गण्िात .कक्षा 12 समय रू 3 घंटे पूणा±क रू 100 प्रश्नपत्रा वेेफ विभ्िान्न आयामों पर अंक भारण निम्नलिख्िात अनुसार है।;।द्ध विभ्िान्न उप - विषय/विषय - वस्तु यूनिट पर भारणक्रम संख्या उप - विषय अकं1ण् संबंध् एवं पफलन 10 2ण् बीजगण्िात 13 3ण् कलन 44 4ण् सदिश एवं त्रिाविमीय - ज्यामिति 17 5ण् रैख्िाक प्रोग्रामन 06 6ण् प्रायिकता 10 वुफल येाग 100 ;ठद्ध प्रश्नों के विभ्िान्न प्रकार पर भारणक्रम प्रश्न का प्रकार प्रत्येक प्रश्न पर प्रश्नों की संख्या संख्या अकं1ण् बहुविकल्पीय/वस्तुनिष्ठ/ 01 10 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न2ण् लघु उत्तरीय प्रश्न 04 12 483ण् दीघर् उत्तरीय प्रश्न 06 07 42 वुुफल योग 29 100 ;ब्द्ध चुनाव/विकल्प की योजनापूरे प्रश्नपत्रा में विकल्प का प्रावधान नहीं है। तथापि चार अकों वाले चार प्रश्नों में तथा छः अंकांेवाले दो प्रश्नों में आन्तरिक विकल्प का प्रावधन है।ब्लू पि्रंटयूनिटध्प्रश्न का प्रकार बहु विकल्पी/अति लघु उत्तरीय दीघर् योगलघु उत्तरीय प्रश्न प्रश्न उत्तरीयसंबंध् एवं पफलन .4 ;1द्ध 6 ;1द्ध 10 ;2द्ध बीज गण्िात 3 ;3द्ध 4 ;1द्ध 6 ;1द्ध 13 ;5द्ध कलन 4 ;4द्ध 28 ;7द्ध 12 ;2द्ध 44 ;13द्ध सदिश एवं त्रिाविमीय ज्यामिति 3 ;3द्ध 8 ;2द्ध 6 ;1द्ध 17 ;6द्ध रैख्िाक प्रोग्रामन दृ दृ 6 ;1द्ध 6 ;1द्ध प्रायिकता दृ 4 ;1द्ध 6 ;1द्ध 10 ;2द्ध योग 10 ;10द्ध 48 ;12द्ध 42 ;7द्ध 100;29द्ध प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 291 भाग ;खंडद्ध कृ । प्रश्न संख्या 1 से 3 तक प्रत्येक में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - गल 21 1 1ण् यदि ए तो ;गए लद्धगल 43 2 ;।द्ध ;1ए 1द्ध है ;ठद्ध ;1ए दृ1द्ध है ;ब्द्ध ;दृ1ए 1द्ध है ;क्द्ध ;दृ1ए दृ1द्ध है 2ण् ;दृ2ए 4द्धए ;2ए ाद्ध तथा ;5ए 4द्ध शीषोर्ं वाले त्रिाभुज का क्षेत्रापफल 35 वगर् इकाइर् है। ा का मान है ;।द्ध 4 ;ठद्ध दृ 2 ;ब्द्ध 6 ;क्द्ध दृ 6 3ण् रेखा ल त्र ग ़ 1ए वक्र ल2 त्र 4ग की स्पशीर् बिंदु है ;।द्ध ;1ए 2द्ध पर ;ठद्ध ;2ए 1द्ध पर ;ब्द्ध ;1ए दृ 2द्ध पर ;क्द्ध ;दृ1ए 2द्ध पर 4ण् एक 2 × 2 आव्यूह की रचना कीजिए, जिसके अवयव ंपर निम्नलिख्िात नियम से प्राप्त होते है, ⎧3६पर−़ ⎪ ं त्र⎨ ए यदि पर≠ पर 2 ⎪ 2; ़ द्धए यदि परत्र ण्⎩पर 5ण् जंददृ1 ;मगद्ध का ग के सापेक्ष बिंदु ग त्र 0 पर अवकलज का मान ज्ञात कीजिए ग 3 ल 2 ्र 66ण् किसी रेखा का कातीर्य समीकरण है। इस रेखा का सदिश समीकरण ज्ञात2 53 कीजिए। 83 1237ण् ;ेपद ग़ग द्धकगका मान निकालिए। दृ प्रश्न संख्या 8 से 10 तक में रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए - ेपदग़बवे ग कग त्र ऋऋऋऋऋ 8ण् ∫1़ेपद2ग ंप परस्पर लम्ब हैं, तो λ9ण् यदि ळ 24६ रा ६ तथा ६त्र3६ दृ 2 रा λ६ ऋऋऋऋऋऋ त्ऱ ६दृ इप ६ ़ त्र ळ10ण् ंपत्ऱ ़ ६ 3६रा ६ का ळ त्र2६ दृ 3 ६रा 6६ के अनुदिश प्रक्षेप ऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै।इप ़ खंड कृ ठ दृ1 1ेपद ग 1ेपद गग11ण् सि( कीजिए कि बवज ए0 ग 1ेपद ग 1ेपद ग 22 अथवा समीकरण ेपददृ1ग़ ेपददृ12गत्र 3ए गझ 0 को गके लिए हल कीजिए। 12ण् सारण्िाकों के गुणध्मोर्ं का प्रयोग करके, सि( कीजिए कि, 13ण् ;िगद्ध त्र द्यग़1द्य़ द्यग़2द्य द्वारा प्रदत्त पफलन विेफ गत्र दृ 1 तथा गत्र दृ2 पर सांतत्य पर परिचचार् ;विचार - विमशर्द्ध कीजिए। इब बं ंइ ं इ ब ुत त च चु 2 च ु त ल्र ्रग ग ल ग ल ्र 2π कल14ण् यदि गत्र 2बवेθ दृ बवे2θ तथा लत्र 2ेपदθ दृ ेपद2θ है, तो θत्र पर ज्ञात कीजिए।22कग अथवा कल दृ10ए तो सि( कीजिए कि त्र ए जहाँ दृ1 ग1ढढ ए ग≠ लकग ;1़गद्ध2 15ण् किसी शंवुफ का व्यास 10बउ तथा गहराइर् 10बउ है। इसमें 4 बनइपब बउ प्रति मिनट की दर से पानी भरा जा रहा है। उस क्षण जब पानी की गहराइर् 6बउ है, पानी का स्तर किस दर से उफपर उठ रहा है? अथवा उन अंतरालों को ज्ञात कीजिए जिनमें ;िगद्ध त्र ग3 ़ 13ए ग≠ 0 द्वारा प्रदत्त पफलन िग;पद्ध वध्र्मान है ;पपद्ध ह्रासमान है प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 293 3ग 216ण् 2 कग का मान ज्ञात कीजिए।;ग 3द्ध; ग1द्ध अथवा सवह ;सवह गद्ध1 कग का ज्ञात कीजिए।सवह गद्ध2 गेपद ग 17ण् 2 कग का ज्ञात कीजिए। 0 1बवे ग 18ण् उन सभी वृत्तों का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए जो मूल बिंदु से हो कर जाते हैं और जिनके केंद्र ग.अक्ष पर स्िथत हैं। 19ण् अवकल समीकरण ग2ल कग दृ ;ग3 ़ ल3द्ध कल त्र 0 को हल कीजिए। ळ ळळळ ळळळ ळ ं ≠ब ए तो सि( कीजिए कि किसी अदिश के लिए20ण् यदि ंइ×त्र× बए ं ≠0 तथा इ ळ ळ ळइब ं ळळळ ळ21ण् रेखाओं ळ ;λ1द्ध प६;λ1द्ध ६र − ़ λद्ध ा६ तथा त ;1 द्धप६ ;2 1द्ध ६र ; 2द्ध ा६ केत त्र− ़़ ;1 मध्य न्यूनतम दूरी ज्ञात कीजिए। 22ण् ताश के 52 पत्तों की गड्डी में से एक पत्ता खो जाता है। गड्डी तथा शेष पत्तों में से दो पत्ते खींचेजाते हैं, जो पान के पत्ते निकलते हैं इस बार की प्रयिमकता ज्ञात कीजिए कि खोया हुआ पत्ता पान का है। खण्ड कृ ब् 23ण् मान लीजिए कि दो आव्यूह । तथा ठ निम्नलिख्िात हैं। ⎡1 −10⎤⎡22 −4⎤ ⎢⎥⎢ ⎥। त्र234 तथा ठत्र−42 −4⎢⎥⎢ ⎥ ⎢012⎥⎢2 −15 ⎥⎣⎦⎣ ⎦ सत्यापित कीजिए कि ।ठ त्र ठ। त्र 6प्ए जहाँ प् कोटि 3 का तत्समक आव्यूह है अतः नीचे दिए हुए समीरण निकाय को हल कीजिए। −त्र3ए 2 ग 3ल 4्र त्र17 और ल ़2्र त्र7गल ़़ 24ण् समुच्चय त्दृ क्ष्दृ 1द्व में एक द्वि - आधरी संिया निम्नलिख्िात प्रकार से परिभाष्िात है, सभी ंए इ∈ त् दृ क्ष्दृ 1द्व के लिए ं’ इत्र ं़ इ़ ंइण्सि( कीजिए कि त् दृ क्ष्दृ1द्व में ’ क्रमविनिमेय है। संिया ’ का तत्समक अवयव ज्ञात कीजिए और सि( कीजिए कि इसके अंतगर्त त् दृ क्ष्दृ 1द्वका प्रत्येक अवयव व्युत्क्रमणीय है। 25ण् सि( कीजिए कि प्रदत्त कणर् वाले किसी समकोण त्रिाभुज का परिमाप अध्िकतम होता है, जब त्रिाभुज समद्विबाहु हो। 26ण् समाकलन विध्ि का प्रयोग कर के रेखाओं 2ग़ लत्र 4ए 3गदृ 2लत्र 6 तथा गदृ 3ल़ 5 त्र 0 के द्वारा घ्िारे हुए क्षेत्रा का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए अथवा 4 ;2ग2द्धगकगका मान योगपफल की सीमा के रुप में निकालिए।1 27ण् बिन्दु ;2ए 3ए 7द्ध से समतल 3गदृ लदृ ्रत्र 7 पर लम्बपाद के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। लंब की लंबाइर् भी ज्ञात कीजिए। अथवा उस समतल का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसमें रेखाएँ तप६६र ;प६ 2६ −६ळत्ऱ़λ ़ राद्ध तथा ळ - −़ − 2द्ध अंतविर्ष्ट हैं। इस समतल की बिंदु ;1ए1ए1द्ध से दूरी भी ज्ञात कीजिए।तप र त्ऱ ़६६ ; प६ 2६रा६ 28ण् ताश के 52 पत्तों की भली - भांति पेफंटी हुइर् एक गड्डी से दो पत्ते उत्तरोत्तर बिना प्रतिस्थापना किए निकाले जाते हैं। बादशाहों की संख्या का प्रायिकता बंटन ज्ञात कीजिए। बंटन का माघ्य एंव प्रसरण के भी परिकलन कीजिए। 29ण् एक आहार विशेषज्ञ दो प्रकार के खाद्य पदाथोंर् को इस प्रकार मिलाना चाहता है कि मिश्रण में 8 इकाइर् विटामिन । तथा 10 इकाइर् विटामिन ब् की हो। खाद्य प् में 2 इकाइर्/किलो विटामिन । तथा 1 इकाइर्/किलो विटामिन ब् है। खाद्य प्प् में 1 इकाइर्/किलो विटामिन । तथा 2 इकाइर्/किलो विटामिन ब् है खाद्य प् को खरीदने में 50 रु प्रति किलो तथा खाद्य प्प् को खरीदने में 70 रु प्रतिकिलो खचर् होते हैं। इस समस्या के मिश्रण का न्यूनतम मूल्य ज्ञात करने के लिए, एक रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या के रूप में सूत्राण कीजिए तथा इसे आलेखीय विध्ि से हल कीजिए। 1ण् 2ण् 3ण् 4ण् 5ण् 6ण् 7ण् 8ण् 9ण् 10ण् 11ण् त्र बवज ;ब्द्ध;क्द्ध;।द्ध 14 2 5 1621 2त ळ ;3प६दृ2 ६र 0ग ़ बλ त्र दृ2 1 7 स्ण्भ्ण्ैण् त्र बवज 1ेपद ग 1 दृ ेपद ग ⎧ 22 ⎫⎛ गग ⎞⎛ गग ⎞⎪ बवे ़ेपद ़ बवे दृ ेपद ⎪⎜ ⎟⎜ ⎟ दृ1 ⎪⎝ 22 ⎠⎝ 22 ⎠⎪ 1बवज ⎬ 1त्र ⎨ ⎪ ⎪⎩ गग बवे ेपद 22दृ1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 295 अंकन योजना खंड कृ ।अंका६ ;2 प६ 5६र 3 द्ध ६ ए जहाँ एक अदिश है।6द्ध दृ ा 1 × 10 त्र 10 खंड कृ ठ दृ1 1ेपद ग 1 दृ ेपद ग क्योंकि 0⎢गग गग ⎣बवे ेपद दृ बवे दृ ेपद 22 22 ⎛ गग ⎞2 ⎛ ग बवे ़ेपद दृ बवे ⎜ ⎟⎜⎝ 22 ⎠⎝ 2 गग बवे दृ ेपद 22 ⎡ 2 ⎪ 2ग ⎞ दृ ेपद ⎟⎪2 ⎠⎭ ग π गग ⎤ढढ ⇒ बवे झेपद ⎥24 22 ⎦ गग गग बवे ेपद बवे दृेपद दृ122 22 त्र बवज गगगग बवे ेपद दृ बवे ेपद 22 22 ग2बवे दृ1 2 गग 1 त्र बवज ग त्र बवजदृ1 बवज 122 22ेपद 2 ⎡ ग π⎤ेपदबम 0 ढढ⎢⎥ 1⎣ 24 ⎦ अथवा ेपददृ1ग ़ ेपददृ12ग त्र 3 ⇒ेपददृ12ग त्र दृ ेपददृ1 ग⇒2ग त्र ेपद ; दृ ेपददृ1गद्ध1333 2 दृ1 1त्र ेपद बवे ;ेपददृ1गद्ध दृ बवे ेपद ;ेपददृ1गद्ध त्र 1 ेपद ;ेपद गद्ध ग332 2 214ग त्र 31दृ ग2दृ ग ए 5ग त्र 31दृ ग 12 ⇒ 25ग2 त्र 3 ;1 दृ ग2द्ध प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 297 ⇒ 28ग2 त्र 3 ⇒ ग2 त्र 328 13⇒ गत्र 27 13अतः गत्र 27 ;क्योंकि दिया हुआ है कि गझ 0 द्ध 13इस प्रकार गत्र 27 प्रदत्त समीकरण का हल है। 12ण् मान लीजिए कि ब्1 2 ब्2 इब बं ंइ ुततच चु ल्र ्रग गल ब्1 ़ ब्2 ़ ब्3 के प्रयोग द्वारा 2; 2; 2; ंइब द्ध बं ंइ द्धचुत तच चु ग ल्रद्ध ्रग गल ंइब बं ंइ चुततच चु ग ल्र ्रग गल ब्2 दृ ब्1 तथा ब्3 ब्3 दृब्1 द्वारा 1 1 2 1 ंइ ब़़ब दृइ दृ 11∆त्र2 ुत दृु दृच ़़ त 2 ल्र दृ ल दृग ़़ ्र ब्1 ब्1 ़ब्2 ़ ब्3 के प्रयोग द्वारा तथा ब्2 औरब्3 दोनो में ;दृ1द्ध उभयनिष्ठ निकालने पर ंइब 112 च ुत 2 ग ल्र 13ण् दशा ;स्िथतिद्ध1ः जब ग ढ दृ2 ि;गद्ध त्र द्यग ़ 1द्य ़ द्यग ़ 2द्य त्र दृ ;ग ़ 1द्ध दृ ;ग़2द्ध त्र दृ2ग दृ3 दशा 2ः जब दृ 2 ≤ ग ढ दृ1 ि;गद्ध त्र दृग दृ 1 ़ ग ़ 2 त्र 1 दशा 3ः जब ग ≥ दृ1 ि;गद्ध त्र ग ़ 1 ़ ग ़ 2 त्र 2ग ़ 3 इस प्रकार ⎧दृ2ग दृ3 , जब ग ढदृ2 ;द्ध त्र⎨⎪ 1 , जब दृ2 ग दृ1 गि ≤ढ ⎪⎩2ग ़3 , जब ग≥दृ1 सपउ ि;द्ध गदृअबए ग त्र दृ2 पर स्ण्भ्ण्ैए − ग त्र सपउ दृ2 3 त्र 4 दृ 3 त्र 1ग→दृ2 ग दृ2दृ सपउ ि;द्धग सपउ1 1अबए ग त्र दृ2 पर त्ण्भ्ण्ैए ़ त्र ग→दृ2 ग दृ2 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 299 इसके अतिरिक्त ि;दृ2द्ध त्र द्यदृ2 ़ 1द्य ़ द्यदृ2 ़ 2द्य त्र द्यदृ1द्य ़ द्य0द्य त्र 1 1अतः, सपउ गि त्र ि;दृ2द्ध त्र ि;दृ 1द्ध त्र सपउ गि 12ग दृ2दृ ग दृ2 ⇒ पफलन िए ग त्र दृ2 पर संतत है। पुनः ग त्र दृ1 पर स्ण्भ्ण्ैए सपउ गि त्र सपउ 1 त्र 1 दृ ग दृ1दृ ग दृ1 ग त्र दृ1 पर त्ण्भ्ण्ैए सपउ गिग दृ1 1सपउ 2ग 3त्र ग दृ1त्र 1 12 साथ ही ि;दृ1द्ध त्र द्यदृ1 ़ 1द्य ़ द्यदृ1 ़ 2द्य त्र 1 सपउ गिसपउ िदृ1 अतः त्र ग दृ1दृ ग दृ1 ⇒ पफलन ग त्र दृ1 पर सतंत है। अतः, प्रदत्त पफलन दोनो ही बिंदुओं ग त्र दृ1 तथा ग त्र दृ2 पर संतत है। 14ण् ग त्र 2बवेθ दृ बवे2θ तथा ल त्र 2 ेपदθ दृ ेपद2θ कल 3θ⎛ दृ θ⎞दृ2ेपद ेपद कल कθ बवेθ दृ बवे 2 θ 2 ⎝⎜ 2 ⎠⎟ 3θ 1त्रत्रत्र त्र जंद इसलिए, कग कग ेपद 2 θ दृ ेपद θ 3θθ 21 2बवे ेपद 2 कθ 22 दोनो पक्षों का ग के सापेक्ष अवकलन करने पर 2कल 3 23 क कग2 2ेमब 2 कग 3 23 1323 1 ेमब ेमब 2 2 2ेपद2 दृेपद 4 2 32बवे ेपद 22 3 33θθ 1 त्र ेमब बवेमब 1 822 2 2πकल 3 33ππ दृ3 इस प्रकार θ त्र पर त्र ेमब बवेमब त्र 12 कग284 42 अथवा ग 1 लल 1 ग 0ए ग ≠ ल ⇒ ग 1 ल दृ ल 1 ग दोनों पक्षों का वगर् करने पर ग2;1 ़ लद्ध त्र ल2;1 ़ गद्ध 1 ⇒ ;ग ़ लद्ध ;ग दृ लद्ध त्र दृल ग ;ग दृ लद्ध दृग ⇒ ग ़ ल त्र दृग ल ए अथार्त्ए ल त्र 21 गदृ1कल 1 ग ण्1 दृ ग 01⇒ दृ 2 त्र2 1कग 1 ग1 ग15ण् मान लीजिए कि व्।ठ एक शंवुफ है तथा मान लीजिए कि किसी समय ज पर पानी का स्तर स्ड है मान लीजिए कि व्छ त्र ी तथा डछ त्र त दिया हुआ है कि ।ठ त्र 10 बउए व्ब् त्र 10 बउ तथा प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 301 कट कज त्र 4 बउ3 उपदनजमए जहाँ ट शंवुफ व्स्ड के आयतन को निरूपित करता है। नोट कीजिए कि ∆ व्छड ् ∆ व्ब्ठ । डछ व्छ ती ी⇒ या ⇒ त त्र ब्ठव्ब् 510 2 12अब, ट त्र ती 3 ;पद्ध मे त त्र ी 2 रखने पर ठ ण्ण्ण्ण् ;पद्ध ट त्र 31 12 πी व् आवृफति 1.1 11 2 ज के सापेक्ष अवकलन करने पर टक कज 23 12 ी की कज ⇒ 2 4की कज ी त्र π कअ कज इसलिए, जब ी त्र 6 बउए की कज त्र 4 9π बउध्उपदनजम 11 2 ि;गद्ध त्र ग3 ़ 3 1 ग ⇒ ि′;गद्ध त्र 3ग2 दृ 4 3 ग अथवा 6 2423 ;ग दृ1द्ध 3 ; ग दृ1 द्ध; ग ़ ग ़1द्धत्र4 त्र 41 गग क्योंकि ग4 ़ ग2 ़ 1 झ 0 तथा ग4 झ 0ए इसलिए िके वध्र्मान होने के लिए ग2दृ 1 झ 0 1⇒ ग दृएदृ1 1ए 1 2 अतः िए ;दृएदृ ∞ 1द्ध∪;1ए ∞द्ध में वध्र्मान है ;पपद्ध िके ह्रासमान होने के लिए, ि′;गद्ध ढ 0 ⇒ ग2 दृ 1 ढ 0 ⇒;ग दृ 1द्ध ;ग ़ 1द्ध ढ 0 ⇒ ग∈;दृ1ए 0 द्ध∪;0ए 1 द्ध ख् ग ≠ 0 क्योंकि िए ग त्र 0 पर परिभाष्िात नहीं है, 12 1अतः ि;गद्धए ;दृ1ए 0 द्ध∪;0ए 1 द्ध मंे ह्रासमान है। 3दृ2 । ब्ग ठ 16ण् मान लीजिए कि 2 21ग 3 ग 1 ग 3 ग 1 ग 1 तब 3ग दृ 2 त्र । ;ग ़ 1द्ध2 ़ ठ ;ग ़ 1द्ध ;ग ़ 3द्ध ़ ब् ;ग ़ 3द्ध ग2ए ग के गुणांकों तथा अचर पदों की तुलना करने पर, निम्नलिख्िात परिणाम प्राप्त होते हैं, । ़ ठ त्र 0ए 2। ़ 4ठ ़ ब् त्र 3 तथा। ़ 3ठ ़ 3ब् त्र दृ2 इन समीकरणों को हल करने पर, दृ1111 दृ5 1। त्र ए ठ त्र तथा ब् त्र 1 442 2 3गदृ2 दृ1111 5 दृ⇒ 22 ग 3 ग 14 ग 34 ग 12 ग 1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 303 3ग दृ2 दृ111 11 1 51कग त्र कग ़ कग − कगअतः, ∫; 2 ∫ ∫∫ 2 ग ़ 3द्ध; ग ़1द्ध 4 ग ़ 34 ग ़12 ; ग ़1द्ध दृ11 11 5 1सवह ग 3 सवह ग 1ब्114 4 2 ग 12 अथवा 1सवह सवह ग 2 कग सवह ग त्र ∫सवह सवह ; गद्धकग ़∫ 1 कग ;सवह गद्ध2 सवह ;सवहगद्ध का खंडशः समाकलन करने पर ग 1सवह सवह गकग गसवह सवह ग दृ कगसवह गग 11ग सवह सवह ग दृ कग 1सवह ग 2 ग दृ1 1 ग सवह सवह ग दृदृ ग कग सवह ग सवह ग 2 ग 1 ग 1 ग सवह सवह ग 2 कग सवह ग सवह ग ⎛⎞1 ग 1इसलिए, ∫; गद्ध़ कग त्र ग सवह ;सवह गद्धदृ 1⎜सवह सवह ⎟़ब् ⎝;सवह ग 2⎜द्ध2 ⎟ सवह ग⎠ 304 प्रश्न प्रदश्िार्का गेपद ग 17ण् मान लीजिए कि प् त्र 2 कग 0 1बवे ग π ं;πदृेपद गद्ध ; πदृ गद्ध⎡ ⎤ ∫ ़ 2 ोि क ∫;द्ध त्र∫ ि;ं दृ ग कग ⎥त्र कग ⎢क्यंग कग द्ध1बवे ;π− गद्ध0 ⎢⎣ 00 ⎥⎦ ेपद ग कग दृप् 01बवे 2 ग 1 ेपद ग2प् 2 कग 0 1बवे ग बवे ग त्र ज रख्िाए, गज दृ1ए ग 0 ज 1 तथा दृ ेपद ग कग कजण् −1दृकज 1 कज 1इसलिए2प् त्रπ∫ 2 त्र2 11़ज दृ111 ज 2 दृ11 दृ1 दृ1 जंद ज⎤ त्रπजंद ़− जंद दृ1 ⎤त्रπ⎡ ⎡ 1− ;द्ध ;द्ध ⎣⎦1 ⎣ ⎦ π2 1⎡⎤ πत्ऱπ त्र 1⎢⎥2 2⎣⎦ 2 π2 प् त्र 4 18ण् उस वृत्त का समीकरण, जो मुल बिंदु से हो कर जाए तथा जिसका केन्द्र ग दृ अक्ष पर स्िथत हो, निम्नलिख्िात है, 222 11;ग दृ ंद्ध़ल त्रं ण्ण्ण् ;पद्ध 2 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 305 ग के सापेक्ष अवकलन करने पर 2दृ 2 0कलगं ल कग कलग ल ंकग ं का मान ;पद्ध में रखने पर 2 2कल कल ल ल ग लकग कग 2 11 2 2ग 2ल 2 कलगल कग 0 1 19ण् दिया हुआ अवकल समीकरण निम्नलिख्िात है, 2 3दृग लकग ग 3ल कल 0 ⇒ 2 3 3 कल ग ल कग ग ल त्र ़ ण्ण्ण्;1द्ध लअग त्र रख्िाए, तो कल कअ अ गकग कग त्र ़ 1 कअ अग कग 3 3 3 3 अग ग अग कअ अग कग 31 अ अ कअ ग कग 4 3 दृ 1 अ अ 1 अ3 कग 4 कअ दृ1 अग 11 कग 4 कअ कअ दृ1 अअ ग दृ1 3 सवह अ दृ सवह ग ब 3अ 3दृग⇒़सवह ल बत्र ए जो अभीष्ट समीकरण है 13ल3 20ण् दिया हुआ है कि, ळळळळ ंइंबळळळ ळळ दृंइ ंब0 ळळळळ दृ0 1ं इब ळळळ ळळ ळळळ त्र0 या इब दृ त्र0 या - ;दृ द्ध⇒ं ंइब 1 ळ ळळळळळ ळ- ;दृ द्ध⎣⎡क्यांकिं≠0 तथा ≠⎦⎤ 1⇒ं इब े इब ळळ ळकिसी अदिश के लिए ळळ ळ इबदृ ंए ⇒त्ऱइबλं 1 ळळळळ ळळ 21ण् हमें ज्ञात है कि रेखाओं तं त्ऱ - कके बीच की न्यूनतम दूरी निम्नलिख्िात सूत्रात्ऱλइतथा तब से प्राप्त होती है, ळळ ळळ ;दृद्ध बं इक क् ळळ 1इक प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 307 अब दिए हुए समीकरणों को न्िाम्नलिख्िात प्रकार से लिखा जा सकता है, त ळ ६६६दृ दृप रा ६६ ६ दृप रा तथा ६६दृत प र ६2 ा ६दृप ६६2 रा इसलिए, बं ळळ ६2प ६६2 3र ा 1 2 ळळ ळ प रा ळळ ळ ळ ळतथा इक 11दृ1 पदृ0ण् 33 रा दृ12 1 इक ळळ 9 9 18 3 2 1 2 अतः क् त्र दृबं इक इक ळळ ळळ ळळ 6दृ 0 9 32 15 32 5 2 5 2 2 ण् 2 22ण् मान लीजिए कि म्ए म्2ए म्3ए म्4 तथा। निम्नलिख्िात प्रकार से परिभाष्िात घटनाएँ हैंः म्1 त्र खोया हुआ पत्ता पान का है, म्2 त्र खोया हुआ पत्ता हुवुफम का है, म्3 त्र खोया हुआ पत्ता चिड़ी का है, म्4 त्र खोया हुआ पत्ता इर्ंट का है, 1 2 । त्र शेष पत्तों में से खीचे गए दो पत्तों का पान का होना इस प्रकार 1च्म् 13 52 2 1 ए च् म् 4 13 52 3 1 ए च्म् 4 13 52 4 1 ए च् म् 4 13 52 1 4 1 2 च् ;।ध्म्1द्ध त्र पान के दो पत्तों के खींचे जाने की प्रायिकता, जब कि दिया हुआ है कि पान एक 12ब्2पत्ता खो गया है त्र 51 ब्2 च् ;।ध्म्द्ध त्र पान के दो पत्तों के खींचे जाने की प्रायिकता, जब कि दिया हुआ है कि हुवुफम213ब्का एक पत्ता खो गया है त्र 2 51 2ब् इसी प्रकार, च् ;।ध्म्3द्ध त्र 13 2 51 2 ब् ब् तथा च् ;।ध्म्4द्ध त्र 13 2 51 2 ब् ब् 1 बेज़्ा - प्रमेय द्वारा, अभीष्ट प्रायिकता त्रच् ; 1म् द्ध। 1 त्र च्म् 1च्। म् 2च् म् 1 2 च्म् च् । म् 1 3 3 च्। म् च्म् च्। म् 4च् म् 4च् । म् 1 1 12 2ब् 4 51 2ब् 1 4 12 2 51 2 ब् ब् 1 4 13 2 51 2 ब् ब् 13 2 51 2 ब्1 4 ब् 1 4 13 2 51 2 ब् ब् 1 12 2ब् 12 2 13 13 2 2 ब् ब् ब् 13 2ब् 66 66 78 78 78 11 50 खंड - ब् 23ण् यहाँ ।ठत्र 1दृ1 0 234 01 2 2 दृ4 2 2 2 दृ1 दृ4 दृ4 5 1 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 309 600 100 त्र060 6010 त्र 6प् 006 001इसी प्रकार ठ। त्र 6प्ए अतः ।ठ त्र 6प् त्र ठ। क्योंकि ।ठ त्र 6प्ए । 1।ठ 6। 1प् इससे प्राप्त होता है कि 1 2 2दृ4 111−1 −1 दृ42दृ4 प्ठत्र6। एअथार्त् ए। त्र ठ16622 दृ1 5 प्रदत्त समीकरण निकाय निम्नलिख्िात प्रकार से लिखा जा सकता है, ग 3 ।ग् त्र ब्ए जहाँ ग् ल एब् 17 ्र 7 1प्रदत्त निकाय ।ग् त्र ब् का हल ग् त्र ।दृ1ब् से प्राप्त होता है 2 ग 2 2दृ4 3 1 ल दृ42 दृ4 17 6 ्र 2 दृ1 5 7 634 28 2 1 दृ12 34 दृ28 दृ16 6दृ17 34 4 अतः ग त्र 2ए ल त्र 1 ंदक ्र त्र 4 2 24ण् क्रमविनिमेय रू किसी ंए इ ∈ त् दृ क्ष्दृ1द्व के लिए, ज्ञात है कि ं ’ इ त्र ं ़ इ ़ ंइ तथा इ ’ ं त्र इ ़ ं ़ इंण् परन्तु त् दृ क्ष्दृ1द्व में योग तथा गुणन कि ियाएँ क्रमविनिमेय होती हैं। अतः ं ़ इ ़ ंइ त्र इ ़ ं ़ इं ण् ं ’ इ त्र इ ’ ं अतः त् दृ क्ष्दृ1द्व में ’ क्रमविनिमेय है। 2 तत्समक अवयव रू मान लीजिए कि म तत्समक अवयव है। इसलिए सभी ं ∈ त् दृ क्ष्दृ1द्व के लिए ं ’ म त्र म ’ ं ं ़ म ़ ंम त्र ं तथा म ़ ं ़ मं त्र ं म ;1़ंद्ध त्र 0 म त्र 0 ख्क्योंकि ंदृ1द्ध अतः त् दृ क्ष्दृ1द्व में परिभाष्िात ’ का तत्समक अवयव 0 है। 2 प्रतिलोम रू मान लीजिए कि ं ∈त् दृ क्ष्दृ1द्व तथा मान लीजिए कि ं का प्रतिलोम इ है, तो ं ’ इ त्र म त्र इ ’ ं ं ’ इ त्र 0 त्र इ ’ ं ;∵म त्र 0द्ध ं ़ इ ़ ंइ त्र 0 इ ∈त् क्योंकि ं ≠− 1⇒त्र दृं ;द्ध 2ं ़1 दृं −ं इसके अतिरिक्त, ≠−1ण्अतः इत्र ∈ त् दृ क्ष्दृ1द्वण्ं ़1 ं ़1 दृं अतः त् दृ क्ष्दृ1द्व का प्रत्येक अवयव व्युत्क्रमणीय है तथा किसी अवयव ं का प्रतिलोम है।ं 1 25ण् मान लीजिए कि समकोण त्रिाभुज ।ठब् के कणर् ।ब् की लम्बाइर् भ् है तथा कणर् और आधर ठब् के बीच का कोण θ है। प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 311 इस प्रकारठब् त्र आधरत्र भ् बवे θ तथा ।ब् त्र लम्बत्र भ् ेपद θच् त्र समकोण त्रिाभुज का परिमाप त्र भ् ़ भ् बवे θ ़ भ् ेपद θ परिमाप के अध्िकतम अथवा न्यूनतम होने के लिए कच् त्र0कθभ् ;0 दृ ेपद θ ़ बवे θद्ध त्र 0ए अथार्त्, 4 1 क 2च् 1अब, 2 भ्बवे भ्ेपद 1 आवृफति 1.2क2 क 2च् π⎡11 ⎤⇒ ंजθत्र त्रदृभ् त्र−2भ् ढ0 1⎥2 ⎢कθ 4 ⎣22 ⎦ अतः θत्रπपर च् अध्िकतम है।4 भ्⎛⎞ππभ् तथा लम्ब त्र 1θत्र के लिए,आधर त्रभ् बवे ⎜⎟त्र 244⎝⎠ 2 अतः समकोण त्रिाभुज का परिमाप अध्िकतम है जब त्रिाभुज समद्विबाहु है। 26ण् 112 आवृफति 1.3 प्रदत्त रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदुओं को ज्ञात करने पर हमें ।;1ए2द्धए ठ;4ए3द्ध तथा ब् ;2ए0द्ध प्राप्त होता है 1 42 4 ग 53ग 6 इसलिए अभीष्ट क्षेत्रापफल 3 कग दृ42ग कग दृ2 कग 11 2 2 ⎤421 ⎛ ग ⎞ 2 ⎛ 32 ⎞⎤41त्र⎜ ़5ग ⎟⎥ दृ ;4गग− द्ध⎤ दृ ⎜ ग −3ग ⎟⎥ 2⎦32 1 ⎝ 4⎝ ⎠⎦⎥1 ⎠⎦22 116 120दृ 5 दृ84दृ41दृ1212दृ3632 2 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 313 145 7त्र× दृ1दृ 3त्र वगर् इकाइर् 132 2 अथवा 44 2ग2 गकग िगकग प् त्र 11 सपउ ि1 ि1 ी ि12ी ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ि1 द 1 ी ;द्ध प 1ी 0 जहाँ ी त्र 4दृ1 एअथार्त ् एदी त्र3 द 2 ग दृ3 ल ़50 अब, ि1 द दृ1ी 21 द दृ1 ी दृ1 द दृ1 ी ग दृ5ए ग 0 5 2 ल 0ए ल 16 21 द दृ1 ी22 द दृ1 द 2 द 13ी दृ1 ;1 ़ ;द दृ 1द्ध ीद्ध 2दृ1 ी23 दृी 1 22 22इसलिए, ि12ण्0 ी 3ण्0ण् ी 1ए ि1 ी 2ण्1 ी 3ण्1ण् ी 1 122 22ि1़द दृ1 ी त्र2ण्; द दृ1द्ध ी ़3ण्; द दृ1द्धण् ी ़1 ;दृ1द्ध;2द दृ1द्ध23द दी ; दृीद्ध⎤ ि12ी 2ण्2 ी 3ण्2ण् ी 1एण्ण्ण् ;; द्धद्ध 12 ⎡ ददअतः, प्सपउ त्र ीद ़2 ी ़⎢⎥ी→06 2⎣⎦ 2 दी दी दृ ी 2दी दृ ी 3 दी दी दृ ीसपउ ीद 2 ी 06 2 23 3दृ ी 6दृ ी 3 3 ;3दृ दद्ध69 1सपउ 3 त्र1ी 06 222 आवृफति 1.4 दिए हुए समतल पर लम्ब रेखा ।ठ का समीकरण ग दृ2 ल दृ3 ्र दृ7 1 त्र त्र त्रλ;मान लिया द्ध है 13 दृ1 दृ1 2 इसलिए बिन्दु । से समतल 3ग दृ ल दृ ्र त्र 7 पर खींचे गए लम्ब के पाद ठ के निदेर्शांक निम्नलिख्िात हैं 132एदृ 3ए 7 12 क्योंकि ठ 32ए दृ3ए 7 समतल 3ग दृ ल दृ ्र त्र 7 पर स्िथत है, इसलिए 332दृदृ 3दृदृ 77 1 अतः ठ त्र ;5ए 2ए 6द्ध हैं तथा ।ठ दूरी त्र लम्ब की लम्बाइर् 2 अतः लंबपाद के निदेर्ंशंाक ;5ए 2ए 6द्ध हैं तथा लंब की लम्बाइर् त्र 11 अथवा प्रदत्त रेखाएँ निम्नलिख्िात हैं। प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 315 ळ - रु3य - रु3य - रु3यतपर प 2दृ - रु3यरा - रु3य......... ;पद्ध ळ - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3यतथा तप र दृपर दृ2 ा .........;पपद्ध 1नोट कीजिए कि रेखा ;पद्ध बिन्दु ;1ए 1ए 0द्ध से हो कर जाती है तथा उसके 2 दिव्फ - अनुपात 1ए 2ए दृ1 हैं तथा रेखा ;पपद्ध बिन्दु ;1ए 1ए 0द्ध से हो कर जाती है तथा उसके दिव्फ - अनुपात दृ 1ए 1ए दृ2 हैं 12 क्योंकि अभीष्ट समतल में रेखाएँ ;पद्ध तथा ;पपद्ध अंतविर्ष्ट हैं, इसलिए समतल निम्नलिख्िा सदिशों के समान्तर है, ळळ- रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3यइप −़ − ात्ऱ2 र −ा तथा ब त्रपर 2 ळळइसलिए अभीष्ट समतल सदिश इब पर लम्ब है तथा 1 प६६रा६ ळळ इब 12 1 दृ3 प६ 3६र 3ा६1 11 2 अतः अभीष्ट समतल का समीकरण निम्नलिख्िात है, दृण्तं इ ब ळळ ळळ 0 1 दृतप ळ - रु3य - रु3यर ण् 3 3 3प र ा ळळ ळ 0 ण्दृ 0तप र ा ळळळळ तथा इसका कातीर्य - रूप दृ ग ़ ल ़ ्र त्र 0 है 2 समतल की बिन्दु ;1ए 1ए 1द्ध से दूरी 1;दृ1द्ध 1ण्1 1ण्1 1 28ण् मान लीजिए कि ग, दो पत्तों के निकाले ;खींचेद्ध जाने पर, बादशाह की संख्या निरूपित करता है। नोट कीजिए कि ग एक यादृच्िछक चर है, जिसका मान 0ए 1ए 2 हो सकता है। अब 48! 48ब् 2! 48दृ2 ! ;द्ध48 ×47 188 च्; द्ध त्रत्रच्;एक भी बादशाह नहीं द्ध त्र 2 त्रत्रग 0 52ब् 52! 52×51 221 12 ;द्ध2! 52 −2! च् ;ग त्र 1द्ध त्र च् ;एक बादशाह तथा एक बादशाह से इतरद्ध 4ब् 1 48ब्1 448 2 32 52 1ब्2 52 51 221 4ब् 43× 1 त्र 2 त्रत्रच् ;ग त्र 2द्ध त्र च् ;दोनो बादशाहद्ध 52 1ब्2 52×51 221 अतः ग का प्रायिकता बंटन निम्नलिख्िात हैः ग 0 1 2 च् ग 18 8 221 3 2 221 1 22 1 1 द ∑ग च्; द्ध अब ग का माध्य त्रम्; द्ध ग त्रप गप प त्र1 188 32 2 ×1 34 0 ़1 त्रत्र× ×़ 221 221 221 221 प्रश्नपत्रा का प्रारूप सेट - प् 317 2 द 2 188 32 136 22 2;द्ध गप चगप 012साथ ही म्ग प 1 221 221 221 221 36 34 26800 दृ अब अंत ;गद्ध त्र म् ;ग2द्ध दृ ख्म्;गद्ध2, 21221 221 221 ग 0ण्37 1इसलिए मानक वियलन अंत ;द्ध6800 221 29ण् मान लीजिए कि मिश्रण में ग ाह खाद्य प् तथा ल ाह खाद्य प्प् है अतः हमें व्यवरोधें 2ग ़ ल झ 8ए ग ़ 2ल झ 10ए गए ल झ 0 के अंतगर्त र् त्र 50ग ़ 70ल का न्यूनतमीकरण करना है 2 12 2 आवृफति 1.5 उपयुर्क्त असमिकाओं द्वारा निधर्रित सुंसगत क्षेत्रा एक अपरिब( क्षेत्रा है। सुंसगत क्षेत्रा शीषर् ;कोनीय बिन्दुद्ध निम्नलिख्िात हैंः 1। ;0ए 8 द्ध ठ ;2ए 4 ब् 10ए 0 द्ध; द्ध 2 अब र् के मान, ।; 0ए 8 परत्र 50 ×0़70 8 द्ध ×त्र560 ठ2ए 4;द्ध परत्र380 तथा ब् 10ए 0द्ध पर;त्र500 हैं। क्योंकि सुसंगत क्षेत्रा अपरिब( है इसलिए हमें 50ग ़ 70ल ढ 380 अथार्त्, 5ग ़ 7ल ढ 38 का आलेख खींचना पड़ेगा। क्योंकि परिणामी खुले अध्र्तल तथा सुंसगत क्षेत्रा में कोइर् बिन्दु उभयनिष्ठ नहीं है, अतः र् का न्यूनतम मानत्र ठ ;2ए 4द्ध पर 380ण् अतः मिश्रण का मूल्य न्यूनतम, अथार्त् 380 रूप रखने के लिए, आहार विशेषज्ञ द्वारा इष्टतम मिश्रण योजना ;युक्ितद्ध यह होगी कि वह 2 ाह खाद्य प् तथा 4 ाह खाद्य प्प् का मिश्रण बनाए। 1

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