गण्िात .कक्षा 12 समय रू 3 घंटे पूणार्ंक रू 100 प्रश्नपत्रा वेेफ विभ्िान्न आयामों पर अंक भारण निम्नलिख्िात अनुसार है।;।द्ध विभ्िान्न उप - विषय/विषय - वस्तु यूनिट पर भारणक्रम संख्या उप - विषय अकं1ण् संबंध् एवं पफलन 10 2ण् बीजगण्िात 13 3ण् कलन 44 4ण् सदिश एवं त्रिाविमीय - ज्यामिति 17 5ण् रैख्िाक प्रोग्रामन 06 6ण् प्रायिकता 10 वुफल योग 100 ;ठद्ध प्रश्नों के विभ्िान्न प्रकार पर भारणक्रम प्रश्न का प्रकार प्रत्येक प्रश्न पर प्रश्नों की संख्या अकंसंख्या अकंवुफल संख्या1ण् बहुविकल्पीय/वस्तुनिष्ठ/ 01 10 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न2ण् लघु उत्तरीय प्रश्न 04 12 483ण् दीघर् उत्तरीय प्रश्न 06 07 42 वुुफल योग 29 100 ;ब्द्ध चुनाव/विकल्प की योजनाप्रश्नपत्रा के विभ्िान्न भागों में विकल्प का प्रावधन नहीं है। तथापि चार अंकों वाले चार प्रश्नोंमें तथा छः अंकांे वाले दो प्रश्नों में आन्तरिक विकल्प का प्रावधन है।ब्लू पि्रंटयूनिटध्प्रश्न का प्रकार बहु विकल्पी/अति लघु उत्तरीय दीघर् योगलघु उत्तरीय प्रश्न प्रश्न उत्तरीयसंबंध् एवं पफलन .4 ;1द्ध 6 ;1द्ध 10 ;2द्ध बीज गण्िात 3 ;3द्ध 4 ;1द्ध 6 ;1द्ध 13 ;5द्ध कलन 4 ;4द्ध 28 ;7द्ध 12 ;2द्ध 44 ;13द्ध सदिश एवं त्रिाविमीय ज्यामिति 3 ;3द्ध 8 ;2द्ध 6 ;1द्ध 17 ;6द्ध रैख्िाक प्रोग्रामन दृ दृ 6 ;1द्ध 6 ;1द्ध प्रायिकता दृ 4 ;1द्ध 6 ;1द्ध 10 ;2द्ध योग 10 ;10द्ध 48 ;12द्ध 42 ;7द्ध 100;29द्ध खंड .। प्रश्न संख्या 1 से 3 तक प्रत्येक में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - 1ण् यदि ∗ एक ऐसी द्विआधरी संिया है, जो ∗रू त् × त् → त्ए इस प्रकार की है कि ं∗ इत्र ं़ इ2ए तो दृ2∗5 का मान है, ;।द्ध दृ52 ;ठद्ध 23 ;ब्द्ध 64 ;क्द्ध 13 ⎡ππ 13 ⎤ ⎛2ण् यदि ेपददृ1 रू ख्दृ1ए 1, → ⎢ए एक पफलन है, तो ेपददृ1 ⎜− ⎞⎟बराबर है।⎣22⎥⎦ ⎝ 2 ⎠−π −π 5π 7 π ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध6 666 ⎛96⎞⎛23⎞⎛30⎞ 3ण् दिया हुआ है कि ⎜⎟त्र ⎜ ⎟⎜ ⎟दोनों पक्षों पर प्रारम्िभक पंक्ित रूपान्तरण30 1012⎝ ⎠⎝ ⎠⎝ ⎠त्→ त्दृ2 त्का प्रयोग करने पर, हमें निम्नलिख्िात परिणाम प्राप्त होता है1 12 ⎛36⎞⎛23⎞⎛1 −4⎞⎛36⎞⎛03⎞⎛30⎞ ;।द्ध ⎜⎟त्र ⎜⎟⎜ ⎟ ;ठद्ध ⎜⎟त्र ⎜ ⎟⎜ ⎟30 1012 30 1012⎝⎠⎝⎠⎝ ⎠ ⎝⎠⎝⎠⎝⎠ ⎛−36⎞⎛23⎞⎛30⎞ ⎛−36⎞ ⎛−43⎞⎛30⎞ ;ब्द्ध ⎜⎟त्र ⎜⎟⎜ ⎟ ;क्द्ध ⎜⎟त्र ⎜ ⎟⎜⎟⎝30⎠⎝10⎠⎝−32⎠⎝30⎠⎝10⎠⎝12⎠ 4ण् यदि । कोटि 3 का एक वगर् आव्यूह है तथा द्य।द्य त्र 5 हैए तो द्यंकरण् ।द्य का मान क्या हैघ् 5ण् यदि । तथा ठ कोटि 3 के वगर् आव्यूह, इस प्रकार के हैं कि द्य।द्य त्र दृ1 तथा द्यठद्य त्र 4ए तो द्य3;।ठद्धद्य का मान क्या हैघ् प्रश्न संख्या 6ए 7 तथा 8 में से प्रत्येक में रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए - ⎡ 3 ⎤ 22⎛कल⎞⎛कल⎞⎢़6ण् अवकलज समीकरण 1 ⎜कग⎟⎥त्र ⎜कग2 ⎟ की घात ऋऋऋऋऋऋऋ है।⎣⎢ ⎝ ⎠⎥⎦⎝ ⎠ प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 321 क लग7ण् रैख्िाक अवकल समीकरण दृ ल त्र ग2 को हल करने के लिए समाकलनकगगुणक ऋऋऋऋऋऋऋ है। 8ण् ६६2 का मान ऋऋऋऋऋऋऋहै।दृपर 9ण् समतल 3ग ़ 4ल दृ7 त्र 0 तथा 6ग ़ 8ल ़ 6 त्र 0 के बीच की दूरी क्या है? ळळळळळ10ण् यदि ं ळएक मात्राक सदिश है तथा ;गदृ ंद्धण् ;ग़ंद्धत्र 99 हैए तो द्य ग द्य का मान क्या है? खंड.ठ 11ण् मान लीजिए कि द एक ध्न पूणार्ंक है तथा त् एक संबंध् र् में इस प्रकार परिभाष्िात है कि ∀ ंए इ ∈ र्ए ं त् इ यदि और केवल यदि ं दृ इद से भाज्य है। सि( कीजिए कि त् एक तुल्यता संबंध् है। 12ण् सि( कीजिए कि बवजदृ17 ़ बवजदृ18 ़ बवजदृ118 त्र बवजदृ13ण् अथवा −1 −1 −12समीकरण जंद;2 गद्ध जंद;2 गद्धजंद ए 3 ग़़ −त्र 3 − ढढ 3 को हल कीजिए? ग ़2 ग ़6 ग −1 ग ़6 ग −1 ग ़2 त्र0 ग −1 ग ़2 ग ़6 13ण् ग के लिए हल कीजिए, अथवा ⎛12⎞⎛1 −12 ⎞ यदि । त्र ⎜⎟तथा ठ त्र ⎜⎟ए तो सत्यापित कीजिए कि ;।ठद्ध′ त्र ठ′ ।′ ण्34 32दृ3 ⎝ ⎠⎝ ⎠14ण् ा का मान निधर्रित कीजिए जिससे पफलन ⎧ाण्बवे 2 ग π ए यदि ग ≠⎪⎪π− 4 ग 4 ि;गद्ध त्र ⎨ π⎪5ए यदि ग त्र ⎪⎩ 4 π ग त्र 4 पर संतत हो। 2 ं बवे ग कल कल 215ण् यदि ल त्र म −1 है, तो दशार्इए कि ;1 दृ ग2द्ध 2दृ ग दृ ंल त्र0कग कग 16ण् वक्र ग त्र ेपद3ज ए ल त्र बवे2ज की, ज त्र π 4 पर, स्पशर् रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। अथवा उन अंतरालों को ज्ञात कीजिए जिनमें पफलन ि;गद्ध त्र ेपद4 ग ़ बवे4 गए 0 ढ ग ढ π निरंतर2 वध्र्मान अथवा निरंतर ह्रासमान है। π 17ण् ∫ 6 ेपद4 ग बवे 3 गकग का मान ज्ञात कीजिए। 0 3ग ़118ण् ∫ 2 कग का मान ज्ञात कीजिए।2ग − 2ग ़ 3 अथवा ∫ गण्;सवह गकग द्ध2 का मान ज्ञात कीजिए। ग ग ल19ण् अवकल समीकरण 2ल मल कग ़ ;ल दृ 2 गम द्ध कल त्र 0 का विश्िाष्ट हल ज्ञात कीजिए, दिया हुआ है कि ग त्र 0 जब ल त्र1 ळ ळ६६६ ६६६ 2६६६ाइ और ळ है, तो इब के अनुदिश प्रक्षेप ज्ञात कीजिए। 20ण् यदि ं ळ त्र 2प − 2 र ़ ए त्र प ़ 2 र दृ3 ाब त्र प − र ़ 4ा ़ ळ कां ळ 21ण् बिन्दु ;1ए 2ए दृ4द्ध से हो कर जाने वाली तथा रेखाओं त ळ त्र;8 प६ −16 ६र ़10 द्ध ा६ ़λ ;3 प६ −16 ६र ़ 7 द्ध ६ा प ६ ा 5द्ध पर लंब रेखा का सदिश समीकरण निधर्रित कीजिए। और त ळ ;15 ६ ़ 29 र ़ 5 ६द्ध ़ - ;3 प६़ 8६र − ा६ प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 323 22ण् तीन सिक्कों में से एक अनभ्िानत सिक्का है, जिसे उछालने पर 60ः पट आता है, दूसरा भी अनभ्िानत सिक्का है, जिसे उछालने पर 75ः चित आता है तथा तीसरा अनभ्िानत स्िाक्का है। तीनों सिक्कों मंे से एक यादृच्छया चुना जाता है और पिफर उछाला जाता है, जिस पर चित आता है। इस बात की प्रायिकता क्या है कि यह अनभ्िानत सिक्का होगा? खंड - ब् ⎛ 41 3 ⎞ ⎜⎟ 23ण् ।दृ1 ज्ञात कीजिए जबकि । त्र ⎜ 21 1⎟ है। अतः निम्नलिख्िात समीकरण निकाय को⎜⎟31 − 2⎝⎠ हल कीजिएः 4 ग ़ 2 ल ़ 3 ्र त्र 2ए ग ़ ल ़ ्र त्र 1ए 3 ग ़ ल दृ 2 ्र त्र 5 अथवा ⎛ 12 −2⎞ प्रारम्िभक रूपंातरणों का प्रयोग करके, ।दृ1 ज्ञात कीजिए, जबकि । त्र ⎜⎜ −13 0 ⎟ ⎟⎜⎟0 −21⎝⎠ 24ण् सि( कीजिए कि प्रदत्त तियर्क उफँचाइर् वाले अध्िकतम आयतन के शंवुफ का अध्र् शीषर्कोण जंद−12 है। 3 25ण् योगपफल की सीमा विध्ि से ∫;3ग2 ़ 2ग ़ 5द्ध कग का मान निकालिए।3 26ण् समाकलन का प्रयोग करके, घन ग.अक्ष तथा वृत्त ग2 ़ ल2 त्र 4 के, बिंदु ;1ए 3द्ध पर, अभ्िालम्ब एवं स्पशर् रेखा द्वारा बनने वाले त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 27ण् समतलों ग ़ 3 ल ़ 6 त्र 0 तथा3 ग दृ ल दृ 4्र त्र 0 के प्रतिच्छेदन से हो कर जाने वाले और मूल बिंदु से इकाइर् लंबवत दूरी वाले समतल का समीकरण ज्ञात कीजिए। अथवा बिंदु ;3ए 4ए 5द्ध से समतल ग ़ ल ़ ्र त्र 2 की, रेखा 2 ग त्र ल त्र ्र के समान्तर नापी गइर्, दूरी ज्ञात कीजिए। 28ण् चार खराब बल्ब संयोग से 6 अच्छे बल्बों में मिल गए हैं। यदि किसी बल्ब को केवल देख कर, यह कहना संभव नहीं है कि वह खराब है या नहीं, तो खराब बल्बों की संख्या का प्रायिकता बंटन ज्ञात कीजिए, यदि इस ढेर में से चार बल्ब यादृच्छया निकाले जाते हैं। 29ण् एक प़्ाफनीर्चर प़्ाफमर् वुफसीर् और मेज़्ा बनाती है, जिनमें से प्रत्येक के लिए ।ए ठ तथा ब् तीन मशीनों की आवश्यकता पड़ती है। एक वुफसीर् को बनाने के लिए मशीन । पर 2 घंटे, मशीन ठ पर 1 घंटा तथा मशीन ब् पर एक घंटा काम करने की आवश्यकता है। प्रत्येक मेश के लिए । और ठ मशीनों में से प्रत्येक पर 1 घंटा तथा मशीन ब् पर 3 घंटे काम करने की आवश्यकता पड़ती है। एक वुफसीर् को बेचने पर 30 रु. लाभ प्राप्त होता है, जबकि एक मेज़्ा पर 60 रु. लाभ प्राप्त होता है। प्रति सप्ताह मशीन । पर वुफल 70 घंटे, मशीन ठ पर वुफल 40 घंटे तथा मशीन ब् पर वुफल 90 घंटे काम करने के लिए उपलब्ध् हैं। प्रत्येक सप्ताह कितनी वुफसिर्याँ तथा मेज़्ांे बनानी चाहिए, जिससे लाभ का अध्िकतमीकरण हो सके? इस समस्या को रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या के रूप में सूत्राण कीजिए तथा इसे आलेखीय विध्ि द्वारा हल कीजिए। अंकन योजना खंड.। 1ण् ;ठद्ध 2ण् ;क्द्ध 3ण् ;ठद्ध 14ण् 25 5ण् दृ108 6ण् 2 7ण् अंक ग 8ण् 2 9ण् 2 इकाइर् 10ण् 10 1 × 10 त्र 10 खंड.ठ 11ण् ;पद्ध क्योंकि ं त् ंए ∀ ं ∈ र् तथा 0 भाज्य है द से इसलिए त् स्वतुल्य है। 1 ;पपद्ध ंत्इ ⇒ ं दृ इद से भाज्य है, तो इ दृ ं भी द से भाज्य है, अतः इ त् ंण् इसलिए त् सममित है 1 ;पपपद्ध मान लीजिए कि ंएइएबए ∈ र् के लिए ं त् इ तथा इ त् बए तो ं दृ इ त्र द चए इ दृ बत्रद ुए किसी चए ु ∈ र् के लिए। इसलिए ं दृ ब त्र द ;च ़ ुद्ध और इस प्रकार ं त् बण् 1 अतः त् संक्रामक भी है और इसलिए यह एक तुल्यता संबंध् है। 1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 325 12ण् क्योंकि ⇒ 13ण् 11 1स्भ्ै त्र जंददृ1 ़ जंददृ1 ़ जंददृ1 7818 11़ 1 दृ1 ⎛ 15 ⎞ 178 जंदत्र जंददृ1 ़ जंददृ1 त्र ⎜⎟ ़ जंददृ1 11 18 ⎝ 55 ⎠181− ण्78 31़11 1831 65 त्र जंददृ1 ़ जंददृ1 त्र जंददृ1 31 त्र जंददृ1 1118 1− 195 11 18 1 त्र जंददृ1 त्र बवजदृ13 त्र त्भ्ै3अथवा 2 जंददृ1 ;2 ़ गद्ध ़ जंददृ1 ;2 दृ गद्ध त्र जंददृ1 3 ;2 ़ गद्ध ़ ;2 − गद्ध2इसलिए जंददृ1 त्र जंददृ1 1;2 −़ गद्ध ;2 − गद्ध3 42अतः त्र ग2 − 33 ग2 त्र 9 ⇒ ग त्र ± 3 ग ़ 2 ग ़ 6 ग −1 ग ़ 6 ग −1 ग ़ 2 त्र 0दिया हुआ है कि ग −1 ग ़ 2 ग ़ 6 ग ़ 2 ग ़ 6 ग −1त् →त् − त्2 21 4 −73 त्र 0ए के प्रयोग द्वारा,त् →त् − त्3 31 −3 − 47 1 1 1 1 11 2 11 2 1 11 2 ग ़24 −3→− ब्2 ब्2ब्1 14 −11 −1 त्र0→− ए द्वारा 1ब् ब्ब् 23 31 −3 −1 10 इसलिए ;ग ़ 2द्ध ;दृ111द्ध दृ 4 ;37द्ध दृ3 ;दृ37द्ध त्र 0 जिसे हल करने पर ग त्र दृ7 13 अथवा ⎛12⎞⎛1 −12⎞⎛73 −4⎞ ।ठ त्र ⎜ ⎟⎜ त्र ⎜ 134 32 −3⎟ 15 5 −6⎟⎝⎠⎝⎠⎝ ⎠ ⎛715 ⎞ ⎜⎟ इसलिए, स्भ्ै त्र ;।ठद्ध′ त्र ⎜35 ⎟ 1⎜− −⎟46⎝⎠ ⎛13 ⎞ ⎛7 15 ⎞ ⎜ ⎟⎛13 ⎞⎜ ⎟−12 35त्भ्ै त्र ठ′ ।′ त्र ⎜ ⎟⎜⎟त्र ⎜⎟इसलिए, स्भ्ै त्र त्भ्ै 1़1⎜ −⎟⎝24⎠⎜⎝23⎠ ⎝−−6⎟⎠4 1π14ण् क्योंकि ग त्र पर िसंतत है, अतः सपउ π ि;गद्ध त्र 5ण्4 ग→ 42 πा बवे2; −लद्धाण्बवे2 गसपउ ि; द्ध सपउ त्रसपउ π1ग 4 π −त्रअब ग→ त्र ग→ππ−4गल→0 π ए ूीमतम गलए 1 44 π−4; −लद्ध4 24 πाण्बवे; −2द्ध लसपउ 2 सपउ ;ेपद2द्ध ा 1ालत्र त्रत्र 1 ल →0 ππ4लल →0 2ण्2 ल 22−़प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 327इसलिए ा त्र5 ⇒ा त्र10ण् 1 22 −1 −1ं बवे गकल ं बवे ग ;−ंद्ध1म ⇒त्रम15ण् ल त्र2कग 1−ग 2 2 कल 1इसलिए 1−ग त्र−ंल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्;1द्ध कग 2 ग के सापेक्ष पुनः अवकलन करने पर, 2 2 कल गकल ंकल 11−ग − त्र− 1कग21−ग2 कग कग 2 2 2 कल कल 2 कल 1;1 ग द्ध2 −ग त्र− ं 1−⇒− गकग कग कग 2 त्र दृ ं ;दृ ंलद्ध ख्;1द्ध द्वारा, 12 2 2 कल कल 21अतः ;1−ग द्ध2 −ग −ंल त्र0ण्कग कग 2 कग कल16ण् त्ऱ3बवे3 ए ज त्र− 2ेपद 2 ज 1कज कज π−2ेपद कल 2ेपद 2 ज ⎛कल ⎞ 2 −2 22इसलिए ए त्र− ए तथा ⎜⎟त्रत्र त्र कग 3बवे3 ज कग ππ 13 1⎝⎠जत्र 4 3बवे3 3ण्; − द्ध42 π1 πसाथ ही ग त्र ेपद3ज त्र ेपद 3 त्र तथा ल त्र बवे2ज त्र बवे त्र 0ण् 42 2 ⎛ 1 ⎞ इसलिए स्पशर् बिंदु ⎜ ए0⎟ है 1⎝ 2 ⎠ 22 ⎛ 1 ⎞ ग −अतः स्पशर् रेखा का समीकरण निम्नलिख्िात है, ल दृ 0 त्र ⎜ ⎟3 ⎝ 2 ⎠ अथवा 22 ग −3ल − 2त्र01 अथवा ि′;गद्ध त्र 4 ेपद3ग बवेग दृ 4 बवे3ग ेपदग त्र दृ 4 ेपदग बवेग ;बवे2ग दृ ेपद2गद्ध त्र दृ ेपद 4ग ण्1 πइसलिए, ि′ ;गद्ध त्र 0 ⇒ 4ग त्र दπ⇒ गत्र द 4 π अब 0 ढ ग ढ4 ए के लिए ि′ ;गद्ध ढ 0 1 π 1अतः िअंतराल ; 0ए 4द्ध में िनिंरतर हृासमान है। 12 ππ 1इसी प्रकार हम दिखला सकते हैं कि अंतराल ;ए द्ध में िनिरंतर वध्र्मान है42 2 π 17ण् प् त्र 6ेपद4 ग बवे3 ग कग ∫0 π त्र∫6 ेपद 4 ग ;1दृ ेपद 2 गद्ध बवे ग कग 10 1 ∫024 2 त्र ज ;1− ज द्ध कज ए जहाँ ेपद ग त्र ज 1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 329 1 1 57 2 46 ⎡जज ⎤ त्र∫02 ;ज −ज द्ध कज त्र⎢ − ⎥ 157⎣⎦0 ⎛⎞517 111 1 ⎛⎞ 1 ⎛ 1 ⎞ 23 त्र−त्र ⎜⎟−⎜⎟ ⎜ ⎟त्र 152 7 ⎝⎠2 325 28 ⎠ 4480 ⎝⎠ ⎝ 35;4ग 2द्ध −़ 3ग ़118ण् प् त्र 42 1कग त्र कग∫2 ∫ 22ग 2ग 32ग 2ग 3−़ −़ 34ग −2 51 त्र कग ़ कग ∫2 ∫2ग 4 ग2 ग 342 ग −़ 3 −़2 3 25 कगसवह द्य2 ग 2ग 3द्य 2 त्र −़़ 44 ∫⎛−1 ⎞25⎛ ⎞ 11ग ़⎟⎜ ⎟⎜ 2⎝ 2 ⎠⎝2 ⎠ 3 252 −12ग −11त्रसवह द्य2ग − ़़ 2ग 3 द्य जंद ़ब 14 455 2 3 25 −12ग −1 त्रसवह द्य2ग 2ग 3द्य जंद ़ब− ़़ 4 25 अथवा ∫ 2 ∫ 2प् त्रग;सवह द्धण् त्र गगकग ;सवह द्ध ग कग 2 ग21 ग2 त्र;सवह गद्ध −2सवह ग कग ∫ 12 ग 2 ग21 त्र ;सवह द्ध2 −∫सवह गगकग ग ण्22 2 22ग 2 ⎡ ग 1 ग ⎤;सवह द्ध −⎢सवह ग −∫ ण् कग ⎥ 1)त्र ग ण् 22 ग 2⎣⎦ 2 22ग गग;सवह द्ध2 − सवह ग ़़ब 1त्र ग 2 24 19ण् प्रदत्त अवकल समीकरण निम्नलिख्िात रूप में लिखा जा सकता है, ग कग 2गम ल −ल 1त्र कल ग ल 22ण्लम ग कग कअ 1त्र अ रख्िाए ⇒ग त्रअल ⇒त्रअ ़लल कल कल 2 कअ 2अ लम अ −ल 2अ म अ −1इसलिए, अल त्र 1़त्र कल 2लम अ 2मअ 2 कअ 2अमअ −1 ल त्र−अ अकलया अ अतः 2मकअ त्र− 1कल 2म ल ⇒2मअ त्र− सवह द्य ल द्य ़ब 1 जब ग त्र 0ए ल त्र 1 ग 1या 2मल त्र−सवह द्य ल द्य ़ब ⇒ 2 त्र ब 2 ग तो समीकरण का विश्िाष्ट हल है 2 लम त्र−सवह ल ़2 1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 331 20ण् ६ ६ ६६ ६ ६ ६ ६ ६; 2 3 द्ध ;2 4 द्ध 3इब प र ा प र ा प रा ़त्र ़ − ़ −़ त्र ़़ ळ ळ 1 ६६ ६2 2ं प रा त्र − ़ ळ ; ़द्ध ळ ळइबका ; द्धण् द्यद्य इबं ं ं ़ त्र ळ ळळळ ळके अनुि दश प्रक्षेप 1 62 1 5 344 1 −़ त्र ़़ इकाइर् 1़1 21ण् दी हुइर् रेखाओं पर लम्ब सदिश निम्नलिख्िात है, ६प ६र ६ा ६ ६६ ६ ६ ६;3 16 7 द्ध ;3 8 5 द्ध प र ा प र ा − ़ × ़ − त्र 3 16 − 7 3 8 5− 1 1 2 ६ ६६ ६ ६ ६24 36 72 वत 12;2 3 6 द्ध प र ा प र ात्र ़ ़ ़ ़ 1 अतः अभीष्ट रेखा का समीकरण निम्नलिख्िात है, ६ ६६ ६ ६ ६; 2 4 द्ध ;2 3 6 द्ध त प र ा प र ात्ऱ − ़ ़ ़ळ λ 1 2 22ण् मान लीजिए कि, म्1रू पहले ;अनभ्िानतद्ध सिक्के का चयन म्2रू दूसरे ;अनभ्िानतद्ध सिक्के का चयन म्3रू तीसरे ;अनभ्िानतद्ध सिक्के का चयन च्;म्1द्ध त्र च्;म्2द्ध त्र च्;म्3द्ध त्र 1 3 1 2 मान लीजिए कि ।रू एक चित आने को निरूपित करता है ⎛⎞ । 40 ⎛। ⎞ 75 ⎛। ⎞ 1इसलिए, च्⎜⎟ त्र 100 ए च्⎜ ⎟त्र ए च्⎜⎟त्र म् म्100म् 2⎝⎠1 ⎝2 ⎠⎝3 ⎠⎛⎞ ।च्;म् द्धच् 3 ⎜⎟ ⎛म्3 ⎞ म्3⎝⎠ च्⎜⎟त्र ⎛ ⎛⎞ ⎝। ⎠⎛⎞ ।। ⎞ ।च्;म् द्धच् ़च्;म् द्धच् ़च्;म् द्धच् 1 ⎜⎟ 2 ⎜⎟ 3 ⎜⎟ म्म्म्1 ⎝2 ⎝⎠ ⎝⎠ ⎠ 3 11 ण् 1032त्र त्र 140 175 11 33 ण् ़ ण् ़ ण्3100 3100 3 2 खंडदृब् 23ण् द्य।द्य त्र 4 ;दृ3द्ध दृ1 ;दृ7द्ध ़ 3 ;दृ1द्ध त्र दृ12 ़ 7 दृ 3 त्र दृ8 ।दृ3।।11 त्र 12 त्र 7 13 त्र दृ1 ।।।21 त्र 5 22 त्र दृ17 23 त्र दृ1 दृ2।। 2।31 त्र 32 त्र 2 33 त्र ⎛−35 −2⎞1इसलिए, ।दृ1 ⎜7 −17 2 ⎟ त्र दृ ⎜⎟8 ⎜⎟−1 −12⎝⎠ दिया हुआ समीकरण निम्नलिख्िात प्रकार से भी लिखा जा सकता है, 42 3 ग 2⎛ ⎞⎛⎞ ⎛⎞ ⎜ ⎟⎜⎟ ⎜⎟11 1 ल 1⎜ ⎟⎜⎟त्र ⎜⎟⎜ −⎟⎜⎟⎜⎟31 2 ्र 5⎝ ⎠⎝⎠ ⎝⎠ 11 2 1 2 11 2 1 11 2 1 2 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 333 ।ण्ग् ठ ग् त्र;। ′दृ1 1⇒′ त्र⇒ द्धठ −1त्र;। द्धठ′ ग ⎛⎛⎞ −37 −1⎞⎛⎞ 2 ⎜⎟ −1 ⎜ ⎟⎜⎟ ⇒ल त्र 5 −17 −11⎜⎟⎜ ⎟⎜⎟ 8⎜⎟⎜ ⎟⎜⎟ ्र −22 25⎝⎠⎝ ⎠⎝⎠ 1⎛⎞ ⎜⎟ 2⎛−6 ़7 दृ5 त्र− 4 ⎞ ⎜⎟ 1 ⎜ ⎟⎜⎟ 3 त्रदृ 10 −17 −5 त्र−12 त्र 1⎜ ⎟⎜⎟ 82 1⎜⎝−4 ़2 ़10 त्र 8 ⎟⎠ ⎜⎟ 2−1⎜⎟⎜⎟⎝⎠ 13 1अतः ग त्र ए लत्र ए्र त्र−1 22 2 अथवा ⎛12 −2⎞⎛ 100⎞ 1⎜ ⎟⎜ ⎟ॅतपजपदह । त्र−13 0 त्र 010 ।⎜ ⎟⎜ ⎟ 2⎜ ⎟⎜ ⎟0 −2 1 001⎝ ⎠⎝ ⎠ ⎛12 −2⎞⎛ 100⎞ ⎜ ⎟⎜ ⎟त् →त् ़त् ⇒ 05 −2 त्र 110 ।2 21 ⎜ ⎟⎜ ⎟ 1⎜ ⎟⎜ ⎟0 −2 1 001⎝ ⎠⎝ ⎠ ⎛12 −2⎞⎛ 100⎞ ⎜ ⎟⎜ ⎟त्2 →त्2 ़2त् 3 ⇒01 0 त्र112 ।⎜ ⎟⎜ ⎟ 1⎜ ⎟⎜ ⎟0 −2 1 001⎝ ⎠⎝ ⎠ 12 2 ⎞⎛ 100 ⎞⎛− ⎜ ⎟⎜⎟त्→ त् 2त्⇒ 01 0 त्र 112 । ़33 2 ⎜ ⎟⎜⎟⎜ ⎟⎜⎟001 225 ⎝ ⎠⎝⎠ ⎛12 0 ⎞⎛ 5410⎞ ⎜⎟⎜ ⎟त्→ त् 2त्⇒ 01 0 त्र 112 । ़11 3 ⎜⎟⎜ ⎟ 1 ⎜⎟⎜ ⎟001 225 ⎝⎠⎝ ⎠ ⎛10 0 ⎞⎛ 326 ⎞ ⎜ ⎟⎜⎟त्→ त् 2त्⇒ 01 0 त्र 112 । ़11 2 ⎜ ⎟⎜⎟ 1⎜ ⎟⎜⎟001 225 ⎝ ⎠⎝⎠ ⎛ 326 ⎞ −1 ⎜⎟ 1⇒ ।त्र 112 ⎜⎟ 1⎜⎟ 2225 ⎝⎠11224ण् आयतन अ त्रπती 3 2 1स2त्री2़त2 2 स2 ी2स2ी3अ त्र 1π ;दृद्धी त्र 1π ;ी दृद्ध 133 1कअ π स2− 2त्र ; 3द्ध0 ी त्र 12की 3 आवृफति 2.1 स त्र 3ी एत त्र2ी 1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 335 जंद α त्र त ी त्र 2 α त्र जंददृ1 2 1 1 2 2 2 2 0कअ ी की त्र− π ढ अतः अका मान अध्िकतम है। 1 25ण् 3 3 2 1 1 प् ;3 2 5द्ध ; द्ध ग ग कग िगकगत्र ़ ़ त्र∫ ∫ ख्सपउ ;1द्ध ीव ी ि→ त्र ़ ;1 द्ध िी़ ़ ;1 2 द्ध ण्ण्ण् िी़ ़ ़ ,;1 ; 1द्ध द्ध िद ी़ − ण्ण्ण् ;पद्ध 1 अब, जहाँ 31 2ी द द − त्र त्र ;1द्ध 325 10 ित्ऱ ़ त्र 2 2;1 द्ध 3 3 6 22 510 8 3 िी ी ी ी ी ी़ त्र ़ ़ ़ ़ ़ त्र ़ ़ 2 2 2;1 2 द्ध 3 12 12 2 4 5 10 8ण्2ण् 3ण्2 ण् िी ी ी ी ी ी़ त्र ़ ़ ़ ़ ़ त्र ़ ़ 1 1 2 ;1 ; 1द्ध द्ध िद ी़ − 2 210 8; 1द्ध 3; 1द्ध ण् द ी द ीत्र ़ − ़ − प् त्र 2; 1द्ध ; 1द्ध;2 1द्धसपउ 10 8 3 2 6द दद दद दी द ी ी →∞ − − −⎡ ⎤़ ़⎢ ⎥⎣ ⎦ 1 1 2 त्र 2सपउ द द→∞ 2 16 ; 1द्ध 12 10 2 दद द द द −⎡ ़ ़⎢⎣ ; 1द्ध;2 1द्ध 6 दद द− − ⎤ ⎥⎦ 1 2 2 ⎡ 2 ⎤सपउ 10 द़8; द−1द्ध ;द−1द्ध ;2 द−1द्ध त्र द→∞ द ⎢⎣ द ⎥⎦ ⎡ 1 11 ⎤ त्र सपउ 2 10 ़8;1 − द्ध़ 2;1 − द्ध ;2 − द्ध 1 द→∞ ⎢⎣ द दद ⎥⎦ 1 त्र 2 ख्10 ़ 8 ़ 4, त्र 44 2 26ण् बिन्दु ;1ए 3द्ध पर वक्र ग2 ़ ल2 त्र 4 की स्पशर् रेखा का समीकरण निम्नलिख्िात है, 4 − ग ग़ 3लत्र 4ण् अतः लत्र 3 आवृफति 2.2अभ्िालम्ब का समीकरण लत्र3ग है। 1 1 44 − गकग इसलिए अभीष्ट क्षेत्रापफल त्र ∫ 3गकग़ 1∫ 0 13 ⎛ ग2 ⎞11 ⎛ ग2 ⎞4 त्र 3 ़ 4ग−⎜ ⎟ ⎜⎟ 123 2⎝⎠0 ⎝⎠1 31 ⎡ 7 ⎤ 3 33 त्ऱ 8 −त्ऱ त्र23 वगर् इकाइर् 2⎢ ⎥2 3 ⎣ 2⎦ 22 27ण् अभीष्ट समतल का समीकरण 1;ग़ 3ल़ 6द्ध ़ λ ;3गदृ लदृ 4्रद्धत्र0 1 2 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 337 ⇒ ;1 ़ 3 λद्ध ग ़ ;3 दृ λद्ध ल दृ 4 λ ्र ़ 6 त्र 0 1 2 6 मूल बिन्दु से समतल की लम्बवत दूरी त्र 2 2 2;1 3 द्ध ;3 द्ध ; 4 द्ध λ λ λ़ ़− ़− इसलिए, 2 2 2 6 1 ;1 3 द्ध ;3 द्ध ; 4 द्ध त्र ़ ़− ़−λ λ λ 1 1 2 या 36 त्र 1़ 9 λ2 ़ 6 λ़ 9 ़ λ2 दृ 6 λ़ 16 λ2 या 26 λ2 त्र 26 ⇒ λत्र ±1 अभीष्ट समतलों के समीकरण निम्नलिख्िात हैं, 4 ग ़ 2ल दृ 4 ्र ़ 6 त्र 0 तथा दृ2ग ़ 4ल ़ 4्र ़ 6 त्र 0 1 1 2 या 2ग ़ ल दृ 2्र ़ 3 त्र 0 तथा ग दृ 2 ल दृ 2्र दृ 3 त्र 0 1 अथवा रेखा का समीकरण 2ग त्र ल त्र ्र पण्मण् 1 1 1 ग ल ्र त्र त्र 1 गल्रया त्रत्र 122 रेखा च् फ का समीकरण ग −3 ल −4 ्र −5 त्र त्रत्रλहै।122 आवृफति 2.3 338 प्रश्न प्रदश्िार्का फ ; ़ 3ए 2़ 4ए 2़ 5द्ध ⇒ λ λ λ समतल पर स्िथत है। इसलिए 32 4 2 52 0λ λ λ़़ ़ ़ ़ − त्र 1 1 2 या 28ण् 5 10 2त्र− त्र− λ या λ जिससे फ ;1ए 0ए 1द्ध वफे निदश्ेर् ाांक प्राप्त होता है, अतः च्फ 41616 6त्र ़ ़ त्र इकाइर्मान लीजिए कि ग् खराब बल्बों की संख्या को निरूपित करता है। 6 4 10 4 ब् 6ण्5 ण्4ण्3 1च्;ग् 0द्ध ब् 10ण्9ण् 8ण्7 14 त्र त्र त्र त्र 1 1 2 1 च्;ग् 1द्ध त्र 6 4 3 1 10 4 ब्ब् 6ण्5ण्4ण्4ण् 84ब् 10ण्9ण्8ण्7 21 त्र त्र त्र 1 च्;ग् 2द्ध त्र 6 6 2 2 10 4 ब्ब् 6ण्5ण्4ण्3 3ण्6 ब् 10ण्9ण् 8ण्7 7 त्र त्र त्र 1 च्;ग् 3द्ध त्र 6 6 1 3 10 4 ब्ब् 6ण्4ण्3ण्2 4ण्4 ब् 10ण्9ण् 8ण्7 35 त्र त्र त्र 1 4 4 10 4 ब् 4ण्3ण्2ण्1 1च्;ग् 4द्ध ब् 10ण्9ण्8ण्7 210 त्र त्र त्र त्र अतः बंटन निम्नलिख्िात हैः 1 ग् रू 0 1 2 3 4 च् ; ग् द्धरू 1 14 8 21 3 7 4 35 1 210 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प्प् 339 29ण् मान लीजिए कि प्रति सप्ताह बनाए जाने वाली वुफसिर्यों की संख्या ग तथा मेज़्ाों की संख्या ल है। अतः हमें निम्नलिख्िात व्यवरोधें के अंतगर्त च् त्र 30 ग ़ 60 ल का अध्िकतमीकरण करना है, 2 ग ़ ल ≤ 70 ग ़ ल ≤ 40 2 ग ़ 3ल ≤ 90 ग ≥ 0ल ≥ 0 सुसंगत क्षेत्रा के शीषर् निम्नलिख्िात हैं 2 1। ;0ए30द्धए ठ ;15ए 25द्धए ब् ;30ए10द्धए क् ;35ए 0द्ध 2 च् ;। परद्ध त्र 30 ;60द्ध त्र 1800 च् ;ठ परद्ध त्र 30 ;15 ़ 50द्ध त्र 1950 1च् ;ब् परद्ध त्र 30 ;30 ़ 20द्ध त्र 1500 12 च् ;क् परद्ध त्र 30 ;35द्ध त्र 105015 वुफसिर्यों तथा 25 मेजों के लिए च् अध्िकतम है। टिप्पणी

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