3ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 3ण्1ण्1 आव्यूह संख्याओं ;या पफलनोंद्ध का एक आयताकार क्रमित क्रम विन्यास है। उदाहरणाथर्ए ग 43 43 ग। त्र 3 ग 4 संख्याओं ;या पफलनोंद्धआव्यूह के अवयव या प्रविष्िठयाँ कहते हैं। आव्यूह के अवयवों की क्षैतिश रेखाएँ, आव्यूह की पंक्ितयाँ ;त्वूेद्ध तथा उफध्वर् रेखाएँ आव्यूह के स्तंभ ;ब्वसनउदेद्ध कहलाते हैं। 3ण्1ण्2 आव्यूह की कोटि ;व्तकमत व िं उंजतपगद्ध उ पंक्ितयों तथा द स्तंभों वाले किसी आव्यूह को उ × द कोटि ;व्तकमतद्ध का आव्यूह अथवा केवल उ × द आव्यूह कहते हैं। उपयुर्क्त उदाहरण में, । एक 3 × 3 कोटि का आव्यूह अथार्त् 3 × 3 आव्यूह है। व्यापक रूप में एक उ × द आव्यूह का निम्नलिख्िात आयताकार क्रम विन्यास होता हैः ⎡ ं ं ज्ञ ं ⎤11 12 13 1द ⎢⎥ं ं ज्ञ ं2122 23 2द। त्र ख्ंपर,उ × द त्र ⎢⎢ ⎥⎥ 1≤ प ≤ उए 1≤ र ≤ द तथा पए र ∈ छण्ड ⎢⎥ ं ं ज्ञ ं⎣ उ1 उ2 उ3 उद ⎦उद× अवयव ंपर वह अवयव है जो प वीं पंक्ित और र वें स्तंभ में स्िथत होता है तथा इसे । का ;पए रद्धवाँ अवयव कहते हैं। उ × द आव्यूह में अवयवों की संख्या उद होती है। 3ण्1ण्3 आव्यूह के प्रकार ;ज्लचमे व िडंजतपबमेद्ध;पद्ध एक आव्यूह, पंक्ित आव्यूह कहलाता है यदि उसमें केवल एक पंक्ित होती है।;पपद्ध एक आव्यूह, स्तंभ आव्यूह कहलाता है यदि उसमें केवल एक स्तंभ होता है। ;पपपद्ध एक आव्यूह जिसमें पंक्ितयों की संख्या स्तंभों की संख्या के समान होती है, एक वगर् आव्यूह ;ैुनंतम उंजतपगद्ध कहलाता है। अतः एक उ × द आव्यूह, वगर् आव्यूह कहलाता है यदि उ त्र द हो और उसे ष्दष् कोटि का वगर् आव्यूह कहते हैं। ;पअद्ध एक वगर् आव्यूह ठ त्र ख्इ,विकणर् आव्यूह ;क्पंहवदंस उंजतपगद्ध कहलाता है यदिपरद×द विकणर् के अतिरिक्त इसके सभी अन्य अवयव शून्य होते हैं अथार्त् एक आव्यूह ठ त्र ख्इ,विकणर् आव्यूह कहलाता है यदि इ त्र 0ए जब प ≠ र हो।परद×द पर;अद्ध एक विकणर् आव्यूह, अदिश आव्यूह;ैबंसंत उंजतपगद्ध कहलाता है यदि इसके विकणर् के अवयव समान होते हैं, अथार्त् एक वगर् आव्यूह ठ त्र ख्इ,अदिश आव्यूहपरद×द कहलाता है यदि इपर त्र 0ए जब प ≠ रए इपर त्र ाए जब प त्र रए जहाँ ा कोइर् अचर है। ;अपद्ध एक वगर् आव्यूह जिसके विकणर् के सभी अवयव एक होते हैं तथा शेष अन्य सभी अवयव शून्य होते हैं, तत्समक आव्यूह ;प्कमदजपजल उंजतपगद्ध कहलाता है। दूसरे शब्दों में, वगर् आव्यूह । त्र ख्ं,एक तत्समक आव्यूह है यदि ं त्र 1ए जबपरद×द परप त्र र हो तथा ंपर त्र 0ए जब प ≠ र हो।;अपपद्ध एक आव्यूह, शून्य आव्यूह या रिक्त आव्यूह कहलाता है यदि इसके सभी अवयव शून्य हों। हम शून्य आव्यूह को व् द्वारा निरूपित करते हैं।;अपपपद्ध दो आव्यूह । त्र ख्ंपर, तथा ठ त्र ख्इपर, समान कहलाते हैं यदि ;ंद्ध वे समान कोटि के हों, तथा ;इद्ध । का प्रत्येक अवयव, ठ के संगत अवयव के समान हो, अथार्त्, प तथा र के सभी मानों के लिए ंपर त्र इपर हो। 3ण्1ण्4 आव्यूहों का योग ;।ककपजपवद व िउंजतपबमेद्ध दो आव्यूहों का योग तभी संभव है जब वे समान कोटि के हों। 3ण्1ण्5 एक आव्यूह का एक अदिश से गुणन ;डनसजपचसपबंजपवद व िउंजतपग इल ं ेबंसंतद्ध यदि। त्र ख्ं, एक आव्यूह है तथा ा एक अदिश है तो ा। एक ऐसा आव्यूह है जिसे । के प्रत्येकपरउ×द अवयव को ा से गुणा करके प्राप्त किया जाता है, अथार्त्, ा। त्र खं,परउ×द 3ण्1ण्6 आव्यूह का )ण आव्यूह ;छमहंजपअम व िं उंजतपगद्ध किसी आव्यूह । का )ण आव्यूहदृ। से निरूपित होता है। हम दृ। को ;दृ1द्ध। द्वारा परिभाष्िात करते हैं। 3ण्1ण्7 आव्यूहों का गुणन ;डनसजपचसपबंजपवद व िउंजतपबमेद्ध दो आव्यूहों । और ठ का गुणनपफल तभी ।ठ परिभाष्िात होता है जब । के स्तंभों की संख्या, ठ की पंक्ितयों की संख्या के समान होती है। मान लीजिए कि। त्र ख्ंपर,ए एक उ × द कोटि का आव्यूह है और ठ त्र ख्इरा,ए एक द × च कोटि का आव्यूह है। तब । औरठ आव्यूहों का गुणनपफल, एक उ × च कोटि का आव्यूहब् होता है। आव्यूह ब् का ;पए ाद्धवाँ अवयव बप्राप्त करने के लिए हम । की पवीं पंक्ित और ठ के ावें स्तंभ को लेतेपा हैं और पिफर उनके अवयवों का क्रमानुसार गुणन करते हैं और पिफर इन सभी गुणनपफलनों का योगपफल ज्ञात कर लेते हैं, अथार्त् ब त्र ंइ ़ ंइ ़ ंइ ़ ण्ण्ण् ़ ंइपा प11ाप22ाप33ापद दा आव्यूह ब् त्र ख्ब, । तथा ठ का गुणनपफल है।पाउ×चटिप्पणी 1ण् यदि।ठ परिभाष्िात है तब यह आवश्यक नहीं हैं कि ठ। भी परिभाष्िात हो। 2ण् यदि। और ठ क्रमशः उ × द तथा ा × सए कोटि के आव्यूह हंै तब दोनों ।ठ तथा ठ। तभी और केवल तभी परिभाष्िात हांेगे जब द त्र ा तथा स त्र उ हो। 3ण् यदि।ठ और ठ। दोनों परिभाष्िात हैं तो यह आवश्यक नहीं है कि ।ठ त्र ठ। हो। 4ण् यदि दो आव्यूहों का गुणनपफल एक शून्य आव्यूह हो तो यह आवश्यक नहीं है कि उनमें से एक शून्य आव्यूह है। 5ण् समान कोटि के तीन ।ए ठ औरब् आव्यूहों के लिए यदि । त्र ठए हो तब ।ब् त्र ठब् होगा परंतु इसका विलोम सत्य नहीं है। 6ण् ।ण् ।त्र ।2ए ।ण् ।ण् ।त्र ।3ए इत्यादि 3ण्1ण्8 आव्यूह का परिवतर् ;ज्तंदेचवेम व िं डंजतपगद्ध 1ण् यदि । त्र ख्ंपर, एक उ × द कोटि का आव्यूह है तो । की पंक्ितयों तथा स्तंभांे को परस्पर बदलने ;पदजमतबींदहमद्ध से प्राप्त होने वाला आव्यूह । का परिवतर् कहलाता है। आव्यूह । के परिवतर् को ।′ या ;।ज्द्ध से निरूपित करते हैं। दूसरे शब्दों में, यदि । त्र ख्ं,हो तो ।ज् त्र ख्ं,होगा।परउ×द रपद×उ 2ण् आव्यूहों के परिवतर् के गुणध्मर् ;च्तवचमतजपमे व िजतंदेचवेम व िं उंजतपगद्ध उपयुक्त कोटि के किन्हीं । तथा ठ आव्यूहों के लिए ;पद्ध ;।ज्द्धज् त्र । ;पपद्ध ;ा।द्धज् त्र ा।ज् ;जहाँ ा कोइर् अचर हैद्ध ;पपपद्ध ;। ़ ठद्धज् त्र ।ज् ़ ठज् ;पअद्ध ;।ठद्धज् त्र ठज् ।ज् 3ण्1ण्9 सममित आव्यूह तथा विषम सममित आव्यूह ;ैलउउमजतपब डंजतपग ंदक ैामू ैलउउमजतपब डंजतपगद्ध ;पद्ध एक वगर् आव्यूह । त्र ख्ंपर, सममित आव्यूह कहलाता है यदि ।ज् त्र । हो, अथार्त्, प व र के प्रत्येक संभव मानों के लिए ंपर त्र ंरप हो। ;पपद्ध एक वगर् आव्यूह । त्रख्ंपर, विषम सममित आव्यूह कहलाता है यदि ।ज् त्र दृ। हो, अथार्त्, प तथा र के प्रत्येक संभव मानों के लिए ंरप त्र दृंपर हो। टिप्पणी रू किसी विषम सममित आव्यूह के विकणर् के सभी अवयव शून्य होते हैं। ;पपपद्ध प्रमेय 1रू वास्तविक अवयवों वाले किसी वगर् आव्यूह । के लिए । ़ ।ज् एक सममित आव्यूह है तथा । दृ ।ज् एक विषम सममित आव्यूह है। ;पअद्ध किसी वगर् आव्यूह को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूहों के योगपफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है अथार्त्, ज्ज्;।़। द्ध ;। −।द्ध । त्र ़ 22 3ण्1ण्10 व्युत्क्रमणीय आव्यूह ;प्दअमतजपइसम डंजतपबमेद्ध यदि।ए कोटि उ × उ, का एक वगर् आव्यूह है और समान कोटि उ × उ का एक अन्य आव्यूह ठ का अस्ितत्व इस प्रकार है कि ।ठ त्र ठ। त्र प् है तो। को व्युत्क्रमणीय आव्यूह कहते हैं तथा ठ को । का व्युत्क्रम आव्यूह कहते हंै और इसे ।दृ1 द्वारा निरूपित करते हैं। 1ण् किसी आयताकार आव्यूह का व्युत्क्रम आव्यूह नहीं होता है क्योंकि गुणनपफल ।ठ तथा ठ। के परिभाष्िात और समान होने के लिए यह अनिवायर् है कि। तथा ठ समान कोटि के वगर् आव्यूह हों। 2ण् यदि आव्यूह ठए आव्यूह । का व्युत्क्रम है तोआव्यूह ।ए आव्यूहठ का व्युत्क्रम होता है। 3ण् ;व्युत्क्रम आव्यूह की अद्वितीयताद्धः किसी वगर् आव्यूह का व्युत्क्रम आव्यूह, यदि उसका अस्ितत्व है तो वह अद्वितीय होता है। 4ण् यदि। तथाठ समान कोटि के व्युत्क्रमणीय आव्यूह हों तो ;।ठद्धदृ1 त्र ठदृ1।दृ1 होता है। 3ण्1ण्11 प्रारंभ्िाक पंक्ित तथा स्तंभ संियाओं के प्रयोग द्वारा एक आव्यूह का व्युत्क्रम ;प्दअमतेम व िं उंजतपग नेपदह मसमउमदजंतल तवू वत बवसनउद वचमतंजपवदेद्ध प्रारंभ्िाक पंक्ित संियाओं के प्रयोग द्वारा ।दृ1 ज्ञात करने के लिए, । त्र प्। लिख्िाए और पंक्ित संियाओं का प्रयोग । त्र प्। परतब तक करते रहिए जब तक प् त्र ठ। नहीं मिल जाता है। इस प्रकार प्राप्त आव्यूह ठए आव्यूह । का व्युत्क्रम होगा। इसी प्रकार यदि हम स्तंभ संियाओं के प्रयोग द्वारा ।दृ1 ज्ञात करना चाहते हैं तो । त्र ।प् लिख्िाए और । त्र ।प् पर स्तंभ संियाओं का प्रयोग तब तक करते रहिए जब तक हमें प् त्र ।ठ प्राप्त नहीं हो जाता है। टिप्पणी रू उस दशा में जब । त्र प्। ;या । त्र ।प्द्ध पर एक या अध्िक प्रारंभ्िाक पंक्ित ;या स्तंभद्ध संियाओं के करने पर यदि बाएँ पक्ष के आव्यूह । की एक या अध्िक पंक्ितयों ;या स्ंतभोंद्ध के सभी अवयव शून्य हो जाते हैं तो ।दृ1 का अस्ितत्व नहीं होता है। 3ण्2 हल किए हुए उदाहरण ;ैवसअमक म्गंउचसमेद्ध लघु उत्तरीय ;ैीवतज ।देूमतद्ध उदाहरण 1 आव्यूह । त्र ख्ंपर,2×2 की रचना कीजिए जिसके अवयव ंपर इस प्रकार हंै कि ंपर त्र म2पग ेपद रग ण् हल प त्र 1ए र त्र 1ए के लिए, ं त्र म2ग ेपद ग11प त्र 1ए र त्र 2ए के लिए, ं त्र म2ग ेपद 2ग12प त्र 2ए र त्र 1ए के लिए, ं त्र म4ग ेपद ग21प त्र 2ए र त्र 2ए के लिए, ं त्र म4ग ेपद 2ग222 ग 2 ग⎡म ेपद गम ेपद 2 ग⎤ इस प्रकार, । त्र ⎢ 4 ग ⎥ म4 ग ेपद गम ेपद 2 ग⎣ ⎦ 231321 468 उदाहरण 2 यदि । त्र ए ठ त्र 1ए ब् त्र 2ए क् त्र ए हों तो । ़ ठए 12 43 579 ठ ़ ब्ए ब् ़ क् और ठ ़ क् योगपफलों में कौन से योगपफल परिभाष्िात हैं। हल केवल ठ ़ क् ही परिभाष्िात है क्योंकि केवल समान कोटि के आव्यूहों का ही योगपफल संभव है। उदाहरण3 सि( कीजिए यदि एक आव्यूह सममित तथा विषम सममित दोनों ही हो तो वह एक शून्य आव्यूह है। हल माना आव्यूह । त्र ख्ंपर, दोनों ही सममित तथा विषम सममित है। क्योंकि । एक विषम सममित आव्यूह है इसलिए ।′ त्र दृ। अतः प तथा र के सभी मानों के लिए ं त्र दृ ं;1द्धपररपण् पुनः, क्योंकि । एक सममित आव्यूह है इसलिए ।′ त्र । अतः प और र के सभी मानों के लिए ंरप त्र ंपर ;2द्ध इस प्रकार ;1द्ध तथा ;2द्धए से हमें निम्नलिख्िात प्राप्त होता है ं त्र दृं, सभी प तथा र के लिए या 2ं त्र 0एपरपरपरअथार्त्, सभी प और र के लिए ंपर त्र 0 है। अतः । एक शून्य आव्यूह है। 12 ग⎡ ⎤⎡⎤ 2ग 3 त्र व्उदाहरण 4 यदि ख् ,⎢ ⎥⎢⎥ हो तो ग का मान निकालिए।दृ30 8⎣ ⎦⎣⎦ हल दिया है ग⎡ 12⎤ ⎡⎤ 2ग 3ग त्र व् ⇒ 2ग 94ग त्र0ख् ,⎢ ⎥⎢⎥ 8दृ30 8⎣ ⎦⎣⎦ या ख्2ग2 दृ 9ग ़ 32ग, त्र ख्0, ⇒ 2ग2़ 23ग त्र 0 −23या ग ;2ग ़ 23द्ध त्र 0 ⇒ ग त्र 0ए ग त्र 2 उदाहरण 5 यदि । एक 3 × 3 कोटि का व्युत्क्रमणीय आव्यूह है तो दिखाइए कि किसी भी अदिश 1 दृ1ा ;शून्येतरद्ध के लिए ा। व्युत्क्रमणीय है तथा ;ा।द्धदृ1 त्र ा । हल हम जानते हैं कि 1दृ1 1 ;ा।द्ध ा। त्र ाण् ा ;।ण् ।दृ1द्ध त्र 1 ;प्द्ध त्र प् 1दृ1 1दृ1अतः ;ा।द्धए आव्यूह । का व्युत्क्रम है अथवा ;ा।द्धदृ1 त्र ।ाा दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।द्ध उदाहरण 6 आव्यूह । को एक सममित आव्यूह तथा एक विषम सममित आव्यूह के योगपफल के रूप 24 6 73 5में व्यक्त कीजिए जहाँ । त्र है।1 24 हल हम जानते हैं कि यदि 246 271 735 432। त्र ए है तब ।′ त्र 1 2 4 65 4 411 5 2 11 2 5 2 अतः, । ़ । 2 ′ त्र 1 2 11 6 53 38 त्र 11 2 5 2 3 3 2 3 2 4 0 3 7 0 3 2 7 2 तथा । दृ । 2 ′ त्र 1 2 3 7 0 7 70 त्र 3 2 7 2 0 7 2 7 2 0 इस प्रकार, ⎡ 11 −5⎤⎡ −3 −7⎤20⎢ ⎥⎢ ⎥22 22⎢ ⎥⎢ ⎥⎡24 −6⎤ ।। ।। ′− 1133 7 ⎢⎥़′ ⎢ ⎥⎢ ⎥़त्र 3 ़0 त्र73 5 त्र।ण्⎢ ⎥⎢ ⎥⎢⎥222 22 2⎢⎥⎢ ⎢1 24 −⎥⎥⎣ ⎦−53 7 −7⎢ ⎥⎢ ⎥40⎢ ⎦⎣ ⎥⎣22 ⎥⎢ 22 ⎦ 13 2 201 32उदाहरण 7 यदि।त्र एतो दिखाइए कि ।एसमीकरण ।दृ4।दृ3।़11प् त्र व्को 12 3 संतुष्ट करता है। 132 132 220 1 ×20 1 हल ।त्र।×।त्र 123 123 ⎡162 304 ़़ ़़ 236−़ ⎤ ⎢⎥201 602 ़− ़− 403 ़− त्र⎢⎥ 143 306 ़़ ़़ 229 ⎥⎢ −़ ⎣⎦ 975 141 त्र 899 975 132 32141 ×20 1 और, ।त्र।×।त्र 899 123 त्र 9 14 5 181 8 18 9 27 3 24 0 0 0 10 2 18 18 2 16 7 4 9 15 3 27 त्र 28 10 35 37 5 42 26 1 34 अब ।3 दृ 4।2 दृ 3। ़ 11;प्द्ध त्र 28 10 35 ⎡ ⎢ ⎢ ⎢⎣ 37 5 42 26 134 ⎤ ⎥ ⎥ ⎥⎦ दृ 4 9 1 8 ⎡ ⎢ ⎢ ⎢⎣ 7 4 9 5 1 9 ⎤ ⎥ ⎥ ⎥⎦ दृ3 1 2 1 ⎡ ⎢ ⎢ ⎢⎣ 3 0 2 2 13 ⎤ ⎥−⎥ ⎥⎦ ़11 1 0 0 ⎡ ⎢ ⎢ ⎢⎣ 0 1 0 0 0 1 ⎤ ⎥ ⎥ ⎥⎦ त्र 28 36 3 11 10 4 6 0 35 32 3 0 − −़ ⎡ ⎢ −−़ ⎢ ⎢ − −़ ⎣ 37 28 9 0 5 16 0 11 42 36 6 0 − −़ − ़़ − −़ 26 20 6 0 1 4 3 0 34 36 9 11 − −़ ⎤ ⎥−़़ ⎥ ⎥− −़ ⎦ त्र 000 000 000 त्र व् उदाहरण 8 यदि 23। त्र दृ1 2 ⎡ ⎤ ⎢ ⎥⎣ ⎦ए तो दिखाइए कि ।2 दृ 4। ़ 7प् त्र व् इस परिणाम का प्रयोग करके।5 का मान भी निकालिए। हल यहाँ 2 23 23। 12 12 ⎡ ⎤⎡ ⎤ त्र⎢ ⎥⎢ ⎥− −⎣ ⎦⎣ ⎦ त्र 112 41 ⎡ ⎤ ⎢ ⎥−⎣ ⎦ए 8 12 4। त्र 4 8 − − ⎡ ⎤− ⎢ −⎥⎣ ⎦ तथा 707प् त्र 07 ⎡ ⎤ ⎢ ⎥⎣ ⎦ ण् ⎡18−़7 12 −़ 12 0⎤⎡00⎤ इसलिए ।2 दृ 4। ़ 7प् त्र ⎢ ⎥त्र⎢ ⎥त्रव्ण्−़ ़ 440 1−़ 87 00⎣ ⎦⎣⎦ ⇒ ।2 त्र 4। दृ 7 प् अब ।3 त्र ।ण्।2 त्र । ;4। दृ 7 प्द्ध त्र 4 ;4। दृ 7 प्द्ध दृ 7। त्र 16। दृ 28 प् दृ 7। त्र 9। दृ 28 प् पुनः ।5 त्र ।3।2 त्र ;9। दृ 28 प्द्ध ;4। दृ 7 प्द्ध त्र 36।2 दृ 63। दृ 112। ़ 196 प् त्र 36 ;4। दृ 7 प्द्ध दृ 175। ़ 196 प् त्र दृ 31। दृ 56 प् ⎡23⎤⎡10⎤त्र−31 −56 ⎢ ⎥⎢⎥−12 01⎣ ⎦⎣⎦ ⎡−118 −93 ⎤ त्र⎢⎥31 −118⎣⎦ बहु विकल्पीय प्रश्न ;व्इरमबजपअम ज्लचम फनमेजपवदेद्ध उदाहरण 9 से 12 तक प्रत्येक के लिए दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - उदाहरण 9 यदि । और ठ समान कोटि के दो आव्यूह हैं तो ;। ़ ठद्ध ;। दृ ठद्ध बराबर है। ;।द्ध ।2 दृ ठ2 ;ठद्ध ।2 दृ ठ। दृ ।ठ दृ ठ2 ;ब्द्ध ।2 दृ ठ2 ़ ठ। दृ ।ठ ;क्द्ध ।2 दृ ठ। ़ ठ2 ़ ।ठ हल सही उत्तर ;ब्द्ध है। ;। ़ ठद्ध ;। दृ ठद्ध त्र । ;। दृ ठद्ध ़ ठ ;। दृ ठद्ध त्र ।2 दृ ।ठ ़ ठ। दृ ठ2 23 2 13 उदाहरण 10 यदि । त्र 1 और ठ त्र 4 2 तब45 15 ;।द्ध केवल।ठ परिभाष्िात है। ;ठद्ध केवल ठ। परिभाष्िात है। ;ब्द्ध ।ठ तथा ठ। दोनों परिभाष्िात हैं। ;क्द्ध ।ठ तथा ठ। दोनों ही परिभाष्िात नहीं हैं। हल सही उत्तर ;ब्द्ध है। यहाँ । त्र ख्ं,ठ त्र ख्इ,है इसलिए ।ठ तथाठ। दोनों ही परिभाष्िात हैं।पर2×3 पर3×2 005 उदाहरण 11 आव्यूह । त्र 05 0 है500 ;।द्ध अदिश आव्यूह ;ठद्ध विकणर् आव्यूह ;ब्द्ध तत्समक आव्यूह ;क्द्ध वगर् आव्यूह हल सही उत्तर ;क्द्ध है। उदाहरण 12 यदि । और ठ समान कोटि के दो सममित आव्यूह हैं तब ;।ठ′ दृठ।′द्ध है एक ;।द्ध विषम सममित आव्यूह ;ठद्ध शून्य आव्यूह ;ब्द्ध सममित आव्यूह ;क्द्ध उपयुर्क्त में से कोइर् नहीं हल सही उत्तर ;।द्ध है क्योंकि ;।ठ′ दृठ।′द्ध′ त्र ;।ठ′द्ध′ दृ ;ठ।′द्ध′त्र ;ठ।′ दृ ।ठ′द्ध त्र दृ ;।ठ′ दृठ।′द्ध उदाहरण 13 से 15 तक प्रत्येक में रिक्त स्थान को भरिए - उदाहरण 13 यदि । और ठ समान कोटि की दो विषम सममित आव्यूह हों तो।ठ एक सममित आव्यूह होगा यदि ऋऋऋऋऋऋऋऋ हल ।ठ त्र ठ।ण् उदाहरण 14 यदि । और ठ समान कोटि के आव्यूह हैं तब ;3। दृ2ठद्ध′ त्र ऋऋऋऋऋऋऋऋ हल 3।′ दृ2ठ′ उदाहरण 15 आव्यूहों का योग तभी परिभाष्िात है जब प्रत्येक की कोटि ऋऋऋऋऋऋऋऋ है। हल समान उदाहरण 16 से 19 तक प्रत्येक के लिए बताइए कि कथन सत्य है या असत्य है - उदाहरण 16 यदि दो आव्यूह । और ठ समान कोटि के हैं तब 2। ़ ठ त्र ठ ़ 2।ण् हल सत्य उदाहरण 17 आव्यूहों का व्यवकलन साहचयर् होता है। हल असत्य उदाहरण 18 एक व्युत्क्रमणीय आव्यूह । के लिए ;।′द्धदृ1 त्र ;।दृ1द्ध′ हल सत्य उदाहरण 19 समान कोटि के किन्ही तीन आव्यूहों के लिए ।ठ त्र ।ब् ⇒ ठ त्र ब् हल असत्य 3ण्3 प्रश्नावली लघु उत्तरीय ;ैण्।ण्द्ध 1ण् यदि एक आव्यूह में 28 अवयव हैं तो इसकी संभव कोटियाँ क्या हैं? यदि इसमें 13 अवयव हों तो कोटियाँ क्या होंगी? ⎡⎤ ⎢ं 1 ग ⎥ ⎢ 2 ⎥2 3 ग − ल⎥2ण् यदि आव्यूह । त्र ⎢⎢ ⎥ ए तो−2⎢0 5 ⎥⎣ 5 ⎦ ;पद्ध । की कोटि लिख्िाए ;पपद्ध । के अवयवों की संख्या लिख्िाए। ;पपपद्ध । के अवयव ं23ए ं31ए ं12 लिख्िाए। 3ण् एक ं2 × 2 आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव निम्न प्रकार से प्राप्त होते हैं ;प 2द्ध र 2 ;पद्ध ंपर त्र 2 ;पपद्ध ंपर त्र द्य2प 3द्य र 4ण् एक 3 × 2 आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव ंपर त्र मपण्गेपदरग द्वारा दिए गए हैं। 5ण् यदि। त्र ठ हों तो ं और इ के मान ज्ञात कीजिए, जहाँ 6ण् यदि संभव हो तो । और ठ आव्यूहों का योग ज्ञात कीजिए जहाँ ं 43इ 2ं 2 इ22 । त्र और ठ त्र 2 हैं।86 8 इ 5इ 31 गल ्र । त्र और ठ त्र है।23 ंइ 6 311 211 7ण् यदि ग् त्र और ल् त्र हों तो ज्ञात कीजिए523 724 ;पद्ध ग़्ल् ;पपद्ध 2ग् दृ 3ल् ;पपपद्ध एक आव्यूह र् जो इस प्रकार हो कि ग् ़ ल् ़ र् एक शून्य आव्यूह हो। 8ण् आव्यूह समीकरण ⎡2ग2⎤⎡85ग⎤⎡;ग2 ़ 8द्ध 24 ⎤ ग ़ 2 त्र 2⎢⎥⎢⎥⎢ ⎥⎣ 3 ग⎦⎣44ग⎦⎣ ;10द्ध 6ग⎦ को संतुष्ट करने वाले गके शून्येतर मान निकालिए। 01 01 9ण् यदि । त्र और ठ त्र हैं तो दिखाइए कि ;। ़ ठद्ध ;। दृ ठद्ध ≠ ।2 दृ ठ2ण्11 10 132 1 251 210ण् दशार्इए कि यदि 1 ग1 त्र व् हो तो गका मान ज्ञात कीजिए।15 3 2 ग11ण् दशार्इए कि । त्र समीकरण ।2 दृ 3। दृ 7प् त्र व् को संतुष्ट करता है और इसके53 12 प्रयोग से ।दृ1 ज्ञात कीजिए। 12ण् आव्यूह समीकरण 21 3210। त्र को संतुष्ट करने वाले आव्यूह । ज्ञात कीजिए।32 5301 4 484 1 12113ण् यदि । त्र हो तो । ज्ञात कीजिए।3 363 34 212 14ण् यदि । त्र 11 और ठ त्र हो तो सत्यापित कीजिए कि ;ठ।द्ध2 ≠ ठ2।2ण्12420 15ण् यदि संभव हो तो ठ। और।ठ ज्ञात कीजिए जहाँ 41 212 । त्र और ठ त्र 23 है।124 12 16ण् एक उदाहरण की सहायता से दिखाइए कि जब आव्यूह । ≠ व्ए ठ ≠ व् हो तब भी ।ठ त्र व् आव्यूह हो। 14 ⎡240⎤ 17ण् यदि । त्र ⎢⎥और ठ त्र 28 हों तो क्या ;।ठद्ध′ त्र ठ′।′ है?39 6⎣⎦13 18ण् ग तथा ल के लिए हल कीजिए ⎡⎤23 ⎡−8⎡⎤ ⎤ ग ⎢⎥ ़ल ⎢⎥ ़⎢− ⎥त्रव्15 11 ⎣⎦ ⎣⎦ ⎣⎦ 19ण् यदि ग् औरल्ए 2 × 2 कोटि के आव्यूह हों तो निम्नलिख्िात समीकरणों को ग् औरल् के लिए हल कीजिए 23 22 2ग् ़ 3ल् त्र ए 3ग् ़ 2ल् त्र40 15 20ण् यदि । त्र35ए ठ त्र 73 हों तो एक शून्येतर आव्यूह ब् ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि ।ब् त्र ठब्ण् 21ण् आव्यूह ।ए ठ और ब् के ऐसे उदाहरण दीजिए जो इस प्रकार हों कि।ठ त्र ठब्ए जहाँ । एक शून्येतर आव्यूह है परंतु ठ ≠ ब् है। 1223 10 22ण् यदि । त्र ए ठ त्र और ब् त्र ए हों तो सत्यापित कीजिए रू2134 10 ;पद्ध ;।ठद्ध ब् त्र । ;ठब्द्ध ;पपद्ध । ;ठ ़ ब्द्ध त्र ।ठ ़ ।ब्ण् ग 00 ं 00 0 ल 00 इ 023ण् यदि च् त्र और फ त्र तो 00 ्र 00 ब गं 00 0 लइ 0सि( कीजिए कि च्फ त्र त्र फच्ण् 0 0 ्रब101 1 110 024ण् यदि 213 त्र । हो तो । ज्ञात कीजिए।011 1 534 121 25ण् यदि । त्र 21ए ठ त्र और ब् त्र हो तो सत्यापित कीजिए कि876 102 । ;ठ ़ ब्द्ध त्र ;।ठ ़ ।ब्द्ध 10 1 26ण् यदि । त्र 21 3 है तो सत्यापित कीजिए कि ।2 ़ । त्र । ;। ़ प्द्ध जहाँ प् एक01 1 3 × 3 तत्समक आव्यूह है। 40 0 12 27ण् यदि । त्र और ठ त्र 13 हों तो सत्यापित कीजिए कि43 4 26 ;पद्ध ;।′द्ध′ त्र । ;पपद्ध ;।ठद्ध′ त्र ठ′।′ ;पपपद्ध ;ा।द्ध′ त्र ;ा।′द्ध 12 12 41 6428ण् यदि । त्र तथा ठ त्र हों तो सत्यापित कीजिए कि56 73 ;पद्ध ;2। ़ ठद्ध′ त्र 2।′ ़ ठ′ ;पपद्ध ;। दृ ठद्ध′ त्र ।′ दृ ठ′ 29ण् सि( कीजिए कि किसी भी आव्यूह । के लिए ।′। तथा ।।′ दोनों ही सममित आव्यूह हैं। 30ण् माना । और ठए 3 × 3 के वगर् आव्यूह हैं। क्या ;।ठद्ध2 त्र ।2 ठ2 सत्य है? कारण बताइए। 31ण् दिखाइए कि यदि । और ठ वगर् आव्यूह हैं तथा ।ठ त्र ठ। है, तब ;। ़ ठद्ध2 त्र ।2 ़ 2।ठ ़ ठ2ण् 12 40 20 32ण् यदि । त्र ए ठ त्र ए ब् त्र तथा ं त्र 4ए इ त्र दृ2 हों तो दिखाइए कि13 15 12 ;ंद्ध । ़ ;ठ ़ ब्द्ध त्र ;। ़ ठद्ध ़ ब् ;इद्ध । ;ठब्द्ध त्र ;।ठद्ध ब् ;बद्ध ;ं ़ इद्धठ त्र ंठ ़ इठ ;कद्ध ं ;ब्दृ।द्ध त्र ंब् दृ ं। ;मद्ध ;।ज्द्धज् त्र। ;द्धि ;इ।द्धज् त्र इ ।ज् ;हद्ध ;।ठद्धज् त्र ठज् ।ज् ;ीद्ध ;। दृठद्धब् त्र ।ब् दृ ठब् ;पद्ध ;। दृ ठद्धज् त्र ।ज् दृ ठज् ⎡ बवेθ ेपदθ⎤ ⎡ बवे2θ ेपद2θ⎤ 33ण् यदि । त्र ⎢⎥ ए तो दिखाइए कि ।2 त्र ⎢⎥दृपदθ बवेθ े बवे2θे दृपद2θ⎣ ⎦ ⎣⎦ 0 ग 01 34ण् यदि । त्र ए ठ त्र और ग2 त्र दृ1 हो तो दिखाइए कि ;। ़ ठद्ध2 त्र ।2 ़ ठ2 ग 0 10 01 1 4 3435ण् । त्र के लिए सत्यापित कीजिए कि ।2 त्र प् 3 34 36ण् गण्िातीय आगम के प्रयोग से सि( कीजिए कि किसी भी वगर् आव्यूह के लिए ;।′द्धद त्र ;।दद्ध′ए जहाँ द ∈ छ 37ण् प्रारंभ्िाक पंक्ित संियाओं के प्रयोग से निम्नलिख्िात आव्यूहों का व्युत्क्रम ;यदि संभव हो तोद्ध ज्ञात कीजिए 1 3 1 3 ;पद्ध 57 ;पपद्ध 2 6 गल 48 ू 38ण् यदि त्र ए हो तो गए लए ्रऔर ूके मान ज्ञात कीजिए।्र6 गल06 15 91 39ण् यदि । त्र और ठ त्र हों तो एक ऐसा आव्यूह ब् ज्ञात कीजिए कि712 78 3। ़ 5ठ ़ 2ब् एक शून्य आव्यूह हो। 35 40ण् यदि ।त्र हो तो ।2 दृ 5। दृ 14 ज्ञात कीजिए और पिफर इसके प्रयोग से ।3 ज्ञात कीजिए।42 ंइ ं 64 ंइ 41ण् यदि 3 त्र क ़ हो तो ंए इए बऔरकके मान ज्ञात कीजिए।बक12 बक 3 42ण् आव्यूह। ज्ञात कीजिए जो इस प्रकार हो कि 21 1810 10 125। त्र 34 922 15 12 43ण् यदि । त्र हो तो ।2 ़ 2। ़ 7 प् ज्ञात कीजिए।41 ⎡ बवेα ेपदα⎤ 44ण् यदि । त्र ⎢⎥ तथा । दृ 1 त्र ।′ हो तो α का मान ज्ञात कीजिए।⎣−ेपदα बवेα⎦ 0 ं 3 2 इ 145ण् यदि एक विषम सममित आव्यूह हो तो ंए इऔर बके मान ज्ञात कीजिए। ब10 ⎡ बवे ग ेपद ग ⎤ 46ण् यदि च् ;गद्ध त्र ⎢⎥ ए हो तो दिखाइए कि⎣−ेपदग बवे ग⎦ च् ;गद्ध ण् च् ;लद्ध त्र च् ;ग ़ लद्ध त्र च् ;लद्ध ण् च् ;गद्ध 47ण् यदि । एक वगर् आव्यूह है जो ।2 त्र । को संतुष्ट करता है तो दिखाइए कि ;प् ़ ।द्ध2 त्र 7। ़ प् 48ण् यदि। तथाठ समान कोटि के वगर् आव्यूह हैं और ठ एक विषम सममित आव्यूह है तो दिखाइए कि ।′ठ। एक विषम सममित आव्यूह है। दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।ण्द्ध 49ण् यदि किन्ही दो वगर् आव्यूहों के लिए ।ठ त्र ठ। हो तो गण्िातीय आगम से सि( कीजिए कि ;।ठद्धद त्र ।द ठद ⎡02 ल्र ⎤ 50ण् यदि । त्र⎢गल −्र⎥ इस प्रकार हो कि ।′ त्र ।दृ1 तो गए ल तथा ्र के मान ज्ञात कीजिए।⎢⎥ ⎢ग − ल्र ⎥⎣⎦ 51ण् यदि संभव हो तो प्रांरभ्िाक पंक्ित संियाओं के प्रयोग से निम्नलिख्िात आव्यूहों का व्युत्क्रम ज्ञात कीजिए। 2 1 3 2 3 3 20 1 ;पद्ध 53 32 1 3 ;पपद्ध 1 1 2 1 2 1 ;पपपद्ध 51 01 0 3 231 1 1252ण् आव्यूह को एक सममित तथा एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में412 लिख्िाए। बहु विकल्पीय प्रश्न ;व्इरमबजपअम जलचम ुनमेजपवदेद्ध प्रश्न 53 से 67 तक दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए - 004 53ण् आव्यूह च् त्र 040 है400 ;।द्ध वगर् आव्यूह ;ठद्ध विकणर् आव्यूह ;ब्द्ध तत्समक आव्यूह ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 54ण् कोटि 3 × 3 के सभी संभव आव्यूहों की संख्या जिनकी प्रत्येक प्रविष्िठ 2 या 0 हो, होगी ;।द्ध 9 ;ठद्ध 27 ;ब्द्ध 81 ;क्द्ध 512 2ग ल 4ग 77 ल 13 55ण् यदि त्र ए हो तो ग तथा ल के मान होंगे5ग 74गलग 6 ;।द्ध ग त्र 3ए ल त्र 1 ;ठद्ध ग त्र 2ए ल त्र 3 ;ब्द्ध ग त्र 2ए ल त्र 4 ;क्द्ध ग त्र 3ए ल त्र 3 11 11ेपद ;ग द्ध जंद ग बवे ;ग द्ध जंद ग 1 1 56ण् यदि । त्र एठ त्र ए 11 11ेपद ग बवज ; गद्ध ेपद ग जंद ; गद्ध हो तो । दृ ठ बराबर है 1;।द्ध प् ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध 2 प् ;क्द्ध प्2 57ण् यदि । और ठ क्रमशः 3 × उ और 3 × दए कोटि के दो आव्यूह हों तथा उ त्र दए हो तो आव्यूह ;5। दृ 2ठद्ध की कोटि होगी ;।द्ध उ × 3 ;ठद्ध 3 × 3 ;ब्द्ध उ × द ;क्द्ध 3 × द 01 58ण् यदि । त्र ए तो ।2 बराबर है10 01 1001 10 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध10 1001 01 59ण् यदि आव्यूह । त्र ख्ंपर,2 × 2 इस प्रकार है कि ⎡1 यदि प ≠ र ⎤ त्र ⎢⎥ तब ।2 बराबर हैंपर ⎣0 यदि प ≠ र ⎦ ;।द्ध प् ;ठद्ध । ;ब्द्ध 0 ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 100 60ण् आव्यूह 020 एक004 ;।द्ध तत्समक आव्यूह है। ;ठद्ध सममित आव्यूह है। ;ब्द्ध विषम सममित आव्यूह है। ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं। 0 58 5 012 61ण् आव्यूह 8 12 0 ;।द्ध विकणर् आव्यूह है। ;ठद्ध सममित आव्यूह है। ;ब्द्ध विषम सममित आव्यूह है। ;क्द्ध अदिश आव्यूह है। 62ण् यदि। एक उ × द कोटि का आव्यूह है और ठ इस प्रकार का आव्यूह है कि ।ठ′ और ठ′। दोनों ही परिभाष्िात हों तो आव्यूह ठ की कोटि होगी ;।द्ध उ × उ ;ठद्ध द × द ;ब्द्ध द × उ ;क्द्ध उ × द 63ण् यदि। और ठ समान कोटि के आव्यूह हों तो ;।ठ′दृठ।′द्ध ;।द्ध विषम सममित आव्यूह है। ;ठद्ध रिक्त ;शून्यद्धआव्यूह है। ;ब्द्ध सममित आव्यूह है। ;क्द्ध तत्समक आव्यूह है। 64ण् यदि । इस प्रकार की आव्यूह है कि ।2 त्र प्ए तब ;।दृप्द्ध3 ़ ;। ़ प्द्ध3 दृ7। बराबर होगा ;।द्ध । ;ठद्ध प् दृ । ;ब्द्ध प् ़ । ;क्द्ध 3। 65ण् किन्हीं दो । और ठ आव्यूहोंके लिए कौन सा सदैव सत्य है ;।द्ध ।ठ त्र ठ। ;ठद्ध ।ठ ≠ ठ। ;ब्द्ध ।ठ त्र व् ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 66ण् प्रारंभ्िाक स्तंभ संिया ब्2 → ब्2 दृ 2ब्1 का प्रयोग आव्यूह समीकरण 1 3 1131 त्र ए में करने पर हमें प्राप्त होता है240124 ⎡1 −5⎤ 11 ⎡3 −5⎤⎡1 −5⎤ 11 ⎡3 −5⎤ ;।द्ध ⎢⎥ त्र ⎢⎥ ;ठद्ध ⎢⎥ त्र ⎢⎥04 22 20 04 0102⎣⎦⎣⎦⎣⎦⎣⎦ 15 1331 15 11 ⎡3 −5⎤ ;ब्द्ध त्र ;क्द्ध त्र ⎢⎥2001 24 200120⎣⎦ 67ण् प्रारंभ्िाक पंक्ित संिया त्→ त् दृ 3त्का प्रयोग आव्यूह समीकरण112 42 1220 त्र ए में करने पर हमें प्राप्त होता है330311 57 1720 57 12 13 ;।द्ध त्र ;ठद्ध त्र 3303 11 330311 57 1220 42 ⎡ 12 ⎤ 20 ;ब्द्ध त्र ;क्द्ध त्र ⎢⎥331711 57−3 −3 11⎣⎦ प्रश्न 68 से 81 तक प्रत्येक में रिक्त स्थानों को भरिए - 68ण् ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ आव्यूह दोनों ही सममित तथा विषम सममित आव्यूह हंै। 69ण् दो विषम सममित आव्यूहों का योग सदैव ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ आव्यूह होता है। 70ण् किसी आव्यूह का )ण आव्यूह इसको ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ से गुणा करके प्राप्त किया जाता है। 71ण् किसी आव्यूह को एक अदिश ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ से गुणा करने पर शून्य आव्यूह प्राप्त होता है। 72ण् एक आव्यूह जो आवश्यक नहीं कि वगर् आव्यूह हो एक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ आव्यूह कहलाता है। 73ण् आव्यूहों का गुणनपफल, योग का ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ करता है। 74ण् यदि । एक सममित आव्यूह है तो ।3 एक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ आव्यूह होगा। 75ण् यदि। एक विषम सममित आव्यूह है तो ।2 एक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 76ण् यदि। और ठ समान कोटि के वगर् आव्यूह हैं तो;पद्ध ;।ठद्ध′ त्र ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ ;पपद्ध ;ा।द्ध′ त्र ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ ;ा कोइर् अदिश है।द्ध ;पपपद्ध ख ;। दृ ठद्ध,′ त्र ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ 77ण् यदि। विषम सममित आव्यूह है तो ा। ;ा कोइर् अदिश हैद्ध एक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 78ण् यदि। और ठ सममित आव्यूह हैं तो;पद्ध ।ठ दृ ठ। ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। ;पपद्ध ठ। दृ 2।ठ ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 79ण् यदि । सममित आव्यूह है तो ठ′।ठ ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 80ण् यदि। औरठ समान कोटि के सममित आव्यूह हैं तो ।ठ सममित आव्यूह होगा यदि और केवल यदि ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ 81ण् एक या अध्िक प्रारंभ्िाक पंक्ित संियाओं के प्रयोग से ।दृ1 ज्ञात करते समय यदि एक या एक से अध्िक पंक्ितयों के सभी अवयव शून्य हो जाएँ तो ।दृ1 ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ होता है। प्रश्न 82 से 101 तक बताइए कि कथन सत्य हैं या असत्य - 82ण् एक आव्यूह एक संख्या को निरूपित करता है। 83ण् किसी भी कोटि के आव्यूहों को जोड़ा जा सकता है। 84ण् दो आव्यूह समान होते हैं यदि उनकी पंक्ितयों तथा स्तंभों की संख्या समान हो। 85ण् असमान कोटि वाले आव्यूहों को घटाया नहीं जा सकता है। 86ण् आव्यूहों का योग, साहचयर् तथा क्रम विनिमेय दोनों ही नियमों का पालन करता है। 87ण् आव्यूहों का गुणन क्रम विनिमेय होता है। 88ण् एक वगर् आव्यूह जिसका प्रत्येक अवयव 1 हो तो उसे तत्समक आव्यूह कहते हैं। 89ण् यदि। और ठ दो समान कोटि के आव्यूह हैं तब । ़ ठ त्र ठ ़ । होता है। 90ण् यदि । और ठ दो समान कोटि के आव्यूह हैं तो । दृ ठ त्र ठ दृ । होता है। 91ण् यदि आव्यूह ।ठ त्र व्ए तब । त्र व् या ठ त्र व् या दोनों । और ठ शून्य आव्यूह हैं। 92ण् एक स्त्ंाभ आव्यूह का परिवतर् स्तंभ आव्यूह होता है। 93ण् यदि । और ठ समान कोटि के दो वगर् आव्यूह हैं तब ।ठ त्र ठ। है। 94ण् यदि समान कोटि के तीनों आव्यूह सममित हैं तब उनका योग भी सममित आव्यूह है। 95ण् यदि। और ठ समान कोटि के कोइर् दो आव्यूह हैं तब ;।ठद्ध′ त्र ।′ठ′ 96ण् यदि ;।ठद्ध′ त्र ठ′ ।′ए जहाँ । और ठ वगर् आव्यूह नहीं है तब । के पंक्ितयों की संख्या ठ के स्तंभों की संख्या के बराबर होगी तथा । के स्तभों की संख्या ठ के पंक्ितयों की संख्या के बराबर होगी।97ण् यदि ।ए ठ और ब् समान कोटि के वगर् आव्यूह हैं तब ।ठ त्र ।ब् से सदैव ठ त्र ब् प्राप्त होता है।98ण् किसी भी आव्यूह । के लिए ।।′ सदैव सममित आव्यूह होता है।23 23 1 99ण् यदि । त्र और ठ त्र 45ए तब ।ठ औरठ। दोनों परिभाष्िात हैं तथा समान हैं।14 2 21 100ण् यदि। विषम सममित आव्यूह है तो ।2 सममित आव्यूह होगा। 101ण् ;।ठद्धदृ1 त्र ।दृ1ण् ठदृ1 जहाँ। औरठ व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।

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