11ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 11ण्1ण्1 किसी रेखा की दिक्कोज्याएँ उन कोणों की कोज्याएँ;बवेपदमेद्ध हैं जो वह रेखा निदेर्शांक अक्षों की ध्नात्मक दिशाओं के साथ बनाती है। 11ण्1ण्2 यदि सए उए दकिसी रेखा की दिक्कोज्याएँ हैं, तो स2 ़ उ2 ़ द2 त्र 1 होता है। 11ण्1ण्3 दो बिंदुओं च् ;ग1ए ल1 ए ्रद्ध और फ ;ग2ए ल2ए ्रद्ध को मिलाने वाली रेखा की दिक्कोज्याएँ होती हैंः12ग −गल −ल्र −्र21 21 21 ए जहाँच्फए च्फ एच्फ 2 22च्फत्र ग दृ गद्ध ़; ल −लद्ध;्र्रद्ध है।; ़− 21 2121 11ण्1ण्4 किसी रेखा के दिक् - अनुपात वे संख्याएँ हैं जो उस रेखा की दिक्कोज्याओं के समानुपाती होती हैं। 11ण्1ण्5 यदि किसी रेखा की सए उए ददिक्कोज्याएँ हैं और ंए इए बदिक्अनुपात हैं, तो ±ं ±इ ±बसत्र य उत्र य दत्र 222 222 222ंइ ब ं ़़ बं ़़इ़़ इ ब 11ण्1ण्6 विषमतलीय रेखाएँ त्रिाविमीय आकाश ;ेचंबमद्धमें ऐसी रेखाएँ होती हैं जो न समांतर हैं और न ही प्रतिच्छेदी। ये भ्िान्न - भ्िान्न तलों में स्िथत होती हैं। 11ण्1ण्7 दो विषमतलीय रेखाओं के बीच का कोण उन दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के बीच का कोण है, जो किसी बिंदु से ;मूलबिंदु को प्राथमिकता देते हुएद्ध इन विषमतलीय रेखाओं में से प्रत्येक के समांतर खींची जाती हैं। 11ण्1ण्8 यदि स1ए उ1ए दऔरस2ए उ2ए ददो रेखाओं की दिक्कोज्याएँ हैं तथा इन दोनों के बीच का न्यून12 कोण θ है, तो बवेθ त्र उउ ़दद सस12 ़12 12 11ण्1ण्9 यदि ं1ए इ1ए बऔर ं2ए इ2ए बदो रेखाओं के दिक् - अनुपात हैं तथा इन दोनों के बीच का12 न्यून कोण θ है, तो ं़इइ़बब12 1212बवे θत्र 222 222़़ इइइ ंंण् ़़ 123 123 11ण्1ण्10 एक रेखा, जो स्िथति सदिश ं ळवाले एक बिंदु से होकर जाती है और एक दिए हुए सदिशळळ ळइ ळके समांतर है, की सदिश समीकरण तंहोती है।त्ऱλइ 11ण्1ण्11 एक बिंदु ;ग1ए ल1ए ्रद्ध से होकर जाने वाली तथा दिक्कोज्याएँ सए उए द;या दिक् - अनुपात1ंए इएबद्ध वाली रेखा की समीकरण होती हैः 11ण्1ण्14 यदि त्ऱλइऔर त्ऱλइ रेखाओं के बीच का न्यून कोण θ है, तो θ ग−ग1 स त्र −1ल ल उ त्र −1्र ्र द या ⎜ 1⎛ग−ग ⎝ ं त्र −1ल ल इ त्र −1्र ्र ब ⎞ ⎟⎠ 11ण्1ण्12 स्िथति सदिशों ं ळऔर इवाले दो बिंदुओं से होकर जाने वाली रेखा की सदिश समीकरणळत्ऱ;इ ंळद्ध है।तंλ − ळळळ 11ण्1ण्13 दो बिंदुओं ;ग1ए ल1ए ्रद्ध और ;ग2ए ल2ए ्रद्ध से होकर जाने वाली रेखा की कातीर्य समीकरण12 ग−ग1 ग2 −ग1 त्र −1 ल2 −ल1 ल ल त्र −1 ्र2 −्र1 ्र ्र होती है। ळळ ळ ळळ ळ तंतं11 22 निम्नलिख्िात से प्राप्त किया जाता हैः ळळ ळळ ण्इइ ण्इइ12 12 बवे θत्र या θत्रबवे दृ1ळळ ळळ इइ2 इइ21 1 ग−ग लल −− लल −− ्र्र गग − ्र्र 111 222त्रत्र त्रत्र11ण्1ण्15 यदि और दो रेखाओं की समीकरणसउद सउद111 222 हैं, तो इन रेखाओं के बीच का न्यून कोण θ निम्नलिख्िात से प्राप्त होता हैः बवेθ त्र सस़उउ ़दद 12 1212 11ण्1ण्16 दो विषमतलीय रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी उस रेखाख्ंाड की लंबाइर् होती है जो इन दोनों रेखाओं पर लंब हो। ळ ळळळ ळळ11ण्1ण्17 रेखाओं तंत्ऱλइऔर त्ऱके बीच की न्यूनतम दूरी निम्नलिख्िात होती हैःतं λइ11 22 ळळ ळळ इइण् ं दृ 12 21ळळ ण्इइ12 ग−ग लल − ग−ग लल −− ्र्र − ्र्र 111 222त्रत्र त्रत्र11ण्1ण्18 रेखा और के बीच की न्यूनतमंइब ंइब111 222 दूरी हैः गगलल्र्र −−−21 2121 ंइब111 ंइब222 222; −बद्ध ़;बं बंद्ध ़;ंइ ंइद्धइब इ−−1221 1221 12 21 ळ ळळळ ळळ11ण्1ण्19 समांतर तं इऔर त्ऱλइरेखाओं के बीच की दूरी हैःतं12ळळळ ं इ 2दृ 1ळ इ 11ण्1ण्20 एक समतल की सदिश समीकरण, जो मूलबिंदु से दूरी चपर है तथा उस समतल पर अभ्िालंब मात्राक सदिश में है, ळ ण्६त्रतदचहोती है। 11ण्1ण्21 उस समतल की समीकरण, सग़ उल़ द्रत्र चहोती है। जिसकी मूलबिंदु से दूरी चहै और जिसकेअभ्िालंब की दिक्कोज्याएँ सए उए दहैं। 11ण्1ण्22 उस समतल की समीकरण, जो उस बिंदु से होकर जाती है जिसका स्िथति सदिश ं ळहैळळळ ळळ ळळऔर जो सदिश द ळपर लंब है,;दृतंदत्र0 या तदकहोती है, जहाँ कंण् है।द्धण् ण्त्रत्रद 11ण्1ण्23 उस समतल की समीकरण, जो दिक् - अनुपातों ंए इए बवाली एक रेखा पर लंब है और एक दिए हुए बिंदु ;ग1ए ल1ए ्रद्ध से होकर जाता है, ं;गदृ गद्ध ़ इ;लदृ लद्ध ़ ब;्रदृ ्रद्ध त्र1 1110 होती है। 11ण्1ण्24 तीन अंसरेखी बिंदुओं ;ग1ए ल1ए ्रद्धए ;ग2ए ल2ए ्रद्ध और;ग3ए ल3ए ्रद्ध से होकर जाने वाले समतल123की समीकरण गदृ ग दृ ्र्र लल दृ 1 11 गदृ गलल्र्र दृदृ त्र0 होती है। गदृ ग लल ्र्र दृ 21 2121 ळळ1 31 3दृ111ण्1ण्25 स्िथति सदिश ं ळ ए इ3ए बवाले तीन असंरेखी बिंदुओं को अंतविर्ष्ट करने वाले समतल की ळळळ ळळळ सदिश समीकरण ;तंदृ द्धण् ⎡;दृ × बं द्ध⎤इं द्ध;दृ त्र0 होती है।⎣⎦ 11ण्1ण्26 निदेर्शांक अक्षों को ;ंए 0ए 0द्धए ;0ए इए 0द्ध और;0ए 0ए बद्ध पर काटने वाले समतल की समीकरण गल्र ़़त्र1 ंइब होती है। ळळ ळळ11ण्1ण्27 समतलों तद कऔर तद कके प्रतिच्छेदन से होकर जाने वाले किसी समतल कीण्त्र ण्त्र 11 22 ळळ ळळ− 0 होती है, जहाँ λ कोइर् शून्येतर अचर है।सदिश समीकरण ;ण्तद क द्ध ़λ ;तण्दक − द्ध त्र 11 22 11ण्1ण्28 दिए हुए दो समतलों ।ग़ ठल़ ब््ऱ क् त्र 0 और।ग़ ठल़ ब््ऱ क् त्र 0 के11112222प्रतिच्छेदन से होकर जाने वाले समतल की कातीर्य समीकरण ;।ग़ ठल़ ब््ऱ क्द्ध1111़ λ ; ।ग़ ठल़ ब््ऱ क्द्ध त्र 0 जहाँ λ कोइर् शून्येतर अचर है।2222ळ ळळळ ळळ 11ण्1ण्29 दो रेखाएँ तं इऔर तं त्र ़λ इसह - तलीय होती है, यदि11 22 ळळळळ ;दृ द्धण्; इइद्धत्र0 हो।ं ×21 12 गदृ ग लल ्र्र दृदृ गदृ ग दृ ्र्र लल दृ 111 22211ण्1ण्30 दो रेखाएँ और समतलीय होती हैं, यदिं1 इ1 ब1 ं2 इ2 ब2 गदृ गलल्र्र दृदृ 21 2121 ंइब111 ंइब222 त्र0 हो। ळळ ळळ11ण्1ण्31 सदिश रूप में, यदि दो समतलों ण्त्र कऔर ण्त्र कए के बीच का न्यून कोणतदतद11 22 ळळ ण्दद12θ हो, तो θत्रबवे दृ1 होता है।ळ ळण्दद1 2 ळळ ण्इदळ ळळळळ ण्त्र ेपद θत्रळळ11ण्1ण्32 रेखा तं इऔर समतल तद कके बीच का न्यून कोण θ, से ण्इद प्राप्त होता है। 11ण्2 हल किये हुए उदाहरण संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध उदाहरण 1 यदि किसी रेखा केदिक् - अनुपात 1ए 1ए 2 हैं, तो उसकी दिक्कोज्याएँ ज्ञात कीजिए। हल दिक्कोज्याएँ निम्नलिख्िात से प्राप्त होती हैं। ं इबसत्र ए उत्र ए दत्र 222 222 222ंइब ंइब ंइब ़़़़ ़़ यहाँ ंए इए बक्रमशः 1ए 1ए 2ए हैं। 1 12अतःए सत्र ए उत्र ए दत्र 222 222 222112 1 ़़12 1 ़़2़़ 1 1 12 ⎛112 ⎞ त्र ए दत्र एअथार्त्, स ए उत्र , अथार्त् ±⎜ ए ⎟दी हुइर् रेखा की दिक्कोज्याएँ हैं।6 66 ⎝666 ⎠उदाहरण2 बिंदुआंे च् ;2ए 3ए 5द्ध और फ ;दृ1ए 2ए 4द्ध से होकर जाने वाली रेखा की दिक्कोज्याएँ ज्ञात कीजिए। हल बिंदु च् ;ग1ए ल1ए ्रद्ध और फ ;ग2ए ल2ए ्रद्ध से होकर जाने वाली रेखा की दिक्कोज्याएँ12ग−ग 2 −2 1ए लल 2 −1ए ्र्र 1 होती हैं।च्फ च्फच्फ 2 22यहाँ च्फ त्र;ग−गद्ध; लल द्ध;्र्र द्ध़− ़− 21 2121 222 त्र ़़त्र ;1 −− ़−़−2द्ध ;23द्ध ;45द्ध 911 त्र 11 अतः दिक्कोज्याएँ हैं। ⎛−3 −1 −1 ⎞⎛3 11 ⎞ ए ए⎜ ⎟या ±⎜ ⎟±⎜ ⎟11ए 11 11 ⎝11ए 11 11 ⎠⎝ ⎠उदाहरण 3 यदि कोइर् रेखा गए लऔर ्रअक्षों की धनात्मक दिशाओं से क्रमशः 30°ए 60° और 90° के कोण बनाती है, तो उसकी दिक्कोज्याएँ ज्ञात कीजिए। हल उस रेखा की दिक्कोज्याएँ जो, अक्षों से αए βए γ कोण बनाती हैं, बवेαए बवेβए बवेγ होती हैं। ⎛ 31⎞ अतः, उस रेखा की दिक्कोज्याएँ बवे30°ए बवे60°ए बवे90°, अथार्त् ±⎜ एए0⎟ हैं।22 ⎝⎠ उदाहरण 4 बिंदु फ ;2ए 2ए 1द्ध और त् ;5ए 1ए दृ2द्ध को मिलाने वाली रेखा पर स्िथत किसी बिंदु का ग.निदेर्शांक 4 है। इसका ्र.निदेर्शांक ज्ञात कीजिए।ण् हल मान लीजिए कि बिंदु च् रेखाखंड फत् को λ रू 1 के अनुपात में व्िाभाजित करता है। तब, च् के निदेर्शांक हैं। ⎛5λ़2 λ़2 दृ2λ़1⎞ एए⎜⎟λ़1 λ़1 λ़1⎝⎠ 5λ़2 त्र⇒λत्रपरंतु च् का गदृ निदेर्शांक 4 है। अतः, 42 λ़1 21−λ़ इसलिए, च् का ्र - निदेर्शांक त्र त्रदृ1 λ़1 उदाहरण 5 उस बिंदु की समतल त ळ ण् ; प६ दृ 2६ऱ 4 ा६द्ध त्र 9 से दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी स्िथति सदिश ;2६६़ दृ ६द्ध है।पराळ 2६६६६ ६हल यहाँ ं ळ त्र परा़ दृए दप रादृ2६ 4है तथा कत्र 9 है। ६६६६६ ६;2 ़ दृ द्धण्;−2 ़4 द्ध−9पराप राअतः, वाँछित दूरी त्र 1416़़ 224−−−9 13 त्र त्र 21 21 ग ़3 ल −4 ्र ़8उदाहरण 6 बिंदु ;दृ 2ए 4ए दृ 5द्ध की रेखा त्रत्र दूरी ज्ञात कीजिए।356 हल यहाँ च् ;दृ2ए 4ए दृ 5द्ध दिया हुआ बिंदु है। रेखा पर कोइर् भी बिंदु फ ;3λ दृ3ए 5λ ़ 4ए ;6λ दृ8 द्ध है।श्रश्रश्रळअतः, च्फ त्र ;3λ दृ1द्ध प६ ़λ़ λ5६र ;6 −3द्ध ा६ण् श्रश्रश्रळ ६६प ़ रक्योंकि च्फ ⊥ ;35६ ़6ा द्धहै, इसलिए हमें प्राप्त होता है। 3 ;3λ दृ1द्ध ़ 5; 5λद्ध ़ 6 ;6λ दृ3 द्ध त्र 0 3या 9λ ़ 25λ़ 36λ त्र 21 , अथार्त् λ त्र 10 है। 1 15 12 ६श्रश्रश्रळ− प६ ़ ६र − ाइस प्रकार, च्फ त्र 1010 10 आवृफति 11.1 श्रश्रश्रळ 1च्फ त्रअतः 10 उदाहरण7 उस बिंदु के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए, जहाँ बिंदुओं ;3ए दृ 4ए दृ 5द्ध और ;2ए दृ3ए 1द्ध से होकर जाने वाली रेखा तीन बिंदुओं ;2ए 2ए 1द्ध, ;3ए 0ए 1द्ध और ;4ए दृ1ए 0द्ध से होकर जाने वाले समतल को काटती है। हल तीन बिंदुओं ;2ए 2ए 1द्ध, ;3ए 0ए 1द्ध और;4ए दृ1ए 0द्ध से होकर जाने वाले समतल की समीकरण हैः ⎡त ळ प६़2६र ़ा६द्ध⎤⎡;६दृ2 द्ध ;६ ×प दृ६र ६;दृ;2 ण् पर ६दृ ा द्ध⎤त्र0⎣⎦⎣ ⎦ अथार्त् त ळण्;2६६रा६द्ध या 2ग ़ ल ़ ्र दृ 7 त्र 0 ण्ण्ण् ;1द्धप ़़ त्र7 बिंदुओं ;3ए दृ 4ए दृ 5द्ध और ;2ए दृ 3ए 1द्ध से होकर जाने वाली रेखा की समीकरण हैः ग −3 ल ़4 ्र ़5 त्रत्र ण्ण्ण् ;2द्ध−11 6 रेखा ;2द्ध पर स्िथत कोइर् भी बिंदु ;दृ λ ़ 3ए λ दृ 4ए 6λ दृ 5द्ध है। यह बिंदु समतल ;1द्ध पर स्िथत है। अतः, 2 ;दृ λ ़ 3द्ध ़ ;λ दृ 4द्ध ़ ;6λ दृ 5द्ध दृ 7 त्र 0ए अथार्त् λ त्र 2 है। अतः वाँछित बिंदु ;1ए दृ 2ए 7द्ध हैं। दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।ण्द्ध ळ ळउदाहरण8 रेखा ६६६ ६६६ और समतल ण्;६६ ६ के प्रतिच्छेदतत्र22 λ;3प4 2द्ध तप राद्ध त्रपरा रा −़ 5−़़़़ बिंदु से बिंदु ;दृ1ए दृ5ए दृ 10द्ध की दूरी ज्ञात कीजिए। ळहल दिया हैः 2६६2६ ;3 ६4६2द्ध६ और ळण्;६६६द्ध 5 इन दोनों समीकरणों कोतत्रपर ाλ प रा −़−़़़़ तप रात्र हल करने पर, ६६६ ६६६६६६ त्र जिससे λ त्र 0 प्राप्त होता है।ख्;2 −़2द्ध ़λ;3प4 2 द्ध,ण्; दृ ़द्ध5परा रापरा़़ अतः, रेखा और समतल का प्रतिच्छेद बिंदु ;2ए दृ 1ए 2द्ध है। तथा अन्य गबिंदु ;दृ 1ए दृ 5ए दृ 10द्ध है। अतः इन बिंदुओं के बीच की दूरी उदाहरण 9 कोइर् समतल निदेर्शांक अक्षों ।ए ठए ब् पर इस प्रकार मिलता है कि बिंदु ;α β γद्ध ल्र ∆।ठब् का केंद्रक है। दशार्इए कि उस समतल की समीकरण αग़ β़ γ त्र 3 है। हल मान लीजिए कि समतल की समीकरण ग ल्र ़ इ़ त्र 1 है।ंबतब, ।ए ठ औरब् केनिदेर्शांक क्रमशः;ंए 0ए 0द्धए ;0एइए0द्ध और;0ए 0ए बद्ध है। त्रिाभुज ∆ ।ठब् का वेंफद्रक गगगललल्र्र ्र ंइब12312 3123 एए एएअथार्त् है।333 333 परंतु ∆ ।ठब् के केंद्रक के निदेर्शांक ;αए βए γद्ध हैं। ;दिया हैद्ध ंइब अतः α त्र ए β त्र और γ त्र है, अथार्त् ंत्र 3αए इत्र 3β और बत्र 3γ है।33 3 इस प्रकार, समतल की समीकरण ग़ βल़ γ्र त्र 3 है।αउदाहरण10 उन रेखाओं के बीच का कोण ज्ञात कीजिए जिनकी दिक्कोज्याएँ 3स़ उ़ 5दत्र 0 और 6उददृ 2दस़ 5सउत्र 0 समीकरणों से प्राप्त होती हैं। हल दोनों समीकरणों से उ का विलोपन करने पर, ⇒ 2द2 ़ 3 सद ़ स2 त्र 0 ⇒ ;द ़ सद्ध ;2द ़ सद्ध त्र 0 ⇒ या तो द त्र दृ स या स त्र दृ 2द अब, यदि स त्र दृ दए तो उ त्र दृ 2द हैऋ तथा यदि स त्र दृ 2दए तो उ त्र द है। अतः दोनों रेखाओं के दिक् - अनुपात दृ दए दृ2दए द और दृ2दए दए दए के समानुपाती हैं, अथार्त्1ए 2ए दृ1 और दृ2ए 1ए 1ण् अतऋ इन रेखाओं के समांतर सदिशों की समीकरण क्रमशः हैंः ळ ंळ त्र - रु3यप ़ 2 - रु3यर दृ ा - रु3य और इ त्र दृ2 - रु3यप ़ - रु3यर ़ ा - रु3यए यदि इन रेखाओं के बीच का कोण θ है, तो ळळ ंण्इळळबवे θ त्र ं इ - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य;प ़ रा द्ध⋅ दृ2 प ़ र ़ ा द्ध2दृ ; 1 दृ त्र त्र 222 2221 ़ 2 ़ ;दृ1द्ध ;दृ2द्ध ़1 ़16 1 दृअतः, θ त्र बवेदृ1 है।6 हल मान लीजिए कि स् बिंदु । ;1ए 8ए 4द्ध से ठ और ब् बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा पर डाले गए लम्ब का पाद है, जैसा कि आवृफति 11ण्2 में दशार्या गया है। सूत्राळळ ळ आवृफति 11.2त त्र ंळ ़ λ ; इ दृ ं द्धए का प्रयोग करने पर, रेखा ठब् की ळ - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3यसमीकरण त त्र ;दृ र ़3ा द्ध़λ ;2प दृ2 र दृ4ा द्ध है। ⇒ ग - रु3यपलप - रु3य्रा - रु3य त्र 2λ - रु3यप दृ ;2λ़1द्ध - रु3यर ़;3दृ4 λद्ध ा - रु3य दोनों पक्षों की तुलना करने पर, हमें प्राप्त होता हैः ग त्र 2λए ल त्र दृ ;2λ ़ 1द्धए ्र त्र 3 दृ 4λ ;1द्ध इस प्रकार, स् के निदेर्शांक ;2λए दृ ;2λ ़ 1द्धए ;3 दृ 4λद्धए हैं, जिससे रेखा ।स् के दिक् - अनुपात ;1 दृ 2λद्धए 8 ़ ;2λ ़ 1द्धए 4 दृ ;3 दृ 4λद्धए हैं, अथार्त् 1 दृ 2λए 2λ ़ 9ए 1 ़ 4λ हैं। क्योंकि ।स्, ठब् पर लंब है, इसलिए हमें प्राप्त होता हैः ;1 दृ 2λद्ध ;2 दृ 0द्ध ़ ;2λ ़ 9द्ध ;दृ3 ़ 1द्ध ़ ;4λ ़ 1द्ध ;दृ1 दृ3द्ध त्र 0 दृ5 ⇒λ त्र 6 ⎛ दृ5 219 ⎞अभीष्ट बिंदु, समीकरण ;1द्ध में λ का मान प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त होता है, जो ⎜ ए ए ⎟ है।⎝ 333 ⎠ गल दृ1 ्र दृ2 उदाहरण 12 रेखा के सापेक्ष बिंदु च् ;1ए 6ए 3द्ध का प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए।12 3 हल मान लीजिए कि च् ;1ए 6ए 3द्ध दिया हुआ बिंदु है तथा मान लीजिए कि च् से दी हुइर् रेखा पर डाले ग दृ0 ल दृ1 ्र दृ2 गए लंब का पाद स् है। दी हुइर् रेखा पर स्िथत व्यापक बिंदु के निदेर्शांक त्रत्र त्रλ 123 अथार्त् ग त्र λए ल त्र 2λ ़ 1 और ्र त्र 3λ ़ 2 है।यदि स् के निदेर्शंाक ;λए 2λ ़ 1ए 3λ ़ 2द्ध हैं, तो च्स् के दिक् - अनुपात λ दृ 1ए 2λ दृ 5ए 3λ दृ 1 हैं। परंतु दी हुइर् रेखा के दिक् - अनुपात, जो च्स् पर लंब है, 1ए 2ए 3 है। अतः, ;λ दृ 1द्ध 1 ़ ;2λ दृ 5द्ध 2 ़ ;3λ दृ 1द्ध 3 त्र 0 जिससे λ त्र 1 प्राप्त होता है। अतः स् के निदेर्शंाक ;1ए 3ए 5द्ध हैं। मान लीजिए कि दी हुइर् रेखा में च् ;1ए 6ए 3द्ध का प्रतिबिंब फ ;ग1ए ल1ए ्र1द्ध है। तब स् रेखाख्ंाड च्फ का मध्य बिंदु है। ग ़1 ल ़ 6 ्र ़311 1अतः, त्र1ए त्र3तथा त्र5 22 2 आवृफति 11.3 ⇒ ग1 त्र 1ए ल1 त्र 0ए ्र1 त्र 7 अतः, दी हुइर् रेखा में ;1ए 6ए 3द्ध का प्रतिबिंब ;1ए 0ए 7द्ध है। - रु3य - रु3य - रु3य - रु3यसदिश - रु3यप 3 - रु3यर 4ा - रु3य है। हल मान लीजिए कि दिया हुआ बिंदु च् ; - रु3यप ़3सर ़4ा - रु3यद्धहै तथा समतल त - रु3य ण् ;2 - रु3यप दृ - रु3यर ़ा - रु3यद्ध मेंफ - रु3य़ - रु3य - रु3य - रु3य - रु3य - रु3यपर - रु3य 2अतः, फ का स्िथति सदिश ;प रा3 ़4द्धदृ2 2दृ - रु3यपराअथार्त् दृ3 ़5 ़ ा - रु3य है। वस्तुनिष्ठ प्रश्न उदाहरण 14 से 19 तक प्रत्येक में, दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः उदाहरण 14 बिंदु ;2ए 5ए 7द्ध से ग - अक्ष पर डाले गए लंबपाद के निदेर्शांक हैं। ;।द्ध ;2ए 0ए 0द्ध ;ठद्ध ;0ए 5ए 0द्ध ;ब्द्ध ;0ए 0ए 7द्ध ;क्द्ध ;0ए 5ए 7द्ध हल ;।द्ध सही उत्तर है। उदाहरण 15 बिंदु ;3ए 2ए दृ1द्ध और ;6ए 2ए दृ2द्ध को मिलाने वाले रेखांखड पर स्िथत कोइर् बिंदु च् है। यदि च् का ग - निदेर्शांक 5 है, तो उसका लनिदेर्शांक है ;।द्ध 2 ;ठद्ध 1 ;ब्द्ध दृ1 ;क्द्ध दृ2 हल ;।द्ध सही उत्तर है। मान लीजिए कि च् रेखाखंड को λ रू 1 के अनुपात में विभाजित करता है। तब, 6λ़36λ़3 च् के गनिदेर्शंाक को गत्र के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जिससे त्र5 प्राप्त होताλ़1 λ़1 2λ़2 है। इस कारण λ त्र 2 है। इस प्रकार, च् का लनिदेर्शंाक त्र2 है।λ़1 उदाहरण 16 यदि एक रेखा गए लए ्रअक्षों की धनात्मक दिशाओं से क्रमशः αए βए γ कोण बनाती है तो इस रेखा की दिक्कोज्याएँ हैंः ;।द्ध ेपद αए ेपद βए ेपद γ ;ठद्ध बवे αए बवे βए बवे γ ;ब्द्ध जंद αए जंद βए जंद γ ;क्द्ध बवे2 αए बवे2 βए बवे2 γ हल ;ठद्ध सही उत्तर है। उदाहरण 17 ग - अक्ष से बिंदु च् ;ंए इए बद्ध की दूरी है 22 2222 2;।द्ध ंब ;ठद्ध ंइ ;ब्द्ध इब ;क्द्ध इ2 ़ बहल ;ब्द्ध सही उत्तर है। बिंदु च् ;ंए इए बद्ध की बिंदु फ ;ंए 0ए 0द्ध से उदाहरण 18 आकाश ;स्पेसद्ध में ग - अक्ष की समीकरण हैं;।द्ध गत्र 0ए लत्र 0 ;ठद्ध गत्र 0ए ्रत्र 0 ;ब्द्ध गत्र 0 ;क्द्ध लत्र 0ए ्रत्र 0 हल ;क्द्ध सही उत्तर है। ग - अक्ष पर ल निदेर्शांक और ्र निदेर्शांक शून्य होते हैं। उदाहरण 19 कोइर् रेखा निदेर्शांक अक्षों से बराबर कोण बनाती है। इस रेखा की दिक्कोज्याएँ हैं ⎛ 111 ⎞⎛ 111 ⎞⎛ 1 −1 −1 ⎞ ए ए;।द्ध ± ;1ए 1ए 1द्ध ;ठद्ध ±⎜ ⎟ ;ब्द्ध ±⎜ एए⎟ ;क्द्ध ±⎜ ⎟⎝ 3ए3 3 ⎠⎝ 333 ⎠⎝ 3ए3 3 ⎠ हल;ठद्ध सही उत्तर है। मान लीजिए कि रेखा प्रत्येक अक्ष से α कोण बनाती है। तब इसकी दिक्कोज्याएँ बवे αए बवे αए बवे α होंगी। क्योंकि बवे2 α ़ बवे2 α ़ बवे2 α त्र 1 है, इसलिएबवे α त्र 1 होगा।3 उदाहरण 20 से 22 तक प्रत्येक में रिक्त स्थानों को भरिए - π 3πउदाहरण20 यदि एक रेखा गए ल और ्र अक्षों से क्रमशः एऔर 4 कोण बनाती हैं, तो इसकी24 दिक्कोज्याएँ ऋऋऋऋऋऋऋ होंगी। 3π⎛ 11 ⎞ हल दिक्कोज्याएँ बवे ए बवे ए बवे अथार्त् ±⎜0एदृ ⎟ हैं।244 ⎝ 22 ⎠ उदाहरण 21 यदि कोइर् रेखा निदेर्शंाक अक्षों की धनात्मक दिशाओं के साथ कोण αए βए γ बनाती है, तो ेपद2 α ़ ेपद2 β ़ ेपद2 γ का मान ऋऋऋऋऋऋऋहै। हल ेपद2 α ़ ेपद2 β ़ ेपद2 γ त्र ;1 दृ बवे2αद्ध ़ ;1 दृ बवे2βद्ध ़ ;1 दृ बवे2γद्ध त्र 3 दृ ;बवे2α ़ बवे2β ़ बवे2γद्ध त्र 2 उदाहरण 22 यदि एक रेखा ल और ्र अक्षों में से प्रत्येक से 4 कोण बनाती है, तो रेखा द्वारा ग - अक्ष के साथ बनाया गया कोण ऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै। हल मान लीजिए यह ग - अक्ष से कोण α बनाती है। तब, बवे2α ़ बवे 24 ़ बवे24 त्र 1 जिसे सरल करने पर α त्र 2 प्राप्त होता है। उदाहरण 23 और 24 में बताइए कि कथन सत्य हैं या असत्य - उदाहरण 23 बिंदु ;1ए 2ए 3द्धए ;दृ2ए 3ए 4द्ध और ;7ए 0ए 1द्ध संरेखी है। हल मान लीजिए कि ।ए ठए ब् क्रमशः बिंदु ;1ए 2ए 3द्धए ;दृ2ए 3ए 4द्ध और;7ए 0ए 1द्ध हैं।तब, ।ठ और ठब् रेखाओं में से प्रत्येक के दिक्अनुपात दृ 3ए 1ए 1 के समानुपाती हैं। अतः कथन सत्य है। उदाहरण 24 बिंदु ;3ए5ए4द्ध और ;5ए8ए11द्ध से होकर जाने वाली रेखा की सदिश समीकरण त त 3६प 5 ६र 4 ६ा 2६; प 3 ६र 7 ६द्धा है। हल बिंदुओं ;3ए5ए4द्ध और ;5ए8ए11द्ध के स्िथति सदिश ं त 3६प 5 ६र 4 ६एा इ त 5६प 8 ६र 11 ६ा हैं। अतः रेखा की वाँछित समीकरण हैः त त 3६प 5 ६र 4 ६ा 2६; प 3६र 7 ६द्धा अतः, कथन सत्य है। 11ण्3 प्रश्नावली लघुउत्तरीय ;ैण्।ण्द्ध श्रश्रश्रळ 1ण् आकाश ;स्पेसद्ध में ऐसे बिंदु । के स्िथति सदिश ज्ञात कीजिए कि व्।ए व्ग् से 60ह् श्रश्रश्रळव्।झुका हुआ हो और व्ल् से 45° पर झुका हुआ हो तथा त्र 10 इकाइर् है। 2ण् उस रेखा का सदिश समीकरण ज्ञात कीजिए जो सदिश 3प६ 2६र 6ा६ के समांतर है तथा बिंदु ;1एदृ2ए3द्ध से होकर जाती है। ग 1 ल 2 ्र 3 ग − 4 ल −13ण् दशार्इए कि रेखाएँ और त्रत्र ्र प्रतिच्छेद करती हैं। साथ 234 52 ही, इनका प्रतिच्छेद बिंदु भी ज्ञात कीजिए। त त4ण् रेखा त त्र 3६ − 2६र ़ 6ा६ ़λ;2 ६ ़ ६र ़ ा६ और त त्र ;2 ६र − 5 द्ध ६ ़ - प६ ़ 3६र ़ ा६ के बीचपप 2द्ध ा ;6 2द्ध का कोण ज्ञात कीजिए। 5ण् सि( कीजिए कि । ;0ए दृ1ए दृ1द्ध और ठ ;4ए 5ए 1द्ध बिंदुओं से होकर जाने वाली रेखा ब् ;3ए 9ए 4द्ध और क् ;दृ 4ए 4ए 4द्ध बिंदुओ से होकर जाने वाली रेखा को प्रतिच्छेद करती है। 6ण् सि( कीजिए कि ग त्र चल ़ ुए ्र त्र तल ़ े तथा ग त्र च′ल ़ ु′ए ्र त्र त′ल ़ े′ रेखाएँ परस्पर लंब हैं, यदि चच′ ़ तत′ ़ 1 त्र 0ण् 7ण् उस समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए, जो । ;2ए 3ए 4द्ध और ठ ;4ए 5ए 8द्ध बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड को समकोण पर समद्विभाजित करता है।8ण् उस समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए, जो मूलबिंदु से 33 इकाइर् की दूरी पर है तथा जिसका अभ्िालंब निदेर्शांक अक्षों से समान झुकाव पर है।9ण् यदि किसी बिंदुु ;दृ2ए दृ 1ए दृ 3द्ध से होकर खींची गइर् रेखा किसी समतल को समकोण पर बिंदु ;1ए दृ 3ए 3द्ध पर मिलती है, तो उस समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए। 10ण् बिंदुओं ;2ए 1ए 0द्धए ;3ए दृ2ए दृ2द्ध और;3ए 1ए 7द्ध से होकर जाने वाले समतल का समीकरण ज्ञात कीजिए। 11ण् मूलबिंदु से होकर जाने वाली उन दो रेखाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए जिनमें से प्रत्येक रेखा ग − 3 ल −3 ्र π त्रत्र को के कोण पर प्रतिच्छेद करती है।2 113 12ण् उन रेखाओं के बीच का कोण ज्ञात कीजिए जिनकी दिक्कोज्याएँ स ़ उ ़ द त्र 0 तथा स2 ़ उ2 दृ द2 त्र 0 समीकरणों से प्राप्त होती हैं। 13ण् यदि किसी चर रेखा की दो आसन्न स्िथतियों में दिक्कोज्याएँ सए उए द औरस ़ δसए उ ़ δउए द ़ δद हैं तो दशार्इए कि इन दो स्िथतियों के बीच में छोटा कोण δθ निम्नलिख्िात से प्राप्त होगा। δθ2त्र δस2 ़ δउ2़ δद2 14ण् व् मूल बिंदु है तथा ;ंए इए बद्ध बिंदु । को प्रदश्िर्ात करते हैं। रेखाव्। की दिक्कोज्याएँ ज्ञात कीजिए तथा । से होकर जाने वाले और व्। से समकोण पर रहने वाले समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए। 15ण् समकोण्िाक अक्षों की दो प(तियों का एक ही मूल बिंदु है। यदि कोइर् तल इनको मूल बिंदु से क्रमशः ंए इए ब और ं′ए इ′ए ब′ पर काटता है, तो सि( कीजिए कि 1111 11़़त्र ़ ़222 2 22ंइबं′ इ′ ब′ दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।ण्द्ध 4 गल 1 ्र16ण् बिंदु ;2ए3एदृ8द्ध से रेखा पर डाले गए लंब का पाद ज्ञात कीजिए। साथ ही,2 63 इस बिंदु से रेखा की लांबिक दूरी भी ज्ञात कीजिए। ग 5 ल 3 ्र 617ण् बिंदु ;2ए4एदृ1द्ध की रेखा से दूरी ज्ञात कीजिए।1 4दृ9 ⎛ 3 ⎞18ण् बिंदु ⎜1ए ए2 ⎟से समतल 2ग दृ 2ल ़ 4्र ़ 5 त्र 0 पर डाले गए लंब की लंबाइर् और उसका⎝ 2 ⎠लंब पाद ज्ञात कीजिए। 19ण् बिंदु ;3ए0ए1द्ध से होकर जाने वाली उस रेखा के समीकरण ज्ञात कीजिए, जो ग ़ 2ल त्र 0 और 3ल दृ ्र त्र 0 समतलों के समांतर हैं। 20ण् उस समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए, जो ;2ए1एदृ1द्ध और;दृ1ए3ए4द्ध बिंदुओं से होकर जाता है तथा समतल ग दृ 2ल ़ 4्र त्र 10 पर लंब है। ळळ ;8 प;9 16द्ध ़λ7द्धा और ६ ६६21ण् रेखाओं त त्ऱλ− ़ λ3६ ६र ़ ;10 ६ त त्र15प६ ़29 र 5ा६ - ;3 प६8 र 5द्ध ा़़़− बीच की लघुत्तम दूरी ज्ञात कीजिए। 22ण् उस समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए जो समतल 5ग ़ 3ल ़ 6्र ़ 8 त्र 0 पर लंब है तथा जिसमें ग ़ 2ल ़ 3्र दृ 4 त्र 0 और 2ग ़ ल दृ ्र ़ 5 त्र 0 समतलों की प्रतिच्छेदन रेखा अंतविर्ष्ट है। 23ण् समतल ंग ़ इल त्र 0 को इसकी समतल ्र त्र 0 के साथ प्रतिच्छेदन रेखा के परितः कोण α पर घुमाया जाता हैं। सि( कीजिए कि उस समतल का अपनी नइर् स्िथति में समीकरण ंग ़ इल ±; ं2 ़इ2 जंद αद्ध ्र त्र 0 है। 24ण् समतल त ळ ण् ; प६ ़ 3६र द्ध दृ 6 त्र 0 और त ळ ण् ;3 प६ दृ ६र दृ 4 ा६द्ध त्र 0 केप्रतिच्छेदन से होकर जाने वाले उस समतल की समीकरण ज्ञात कीजिए, जिसकी मूल बिंदु से लांबिक दूरी इकाइर् है। 25ण् दशार्इए कि बिंदु परऔर ़़ाद्ध समतल ळ प −7द्ध ा ़त्र 0 से समदूरस्थ;६६−़3द्ध ा६ 3;पर६६६ त ण्;5 ६ ़2६र ६9 है तथा इसके विपरीत ओर स्िथत हैं। श्रश्रश्रळ श्रश्रश्रळ 26ण् ६६६ ६६६ दो सदिश हैं। बिंदु । और ब् के स्िथति सदिश।ठ त्र3पर ़ा और ब्क् त्रप 2दृ −़ ़ 3 र 4ा ६ ६६ ६६प ़़ ा हैं, रेखा ।ठ पर स्िथत बिंदु च् और रेखा ब्क् पर स्िथतक्रमशः 67 र 4ा और दृ9 र ़2 श्रश्रश्रळ श्रश्रश्रळ श्रश्रश्रळ बिंदु फ के स्िथति सदिश ज्ञात कीजिए ताकि च्फ , ।ठ और ब्क् दोनों पर लंब हो। 27ण् दशार्इए कि वे सरल रेखाएँ जिनकी दिक्कोज्याएँ समीकरणों 2स ़ 2उ दृ द त्र 0 औरउद ़ दस ़ सउ त्र 0 से प्राप्त होती है परस्पर समकोण हैं। 28ण् यदि स1ए उ1ए दय स2ए उ2ए दय स3ए उ3ए दतीन परस्पर लंब रेखाओं की दिक्कोज्याएँ हैं, तो सि(123 कीजिए कि वह रेखा, जिसकी दिक्कोज्याएँ स ़ स ़ स3ए उ ़ उ ़ उ3ए द ़ द ़ दके121212समानुपाती हैं, उपरोक्त रेखाओं से बराबर कोण बनाती हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न 29 से 36 तक प्रत्येक में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - 29ण् बिंदु ;αएβएγद्ध की ल - अक्ष से दूरी है ;।द्ध β ;ठद्ध β ;ब्द्ध β ़ γ ;क्द्ध α 2 ़ γ2 30ण् यदि एक रेखा की दिक्कोज्याएँ ाए ाए ा हैं, तो ;।द्ध ाझ0 ;ठद्ध 0ढाढ1 ;ब्द्ध ात्र1 ;क्द्ध ा 1 दृ1 3 या 3 त ⎛ 23 ⎞31ण् मूल बिंदु से समतल त ण्⎜ प६ ़ ६र − 6 ा६⎟त्र1 की दूरी है⎝ 777 ⎠ 1;।द्ध 1 ;ठद्ध 7 ;ब्द्ध 7 ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं ग 2 ल 3 ्र 432ण् सरल रेखा और समतल 2ग दृ 2ल ़ ्र त्र 5 के बीच के कोण की345 ेपदम है 10 4232;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध65 525 10 33ण् गलदृसमतल में बिदु ;αएβएγद्ध का परावतर्न है ;।द्ध ;αएβए0द्ध ;ठद्ध ;0ए0एγद्ध ;ब्द्ध ;दृαएदृβएγद्ध ;क्द्ध ;αएβएदृγद्ध 34ण् चतुभुर्ज ।ठब्क्, जहाँ ।;0ए4ए1द्धए ठ ;2ए 3ए दृ1द्धए ब्;4ए 5ए 0द्ध औरक् ;2ए 6ए 2द्ध है, का क्षेत्रापफल बराबर है। ;।द्ध 9 वगर् इकाइर् ;ठद्ध 18 वगर् इकाइर् ;ब्द्ध 27 वगर् इकाइर् ;क्द्ध 81 वगर् इकाइर् 35ण् गल ़ ल्र त्र 0 द्वारा निरूपित बिंदुपथ है ;।द्ध लंब रेखाओं का एक युग्म ;ठद्ध समांतर रेखाओं का एक युग्म ;ब्द्ध समांतर समतलों का एक युग्म ;क्द्ध लंब समतलों का एक युग्म 36ण् समतल 2ग दृ 3ल ़ 6्र दृ 11 त्र 0ए गदृ अक्ष के साथ ेपददृ1;αद्ध का कोण बनाता है। α का मान है। 3 223;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध2 377 त्रिाविमयि ज्यामिति 231 प्रश्न 37 से 41 तक प्रत्येेक में रिक्त स्थानों को भरिए - 37ण् एक समतल ;2ए0ए0द्ध ;0ए3ए0द्ध और ;0ए0ए4द्ध बिंदुओं से होकर जाता है। इस समतल की समीकरणऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै। 38ण् सदिश ६६रा६ की दिक्कोज्याएँऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋहैं।;2प2दृद्ध गदृ5 ल4 ्रदृ6 39ण् रेखा की सदिश समीकरण ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै।372 40ण् बिंदु ;3ए4एदृ7द्ध और ;1एदृ1ए6द्ध से होकर जाने वाली रेखा की सदिश समीकरणऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै। 41ण् समतल तप रा दृ2 का कातीर्य समीकरण ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै।तण्;६६ ६द्ध प्रश्न 42 से 49 तक प्रत्येक में सत्य या असत्य कथन बताइए - 12 3६६र ६प42ण् समतल ग़ 2ल़3्रदृ 6 त्र 0 पर अभ्िालंब एकक ;या मात्राकद्ध सदिश ाहै।14 14 14 43ण् समतल 2गदृ 3ल़ 5्ऱ4 त्र 0 द्वारा निदेर्शांक अक्षों पर काटे गए अंतःखंड दृ2ए 34एदृ54 है। ळ ळ44ण् रेखा ६६६ ६६६ और समतल ६ ६६ के बीच;5पर ा दृ दृ4द्ध ;2 दृ द्ध ण्;3दृ4 दृद्ध 5 0त परा तप रादृ1 5ेपदका कोण है।291 दृ1 दृ5 45ण् समतल ळ ६ ६६ और ण्;६६के बीच का कोण बवे है।ण्;2 दृ3 द्ध तप र द्ध4तप रा 1दृ 58 46ण् रेखा ळ ६६६ ६६६ समतल ६ में स्िथत है।2दृ3 दृ ;पर ा दृ 2द्ध तप रादृद्ध2 0तप रा ळण्;3६६ गदृ5 ल4 ्रदृ6 ळ47ण् रेखा सदिश समीकरण 5दृ4 ६ ६6६ ;3 प६ 7६रा 2 द्ध ६ है।तप रा 372 48ण् बिंदु ;5एदृ2ए4द्ध, से होकर जाने वाली और 2६६3६पर ाके समांतर रेखा की समीकरण गदृ5 ल2 ्रदृ4 है।2 दृ1 3 49ण् यदि मूल बिंदु से किसी समतल पर खींचे गए लंब का पाद ;5ए दृ 3ए दृ 2द्धए है, तो उस समतल की समीकरण ळण्;5 ६ दृ 3 ६ −2 द्ध६ है।तप रा त्र38

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