29 2ण्1 भूमिका आपने पिछली कक्षाओं में भ्िान्न एवं दशमलव के बारे में अध्ययन किया है। भ्िान्नों के अध्ययन में हम उचित भ्िान्न, विषम भ्िान्न, मिश्रित भ्िान्न और भ्िान्नों के योग एवं व्यवकलन के बारे में चचार् कर चुके हैं। हमने, भ्िान्नों की तुलना, तुल्य भ्िान्न, भ्िान्नों को संख्या रेखा पर निरूपित करना और भ्िान्नों को क्रमब( करना, के बारे में भी अध्ययन किया है। दशमलवों के अध्ययन में हम, उनकी तुलना, संख्या रेखा पर उनका निरूपण और उनका योग एवं व्यवकलन, के बारे में चचार् कर चुके हैं। अब हम भ्िान्नों एवं दशमलवों के गुणन एवं भाग के बारे में अध्ययन करेंगे। 2ण्2 भ्िान्नों के बारे में आपने कितनी अच्छी तरह अध्ययन किया है? उचित भ्िान्न वह भ्िान्न होती है जो संपूणर् के एक भाग को निरूपित करती है। क्या 7 एक उचित4 भ्िान्न है? इसके अंश अथवा हर में कौन बड़ा है? 7विषम भ्िान्न, संपूणर् एवं उचित भ्िान्न का संयोजन होता है। क्या एक विषम भ्िान्न है? यहाँ4 अंश अथवा हर में कौन बड़ा है? 73 विषम भ्िान्न को 1 के रूप मंे लिखा जा सकता है। यह एक मिश्रित भ्िान्न है।44क्या आप उचित, विषम एवं मिश्रित भ्िान्न में से प्रत्येक के पाँच उदाहरण लिख सकते हैं? 3उदाहरण 1 के पाँच तुल्य भ्िान्न लिख्िाए। 5 33× 26 हल 3 के तुल्य भ्िान्नों में से एक त्रत्र है।55× 2 10 5शेष चार तुल्य भ्िान्न आप स्वयं ज्ञात कीजिए। 2उदाहरण 2 रमेश ने एक प्रश्नावली का भाग हल किया जबकि सीमा ने उस प्रश्नावली का7 4 भाग हल किया। ज्ञात कीजिए कि दोनों में से किसने कम भाग हल किया।5 हल यह ज्ञात करने के लिए कि किसने प्रश्नावली का कम भाग हल किया, आइए 24 और की तुलना करते हैं।75 इनको समान भ्िान्नों में परिवतिर्त करने पर हम पाते हैं: 210 428 त्र ए त्र 7 35 5 35 10 28 क्योंकि 10 ढ 28 ए इसलिए ढ ण् 35 35 24 अतः ढ ण् 75रमेश ने सीमा की तुलना में कम भाग हल किया। 13उदाहरण 3 समीरा ने 3 ाह सेब और 4 ाह संतरे खरीदे। समीरा द्वारा खरीदे गए पफलों24का वुफल भार कितना है? हल पफलों का वुफल भार त्र 31 ़ 43 ाह24 7 19 14 19 त्र ़ ाह त्ऱ ााह24 44 त्र 33 ाह त्र 81 ाह है।44 24उदाहरण 4 सुमन प्रतिदिन 5 घंटे पढ़ती है। वह अपने इस समय में से 2 घंटे विज्ञान 35 और गण्िात में लगा देती है। दूसरे विषयों के लिए वह कितना समय लगाती है? 2 17 हल सुमन के अध्ययन का वुफल समय त्र 5 घंटे त्र घंटे 33 4 14 सुमन द्वारा विज्ञान एवं गण्िात में लगाया समय त्र 2 त्र घंटे 55 अतः उसके द्वारा दूसरे विषयों में लगाया गया समय त्र 17 14 3 5 − घंटे त्र 17 5 14 3 दृ 15 15 × × घंटे त्र 85 दृ 42 15 घंटे त्र 43 15 घंटे त्र 13 2 15 घंटे 1ण् हल कीजिएः 3 73294 ;पद्ध 2 − ;पपद्ध 4 ़ ;पपपद्ध ़ ;पअद्ध − 5 8 57 11 15 723 21 15 ;अद्ध ़़ ;अपद्ध 2 ़ 3 ;अपपद्ध 8 − 3 10 52 32 28 2ण् निम्नलिख्िात को अवरोही क्रम में रख्िाए: 228 137 ;पद्ध एए ;पपद्ध एए ण् 9321 5710 3ण् एक ‘‘जादुइर् वगर्’’ में प्रत्येक पंक्ित, प्रत्येक स्तंभ एवं प्रत्येक विकणर् की संख्याओं का योग समान होता है। क्या यह एक जादुइर् वगर् है? 9 215 ;प्रथम पंक्ित के अनुदिश 4 ़़त्र द्धण् 11 11 11 11 4 11 9 11 2 11 3 11 5 11 7 11 8 11 1 11 6 11 1 2 4ण् एक आयताकार कागश की लंबाइर् 12 बउ और चैड़ाइर् 10 बउ है।2 3कागश का परिमाप ज्ञात कीजिए। 5ण् दी हुइर् आकृति में, ;पद्ध Δ ।ठम् ;पपद्ध आयत ठब्क्म्ए का परिमाप ज्ञात कीजिए। किसका परिमाप श्यादा है? 6ण् सलील एक तस्वीर को किसी प्रेफम ;चैखटद्ध में जड़ना चाहता है। तस्वीर 3 7 बउ चैड़ी है। चैखट में उचित रूप से जड़ने के लिए तस्वीर की53 चैड़ाइर् 7 बउ से श्यादा नहीं हो सकती। तस्वीर की कितनी काट - छाँट की जानी चाहिए। 103 7ण् रीतू ने एक सेब का भाग खाया और शेष सेब उसके भाइर् सोमू ने खाया। सेब का कितना5 भाग सोमू ने खाया? किसका हिस्सा श्यादा था? कितना श्यादा था? 7 8ण् माइकल ने एक तस्वीर में रंग भरने का कायर् घंटे में समाप्त किया। वैभव ने उसी तस्वीर12 3 में रंग भरने का कायर् घंटे में समाप्त किया। किसने श्यादा समय कायर् किया? यह समय4 कितना श्यादा था? 2ण्3 भ्िान्नों का गुणन आप जानते हैं कि एक आयत का क्षेत्रापफल वैफसे ज्ञात किया जाता है। यह लंबाइर् × चैड़ाइर् के बराबर होता है। यदि किसी आयत की लंबाइर् एवं चैड़ाइर् क्रमशः 7 बउ और 4 बउ है तो इसका क्षेत्रापफल क्या होगा? इसका क्षेत्रापफल 7 × 4 त्र 28 बउ2 होगा। 11 यदि आयत की लंबाइर् एवं चैड़ाइर् क्रमशः 7 बउ एवं 3 बउ है तो इसका क्षेत्रापफल क्या22 1 115 7 15 7 2होगा? आप कहेंगे कि यह 7 × 3 त्र × बउ है। संख्याएँ और भ्िान्न हैं। दिए हुए222222 आयत का क्षेत्रापफल ज्ञात करने के लिए यह ज्ञात करना आवश्यक है कि भ्िान्नों को गुणा वैफसे किया जाए। हम अब इसे सीखेंगे। 2ण्3ण्1 एक भ्िान्न का पूणर् संख्या से गुणन बाईं तरप़फ ;आकृति 2ण्1द्ध में दी हुइर् तस्वीर को देख्िाए । प्रत्येक छायांकित ;ेींकमकद्ध भाग वृत्त का 1 भाग है। दो छायांकित भाग मिलकर वृत्त के कितने411 1 भाग को निरूपित करेंगे? ये ़ त्र 2× को निरूपित करेंगे।44 4दो छायांकित भागों को संयोजित करने पर हम आकृति 2ण्2 को प्राप्त करते हैं। आकृति 2ण्2 का छायांकित भाग वृत्त के किस भाग को निरूपित करेगा? यह वृत्त के 2 भाग को 4 आकृति 2ण्2 इस प्रकार हम कह सकते हैं कि आकृति 2ण्1 के छायांकित टुकड़े मिलकर, आकृति 2ण्2 के छायांकित भाग के समान हैं अथार्त् हमंे आकृति 2ण्3 प्राप्त होती है। आकृति 2ण्3 12 अथवा 2× त्र 44 क्या अब आप बता सकते हैं कि आकृति 2ण्4 किसे निरूपित करेगी? आकृति 2ण्4 और आकृति 2ण्5 किसे निरूपित करेगी? आकृति 2ण्5 आइए अब हम 1 3× 2 ज्ञात करते हैं। 1 3 2 × त्र 1 1 1 3 2 2 2 2 ़ ़ त्र हम यह भी पाते हैं, 1 1 1 2 2 2 ़ ़ त्र 1 1 1 2 ़ ़ त्र त्र 3 2 इसलिए 1 3× 2 त्र 3×1 2 त्र 3 2 इसी प्रकार 2 ×5 3 त्र 2×5 3 त्र घ् क्या आप बता सकते हैं 2 3 7 × त्र घ् 3 4 घ् 5 × त्र अभी तक हमने जितनी भ्िान्नों की चचार् की है अथार्त् 1 ए 2 2 2 ए ए 3 7 और 3 5 वे सभी उचित भ्िान्न हैं। विषम भ्िान्नों के लिए भी हमारे पास हैः 5 2×5 10 2× त्र त्र 3 3 3 प्रयास कीजिए: 8 3× 7 त्र घ् 4× 7 5 त्र घ् अतः किसी पूणर् संख्या को किसी उचित अथवा विषम भ्िान्न से गुणा करने के लिए हम पूणर् संख्या को भ्िान्न के अंश के साथ गुणा करते हैं और भ्िान्न के हर को अपरिवतिर्त या समान रखा जाता है। किसी मिश्रित भ्िान्न को एक पूणर् संख्या से गुणा करने के लिए सवर्प्रथम मिश्रित भ्िान्न को विषम भ्िान्न में परिवतिर्त कीजिए और तब गुणा कीजिए। 5 19 57 1 इसीलिए 3×2 त्र3× त्र त्र 8 7 777 2 22 इसी प्रकार, 2×4 त्र2× त्र घ् 55 भ्िान्न, प्रचालक ‘का’ के रूप में आकृति 2ण्6 को देख्िाए। दो वगर् पूरी तरह से समरूप हैं। प्रत्येक छायांकित टुकड़ा 1 के 1 को निरूपित करता है।2 1 इसलिए दोनों छायांकित टुकड़े मिलकर 2 के को निरूपित करते हंै।2 1 2 छायांकित भागों को संयोजित कीजिए। यह 1 को निरूपित करता है।2 आकृति 2ण्6 11 इस प्रकार हम कहते हैं कि 2 का एक भाग है। हम इसे × 2 त्र 1 के रूप में भी प्राप्त कर22सकते हैं। 11 अतः 2 का त्र × 2 त्र 1 22आकृति 2ण्7 के समरूप वगो± को देख्िाए 1 प्रत्येक छायांकित टुकड़ा एक के 2 भाग को निरूपित करता है। 1 इसलिए तीन छायांकित टुकड़े मिलकर 3 के भाग को निरूपित 2 करते हैं। आकृति 2ण्7तीन छायांकित भागों को संयोजित कीजिए। 13 यह 1 अथार्त् को निरूपित करता है।22 13 13 इसलिए 3 का ए है। और × 3 त्र 22 22 11 3अतः 3 का त्र × 3 त्र 222 इस प्रकार हम देखते हैं कि ‘का’ गुणन को निरूपित करता है। पफरीदा के पास 20 वँफचे हैं। रेशमा के पास पफरीदा के वँफचों का 1 है। रेशमा के पास कितने 5 वँफचे हैं? जैसा कि हम जानते हैं, ‘का’ गुणन को दशार्ता हैं। इसलिए रेशमा के पास 1×20 त्र 4 5वँफचे हैं। 11 16 इसी प्रकार हम पाते हैं कि 16 का ए ×16 त्र त्र 8 है।2221उदाहरण 5 40 विद्याथ्िार्यों की एक कक्षा में वुफल विद्याथ्िार्यों की संख्या का अंग्रेशी पढ़ना 5 2 पसंद करते है, वुफल संख्या का गण्िात पढ़ना पसंद करते हैं और शेष विद्याथीर्5 विज्ञान पढ़ना पसंद करते हैं। ;पद्ध कितने विद्याथीर् अंग्रेशी पढ़ना पसंद करते हैं? ;पपद्ध कितने विद्याथीर् गण्िात पढ़ना पसंद करते हैं? ;पपपद्ध वुफल विद्याथ्िार्यों की संख्या का कितना भाग ;तिंबजपवदद्ध विज्ञान पढ़ना पसंद करता है? हल कक्षा के वुफल विद्याथ्िार्यों की संख्या त्र 40ण् 1 ;पद्ध इनमें से वुफल संख्या का अंग्रेशी पढ़ना पसंद करते हैं।5 1 1 अतः अंग्रेशी पढ़ना पसंद करने वाले विद्याथ्िार्यों की संख्या 40 का त्र × 40 त्र8 है।55 ;पपद्ध स्वयं प्रयास कीजिए। ;पपपद्ध अंग्रेशी एवं गण्िात पसंद करने वाले विद्याथ्िार्यों की संख्या त्र 8 ़ 16 त्र 24 है। अतः विज्ञान पसंद करने वाले विद्याथ्िार्यों की संख्या त्र 40 दृ 24 त्र 16 है। 16 अतः वांछित भ्िान्न है।40 1ण् ;ंद्ध से ;कद्ध तक के रेखाचित्रों मंे निम्नलिख्िात को कौन दशार्ता है: 11 2 1 ;पद्ध 2× ;पपद्ध 2× ;पपपद्ध 3× ;पअद्ध 3× 523 4 ;ंद्ध ;इद्ध ;बद्ध ;कद्ध 2ण् ;ंद्ध से ;बद्ध तक वुफछ चित्रा दिए हुए हैं। बताइए उनमें से कौन निम्नलिख्िात को दशार्ता है: 13 12 31 ;पद्ध 3×त्र ;पपद्ध 2×त्र ;पपपद्ध 3 ×त्र 2 55 33 44 ;ंद्ध ;इद्ध त्र ;बद्ध 3ण् गुणा करके न्यूनतम रूप में लिख्िाए और मिश्रित भ्िाÂ में व्यक्त कीजिए: 31 622 ;पद्ध 7× ;पपद्ध 4× ;पपपद्ध 2× ;पअद्ध 5× ;अद्ध ×4 5 3 793 5 4 413 ;अपद्ध × 6 ;अपपद्ध 11 × ;अपपपद्ध 20 × ;पगद्ध 13 × ;गद्ध 15 × 2 7 535 4ण् छायांकित कीजिए: 2 ;पद्ध बक्सा ;ंद्ध के वृत्तों का 1 भाग ;पपद्ध बक्सा ;इद्ध के त्रिाभुजों का भाग 23 3 ;पपपद्ध बक्सा ;बद्ध के वगो± का भाग 5 ;ंद्ध ;इद्ध ;बद्ध 5ण् ज्ञात कीजिए: 11 22 ;ंद्ध ;पद्ध 24 का ;पपद्ध 46 का ;इद्ध ;पद्ध 18 का ;पपद्ध 27 का 22 33 33 44 ;बद्ध ;पद्ध 16 का ;पपद्ध 36 का ;कद्ध ;पद्ध 20 का ;पपद्ध 35 का 44 55 6ण् गुणा कीजिए और मिश्रित भ्िान्न के रूप में व्यक्त कीजिए: 1 31 ;ंद्ध 3 ×5 ;इद्ध 5× 6 ;बद्ध 7× 2 5 44 11 2 ;कद्ध 4× 6 ;मद्ध 3 × 6 ;द्धि 3 ×8 34 5 7ण् ज्ञात कीजिए:32 55 2 ;ंद्ध ;पद्ध 2 का 1 ;पपद्ध 4 का 1 ;इद्ध ;पद्ध 3 का ;पपद्ध 9 का 5 4 92 26838 8ण् विद्या और प्रताप पिकनिक पर गए। उनकी माँ ने उन्हें 5 लीटर पानी वाली एक बोतल दी। 2 विद्या ने वुफल पानी का उपयोग किया। शेष पानी प्रताप ने पिया।5 ;पद्ध विद्या ने कितना पानी पिया? ;पपद्ध पानी की वुफल मात्रा का कितना भ्िान्न ;तिंबजपवदद्ध प्रताप ने पिया? आकृति 2ण्8 । आकृति 2ण्9 2ण्3ण्2 भ्िान्न का भ्िान्न से गुणन पफरीदा के पास 9 बउ लंबी एक रिबन की पटी थी। उसने इस पटð ी को चार समान भागों मंे काटा।ð उसने यह किस प्रकार किया? उसने पटी को दो बार मोड़ा। प्रत्येक भाग वुफल लंबाइर् के किस भ्िान्नð 9 को निरूपित करेगा। प्रत्येक भाग, पटðी का होगा। उसने इनमें से एक भाग लिया और इस भाग4 को एक बार मोड़ते हुए इसे दो बराबर भागों में बाँट दिया। इन दो टुकड़ों में से एक टुकड़ा क्या 9 11 9 निरूपित करेगा? यह का अथार्त् × को निरूपित करेगा।4 224 9आइए देखते हैं कि दो भ्िान्नों का गुणनपफल जैसे 1 × को वैफसे ज्ञात किया जाए। 2 41इसे ज्ञात करने के लिए आइए सवर्प्रथम हम 1× जैसा गुणनपफल ज्ञात करना सीखते हैं। 23 1 ;ंद्ध किसी संपूणर् भाग का हम वैफसे ज्ञात करते हैं? हम संपूणर् को तीन समान भागों में बाँटते31 है। तीनों में से प्रत्येक भाग संपूणर् के भाग को निरूपित करता है। इन तीनों में से एक3 हिस्सा लीजिए और इसे छायांकित कर दीजिए जैसा कि आकृति 2ण्8 में दशार्या गया है। 11 ;इद्ध आप इस छायांकित भाग का भाग वैफसे ज्ञात करोगे? इस छायांकित एक तिहाइर् ;द्ध भाग 23 11 को 2 समान भागों में बाँटिए। इन दोनों में से प्रत्येक भाग के को निरूपित करता है32 11 अथार्त् × को निरूपित करता है ;आकृति 2ण्9द्ध। 23 इन दो भागों में से एक को बाहर निकाल लीजिए और इसे ष्।ष् नाम दे दीजिए। 11 ष्।ष् × को निरूपित करता है।23 1 ;बद्ध ष्।ष् संपूणर् का कितना भाग है? यह जानने के लिए शेष भागों में से प्रत्येक को 2 समान 3 भागों में बाँटिए। अब आपके पास ऐसे कितने समान भाग हैं? ऐसे 6 समान भाग हैं। ष्।ष् इनमें से एक भाग है। 1 111 अतः ष्।ष् संपूणर् का भाग है। इस प्रकार × त्र 6 236 1 हमने यह वैफसे निणर्य लिया कि ष्।ष् संपूणर् का भाग है? संपूणर् को 2 × 3 त्र 6 भागों में बाँटा6 गया और 1 भाग इसमंे से बाहर निकाला गया। 111 1×1 अतः × त्र त्र 2362×3 1 1 1×1 अथवा × त्र 232×3 11 × का मान भी इसी प्रकार ज्ञात किया जा सकता है। संपूणर् को 2 समान भागों में बाँटिए32 और तब इनमें से किसी एक भाग को 3 समान भागों में बाँटिए। इनमें से एक भाग को लीजिए। 1यह 1 अथार्त् 1 भाग को निरूपित करेगा।× 32 6 111 1×1 इसलिए जैसा कि पहले चचार् की जा चुकी है × त्र त्र 3× 2 3 2 6 अतः 1 × 1 त्र 1 × 1 त्र 1 2 3 3 2 6 1 3 × 1 4 और 1 4 × 1 3 य 1 2 × 1 5 और 1 5 × 1 2 ज्ञात कीजिए और जाँच कीजिए कि क्या आप 1 3 × 1 4 त्र 1 4 × 1 3 य 1 2 × 1 5 त्र 1 5 × 1 2 पाते हैं? 1 1उदाहरण 6 सुशांत एक घंटे में किसी पुस्तक का भाग पढ़ता है। वह 2 घंटों में पुस्तक3 5 का कितना भाग पढ़ेगा? 1 हल सुशांत द्वारा 1 घंटे में पुस्तक का पढ़ा हुआ भाग त्र ण् 3 1 1 1 इसलिए 2 घंटे में उसके द्वारा पुस्तक का पढ़ा हुआ भाग त्र 2 × 5 5 3 11 1 11 1 11 त्र त्र 5 × 3 5 3 त्र 15 आइए अब हम 1 2 × ज्ञात करते हैं। हम जानते हैं कि त्र × 5 ण् 1 5 1 1 1 5 5 त्र 23 23 66 5 1×5 15 1×5 5 2×3 2×3 6 236 111 236 15 3 1 3×1 3 5 7 5 × 7 35 2 7 2 7 2 × 7 14 3 5 3 5 3 × 5 15 के रूप में करते हैं। गुणनपफल का मान आपने देखा है कि दो पूणर् संख्याओं का गुणनपफल उन दोनों संख्याओं में से प्रत्येक से बड़ा होता है। उदाहरणाथर् 3 × 4 त्र 12 और 12 झ 4ए 12 झ 3ण् जब हम दो भ्िान्नों को गुणा करते हैं तो गुणनपफल के मान को दिए गए भ्िान्नांे से तुलना कीजिए? आइए सवर्प्रथम हम दो उचित भ्िान्नों के गुणनपफल की चचार् करते हैं। हम पाते हैं, 2 4 8 × 3 5 15 त्र 8 15 ढ ढ 2 3 8 15 4 5 ए गुणनपफल प्रत्येक भ्िान्न से कम है। 1 2 × 5 7 त्र ........ ........ए........ ..................................... 3 × 5 8 क् त्र 21 40 ........ए........ ..................................... 2 4 × 9क् त्र 8 45 ........ए........ ..................................... आप पाते हैं कि जब दो उचित भ्िान्नों को गुणा किया जाता हैं तो गुणनपफल दोनों भ्िान्नों से कम होता है। अथार्त् दो उचित भ्िान्नों के गुणनपफल का मान दोनों भ्िान्नों में से प्रत्येक से छोटा होता है। पाँच और उदाहरण बनाकर इसकी जाँच कीजिए। आइए अब हम दो विषम भ्िान्नों को गुणा करते हैं। 7 5 35 3 2 6 × त्र 35 6 7 3 35 6 5 2 झ झए गुणनपफल प्रत्येक भ्िान्न से बड़ा है। 6 24 5 3 15 × त्र क् ........ए........ ......................................... 9 7 63 2 8 × त्र क् ........ए........ ......................................... 3 8 24 7 14 × त्र क् ........ए....... ....................................... हम पाते हैं कि दो विषम भ्िान्नों का गुणनपफल उनमें से प्रत्येक भ्िान्न से बड़ा है। अथवा दो विषम भ्िान्नों के गुणनपफल का मान उनमें से प्रत्येक भ्िान्न से अध्िक है। ऐसे पाँच और उदाहरणों को बनाइए और उपयुर्क्त कथन को सत्यापित कीजिए। आइए अब हम एक उचित और एक विषम भ्िान्न को गुणा करते हैं। मान लीजिए 2 3 और 7 5 को। हम पाते हैं: 2 3 × 7 5 त्र 14 15 ण् यहाँ, 14 15 ढ 7 5 और 14 15 झ 2 3 प्राप्त गुणनपफल, गुणन में उपयोग किए गए विषम भ्िान्न से कम है और उचित भ्िान्न से श्यादा है। 628 4 ×ए × के लिए भी गुणनपफल की जाँच कीजिए।573 5 1ण् ज्ञात कीजिए: 1131 41 ;पद्ध ;ंद्ध का ;इद्ध का ;बद्ध का 4454 34 2161 31 ;पपद्ध ;ंद्ध का ;इद्ध का ;बद्ध का 9 7 57 10 7 2ण् गुणा कीजिए और न्यूनतम रूप में बदलिए ;यदि संभव हैद्ध: 2227 36 93 ;पद्ध × 2 ;पपद्ध × ;पपपद्ध × ;पअद्ध × 3379 84 55 115 11 3 412 ;अद्ध × ;अपद्ध × ;अपपद्ध × 38 210 57 3ण् निम्नलिख्िात भ्िान्नों को गुणा कीजिएः 2127 31 53 ;पद्ध ×5 ;पपद्ध 6 × ;पपपद्ध ×5 ;पअद्ध × 2 5459 23 67 243 43 ;अद्ध 3 × ;अपद्ध 2 ×3 ;अपपद्ध 3 × 575 75 4ण् कौन बड़ा है: 3253 6132 ;पद्ध का अथवा का ;पपद्ध का अथवा का 4785 7273 5ण् सैली अपने बगीचे में चार छोटे पौध्े एक पंक्ित में लगाती है। दो क्रमागत छोटे पौधों के बीच की दूरी 3 उ है। प्रथम एवं अंतिम पौध्े के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।46ण् लिपिका एक पुस्तक को प्रतिदिन 13 घंटे पढ़ती है। वह संपूणर् पुस्तक को 6 दिनों में पढ़ती 4 है। उस पुस्तक को पढ़ने में उसने वुफल कितने घंटे लगाए? 3 7ण् एक कार 1 लिटर पैट्रोल में 16 किमी दौड़ती है। 2 लिटर पैट्रोल में यह कार वुफल कितनी4 दूरी तय करेगी? 10 त्र ।8ण् ;ंद्ध ;पद्ध बक्साए में संख्या लिख्िाए, ताकि 2 × 3 30 ;पपद्ध में प्राप्त संख्या का न्यूनतम रूप ऋऋऋऋऋ है । 3 24 त्र ।;इद्ध ;पद्ध बक्साए में संख्या लिख्िाए, ताकि × 5 75 ;पपद्ध में प्राप्त संख्या का न्यूनतम रूप ऋऋऋऋऋ है। 2ण्4 भ्िान्नों की भाग जाॅन के पास 6 बउ लंबी कागश की एक पटðी है। वह इस पटी कोð 2 बउ लंबी छोटी पटिðयों में काटता है। आप जानते हैं कि वह 6 झ् 2 त्र3 पटिðयाँ प्राप्त करेगा। जाॅन 6 बउ लंबाइर् वाली 3 एक दूसरी पटी कोð बउ लंबाइर् वाली छोटी पटियों में काटता है। अब उसको कितनी छोटीð 2 3 पटियाँ प्राप्त होंगी? वहð 6 झ् पटिðयाँ प्राप्त करेगा।2 एक 15 2 बउ लंबाइर् वाली पटी कोð 3 2 बउ लंबाइर् वाली छोटी पटिðयों में काटा जा सकता है जिससे हमें 15 2 झ् 3 2 टुकड़े प्राप्त होंगे। अतः, हमें एक पूणर् संख्या को किसी भ्िान्न से अथवा एक भ्िान्न को दूसरी भ्िान्न से भाग देने की आवश्यकता है। आइए हम देखते हैं कि इसे वैफसे करना है। 2ण्4ण्1 भ्िान्न से पूणर् संख्या की भाग 1 आइए 1झ् ज्ञात करते हैं।2 हम किसी संपूणर् को वुफछ बराबर भागों में इस प्रकार बाँटते हैं ताकि प्रत्येक भाग संपूणर् का 11 आध है। ऐसे आध्े ;द्ध भागों की संख्या 1झ् होगी। आकृति 2ण्11 को देख्िाए। आपको कितने22 आध्े भाग दिखाइर् देते हैं? ऐसे दो आध्े भाग हैं। 12 1 2 इसलिए 1 झ् त्र 2ण् साथ ही 1× त्र 1 × 2 त्र 2 अतः 1 झ् त्र 1 × 21 21 1 11 आकृति 2ण्11 इसी प्रकार, 3 झ् त्र 3 संपूणो± में से प्रत्येक को समान भागों में बाँटने पर, भागों की संख्या444 त्र 12 ;आकृति 2ण्12 सेद्ध आकृ ति 2ण्12 4 14 यह भी देख्िाए कि 3× त्र 3 × 4 त्र 12ण् इस प्रकार, 3 झ्त्र 3 त्र 12ण् 141 12 इसी प्रकार 3 झ् और 3× ज्ञात कीजिए।21 भ्िान्न का व्युत्क्रम 1 12 के अंश एवं हर को परस्पर बदलने पर अथवा का प्रतिलोम करने पर संख्या प्राप्त 2 211 3 की जा सकती है। इसी प्रकार का प्रतिलेाम करने पर प्राप्त होता है।3 1 आइए सवर्प्रथम हम ऐसी संख्याओं के प्रतिलोम के बारे मंे चचार् करते हैं। निम्नलिख्िात गुणनपफलों को देख्िाए और रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए: 1 5 4 7× त्र 1 × त्र ........ 7 4 5 1 2 9× त्र ..... × .......त्र 1 9 7 2 3 2 3× 6 5 × त्र त्र त्र 1 ......× त्र 1 3 2 3 2× 6 9 ऐसे पाँच और युग्मों को गुणा कीजिए। ऐसी शून्येतर संख्याएँ जिनका परस्पर गुणनपफल 1 है, एक दूसरे के व्युत्क्रम कहलाती हैं। 5 99 512 इस प्रकार का व्युत्क्रम है और का व्युत्क्रम है। ए के व्युत्क्रम क्या हैे?9 55 997 23 आप देखेंगे कि का प्रतिलोम करने पर इसका व्युत्क्रम प्राप्त होता है। आप इस प्रकार प्राप्त 3 2करते हैं। ;पद्ध क्या एक उचित भ्िान्न का व्युत्क्रम भी उचित भ्िान्न होगी? ;पपद्ध क्या एक विषम भ्िान्न का व्युत्क्रम भी एक विषम भ्िान्न होगा? इसलिए हम कह सकते हैं कि 1 झ् 1 2 त्र 2 1 1 × त्र 1 × ; 1 2 का व्युत्क्रमद्ध 3 झ् 1 4 त्र 4 3× 1 त्र 3 × ; 1 4 का व्युत्क्रमद्ध 1 3 झ् त्र ...... त्र ......................ण् 2 अतः, 2 झ् 3 4 त्र 2 × ; 3 4 का व्युत्क्रमद्ध त्र 2× 4 3 ण् 2 5 झ् त्र 5 × ................... त्र 5 × ............ 9 इस प्रकार किसी पूणर् संख्या को एक भ्िान्न से भाग करने के लिए उस पूणर् संख्या को उस भ्िान्न के व्युत्क्रम से गुणा कर दीजिए। किसी पूणर् संख्या को एक मिश्रित भ्िान्न से भाग करते समय, सवर्प्रथम मिश्रित भ्िान्न को विषम भ्िान्न में परिवतिर्त कीजिए और तब इसको हल कीजिए। 2 12 1 10 इस प्रकार 4 झ् 2 त्र 4 झ् त्र घ् साथ ही 5 झ् 3 त्र 3 झ् त्र घ् 55 332ण्4ण्2 पूणर् संख्या से भ्िान्न की भाग 3 झ् 3 का मान क्या होगा?4 33 31 31 पूवर् प्रेक्षणों के आधर पर हम पाते हैं: 3 झ् 3 त्र झ् त्र × त्र त्र 41 43124 2 21 52 4 अतः, झ् 7 त्र × त्र घ् झ् 6 ए झ् 8 के मान क्या हैं?3 37 77 मिश्रित भ्िान्नों को पूणर् संख्या से भाग करते समय मिश्रित भ्िान्न को विषम भ्िान्न में परिवतिर्त कीजिए। अथार्त् 28 2 3 2 झ् 5 त्र झ् 5 त्र ...... य 4 झ्3 त्र ...... त्र ......2 झ्2 त्र ...... त्र ...33 5 5 2ण्4ण्3 एक भ्िान्न की दूसरी भ्िान्न से भाग अब हम 1 झ् 6 ज्ञात कर सकते हैं।35 16 16 162 झ् त्र × ; का व्युत्क्रमद्धत्र × त्र 3535 355 8282 13इसी प्रकार, झ्त्र × ; का व्युत्क्रमद्ध त्र घ् और झ् त्र घ् 5 353 241ण् ज्ञात कीजिएः 3 5 7 8 ;पद्ध 12 झ् 4 ;पपद्ध 14 झ् 6 ;पपपद्ध 8 झ् 3 ;पअद्ध 4 3 झ् 1 4 ;अद्ध 3 2 3 झ् ;अपद्ध 5 3 7 झ् 2ण् निम्नलिख्िात भ्िान्नों में से प्रत्येक का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए। व्युत्क्रमों को उचित भ्िान्न, विषम भ्िान्न एवं पूणर् संख्या के रूप में वगीर्कृत कीजिए। ;पद्ध 3 7 ;पपद्ध 5 8 ;पपपद्ध 9 7 ;पअद्ध 6 5 ;अद्ध 12 7 ;अपद्ध 1 8 ;अपपद्ध 1 11 3ण् ज्ञात कीजिएः ;पद्ध 7 2 3 झ् ;पपद्ध 4 5 9 झ् ;पपपद्ध 6 7 13 झ् ;पअद्ध 4 1 3 झ् 3 ;अद्ध 1 3 4 2 झ् ;अपद्ध 3 4 7 7 झ् 4ण् ज्ञात कीजिएः 2 1 4 2 3 8 1 3 1 8 ;पद्ध 5 झ् 2 ;पपद्ध 9 झ् 3 ;पपपद्ध 7 झ् 7 ;पअद्ध 2 3 5 झ् ;अद्ध 3 2 झ् 3 2 1 1 2 1 1 ;अपद्ध 5 1 2 झ् ;अपपद्ध 3 5 1 3 झ् ;अपपपद्ध 2 5 1 5 झ् 2ण्5 दशमलव संख्याओं के बारे मंे आप कितनी अच्छी तरह पढ़ चुके हैं आपने पिछली कक्षाओं में दशमलव संख्याओं के बारे में अध्ययन किया है। आइए यहाँ हम संक्ष्िाप्त में इनका स्मरण करते हैं। निम्नलिख्िात सारणी को देख्िाए और रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए: सैकड़ा ;100द्ध दहाइर् ;10द्ध इकाइर् ;1द्ध दशांश 1 10 शतांश 1 100 सहड्डांश 1 1000 संख्या 2 5 3 1 4 7 253ण्147 6 2 9 3 2 1 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 0 4 3 1 9 2 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 1 4 2 5 1 514ण्251 2 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 6 5 1 2 236ण्512 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 2 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 5 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 3 724ण्503 6 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 4 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 2 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 614ण्326 0 1 0 5 3 0 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् उपयुर्क्त सारणी में आपने ऐसी दशमलव संख्याएँ लिखी हैं जिनका प्रसारित स्थानीय मान दिया हुआ था। आप विलोम भी कर सकते हैं। अथार्त् यदि आपको संख्या दी हुइर् है तो आप इसका प्रसारित रूप लिख सकते हंै। उदाहरणतः 11 1 253ण्417 त्र 2 × 100 ़ 5 × 10 ़ 3 × 1 ़ 4 × ़ 1 × ़ 7 × 101001000 जाॅन के पास ृ 15ण्50 हैं और सलमा के पास ृ 15ण्75 हैं। किसके पास अिाक ध्न है? इसे ज्ञात करने के लिए हमें दशमलव संख्याआंे 15ण्50 एवं 15ण्75 की तुलना करने की आवश्यकता है। इसके लिए हम सवर्प्रथम दशमलव ¯बदु के सबसे बाईं तरप़फ के अंक से शुरू करते हुए बाईं तरपफ के अंकों की तुलना करते हैं। यहाँ ¯बदु के बाईं तरप़फ के दोनों अंक 1 और 5 दोनों संख्याओं में एक जैसे हैं। इसलिए हम दशांश स्थान से शुरू करते हुए दशमलव ¯बदु के दाईं तरप़फ के अंकों की तुलना करते हैं। हम पाते हैं कि 5 ढ 7ए इस प्रकार हम कहते हैं कि 15ण्50 ढ 15ण्75ण् अतः सलमा के पास जाॅन से अध्िक ध्न है। यदि दशांश स्थान के अंक भी एक जैसे हैं तो शतांश स्थान के अंकों की तुलना कीजिए और इसी प्रकार आगे कीजिए। अब तुरंत 35ण्63 और 35ण्67य 20ण्1 और 20ण्01य 19ण्36 और 29ण्36 की तुलना कीजिए। धन, लंबाइर् और भार की निम्न इकाइर् को उच्च इकाइर् में परिवतिर्त करते समय हमें दशमलव 3 की आवश्यकता होती है। उदाहरणतः 3 पैसे त्र ृ त्र ृ 0ण्03,100 5 7 5 ह त्र ाह त्र 0ण्005 ाह ए 7 बउ त्र त्र 0ण्07 उ 1000100 75 पैसे त्र ृ ऋऋऋऋऋऋ, 250 ह त्र ऋऋऋऋऋ ाहए 85 बउ त्र ऋऋऋऋऋ उ, लिख्िाए हम यह भी जानते हैं कि दशमलवों को वैफसे जोड़ा और घटाया जाता है। इस प्रकार 21ण्36 ़ 37ण्35 है 21ण्36 ़ 37ण्35 58ण्71 0ण्19 ़ 2ण्3 का मान क्या है? 29ण्35 − 4ण्56 का अंतर है 29ण्35 − 04ण्56 24ण्79 39ण्87 − 21ण्98 का मान बताइए। 1ण् कौन बड़ा है? ;पद्ध 0ण्5 अथवा 0ण्05 ;पपद्ध 0ण्7 अथवा 0ण्5 ;पपपद्ध 7 अथवा 0ण्7 ;पअद्ध 1ण्37 अथवा 1ण्49 ;अद्ध 2ण्03 अथवा 2ण्30 ;अपद्ध 0ण्8 अथवा 0ण्88ण् 2ण् दशमलव का उपयोग करते हुए निम्नलिख्िात को रुपये के रूप में व्यक्त कीजिए: ;पद्ध 7 पैसे ;पपद्ध 7 रुपये 7 पैसे ;पपपद्ध 77 रुपये 77 पैसे ;पअद्ध 50 पैसे ;अद्ध 235 पैसे 3ण् ;पद्ध 5 बउ को उ एवं ाउ में व्यक्त कीजिए। ;पपद्ध 35 उउ को बउ, उ एवं ाउ में व्यक्त कीजिए। 4ण् निम्नलिख्िात को ाह में व्यक्त कीजिए: ;पद्ध 200 हउ ;पपद्ध 3470 हउ ;पपपद्ध 4 ाह 8 ह 5ण् निम्नलिख्िात दशमलव संख्याओं को विस्तारित रूप में लिख्िाए: ;पद्ध 20ण्03 ;पपद्ध 2ण्03 ;पपपद्ध 200ण्03 ;पअद्ध 2ण्034 6ण् निम्नलिख्िात दशमलव संख्याओं में 2 का स्थानीय मान लिख्िाए: ;पद्ध 2ण्56 ;पपद्ध 21ण्37 ;पपपद्ध 10ण्25 ;पअद्ध 9ण्42 ;अद्ध 63ण्352ण् 7ण् दिनेश स्थान। से स्थान ठ तक गया और वहाँ से स्थान ब् तक गया। । से ठ की दूरी 7ण्5 ाउ है और ठ से ब् की दूरी 12ण्7 ाउ है। अयूब स्थान । से स्थान क् तक गया और वहाँ से वह स्थान ब् को गया। । से ब् की दूरी 9ण्3 ाउ है और क् से ब् की दूरी 11ण्8 ाउ है। किसने श्यादा दूरी तय की और वह दूरी कितनी अध्िक थी? 8ण् श्यामा ने 5 ाह 300 ह सेब और 3 ाह 250 ह आम खरीदे। सरला ने 4 ाह 800 ह संतरे और 4 ाह 150 ह केले खरीदे। किसने अध्िक पफल खरीदे? 9ण् 28 ाउ, 42ण्6 ाउ से कितना कम है? 2ण्6 दशमलव संख्याओं का गुणन रेशमा ने ृ निश्िचत रूप से यह ृ वैफसे गुणा किया जाता है। आइए अब दो दशमलव संख्याओं के गुणन को सीखते हैं। सवर्प्रथम हम 0ण्1 × 0ण्1 ज्ञात करते हैं। 1 11 1×1 1 अब 0ण्1 त्र ए इसलिए 0ण्1 ×0ण्1 त्र × त्र त्र 10 10 1010×10100आइए इसका सचित्रा निरूपण देखते हैं। ; आकृति 2ण्13द्ध 1 भ्िान्न ए 10 समान भागों में से एक को निरूपित करती है।10 1 चित्रा में छायांकित भाग को निरूपित करता है।10 हम जानते हैं कि 1111 1 × का अथर् है का ण् इसलिए इस वें भाग को 10 10 10 10 10 10 बराबर भागों में बाँटिए और इनमें से एक भाग को लीजिए। आकृति 2ण्13 इस प्रकार हम पाते हैं ;आकृति 2ण्14द्ध कि आकृति 2ण्14 1 10 वें भाग के 10 भागों में एक भाग ¯बदु द्वारा चिित वगर् है। अथार्त् यह 1 10 1 × 10 अथवा 0ण्1 × 0ण्1 को निरूपित करता है। क्या ¯बदु वगर् को किसी दूसरी विध्ि से निरूपित किया जा सकता है? आप आकृति 2ण्14 में कितने छोटे वगर् पाते हैं। इसमें 100 छोटे वगर् हैं। इस प्रकार ¯बदु द्वारा चिित वगर् 100 में से एक को निरूपित करता है अथार्त् 0ण्01 को निरूपित करता है। अतः 0ण्1 × 0ण्1 त्र 0ण्01ण् ध्यान दीजिए 0ण्1 गुणनपफल में दो बार सम्िमलित है। 0ण्1 में दशमलव ¯बदु के दाईं तरप़फ एक अंक है। 0ण्01 में दशमलव ¯बदु के दाईं तरप़फ दो ;अथार्त् 1 ़ 1द्ध अंक हैं। आइए अब हम 0ण्2 × 0ण्3 ज्ञात करते हैं। 23 हम पाते हैं, 0ण्2 ×0ण्3 त्र × 10 10 11 जैसे हमने ए के लिए किया है, वैसे ही आइए हम वगर् को10 10 3 10 समान भागों में बाँटते हैं और प्राप्त करने के लिए इनमें से 3 10 भागों को बाहर निकाल लेते हैं। पिफर से इन 3 समान भागों में से प्रत्येक भाग को 10 समान भागों में बाँटिए और प्रत्येक में से 2 ले लीजिए। इस 23आकृति 2ण्15 प्रकार हम × प्राप्त करते हैं। 10 10 3¯बदु द्वारा चिित वगर्, 2× अथार्त् 0ण्2 × 0ण्3 को निरूपित करते हैं ;आकृति 2ण्15 देख्िाएद्ध10 10 क्योंकि 100 में से 6 ¯बदु द्वारा चिित वगर् हैं अतः ये 0ण्06 को भी निरूपित करते हैं। इस प्रकार 0ण्2 × 0ण्3 त्र 0ण्06ण् ध्यान दीजिए कि 2 × 3 त्र 6 और 0ण्06 में दशमलव ¯बदु से दाईं तरप़फ अंकों की संख्या 2 ;त्र 1 ़ 1द्ध हैं। जाँच कीजिए कि क्या यह 0ण्1 × 0ण्1 के लिए भी उचित है। इन प्रेक्षणों का उपयोग करते हुए 0ण्2 × 0ण्4 ज्ञात कीजिए। 0ण्1 × 0ण्1 और 0ण्2 × 0ण्3 ज्ञात करते समय संभवतः आपने ध्यान दिया होगा कि सवर्प्रथम हमने दशमलव ¯बदु की उपेक्षा करते हुए पूणर् संख्याओं के रूप में गुणा किया था। 0ण्1 × 0ण्1 में हमने पाया, 01 × 01 अथार्त् 1 ×1 इसी प्रकार 0ण्2 × 0ण्3 में हमने पाया, 02 × 03 त्र 2 × 3ण् तब हमने सबसे दाईं तरप़फ के अंक से शुरू करते हुए और बाईं तरप़फ चलते हुए अंकों की संख्या को गिना। तब हमने वहाँ दशमलव ¯बदु रखा। गिने जाने वाले अंकों की संख्या, गुणा की जा रही दशमलव संख्याओं के दशमलव ¯बदु के दाईं तरप़फ के अंकों की संख्या का योग करने पर प्राप्त होती है। आइए अब हम 1ण्2 × 2ण्5 ज्ञात करते हैं। 12 एवं 25 को गुणा कीजिए। हम 300 अंक प्राप्त करते हैं। 1ण्2 और 2ण्5 दोनों में दशमलव ¯बदु के दाईं तरपफ एक अंक है। इसलिए 300 में सबसे दाईं तरपफ से 1 ़ 1 त्र 2 अंक गिन लीजिए ;अथार्त् 0द्ध और बाईं तरप़फ चलिए। हम 3ण्00 अथार्त् 3 प्राप्त करते हैं इसी प्रकार 1ण्5 × 1ण्6ए 2ण्4 × 4ण्2 ज्ञात कीजिए। 2ण्5 और 1ण्25 को गुणा करते समय सवर्प्रथम आप 25 एवं 125 को गुणा करेंगे। प्राप्त गुणनपफल में दशमलव रखने के लिए आप सबसे दाईं तरप़फ के अंक से शुरू करते हुए 1 ़ 2 त्र 3 ;क्योंद्ध? अंक गिनेंगे। अतः 2ण्5 × 1ण्25 त्र 3ण्225। 2ण्7 × 1ण्35 ज्ञात कीजिए। उदाहरण 7 एक समबाहु त्रिाभुज की भुजा 3ण्5 बउ है। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए। हल समबाहु त्रिाभुज की सभी भुजाएँ समान होती हैं। इसलिए, प्रत्येक भुजा की लंबाइर् त्र 3ण्5 बउ। अतः परिमाप त्र 3 × 3ण्5 बउ त्र 10ण्5 बउ उदाहरण 8 एक आयत की लंबाइर् 7ण्1 बउ और इसकी चैड़ाइर् 2ण्5 बउ है। आयत का क्षेत्रापफल क्या है? हल आयत की लंबाइर् त्र 7ण्1 बउ आयत की चैड़ाइर् त्र 2ण्5 बउ इसलिए आयत का क्षेत्रापफल त्र 7ण्1 बउ × 2ण्5 बउ त्र 17ण्75 बउ2 2ण्6ण्1 दशमलव संख्याओं का 10ए100 और 1000 से गुणन 23 235 रेशमा ने देखा कि 2ण्3 त्र है जबकि 2ण्35 त्र ण् अतः उसने पाया कि दशमलव ¯बदु की10 100 स्िथति पर निभर्र करते हुए दशमलव संख्या को 10 अथवा 100 हर वाली भ्िान्न के रूप में परिवतिर्त किया जा सकता है। उसने सोचा कि यदि किसी दशमलव संख्या को 10 अथवा 100 अथवा 1000 से गुणा किया जाए तो क्या होगा? आइए देखते हैं क्या हम दशमलव संख्याओं को 10 अथवा 100 अथवा 1000 से गुणा करने का कोइर् प्रतिरूप ;पैटनर्द्ध प्राप्त कर सकते हैं। नीचे दी हुइर् सारणी को देख्िाए और रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए: 1ण्76 × 10 त्र 176 100 × 10 त्र 17ण्6 1ण्76 × 100 त्र 176 100 × 100 त्र 176 या 176ण्0 1ण्76 × 1000 त्र 176 100 × 1000 त्र 1760 या 1760ण्0 2ण्35 ×10 त्रऋऋऋ 2ण्35 ×100 त्र ऋऋऋ 2ण्35 ×1000 त्र ऋऋऋ 12ण्356 × 10 त्रऋऋऋ 12ण्356 × 100 त्रऋऋऋ 12ण्356 × 1000 त्र ऋऋऋ 0ण्5 × 10 त्र 5 10 × 10 त्र 5 य 0ण्5 × 100 त्र ऋऋऋ य 0ण्5 × 1000 त्र ऋऋऋ सारणी में गुणनपफल के दशमलव ¯बदु के विस्थापन को देख्िाए। यहाँ संख्याओं को 10ए100 एवं 1000 से गुणा किया गया है। 1ण्76 × 10 त्र 17ण्6 में अंक वही हैं अथार्त् दोनों तरप़फ 1ए 7 और 6 है। क्या आपने इसे दूसरे गुणनपफलों में भी देखा है? 1ण्76 और 17ण्6 को भी देख्िाए। दशमलव ¯बदु दाईं अथवा बाईं, किस तरप़फ विस्थापित हुआ है ध्यान दीजिए 10 में 1 के अतिरिक्त एक शून्य है। 1ण्76×100 त्र 176ण्0 में, 1ण्76 एवं 176ण्0 को देख्िाये कि किस तरपफ और कितने स्थानों से दशमलव ¯बदु का विस्थापन हुआ है। दशमलव ¯बदु दाईं तरप़फ दो स्थानों से विस्थापित हुआ है।ध्यान दीजिए 100 में 1 के अतिरिक्त दो शून्य है। क्या आप दूसरे गुणनपफलों में भी दशमलव ¯बदु का इसी प्रकार का विस्थापन देखते हैं? इस प्रकार हम कहते हैं कि जब किसी दशमलव संख्या को 10ए 100 अथवा 1000 से गुणा किया जाता है तो गुणनपफल के अंक वही होते हैं जो अंक दशमलव संख्या मंे होते हैं परंतु गुणनपफल में दशमलव ¯बदु दाईं तरपफ उतने ही स्थानों से विस्थापित होता है जितने 1 के अतिरिक्त शून्य होते हैं। इन प्रेक्षणों के आधर पर अब हम कह सकते हैं किः 0ण्07 × 10 त्र 0ण्7ए 0ण्07 × 100 त्र 7 और 0ण्07 × 1000 त्र 70ण् क्या अब आप बता सकते हैं कि 2ण्97 × 10 त्र घ् 2ण्97 × 100 त्र घ् 2ण्97 × 1000 त्र घ् क्या अब आप रेशमा द्वारा भुगतान किए जाने वाली राश्िा अथार्त् ृ 8ण्50 × 150, ज्ञात करने मंे उसकी सहायता कर सकते हैं? 1ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 0ण्2 × 6 ;पपद्ध 8 × 4ण्6 ;पपपद्ध 2ण्71 × 5 ;पअद्ध 20ण्1 × 4 ;अद्ध 0ण्05 × 7 ;अपद्ध 211ण्02 × 4 ;अपपद्ध 2 × 0ण्86 2ण् एक आयत का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए जिसकी लंबाइर् 5ण्7 बउ और चैड़ाइर् 3 बउ है। 3ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 1ण्3 × 10 ;पपद्ध 36ण्8 × 10 ;पपपद्ध 153ण्7 × 10 ;पअद्ध 168ण्07 × 10 ;अद्ध 31ण्1 × 100 ;अपद्ध 156ण्1 × 100 ;अपपद्ध 3ण्62 × 100 ;अपपपद्ध 43ण्07 × 100 ;पगद्ध 0ण्5 × 10 ;गद्ध 0ण्08 × 10 ;गपद्ध 0ण्9 × 100 ;गपपद्ध 0ण्03 × 1000 4ण् एक दुपहिया वाहन एक लीटर पैट्रोल में 55ण्3 ाउ की दूरी तय करता है। 10 लीटर पैट्रोल में वह कितनी दूरी तय करेगा? 5ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 2ण्5 × 0ण्3 ;पपद्ध 0ण्1 × 51ण्7 ;पपपद्ध 0ण्2 × 316ण्8 ;पअद्ध 1ण्3 × 3ण्1 ;अद्ध 0ण्5 × 0ण्05 ;अपद्ध 11ण्2 × 0ण्15 ;अपपद्ध 1ण्07 × 0ण्02 ;अपपपद्ध 10ण्05 × 1ण्05 ;पगद्ध 101ण्01 × 0ण्01 ;गद्ध 100ण्01 × 1ण्1 2ण्7 दशमलव संख्याओं की भाग सविता अपनी कक्षा की सजावट के लिए एक डिजाइर्न तैयार कर रही थी। उसे1ण्9 बउ लंबाइर् वाली वुफछ रंगीन कागश की पटियों की आवश्यकता थी। उसके पासð 9ण्5 बउ लंबाइर् वाली एक रंगीन कागश की पटðी थी। इस पटðी मंे से वह अभीष्ट लंबाइर् के कितने टुकड़े प्राप्त कर सकेगी। उसने सोचा शायद यह 9ण्5 होगा। क्या यह सही है? 1ण्9 9ण्5 और 1ण्9 दोनों ही दशमलव संख्याएँ हैं। इसलिए हमें दशमलव संख्याओं की भाग भी जानने की आवश्यकता है। 2ण्7ण्1 10ए 100 और 1000 से भाग आइए अब हम एक दशमलव संख्या की 10ए 100 और 1000 से भाग ज्ञात करते हैं। आइए हम 31ण्5 झ् 10 ज्ञात करते हैं। 315 1 315 31ण्5 झ् 10 त्र × त्र त्र 3ण्15 10 10100315 1 315 इसी प्रकार 31 5 ण् झ्100 त्र त्रत्र 0 315ण् 10 100 1000 आइए हम यह देखते हैं कि क्या हम संख्याओं को 10ए 100 अथवा 1000 से भाग करने का कोइर् प्रतिरूप ज्ञात कर सकते हैं। यह संख्याओं को 10ए 100 अथवा 1000 से, संक्ष्िाप्त विध्ि से भाग करने में हमारी सहायता कर सकता है। 31ण्5 झ् 10 त्र 3ण्15 231ण्5 झ् 10 त्रऋऋऋ 1ण्5 झ् 10 त्रऋऋऋ 29ण्36 झ् 10 त्रऋऋऋ 31ण्5 झ् 100 त्र 0ण्315 231ण्5 झ् 100 त्रऋऋऋ 1ण्5 झ् 100 त्रऋऋऋ 29ण्36 झ् 100 त्रऋऋऋ 31ण्5 झ्1000 त्र 0ण्0315 231ण्5 झ् 1000 त्रऋऋऋ 1ण्5 झ् 1000 त्रऋऋऋ 29ण्36 झ्1000 त्रऋऋऋ 31ण्5 झ् 10 त्र 3ण्15 को लीजिए। 31ण्5 और 3ण्15 में अंक एक जैसे हैं अथार्त् 3ए 1ए और 5 परंतु भागपफल में दशमलव ¯बदु विस्थापित हो गया है। किस तरप़फ और कितने स्थानों से? दशमलव ¯बदु बाईं तरप़फ एक स्थान से विस्थापित हो गया है। ध्यान दीजिए 10 में 1 के अतिरिक्त एक शून्य है।अब 31ण्5 झ् 100 त्र 0ण्315 की चचार् करते हैं। 31ण्5 और 0ण्315 में अंक एक जैसे हैं परंतु भागपफल में दशमलव ¯बदु के बारे में क्या कह सकते हैं? यह बाईं तरपफ दो स्थानों से विस्थापित हो गया है। ध्यान दीजिए 100 में 1 के अतिरिक्त दो शून्य हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि किसी संख्या को 10ए 100 अथवा 1000 से भाग करने पर संख्या एवं भागपफल के अंक एक जैसे हैं परंतु भागपफल में दशमलव ¯बदु बाईं तरपफ उतने ही स्थानों से विस्थापित हो जाता है जितने 1 के साथ शून्य होते हैं। इस प्रेक्षण का उपयोग करते हुए अब हम शीघ्रतापूवर्क निम्नलिख्िात को ज्ञात करते हैं, 2ण्38 झ् 10 त्र 0ण्238 2ण्38 झ् 100 त्र 0ण्0238 2ण्38 झ् 1000 त्र 0ण्00238 2ण्7ण्2 पूणर् संख्या से दशमलव संख्या की भाग आइए, हम 6ण्4 ज्ञात करते हैं। याद कीजिए हम इसे 6ण्4 झ् 2 के रूप में भी लिखते हैं। 2 इसलिए, जैसा कि हमने भ्िान्नों से सीखा है 64 6ण्4 झ् 2त्र झ् 2 1064 1 त्र × 10 2 64 ×11 × 64 164 त्र त्र त्र× 10 × 2 10 × 210 2 1 32 त्र × 32 त्रत्र 32 ण् 10 10 अथवा, आइए सवर्प्रथम हम 64 को 2 से भाग करते है। हम 32 प्राप्त करते हैं। 6ण्4 में दशमलव ¯बदु के दाईं तरपफ एक अंक है। 32 में दशमलव इस प्रकार रख्िाए ताकि दशमलव के दाईं तरप़फ केवल एक ही अंक रह पाए। हम पिफर से 3ण्2 प्राप्त करते हैं। 19ण्5 झ् 5 ज्ञात करने के लिए पहले 195 झ् 5 ज्ञात कीजिए। हम 39 प्राप्त करते हैं। 19ण्5 में दशमलव ¯बदु के दाईं तरप़फ एक अंक है। 39 में दशमलव ¯बदु को इस प्रकार रख्िाए ताकि इसके दाईं तरप़फ केवल एक अंक रह पाए। आप 3ण्9 प्राप्त करेंगे। 1296 झ् 4अब 12ण्96 झ् 4 त्र 100 1296 1 त्र× 100 4 1 1296 त्र× 100 4 1 × 324 त्र त्र 3ण्24 100 अथवा, 1296 को 4 से भाग दीजिए। आप 324 प्राप्त करते हैं। 12ण्96 में दशमलव ¯बदु के दाईं ओर 2 अंक हैं। 324 में इसी प्रकार दशमलव रखते हुए आप 3ण्24 प्राप्त करेंगे। ध्यान दीजिए यहाँ और इससे अगले परिच्छेद मंे हमने केवल ऐसे विभाजनों की चचार् की है जिनमें, दशमलव को ध्यान में न रखकर, एक संख्या को दूसरी संख्या से पूरी तरह विभाजित किया जा सकेगा अथार्त् शेषपफल के रूप में शून्य प्राप्त होगा। जैसा कि 19ण्5 झ् 5 में, जब 195 को 5 से विभाजित किया जाता है तो शेषपफल शून्य प्राप्त होता है। यद्यपि ऐसी भी स्िथतियाँ हैं जिनमें कोइर् संख्या किसी दूसरी संख्या से पूरी तरह विभाजित नहीं की जा सकती अथार्त् हमें शेषपफल के रूप में शून्य की प्राप्ित नहीं होती है। उदाहरणतः 195 झ् 7 ऐसी स्िथतियों वफ बारे में हम अगली कक्षाओं में चचार्ेकरेंगे। अतः 40ण्86 झ् 6 त्र 6ण्81 उदाहरण 9 4ण्2ए 3ण्8 और 7ण्6 का औसत ज्ञात कीजिए। हल 4ण्2ए 3ण्8 और 7ण्6 का औसत होगा, 4ण्2 ़ 3ण्8 ़ 7ण्6 3 त्र त्र 5ण्2ए होगा। 2ण्7ण्3 एक दशमलव संख्या का दूसरी दशमलव संख्या से भाग 25ण्5 आइए हम अथार्त् 25ण्5 झ् 0ण्5 ज्ञात करते हैं।0ण्5 255 5 255 10 हम पाते हैंः 25ण्5 झ् 0ण्5 त्र झ् त्र × त्र 51 10 10 10 5 अतः 25ण्5 झ् 0ण्5 त्र 51 25ण्5 आप क्या देखते हैं? के लिए0ण्5 हम पाते हैं कि 0ण्5 में दशमलव के दाईं तरप़फ एक अंक है। इसको 10 से भाग करने पर पूणर् संख्या में परिवतिर्त किया जा सकता है। इसी तरह से 25ण्5 को भी 10 से भाग करके एक भ्िान्न में परिवतिर्त किया गया है। अथवा हम कहते हैं कि 0ण्5 को 5 बनाने के लिए दशमलव ¯बदु को दाईं तरप़फ एक स्थान से विस्थापित किया गया है। इसलिए 25ण्5 में भी दशमलव ¯बदु को दाईं तरप़फ एक स्थान से विस्थापित करके 225 में परिवतिर्त किया गया। 225 225 ण् अतः 22ण्5 झ् 1ण्5 त्र त्र त्र 15 15 15ण्203 ण् 152 ण्इसी प्रकार और ज्ञात कीजिए। 07 ण् 08 ण् आइए अब हम 20ण्55 झ् 1ण्5 ज्ञात करते हैं। उपयुर्क्त चचार् के अनुसार हम इसे 205ण्5 झ् 15 के रूप में लिख सकते हैं। इससे हम 13ण्7 प्राप्त करते हैं। 3ण्96 2ण्31 ए ज्ञात कीजिए। 0ण्4 0ण्3 33ण्725 अब की चचार् करते हैं। हम इसे 3372ण्5 के रूप में लिख सकते हैं ;वैफसे?द्ध और 0ण्25 25 हम 134ण्9 के रूप में भागपफल प्राप्त करते हैं। आप 27 वैफसे ज्ञात करेंगे? हम जानते हैं कि 27 0ण्03 को 27ण्0 के रूप मंे लिखा जा सकता है। 27 27ण्00 2700 इसलिए त्रत्र त्र घ् 0ण्03 0ण्03 3 उदाहरण 10 एक समबहुभुज की प्रत्येक भुजा की लंबाइर् 2ण्5 बउ है। बहुभुज का परिमाप 12ण्5 बउ है। इस बहुभुज की कितनी भुजाएँ हैं? हल समबहुभुज का परिमाप इसकी सभी समान भुजाओं की लंबाइर् का योग होता है त्र 12ण्5 बउ प्रत्येक भुजा की लंबाइर् त्र 2ण्5 बउ 12ण्5 125 अतः भुजाओं की संख्या त्र त्र त्र 5 2ण्525बहुभुज की 5 भुजाएँ हैं। उदाहरण 11 एक कार 2ण्2 घंटे में 89ण्1 ाउ की दूरी तय करती है। कार द्वारा 1 घंटे में तय की गइर् औसत दूरी कितनी है? हल कार द्वारा तय की गइर् दूरी त्र 89ण्1 ाउ इस दूरी को तय करने में लिया गया समय त्र 2ण्2 घंटे 89ण्1 इसलिए कार द्वारा 1 घंटे में तय की गइर् दूरी त्र 2ण्2891 त्र त्र 40ण्5 ाउ 221ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 0ण्4 झ् 2 ;पअद्ध 65ण्4 झ् 6 ;अपपद्ध 3ण्96 झ् 4 2ण् ज्ञात कीजिए: ;पपद्ध ;अद्ध ;अपपपद्ध 0ण्35 झ् 5 651ण्2 झ् 4 0ण्80 झ् 5 ;पपपद्ध ;अपद्ध 2ण्48 झ् 4 14ण्49 झ् 7 ;पद्ध 4ण्8 झ् 10 ;पअद्ध 33ण्1 झ् 10 ;अपपद्ध 3ण्97 झ्10 3ण् ज्ञात कीजिए: ;पपद्ध ;अद्ध 52ण्5 झ् 10 272ण्23 झ् 10 ;पपपद्ध ;अपद्ध 0ण्7 झ् 10 0ण्56 झ् 10 ;पद्ध 2ण्7 झ् 100 ;पपद्ध 0ण्3 झ् 100 ;पपपद्ध 0ण्78 झ् 100 ;पअद्ध 432ण्6 झ् 100 ;अद्ध 23ण्6 झ्100 ;अपद्ध 98ण्53 झ् 100 4ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 7ण्9 झ् 1000 ;पपद्ध 26ण्3 झ् 1000 ;पपपद्ध 38ण्53 झ् 1000 ;पअद्ध 128ण्9 झ् 1000 ;अद्ध 0ण्5 झ् 1000 5ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 7 झ् 3ण्5 ;पपद्ध 36 झ् 0ण्2 ;पपपद्ध 3ण्25 झ् 0ण्5 ;पअद्ध 30ण्94 झ् 0ण्7 ;अद्ध 0ण्5 झ् 0ण्25 ;अपद्ध 7ण्75 झ् 0ण्25 ;अपपद्ध 76ण्5 झ् 0ण्15 ;अपपपद्ध 37ण्8 झ् 1ण्4 ;पगद्ध 2ण्73 झ् 1ण्3 6ण् एक गाड़ी 24 लीटर पैट्रोल मंे 43ण्2 ाउ की दूरी तय करती है। यह गाड़ी एक लिटर पैट्रोल में कितनी दूरी तय करेगी? हमने क्या चचार् की? 1ण् हमने पिछली कक्षा मंे भ्िान्न एवं दशमलव के बारे में, तथा उन पर योग एवं व्यवकलन की संियाओं सहित अध्ययन किया है। 2ण् अब हमने भ्िान्नों एवं दशमलवों पर गुणन एवं भाग की संियाओं का अध्ययन किया है। 3ण् हमने अध्ययन किया है कि भ्िान्नों को वैफसे गुणा किया जाए। दो भ्िान्नों को गुणा करने के लिए उनके अंशों एवं हरों को पृथव्फ - पृथव्फ गुणा किया जाता है और पिफर गुणनपफल को अश्ं ाोंका गण्ु ानपफल के रूप में लिखा जाता है।हरों का गण्ु ानपफल2 5 2×5 10 उदाहरणाथर् × त्रत्र 3 7 3×7 21 4ण् भ्िान्न, प्रचालक ‘का’ के रूप में काम करती है। उदाहरणतः 2 का 1 होता है 1 × 2 त्र 1 225ण् ;ंद्ध दो उचित भ्िान्नों का गुणनपफल, गुणा किए गए प्रत्येक भ्िान्न से कम होता है। ;इद्ध एक उचित और एक विषम भ्िान्न का गुणनपफल विषम भ्िान्न से कम होता है और उचित भ्िान्न से अध्िक होता है। ;बद्ध दो विषम भ्िान्नों का गुणनपफल, गुणा किए गए दोनों भ्िान्नों में से प्रत्येक से बड़ा होता है। 6ण् एक भ्िान्न का व्युत्क्रम इसके अंश और हर को परस्पर बदलने से प्राप्त होता है। 7ण् हमने देखा है कि दो भ्िान्नों को वैफसे भाग दिया जाता है: ;ंद्ध एक पूणर् संख्या को किसी भ्िान्न से भाग करते समय हम पूणर् संख्या को भ्िान्न के व्युत्क्रम से गुणा करते हैं। 3 510 उदाहरणतः 2 झ्त्र 2 ×त्र 5 33 ;इद्ध एक भ्िान्न को पूणर् संख्या से भाग करने के लिए हम भ्िान्न को पूणर् संख्या के व्युत्क्रम से गुणा करते हैं। 2 212उदाहरणतः झ् 7 त्र × त्र 3 37 21 ;बद्ध एक भ्िान्न को दूसरी भ्िान्न से भाग करने के लिए हम पहली भ्िान्न को दूसरी भ्िान्न 5 2714 के व्युत्क्रम से गुणा करते हैं। इसलिए 2 झ्त्र × त्र ण् 3 7 3515 8ण् हमने यह भी सीखा है कि दो दशमलव संख्याएँ वैफसे गुणा की जाती हैं। दो दशमलव संख्याओं को गुणा करने के लिए सवर्प्रथम हम उन्हें पूणर् संख्याओं के रूप में गुणा करते हैं। दोनों दशमलव संख्याओं मंे दशमलव ¯बदु के दाईं तरप़फ अंकों की संख्या को गिनते हैं। गिनी हुइर् अंकों की संख्या का योग ज्ञात करते हैं। सबसे दाएँ स्थान से अंकों को गिनते हुए गुणनपफल में दशमलव ¯बदु रखा जाता है। यह गिनती पूवर् में प्राप्त योग के समान होनी चाहिए। उदाहरणतः 0ण्5 × 0ण्7 त्र 0ण्35 9ण् एक दशमलव संख्या को 10ए 100 अथवा 1000 से गुणा करने के लिए हम उस संख्या में दशमलव ¯बदु को दाईं तरपफ उतने ही स्थान से विस्थापित करते हैं जितने 1 के अतिरिक्त शून्य होते हैं। अतः 0ण्53 × 10 त्र 5ण्3ए 0ण्53 × 100 त्र 53ए 0ण्53 × 1000 त्र 530 10ण् हमने देखा है कि दशमलव संख्याएँ वैफसे विभाजित की जाती है। ;ंद्ध एक दशमलव संख्या को पूणर् संख्या से भाग करने के लिए सवर्प्रथम हम उन्हें पूणर् संख्याओं के रूप में भाग देते हैं। तब भागपफल मंे दशमलव ¯बदु को वैसे ही रखा जाता है जैसे दशमलव संख्या में। उदाहरणतः 8ण्4 झ् 4 त्र 2ण्1 ध्यान दीजिए हम यहाँ पर केवल ऐसे विभाजनों की बात कर रहे हैं जिनमें शेषपफल शून्य है। ;इद्ध एक दशमलव संख्या को 10ए 100 अथवा 1000 से भाग करने के लिए दशमलव संख्या में दशमलव ¯बदु को बाईं तरप़फ उतने ही स्थान से विस्थापित करते हैं जितने 1 के अतिरिक्त शून्य होते हैं। इस प्रकार भागपफल की प्राप्ित होती है। इसलिएए 23ण्9 झ् 10 त्र 2ण्39ए23ण्9 झ् 100 त्र 0 ण्239ए 23ण्9 झ् 1000 त्र 0ण्0239 ;बद्ध दो दशमलव संख्याओं को भाग करते समय सवर्प्रथम हम दोनों संख्याओं में दशमलव ¯बदु को दाईं तरप़फ समान स्थानों से विस्थापित करते हैं और तब भाग देते हैं। अतः 2ण्4 झ् 0ण्2 त्र 24 झ् 2 त्र 12ण्

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