अध्याय 11 पिछले वुफछ अध्यायों में हम वस्तुओं की गति के वणर्न करने के तरीकों, गति का कारण तथा गुरुत्वाकषर्ण के बारे में चचार् कर चुके हैं। कायर् एक अन्य अवधारणा है जो हमें अनेक प्रावृफतिक घटनाओं को समझने तथा उनकी व्याख्या करने में सहायता करतीहै। ऊजार् तथा शक्ित का कायर् से निकट संबंध् है। इस अध्याय में हम इन अवधरणाओं के बारे में अध्ययन करेंगे। सभी सजीवों को भोजन की आवश्यकता होती है। जीवित रहने के लिए सजीवों को अनेक मूलभूत गतिविध्ियाँ करनी पड़ती हैं। इन गतिविध्ियों ;ियाकलापोंद्ध को हम जैव प्रक्रम कहते हैं। इनप्रक्रमों के लिए ऊजार् भोजन से प्राप्त होती है। वुफछ अन्य ियाकलापोंऋ जैसे - खेलने, गाने, पढ़ने, लिखने, सोचने, वूफदने, दौड़ने तथा साइकिल चलानेके लिए भी हमें ऊजार् की आवश्यकता होती है।कठिन ियाकलापों में अध्िक ऊजार् की आवश्यकता होती है। जंतु भी ियाकलापों में व्यस्त रहते हैं। उदाहरण के लिए वे वूफद या दौड़ सकते हैं। उन्हें लड़ना पड़ता है, अपने शत्राुओं से दूर भागना पड़ता है, भोजन खोजना या आवास के लिए सुरक्ष्िात स्थान खोजना पड़ता है। इसके अतिरिक्त वुफछ जंतुओं को हम बोझा ढोने, गाड़ी खींचने या खेत जोतने के लिए उपयोग मेंलाते हैं। इन सभी ियाकलापों के लिए ऊजार् की आवश्यकता होती है। मशीनों के बारे में सोचिए। उन मशीनों की सूची बनाइए जिनका उपयोग आप करते हैं। उन्हें कायर् कायर् तथा ऊजार् ;ॅवता ंदक म्दमतहलद्ध करने के लिए किस चीश की आवश्यकता होती है? वुफछ इंजनों को पेट्रोल तथा डीशल की आवश्यकताक्यों होती है? सजीवों तथा मशीनों को ऊजार् की आवश्यकता क्यों होती है? 11ण्1 कायर् कायर् क्या है? हम अपने दैनिक जीवन में जिस रूप में कायर् शब्द का प्रयोग करते हैं और जिस रूप में हम इसे विज्ञान में उपयोग करते हैं, उनमें अंतर है। इस बात को स्पष्ट करने के लिए आइए वुफछ उदाहरणों पर विचार करें। 11ण्1ण्1 कठोर काम करने के बावजूद वुफछ अध्िक ‘कायर्’ नहीं! कमली परीक्षा की तैयारी कर रही है। वह अध्ययन में बहुत - सा समय व्यतीत करती है। वह पुस्तवेंफ पढ़ती है, चित्रा बनाती है, अपने विचारों को सुव्यवस्िथत करती है, प्रश्न - पत्रों को एकत्रिात करती है, कक्षाओं में उपस्िथत रहती है, अपने मित्रों के साथ समस्याओं पर विचार - विमशर् करती है तथा प्रयोग करती है। इनियाकलापों पर वह बहुत - सी ऊजार् व्यय करती है। सामान्य बोलचाल में वह ‘कठोर काम’ कर रही है। यदि हम कायर् को वैज्ञानिक परिभाषा के अनुसार देखें तो इस ‘कठोर काम’ में बहुत थोड़ा ‘कायर्’ सम्िमलित है। आप एक बहुत बड़ी चट्टðान को ध्केलने के लिए कठोर परिश्रम कर रहे हैं। मान लीजिए आपके सारे प्रयत्नों के बावजूद चट्टðान नहीं हिलती। आप पूणर्तया थक चुके हैं। तथापि, आपने चट्टान पर कोइर् कायर् नहीं किया क्योंकि चट्टðान में कोइर् विस्थापन नहीं हुआ। आप अपने सिर पर एक भारी बोझा रखकर वुफछ मिनट के लिए बिना हिले - डुले खड़े रहते हैं। आप थक जाते हैं। आपने प्रयास किया है तथा अपनीबहुत - सी ऊजार् व्यय की है। क्या आप बोझे पर वुफछ कायर् कर रहे हैं? हम विज्ञान में जिस प्रकार ‘कायर्’ शब्द का अथर् समझते हैं उस रूप में, इस स्िथति में कायर् नहीं किया गया है। प्रावृफतिक दृश्यों को देखने के लिए, आप सीढि़योंपर चढ़कर इमारत की ऊपरी मंजिलों पर पहुँच जातेहैं। आप एक ऊँचे पेड़ पर भी चढ़ सकते हैं। वैज्ञानिक परिभाषा के अनुसार इन ियाकलापों में बहुत - सा कायर् निहित है। अपने दैनिक जीवन में, हम किसी भी लाभदायक शारीरिक या मानसिक परिश्रम को कायर् समझते हैं। वुफछ ियाकलापोंऋ जैसे - मैदान में खेलना, मित्रों से बातचीत करना, किसी ध्ुन को गुनगुनाना, किसी चलचित्रा ;ब्पदमउंद्ध को देखना, किसी समारोह में सम्िमलित होना को कभी - कभी कायर् नहीं समझा जाता। कायर् क्या होता है यह इस बात पर निभर्र है कि हम उसे वैफसे परिभाष्िात करते हैं। विज्ञान में हम कायर् शब्द को भ्िान्न प्रकार से प्रयोग तथा परिभाष्िात करते हैं। इसे जानने के लिए आइए निम्न ियाकलाप करेंः ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्1 ऽ उपरोक्त अनुच्छेदों में हमने अनेक ऐसे ियाकलापों की चचार् की जिन्हें प्रायः हम अपने दैनिक जीवन में कायर् मानते हैं। इनमें से प्रत्येक ियाकलापके लिए निम्नलिख्िात प्रश्नों का उत्तर दीजिए: ;पद्ध किस वस्तु पर कायर् किया गया? ;पपद्ध वस्तु पर क्या घटित हो रहा है? ;पपपद्ध कायर् कौन ;क्याद्ध कर रहा है? 11ण्1ण्2 कायर् की वैज्ञानिक संकल्पना विज्ञान के दृष्िटकोण से हम कायर् को किस प्रकार देखते और परिभाष्िात करते हैं यह समझने के लिए, आइए वुफछ स्िथतियों पर विचार करेंः किसी सतह पर रखे एक गुटके को ध्केलें। गुटका वुफछ दूरी तय करता है। आपने गुटके पर वुफछ बल लगाया जिससे गुटका विस्थापित हो गया। इस स्िथति में कायर् हुआ। एक लड़की किसी ट्राॅली को खींचती है और ट्राॅली वुफछ दूर तक चलती है। लड़की ने ट्राॅली पर बल लगाया और यह विस्थापित हुइर्ऋ इसलिए कायर् किया गया। एक पुस्तक को किसी ऊँचाइर् तक उठाइए। ऐसा करने के लिए आपको बल लगाना पड़ेगा। पुस्तकऊपर उठती है। पुस्तक पर एक बल लगाया गया तथा पुस्तक गतिमान हुइर्ऋ इसलिए कायर् किया गया। उपरोक्त स्िथतियों को ध्यानपूवर्क देखने से ज्ञात होता है कि कायर् करने के लिए दो दशाओं का होना आवश्यक हैः ;पद्ध वस्तु पर कोइर् बल लगना चाहिए, तथा ;पपद्ध वस्तु विस्थापित होनी चाहिए। यदि इनमें से कोइर् भी दशा पूरी नहीं होती तो कायर् नहीं किया गया। विज्ञान में हम कायर् को इसी दृष्िट से देखते हैं। एक बैल किसी गाड़ी को खींच रहा है। गाड़ी चलती है। गाड़ी पर एक बल लग रहा है तथा गाड़ी वुफछ दूर चली है। क्या आपके विचार में इस स्िथति में कायर् किया गया है? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्2 ऽ अपने दैनिक जीवन वफी वुफछ स्िथतियों पर विचार कीजिए जिनमें कायर् सम्िमलित हो। ऽ इनकी सूची बनाइए। ऽ अपने मित्रों से विचार - विमशर् कीजिए कि क्या प्रत्येक स्िथति में कायर् किया गया है। ऽ अपने उत्तरों का कारण जानने का प्रयत्न कीजिए। ऽ यदि कायर् हुआ है तो वस्तु पर कौन सा बल कायर् कर रहा है? ऽ वह कौन - सी वस्तु है जिस पर कायर् किया गया है? ऽ जिस वस्तु पर कायर् किया गया है उसकी स्िथति में क्या परिवतर्न होता है? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्3 ऽ वुफछ स्िथतियों पर विचार कीजिए जब वस्तु पर बल लगने के बावजूद वह विस्थापित नहीं होती। ऽ ऐसी स्िथति पर भी विचार कीजिए जब कोइर् वस्तु बल लगे बिना ही विस्थापित हो जाए। ऽ प्रत्येक के लिए जितनी स्िथतियाँ आप सोच सवेंफ उनकी सूची बनाइए। ऽ अपने मित्रों से विचार - विमशर् कीजिए कि क्या इन स्िथतियों में कायर् हुआ है। 11ण्1ण्3 एक नियत बल द्वारा किया गया कायर् विज्ञान में कायर् को वैफसे परिभाष्िात किया जाता है? इसे समझने के लिए, पहले हम उस स्िथति पर विचार करते हैं जब बल विस्थापन की दिशा में लग रहा हो। मान लीजिए किसी वस्तु पर एक नियत बल थ् कायर् करता है। मान लीजिए कि वस्तु बल की दिशा में े दूरी विस्थापित हुइर् ;चित्रा 11ण्1द्ध। मान लीजिए ॅ किया गया कायर् है। कायर् की परिभाषा के अनुसार किया गया कायर् बल तथा विस्थापन के गुणनपफल के बराबर है। किया गया कायर् त्र बल × विस्थापन ॅ त्र थ् े ;11ण्1द्ध चित्रा 11ण्1 अतः, किसी वस्तु पर लगने वाले बल द्वारा किया गया कायर् बल के परिमाण तथा बल की दिशा में चली गइर् दूरी के गुणनपफल के बराबर होता है। कायर् में केवल परिमाण होता है तथा कोइर् दिशा नहीं होती। समीकरण ;11ण्1द्ध में यदि थ् त्र 1 छ तथा े त्र 1 उ हों, तो बल द्वारा किया गया कायर् 1 छ उ होगा। यहाँ बल का मात्राक न्यूटन मीटर ;छ उद्ध या जूल ;श्रद्ध है। अतः 1 श्र किसी वस्तु पर किए गए कायर् की वह मात्रा है जब 1 छ का बल वस्तु को बल की िया रेखा की दिशा में 1 उ विस्थापित कर दे। समीकरण;11ण्1द्ध को ध्यानपूवर्क देख्िाए। यदि वस्तु पर लगने वाला बल शून्य है तो किया गया कायर् कितना होगा? यदि वस्तु का विस्थापन शून्य है तो किया गया कायर् कितना होगा? उन दशाओं का उल्लेख कीजिए जिनका कायर् होने के लिए पूरा होना आवश्यक है। उदाहरण 11ण्1 किसी वस्तु पर 5 छ बल लग रहा है। बल की दिशा में वस्तु 2 उ विस्थापित होती है ;चित्रा 11ण्2द्ध। यदि विस्थापन होते समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहे, तो समीकरण ;11ण्1द्ध के अनुसार किया गया कायर् होगा 5 छ × 2 उ त्र10 छ उ या 10 श्र। प्र चित्रा 11ण्2 श्न 1ण् किसी वस्तु पर 7 छ का बल लगता है। मान लीजिए बल की दिशा में विस्थापन 8 उ है ;चित्रा 11ण्3द्ध। मान लीजिए वस्तु के विस्थापन के समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहता है। इस स्िथति में किया गया कायर् कितना होगा? चित्रा 11ण्3 एक अन्य स्िथति पर विचार करें जिसमें बल तथा विस्थापन एक ही दिशा में हैऋ एक बच्चा किसी ख्िालौना कार को चित्रा 11ण्4 में दशार्ए अनुसार ध्रती के समानांतर खींच रहा है। बच्चे ने कार के विस्थापन की दिशा में बल लगाया है। इस स्िथति में किया गया कायर् बल तथा विस्थापन के गुणनपफल के बराबर होगा। इस प्रकार की स्िथति में बल द्वारा किया गया कायर् ध्नात्मक माना जाता है। चित्रा 11ण्4 अब एक स्िथति पर विचार करें जिसमें कि एक वस्तु समान वेग से किसी नियत दिशा में गति कर रही है और उस पर विपरीत दिशा में एक अवमंदक बल, थ्ए आरोपित किया जाता है, अथार्त्, दोनों दिशाओं के बीच 1800 का कोण बन रहा है। माना कि वस्तु े दूरी के विस्थापन के पश्चात रुक जाती है। ऐसी स्िथति में बल थ् द्वारा किया गया कायर् )णात्मक माना जाता है और इसे )ण चिह्न द्वारा नि£दष्ट किया जाता है। बल द्वारा किया गया कायर् थ् × ;दृेद्ध या ;दृथ् × ेद्ध है। जब बल विस्थापन की दिशा के विपरीत दिशा में लगता है तो किया गया कायर् )णात्मक होता है। जब बल विस्थापन की दिशा में लगता है तो किया गया कायर् ध्नात्मक होता है। उपरोक्त विचार - विमशर् से यह स्पष्ट है कि किसी बल द्वारा किया गया कायर् ध्नात्मक अथवा )णात्मक, दोनों में से कोइर् एक, हो सकता है। इसे समझने के लिए आइए निम्नलिख्िात ियाकलाप करेंः ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्4 ऽ किसी वस्तु को ऊपर उठाइए। आपके द्वारा वस्तु पर लगाए गए बल के द्वारा कायर् किया गया।वस्तु ऊपर की ओर चलती है। आपके द्वारा लगाया गया बल विस्थापन की दिशा में है। तथापि वस्तु पर गुरुत्वीय बल भी कायर्रत है। ऽ इनमें से कौन - सा बल ध्नात्मक कायर् कर रहा है? ऽ कौन सा बल )णात्मक कायर् कर रहा है? ऽ कारण बताइए। उदाहरण 11ण्2 एक वुफली 15 ाह का बोझ ध्रती से 1ण्5 उ ऊपर उठाकर अपने सिर पर रखता है। उसके द्वारा बोझे पर किए गए कायर् का परिकलन कीजिए। हलः बोझ का द्रव्यमान उ त्र 15 ाह तथा विस्थापन े त्र 1ण्5 उ किया गया कायर् ॅत्र थ् × े त्र उह × े त्र 15 ाह × 10 उ े.2 × 1ण्5 उ त्र 225 ाह उ े.2 उ त्र 225 छ उ त्र 225 श्र वुफली द्वारा बोझे पर किया गया कायर् 225 श्र है।प्रश्न 1ण् हम कब कहते हैं कि कायर् किया गया है? 2ण् जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कायर् का व्यंजक लिख्िाए। 3ण् 1 श्र कायर् को परिभाष्िात कीजिए। 4ण् बैलों की एक जोड़ी खेत जोतते समय किसी हल पर140 छ बल लगाती है। जोता गया खेत 15 उ लंबा है। खेत की लंबाइर् को जोतने में कितना कायर् किया गया? 11ण्2 ऊजार् ऊजार् के बिना जीवन असंभव है। ऊजार् की आवश्यकतादिन प्रतिदिन बढ़ रही है। हमें ऊजार् कहाँ से प्राप्त होती है? सूयर् हमारे लिए ऊजार् का सबसे बड़ाप्रावृफतिक स्रोत है। हमारे ऊजार् के बहुत - से स्रोत सूयर् से व्युत्पन्न होते हैं। हम परमाणुओं के नाभ्िाकों से, पृथ्वी के आंतरिक भागों से तथा ज्वार - भाटों से भीऊजार् प्राप्त कर सकते हैं। क्या आप ऊजार् के अन्य स्रोतों के बारे में सोच सकते हैं? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्5 ऽ ऊजार् के वुफछ स्रोतों को ऊपर दिया गया है।ऊजार् के अनेक अन्य स्रोत भी हैं। उनकी सूची बनाइए। ऽ छोटे समूहों में विचार - विमशर् कीजिए कि किसप्रकार ऊजार् के वुफछ स्रोत सूयर् के कारण हैं। ऽ क्या ऊजार् के वुफछ ऐसे स्रोत भी हैं जो सूयर् के कारण नहीं हैं? ऊजार् शब्द का प्रयोग प्रायः हमारे दैनिक जीवन में होता रहता है ¯कतु विज्ञान में इसका एक निश्िचत एवं परिशु( अथर् है। आइए, निम्नलिख्िात उदाहरणों पर विचार करेंः जब तीव्र वेग से गतिशील िकेट की गेंद स्िथर विकेटों से टकराती है, तो विकेट दूर जा गिरते हैं। इसी प्रकार, जब हम किसी वस्तु को किसीनिश्िचत ऊँचाइर् तक उठाते हैं तब उसमें कायर् करने की क्षमता समाहित हो जाती है। आपने अवश्य हीदेखा होगा कि ऊँचाइर् तक उठाया गया हथौड़ा जब लकड़ी के किसी टुकड़े पर रखी हुइर् कील पर प्रहार करता है तो वह कील को लकड़ी में ठोक देता है। हमने बच्चों को ख्िालौनों ;जैसे ख्िालौना कारद्ध में चाबी भरते भी देखा है और जब यह ख्िालौना किसी पफशर् पर रखा जाता है तो ये गति करने लगता है। जब किसी गुब्बारे में हवा भर कर उसे दबाते हैं तो उसकी आवृफति में परिवतर्न होता है। यदि हम गुब्बारे को कम बल लगाकर दबाते हैं तो बल को हटाने पर यह अपनी मूल आवृफति में वापस आ सकता है। ¯कतु यदि हम गुब्बारे को अध्िक बल से दबाएँ तो यह विस्पफोटक ध्वनि करते हुए पफट भी सकता है। इन सभी उदाहरणों में वस्तुएँ, विभ्िान्न प्रकार से, कायर् करने की क्षमता अ£जत कर लेती हैं। यदि किसी वस्तु में कायर् करनेकी क्षमता है तो कहा जाता है कि इसमें ऊजार् है। जो वस्तु कायर् करती है उसमें ऊजार् की हानि होती हैऔर जिस वस्तु पर कायर् किया जाता है उसमें ऊजार् की वृि होती है।किसी वस्तु में यदि ऊजार् है तो यह वैफसे कायर्करती है? कोइर् वस्तु जिसमें ऊजार् है तो वह दूसरी वस्तु पर बल लगा सकती है। जब ऐसा होता है तोऊजार् पहली वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित हो जाती है। दूसरी वस्तु क्योंकि वुफछ ऊजार् ग्रहण करती है इसलिए वुफछ कायर् कर सकती है और इस प्रकार यह गति में आ सकती है। इस प्रकार पहली वस्तु में कायर् करने की क्षमता है। इसका अथर् हुआ कि कोइर् भी वस्तु जिसमें ऊजार् है, कायर् कर सकती है। इस प्रकार किसी वस्तु में निहित ऊजार् को उसकी कायर् करने की क्षमता के रूप में मापा जाता है।इसीलिए ऊजार् का मात्राक वही है जो कायर् का है अथार्त जूल;श्रद्ध । एक जूल कायर् करने के लिए आवश्यक ऊजार् की मात्रा 1 श्र होती है। कभी - कभी ऊजार् के बड़े मात्राक किलो जूल;ाश्रद्ध का उपयोग किया जाता है। 1 ाश्रए 1000 श्र के बराबर होता है। 11ण्2ण्1 ऊजार् के रूप सौभाग्य से जिस संसार में हम रहते हैं उसमें ऊजार् अनेक रूपों में विद्यमान है। विभ्िान्न रूपों में स्िथतिजऊजार्, गतिज ऊजार्, ऊष्मीय ऊजार्, रासायनिक ऊजार्, विद्युत् ऊजार् तथा प्रकाश ऊजार् सम्िमलित हैं। इसे सोचिए!आप वैफसे ज्ञात करेंगे कि कोइर् सत्ता ;वस्तुजिसका अस्ितत्व हैद्ध ऊजार् का रूप है। अपने मित्रों तथा अध्यापकों से विचार - विमशर् कीजिए। जेम्स प्रेसकाॅट जूल एक प्रतिभाशाली बि्रटिश भौतिक विज्ञानी थे। वे अपने विद्युत्तथा ऊष्मागतिकी के अनुसंधानों के लिए विशेष रूप से प्रसि( हुए। अन्य विचारों के अतिरिक्तउन्होंने विद्युत् के ऊष्मीय प्रभावजेम्स प्रेसकाॅट जूल के बारे में नियम बनाया। उन्होंने;1818 कृ 1889द्ध ऊजार् संरक्षण नियम कोप्रयोगात्मक रूप से सत्यापित किया तथा ऊष्मा के यांत्रिाक तुल्यांक के मान की खोश की। ऊजार् तथा कायर् के मात्राक का नाम जूल, उन्हीं के सम्मान में रखा गया है। 11ण्2ण्2 गतिज ऊजार् ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्6 ऽ एक भारी गेंद लीजिए। इसे रेत की मोटी परत ;क्यारीद्ध पर गिराइए। गीले रेत की सतह अच्छा कायर् करेगी। गेंद को रेत पर लगभग 25 बउ की ऊँचाइर् से गिराइए। गेंद रेत में एक गतर् ;गड्ढाद्ध बना देती है। ऽ इस ियाकलाप को 50 बउए 1 उ तथा 1ण्5 उ की ऊँचाइयों से गेंद को गिराकर दोहराइए। ऽ सुनिश्िचत कीजिए कि सभी गतर् सुस्पष्ट दिखाइर् दें। ऽ गेंद को गिराने की ऊँचाइर् के अनुसार सभी गतो± पर निशान लगाएँ। ऽ उनकी गहराइयों की तुलना करें। ऽ इनमें से कौन - सी गतर् सबसे अध्िक गहरी है। ऽ कौन - सा गड्ढा सबसे अध्िक उथला है। ऐसा क्यों है? ऽ गेंद ने किस कारण से गहरा गड्ढा बनाया? ऽ विचार - विमशर् कीजिए तथा विश्लेषण कीजिए। ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्7 ऽ चित्रा11ण्5 के अनुसार उपकरण सज्िजत कीजिए। ऽ एक ज्ञात द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके को चित्रा 11ण्5 ट्राॅली के सामने किसी सुविधजनक निश्िचत दूरी पर रख्िाए। ऽ पलड़े पर एक ज्ञात द्रव्यमान रख्िाए जिससे कि ट्राॅली गतिमान हो जाए। ऽ ट्राॅली आगे चलती है तथा लकड़ी के गुटके से टकराती है। ऽ मेज पर एक अवरोधक इस प्रकार लगाइए कि गुटके से टकराने के पश्चात् ट्राॅली वहीं रुक जाए। ऽ गुटका विस्थापित हो जाता है। ऽ गुटके के विस्थापन को मापिए। इसका अथर् हुआकि जैसे ही गुटके ने ऊजार् ग्रहण की, ट्राॅली द्वारा गुटके पर कायर् किया गया। ऽ यह ऊजार् कहाँ से आइर्? ऽ पलड़े पर रखे द्रव्यमान को बढ़ाकर इस प्रयोग को दोहराइए। ऽ किस अवस्था में विस्थापन अध्िक है? किस अवस्था में किया गया कायर् अध्िक होगा? ऽ इस ियाकलाप में गतिशील ट्राॅली कायर् करतीहै अतः इसमें ऊजार् विद्यमान है। एक चलती हुइर् वस्तु कायर् कर सकती है। एक तेश चलती वस्तु, अपने सदृश अपेक्षावृफत ध्ीमी चलती हुइर् वस्तु से अध्िक कायर् कर सकती है। एक गतिशील गोली, बहती हुइर् हवा, घूमता हुआ पहिया, एक गतिशील पत्थर, ये सभी कायर् कर सकते हैं। गोली लक्ष्य को वैफसे भेद पाती है? बहती हुइर् हवा पवन चक्की वफी पंखुडि़यों को वैफसे घुमा पाती है? गतिशीलवस्तुओं में ऊजार् होती है। गिरता हुआ नारियल, गतिशील कार, लुढ़कता हुआ पत्थर, उड़ता हुआ हवाइर् जहाज, बहता हुआ पानी, बहती हुइर् हवा, दौड़ता हुआ ख्िालाड़ी आदि सभी में गतिज ऊजार् विद्यमान है। संक्षेप में, किसीवस्तु में उसकी गति के कारण निहित ऊजार् को गतिजऊजार् कहते हैं। किसी वस्तु की गतिज ऊजार् उसकी चाल के साथ बढ़ती है। किसी गतिशील वस्तु में उसकी गति के कारणकितनी ऊजार् निहित होती है। परिभाषा के अनुसार हम कह सकते हैं कि किसी निश्िचत वेग से गतिशीलवस्तु की गतिज ऊजार् उस वस्तु पर इस वेग को प्राप्त करने के लिए किए गए कायर् के बराबर है।आइए अब किसी वस्तु की गतिज ऊजार् को एक समीकरण के रूप में व्यक्त करें। मान लीजिए उ द्रव्यमान की एक वस्तु एकसमान वेग न से गतिशील है। अब मान लीजिए जब इस पर एक नियत बल थ् विस्थापन की दिशा में लगता है तो वस्तु े दूरी तक विस्थापित हो जाती है। समीकरण ;11ण्1द्ध से, किया गया कायर् ॅए थ् े के बराबर है। वस्तु पर किए गए कायर् के कारण इसके वेग में परिवतर्न होगा। मान लीजिए कि इसका वेग न से अ हो जाता है। मान लीजिए उत्पन्न हुए त्वरण का मान ं है। अनुभाग 8ण्5 में, हमने गति के तीन समीकरणों के बारे में अध्ययन किया है। एकसमान त्वरण ं से गतिशील किसी वस्तु के प्रारंभ्िाक वेग;नद्धए अंतिम वेग ;अद्ध तथा विस्थापन े के बीच निम्न संबंध् है अ2 दृ न2 त्र 2ं ेण् ;8ण्7द्ध या 2 2अदृन ेत्र 2ं ;11ण्2द्ध अनुभाग 9ण्4 से, हमें ज्ञात है कि थ् त्र उ ं । इस प्रकार समीकरण ;11ण्2द्ध को समीकरण ;11ण्1द्ध में रखने पर हम बल थ् द्वारा किए गए कायर् को लिख सकते हैं 22अदृन ॅत्रउ ं 2ं अथवा 1 22ॅत्र उ अ दृन ;11ण्3द्ध2 यदि वस्तु की गति अपनी विराम अवस्था से प्रारंभ होती है, अथार्त् न त्र 0ए तब 1 2ॅत्र उ अ ;11ण्4द्ध2 यह स्पष्ट है कि किया गया कायर् वस्तु की गतिजऊजार् में परिवतर्न के बराबर है। 2यदि न त्र 0ए किया गया कायर् होगा 1 उ अ । 2 अतः उ द्रव्यमान की तथा एकसमान वेग अ से गतिशील वस्तु की गतिज ऊजार् का मान 1 2म्त्र उ अ ;11ण्5द्धा2 उदाहरण 11ण्3 15 ाह द्रव्यमान की एक वस्तु 4 उ ेदृ1 के एकसमान वेग से गतिशील है।वस्तु की गतिज ऊजार् कितनी होगी? हलः वस्तु का द्रव्यमान उ त्र 15 ाहए वस्तु का वेग अ त्र 4 उ ेदृ1 समीकरण;11ण्5द्ध से 1 2म्त्र उ अ ा2 1 त्र × 15 ाह × 4 उ ेदृ1 × 4 उ ेदृ1 2 त्र 120 श्र वस्तु की गतिज ऊजार् 120 श्र है। उदाहरण 11ण्4 यदि किसी कार का द्रव्यमान 1500 ाह है तो उसके वेग को 30 ाउ ीदृ1 से 60 ाउ ीदृ1 तक बढ़ाने में कितना कायर् करना पड़ेगा? हलः कार का द्रव्यमान उ त्र1500 ाह कार का प्रारंभ्िाक वेग न त्र 30 ाउ ीदृ1 30 ×1000उ त्र 60 × 60े त्र 8ण्33 उ ेदृ1 इसी प्रकार कार का अंतिम वेग अ त्र 60 ाउ ीदृ1 त्र 16ण्67 उ ेदृ1 इसलिए कार की प्रारंभ्िाक गतिज ऊजार् 1 2 नमप त्रउ2 1 त्र × 1500 ाह × ;8ण्33 उ ेदृ1द्ध2 2 त्र 52041ण्68 श्र इसी प्रकार, कार की अंतिम गतिज ऊजार् 1 म् त्र × 1500 ाह × ;16ण्67 उ ेदृ1द्ध2 ा ि 2 त्र 208416ण्68 श्र अतः किया गया कायर्त्र गतिज ऊजार् में परिवतर्न त्र दृ मप त्र 156375 श्र श्न 1ण् किसी वस्तु की गतिज ऊजार् क्या होती है? 2ण् किसी वस्तु की गतिज ऊजार् के लिए व्यंजक लिखो।प्र मि3ण् 5 उ े.1 के वेग से गतिशील किसी उ द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊजार् 25 श्र है। यदि इसके वेग को दोगुना कर दिया जाए तोइसकी गतिज ऊजार् कितनी हो जाएगी? यदि इसके वेग को तीनगुना बढ़ा दिया जाए तोइसकी गतिज ऊजार् कितनी हो जाएगी? 11ण्2ण्3 स्िथतिज ऊजार् ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्8 ऽ एक रबड़ बैंड ;रबड़ का छल्लाद्ध लीजिए। ऽ इसके एक सिरे को पकड़कर दूसरे सिरे से खींचिए। छल्ला ¯खच जाता है। ऽ छल्ले के एक सिरे को छोडि़ए। ऽ क्या होता है? ऽ छल्ला अपनी प्रारंभ्िाक लंबाइर् प्राप्त करने का प्रयत्न करेगा। स्पष्ट है कि छल्ले ने अपनी ¯खचीहुइर् स्िथति में वुफछ ऊजार् उपा£जत कर ली है। ऽ खींचने पर यह ऊजार् किस प्रकार उपा£जत कर लेता है? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्9 ऽ एक स्िलंकी लीजिए। ऽ निम्न चित्रा में दशाये अनुसार अपने मित्रा से इसके एक सिरे को पकड़ने के लिए कहिए। आप दूसरे सिरे को पकडि़ए तथा अपने मित्रा से दूर चले जाइए। ऽ अब आप स्िलंकी को छोड़ दीजिए। ऽ क्या होता है? ऽ खींचने पर ¯स्लकी ने किस प्रकार ऊजार् उपा£जत की? ऽ क्या संपीडित करने पर भी स्िलंकी ऊजार् उपा£जत करेगी? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्10 ऽ एक ख्िालौना कार लीजिए। इसमें चाबी भरिए। ऽ कार को जमीन पर रख्िाए। ऽ क्या ये चलती है? ऽ इसने ऊजार् कहाँ से उपा£जत की। ऽ क्या उपा£जत ऊजार्, चाबी द्वारा भरे गये लपेटनों की संख्या पर निभर्र है? ऽ आप इसकी जाँच वैफसे कर सकते हैं? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्11 ऽ किसी वस्तु को एक निश्िचत ऊँचाइर् तक उठाइए। ऽ वस्तु अब कायर् कर सकती है। छोड़ने पर यह नीचे गिरने लगती है। इसका अथर् है कि इसनेवुफछ ऊजार् उपा£जत कर ली है। ऽ अध्िक ऊँचा उठाने पर यह अध्िक कायर् करसकती है और इस प्रकार इसमें अध्िक ऊजार् विद्यमान हो जाती है। ऽ इसे ऊजार् कहाँ से प्राप्त होती है? सोचिए तथा विचार - विमशर् कीजिए। उपरोक्त परिस्िथतियों में, वस्तु पर किए गए कायर्के कारण इसमें ऊजार् संचित हो जाती है। किसी वस्तुको स्थानांतरित की गइर् ऊजार् इसमें स्िथतिज ऊजार् के रूप में संचित रहती है यदि यह वस्तु की चाल या वेग में परिवतर्न करने के लिए उपयोग में नहीं आती है। वस्तु कायर् करने के लिए स्िथति प्राप्त कर लेती है। जब आप किसी रबड़ बैंड को खींचते हैं तो आपवुफछ ऊजार् स्थानांतरित करते हैं। बैंड में स्थानांतरितकी गइर् ऊजार् इसमें स्िथतिज ऊजार् के रूप में संचित हो जाती है। किसी ख्िालौना कार से चाबी भरते समय आप कायर् करते हैं। इसके अंदर कमानी में स्थानांतरितकी गइर् ऊजार् स्िथतिज ऊजार् के रूप में संचित हो जाती है। किसी वस्तु द्वारा इसकी स्िथति अथवाविन्यास में परिवतर्न के कारण प्राप्त ऊजार् को स्िथतिजऊजार् कहते हैं। ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्12 ऽ बाँस की एक खपच्ची लीजिए और इससे चित्रा 11ण्6 में दिखाए अनुसार एक ध्नुष बनाइए। ऽ किसी हलकी डंडी का एक तीर बनाइए। ऽ तीर का एक सिरा ध्नुष की तानित डोरी पर रख्िाए। ऽ अब डोरी को खींचिए और तीर को मुक्त कीजिए। ऽ तीर को ध्नुष से दूर जाते हुए देख्िाए। ऽ ध्नुष की आवृफति में परिवतर्न पर ध्यान दीजिए। ऽ ध्नुष की आवृफति में परिवतर्न के कारण उसमेंसंचित स्िथतिज ऊजार्, तीर को गतिज ऊजार् प्रदान करती है जिससे तीर गतिशील होकर दूर जा गिरता है। चित्रा 11ण्6रू ध्नुष की तानित डोरी पर रखा तीर 11ण्2ण्4 किसी ऊँचाइर् पर वस्तु की स्िथतिजऊजार् वस्तु को किसी ऊँचाइर् तक उठाने में उसकी ऊजार् मेंवृि होती है। इसका कारण है कि इसको ऊपर उठाने में इस पर गुरुत्व बल के विरु( कायर् कियाजाता है। इस प्रकार की वस्तु में विद्यमान ऊजार् उसकी गुरुत्वीय स्िथतिज ऊजार् है।भूमि से ऊपर किसी बिंदु पर किसी वस्तु की गुरुत्वीय स्िथतिज ऊजार् को, वस्तु को भूमि से उस बिंदु तक उठाने में गुरुत्वीय बल के विरु( किए गए कायर् द्वारा परिभाष्िात करते हैं।किसी ऊँचाइर् पर किसी वस्तु के गुरुत्वीय स्िथतिज ऊजार् के व्यंजक को ज्ञात करना सरल है। चित्रा 11ण्7 एक उ दव्यमान की वस्तु के बारे में विचार्रकीजिए। मान लीजिए इसे ध्रती से ी ऊँचाइर् तकऊपर उठाया जाता है। ऐसा करने के लिए एक बल की आवश्यकता है। वस्तु को उठाने के लिए आवश्यक न्यूनतम बल वस्तु के भार के बराबर अथार्त् उह है।वस्तु मंे इस पर किए गए कायर् के बराबर ऊजार् उपा£जत होगी। मान लीजिए कि वस्तु पर गुरुत्वीय बल के विरु( किया गया कायर् ॅ है। तब, किया गया कायर् ॅ त्र बल × विस्थापन त्र उह × ी त्र उही क्योंकि वस्तु पर किया गया कायर् उही के बराबर है, इसलिए वस्तु को उही इकाइर् के बराबर ऊजार्उपा£जत होगी। यह वस्तु की स्िथतिज ऊजार् ;म्च्द्ध है। म्च त्र उही ;11ण्6द्ध यह ध्यान देने योग्य बात है कि गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कायर् वस्तु की प्रारंभ्िाक तथा अंतिमस्िथतियों की ऊध्वार्ध्र ऊँचाइयों के अंतर पर निभर्र है न कि उस रास्ते पर जिस पर कि वस्तु ने गति की है। चित्रा 11ण्8 में ऐसी स्िथति दिखाइर् गइर् है जहाँ एक गुटका स्िथति । से स्िथति ठ तक दो विभ्िान्न पथों से पहुँचाया गया है। मान लीजिए ऊँचाइर् ।ठ त्र ी । दोनों ही स्िथतियों में वस्तु पर किया गया कायर् उही है। चित्रा 11ण्8 उदाहरण 11ण्5 10 ाह द्रव्यमान की एक वस्तु को ध्रती से 6 उ की ऊँचाइर् तक उठाया गया है। इस वस्तु में विद्यमान ऊजार् का परिकलन कीजिए। ह का मान 9ण्8 उ ेदृ2 है। हलः वस्तु का द्रव्यमान उ त्र 10 ाहए विस्थापन ;ऊँचाइर्द्ध ी त्र 6 उ तथा गुरुत्वीय त्वरण ह त्र 9ण्8 उ ेदृ2ण् समीकरण ;11ण्6द्ध से स्िथतिज ऊजार् त्र उही त्र10 ाह × 9ण्8 उ े.2 × 6 उ त्र 588 श्रण् स्िथतिज ऊजार् 588 श्र है। उदाहरण 11ण्6 12 ाह द्रव्यमान की एक वस्तुध्रती से एक निश्िचत ऊँचाइर् पर स्िथत है।यदि वस्तु की स्िथतिज ऊजार् 480 श्र है तो वस्तुकी ध्रती के सापेक्ष ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। दिया है, परिकलन में सरलता के लिए ह का मान 10 उ ेदृ2 लें। हल: वस्तु का द्रव्यमान उ त्र 12 ाहएस्िथतिज ऊजार् म् त्र 480 श्रण् चम्च त्र उही 480 श्र त्र 12ाह × 10 उ े.2 × ी480 श्र ी त्र .2120 ाह उे त्र4 उण् वस्तु 4 उ की ऊँचाइर् पर स्िथत है। 11ण्2ण्5 क्या ऊजार् के विभ्िान्न रूप परस्पर परिवतर्नीय हैं? क्या हम ऊजार् का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरणकर सकते हैं? प्रवृफति में हमें ऊजार् रूपांतरण के अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं। ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्13 ऽ छोटे समूहों में बैठिए। ऽ प्रवृफति में ऊजार् रूपांतरण की विभ्िान्न विध्ियों पर विचार करें। ऽ अपने समूह में निम्न प्रश्नों के बारे में विचार - विमशर् कीजिएः ;पद्ध हरे पौध्े खाना वैफसे बनाते हैं? ;पपद्ध उन्हें ऊजार् कहाँ से प्राप्त होती है? ;पपपद्ध वायु एक स्थान से दूसरे स्थान को क्यों बहती है? ;पअद्ध कोयला तथा पेट्रोलियम जैसे ईंध्न वैफसे बने? ;अद्ध किस प्रकार के ऊजार् रूपांतरण जल चक्र को बनाए रखते हैं? ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्14 ऽ अनेक मानव ियाकलापों तथा हमारे द्वाराउपयोग किए जाने वाले जुगतों में ऊजार् रूपांतरण सम्िमलित है। ऽ इस प्रकार के ियाकलापों तथा जुगतों की एक सूची बनाइए। ऽ प्रत्येक ियाकलाप या जुगत में पहचानिए किकिस प्रकार का ऊजार् रूपांतरण हो रहा है। 11ण्2ण्6 ऊजार् संरक्षण का नियम ियाकलाप 11ण्13 तथा 11ण्14 में हमने सीखा किऊजार् एक रूप से दूसरे रूप में परिव£तत हो सकती है।इस प्रिया में निकाय की वुफल ऊजार् का क्या हुआ?ऊजार् - रूपातरंण की अवस्था में निकाय की वुफल ऊजार्अपरिव£तत रहती है। यह ऊजार् संरक्षण के नियमानुसारहै। इस नियम के अनुसार, ऊजार् केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित हो सकती हैऋ न तो इसकीउत्पिा की जा सकती है और न ही विनाश। रूपांतरणके पहले व रूपांतरण के पश्चात् वुफल ऊजार् सदैव अचररहती है। ऊजार् संरक्षण का नियम प्रत्येक स्िथति तथा सभी प्रकार के रूपांतरणों में मान्य है।एक सरल उदाहरण पर विचार कीजिए। मान लीजिए उ द्रव्यमान की एक वस्तु ी ऊँचाइर् सेस्वतंत्रातापूवर्क गिराइर् जाती है। प्रारंभ में, स्िथतिजऊजार् उही है तथा गतिज ऊजार् शून्य है। गतिज ऊजार्शून्य क्यों है? यह शून्य है क्योंकि इसका प्रारंभ्िाकवेग शून्य है। इस प्रकार वस्तु की वुफल ऊजार्उही है।जब यह वस्तु गिरती है तो इसकी स्िथतिज ऊजार्गतिज ऊजार् में परिव£तत होगी। यदि किसी दिए हुए क्षण पर वस्तु का वेग अ है तो गतिज ऊजार् )उअ2 होगी। वस्तु जैसे - जैसे नीचे गिरती है, इसकी स्िथतिजऊजार् कम होती जाती है तथा गतिज ऊजार् बढ़ती जाती है। जब वस्तु ध्रती पर पहुँचने वाली होती है तो ी त्र 0 होगा तथा इस अवस्था में वस्तु का अंतिम वेग अ अध्िकतम हो जाएगा। इसलिए अब गतिज ऊजार् अध्िकतम तथा स्िथतिज ऊजार् न्यूनतम होगी। तथापि,सभी बिंदुओं पर वस्तु की स्िथतिज ऊजार् तथा गतिजऊजार् का योग समान रहता है। अथार्त्,स्िथतिज ऊजार् ़ गतिज ऊजार्त्र अचर, 1या उही ़ उअ2त्र अचर ;11ण्7द्ध2 किसी वस्तु की गतिज ऊजार् तथा स्िथतिज ऊजार् कायोग उसकी वुफल यांत्रिाक ऊजार् है। हम देखते हैं कि किसी ¯पड के मुक्त रूप से गिरते समय, इसके पथ में किसी बिंदु पर स्िथतिज ऊजार् में जितनी कमी होती है गतिज ऊजार् में उतनी ही वृि हो जाती है। ;यहाँ ¯पड की गति पर वायु प्रतिरोध् के प्रभाव आदि की उपेक्षा की गइर् है।द्ध इसप्रकार गुरुत्वीय स्िथतिज ऊजार् का गतिज ऊजार् में निरंतर रूपांतरण हो रहा है। ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्15 ऽ 20 ाह द्रव्यमान का कोइर् ¯पड 4 उ की ऊँचाइर् से मुक्त रूप से गिराया जाता है। निम्न सारणी केअनुसार प्रत्येक स्िथति में स्िथतिज ऊजार् तथागतिज ऊजार् की गणना करके, सारणी में रिक्त स्थानों को भरिए। ऽ परिकलन में सुविध के लिए ह का मान 10 उ ेदृ2 लीजिए। विचार कीजिए!यदि प्रवृफति में ऊजार् रूपांतरण संभव नहीं होतातो क्या होता? एक विचार के अनुसार ऊजार् रूपांतरण के बिना जीवन संभव नहीं हो पाता। क्या आप इससे सहमत हैं? 11ण्3 कायर् करने की दर क्या हम सब एक ही दर से कायर् करते हैं? क्यामशीनें ऊजार् का उपयोग तथा रूपांतरण समान दर सेकरती हैं? अभ्िाकतार् ;एजेंटद्ध जो ऊजार् रूपांतर करते हैं, विभ्िान्न दरों से कायर् करते हैं। आइए इसे निम्न ियाकलाप से समझंे। ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्16 ऽ दो बच्चे, मान लीजिए । तथा ठ के बारे में विचार कीजिए। मान लीजिए दोनों का द्रव्यमान समान है। दोनों रस्से पर अलग - अलग चढ़ना प्रारंभ करते हैं। दोनों8 उकी ऊँचाइर् तक पहुँचते हैं। मान लीजिए इस कायर् को करने में । 15 े लेता है तथा ठ 20 े लेता है। ऽ प्रत्येक बच्चे द्वारा किया गया कायर् कितना है? ऽ किया गया कायर् समान है। तथापि । ने कायर् करने के लिए ठ की अपेक्षा कम समय लिया। ऽ किस बच्चे ने दिए हुए समय, मान लीजिए 1 ेए में अध्िक कायर् किया? एक शक्ितशाली व्यिाफ किसी दिए हुए कायर् को अपेक्षावृफत कम समय में पूरा कर सकता है। अध्िक शक्ितशाली वाहन कम शक्ितशाली वाहन की अपेक्षा हमें किसी यात्रा को कम समय में पूरी करा सकता है। हम मोटरबाइक तथा मोटरकार जैसी मशीनों की शक्ित के बारे में बात करते हैं। इन वाहनों के वगीर्करण काआधर यह है कि ये कितनी तेशी से ऊजार् परिवतर्न या कायर् करते हैं। शक्ित, किए गए कायर् की गति को मापती है, अथार्त् कायर् कितनी शीघ्रता या देर से किया गया। शक्ित की परिभाषा इस प्रकार है कृ कायर् करने की दर या ऊजार् रूपांतरण की दर को शक्ित कहते हैं। यदि कोइर् अभ्िाकतार् ;एजेन्टद्धज समय में ॅ कायर् करता है, तो शक्ित का मान होगाः शक्ितत्र कायर्/समय ॅया च्त्र ण् ;11ण्8द्धज शक्ित का मात्राक वाट है तथा इसका प्रतीक ॅ है। ;यह मात्राक जेम्स वाट ;1736 कृ 1819द्ध के सम्मान में रखा गया है।द्ध1 वाट उस अभ्िाकतार् ;एजेंटद्ध की शक्ित है जो 1 सेवंफड में 1 जूल कायर् करता है।हम यह भी कह सकते हैं कि यदि ऊजार् के उपयोग की दर 1 श्र ेदृ1 हो तो शक्ित 1 ॅ होगी। 1 वाटत्र 1 जूलध्सेवंफड या 1 ॅ त्र 1 श्र ेदृ1 हम ऊजार् स्थानांतरण की उच्च दरों को किलोवाट ;ाॅद्ध में व्यक्त करते हैं 1 किलोवाट त्र 1000 वाट 1 ाॅ त्र 1000 ॅ या 1000 श्र ेदृ1 किसी अभ्िाकतार् ;एजेंटद्ध की शक्ित समय के साथ बदल सकती है। इसका अथर् है कि अभ्िाकतार् विभ्िान्न समय अंतरालों में विभ्िान्न दरों से कायर् कर सकता है। इसीलिए औसत शक्ित की अवधरणा लाभप्रद है। औसत शक्ित को हम वुफल उपयोग कीगइर् ऊजार् को, वुफल लिए गए समय से विभाजित कर प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण11ण्7 दो लड़कियाँ जिनमें से प्रत्येक का भार 400 छ है एक रस्से पर 8 उ की ऊँचाइर् तक चढ़ती हैं। हम एक लड़की का नाम । रखते हैं तथा दूसरी का ठ। इस कायर् को पूरा करने में लड़की ।ए 20 े का समय लेती है जबकि लड़की ठए 50 े का समय लेती है। प्रत्येक लड़की द्वारा व्यय की गइर् शक्ित का परिकलन कीजिए। हलः ;पद्ध लड़की। द्वारा व्यय की गइर् शक्ित: लड़की का भार उह त्र 400 छ विस्थापन ;ऊँचाइर्द्ध ी त्र 8 उ लिया गया समय ज त्र 20 े समीकरण;11ण्8द्ध से, शक्ितच् त्र किया गया कायर्/लिया गया समय उही त्र ज 400छ × 8उ त्र 20े त्र 160 ॅ ;पपद्ध लड़कीठ द्वारा व्यय की गइर् शक्ितः लड़की का भार उह त्र 400 छ विस्थापन ;ऊँचाइर्द्ध ी त्र 8 उ लिया गया समय ज त्र 50 े उहीशक्ितच् त्र ज 400छ × 8उ त्र 50 े त्र 64 ॅ लड़की । द्वारा व्यय की गइर् शक्ित 160 ॅ है तथा लड़कीठ द्वारा व्यय की गइर् शक्ित 64 ॅ है। उदाहरण 11ण्8 50 ाह द्रव्यमान का एक लड़का एक सोपान ;जीनाद्ध पर दौड़कर 45 सीढि़याँ 9 े में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाइर् 15 बउ हो तो उसकी शक्ित का परिकलन कीजिए। ह का मान 10 उ ेदृ2 लीजिए। हलः लड़के का भार उह त्र 50 ाह × 10 उ ेदृ2 त्र 500 छ 45 सीढि़यों की वुफल ऊँचाइर् ी त्र 45 × 15ध्100 उ त्र 6ण्75 उ चढ़ने में लगा वुफल समय ज त्र 9 े समीकरण;11ण्8द्ध से शक्ित च् त्र किया गया कायर्/लिया गया समय उही त्र ज 500छ ×6ण्75उ 9े त्र 375 ॅ लड़के की शक्ित 375 ॅ है। श्न 1ण् शक्ित क्या है? 2ण् 1 वाट शक्ित को परिभाष्िात कीजिए। 3ण् एक लैंप 1000 श्र विद्युत ऊजार् 10 े मेंप्र त्र व्यय करता है। इसकी शक्ित कितनी है? 4ण् औसत शक्ित को परिभाष्िात कीजिए। 11ण्3ण्1 ऊजार् का व्यावसायिक मात्राक जूल ऊजार् का बहुत छोटा मात्राक है अतः यह ऊजार् की बड़ी राश्िायों को व्यक्त करने के लिए असुविधाजनकहै। इसीलिए हम ऊजार् का एक बड़ा मात्राक उपयोग में लाते हैं जिसे किलोवाट घंटा ;ाॅ ीद्ध कहते हैं। 1 ाॅ ी से क्या तात्पयर् है? मान लीजिए हमारे पास एक मशीन है जो एक सेवंफड में 1000 श्र ऊजार् उपयोग में लाती है। यदि इस मशीन को लगातार एक घंटे तक उपयोग में लाएँ तो यह एक किलोवाट घंटा ;1 ाॅ ीद्ध ऊजार् व्यय करेगी। इस प्रकार एक किलोवाट घंटा;1 ाॅीद्ध ऊजार् की वह मात्रा है जो1ाॅ के किसी स्रोत को एक घंटे तक उपयोग करने में व्यय होगी। 1 ाॅ ी त्र 1ाॅ ×1 ी त्र 1000 ॅ × 3600 े त्र 3600000 श्र या 1 ाॅ ी त्र 3ण्6 × 106 श्र घरों में, उद्योगों में तथा व्यावसायिक संस्थानों मेंव्यय होने वाली ऊजार् को प्रायः किलोवाट घंटा में व्यक्त करते हैं। उदाहरण के लिए, एक महीने मेंउपयोग की गइर् विद्युत ऊजार् को ‘यूनिट’ के रूप में व्यक्त करते हैं। यहाँ 1 ‘यूनिट’ का अथर् है 1 ाॅ ी। उदाहरण11ण्9 60 ॅका एक विद्युत् बल्ब प्रतिदिन 6 घंटे उपयोग किया जाता है। बल्ब द्वारा एकदिन में खचर् की गइर् ऊजार् की ‘यूनिटों’ का परिकलन कीजिए। हलः विद्युत् बल्ब की शक्ित त्र 60 ॅ त्र 0ण्06 ाॅ आपने क्या सीखा उपयोग किया गया समय, ज त्र 6 ी ऊजार् त्र शक्ित × लिया गया समय त्र 0ण्06 ाॅ × 6 ी त्र 0ण्36 ाॅ ी त्र 0ण्36 ‘यूनिट’ बल्ब द्वारा 0ण्36 ‘यूनिट’ खचर् होंगी। ियाकलापऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ11ण्17 ऽ अपने घर में, विद्युत् परिपथ में लगे विद्युत् मीटर को ध्यानपूवर्क देख्िाए। ऽ इसके लक्षणों का बारीकी से प्रेक्षण कीजिए। प्रतिदिन प्रातः तथा सायं 6ण्30 बजे मीटर का पाठ्यांक नोट करें। ऽ दिन के समय कितनी ‘यूनिट’ व्यय होती है? ऽ रात के समय कितनी ‘यूनिट’ व्यय होती है? ऽ इस ियाकलाप को लगभग एक सप्ताह तक कीजिए। ऽ अपने प्रेक्षणों को सारणीब( कीजिए। ऽ अपने आँकड़ों से निष्कषर् निकालिए। ऽ अपने प्रेक्षणों की तुलना विद्युत् के मासिक बिल में दिए गए विवरणों से कीजिए। ऽ किसी ¯पड पर किया गया कायर्, उस पर लगाए गए बल के परिमाण व बल की दिशा में उसके द्वारा तय की गइर् दूरी के गुणनपफल से परिभाष्िात होता है। कायर् का मात्राक जूल है अथार्त1 जूलत्र 1 न्यूटन × 1 मीटर। ऽ किसी पिंड का विस्थापन शून्य है तो बल द्वारा उस पिंड पर किया गया कायर् शून्य होगा। ऽ यदि किसी वस्तु में कायर् करने की क्षमता हो तो यह कहा जाता है कि उसमें ऊजार् है। ऊजार् का मात्राक वही है जो कायर् का है। ऽ किसी गतिमान पिंड में उसकी गति के कारण ऊजार् को गतिज ऊजार् कहते हैं। उअअ वेग से गतिशील किसी उ द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊजार् 21 2 के बराबर होती है। ऽ वस्तु द्वारा उसकी स्िथति अथवा आवृफति में परिवतर्न के कारण प्राप्त ऊजार् कोस्िथतिज ऊजार् कहते हैं। पृथ्वी के तल से ी ऊँचाइर् तक उठाइर् गइर् किसी उ द्रव्यमान की वस्तु की गुरुत्वीय स्िथतिज ऊजार् उही होगी। ऽ ऊजार् - संरक्षण नियम के अनुसार ऊजार् का केवल एक रूप से दूसरे रूप मेंरूपांतरण हो सकता है। इसकी न तो उत्पिा की जा सकती है और न ही विनाश।रूपांतरण के पहले व रूपांतरण के पश्चात् वुफल ऊजार् सदैव अचर रहती है। ऽ प्रवृफति में ऊजार् विभ्िान्न रूपों में विद्यमान रहती हैऋ जैसे - गतिज ऊजार्,स्िथतिज ऊजार्, ऊष्मीय ऊजार्, रासायनिक ऊजार् आदि। किसी वस्तु की गतिजतथा स्िथतिज ऊजार्ओं के योग को उसकी वुफल यांत्रिाक ऊजार् कहते हैं। ऽ कायर् करने की दर को शक्ित कहते हैं। शक्ित का ैप् मात्राक वाट है। 1 ॅ त्र 1 श्रध्े ऽ 1 ाॅ के दर से एक घंटे में व्यय हुइर् ऊजार् एक किलोवाट घंटा ;1 ाॅ ीद्ध के बराबर होती है। अभ्यास 1ण् निम्न सूचीब( ियाकलापों को ध्यान से देख्िाए। अपनी कायर् शब्द की व्याख्या के आधार पर तवर्फ दीजिए कि इनमें कायर् हो रहा है अथवा नहीं। ऽ सूमा एक तालाब में तैर रही है। ऽ एक गध्े ने अपनी पीठ पर बोझा उठा रखा है। ऽ एक पवन चक्की ;विंड मिलद्ध वुफएँ से पानी उठा रही है। ऽ एक हरे पौध्े में प्रकाश संश्लेषण की प्रिया हो रही है। ऽ एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है। ऽ अनाज के दाने सूयर् की ध्ूप में सूख रहे हैं। ऽ एक पाल - नाव पवन ऊजार् के कारण गतिशील है। 2ण् एक पिंड को ध्रती से किसी कोण पर पेंफका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस ध्रती पर आ गिरता है। पिंड के पथ के प्रारंभ्िाक तथा अंतिम बिंदु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्िथत हैं। पिंड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कायर् किया गया? 3ण् एक बैटरी बल्ब जलाती है। इस प्रक्रम में होने वाले ऊजार् परिवतर्नों का वणर्न कीजिए। 4ण् 20 ाह द्रव्यमान पर लगने वाला कोइर् बल इसके वेग को 5 उ ेदृ1 से 2 उ ेदृ1ण् में परिव£तत कर देता है। बल द्वारा किए गए कायर् का परिकलन कीजिए। 5ण् 10 ाह द्रव्यमान का एक पिंड मेश पर । बिंदु पर रखा है। इसे ठ बिंदु तक लाया जाता है। यदि । तथा ठ को मिलाने वाली रेखा क्षैतिज है तो पिंड परगुरुत्व बल द्वारा किया गया कायर् कितना होगा? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए। 6ण् मुक्त रूप से गिरते एक पिंड की स्िथतिज ऊजार् लगातार कम होती जाती है।क्या यह ऊजार् संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है। कारण बताइए। 7ण् जब आप साइकिल चलाते हैं तो कौन - कौन से ऊजार् रूपांतरण होते हैं? 8ण् जब आप अपनी सारी शिाफ लगा कर एक बड़ी चट्टान को धकेलना चाहतेðहैं और इसे हिलाने में असपफल हो जाते हैं तो क्या इस अवस्था में ऊजार् कास्थानांतरण होता है? आपके द्वारा व्यय की गइर् ऊजार् कहाँ चली जाती है? 9ण् किसी घर में एक महीने में ऊजार् की 250 ‘यूनिटें’ व्यय हुईं। यह ऊजार् जूल में कितनी होगी? 10ण् 40 ाह द्रव्यमान का एक पिंड धरती से 5 उ की ऊँचाइर् तक उठाया जाता है।इसकी स्िथतिज ऊजार् कितनी है? यदि पिंड को मुक्त रूप से गिरने दिया जाएतो जब पिंड ठीक आधे रास्ते पर है उस समय इसकी गतिज ऊजार् का परिकलन कीजिए। ;ह त्र 10 उेदृ2द्ध 11ण् पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए किसी उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कायर्किया जाएगा? अपने उत्तर को तवर्फसंगत बनाइए। 12ण् क्या किसी पिंड पर लगने वाले किसी भी बल की अनुपस्िथति में, इसका विस्थापन हो सकता है? सोचिए। इस प्रश्न के बारे में अपने मित्रों तथा अध्यापकों से विचार - विमशर् कीजिए। 13ण् कोइर् मनुष्य भूसे के एक गट्टòर को अपने सिर पर 30 मिनट तक रखे रहताहै और थक जाता है। क्या उसने वुफछ कायर् किया या नहीं? अपने उत्तर को तवर्फसंगत बनाइए। 14ण् एक विद्युत् - हीटर ;ऊष्मकद्ध की घोष्िात शक्ित 1500 ॅ है। 10 घंटे में यहकितनी ऊजार् उपयोग करेगा? 15ण् जब हम किसी सरल लोलक के गोलक को एक ओर ले जाकर छोड़ते हैं तोयह दोलन करने लगता है। इसमें होने वाले ऊजार् परिवतर्नों की चचार् करते हुएऊजार् संरक्षण के नियम को स्पष्ट कीजिए। गोलक वुफछ समय पश्चात् विराम अवस्था में क्यों आ जाता है? अंततः इसकी ऊजार् का क्या होता है? क्या यहऊजार् संरक्षण नियम का उल्लंघन है? 16ण् उ द्रव्यमान का एक पिंड एक नियत वेग अ से गतिशील है। पिंड पर कितना कायर् करना चाहिए कि यह विराम अवस्था में आ जाए? 17ण् 1500 ाह द्रव्यमान की कार को जो 60 ाउध्ी के वेग से चल रही है, रोकने के लिए किए गए कायर् का परिकलन कीजिए। 18ण् निम्न में से प्रत्येक स्िथति में उ द्रव्यमान के एक पिंड पर एक बलथ् लग रहा है। विस्थापन की दिशा पश्िचम से पूवर् की ओर है जो एक लंबे तीर से प्रद£शत की गइर् है। चित्रों को ध्यानपूवर्क देख्िाए और बताइए कि किया गया कायर् )णात्मक है, ध्नात्मक है या शून्य है। 19ण् सोनी कहती है कि किसी वस्तु पर त्वरण शून्य हो सकता है चाहे उस पर कइर् बल कायर् कर रहे हों। क्या आप उससे सहमत हैं? बताइए क्यों? 20ण् चार युक्ितयाँ, जिनमें प्रत्येक की शक्ित 500 ॅ है 10 घंटे तक उपयोग में लाइर्जाती हैं। इनके द्वारा व्यय की गइर् ऊजार् ाॅ ी में परिकलित कीजिए। 21ण् मुक्त रूप से गिरता एक पिंड अंततः ध्रती तक पहुँचने पर रूक जाता है।इसकी गतिज ऊजार् का क्या होता है?

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