6ण् हमसे सब कहते नहीं सूयर् से कहता कोइर् ध्ूप यहाँ पर मत पैफलाओ, कोइर् नहीं चाँद से कहता उठा चाँदनी को ले जाओ। कोइर् नहीं हवा से कहता खबरदार जो अंदर आइर्, बादल से कहता कब कोइर् क्यों जलधर यहाँ बरसाइर्? 47 पिफर क्यों हमसे भैया कहते यहाँ न आओ, भागो जाओ, अम्मा कहती हैं, घर - भर में खेल - ख्िालौने मत पैफलाओ। पापा कहते बाहर खेलो, खबरदार जो अंदर आए, हम पर ही सबका बस चलता जो चाहे वह डाँट बताए। निरंकार देव सेवक करो कृ मत करो पाठशाला में और घर में तुम्हें क्या - क्या करने के लिए कहा जाता है और क्या - क्या करने के लिए मना किया जाता है। नीचे वाली तालिका में लिखो। करो ..................................... मत करो ..................................... ..................................... ..................................... ..................................... ..................................... शरा सोचो सूरज चाँद की रोशनी को भगा देता है। ऽ बादल सूरज की रोशनी को भगा देता है। ऽ हवा बादल को भगा देती है। बताओ, कौन किससे श्यादा ताकतवर है? तुम्हारी बात अम्मा, पापा, भैया, दीदी सभी बड़ों का बच्चों पर बस चलता है। ऽ तुम्हारा किस - किस पर बस चलता है? ऽ तुम्हारे घर में तुम्हें कौन - कौन टोकता रहता है? ऽ किन - किन बातों पर तुम्हें अक्सर टोका जाता है? कौन सी चीश कहाँ शालू को बहुत - सी चीशों के नाम आते हैं। उसने नामों को लिख - लिखकर पट्टðी भर ली। वे नाम मैंने नीचे लिख दिए हैं। अब शालू यह सोच रही है कि किस नाम को किस खाने में लिखना है। क्या तुम उसकी मदद कर सकती हो? ऐसे ही खेल तुम और अक्षरों के साथ खेल सकते हो। अलग तरह के खाने भी बना सकते हो - जैसे ‘ट’ से शुरू होने वाली गोल या लाल चीश। अब हरेक खाने के नाम वणर्माला के हिसाब से क्रम से लगाओ - जानवर या पक्षी खाने पीने का सामान खेल का नाम या सामान ‘हमसे सब कहते’ कविता में जिन लोगों, चीशों और जगहों के नाम आए हैं, उन्हें नीचे दी गइर् तालिका में लिखो। यह कहानी तुमने कइर् बार सुनी होगी। लोमड़ी ने सोचा क्यों न मैं इस एक बार एक कौए को एक रोटी मिली। कौए को मूखर् बनाकर रोटी ले लूँ। कौए ने जैसे ही गाने के लिए लोमड़ी बोली - कौए भाइर् तुम मुँह खोला, रोटी नीचे गिर गइर्। इतना अच्छा गाते हो! मुझे भी एक गाना सुनाओ। लोमड़ी रोटी लेकर चली गइर्। आओ, अब इन्ही चित्रों से एक नइर् कहानी बनाएँ।

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