परस्पर बराबर होती हैं ;पपद्ध यदि बराबर को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूणर् बराबर होते हैं ;पपपद्ध वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, परस्पर बराबर होती है जाँच कीजिए कि क्या अभ्िागृहीतों का यह निकाय संगत है या असंगत है।

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