पिछले अध्यायों में आपने आंकड़ों के प्रक्रमण और प्रदशर्न की विभ्िान्न वििायों को सीखा है। जिनका प्रयोग आप भौगोलिक परिघटनाओं के विश्लेषण में कर सकते हैं। आपने प्रेक्ष्िात किया होगा कि ये वििायाँ समय - उपभोगी और थका देने वाली हैं। क्या आपने कभी आंकड़ों के प्रक्रमण और उनके आलेखी प्रदशर्न की किसी ऐसी वििा के बारे में सोचा है जो समय की बचत करे और दक्षता बढ़ा दे। यदि आपने आंकड़ा प्रक्रमण के लिए वफंप्यूटर का प्रयोग किया है तो आपने ध्यान दिया होगा कि वफंप्यूटर अिाक सवर्तोमुखी है क्योंकि यह स्क्रीन पर ही पाठ के संपादन, उसकी प्रतिलिपि बनने तथा उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने अथवा यहाँ तक कि अवांछित पाठ को विलुप्त करने को भी सुगम बनाता है। इसी प्रकार वंफप्यूटर का प्रयोग आंकड़ों के प्रक्रमण, आरेखों, आलेखों को तैयार करने तथा मानचित्रों के आरेखन में भी किया जा सकता है, शतर् यह है कि आपके पास अनुप्रयोग यंत्रोतर साम्रगी ;।चचसपबंजपवद ेवजिूंतमद्ध हो। अन्य शब्दों में वफंप्यूटर का प्रयोग अनेक प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए किया जा सकता है। पिफर भी यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि वंफप्यूटर उपयोगकतार्ओं द्वारा प्राप्त निदर्ेशों का ही पालन करता है। अन्य शब्दों में यह स्वयं किसी भी कायर् को संपन्न नहीं कर सकता। इस अध्याय में हम आंकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्राण में वफंप्यूटर के प्रयोग की चचार् करेंगे। एक वंफप्यूटर क्या कर सकता है? वंफप्यूटर एक इलेक्ट्राॅनिक उपकरण है। इसमें अनेक उप - तंत्रा होते हैं, जैसे स्मृति, सूक्ष्मप्रकमक ;डपबतवचतवबमेेवतद्धए निवेशी तंत्रा ;प्दचनज ैलेजमउद्ध और बहिवर्ेशी तंत्रा ;व्नजचनज ैलेजमउद्ध। यह सभी उपतंत्रा इकट्ठे काम करते हुए इसे एक समन्िवत तंत्रा बनाते हैं। यह एक अत्यिाक शक्ितशाली साधन है जो आंकड़ों के प्रक्रमण, मानचित्राण और विश्लेषण की प्रणालियों पर महत्वपूणर् प्रभाव डालने में योग्य है। वंफप्यूटर एक तीव्र और सवर्तोमुखी मशीन है जो जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग जैसी साधारण अंकगण्िातीय संियाएँ कर सकती है और जटिल गण्िातीय सूत्रों को भी हल कर सकती है। शून्य को शून्येतर से और जोड़ को घटाने से विलग करते हुए यह साधारण ताविर्फक संियाएँ करता है और परिणाम प्रदान करता है। संक्षेप में वंफप्यूटर आंकड़ों का प्रक्रमक है जो चलने पर मानव प्रचालक के हस्तक्षेप के बिना विभ्िान्न गण्िातीय अथवा ताविर्फक संियाओं सहित संपूणर् अभ्िाकलन कर सकता है। यदि आपको आधारभूत संकल्पनात्मक स्पष्टता है, तो आप मानचित्रों और आरेखों के द्वारा आंकड़ों का प्रदशर्न वंफप्यूटर द्वारा अत्यंत प्रभावी ढंग से कर सकते हैं। यह आपका काम अत्यिाक तीव्रता से कर देता है। वंफप्यूटर के निम्नलिख्िात लाभ इसे हस्तचालित वििायों से अलग करते हैं: 1ण् यह वास्तव में अभ्िाकलन और आंकड़ों के प्रक्रमण की गति को बढ़ा देता है। 2ण् यह आंकड़ों की विशाल मात्रा का निपटान कर सकता है जो सामान्यतः हाथों द्वारा संभव नहीं है। 3ण् चाहने पर यह आंकड़ों की प्रतिलिपि बना सकता है, उनका संपादन कर सकता है, उन्हें सुरक्ष्िात कर सकता है और उन्हें पुनः प्राप्त कर सकता है। 4ण् यह आसानी से आंकड़ों को प्रमाणीकरण, पड़ताल और संशुि के योग्य बनाता है। 5ण् आंकड़ों का समूहन और विश्लेषण अत्यिाक सरल हो जाता है। वंफप्यूटर तुलनात्मक विश्लेषण को मानचित्रों के आरेखन अथवा आलेखन द्वारा अत्यंत सरल बना देता है। 6ण् आलेख अथवा मानचित्रा के प्रकार ;जैसे कि दंड/वृत्त अथवा छायाओं के प्रकारद्ध, शीषर्क, संकेत - सूचिका तथा अन्य रूपणों को आसानी से बदला जा सकता है। वंफप्यूटर अन्य अनेक लाभ प्रस्तुत करता है जो आप तब देखेंगे जब आप वंफप्यूटर का प्रयोग करते हुए अपना ियात्मक कायर् करेंगे। हाडर्वेयर और साॅफ्रटवेयर संबंध्ी आवश्यकताएँ आंकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्राण के सहायक के रूप में एक वंफप्यूटर में हाडर्वेयर और साॅफ्रटवेयर समाविष्ट होते हैं। हाडर्वेयर विन्यास में भंडारण, प्रदशर्न तथा निवेशी और बहिवर्ेशी उप - तंत्रा समाविष्ट होते हैं जबकिसाॅफ्रटवेयर इलैक्ट्राॅनिक संकेतों द्वारा बनाए गए क्रमादेश होते हैं। अतः वंफप्यूटर सहायता प्राप्त आंकड़ों केप्रक्रमण और मानचित्राण में हाडर्वेयर घटक और संबंिात अनुप्रयोग साॅफ्रटवेयर दोनों की आवश्यकता होती है। हाडर्वेयर वंंफप्यूटर के हाडर्वेयर घटक में निम्नलिख्िात भाग सम्िमलित होते हैं: ;कद्ध एक वेंफद्रीय प्रक्रमण इकाइर् और ;ब्च्न्द्ध और भंडारण तंत्रा ;ैजवतंहम ैलेजमउद्धण् ;खद्ध एक आलेखी प्रदशर्न उप - तंत्रा ;ळतंचीपब क्पेचसंल ैलेजमउद्ध ;गद्ध निवेशी साधन ;प्दचनज क्मअपबमेद्ध ;घद्ध बहिवर्ेशी साधन ;व्नजचनज क्मअपबमेद्ध वेंफद्रीय प्रक्रमण और भंडारण तंत्रा आधुनिक वंफप्यूटरों के मूल में एक वेंफद्रीय प्रक्रमण इकाइर् समाविष्ट होती है जो आंकड़ों के प्रक्रमण हेतु क्रमादेशों का ियान्वयन और परिध्ीय उपस्करों का नियंत्राण करती है। प्रचालक तंत्रा और अनुप्रयोग क्रमादेश के साथ समस्त आंकड़े चक्रीय भंडारण इकाइर् ;क्पेा ैजवतंहम न्दपजद्ध में आध्यासित होते हैं जो एक कायर्कारी स्मृति के रूप में ियाएँ करते हैं। वुफल भंडारण क्षमता काम के उस प्रकार पर निभर्र करती है जिसके लिए वंफप्यूटर का प्रयोग होना है। आंकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्राण के लिए हाडर्वेयर भंडारण क्षमता 1 जी बी से 4 जी बी अथवा अिाक और रैंडम एक्सेस मेमोरी ;त्।डद्ध 32 एम बी अथवा अिाक होनी चाहिए। चक्रीय भंडारण के अतिरिक्तसिय रूप से प्रक्रमित न हो रहे आंकड़ों की विशाल मात्राओं के स्थाइर् भंडारण हेतु फ्रलाॅपी डिस्क, सी.डी., पैन ड्राइव और चुंबकीय टेपो जैसे द्वितीयक भंडारों का भी प्रयोग किया जाता है। प्रचालक तंत्रा एक मूल क्रमादेश होता है जो वंफप्यूटर में आंकड़ों के आंतरिक प्रक्रमण को प्रशासित करता है। एम एस - डाॅस, विंडोश और यूनिक्स जैसे प्रचालक तंत्रों का प्रयोग आम है। इनमें विंडोश को सवार्िाक वरीयता दी जाती है। आलेखी प्रदशर्न तंत्रा अथवा माॅनीटर आलेखी प्रदशर्न तंत्रा अथवा माॅनीटर सभी वंफप्यूटरों में प्रयोक्ता के लिए प्रधान दृश्य संचार माध्यम का कायर् करता है। सामान्यतः आलेखी और मानचित्राण अनुप्रयोगों के लिए रंगों के प्रदशर्न की संभव विशाल भ्िान्नता तथा रंगों के प्रारूपों में तीव्र परिवतर्न हेतु ‘लुक अप’ तालिकाओं ;स्न्ज्द्ध से युक्त एक उच्च विभेदन प्रदशर्न तंत्रा को वरीयता दी जाती है। निवेश उपकरण की - बोडर् की ियाओं का प्रयोग करते हुए सांख्ियकीय आंकड़ों और निदर्ेशों को वंफप्यूटर में प्रविष्ट किया जाता है। की - बोडर् ;ज्ञमलइवंतकद्ध एक ऐसा महत्वपूणर् निवेशी साधन है जो टाइपराइटर सदृश्य होता है। इसमें विभ्िान्न उद्देश्यों के लिए अनेक वुँफजियाँ होती हैं। अपने व्यक्ितगत वंफप्यूटर पर काम करते समय आप स्क्रीन पर एक स्पुफर ¯बदु ;थ्संेी चवपदजद्ध देखेंगे जो प्रसंकेतक ;ब्नतेवतद्ध कहलाता है। जब आप की - बोडर् पर किसी वुँफजी को दबाते है तो जहाँ प्रसंकेतक दमक रहा होता है वहाँ एक संप्रतीक ;ब्ींतंबजमतद्ध प्रदश्िार्त होता है और प्रसंकेतक एक स्थान आगे बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त आंकड़ों की स्थानिक प्रविष्िट के लिए विभ्िान्न आकार और योग्यताओं वाले क्रमवीक्षकों ;ैबंददमतद्ध तथा अंकरूपकों ;क्पहपजपेमतेद्ध का भी प्रयोग किया जाता है। बहिवेर्श उपकरण बहिवर्ेश उपकरणों में मुद्रकों की अनेक किस्में जैसे इंक जेट, लेसर और रंगीन लेसर, मुद्रक और ।3 से ।0 तक विभ्िान्न आकारों में उपलब्ध आलेखकों ;च्सवजजमतेद्ध को सम्िमलित किया जाता है। वंफप्यूटर साॅफ्रटवेयर वंफप्यूटर साॅफ्रटवेयर एक लिख्िात क्रमादेश है जो स्मृति में संग्रहित है। प्रयोक्ता द्वारा किए गए निदर्ेशानुसार यहविश्िाष्ट ियाएँ संपन्न करता है। आंकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्राण के लिए साॅफ्रटवेयर को निम्नलिख्िात माॅड्यूलों की आवश्यकता होती है: ऽ आंकड़ा प्रविष्िट और संपादक माॅड्यूल ऽ सवगर् रूपांतरण और िया कौशल माॅड्यूल ऽ आंकड़ा प्रदशर्न और बहिवर्ेशी माॅड्यूल आंकड़ा प्रविष्िट और संपादक माॅड्यूल आंकड़ों के प्रक्रमण और मानचित्राण के ये साॅफ्रट अंतरापृष्ठ आंकड़ा प्रविष्िट तंत्रा, सूचनाधार उत्पिा, त्राुटि निष्कासन, मापनी और प्रक्षेप हस्तकौशल, उनके संगठन और आंकड़ों के अनुरक्षण को सुगम बनाते हैं। इनमें से किसी और आंकड़ा प्रविष्िट, संपादन और प्रबंधन से संबंिात सामथ्यर् का निष्पादन स्िक्रन पर प्रदश्िार्त प्रसूची ;डमदनद्ध एवं अनुसंकेतों ;प्बवदेद्ध का प्रयोग करते हुए किया जा सकता है। आजकल के एम एस - एक्सेल/स्प्रेड शीट, लोट्स 1.2.3 और डी - बेस जैसे व्यावसायिक पैकेज आंकड़ों के प्रक्रमण और आलेखों के उत्पादन का सामथ्यर् प्रदान करते हैं। दूसरी ओर आवर्फ व्यू/आवर्फ जी आइर् एस, जिओमीडिया में मानचित्राण और विश्लेषण के माॅड्यूल होते हैं। निदेर्शांक रूपांतरण और िया कौशल माॅड्यूल आजकल के साॅफ्रटवेयर स्थानिक आंकड़ों के स्तरों की निदेर्शांक, समन्वयी रूपांतरण, संपादन और स्थानिक आंकड़ों को आंकड़ों के गैर - स्थानिक गुणों से जोड़ने की विस्तृत परिसर की शक्ितयों को उपलब्ध कराते हैं। आंकड़ा प्रदशर्न और बहिवर्ेशी माॅड्यूल संियाओं के परिसर की दृष्िट से आंकड़ा प्रदशर्न और बहिवर्ेश प्रचालन में भ्िान्नता पाइर् जाती है और येवंफप्यूटर ग्राप़्ाफी में विकसित वुफशलताओं पर अत्यिाक निभर्र करती है। आधुनिक साॅफ्रटवेयर वुफछ साधरण सामथ्यर् प्रस्तुत करते हंै, जो इस प्रकार हैं - ऽ चयनित क्षेत्रों और मापनी परिवतर्न प्रचालन को दशार्ने के लिए शूमिंग व ¯वडोइंग। ऽ वणर् नियतन/परिवतर्न संिया ऽ त्रिाआयामी और संदशर् प्रदशर्न ऽ विभ्िान्न विषयों का चयनित प्रदशर्न ऽ बहुभुज छायाकरण, रेखा शैली और ¯बदु चिÉक प्रदशर्न ऽ प्लाॅटर यंत्रों/मुद्रकों से योजन हेतु बहिवर्ेशी साधनों के अंतरापृष्ठ आदेश। ऽ सुगम योजन हेतु ग्राप्ि़ाफक यूशर इंटरपेफस ;ळन्प्द्ध आधारित तालिका संरचना। आपके प्रयोग के लिए वंफप्यूटर साॅफ्रटवेयर पूवर्गत पैराग्रापफों में आंकड़ों के प्रक्रमण के अनेक साॅफ्रटवेयरों का उल्लेख किया गया है। परंतु समय और स्थाऩके व्यवरोध के कारण इनमें से प्रत्येक साॅफ्रटवेयर के सामथ्यर् और काया±े की चचार् करना यहाँ कठिन होगा। इसलिए हम एम एस एक्सेल अथवा स्प्रैड शीट प्रोग्राम का प्रयोग कर आलेख और आरेख बनाते समय अपनाइर् जाने वाली प्रिया का वणर्न करेंगे। स्प्रैड शीट हमें आंकड़ों के भरण, विभ्िान्न संाख्ियकी को अभ्िाकलित करने और आलेखी वििायों के द्वारा असंसािात आंकड़ों अथवा अभ्िाकलित सांख्ियकी के प्रदशर्न के लिए समथर् बनाती है। एम एस एक्सेल अथवा स्प्रैड शीट जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है एम एस एक्सेल, लोट्स 1 - 2 - 3 और डी - बेस आंकड़ों के प्रक्रमणआलेखों और आरेखों की रचना में प्रयुक्त होने वाले वुफछ महत्वपूणर् साॅफ्रटवेयर हैं। विस्तृत रूप से प्रयोग मेंलाए जाने और भारत के सभी भागों में आसानी से उपलब्ध साॅफ्रटवेयर कायर्क्रम होने के कारण एम एस एक्सेलका चयन अन्य साॅफ्रटवेयरों में आंकड़ों के प्रक्रमण हेतु चुना गया है। इसके अतिरिक्त यह मानचित्रों की रचनाकरने वाले साॅफ्रटवेयर से सुसंगत है क्योंकि एम एस एक्सेल में आसानी से आंकड़ों का भरण हो सकता हैऔर मानचित्रा बनाने के लिए इसे मानचित्राण साॅफ्रटवेयर के साथ जोड़ा जा सकता है। एम एस एक्सेल को स्प्रैड शीट प्रोग्राम भी कहा जाता है। एक स्प्रैड शीट एक आयताकार पेश ;अथवा जालद्ध होती है जो सूचना का भंडारण करती है। स्प्रैडशीट ववर्फबुक्स अथवा एक्सेल पफाइलों में अवस्िथत होती है। एम एस एक्सेल स्क्रीन का अिाकांश भाग कायर्वििा पत्रा के प्रदशर्न में समपिर्त होता है जो पंक्ितयों और स्तंभों से बना होता है। पंक्ितयों और स्तंभों का प्रतिच्छेदन एक आयताकार क्षेत्रा होता है जिसे ‘सेल’ कहा जाता है। अन्य शब्दों में कायर्वििा पत्रा सेलों से निमिर्त होती है। एक सेल में संख्यात्मक मद, एक सूत्रा ;जो परिकलन के उपरांत संख्यात्मक मद उपलब्ध कराता हैद्ध, अथवा पाठ अंतविर्ष्ट होता है। पाठों का प्रयोग सामान्यतः सेलों में प्रविष्ट संख्याओं की लेबलिंग के लिए किया जाता है। एक मद की प्रविष्िट या तो संख्या हो सकती है ;जिसे सीधे प्रविष्ट किया जाता हैद्ध अथवा किसी सूत्रा का परिणाम होती है। जब सूत्रा का घटक ;तवर्फद्ध परिवतिर्त हो जाता है तो सूत्रा का मद भी परिवतिर्त हो जाता है। चित्राण् 4ण्1 रू एम एस एक्सेल ववर्फबुक एक एक्सेल कायर्वििा पत्रा में 16,384 पंक्ितयाँ होती हैं जिनपर 1 से 16,384 तक संख्या लगाइर् जाती है, और 256 स्तंभ होते हैं जिन्हें अक्षर । से र्ए ।। से ।र्ए ठ। से ठर्ए से लेकर प्। से प्र् द्वारा चूक व्यतिक्रम से प्रदश्िार्त किया जाता है। चूक व्यतिक्रम से एक एक्सेल ववर्फबुक में तीन कायर्वििा पत्रा समाविष्ट होते हैं। यदि आपको आवश्यकता हो तो आप 256 ववर्फशीटों तक भी निवेश कर सकते हैं। इसका अथर् है कि आप उसी पफाइल/ववर्फबुक में आंकड़ों की विशाल संख्या और चाटा±े का भंडारण कर सकते हैं। चित्रा 4.1 दशार्ता है कि एक एक्सेल ववर्फबुक वैफसी दिखती है। एक्सेल में आंकड़ा प्रविष्िट और भंडारण की प्रिया एक्सेल में आंकड़ों की प्रविष्िट और भंडारण की प्रिया अत्यंत सरल है। आप आंकड़ों की प्रविष्िट कर सकते हैं, उसकी प्रतिलिपि बना सकते है और उन्हें एक कोष्िठका से दूसरी कोष्िठका में ले जा सकते हैं तथा उन्हें सुरक्ष्िात कर सकते हैं। आप त्राुटिपूणर् अथवा आंकड़ों की अवांछित प्रवृष्िट अथवा संपूणर् पफाइल की, यदि आगे प्रयोग के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है, निष्कासन कर सकते हैं। एक्सेल की प्राथमिक ियाओं को, जिनकी आवश्यकता आपको आंकड़ों की प्रविष्िट और भंडारण में पड़ेगी, तालिका 4.1 में वण्िार्त किए गए हैं। आप स्वयं अन्य मेन्यूस और विकल्पों का अन्वेषण करके और अिाक सीख सकते हैं। आगे, यदि आप की - बोडर् की दाईं ओर दी गइर् संख्या पैड प्रयोग करते हैं तो आंकड़ा भरण आप को और आसान लगेगा। स्तंभ अनुसार आंकड़ों की प्रविष्िट हेतु आपको संख्या टाइप करने के बाद ‘एंटर की’ अथवा ‘डाउन ऐरो’ दबाना होता है। संख्या टाइप करने के बाद दायाँ ऐरो दबाने पर आंकड़ों की प्रविष्िट पंक्ित अनुसार होगी। आंकड़ों का प्रक्रमण और अभ्िाकलन आगे के प्रयोग के लिए प्रायः प्रारंभ्िाक आंकड़ों को संसािात करना पड़ता है। आप आसानी से वुँफजी पटलके चिÉों $, - , ’ए और /, का प्रयोग करते हुए संख्याओं को क्रमशः जमा, घटा, गुणा और भाग कर सकतेहैं। इन चिÉों को ‘प्रचालन’ ;व्चमतंजवतेद्ध कहा जाता है और वे तत्त्वों को एक ‘सूत्रा’ अथवा ‘अभ्िाव्यक्ित’ तालिका 4ण्1 रू आंकड़ों की प्रविष्िट और भंडार के महत्वपूणर् प्रकायर् क्रम स. प्रकायर् निदेर्श मेन्यू द्वितीयक मेन्यू ;ड्राप डाउन सूची सेद्ध की - बोडर् पर लघुतर वििा 1 नयी पफाइल खोलने के लिए थ्पसम छमू ब्जतस छ पहले से विद्यमान पफाइल खोलने के लिए थ्पसम व्चमद ब्जतस व् 2 पफाइल को सुरक्ष्िात करने के लिए पफाइल को नाम दीजिए और वणर्न कीजिए कि आप पफाइल का भंडारण कहाँ करना चाहते हैं। चूक व्यतिक्रम द्वारा यह है। थ्पसम ैंअम ब्जतस ै 3 प्रति बनाने, उसे अन्यत्रा ले जाने तथा आंकड़ों के वगर् को पेस्ट करने हेतु माउस को घसीट कर आंकड़ों के उस वगर् पर ले जाइए। जिसका आप चयन करना चाहते हैं और माउस के बाएँ बटन को दबा कर आंकड़ों के वगर् का चयन कीजिए म्कपज ब्वचल ब्जतस ब् 4 काटने, अन्यत्रा ले जाने और आंकड़ों के एक वगर् को पेस्ट करने हेतु माउस को घसीट कर आंकड़ों के उस वगर् पर ले जाइए जिसका आप चयन करना चाहते हंै और माउस के बाएँ बटन को दबा कर आंकड़ों के वगर् का चयन कीजिए। म्कपज ब्नज ब्जतस ग् 5. आंकड़ों के एक वगर् को पेस्ट करना प्रसंकेतक को उस सेल पर ले लाइए जहाँ आप उसे पेस्ट करना चाहते हैं। म्कपज च्ंेजम ब्जतस ट 6 अंतिम कायर् का निराकरण करना ’ म्कपज न्दकव ब्जतस र् 7 अंतिम कायर् की पुनरावृति म्कपज त्मचमंज ब्जतस ल् टिप्पणीः ’ अंतिम कायर् के पश्चात् यदि आप पफाइल को सुरक्ष्िात कर चुके हैं तो आप किसी भी कायर् का निराकरण और पुनरावृति नहीं कर सकते। से जोड़ते हैं। उदाहरणतः यदि आप 5 $ 6 - 8 - 5 की अभ्िाव्यक्ित को हल करना चाहते हैं, तो आप आसानी से नीचे दिए गए चरणों में इसका समाधान कर सकते हैं: चरण 1 रू किसी भी सेल पर टकटक ;क्िलकद्ध कीजिए ;माउस की सहायता सेद्ध। चरण 2 रू टाइप करके अभ्िाव्यक्ित टाइप करें। इस प्रकार अभ्िाव्यक्ित होगी त्र 5 ़ 6 दृ 8 दृ 5ण् चरण 3 रू म्दजमत वुँफजी दबाएँ, और उसी सेल में आपको परिणाम मिल जाएगा जिस सेल को आपने प्रथम चरण में चुना था। टिप्पण रू सांख्ियक प्रचालन का केवल एक्सेल में त्र का चिÉ टाइप करके पालन किया जा सकता है। चित्राण् 4ण्3 रू एम एस एक्सेल पर से खींचकर प्रतिलिपि बनाना आपको अध्याय 2 में वुफछ आधारभूत सांख्ियकीय वििायों जैसे वेंफद्रीय प्रवृिा के माप, प्रकीणर्न और सहसंबंध से पहले ही परिचय कराया जा चुका है। इन तकनीकों की संकल्पना और मूल कारण को आप समझ चुके होंगे। ववर्फशीट ियाओं के उपयोग से इन संाख्ियकी का अभ्िाकलन करने की अनुवतीर् पैराग्राप़्ाफों में चचार् की जाएगी। एम एस एक्सेल में अनेक अंतः निमिर्त सांख्ियकीय एवं गण्िातीय ियाएँ हैं। ये ियाएँ ‘इंसटर्’ मेन्यू में अवस्िथत हैं। इन ियाओं का प्रयोग करने के लिए इंसटर् मेन्यू को क्िलक करें और ड्राप डाउन सूची से िया गि का चयन करें। ध्यान दें कि आपका संकेतक उसी सेल पर स्िथत होना चाहिए जहाँ आप सूत्रा को प्रकट करना चाहते हैं। वेंफद्रीय प्रवृिायाँ वेंफद्रीय प्रवृिायों का प्रतिनििात्व मध्य, माियका और बहुलक द्वारा किया जाता है। गण्िातीय माध्य, जिसेऔसत भी कहा जाता है, वेंफद्रीय प्रवृिा का परिकलन करने की आमतौर पर प्रयोग में लाइर् जाने वाली वििा है। एम एस एक्सेल में इसे इसके लोकपि्रय नाम औसत ;।अमतंहमद्ध द्वारा निदिर्ष्ट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर हम एक्सेल में औसत ;।अमतंहमद्ध िया द्वारा भारत में विभ्िान्न दशकों के दौरान माध्य शस्य गहनता का परिकलन करेंगे। इसके लिए निम्नलिख्िात सोपानों का अनुसरण करते हैं - सोपान 1 रू जैसा कि चित्रा 4.4 में दशार्या गया है, ववर्फशीट में वणर्नानुसार शस्य गहनता के आंकड़ों को प्रविष्ट करें। सोपान 2 रू माउस का प्रयोग करते हुए बी12 सेल पर क्िलक करिए। सोपान 3 रू इंसटर् मेन्यू पर क्िलक कीजिए और ड्रापडाउन सूची में से गि िया चुनिए, इससे इंसटर्, पंफक्शन डायलाॅग बाॅक्स खुलेगा। सोपान 4 रू डायलाॅग बाॅक्स पर ‘सेलेक्ट ए वैफटेगरी’ में से स्टैटिस्िटकल ;ैजंजपेजपबंसद्ध का चयन कीजिए सोपान 5 रू ‘सेलेक्ट ए पंफक्शन’ बाॅक्स में औसत ;।अमतंहमद्ध को क्िलक कीजिए और ओके बटन दबाइए। यह पंफक्शन आरग्यूमेंट ;थ्नदबजपवद ।तहनउमदजद्ध नामक अन्य डायलाॅग बाॅक्स खोलेगा। सोपान 6 रू या तो आंकड़ों के डायलाॅग बाॅक्स के पंफक्शन आरग्यूमेंट ;थ्नदबजपवद ।तहनउमदजद्ध के नंबर 1 बाॅक्स में पहले दशक आंकड़ों का सेल परिसर प्रविष्ट लीजिए अथवा माउस ब्प्.50 $ ;1950 के दशक का वणार्नुसार राज्य गहनता दशार्एगीद्ध माउस का बायाँ बटन दबाकर प्रसंकेतक ;ब्नतेवतद्ध को आंकड़ों के सेल परिसर पर खींचिए। सोपान 7 रू ‘पंफक्शन आरग्यूमेंट’ डायलाॅग बाॅक्स पर ओके का बटन दबाइए। यह 1950 के दशक के वषो± की सेल 12 में, जहाँ आरंभ में आपने प्रसंकेतक रखा था। चित्रा 4.6: पंफक्शन आरग्यूमेंट डायलाॅग बाॅक्स में परिसर को परिभाष्िात करना व्रफांति का स्थानिक विस्तार हुआ और नलवूफप ¯सचाइर् के अंतगर्त क्षेत्रा की अत्यिाक वृि हुइर्। इससे शुष्कप्रदेशों के साथ - साथ शुष्क मौसमों में भी कृष्िा सुगम हुइर्।जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है, माध्य के परिकलन में प्रयुक्त की गइर् प्रिया से मिलती - जुलती प्रिया का प्रयोग करके आप मियका, प्रमाप विचलन और सह - संबंध का परिकलन कर सकते हैं। चित्रा 4.7 और चित्रा 4.8 में इसके लिए वुफछ संकेत प्रस्तुत किए गए हैं। चित्रा 4.7: प्रमाप विचलन की िया चित्रा 4.8: सहसंबंध की िया आलेखों की रचना आप जानते हैं कि कइर् बार तालिका रूप के आंकड़ों में जो वुफछ प्रदश्िार्त किया जाता है उससे अनुमान लगाना कठिन हो जाता है। दूसरी ओर, आलेख रूप में आंकड़ों का प्रदशर्न प्रदश्िार्त परिघटनाओं के बीच साथर्कतुलना करने की हमारी सामथ्यर् को बढ़ा देता है और चित्रिात लक्षणों का सरलीकृत दृश्य प्रस्तुत करता है। अन्य शब्दों में आलेख और आरेख आंकड़ों की अंतवर्स्तु के बीच पठन को सरल बना देते हैं। उदाहरणतः यदि हम भारत की शस्य गहनता के सभी 50 वषा±े के आंकड़ों को तालिकानुसार प्रदश्िार्त करें तो इससे अथर् निकालना कठिन हो जाएगा। यद्यपि एक रेखा ग्राप़्ाफ अथवा दंड आरेख से हम भारत की शस्य गहनता की प्रवृिायों के साथर्क निष्कषर् आसानी से निकाल सकते हैं। चित्रा 4.10: चाटर् विजाडर् के चार का सोपान 1 चित्रा 4.11: चाटर् विजाडर् के चार का सोपान 2 चित्रा 4.12: अक्षों के नाम की प्रविष्िट सोपान 6 रू जब आप अक्षों के नाम और लीजेंड विकल्पों इत्यादि की प्रविष्िट कर चुके हों, तो रेडियो बटन नेक्स्ट ;छमगजद्ध को क्िलक कीजिए ;चित्रा 4.13द्ध। यह आपको चाटर् विजाडर् के 4 के सोपान 4 पर ले जाएगा, जो आपसे आंकड़ों के दंड आरेख की रचना की स्िथति का चयन करवाएगा ;चित्रा 4.14द्ध। एश आॅब्जक्ट इन ;।े व्इरमबज पदद्ध को चुनिए और शीट को चुनिए जिसमें आपने आंकड़ों को प्रविष्ट किया था, अथार्त् शीट 5 ;विकल्प के तौर पर आप एश न्यू शीट ;।े छमू ैीममजद्ध चुनते हुए अपने दंड आरेख को नयी शीट में भी स्थापित कर सकते हैंद्ध सोपान 7 रू चित्रा 4.14 के अनुसार रेडियो बटन व्ज्ञ को दबाइए। यह आपके दंड आरेख में चाटर् विजाडर् को संपूणर् करेगा, जैसा कि चित्रा 4.15 में दशार्या गया है और यह ववर्फशीट 5 पर प्रकट होगा। आप दंडों पर क्िलक करके दंडों का प्रारूप रंगों से छाया अथवा विलोमतः बदल सकते हैं। इसी प्रकार यदि आवश्यकता हो तो आप अक्षरों के प्रकार अथवा गि्रड रेखाओं को भी बदल सकते हैं।ऊपर दिया गया आरेख दशार्ता है कि विगत दो दशकों में कृषकों का अंश महत्वपूणर् ढंग से घटा है और अन्य कमिर्यों का अंश सुप्रेक्ष्य ढंग से बढ़ा है तथा खेतिहर और घरेलू श्रमिकों के अंश लगभग समान रहे हैं। बाॅक्स 4.2: आंकड़ों के प्रदशर्न के वुफछ महत्वपूणर् मानक 1ण् चित्रा की चित्रा संख्या होनी चाहिए। 2ण् इसका एक उपयुक्त शीषर्क होना चाहिए और जिस दिन और काल से इसका संबंध है, वह भी इसमें वण्िार्त होना चाहिए। 3ण् जिस इकाइर् में मात्राएँ दशार्इर् गइर् हैं उसका वणर्न भी शीषर्क अथवा उपशीषर्क के अंतगर्त होना चाहिए। 4ण् शीषर्क, उपशीषर्क, अक्षों के शीषर्क और मुख्य प्रदशर्न को अक्षरों के उचित प्रकार और आकार से दशार्या जाना चाहिए ताकि वे संतुलित ढंग से स्थान ग्रहण कर सवेंफ। वंफप्यूटर सहायक मानचित्राण मानचित्रों को वंफप्यूटर हाडर्वेयर और मानचित्राण साॅफ्रटवेयर के संयोजन से भी आलेख्िात किया जा सकता है। वंफप्यूटर सहायक मानचित्राण में स्थानिक सूचनाधार की रचना के साथ इसके लक्षणों अथवा गैर - स्थानिक आंकड़ों से समन्वय की आवश्यकता होती है। इसके अंतगर्त भंडारित आंकड़ों का सत्यापन और संरचना को शामिल किया जाता है। इस परिपेक्ष्य में सवार्िाक महत्वपूणर् यह है कि आंकड़े व्यापक रूप से मान्य औरसमुचित रूप से परिभाष्िात निदर्ेशांक प्रणाली द्वारा ज्यामितीय रूप से पंजीकृत और कोडित हों ताकि उनका वंफप्यूटर के अंदर आंतरिक सूचनाधार संरचना में भंडारण किया जा सके। अतः मानचित्राण उद्देश्य के लिए वंफप्यूटर का प्रयोग करते समय अवश्य ध्यान रखना चाहिए। स्थानिक आंकड़े स्थानिक आंकड़े भौगोलिक दिव्फस्थान का प्रतिनििात्व करते हैं। ¯बदु, रेखाएँ और बहुभुज उनके अभ्िालक्षण होते हैं। ¯बदु आंकड़े मानचित्रा पर प्रदश्िार्त विद्यालय, अस्पताल, वुफएँ, नलवूफप, कस्बे और गाँव जैसे वुफछ भौगोलिक लक्षणों की अवस्िथति संबंधी विशेषताओं का प्रदशर्न करते हैं। अन्य शब्दों में यदि हम मानचित्रा पर परिमाप रहित मापनी ¯कतु अवस्िथति के संदभर् में वस्तुओं की उपस्िथति दशार्ना चाहते हैं, तो हम ¯बदुओं का प्रयोग करते हैं। इसी प्रकार रेखाएँ सड़कों, रेलवे लाइनों, नहरों, नदियों, शक्ित और संचार पथों जैसे रैख्िाक लक्षणों को चित्रिात करती हैं। बहुभुज किसी क्षेत्रा विशेष को परिब( करती हुइर् अंतस±बंिात अनेक रेखाओंसे बनते हैं और इनका प्रयोग प्रशासकीय इकाइयों ;देश, िाले, राज्य और खंडद्धऋ भूमि - उपयोग प्रकारों ;कृष्िा क्षेत्रा, वन्य भूमियों, अवक्रमित/परती भूमियों, चरागाहों इत्यादिद्ध तथा तालाब, झीलों इत्यादि जैसे लक्षणों को दशार्ने के लिए किया जाता है। गैर - स्थानिक आंकड़े स्थानिक आंकड़ों का वणर्न करने वाले आंकड़े गैर - स्थानिक आंकड़े अथवा गुण न्यास कहलाते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास आपके विद्यालय की स्िथति दशार्ने वाला मानचित्रा है तो आप विद्यालय का नाम, इसकेद्वारा प्रदत्त विषय - धारा, प्रत्येक कक्षा में विद्याथ्िार्यों की अनुसूची, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, उपकरणों इत्यादि की सुविधा जैसी सूचनाओं को संलग्न कर सकते हैं। अन्य शब्दों में आप स्थानिक आंकड़ों के गुणों की व्याख्या कर रहे होते हैं। इस प्रकार स्थानिक आंकड़ों को गुण न्यास के रूप में भी जाना जाता है। भौगोलिक आंकड़ों के ड्डोत्रा भौगोलिक आंकड़े अनुरूप ;मानचित्रा और वायव पफोटोग्राप़्ाफद्ध अथवा आंकिक रूप ;क्रमवीक्ष्िात प्रति¯बबोंद्ध में उपलब्ध होते हैं। वंफप्यूटर में स्थानीय आंकड़ों की रचना प्रणाली पर अध्याय 6 में परिचचार् की गइर् है। मानचित्राण साॅफ्रटवेयर तथा उनके प्रकायर्: अनेक मानचित्राण साॅफ्रटवेयर जैसे कि आवर्फ जी आइर् एस, आवर्फ व्यू, जियो मीडिया, ग्राम, इदरिसी,जिओमेटिका इत्यादि व्यावसायिक रूप में उपलब्ध हैं। वुफछ मुफ्र.त डाउनलोड करने योग्य साॅफ्रटवेयर भी हैंजिन्हें इंटरनेट की सहायता से डाउनलोड किया जा सकता है। परंतु इनमें से प्रत्येक साॅफ्रटवेयर के सामथ्यर् की यहाँ चचार् करना समय और स्थान के व्यवरोध के कारण कठिन होगा। हम, इसलिए यहाँ एक मानचित्राणसाॅफ्रटवेयर का प्रयोग करते हुए वणर्मात्राी मानचित्राण में सामान्यतः प्रयुक्त होने वाली प्रिया का वणर्न करेंगे।एक मानचित्राण साॅफ्रटवेयर स्थानिक और गुण न्यास निवेश के माध्यम से स्क्रीन पर क्रमवीक्ष्िात मानचित्रों के अंकीकरण, त्राुटियों के निष्कासन, मापनी के रूपांतरण और प्रक्षेपण, आंकड़ा समन्वय, मानचित्रा डिशाइन, प्रदशर्न और विश्लेषण की ियाएँ प्रदान करता है। एक अंकरूपीय मानचित्रा में तीन पफाइलें होती हैं। इन पफाइलों के विस्तारण ेीचए ेीग और कइ िहैं। कइ िपफाइल डी - बेस पफाइल है जिसमें गुण न्यास होता है और यह ेीग और ेीच से जुड़ी होती है। दूसरी ओर ेीग और ेीच पफाइलों में स्थानिक ;मानचित्राद्ध सूचना होती है। कइ िपफाइल का संपादन एम एस - एक्सेल में किया जा सकता है।आपके पास उपलब्ध मानचित्राण साॅफ्रटवेयर का प्रयोग करते हुए आप एक वणर्मात्राी मानचित्रा की रचनाकर सकते हैं बशतर्े आप उस साॅफ्रटवेयर की नियम पुस्ितका में दिए गए सोपानों का अनुसरण करें। यदि आपसाॅफ्रटवेयर में उपलब्ध विभ्िान्न विकल्पों के साथ प्रयोग करें तो आप विभ्िान्न वििायों का प्रयोग करते हुए अनेक प्रकार के मानचित्रों की रचना कर पाएँगे। अभ्यास 1ण् नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: ;पद्ध निम्नलिख्िात आंकड़ों के प्रदशर्न के लिए आप किस प्रकार के ग्राप़्ाफ का उपयोग करेंगे? ;पपद्ध राज्य के अंतगर्त िालों का प्रदशर्न किस प्रकार के स्थानिक आंकड़ों द्वारा होगा? ;कद्ध ¯बदु ;खद्ध रेखाएँ ;गद्ध बहभुजु ;घद्ध उपयुर्क्त में से कोइर् नहीं ;पपपद्ध एक ववर्फशीट के सेल में दिए गए सूत्रा में वह कौन - सा प्रचालक है जिसका पहले परिकलन किया जाता है? ;कद्ध $ ;खद्ध - ;गद्ध / ;घद्ध × ;पअद्ध एक्सेल में विजाडर् पंफक्शन आपको समथर् बनाता है ;कद्ध ग्राप़्ाफ रचना में ;खद्ध गण्िातीय और सांख्ियकीय ियाओं को करने में ;गद्ध मानचित्रा आलेखन में ;घद्ध उपयुर्क्त में से कोइर् नहीं। 2ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए। ;पद्ध एक्सेल में विजाडर् पंफक्शन आपको समथर् बनाता है ;पपद्ध एक वंफप्यूटर के विभ्िान्न भागों की हस्तेन वििायों की तुलना में वंफप्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ हैं? ;पपपद्ध आंकड़ा प्रक्रमण और प्रदशर्न की हस्तेन वििायों की तुलना में वंफप्यूटर के प्रयोग के क्या लाभ हैं? ;पअद्ध ववर्फशीट क्या होती है? 3ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर 125 शब्दों से अिाक में न दें। ;पद्ध स्थानिक व गैर - स्थानिक आंकड़ों में क्या अंतर है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। ;पपद्ध भौगोलिक आंकड़ों के तीन प्रकार कौन - से हैं? ियाकलाप 1ण् दिए गए आंकड़ा समुच्चय का प्रयोग करते हुए निम्नलिख्िात चरणों का अनुसरण कीजिए: ;पद्ध दिए गए आंकड़ों को एक पफाइल में प्रविष्ट कीजिए और उनका माॅय डाक्यूमेंट ;डल क्वबनउमदजद्ध में भंडारण कीजिए ;पफाइल का नाम ‘रेनपफाॅल’ रख्िाएद्ध।़;पपद्ध एक्सेल स्प्रेड शीट में विजाडर् पंफक्शन का प्रयोग करते हुए दिए गए आंकड़ा समुच्चय के प्रमाप विचलन और माध्य की गणना कीजिए। ;पपपद्ध द्वितीय चरण में व्युत्पन्न, परिणामों का प्रयोग करते हुए विचरण गुणांक का अभ्िाकलन कीजिए। ;पअद्ध परिणाम का विश्लेषण कीजिए। 2ण् वंफप्यूटर की सहायता से उपयुक्त तकनीक का प्रयोग करते हुए नीचे दिए गए आंकड़ों का प्रदशर्न कीजिए और आलेख का विश्लेषण कीजिए। भारत में शस्य गहनता वषर् 80 शस्य गहनता वषर् 90 शस्य गहनता का दशक 80 का दशक का दशक 90 का दशक 1980.81 123ण्3 1990.91 129ण्9 1981.82 124ण्5 1991.92 128ण्7 1982.83 123ण्2 1992.93 130ण्1 1983.84 125ण्7 1993.94 131ण्1 1984.85 125ण्2 1994.95 131ण्5 1985.86 126ण्7 1995.96 131ण्8 1986.87 126ण्4 1996.97 132ण्8 1987.88 127ण्3 1997.98 134ण्1 1988.89 128ण्5 1998.99 135ण्4 1989.90 128ण्1 1999.00 134ण्9

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