अध्याय 6ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 6ण्1ण्1 राश्िायों के परिवतर्न की दर कपफलन ल त्र ि;गद्ध के लिए कग ; ि;गद्धद्धए ग के सापेक्ष ल के परिवतर्न की दर को निरूपित करता है। केअतः यदि े दूरी तथा ज समय को व्यक्त करते हैं तो कज , समय के सापेक्ष दूरी के परिवतर्न की दर को व्यक्त करता है। 6ण्1ण्2 स्पशर् रेखाएँ तथा अभ्िालंब किसी वक्र ल त्र ि;गद्ध को बिंदु ;ग1ए ल1द्ध पर स्पशर् करने वाली रेखा को उस बिंदु पर वक्र की स्पशर् ⎛ कल ⎞−त्र⎜ गल ग द्ध⎝ कग ⎠रेखा कहते हैं तथा इसका समीकरण लल1 ⎟; 1ए 1द्ध;दृ ग1 होता है। स्पशर् रेखा के स्पशर् बिंदु पर लंब रेखा को वक्र अभ्िालंब कहते हैं तथा इसका समीकरण दृ1 ल दृ ल त्र ;ग −ग1द्ध होता है।दो वक्रों के बीच का प्रतिच्छेद कोण वक्रों के प्रतिच्छेद बिंदु 1⎛ कल ⎞ ⎜⎟ 11;ए द्ध⎝ कग ⎠ गल पर उनकी स्पशर् रेखाओं के बीच का कोण होता है। 6ण्1ण्3 सन्िनकटन ;गगद्धदृ ि;द्ध ि़Δ गक्योंकि ि′;गद्ध त्र सपउ ए इसलिए हम कह सकते हैं कि ि′;गद्ध लगभगΔ→ग 0 Δग ;ग ़Δगद्धदृ ि;द्ध गि;ंचचतवगपउंजमसल द्ध Δग के बराबर है। ⇒ ि;ग ़ Δ गद्ध का सन्िनकट मान त्र ि;गद्ध ़ Δग ण् ि′ ;गद्ध 6ण्1ण्4 वध्र्मान/”ासमान पफलन किसी अंतराल ;ंए इद्ध में एक संतत पफलन ि;गद्ध रू ;पद्ध निरंतर वध्र्मान है, यदि सभी ग1ए ग∈ ;ंए इद्ध के लिए गढ ग⇒ ि;गद्ध ढ ि;गद्ध विकल्पतः सभी2 12 12ग ∈ ;ंए इद्धए के लिए ि′ ;गद्ध झ 0 ;पपद्ध निरंतर ”ासमान है, यदि सभी ग1ए ग∈ ;ंए इद्धए के लिए ग ढ ग⇒ ि;गद्ध झ ि;गद्ध विकल्पतः2 12 12सभी ग ∈ ;ंए इद्धए के लिए ि′;गद्ध ढ 0 6ण्1ण्5 प्रमेयरू मान लीजिए कि पफलन ि, अंतराल ख्ंए इ, पर संतत तथा अंतराल ;ंए इद्ध में अवकलनीय है, तो ;पद्ध ख्ंए इ, में िवध्र्मान है, यदि प्रत्येकग ∈ ;ंए इद्ध के लिए ि′ ;गद्ध झ 0;पपद्ध ख्ंए इ, में ि”ासमान है, यदि प्रत्येक ग ∈ ;ंए इद्ध के लिए ि′ ;गद्ध ढ 0;पपपद्ध ख्ंए इ, में िएक अचर पफलन है, यदि प्रत्येक ग ∈ ;ंए इद्ध के लिए ि′ ;गद्ध त्र 0 6ण्1ण्6 उच्िचष्ठ एंव निम्िनष्ठ किसी वास्तविक पफलन िका स्थानीय उच्िचष्ठ स्थानीय निम्िनष्ठ किसी पफलन िके प्रांत के अंतस्थ ;भीतरद्ध स्िथत बिंदु ब को ;पद्ध स्थानीय उच्िचष्ठ कहते हैं, यदि एक ऐसे ी झ 0 का अस्ितत्व है कि ;ब दृ ीए ब ़ ीद्ध में स्िथत सभी ग के लिए ि;बद्ध झ ि;गद्ध ि;बद्ध के इस मान को िका स्थानीय उच्चतम मान कहते हैं। ;पपद्ध स्थानीय निम्िनष्ठ कहते हैं, यदि एक ऐसे ी झ 0 का अस्ितत्व है कि ;ब दृ ीए ब ़ ीद्ध में स्िथत सभी ग के लिए ि;बद्ध ढ ि;गद्धि;बद्ध के इस मान को िका स्थानीय निम्नतम मान कहते हैं। अंतराल ख्ंए इ, में परिभाष्िात पफलन ;िगद्धए ग त्र बए जहाँ ब ∈ ख्ंए इ,ए पर उच्िचष्ठ ;या निरपेक्ष उच्िचष्ठद्ध कहा जाता है, यदि सभी ग ∈ ख्ंए इ, के लिए ि;गद्ध ≤ ि;बद्ध इसी प्रकार अंतराल ख्ंए इ, में परिभाष्िात पफलन ि;गद्धए ग त्र कए जहाँ क ∈ ख्ंए इ, पर निम्िनष्ठ ;या निरपेक्ष निम्िनष्ठद्ध कहा जाता है, यदि सभी ग ∈ ख्ंए इ, के लिए ि;गद्ध ≥ ि;कद्ध 6ण्1ण्7 िका क्रांतिक बिंदु रू किसी पफलन िके प्रांत में एक बिंदु ब, जिस पर या तो ि′ ;बद्ध त्र 0 या िअवकलनीय नहीं है, िका क्रांतिक बिंदु कहलाता है। स्थानीय उच्चतम अथवा स्थानीय मान निम्नतम ज्ञात करने की व्यावहारिक विध्ि ;ंद्ध प्रथम अवकलज परीक्षण ;पद्ध ग के बिंदु ब से होकर बढ़ने पर यदि ि′ ;गद्ध का चिह्न धन से ट्टण में परिवतिर्त होता है, तो ब स्थानीय उच्िचष्ठ का एक बिंदु है तथा ि;बद्ध स्थानीय उच्चतम मान है।;पपद्ध ग के बिंदु ब से होकर बढ़ने पर यदि ि′ ;गद्ध का चिह्न ट्टण से धन में परिवतिर्त होता है, तो ब स्थानीय निम्िनष्ठ का एक बिंदु है तथा ि;बद्ध स्थानीय निम्नतम मान है।;पपपद्ध ग के बिंदु ब से होकर बढ़ने पर यदि ि′ ;गद्ध का चिह्न परिवतिर्त नहीं होता है, तो ब न तो स्थानीय उच्िचष्ठ का बिंदु है और न स्थानीय निम्िनष्ठ का बिंदु है। इस प्रकार के बिंदु को नति परिवतर्न बिंदु कहते हैं। ;इद्ध द्वितीय अवकलज परीक्षण मान लीजिए कि िकिसी अंतराल प् में परिभष्िात एक पफलन है तथा ब ∈ प् मान लीजिए कि एि ब पर दो बार अवकलनीय है। तब ;पद्ध यदि ि′;बद्ध त्र 0 तथा ि″;बद्ध ढ 0ए तो ग त्र ब स्थानीय उच्िचष्ठ का एक बिंदु है। इस दशा में िका स्थानीय उच्चतम मान ि;बद्ध है।;पपद्ध यदि ि′ ;बद्ध त्र 0 तथा ि″;बद्ध झ 0, तो ग त्र ब स्थानीय निम्िनष्ठ का एक बिंदु है। इस दशा में िका स्थानीय निम्नतम मान ि;बद्ध हैं।;पपपद्ध यदि ि′;बद्ध त्र 0 तथा ि″ ;बद्ध त्र 0ए तो यह परीक्षण असपफल हो जाता है। ऐसी स्िथति में, हम पुनः प्रथम अवकलज परीक्षण पर वापस जाते हैं। 6ण्1ण्8 निरपेक्ष उच्िचष्ठ तथा/ अथवा निरपेक्ष निम्िनष्ठ ज्ञात करने की व्यावहारिक वििा चरण 1 रू प्रदत्त अंतराल में िके सभी क्रांतिक बिंदुओं को ज्ञात कीजिए। चरण 2रू इन सभी बिंदुओं पर तथा अंतराल के अंत्य बिंदुओं पर िके मान का परिकलन कीजिए। चरण 3 रू चरण 2 में परिकलित मानों में से िके उच्चतम तथा निम्नतम मानांे को लीजिए। उच्चतम मान िका निरपेक्ष उच्चतम मान तथा निम्नतम मान िका निरपेक्ष निम्नतम मान होगा। 6ण्2 हल किए हुए उदाहरणलघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध उदाहरण 1 वक्र ल त्र 5ग दृ 2ग3 के लिए, यदि ग में 2 इकाइर्/से.की दर से वृि हो रही है, तो ग त्र 3 पर वक्र का प्रावण्य कितनी तीव्रता से परिवतिर्त हो रहा है? कलहल वक्र का प्रावण्य त्र कग त्र 5 दृ 6ग2 ककल ⎛⎞ कग⇒ ⎜⎟ त्र दृ12गकज ⎝ कग ⎠कज त्र दृ12 ण् ;3द्ध ण् ;2द्ध त्र दृ72 इकाइर्/सेअतः जब ग में इकाइर्/से. की दर से वृि हो रही है, तब वक्र की प्रवणता 72 इकाइर्/से. की दर से घट रही हैं। उदाहरण 2 π 4 अधर् शीषर् कोण वाले एक शांकवीय कीप ;निददमसद्ध से, जिसका शीषर् नीचे की ओर है, कीप के पृष्ठ के क्षेत्रापफल में 2 बउ2 ध्ेमब की समान दर से उसके शीषर् के एक छिद्र से पानी बह रहा है। पानी के सतह की तियर्क उफँचाइर् के घटने की दर उस समय ज्ञात कीजिए जब उसकी तियर्क उफँचाइर् 4बउ है। हल यदि े वक्र पृष्ठ के क्षेत्रापफल को निरुपित करता है, के तो कज त्र 2बउ2 ध्ेमब ππ 2से त्र π तस त्र π ;सेपद 4द्धस त्र 2 के 2π कस कसस त्र 2πसइसलिएए त्र कजकज 2 कज कस 1 12 त्र ण्2त्रत्र बउध्े ण्जब स त्र 4 बउए आवृफति 6.1कज 2ण्4 22π 4ππ उदाहरण 3 वक्र ल2 त्र ग तथा ग2 त्र ल के बीच का प्रतिच्छेद दृ कोण ज्ञात कीजिए। हल प्रदत्त समीकरणों को सरल करने पर, हमें प्राप्त होता है कि ल2 त्र ग तथाग2 त्र ल ⇒ ग4 त्र ग अथवा ग4 दृ ग त्र 0 ⇒ ग ;ग3 दृ 1द्ध त्र 0 ⇒ ग त्र 0ए ग त्र 1 इसलिएए ल त्र 0ए ल त्र 1 अथार्त ;0ए 0द्ध तथा ;1ए 1द्ध प्रतिच्छेद बिंदु हैं। कल कल 1पुनः ल2 त्र ग ⇒ 2ल त्र 1 ⇒ त्र कगकग2ल कलतथा ग2 त्र ल ⇒ त्र 2गकगबिंदु ;0ए 0द्धए पर वक्र ल2 त्र ग की स्पशर् रेखा ल.अक्ष के समांतर है तथा वक्र ग2 त्र ल की स्पशर् रेखा ग.अक्ष के समांतर है। π⇒ प्रतिच्छेद दृ कोण त्र 2 1बिंदु ;1ए 1द्ध पर वक्र ल2 त्र ग की स्पशर् रेखा की प्रवणता ;उ1द्ध 2 है तथा वक्र ग2 त्र ल की स्पशर् रेखा की प्रवणता 2 है। 12दृ 2 अतएव जंद θ त्र 11़3⎛⎞3 ⎜⎟त्र ⇒θ त्र जंददृ1 4⎝⎠4 ⎛दृππ⎞ एउदाहरण 4 सि( कीजिए कि पफलन ि;गद्ध त्र जंद ग दृ 4गए अंतराल ⎜⎟में निरंतर ”ासमान है।⎝33 ⎠हल ि;गद्ध त्र जंद ग दृ 4ग ⇒ ि′;गद्ध त्र ेमब2ग दृ 4 दृππजब ढ ग ढ ए 1 ढ ेमबग ढ 233 इसलिएए 1 ढ ेमब2ग ढ 4 ⇒ दृ3 ढ ;ेमब2ग दृ 4द्ध ढ 0 अतः दृ 3 π ढ ग ढ 3 π के लिए ि′;गद्ध ढ 0 इसलिए दृ ए33 ⎛ ππ⎞ ⎜ ⎟⎝ ⎠ में ;िगद्ध निरंतर ”ासमान है। उदाहरण 5 निधार्रित कीजिए कि ग के किन मानों के लिए, पफलन ल त्र ग4 दृ 34 3 ग वधर्मान है तथा किन मानों के लिए, यह ”ासमान है। हल ल त्र ग4 दृ 34 3 ग ⇒ कल कग त्र 4ग3 दृ 4ग2 त्र 4ग2 ;ग दृ 1द्ध अबए कल त्र 0 ⇒ ग त्र 0ए ग त्र 1ण् कग क्योंकि ग;दृ ∞ए 0द्ध ∪ ;0ए 1द्ध के लिए ि′ ;गद्ध ढ 0 तथा िअंतराल ख्दृ ∞ए 0, और ;0ए 1द्ध में∀∈संतत है, इसलिए िअंतराल ;दृ ∞ए 1, में ”ासमान है और िअंतराल ख्1ए ∞ द्ध में वधर्मान है। टिप्पणी यहाँ िअतंराल ;दृ ∞ए 0द्ध ∪ ;0ए 1द्ध में निरंतर ”ासमान तथा ;1ए ∞द्ध में निरंतर वधर्मान है। उदाहरण 6 सि( कीजिए कि पफलन ि;गद्ध त्र 4ग3 दृ 18ग2 ़ 27ग दृ 7 का कोइर् उच्िचष्ठ अथवा निम्िनष्ठ नहीं है। हल ि;गद्ध त्र 4ग3 दृ 18ग2 ़ 27ग दृ 7 ि′ ;गद्ध त्र 12ग2 दृ 36ग ़ 27 त्र 3 ;4ग2 दृ 12ग ़ 9द्ध त्र 3 ;2ग दृ 3द्ध2 3 ि′ ;गद्ध त्र 0 ⇒ ग त्र 2;क्रांतिक बिंदुद्ध क्योंकि सभी ग ढ 23 तथा सभी ग झ 23 के लिए ि′ ;गद्ध झ 0 3 अतःग त्र 2 एक नति परिवतर्न का बिंदु है, और न तो उच्िचष्ठ का बिंदु और न निम्िनष्ठ का बिंदु 3 ग त्र 2 केवल एक क्रांतिक बिंदु है तथा िका कोइर् उच्िचष्ठ या निम्िनष्ठ नहीं है। उदाहरण 7 अवकलों के प्रयोग द्वारा 0ण्082 का सन्िनकट मान ज्ञात कीजिए। हल मान लीजिए कि ि;गद्ध त्र ग ग त्र ण्09 तथा Δग त्र दृ 0ण्008 मान लेने पर ि;ग ़ Δगद्ध य ि;गद्ध ़ Δग ण् ि′;गद्ध के प्रयोग द्वारा - ि;0ण्09 दृ 0ण्008द्ध त्र ि;0ण्09द्ध ़ ;दृ 0ण्008द्ध ि′ ;0ण्09द्ध ⎛ 1 ⎞ 0ण्008 ⇒ 0ण्082 त्र 0ण्09 दृ 0ण्008 ण् ⎜ ⎟ त्र 0ण्3 दृ⎝ 20ण्09 ⎠0ण्6 त्र 0ण्3 दृ 0ण्0133 त्र 0ण्2867 ग2 ल2 उदाहरण8 वक्रों दृ त्र 1 तथागल त्र ब2 के लम्बकोणीय प्रतिच्छेदन के लिए प्रतिबंध् ज्ञात कीजिए।ं2 इ2 हल मान लीजिए कि वक्र ;ग1ए ल1द्ध पर प्रतिच्छेद करते हैं। 22 2गल 2ग 2 लकल कल इग इसलिए दृ त्र 1 ⇒ दृ त्र 0 ⇒ त्र 2222 2ं इ ं इकग कगंल 2इग1⇒ प्रतिच्छेदन बिंदु पर स्पशर् रेखा की प्रवणता ;उ1द्ध त्र 2ंल1 कल कल दृ ल −ल1पुनः गल त्र ब2 ⇒ ग ़ ल त्र 0 ⇒ त्र ⇒ उ त्र कग कगग 2ग1 इ2 लंबकोणीय प्रतिच्छेदन के लिए, उ1 × उ2 त्र दृ 1 ⇒ ं2त्र 1 या ं2 दृ इ2 त्र 0 34 345 2उदाहरण 9 पफलन ि;गद्ध त्र दृ4 ग दृ8 ग दृ2 ग ़105 के सभी स्थानीय उच्िचष्ठ तथा स्थानीय निम्िनष्ठ बिंदुओं को ज्ञात कीजिए। हल ि′ ;गद्ध त्र दृ3ग3 दृ 24ग2 दृ 45ग त्र दृ 3ग ;ग2 ़ 8ग ़ 15द्ध त्र दृ 3ग ;ग ़ 5द्ध ;ग ़ 3द्ध ि′ ;गद्ध त्र 0 ⇒ ग त्र दृ5ए ग त्र दृ3ए ग त्र 0 ि″;गद्ध त्र दृ9ग2 दृ 48ग दृ 45 त्र दृ3 ;3ग2 ़ 16ग ़ 15द्ध ि″;0द्ध त्र दृ 45 ढ 0ण् इसलिए ग त्र 0 स्थानीय उच्िचष्ठ बिंदु है। ि″;दृ3द्ध त्र 18 झ 0ण् इसलिए ग त्र दृ3 स्थानीय निम्िनष्ठ बिंदु है। ि″;दृ5द्ध त्र दृ30 ढ 0ण् इसलिए ग त्र दृ5 स्थानीय उच्िचष्ठ बिंदु है। उदाहरण10 सि( कीजिए कि ग ़ 1 का स्थानीय उच्चतम मान उसके स्थानीय निम्नतम मान से कम है।ग 1 कल 1 हल मान लीजिए कि ल त्र ग ़ ⇒ त्र 1 दृ गकग ग2 कल कग त्र 0 ⇒ ग2 त्र 1 ⇒ ग त्र ± 1ण् 222 कलकल 2 कलत्र ़ ए इसलिए ;ग त्र 1 परद्ध झ 0 तथा 2;ग त्र दृ1परद्ध ढ 0कग2 ग3 कग2 कग अतः ल का स्थानीय उच्चतम मान ग त्र दृ1 पर है तथा स्थानीय उच्चतम मान त्र दृ 2 ल का स्थानीय निम्नतम मान ग त्र 1 पर है तथा स्थानीय निम्नतम मान त्र 2 अतः स्थानीय उच्चतम मान ;दृ2द्ध स्थानीय निम्नतम मान ;2द्ध से कम है। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध उदाहरण 11 किसी शांकवीय बतर्न के शीषर् के एक छोटे छिद्र से, जिसका अक्ष उफघ्वार्ध्र है,पानी 1 बन बउध्ेमब की दर से बह रहा है। बतर्न में पानी के सतह की तियर्क उफँचाइर् के घटने की दर उस πसमय ज्ञात कीजिए जब तियर्क उफँचाइर् 4 बउ है। शांकवीय बतर्न का शीषर् कोण 6 है। कअ हल दिया हुआ है कि कज त्र 1 बउ3ध्ेए जहाँ अ शांकवीय बतर्न में पानी का आयतन है। आकृति 6ण्2 सेए स त्र 4बउए ी त्र स बवे π त्र 62 π सतथा त त्र स ेपद त्र 62 1 स23 33स सइसलिए अ त्र πत2ी त्र 3 342 24 कअ 3 π 2 कस त्र सकज 8 कज आवृफति 6.2 3π कस इसलिएए 1 त्र 16ण् 8 कज कस 1⇒ त्र बउध्ेण्कज 23π 1अतः तियर्क उफँचाइर् के घटने की दर त्र बउध्े23π उदाहरण 12 वक्र ल त्र बवे ;ग ़ लद्धए दृ2π≤ ग ≤ 2πए की उन सभी स्पशर् रेखाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए जो रेखा ग ़ 2ल त्र 0 के समांतर हंै। कल ⎡ कल ⎤ हल दिया हुआ है कि ल त्र बवे ;ग ़ लद्ध ⇒ त्र दृ ेपद ;ग ़ लद्ध ⎢1़⎥ ण्ण्ण्;पद्धकग ⎣ कग ⎦ कल ेपद ; ग ़ लद्धया त्र दृ ़ गकग1ेपद ;़ लद्ध क्योंकि स्पशर् रेखा ग ़ 2ल त्र 0 के समांतर है, इसलिए स्पशर् रेखा की प्रवणता त्र दृ12 ेपद ;ग ़ लद्ध 1दृइसलिए, 1ेपद ़ ल त्र दृ2 ⇒ ेपद ;ग ़ लद्ध त्र 1 ण्ण्ण्ण् ;पपद्ध ़;ग द्ध क्योंकि बवे ;ग ़ लद्ध त्र ल तथा ेपद ;ग ़ लद्ध त्र 1 ⇒ बवे2 ;ग ़ लद्ध ़ ेपद2 ;ग ़ लद्ध त्र ल2 ़ 1 ⇒ 1 त्र ल2 ़ 1 या ल त्र 0 इसलिए बवेग त्र 0 πइसलिए ग त्र ;2द ़ 1द्ध 2 ए द त्र 0ए ± 1ए ± 2ण्ण्ण् π 3ππ दृ3πअतः, ग त्र ± ए ± ए पंरतु ग त्र ए ग त्र समीकरण ;पपद्ध को संतुष्ट करते हैं।22 22 ⎛π ⎞⎛ दृ3π⎞अतः ⎜ ए0⎟ ए ⎜ ए0⎟ उपयुक्त बिंदु है।⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ ⎛π ⎞ 1 ⎛ π⎞इस प्रकार ⎜ ए0⎟ पर स्पशर् रेखा का समीकरण ल त्र दृ ⎜ ग दृ ⎟ या 2ग ़ 4ल दृ π त्र 0 ?⎝ 2 ⎠ 2 ⎝ 2 ⎠ ⎛ दृ3π⎞ 1 ⎛ 3π⎞ गतथा ⎜ ए0⎟ पर स्पशर् रेखा का समीकरण ल त्र दृ ⎜़ ⎟ या 2ग ़ 4ल ़ 3π त्र 0⎝ 2 ⎠ 2 ⎝ 2 ⎠ उदाहरण 13 वक्र ल2 त्र 4ंग तथा ग2 त्र 4इल का प्रतिच्छेद कोण ज्ञात कीजिए। हल दिया हुआ है कि ल2 त्र 4ंगण्ण्ण्;पद्ध तथा ग2 त्र 4इलण्ण्ण् ;पपद्धण् हल करने पर 2⎛ ग ⎞2 ⎜⎟ त्र 4ंग ⇒ ग4 त्र 64 ंइ2 ग4इ⎝⎠ 12 33या ग ;ग3 दृ 64 ंइ2द्ध त्र 0 ⇒ ग त्र 0ए ग त्र4ंइ 12 21⎛⎞ 33 33अतः ;0ए 0द्ध तथा ⎜4ंइ ए4ंइ ⎟प्रतिच्छेद - बिंदु हैं।⎜⎟⎝⎠कल 4ं 2ं कल 2गगपुनःए ल2 त्र 4ंग ⇒ त्रत्र तथा ग2 त्र 4इल ⇒ त्रत्र कग 2लल कग 4इ 2इ इसलिए, ;0ए 0द्ध पर वक्र ल2 त्र 4ंग की स्पशर् रेखा ल.अक्ष के समांतर है, तथा वक्र ग2 त्र 4इल की स्पशर् रेखा ग.अक्ष के समांतर है। ⇒ वक्रों के बीच का कोण त्र π 2 12 21⎛⎞ 33 33⎜4ंइ ए4ंइ ⎟पर, उ1 ;वक्र ;पद्ध की स्पशर् रेखा की प्रवणताद्ध⎜⎟⎝⎠12 2ं 1 ं 3 433 ं 3 11 ⎛⎞ ंइ ⎛⎞ त्र 21 त्र⎜⎟तथा उ2 ;वक्र ;पपद्धकी स्पशर् रेखा की प्रवणताद्ध त्र त्र2 ⎜⎟2 इ 33 ⎝⎠4ंइ दृउउ21इसलिए, जंद θ त्र 1़उउ12 ⎛ ⎜ 1 ⎜ 333ण्ंइअतः, θ त्र जंददृ1 ⎜ 22⎛⎞⎜2⎜ं3 ़इ3 ⎟⎜⎜ ⎟⎝⎝ ⎠ 2इइ⎝⎠ त्र 1 11 ं 31 ं 3⎛⎞ ⎛⎞ 2दृ⎜⎟ ⎜⎟ इ⎝⎠इ 2 ⎝⎠ 11 ं 31 ं 3⎛⎞ ⎛⎞ 12़⎜⎟ ⎜⎟इ 2 इ⎝⎠ ⎝⎠⎞ ⎟ ⎟ ⎟ ⎟ ⎟ ⎠ 11 333ण्ंइ त्र ⎛22 ⎞ 2⎜ं3 ़इ3 ⎟⎜⎟⎝⎠ उदाहरण 14 सि( कीजिए कि वक्र ग त्र 3बवे θ दृ बवे3θए ल त्र 3ेपदθ दृ ेपद3θ के किसी बिंदु पर अभ्िांलब का समीकरण 4 ;ल बवे3θ दृ ग ेपद3θद्ध त्र 3 ेपद 4θ हल यहाँ ग त्र 3बवे θ दृ बवे3θ इसलिए कग त्र दृ3ेपद θ ़ 3बवे2θ ेपदθ त्र दृ 3ेपदθ ;1 दृ बवे2θद्ध त्र दृ3ेपद3θकθकल त्र 3बवे θ दृ 3ेपद2θ बवेθ त्र 3बवेθ ;1 दृ ेपद2θद्ध त्र 3बवे3θकθकल बवे3 θ ेपद3 θ त्र दृण् इसलिए, अभ्िाल्ंाब की प्रवणता त्र कग ेपद 3 θ बवे3 θ अतः अभ्िालंब का समीकरण निम्नलिख्िात है, ेपद3 θ ल दृ ;3ेपदθ दृ ेपद3θद्ध त्र ख्ग दृ ;3बवेθ दृ बवे3θद्ध,बवे3 θ ⇒ ल बवे3θ दृ 3ेपदθ बवे3θ ़ ेपद3θ बवे3θ त्र गेपद3θ दृ 3ेपद3θ बवेθ ़ ेपद3θ बवे3θ ⇒ ल बवे3θ दृ गेपद3θ त्र 3ेपदθ बवेθ ;बवे2θ दृ ेपद2θद्ध3 त्र ेपद2θ ण् बवे2θ2 3 त्र ेपद4θ4 या 4 ;लबवे3 θ दृ गेपद3 θद्ध त्र 3 ेपद4θण् उदाहरण 15 ि;गद्ध त्र ेमबग ़ सवह बवे2गए 0 ढ ग ढ 2π का उच्चतम तथा निम्नतम मान ज्ञात कीजिए। हल ि;गद्ध त्र ेमबग ़ 2 सवह बवेगइसलिए, ि ;गद्ध त्र ेमबग जंदग दृ 2 जंदग त्र जंदग ;ेमबग दृ2द्ध 1 ि′ ;गद्ध त्र 0 ⇒ जंदग त्र 0 या ेमबग त्र 2 या बवेग त्र 2 अतः ग क सम्भव मान ग त्र 0ए या ग त्र π तथाπ 5π ग त्र या ग त्र 33 पुनः, ि′′ ;गद्ध त्र ेमब2ग ;ेमबग दृ2द्ध ़ जंदग ;ेमबग जंदगद्धत्र ेमब3ग ़ ेमबग जंद2ग दृ 2ेमब2गत्र ेमबग ;ेमब2ग ़ जंद2ग दृ 2ेमबगद्ध हम देखते हैं कि ि′′ ;0द्ध त्र 1 ;1 ़ 0 दृ 2द्ध त्र दृ1 ढ 0ण् इसलिए, ग त्र 0 एक उच्िचष्ठ बिंदु है। ि′′ ;πद्ध त्र दृ1 ;1 ़ 0 ़ 2द्ध त्र दृ3 ढ 0ण् इसलिए, ग त्र π एक उच्िचष्ठ बिंदु है। π⎛⎞ π ि′′⎜⎟ त्र 2 ;4 ़ 3 दृ 4द्ध त्र 6 झ 0ण् इसलिए, ग त्र एक निम्नष्ठ बिंदु है।3⎝⎠3 ⎛ 5π⎞ 5π ि′′⎜ ⎟ त्र 2 ;4 ़ 3 दृ 4द्ध त्र 6 झ 0ण् इसलिए, ग त्र एक निम्नष्ठ बिंदु है।⎝ 3 ⎠3 ल का ग त्र 0 पर उच्चतम मान 1 ़ 0 त्र 1 है। ल का ग त्र π पर उच्चतम मान दृ1 ़ 0 त्र दृ1 है। π ल का ग त्र पर निम्नतम मान 2 ़ 2 सवह1 त्र 2 ;1 दृ सवह2द्ध है।325πल का ग त्र 3 पर निम्नतम मान 2 ़ 2 सवह12 त्र 2 ;1 दृ सवह2द्ध है। उदाहरण 16 उस महत्तम आयत का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जो दीघर्वृत्त ग2 ़ ल 22 त्र 1के अंतगर्तं2 इ स्िथत है। हल जैसा कि आवृफति 6ण्3 में प्रदश्िार्त है, मान लीजिए कि ।ठब्क् महत्तम क्षेत्रापफल का आयत है ग2 ल2 जिसकी भुजा ।ठ त्र 2ग तथाठब् त्र 2लए जहाँ ब् ;गए लद्ध दीघर्वृत्त ं ़ इ त्र1 पर स्िथत एक बिंदु है।22 आयत का क्षेत्रापफल ।, 4गल है। अथार्त् । त्र 4गल, जिससे ।2 त्र 16ग2ल2 त्र े ;मान लियाद्ध ⎛ 2 ⎞2इसलिए, े त्र 16ग2 ⎜1दृ ग 2 ⎟इ ं⎝⎠16इ2 त्र 2 ;ं2ग2 दृ ग4द्धंके 16इ2 ⇒ त्र ख्2ं2ग दृ 4ग3,कग ं2 के आवृफति 6.3पुनः कग त्र 0 ⇒ ग त्र ंइतथा ल त्र 22 22के 16इ अब 2 त्र 2 ख्2ं2 दृ 12ग2,कग ं 22 2ं के 16इ 2 216 इ 2अतः ग त्र पर, त्र ख्2ं −6ं , त्र ;−4ं द्ध ढ022 22 कगं ं ंइ अतः ग त्र 22 ए यहाँ े महत्तम है अतएव। भी महत्तम है।पर, ल त्र त्र 2ंइ वगर् इकाइर्महत्तम क्षेत्रापफल । त्र 4ण्गण्ल त्र 4 ण् ंइ ⎡ ππ⎤उदाहरण 17 अंतराल ⎢दृए⎥में पफलन ि;गद्ध त्र ेपद2ग दृ गए के उच्चतम तथा निम्िनतम मानों का⎣ 22 ⎦अंतर ज्ञात कीजिए। हल ि;गद्ध त्र ेपद2ग दृ ग ⇒ ि′;गद्ध त्र 2 बवे2 ग दृ 1 1 −ππ ππइसलिए ि′;गद्ध त्र 0 ⇒ बवे2ग त्र ⇒ 2ग पे या ⇒ ग त्र दृ या 2 33 66 ⎛ π⎞ ππि⎜दृ ⎟त्र ेपद ;दृ πद्ध ़ त्र ⎝ 2 ⎠22 π⎛2ππ⎛⎞ ⎞3 πि दृ ेपद दृ ़ दृ ़⎜⎟त्र ⎜⎟ त्र 6 66⎝⎠⎝⎠ 26 π⎛⎞ 23 π⎛⎞ ππिेपददृ दृ⎜⎟त्र ⎜⎟त्र 6 ⎝⎠ 66⎝⎠62 ⎛⎞πππि⎜⎟त्र ेपद ;द्धπदृ त्रदृ ⎝⎠2 22 स्पष्टतया, π2 उच्चतम मान है तथा दृ π2 निम्नतम मान है। अतः अभीष्ट अंतर त्र π2 ़ π 2त्र π उदाहरण 18 शीषर् कोण 2θ वाला एक समद्विबाहु त्रिाभुज ं त्रिाज्या वाले किसी वृत्त के अंतगर्त स्िथत πहै। सि( कीजिए कि त्रिाभुज का क्षेत्रापफल उच्चतम है। जब θ त्र 6 हल मान लीजिए कि एक समद्विबाहु त्रिाभुज ।ठब् त्रिाज्या ं वाले किसी वृत्त के अंतगर्त है, इस प्रकार कि ।ठ त्र ।ब् ।क् त्र ।व् ़ व्क् त्र ं ़ ं बवे2θ तथा ठब् त्र 2ठक् त्र 2ं ेपद2θ ;आकृति 6ण्4 देख्िाएद्ध इसलिए, Δ ।ठब् का क्षेत्रापफल, अथार्त् Δ त्र 12ठब् ण् ।क् 1 त्र 2ं ेपद2θ ण् ;ं ़ ं बवे2θद्ध2 त्र ं2ेपद2θ ;1 ़ बवे2θद्ध 1⇒ Δ त्र ं2ेपद2θ ़ ं2 ेपद4θ2 इसलिए, कक Δθ त्र 2ं2बवे2θ ़ 2ं2बवे4θत्र 2ं2;बवे2θ ़ बवे4θद्ध कΔ त्र 0 ⇒ बवे2θ त्र दृबवे4θ त्र बवे ;π दृ 4θद्धकθ इसलिए, 2θ त्र π दृ 4θ⇒θ त्र π 6 आवृफति 6.4 क 2Δπ 2 त्र 2ं2 ;दृ2ेपद2θ दृ 4ेपद4θद्ध ढ 0 ;θ त्र 6 परद्धकθअतः त्रिाभुज का क्षेत्रापफल उच्चतम है, जब θ त्र π 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न निम्नलिख्िात उदाहरण संख्या 19 से 23 तक प्रत्येक में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - उदाहरण 19 वक्र 3ल त्र 6ग दृ 5ग3 पर स्िथत उस बिंदु का भुज, जिस पर वक्र का अभ्िालंब मूल बिंदु से होकर जाता है। ;।द्ध 1 ;ठद्ध 13 ;ब्द्ध 2 ;क्द्ध 12 है। हल मान लीजिए कि वक्र 3ल त्र 6ग दृ 5ग3 पर ;ग1ए ल1द्ध वह बिंदु है, जिस पर अभ्िालंब मूल बिंदु ⎛ कल ⎞ 2⎟त्र2दृ5 ग1से होकर जाता है। तब ⎜ पुनः ;ग1ए ल1द्ध पर मूल बिंदु से जाने वालेकग ⎠;एद्ध⎝ गल11 2दृग1 दृ3अभ्िालंब से हम प्राप्त करते हैं 2दृ5 ग1 त्रत्र 2ल1 6दृ5 ग1 क्योंकि ग त्र 1, इस समीकरण को संतुष्ट करता है, इसलिए सही उत्तर ;।द्ध है।1उदाहरण 20 दो वक्र ग3 दृ 3गल2 ़ 2 त्र 0 तथा 3ग2ल दृ ल3 त्र 2 ;।द्ध एक दूसरे को स्पशर् करते हैं। ;ठद्ध समकोण पर काटते हैं। ;ब्द्ध π 3 कोण पर काटते हैं। ;क्द्ध π 4 कोण पर काटते हैं। कलहल पहले वक्र के समीकरण से, 3ग2 दृ 3ल2 दृ 6गल कग त्र 0 कल ग2दृ ल2 ⇒ त्र त्र ;उद्ध मान लिया तथा दूसरे वक्र के समीकरण सेकग2गल 1कलकल कल दृ2गल6गल ़ 3ग2 दृ 3ल2 त्र 0 ⇒ त्र 2 2त्र ;उ2द्ध मान लियाकग कग कगग दृ ल क्योंकि उ ण् उत्र दृ1ण् इसलिए सही उत्तर ;ठद्ध है।12 उदाहरण 21 समीकरण ग त्र मज ण् बवेजए ल त्र मज ण् ेपदज द्वारा प्रदत्त वक्र की ज त्र π पर स्पशर् रेखा,4 ग.अक्ष से कोण बनाती है। πππ;।द्ध 0 ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध432 कग कलहल त्र दृ मज ण् ेपदज ़ मजबवेजए त्र मजबवेज ़ मजेपदजकज कज कल बवेज ़⎛⎞ ेपद ज 2इसलिए ⎜⎟πत्र त्र अतः सही उत्तर ;क्द्ध है।जत्र⎝⎠ कग 4 बवेज दृ ेपद ज 0 उदाहरण 22 वक्र ल त्र ेपदग के बिंदु ;0ए 0द्ध पर अभ्िालंब का समीकरणरू ;।द्ध ग त्र 0 ;ठद्ध ल त्र 0 ;ब्द्ध ग ़ ल त्र 0 ;क्द्ध ग दृ ल त्र 0 है। कल ⎛दृ1 ⎞ हल त्र बवेगण् इसलिए अभ्िालम्ब की प्रवणता त्र ⎜ ⎠⎟ त्र दृ1ण् अतः अभ्िालंब का समीकरणबवे गकग ⎝ गत्र0 ल दृ 0 त्र दृ1;ग दृ 0द्ध या ग ़ ल त्र 0 है। अतः सही उत्तर ;ब्द्ध है। πउदाहरण 23 वक्र ल2 त्र ग पर वह बिंदु जहाँ स्पशर् रेखा ग.अक्ष से 4 कोण बनाती है। ⎛11 ⎞ ⎛11 ⎞ एए;।द्ध ⎜⎟ ;ठद्ध ⎜⎟ ;ब्द्ध ;4ए 2द्ध ;क्द्ध ;1ए 1द्ध है।⎝24 ⎠⎝42 ⎠ कल 1 π1 1त्र हल त्र जंद त्र 1 ⇒ ल त्र ⇒ ग त्रकग 2ल 4 24 इसलिए सही उत्तर ठ है। निम्नलिख्िात उदाहरणों 24 से 29 तक प्रत्येक में रिक्त स्थान की पूतिर् कीजिए - उदाहरण 24 ं के वे मान जिनके लिए ल त्र ग2 ़ ंग ़ 25 ग.अक्ष को स्पशर् करता है,ऋऋऋऋऋऋहै। कल ंत्र⇒ ़त्र,हल कग 02गं 0 अथार्त्, ग त्र − 2ए ं2 ⎛ं ⎞़− ़ 0इसलिए, ं⎜⎟25त्र⇒ ं त्र ±104 ⎝2 ⎠ 1 उदाहरण 25 यदि ि;गद्ध त्र 2 , तो इसका उच्चतम मान ऋऋऋऋऋऋऋहै।4ग ़़2ग1 हल िके उच्चतम होने के लिए 4ग2 ़ 2ग ़ 1 को निम्नतम होना चाहिए, अथार्त्, 1 ⎛ 1 34ग2 ़ 2ग ़ 1 त्र 4 ;ग ़ द्ध2 ़ ⎜1− ⎟⎞जिससे 4ग2 ़ 2ग ़ 1 का निम्नतम मान त्र मिलता है।4 ⎝ 4 ⎠ 4 अतः िका उच्चतम मान त्र 34 उदाहरण 26 मान लीजिए कि ब पर िका द्वितीय अवकलज है, इस प्रकार कि ि′;बद्ध त्र 0 तथा ि″;बद्ध झ 0ए तो ब पर पफलन ऋऋऋऋऋऋहै। हल ब पर पफलन स्थानीय निम्नलिख्िात है। ⎡दृππ⎤ एउदाहरण 27 यदि ि;गद्ध त्र ेपदग तो अंतराल ⎢⎥में िका निम्िनष्ठ मानऋऋऋऋऋहै।⎣22 ⎦हल दृ1 उदाहरण 28 ेपदग ़ बवेग का उच्िचष्ठ मान ऋऋऋऋऋहै। हल उदाहरण 29 किसी गोले के आयतन के परिवतर्न की दर उसके पृष्ठीय क्षेत्रापफल के सापेक्ष, जब उसकी त्रिाज्या 2 बउ है,ऋऋऋऋऋऋहै। हल 1 बउ3ध्बउ2 43 कअ 22 के कअत त 4π⇒π⇒अ त्र π⇒ त्रπ 4 त ए े त्र त त्र 8 त त्र त्र 1, त त्र 2 पर।3 कत कतके 2 6ण्3 प्रश्नावलीलघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 1ण् नमक का एक गोलाकार गेंद पानी में इस प्रकार घुल रहा है कि किसी क्षण उसके आयतन के घटने की दर उसके पृष्ठीय क्षेत्रापफल के समानुपाती है। सि( कीजिए कि उसकी त्रिाज्या एक अचर दर से घट रही है। 2ण् यदि किसी वृत्त का क्षेत्रापफल एक समान दर से बढ़ता है, तो सि( कीजिए कि उसका परिमाप ;परिध्िद्ध उसकी त्रिाज्या के व्युत्क्रमानुपाती है।3ण् एक पंतग 151ण्5 बउ की उफँचाइर् पर क्षैतिज दिशा में गतिमान है। यदि पतंग की चाल 10 उध्े है, तो उसकी डोर को कितनी तेज़ी से छोड़ा जा रहा है, जब उसकी दूरी पतंग उड़ाने वाले लड़के से 250 उ है? लड़के की उँफचाइर् 1ण्5 उ है।4ण् एक दूसरे से 45° पर झुकी हुइर् दो सड़कों के संध्ि - स्थल से दो मनुष्य । तथा ठ, एक ही समय अ वेग से चलना प्रारम्भ करते हैं। यदि वे अलग - अलग सड़कों पर चलते हैं तो उनके परस्पर एक दूसरे से अलग होने की दर ज्ञात कीजिए।5ण् कोण θए 0 ढ θ ढ 2ए ज्ञात कीजिए जो अपने ेपदम से दोगुनी तेजी से बढ़ता है।6ण् ;1ण्999द्ध5 का सन्िनकट मान ज्ञात कीजिए।7ण् एक खोखले बेलनाकार खोल, जिसकी आंतरिक तथा बाह्य त्रिाज्याएँ क्रमशः 3 बउ तथा 3ण्0005 बउ हैं, में धातु के आयतन का सन्िनकट मान ज्ञात कीजिए।8ण् 2 उ लंबा एक मनुष्य 12 उध्े की दर से किसी बिजली के खंभे की ओर, जो जमीन से 51 उ3 3 उफपर है, चल रहा है। उसकी छाया का अग्रभाग किसी दर से गतिमान है? उसकी छाया की लंबाइर्, उस समय किस दर से परिवतिर्त हो रही है, जब वह प्रकाश के स्रोत के आधर से 31उ3 दूर है?9ण् किसी तरनताल को सप़फाइर् के लिए खाली करना है। यदि ताल को बंद करने के ज ेमबवदके बाद ताल में पानी की मात्रा, लिटर में, स् से निरूपित होती है तथा स् त्र 200 ;10 दृ जद्ध2, तो 5 ेमबवदके में अंत में पानी कितनी तेजी से बाहर निकल रहा है? प्रथम 5 ेमबवदके में पानी के बाहर निकलने की औसत दर क्या है? 10ण् किसी घन का आयतन एक अचर दर से बढ़ रहा है। सि( कीजिए कि उसके पृष्ठीय क्षेत्रापफल की वृि उसकी भुजा की व्युत्क्रमानुपाती है। 11ण् ग तथा ल दो वगोंर् की भुजाएँ हैं, इस प्रकार कि ल त्र ग दृ ग2 दूसरे वगर् के क्षेत्रापफल में परिवतर्न की दर पहले वगर् के क्षेत्रापफल के सापेक्ष ज्ञात कीजिए। 12ण् वक्र 2ग त्र ल2 तथा 2गल त्र ा के लंबकोणीय प्रतिच्छेद के लिए प्रतिबंध् ज्ञात कीजिए। 13ण् सि( कीजिए कि वक्र गल त्र 4 तथा ग2 ़ ल2 त्र 8, एक दूसरे को स्पशर् करते हैं। 14ण् वक्र गल त्र 4 उस बिंदु के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए, जिस पर स्पशर् रेखा का अक्षों से झुकाव समान है। 15ण् वक्र ल त्र 4 दृ ग2 तथा ल त्र ग2 का प्रतिच्छेद - कोण ज्ञात कीजिए। 16ण् सि( कीजिए कि वक्र ल2 त्र 4ग तथा ग2 ़ ल2 दृ 6ग ़ 1 त्र 0 एक दूसरे को बिंदु ;1ए 2द्ध पर स्पशर् करते हैं। 17ण् वक्र 3ग2 दृ ल2 त्र 8 के उन अभ्िालम्ब रेखाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए, जो रेखा ग ़ 3ल त्र 4 के समांतर हैं। 18ण् वक्र ग2 ़ ल2 दृ 2ग दृ 4ल ़ 1 त्र 0 के किन बिंदुओं पर स्पशर् रेखाएँ ल.अक्ष के समांतर हैं। ग ल दृ ग 19ण् सि( कीजिए कि रेखा त्र 1ए वक्र ल त्र इ ण् मं को उस बिंदु पर स्पशर् करती है जिसं इ पर वक्र ल.अक्ष को काटता है। 220ण् सि( कीजिए कि ि;गद्ध त्र 2ग ़ बवजदृ1ग ़ सवह ; 1़ ग − गद्ध ए त् में वध्र्मान पफलन है। 21ण् सि( कीजिए कि ं 22ण् सि( किजिए कि ि;गद्ध त्र जंददृ1;ेपदग ़ बवेगद्धए अतंराल 0ए में एक वध्र्मान पफलन है।1के लिए ि;गद्ध त्र 3ेपदग दृ बवेग दृ 2ंग ़ इए त् में ”ासमान पफलन है। 4 23ण् किस बिंदु पर, वक्र ल त्र दृ ग3 ़ 3ग2 ़ 9ग दृ 27 की प्रवणता उच्चतम है? उच्चतम प्रवणता भी ज्ञात कीजिए। 24ण् सि( कीजिए कि ि;गद्ध त्र ेपदग ़ 3 बवेग का उच्िचष्ठ मान ग त्र 6 पर है। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध 25ण् यदि किसी समकोण त्रिाभुज की एक भुजा तथा कणर् की लंबाइर्यों का योगपफल दिया हुआ है, तो सि( कीजिए कि त्रिाभुज का क्षेत्रापफल उच्चतम है, जब उनके मध्य का कोण 3 है। 26ण् पफलन ि;गद्ध त्र ग5 दृ 5ग4 ़ 5ग3 दृ 1 के स्थानीय उच्िचष्ठ, स्थानीय निम्िनष्ठ तथा नति परिवतर्न के बिंदुओं को ज्ञात कीजिए। साथ ही संगत स्थानीय उच्चतम तथा स्थानीय निम्नतम मानों को भी ज्ञात कीजिए। 27ण् किसी नगर में एक टेलीपफोन कंपनी की सूची में 500 ग्राहक हैं और वह प्रत्येक ग्राहक से प्रति वषर् 300 रु निश्िचत शुल्क वसूलती हैं। कंपनी वाष्िार्क शुल्क बढ़ाना चाहती है, और ऐसा माना जाता है कि प्रत्येक 1रु की वृि करने पर एक ग्राहक टेलीपफोन सेवा लेना समाप्त कर देगा।ज्ञात कीजिए कि कितनी वृि करने से महत्तम ;उच्चतमद्ध लाभ होगा। ग2 ल2 28ण् यदि सरल रेखा ग बवेα ़ ल ेपदα त्र च वक्र ंइ त्र 1 को स्पशर् करती है, तो सि( कीजिए2 2 कि ं2 बवे2α ़ इ2 ेपद2α त्र च2 29ण् ब2 क्षेत्रापफल के किसी दिए हुए गत्ते से वगार्कार आधार का एक खुला हुआ बाक्स बनाना है। सि( 3बकीजिए कि बाक्स का महत्तम आयतन 63 घन इकाइर्है। 30ण् 36 बउ परिमाप वाले आयत की विमाएँ ज्ञात कीजिए जिसे उसकी भुजाओं में से किसी एक के चारों ओर घुमाने पर अध्िक से अध्िक सम्भव आयतन प्रसपर् ;ेूममचद्ध हो। 31ण् यदि किसी घन तथा गोले के पृष्ठीय क्षेत्रापफल का योगपफल अचर है तो घन के एक कोर ;मकहमद्ध तथा गोले के व्यास का अनुपात उस समय क्या है जब उनके आयतन का योगपफल निम्नतम है? 32ण् ।ठ किसी वृत्त का एक व्यास है तथा ब् उसकी परिध्ि पर कोइर् बिंदु है। सि( कीजिए कि Δ ।ठब् का क्षेत्रापफल महत्तम उस समय होगा जब वह समद्विबाहु है। 33ण् वगार्कार आधार तथा उफध्वार्ध्र पृष्ठ वाले धातु के किसी बाक्स में 1024 बउ3 वस्तु आती है। शीषर् तथा आधर के पृष्ठों के माल;वस्तुद्ध का मूल्य त्े 5ध्बउ2 है तथा पृष्ठों के मान का मूल्य त्े 2ण्50ध्बउ2 है। बाक्स का निम्नतम मूल्य ज्ञात कीजिए। ग34ण् भुजा गए 2ग और 3 के किसी आयताकार समांतर षट्पफलक तथा एक गोले के पृष्ठीय क्षेत्रापफल का योगपफल अचर दिया हुआ है। सि( कीजिए कि उनके आयतन का योगपफल निम्नतम होगा, यदि ग गोले की त्रिाज्या के तीन गुने के बराबर है। उनके आयतन के योगपफल का निम्नतम मान भी ज्ञात कीजिए। वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न 35 से 39 तक प्रत्येक में दिए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - 35ण् किसी समबाहु त्रिाभुज की भुजाएँ 2 बउध्ेमब की दर से बढ़ रही हैं। जब भुजा 10 बउ है, त्रिाभुज का क्षेत्रापफल 10;।द्ध 10 बउ2ध्े ;ठद्ध 3 बउ2ध्े ;ब्द्ध 10 3 बउ2ध्े ;क्द्ध बउ2ध्े3 की दर से बढ़ता है। 36ण् एक क्षैतिज पफशर् पर 5 मीटर लंबी एक सीढ़ी किसी उफध्वार्ध्र दीवार पर झुकी है। यदि सीढ़ी का उफपरी सिरा 10 बउध्ेमबए की दर से नीचे की ओर पिफसल रहा है तो सीढ़ी तथा पफशर् के बीच का कोण, उस समय जब सीढ़ी का निचला सिरा दीवार से 2 मीटर दूर हैः 1 1;।द्ध तंकपंदध्ेमब ;ठद्ध तंकपंदध्ेमब ;ब्द्ध 20 तंकपंदध्ेमब ;क्द्ध 10 तंकपंदध्ेमब10 20 1 37ण् बिंदु ;0ए 0द्ध पर वक्र ल त्र ग5 की ;।द्ध एक उफध्वार्ध्र स्पशीर् रेखा ;ल.अक्ष के समांतरद्ध ;ठद्ध एक क्षैतिज स्पशीर् रेखा ;ग.अक्ष के समांतरद्ध ;ब्द्ध एक तिरछी स्पशीर् रेखा ;क्द्ध कोइर् भी स्पशीर् रेखा नहीं 38ण् रेखा ग ़ 3ल त्र 8 के समांतर, वक्र 3ग2 दृ ल2 त्र 8 के अभ्िालंब का समीकरण है। ;।द्ध3ग दृ ल त्र 8 ;ठद्ध 3ग ़ ल ़ 8 त्र 0 ;ब्द्ध ग ़ 3ल 8 त्र 0 ;क्द्ध ग ़ 3ल त्र 0 39ण् यदि वक्र ंल ़ ग2 त्र 7 तथा ग3 त्र लए बिंदु ;1ए 1द्ध पर लंबवत काटते हैं, तो ं का मान है ;।द्ध 1 ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध दृ 6 ;क्द्ध ण्6 40ण् यदि ल त्र ग4 दृ 10 तथा यदि गए 2 से 1ण्99 तक परिवतिर्त होता है, तो ल का परिवतर्न क्या ;कितनाद्ध है, ;।द्ध 0ण्32 ;ठद्ध 0ण्032 ;ब्द्ध 5ण्68 ;क्द्ध 5ण्968 41ण् वक्र ल ;1 ़ ग2द्ध त्र 2 दृ ग के, उस बिंदु पर, जहाँ यह ग.अक्ष को काटती है, स्पशर् रेखा का समीकरण ;।द्ध ग ़ 5ल त्र 2 ;ठद्ध ग दृ 5ल त्र 2 ;ब्द्ध5ग दृ ल त्र 2 ;क्द्ध 5ग ़ ल त्र 2 है। 42ण् वे बिंदु, जिन पर वक्र ल त्र ग3 दृ 12ग ़ 18 की स्पशर् रेखाएँ ग.अक्ष के समांतर हैं, ;।द्ध;2ए दृ2द्धए ;दृ2ए दृ34द्ध ;ठद्ध ;2ए 34द्धए ;दृ2ए 0द्ध ;ब्द्ध;0ए 35द्धए ;दृ2ए 0द्ध ;क्द्ध ;2ए 2द्धए ;दृ2ए 34द्ध है। 43ण् वक्र ल त्र म2ग की, बिंदु ;0ए 1द्ध पर, स्पशर् रेखा ग.अक्ष से बिंदु 1;।द्ध ;0ए 1द्ध ;ठद्ध दृए0 ;ब्द्ध ;2ए 0द्ध ;क्द्ध ;0ए 2द्ध पर मिलती है।244ण् वक्र ग त्र ज2 ़ 3ज दृ 8ए ल त्र 2ज2 दृ 2ज दृ 5 की, बिंदु ;2ए दृ1द्ध पर, स्पशर् रेखा की प्रवणता 22 6दृ6;।द्ध 7 ;ठद्ध 7 ;ब्द्ध 7 ;क्द्ध दृ 6 है। 45ण् दो वक्र ग3 दृ 3गल2 ़ 2 त्र 0 तथा 3ग2ल दृ ल3 दृ 2 त्र 0 किस कोण पर प्रतिच्छेद करते हैंः ππππ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध4 3 2 6 46ण् वह अंतराल, जिसमें पफलन ि;गद्ध त्र 2ग3 ़ 9ग2 ़ 12ग दृ 1 ”ासमान है ;।द्ध ख्दृ1ए द्ध ;ठद्ध ख्दृ2ए दृ1, ;ब्द्ध ;दृ ए दृ2, ;क्द्ध ख्दृ1ए 1, 47ण् मान लीजिए कि िरू त् → त्ए ि;गद्ध त्र 2ग ़ बवेग द्वारा परिभाष्िात है, तो ि;।द्ध का ग त्र π पर एक निम्िनष्ठ है ;ठद्ध का ग त्र 0 पर एक उच्िचष्ठ है ;ब्द्ध एक ”ासमान पफलन है ;क्द्ध एक वध्र्मान पफलन है 48ण् ल त्र ग ;ग दृ 3द्ध2 ए ग के नीचे दिए हुए मानांे के लिए ”ासमान है, ;।द्ध1 ढ ग ढ 3 ;ठद्ध ग ढ 0 ;ब्द्ध ग झ 0 ;क्द्ध 0 ढ ग ढ 32 49ण् पफलन ि;गद्ध त्र 4 ेपद3ग दृ 6 ेपद2ग ़ 12 ेपदग ़ 100 ⎛ 3π⎞⎛ π ⎞;।द्ध ⎜ πए ⎟ में निरंतर वध्र्मान है ;ठद्ध ⎜ ए π⎟ में निरंतर ”ासमान है⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ दृ ;ब्द्ध एमें निंरतर ”ासमान है ;क्द्ध 0ए में निंरतर ”ासमान है22 2 50ण् निम्नलिख्िात में से कौन - सा पफलन 0ए 2 में ”ासमान है ;।द्ध ेपद2ग ;ठद्ध जंदग ;ब्द्ध बवेग ;क्द्ध बवे 3ग 51ण् पफलन ि;गद्ध त्र जंदग दृ ग ;।द्ध सदैव वध्र्मान है ;ठद्ध सदैव ”ासमान है ;ब्द्ध कभी भी वध्र्मान नहीं है ;क्द्ध कभी वध्र्मान है कभी ”ासमान है 52ण् यदि ग एक वास्तविक संख्या है, तो ग2 दृ 8ग ़ 17 का निम्नतम मान ;।द्ध दृ1 ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध 1 ;क्द्ध 2 है। 53ण् बहुपद ग3 दृ 18ग2 ़ 96ग का, अंतराल ख्0ए 9, में, निम्नतम मान ;।द्ध 126 ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध 135 ;क्द्ध 160 है। 54ण् पफलन ि;गद्ध त्र 2ग3 दृ 3ग2 दृ 12ग ़ 4 के ;।द्ध दो स्थानीय उच्चतम बिंदु हैं ;ठद्ध दो स्थानीय निम्नतम बिंदु हैं ;ब्द्ध एक उच्चतम तथा एक न्िाम्नतम है ;क्द्ध कोइर् भी उच्चतम या निम्नतम नहीं है 55ण् ेपद ग ण् बवे ग का उच्चतम मान है 11;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध 2 ;क्द्ध 2242 56ण् ि;गद्ध त्र 2 ेपद3ग ़ 3 बवे3ग का मान ग त्र 56 ए पर ;।द्ध उच्चतम ;ठद्ध निम्नतम ;ब्द्ध शून्य ;क्द्ध न तो उच्चतम और न निम्नतम है। 57ण् वक्र ल त्र दृग3 ़ 3ग2 ़ 9ग दृ 27 की उच्चतम प्रवणता ;।द्ध 0 ;ठद्ध 12 ;ब्द्ध 16 ;क्द्ध 32 58ण् ि;गद्ध त्र गग का स्तब्ध् बिंदु है 1;।द्ध ग त्र म ;ठद्ध ग त्र ;ब्द्ध ग त्र 1 ;क्द्ध ग त्र मम 1 ग 59ण् का उच्चतम मान हैग 1 ;।द्ध म ;ठद्ध मम ;ब्द्ध 1 ;क्द्ध 1 म मम म प्रश्न 60 से 64 तक प्रत्येक में रिक्त स्थान की पूतिर् कीजिए - 60ण् वक्र ल त्र 4ग2 ़ 2ग दृ 8 तथा ल त्र ग3 दृ ग ़ 13 एक दूसरे को बिंदु ऋऋऋऋऋपर स्पशर् करते हैं। 61ण् वक्र ल त्र जंदग के ;0ए 0द्ध पर अभ्िालंब का समीकरण ऋऋऋऋऋऋऋऋहै। 62ण् ं के वे मान जिनके लिए पफलन ि;गद्ध त्र ेपदग दृ ंग ़ इए त् में वध्र्मान हैऋऋऋऋऋऋण्हैं। 22दृ1ग63ण् पफलन ि;गद्ध त्र ए ग झ 0ए अंतराल ऋऋऋऋऋऋऋमें ”ासमान है।4ग इ64ण् पफलन ि;गद्ध त्र ंग ़ ;ं झ 0ए इ झ 0ए ग झ 0द्ध का निम्नतम मानऋऋऋऋऋऋहै।ग

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