अध्याय प्रायोगिक ज्यामिति 4 4ण्1 भूमिका आप कक्षा टप्प् में त्रिाभुजों की रचना करना सीख चुके हैं। हमें एक अद्वितीय त्रिाभुज की रचना के लिए तीन मापों ;भुजाओें और कोणोंद्ध की आवश्यकता होती है। चूँकि एक त्रिाभुज की रचना करने के लिए तीन मापों का होना पयार्प्त है, एक स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि क्या एक अद्वितीय चार भुजाओं वाली बंद आवृफति की जिसे चतुभुर्ज कहते हैं, रचना के लिए चार मापें पयार्प्त होंगी। अब हम सीखेंगे कि दी हुइर् निम्नलिख्िात मापों से एक अद्वितीय चतुभुर्ज की रचना वैफसे की जासकती है।ऽ जब चार भुजाएँ और एक विकणर् दिया हुआ है।ऽ जब दो विकणर् और तीन भुजाएँ दी हुइर् हैं।ऽ जब दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोण दिए हुए हैं।ऽ जब तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोण दिए हुए हैं।ऽ जब अन्य विश्िाष्ट गुण ज्ञात हैं।आइए, एक - एक करके इन रचनाओं को लें: 4ण्2ण्1 एक चतुभुर्ज की रचना जब चारों भुजाएँ और एकविकणर् की लंबाइर् दी हो हम इस रचना को एक उदाहरण की सहायता से समझाएँगे। उदाहरण 1 रू एक चतुभुर्ज च्फत्ै की रचना कीजिए जिसमें च्फ त्र 4 बउए फत् त्र 6 बउए 6 बउए त्ै त्र 5 बउए च्ै त्र 5ण्5 बउ औरच्त् त्र 7 बउ हो। हल रू एक कच्ची ;तवनहीद्ध आवृफति चतुभुर्ज को समझने में हमारीसहायता करेगी। हम पहले कच्ची आवृफति खींचते हैं और मापों को आवृफति 4ण्5 चिित करते हैं ;आवृफति 4.5द्ध। चरण 1 कच्ची आवृफति से बड़ी आसानी से देखा जा सकता है कि ैैै रचना कसौटी से Δ च्फत् की रचना की जा सकती है। Δ च्फत् की रचना कीजिए ;आवृफति 4.6द्ध। चरण 2 आवृफति 4ण्7 चरण 3 त् से ¯बदु ैए 5 बउ दूरी पर है। अतः त् को वेंफद्र मानकर और 5 बउ त्रिाज्या लेकर एक चाप खींचिए। ;¯बदु श्ैश् इस चाप पर कहीं स्िथत होगा!द्ध ;आवृफति 4.8द्ध चरण 4 आवृफति 4ण्6 अब हमें चैथे ¯बदु श्ैश् का पता लगाना है। यह ¯बदु ैए च्त् के संदभर् में, ¯बदु फ के विपरीत दिशा में होगा। उसके लिए हमारे पास दो माप हैं। ¯बदु च् से, ¯बदु ैए 5ण्5 बउ की दूरी पर स्िथत है। अतः च् को वेंफद्र मानकर 5ण्5 बउ त्रिाज्या की एक चाप खींचिए। ;¯बदु ै इस चाप पर ही कहीं स्िथत होगा।द्ध ;आवृफति 4.7द्ध ¯बदु ै को खींचे गए दोनों चापों पर स्िथत होना चाहिए। अतः यह इन दोनों चापों का प्रतिच्छेद ¯बदु है। इस ¯बदु को श्ैश् से अंकित कीजिए और च्फत्ै को पूरा कीजिए, अथार्त्, च्ै तथा त्ै को जोडि़ए। च्फत्ै अभीष्ट चतुभुर्ज है। ;आवृफति 4ण्9द्ध आवृफति 4ण्8 सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए ;पद्ध हमने देखा कि एक चतुभुर्ज की पाँच मापों से एक अद्वितीय चतुभुर्ज की रचना की जा सकती है। क्या आप सोचते हैं कि चतुभुर्ज की किन्हीं पाँच मापांे से ऐसी रचना की जा सकती है? ;पपद्ध क्या आप एक समांतर चतुभुर्ज ठ।ज्ै की रचना कर सकते हैं जिसमें ठ। त्र 5 बउए ।ज् त्र 6 बउए और ।ै त्र 6ण्5 बउ हो? क्यों? ;पपपद्ध क्या आप एक सम चतुभुर्ज ;त्ीवउइनेद्ध र्म्।स् की रचना कर सकते हैं जिसमें र्म् त्र 3ण्5 बउए विकणर् म्स् त्र 5 बउ है? क्यों? ;पअद्ध एक विद्याथीर् एक चतुभुर्ज च्स्।ल् की रचना करने का प्रयास करता है जिसमें च्स् त्र 3 बउए स्। त्र 4 बउए ।ल् त्र 4ण्5 बउए च्ल् त्र 2 बउ और स्ल् त्र 6 बउ हैए परंतु वह इसकी रचना नहीं कर सका। कारण बताइए? ख्संकेतः एक कच्ची आवृफति की सहायता से चचार् कीजिए, प्रश्नावली 4ण्1 1ण् निम्नलिख्िात चतुभुर्जों की रचना कीजिए: ;पद्ध चतुभुर्ज ।ठब्क् जिसमें ;पपद्ध चतुभुर्ज श्रन्डच् जिसमें ।ठ त्र 4ण्5 बउ श्रन् त्र 3ण्5 बउ ठब् त्र 5ण्5 बउ न्ड त्र 4 बउ ब्क् त्र 4 बउ डच् त्र 5 बउ ।क् त्र 6 बउ च्श्र त्र 4ण्5 बउ ।ब् त्र 7 बउ है। च्न् त्र 6ण्5 बउ है। ;पपपद्ध समांतर चतुभुर्ज डव्त्म् जिसमें ;पअद्ध सम चतुभुर्ज ठम्ैज् जिसमें व्त् त्र 6 बउ ठम् त्र 4ण्5 बउ और म्व् त्र 7ण्5 बउ म्ज् त्र 6 बउ है। म्व् त्र 7ण्5 बउ है। 4ण्2ण्2 एक चतुभुर्ज की रचना करना जब दो विकणर् और तीन भुजाओं की लंबाइयाजब चतुभुर्ज की चार भुजाएँ और एक विकणर् दिया हुआ था तो हमने पहले दी हुइर् मापों से एक त्रिाभुज की रचना की और तदुपरांत चतुथर् ¯बदु का पता लगाने का प्रयास किया था। इसी विध्ि का उपयोग हम यहाँ पर करेंगे। उदाहरण 2 रू एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की रचना कीजिए, जिसमें ठब् त्र 4ण्5 बउए ।क् त्र 5ण्5 बउए ब्क् त्र 5 बउए विकणर् ।ब् त्र 5ण्5 बउ और विकणर् ठक् त्र 7 बउ है। हल रू यहाँ पर चतुभुर्ज ।ठब्क् की कच्ची आवृफति दी गइर् है ;आवृफति 4.10द्ध। इस कच्ची आवृफति का अध्ययन करके हम आसानी से देख सकते हैं कि सबसे पहले Δ ।ब्क् की रचना करना संभव है ;क्यों?द्ध दी हों ँचरण 1 ैैै कसौटी का उपयोग करके Δ ।ब्क् की रचना कीजिए। ;आवृफति 4.11द्ध ;अब हमें ¯बदु ठ का पता लगाने की आवश्यकता है जो ¯बदु ब् से 4ण्5 बउ तथा ¯बदु क् से 7 बउ दूरी पर स्िथत हैद्ध। आवृफति 4ण्11 चरण 2 क् को वेंफद्र मानकर, 7 बउ त्रिाज्या वाली एक चाप खींचिए। ;¯बदु ठ इस चाप पर कहीं स्िथत होगा।द्ध ;आवृफति 4.12द्ध। चरण 3 ब् को वेंफद्र मानकर और 4ण्5 बउ त्रिाज्या लेकर एक चाप खींचिए। ;¯बदु ठ इस चाप पर कहीं स्िथत होगाद्ध ;आवृफति 4.13द्ध। चरण 4 क्योंकि ¯बदु ठ इन दोनों चापों पर स्िथत है। अतः ¯बदु ठ इन दोनों चापों का प्रतिच्छेद ¯बदु है। ¯बदु ठ को अंकित कीजिए और ।ठब्क् को पूरा कीजिए। ।ठब्क् एक अभीष्ट चतुभुर्ज है ;आवृफति 4.14द्ध। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए 1ण् उपयुर्क्त उदाहरण में क्या हम पहले Δ ।ठक् खींचकर उसके बाद चतुथर् ¯बदु ब् को ज्ञात करके चतुभुर्ज की रचना कर सकते हैं? 2ण् क्या आप एक चतुभुर्ज च्फत्ै की रचना कर सकते हैं जिसमें च्फ त्र 3 बउए त्ै त्र 3 बउए च्ै त्र 7ण्5 बउए च्त् त्र 8 बउए और ैफ त्र 4 बउ है? अपने उत्तर की पुष्िट कीजिए। प्रश्नावली 4ण्2 1ण् निम्नलिख्िात चतुभुर्जों की रचना कीजिए: ;पद्ध चतुभुर्ज स्प्थ्ज् जिसमें ;पपद्ध चतुभुर्ज ळव्स्क् जिसमें स्प् त्र 4 बउ व्स् त्र 7ण्5 बउ प्थ् त्र 3 बउ ळस् त्र 6 बउ ज्स् त्र 2ण्5 बउ ळक् त्र 6 बउ स्थ् त्र 4ण्5 बउ स्क् त्र 5 बउ प्ज् त्र 4 बउ है। व्क् त्र 10 बउ है। ;पपपद्ध समलंब ठम्छक् जिसमें ठछ त्र 5ण्6 बउ क्म् त्र 6ण्5 बउ है। एक चतुभुर्ज की रचना जब दो आसन्न भुजाएपहले की तरह ही, हम त्रिाभुज की रचना से ही प्रारंभ करते हैं तदुपरांत चतुभुर्ज को पूणर् करने के लिए चतुथर् ¯बदु का पता लगाते हैं। उदाहरण 3 रू एक चतुभुर्ज डप्ैज् की रचना कीजिए, जहाँ डप् त्र 3ण्5 बउए प्ै त्र 6ण्5 बउए ∠ड त्र 75° बउए ∠प् त्र 105° बउ और ∠ै त्र 120° बउ है। हल रू यहाँ पर एक कच्ची आवृफति दी गइर् है जो हमारी रचना के चरणों को निश्िचत करने में हमारी सहायता करेगी। हम भ्िान्न चरणों के लिए केवल संकेत देंगे ;आवृफति 4.15द्ध। आवृफति 4ण्15 चरण 1 आप ¯बदुओं का वैफसे पता लगाएँगे? आप आधर के लिए किसका चयन करते हैं और आपका पहला चरण क्या होगा ;आवृफति 4.16द्ध। 4ण्2ण्3 और तीन कोणों की माप दी हो ँचरण 2 ¯बदु ै पर ∠प्ैल् त्र 120° बनाइए ;आवृफति 4.17द्ध। चरण 3 ¯बदु ड पर ∠प्डर् त्र 75° बनाइए। ैल् तथा डर् कहाँ पर प्रतिच्छेद करेंगे? उस ¯बदु को ज् से अंकित कीजिए। हमें अभीष्ट चतुभुर्ज डप्ैज् प्राप्त होता है ;आवृफति 4.18द्ध। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए 1ण् यदि हमें ड पर 75° माप के स्थान पर 100° की माप दी हुइर् हो तो क्या आप ऊपर बताए गए चतुभुर्ज डप्ैज् की रचना कर सकते हैं? 2ण् क्या आप एक चतुभुर्ज च्स्।छ की रचना कर सकते हैं, यदि च्स् त्र 6 बउए स्। त्र 9ण्5 बउए ∠च् त्र 75° बउए ∠स् त्र 150° बउ और ∠। त्र 140° है? ;संकेत: कोण - योगपफल गुण को स्मरण कीजिए।द्ध 3ण् एक समांतर चतुभुर्ज में दो आसन्न भुजाओं की लंबाइयाँ दी हुइर् हैं। क्या हमें रचना करने के लिए अभी भी कोणों की मापों की आवश्यकता है जैसा कि उपरोक्त उदाहरण में दिया है? प्रश्नावली 4ण्3 1ण् निम्नलिख्िात चतुभुर्जों की रचना कीजिए: ;पद्ध चतुभुर्ज डव्त्म् जिसमें ;पपद्ध चतुभुर्ज च्स्।छ जिसमें डव् त्र 6 बउ च्स् त्र 4 बउ व्त् त्र 4ण्5 बउ स्। त्र 6ण्5 बउ ∠ड त्र 60° ∠च् त्र 90° ∠व् त्र 105° ∠। त्र 110° ∠त् त्र 105° है। ∠छ त्र 85° है। ;पपपद्ध समांतर चतुभुर्ज भ्म्।त् जिसमें ;पअद्ध आयत व्ज्ञ।ल् जिसमें भ्म् त्र 5 बउ व्ज्ञ त्र 7 बउ म्। त्र 6 बउ और ∠त् त्र 85° है। ज्ञ। त्र 5 बउ है। 4ण्2ण्4 एक चतुभुर्ज की रचना करना जब तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोणों की माप दी हो इस प्रकार के चतुभुर्ज के अंतगर्त जब आप एक रप़फ आवृफति बनाते हैं तो विशेष रूप से उनके बीच के कोणों को विशेष रूप से ध्यानपूवर्क देखेंगे। उदाहरण 4 रू एक चतुभुर्ज ।ठब्क् की रचना कीजिए जहाँ ।ठ त्र 4 बउए ठब् त्र 5 बउए ब्क् त्र 6ण्5 बउ और ∠ठ त्र 105° तथा ∠ब् त्र 80° है। हल रू साधरणतया, हम एक कच्ची आवृफति खींचते हैं जिससे हमें यह आवृफति 4ण्19 अनुदिश 105° का कोण बनाइए। इससे 4 बउ की दूरी पर ¯बदु । को अंकित कीजिए। अब हमें ¯बदु ठए ब् और । प्राप्त हो गए हैं ;आवृफति 4.20द्ध। आवृफति 4ण्20 चरण 2 चतुथर् ¯बदु क्ए ब्ल् पर कहीं स्िथत है जो भुजा ठब् के साथ 80° का कोण बनाता है। ठब् पर स्िथत ¯बदु ब् पर ∠ठब्ल् त्र 80° बनाइए;आवृफति 4.21द्ध। चरण 3 ¯बदु क्ए ब्ल् पर 6ण्5 बउ की दूरी पर स्िथत है। ब् को वेंफद्र मानकर और 6ण्5 बउ त्रिाज्या लेकर एक चाप खींचिए। यह ब्ल् को क् पर प्रतिच्छेद करती है ;आवृफति 4.22द्ध। चरण 4 चतुभुर्ज ।ठब्क् को पूणर् कीजिए। ।ठब्क् अभीष्ट चतुभुर्ज है ;आवृफति 4.23द्ध। आवृफति 4ण्23 सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए 1ण् उपरोक्त उदाहरण में, हमने सवर्प्रथम ठब् खींची। इसके स्थान पर दूसरे अन्य प्रारंभ ¯बदु और कौन से हो सकते हैं? 2ण् हमने अभी तक चतुभुर्जों की रचना के लिए कोइर् पाँच मापों का प्रयोग किया। क्या एकचतुभुर्ज की रचना करने के लिए पाँच मापों के अलग - अलग समुच्चय ;अभी तक देखें गए मापों के अतिरिक्तद्ध हो सकते हैं?निम्नलिख्िात समस्याएँ प्रश्नों के उत्तर देने में आपकी सहायता कर सकती हैं। ;पद्ध चतुभुर्ज।ठब्क् जिसमें।ठ त्र 5 बउए ठब् त्र 5ण्5 बउए ब्क् त्र 4 बउए ।क् त्र 6 बउ और ∠ठ त्र 80° है। ;पपद्ध चतुभुर्ज च्फत्ै जिसमें च्फ त्र 4ण्5 बउए ∠च् त्र 70°ए ∠फ त्र 100°ए ∠त् त्र 80° और ∠ै त्र 110° है। आप स्वयं वुफछ और उदाहरणों की रचना कीजिए और एक चतुभुर्ज की रचना केलिए आँकड़ों की पयार्प्तता/अपयार्प्तता ज्ञात कीजिए। प्रश्नावली 4ण्4 1ण् निम्नलिख्िात चतुभुर्जों की रचना कीजिए: ;पद्ध चतुभुर्ज क्म्।त् जिसमें ;पपद्ध चतुभुर्ज ज्त्न्म् जिसमें क्म् त्र 4 बउ ज्त् त्र 3ण्5 बउ म्। त्र 5 बउ त्न्त्र3बउ ।त् त्र 4ण्5 बउ न्म् त्र 4 बउ ∠म् त्र 60° ∠त् त्र 75° और ∠। त्र 90° है। और ∠न् त्र 120° है। 4ण्3 वुफछ विश्िाष्ट स्िथतियाँ एक चतुभुर्ज की रचना के लिए हमने पाँच मापों का प्रयोग किया। क्या किसी ऐसे चतुभुर्ज की रचना की जा सकती है जिसकी मापों की संख्या इन मापों की संख्या से कम हो? निम्नलिख्िात उदाहरण ऐसी ही विश्िाष्ट स्िथतियों को जाँचते हैं। उदाहरण 5 रू 4ण्5 बउ भुजा वाले वगर् की रचना कीजिए। हल रू सवर्प्रथम ऐसा प्रतीत होता है कि केवल एक ही माप दी हुइर् है। वास्तव में हमारे पास और बहुत सी जानकारियाँ हैं क्योंकि यह आवृफति एक विशेष चतुभुर्ज है जिसका नाम वगर् है। अब हम जानते हैं कि इसका प्रत्येक कोण एक समकोण है। ़;रपफ आवृफति देख्िाएद्ध ;आवृफति 4.24द्ध यह ै।ै कसौटी के उपयोग से Δ ।ठब् खींचने में हमें सहायता करता है। तदुपरांत ¯बदु क् का बड़ी आसानी से पता लगाया जा सकता है। दी हुइर् मापों से अब आप स्वयं एक वगर् की रचना कीजिए। हल रू सम चतुभुर्ज की केवल दो मापें ;विकणर्द्ध दी हुइर् हैं। चूँकि यह एक सम चतुभुर्ज है, इसके गुणों से हम और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सम चतुभुर्ज के विकणर् एक दूसरे के लंब समद्विभाजक होते हैं। अतः सवर्प्रथम ।ब् त्र 7 बउ खींचिए और तदुपरांत इसके लंब समद्विभाजक की रचना कीजिए। दोनों एक दूसरे को व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। खींचे गए समद्विभाजक को ¯बदु व् से दोनों ओर लंबाइर् वाली त्रिाज्या लेकर काटिए। अब आप ¯बदु ठ तथा ¯बदु क् प्राप्त करते हैं। ऊपर बताइर् गइर् विध्ि पर आधरित अब एक सम समचतुभर्ुज की रचना कीजिए ;आवृफति 4.25द्ध। आवृफति 4ण्25 है ;आवृफति 4.26द्ध। रचना के दौरान आपने आवृफति 4ण्26 पतंग के कौन से गुणों का प्रयोग किया? प्रश्नावली 4ण्5 निम्नलिख्िात की रचना कीजिए: 1ण् एक वगर् त्म्।क् जिसमें त्म् त्र 5ण्1 बउ है। 2ण् एक सम चतुभुर्ज जिनके विकणो± की लंबाइर् 5ण्2 बउ और 6ण्4 बउ हैै। 3ण् एक आयत जिसकी आसन्न भुजाओं की लंबाइयाँ 5 बउ और 4 बउ है। 4ण् एक समांतर चतुभुर्ज व्ज्ञ।ल् जहाँ व्ज्ञ त्र 5ण्5 बउ और ज्ञ। त्र 4ण्2 बउ है। क्या यह अद्वितीय है? हमने क्या चचार् की?

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अध्याय 4

प्रायोगिक ज्यामिति

4.1 भूमिका

आप कक्षा VII में त्रिभुजों की रचना करना सीख चुके हैं। हमेें एक अद्वितीय त्रिभुज की रचना के लिए तीन मापों (भुजाओें और कोणों) की आवश्यकता होती है।

चूँकि एक त्रिभुज की रचना करने के लिए तीन मापों का होना पर्याप्त है, एक स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि क्या एक अद्वितीय चार भुजाओं वाली बंद आकृति की जिसे चतुर्भुज कहते हैं, रचना के लिए चार मापें पर्याप्त होंगी।

इन्हें कीजिए

समान लंबाई (मान लीजिए 10 cm) वाली तीलियों (Sticks) का एक युग्म लीजिए। अब एक दूसरा समान लंबाई, (माना 8 cm) वाली तीलियों का युग्म लीजिए। इन्हें आपस में इस प्रकार जोड़िए (Hinge) जिससे 10 cm लंबाई तथा 8 cm चौड़ाई वाला एक आयत प्राप्त हो जाए। इस आयत का निर्माण 4 मापों के उपयोग से किया गया है। (आकृति 4.1)

आकृति 4.1

अब आयत की चौड़ाई के अनुदिश दबाव डालिए। क्या नयी प्राप्त आकृति अभीभी एक आयत है (आकृति 4.2)? ध्यान दीजिए कि अब आयत एक समांतर चतुर्भुज बन गया है। क्या आपने तीलियों कीलंबाइयों को बदला है? नहीं, भुजाओं की माप वही रहती है।

आकृति 4.2

नयी प्राप्त आकृति को दूसरी दिशा में दबाव डालिए। आपको क्या प्राप्त होता है? आप पुनः एक समांतर चतुर्भुज प्राप्त करते हैं जो बिल्कुल अलग है (आकृति 4.3)। अभीभी चारों माप वही रहती हैं।

आकृति 4.3

यह दर्शाता है कि एक चतुर्भुज की चार मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज प्राप्त नहीं हो सकता है। क्या पाँच मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज प्राप्त हो सकता है?

आइए, इस क्रियाकलाप पर पुनः विचार करें। आप, प्रत्येक 10 cm लंबाई की दो तीलियों एवं प्रत्येक 8 cm लंबाई की दो तीलियों की सहायता से एक आयत की रचना कर चुके हैं। अब BD के बराबर लंबाई वाली एक दूसरी तीली को BD के अनुदिश बाँधिए (आकृति 4.4)। यदि आप अब चौड़ाई की ओर दबाव डालते हैं तो क्या आकृति में परिवर्तन होता है? नहीं, आकृति को खोले बिना परिवर्तन संभव नहीं हो सकता है। पाँचवीं तीली के प्रवेश ने आयत को अद्वितीय रूप से स्थिर कर दिया है, अर्थात्, कोई दूसरा चतुर्भुज (दी गई भुजाओं की लंबाई के बराबर) अब संभव नहीं है।

आकृति 4.4

अतः हमने देखा कि पाँच मापों से हमें एक अद्वितीय चतुर्भुज प्राप्त होता है।

परंतु क्या एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना करने के लिए कोई भी पाँच माप (भुजाओं और कोणों की) पर्याप्त हैं?

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

अरशद के पास एक चतुर्भुज ABCD की पाँच माप हैं। ये माप AB = 5 cm, ∠A = 50°, AC = 4 cm, BD = 5 cm और AD = 6 cm हैं। क्या वह इन मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज बना सकता है? अपने उत्तर के कारण दीजिए।


4.2 एक चतुर्भुज की रचना

अब हम सीखेंगे कि दी हुई निम्नलिखित मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना कैसे की जा सकती है।

जब चार भुजाएँ और एक विकर्ण दिया हुआ है।

जब दो विकर्ण और तीन भुजाएँ दी हुई हैं।

जब दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोण दिए हुए हैं।

जब तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोण दिए हुए हैं।

जब अन्य विशिष्ट गुण ज्ञात हैं।

आइए, एक-एक करके इन रचनाओं को लें:

4.2.1 एक चतुर्भुज की रचना जब चारों भुजाएँ और एक विकर्ण की लंबाई दी हो

हम इस रचना को एक उदाहरण की सहायता से समझाएँगे।

उदाहरण 1 : एक चतुर्भुज PQRS की रचना कीजिए जिसमें
PQ = 4 cm, QR = 6 cm,
RS = 5 cm, PS = 5.5 cm और
PR = 7 cm
हो।

आकृति 4.5

हल : एक कच्ची (rough) आकृति चतुर्भुज को समझने में हमारी सहायता करेगी। हम पहले कच्ची आकृति खींचते हैं और मापों को चिह्नित करते हैं (आकृति 4.5)।

चरण 1 कच्ची आकृति से बड़ी आसानी से देखा जा सकता है कि SSS रचना कसौटी से PQR की रचना की जा सकती है। PQR की रचना कीजिए (आकृति 4.6)।

आकृति 4.6

चरण 2 अब हमें चौथे बिंदु 'S' का पता लगाना है। यह बिंदु S, PR के संदर्भ में, बिंदु Q के विपरीत दिशा में होगा। उसके लिए हमारे पास दो माप हैं। बिंदु P से, बिंदु S, 5.5 cm की दूरी पर स्थित है। अतः P को केंद्र मानकर 5.5 cm त्रिज्या की एक चाप खींचिए। (बिंदु S इस चाप पर ही कहीं स्थित होगा।) (आकृति 4.7)


आकृति 4.7

चरण 3 R से बिंदु S, 5 cm दूरी पर है। अतः R को केंद्र मानकर और 5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए। (बिंदु 'S' इस चाप पर कहीं स्थित होगा!) (आकृति 4.8)

आकृति 4.8

चरण 4 बिंदु S को खींचे गए दोनों चापों पर स्थित होना चाहिए। अतः यह इन दोनों चापों का प्रतिच्छेद बिंदु है। इस बिंदु को 'S' से अंकित कीजिए और PQRS को पूरा कीजिए, अर्थात्, PS तथा RS को जोड़िए। PQRS अभीष्ट चतुर्भुज है। (आकृति 4.9)


आकृति 4.9

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

(i) हमने देखा कि एक चतुर्भु की पाँच मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है। क्या आप सोचते हैं कि चतुर्भुज की किन्हीं पाँच मापाें से एेसी रचना की जा सकती है?

(ii) क्या आप एक समांतर चतुर्भुज BATS की रचना कर सकते हैं जिसमें BA = 5 cm, AT = 6 cm, और AS = 6.5 cm हो? क्यों?

(iii) क्या आप एक सम चतुर्भुज (Rhombus) ZEAL की रचना कर सकते हैं जिसमें ZE = 3.5 cm, विकर्ण EL = 5 cm है? क्यों?

(iv) एक विद्यार्थी एक चतुर्भुज PLAY की रचना करने का प्रयास करता है जिसमें PL = 3 cm, LA = 4 cm, AY = 4.5 cm, PY = 2 cm और LY = 6 cm है, परंतु वह इसकी रचना नहीं कर सका। कारण बताइए?

[संकेतः एक कच्ची आकृति की सहायता से चर्चा कीजिए]


प्रश्नावली 4.1

1. निम्नलिखित चतुर्भुजों की रचना कीजिए:

(i) चतुर्भुज ABCD जिसमें

AB = 4.5 cm

BC = 5.5 cm

CD = 4 cm

AD = 6 cm

AC = 7 cm है।

(ii) चतुर्भुज JUMP जिसमें

JU = 3.5 cm

UM = 4 cm

MP = 5 cm

PJ = 4.5 cm

PU = 6.5 cm है।

(iii) समांतर चतुर्भुज MORE जिसमें 

OR = 6 cm

EO = 7.5 cm 

MO = 7.5 cm है।

(iv) सम चतुर्भुज BEST जिसमें

BE = 4.5 cm और

ET = 6 cm है।

4.2.2 एक चतुर्भुज की रचना करना जब दो विकर्ण और तीन भुजाओं की लंबाइयाँ दी हों

जब चतुर्भुज की चार भुजाएँ और एक विकर्ण दिया हुआ था तो हमने पहले दी हुई मापों से एक त्रिभुज की रचना की और तदुपरांत चतुर्थ बिंदु का पता लगाने का प्रयास किया था। इसी विधि का उपयोग हम यहाँ पर करेंगे।

उदाहरण 2 : एक चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए, जिसमें BC = 4.5 cm, AD = 5.5 cm, CD = 5 cm, विकर्ण AC = 5.5 cm और विकर्ण BD = 7 cm है।

हल : यहाँ पर चतुर्भुABCD की कच्ची आकृति दी गई है (आकृति 4.10)। इस कच्ची आकृति का अध्ययन करके हम आसानी से देख सकते हैं कि सबसे पहले ACD की रचना करना संभव है (क्यों?)

चरण 1 SSS कसौटी का उपयोग करके ACD की रचना कीजिए। (आकृति 4.11) (अब हमें बिंदु B का पता लगाने की आवश्यकता है जो बिंदु C से 4.5 cm तथा बिंदु D से 7 cm दूरी पर स्थित है)।

आकृति 4.10

आकृति 4.11

चरण 2 D को केंद्र मानकर, 7 cm त्रिज्या वाली एक चाप खींचिए।

(बिंदु B इस चाप पर कहीं स्थित होगा।) (आकृति 4.12)।

आकृति 4.12

चरण 3 C को केंद्र मानकर और 4.5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए। (बिंदु B इस चाप पर कहीं स्थित होगा) (आकृति 4.13)।

आकृति 4.13

चरण 4 क्योंकि बिंदु B इन दोनों चापों पर स्थित है। अतः बिंदु B इन दोनों चापों का प्रतिच्छेद बिंदु है। बिंदु B को अंकित कीजिए और ABCD को पूरा कीजिए। ABCD एक अभीष्ट चतुर्भुज है (आकृति 4.14)।

आकृति 4.14

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

1. उपर्युक्त उदाहरण में क्या हम पहले ABD खींचकर उसके बाद चतुर्थ बिंदु C को ज्ञात करके चतुर्भुज की रचना कर सकते हैं?

2. क्या आप एक चतुर्भुज PQRS की रचना कर सकते हैं जिसमें PQ = 3 cm, RS = 3 cm, PS = 7.5 cm, PR = 8 cm, और SQ = 4 cm है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।


प्रश्नावली 4.2

1. निम्नलिखित चतुर्भुजों की रचना कीजिए:

(i) चतुर्भुLIFT जिसमें (ii) चतुर्भुज GOLD जिसमें

LI = 4 cm OL = 7.5 cm

IF = 3 cm GL = 6 cm

TL = 2.5 cm GD = 6 cm

LF = 4.5 cm LD = 5 cm

IT = 4 cm है। OD = 10 cm है।

(iii) समचतुर्भुज BEND जिसमें

BN = 5.6 cm

DE = 6.5 cm है।

4.2.3 एक चतुर्भुज की रचना जब दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोणों की माप दी हो

पहले की तरह ही, हम त्रिभुज की रचना से ही प्रारंभ करते हैं तदुपरांत चतुर्भुज को पूर्ण करने के लिए चतुर्थ बिंदु का पता लगाते हैं

उदाहरण 3 : एक चतुर्भुज MIST की रचना कीजिए, जहाँ MI = 3.5 cm,
IS = 6.5 cm,
M = 75° cm, I = 105° cm और S = 120° cm है।

हल : यहाँ पर एक कच्ची आकृति दी गई है जो हमारी रचना के चरणों को निश्चित करने में हमारी सहायता करेगी। हम भिन्न चरणों के लि केवल संकेत देंगे (आकृति 4.15)

आकृति 4.15

चरण 1 आप बिंदुओं का कैसे पता लगाएँगे? आप आधार के लिए किसका चयन करते हैं और आपका पहला चरण क्या होगा (आकृति 4.16)।

आकृति 4.16

चरण 2 बिंदु S पर ISY = 120° बनाइए (आकृति 4.17)।

आकृति 4.17

आकृति 4.18

चरण 3 बिंदु M पर IMZ = 75° बनाइए।

SY तथा MZ कहाँ पर प्रतिच्छेद करेंगे? उस बिंदु को T से अंकित कीजिए। हमें अभीष्ट चतुर्भुज MIST प्राप्त होता है (आकृति 4.18)।


सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए


1. यदि हमें M पर 75° माप के स्थान पर 100° की माप दी हुई हो तो क्या आप ऊपर बताए गए चतुर्भुज MIST की रचना कर सकते हैं?

2. क्या आप एक चतुर्भुज PLAN की रचना कर सकते हैं, यदि PL = 6 cm, LA = 9.5 cm,P = 75° cm, L = 150° cm और A = 140°है?

(संकेत: कोण-योगफल गुण को स्मरण कीजिए।)

3. एक समांतर चतुर्भुज में दो आसन्न भुजाओं की लंबाइयाँ दी हुई हैं। क्या हमें रचना करने के लिए अभी भी कोणों की मापों की आवश्यकता है जैसा कि उपरोक्त उदाहरण में दिया है?

प्रश्नावली 4.3

1. निम्नलिखित चतुर्भुजों की रचना कीजिए:

(i) चतुर्भुज MORE जिसमें 

MO = 6 cm

OR = 4.5 cm

∠M = 60°

∠O = 105° 

∠R = 105° है।

(ii) चतुर्भुज PLAN जिसमें

PL = 4 cm

LA = 6.5 cm

 P = 90°

A = 110°

  N = 85° है।

(iii) समांतर चतुर्भुज HEAR जिसमें

HE = 5 cm

EA = 6 cm और ∠R = 85° है।

(iv) आयत OKAY जिसमें

OK = 7 cm

KA = 5 cm है।

4.2.4 एक चतुर्भुज की रचना करना जब तीन भुजाएँ और उनके बीच के दो कोणों की माप दी हो

इस प्रकार के चतुर्भुज के अंतर्गत जब आप एक रफ़ आकृति बनाते हैं तो विशेष रूप से उनके बीच के कोणों को विशेष रूप से ध्यानपूर्वक देखेंगे।

उदाहरण 4 : एक चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए जहाँ AB = 4 cm, BC = 5 cm, CD = 6.5 cm और B = 105° तथा C = 80° है।

हल : साधारणतया, हम एक कच्ची आकृति खींचते हैं जिससे हमें यह पता चल सके कि रचना को हम कैसे प्रारंभ कर सकते हैं। तब हम चारों बिंदुओं का पता लगाने की योजना बना सकते हैं (आकृति 4.19)

आकृति 4.19

चरण 1 बिंदु B पर BC = 5 cm लेकर प्रारंभ कीजिए। BX के अनुदिश 105° का कोण बनाइए। इससे 4 cm की दूरी पर बिंदु A को अंकित कीजिए। अब हमें बिंदु B, C और A प्राप्त हो गए हैं (आकृति 4.20)।

आकृति 4.20

चरण 2 चतुर्थ बिंदु D, CY पर कहीं स्थित है जो भुजा BC के साथ 80° का कोण बनाता है। BC पर स्थित बिंदु C पर
BCY = 80° बनाइए (आकृति 4.21)।

आकृति 4.21

चरण 3 बिंदु D, CY पर 6.5 cm की दूरी पर स्थित है। C को केंद्र मानकर और 6.5 cm त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए। यCY को D पर प्रतिच्छेद करती है (आकृति 4.22)।

आकृति 4.22

चरण 4 चतुर्भुज ABCD को पूर्ण कीजिए। ABCD अभीष्ट चतुर्भुज है

(आकृति 4.23)।

आकृति 4.23

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

1. उपरोक्त उदाहरण में, हमने सर्वप्रथम BC खींची। इसके स्थान पर दूसरे अन्य प्रारंभ बिंदु और कौन से हो सकते हैं?

2. हमने अभी तक चतुर्भुजों की रचना के लिए कोई पाँच मापों का प्रयोग किया। क्या एक चतुर्भुज की रचना करने के लिए पाँच मापों के अलग-अलग समुच्चय (अभी तक देखें गए मापों के अतिरिक्त) हो सकते हैं?

निम्नलिखित समस्याएँ प्रश्नों के उत्तर देने में आपकी सहायता कर सकती हैं।

(i) चतुर्भुज ABCD जिसमें AB = 5 cm, BC = 5.5 cm, CD = 4 cm, AD = 6 cm और B = 80° ै।

(ii) चतुर्भुज PQRS जिसमें PQ = 4.5 cm, P = 70°, Q = 100°, R = 80° और S = 110° है।

आप स्वयं कुछ और उदाहरणों की रचना कीजिए और एक चतुर्भुज की रचना के लिए आँकड़ों की पर्याप्तता/अपर्याप्तता ज्ञात कीजिए।


प्रश्नावली 4.4


1. निम्नलिखित चतुर्भुजों की रचना कीजिए:

(i) चतुर्भुज DEAR जिसमें

DE = 4 cm

EA = 5 cm

AR = 4.5 cm

∠E = 60° 

और ∠A = 90° है।  

(ii) चतुर्भुज TRUE जिसमें

  TR = 3.5 cm

RU = 3 cm

UE = 4 cm

R = 75°

और U = 120° है।

4.3 कुछ विशिष्ट स्थितियाँ

एक चतुर्भुज की रचना के लिए हमने पाँच मापों का प्रयोग किया। क्या किसी एेसे चतुर्भुज कीरचना की जा सकती है जिसकी मापों की संख्या इन मापों की संख्या से कम हो? निम्नलिखित उदाहरण एेसी ही विशिष्ट स्थितियों को जाँचते हैं।


उदाहरण 5 : 4.5 cm भुजा वाले वर्ग की रचना कीजिए।

हल : सर्वप्रथम एेसा प्रतीत होता है कि केवल एक ही माप दी हुई है। वास्तव में हमारे पास और बहुत सी जानकारियाँ हैं क्योंकि यह आकृति एक विशेष चतुर्भुज है जिसका नाम वर्ग है। अब हम जानते हैं कि इसका प्रत्येक कोण एक समकोण है। (रफ़ आकृति देखिए) (आकृति 4.24)

आकृति 4.24

यह SAS कसौटी के उपयोग से ABC खींचने में हमें सहायता करता है। तदुपरांत बिंदु D का बड़ी आसानी से पता लगाया जा सकता है। दी हुई मापों से अब आप स्वयं एक वर्ग की रचना कीजिए।

उदाहरण 5 : क्या एक सम चतुर्भुज ABCD की रचना करना संभव है जहाँ AC = 6 cm और BD = 7 cm हो? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

हल : सम चतुर्भुज की केवल दो मापें (विकर्ण) दी हुई हैं। चूँकि यह एक सम चतुर्भुज है, इसके गुणों से हम और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

सम चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे के लंब समद्विभाजक होते हैं।

अतः सर्वप्रथम AC = 7 cm खींचिए और तदुपरांत इसके लंब समद्विभाजक की रचना कीजिए। दोनों एक दूसरे को O पर प्रतिच्छेद करते हैं। खींचे गए समद्विभाजक को बिंदु O से दोनों ओर लंबाई वाली त्रिज्या लेकर काटिए। अब आप बिंदु B तथा बिंदु D प्राप्त करते हैं।

पर बताई गई विधि पर आधारित अब एक सम समचतुर्भुज की रचना कीजिए (आकृति 4.25)।

आकृति 4.25

प्रयास कीजिए

1. आप एक आयत PQRS की रचना कैसे करेंगे यदि आप केवल PQ और QR की लंबाई जानते हैं?

2. एक पतंग EASY की रचना कीजिए यदि AY = 8 cm, EY = 4 cm और SY = 6 cm है (आकृति 4.26)। रचना के दौरान आपने पतंग के कौन से गुणों का प्रयोग किया?

आकृति 4.26

प्रश्नावली 4.5


निम्नलिखित की रचना कीजिए:

1. एक वर्ग READ जिसमें RE = 5.1 cm है।

2. एक सम चतुर्भुज जिनके विकर्णों की लंबाई 5.2 cm और 6.4 cm हैै।

3. एक आयत जिसकी आसन्न भुजाओं की लंबाइयाँ 5 cm और 4 cm है।

4. एक समांतर चतुर्भुज OKAY जहाँ OK = 5.5 cm और KA = 4.2 cm है। क्या यह अद्विती है?

हमने क्या चर्चा की?

1. पाँच मापों से एक अद्वितीय चतुर्भुज प्राप्त हो सकता है।

2. एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि उसकी चार भुजाओं की लंबाइयाँ और एक विकर्ण दिया हुआ हो।

3. एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि उसके दो विकर्ण और तीन भुजाएँ दी हों।

4. एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि उसकी दो आसन्न भुजाएँ और तीन कोणों की माप ज्ञात हो।

5. एक अद्वितीय चतुर्भुज की रचना की जा सकती है यदि उसकी तीन भुजाएँ और दो बीच के कोण दिए हुए हों।


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