9ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध;पद्ध एक ऐसा समीकरण जिसमें स्वतंत्रा चर ;चरोंद्ध के सापेक्ष आश्रित चर के अवकलज सम्िमलित हों, अवकल समीकरण कहलाता है।;पपद्ध एक अवकल समीकरण जिसमंे स्वतंत्रा चर के केवल एक चर के आश्रित अवकलज सम्िमलित हों एक साधरण अवकल समीकरण ;वतकपदंतल कपमिितमदजपंस मुनंजपवदद्ध कहलाता है। एक अवकल समीकरण जिसमें स्वतंत्रा चर के एक से अध्िक चरों के अवकलज सम्िमलित हों एक आंश्िाक अवकल समीकरण ;च्ंतजपंस कपमिितमदजपंस मुनंजपवदद्ध कहलाता है।;पपपद्ध किसी अवकल समीकरण में सम्िमलित उच्चतम अवकलज की कोटि उस अवकल समीकरण की कोटि ;वतकमतद्ध कहलाती है।;पअद्ध यदि कोइर् अवकल समीकरण अवकलजों में बहुपद समीकरण है तो उस अवकल समीकरण की घात परिभाष्िात होती है।;अद्ध किसी अवकल समीकरण की घात ;यदि परिभाष्िात होद्ध उस अवकल समीकरण में सम्िमलित उच्चतम कोटि अवकलज की उच्चतम घात ;केवल ध्नात्मक पूणा±कद्ध होती है।;अपद्ध एक दिए हुए अवकल समीकरण को संतुष्ट करने वाला पफलन उस अवकल समीकरण का हल कहलाता है। एक ऐसा हल जिसमें उतने ही स्वेच्छ अचर हों जितनी उस अवकल समीकरण की कोटि है, व्यापक हल कहलाता है। स्वेच्छ अचरों से मुक्त हल विश्िाष्ट हल कहलाता है।;अपपद्ध किसी दिए हुए पफलन से अवकल समीकरण बनाने के लिए हम उस पफलन का उत्तरोत्तर उतनी ही बार अवकलन करते हैं जितने उस पफलन में स्वेच्छ अचर होते हैं और तब स्वेच्छ अचरों को विलुप्त करते हैं। ;अपपपद्ध किसी वक्र वुफल को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि उतनी ही होती है जितने उस वक्र वुफल के संगत समीकरण में स्वेच्छ अचर होते हैं।;पगद्ध चर पृथक्करणीय विध्ि ऐसे समीकरण को हल करने के लिए उपयोग की जाती है जिसमें चरों को पूरी तरह से पृथक किया जा सकता है अथार्त् ग वाले पद कग के साथ रहने चाहिए और ल वाले पद कल के साथ रहने चाहिए। ;गद्ध पफलन थ् ;गए लद्धए द घात वाला समघातीय पफलन कहलाता है यदि किसी शून्येतर अचर λ के लिए थ् ;λगए λल द्धत्र λद थ् ;गए लद्ध हो।कल कग ;गपद्ध एक अवकल समीकरण जिसे त्र थ् ;गए लद्ध या कल त्र ळ ;गए लद्धए जहाँ थ् ;गए लद्ध औरकग ळ ;गए लद्ध शून्य घात वाले समघातीय पफलन है के रूप में अभ्िाव्यक्त किया जा सकता है, समघातीय अवकल समीकरण कहलाता है।कल;गपपद्ध त्र थ् ;गए लद्ध प्रकार के समघातीय अवकल समीकरण को हल करने के लिए हम ल त्र अगकगकग प्रतिस्थापित करते हैं और कल त्र ळ ;गए लद्ध प्रकार के समघातीय अवकल समीकरण को हल करने के लिए ग त्र अल प्रतिस्थापित करते हैं।कल;गपपपद्ध ़ च्ल त्र फ के रूप वाला अवकल समीकरण जिसमें च् तथा फ अचर अथवा केवल ग केकगपफलन है, प्रथम कोटि रैख्िाक अवकल समीकरण कहलाता है। इस प्रकार के अवकल समीकरण का हल ल समाकलन गुणांक ;प्ण्थ्ण्द्ध त्र ∫;×फप्ण्थ्ण्द्ध कग ़ ब्ए जहाँ प्ण्थ्ण् ;प्दजमहतंजपदह थ्ंबजवतद्ध त्र म∫च्कग है समाकलन गुणांक दिया जाता है।कग ;गपअद्ध प्रथम कोटि रैख्िाक अवकल समीकरण का दूसरा रूप कल ़ च्1ग त्र फ1 है जहाँ च्1 और फ1 अचर अथवा केवल ल के पफलन हैं। इस प्रकार के अवकल समीकरण का हल ग ;प्ण्थ्ण्द्ध त्र ;फ× प्ण्थ्ण् द्ध कल ़ ब्ए जहाँ प्ण्थ्ण् त्र च्1कल है, द्वारा दिया जाता है।∫ 1∫म9ण्2 हल किए हुए उदाहरण लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध उदाहरण 1 वक्रों के वुफल ल त्र ।म2ग ़ ठण्मदृ2ग के लिए अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए। हल ल त्र ।म2ग ़ ठण्मदृ2ग 2कल कलत्र 2।म2ग दृ 2 ठण्मदृ2ग तथा 2 त्र 4।म2ग ़ 4ठमदृ2ग कग कग22कल कलइस प्रकार त्र 4ल अथार्त्ए 2दृ 4ल त्र 0ण्कग2 कग कल लउदाहरण 2 अवकल समीकरण कग त्र का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।ग कलल कलकग कल कग हल ⇒ त्र ⇒ त्र कग त्र ग लग लग ⇒ सवह ल त्र सवह ग ़ सवह ब ⇒ ल त्र बग कलउदाहरण 3 अवकल समीकरण कग त्र लमगए ग त्र 0ए ल त्र म में ल का मान बताएं जब ग त्र 1 कलकल गहल कग त्र लमग ⇒ ल त्र मकग ⇒ सवहल त्र मग ़ ब ग त्र 0 और ल त्र मए रखने पर हमें सवहम त्र म0 ़ ब अथार्त् ब त्र 0 ;फ सवहम त्र 1द्ध प्राप्त होता है। इसलिए सवह ल त्र मग अब इसमें ग त्र 1 रखने पर हमें सवह ल त्र म अथार्त् ल त्र मम प्राप्त होता है। कल लउदाहरण 4 अवकल समीकरण ़ त्र ग2ण् को हल कीजिए।कगग कलहल कग ़च्ल त्र फ रैख्िाक अवकल समीकरण है। 1 यहाँ प्ण्थ्ण् त्र ∫ कग त्र मसवहग त्र ग इसलिए, दिए गए अवकल समीकरण का हल हैग 4ग2लण्ग त्र गगकग ए अथार्त् लग त्र ब4 3गबअतः ल त्र 4 ग उदाहरण 5 मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखाओं के वुफल का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए। हल मान लीजिए मूल बिंदु से गुजरने वाली सरल रेखाओं के वुफल का समीकरण ल त्र उग है। कलइसलिए कग त्र उ कल कलउ को विलुप्त करने पर हमें ल त्र कग ण् ग या ग दृ ल त्र 0 प्राप्त होता है।कगउदाहरण 6 एक तल में सभी अक्षैतिज रेखाओं का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए। हल तल में सभी अक्षैतिज रेखाओं का व्यापक समीकरण ंग ़ इल त्र बए है जहाँ ं ≠ 0 है। इसलिए, ंकग इ त्र 0कल पुनः दोनों पक्षों का ल के सापेक्ष अवकलन करने पर हमें 22कग कग ं 2 त्र 0 ⇒ 2त्र 0 प्राप्त होता हैकलकल उदाहरण 7 उस वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके मूल बिंदु के अतिरिक्त किसी अन्य बिंदु पर स्पशर् रेखा की प्रवणता लल है।ग कल ल 1 हल दिया है ल त्र ल 1 कगगग कल 1⇒ 1 कग लग दोनों पक्षों का समाकलन करने पर हमें प्राप्त होता है लसवहल त्र ग ़ सवहग ़ ब ⇒ सवह त्र ग ़ ब ग लल⇒ त्र मग ़ ब त्र मगण्मब ⇒ त्र ा मग गग ⇒ ल त्र ाग ण् मग दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध उदाहरण 8 बिंदु ;1, 1द्ध से गुजरने वाले एक ऐसे वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका किसी बिंदु च्;गए लद्ध से वक्र के अभ्िालंब की मूल बिंदु से लंबवत दूरी च् से ग दृअक्ष की दूरी के बराबर है। दृकग हल माना च्;गए लद्ध से अभ्िालंब का समीकरण ल् दृ ल त्र कल ;ग्दृ गद्ध अथार्त् कग कगल् ़ ग् दृ लग त्र 0 ण्ण्ण्;1द्धकलकलइसलिए मूल बिंदु से ;1द्ध की लंबवत् दूरी कग लग कल ण्ण्ण्;2द्ध कग 2 1 कल कग लग कलसाथ ही च् की ग.अक्ष से दूरी द्यलद्य है। अतः 22⎛ कग ⎞ 2 कग कगकग 22 कग⇒ ⎜ लग़⎟ त्र ल 1 ⇒ ग दृ ल 2गल 0 ⇒ 0 ⎝ कल ⎠ कलकलकलकल कग 2गलया त्र 22कल ल दृ ग कगस्िथति प्रू त्र 0 ⇒ कग त्र 0कलदोनों पक्षों का समाकलन करने पर हमें गत्र ा प्राप्त होता है। ग त्र 1 रखने पर ा त्र 1 प्राप्त होता है। इसलिए वक्र का समीकरण ग त्र 1 है। ;यह संभव नहीं है इसलिए इसको अस्वीकार करते हैंद्ध कग 2गल कल ल2 ग2 स्िथति प्प्रू त्र 22 ण् अब ल त्र अगए रखने पर हम प्राप्त करते हैंकललग कग 2गल 2222 2कअअग ग अ 1 ;1 अ द्धकअ − −़ अग ⇒ ग त्र−अ त्र कग 2अग2 कग 2अ 2अ 2अ कग कअ⇒ 21 अग दोनों पक्षों का समाकलन करने पर हम प्राप्त करते हैं कि सवह ;1 ़ अ2द्ध त्र दृ सवहग ़ सवहब ⇒ सवह ;1 ़ अ2द्ध ;गद्ध त्र सवह ब ⇒ ;1 ़ अ2द्ध ग त्र ब ⇒ ग2 ़ ल2 त्र बगण् अब ग त्र 1 तथा ल त्र 1 रखने पर ब त्र 2 प्राप्त होता है। इसलिए ग2 ़ ल2 दृ 2ग त्र 0 वाँछित समीकरण है। उदाहरण 9 बिंदु 1ए 4 से जाने वाले वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए यदि किसी बिंदु च् ;गए लद्ध ल 2 लपर वक्र की स्पशर् रेखा की प्रवणता −बवे है।गग कलल लहल दिए गए प्रतिबंध् के आधर पर त्र−बवे 2 ण्ण्ण् ;पद्धकगग ग यह एक समघातीय अवकल समीकरण है। इसमें ल त्र अगए रखने पर हम प्राप्त करते हैं कअ कअ अ ़ ग कग त्र अ दृ बवे2अ ⇒ ग त्र दृ बवे2अकग⇒ ेमब2अ कअ त्र −कग ⇒ जंद अ त्र दृ सवहग ़ ब ग ल⇒ जंद ़सवह ग त्रब ण्ण्ण्;पपद्धग ग त्र 1 तथा ल त्र 4 रखने पर हमंे ब त्र 1 प्राप्त होता है। इस प्रकार जंद ल ़ सवह ग त्र 1 वाँछित समीकरण है।ग2 कल ल π⎛⎞उदाहरण 10 ग गल त्र 1 ़ बवे ⎜⎟ए ग ≠ 0 तथा जब ग त्र 1 तब ल त्र है को हल कीजिए।कगग 2⎝⎠हल दिए गए समीकरण को निम्न प्रकार से लिखा जा सकता है। 2 कल ल⎛⎞ ग गल त्र 2बवे2 ⎜⎟ए ग ≠ 0कग⎝⎠2ग 2 कलग गल 2 लकग ेमब ल 12ग 2 कल⇒ 2 ⇒ ग गल 12बवे 2 कग2ग दोनों पक्षों को ग3 से विभाजित करने पर हमें प्राप्त होता है ल2 ⎛ ⎞⎡कलेमब ⎜⎟ग −ल ⎤ 2ग ⎢⎥1⎝⎠ कग कल 1त्र⎢ 2 ⎥ 3 ⇒ जंद 2 गग 3⎢⎥ कग 2गग ⎣⎦ दोनों पक्षों का समाकलन करने पर ल 1जंद ा2ग 2ग2 अब ग त्र 1 तथा ल त्र 2 रखने पर 3 ल 13 ा त्र इसलिए, जंद 2 वाँछित हल है।22ग 2ग 2 उदाहरण 11 बताइए कि समीकरण गकल दृ लकग त्र ग2 ल2 कग किस प्रकार का अवकल समीकरण है तथा इसे हल कीजिए। हल दिए गए समीकरण ग कल त्र ग2 ल2 ल कग ए कल ग2 ल2 लअथार्त्, ण्ण्ण् ;1द्धकग ग यह समीकरण एक समघातीय अवकल समीकरण है। समीकरण ;1द्ध में ल त्र अगए रखने पर 2 22कअगअगअग कअ 2अथार्त् अग 1 अअअगकग ग कग कअ कग कअ 2ग कग 1 अ ⇒ 2 ण्ण्ण् ;2द्धग1 अ ;2द्ध के दोनों पक्षों का समाकलन करने परः सवह ;अ ़ 1 अ2 द्ध त्र सवहग ़ सवहब ⇒ अ ़ 1 अ2 त्र बग लल2 ⇒ ़ 1 2 त्र बग ⇒ ल ़ ग2 ल2 त्र बग2 गगवस्तुनिष्ठ प्रश्न ;व्इरमबजपअम ज्लचम फनमेजपवदेद्ध उदाहरण 12 से 21 तक प्रत्येक के लिए दिए गए चार विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए - कल 3 ⎛ कल ⎞2 उदाहरण 12 अवकल समीकरण⎛1 ़ ⎞त्र⎜ 2 ⎟ की घात है⎜⎟ 2⎝ कग ⎠⎝ कग ⎠ ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध 4 हल सही उत्तर ;ठद्ध है। 22कल ⎛ कल ⎞22 ⎛ कल ⎞ उदाहरण 13 अवकल समीकरण 2 ़ 3⎜ ⎟त्र ग सवह ⎜ 2 ⎟ की घात हैकग ⎝ कग ⎠⎝ कग ⎠ ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध परिभाष्िात नहीं है हल सही उत्तर ;क्द्ध है। दिया गया अवकल समीकरण अवकलजों में बहुपद समीकरण नहीं है। इसलिए इसकी घात परिभाष्िात नहीं है। 2 2⎡⎛ कल ⎞2 ⎤ कल उदाहरण 14 अवकल समीकरण ⎢1़⎜ ⎟⎥त्र 2 के क्रमशः कोटि और घात हैं⎢⎝ कग ⎠⎥ कग⎣⎦ ;।द्ध 1ए 2 ;ठद्ध 2ए 2 ;ब्द्ध 2ए 1 ;क्द्ध 4ए 2 हल सही उत्तर ;ब्द्ध है। उदाहरण 15 दी गइर् त्रिाज्या ं के सभी वृत्तों के अवकल समीकरण की कोटि है ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध 4 हल सही उत्तर ;ठद्ध है। माना दिए गए वृत्त वुफल का समीकरण ;ग दृ ीद्ध2 ़ ;ल दृ ाद्ध2 त्र ं2 है। इसमें दो स्वेच्छ अचर ी और ा हैं। इसलिए दिए गए अवकल समीकरण की कोटि 2 होगी। कलगलउदाहरण 16 अवकल समीकरण 2ण् कग दृ त्र 3 का हल किस वुफल को निरूपित करता है? ;।द्ध सरल रेखाओं ;ठद्ध वृत्तों ;ब्द्ध परवलयों ;क्द्ध दीघर् वृत्तों हल सही उत्तर ;ब्द्ध है। दिए गए समीकरण को इस प्रकार लिखा जा सकता है 2कल कग ⇒ 2सवह ;ल ़ 3द्ध त्र सवहग ़ सवहबल 3 ग⇒ ;ल ़ 3द्ध2 त्र बग सही है जो परवलयों के एक वुफल को निरूपित करता है। कलउदाहरण 17 अवकल समीकरण ;ग सवह गद्ध ़ ल त्र 2सवहग का समाकलन गुणक हैकग;।द्ध मग ;ठद्ध सवह ग ;ब्द्ध सवह ;सवह गद्ध ;क्द्ध ग कल ल 2 हल सही उत्तर ;ठद्ध है। दिए गए समीकरण को के रूप में लिख सकते हैं।कग ग सवह गग 1 इसलिए प्ण्थ्ण् त्र ∫ग सवह ग कग त्र मसवह ;सवहगद्ध त्र सवह गण् म कल 2 कलउदाहरण 18 अवकल समीकरण गल 0 का एक हल हैकग कग ;।द्ध ल त्र 2 ;ठद्ध ल त्र 2ग ;ब्द्ध ल त्र 2ग दृ 4 ;क्द्ध ल त्र 2ग2 दृ 4 हल सही उत्तर ;ब्द्ध है। उदाहरण 19 निम्न में से कौन सा ग और ल में समघातीय पफलन नहीं है। 2 लल;।द्ध ग2 ़ 2गल ;ठद्ध 2ग दृ ल ;ब्द्ध बवे ;क्द्ध ेपदग दृ बवेलगग हल सही उत्तर ;क्द्ध है। कग कलउदाहरण 20 अवकल समीकरण ग ़ ल त्र 0 का हल है 11 ़त्र ब;।द्ध ;ठद्ध सवहग ण् सवहल त्र ब ;ब्द्ध गल त्र ब ;क्द्ध ग ़ ल त्र बगल हल सही उत्तर ;ब्द्ध है। दिए गए समीकरण से हमें सवहग ़ सवहल त्र सवहब प्राप्त होता है जिससे गल त्र ब मिलता है। कल 2उदाहरण 21 अवकल समीकरण ग कग 2लग का हल है 224 4ग ़ बग ग ़बग ़ब;।द्ध ल त्र 2 ;ठद्ध ल त्ऱब ;ब्द्ध ल त्र 2 ;क्द्ध ल त्र 24ग 4 ग 4ग हल सही उत्तर ;क्द्ध है। प्ण्थ्ण् त्र 2 ग कग 2सवह ग सवह ग2 2ण् इसलिए इसका हल हैमममग 44 ग गब ल ण् ग2 त्र ∫ ग2ण्गकग त्ऱ ा ए अथार्त् ल त्र 244ग उदाहरण 22 निम्नलिख्िात में रिक्त स्थानों को भरिए - ;पद्ध परवलयों ल2 त्र 4ंग के वुफल को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।3⎛⎞कल ⎛कल 2 ⎞2 ;पपद्ध अवकल समीकरण ⎜ ⎟़⎜ ⎟त्र0 की घात ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग कग2⎝⎠ ⎝ ⎠ ;पपपद्ध अवकल समीकरण जंद ग कग ़ जंद ल कल त्र 0 के विश्िाष्ट हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।ग2 ़़ ल2 ल;पअद्ध थ् ;गए लद्ध त्र का घात ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्है।ग ग ग2 सवह ग2 ल;अद्ध अवकल समीकरण कग त्र को हल करने के लिए उपयुक्त प्रतिस्थापनकल ग गल सवह ल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कल;अपद्ध अवकल समीकरण ग −ल त्र ेपदग का समाकलन गणक ;प्ण्थ्ण्द्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग कल ग−ल;अपपद्ध अवकल समीकरण कग त्रम का व्यापक हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है। कल ल;अपपपद्ध अवकल समीकरण ़त्र1 का व्यापक हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग ग ;पगद्ध वक्रों के वुफल ल त्र । ेपदग ़ ठ बवेग पे को निरूपित करने वाला अवकल समीकरण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्है।⎛−2 गम ल ⎞कग कल− ⎟त्र1;ग ≠0द्ध ;गद्ध जब ⎜ को ़च्ल त्रफए के रूप में लिखते हैं तब⎜ गग ⎟⎠कल कग⎝ च् त्र ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है। हल;पद्ध एकऋ स्वेच्छ अचर केवल ं है। ;पपद्ध दोऋ क्योंकि सबसे अध्िक कोटि के अवकलज की घात दो है।;पपपद्ध शून्यऋ किसी अवकल समीकरण के विश्िाष्ट हल में कोइर् भी स्वेच्छ अचर नहीं होता है।;पअद्ध शून्य;अद्ध ग त्र अल1 कल ल ेपद ग;अपद्ध य दिए गए अवकल समीकरण को −त्र रूप में लिख सकते हैं और इसलिएग कगग ग 11कग त्र मदृसवहग त्रप्ण्थ्ण् त्र मग ण्ग ;अपपद्ध मल त्र मग ़ ब दिए गए समीकरण से मलकल त्र मगकग प्राप्त होता है। 2 2ग 1 ग;अपपपद्ध गल त्र ब य प्ण्थ्ण् त्र ग कग त्र मसवहग त्र ग तथा हल ल ण् ग त्र गण्1कग त्र ़ब् है।म2 2 2कल ल 0य;पगद्ध ़त्र दिए गए पफलन को ग के सापेक्ष उत्तरोत्तर अवकलन करने पर हमें प्राप्त होता हैकग2 2कल कलत्र ।बवेग दृ ठेपदग और त्र दृ।ेपदग दृ ठबवेगकग कग2 2कल⇒ कग2 ़ ल त्र 0 अवकल समीकरण है।1 ;गद्ध य दिए गए समीकरण कोग दृ2 ग दृ2 गकल म ल कललम त्र अथार्त् ़ त्र प्रकार से लिख सकते हैं।कगगग कगगग कलयह ़ च्ल त्र फ प्रकार का अवकल समीकरण है।कगउदाहरण 23 बताइए कि निम्नलिख्िात कथन सत्य हैं या असत्य हैं - ;पद्ध दीघर् वृत्तों जिनका वेंफद्र मूल बिंदु पर तथा नाभ्िायाँ ग.अक्ष पर हैं को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि 2 है।2कल कल;पपद्ध अवकल समीकरण 1़ त्र ग़ की घात परिभाष्िात नहीं है।कग2 कग कल कल;पपपद्ध ल 5 एक ़च्ल त्रफ प्रकार का अवकल समीकरण है परंतु इसे चर पृथक्करणीयकग कग विध्ि से भी हल कर सकते हैं।ल⎛⎞ल बवे ़ग⎜⎟ग⎝⎠ ;पअद्ध थ्;गए लद्ध त्र ⎛⎞ल समघातीय पफलन नहीं है।गबवे⎜⎟ग⎝⎠ ग2 ल2 ;अद्ध थ्;गए लद्ध त्र गल कोटि 1 का समघातीय पफलन है।कल;अपद्ध अवकल समीकरण ल बवे ग का समाकलन गुणक मग है।कग ;अपपद्ध अवकल समीकरणग;1 ़ ल2द्धकग ़ ल ;1 ़ ग2द्धकल त्र 0 का व्यापक हल ;1 ़ ग2द्ध ;1 ़ ल2द्ध त्र ा है। कल;अपपपद्ध अवकल समीकरण कग ़ल ेमब ग त्र जंदगका व्यापक हल ल;ेमबगदृ जंदगद्ध त्र ेमबगदृ जंदग़ग़ाहै।कल 2;पगद्ध अवकल समीकरण ल2 कग ल 10 का एक हल ग ़ ल त्र जंददृ1ल है।2कल कल ;गद्ध अवकल समीकरण 2 ग2 कग गलग का एक विश्िाष्ट हल ल त्र ग है।कग हलग2 ल2 ;पद्ध सत्यऋ क्योंकि दिए गए वुफल को निरूपित करने वाला समीकरण ं2 इ21 है जिसमें दो स्वेच्छ अचर हैं।;पपद्ध सत्यऋ क्योंकि यह अपने अवकलजों में बहुपद समीकरण नहीं है।;पपपद्ध सत्यऋ;पअद्ध सत्यऋ क्योंकि ि; λगए λलद्ध त्र λ° ि;गए लद्ध ;अद्ध सत्यऋ क्योंकि ि; λगए λलद्ध त्र λ1 ि;गए लद्धममदृ ग;अपद्ध असत्यऋ क्योंकि प्ण्थ् त्र 1कग ;अपपद्ध सत्यऋ क्योंकि दिए गए समीकरण को निम्न प्रकार लिख सकते हैं 2ग 2लकग कल1 ग21 ल2 ⇒ सवह ;1 ़ ग2द्ध त्र दृ सवह ;1 ़ ल2द्ध ़ सवह ा ⇒ ;1 ़ ग2द्ध ;1 ़ ल2द्ध त्र ा ;अपपपद्ध असत्यऋ क्योंकि प्ण्थ्ण् त्र ेमब गकग मसवह;ेमब ग जंद गद्ध त्र ेमबग ़ जंदगए इसलिए हल हैम ∫ 2 ल ;ेमबग ़ जंदगद्ध त्र ;ेमब ग जंद गद्ध जंद गकग त्र ;ेमबग जंद ग ़ ेमब ग −1द्ध कग त्र ेमबग ़ जंदग दृ ग ़ाकल 1 कल;पगद्ध सत्यऋ ग ़ लत्र जंददृ1ल ⇒ 12कग 1 ल कग कल ⎛ 1 ⎞ कल ;1 ल2द्ध⇒ ⎜ 2 दृ1⎟त्र1ए अथार्त्ए 2 जो दिए गए समीकरणकग ⎝1़ ल ⎠ कग ल ;गद्ध असत्य, क्योंकि ल त्र गए दिए गए समीकरण को संतुष्ट नहीं करता है। 9ण्3 प्रश्नावली लघु उत्तरीय प्रश्न ैीवतज ।देूमत ;ै।द्ध कल 2लग1ण् का हल ज्ञात कीजिए2ण् एक तल में सभी रेखाएँ जो उफध्वार्ध्र नहीं हैं के लिए अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए। कग कल 2 ल3ण् दिया है कि म और जब ग त्र 5 तब ल त्र 0 है। जब ल त्र 3 है तब ग का मानकग ज्ञात कीजिए। कल 1 4ण् अवकल समीकरण ;ग2 दृ 1द्ध ़ 2गल त्र 2 को हल कीजिए।कगग 1 कल5ण् अवकल समीकरण कग 2गलल को हल कीजिए।कल6ण् कग ंल मउग का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।कल गल7ण् अवकल समीकरण कग 1 म को हल कीजिए।8ण् लकग दृ गकल त्र ग2लकग को हल कीजिए।कल9ण् अवकल समीकरण त्र 1 ़ ग ़ ल2 ़ गल2ए को हल कीजिए जब ल त्र 0ए ग त्र 0कग कल10ण् ;ग ़ 2ल3द्ध कग त्र ल का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। 2ेपद ग कल11ण् यदि ल ;गद्ध समीकरण कग त्र दृ बवेग का हल है और ल ;0द्ध त्र 1ए है तब ल1 ल 2 का मान ज्ञात कीजिए। कल12ण् यदि ;1 ़ जद्ध दृ जल त्र 1 का ल;जद्ध एक हल है और ल ;0द्ध त्र दृ 1 है तो दिखाइए किकज 1 ल ;1द्ध त्र दृ 2 13ण् वह अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका व्यापक हल ल त्र ;ेपददृ1गद्ध2 ़ ।बवेदृ1ग ़ ठ है जहाँ । और ठ स्वेच्छ अचर हंै। 14ण् उन सभी वृत्तों के समीकरण का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए जो मूल बिंदु से होकर जाते हैं तथा वेंफद्र ल.अक्ष पर स्िथत है। 15ण् उस वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जो मूल बिंदु से होकर जाता है और अवकल समीकरण 2 कल 2;1 ग द्ध कग 2गल 4ग को संतुष्ट करता है। कल16ण् ग2 त्र ग2 ़ गल ़ ल2 को हल कीजिए।कगकल17ण् अवकल समीकरण ;1 ़ ल2द्ध ़ ;ग दृ मजंददृ1लद्ध त्र 0 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।कग18ण् ल2कग ़ ;ग2 दृ गल ़ ल2द्ध कल त्र 0 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। 19ण् ;ग ़ लद्ध ;कग दृ कलद्ध त्र कग ़ कल को हल कीजिए। ख्संकेत: कग और कल को पृथक करने के पश्चात ग ़ ल त्र ्र रख्िाए , कल20ण् 2 ;ल ़ 3द्ध दृ गल त्र 0 को हल कीजिए जबकि ल ;1द्ध त्र दृ 2 दिया है।कग 21ण् अवकल समीकरण कल त्र बवेग ;2 दृ ल बवेमबगद्ध कग को हल कीजिए, दिया है कि ग त्रπ 2 तब ल त्र 2 है। 22ण् ।ग2 ़ ठल2 त्र 1 से । और ठ को विलुप्त करके अवकल समीकरण बनाइए। 23ण् अवकल समीकरण ;1 ़ ल2द्ध जंददृ1ग कग ़ 2ल ;1 ़ ग2द्ध कल त्र 0 को हल कीजिए। 24ण् केंद्र ;1ए 2द्ध वाले सभी सकेंद्री वृत्तों के वुफल का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए। दीघर् उत्तरीय प्रश्न स्वदह ।देूमत ;स्ण्।ण्द्ध क25ण् ल ़कग ;द्धगल त्र ग ;ेपदग ़ सवहगद्ध को हल कीजिए। 26ण् ;1 ़ जंदलद्ध ;कग दृ कलद्ध ़ 2गकल त्र 0 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। कल27ण् त्र बवे;ग ़ लद्ध ़ ेपद ;ग ़ लद्ध को हल कीजिए ख्संकेत रू ग ़ ल त्र ्र रख्िाए,कगकल28ण् कग 3ल ेपद 2 ग का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। 29ण् बिंदु ;2, 1द्ध से जाने वाले उस वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका किसी भी बिंदु ;गए लद्ध पर स्पशर् रेखा की प्रवणता ग22गलल2 है। 30ण् बिंदु ;1ए 0द्ध से जाने वाले उस वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके किसी भी बिंदु ल 1 ;गए लद्ध पर स्पशर् रेखा की प्रवणता 2 है।गग 31ण् मूल बिंदु से गुजरने वाले वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए यदि इस वक्र के किसी बिंदु ;गए लद्ध पर स्पशर् रेखा की प्रवणता इस बिंदु के ग निदेर्शांक ;भुजद्ध तथा ल निदेर्शांक ;कोटिद्ध के अंतर के वगर् के बराबर है। 32ण् बिंदु ;1ए 1द्ध से गुजरने वाले उस वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके किसी बिंदु च् ;गए लद्ध से खींची गइर् स्पशर् रेखा, निदेर्शांक अक्षों से । और ठ पर इस प्रकार मिलती है कि ।ठ का मध्य बिंदु च् है। कल33ण् गल ;सवह ल दृ सवह ग ़ 1द्ध को हल कीजिए।कगवस्तुनिष्ठ प्रश्न ;व्इरमबजपअम जलचमद्ध प्रश्न 34 से 75 तक ;डण्ब्ण्फद्ध प्रत्येक के लिए दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - 22⎛ कल ⎞⎛ कल ⎞2 ⎛ कल ⎞34ण् अवकल समीकरण ⎜ ⎟़⎜ ⎟त्र गेपद ⎜⎟ की घात है⎝ कग2 ⎠⎝ कग ⎠⎝ कग ⎠ ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध परिभाष्िात नहीं है 3 2⎡⎛ कल ⎞2 ⎤2 कल 35ण् अवकल समीकरण ⎢1़⎜ ⎟⎥त्र की घात है⎢⎣ ⎝ कग ⎠ ⎥⎦ कग2 3;।द्ध 4 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध परिभाष्िात नहीं ;क्द्ध 2 1 21कल कल 4536ण् अवकल समीकरण 2़ ग 0ए के कोटि और घात क्रमशः हैंकग कग ;।द्ध 2 और परिभाष्िात नहीं ;ठद्ध 2 और 2 ;ब्द्ध 2 और 3 ;क्द्ध 3 और 3 37ण् यदि ल त्र म दृग ;।बवेग ़ ठेपदगद्धए तब ल एक हल है 2 2कलकल कल कल ;।द्ध 220 ;ठद्ध 2 −2 ़ 2ल त्र 0 कगकग कग कग 2 2कलकल कल;ब्द्ध 22ल 0 ;क्द्ध ़ 2ल त्र0 कग2 कग कग2 38ण् ल त्र । बवे αग ़ ठेपद αगए जहाँ । और ठ स्वेछ अचर हंै के लिए अवकल समीकरण है 2 2कल कल;।द्ध 2 ल 0 ;ठद्ध 2 ल 0 कग2 कग2 2 2कल कल;ब्द्ध ल 0 ;क्द्ध ल 0 कग2 कग2 39ण् अवकल समीकरण गकल दृ लकग त्र 0 का हल निरूपित करता है एक ;।द्ध समकोणीय अतिपरवलय ;तमबजंदहनसंत ीलचमतइवसंद्ध ;ठद्ध परवलय जिसका शीषर् मूल ंिबंदु पर है ;ब्द्ध मूल बिंदु से होकर जाने वाली सरल रेखा ;क्द्ध वृत्त जिसका केंद्र मूल बिंदु पर है कल40ण् अवकल समीकरण बवेग ़ लेपदग त्र 1 का समाकलन गुणक है।कग ;।द्ध बवेग ;ठद्ध जंदग ;ब्द्ध ेमबग ;क्द्ध ेपदग 41ण् अवकल समीकरण जंदल ेमब2ग कग ़ जंदग ेमब2लकल त्र 0 का हल है। ;।द्ध जंदग ़ जंदल त्र ा ;ठद्ध जंदग दृ जंदल त्र ा जंद ग ;ब्द्ध ा ;क्द्ध जंदग ण् जंदल त्र ाजंद ल 42ण् ल त्र ।ग ़ ।3 द्वारा निरूपित वक्रों के वुफल के अवकल समीकरण की घात है ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध 4 गकल43ण् दृ ल त्र ग4 दृ 3ग का समाकलन गुणक है रूकग 1;।द्ध ग ;ठद्ध सवहग ;ब्द्ध ;क्द्ध दृ ग ग कल44ण् कग ल 1 का हल जब, ल ;0द्ध त्र 1 है ;।द्ध गल त्र दृ मग ;ठद्ध गल त्र दृ म दृग ;ब्द्ध गल त्र दृ 1 ;क्द्ध ल त्र 2 मग दृ 1 कल ल ़1 त्र45ण् , जब ल ;1द्ध त्र 2 है के हलों की संख्या है।कग ग −1 ;।द्ध कोइर् नहीं ;ठद्ध एक ;ब्द्ध दो ;क्द्ध अनंत 46ण् निम्न से कौन सा अवकल समीकरण कोटि 2 का है? ;।द्ध;ल ′द्ध2 ़ ग त्र ल2 ;ठद्ध ल ′ ल ′′ ़ ल त्र ेपदग ;ब्द्ध ल ′′′ ़ ;ल ′′द्ध2 ़ ल त्र 0 ;क्द्ध ल ′ त्र ल2 कल47ण् अवकल समीकरण ;1 दृ ग2द्ध कग गल−त्र1 का समाकलन गुणक है ग 1;।द्ध दृ ग ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 1 ग2 ;क्द्ध सवह ;1 दृ ग2द्ध1 ग 2 48ण् जंददृ1 ग ़ जंददृ1 ल त्र ब किस अवकल समीकरण का व्यापक हल है? कल 1़ल2 कल 1़ग2 त्रत्र;।द्ध 2 ;ठद्ध 2कग 1़ग कग 1़ल ;ब्द्ध ;1 ़ ग2द्ध कल ़ ;1 ़ ल2द्ध कग त्र 0 ;क्द्ध ;1 ़ ग2द्ध कग ़ ;1 ़ ल2द्ध कल त्र 0 कल49ण् अवकल समीकरण ल ़ ग त्र ब निरूपित करता हैकग ;।द्ध अतिपरवलय के वुफल को ;ठद्ध परवलय के वुफल को ;ब्द्ध दीघर् वृत्तों के वुफल को ;क्द्ध वृत्तों के वुफल को 50ण् मग बवेल कग दृ मग ेपदल कल त्र 0 का व्यापक हल है ;।द्ध मग बवेल त्र ा ;ठद्ध मग ेपदल त्र ा ;ब्द्ध मग त्र ा बवेल ;क्द्ध मग त्र ा ेपदल कल कल 2 ⎛⎞ 3551ण् अवकल समीकरण 2 ़⎜ ⎟़6 ल त्र0 की घात हैकग कग⎝⎠ ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध 5 कल52ण् लम दृ ग जब ल ;0द्ध कग ़त्र त्र0 का हल है ;।द्ध ल त्र मग ;ग दृ 1द्ध ;ठद्ध ल त्र गमदृग ;ब्द्ध ल त्र गमदृग ़ 1 ;क्द्ध ल त्र;ग ़ 1द्धमदृग कल53ण् अवकल समीकरण कगल जंद ग दृेमब ग 0 का समाकलन गुणक है ;।द्ध बवेग ;ठद्ध ेमबग ;ब्द्ध मबवेग ;क्द्ध मेमबग कल 1 ल2 54ण् अवकल समीकरण 2 का हल हैकग 1 ग ;।द्ध ल त्र जंददृ1ग ;ठद्ध ल दृ ग त्र ा ;1 ़ गलद्ध ;ब्द्ध ग त्र जंददृ1ल ;क्द्ध जंद ;गलद्धत्र ा कल 1़ल55ण् अवकल समीकरण कग ़त्र गल का समाकलन गुणक है ग मग ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध गमग ;क्द्ध मग मग ग 56ण् ल त्र ंमउग ़ इमदृउग निम्न में से किस अवकल समीकरण को संतुष्ट करता है 2 2कल कलकल 2 कल;।द्ध उल 0 ;ठद्ध उल 0 ;ब्द्ध उल 0 ;क्द्धकग कगकग2 कग2 57ण् अवकल समीकरण बवेग ेपदल कग ़ ेपदग बवेल कल त्र 0 का हल है ेपद ग ब;।द्ध ;ठद्ध ेपदग ेपदल त्र बेपद ल ;ब्द्ध ेपदग ़ ेपदल त्र ब ;क्द्ध बवेग बवेल त्र ब कल58ण् ग ़ ल त्र मग का हल हैकग 2उल 0 मगा मला ;।द्ध ल त्र ;ठद्ध ल त्र गमग ़ बग ;ब्द्ध ल त्र गमग ़ ा ;क्द्ध ग त्र गग लल 59ण् वक्र वुफल ग2 ़ ल2 दृ 2ंल त्र 0ए जहाँ ं एक स्वेच्छ अचर है का अवकल समीकरण है कल कल;।द्ध ;ग2 दृ ल2द्ध त्र 2गल ;ठद्ध 2 ;ग2 ़ ल2द्ध कग त्र गलकग कल कल;ब्द्ध 2 ;ग2 दृ ल2द्ध कग त्र गल ;क्द्ध ;ग2 ़ ल2द्ध त्र 2गलकग60ण् वक्र वुफल ल त्र ।ग ़ ।3 उस अवकल समीकरण के तदनुरूपी ;संगतद्ध है जिसकी कोटि है ;।द्ध 3 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 1 ;क्द्ध परिभाष्िात नहीं है कल गल61ण् कग त्र 2ग म 2 − का व्यापक हल है 2 222ग −ल गगग ़ ल;।द्ध म त्र ब ;ठद्ध म दृल ़ म त्र ब ;ब्द्ध मल त्र म ़ ब ;क्द्ध म त्र ब 62ण् वह वक्र जिसके लिए किसी बिंदु पर स्पशर् रेखा की प्रवणता उस बिंदु के ग - अक्ष ;भुजद्ध तथा ल - अक्ष ;कोटिद्ध के अनुपात के बराबर है वह है ;।द्ध दीघर् वृत्त ;ठद्ध परवलय ;ब्द्ध वृत्त ;क्द्ध समकोणीय अतिपरवलय 2 कल ग 63ण् अवकल समीकरण म 2़ गल का व्यापक हल हैकग 22 22गग गग ;।द्ध लबम 2 ;ठद्ध लबम 2 ;ब्द्ध ल त्र ;ग ़बम 2 ;क्द्ध लबगम 2द्ध ;द्ध 64ण् समीकरण ;2ल दृ 1द्ध कग दृ ;2ग ़ 3द्धकल त्र 0 का हल है 2ग 12ल ़12ग 32ग 1ा त्र ाा ा;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध2ल 32ग −32ल12ल 1 65ण् अवकल समीकरण जिसका एक हल ल त्र ंबवेग ़ इेपदग है 22कल कल;।द्ध 2़ ल त्र 0 ;ठद्ध 2दृ ल त्र 0कग कग 22कल कल;ब्द्ध 2़ ;ं ़ इद्ध ल त्र 0 ;क्द्ध 2़ ;ं दृ इद्ध ल त्र 0कग कग कल66ण् ़ ल त्र म दृगए ल ;0द्ध त्र 0 का हल हैकग ;।द्ध ल त्र म दृग ;ग दृ 1द्ध ;ठद्ध ल त्र गमग ;ब्द्ध ल त्र गम दृग ़ 1 ;क्द्ध ल त्र गमदृग 232कल कल कल 4467ण् अवकल समीकरण 32 ल की कोटि तथा घात क्रमशरू हैकग3 कग 2 कग ;।द्ध 1ए 4 ;ठद्ध 3ए 4 ;ब्द्ध 2ए 1 ;क्द्ध 3ए 2 ⎡ 22⎛ कल ⎞⎤ कल ⎢1़ ⎥त्र68ण् अवकल समीकरण ⎜⎟ 2 की कोटि तथा घात क्रमशरू है⎢⎣ ⎝ कग ⎠ ⎥⎦ कग 3;।द्ध 2ए ;ठद्ध 2ए 3 ;ब्द्ध 2ए 1 ;क्द्ध 3ए 42 69ण् वक्र वुफल ल2 त्र 4ं ;ग ़ ंद्ध का अवकल समीकरण है 2 कल ⎛ कल ⎞ कल;।द्ध ल त्र 4 ⎜ ग ़⎟ ;ठद्ध 2ल 4ंकग ⎝ कग ⎠ कग 2कल कल 2 कल ⎛ कल ⎞2 ;ब्द्ध ल 2 0 ;क्द्ध 2ग ़ ल ⎜⎟ दृ लकगकग कग ⎝ कग ⎠ 2कल कल 70ण् −2 ़ ल त्र 0 का निम्न में से कौन सा व्यापक हल हैकग2 कग ;।द्ध ल त्र ;।ग ़ ठद्धमग ;ठद्ध ल त्र ;।ग ़ ठद्धम दृग ;ब्द्ध ल त्र ।मग ़ ठम दृग ;क्द्ध ल त्र ।बवेग ़ ठेपदग कल71ण् ़ ल जंद ग त्रेमब ग व्यापक हल हैकग ;।द्ध ल ेमबग त्र जंदग ़ ब ;ठद्ध ल जंदग त्र ेमबग ़ ब ;ब्द्धजंदग त्र ल जंदग ़ ब ;क्द्ध ग ेमबग त्र जंदल ़ ब कल ल72ण् अवकल समीकरण कग ग ेपद ग का हल है ;।द्ध ग ;ल ़ बवेगद्ध त्र ेपदग ़ ब ;ठद्ध ग ;ल दृ बवेगद्ध त्र ेपदग ़ ब ;ब्द्ध गल बवेग त्र ेपदग ़ ब ;क्द्ध ग ;ल ़ बवेगद्ध त्र बवेग ़ ब 73ण् अवकल समीकरण ;मग ़ 1द्ध लकल त्र ;ल ़ 1द्ध मगकग का व्यापाक हल है ;।द्ध ;ल ़ 1द्ध त्र ा ;मग ़ 1द्ध ;ठद्ध ल ़ 1त्र मग ़ 1 ़ ा मग 1 ;ब्द्ध ल त्र सवह क्ष ;ल ़ 1द्ध ;मग ़ 1द्धद्व ;क्द्ध ल सवह ा ल 1 कल74ण् अवकल समीकरण कग त्र मगदृल ़ ग2 मदृल का हल है 3ग;।द्ध ल त्र मगदृल दृ ग2 म दृल ़ ब ;ठद्ध मल दृ मग त्र ़ ब3 33गग;ब्द्ध मग ़ मल त्र ़ ब ;क्द्ध मग दृ मल त्र ़ ब33 कल 2गल 1 75ण् अवकल समीकरण 2 22 का हल हैकग 1 ग ;1 ग द्ध ल;।द्ध ल ;1 ़ ग2द्ध त्र ब ़ जंददृ1ग ;ठद्ध 2 त्र ब ़ जंददृ1ग1 ग ;ब्द्ध ल सवह ;1 ़ ग2द्ध त्र ब ़ जंददृ1ग ;क्द्ध ल ;1 ़ ग2द्ध त्र ब ़ ेपददृ1ग 76ण् नीचे दिए गए प्रश्नों ;प से गप तकद्ध में रिक्त स्थान भरिए - 2 कलकल;पद्ध अवकल समीकरण कग 0 की घात ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग2 म कल 2 ;पपद्ध अवकल समीकरण 1 कग ग की घात ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।;पपपद्ध कोटि तीन के अवकल समीकरण के व्यापक हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कल ल 1 ;पअद्ध इस ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् प्रकार का समीकरण है।कग ग सवह गग कग ;अद्ध ़च्1ल त्रफ1 प्रकार के अवकल समीकरण का व्यापक हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कल गकल 2;अपद्ध अवकल समीकरण कग2लग का हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कल;अपपद्ध ;1 ़ ग2द्ध ़2गल दृ 4ग2 त्र 0 का हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग ;अपपपद्ध अवकल समीकरण लकग ़ ;ग ़ गलद्धकल त्र 0 का हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कल;पगद्ध ल त्र ेपदग का व्यापक हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग ;गद्ध अवकल समीकरण बवजल कग त्र गकल का हल ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कल 1 ल;गपद्ध ल का समाकलन गुणक ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् है।कग ग 77ण् बताइए कि दिए गए कथन सत्य हैं या असत्य हैं?कग कल ़ चग त्रफ1 मचकल 1;पद्ध अवकल समीकरण 1 के समाकलन गुणक को ∫ से लिखा जाता है।;पपद्ध कग ़ चग1 त्रफ1 प्रकार के अवकल समीकरण के हल कोकल ग ;प्ण्थ्ण्द्ध त्र ;प्ण्थ्द्ध फ1कल द्वारा दिया जाता है।कल;पपपद्ध कग ि;ए द्ध गल ए जहाँ ि;गए लद्ध एक शून्य घात वाला समघातीय पफलन है, को हल करने के लिए सही प्रतिस्थापन ल त्र अग है। ;पअद्ध ;अद्ध ;अपद्ध ;अपपद्ध ;अपपपद्ध ;पगद्ध ;गद्ध ;गपद्ध ह गल कग ;ए द्ध जहाँ ह ;गए लद्ध एक शून्य घात वाला समघातीय पफलन है, प्रकार केकलअवकल समीकरण को हल करने के लिए सही प्रतिस्थापन ग त्र अल है।द्वितीय कोटि के अवकल समीकरण के विश्िाष्ट हल में स्वेच्छ अचरों की संख्या दो होती है।वृत्तों के वुफल ग2 ़ ;ल दृ ंद्ध2 त्र ं2 को निरूपित करने वाले अवकल समीकरण की कोटि दो होगी।1 कल ल 3 22का हल ल3दृ ग3त्र ब है।कग ग वक्रों के वुफल ल त्र मग ;।बवेग ़ ठेपदगद्ध को निरूपित करने वाला अवकल 2कल कल समीकरण दृ2 2ल 0 है।कग2 कग कल ग ़ 2लअवकल समीकरण कग त्र ग का हल ग ़ ल त्र ाग2 है।गकलल ललग जंद का हल ेपद बग है।कगग ग एक तल में सभी अक्षैतिज ;रेखाएँ जो क्षैतिज नहीं हैंद्ध सरल रेखाओं का अवकल 2कग समीकरण 2 त्र0 है।कल

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