12ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 12ण्1ण्1 एक इष्टतमीकरण समस्या ऐसी समस्या जिसमें किसी पफलन का अध्िकतमीकरण या न्यूनतमीकरण करना हो, एक इष्टतमीकरण समस्या कहलाती है। एक इष्टतमीकरण समस्या लाभ, उत्पादन आदि को अध्िकतमीकरण या उपलब्ध् साध्नों से मूल्य आदि के न्यूनतमीकरण से सबंध्ित होती है। 12ण्1ण्2 रैख्िाक प्रोग्रामन समस्याएँ ;स्च्च्द्ध एक रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या दो चरों ;मान लीजिए ग तथा लद्ध वाले किसी रैख्िाक पफलन जो उद्देश्य पफलन कहलाता है, के इष्टतमीकरण ;अध्िकतमीकरण या न्यूनतमीकरणद्ध से सबंध्ित होती है, इस प्रतिबंध् के साथ कि चर )णेतर हों तथा वे किसी रैख्िाक असमिकाओं के समुच्चय ;जो रैख्िाक व्यवरोध् कहलाते हैंद्ध को संतुष्ट करें।रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या एक विशेष प्रकार की इष्टतमीकरण समस्या होती है। 12ण्1ण्3 उद्देश्य पफलन रैख्िाक पफलन र् त्र ंग ़ इलए जहाँ ं तथाइ अचर हंै, जिसका अध्िकतमीकरण या न्यूनतमीकरण करना होता है, एक रैख्िाक उद्देश्य पफलन कहलाता हैं। 12ण्1ण्4 निणर्य चर उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल में ग तथा ल निणर्य चर कहलाते हैं। 12ण्1ण्5 व्यवरोध् किसी स्च्च् के चरों पर रैख्िाक असमिकाओं या प्रतिबंधें को व्यवरोध् कहते हैं। प्रतिबंध् ग ≥ 0ए ल ≥ 0 )णेतर व्यवरोध् कहलाते हैं। 12ण्1ण्6 सुसंगत क्षेत्रा )णेतर व्यवरोध् ग ≥ 0ए ल ≥ 0 सहित किसी स्च्च् के सभी व्यवरोधें द्वारा निधर्रित उभयनिष्ठ क्षेत्रा, समस्या का सुसंगत क्षेत्रा कहलाता है। 12ण्1ण्7 सुसंगत हल किसी स्च्च् के सुसंगत क्षेेत्रा के सभी अंतः बिंदु, सुसंगत हल को निरूपित करते हैं। 12ण्1ण्8 असुसंगत हल सुसंगत क्षेत्रा के बाहर का कोइर् भी बिंदु असुसंगत हल कहलाता है। 12ण्1ण्9 इष्टतम ;सुसंगतद्ध हल सुसंगत क्षेत्रा में कोइर् भी बिंदु जो उद्देश्य पफलन का इष्टतम ;अध्िकतम या न्यूनतमद्ध मान देता हो एक इष्टतम हल कहलाता है। निम्नलिख्िात प्रमेय स्च्च्े को हल करने के लिए आधरभूत हैं। 12ण्1ण्10 प्रमेय 1 मान लीजिए कि किसी स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा ;उत्तल बहुभुजद्धत् है तथा मान लीजिए कि र् त्र ंग ़ इल उद्देश्य पफलन है। जब र् का इष्टतम ;अध्िकतम या न्यूनतमद्ध मान होता है, जहाँ चर ग तथा ल रैख्िाक असमिकाओं द्वारा वण्िर्ात या अवरोधें के आध्ीन हैं, तब यह इष्टतम मान अनिवायर्तः सुसंगत क्षेत्रा के कोने के बिंदु ;शीषर्द्ध पर घटित होना चाहिए। प्रमेय2 मान लीजिए कि किसी स्च्च् का सुसगंत क्षेत्रा त् है तथा र् त्र ंग ़ इल उद्देश्य पफलन है। यदि त् एक परिब( क्षेत्रा है तो उद्देश्य पफलन र् के त् में अध्िकतम तथा न्यूनतम दोनों ही मान होते हैं और इनमें से प्रत्येक त् के किसी कोनीय बिंदु पर पाया जाता है। यदि त् एक अपरिब( क्षेत्रा है, तो उद्देश्य पफलन के एक अध्िकतम या न्यूनतम मान का अस्ितत्व हो भी सकता है या नहीं भी हो सकता है। किंतु, यदि उसका अस्ितत्व है, तो वह त् के किसी कोनीय बिंदु पर ही होना चाहिए। 12ण्1ण्11 स्च्च् को हल करने की कोनीय बिंदु विध्ि इस विध्ि के निम्नलिख्िात चरण हैंः ;1द्ध स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा ज्ञात कीजिए और उसके कोनीय बिंदुओं ;शीषो±द्ध का निधर्रण या तो निरीक्षण द्वारा अथवा उस बिंदु पर प्रतिच्छेद करने वाली दो रेखाओं के समीकरणों के हल द्वारा कीजिए। ;2द्ध उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का मान प्रत्येक कोनीय बिंदु पर ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि ड तथा उए क्रमशः, र् के अध्िकतम तथा न्यूनतम मान प्रकट करते हैं। ;3द्ध ;पद्ध जब सुसगत क्षेत्रा परिब( होता है, तो ड तथा उ,क्रमशः, र् के अध्िकतम तथा न्यूनतम मान होते हैं। ;पपद्ध सुसंगत क्षेत्रा के अपरिब( होने की स्िथति मेंः ;ंद्धडए र् का अध्िकतम मान होता है, यदि ंग ़ इल झ ड द्वारा निधर्रित खुले अध्र् - तल का सुसंगत क्षेत्रा के साथ कोइर् भी बिंदु उभयनिष्ठ न हो। अन्यथा र् का कोइर् भी अध्िकतम मान नहीं होता। ;इद्ध इसी प्रकार, उ र् का न्यूनतम मान होता है, यदि ंग ़ इल ढ उ द्वारा निधर्रित खुलेअध्र् - तल का सुसंगत क्षेत्रा के साथ कोइर् भी बिंदु उभयनिष्ठ नहीं है। अन्यथा र् का कोइर् भी न्यूनतम मान नहीं होता। 12ण्1ण्12 बहु इष्टतम बिंदु यदि सुसंगत क्षेत्रा के दो कोनीय बिंदुओं पर एक ही प्रकार के इष्टतम हल हैं, अथार्त्, दोनों ही बिंदुओं पर समान अध्िकतम या न्यूनतम मान प्राप्त होते हैं, तो इन दोनों बिंदुओं को मिलाने वाले रेखा - खंड के किसी भी बिंदु पर समान प्रकार का इष्टतम हल होता है। 12ण्2 हल किए हुए उदाहरण लघु उत्तरीय उदाहरण 1 र् त्र 4ग ़ 3ल का अध्िकतम मान निधर्रित कीजिए, यदि स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा आवृफति 12ण्1 में प्रदश्िार्त है। हल सुसंगत क्षेत्रा परिब( है। इसलिए र् का अध्िकतम मान सुसंगत क्षेत्रा के किसी कोनीय बिंदु पर होगा। आवृफति 12ण्1ण् कोनीय बिंदु र् का मान व्ए ;0ए 0द्ध 4 ;0द्ध ़ 3 ;0द्ध त्र 0 । ;25ए 0द्ध 4 ;25द्ध ़ 3 ;0द्ध त्र 100 ठ ;16ए 16द्ध 4 ;16द्ध ़ 3 ;16द्ध त्र 112 ← ;अध्िकतमद्ध ब् ;0ए 24द्ध 4 ;0द्ध ़ 3 ;24द्ध त्र 72 अतः र् का अध्िकतम मान 112 है। उदाहरण 2 र् त्र 3ग ़ 2ल का न्यूनतम मान ;यदि कोइर् हैद्ध निधर्रित कीजिए, यदि स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा आवृफति 12ण्2 में प्रदश्िार्त किया गया है। हल सुसंगत क्षेत्रा ;त्द्ध अपरिब( है। अतः र् के न्यूनतम मान का अस्ितत्व हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है। यदि उसका अस्ितत्व है, तो वह किसी कोनीय बिंदु पर ही होगा ;आवृफति 12ण्2द्ध कोनीय बिंदु र् का मान ।ए ;12ए 0द्ध ठ ;4ए 2द्ध ब् ;1ए 5द्ध क् ;0ए 10द्ध 3 ;12द्ध ़ 2 ;0द्ध त्र 36 3 ;4द्ध ़ 2 ;2द्ध त्र 16 3 ;1द्ध ़ 2 ;5द्ध त्र 13 3 ;0द्ध ़ 2 ;10द्ध त्र 20 ← ;न्यूनतमद्ध हम 3ग ़ 2ल ढ 13 का आरेख खींचते हैं। हम देखते हैं कि 3ग ़ 2ल ढ 13 द्वारा निधर्रित खुले अध्र् - तल तथा त् में कोइर् उभयनिष्ठ बिंदु नहीं है। अतः लघुत्तम मान 13ए र् का न्यूनतम मान है। उदाहरण 3 निम्नलिख्िात स्च्च् को आरेखीय विध्ि से हल कीजिएः र् त्र 2ग ़ 3ल का, व्यवरोधें ग ़ ल ≤ 4ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0 के अंतगर्त, अध्िकतमीकरण कीजिए। हल आवृफति 12ण्3 में व्यवरोधें के निकाय ग ≥ 0ए ल ≥ 0 तथाग ़ ल ≤ 4 द्वारा निधर्रित छायांकित क्षेत्रा ;व्।ठद्ध सुसंगत क्षेत्रा है। सुसंगत क्षेत्रा व्।ठ परिब( है, अतः अध्िकतम मान सुसंगत क्षेत्रा के किसी कोनीय बिंदु पर होगा। व्;0ए 0द्धए । ;4ए 0द्ध तथा ठ ;0ए 4द्ध कोनीय बिंदु हैं। इन कोनीय बिंदुओं में से प्रत्येक पर र् का मान ज्ञात कीजिए। कोनीय बिंदु र् का मान 0ए ;0ए 0द्ध 2 ;0द्ध ़ 3 ;0द्ध त्र 0 । ;4ए 0द्ध 2 ;4द्ध ़ 3 ;0द्ध त्र 8 ठ ;0ए 4द्ध 2 ;0द्ध ़ 3 ;4द्ध त्र 12 ← आवृफति 12ण्3 अतः र् का अध्िकतम मान 12 है, जो बिंदु ;0ए 4द्ध पर है। उदाहरण4 एक निमार्ण कंपनी दो प्रकार के टेलीविज़न सेट बनाती है। एक काला - सपेफद तथा दूसरा रंगीन। कंपनी के पास प्रति सप्ताह अध्िकतम 300 सेट तैयार करने के साध्न हैं। एक काला - सपेफद सेट बनाने में 1800 रु तथा एक रंगीन सेट बनाने में 2700 रु लगते हैं। कंपनी टेलीविज़्ान सेट बनाने में प्रति सप्ताह 648000 रु से अध्िक खचर् नहीं कर सकती है। यदि कंपनी प्रत्येक काले - सपेफद सेट पर 510 रु तथा प्रत्येक रंगीन सेट पर 675 रु का लाभ अजिर्त करती है। तो प्रत्येक प्रकार के कितने सेट निमिर्त किए जाने चाहिए, जिससे उसे अध्िकतम लाभ हो इस समस्या का एक स्च्च् के रूप में सूत्राण कीजिए, दिया हुआ है कि उद्देश्य लाभ का अध्िकतमीकरण करना है। हल मान लीजिए कि ग तथा ल , क्रमशः प्रति सप्ताह बनने वाले काले - सपे़फद सेटों तथा रंगीन सेटों की संख्या निरूपित करते हैं। अतः ग ≥ 0ए ल ≥ 0 क्योंकि कंपनी प्रति सप्ताह अध्िकतम 300 सेट बना सकती है, इसलिए ग ़ ल ≤ 300 सेटों के निमार्ण करने में साप्ताहिक मूल्य ;रु मेंद्ध 1800ग ़ 2700ल है तथा कंपनी 648000 रु तक खचर् कर सकती है। इसलिए, 1800ग ़ 2700ल ≤ 648000ए अथार्त्ए 2ग ़ 3ल ≤ 720 ग काले - सपेफद सेटों तथा ल रंगीन सेटों पर वुफल लाभ ;510ग ़ 675लद्ध रु होता है। मान लीजिए कि र् त्र 510ग ़ 675ल यही उद्देश्य पफलन है। अतः समस्या का गण्िातीय सूत्राीकरण निम्नलिख्िात हैः र् त्र 510ग ़ 675ल का निम्नलिख्िात व्यवरोधें के अंतगर्त अध्िकतमीकरण कीजिए गल 300 23 720 गल ग0ए ल0 दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।ण्द्ध उदाहरण 5 उदाहरण 4 पर ध्यान दीजिए। स्च्च् को हल कीजिए। हल समस्या नीचे दी हुइर् है। र् त्र 510ग़ 675लका निम्नलिख्िात व्यवरोधें के अंतगर्त अध्िकतमीकरण कीजिए। गल 300 23ग ल 720 ग 0ए ल 0 सुसंगत क्षेत्रा व्।ठब् आवृफति 12ण्4 में प्रदश्िार्त है। क्योंकि सुसंगत क्षेत्रा परिब( है, इसलिए र् का अध्िकतम मान व्ठब् के किसी कोनीय बिंदु पर ही होगाः कोनीय बिंदु र् का मान व् ;0ए 0द्ध 510 ;0द्ध ़ 675 ;0द्ध त्र 0 । ;300ए 0द्ध 510 ;300द्ध ़ 675 ;0द्ध त्र 153000 ठ ;180ए 120द्ध 510 ;180द्ध ़ 675 ;120द्ध त्र 172800 ← अध्िकतम ब् ;0ए 240द्ध 510 ;0द्ध ़ 675 ;240द्ध त्र 162000 अतः अध्िकतम र्, बिंदु ;180ए 120द्ध पर 172800 है, अथार्त, कंपनी को अध्िकतम लाभ पाने के लिए 180 काले - सपेफद सेट तथा 120 रंगीन सेट बनाने चाहिये। उदाहरण 6 र् त्र 3ग़ 5लका नीचे दिए व्यवरोधें के अंतगर्त न्यूनतमीकरण कीजिएः ़≥ 2 10 गल गल 6़≥ 3गल8़≥ ए ≥0गल हल हम पहले ग़ 2लत्र 10ए ग़ लत्र 6ए 3ग़ लत्र 8 के आरेख खींचते हैं। आवृफति 12ण्5 में छायांकित क्षेत्रा ।ठब्क् उपयुर्क्त व्यवरोधें द्वारा निधर्रित सुसंगत क्षेत्रा ;त्द्ध है। सुसंगत क्षेत्रा अपरिब( है। इसलिए र् का न्यूनतम मान हो भी सकता है या नहीं भी हो सकता है। यदि न्यूनतम मान है, तो वह किसी कोनीय बिंदु पर होगा। कोणीय बिंदु र् का मान । ;0ए 8द्ध 40 ठ ;1ए 5द्ध 28 ब् ;2ए 4द्ध 26 क् ;10ए 0द्ध 30 ← न्यूनतम हम 3ग़ 5लढ 26 का आरेख खींचते हैं जैसा कि आवृफति 12ण्5 में बिंदुकित रेखा द्वारा दिखाया गया है। हम देखते हैं 3ग़ 5लढ 26 द्वारा निधर्रित खुले अध्र् - तल तथा त् में कोइर् भी बिंदु उभयनिष्ठ आवृफति 12.5नहीं है। अतः, 26, र् का न्यूनतम मान है। वस्तुनिष्ठ प्रश्न उदाहरण 7 तथा 8 तक प्रत्येक में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - उदाहरण 7 रैख्िाक व्यवरोधें के एक निकाय द्वारा निधर्रित, किसी सुसंगत क्षेत्रा के कोनीय बिंदु ;0ए 10द्धए ;5ए 5द्धए ;15ए 15द्धए ;0ए 20द्ध हैं। मान लीजिए कि र् त्र चग ़ ुलए जहाँ चए ु झ 0ण् च तथा ु पर लगने वाला वह प्रतिबंध्, जिससे र् का अध्िकतम मान ;15ए 15द्ध तथा ;0ए 20द्ध दोनों ही बिंदुओं पर प्राप्त हो, तब ;।द्ध च त्र ु ;ठद्ध च त्र2ु ;ब्द्ध ु त्र2च ;क्द्ध ु त्र3च हल सही उत्तर ;क्द्ध है। क्योंकि तभी ;15ए 15द्ध तथा ;0ए 20द्ध पर र् का अध्िकतम मान प्राप्त होगा। उदाहरण 8 किसी स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा ;छायांकितद्ध आवृफति 12ण्6 में प्रदश्िार्त किया गया है। र् त्र 4ग ़ 3ल का न्यूनतम मान किस बिंदु पर होगा? ;।द्ध ;0ए 8द्ध ;ठद्ध ;2ए 5द्ध ;ब्द्ध ;4ए 3द्ध ;क्द्ध ;9ए 0द्ध हल सही उत्तर ;ठद्ध है। आवृफति 12.6 उदाहरण 9 तथा 10 प्रत्येक में रिक्त स्थान की पूतिर् कीजिए - उदाहरण9 किसी स्च्च् में, वह रैख्िाक पफलन, जिसका अध्िकतमीकरण या न्यूनतमीकरण करना होता है, एक रैख्िाक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ पफलन कहलाता है। हल उद्देश्य उदाहरण 10 किसी स्च्च् के सभी रैख्िाक व्यवरोधें द्वारा निधर्रित उभयनिष्ठ क्षेत्रा एक ऋऋऋऋऋऋऋ क्षेत्रा कहलाता है। हल सुसंगत बतलाइए कि उदाहरण 11 तथा 12 के कथन सत्य हैं या असत्य - उदाहरण 11 यदि किसी रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या का सुसंगत क्षेत्रा ;त्द्ध परिब( है, तो उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का त् में अध्िकतम तथा न्यूनतम दोनों ही मान होते हैं। हल सत्य उदाहरण 12 किसी रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या के उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का न्यूनतम मान सदैव किसी एक ही कोनीय बिंदु पर प्राप्त होता है। हल असत्य। न्यूनतम मान सुसंगत क्षेत्रा के एक से अध्िक कोनीय बिंदुओं पर भी प्राप्त हो सकता है। 12ण्3 प्रश्नावली लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 1ण् व्यवरोधें 2ग ़ ल ≤ 6ए ग ≤ 2ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0ण् के अंतगर्त र् त्र 11ग ़ 7ल का अध्िकतम मान निधर्रित कीजिए। 2ण् व्यवरोधें ग ़ ल ≤ 1ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0ण् के अंतगर्त र् त्र 3ग ़ 4ल का अध्िकतमीकरण कीजिए। 3ण् व्यवरोधें ग ≤ 3ए ल ≤ 2ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0 के अंतगर्त पफलन र् त्र 11ग ़ 7ल का अध्िक - तमीकरण कीजिए। 4ण् व्यवरोधें ग ़ ल ≤ 7ए 2ग दृ 3ल ़ 6 ≥ 0ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0 के अतंगर्त र् त्र 13ग दृ 15ल का न्यूनतमीकरण कीजिए। 5ण् र् त्र 3ग ़ 4ल का अध्िकतम मान ज्ञात कीजिए, यदि स्च्च् 7ण् किसी स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा आवृफति 12ण्9 में प्रदश्िार्त है। र् त्र 11ग ़ 7ल का न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए। 8ण् उपयुर्क्त प्रश्न संख्या 7 पर ध्यान दीजिए। र् का अध्िकतम मान ज्ञात कीजिए। 9ण् किसी स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा आवृफति 12ण्10 में प्रदश्िार्त है। इस क्षेत्रा के प्रत्येक कोनीय बिंदु पर र् त्र 4ग ़ ल का मान निकालिए। र् का न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए, यदि उसका अस्ितत्व है। 10ण् आकृति 12ण्11 में एक स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा ;छायंाकितद्ध प्रदश्िार्त है। र् त्र ग ़ 2ल का अध्िकतम तथा न्यूनतम मान निकालिए। आवृफति 12.11 11ण् एक इलेक्ट्रानिक परिपथ के निमार्ता के पास 200 प्रतिरोध्क ;तमेपेजवतेद्ध, 120 ट्रंाजिस्टर तथा 150 संधरित्रा ;बंचंबपजवतेद्ध का स्टाक है तथा उसे । औरठ दो प्रकार के परिपथ का उत्पादन करना है। । प्रकार के परिपथ में 20 प्रतिरोध्कों, 10 ट्रांजिस्टर तथा 10 संधरित्रों की आवश्यकता पड़ती है। ठ प्रकार के परिपथ में 10 प्रतिरोध्कों, 20 ट्रांजिस्टरों तथा 30 संधरित्रों की आवश्यकता पड़ती है। यदि प्रत्येक । प्रकार के परिपथ पर लाभ 50 रु तथा प्रत्येक ठ प्रकार के परिपथ पर लाभ 60 रु होता है, तो इस समस्या का एक स्च्च् के रूप में सूत्राण कीजिए ताकि निमार्ता अपने लाभ का अध्िकतमीकरण कर सके। 12ण् एक पफमर् को बड़ी वैनों, जिनमें से प्रत्येक 200 पैकेज तथा छोटी वैनों, जिनमें से प्रत्येक 80 पैकेज ढो सकती है के उपयोग द्वारा, 1200 पकेज ढोना है। प्रत्येक बड़ी वैन को लगाने पर 400 रु तथा प्रत्येक छोटी वैन को लगाने पर 200 रु खचर् होते हैं। इस कायर् के लिए 3000 रु से अध्ि क खचर् नहीं किए जा सकते हैं तथा बड़ी वैन की संख्या छोटी वैन की संख्या से अध्िक नहीं हो सकती है। इस समस्या का एक स्च्च् के रूप में सूत्राण कीजिए, यदि यह दिया हुआ है कि उद्देश्य कुल लागत का न्यूनतमीकरण करना है। 13ण् एक कंपनी । तथा ठ, दो प्रकार के पेंचों का उत्पादन करती है। सभी पंेचों को एक चूड़ी डालने वाली मशीन तथा एक खाँचा मशीन से होकर गुजरना पड़ता है। । प्रकार के पेंचों के एक बक्स को चूड़ी डालने की मशीन के 2 मिनट प्रयोग की तथा खँाचा मशीन के प्रयोग की 3 मिनट की आवश्यकता पड़ती है। ठ प्रकार के पेंचों के एक बक्स को चूड़ी डालने की मशीन के प्रयोग की 8 मिनट तथा खँाचा मशीन के प्रयोग की 2 मिनट की आवश्यकता पड़ती है। प्रत्येक मशीन एक सप्ताह में 60 घंटे के लिए उपलब्घ है। इन पेंचों को बेचने पर कंपनी को । प्रकार के पेंचों पर 100 रु प्रति बक्स तथा ठ प्रकार के पेंचों पर 170 रु प्रति बक्स लाभ प्राप्त होता है। इस समस्या का एक स्च्च् के रूप में सूत्राण कीजिए, दिया हुआ है कि उद्देश्य लाभ का अध्ि कतमीकरण करना है। 14ण् एक कंपनी । तथा ठ दो प्रकार के स्वेटरों का उत्पादन करती है। । प्रकार के एक स्वेटर बनाने में 360 रु तथा ठ प्रकार के एक स्वेटर बनाने में 120 रु खचर् होते है। कंपनी प्रतिदिन अध्िक से अध्िक 300 स्वेटर बना सकती है तथा अध्िकतम 72000 रु खचर् कर सकती है। ठ प्रकार के स्वेटरों की संख्या । प्रकार के स्वेटरों की संख्या से 100 से अध्िक नहीं हो सकती है। प्रत्येक ठ प्रकार के स्वेटर पर 120 रु लाभ अजिर्त करती है। कंपनी के वुफल लाभ का अध्िकतमीकरण करने के लिए इस समस्या का एक स्च्च् के रूप में सूत्राण कीजिए। 15ण् एक व्यक्ित अपनी मोटरसाइकिल को 50 ाउध्ी की रफ्रतार से चलाता है। उसे पेट्रोल पर 2 रु प्रति किलोमीटर खचर् करने पड़ते हैं। यदि वह 80 ाउध्ी की तेज रफ्रतार से चलाता है, तो पेट्रोल का खचर्बढ़ कर 3 रु प्रति किलोमीटर हो जाता है। उसके पास पेट्रोल पर खचर् करने के लिए अध्ि क से अध्िक 120 रु है तथा 1 घंटे का समय है। वह, उस अध्िकतम दूरी को ज्ञात करना चाहता है, जो वह तय कर सकता है। इस समस्या को एक रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या के रूप में व्यक्त कीजिए। दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।ण्द्ध 16ण् प्रश्न संख्या 11 पर ध्यान दीजिए। निमार्ता को कितने । प्रकार के तथा कितने ठ प्रकार के परिपथ उत्पादित करने चाहिए, जिससे उसका लाभ अध्िकतम हो? अध्िकतम लाभ भी ज्ञात कीजिए। 17ण् प्रश्न संख्या 12 पर ध्यान दीजिए। न्यूनतम लागत क्या होगी? 18ण् प्रश्न संख्या 13 पर ध्यान दीजिए। रैख्िाक प्रोग्रामन समस्या को हल कीजिए तथा निमार्ता ;कंपनीद्ध का अध्िकतम लाभ ज्ञात कीजिए। 19ण् प्रश्न संख्या 14 पर ध्यान दीजिए। कंपनी को प्रतिदिन, प्रत्येक प्रकार के कितने - कितने स्वेटर बनाने चाहिए जिससे अध्िकतम लाभ हो? अध्िकतम लाभ कितना है? 20ण् प्रश्न संख्या 15 पर ध्यान दीजिए। वह अध्िकतम दूरी ज्ञात कीजिए जिसे व्यक्ित तय कर सकता है। 21ण् व्यवरोधें ग ़ 4ल ≤ 8ए 2ग ़ 3ल ≤ 12ए 3ग ़ ल ≤ 9ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0ण् के आध्ीन र् त्र ग ़ ल का अध्िकतमीकरण कीजिए। 22ण् एक निमार्ता बाइक के दो माॅडल - माॅडल ग् तथा माॅडल ल् बनाता है/माॅडल ग् की ल् की इकाइर् को बनाने में 10 जन - घंटे लगते हैं। प्रति सप्ताह वुफल 450 जन - घंटे उपलब्ध् हैं। विपणन तथा रख - रखाव पर खचर् माॅडल ग् की प्रत्येक इकाइर् तथा माॅडल ल् की प्रत्येक इकाइर् पर क्रमशः 2000 रु तथा 1000 रु हैं। इस कायर् के लिए प्रति सप्ताह वुफल उपलब्ध् ध्न 80000 रु है। माॅडल ग् तथा माॅडल ल् की प्रत्येक इकाइर् पर लाभ क्रमशः 1000 रु तथा 500 रु है। निमार्ता को प्रत्येक माॅडल की कितनी बाइक बनानी चाहिए जिससे अध्िकतम लाभ मिले? अध्िकतम लाभ भी ज्ञात कीजिए। 23ण् एक व्यक्ित अपने दैनिक आहार के संपूरण के लिए वुफछ ग् तथा वुफछ ल् टिकियाँ ;जंइसमजेद्ध खाना चाहता है। ग् तथा ल् टिकियों में लौह, वैफल्िसयम तथा विटामिन के अंश ;मिली ग्राम प्रति टिकियाद्ध नीचे दिए गए हैंः टिकियाँ लौह वैफल्िसयम विटामिन ग् 6 3 2 ल् 2 3 4 उस व्यक्ित को कम से कम 18 उह लौह तत्व, 21 उह वैफल्िसयम तथा 16 उह विटामिन की आवश्यकता है। प्रत्येक ग् तथाल् टिकियों का मूल्य क्रमशः 2 रु तथा 1 रु है। अपनी उपयुर्क्त आवश्यकता की पूतिर् के लिए उस व्यक्ित को प्रत्येक प्रकार की कितनी टिकियाँ खानी चाहिए जिससे मूल्य न्यूनतम रहे? 24ण् एक कंपनी परिकलित्रों ;ब्ंसबनसंजवतेद्ध के तीन माॅडल ।ए ठ तथा ब् का निमार्ण पैफक्ट्री प् तथा पैफक्ट्री प्प् में करती है। कंपनी के पास कम से कम माॅडल । के 6400 परिकलित्रों, माॅडल ठ के 4000 परिकलित्रों तथा माॅडल ब् के 4800 परिकलित्रों की आपूतिर् का आदेश है। पैफक्ट्री प् में प्रतिदिन माॅडल । के 50, माॅडल ठ के 50 तथा माॅडल ब् के 30 परिकलित्रा निमिर्त होते हैं। पैफक्ट्री प्प् में प्रतिदिन माॅडलब् के 40 परिकलित्रा निमिर्त होते हैं। पैफक्ट्री प् तथा पैफक्ट्रीप्प् को चलाने में प्रतिदिन क्रमशः 12000 रु तथा 15000 खचर् होते हैं। प्रत्येक पैफक्ट्री को चालू रखने के दिनों की संख्या ज्ञात कीजिए ताकि लागत मूल्य कम से कम हो तथा पिफर भी माँग पूरी हो सके। 25ण् व्यवरोधेंः ग दृ 2ल ≤ 0य दृ 3ग ़ ल ≤ 4ए ग दृ ल ≤ 6ए गए ल ≥ 0 के अंतगर्त र् त्र 3ग दृ 4ल का अध्िकतमीकरण तथा न्यूनतमीकरण कीजिए। वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न संख्या 26 से 34 तक प्रत्येक में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - 26ण् व्यवरोधें के एक निकाय द्वारा निधर्रित किसी सुंसगत क्षेत्रा के कोनीय बिंदु ;0ए 0द्धए ;0ए 40द्धए ;20ए 40द्धए ;60ए 20द्धए ;60ए 0द्ध हंै। उद्देश्य पफलन र् त्र 4ग ़ 3ल है। स्तंभ । तथा स्तंभ ठ की राश्िायों की तुलना कीजिए। स्तम्भ । स्तम्भ ठर् का अध्िकतम मान 325 ;।द्ध स्तंभ । की राश्िा अध्िक है ;ठद्ध स्तंभ ठ की राश्िा अध्िक है ;ब्द्ध दोनों राश्िायाँ समान हैं ;क्द्ध प्रदत्त सूचनाओं के आधर पर दोनों राश्िायों का परस्पर संबंध् निधर्रित नहीं किया जा सकता है। आवृफति 12.12 27ण् आवृफति 12ण्12 में किसी स्च्च् का सुसंगत हल प्रदश्िार्त है। मान लीजिए कि र् त्र 3ग दृ 4ल , उद्देश्य पफलन है। र् का अध्िकतम मान किस बिंदु पर है? ;।द्ध ;0ए 0द्ध ;ठद्ध ;0ए 8द्ध ;ब्द्ध ;5ए 0द्ध ;क्द्ध ;4ए 10द्ध पर है। 28ण् प्रश्न संख्या 27 पर ध्यान दीजिए। र् का अध्िकतम मान किस बिंदु पर है? ;।द्ध ;5ए 0द्ध ;ठद्ध ;6ए 5द्ध ;ब्द्ध 6ए 8द्ध ;क्द्ध ;4ए 10द्ध 29ण् प्रश्न संख्या 27 पर ध्यान दीजिए। र् का अध्िकतम मान ़ र् का न्यूनतम मान बराबर हैः ;।द्ध 13 ;ठद्ध 1 ;ब्द्ध दृ 13 ;क्द्ध दृ 17 के बराबर है। 30ण् आवृफति 12ण्13 में एक स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा प्रदश्िार्त है। मान लीजिए कि थ् त्र 3ग दृ 4ल उद्देश्य पफलन है। थ् का अध्िकतम मान होगा? ;।द्ध 0 ;ठद्ध 8 ;ब्द्ध 12 ;क्द्ध दृ 18 आवृफति 12.13 31ण् प्रश्न संख्या 30 पर ध्यान दीजिए। थ् का न्यूनतम मान हैः ;।द्ध 0 ;ठद्ध दृ 16 ;ब्द्ध 12 ;क्द्ध का अस्ितत्व नहीं हंै। 32ण् किसी स्च्च् के सुसंगत क्षेत्रा के कोनीय बिंदु ;0ए 2द्धए ;3ए 0द्धए ;6ए 0द्धए ;6ए 8द्ध तथा ;0ए 5द्ध हैं। मान लीजिए कि थ् त्र 4ग ़ 6ल उद्देश्य पफलन है। थ् का न्यूनतम मान किस बिंदु पर है? ;।द्ध केवल ;0ए 2द्ध पर ;ठद्ध केवल ;3ए 0द्ध पर ;ब्द्ध;0ए 2द्ध तथा ;3ए 0द्ध बिंदुओं को मिलाने वाले रेखांखण्ड के मध्य बिंदु पर ;क्द्ध;0ए 2द्ध तथा ;3ए 0द्ध बिंदुओं को मिलाने वाले रेखांखण्ड के किसी भी बिंदु पर 33ण् प्रश्न संख्या 32 पर ध्यान दीजिए। थ् का अध्िकतम मान दृथ् का न्यूनतम मान बराबर हैः ;।द्ध 60 ;ठद्ध 48 ;ब्द्ध 42 ;क्द्ध 18 34ण् किसी रैख्िाक व्यवरोधें के निकाय द्वारा निधर्रित एक सुंसगत क्षेत्रा के कोनीय बिंदु ;0ए 3द्धए ;1ए 1द्ध तथा ;3ए 0द्ध हैं। मान लीजिए कि र् त्र चग़ुलए ;जहाँ चए ु झ 0द्ध उद्देश्य पफलन है। च तथा ु पर लगने वाला वह प्रतिबंध्, जिससे र् का न्यूनतम मान ;3ए 0द्ध तथा ;1ए 1द्ध पर प्राप्त होगाः ु;।द्ध च त्र 2ु ;ठद्ध च त्र ;ब्द्ध च त्र 3ु ;क्द्ध च त्र ु2 प्रश्न संख्या 35 से 42 तक प्रत्येक में रिक्त स्थान की पूतिर् कीजिए - 35ण् किसी स्च्च् में असमिकाओं या चरों पर लगने वाले प्रतिबंधें को ऋऋऋऋऋऋऋऋऋकहते हैं। 36ण् किसी स्च्च् में उद्देश्य पफलन सदैव ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ होता है। 37ण् यदि किसी स्च्च् में सुसंगत क्षेत्रा ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है, तो उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल के इष्टतम मान का आस्ितत्व हो भी सकता है या नहीं भी हो सकता है। 38ण् किसी स्च्च् में, यदि उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का सुसंगत क्षेत्रा के दो कोनीय बिंदुओं पर समान अध्िकतम मान हो, तो इन बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखण्ड के सभी बिंदुओं पर समान ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ मान प्राप्त होता है। 39ण् रैख्िाक असमिकाओं के एक निकाय द्वारा निधर्रित किसी सुसंगत क्षेत्रा को ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ कहतेहैं, यदि उस क्षेत्रा को एक वृत्त के भीतर परिब( किया जा सकता है। 40ण् किसी सुसंगत क्षेत्रा कोेनीय बिंदु उस क्षेत्रा का वह बिंदु है जो उसकी दो परिसीमा रेखाओं का ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 41ण् किसी स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा सदैव एक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ बहुभुज होता है। बताइए कि प्रश्न संख्या 42 से 45 तक में दिए हुए कथन सत्य हैं या असत्य? 42ण् यदि किसी स्च्च् का सुसंगत क्षेत्रा अपरिब( है, तो उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल के अध्िकतम मान या न्यूनतम मान का अस्ितत्व हो सकता है या नहीं भी हो सकता है। 43ण् किसी स्च्च् के उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का अध्िकतम मान सदैव सुसंगत क्षेत्रा के केवल एक कोणीय बिंदु पर प्राप्त होता है। 44ण् किसी स्च्च् के उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का न्यूनतम मान सदैव 0 होता है, यदि मूल बिंदु उसके सुसंगत क्षेत्रा का एक कोनीय बिंदु है। 45ण् किसी स्च्च् में, उद्देश्य पफलन र् त्र ंग ़ इल का अध्िकतम मान सदैव परिमित होता है।

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