सारणी 2.2ः संबंिात वषो± की स्वास्थ्य आधारिक संरचना 1951 1981 2001 2010 2013 भ् उपवेंफद्र / प्राथमिक स्वास्थ्य वेंफद्र / सामुदायिक स्वास्थ्य वेंफद्र औषधालय तथा अस्पताल बिस्तर डाॅक्टर ;ऐलोपेथीद्ध नसि±गकमीर् 725 9, 209 1, 17,198 61, 800 18, 054 57,363 23,555 5, 69, 495 2, 68, 700 1, 43, 887 1, 63, 181 43, 322 8, 70, 161 5, 03, 900 7, 37, 000 1, 75,277 28, 472 5, 76,793 8, 16,629 1, 702, 555 1, 81, 319 19, 817 ;केवल अस्पतालद्ध 6, 28, 000 9, 18, 000 1, 09, 224 ;आम नसे±द्ध स्रोत: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोपफाइल 2010, क्ध्वराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोपफाइल 2013 ऽ क्या आपको लगता है कि डाॅक्टरों और नसो± की संख्या में वृि पयार्प्त है? यदि नहीं तो क्यों? ऽ किसी अस्पताल मेें आप और कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध कराना चाहेंगे? ऽ आप हाल में जिस अस्पताल में गए, उस पर चचार् करें। ऽ इस सारणी का प्रयोग करते हुए क्या आप एक आरेख बना सकते हंै? आयुष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भारत में ऐसे अनेक स्थान हैं जिनमें ये मौलिक सुविधएँ भी नहीं हैं। भारत में वुफल 381 मेडिकल काॅलेज और 301 डेन्टल कालेज हैं केवल चार राज्य जैसे आंध््र प्रदेश, कनार्टक, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु में वुफल राज्यों से अध्िक मेडिकल हैं। बेरोशगारी सकल की माँ शीला अपने घरेलू काम - काज और बच्चों की देखभाल तथा खेती के काम मंे अपने पति बूटा की मदद करती थी। सकल का भाइर् जीतू और बहन सीतू अपना समय खेलने और घूमने - पिफरने में गुशारते थे। क्या आप शीला या जीतू या सीतू को बेरोशगार कह सकते हैं? यदि नहीं, तो क्यांे? बेरोशगारी उस समय विद्यमान कही जाती है, जब प्रचलित मशदूरी की दर पर काम करने के लिए इच्छुक लोग रोशगार नहीं पा सवेंफ। शीला की रुचि अपने घर के बाहर काम करने में नहीं है। जीतू और सीतू बहुत छोटे हैं और उनकी गिनती श्रम - शक्ित की जनसंख्या में नहीं हो सकती और न ही जीतू, सीतू और शीला को बेरोशगार कहा भी कमाइर् हो। अपनी इस कमाइर् से वे किसी तरह जीवन निवार्ह कर पाते हैं। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक क्षेत्राक में स्वरोशगार एक विशेषता है। यद्यपि सभी लोगों की आवश्यकता नहीं होती है, पिफर भी पूरा परिवार खेतों में काम करता है। इस तरह कृष्िा क्षेत्राक में प्रच्छन्न बेरोशगारी होती है। लेकिन, जो भी उत्पादन होता है उसमें पूरे परिवार की हिस्सेदारी होती। खेत के काम में साझेदारी और उत्पादित पफसल में हिस्सेदारी की धारणा ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोशगारी की कठिनाइयों में कमी लाती है। लेकिन, इससे परिवार की गरीबी कम नहीं होती और प्रत्येक परिवार से अिाशेष श्रमिक रोशगार की तलाश में गाँवों से शहरों की ओर प्रवास करते हैं। आइए, उपरोक्त तीनों क्षेत्राकों में रोशगार के परिदृश्य की चचार् करंे। कृष्िा का सबसे अिाक अवशोषण करने वाला अथर्व्यवस्था का क्षेत्राक कृष्िा है। पिछले वषो± में पूवर् चचिर्त प्रच्छन्न बेरोशगारी के कारण, कृष्िा पर जनसंख्या की निभर्रता में वुफछ कमी आइर् है। कृष्िा अिाशेष श्रम का वुफछ चित्रा 2.6: क्या आपको स्मरण है कि जब आपने अपने जूते या चप्पल ठीक कराए थे, तो कितना भुगतान किया था? आइए, यह जानने के लिए एक कहानी पढ़ें कि वैफसे लोग अपने गाँव की अथर्व्यवस्था के लिए परिसंपिा बन जाते हैं। आपने देखा कि श्िाक्षा और स्वास्थ्य के समान आगतें किस प्रकार लोगों को अथर्व्यवस्था के लिए परिसंपिा बनाने में सहायता करती हैं। इस अध्याय में अथर्व्यवस्था के तीनों क्षेत्राकों में होने वाली आथ्िार्क ियाओं के विषय में चचार् की गइर् है। हमने बेरोशगारी से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी पढ़ा। अंततः अध्याय एक गाँव की कहानी के साथ समाप्त होता है जिसमें पहले कोइर् रोशगार नहीं था, पर बाद में वहाँ रोशगार के अनेक अवसर उत्पन्न हो गए। 1. ‘संसाधन के रूप में लोग’ से आप क्या समझते हैं?2.मानव संसाधन भूमि और भौतिक पूँजी जैसे अन्य संसाधनों से वैफसे भ्िान्न है?3.मानव पूँजी निमार्ण में श्िाक्षा की क्या भूमिका है?4.मानव पूँजी निमार्ण में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है?5.किसी व्यक्ित के कामयाब जीवन में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है?6.प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्राकों में किस तरह की विभ्िान्न आ£थक ियाएँ संचालित की जाती हैं?7.आ£थक और गैर - आ£थक ियाओं में क्या अंतर है?8.महिलाएँ क्यों निम्न वेतन वाले कायो± में नियोजित होती हैं?9.‘बेरोशगारी’ शब्द की आप वैफसे व्याख्या करेंगे? 10.प्रच्छन्न और मौसमी बेरोशगारी में क्या अंतर है? 11.श्िाक्ष्िात बेरोशगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है? 12.आप के विचार से भारत किस क्षेत्राक में रोशगार के सवार्िाक अवसर सृजित कर सकता है? 13.क्या आप श्िाक्षा प्रणाली में श्िाक्ष्िात बेरोशगारों की समस्या दूर करने के लिए वुफछ उपाय सुझा सकते हैं? 14.क्या आप वुफछ ऐसे गाँवों की कल्पना कर सकते हैं जहाँ पहले रोशगार का कोइर् अवसर नहीं था, लेकिन बाद में बहुतायत में हो गया? 15.किस पूँजी को आप सबसे अच्छा मानते हैं - भूमि, श्रम, भौतिक पूँजी और मानव पूँजी? क्यों? संसाधन के रूप में लोग 27 आथ्िार्क सवेर्क्षण 2004 - 05, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, नयी दिल्ली। दसवीं पंचवषीर्य योजना 2002 - 07 का मध्याविा मूल्यांकन, भाग - 2, योजना आयोग, नयी दिल्ली। दसवीं पंचवषीर्य योजना 2002 - 07, योजना आयोग, नयी दिल्ली। भारत दशर्न 2020, प्रतिवेदन, योजना आयोग, भारत सरकार, नयी दिल्ली। गैरी, एस. बेकर, 1966, ह्यूमन वैफपीटल: ए थ्योरिटिकल एंड एंपिरिकल एनालिसिस विद स्पेशल रेपफरेंस टू एजूकेशन, जनरल सीरीश, नंबर 80, नेशनल ब्यूरो आॅपफ इकानामिक रिसचर्, न्यूयावर्फ। थ्योडोर, डब्ल्यू. शुल्टश, इंवैस्टमेंट इन ह्यूमन वैफपीटल, अमेरिकन इकानाॅमिक रिव्यू, माचर् 1961

RELOAD if chapter isn't visible.