वृत्तों से संबंध्ित क्षेत्रापफल 12 12ण्1 भूमिका आप, अपनी पिछली कक्षाओं से, सरल समतल आवृफतियों, जैसे आयत, वगर्, समांतरचतुभुर्ज, त्रिाभुज और वृत्त के परिमापों और क्षेत्रापफलों को ज्ञात करने की वुफछ विध्ियों सेपहले से परिचित हैं। दैनिक जीवन में हमें जो वस्तुएँ देखने को मिलती हैं, उनमें से अनेकएक न एक रूप में वृत्तीय आकार से संबंध्ित होती हैं। साइकिल के पहिए, ठेला, डाटर्बोडर् ;कंतजइवंतकद्ध ;ऐसा बोडर् जिस पर तीर पेंफक कर खेल सकते हैंद्ध, गोल केक ;बंामद्धए पापड़, नाली के ढक्कन, विभ्िान्न बनावट की चूडि़याँ, ब्रूच ;इतववबीमेद्धए वृत्ताकार पथ, वाशर, पूफलों की क्यारियाँ इत्यादि ऐसी वस्तुओं के वुफछ उदाहरण हैं ;देख्िाए आवृफति 12.1द्ध। अतः,वृत्तीय आवृफतियों के परिमापों और क्षेत्रापफलों को ज्ञात करने की समस्याएँ व्यावहारिक रूप सेबहुत महत्वपूणर् हैं। इस अध्याय में, हम अपनी चचार् एक वृत्त के परिमाप ;परिध्िद्ध औरक्षेत्रापफल की संकल्पनाओं की समीक्षा से प्रारंभ करेंगे तथा इस ज्ञान का वृत्तीय क्षेत्रा ;संक्ष्िाप्तरूप से वृत्तद्ध के दो विशेष ‘भागों’ के क्षेत्रापफल ज्ञात करने में करेंगे, जिन्हें त्रिाज्यखंड ;ेमबजवतद्ध और वृत्तखंड ;ेमहउमदज व िं बपतबसमद्ध कहते हैं। हम यह भी देखेंगे कि वृत्तों या उनके भागों से संब( समतल आवृफतियों के वुफछ संयोजनों के क्षेत्रापफल किस प्रकार ज्ञात किए जाएँ। डिजाइन ठेलावाशर केकपहिया आवृफति 12ण्1 12ण्2 वृत्त का परिमाप और क्षेत्रापफल - एक समीक्षा आपको याद होगा कि एक वृत्त के अनुदिश एक बार चलने में तय की गइर् दूरी उसकापरिमाप होता है, जिसे प्रायः परिध्ि ;बपतबनउमितमदबमद्ध कहा जाता है। आप पिछली कक्षाओंसे यह भी जानते हैं कि वृत्त की परिध्ि का उसके व्यास के साथ एक अचर अनुपात होताहै। इस अचर अनुपात को एक यूनानी अक्षर π ;जिसे ‘पाइर्’ पढ़ा जाता हैद्ध से व्यक्त कियाजाता है। दूसरे शब्दों में, परिध्िव्यास त्र π या परिध्ि त्र π × व्यास त्र π × 2त ;जहाँ त वृत्त की त्रिाज्या हैद्ध त्र2πत एक महान भारतीय गण्िातज्ञ आयर्भट्टð ;476 दृ 550 इर्.पू.द्ध ने π का एक सन्िनकट मान 62832दिया। उन्होंने कहा कि π त्र होता है, जो लगभग 3ण्1416 के बराबर है। इस बात को20000 ध्यान देना भी रुचिपूणर् है कि एक महान प्रतिभाशाली भारतीय गण्िातज्ञ श्रीनिवास रामानुजन ;1887दृ1920द्ध की एक सवर्समिका का प्रयोग करके, गण्िातज्ञ π का मान दशमलव के लाखोंस्थानों तक परिकलित करने में समथर् हो सके हैं। जैसा कि आप कक्षा प्ग् के अध्याय 1 से जानते हैं कि π एक अपरिमेय ;पततंजपवदंसद्ध संख्या है और इसका दशमलव प्रसार अनवसानी और अनावतीर् ;दवद.जमतउपदंजपदह ंदक दवद.तमचमंजपदहद्ध होता है। परंतु व्यावहारिक कायो± के लिए22हम प्रायः यह मान लगभग या 3ण्14 लेते हैं।7 आपको याद होगा कि वृत्त का क्षेत्रापफल πत2 होता है। याद कीजिए कि आपने कक्षा टप्प् में इसकी जाँच, एक वृत्त को अनेक त्रिाज्यखंडों मंे काट कर और पिफर उन्हें आवृफति 12.2 में दशार्ए अनुसार पुनव्यर्वस्िथत करके की थी। आवृफति 12ण्2 आप आवृफति 12.2 ;पपद्ध में आकार देख सकते हैं, एक आयत की लगभग लंबाइर्1 12 त त्र × 2πत × त×πहै और चैड़ाइर् त है। इससे सुझाव मिलता है कि वृत्त का क्षेत्रापफल2 2त्र πत2 है। आइए पिछली कक्षाओं में पढ़ी गइर् अवधरणाओं को एक उदाहरण की सहायता से याद करें। उदाहरण 1 रू एक वृत्ताकार खेत पर ृ 24 प्रति मीटर की दर से बाड़ लगाने का व्यय ृ 5280 है। इस खेत की ृ 0.50 प्रति वगर् मीटर की दर से जुताइर् कराइर् जानी है। खेत 22की जुताइर् कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। ;πत्र लीजिएद्ध।7 परूा व्यय 5280 हल रू बाड़ की लंबाइर् ;मीटर मेंद्ध त्र त्र त्र220 दर24 अतः, खेत की परिध्ि त्र 220 उ इसलिए यदि खेत की त्रिाज्या त मीटर है, तो2πत त्र 220 या 2 × 22 × त त्र 2207220 × 7 या त त्र त्र 352× 22अथार्त् खेत की त्रिाज्या 35 मीटर है। अतः खेत का क्षेत्रापफल त्र πत2 त्र 22 × 35 × 35 उ2 त्र 22 × 5 × 35 उ2 7 अब 1 उ2 खेत की जुताइर् का व्यय त्र ृ 0ण्50 अतः खेत की जुताइर् कराने का वुफल व्यय त्र 22 × 5 × 35 × 0ण्50 त्र ृ 1925 प्रश्नावली 12ण्1 22 ;जब तक अन्यथा न कहा जाए, πत्र का प्रयोग कीजिएद्ध7 1ण् दो वृत्तों की त्रिाज्याएँ क्रमशः 19 बउ और 9 बउ हैं। उस वृत्त कीत्रिाज्या ज्ञात कीजिए जिसकी परिध्ि इन दोनों वृत्तों की परििायों केयोग के बराबर है। 2ण् दो वृत्तों की त्रिाज्याएँ क्रमशः 8 बउ और 6 बउ हैं। उस वृत्त कीत्रिाज्या ज्ञात कीजिए जिसका क्षेत्रापफल इन दोनों वृत्तों के क्षेत्रापफलोंआवृफति 12ण्3के योग के बराबर है। 3ण् आवृफति 12.3 एक तीरंदाजी लक्ष्य को दशार्ती है, जिसमें वेंफद्र से बाहर की ओर पाँच क्षेत्रा ळव्स्क्ए त्म्क्ए ठस्न्म्ए ठस्।ब्ज्ञ और ॅभ्प्ज्म् चिित हैं, जिनसे अंक अ£जत किए जा सकते हैं। ळव्स्क् अंक वाले क्षेत्रा का व्यास 21 बउ है तथा प्रत्येक अन्य पट्टðी 10.5 बउ चैड़ी है। अंक प्राप्त कराने वालेइन पाँचों क्षेत्रों में से प्रत्येक का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 4ण् किसी कार के प्रत्येक पहिए का व्यास 80 बउ है। यदि यह कार 66 ाउ प्रति घंटे की चाल सेचल रही है, तो 10 मिनट में प्रत्येक पहिया कितने चक्कर लगाती है? 5ण् निम्नलिख्िात में सही उत्तर चुनिए तथा अपने उत्तर का औचित्य दीजिएःयदि एक वृत्त का परिमाप और क्षेत्रापफल संख्यात्मक रूप से बराबर है, तो उस वृत्त की त्रिाज्या हैः ;।द्ध 2 मात्राक ;ठद्ध π मात्राक ;ब्द्ध 4 मात्राक ;क्द्ध 7 मात्राक 12ण्3 त्रिाज्यखंड और वृत्तखंड के क्षेत्रापफल आप पिछली कक्षाओं में शब्दों त्रिाज्यखंड ;ेमबजवतद्ध औरवृत्तखंड ;ेमहउमदज व िं बपतबसमद्ध से पूवर् परिचित हैं। आपकोयाद होगा कि एक वृत्तीय क्षेत्रा का वह भाग जो दो त्रिाज्याओंऔर संगत चाप से घ्िारा ;परिब(द्ध हो, उस वृत्त का एकत्रिाज्यखंड कहलाता है तथा वृत्तीय क्षेत्रा का वह भाग जो एक जीवा और संगत चाप के बीच में परिब( हो एक वृत्तखंड कहलाता है। इस प्रकार, आवृफति 12.4 में, छायांकित भाग व्।च्ठ वेंफद्र व् वाले वृत्त का एक त्रिाज्यखंड है। ∠ ।व्ठ इस आवृफति 12ण्4त्रिाज्यखंड का कोण कहलाता है। ध्यान दीजिए कि इसी आवृफति में अछायांकित भाग व्।फठ भी वृत्त का त्रिाज्यखंड है। स्पष्ट कारणों से व्।च्ठ एक लघु त्रिाज्यखंड ;उपदवत ेमबजवतद्ध कहलाता है तथा व्।फठ एक दीघर् त्रिाज्यखंड ;उंरवत ेमबजवतद्ध कहलाता है। आप यह भी देख सकते हैं कि इस दीघर् त्रिाज्यखंड का कोण 360° दृ ∠ ।व्ठ है। अब आवृफति 12.5 को देख्िाए, जिसमंे ।ठ वेंफद्र व् वाले वृत्त की एक जीवा है। अतः छायांकित भाग।च्ठ एक वृत्तखंड है। आप यह भी देख सकते हैं कि अछायांकित भाग।फठ भी जीवा ।ठ द्वारा नि£मत एक अन्य वृत्तखंड है। आवृफति 12ण्5 स्पष्ट कारणों से,।च्ठ लघु वृत्तखंड कहलाता है तथा।फठ दीघर् वृत्तखंड कहलाता है। टिप्पणी रू जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘वृत्तखंड’ और‘त्रिाज्यखंड’ लिखने से हमारा तात्पयर् क्रमशः लघु वृत्तखंडऔर लघु त्रिाज्यखंड से होगा। आइए उपरोक्त ज्ञान के आधर पर, इनके क्षेत्रापफलोंके परिकलित करने के वुफछ संबंध् ;या सूत्राद्ध ज्ञात करनेका प्रयत्न करें। आवृफति 12ण्6 मान लीजिए व्।च्ठ वेंफद्र व् और त्रिाज्या त वाले वृत्त का एक त्रिाज्यखंड है ;देख्िाए आवृफति 12.6द्ध। मान लीजिए ∠।व्ठ का अंशीय ;कमहतममद्ध माप θहै। आप जानते हैं कि एक वृत्त ¹वस्तुतः एक वृत्तीय क्षेत्रा या चकती ;कपेबद्धह् का क्षेत्रापफल πत2 होता है। एक तरीके से, हम इस वृत्तीय क्षेत्रा को वेंफद्र व् पर360° का कोण बनाने वाला ;अंशीय माप 360द्ध एक त्रिाज्यखंड मान सकते हैं। पिफर ऐकिक विध्ि ;न्दपजंतल डमजीवकद्ध का प्रयोग करके, हम त्रिाज्यखंड व्।च्ठ का क्षेत्रापफल नीचे दशार्ए अनुसार ज्ञात कर सकते हैंः जब वेंफद्र पर बने कोण का अंशीय माप 360 है, तो त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल त्र πत2 πत 2 अतः, जब वेंफद्र पर बने कोण का अंशीय माप 1 है, तो त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल त्र 360 इसलिए जब वेंफद्र पर बने कोण का अंशीय माप θहै, तो त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल πत 2 θ 2 त्र ×θत्र ×πत 360 360 इस प्रकार, हम वृत्त के एक त्रिाज्यखंड के क्षेत्रापफल के लिए, निम्नलिख्िात संबंध् ;या सूत्राद्ध प्राप्त करते हैंः θ 2कोण θ वाले त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल त्र ×πत ए360 जहाँ त वृत्त की त्रिाज्या है और θत्रिाज्यखंड का अंशों में कोण है। अब एक स्वाभाविक प्रश्न उठता हैः क्या हम इस त्रिाज्यखंड की संगत चाप।च्ठ की लंबाइर् ज्ञात कर सकते हैं। हाँ, हम ऐसा कर सकते हैं। पुनः, ऐकिक विध्ि काप्रयोग करने तथा संपूणर् वृत्त ;360° कोण वालेद्ध की लंबाइर् 2πत लेने पर, हम चाप ।च्ठ की वांछित लंबाइर् 2 360 θ ×πत आवृफति 12ण्7 प्राप्त करते हैं। अतः कोण θ वाले त्रिाज्यखंड के संगत चाप की लंबाइर् त्र 2 360 θ ×πत आइए अब वेंफद्र व् और त्रिाज्या त वाले वृत्तखंड ।च्ठ के क्षेत्रापफल पर विचार करें ;देख्िाए आवृफति 12.7द्ध। आप देख सकते हैं कि वृत्तखंड।च्ठ का क्षेत्रापफल त्र त्रिाज्यखंड व्।च्ठ का क्षेत्रापफल दृ Δव्।ठ का क्षेत्रापफलत्र θ ×πत2 दृव्।ठ Δ का क्षेत्रापफल 360 टिप्पणी रू क्रमशः आवृफति 12.6 और आवृफति 12.7 से, आप देख सकते हैं कि दीघर् त्रिाज्यखंड व्।फठ का क्षेत्रापफल त्र πत2 दृ लघु त्रिाज्यखंड व्।च्ठ का क्षेत्रापफल तथा दीघर् वृत्तखंड ।फठ का क्षेत्रापफल त्र πत2 दृ लघु वृत्तखंड।च्ठ का क्षेत्रापफल अब आइए इन अवधरणाओं ;या परिणामोंद्ध को समझने के लिए वुफछ उदाहरण लें। उदाहरण 2 रू त्रिाज्या 4 बउ वाले एक वृत्त के त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जिसका कोण 30ह् है। साथ ही, संगत दीघर् त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल भी ज्ञात कीजिए। ;πत्र 3ण्14 का प्रयोग कीजिएद्ध। हल रू दिया हुआ त्रिाज्यखंड व्।च्ठ है ;देख्िाए आवृफति 12.8द्ध। θत्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल त्र ×πत2 360 30 2 आवृफति 12ण्8 त्र ×3ण्14 ×4 ×4 बउ 360 12ण्56 2 2 त्र बउ त्र4ण्19बउ ;लगभगद्ध3 संगत दीघर् त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल त्र πत2 दृ त्रिाज्यखंड व्।च्ठ का क्षेत्रापफल त्र ;3ण्14 × 16 दृ 4ण्19द्ध बउ2 त्र 46ण्05 बउ2 त्र 46ण्1 बउ2 ;लगभगद्ध वैकल्िपक रूप से, ;360 दृ θद्ध2दीघर् त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल त्र ×πत 360 ⎛ 360 −30 ⎞ 2×3ण्14 ×16 बउ त्र ⎜⎟⎝ 360 ⎠ 330 त्र ×3ण्14 ×16बउ 2 त्र46ण्05 बउ 2 360 त्र 46ण्1 बउ2 ;लगभगद्ध उदाहरण 3 रू आवृफति 12.9 में दशार्ए गए वृत्तखंड काक्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, यदि वृत्त की त्रिाज्या 21 बउ है 22और ∠ ।व्ठ त्र 120° है। ख्π त्र लीजिए ,7 हल रू वृत्तखंड ।ल्ठ का क्षेत्रापफल आवृफति 12ण्9 त्र त्रिाज्यखंड व्।ल्ठ का क्षेत्रापफल दृ Δ व्।ठ का क्षेत्रापफल ;1द्ध 120 22 अब, त्रिाज्यखंड व्।ल्ठ का क्षेत्रापफल त्र ×× 21 × 21 बउ2 त्र 462 बउ2 ;2द्ध360 7 Δ व्।ठ का क्षेत्रापफल ज्ञात करने के लिए व्ड ⊥ ।ठ खींचिए, जैसाकि आवृफति 12.10 में दिखाया गया है। ध्यान दीजिए कि व्। त्र व्ठ है। अतः, त्भ्ै सवा±गसमता से, Δ ।डव् ≅ Δ ठडव् है। 1इसलिए ड जीवा ।ठ का मध्य - ¯बदु है तथा ∠ ।व्ड त्र ∠ ठव्ड त्र × 120 °त्र 60 ° है।2 मान लीजिए व्ड त्र ग बउ है। व्डइसलिए Δ व्ड। से, त्र बवे 60° व्।ग1 ⎛ 1 ⎞या त्र ⎜ बवे 60° त्र ⎟ आवृफति 12ण्1021 2 ⎝ 2 ⎠ या ग त्र 21 2 21अतः व्ड त्र बउ2।ड 3साथ ही व्। त्रेपद 60° त्र 2 21 3अतः ।ड त्र बउ 2221 3× बउत्र21 3बउ इसलिए ।ठ त्र 2।ड त्र 2 11अतः Δ व्।ठ का क्षेत्रापफल त्र ।ठ×व्ड त्र × 21 3 × 21 बउ 2 22 2 441 त्र 3बउ 2 ;3द्ध4 ⎛ 441इसलिए वृत्तखंड ।ल्ठ का क्षेत्रापफल त्र ⎜ 462 − 3 ⎟⎞ बउ 2 ख्;1द्धए ;2द्ध और ;3द्ध से,⎝ 4 ⎠ 21 त्र ;88 दृ 21 3द्धबउ 2 4 अभ्यास 12ण्2 22;जब तक अन्यथा न कहा जाए,π त्र का प्रयोग कीजिए।द्ध7 1ण् 6 बउ त्रिाज्या वाले एक वृत्त के एक त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जिसका कोण60° है। 2ण् एक वृत्त के चतुथा±श ;ुनंकतंदजद्ध का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जिसकी परिध्ि 22 बउ है। 3ण् एक घड़ी की मिनट की सुइर् जिसकी लंबाइर् 14 बउ है। इस सुइर् द्वारा 5 मिनट में रचित क्षेत्रापफलज्ञात कीजिए। 4ण् 10 समी त्रिाज्या वाले एक वृत्त की कोइर् जीवोवेंफद्र पर एक समकोण अंतरित करती है। निम्नलिख्िात के क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिएः ;पद्ध संगत लघु वृत्तखंड ;पपद्ध संगत दीघर् त्रिाज्यखंड ;π त्र 3ण्14 का प्रयोग कीजिएद्ध। 5ण् त्रिाज्या 21 बउ वाले वृत्त का एक चाप वेंफद्र पर60° का कोण अंतरित करता है। ज्ञात कीजिएः ;पद्ध चाप की लंबाइर् ;पपद्ध चाप द्वारा बनाए गए त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल ;पपपद्ध संगत जीवा द्वारा बनाए गए वृत्तखंड का क्षेत्रापफल 6ण् 15 बउ त्रिाज्या वाले एक वृत्त की कोइर् जीवा वेंफद्र पर60° का कोण अंतरित करती है। संगत लघु और दीघर् वृत्तखंडों के क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। ;π त्र 3ण्14 और 3 त्र 1ण्73 का प्रयोग कीजिए।द्ध 7ण् त्रिाज्या 12 बउ वाले एक वृत्त की कोइर् जीवा वेंफद्र पर 120° का कोण अंतरित करती है। संगत वृत्तखंड का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। ;π त्र 3ण्14 और 3 त्र 1ण्73 का प्रयोग कीजिए।द्ध 8ण् 15 उ भुजा वाले एक वगार्कार घास के मैदान के एक कोने पर लगे खूँटे से एक घोड़े को 5 उ लंबी रस्सी से बाँध् दिया गया है ;देख्िाए आवृफति 12.11द्ध। ज्ञातकीजिएः आवृफति 12ण्11 9ण् 10ण् 11ण् 12ण् 13ण् 14ण् ;पद्ध मैदान के उस भाग का क्षेत्रापफल जहाँ घोड़ा घास चर सकता है। ;पपद्ध चरे जा सकने वाले क्षेत्रापफल में वृि, यदि घोड़े को 5 उ लंबी रस्सी के स्थान पर 10 उ लंबी रस्सी से बाँध् दिया जाए। ;πत्र 3ण्14 का प्रयोग कीजिए।द्ध एक वृत्ताकार ब्रूच ;इतववबीद्ध को चाँदी के तार से बनाया जाना है जिसका व्यास 35 उउ है। तार को वृत के 5 व्यासों को बनाने में भी प्रयुक्त किया गया है जो उसे 10 बराबर त्रिाज्यखंडों में विभाजित करता है जैसा किआकृति 12.12 में दशार्या गया है। तो ज्ञात कीजिएः ;पद्ध वुफल वांछित चाँदी के तार की लंबाइर् ;पपद्ध ब्रूच के प्रत्येक त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल आवृफति 12ण्12 एक छतरी में आठ ताने हैं, जो बराबर दूरी पर लगे हुए हैं ;देख्िाए आवृफति 12.13द्ध। छतरी को 45 बउ त्रिाज्या वाला एक सपाट वृत्त मानते हुए, इसकी दो क्रमागत तानों के बीच का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। किसी कार के दो वाइपर ;ॅपचमतेद्ध हैं, परस्पर कभीआच्छादित नहीं होते हैं। प्रत्येक वाइपर की पत्ती की लंबाइर् 25 बउ है और115° के कोण तक घूम कर सपफाइर्कर सकता है। पिायों की प्रत्येक बुहार के साथ जितना आवृफति 12ण्13 क्षेत्रापफल सापफ हो जाता है, वह ज्ञात कीजिए। जहाज़ों को समुद्र में जलस्तर के नीचे स्िथत चट्टðानों की चेतावनी देने के लिए, एक लाइट हाउस ;सपहीज ीवनेमद्ध 80° कोण वाले एक त्रिाज्यखंड में16ण्5 ाउ की दूरी तक लाल रंग का प्रकाश पैफलाता है। समुद्र के उस भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए जिसमें जहाज़ों को चेतावनी दी जा सके। ;πत्र 3ण्14 का प्रयोग कीजिए।द्ध एक गोल मेज़पोश पर छः समान डिज़ाइन बने हुए हैं जैसाकि आवृफति 12.14 में दशार्या गया है। यदि मेज़पोश की त्रिाज्या 28 बउ है, तो ृ 0.35 प्रति वगर् सेंटीमीटर की दर से इन डिज़ाइनों को बनाने की लागत ज्ञात कीजिए। ; 3 त्र 1ण्7 का प्रयोग कीजिएद्ध निम्नलिख्िात में सही उत्तर चुनिएः आवृफति 12ण्14 त्रिाज्या त् वाले वृत्त के उस त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल जिसका कोण च° है, निम्नलिख्िात हैः च चच च×π ×πत्2 2त् ;क्द्ध ×π;।द्ध 2त् ;ठद्ध ;ब्द्ध ×π 2त्2 180 180 360 720 12ण्4 समतल आवृफतियों के संयोजनों के क्षेत्रापफल अभी तक हमने विभ्िान्न आवृफतियों के क्षेत्रापफल पृथक - पृथक रूप से ज्ञात किए हैं। आइए अब समतल आवृफतियों के वुफछ संयोजनों ;बवउइपदंजपवदेद्ध के क्षेत्रापफल ज्ञात करने का प्रयत्न करें। हमें इस प्रकार की आवृफतियाँ दैनिक जीवन में तथा विभ्िान्न रोचक डिज़ाइनों के रूप में देखने को मिलती हंै। पूफलों की क्यारियाँ, नालियों के ढक्कन, ख्िाड़कियों के डिज़ाइन, मेज़ पोशों पर बने डिज़ाइन आदि ऐसी आवृफतियों के वुफछ उदाहरण हैं। इन आवृफतियों के क्षेत्रापफल ज्ञात करने की प्रिया को हम वुफछ उदाहरणों द्वारा स्पष्ट करेंगे। उदाहरण 4 रू आवृफति 12.15 में, 56 उ भुजा वाले एक वगार्कार लाॅन ;संूदद्ध ।ठब्क् के दो ओर बनी हुइर् दो वृत्ताकारपूफलों की क्यारियाँ दशार्इर् गइर् हैं। यदि प्रत्येक वृत्ताकार क्यारी का वेंफद्र लाॅन के विकणो± का प्रतिच्छेद ¯बदु व् है, तो वगार्कार लाॅन तथा पूफलों की क्यारियों के क्षेत्रापफलों का योग ज्ञात कीजिए। 22;πत्र 7 का प्रयोग कीजिएद्ध। आवृफति 12ण्15 हल रू वगार्कार लाॅन।ठब्क् का क्षेत्रापफल त्र 56 × 56 उ2 ;1द्ध मान लीजिए व्। त्र व्ठ त्र ग मीटर है। अतः ग2 ़ ग2 त्र562 या 2ग2त्र 56 × 56 या ग2 त्र 28 × 56 ;2द्ध 90 212अब त्रिाज्यखंड व्।ठ का क्षेत्रापफल त्र ×πग त्र ×πग 360 4 122 2 त्र ××28 ×56 उ ख्;2द्ध से, ;3द्ध47 साथ ही Δव्।ठ का क्षेत्रापफल त्र1 ×56 ×56उ 2 ;∠।व्ठ त्र 90°द्ध ;4द्ध 4 ⎛ 122 1 ⎞ 2इसलिए क्यारी।ठ का क्षेत्रापफल त्र ⎜ ××28 ×56 −×56 ×56⎟ उ ⎝ 47 4 ⎠ ख्;3द्ध और ;4द्ध से, 1 ⎛ 22 ⎞ 228 56 −2उ×× त्र ⎜⎟4 ⎝ 7 ⎠ 1 82××× उत्र 28 56 ;5द्ध47 1 82इसी प्रकार, दूसरी क्यारी का क्षेत्रापफल त्र ××× 2856 उ ;6द्ध47 ⎛ 18× ़××× अतः संपूणर् क्षेत्रापफल त्र ⎜5656 2856 ⎝ 47 1828 56 ़×× ×⎟उ ⎞ 2 ख्;1द्धए ;5द्ध और ;6द्ध से,47 ⎠ ⎛ 22 ⎞ 228 ×56 2 ़़ उत्र ⎜⎟⎝ 77 ⎠ 18 त्र 28 ×× उ2 256 त्र4032उ 7 वैकल्िपक हल: संपूणर् क्षेत्रापफल त्र त्रिाज्यखंड व्।ठ का क्षेत्रापफल ़ त्रिाज्यखंड व्क्ब् का क्षेत्रापफल ़ Δव्।क् का क्षेत्रापफल ़ Δव्ठब् का क्षेत्रापफल ⎛ 9022 902228 56 × ×× 56× ××़ 28त्र ⎜⎝ 3607 3607 11 ⎞ 2़×× ़×× 5656 5656⎟उ 44 ⎠ 1 ⎛ 22 22 ⎞ 228 56 ़ ़़ 22×× उत्र ⎜⎟4 ⎝ 77 ⎠ 756 2× त्र ;22 ़़़ 221414द्धउ 7 त्र 56 × 72 उ2 त्र 4032 उ2 उदाहरण 5 रू आवृफति 12.16 में छायांकित क्षेत्रा का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जहाँ।ठब्क् भुजा 14 बउ का एक वगर् है। हल रू वगर् ।ठब्क् का क्षेत्रापफल त्र 14 × 14 बउ2 त्र 196 बउ2 14प्रत्येक वृत्त का व्यास त्र बउ त्र 7बउ 2 7 आवृफति 12ण्16 इसलिए प्रत्येक वृत्त की त्रिाज्या त्र बउ 2 2277 2अतः एक वृत्त का क्षेत्रापफल त्र πत2 त्र ××बउ 7 22 154 77 2 त्र बउ त्र बउ 42 772 2इसलिए चारों वृत्तों का क्षेत्रापफल त्र4 × बउ त्र154 बउ 2 अतः छायांकित क्षेत्रा का क्षेत्रापफल त्र ;196 दृ 154द्ध बउ2 त्र 42 बउ2 उदाहरण 6 रू आवृफति 12.17 में, छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जहाँ ।ठब्क् भुजा 10 बउ का एक वगर् है तथा इस वगर् की प्रत्येक भुजा को व्यास मान कर अध्र्वृत्त खींचे गए हैं। ;πत्र 3ण्14 का प्रयोग कीजिए।द्ध आवृफति 12ण्17 आवृफति 12ण्18 हल रू आइए चार अछायांकित क्षेत्रों को प्ए प्प्ए प्प्प् और प्ट से अंकित करें ;देख्िाए आवृफति 12.18द्ध। प् का क्षेत्रापफल ़ प्प्प् का क्षेत्रापफल त्र ।ठब्क् का क्षेत्रापफलदृ दोनों अध्र्वृत्तों का क्षेत्रापफल, जिनमें से प्रत्येक की त्रिाज्या 5 बउ है। ⎛ 12 ⎞ 2 त्र ⎜10 × 10दृ 2 × ×π× 5 ⎟ बउ त्र ;100 दृ 3ण्14 × 25द्ध बउ2 ⎝ 2 ⎠त्र ;100 दृ 78ण्5द्ध बउ2 त्र 21ण्5 बउ2 इसी प्रकार, प्प् का क्षेत्रापफल ़ प्ट का क्षेत्रापफल त्र 21ण्5 बउ2 अतः छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रापफल त्र ।ठब्क् का क्षेत्रापफल दृ ;प् ़ प्प् ़ प्प्प् ़ प्टद्ध का क्षेत्रापफल त्र ;100 दृ 2 × 21ण्5द्ध बउ2 त्र ;100 दृ 43द्ध बउ2 त्र 57 बउ2 प्रश्नावली12ण्3 22 ;जब तक अन्यथा न कहा जाए, π त्र का प्रयोग कीजिए।द्ध7 1ण् आवृफति 12.19 में, छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, यदि च्फ त्र 24 बउए च्त् त्र 7 बउ तथा व् वृत्त का वेंफद्र है। आवृफति 12ण्19 2ण् आवृफति 12.20 में, छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, यदि वेंफद्र व् वाले दोनों सवेंफद्रीयवृत्तों की त्रिाज्याएँ क्रमशः 7 बउ और 14 बउ हैं तथा∠ ।व्ब् त्र 40° है। आवृफति 12ण्20 आवृफति 12ण्21 3ण् आवृफति 12.21 में, छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, यदि।ठब्क् भुजा 14 बउ का एक वगर् है तथा।च्क् औरठच्ब् दो अध्र्वृत्त हैं। 4ण् आवृफति 12.22 में, छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जहाँ भुजा 12 बउ वाले एक समबाहु त्रिाभुजव्।ठ के शीषर् व् को वेंफद्र मान कर 6 सेमी त्रिाज्या वाला एक वृत्तीय चाप खींचा गया है। आवृफति 12ण्22 आवृफति 12ण्23 5ण् भुजा 4 बउ वाले एक वगर् के प्रत्येक कोने से 1 बउ त्रिाज्या वाले वृत्त का एक चतुथा±श काटा गया है तथा बीच में 2 बउ व्यास का एक वृत्त भी काटा गया है, जैसाकि आवृफति 12.23 में दशार्या गया है। वगर् के शेष भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 6ण् एक वृत्ताकार मेजपोश, जिसकी त्रिाज्या 32़बउ है, में बीच में एक समबाहु त्रिाभुज।ठब् छोड़ते हुए एक डिज़ाइन बना हुआ है, जैसाकि आवृफति 12.24 में दिखाया गया है। इस डिज़ाइन का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। आवृफति 12ण्24 आवृफति 12ण्25 7ण् आवृफति 12.25 में, ।ठब्क् भुजा 14 बउ वाला एक वगर् है।।ए ठए ब् औरक् को वेंफद्र मानकर, चार वृत्त इस प्रकार खींचे गए हैं कि प्रत्येक वृत्त तीन शेष वृत्तों में से दो वृत्तों को बाह्य रूप से स्पशर् करता है। छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 8ण् आवृफति 12.26 एक दौड़ने का पथ ;तंबपदह जतंबाद्ध दशार्ती है, जिसके बाएँ और दाएँ सिरेअधर्वृत्ताकार हैं। आवृफति 12ण्26 दोनों आंतरिक समांतर रेखाखंडों के बीच की दूरी 60 उ है तथा इनमें से प्रत्येक रेखाखंड 106 उ लंबा है। यदि यह पथ 10 उ चैड़ा है, तो ज्ञात कीजिए। ;पद्ध पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में चली गइर् दूरी ;पपद्ध पथ का क्षेत्रापफल 9ण् आवृफति 12.27 में, ।ठ औरब्क् वेंफद्र व् वाले एक वृत्त के दो परस्पर लंब व्यास हैं तथाव्क् छोटे वृत्त का व्यास है। यदि व्। त्र 7 बउ है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 10ण् एक समबाहु त्रिाभुज ।ठब् का क्षेत्रापफल17320ण्5 बउ2 है। इस त्रिाभुज के प्रत्येक शीषर् को वेंफद्र मानकर त्रिाभुज की भुजा के आध्े के बराबर की त्रिाज्या लेकर एक वृत्त खींचा जाता है ;देख्िाए आवृफति 12.28द्ध। छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। ;π त्र 3ण्14 और 3 त्र 1ण्73205 लीजिए।द्ध 11ण् एक वगार्कार रूमाल पर, नौ वृत्ताकार डिज़ाइन बने हैं, जिनमें से प्रत्येक की त्रिाज्या 7 बउ है ;देख्िाए आवृफति 12.29द्ध। रूमाल के शेष भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। आवृफति 12ण्27 आवृफति 12ण्28 आवृफति 12ण्29 12ण् आवृफति 12.30 में, व्।ब्ठ वेंफद्र व् और त्रिाज्या 3ण्5 बउ वाले एक वृत्त का चतुथा±श है। यदि व्क् त्र 2 बउ है, तो निम्नलिख्िात के क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिएः ;पद्ध चतुथा±शव्।ब्ठ ;पपद्ध छायांकित भाग। आवृफति 12ण्30 आवृफति 12ण्31 13ण् आवृफति 12.31 में, एक चतुथा±श व्च्ठफ के अंतगर्त एक वगर् व्।ठब् बना हुआ है। यदि व्। त्र 20 बउ है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए।;π त्र 3ण्14 लीजिए।द्ध 14ण् ।ठ औरब्क् वेंफद्रव् तथा त्रिाज्याओं 21 बउ और 7 बउ वाले दो संवेंफद्रीय वृत्तों के क्रमशः दो चाप हैं ;देख्िाए आवृफति 12.32द्ध। यदि ∠ ।व्ठ त्र 30° है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। आवृ आवृफति 12ण्33फति 12ण्32 15ण् आवृफति 12.33 में, ।ठब् त्रिाज्या 14 बउ वाले एक वृत्त का चतुथा±श है तथाठब् को व्यास मान कर एक अध्र्वृत्त खींचा गया है। छायांकित भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 16ण् आवृफति 12.34 मंे, छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जो 8 बउ त्रिाज्याओं वाले दो वृत्तों के चतुथा±शों के बीच उभयनिष्ठ है। आवृफति 12ण्34 12ण्5 सारांश इस अध्याय में, आपने निम्नलिख्िात ¯बदुओं का अध्ययन किया हैः 1ण् त्रिाज्या त वाले वृत्त की परिध्ि त्र 2 πत 2ण् त्रिाज्या त वाले वृत्त का क्षेत्रापफल त्र πत2 3ण् त्रिाज्या त वाले वृत्त के एक त्रिाज्यखंड, जिसका कोण अंशों में θहै, के संगत चाप की लंबाइर् θ 2 होती है।×πत 360 θ 4ण् त्रिाज्या त वाले वृत्त के एक त्रिाज्यखंड, जिसका कोण अंशों मंेθहै, का क्षेत्रापफल ×πत2 360 होता है। 5ण् एक वृत्तखंड का क्षेत्रापफल त्र संगत त्रिाज्यखंड का क्षेत्रापफल दृ संगत त्रिाभुज का क्षेत्रापफल

>Chap–12>

APactWiththeSun-001

12

वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल


12.1 भूमिका

आप, अपनी पिछली कक्षाओं से, सरल समतल आकृतियों, जैसे आयत, वर्ग, समांतर चतुर्भुज, त्रिभुज और वृत्त के परिमापों और क्षेत्रफलों को ज्ञात करने की कुछ विधियों से पहले से परिचित हैं। दैनिक जीवन में हमें जो वस्तुएँ देखने को मिलती हैं, उनमें से अनेक एक न एक रूप में वृत्तीय आकार से संबंधित होती हैं। साइकिल के पहिए, ठेला, डार्टबोर्ड (dartboard) (एेसा बोर्ड जिस पर तीर फेंक कर खेल सकते हैं), गोल केक (cake), पापड़, नाली के ढक्कन, विभिन्न बनावट की चूड़ियाँ, ब्रूच (brooches), वृत्ताकार पथ, वाशर, फूलों की क्यारियाँ इत्यादि एेसी वस्तुओं के कुछ उदाहरण हैं (देखिए आकृति 12.1)। अतः, वृत्तीय आकृतियों के परिमापों और क्षेत्रफलों को ज्ञात करने की समस्याएँ व्यावहारिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस अध्याय में, हम अपनी चर्चा एक वृत्त के परिमाप (परिधि) और क्षेत्रफल की संकल्पनाओं की समीक्षा से प्रारंभ करेंगे तथा इस ज्ञान का वृत्तीय क्षेत्र (संक्षिप्त रूप से वृत्त) के दो विशेष ‘भागों’ के क्षेत्रफल ज्ञात करने में करेंगे, जिन्हें त्रिज्यखंड (sector) और वृत्तखंड (segment of a circle) कहते हैं। हम यह भी देखेंगे कि वृत्तों या उनके भागों से संबद्ध समतल आकृतियों के कुछ संयोजनों के क्षेत्रफल किस प्रकार ज्ञात किए जाएँ।

815.png


आकृति 12.1


12.2 वृत्त का परिमाप और क्षेत्रफल - एक समीक्षा

आपको याद होगा कि एक वृत्त के अनुदिश एक बार चलने में तय की गई दूरी उसका परिमाप होता है, जिसे प्रायः परिधि (circumference) कहा जाता है। आप पिछली कक्षाओं से यह भी जानते हैं कि वृत्त की परिधि का उसके व्यास के साथ एक अचर अनुपात होता है। इस अचर अनुपात को एक यूनानी अक्षर π (जिसे ‘पाई’ पढ़ा जाता है) से व्यक्त किया जाता है। दूसरे शब्दों में,

या 12.1

परिधि = π × व्यास

= π × 2r (जहाँ r वृत्त की त्रिज्या है)

= 2πr

एक महान भारतीय गणितज्ञ आर्यभट (476 – 550 ई.पू.) ने π का एक सन्निकट मान दिया। उन्होंने कहा कि π = 1506.png होता है, जो लगभग 3.1416 के बराबर है। इस बात को ध्यान देना भी रुचिपूर्ण है कि एक महान प्रतिभाशाली भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन (1887–1920) की एक सर्वसमिका का प्रयोग करके, गणितज्ञ π का मान दशमलव के लाखों स्थानों तक परिकलित करने में समर्थ हो सके हैं। जैसा कि आप कक्षा IX के अध्याय 1 से जानते हैं कि π एक अपरिमेय (irrational) संख्या है और इसका दशमलव प्रसार अनवसानी और अनावर्ती (non-terminating and non-repeating) होता है। परंतु व्यावहारिक कार्यों के लिए म प्रायः यह मान लगभग 1511.png या 3.14 लेते हैं।

आपको याद होगा कि वृत्त का क्षेत्रफल πr2 होता है। याद कीजिए कि आपने कक्षा VII में इसकी जाँच, एक वृत्त को अनेक त्रिज्यखंडों में काट कर और फिर उन्हें आकृति 12.2 में दर्शाए अनुसार पुनर्व्यवस्थित करके की थी।

868.png

आकृति 12.2

आप आकृति 12.2 (ii) में आकार देख सकते हैं, एक आयत की लगभग लंबाई 1516.png है और चौड़ाई r है। इससे सुझाव मिलता है कि वृत्त का क्षेत्रफल = 1521.png × 2πr × r = πr2 है। आइए पिछली कक्षाओं में पढ़ी गई अवधारणाओं को एक उदाहरण की सहायता से याद करें।

उदाहरण 1 : एक वृत्ताकार खेत पर 24 प्रति मीटर की दर से बाड़ लगाने का व्यय  5280 है। इस खेत की 0.50 प्रति वर्ग मीटर की दर से जुताई कराई जानी है। खेत की जुताई कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। (π = 1526.png लीजिए)

हल : बाड़ की लंबाई (मीटर में) =12.2 = 1536.png

अतः, खेत की परिधि = 220 m

इसलिए यदि खेत की त्रिज्या r मीटर है, तो

2πr = 220

या 2 × 1541.png × r = 220

या r = 1546.png = 35

अर्थात् खेत की त्रिज्या 35 मीटर है।

अतः खेत का क्षेत्रफल = πr2 = 1551.png × 35 × 35 m2 = 22 × 5 × 35 m2

अब 1 m2 खेत की जुताई का व्यय = 0.50

अतः खेत की जुताई कराने का कुल व्यय = 22 × 5 × 35 × 0.50 = 1925


प्रश्नावली 12.1

(जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = 1556.png का प्रयोग कीजिए)


888.png
आकृति 12.3

1. दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 19 cm और 9 cm हैं। उस वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसकी परिधि इन दोनों वृत्तों की परिधियों के योग के बराबर है।

2. दो वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 cm और 6 cm हैं। उस वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसका क्षेत्रफल इन दोनों वृत्तों के क्षेत्रफलों के योग के बराबर है।

3. आकृति 12.3 एक तीरंदाजी लक्ष्य को दर्शाती है, जिसमें केंद्र से बाहर की ओर पाँच क्षेत्र GOLD, RED, BLUE, BLACK और WHITE चिह्नित हैं, जिनसे अंक अर्जित किए जा सकते हैं। GOLD अंक वाले क्षेत्र का व्यास 21 cm है तथा प्रत्येक अन्य पट्टी 10.5 cm चौड़ी है। अंक प्राप्त कराने वाले इन पाँचों क्षेत्रों में से प्रत्येक का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

4. किसी कार के प्रत्येक पहिए का व्यास 80 cm है। यदि यह कार 66 km प्रति घंटे की चाल से चल रही है, तो 10 मिनट में प्रत्येक पहिया कितने चक्कर लगाती है?

5. निम्नलिखित में सही उत्तर चुनिए तथा अपने उत्तर का औचित्य दीजिएः

यदि एक वृत्त का परिमाप और क्षेत्रफल संख्यात्मक रूप से बराबर है, तो उस वृत्त की त्रिज्या हैः

(A) 2 मात्रक (B) π मात्रक (C) 4 मात्रक (D) 7 मात्रक



12.3 त्रिज्यखंड और वृत्तखंड के क्षेत्रफल

आप पिछली कक्षाओं में शब्दों त्रिज्यखंड (sector) और वृत्तखंड (segment of a circle) से पूर्व परिचित हैं। आपको याद होगा कि एक वृत्तीय क्षेत्र का वह भाग जो दो त्रिज्याओं और संगत चाप से घिरा (परिबद्ध) हो, उस वृत्त का एक त्रिज्यखंड कहलाता है तथा वृत्तीय क्षेत्र का वह भाग जो एक जीवा और संगत चाप के बीच में परिबद्ध हो एक वृत्तखंड कहलाता है। इस प्रकार, आकृति 12.4 में, छायांकित भाग OAPB केंद्र O वाले वृत्त का एक त्रिज्यखंड है। AOB इस त्रिज्यखंड का कोण कहलाता है। ध्यान दीजिए कि इसी आकृति में अछायांकित भाग OAQB भी वृत्त का त्रिज्यखंड है। स्पष्ट कारणों से OAPB एक लघु त्रिज्यखंड (minor sector) कहलाता है तथा OAQB एक दीर्घ त्रिज्यखंड (major sector) कहलाता है। आप यह भी देख सकते हैं कि इस दीर्घ त्रिज्यखंड का कोण 360° – AOB है।


959.png

आकृति 12.4

933.png

आकृति 12.5

967.png

आकृति 12.6


अब आकृति 12.5 को देखिए, जिसमें AB केंद्र O वाले वृत्त की एक जीवा है। अतः छायांकित भाग APB एक वृत्तखंड है। आप यह भी देख सकते हैं कि अछायांकित भाग AQB भी जीवा AB द्वारा निर्मित एक अन्य वृत्तखंड है। स्पष्ट कारणों से, APB लघु वृत्तखंड कहलाता है तथा AQB दीर्घ वृत्तखंड कहलाता है।

टिप्पणी : जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘वृत्तखंड’ और ‘त्रिज्यखंड’ लिखने से हमारा तात्पर्य क्रमशः लघु वृत्तखंड और लघु त्रिज्यखंड से होगा।

आइए उपरोक्त ज्ञान के आधार पर, इनके क्षेत्रफलों के परिकलित करने के कुछ संबंध (या सूत्र) ज्ञात करने का प्रयत्न करें।

मान लीजिए OAPB केंद्र O और त्रिज्या r वाले वृत्त का एक त्रिज्यखंड है (देखिए आकृति 12.6)। मान लीजिए AOB का अंशीय (degree) माप θ है।

आप जानते हैं कि एक वृत्त [वस्तुतः एक वृत्तीय क्षेत्र या चकती (disc)] का क्षेत्रफल πr2 होता है।

919.png

आकृति 12.7


एक तरीके से, हम इस वृत्तीय क्षेत्र को केंद्र O पर 360° का कोण बनाने वाला (अंशीय माप 360) एक त्रिज्यखंड मान सकते हैं। फिर एेकिक विधि (Unitary Method) का प्रयोग करके, हम त्रिज्यखंड OAPB का क्षेत्रफल नीचे दर्शाए अनुसार ज्ञात कर सकते हैंः

जब केंद्र पर बने कोण का अंशीय माप 360 है, तो त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = πr2

अतः, जब केंद्र पर बने कोण का अंशीय माप 1 है, तो त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = 1561.png

इसलिए जब केंद्र पर बने कोण का अंशीय माप θ है, तो त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल
= 1566.png = 1571.png

इस प्रकार, हम वृत्त के एक त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल के लिए, निम्नलिखित संबंध (या सूत्र) प्राप्त करते हैंः

कोण θ वाले त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल =1576.png,

जहाँ r वृत्त की त्रिज्या है और θ त्रिज्यखंड का अंशों में कोण है।

अब एक स्वाभाविक प्रश्न उठता हैः क्या हम इस त्रिज्यखंड की संगत चाप APB की लंबाई ज्ञात कर सकते हैं। हाँ, हम एेसा कर सकते हैं। पुनः, एेकिक विधि का प्रयोग करने तथा संपूर्ण वृत्त (360° कोण वाले) की लंबाई 2πr लेने पर, हम चाप APB की वांछित लंबाई 1581.png प्राप्त करते हैं।

अतः कोण θ वाले त्रिज्यखंड के संगत चाप की लंबाई = 1586.png

आइए अब केंद्र O और त्रिज्या r वाले वृत्तखंड APB के क्षेत्रफल पर विचार करें (देखिए आकृति 12.7)। आप देख सकते हैं कि

वृत्तखंड APB का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड OAPB का क्षेत्रफल OAB का क्षेत्रफल

12.3

टिप्पणी : क्रमशः आकृति 12.6 और आकृति 12.7 से, आप देख सकते हैं कि दीर्घ त्रिज्यखंड OAQB का क्षेत्रफल = πr2लघु त्रिज्यखंड OAPB का क्षेत्रफल तथा दीर्घ वृत्तखंड AQB का क्षेत्रफल = πr2लघु वृत्तखंड APB का क्षेत्रफल अब आइए इन अवधारणाओं (या परिणामों) को समझने के लिए कुछ उदाहरण लें।

उदाहरण 2 : त्रिज्या 4 cm वाले एक वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसका कोण 30º है। साथ ही, संगत दीर्घ त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए।
(
π = 3.14 का प्रयोग कीजिए)।

हल : दिया हुआ त्रिज्यखंड OAPB है (देखिए आकृति 12.8)।

12.4

आकृति 12.8

त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = 1596.png


= 1602.png 

= 1607.png (लगभग)

संगत दीर्घ त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल

= πr2त्रिज्यखंड OAPB का क्षेत्रफल

= (3.14 × 16 – 4.19) cm2

= 46.05 cm2 = 46.1 cm2 (लगभग)

वैकल्पिक रूप से,

दीर्घ त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = 1612.png

= 1617.png 

= 1622.png

= 46.1 cm2 (लगभग)

उदाहरण 3 : आकृति 12.9 में दर्शाए गए वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि वृत्त की त्रिज्या 21 cm है और AOB = 120° है। [π = 1627.png लीजिए ]

1004.png
आकृति 12.9

हल : वृत्तखंड AYB का क्षेत्रफल

= त्रिज्यखंड OAYB का क्षेत्रफल OAB का क्षेत्रफल (1) अब, त्रिज्यखंड OAYB का क्षेत्रफल = 1632.pngcm2 = 462 cm2 (2)

OAB का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए OM AB खींचिए, जैसाकि आकृति 12.10 में दिखाया गया है।

ध्यान दीजिए कि OA = OB है। अतः, RHS सर्वांगसमता से, AMO ≅ ∆ BMO है।

इसलि M जीवा AB का मध्य-बिंदु है तथा AOM = BOM = 1637.pngहै।

1039.png

आकृति 12.10

मान लीजिए OM = x cm है।

इसलिए OMA से, 1642.png = cos 60°

या 1647.png = 1653.png

या x = 1658.png

अतः OM = 1663.png cm

साथ ही 1668.png = sin 60° = 1673.png


अतः AM = 1678.png cm

इसलिए AB = 2 AM = 1683.png

अतः OAB का क्षेत्रफल = 1688.png = 1693.png

= 1698.png (3)

इसलिए वृत्तखंड AYB का क्षेत्रफल = 1704.png [(1), (2) और (3) से]

= 1709.png 


अभ्यास 12.2

(जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = 1714.pngका प्रयोग कीजिए।)

1. 6 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त के एक त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसका कोण 60° है।

2. एक वृत्त के चतुर्थांश (quadrant) का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसकी परिधि 22 cm है।

3. एक घड़ी की मिनट की सुई जिसकी लंबाई 14 cm है। इस सुई द्वारा 5 मिनट में रचित क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

4. 10 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त की कोई जीवा केंद्र पर एक समकोण अंतरित करती है। निम्नलिखित के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिएः

(i) संगत लघु वृत्तखंड (ii) संगत दीर्घ त्रिज्यखंड (π = 3.14 का प्रयोग कीजिए)।

5. त्रिज्या 21 cm वाले वृत्त का एक चाप केंद्र पर 60° का कोण अंतरित करता है। ज्ञात कीजिएः

(i) चाप की लंबाई (ii) चाप द्वारा बनाए गए त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल

(iii) संगत जीवा द्वारा बनाए गए वृत्तखंड का क्षेत्रफल

6. 15 cm त्रिज्या वाले एक वृत्त की कोई जीवा केंद्र पर 60° का कोण अंतरित करती है। संगत लघु और दीर्घ वृत्तखंडों के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 और 1719.png = 1.73 का प्रयोग कीजिए।)

7. त्रिज्या 12 cm वाले एक वृत्त की कोई जीवा केंद्र पर 120° का कोण अंतरित करती है। संगत वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

(π = 3.14 और 1724.png = 1.73 का प्रयोग कीजिए।)

8. 15 m भुजा वाले एक वर्गाकार घास के मैदान के एक कोने पर लगे खूँटे से एक घोड़े को 5 m लंबी रस्सी से बाँध दिया गया है (देखिए आकृति 12.11)। ज्ञात कीजिएः

(i) मैदान के उस भाग का क्षेत्रफल जहाँ घोड़ा घास चर सकता है।

(ii) चरे जा सकने वाले क्षेत्रफल में वृद्धि, यदि घोड़े को 5 m लंबी रस्सी के स्थान पर 10 m लंबी रस्सी से बाँध दिया जाए। (π = 3.14 का प्रयोग कीजिए।)


12-11.tif
आकृति 12.11


9. एक वृत्ताकार ब्रूच (brooch) को चाँदी के तार से बनाया जाना है जिसका व्यास 35 mm है। तार को वृत के 5 व्यासों को बनाने में भी प्रयुक्त किया गया है जो उसे 10 बराबर त्रिज्यखंडों में विभाजित करता है जैसा कि आकृति 12.12 में दर्शाया गया है। तो ज्ञात कीजिएः

(i) कुल वांछित चाँदी के तार की लंबाई

(ii) ब्रूच के प्रत्येक त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल

10. एक छतरी में आठ ताने हैं, जो बराबर दूरी पर लगे हुए हैं (देखिए आकृति 12.13)। छतरी को 45 cm त्रिज्या वाला एक सपाट वृत्त मानते हुए, इसकी दो क्रमागत तानों के बीच का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

11. किसी कार के दो वाइपर (Wipers) हैं, परस्पर कभी आच्छादित नहीं होते हैं। प्रत्येक वाइपर की पत्ती की लंबाई 25 cm है और 115° के कोण तक घूम कर सफाई कर सकता है। पत्तियों की प्रत्येक बुहार के साथ जितना क्षेत्रफल साफ हो जाता है, वह ज्ञात कीजिए।

1097.png
आकृति 12.12
1126.png
आकृति 12.13

1112.png
आकृति 12.14


12. जहाज़ों को समुद्र में जलस्तर के नीचे स्थित चट्टानों की चेतावनी देने के लिए, एक लाइट हाउस (light house) 80° कोण वाले एक त्रिज्यखंड में 16.5 km की दूरी तक लाल रंग का प्रकाश फैलाता है। समुद्र के उस भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसमें जहाज़ों को चेतावनी दी जा सके। (π = 3.14 का प्रयोग कीजिए।)

13. एक गोल मेज़पोश पर छः समान डिज़ाइन बने हुए हैं जैसाकि आकृति 12.14 में दर्शाया गया है। यदि मेज़पोश की त्रिज्या 28 cm है, तो 0.35 प्रति वर्ग सेंटीमीटर की दर से इन डिज़ाइनों को बनाने की लागत ज्ञात कीजिए।
(1729.png = 1.7 का प्रयोग कीजिए)

14. निम्नलिखित में सही उत्तर चुनिएः

त्रिज्या R वाले वृत्त के उस त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल जिसका कोण p° है, निम्नलिखित हैः

(A) 1734.png (B) 1739.png (C) 1744.png (D) 1749.png 


12.4 समतल आकृतियों के संयोजनों के क्षेत्रफल

अभी तक हमने विभिन्न आकृतियों के क्षेत्रफल पृथक-पृथक रूप से ज्ञात किए हैं। आइए अब समतल आकृतियों के कुछ संयोजनों (combinations) के क्षेत्रफल ज्ञात करने का प्रयत्न करें। हमें इस प्रकार की आकृतियाँ दैनिक जीवन में तथा विभिन्न रोचक डिज़ाइनों के रूप में देखने को मिलती हैं। फूलों की क्यारियाँ, नालियों के ढक्कन, खिड़कियों के डिज़ाइन, मेज़ पोशों पर बने डिज़ाइन आदि एेसी आकृतियों के कुछ उदाहरण हैं। इन आकृतियों के क्षेत्रफल ज्ञात करने की प्रक्रिया को हम कुछ उदाहरणों द्वारा स्पष्ट करेंगे।

उदाहरण 4 : आकृति 12.15 में, 56 m भुजा वाले एक वर्गाकार लॉन (lawn) ABCD के दो ओर बनी हुई दो वृत्ताकार फूलों की क्यारियाँ दर्शाई गई हैं। यदि प्रत्येक वृत्ताकार क्यारी का केंद्र लॉन के विकर्णों का प्रतिच्छेद बिंदु O है, तो वर्गाकार लॉन तथा फूलों की क्यारियों के क्षेत्रफलों का योग ज्ञात कीजिए। (π = 1755.png का प्रयोग कीजिए)।

1170.png

आकृति 12.15

हल : वर्गाकार लॉन ABCD का क्षेत्रफल = 56 × 56 m2 (1)

मान लीजिए OA = OB = x मीटर है।

अतः x2 + x2 = 562

या 2x2 = 56 × 56

या x2 = 28 × 56

(2)

अब त्रिज्यखंड OAB का क्षेत्रफल = 1760.png = 1765.png

= 1770.png [(2) से] (3)

साथ ही OAB का क्षेत्रफल = 1775.png ( AOB = 90°) (4)

इसलिए क्यारी AB का क्षेत्रफल = 1780.png

[(3) और (4) से]

=


1785.png 

= 1790.png (5)

इसी प्रकार, दूसरी क्यारी का क्षेत्रफल = 1795.png (6)

अतः संपूर्ण क्षेत्रफल = 1800.png

1806.png [(1), (5) और (6) से]

= 1811.png 

= 1816.png 

वैकल्पिक हल :

संपूर्ण क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड OAB का क्षेत्रफल + त्रिज्यखंड ODC का क्षेत्रफल

+ OAD का क्षेत्रफल + OBC का क्षेत्रफल

= 1821.png 

1826.png 

= 1831.png 

= 1836.png 

= 56 × 72 m2 = 4032 m2


उदाहरण 5 : आकृति 12.16 में छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जहाँ ABCD भुजा 14 cm का एक वर्ग है।


1238.png
आकृति 12.16

हल : वर्ग ABCD का क्षेत्रफल = 14 × 14 cm2 = 196 cm2

प्रत्येक वृत्त का व्यास = 1841.png

इसलिए प्रत्येक वृत्त की त्रिज्या = 1846.png

अतः एक वृत्त का क्षेत्रफल = πr2 = 1851.png

= 1857.png

इसलिए चारों वृत्तों का क्षेत्रफल = 1862.png

अतः छायांकित क्षेत्र का क्षेत्रफल = (196 – 154) cm2 = 42 cm2

उदाहरण 6 : आकृति 12.17 में, छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जहाँ ABCD भुजा 10 cm का एक वर्ग है तथा इस वर्ग की प्रत्येक भुजा को व्यास मान कर अर्धवृत्त खींचे गए हैं। (π = 3.14 का प्रयोग कीजिए।)

1213.png 1223.png

आकृति 12.17              आकृति 12.18


हल : आइए चार अछायांकित क्षेत्रों को I, II, III और IV से अंकित करें (देखिए आकृति 12.18)।

I का क्षेत्रफल + III का क्षेत्रफल

= ABCD का क्षेत्रफदोनों अर्धवृत्तों का क्षेत्रफल, जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या 5 cm है।


= 1867.png = (100 – 3.14 × 25) cm2

= (100 – 78.5) cm2 = 21.5 cm2

इसी प्रकार, II का क्षेत्रफल + IV का क्षेत्रफल = 21.5 cm2

अतः छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रफल = ABCD का क्षेत्रफल – (I + II + III + IV) का क्षेत्रफल

= (100 – 2 × 21.5) cm2 = (100 – 43) cm2 = 57 cm2


प्रश्नावली 12.3

(जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = 1872.png का प्रयोग कीजिए।)

1. आकृति 12.19 में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि PQ = 24 cm, PR = 7 cm तथा O वृत्त का केंद्र है।


1273.png
आकृति 12.19


2. आकृति 12.20 में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि केंद्र O वाले दोनों सकेंद्रीय वृत्तों की त्रिज्याएँ क्रमशः 7 cm और 14 cm हैं तथा  AOC = 40° है।


1252.png 1263.png

आकृति 12.20             आकृति 12.21


3. आकृति 12.21 में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि ABCD भुजा 14 cm का एक वर्ग है तथा APD और BPC दो अर्धवृत्त हैं।

4. आकृति 12.22 में, छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जहाँ भुजा 12 cm वाले एक समबाहु त्रिभुज OAB के शीर्ष O को केंद्र मान कर 6 सेमी त्रिज्या वाला एक वृत्तीय चाप खींचा गया है।


1367.png  1376.png

आकृति 12.22               आकृति 12.23


5. भुजा 4 cm वाले एक वर्ग के प्रत्येक कोने से 1 cm त्रिज्या वाले वृत्त का एक चतुर्थांश काटा गया है तथा बीच में 2 cm व्यास का एक वृत्त भी काटा गया है, जैसाकि आकृति 12.23 में दर्शाया गया है। वर्ग के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

6. एक वृत्ताकार मेज़पोश, जिसकी त्रिज्या 32 cm है, में बीच में एक समबाहु त्रिभुज ABC छोड़ते हुए एक डिज़ाइन बना हुआ है, जैसाकि आकृति 12.24 में दिखाया गया है। इस डिज़ाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

आकृति 12.24

1386.png  1312.png


आकृति 12.25

7. आकृति 12.25 में, ABCD भुजा 14 cm वाला एक वर्ग है। A, B, C और D को केंद्र मानकर, चार वृत्त इस प्रकार खींचे गए हैं कि प्रत्येक वृत्त तीन शेष वृत्तों में से दो वृत्तों को बाह्य रूप से स्पर्श करता है। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

8. आकृति 12.26 एक दौड़ने का पथ (racing track) दर्शाती है, जिसके बाएँ और दाएँ सिरे अर्धवृत्ताकार हैं।


1326.png

आकृति 12.26

दोनों आंतरिक समांतर रेखाखंडों के बीच की दूरी 60 m है तथा इनमें से प्रत्येक रेखाखंड 106 m लंबा है। यदि यह पथ 10 m चौड़ा है, तो ज्ञात कीजिए।

(i) पथ के आंतरिक किनारों के अनुदिश एक पूरा चक्कर लगाने में चली गई दूरी

1336.png

आकृति 12.27

(ii) पथ का क्षेत्रफल

9. आकृति 12.27 में, AB और CD केंद्र O वाले एक वृत्त के दो परस्पर लंब व्यास हैं तथा OD छोटे वृत्त का व्यास है। यदि OA = 7 cm है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

10. एक समबाहु त्रिभुज ABC का क्षेत्रफल 17320.5 cm2 है। इस त्रिभुज के प्रत्येक शीर्ष को केंद्र मानकर त्रिभुज की भुजा के आधे के बराबर की त्रिज्या लेकर एक वृत्त खींचा जाता है (देखिए आकृति 12.28)। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 और

1877.png = 1.73205 लीजिए।)

1350.png 1396.png

आकृति 12.28   आकृति 12.29

11. एक वर्गाकार रूमाल पर, नौ वृत्ताकार डिज़ाइन बने हैं, जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या 7 cm है (देखिए आकृति 12.29)। रूमाल के शेष भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

12. आकृति 12.30 में, OACB केंद्र O और त्रिज्या 3.5 cm वाले एक वृत्त का चतुर्थांश है। यदि OD = 2 cm है, तो निम्नलिखित के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिएः

(i) चतुर्थांश OACB (ii) छायांकित भाग।

1441.png  1452.png

आकृति 12.30   आकृति 12.31

13. आकृति 12.31 में, एक चतुर्थांश OPBQ के अंतर्गत एक वर्ग OABC बना हुआ है। यदि  OA = 20 cm है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 लीजिए।)

14. AB और CD केंद्र O तथा त्रिज्याओं 21 cm और 7 cm वाले दो संकेंद्रीय वृत्तों के क्रमशः दो चाप हैं (देखिए आकृति 12.32)। यदि AOB = 30° है, तो छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।


1467.png  1479.png

आकृति 12.32              आकृति 12.33


15. आकृति 12.33 में, ABC त्रिज्या 14 cm वाले एक वृत्त का चतुर्थांश है तथा BC को व्यास मान कर एक अर्धवृत्त खींचा गया है। छायांकित भाग का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

16. आकृति 12.34 में, छायांकित डिज़ाइन का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जो 8 cm त्रिज्याओं वाले दो वृत्तों के चतुर्थांशों के बीच उभयनिष्ठ है।

1491.png

आकृति 12.34


12.5 सारांश


इस अध्याय में, आपने निम्नलिखित बिंदुओं का अध्ययन किया हैः

1. त्रिज्या r वाले वृत्त की परिधि = 2 π r

2. त्रिज्या r वाले वृत्त का क्षेत्रफल = π r2

3. त्रिज्या r वाले वृत्त के एक त्रिज्यखंड, जिसका कोण अंशों में θ है, के संगत चाप की लंबाई 1882.png होती है।

4. त्रिज्या r वाले वृत्त के एक त्रिज्यखंड, जिसका कोण अंशों में θ है, का क्षेत्रफल 1887.png होता है।

5. एक वृत्तखंड का क्षेत्रफल = संगत त्रिज्यखंड का क्षेत्रफलसंगत त्रिभुज का क्षेत्रफल


 


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