दो चर वाले रैख्िाकसमीकरण युग्म 3ण्1 भूमिका आपने इस प्रकार की स्िथति का सामना अवश्य किया होगा, जैसी नीचे दी गइर् हैः अख्िाला अपने गाँव के एक मेले में गइर्। वह एक चरखी ;ळपंदज ूीममसद्ध की सवारी करना चाहती थी और हूपला ;भ्ववचसंद्ध ख्एक खेल जिसमें आप एक स्टाल में रखी किसी वस्तु पर एक वलय ;तपदहद्ध को पेंफकते हैं और यदि वह वस्तु को पूणर्रूप से घेर ले, तो आपको वह वस्तु मिल जाती है, खेलना चाहती थी। जितनी बार उसने हूपला खेल खेला उससे आध्ी बार उसने चरखी की सवारी की। यदि प्रत्येक बार की सवारी के लिए उसे 3 रु तथा हूपला खेलने के लिए 4 रु खचर् करने पड़े, तो आप वैफसे ज्ञात करेंगे कि उसने कितनी बार चरखी की सवारी की और कितनी बार हूपला खेला, जबकि उसने इसके लिए वुफल 20 रु खचर् किए? हो सकता है कि आप इसे ज्ञात करने के लिए अलग - अलग स्िथतियाँ लेकर चलें। यदि उसने एक बार सवारी की, क्या यह संभव है? क्या यह भी संभव है कि उसने दो बार सवारी की? इत्यादि। अथवा आप कक्षा प्ग् के ज्ञान का उपयोग करते हुए, इन स्िथतियों को दो चरांे वाले रैख्िाक समीकरणों द्वारा निरूपित कर सकते हैं। आइए इस प्रिया को समझें। अख्िाला द्वारा सवारी करने की संख्या को ग तथा उसके द्वारा हूपला खेल खेलने की संख्या को ल से निरूपित कीजिए। अब दी हुइर् स्िथति को दो समीकरणों द्वारा व्यक्त किया जा सकता है: 1 ल त्र 2 ग ;1द्ध 3ग ़ 4ल त्र 20 ;2द्ध क्या हम इस समीकरण युग्म का हल ज्ञात कर सकते हैं? इन्हें ज्ञात करने वफी कइर् विध्ियाँ हैं, जिनका हम इस अध्याय में अध्ययन करेंगे। 3ण्2 दो चरों में रैख्िाक समीकरण युग्म कक्षा प्ग् से याद कीजिए कि निम्न समीकरण दो चरों के रैख्िाक समीकरणों के उदाहरण हैंः 2ग ़ 3ल त्र5 ग दृ 2ल दृ 3 त्र0 और ग दृ 0ल त्र2 अथार्त् ग त्र 2 आप यह भी जानते हैं कि वह समीकरण, जिसको ंग ़ इल ़ ब त्र 0 के रूप में रखा जा सकता है, जहाँ ंए इ और ब वास्तविक संख्याएँ हैं और ं और इ दोनों शून्य नहीं हैं, दो चरों ग और ल में एक रैख्िाक समीकरण कहलाता है। ;प्रतिबंध् जैसे ं और इ दोनों शून्य नहीं हैं, हम प्रायः ं2 ़ इ2 ≠ 0 से प्रद£शत करते हैं।द्ध आपने यह भी पढ़ा है कि ऐसी समीकरण का हल संख्याओं के मानों का एक युग्म होता है, एक ग के लिए तथा दूसरा ल के लिए, जो समीकरण के दोनों पक्षों को बराबर कर देता है। उदाहरण के लिए, आइए समीकरण 2ग ़ 3ल त्र 5 के बाएँ पक्ष ;स्भ्ैद्ध में, ग त्र 1 और ल त्र 1 रखें। तब बायाँ पक्ष त्र 2;1द्ध ़ 3;1द्ध त्र 2 ़ 3 त्र 5ए जो समीकरण के दाएँ पक्ष ;त्भ्ैद्ध के बराबर है। अतः, ग त्र 1 और ल त्र 1 समीकरण 2ग ़ 3ल त्र 5 का एक हल है। अब आइए समीकरण 2ग ़ 3ल त्र 5 में, ग त्र 1 और ल त्र 7 रखें। तब, बायाँ पक्ष त्र 2;1द्ध ़ 3;7द्ध त्र 2 ़ 21 त्र 23 जो दाएँ पक्ष के बराबर नहीं है। अतः, ग त्र 1 और ल त्र 7 दी हुइर् समीकरण का एक हल नहीं है। ज्यामितीय दृष्िट से इसका क्या अथर् है? इसका अथर् है कि ¯बदु ;1ए 1द्ध समीकरण 2ग ़ 3ल त्र 5 द्वारा निरूपित रेखा पर स्िथत है और ¯बदु;1ए 7द्ध इस पर स्िथत नहीं है। इसलिए, समीकरण का प्रत्येक हल उसको निरूपित करने वाली रेखा पर स्िथत एक ¯बदु होता है। वास्तव में, यह किसी भी रैख्िाक समीकरण के लिए सत्य है, अथार्त् दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण ंग ़ इल ़ ब त्र 0 का प्रत्येक हल ;गए लद्ध इस समीकरण को निरूपित करने वाली रेखा के एक ¯बदु के संगत होता है और विलोमतः भी ऐसा होता है। अब ऊपर दिए गए समीकरणों ;1द्ध और ;2द्ध को लीजिए। इन समीकरणों को साथ लेने पर, हमें अख्िाला की मेले के बारे में सूचना प्राप्त होती है। ये दो रैख्िाक समीकरण उन्हीं दो चरों ग और ल में हैं। इस प्रकार के समीकरणों को दो चरों में रैख्िाक समीकरणों का एक युग्म ;या रैख्िाक समीकरण युग्मद्ध कहते हैं। आइए, देखें कि बीजगण्िातीय दृष्िट में ये वैफसे युग्म हैं। दो चरों ग और ल में रैख्िाक समीकरण युग्म का व्यापक रूप ंग ़ इल ़ ब त्र0 111और ंग ़ इल ़ ब त्र0 है22222जहाँ ं ए इए बए ं ए इ ए ब सभी वास्तविक संख्याएँ हैं और ं2 ़ इ ≠ 0ए ं ़ इ2 ≠ 0 है।111222 11 22 दो चरों में एक रैख्िाक समीकरण युग्म के वुफछ उदाहरण हैंः 2ग ़ 3ल दृ 7 त्र 0 और 9ग दृ 2ल ़ 8 त्र 0 5ग त्र ल और दृ7ग ़ 2ल ़ 3 त्र 0 ग ़ ल त्र 7 और 17 त्र ल क्या आप जानते हैं कि ये ज्यामितीय दृष्िट से वैफसे युग्म हैं? कक्षा प्ग् से याद कीजिए कि दो चरों में एक रैख्िाक समीकरण का ज्यामितीय ;अथार्त् ग्रापफीयद्ध निरूपण एक सरल रेखा होता है। क्या अब आप बता सकते हैं कि दो चरों में रैख्िाक समीकरण युग्म ज्यामितीय रूप में वैफसा दिखेगा? ये दो सरल रेखाएँ होंगी, जिन्हें साथ - साथ लिया जाएगा। आपने कक्षा प्ग् में यह भी पढ़ा है कि एक तल में यदि दो रेखाएँ दी हों, तो निम्न में से केवल एक ही संभावना हो सकती हैः ;पद्ध दोनों रेखाएँ एक ¯बदु पर प्रतिच्छेद करती हैं। ;पपद्ध दोनों रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, अथार्त् वे समांतर हैं। ;पपपद्ध दोनों रेखाएँ संपाती हैं। इन सभी संभावनाओं को हम आवृफति 3.1 में दशार्ते हैंः आवृफति 3.1 ;ंद्ध में, ये प्रतिच्छेद करती हैं। आवृफति 3.1 ;इद्ध में, ये समांतर हैं। आवृफति 3.1 ;बद्ध में, ये संपाती हैं। आवृफति 3ण्1 रैख्िाक समीकरण युग्म को प्रद£शत करने वाली दोनों विध्ियों यथा बीजगण्िातीय तथा ज्यामितीय को साथ - साथ प्रयुक्त किया जा सकता है। आइए वुफछ उदाहरण लें। उदाहरण 1 रू हम अनुच्छेद 3.1 में दिया गया उदाहरण लेते हैं। अख्िाला मेले में 20 रु लेकर जाती है और वह चरखी की सवारी करना तथा हूपला खेल खेलना चाहती है। इन स्िथतियों को बीजगण्िातीय तथा ग्रापफीय ;ज्यामितीयद्ध रूपों में व्यक्त कीजिए। हल रू बनाया गया समीकरण युग्म हैः 1 ल त्र 2 ग अथार्त् ग दृ 2ल त्र 0 ;1द्ध और 3ग ़ 4ल त्र 20 ;2द्ध आइए इन समीकरणों को ग्रापफीय रूप में व्यक्त करें। इसके लिए, हमें प्रत्येक समीकरण के कम - से - कम दो हल चाहिए। हम इन हलों को सारणी 3.1 में देते हैं। सारणी 3ण्1 ग 0 2 ग ल त्र 0 1 2 20 ग 0 4 3 ल त्र 20 3 4 ग− 5 0 2 ;पद्ध ;पपद्ध कक्षा प्ग् से याद कीजिए कि प्रत्येक रैख्िाक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। इसलिए आप कोइर् भी दो हल चुन सकते हैं, जो हमारे द्वारा चुने गए हलों से भी हो सकते हैं। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि हमनेपहले तथा दूसरे समीकरणों के हल के लिए, ग त्र 0 क्यों चुना है? जब एक चर शून्य हो जाता है, तो समीकरण एक चर के रैख्िाक समीकरण में बदल जाता है, जिसे आसानी से हल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, समीकरण ;2द्ध मेंग त्र 0 रखने पर, हम पाते हैं कि 4ल त्र 20 हैए अथार्त् ल त्र 5 है। इसी प्रकार, समीकरण ;2द्ध में ल त्र 0 रखने पर हमें प्राप्त होता हैः 3ग त्र 20ए अथार्त्ए ग त्र 20 है। चूँकि 20 3 3 एक पूणा±क नहीं है, इसलिए इसे ग्रापफ पेपर पर ठीक - ठीक आलेख्िात करना आसान नहीं है। अतः हम ल त्र 2 चुनते हैं, जिससे ग त्र 4 मिलता है, जो एक पूणा±क है। सारणी 3.1 के हलों के संगत ¯बदुओं ।;0ए 0द्धए ठ;2ए 1द्ध और च्;0ए 5द्धए फ;4ए 2द्ध को आलेख्िात कीजिए। अब समीकरणों ग दृ 2ल त्र 0 और3ग ़ 4ल त्र 20 को निरूपित करने वाली रेखाओं ।ठ तथा च्फ को खींचिए, जैसा कि आवृफति 3.2 में दशार्या गया है। आवृफति 3.2 में ध्यान दीजिए कि दोनों समीकरणों को निरूपित करने वाली दोनों रेखाएँ ¯बदु ;4, 2द्ध पर प्रतिच्छेद करती हैं। इसका क्या अथर् है, इस पर हम अगले अनुच्छेद में चचार् करेंगे। उदाहरण 2 रू रोमिला एक स्टेशनरी की दुकान में गइर् और ृ 9 में 2 पेंसिल तथा 3 रबड़ खरीदीं। उसकी सहेली सोनाली ने रोमिला के पास नइर् तरह की पेंसिल और रबड़ देखी और उसने भी ृ 18 में उसी तरह की 4 पेंसिल और 6 रबड़ खरीदीं। इस स्िथति को बीजगण्िातीय तथा ग्रापफीय ;ज्यामितीयद्ध रूपों में व्यक्त कीजिए। हल रू आइए 1 पेंसिल का मूल्य ृ ग तथा 1 रबड़ का मूल्य ृ ल मान लें। तब, बीजगण्िातीय रूप निम्न समीकरणों द्वारा देय है: 2ग ़ 3ल त्र 9 ;1द्ध और 4ग ़ 6ल त्र 18 ;2द्ध इनका तुल्य ज्यामितीय निरूपण ज्ञात करने के लिए, हम प्रत्येक समीकरण द्वारा निरूपित रेखा पर दो ¯बदु प्राप्त करते हैं। अथार्त्, हम प्रत्येक समीकरण के दो हल प्राप्त करते हैं। ये हल निम्न सारणी 3.2 में दिए गए हैंः सारणी 3ण्2 ;पद्ध ;पपद्ध हम इन ¯बदुओं को एक ग्रापफ पेपर पर आलेख्िात करते हैं और रेखाएँ खींचते हैं। हम पाते हैं कि दोनों रेखाएँ संपाती हैं ;देख्िाए आवृफति 3.3द्ध। ऐसा इसलिए है कि दोनों समीकरण तुल्य हैं, अथार्त् एक को दूसरे से प्राप्त किया जा सकता है। आवृफति 3ण्3 उदाहरण 3 रू दो रेल पटरियाँ, समीकरणों ग ़ 2ल दृ 4 त्र 0 और2ग ़ 4ल दृ 12 त्र 0 द्वारा निरूपित की गइर् हैं। इस स्िथति को ज्यामितीय रूप से व्यक्त कीजिए। हल रू समीकरणों ग ़ 2ल दृ 4 त्र 0 ;1द्ध 2ग ़ 4ल दृ 12 त्र 0 ;2द्ध में से प्रत्येक के दो हल सारणी 3.3 में दिए गए हैंः सारणी 3ण्3 ग 0 4 ल त्र 4 − ग 2 2 0 ग 0 6 ल त्र 12 − 2ग 4 3 0 ;पद्ध ;पपद्ध इन समीकरणों को ग्रापफीय रूप में प्रद£शत करने के लिए, हम ¯बदुओं त्;0ए 2द्ध और ै;4ए 0द्ध को रेखा त्ै प्राप्त करने के लिए आलेख्िात करते हैं और ¯बदुओं च् ;0ए 3द्ध और फ;6ए 0द्ध को रेखा च्फ प्राप्त करने के लिए आलेख्िात करते हैं। आवृफति 3ण्4 आवृफति 3.4 में, हम देखते हैं कि ये रेखाएँ कहीं पर प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, अथार्त् वे समांतर हैं। इसलिए, हमने कइर् स्िथतियाँ देखी हैं जिन्हें एक रैख्िाक समीकरण युग्म द्वारा प्रद£शत किया जा सकता है। हमने उनके बीजगण्िातीय और ज्यामितीय निरूपण देखे। अगले वुफछ अनुच्छेदों में हम चचार् करेंगे कि वैफसे इन निरूपणों को एक रैख्िाक समीकरण युग्म के हल ज्ञात करने में उपयोग किया जा सकता है। प्रश्नावली 3ण्1 1ण् आप़फताब अपनी पुत्राी से कहता है, ‘सात वषर् पूवर् मैं तुमसे सात गुनी आयु का था। अब से 3 वषर् बाद मैं तुमसे केवल तीन गुनी आयु का रह जाऊँगा।’ ;क्या यह मनोरंजक है?द्ध इस स्िथति को बीजगण्िातीय एवं ग्रापफीय रूपों में व्यक्त कीजिए। 2ण् िकेट टीम के एक कोच ने ृ 3900 में 3 बल्ले तथा 6 गेंदें खरीदीं। बाद में उसने एक और बल्ला तथा उसी प्रकार की 3 गेंदें ृ 1300 में खरीदीं। इस स्िथति को बीजगण्िातीय तथा ज्यामितीय रूपों में व्यक्त कीजिए। 3ण् 2 ाह सेब और 1 ाह अंगूर का मूल्य किसी दिन ृ 160 था। एक महीने बाद 4 ाह सेब और दो ाह अंगूर का मूल्य ृ 300 हो जाता है। इस स्िथति को बीजगण्िातीय तथा ज्यामितीय रूपों में व्यक्त कीजिए। 3ण्3 रैख्िाक समीकरण युग्म का ग्रापफीय विध्ि से हल पिछले अनुच्छेद में, आपने देखा कि एक रैख्िाक समीकरण युग्म को वैफसे ग्रापफीय रूप में दो रेखाओं में व्यक्त किया जाता है। आपने यह भी देखा है कि ये रेखाएँ प्रतिच्छेद कर सकती हैं या समांतर हो सकती हैं या संपाती हो सकती हैं। क्या हम उन्हें प्रत्येक स्िथति में हल कर सकते हैं? और यदि ऐसा है, तो किस प्रकार? हम प्रयत्न करेंगे और इन प्रश्नों के उत्तर ज्यामितीय दृष्िट से इस अनुच्छेद में देंगे। आइए हम पिछले उदाहरणों को एक - एक कर देखें। ऽ उदाहरण 1 की स्िथति में, ज्ञात कीजिए कि अख्िाला ने कितनी बार चरखी पर सवारी की और कितनी बार हूपला खेल खेला। आवृफति 3.2 में, आपने देखा था कि इस स्िथति को निरूपित करने वाले समीकरण ज्यामितीय रूप से ¯बदु ;4ए 2द्ध पर प्रतिच्छेद करने वाली दो रेखाओं को निरूपित करते हैं। इसलिए, ¯बदु ;4ए 2द्ध दोनों समीकरणों ग दृ 2ल त्र 0 और 3ग ़ 4ल त्र 20 को निरूपित करने वाली रेखाओं पर स्िथत है और केवल यही उभयनिष्ठ ¯बदु है। आइए हम बीजगण्िातीय रूप से सत्यापित करें कि ग त्र 4ए ल त्र 2 दिए हुए समीकरण युग्म का एक हल है। प्रत्येक समीकरण में ग और ल के मान रखने पर, हम प्राप्त करते हैं कि 4 दृ 2 × 2 त्र 0 और 3;4द्ध ़ 4;2द्ध त्र 20 है। अतः, हमने सत्यापित किया है कि ग त्र 4ए ल त्र 2 दोनों समीकरणों का एक हल है। चँूकि ;4ए 2द्ध दोनों रेखाआंे का केवल एक उभयनिष्ठ ¯बदु है, इसलिए दो चरों में रैख्िाक समीकरण युग्म का एक और केवल एक हल है। इस प्रकार, अख्िाला ने चरखी पर 4 बार सवारी की और 2 बार हूपला खेल खेला। ऽ उदाहरण 2 की स्िथति में, क्या आप प्रत्येक पेंसिल और प्रत्येक रबड़ का मूल्य ज्ञात कर सकते हैं? आवृफति 3.3 में, इस स्िथति को ज्यामितीय रूप में एक संपाती रेखा युग्म द्वारा दशार्या गया है। समीकरणों के हल इनके सवर्निष्ठ ¯बदुओं ;बवउउवद चवपदजेद्ध द्वारा प्राप्त होते हैं। क्या इन रेखाओं में कोइर् सावर्निष्ठ ¯बदु है? ग्रापफ से हम देखते हैं कि इस रेखा का प्रत्येक ¯बदु दोनों समीकरणों का एक हल है। अतः, समीकरणों 2ग ़ 3ल त्र 9 और 4ग ़ 6ल त्र 18 के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। इससे हमंे आश्चयर् नहीं होना चाहिए, क्योंकि यदि हम समीकरण 4ग ़ 6ल त्र 18 को 2 से भाग दें, तो हमें 2ग ़ 3ल त्र 9 प्राप्त होता है, जो कि समीकरण ;1द्ध ही है। अथार्त् दोनों समीकरण तुल्य हैं। ग्रापफ से, हम देखते हैं कि रेखा पर कोइर् ¯बदु प्रत्येक पेंसिल और प्रत्येक रबड़ का मूल्य देता है। उदाहरण के लिए, प्रत्येक पेंसिल तथा प्रत्येक रबड़ का मूल्य क्रमशः 3 रु तथा 1 रु हो सकता है। अथवा प्रत्येक पेंसिल का मूल्य 3.75 रु तथा रबड़ का मूल्य 0.50 रु हो सकता है, इत्यादि। ऽ उदाहरण 3 की स्िथति में, क्या रेल पटरियाँ किसी स्थान पर मिल सकती हैं? आवृफति 3.4 में, दी हुइर् स्िथति को ज्यामितीय रूप में दो समांतर रेखाओं से निरूपित किया गया है। क्योंकि रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, ये पटरियाँ एक दूसरे से नहीं मिलती हैं। इसका यह भी अथर् है कि इन समीकरणों का कोइर् उभयनिष्ठ हल नहीं है। एक रैख्िाक समीकरण युग्म, जिसवफा कोइर् हल नहीं होता, रैख्िाक समीकरणों का असंगत ;पदबवदेपेजमदजद्ध युग्म कहलाता है। एक रैख्िाक समीकरण युग्म, जिसका हल होता है, रैख्िाक समीकरणों का संगत ;बवदेपेजमदजद्ध युग्म कहलाता है। तुल्य रैख्िाक समीकरणों के एक युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। इस युग्म को दो चरों के रैख्िाक समीकरणों का आश्रित ;कमचमदकमदजद्ध युग्म कहते हैं। ध्यान दीजिए कि रैख्िाक समीकरणों का आश्रित युग्म सदैव संगत होता है। अब हम दो चरों में एक रैख्िाक समीकरण युग्म द्वारा निरूपित रेखाओं के व्यवहार को तथा हल के अस्ितत्व होने को निम्न प्रकार से एक सारांश के रूप में व्यक्त कर सकते हैंः ;पद्ध रेखाएँ एक ¯बदु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं। इस स्िथति में, समीकरण युग्म का अद्वितीय हल होता है ;अविरोध्ी समीकरण युग्मद्ध। ;पपद्ध रेखाएँ समांतर हो सकती हैं। इस स्िथति में, समीकरणों का कोइर् हल नहीं होता है ;असंगत समीकरण युग्मद्ध। ;पपपद्ध रेखाएँ संपाती हो सकती हैं। इस स्िथति में, समीकरणों के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं ख्आश्रित ;संगतद्ध समीकरण युग्म,। आइए अब हम उदाहरणों 1, 2 और 3 में बने रैख्िाक समीकरण युग्मों पर पिफर से वापस आएँं और विचार करें कि वे युग्म ज्यामितीय रूप में किस प्रकार के हैं। ;पद्ध ग दृ 2ल त्र 0 और 3ग ़ 4ल दृ 20 त्र 0 ;रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैंद्ध ;पपद्ध 2ग ़ 3ल दृ 9 त्र 0 और 4ग ़ 6ल दृ 18 त्र 0 ;रेखाएँ संपाती हैंद्ध ;पपपद्ध ग ़ 2ल दृ 4 त्र 0 और 2ग ़ 4ल दृ 12 त्र 0 ;रेखाएँ समांतर हैंद्ध ं इ ब1 1 1अब आइए सभी तीनों उदाहरणों में, ए आरै के मान लिखें और उनकींब2 इ22 तुलना करें। यहाँ ं ए इ ए ब और ं ए इ ए ब अनुच्छेद 3.2 में, व्यापक रूप में दिए गए1 11 222 समीकरणों के गुणांक को व्यक्त करते हैं। सारणी 3ण्4 क्र रेखा युग्म 1 2 ं ं 1 2 इ इ 1 2 ब ब अनुपातों की ग्रापफीय बीजगण्िातीय सं तुलना निरूपण निरूपण 1 2 3 ग दृ 2ल त्र 0 3ग ़ 4ल दृ 20 त्र 0 2ग ़ 3ल दृ 9 त्र 0 4ग ़ 6ल दृ 18 त्र 0 ग ़ 2ल दृ 4 त्र 0 2ग ़ 4ल दृ 12 त्र 0 1 3 2 4 1 2 2 4 − 3 6 2 4 0 −20 9 18 − − 4 12 − − 1 1 2 2 ं इ ं इ ≠ 1 1 1 2 2 2 ं इ ब ं इ ब त्र त्र 1 1 1 2 2 2 ं इ ब ं इ ब त्र ≠ प्रतिच्छेद करती हुइर् रेखाएँ संपाती रेखाएँ समांतर रेखाएँ केवल एक हल ;अद्वितीयद्ध अपरिमित रूप से अनेक हल कोइर् हल नहीं सारणी 3ण्4 से आप देख सकते हंै कि ं 1 ग ़ इ 1ल ़ ब 1 त्र0 और ंग ़ इल ़ ब त्र0 से निरूपित रेखाएँः222ं1 इ1;पद्ध प्रतिच्छेद करती हैं, तो ≠ है। ं2 इ2 ंइब111;पपद्ध संपाती हैं, तो त्रत्र है। ंइब222 ंइ ब11 1;पपपद्ध समांतर हैं, तो त्र≠ है। ंइ ब22 2 वास्तव में, इसका विलोम भी किसी भी रेखा युग्म के लिए सत्य है। आप वुफछ और उदाहरण लेकर इसकी जाँच कर सकते हैं। आइए अब इसको स्पष्ट करने के लिए वुफछ उदाहरण लें। उदाहरण 4 रू ग्रापफ द्वारा जाँच कीजिए कि समीकरण युग्म ग ़ 3ल त्र 6 ;1द्ध और 2ग दृ 3ल त्र 12 ;2द्ध संगत है। यदि ऐसा है, तो उन्हें ग्रापफ द्वारा हल कीजिए। हल रू आइए समीकरणों ;1द्ध और ;2द्ध के ग्रापफ खींचें। इसके लिए, हम प्रत्येक समीकरण के दो हल ज्ञात करते हैं, जो सारणी 3.5 में दिए हैंः सारणी 3ण्5 एक ग्रापफ पेपर पर ¯बदुओं ।;0ए 2द्धए ठ;6ए 0द्धए च्;0ए दृ 4द्ध और फ;3ए दृ 2द्ध को आलेख्िात कीजिए, और ¯बदुओं को मिलाकर रेखा ।ठ और च्फ आवृफति 3.5 के अनुसार बनाइए। हम देखते हैं कि रेखाओं ।ठ और च्फ में एक उभयनिष्ठ ¯बदु ठ;6ए 0द्ध है। इसलिए, रैख्िाक समीकरण युग्म का एक हल ग त्र 6ए ल त्र 0 है, अथार्त् समीकरण युग्म संगत है। आवृफति 3ण्5 उदहारण 5 रू ग्रापफ द्वारा ज्ञात कीजिए कि निम्न समीकरण युग्म का हल नहीं है, अद्वितीय हल है अथवा अपरिमित रूप से अनेक हल हैंः 5ग दृ 8ल ़ 1 त्र 0 ;1द्ध 24 3 3ग दृ 5 ल ़ 5 त्र 0 ;2द्ध हल रू समीकरण ;2द्ध को 5 3 से गुणा करने पर, हम पाते हैं: 5ग दृ 8ल ़ 1 त्र 0 परंतु यह वही है जो समीकरण ;1द्ध है। अतः, समीकरणों;1द्ध और ;2द्ध से निरूपित रेखाएँ संपाती हैं। इसलिए, समीकरणों ;1द्ध और ;2द्ध के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। ग्रापफ पर वुफछ ¯बदु अंकित कीजिए और स्वयं जाँच कर लीजिए। उदाहरण 6 रू चंपा एक ‘सेल’ में वुफछ पैंट और स्कटर् खरीदने गइर्। जब उसकी सहेलियों ने पूछा कि प्रत्येक के कितने नग खरीदे, तो उसने उत्तर दिया, फ्स्कटर् की संख्या खरीदी गइर् पैंटों की संख्या की दो गुनी से दो कम है। स्कटर् की संख्या खरीदी गइर् पैंटों की संख्या की चार गुनी से भी चार कम है।य् सहेलियों की यह जानने के लिए सहायता कीजिए कि चंपा ने कितनी पैंट और स्कटर् खरीदीं। हल रू आइए हम पैंटों की संख्या को ग तथा स्कटर् की संख्या को ल से निरूपित करंे। तब, इनसे बनी समीकरण हैंः ल त्र 2ग दृ 2 ;1द्ध और ल त्र 4ग दृ 4 ;2द्ध अब आइए समीकरणों ;1द्ध और ;2द्ध के ग्रापफ खींचने के लिए, प्रत्येक समीकरण के दो हल ज्ञात करें। येे सारणी 3.6 में दिए हैं: सारणी 3ण्6 ग 2 0 ल त्र 2ग दृ 2 2 दृ 2 ग 0 1 ल त्र 4ग दृ 4 दृ 4 0 ¯बदुओं को आलेख्िात कीजिए और समीकरणों को निरूपित करने के लिए उनसे जाने वाली रेखाएँ खींचिए, जैसा आवृफति 3.6 में दिखाया गया है। ये दोनों रेखाएँ ¯बदु ;1ए 0द्ध पर प्रतिच्छेद करती हैं। इसलिए ग त्र 1ए ल त्र 0 रैख्िाक समीकरण युग्म का अभीष्ट हल है, अथार्त् उसके द्वारा खरीदी गइर् पैंटों की संख्या 1 है और उसने कोइर् स्कटर् नहीं खरीदी है। जाँच रू ;1द्ध और ;2द्ध में ग त्र 1 और ल त्र 0 रखने पर हम पाते हैं कि दोनों समीकरण संतुष्ट हो जाती हैं। प्रश्नावली 3ण्2 1ण् निम्न समस्याओं में रैख्िाक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके ग्रापफीय विध्ि से हल ज्ञात कीजिए। ;पद्ध कक्षा ग् के 10 विद्या£थयों ने एक गण्िात की पहेली प्रतियोगिता में भाग लिया। यदि लड़कियों की संख्या लड़कों की संख्या से 4 अध्िक हो, तो प्रतियोगिता में भाग लिए लड़कों और लड़कियों की संख्या ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध 5 पेंसिल तथा 7 कलमों का वुफल मूल्य ृ 50 है, जबकि 7 पेंसिल तथा 5 कलमों का वुफल मूल्य ृ 46 है। एक पेंसिल का मूल्य तथा एक कलम का मूल्य ज्ञात कीजिए। ं इ ब1 1 12ण् अनुपातों ए आरै की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि निम्न समीकरण युग्म द्वारा निरूपित ं इ ब2 2 2 रेखाएँ एक ¯बदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, समांतर हैं अथवा संपाती हैं: ;पद्ध 5ग दृ 4ल ़ 8 त्र 0 ;पपद्ध 9ग ़ 3ल ़ 12 त्र 0 7ग ़ 6ल दृ 9 त्र 0 18ग ़ 6ल ़ 24 त्र 0 ;पपपद्ध 6ग दृ 3ल ़ 10 त्र 0 2ग दृ ल ़ 9 त्र 0 ं1 इ1 ब1ए3ण् अनुपातों और की तुलना कर ज्ञात कीजिए कि निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्मंब2 इ22 संगत हैं या असंगतः ;पद्ध 3ग ़ 2ल त्र 5 य 2ग दृ 3ल त्र 7 ;पपद्ध 2ग दृ 3ल त्र 8 य 4ग दृ 6ल त्र 9 35 ;पपपद्ध ग ़ ल त्र 7य9ग दृ 10ल त्र 14 ;पअद्ध 5ग दृ 3ल त्र 11 य दृ 10ग ़ 6ल त्र दृ22 23 4 ;अद्ध ग ़ 2ल त्र8 य2ग ़ 3ल त्र 12 3 4ण् निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्मों में से कौन से युग्म संगत/असंगत हैं, यदि संगत हैं तो ग्रापफीय विध्ि से हल ज्ञात कीजिए। ;पद्ध ग ़ ल त्र 5ए 2ग ़ 2ल त्र 10 ;पपद्ध ग दृ ल त्र 8ए 3ग दृ 3ल त्र 16 ;पपपद्ध 2ग ़ ल दृ 6 त्र 0ए 4ग दृ 2ल दृ 4 त्र 0 ;पअद्ध 2ग दृ 2ल दृ 2 त्र 0ए 4ग दृ 4ल दृ 5 त्र 0 5ण् एक आयताकार बाग, जिसकी लंबाइर्, चैड़ाइर् से 4 उ अध्िक है, का अध्र्परिमाप 36 उ है। बाग की विमाएँ ज्ञात कीजिए। 6ण् एक रैख्िाक समीकरण2ग ़ 3ल दृ 8 त्र 0 दी गइर् है। दो चरों में एक ऐसी और रैख्िाक समीकरण लिख्िाए ताकि प्राप्त युग्म का ज्यामितीय निरूपण जैसा कि ;पद्ध प्रतिच्छेद करती रेखाएँ हों। ;पपद्ध समांतर रेखाएँ हों। ;पपपद्ध संपाती रेखाएँ हों। 7ण् समीकरणोंग दृ ल ़ 1 त्र 0 और 3ग ़ 2ल दृ 12 त्र 0 का ग्रापफ खींचिए। ग.अक्ष और इन रेखाओं से बने त्रिाभुज के शीषो± के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए और त्रिाभुजाकार पटल को छायांकित कीजिए। 3ण्4 एक रैख्िाक समीकरण युग्म को हल करने की बीजगण्िातीय विध्ि पिछले अनुच्छेद में, हमने एक रैख्िाक समीकरण युग्म को हल करने के लिए ग्रापफीय विध्ि की चचार् की। ग्रापफीय विध्ि उस स्िथति में सुविधजनक नहीं होती है, जब रैख्िाक समीकरणों के हलों को निरूपित करने वाले ¯बदुओं के निदेर्शांक पूणा±क न हों, जैसे ; 3ए2 7 द्ध ए ⎛ 41 ⎞ ए;दृ1ण्75ए 3ण्3द्धए ⎜⎟ आदि। इस प्रकार के ¯बदुआंे को पढ़ने में आवश्यक रूप से त्राुटि⎝ 13 19 ⎠ होने की संभावना रहती है। क्या हल ज्ञात करने की कोइर् अन्य विध्ि भी है? इसकी कइर् बीजगण्िातीय ;बीजीयद्ध विध्ियाँ हैं, जिनकी हम अब चचार् करेंगे। 3ण्4ण्1 प्रतिस्थापन विध्ि रू हम प्रतिस्थापन विध्ि को वुफछ उदाहरण लेकर समझाएँगे। उदाहरण 7 रू प्रतिस्थापना विध्ि द्वारा निम्न रैख्िाक समीकरण युग्म को हल कीजिए: 7ग दृ 15ल त्र 2 ;1द्ध ग ़ 2ल त्र 3 ;2द्ध हल रू चरण 1 रू हम किसी एक समीकरण को लेते हैं और किसी एक चर को दूसरे के पदों में लिखते हैं। आइए समीकरण ;2द्ध ग ़ 2ल त्र 3ए को लें और इसे ग त्र 3 दृ 2ल के रूप में लिखें। ;3द्ध चरण 2 रू ग का यह मान समीकरण ;1द्ध में प्रतिस्थापित कीजिए। हम पाते हैंः 7;3 दृ 2लद्ध दृ 15ल त्र2 अथार्त् 21 दृ 14ल दृ 15ल त्र2 अथार्त् दृ 29ल त्र दृ19 19 इसलिए ल त्र 29 चरण 3 रू ल का यह मान समीकरण ;3द्ध में प्रतिस्थापित करने पर, हम पाते हैंः ⎛ 19 ⎞ 49 ग त्र3 दृ 2 त्र⎜⎟⎝ 29 ⎠29 49 19 अतः हल हैः ग त्र ए ल त्र 29 29 49 19 सत्यापनरू ग त्र और ल त्र को प्रतिस्थापित करने पर, आप जाँच कर सकते हैं कि दोनों29 29 समीकरण ;1द्ध और ;2द्ध संतुष्ट हो जाते हैं। प्रतिस्थापन विध्ि को और अध्िक स्पष्ट रूप से समझने के लिए, आइए इस पर चरणब( रूप से विचार करें। चरण 1 रू एक चर का मान, माना ल को दूसरे चर, माना ग के पदों में किसी भी समीकरण से ज्ञात कीजिए, जो सुविधजनक हो। चरण 2 रू ल के इस मान को दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित कीजिए और इसको एक चर ग के समीकरण के रूप में बदलिए, जिसको हल किया जा सकता है। कभी - कभी, जैसा कि निम्न उदाहरणों 9 तथा 10 में है, आप बिना किसी चर के कथन प्राप्त कर सकते हैं। यदि यह कथन सत्य है, तो आप यह निणर्य कर सकते हैं कि रैख्िाक समीकरण युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। यदि चरण 2 में प्राप्त कथन असत्य है, तो रैख्िाक समीकरण युग्म विरोध्ी है। चरण 3 रू चरण 2 से प्राप्तग ;अथवालद्ध का मान उस समीकरण, जिसे चरण 1 में प्रयोग किया है, में प्रतिस्थापित करके दूसरे चर का मान प्राप्त कीजिए। टिप्पणी रू हमने एक चर का मान दूसरे चर के पद में व्यक्त करके, रैख्िाक समीकरण युग्म को हल करने के लिए प्रतिस्थापित किया है। इसलिए इस विध्ि को प्रतिस्थापन विध्ि कहते हैं। उदाहरण 8 रू प्रश्नावली 3.1 के प्रश्न संख्या 1 को प्रतिस्थापन विध्ि से हल कीजिए। हल रू माना आप़फताब और उसकी पुत्राी की आयु ;वषो± मेंद्ध क्रमशः े और ज हैं। तब, उस स्िथति को निरूपित करने के लिए, रैख्िाक समीकरण युग्म हैः े दृ 7 त्र 7 ;ज दृ 7द्धए अथार्त् े दृ 7ज ़ 42 त्र 0 ;1द्ध तथा े ़ 3 त्र 3;ज ़ 3द्धए अथार्त् े दृ 3ज त्र 6 ;2द्ध समीकरण ;2द्ध का प्रयोग करने पर, हम पाते हैंः े त्र 3ज ़ 6 समीकरण ;1द्ध में े का मान रखने पर, हम पाते हैंः ;3ज ़ 6द्ध दृ 7ज ़ 42 त्र 0 अथार्त् 4ज त्र 48ए जिससे ज त्र 12 प्राप्त होता है। ज के इस मान को समीकरण ;2द्ध में रखने पर, हमें प्राप्त होता हैः े त्र 3 ;12द्ध ़ 6 त्र 42 अतः, आप़फताब और उसकी पुत्राी क्रमशः 42 वषर् और 12 वषर् के हैं। इस उत्तर की पुष्िट के लिए, यह जाँच कर लीजिए कि यह दी हुइर् समस्या के प्रतिबंधांे को संतुष्ट करता है या नहीं। उदाहरण 9 रू आइए अनुच्छेद 3.3 के उदाहरण 2 को लें, अथार्त् 2 पेंसिल और 3 रबड़ों का मूल्य ृ 9 है और 4 पेंसिल और 6 रबड़ों का मूल्य ृ 18 है। प्रत्येक पेंसिल और प्रत्येक रबड़ का मूल्य ज्ञात कीजिए। हल रू रैख्िाक समीकरण युग्म जो बने थे वे हैंः 2ग ़ 3ल त्र 9 ;1द्ध 4ग ़ 6ल त्र 18 ;2द्ध हम पहले समीकरण 2ग ़ 3ल त्र 9 से, ग का मान ल के पदों में व्यक्त करते हैं और पाते हैं: 9 − 3ल ग त्र ;3द्ध2 अब हम ग के इस मान को समीकरण ;2द्ध में प्रतिस्थापित करके प्राप्त करते हैंः 4;9 −3लद्ध ़ 6ल त्र 18 2 अथार्त् 18 दृ 6ल ़ 6ल त्र 18 अथार्त् 18 त्र 18 यह कथन ल के सभी मानों के लिए सत्य है। यद्यपि, इससे ल का कोइर् मान हल के रूप में नहीं प्राप्त होता है। इसलिए हम ग का कोइर् निश्िचत मान नहीं पाते हैं। यह स्िथति इसलिए पैदा हुइर् है कि दोनों दिए गए समीकरण एक ही हैं। अतः समीकरणों ;1द्ध और ;2द्ध के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। ध्यान दीजिए कि समीकरणों का यही हल ग्रापफीय विध्ि से मिला है ;अनुच्छेद 3.2 की आवृफति 3.3 का संदभर् लीजिएद्ध। हम एक पेंसिल तथा एक रबड़ का अद्वितीय मूल्य नहीं प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि दी हुइर् स्िथति में बहुत से सावर् ;सवर्निष्ठद्ध हल हैं। उदाहरण 10 रू आइए अनुच्छेद 3.2 का उदाहरण 3 लें। क्या रेल पटरियाँ एक दूसरे को काटेंगी? हल रू इसमें बनाए गए रैख्िाक समीकरण थेः ग ़ 2ल दृ 4 त्र 0 ;1द्ध 2ग ़ 4ल दृ 12 त्र 0 ;2द्ध समीकरण ;1द्ध से ग को ल के पदों में व्यक्त करके, हम पाते हैंः ग त्र 4 दृ 2ल अब, ग के इस मान को समीकरण ;2द्ध में प्रतिस्थापित करके हम पाते हैंः 2;4 दृ 2लद्ध ़ 4ल दृ 12 त्र 0 अथार्त् 8 दृ 12 त्र 0 अथार्त् दृ 4 त्र 0 जो कि एक असत्य कथन है। अतः, दिए गए समीकरणों का कोइर् सावर् हल नहीं है। इसलिए, दोनों पटरियाँ एक दूसरे को नहीं काटेंगी। प्रश्नावली 3ण्3 1ण् निम्न रैख्िाक समीकरण युग्म को प्रतिस्थापन विध्ि से हल कीजिएः ;पद्ध ग ़ ल त्र 14 ;पपद्ध े दृ ज त्र 3 ेज ग दृ ल त्र 4 ़त्र 6 3 2 ;पपपद्ध 3ग दृ ल त्र 3 ;पअद्ध 0ण्2ग ़ 0ण्3ल त्र 1ण्3 9ग दृ 3ल त्र 9 0ण्4ग ़ 0ण्5ल त्र 2ण्3 3ग 5ल− त्र− 2 23 गल 13 ़ त्र 3 2 6 2ण् 2ग ़ 3ल त्र 11 और2ग दृ 4ल त्र दृ24 को हल कीजिए और इससेष्उष् का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए ल त्र उग ़ 3 हो 3ण् निम्न समस्याओं में रैख्िाक समीकरण युग्म बनाइए और उनके हल प्रतिस्थापन विध्ि द्वारा ज्ञात कीजिएः ;पद्ध दो संख्याओं का अंतर 26 है और एक संख्या दूसरी संख्या की तीन गुनी है। उन्हें ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध दो संपूरक कोणों में बड़ा कोण छोटे कोण से 18 डिग्री अध्िक है। उन्हें ज्ञात कीजिए। ;पपपद्ध एक िकेट टीम के कोच ने 7 बल्ले तथा 6 गेदें ृ 3800 में खरीदीं। बाद में, उसने 3 बल्ले तथा 5 गेंदें ृ 1750 में खरीदी। प्रत्येक बल्ले और प्रत्येक गेंद का मूल्य ज्ञात कीजिए। ;पअद्ध एक नगर में टैक्सी के भाड़े में एक नियत भाड़े के अतिरिक्त चली गइर् दूरी पर भाड़ा सम्िमलित किया जाता है। 10 ाउ दूरी के लिए भाड़ा ृ 105 है तथा 15 ाउ के लिए भाड़ा ृ 155 है। नियत भाड़ा तथा प्रति ाउ भाड़ा क्या है? एक व्यक्ित को 25 ाउ यात्रा करने के लिए कितना भाड़ा देना होगा? ;अद्ध यदि किसी भ्िान्न के अंश और हर दोनों में 2 जोड़ दिया जाए, तो वह 9 हो जाती है। यदि 11 अंश और हर दोनों में 3 जोड़ दिया जाए, तो वह 5 हो जाती है। वह भ्िान्न ज्ञात कीजिए। 6 ;अपद्ध पाँच वषर् बाद जैकब की आयु उसके पुत्रा की आयु से तीन गुनी हो जाएगी। पाँच वषर् पूवर् जैकब की आयु उसके पुत्रा की आयु की सात गुनी थी। उनकी वतर्मान आयु क्या हैं? 3ण्4ण्2 विलोपन विध्ि अब आइए एक और विध्ि पर विचार करें जिसे एक चर को विलुप्त करने की विध्ि कहा जाता है। यह कभी - कभी प्रतिस्थापन विध्ि से अध्िक सुविधजनक रहती है। आइए अब देखें कि यह विध्ि वैफसे की जाती है। उदाहरण 11 रू दो व्यक्ितयों की आय का अनुपात 9 रू 7 है और उनके खचो± का अनुपात 4 रू 3 है। यदि प्रत्येक व्यक्ित प्रति महीने में 2000 रु बचा लेता है, तो उनकी मासिक आय ज्ञात कीजिए। हल रू आइए दोनों व्यक्ितयों की मासिक आय को क्रमशः 9ग रु तथा 7ग रु से निरूपित करें और उनके खचो± को क्रमशः 4ल रु और 3ल रु से निरूपित करें। तब, उस स्िथति में बने समीकरण हैंः 9ग दृ 4ल त्र 2000 ;1द्ध और 7ग दृ 3ल त्र 2000 ;2द्ध चरण 1 रू ल के गुणकों को समान करने के लिए समीकरण ;1द्ध को 3 से तथा समीकरण ;2द्ध को 4 से गुणा कीजिए। तब हम निम्नलिख्िात समीकरण प्राप्त करते हैंः 27ग दृ 12ल त्र 6000 ;3द्ध 28ग दृ 12ल त्र 8000 ;4द्ध चरण 2 रू ल को विलुप्त करने के लिए समीकरण ;3द्ध को समीकरण ;4द्ध में से घटाइए, क्योंकि ल के गुणांक समान हैं, इसलिए हम पाते हैंः ;28ग दृ 27गद्ध दृ ;12ल दृ 12लद्ध त्र 8000 दृ 6000 अथार्त् ग त्र 2000 चरण 3 रू ग का मान ;1द्ध में प्रतिस्थापित करने पर, हम पाते हैंः 9;2000द्ध दृ 4ल त्र 2000 अथार्त् ल त्र 4000 अतः समीकरणों के युग्म का हल ग त्र 2000ए ल त्र 4000 है। इसलिए, व्यक्ितयों की मासिक आय क्रमशः ृ 18000 तथा ृ 14000 हैं। सत्यापन रू 18000 रू 14000 त्र 9 रू 7 है। साथ ही, उनके खचो± का अनुपात 18000 दृ 2000 रू 14000 दृ 2000 त्र 16000 रू 12000 त्र 4 रू 3 है। टिप्पणी रू 1ण् उपयुर्क्त उदाहरण को हल करने में, उपयोग की गइर् विध्ि को विलोपन विध्ि ;मसपउपदंजपवद उमजीवकद्ध कहते हैं, क्योंकि हम सवर्प्रथम एक चर को विलुप्त करके, एक चर में एक रैख्िाक समीकरण प्राप्त करते हैं। उपयुर्क्त उदाहरण में, हमने ल को विलुप्त किया है। हम ग को भी विलुप्त कर सकते थे। इस प्रकार भी समीकरणों को हल करने का प्रयत्न कीजिए। 2ण् आप इसको हल करने के लिए प्रतिस्थापन विध्ि या ग्रापफीय विध्ि का प्रयोग भी कर सकते थे। इन विध्ियों से भी हल कीजिए और देख्िाए कौन - सी विध्ि सबसे उपयुक्त है। आइए अब हम विलोपन विध्ि के प्रयोग के विभ्िान्न चरण बताएँः चरण 1 रू सवर्प्रथम दोनों समीकरणों को उपयुक्त शून्येतर अचरों से, किसी एक चर ;ग अथवा लद्ध के गुणांकों को संख्यात्मक रूप में समान करने के लिए, गुणा कीजिए। चरण 2 रू पुनः एक समीकरण को दूसरे में जोड़ें या उसमें से घटाएँ जिससे कि एक चर विलुप्त हो जाए। यदि आप एक चर में समीकरण पाते हैं, तो चरण 3 में जाइए। यदि चरण 2 में, हमें चर रहित एक सत्य कथन प्राप्त होे, तो मूल समीकरण युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। यदि चरण 2 में, हमें एक चर रहित असत्य कथन मिले, तो मूल समीकरण युग्म का कोइर् हल नहीं है, अथार्त् यह असंगत है। चरण 3 रू इस प्रकार एक चर ;ग या लद्ध में प्राप्त समीकरण को, उस चर का मान ज्ञात करने के लिए, हल कीजिए। चरण 4 रू ग ;या लद्ध के इस मान को मूल समीकरणों में से किसी एक में, दूसरे चर का मान ज्ञात करने के लिए, प्रतिस्थापित कीजिए। अब इसे समझाने के लिए, हम वुफछ और उदाहरण हल करते हैं: उदाहरण 12 रू विलोपन विध्ि का प्रयोग करके, निम्न रैख्िाक समीकरण युग्म के सभी संभव हल ज्ञात कीजिएः 2ग ़ 3ल त्र 8 ;1द्ध 4ग ़ 6ल त्र 7 ;2द्ध हल रू चरण 1 रू समीकरण ;1द्ध को 2 से तथा समीकरण ;2द्ध को 1 से, ग के गुणांकों को समान करने के लिए, गुणा करिए। तब हम निम्न समीकरण पाते हैंः 4ग ़ 6ल त्र 16 ;3द्ध 4ग ़ 6ल त्र 7 ;4द्ध चरण 2 रू समीकरण ;4द्ध को समीकरण ;3द्ध में से घटाने पर, ;4ग दृ 4गद्ध ़ ;6ल दृ 6लद्ध त्र 16 दृ 7 अथार्त् 0 त्र 9ए जो एक असत्य कथन है। अतः, समीकरणों के युग्म का कोइर् हल नहीं है। उदाहरण 13 रू दो अंकों की एक संख्या एवं उसके अंकों को उलटने पर बनी संख्या का योग 66 है। यदि संख्या के अंकों का अंतर 2 हो, तो संख्या ज्ञात कीजिए। ऐसी संख्याएँ कितनी हैं? हल रू माना प्रथम संख्या की दहाइर् तथा इकाइर् के अंक क्रमशः ग और ल हैं। इसलिए, प्रथम संख्या को प्रसारित रूप में 10 ग ़ ल लिख सकते हैं ख्उदाहरण के लिए, 56 त्र 10;5द्ध ़ 6,। जब अंक उलट जाते हैं, तो ग इकाइर् का अंक बन जाता है तथा ल दहाइर् का अंक। यह संख्या प्रसारित रूप में 10ल ़ ग है ख्उदाहरण के लिए, जब 56 को उलट दिया जाता है, तो हम पाते हैंः 65 त्र 10;6द्ध ़ 5,। दिए हुए प्रतिबंधें के अनुसार, ;10ग ़ लद्ध ़ ;10ल ़ गद्ध त्र 66 अथार्त् 11;ग ़ लद्ध त्र 66 अथार्त् ग ़ ल त्र 6 ;1द्ध हमें यह भी दिया गया है कि अंकों का अंतर 2 है। इसलिए, या तो ग दृ ल त्र 2 ;2द्ध या ल दृ ग त्र 2 ;3द्ध यदि ग दृ ल त्र 2 है, तो ;1द्ध और ;2द्ध को विलोपन विध्ि से हल करने पर, ग त्र 4 और ल त्र 2 प्राप्त होता है। इस स्िथति में, हमें संख्या 42 प्राप्त होती है। यदि ल दृ ग त्र 2 है, तो ;1द्ध और ;3द्ध को विलोपन विध्ि से हल करने पर, हमें ग त्र 2 और ल त्र 4 प्राप्त होता है। इस स्िथति में, हमें संख्या 24 प्राप्त होती है। इस प्रकार ऐसी दो संख्याएँ 42 और 24 हैं। सत्यापन: यहाँ 42 ़ 24 त्र 66 और 4 दृ 2 त्र 2 है तथा 24 ़ 42 त्र 66 और 4 दृ 2 त्र 2 है। प्रश्नावली 3ण्4 1ण् निम्न समीकरणों के युग्म को विलोपन विध्ि तथा प्रतिस्थापना विध्ि से हल कीजिए। कौन - सी विध्ि अध्िक उपयुक्त है? ;पद्ध ग ़ ल त्र 5 और 2ग दृ 3ल त्र 4 ;पपद्ध 3ग ़ 4ल त्र 10 और 2ग दृ 2ल त्र 2 ग 2लल ;पपपद्ध 3ग दृ 5ल दृ 4 त्र 0 और 9ग त्र 2ल ़ 7 ;पअद्ध ़ त्र−1 और ग −त्र 3 2 3 3 2ण् निम्न समस्याओं में रैख्िाक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके हल ;यदि उनका अस्ितत्व होद्ध विलोपन विध्ि से ज्ञात कीजिए: ;पद्ध यदि हम अंश में 1 जोड़ दें तथा हर में से 1 घटा दें, तो भ्िान्न 1 में बदल जाती है। यदि 1हर में 1 जोड़ दें, तो यह हो जाती है। वह भ्िान्न क्या है?2 ;पपद्ध पाँच वषर् पूवर् नूरी की आयु सोनू की आयु की तीन गुनी थी। दस वषर् पश्चात्, नूरी की आयु सोनू की आयु की दो गुनी हो जाएगी। नूरी और सोनू की आयु कितनी है। ;पपपद्ध दो अंकों की संख्या के अंकों का योग 9 है। इस संख्या का नौ गुना, संख्या के अंकों को पलटने से बनी संख्या का दो गुना है। वह संख्या ज्ञात कीजिए। ;पअद्ध मीना ृ 2000 निकालने के लिए एक बैंक गइर्। उसने खजाँची से ृ 50 तथा ृ 100 के नोट देने के लिए कहा। मीना ने वुफल 25 नोट प्राप्त किए। ज्ञात कीजिए कि उसने ृ 50 और ृ 100 के कितने - कितने नोट प्राप्त किए। ;अद्ध किराए पर पुस्तवेंफ देने वाले किसी पुस्तकालय का प्रथम तीन दिनों का एक नियत किराया है तथा उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दिन का अलग किराया है। सरिता ने सात दिनों तक एक पुस्तक रखने के लिए ृ 27 अदा किए, जबकि सूसी ने एक पुस्तक पाँच दिनों तक रखने के ृ 21 अदा किए। नियत किराया तथा प्रत्येक अतिरिक्त दिन का किराया ज्ञात कीजिए। 3ण्4ण्3 वज्र - गुणन विध्ि अब तक, आपने पढ़ा है कि दो चरों के रैख्िाक समीकरण युग्म को वैफसे ग्रापफीय, प्रतिस्थापन एवं विलोपन विध्ियों द्वारा हल किया जा सकता है। यहाँ हम एक रैख्िाक समीकरण युग्म को हल करने के लिए एक और बीजगण्िातीय विध्ि का परिचय देते हैं, जो कइर् कारणों से इन समीकरणों को हल करने की बहुत उपयोगी विध्ि है। इससे पूवर् कि हम आगे बढ़ें, आइए निम्न स्िथति का अवलोकन करेंः 5 संतरे और 3 सेबों का मूल्य ृ 35 है तथा 2 संतरे और 4 सेबों का मूल्य ृ 28 है। आइए एक संतरे तथा एक सेब का मूल्य ज्ञात करें। मान लें कि एक संतरे का मूल्य ृ ग और एक सेब का मूल्य ृ ल है। तब, समीकरण बनती हैंः 5ग ़ 3ल त्र 35ए अथार्त् 5ग ़ 3ल दृ 35 त्र 0 ;1द्ध और 2ग ़ 4ल त्र 28ए अथार्त् 2ग ़ 4ल दृ 28 त्र 0 ;2द्ध आइए विलोपन विध्ि से इन समीकरणों को हल करें। समीकरण ;1द्ध को 4 तथा समीकरण ;2द्ध को 3 से गुणा करने पर, हम पाते हैंः ;4द्ध;5द्धग ़ ;4द्ध;3द्धल ़ ;4द्ध;दृ35द्ध त्र 0 ;3द्ध ;3द्ध;2द्धग ़ ;3द्ध;4द्धल ़ ;3द्ध;दृ28द्ध त्र 0 ;4द्ध समीकरण ;4द्ध को समीकरण ;3द्ध में से घटाने पर, हम पाते हैंः ख्;5द्ध;4द्ध दृ ;3द्ध;2द्ध,ग ़ ख्;4द्ध;3द्ध दृ ;3द्ध;4द्ध,ल ़ ख्4;दृ35द्ध दृ ;3द्ध ;दृ28द्ध, त्र 0 दृख्;4द्ध;दृ35द्ध − ;3द्ध ; −28द्ध ,इसलिए ग त्र ;5द्ध;4द्ध −;3द्ध;2द्ध ;3द्ध;दृ 28द्ध − ;4द्ध; −35द्ध अथार्त् ग त्र ;5द्ध;5द्ध;4द्ध − ;2द्ध;3द्ध यदि समीकरणों ;1द्ध और ;2द्ध को ंग ़ इल ़ ब त्र 0 तथा ंग ़ इल ़ ब त्र 0 111222के रूप में लिखा जाए, तो हम पाते हैंः ं 1 त्र 5ए इ 1 त्र 3ए ब 1 त्र दृ35ए ं 2 त्र 2ए इ 2 त्र 4ए ब 2 त्र दृ28 इब − इब 12 21तब समीकरण ;5द्ध को इस रूप में लिख सकते हैंः ग त्र ंइ − ंइ 12 21 बं − बं 12 21इसी प्रकार, आप प्राप्त कर सकते हैंः ल त्र ंइ − ंइ 12 21 समीकरण ;5द्ध को सरल करने पर, हम पाते हैंः −84 ़ 140 ग त्र त्र 4 20 −6 ;−35द्ध;2द्ध − ;5द्ध; −28द्ध −70 ़140 इसी प्रकार ल त्र त्र त्र 5 20 −6 14 अतः, ग त्र 4ए ल त्र 5 दिए गए समीकरणों के युग्म का हल है। तब, एक संतरे का मूल्य ृ 4 और एक सेब का मूल्य ृ 5 है। सत्यापन रू 5 संतरों का मूल्य ़ 3 सेबों का मूल्य त्र ृ 20 ़ ृ 15 त्र ृ 35 2 संतरों का मूल्य ़ 4 सेबों का मूल्य त्र ृ 8 ़ ृ 20 त्र ृ 28 आइए अब देखें कि वैफसे यह विध्ि दो चरों में किसी भी रैख्िाक समीकरणों के युग्म ं 1 ग ़ इ 1ल ़ ब 1 त्र0 ;1द्ध और ं 2 ग ़ इ 2ल ़ ब 2 त्र0 ;2द्ध को हल करने में प्रयुक्त होती है। उपरोक्त विध्ि से ग और ल के मान प्राप्त करने के लिए हम निम्न प्रकार से आगे पढ़ेंगे। चरण 1 रू समीकरण ;1द्ध को इ 2 तथा समीकरण ;2द्ध को इ 1 से गुणा करके, हम पाते हैंः इंग ़ इइल ़ इब त्र 0 ;3द्ध2121 21इंग ़ इइ ल ़ इब त्र 0 ;4द्ध1212 12समीकरण ;4द्ध को ;3द्ध में से घटाने पर, हम पाते हैं: ;इं दृ इं द्ध ग ़ ;इइ दृ इइ द्ध ल ़ ;इब दृ इब द्ध त्र 021122112 2112अथार्त् ;इं दृ इं द्ध ग त्र इब दृ इब 21121221 इब 2इब 12 − 1अतः ग त्रए जबकि इं दृ इं ≠ 0 हो ;5द्ध2112ंइ 2ंइ 12 − 1 चरण 3 रू ग का मान ;1द्ध या ;2द्ध में रखने पर, हम पाते हैंः बं − बं 212 1 ल त्र ;6द्धंइ 2ंइ 12 − 1 अब दो स्िथतियाँ उत्पन्न होती हैंः ं1 इ1स्िथति 1 रू ंइ दृ ंइ ≠ 0 है। इस स्िथति में ए ≠ है। तब, रैख्िाक समीकरणों के युग्म1221 ं2 इ2 का एक अद्वितीय हल है। ं1 इ1स्िथति 2 रू ंइ दृ ं 2 इ त्र 0 है। यदि त्रत्र ा हैए तो ं 1 त्र ां 2ए इ त्र ाइ 2 होगा।1211ं2 इ2 ं 1 और इ 1 के मानों को समीकरण ;1द्ध में प्रतिस्थापित करने पर, हम पाते हैंः ा ;ं 2 ग ़ इ 2 लद्ध ़ ब 1 त्र0 ;7द्ध यह देखा जा सकता है कि समीकरण ;7द्ध और ;2द्ध दोनों केवल तभी संतुष्ट हो सकते ब हैं, यदि ब 1 त्र ा ब 2 होए अथार्त् ब 1 त्रा हो।2 यदिब 1 त्र ा ब 2 होए तो समीकरण ;2द्ध का कोइर् भी हल समीकरण ;1द्ध को संतुष्ट करेगा ं1 इ1 ब1और विलोमतः भी ऐसा होगा। इसलिए, यदि त्रत्रत्र ा हो, तो ;1द्ध और ;2द्ध से ंइब222 निरूपित रैख्िाक समीकरणों के युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। यदि ब 1 ≠ ाब 2 हो, तो समीकरण ;1द्ध का कोइर् भी हल समीकरण ;2द्ध को संतुष्ट नहीं करेगा और विलोमतः भी ऐसा ही होगा। अतः इस युग्म का कोइर् हल नहीं होगा। ;1द्धऔर ;2द्ध द्वारा दी गइर् रैख्िाक समीकरणों के युग्म के बारे में उपयुर्क्त चचार् को संक्षेप में हम निम्न प्रकार से दे सकते हैंः ;पद्ध जब ≠ हैए तो हमें अद्वितीय हल प्राप्त होता है। ं1 इ1ं2 इ2 ंइब111;पपद्ध जब त्रत्र हैए तो युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। ंइब222 ंइब111;पपपद्ध जब त्र≠ हैए तो युग्म का कोइर् हल नहीं है। ं2 इ2 ब2 ध्यान दीजिए कि समीकरण ;5द्ध और ;6द्ध द्वारा प्राप्त हल को आप निम्न प्रकार से लिख सकते हैं: ग त्र ल त्र 1 ;8द्ध 1 2इ ब 2 1इ ब − 1 2ब ं 2 1ब ं − 1 2ं इ 2 1ं इ − उपयुर्क्त परिणाम को याद करने के लिए, आपको निम्न चित्रा उपयोगी हो सकता है: गल 1 22 2 दो संख्याआंे के बीच के तीर के निशान सूचित करते हैं कि इन्हें गुणा करना है तथा दूसरे गुणनपफल को प्रथम में से घटाना है। इस विध्ि से रैख्िाक समीकरणों के युग्म को हल करने के लिए, हम निम्न चरणों द्वारा आगे बढ़ेंगेः चरण 1 रू दी गइर् समीकरणों को ;1द्ध और ;2द्ध के रूप में लिख्िाए। चरण 2 रू उपयुर्क्त चित्रा की सहायता से, ;8द्ध में दी गइर् समीकरणों को लिख्िाए। चरण 3 रू ग और ल को ज्ञात कीजिए, जबकि ंइ दृ ंइ ≠ 0 हो।12 21 उपयुर्क्त चरण 2 आपको इंगित करता है कि इसे वज्र - गुणन विध्ि क्यों कहा जाता है। उदाहरण 14 रू बैंगलोर के एक बस स्टैंड से यदि हम दो टिकट मल्लेश्वरम के तथा 3 टिकट यशवंतपुर के खरीदें, तो वुफल लागत ृ 46 है। परंतु यदि हम 3 टिकट मल्लेश्वरम के और 5 टिकट यशवंतपुर के खरीदें, तो वुफल लागत ृ 74 है। बस स्टैंड से मल्लेश्वरम का किराया तथा बस स्टैंड यशवंतपुर का किराया ज्ञात कीजिए। हल रू माना बैंगलोर के बस स्टैंड से, मल्लेश्वरम का किराया ृ ग तथा यशवंतपुर का किराया ृ ल है। दी गइर् सूचनाओं से, हम पाते हैंः 2ग ़ 3ल त्र 46ए अथार्त् 2ग ़ 3ल दृ 46 त्र 0 ;1द्ध 3ग ़ 5ल त्र 74ए अथार्त् 3ग ़ 5ल दृ 74 त्र 0 ;2द्ध वज्र - गुणन विध्ि से इन समीकरणों को हल करने के लिए, हम निम्न प्रकार से चित्रा खींचते हैंः गल 1 तब त्र त्र ;3द्ध; −74द्ध − ;5द्ध; −46द्ध ;−46द्ध;3द्ध − ;−74द्ध;2द्ध ;2द्ध;5द्ध − ;3द्ध;3द्ध गल 1अथार्त् त्र त्र −222 ़230 −138 ़ 148 10 − 9 गल 1अथार्त् त्र त्र 8 10 1 ग1 ल1अथार्त् त्र और त्र 81 10 1 अथार्त् ग त्र8 और ल त्र 10 अतः, बैंगलोर के बस स्टैंड से, मल्लेश्वरम का किराया ृ 8 तथा यशवंतपुर का किराया ृ 10 है। सत्यापन रू आप प्रारंभ्िाक समस्या से जाँच सकते हैं कि हल जो हमने ज्ञात किए हैं वे सही हैं। उदाहरण 15 रू च के किन मानों के लिए, निम्न समीकरणों के युग्म का एक अद्वितीय हल है? 4ग ़ चल ़ 8 त्र 0 2ग ़ 2ल ़ 2 त्र 0 हल रू यहाँ ं त्र 4ए ं त्र 2ए इ त्र चए इ त्र 2 है।1212ं1 इ1अब दिए गए युग्म का एक अद्वितीय हल होने के लिए, ≠ होगा। ं2 इ24 चअथार्त् ≠ 22 अथार्त् च ≠ 4 अतः, 4 के अतिरिक्त, च के प्रत्येक मान के लिए दिए हुए समीकरण युग्म का एक अद्वितीय हल होगा। उदाहरण 16 रू ा के किस मान के लिए, निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होंगे? ाग ़ 3ल दृ ;ा दृ 3द्ध त्र 0 12ग ़ ाल दृ ा त्र0 ं1 ाइ13 ब1 ा − 3 ए त्र एहल रू यहाँ त्र त्र है। ं2 12 इ2 ाब2 ा ं1 इ1 ब1रैख्िाक समीकरणों के युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होने के लिए, त्रत्र ं2 इ2 ब2 होना चाहिए। ा3 ा − 3इसलिए हमें चाहिए त्र त्र 12 ाा या ा त्र3 12 ा जिससे ा2 त्र 36 प्राप्त होता हैए अथार्त् ा त्र ± 6 हैं। 3 ा − 3साथ ही त्र ाा जिससे 3ा त्र ा2 दृ 3ा प्राप्त होता है, अथार्त् 6ा त्र ा2 है। जिसका अथर् ा त्र 0 या ा त्र 6 है। इसलिए, ा का मान, जो दोनों प्रतिबन्धें को संतुष्ट करता है, ा त्र 6 है। इस मान के लिए समीकरणों के युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। प्रश्नावली 3ण्5 1ण् निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्मों में से किसका एक अद्वितीय हल है, किसका कोइर् हल नहीं है या किसके अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। अद्वितीय हल की स्िथति में, उसे वज्र - गुणन विध्ि से ज्ञात कीजिए। ;पद्ध ग दृ 3ल दृ 3 त्र 0 ;पपद्ध 2ग ़ ल त्र 5 3ग दृ 9ल दृ 2 त्र 0 3ग ़ 2ल त्र 8 ;पपपद्ध 3ग दृ 5ल त्र 20 ;पअद्ध ग दृ 3ल दृ 7 त्र 0 6ग दृ 10ल त्र 40 3ग दृ 3ल दृ 15 त्र 0 2ण् ;पद्ध ं औरइ के किन मानों के लिए, निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होंगे? 2ग ़ 3ल त्र 7 ;ं दृ इद्ध ग ़ ;ं ़ इद्ध ल त्र 3ं ़ इ दृ 2 ;पपद्ध ा के किस मान के लिए, निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्म का कोइर् हल नहीं है? 3ग ़ ल त्र 1 ;2ा दृ 1द्ध ग ़ ;ा दृ 1द्ध ल त्र 2ा ़ 1 3ण् निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्म को प्रतिस्थापन एवं वज्र - गुणन विध्ियों से हल कीजिए। किस विध्ि को आप अध्िक उपयुक्त मानते हैं? 8ग ़ 5ल त्र 9 3ग ़ 2ल त्र 4 4ण् निम्न समस्याओं में रैख्िाक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके हल ;यदि उनका अस्ितत्व होद्ध किसी बीजगण्िातीय विध्ि से ज्ञात कीजिएः ;पद्ध एक छात्रावास के मासिक व्यय का एक भाग नियत है तथा शेष इस पर निभर्र करता है कि छात्रा ने कितने दिन भोजन लिया है। जब एक विद्याथीर् । कोए जो 20 दिन भोजन करता है, ृ 1000 छात्रावास के व्यय के लिए अदा करने पड़ते हैं, जबकि एक विद्याथीर् ठ कोए जो 26 दिन भोजन करता है छात्रावास के व्यय के लिए ृ 1180 अदा करने पड़ते हैं। नियत व्यय और प्रतिदिन के भोजन का मूल्य ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध एक भ्िान्न 1 हो जाती है, जब उसके अंश से 1 घटाया जाता है और वह 1 हो जाती है,3 4 जब हर में 8 जोड़ दिया जाता है। वह भ्िान्न ज्ञात कीजिए। ;पपपद्ध यश ने एक टेस्ट में 40 अंक अ£जत किए, जब उसे प्रत्येक सही उत्तर पर 3 अंक मिले तथा अशु( उत्तर पर 1 अंक की कटौती की गइर्। यदि उसे सही उत्तर पर 4 अंक मिलते तथा अशु( उत्तर पर 2 अंक कटते, तो यश 50 अंक अ£जत करता। टेस्ट में कितने प्रश्न थे? ;पअद्ध एक राजमागर् पर दो स्थान । और ठए 100 ाउ की दूरी पर हैं। एक कार । से तथा दूसरी कार ठ से एक ही समय चलना प्रारम्भ करती है। यदि ये कारें भ्िान्न - भ्िान्न चालों से एक ही दिशा में चलती हैं, तो वे 5 घंटे पश्चात् मिलती हैं। दोनों कारों की चाल ज्ञात कीजिए। ;अद्ध एक आयत का क्षेत्रापफल 9 वगर् इकाइर् कम हो जाता है, यदि उसकी लंबाइर् 5 इकाइर् कम कर दी जाती है और चैड़ाइर् 3 इकाइर् बढ़ा दी जाती है। यदि हम लंबाइर् को 3 इकाइर् और चैड़ाइर् को 2 इकाइर् बढ़ा दें, तो क्षेत्रापफल 67 वगर् इकाइर् बढ़ जाता है। आयत की विमाएँं ज्ञात कीजिए। 3ण्5 दो चरों के रैख्िाक समीकरणों के युग्म में बदले जा सकने वाले समीकरण इस अनुच्छेद में, हम ऐसे समीकरणों के युग्मों के बारे में चचार् करेंगे जो रैख्िाक नहीं है, परंतु वुफछ उपयुक्त प्रतिस्थापनों द्वारा इन्हंे रैख्िाक समीकरणों के रूप में बदला जा सकता है। हम इस प्रिया को वुफछ उदाहरणों द्वारा समझाएँगे। उदाहरण 17 रू समीकरणों के निम्न युग्म को हल कीजिए: 23 ़ त्र 13 गल 5 −4 त्रदृ2 गल हल रू आइए दिए गए समीकरणों के युग्म को ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞ 2 ़ 3⎜⎟ ⎜⎟ त्र 13 ;1द्धग ⎠ ल ⎠⎝⎝ ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞ 5 दृ4⎜⎟ ⎜⎟ त्र दृ2 ;2द्धग ⎠ ल ⎠⎝⎝ के रूप में लिखें। ये समीकरण ंग ़ इल ़ ब त्र 0 के रूप में नहीं हैं। परंतु, यदि हम समीकरण ;1द्ध और 1;2द्ध में, 1 त्र च आरै त्र ु प्रतिस्थापित करें, तो हम पाते हैंः गल 2च ़ 3ु त्र 13 ;3द्ध 5च दृ 4ु त्र दृ 2 ;4द्ध अतः, हमने समीकरणों को रैख्िाक समीकरणों के युग्म के रूप में व्यक्त कर दिया है। अब आप इन्हंे किसी भी विध्ि से हल करके च त्र 2ए ु त्र 3 प्राप्त कर सकते हैं। आप जानते हैं कि च त्र 1 और ु त्र 1 है। गलच और ु के मानों को प्रतिस्थापित कर, हम प्राप्त करते हैंः 111 1 त्र 2ए अथातर् ् ग त्र आरै त्र 3ए अथातर् ् ल त्र ग 2 ल 3 11सत्यापन रू दोनों समीकरणों में ग त्र आर ै ल त्र रखने पर, हम पाते हैं कि दोनों समीकरण23 संतुष्ट हो जाते हैं। उदाहरण 18 रू निम्न समीकरण युग्म को रैख्िाक समीकरणों के युग्म में बदल कर हल कीजिएः 51 ़ त्र2 ग −1 ल −2 63− त्र1 ग −1 ल −2 11 हल रू आइए त्र च आरै त्र ु रखें। तब, दी गइर् समीकरणग −1 ल − 2 ⎛ 1 ⎞ 1 5 ⎜ ⎟़ त्र 2 ;1द्ध⎝ ग −1⎠ल − 2 ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞ 6 − 3⎜⎟⎜ ⎟ त्र 1 ;2द्ध⎝ ग −1⎠⎝ ल − 2 ⎠5च ़ ु त्र 2 ;3द्ध 6च दृ 3ु त्र 1 ;4द्ध के रूप मंे लिखी जा सकती हैंः समीरकण ;3द्ध और ;4द्ध व्यापक रूप में एक रैख्िाक समीकरण युग्म बनाती हैं। अब आप इन समीकरणों को हल करने के लिए, किसी भी विध्ि का प्रयोग कर सकते हैं। हम पाते 11हैं, च त्र और ु त्र 33 1 अब च के लिए, प्रतिस्थापित कर हम प्राप्त करते हैंः ग −1 11 त्र ग −13 अथार्त् ग दृ 1 त्र 3ए अथार्त् ग त्र 4 है। 1इसी प्रकार ु के लिए ए रखने पर हम पाते हैंः ल − 2 11 त्र ल −23 अथार्त् 3 त्र ल दृ 2ए अथार्त् ल त्र 5 है। अतः, दिए गए समीकरण युग्म का अभीष्ट हल ग त्र 4ए ल त्र 5 है। सत्यापन रू ;1द्ध और ;2द्ध में ग त्र 4 और ल त्र 5 प्रतिस्थापित करने पर जाँच कीजिए कि क्या वे इन्हें संतुष्ट करते हैं। उदाहरण 19 रू एक नाव 10 घंटे में धरा के प्रतिवूफल 30 ाउ तथा धरा के अनुवूफल 44 ाउ जाती है। 13 घंटे में वह 40 ाउ धरा के प्रतिवूफल एवं 55 ाउ धरा के अनुवूफल जाती है। धरा की चाल तथा नाव की स्िथर पानी में चाल ज्ञात कीजिए। हल रू माना नाव की स्िथर जल में चालग ाउध्ी है तथा धरा की चालल ाउध्ी है। साथ ही, नाव की धरा के अनुवूफल चाल त्र ;ग ़ लद्ध ाउध्ी तथा नाव की धरा के प्रतिवूफल चाल त्र ;ग दृ लद्ध ाउध्ी होगी। दरू ीसाथ ही, समय त्र चाल प्रथम स्िथति में, जब नाव 30 ाउ धरा के प्रतिवूफल चलती है, माना घंटों में लिया गया समय ज 1 है। तब 30 ज त्र 1;ग − लद्ध माना ज 2 घंटों में वह समय है जिसमें नाव 44 ाउ धरा के अनुवूफल चलती है। तब, 44 ज2 त्र है। वुफल लगा समय ज 1 ़ ज 2ए 10 घंटा है। अतः, हमें समीकरण मिलता हैः ग ़ ल 30 44 ़ त्र 10 ;1द्ध ग − लग ़ल दूसरी स्िथति में, 13 घंटों में वह 40 ाउ धरा के प्रतिवूफल और 55 ाउ धरा के अनुवूफल चलती है। हम इससे समीकरण प्राप्त करते हैं: 40 55 ़ त्र 13 ;2द्ध ग − लग ़ल 11 त्र न आरैत्र अ रख्िाए। ;3द्धग − लग ़ ल इन मानों को समीकरण ;1द्ध और ;2द्ध में प्रतिस्थापित करने पर, हम रैख्िाक समीकरणों का निम्न युग्म प्राप्त करते हैं: 30न ़ 44अ त्र 10 या 30न ़ 44अ दृ 10 त्र 0 ;4द्ध 40न ़ 55अ त्र 13 या 40न ़ 55अ दृ 13 त्र 0 ;5द्ध वज्र - गुणन विध्ि प्रयोग करने पर, हम पाते हैंः न अ 1 त्र त्र 44; −13द्ध − 55; −10द्ध 40; −10द्ध −30; −13द्ध 30;55द्ध − 44;40द्ध नअ 1अथार्त् त्र त्र −22 −10 −110 11 एअथार्त् न त्र अ त्र 5 11 अब नए अ के इन मानों को समीकरणों ;3द्ध में रखने पर, हम पाते हैं: 11 11 त्र और त्र ग − ल 5 ग ़ ल 11 अथार्त् ग दृ ल त्र5 और ग ़ ल त्र 11 ;6द्ध इन समीकरणों को जोड़ने पर, हम पाते हैंः 2ग त्र 16 अथार्त् ग त्र8 ;6द्ध में दी हुइर् समीकरणों को घटाने पर, हम पाते हैं: 2ल त्र6 अथार्त् ल त्र3 अतः, नाव की स्िथर जल में चाल 8 ाउध्ी तथा धरा की चाल 3 ाउध्ी है। सत्यापन रू जाँच कीजिए कि ये प्रारंभ्िाक समस्या के प्रतिबंधें को संतुष्ट करते हैं। प्रश्नावली 3ण्6 1ण् निम्न समीकरणों के युग्मों को रैख्िाक समीकरणों के युग्म में बदल करके हल कीजिएः 11 23़त्र 2;पद्ध ;पपद्ध ़त्र 2 2ग 3ल गल 51 ;पपपद्ध 4 ़ 3ल त्र 14 ;पअद्ध ़त्र 2 ग − 1 ल − 2ग 3 − 4ल त्र 23 6 − 3 त्र 1 ग − 1 ल − 2ग 7ग − 2 ल त्र 5;अद्ध ;अपद्ध 6ग ़ 3ल त्र 6गलगल 8ग ़ 7 ल त्र 15 2ग ़ 4ल त्र 5गलगल 1 1310 2 ;अपपद्ध ़त्र 4 ;अपपपद्ध ़त्र ग ़ लग − ल 3 ग ़ ल 3 ग − ल 4 15 5 11 −1− त्र− 2 −त्र ग ़ लग − ल 2;3 ग ़ लद्ध 2;3 ग − लद्ध8 2ण् निम्न समस्याओं को रैख्िाक समीकरण युग्म के रूप में व्यक्त कीजिए और पिफर उनके हल ज्ञात कीजिएः ;पद्ध रितु धरा के अनुवूफल 2 घंटे में 20 ाउ तैर सकती है और धरा के प्रतिवूफल 2 घंटे में 4 ाउ तैर सकती है। उसकी स्िथर जल में तैरने की चाल तथा धरा की चाल ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध 2 महिलाएँ एवं 5 पुरुष एक कसीदे के काम को साथ - साथ 4 दिन में पूरा कर सकते हैं, जबकि 3 महिलाएँ एवं 6 पुरुष इसको 3 दिन में पूरा कर सकते हैं। ज्ञात कीजिए कि इसी कायर् को करने में एक अकेली महिला कितना समय लेगी। पुनः इसी कायर् को करने में एक पुरुष कितना समय लेगा। ;पपपद्ध रूही 300 ाउ दूरी पर स्िथत अपने घर जाने के लिए वुफछ दूरी रेलगाड़ी द्वारा तथा वुफछ दूरी बस द्वारा तय करती है। यदि वह 60 ाउ रेलगाड़ी द्वारा तथा शेष बस द्वारा यात्रा करती है तो उसे 4 घंटे लगते हैं। यदि वह 100 ाउ रेलगाड़ी से तथा शेष बस से यात्रा करे, तो उसे 10 मिनट अिाक लगते हैं। रेलगाड़ी एवं बस की क्रमशः चाल ज्ञात कीजिए। प्रश्नावली 3ण्7 ;ऐच्िछकद्ध’ 1ण् दो मित्रों अनी और बीजू की आयु में 3 वषर् का अंतर है। अनी के पिता ध्रम की आयु अनी की आयु की दुुगुनी और बीजू की आयु अपनी बहन वैफथी की आयु की दुगुनी है। वैफथी और ध्रम की आयु का अंतर 30 वषर् है। अनी और बीजू की आयु ज्ञात कीजिए। 2ण् एक मित्रा दूसरे से कहता है कि ‘यदि मुझे एक सौ दे दो, तो मैं आपसे दो गुना ध्नी बन जाऊँगा।’ दूसरा उत्तर देता है ‘यदि आप मुझे दस दे दें, तो मैं आपसे छः गुना ध्नी बन जाऊँगा।’ बताइए कि उनकी क्रमशः क्या संपिायाँ हैं? ¹भास्कर प्प् की बीजगण्िात सेह् ख्संकेतरू ग ़ 100 त्र 2;ल दृ 100द्धए ल ़ 10 त्र 6;ग दृ 10द्ध, 3ण् एक रेलगाड़ी वुफछ दूरी समान चाल से तय करती है। यदि रेलगाड़ी 10 ाउध्ी अध्िक तेज ’ यह प्रश्नावली परीक्षा की दृष्िट से नहीं है। चलती होती, तो उसे नियत समय से 2 घंटे कम लगते और यदि रेलगाड़ी 10 ाउध्ी ध्ीमी चलती होती, तो उसे नियत समय से 3 घंटे अध्िक लगते। रेलगाड़ी द्वारा तय की गइर् दूरी ज्ञात कीजिए। 4ण् एक कक्षा के विद्या£थयों को पंक्ितयों में खड़ा होना है। यदि पंक्ित में 3 विद्याथीर् अध्िक होते, तो 1 पंक्ित कम होती। यदि पंक्ित में 3 विद्याथीर् कम होते, तो 2 पंक्ितयाँ अध्िक बनतीं। कक्षा में विद्या£थयों की संख्या ज्ञात कीजिए। 5ण् एकΔ ।ठब् में, ∠ ब् त्र 3 ∠ ठ त्र 2 ;∠ । ़ ∠ ठद्ध है। त्रिाभुज के तीनों कोण ज्ञात कीजिए। 6ण् समीकरणों 5ग दृ ल त्र 5 और 3ग दृ ल त्र 3 के ग्रापफ खींचिए। इन रेखाओं और ल.अक्ष से बने त्रिाभुज के शीषो± के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। इस प्रकार बने त्रिाभुज के क्षेत्रापफल का परिकलन कीजिए। 7ण् निम्न रैख्िाक समीकरणों के युग्मों को हल कीजिएः ;पद्ध चग ़ ुल त्र च दृ ु ;पपद्ध ंग ़ इल त्र ब ुग दृ चल त्र च ़ ु इग ़ ंल त्र 1 ़ ब ;पपपद्ध ग − ल त्र 0 ;पअद्ध ;ं दृ इद्धग ़ ;ं ़ इद्ध ल त्र ं2 दृ 2ंइ दृ इ2 ंइ ंग ़ इल त्र ं2 ़ इ2ण् ;ं ़ इद्ध ;ग ़ लद्ध त्र ं2 ़ इ2 ;अद्ध 152ग दृ 378ल त्र दृ 74 दृ378ग ़ 152ल त्र दृ604 8ण् ।ठब्क् एक चक्रीय चतुभुर्ज है ;देख्िाए आवृफति 3.7द्ध। इस चक्रीय चतुभुर्ज के कोण ज्ञात कीजिए। 3ण्6 सारांश इस अध्याय में, आपने निम्न तथ्यों का अध्ययन किया है: 1ण् दो चरों में दो रैख्िाक समीकरण एक रैख्िाक समीकरणों वफा युग्म कहलाता है। रैख्िाक समीकरण युग्म का सबसे आवृफति 3ण्7 व्यापक रूप हैः ं 1 ग ़ इ 1ल ़ ब 1 त्र 0 ं 2 ग ़ इ 2ल ़ ब 2 त्र 0 2 2 22जहाँ ं 1ए ं 2ए इ 1ए इ 2ए ब 1ए ब 2 ऐसी वास्तविक संख्याएँ हैं कि ं1 ़ इ1 ≠ 0ए ं2 ़ इ2 ≠ 0 है। 2ण् 3ण् 4ण् 5ण् 6ण् एक रैख्िाक समीकरण युग्म को ग्रापफीय रूप में निरूपित किया जा सकता है और हल किया जा सकता है ;पद्ध ग्रापफीय विध्ि द्वारा ;पपद्ध बीजगण्िातीय विध्ि द्वारा ग्रापफीय विध्िः दो चरों में एक रैख्िाक समीकरण युग्म का ग्रापफ दो रेखाएँ निरूपित करता है। ;पद्ध यदि रेखाएँ एक ¯बदु पर प्रतिच्छेद करती हैं तो, वह ¯बदु दोनों समीकरण का अद्वितीय हल होता है। इस स्िथति में, समीकरण युग्म संगत होता है। ;पपद्ध यदि रेखाएँ संपाती हैं, तो उसके अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं - रेखा पर स्िथत प्रत्येक ¯बदु हल होता है। इस स्िथति में, समीकरण युग्म आश्रित ;संगतद्ध होता है। ;पपपद्ध यदि रेखाएँ समांतर हैं, तो समीकरण युग्म का कोइर् हल नहीं होता है। इस स्िथति में, समीकरण युग्म असंगत होता है। बीजगण्िातीय विध्ि: हमने एक रैख्िाक समीकरण युग्म के हल ज्ञात करने के लिए निम्न वििायों की चचार् की हैः ;पद्ध प्रतिस्थापन विध्ि ;पपद्ध विलोपन विध्ि ;पपपद्ध वज्र - गुणन विध्ि यदि दिए गए रैख्िाक समीकरण ंग ़ इल ़ ब त्र 0 और ंग ़ इल ़ ब त्र 0 एक रैख्िाक समीकरण111222युग्म को प्रद£शत करते हैं, तो निम्न स्िथतियाँ उत्पन्न हो सकती हैंः ;पद्ध 1 2 ं ं ≠ 1 1 इ इ रू इस स्िथति में, रैख्िाक समीकरण युग्म संगत होता है। ;पपद्ध 1 2 ं ं त्र 1 2 इ इ ≠ 1 2 ब ब रू इस स्िथति में, रैख्िाक समीकरण युग्म असंगत होता है। ;पपपद्ध 1 2 ं ं त्र 1 2 इ इ त्र 1 2 ब ब रू इस स्िथति में, रैख्िाक समीकरण युग्म आश्रित ;संगतद्ध होता है। अनेक स्िथतियाँ हैं जिन्हें गण्िातीय रूप में ऐसी दो समीकरणों से प्रद£शत किया जा सकता है, जो प्रारंभ में रैख्िाक नहीं हों। परंतु हम उन्हें परिव£तत कर एक रैख्िाक समीकरण युग्म में बदल सकते हैं।

>Chap–3>

Our Past -3

3

दो चर वाले रैखिक  समीकरण युग्म


3.1 भूमिका

आपने इस प्रकार की स्थिति का सामना अवश्य किया होगा, जैसी नीचे दी गई हैः

अखिला अपने गाँव के एक मेले में गई। वह एक चरखी (Giant wheel) की सवारी करना चाहती थी और हूपला (Hoopla) [एक खेल जिसमें आप एक स्टाल में रखी किसी वस्तु पर एक वलय (ring) को फेंकते हैं और यदि वह वस्तु को पूर्णरूप से घेर ले, तो आपको वह वस्तु मिल जाती है] खेलना चाहती थी। जितनी बार उसने हूपला खेल खेला उससे आधी बार उसने चरखी की सवारी की। यदि प्रत्येक बार की सवारी के लिए उसे ₹3 तथा हूपला खेलने के लिए ₹4 खर्च करने पड़े, तो आप कैसे ज्ञात करेंगे कि उसने कितनी बार चरखी की सवारी की और कितनी बार हूपला खेला, जबकि उसने इसके लिए कुल ₹20 खर्च किए?

3.tif


हो सकता है कि आप इसे ज्ञात करने के लिए अलग-अलग स्थितियाँ लेकर चलें। यदि उसने एक बार सवारी की, क्या यह संभव है? क्या यह भी संभव है कि उसने दो बार

सवारी की? इत्यादि। अथवा आप कक्षा IX के ज्ञान का उपयोग करते हुए, इन स्थितियों को दो चराें वाले रैखिक समीकरणों द्वारा निरूपित कर सकते हैं।

आइए इस प्रक्रिया को समझें।

अखिला द्वारा सवारी करने की संख्या को x तथा उसके द्वारा हूपला खेल खेलने की संख्या को y से निरूपित कीजिए। अब दी हुई स्थिति को दो समीकरणों द्वारा व्यक्त किया जा सकता है :

y = 1804.pngx          (1)

3x + 4y = 20              (2)

क्या हम इस समीकरण युग्म का हल ज्ञात कर सकते हैं? इन्हें ज्ञात करने की कई विधियाँ हैं, जिनका हम इस अध्याय में अध्ययन करेंगे।

3.2 दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म

कक्षा IX से याद कीजिए कि निम्न समीकरण दो चरों के रैखिक समीकरणों के उदाहरण हैंः

2x + 3y = 5

x – 2y – 3 = 0

और            x – 0y = 2 अर्थात् x = 2

आप यह भी जानते हैं कि वह समीकरण, जिसको ax + by + c = 0 के रूप में रखा जा सकता है, जहाँ a, b और c वास्तविक संख्याएँ हैं और a और b दोनों शून्य नहीं हैं, दो चरों x और y में एक रैखिक समीकरण कहलाता है। (प्रतिबंध जैसे a और b दोनों शून्य नहीं हैं, हम प्रायः a2 + b2 0 से प्रदर्शित करते हैं।) आपने यह भी पढ़ा है कि एेसी समीकरण का हल संख्याओं के मानों का एक युग्म होता है, एक x के लिए तथा दूसरा y के लिए, जो समीकरण के दोनों पक्षों को बराबर कर देता है।

उदाहरण के लिए, आइए समीकरण 2x + 3y = 5 के बाएँ पक्ष (LHS) में, x = 1 और y = 1 रखें। तब

बायाँ पक्ष = 2(1) + 3(1) = 2 + 3 = 5,

जो समीकरण के दाएँ पक्ष (RHS) के बराबर है।

अतः, x = 1 और y = 1 समीकरण 2x + 3y = 5 का एक हल है।

अब आइए समीकरण 2x + 3y = 5 में, x = 1 और y = 7 रखें। तब,

बायाँ पक्ष = 2(1) + 3(7) = 2 + 21 = 23

जो दाएँ पक्ष के बराबर नहीं है।

अतः, x = 1 और y = 7 दी हुई समीकरण का एक हल नहीं है।

ज्यामितीय दृष्टि से इसका क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि बिंदु (1, 1) समीकरण
2x + 3y = 5 द्वारा निरूपित रेखा पर स्थित है और बिंदु (1, 7) इस पर स्थित नहीं है। इसलिए, समीकरण का प्रत्येक हल उसको निरूपित करने वाली रेखा पर स्थित एक बिंदु होता है।

वास्तव में, यह किसी भी रैखिक समीकरण के लिए सत्य है, अर्थात् दो चरों वाले रैखिक समीकरण ax + by + c = 0 का प्रत्येक हल (x, y) इस समीकरण को निरूपित करने वाली रेखा के एक बिंदु के संगत होता है और विलोमतः भी एेसा होता है।

अब ऊपर दिए गए समीकरणों (1) और (2) को लीजिए। इन समीकरणों को साथ लेने पर, हमें अखिला की मेले के बारे में सूचना प्राप्त होती है।

ये दो रैखिक समीकरण उन्हीं दो चरों x और y में हैं। इस प्रकार के समीकरणों को दो चरों में रैखिक समीकरणों का एक युग्म (या रैखिक समीकरण युग्म) कहते हैं।

आइए, देखें कि बीजगणितीय दृष्टि में ये कैसे युग्म हैं।

दो चरों x और y में रैखिक समीकरण युग्म का व्यापक रूप

a1x + b1y + c1 = 0

और a2x + b2y + c2 = 0 है

जहाँ a1, b1, c1, a2, b2, c2 सभी वास्तविक संख्याएँ हैं औ a12 + b12 0, a22 + b22 0 है।

दो चरों में एक रैखिक समीकरण युग्म के कुछ उदाहरण हैंः

2x + 3y – 7 = 0 और 9x – 2y + 8 = 0

5x = y और –7x + 2y + 3 = 0

x + y = 7 और 17 = y

क्या आप जानते हैं कि ये ज्यामितीय दृष्टि से कैसे युग्म हैं?

कक्षा IX से याद कीजिए कि दो चरों में एक रैखिक समीकरण का ज्यामितीय (अर्थात् ग्राफीय) निरूपण एक सरल रेखा होता है। क्या अब आप बता सकते हैं कि दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म ज्यामितीय रूप में कैसा दिखेगा? ये दो सरल रेखाएँ होंगी, जिन्हें साथ-साथ लिया जाएगा।

आपने कक्षा IX में यह भी पढ़ा है कि एक तल में यदि दो रेखाएँ दी हों, तो निम्न में से केवल एक ही संभावना हो सकती हैः

(i) दोनों रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं।

(ii) दोनों रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, अर्थात् वे समांतर हैं।

(iii) दोनों रेखाएँ संपाती हैं।

इन सभी संभावनाओं को हम आकृति 3.1 में दर्शाते हैंः

आकृति 3.1 (a) में, ये प्रतिच्छेद करती हैं।

आकृति 3.1 (b) में, ये समांतर हैं।

आकृति 3.1 (c) में, ये संपाती हैं।


1075.png


आकृति 3.1


रैखिक समीकरण युग्म को प्रदर्शित करने वाली दोनों विधियों यथा बीजगणितीय तथा ज्यामितीय को साथ-साथ प्रयुक्त किया जा सकता है। आइए कुछ उदाहरण लें।

उदाहरण 1 : हम अनुच्छेद 3.1 में दिया गया उदाहरण लेते हैं। अखिला मेले में 20 लेकर जाती है और वह चरखी की सवारी करना तथा हूपला खेल खेलना चाहती है। इन स्थितियों को बीजगणितीय तथा ग्राफीय (ज्यामितीय) रूपों में व्यक्त कीजिए।

हल : बनाया गया समीकरण युग्म हैः

                y = 1809.pngx

अर्थात् x – 2y = 0             (1)

और 3x + 4y = 20               (2)

आइए इन समीकरणों को ग्राफीय रूप में व्यक्त करें। इसके लिए, हमें प्रत्येक समीकरण के कम-से-कम दो हल चाहिए। हम इन हलों को सारणी 3.1 में देते हैं।

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कक्षा IX से याद कीजिए कि प्रत्येक रैखिक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। इसलिए आप कोई भी दो हल चुन सकते हैं, जो हमारे द्वारा चुने गए हलों से भी हो सकते हैं। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि हमने पहले तथा दूसरे समीकरणों के हल के लिए, x = 0 क्यों चुना है? जब एक चर शून्य हो जाता है, तो समीकरण एक चर के रैखिक समीकरण में बदल जाता है, जिसे आसानी से हल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, समीकरण (2) में x = 0 रखने पर, हम पाते हैं कि 4y = 20 है, अर्थात् y = 5 है। इसी प्रकार, समीकरण (2) में y = 0 रखने पर हमें प्राप्त होता हैः


1136.png

सारणी 3.1

3x = 20, अर्थात्, x = 1829.pngहै। चूँकि 1834.png एक पूर्णांक नहीं है, इसलिए इसे ग्राफ पेपर पर ठीक-ठीक आलेखित करना आसान नहीं है। अतः हम y = 2 चुनते हैं, जिससे x = 4 मिलता है, जो एक पूर्णांक है।

सारणी 3.1 के हलों के संगत बिंदुओं A(0, 0), B(2, 1) और P(0, 5), Q(4, 2) को आलेखित कीजिए। अब समीकरणों x – 2y = 0 और 3x + 4y = 20 को निरूपित करने वाली रेखाओं
AB तथा PQ को खींचिए, जैसा कि आकृति 3.2 में दर्शाया गया है।

आकृति 3.2 में ध्यान दीजिए कि दोनों समीकरणों को निरूपित करने वाली दोनों रेखाएँ बिंदु (4, 2) पर प्रतिच्छेद करती हैं। इसका क्या अर्थ है, इस पर हम अगले अनुच्छेद में चर्चा करेंगे।


उदाहरण 2 : रोमिला एक स्टेशनरी की दुकान में गई और 9 में 2 पेंसिल तथा 3 रबड़ खरीदीं। उसकी सहेली सोनाली ने रोमिला के पास नई तरह की पेंसिल और रबड़ देखी और उसने भी 18 में उसी तरह की 4 पेंसिल और 6 रबड़ खरीदीं। इस स्थिति को बीजगणितीय तथा ग्राफीय (ज्यामितीय) रूपों में व्यक्त कीजिए।

हल : आइए 1 पेंसिल का मूल्य x तथा 1 रबड़ का मूल्य y मान लें। तब, बीजगणितीय रूप निम्न समीकरणों द्वारा देय है ः

2x + 3y = 9            (1)

4x + 6y = 18              (2)

इनका तुल्य ज्यामितीय निरूपण ज्ञात करने के लिए, हम प्रत्येक समीकरण द्वारा निरूपित रेखा पर दो बिंदु प्राप्त करते हैं। अर्थात्, हम प्रत्येक समीकरण के दो हल प्राप्त करते हैं।

ये हल निम्न सारणी 3.2 में दिए गए हैंः

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हम इन बिंदुओं को एक ग्राफ पेपर पर आलेखित करते हैं और रेखाएँ खींचते हैं। हम पाते हैं कि दोनों रेखाएँ संपाती हैं (देखिए आकृति 3.3)। एेसा इसलिए है कि दोनों समीकरण तुल्य हैं, अर्थात् एक को दूसरे से प्राप्त किया जा सकता है।


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आकृति 3.3
उदाहरण 3 : दो रेल पटरियाँ, समीकरणों x + 2y – 4 = 0 2x + 4y – 12 = 0 द्वारा निरूपित की गई हैं। इस स्थिति को ज्यामितीय रूप से व्यक्त कीजिए।

हल : समीकरणों

x + 2y – 4 = 0         (1)

2x + 4y – 12 = 0           (2)

में से प्रत्येक के दो हल सारणी 3.3 में दिए गए हैंः

सारणी 3.3

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इन समीकरणों को ग्राफीय रूप में प्रदर्शित करने के लिए, हम बिंदुओं R(0, 2) और
S(4, 0) को रेखा RS प्राप्त करने के लिए आलेखित करते हैं और बिंदुओं P (0, 3) और
Q(6, 0) को रेखा PQ प्राप्त करने के लिए आलेखित करते हैं।


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आकृति 3.4

आकृति 3.4 में, हम देखते हैं कि ये रेखाएँ कहीं पर प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, अर्थात् वे समांतर हैं।

इसलिए, हमने कई स्थितियाँ देखी हैं जिन्हें एक रैखिक समीकरण युग्म द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है। हमने उनके बीजगणितीय और ज्यामितीय निरूपण देखे। अगले कुछ अनुच्छेदों में हम चर्चा करेंगे कि कैसे इन निरूपणों को एक रैखिक समीकरण युग्म के हल ज्ञात करने में उपयोग किया जा सकता है।

प्रश्नावली 3.1

1. आफ़ताब अपनी पुत्री से कहता है, ‘सात वर्ष पूर्व मैं तुमसे सात गुनी आयु का था। अब से 3 वर्ष बाद मैं तुमसे केवल तीन गुनी आयु का रह जाऊँगा।’ (क्या यह मनोरंजक है?) इस स्थिति को बीजगणितीय एवं ग्राफीय रूपों में व्यक्त कीजिए।

2. क्रिकेट टीम के एक कोच ने 3900 में 3 बल्ले तथा 6 गेंदें खरीदीं। बाद में उसने एक और बल्ला तथा उसी प्रकार की 3 गेंदें 1300 में खरीदीं। इस स्थिति को बीजगणितीय तथा ज्यामितीय रूपों में व्यक्त कीजिए।

3. 2 kg सेब और 1 kg अंगूर का मूल्य किसी दिन 160 था। एक महीने बाद 4 kg सेब और दो kg अंगूर का मूल्य 300 हो जाता है। इस स्थिति को बीजगणितीय तथा ज्यामितीय रूपों में व्यक्त कीजिए।

3.3 रैखिक समीकरण युग्म का ग्राफीय विधि से हल

पिछले अनुच्छेद में, आपने देखा कि एक रैखिक समीकरण युग्म को कैसे ग्राफीय रूप में दो रेखाओं में व्यक्त किया जाता है। आपने यह भी देखा है कि ये रेखाएँ प्रतिच्छेद कर सकती हैं या समांतर हो सकती हैं या संपाती हो सकती हैं। क्या हम उन्हें प्रत्येक स्थिति में हल कर सकते हैं? और यदि एेसा है, तो किस प्रकार? हम प्रयत्न करेंगे और इन प्रश्नों के उत्तर ज्यामितीय दृष्टि से इस अनुच्छेद में देंगे।

आइए हम पिछले उदाहरणों को एक-एक कर देखें।

 •    उदाहरण 1 की स्थिति में, ज्ञात कीजिए कि अखिला ने कितनी बार चरखी पर सवारी की और कितनी बार हूपला खेल खेला।

आकृति 3.2 में, आपने देखा था कि इस स्थिति को निरूपित करने वाले समीकरण ज्यामितीय रूप से बिंदु (4, 2) पर प्रतिच्छेद करने वाली दो रेखाओं को निरूपित करते हैं। इसलिए, बिंदु (4, 2) दोनों समीकरणों x – 2y = 0 और 3x + 4y = 20 को निरूपित करने वाली रेखाओं पर स्थित है और केवल यही उभयनिष्ठ बिंदु है।

आइए हम बीजगणितीय रूप से सत्यापित करें कि x = 4, y = 2 दिए हुए समीकरण युग्म का एक हल है। प्रत्येक समीकरण में x और y के मान रखने पर, हम प्राप्त करते हैं कि 4 – 2 × 2 = 0 और 3(4) + 4(2) = 20 है। अतः, हमने सत्यापित किया है कि x = 4, y = 2 दोनों समीकरणों का एक हल है। चूँकि (4, 2) दोनों रेखाआंें का केवल एक उभयनिष्ठ बिंदु है, इसलिए दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म का एक और केवल एक हल है।

इस प्रकार, अखिला ने चरखी पर 4 बार सवारी की और 2 बार हूपला खेल खेला।

•    उदाहरण 2 की स्थिति में, क्या आप प्रत्येक पेंसिल और प्रत्येक रबड़ का मूल्य ज्ञात कर सकते हैं?

आकृति 3.3 में, इस स्थिति को ज्यामितीय रूप में एक संपाती रेखा युग्म द्वारा दर्शाया गया है। समीकरणों के हल इनके सर्वनिष्ठ बिंदुओं (common points) द्वारा प्राप्त होते हैं।


क्या इन रेखाओं में कोई सार्वनिष्ठ बिंदु है? ग्राफ से हम देखते हैं कि इस रेखा का प्रत्येक बिंदु दोनों समीकरणों का एक हल है। अतः, समीकरणों 2x + 3y = 9 और 4x + 6y = 18 के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं। इससे हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए, क्योंकि यदि हम समीकरण 4x + 6y = 18 को 2 से भाग दें, तो हमें  2x + 3y = 9 प्राप्त होता है, जो कि समीकरण (1) ही है। अर्थात् दोनों समीकरण तुल्य हैं। ग्राफ से, हम देखते हैं कि रेखा पर कोई बिंदु प्रत्येक पेंसिल और प्रत्येक रबड़ का मूल्य देता है। उदाहरण के लिए, प्रत्येक पेंसिल तथा प्रत्येक रबड़ का मूल्य क्रमशः 3 रु तथा 1 रु हो सकता है। अथवा प्रत्येक पेंसिल का मूल्य 3.75 रु तथा रबड़ का मूल्य 0.50 रु हो सकता है, इत्यादि।

•    उदाहरण 3 की स्थिति में, क्या रेल पटरियाँ किसी स्थान पर मिल सकती हैं?

आकृति 3.4 में, दी हुई स्थिति को ज्यामितीय रूप में दो समांतर रेखाओं से निरूपित किया गया है। क्योंकि रेखाएँ प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, ये पटरियाँ एक दूसरे से नहीं मिलती हैं। इसका यह भी अर्थ है कि इन समीकरणों का कोई उभयनिष्ठ हल नहीं है।


एक रैखिक समीकरण युग्म, जिसका कोई हल नहीं होता, रैखिक समीकरणों का
असंगत
(inconsistent) युग्म कहलाता है। एक रैखिक समीकरण युग्म, जिसका हल होता है, रैखिक समीकरणों का संगत (consistent) युग्म कहलाता है। तुल्य रैखिक समीकरणों के एक युग्म के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। इस युग्म को दो चरों के रैखिक समीकरणों का आश्रित (dependent) युग्म कहते हैं। ध्यान दीजिए कि रैखिक समीकरणों का आश्रित युग्म सदैव संगत होता है।


अब हम दो चरों में एक रैखिक समीकरण युग्म द्वारा निरूपित रेखाओं के व्यवहार को तथा हल के अस्तित्व होने को निम्न प्रकार से एक सारांश के रूप में व्यक्त कर सकते हैंः

(i) रेखाएँ एक बिंदु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं। इस स्थिति में, समीकरण युग्म का अद्वितीय हल होता है (अविरोधी समीकरण युग्म)।

(ii) रेखाएँ समांतर हो सकती हैं। इस स्थिति में, समीकरणों का कोई हल नहीं होता है (असंगत समीकरण युग्म)।

(iii) रेखाएँ संपाती हो सकती हैं। इस स्थिति में, समीकरणों के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं [आश्रित (संगत) समीकरण युग्म]।

आइए अब हम उदाहरणों 1, 2 और 3 में बने रैखिक समीकरण युग्मों पर फिर से वापस आएँं और विचार करें कि वे युग्म ज्यामितीय रूप में किस प्रकार के हैं।

(i) x – 2y = 0 और 3x + 4y – 20 = 0 (रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हैं)

(ii) 2x + 3y – 9 = 0 और 4x + 6y – 18 = 0 (रेखाएँ संपाती हैं)

(iii) x + 2y – 4 = 0 और 2x + 4y – 12 = 0 (रेखाएँ समांतर हैं)

अब आइए सभी तीनों उदाहरणों में, Screenshot from 2019-06-14 17-07-33 के मान लिखें और उनकी तुलना करें। यहाँ a1, b1, c1 और a2, b2, c2 अनुच्छेद 3.2 में, व्यापक रूप में दिए गए समीकरणों के गुणांक को व्यक्त करते हैं।

सारणी 3.4

Screenshot from 2019-06-14 17-08-05




सारणी 3.4 से आप देख सकते हैं कि

a1x + b1y + c1 = 0

और a2x + b2y + c2 = 0 से निरूपित रेखाएँः

(i) प्रतिच्छेद करती हैं, तो 1940.png है।

(ii) संपाती हैं, तो 1945.png है।

(iii) समांतर हैं, तो 1950.png है।

वास्तव में, इसका विलोम भी किसी भी रेखा युग्म के लिए सत्य है। आप कुछ और उदाहरण लेकर इसकी जाँच कर सकते हैं।

आइए अब इसको स्पष्ट करने के लिए कुछ उदाहरण लें।

उदाहरण 4 : ग्राफ द्वारा जाँच कीजिए कि समीकरण युग्म

x + 3y = 6        (1)

और 2x – 3y = 12       (2)

संगत है। यदि एेसा है, तो उन्हें ग्राफ द्वारा हल कीजिए।

हल : आइए समीकरणों (1) और (2) के ग्राफ खींचें। इसके लिए, हम प्रत्येक समीकरण के दो हल ज्ञात करते हैं, जो सारणी 3.5 में दिए हैंः

सारणी 3.5

Screenshot from 2019-06-17 12-31-27

एक ग्राफ पेपर पर बिंदुओं A(0, 2), B(6, 0), P(0, – 4) Q(3, – 2) को आलेखित कीजिए, और बिंदुओं को मिलाकर रेखा AB और PQ आकृति 3.5 के अनुसार बनाइए।

हम देखते हैं कि रेखाओं AB और PQ में एक उभयनिष्ठ बिंदु B(6, 0) है।