अध्याय 13 पृष्ठीय क्षेत्रापफल और आयतन 13ण्1 भूमिका हम जिस ओर भी देखें, प्रायः हमें ठोस ;ेवसपकद्ध ही दिखाइर् देते हैं। अभी तक हम उन्हीेंआकृतियों का अध्ययन करते आ रहे हैं, जिन्हें हम अपनी अभ्यासपुस्ितका अथवा श्यामपट्ट ;इसंबाइवंतकद्ध पर खींच सकते हैं। ये समतल आकृतियाँ ; चसंदम पिहनतमेद्ध कहलाती हैं। हमसमझ गए हैं कि आयत, वगर्, वृत्त इत्यादि क्या हैं, उनके परिमाप और क्षेत्रापफलों का क्या तात्पयर् है तथा हम इन्हंे किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं। हम इनके बारे में पिछली कक्षाओं में पढ़ चुके हैं। यह देखना रोचक होगा कि यदि हम एक ही आकार और एक ही माप कीअनेक समतल आकृतियों को गत्ते में से काट कर एक के ऊपर एक रख कर एक ऊध्वार्धर ढेरी बनाएँ, तो क्या होता है। इस प्रिया से, हम वुफछ ठोस आकृतियाँ ;ेवसपक पिहनतमेद्ध प्राप्त करेंगे ;जिन्हे प्रायः ठोस कहा जाता हैद्ध, जैसे कि एक घनाभ ;बनइवपकद्धए एक बेलन ;बलसपदकमतद्धए इत्यादि। पिछली कक्षाओं में, हम घनाभ, घन और बेलनों के पृष्ठीय क्षेत्रापफलों और आयतनों को ज्ञात करना भी सीख चुके हैं। अब हम घनाभों और बेलनों के पृष्ठीय क्षेत्रापफलों और आयतनों के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे तथा इस अध्ययन को वुफछ अन्य ठोसों, जैसे कि शंवुफ और गोले, के लिए विस्तृत करेंगे। 13ण्2 घनाभ और घन के पृष्ठीय क्षेत्रापफल क्या आपने कागज के अनेक पन्नों ;शीटोंद्ध के एक बंडल को देखा है? यह वैफसा दिखताहै? क्या यह ऐसा दिखाइर् देता है, जैसा कि आप आकृति 13.1 में देख रहे हैं? आकृति 13ण्1 इससे घनाभबनता है। यदि आप इस घनाभ को ढकना चाहते हैं, तो कितने रंगीन कागज की आवश्यकता पड़ेगी? आइए देखें! पहले हमें इस बंडल के तल ;इवजजवउद्ध को ढकने के लिए एक आयताकार टुकड़े की आवश्यकता होगी। यहआकृति 13ण्2 ;ंद्ध जैसा होगा। पिफर हमें इध्र - उध्र के दो सिरों को ढकने के दो लंबेआयताकार टुकड़ों की आवश्यकता होगी। अब यह आकृति 13ण्2 ;इद्ध जैसा दिखाइर् देगा। अब, सामने और पीछे के सिरों को ढकने के लिए, हमें एक भ्िान्न माप के दो और आयताकार टुकड़ों की आवश्यकताहोगी। इनके साथ, हमें आकृति13ण्2;बद्ध जैसी आकृति प्राप्त होगी। यह आकृति खोलने पर आकृति 13ण्2 ;कद्ध जैसी दिखाइर् देगी। अंत में, बंडल के ऊपरी सिरे को ढकने के लिए, हमें एक अन्य आयताकार टुकड़े की आवश्यकता होगी, जो ठीक तल;आधरद्ध के टुकड़े जैसा होगा, जिसे उपरोक्त आकृति में दाईंओर लगाने पर, हमें आकृति 13ण्2;मद्ध प्राप्त होगी। इस प्रकार, घनाभ की ऊपरी पृष्ठ को पूणर्तयाः ढकने के लिए, हमने छः आयताकार टुकड़ों का प्रयोग किया है। आकृति 13ण्2 उपरोक्त चचार् यह दशार्ती है कि एक घनाभ की बाहरी पृष्ठ छः आयतों ;वास्तव में, आयताकार क्षेत्रों, जो घनाभ के पफलक कहलाते हैंद्ध से मिल कर बनी है, जिनमें से प्रत्येक का क्षेत्रापफल उसकी लंबाइर् और चैड़ाइर् का गुणा करके प्राप्त किया जा सकता है और पिफर सभी छः क्षेत्रापफलों को जोड़ लिया जाता है। अब, यदि हम घनाभ की लम्बाइर् सए चैड़ाइर् इ और ऊँचाइर् ी मान लें, तो इन विमाओं ;कपउमदेपवदेद्ध के साथ यह आकृति ऐसे आकार की दिखाइर् देगी, जैसी कि आकृति13ण्2;द्धि में दशार्इर् गइर् है। अतः सभी छः आयतों के क्षेत्रापफलों का योग निम्न है: आयत 1 का क्षेत्रापफल ;त्र स × ीद्ध ़ आयत 2 का क्षेत्रापफल ;त्र स × इद्ध ़ आयत 3 का क्षेत्रापफल ;त्र स × ीद्ध ़ आयत 4 का क्षेत्रापफल ;त्र स × इद्ध ़ आयत 5 का क्षेत्रापफल ;त्र इ × ीद्ध ़ आयत 6 का क्षेत्रापफल ;त्र इ × ीद्ध त्र 2;स × इद्ध ़ 2;इ × ीद्ध ़ 2;स × ीद्ध त्र 2;सइ ़ इी ़ ीसद्ध इससे हमें प्राप्त होता है: घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र2;सइ ़इी ़ीसद्ध जहाँ सए इ और ी क्रमशः घनाभ के तीन किनारे ;कोरद्ध हैं। टिप्पणी: क्षेत्रापफल के मात्राक;नदपजद्ध को वगर् इकाइर् ;वगर् मात्राकद्ध लिया जाता है, क्योंकि हम एक क्षेत्रा के परिमाण को मापने के लिए उसे मात्राक ;या इकाइर्द्ध लम्बाइर् की भुजा वाले वगा±े से भरते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि हमारे पास एक घनाभ जिसकी लंबाइर्, चैड़ाइर् तथा ऊँचाइर् क्रमशः 15 बउए 10 बउ तथा 20 बउ हों, तो इसका पृष्ठीय क्षेत्रापफल होगाः 2ख्;15 × 10द्ध ़ ;10 × 20द्ध ़ ;20 × 15द्ध, बउ2 त्र 2;150 ़ 200 ़ 300द्ध बउ2 त्र 2 × 650 बउ2 त्र 1300 बउ2 याद कीजिए कि घनाभ जिसकी लम्बाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् बराबर हों एक घन ;बनइमद्ध कहलाता है। यदि घन का प्रत्येक किनारा या कोर ;मकहमद्ध या भुजा ;ेपकमद्ध ं हो, तो उसका पृष्ठीय क्षेत्रापफल 2;ं × ं ़ ं × ं ़ ं × ंद्ध अथार्त् 2 ;ं2 ़ ं2 ़ ं2द्धए अथार्त् 6ं2 होगा;देख्िाए आकृति 13ण्3द्धए जिससे हमें प्राप्त होता है: घन का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र6ं2 जहाँ ं घन का किनारा है। मान लीजिए हम घनाभ के छः पफलकों ;ंिबमेद्ध में से केवल चार पफलकों के क्षेत्रापफल,निचले और ऊपरी पफलकों को छोड़कर, ज्ञात करें। ऐसी स्िथति में, इन चारों पफलकों का क्षेत्रापफल घनाभ का पाश्वर् पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;संजमतंस ेनतंिबम ंतमंद्ध कहलाता है। अतः, एक घनाभ जिसकी लम्बाइर् सए चैड़ाइर् इ और ऊँचाइर् ी हो, तो उसका पाश्वर् पृष्ठीय क्षेत्रापफल 2सी ़ 2इीए अथार्त् 2;स ़ इद्धी होता है। इसी प्रकार, किनारे ं वाले एक घन का पाश्वर् पृष्ठीय क्षेत्रापफल 4ं2 होता है। उपरोक्त को दृष्िटगत रखते हुए, घनाभ ;या घनद्ध के पृष्ठीय क्षेत्रापफल को कभी - कभी सम्पूणर् या वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;जवजंस ेनतंिबम ंतमंद्ध भी कहा जाता है। आइए वुफछ उदाहरण हल करें। उदाहरण 1:मैरी अपने िसमस वृक्ष को सजाना चाहती है। वह इस वृक्ष को लकड़ी के एक घनाभाकार बाॅक्स ;इवगद्ध पर रखना चाहती है, जिसे सान्ता क्लाॅज के चित्रा के साथ एकरंगीन कागश से ढका जाना है ;देख्िाए आकृति 13.4द्ध। उसका यह जानना आवश्यक है किउसे कितना कागश खरीदना चाहिए। यदि उपरोक्त बाॅक्स की लंबाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् क्रमशः 80 बउ, 40 बउ और 20 बउ हैं, तो उसे 40 बउ भुजा वाली कागज की कितनी वगार्कार शीटों की आवश्यकता होगी? हलःचूँकि मैरी बाॅक्स के ऊपरी पृष्ठ को कागज से ढकना चाहती है, इसलिए इस कायर् के लिए आवश्यक कागश इस बाॅक्स के पृष्ठीय क्षेत्रापफल के बराबर होगा, जो एक घनाभ के आकार का है। बाॅक्स की लंबाइर् 80 बउए चैड़ाइर् 40 बउ औरऊँचाइर् 20 बउ है। आवृफति 13ण्4 अतः, बाॅक्स का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2;सइ ़ इी ़ ीसद्ध त्र 2ख्;80 × 40द्ध ़ ;40 × 20द्ध ़ ;20 × 80द्ध, बउ2 त्र 2ख्3200 ़ 800 ़ 1600, बउ2 त्र 2 × 5600 बउ2 त्र 11200 बउ2 अब, प्रत्येक शीट का क्षेत्रापफल त्र 40 × 40 बउ2 त्र 1600 बउ2 बक्स का पष्ृठीय क्षेत्रापफल अतः, वांछित शीटों की संख्या त्र एक शीट का क्षेत्रापफल 11200 त्र त्र 71600इसलिए मैरी को कागश की 7 शीटों की आवश्यकता है। उदाहरण 2:हमीद ने अपने घर के लिए, ढक्कन वाली एक घनाकार ;बनइपबंसद्ध पानी की टंकी बनवाइर् है, जिसका प्रत्येक बाहरी किनारा 1.5उ लम्बा है। वह इस टंकी के बाहरी पृष्ठ पर, तली को छोड़ते हुए, 25 बउ भुजा वाली वगार्कार टाइलें ;जपसमेद्ध लगवाता है;देख्िाए आकृति13ण्5द्ध। यदि टाइलों की लागतृ 360 प्रति दजर्न है, तो उसे टाइल लगवाने में कितना व्यय करना पड़ेगा? हल:हमीद पाँच बाहरी पफलकों पर टाइलें लगवाता है। टाइलों की संख्या ज्ञात करने के लिए, इन पाँचों पफलकों का क्षेत्रापफल ज्ञात करना आवश्यक है। अब, घनाकार टंकी का एक किनारा त्र 1ण्5 उ त्र 150 बउ अतः, टंकी का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 5 × 150 × 150 बउ2 एक टाइल का क्षेत्रापफल त्र भुजा × भुजा त्र 25 × 25 बउ2 टकंी का पृष्ठीय क्षेत्रापफल आकृति 13ण्5अतः, टाइलों की वांछित संख्या त्र एक टाइल का क्षेत्रापफल 5×150 ×150 त्र त्र 18025× 25अब 1 दजर्न, अथार्त् 12 टाइलों की लागत त्र ृ 360 इसलिए, 1 टाइल की लागत त्र ृ 360 रुपए त्र ृ 3012 अतः, 180 टाइलों की लागत त्र ृ 180 × 30 त्र ृ 5400 रुपए प्रश्नावली 13ण्1 1ण् 1ण्5 उ लंबा, 1ण्25 उ चैड़ा और 65 बउ गहरा प्लास्िटक का एक डिब्बा बनाया जाना है। इसे ऊपर से खुला रखना है। प्लास्िटक शीट की मोटाइर् को नगण्य मानते हुए, निधर्रित कीजिएः ;पद्ध डिब्बा बनाने के लिए आवश्यक प्लास्िटक शीट का क्षेत्रापफल। ;पपद्ध इस शीट का मूल्य, यदि 1उ2 शीट का मूल्य ृ 20 है। 2ण् एक कमरे की लंबाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् क्रमशः 5 उ, 4 उ और 3 उ हैं। ृ 7.50 प्रति उ2 की दर से इस कमरे की दीवारों और छत पर सपेफदी कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। 3ण् किसी आयताकार हाॅल के पफशर् का परिमाप 250 उ है। यदि ृ 10 प्रति उ2 की दर से चारों दीवारों पर पेंट कराने की लागत ृ 15000 है, तो इस हाॅल की ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। ख्संकेत रू चारों डिब्बों का क्षेत्रापफल = पाश्वर् पृष्ठीय क्षेत्रापफल, 4ण् किसी डिब्बे में भरा हुआ पेंट 9ण्375 उ2 के क्षेत्रापफल पर पेंट करने के लिए पयार्प्त है। इस डिब्बे के पेंट से 22ण्5 बउ × 10 बउ × 7ण्5 बउ विमाओं वाली कितनी ईंट पेंट की जा सकती हैं? 5ण् एक घनाकार डिब्बे का एक किनारा 10 बउ लंबाइर् का है तथा एक अन्य घनाभाकार डिब्बे की लम्बाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् क्रमशः 12ण्5 बउ, 10 बउ और 8 बउ हैं। ;पद्ध किस डिब्बे का पाश्वर् पृष्ठीय क्षेत्रापफल अध्िक है और कितना अध्िक है? ;पपद्ध किस डिब्बे का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल कम है और कितना कम है? 6ण् एक छोटा पौध घर ;हतममद ीवनेमद्ध सम्पूणर् रूप से शीशे की पटि्टयों से ;आधर भी सम्िमलित हैद्ध घर के अंदर ही बनाया गया है और शीशे की पटि्टयों को टेप द्वारा चिपका कर रोका गया है। यह पौधा घर 30 बउ लंबा, 25 बउ चैड़ा और 25 बउ ऊँचा है। ;पद्ध इसमें प्रयुक्त शीशे की पटि्टयों का क्षेत्रापफल क्या है? ;पपद्ध सभी 12 किनारों के लिए कितने टेप की आवश्यकता है? 7ण् शांति स्वीट स्टाल अपनी मिठाइयों को पैक करने के लिए गत्ते के डिब्बे बनाने का आॅडर्र दे रहा था। दो मापों के डिब्बों की आवश्यकता थी। बड़े डिब्बों की माप 25 बउ × 20 बउ × 5 बउ और छोटे डिब्बों की माप 15 बउ × 12 बउ × 5 बउ थीं। सभी प्रकार की अतिव्यापिकता ;वअमतसंचेद्ध के लिए वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल के 5ः के बराबर अतिरिक्त गत्ता लगेगा। यदि गत्ते की लागत ृ 4 प्रति 1000 बउ2 है, तो प्रत्येक प्रकार के 250 डिब्बे बनवाने की कितनी लागत आएगी? 8ण् परवीन अपनी कार खड़ी करने के लिए, एक संदूक के प्रकार के ढाँचे जैसा एक अस्थाइर् स्थान तिरपाल की सहायता से बनाना चाहती है, जो कार को चारों ओर से और ऊपर से ढक ले ;सामने वाला पफलक लटका हुआ होगा जिसे घुमाकर ऊपर किया जा सकता हैद्ध। यह मानते हुए कि सिलाइर् के समय लगा तिरपाल का अतिरिक्त कपड़ा नगण्य होगा, आधर विमाओं 4 मीटर × 3 मीटर और ऊँचाइर् 2.5 मीटर वाले इस ढाँचे को बनाने के लिए कितने तिरपाल की आवश्यकता होगी? 13ण्3 एक लंब वृत्तीय बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रापफल यदि हम कागज की अनेक वृत्ताकार शीट लें और उन्हें उसी प्रकार एक के ऊपर एक रखकर एक उध्वार्ध्र ढेरी बनाएँ जैसी पहले आयताकार कागज की शीटों से बनाइर् थी, तो हमें क्याप्राप्त होगा ;देख्िाए आकृति 13.6द्ध? आकृति 13ण्6 यदि हम इस ढेरी को सीध ऊध्वार्ध्र रखते हैं, तो जो हमें प्राप्त होगा वह एक लम्ब वृत्तीय बेलन ;तपहीज बपतबनसंत बलसपदकमतद्ध कहलाता है। इसका कारण यह है कि इसका आधार वृत्ताकार है और ढेरी को आधर से लाम्िबक रूप ;समकोण बनाते हुएद्ध से रखा गया है। आइए देखें कि किस प्रकार का बेलन लम्ब वृत्तीय बेलन नहीं होता है। आकृति 13ण्7 ;ंद्ध में, आप एक बेलन को देख रहे हैं, जो निश्िचत रूप से वृत्ताकार है, परंतु आधर से समकोण पर नहीं है। इसलिए, हम इसे लम्ब वृत्तीय बेलन नहीं कह सकते। निःसंदेह, यदि बेलन का आधर वृत्तीय न हो, जैसा कि आप आकृति 13.7 ;इद्ध में देख रहे हैं, तो भी हम इसे लंब वृत्तीय बेलन नहीं कह सकते हैं। आकृति 13ण्7 टिप्पणी: यहाँ हम केवल लंब वृत्तीय बेलनों का ही अध्ययन करेंगे। अतः, जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘बेलन’ से हमारा तात्पयर् लंब वृत्तीय बेलन से होगा। अब, यदि किसी बेलन को एक रंगीन कागज से ढकना हो, तो हम कागज की न्यूनतम मात्रा से इसे वैफसे करेंगे? पहले कागज की एक आयताकार शीट ऐसी लीजिए जिसकी लंबाइर् ऐसी हो कि कागज बेलन के चारों ओर बस एक बार घूम जाए और उसकी चैड़ाइर् बेलनकी ऊँचाइर् के बराबर हो, जैसा कि आकृति 13ण्8 में दशार्या गया है। आकृति 13ण्8 इस शीट का क्षेत्रापफल हमें बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रापफल देगा। ध्यान दीजिए कि शीटकी लंबाइर् वृत्तीय आधर की परिध्ि के बराबर है, जो 2πत है। अतः, बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र आयताकार शीट का क्षेत्रापफल त्र लंबाइर् × चैड़ाइर् त्र बेलन के आधर का परिमाप × ऊँचाइर् त्र 2πत × ी इसलिए, बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2πती जहाँ त बेलन के आधर की त्रिाज्या है और ी उसकी ऊँचाइर् है। टिप्पणीःबेलन की स्िथति में, जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘बेलन की त्रिाज्या’ से हमारा तात्पयर् उसके आधर की त्रिाज्या से होगा। यदि बेलन के ऊपरी और निचले सिरों को भी ढकना हो, तो हमेंदो वृत्तों ;वास्तव में वृत्ताकार क्षेत्रोंद्ध की और आवश्यकता पड़ेगी, जिनमें से प्रत्येक की त्रिाज्या त होगी और क्षेत्रापफल πत2 होगा;देख्िाए आकृति 13.9द्ध। तब इससे हमें बेलन का संपूणर् या वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल 2πती ़ 2πत2 त्र 2πत;त ़ ीद्ध प्राप्त होगा। आकृति 13ण्9 इसलिए, बेलन का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2πत;त ़ ीद्ध जहाँ त और ी बेलन की क्रमशः त्रिाज्या और ऊँचाइर् हैं। टिप्पणी: आपको अध्याय 1 से यह याद होगा कि π एक अपरिमेय संख्या है। इसलिए, π का एक असांत और अनावतीर् दशमलव निरूपण होता है। परन्तु जब हम इसका मान अपने 22परिकलनों में प्रयोग करते हैं, तो प्रायः हम यह मान लगभग 7 या3ण्14के बराबर लेते हैं। उदाहरण 3: सावित्राी को अपने विज्ञान के प्रोजेक्ट के लिए एक बेलनाकार केलिडोस्कोप ;ांसमपकवेबवचमद्ध का माॅडल बनाना था। वह इस केलिडोस्कोप की वक्र पृष्ठ बनाने के लिए चाटर् कागश ;बींतज चंचमतद्ध का प्रयोग करना चाहती थी ;देख्िाए आकृति 13.10द्ध। यदि वह 25 बउ लम्बाइर् और 3ण्5 बउ त्रिाज्या का केलिडोस्कोप बनाना चाहती है, तो उसे चाटर् कागज के कितने क्षेत्रापफल की आवश्यकता होगी? 22 लीजिए 7 हल: बेलनाकार केलिडोस्कोप की त्रिाज्या ;तद्ध त्र 3ण्5 बउ केलिडोस्कोप की ऊँचाइर् ;लंबाइर्द्ध ;ीद्ध त्र 25 बउ अतः, आवश्यक चाटर् कागश का क्षेत्रापफल त्र बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2πती 22 त्र2  3ण्5  25 बउ 2 7 त्र 550 बउ2 प्रश्नावली 13ण्2 आकृति 13ण्10 जब तक अन्यथा न कहा जाए, π त्र 22 लीजिए।7 1ण् ऊँचाइर् 14 बउ वाले एक लम्ब वृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल 88 बउ2 है। बेलन के आधार का व्यास ज्ञात कीजिए। 2ण् धतु की एक चादर से 1 उ ऊँची और 140 बउ व्यास के आधर वाली एक बंद बेलनाकार टंकी बनाइर् जानी है। इस कायर् के लिए कितने वगर् मीटर चादर की आवश्यकता होगी? 3ण् धतु का एक पाइप 77 बउ लम्बा है। इसके एक अनुप्रस्थकाट का आंतरिक व्यास 4 बउ है और बाहरी व्यास 4ण्4 बउ है ;देख्िाए आकृति 13.11द्ध। ज्ञात कीजिए: ;पद्ध आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपद्ध बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपपद्ध वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल आकृति 13ण्11 4ण् एक रोलर ;तवससमतद्ध का व्यास 84 बउ है और लंबाइर् 120 बउ है। एक खेल के मैदान को एक बार समतल करने के लिए 500 चक्कर लगाने पड़ते हैं। खेल के मैदान का उ2 में क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 5ण् किसी बेलनाकार स्तंभ का व्यास 50 बउ है और ऊँचाइर् 3ण्5 उ है। ृ 12.50 प्रति उ2 की दर से इस स्तंभ के वक्र पृष्ठ पर पेंट कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। 6ण् एक लंब वृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल 4ण्4 उ2 है। यदि बेलन के आधर की त्रिाज्या 0ण्7 उ है, तो उसकी ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। 7ण् किसी वृत्ताकार वुफएँ का आंतरिक व्यास 3ण्5 उ है और यह 10 उ गहरा है। ज्ञात कीजिएः ;पद्ध आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल। ;पपद्ध ृ 40 प्रति उ2 की दर से इसके वक्र पृष्ठ पर प्लास्टर कराने का व्यय। 8ण् गरम पानी द्वारा गरम रखने वाले एक संयत्रा में 28 उ लंबाइर् और 5 बउ व्यास वाला एक बेलनाकार पाइप है। इस संयत्रा में गमीर् देने वाला वुफल कितना पृष्ठ है? 9ण् ज्ञात कीजिए: ;पद्ध एक बेलनाकार पेट्रोल की बंद टंकी का पाश्वर् या वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल, जिसका व्यास 4ण्2 उ है और ऊँचाइर् 4ण्5 उ है। ;पपद्ध इस टंकी को बनाने में वुफल कितना इस्पात ;ेजममसद्ध लगा होगा, यदि वुफल इस्पात का1 12 भाग बनाने में नष्ट हो गया है? 10ण् आकृति 13.12 में, आप एक लैंपशेड का प्रेफम देख रहे हैं। इसे एक सजावटी कपड़े से ढका जाना है। इस प्रेफम के आधर का व्यास 20 बउ है और ऊँचाइर् 30 बउ है। प्रेफम के ऊपर और नीचे मोड़ने के लिए दोनों ओर 2ण्5 बउ अतिरिक्त कपड़ा भी छोड़ा जाना है। ज्ञात कीजिए कि लैंपशेड को ढकने के लिए वुफल कितने कपड़े की आवश्यकता होगी। 11ण् किसी विद्यालय के विद्याथ्िार्यों से एक आधर वाले बेलनाकार कलमदानों को गत्ते से बनाने और सजाने की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कहा गया। प्रत्येक कलमदान को 3 बउ त्रिाज्या और 10ण्5 बउ ऊँचाइर् का होना था। विद्यालय को इसके लिए प्रतिभागियों को गत्ता देनाथा। यदि इसमें 35 प्रतिभागी थे, तो विद्यालय को कितना गत्ता खरीदना पड़ा होगा? 13ण्4 एक लंब वृत्तीय शंवुफ का पृष्ठीय क्षेत्रापफल अभी तक हम सवा±गसम आकृतियों को एक के ऊपर एक रख कर ठोस जनित कर रहे थे। संयोग से इन आकृतियों को पि्रज्म ; चतपेउद्ध कहते हैं। अब एक अन्य प्रकार के ठोसों को देखें जो पि्रज्म नहीं हैं।;इस प्रकार के ठोस पिरामिड ;चलतंउपकेद्ध कहलाते हैं।द्ध आइए देखें कि इनको किस प्रकार जनित किया;बनायाद्धजाता है। ियाकलाप: एक समकोण त्रिाभुज।ठब् जिसका कोण ठ समकोण हो, काट लीजिए। दोनों लंब भुजाओं में से किसी एक, मान लीजिए ।ठए के अनुदिश एक लंबी और मोटी डोरी चिपका दीजिए ख्देख्िाए आकृति 13ण्13;ंद्ध,। डोरी को दोनों हाथों से त्रिाभुज के दोनों ओर से पकड़े हुए, त्रिाभुज को डोरी के अनुदिश कइर् बार घुमाइए। आप क्या देखते हैं? जब त्रिाभुजडोरी के अनुदिश घूम रहा है, तो जो वह आकृति बना रहा है, क्या आप उसे पहचानते हैं ख्देख्िाए आकृति 13ण्13;इद्ध,? क्या आपको इस बात की याद दिलाती है कि इसी आकार के एक छोटे बतर्न ;पात्राद्ध में भरी आपने कभी आइसक्रीम खाइर् थी ख्देख्िाए आकृति 13ण्13 ;बद्ध आकृति 13ण्13 यह आकृति एक लंब वृत्तीय शंवुफ ;तपहीज बपतबनसंत बवदमद्ध कहलाती है। आकृति13ण्13;बद्ध में बिन्दु। इस लम्ब वृत्तीय शंवुफ का शीषर् ;अमतजमगद्ध कहलाता है, ।ठ इसकी ऊँचाइर् कहलाती है और ठब् आधर की त्रिाज्या कहलाती है। ।ब् इस शंवुफ की तियर्क ऊँचाइर् ;ेसंदज ीमपहीजद्ध कहलाती है। यहाँ ठ वृत्तीय आधर का वंेफद्र ;बमदजतमद्ध है। शंवुफ कीऊँचाइर्, त्रिाज्या और तियर्क ऊँचाइर् को प्रायः क्रमशः ीए त और स से व्यक्त किया जाता है। एक बार पुनः देखें किकिस प्रकार के शंवुफ को हम लंब वृत्तीय शंवुफ नहीं कह आकृति 13ण्14सकते हैं। आप आकृति 13ण्14 को देख्िाए। इनमें जो आप शंवुफ देख रहे हैं वे लंब वृत्तीय शंवुफ नहीं हैं। ;ंद्ध में, शीषर् को आधर के वंेफद्र से मिलाने वाली रेखा आधर पर लंब नहीं है और ;इद्ध में, आधर वृत्तीय नहीं है। जैसा कि बेलन की स्िथति में था, जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘शंवुफ’ से हमारा तात्पयर्लंब वृत्तीय ‘शंवुफ’ से ही होगा। ियाकलाप: ;पद्ध एक सापफ बने हुए कागश के शंवुफ को उसके शीषर् से जाने वाली किसी भुजा या किनारे के अनुदिश काटिए जिसमें कोइर् अतिव्यापिकता न हो तथा खोल कर देख्िाए कि किस आकार के कागश से शंवुफ का पृष्ठ बना था। ;जिस भुजा या किनारे के अनुदिश आप शंवुफ को काटेंगे वह उसकी तियर्क ऊँचाइर् होगी जिसे ससे व्यक्त किया जाता है।द्ध खोला हुआ कागश आपको एक गोल केक के भाग की तरह दिखाइर् देगा। ;पपद्ध यदि आप उन भुजाओं, जिनके सिरों पर । और ठ अंकित है, को मोड़ कर मिला लें,तो आप देखेंगे कि आकृति 13.15 ;बद्ध का वित भाग शंवुफ का वृत्तीय आधार बनाता है। आकृति 13ण्15 ;पपपद्ध यदि आकृति 13ण्15 ;बद्ध में दिए कागश को व् से जाती हुइर् रेखाओं द्वारा सैकड़ों छोटे - छोटे टुकड़ों में विभाजित कर लिया जाए, तो ये कटे हुए भाग लगभग त्रिाभुज केआकारों के हैं और इनमें से प्रत्येक की ऊँचाइर् शंवुफ की तियर्क ऊँचाइर् सके बराबर है। 1;पअद्ध अब प्रत्येक त्रिाभुज का क्षेत्रापफल त्र × प्रत्येक त्रिाभुज का आधर × स 2अतः, पूरे कागश का क्षेत्रापफल त्र सभी त्रिाभुजों के क्षेत्रापफलों का योग 111 1 सइ  इ  इ  त्र इस  इस  इस   त्र 123 123222 2 1 त्र × स × ख्आकृति 13ण्15;बद्ध की पूरी वित परिसीमा की लंबाइर्,2;चूँकि इ1 ़ इ2 ़ इ3 ़ ण् ण् ण् मिलकर इस आकृति के वित भाग को बनाते हैंद्ध परन्तु इस वित भाग से शंवुफ का आधर बनता है। साथ ही, इस आधर की परिध्ि त्र 2πतए जहाँ त आधर की त्रिाज्या है। इसलिए, 1शंवुफ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र × स × 2πत त्र πतस2जहाँ त आधर की त्रिाज्या है और स तियर्क ऊँचाइर् हैं। ध्यान दीजिए कि स2 त्र त2 ़ ी2 होता है, जिसे हम आकृति 13ण्16से देख सकते हैं ;पाइथागोरस प्रमेय सेद्ध। यहाँ ी शंवुफ की ऊँचाइर् है। अतः, स त्र त2  ी2 होगा। आकृति 13ण्16 अब यदि शंवुफ के आधर को बंद रखा जाता है, तो ढकने के लिए त त्रिाज्या वाले एकवृत्ताकार कागज के टुकड़े की आवश्यकता और होगी। इसका क्षेत्रापफल स्पष्टतः πत2है। इसलिए, शंवुफ का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र πतस ़ πत2 त्र πत;स ़ तद्ध उदाहरण 4: एक लंब वृत्तीय शंवुफ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जिसकी तियर्कऊँचाइर् 10 बउ है और आधर की त्रिाज्या 7 बउ है। हल: वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र πतस 22 त्र × 7 × 10 बउ2 7त्र 220 बउ2 उदाहरण 5: एक शंवुफ की ऊँचाइर् 16 बउ है और आधर की त्रिाज्या 12 बउ है। इस शंवुफ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। ;π त्र 3ण्14 का प्रयोग कीजिएद्ध हल: यहाँ, ी त्र 16 बउ और त त्र 12बउ है। इसलिए, स2 त्र ी2 ़ त2से हमें प्राप्त होता है: बउ त्र 20 बउ अतः, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र πतस त्र 3ण्14 × 12 × 20 बउ2 त्र 753ण्6 बउ2 साथ ही, वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र πतस ़ πत2 त्र;753ण्6 ़ 3ण्14 × 12 × 12द्ध बउ2 त्र;753ण्6 ़ 452ण्16द्ध बउ2 त्र 1205ण्76 बउ2 उदाहरण 6: एक भुट्टा वुफछ - वुफछ शंवुफ जैसे आकार का है;देख्िाए आकृति 13ण्17द्ध जिसके सबसे चैड़े सिरे की त्रिाज्या 2.1 बउ है और इसकी लम्बाइर् ;ऊँचाइर्द्ध 20 बउ है। यदि भुट्टे के प्रत्येक 1बउ2 पृष्ठ पर औसतन चार दानें हों, तो ज्ञात कीजिए कि पूरे भुट्टे पर वुफल कितने दानें होंगे?ण् हलः चूँकि भुट्टे के दानें उसके वक्र पृष्ठ पर ही होते हैं, इसलिए हमें दानों की संख्या ज्ञातकरने के लिए भुट्टे के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल को ज्ञात करना होगा। यहाँ हमें शंवुफ की ऊँचाइर्दी है। इसलिए, हमें पहले शंवुफ की तियर्क ऊँचाइर् ज्ञात करनी पड़ेगी। 22 22अब, स त्र त  ी त्र ;2ण्1द्ध  20 बउ त्र 404ण्41 बउ त्र 20ण्11 बउ अतः, भुट्टे का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र πतस 22 त्र7 × 2ण्1 × 20ण्11 बउ2 त्र 132ण्726 बउ2 त्र 132ण्73 बउ2 ;लगभगद्ध अतः 1बउ2 क्षेत्रापफल पर दानों की संख्या त्र 4 इसलिए, पूरे भुट्टे पर वुफल दानों की संख्या त्र 132ण्73 × 4 त्र 530ण्92 त्र 531 ;लगभगद्ध अतः, इस भुट्टे पर लगभग 531 दानें होंगे। प्रश्नावली 13ण्3 22जब तक अन्यथा न कहा जाए,π त्र लीजिए।7 1ण् एक शंवुफ के आधर का व्यास 10.5 बउ है और इसकी तियर्क ऊँचाइर् 10 बउ है। इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 2ण् एक शंवुफ का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जिसकी तियर्क ऊँचाइर् 21 उ है और आधर का व्यास 24 उ है। 3ण् एक शंवुफ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल 308 बउ2 है और इसकी तियर्क ऊँचाइर् 14 बउ है। ज्ञात कीजिए: ;पद्ध आधर की त्रिाज्या ;पपद्ध शंवुफ का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल 4ण् शंवुफ के आकार का एक तंबू 10 उ ऊँचा है और उसके आधर की त्रिाज्या 24 उ है। ज्ञात कीजिए: ;पद्ध तंबू की तियर्क ऊँचाइर् ;पपद्ध तंबू में लगे केनवास ;बंदअंेद्ध की लागत, यदि 1 उ2 केनवास की लागत 70 रुपए है। 5ण् 8 उ ऊँचाइर् और आधर की त्रिाज्या 6 उ वाले एक शंवुफ के आकार का तंबू बनाने में 3 उ चैड़े तिरपाल की कितनी लंबाइर् लगेगी? यह मान कर चलिए कि इसकी सिलाइर् और कटाइर् में 20 बउ तिरपाल अतिरिक्त लगेगा।;π त्र 3ण्14का प्रयोग कीजिए।द्ध 6ण् शंवुफ के आधर की एक गुंबज की तियर्क ऊँचाइर् और आधर व्यास क्रमशः 25 उ और 14 उ हैं। इसकी वक्र पृष्ठ पर ृ 210 प्रति 100 उ2 की दर से सपेफदी कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। 7ण् एक जोकर की टोपी एक शंवुफ के आकार की है, जिसके आधर की त्रिाज्या 7 बउ औरऊँचाइर् 24 बउ है। इसी प्रकार की 10 टोपियाँ बनाने के लिए आवश्यक गत्ते का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 8ण् किसी बस स्टाप को पुराने गत्ते से बने 50 खोखले शंवुफओं द्वारा सड़क से अलग किया हुआ है। प्रत्येक शंवुफ के आधर का व्यास 40 बउ है और ऊँचाइर् 1 उ है। यदि इन शंवुफओं की बाहरी पृष्ठों को पेंट करवाना है और पेंट की दर ृ 12 प्रति उ2 है, तो इनको पेंट कराने में कितनी लागत आएगी? ;π त्र 3ण्14और 1ण्04 त्र 1ण्02का प्रयोग कीजिए।द्ध 13ण्5 गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल एक गोला ;ेचीमतमद्ध क्या होता है? क्या यह एक वृत्त की तरह ही है? क्या आप एक कागजपर वृत्त खींच सकते हैं? हाँ, आप खींच सकते हैं, क्योंकि यह एक बंद समतल आकृति है जिसका प्रत्येक बिंदु एक निश्िचत बिंदु ;जिसे वृत्त का वंेफद्र कहते हैंद्ध से एक निश्िचत दूरीपर रहता है;जिसे वृत्त की त्रिाज्या कहते हैंद्ध। अब यदि आप एक वृत्ताकार चकती ;कपेबद्ध के एक व्यास के अनुदिश एक डोरी चिपका दें और इसे वैसे ही घुमाएँ जैसे आपने पिछलेअनुच्छेद में त्रिाभुज को घुमाया था, तो आप एक नया ठोस देखेंगे ;देख्िाए आकृति 13.18द्ध। यह किस वस्तु से मिलता - जुलता लगता है? एक गंेद? हाँ, ऐसा ही है। यह एक गोला ;ेचीमतमद्ध कहलाता है। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि उस वृत्त के वंेफद्र का क्या होता है जिसे आपने घुमाया है। निःसंदेह, यह गोले का वंेफद्र भी हो जाता है। इस प्रकार, गोला एक त्रिाविमीयआकृति ;जीतमम कपउमदेपवदंस पिहनतमद्ध ;ठोस आकृतिद्ध है, जो आकाश ;स्पेसद्ध ;ेचंबमद्ध में स्िथत उन सभी बिंदुओं से मिल कर बनी है जो एक निश्िचत बिंदु से ;जो गोले का केन्द्र कहलाता हैद्ध से एक अचर या निश्िचत दूरी पर होते हैं ;जो गोले की त्रिाज्या कहलाती हैद्ध। टिप्पणी: गोला एक गेंद की पृष्ठ की तरह होता है। ठोस गोला उस ठोस के लिए प्रयोग होता है जिसका पृष्ठ एक गोला हो। ियाकलाप: क्या आप कभी लट्टू के साथ खेले हैं या कभी आपने किसी व्यक्ित को लट्टू के साथ खेलते देखा है? आप यह जानते होंगे कि उस पर डोरी किस प्रकार लपेटीजाती है। अब आइए एक रबर की गंेद लें और उसके ऊपर एक कील लगा दें। कील की सहायता लेते हुए, गेंद पर डोरी लपेटना प्रारम्भ कर दीजिए। जब आप ऐसा कर रहे हों, तो डोरी को थामे रखने के लिए, बीच - बीच में पिन लगाते रहिए और डोरी लपेटना तब तक जारी रख्िाए जब तक कि पूरी गेंद पर डोरी न लिपट जाए ख्देख्िाए आकृति 13ण्19;ंद्ध,। डोरी पर प्रारम्िभक और अंतिम बिंदु अंकित कर लीजिए और ध्ीरे - ध्ीरे गेंद से डोरी को हटा लीजिए। अब अपने श्िाक्षक से गेंद का व्यास मापने के लिए सहायता देने के लिए कहिए। इससे आपको गेंद की त्रिाज्या ज्ञात हो जाएगी। इसके बाद, कागज पर गेंद की त्रिाज्या के बराबरचार वृत्त खींच लीजिए। अब जो डोरी आपने गेंद पर लपेटी थी उसी को एक - एक करकेइन वृत्तों पर रखकर वृत्तों को भरिए ख्देख्िाए आकृति 13ण्19;इद्ध,। आकृति 13ण्19 इन सबसे आपको क्या प्राप्त होता है? वह डोरी जिसने एक गोले के पृष्ठ को पूरा - पूरा ढक दिया था अब उसी गोले की त्रिाज्यावाले चार वृत्तों के क्षेत्रों को भर रही है। इसका क्या अथर् हुआ? इससे यह सुझाव मिलता है कि त्रिाज्या त वाले एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र त्रिाज्या त वाले चार वृत्तों का क्षेत्रापफल त्र 4 × ;π त2द्ध इसलिए, गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 4 π त2 जहाँ त गोले की त्रिाज्या है। गोले के पृष्ठ पर आप कितने पफलक देखते हैं? केवल एक। यह वक्रीय है। आइए एक ठोस गोला लें और इसे बीच से इसके वंेफद्र से जाते हुए एक तल द्वारा दो भागों में काट लें। गोले का क्या होता है? यह दो बराबर भागों में विभाजित हो गया है;देख्िाए आकृति13ण्20द्ध। प्रत्येक आध भाग क्या कहलाता है यह एक अध्र्गोला ;ीमउपेचीमतमद्ध कहलाता है ;क्योंकि ीमउप का अथर् आध है।द्ध। आकृति 13ण्20 अध्र्गोले के पृष्ठ के बारे में आप क्या कह सकते हैं? इसके कितने पफलक हैं? दो!, इनमें एक वक्रीय है और एक समतल पफलक है ;आधरद्ध। 1अधर्गोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल गोले के पृष्ठीय क्षेत्रापफल का आध, अथार्त् 2 × 4πत2 है। अतः, अध्र्गोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2πत2 जहाँ त उस गोले की त्रिाज्या है जिसका अध्र्गोला एक भाग है। अब दोनों पफलकों को लेने पर, इसका वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2πत2 ़ πत2है। अतः, अध्र्गोले का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 3πत2 उदाहरण 7: 7 बउ त्रिाज्या वाले एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। हल: 7बउ त्रिाज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल 22 त्र 4πत2 त्र 4 × × 7 × 7 बउ2 त्र 616 बउ2 7उदाहरण 8: त्रिाज्या 21बउ वाले एक अध्र्गोले के लिए, ज्ञात कीजिएः ;पद्ध वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपद्ध वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल हल: ;पद्ध त्रिाज्या 21बउ वाले अध्र्गोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल 22 त्र 2πत2 त्र 2 × × 21 × 21 बउ2 त्र 2772 बउ2 7;पपद्ध अध्र्गोले का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल 22 त्र 3πत2 त्र 3 × × 21 × 21 बउ2 त्र 4158 बउ2 7उदाहरण 9: सवर्फस का एक मोटरसाइकिल सवार जिस खोखले गोले के अंदर अपने करतब ;खेलद्ध दिखाता है उसका व्यास 7उ है। मोटरसाइकिल सवार के पास ये करतब दिखाने के लिए कितना क्षेत्रापफल उपलब्ध् है? हल: गोले का व्यास त्र 7 उ है। इसलिए त्रिाज्या 3.5उ हुइर्। अब, करतब दिखाने के लिए, मोटरसाइकिल सवार को उपलब्ध् स्थान इस गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल है। 22गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 4πत2 त्र 4 ×7 × 3ण्5 × 3ण्5 उ2 त्र 154 उ2 उदाहरण 10: किसी भवन का ऊपरी भाग अध्र्गोलाकार है और इस पर पेंट किया जाना है;देख्िाए आकृति 13.21द्ध।यदि इस अध्र्गोले के आधर की परिध्ि 17.6 उ है, तो ृ 5 प्रति 100 बउ2 की दर से इसे पेंट कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। हल: चूँकि केवल गोलाकार पृष्ठ पर ही पेंट होगा, इसलिए हमें अध्र्गोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल को ज्ञात करने की आवश्यकता है। अब, आधर की परिध्ि त्र 17ण्6 उ है। इसलिए, 2πत त्र 17ण्6 17ण्6 7अथार्त्, त त्र 222 उ त्र 2ण्8 उ इसलिए, भवन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 2πत2 22 त्र 2 × × 2ण्8 × 2ण्8 उ2 7आकृति 13ण्21 त्र 49ण्28 उ2 अब, 100 बउ2 पेंटिंग की लागत त्र ृ 5 इसलिए, 1उ2 पेंटिंग की लागत त्र ृ 500 अतः, 49.28 उ2 पेंटिंग की लागत त्र ृ 500 × 49ण्28 त्र ृ 24640 प्रश्नावली 13ण्4 जब तक अन्यथा न कहा जाए,π त्र 22 लीजिए।7 1ण् निम्न त्रिाज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 10ण्5बउ ;पपद्ध 5ण्6बउ ;पपपद्ध 14 बउ 2ण् निम्न व्यास वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 14 बउ ;पपद्ध 21 बउ ;पपपद्ध 3ण्5उ 3ण् 10 बउ त्रिाज्या वाले एक अध्र्गोले का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए।;π त्र 3ण्14लीजिए।द्ध 4ण् एक गोलाकार गुब्बारे में हवा भरने पर, उसकी त्रिाज्या7बउ से 14 बउहो जाती है। इन दोनों स्िथतियों में, गुब्बारे के पृष्ठीय क्षेत्रापफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए। 5ण् पीतल से बने एक अध्र्गोलाकार कटोरे का आंतरिक व्यास10ण्5बउ है। ृ 16 प्रति 100 बउ2 की दर से इसके आंतरिक पृष्ठ पर कलइर् कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। 6ण् उस गोले की त्रिाज्या ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रापफल 154बउ2 है। 7ण् चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक - चैथाइर् है। इन दोनों के पृष्ठीय क्षेत्रापफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए। 8ण् एक अध्र्गोलाकार कटोरा0ण्25बउ मोटी स्टील से बना है। इस कटोरे की आंतरिक त्रिाज्या 5बउ है। कटोरे का बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 9ण् एक लंब वृत्तीय बेलन त्रिाज्या तवाले एक गोले को पूणर्तया घेरे हुए है ;देख्िाए आवृफति13ण्22द्ध।ज्ञात कीजिएः ;पद्ध गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपद्ध बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपपद्ध ऊपर;पद्ध और;पपद्ध में प्राप्त क्षेत्रापफलों का अनुपात आकृति 13ण्22 13ण्6 घनाभ का आयतन आप पिछली कक्षाओं में, वुफछ आकृतियों ;वस्तुओंद्ध के आयतनों ;अवसनउमेद्धके बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। आपको याद होगा कि ठोस वस्तुएँ स्थान घेरती हैं। इस घेरे गए स्थान के माप को उस वस्तु का आयतन कहते हैं। टिप्पणीःयदि कोइर् वस्तु ठोस है, तो उस वस्तु द्वारा घेरे गए स्थान को मापा जा सकता है और उस माप को वस्तु का आयतन कहा जाता है। दूसरी ओर, यदि वस्तु खोखली है, तो उसका अभ्यंतर ;पदजमतपवतद्ध रिक्त होता है, जिसे हवा या द्रव से भरा जा सकता है। यह द्रव उस वस्तु ;बतर्नद्ध के आकार का हो जाता है। इस स्िथति में, बतर्न के अभ्यंतर में ;अंदरद्ध जितनी वस्तु ;या द्रवद्ध भरा जाता है वह उसकी धरिता;बंचंबपजलद्ध कहलाती है। दूसरे शब्दों में, किसी वस्तु का आयतन उस वस्तु द्वारा घेरे गए स्थान की माप है और किसी वस्तु की धरिता उस वस्तु के अभ्यंतर में भरे जा सकने वाले द्रव ;या अन्य वस्तुद्ध का आयतन है। इसलिए इन दोनों के ही मात्राक घन मात्राक ;बनइपब नदपजेद्ध हैं। इसलिए यदि हम घनाभ के आयतन की बात करेंगे, तो उसका अथर् उस घनाभ द्वारा घेरे गए स्थान के माप से होगा। साथ ही, क्षेत्रापफल अथवा आयतन को एक क्षेत्रा;तमहपवदद्ध के परिमाण के रूप में मापा जाताहै। इसलिए, यदि सही तौर पर कहा जाए, तो हम वृत्तीय क्षेत्रा का क्षेत्रापफल या एक घनाभाकार क्षेत्रा का आयतन या एक गोलाकार क्षेत्रा का आयतन, इत्यादि ही ज्ञात कर रहे होते हैं। परन्तुसरलता के लिए, प्रायः हम यह कहा करते हैं कि वृत्त का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए या एक घनाभ का आयतन ज्ञात कीजिए या एक गोले का आयतन कीजिए, इत्यादि। ये केवल इन क्षेत्रों की परिसीमाएँ ही हैं। आकृति 13ण्23 आवृफति 13ण्23 को देख्िाए। मान लीजिए, हम कहते हैं कि प्रत्येक आयत का क्षेत्रापफल । है, जिस ऊँचाइर् तक आयतों का ढेर लगाया गया है वह ी है और घनाभ का आयतन ट है। क्या आप बता सकते हैं कि टए । और ी के बीच में क्या संबंध् होगा? प्रत्येक आयत द्वारा घेरे गए क्षेत्रा का क्षेत्रापफल × ऊँचाइर् त्र उस घनाभ द्वारा घेरे गए क्षेत्रा का आयतन;मापद्ध इसलिए, हमें । × ी त्र ट प्राप्त होता है। अतः, घनाभ का आयतन त्र आधर का क्षेत्रापफल × ऊँचाइर् त्र लम्बाइर् × चैड़ाइर् × ऊँचाइर् त्र स × इ × ी जहाँ सए इ और ी क्रमशः घनाभ की लंबाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् हैं। टिप्पणीःजब हम त्रिाविमीय आकाश;ेचंबमद्ध में घेरे गए क्षेत्रा के परिमाण को मापते हैं, अथार्त् ठोस द्वारा घेरे गए क्षेत्रा ;स्थानद्ध को मापते हैं, तो हम ऐसा उस क्षेत्रा में मात्राक लंबाइर् के घनों की वह संख्या गिनके करते हैं जो उसमें पूणर्तया समाए जा सकते हैं। अतः, आयतन का मात्राक ;या घन इकाइर्द्ध ही लिया जाता है। साथ ही, घन का आयतन त्र किनारा × किनारा × किनारा त्र ं3 जहाँ ं घन का किनारा है ;देख्िाए आवृफति 13ण्24द्ध। इसलिए, यदि एक घन का किनारा 12 बउ हैए तो उसका आयतन त्र 12 × 12 × 12 बउ3 त्र 1728 बउ3 याद कीजिए कि आप इन सूत्रों के बारे में पिछली कक्षाओं में पढ़ चुके हैं। आइए इनके प्रयोग को स्पष्ट करने के लिए वुफछ उदाहरण लें। आकृति 13ण्24 उदाहरण 11: एक खुले मैदान में 10 उ लंबी एक दीवार का निमार्ण किया जाना था।दीवार की ऊँचाइर् 4 उ है और उसकी मोटाइर् 24 बउ है। यदि इस दीवार को 24 बउ × 12 बउ × 8 बउ विमाओं वाली ईंटों से बनाया जाना है, तो इसके लिए कितनी ईंटों की आवश्यकता होगी? हलः चूँकि दीवार द्वारा घेरा गया स्थान सभी ईंटों द्वारा घेरे गए स्थान के बराबर होगा, इसलिए आइए दीवार का आयतन ज्ञात करें, जो एक घनाभ है। यहाँ, लंबाइर् त्र 10 उ त्र 1000 बउ, मोटाइर् त्र 24 बउ और ऊँचाइर् त्र 4 उ त्र 400 बउ अतः, दीवार का आयतन त्र लंबाइर् × मोटाइर् × ऊँचाइर् त्र 1000 × 24 × 400 बउ3 अब प्रत्येक ईंट विमाओं 24 बउ × 12 बउ × 8 बउ का एक घनाभ है। इसलिए, एक ईंट का आयतन त्र लंबाइर् × चैड़ाइर् × ऊँचाइर्त्र 24 × 12 × 8 बउ3 अतः, वाँछित ईंटों की संख्या त्र दीवार का आयतन एक ईं ट काआयतन त्र 1000 × 24 × 400 24 × 12 × 8 त्र 4166ण्6 इसलिए, दीवार बनाने में 4167 ईंटें लगेंगी। उदाहरण 12: एक बच्चा भवन ब्लाॅकों से खेल रहा है, जो एक घन के आकार के हैं। उसने इनसे आवृफति 13ण्25 में दशार्ए अनुसार एक ढाँचा बना लिया है। प्रत्येक घन का किनारा 3 बउ है। उस बच्चे द्वारा बनाए गए ढाँचे का आयतन ज्ञात कीजिए। हल: प्रत्येक घन का आयतन त्र किनारा × किनारा × किनाराआकृति 13ण्25 त्र 3 × 3 × 3 बउ3 त्र 27 बउ3 ढाँचे में घनों की संख्या त्र 15 अतः, ढाँचे का आयतन त्र 27 × 15 बउ3 त्र 405 बउ3 प्रश्नावली 13ण्5 1ण् माचिस की डिब्बी के माप4बउ × 2ण्5बउ × 1ण्5बउ हैं। ऐसी 12 डिब्िबयों के एक पैकेट का आयतन क्या होगा? 2ण् एक घनाभाकार पानी की टंकी 6 उ लंबी,5 उ चैड़ी और 4.5 उ गहरी है। इसमें कितने लीटर पानी आ सकता है? ;1उ3 त्र 1000सद्ध 3ण् एक घनाभाकार बतर्न10उ लंबा और8उ चैड़ा है। इसको कितना ऊँचा बनाया जाए कि इसमें 380 घन मीटर द्रव आ सके? 4ण् 8 उ लंबा, 6 उ चैड़ा और 3 उ गहरा एक घनाभाकार गढ्ढा खुदवाने में 30 रुपए प्रति उ3 की दर से होने वाला व्यय ज्ञात कीजिए। 5ण् एक घनाभाकार टंकी की धरिता 50000 लीटर पानी की है। यदि इस टंकी की लंबाइर् और गहराइर् क्रमशः 2.5 उ और 10 उ हैं, तो इसकी चैड़ाइर् ज्ञात कीजिए। 6ण् एक गाँव जिसकी जनसंख्या 4000 है, को प्रतिदिन प्रति व्यक्ित 150 लीटर पानी की आवश्यकता है। इस गाँव में 20उ × 15उ × 6उ मापों वाली एक टंकी बनी हुइर् है। इस टंकी का पानी वहाँ कितने दिन के लिए पयार्प्त होगा? 7ण् किसी गोदाम की माप40उ × 25उ × 15उ हैं। इस गोदाम में 1ण्5उ × 1ण्25उ × 0ण्5उ की माप वाले लकड़ी के कितने अध्िकतम व्रेफट ;बतंजमद्ध रखे जा सकते हैं? 8ण् 12बउ भुजा वाले एक ठोस घन को बराबर आयतन वाले 8 घनों में काटा जाता है। नए घन की क्या भुजा होगी? साथ ही, इन दोनों घनों के पृष्ठीय क्षेत्रापफलों का अनुपात भी ज्ञात कीजिए। 9ण् 3उ गहरी और40उ चैड़ी एक नदी 2 ाउ प्रति घंटा की चाल से बह कर समुद्र में गिरती है। एक मिनट में समुद्र में कितना पानी गिरेगा? 13ण्7 बेलन का आयतन हम देख चुके हैं कि जैसे समान मापों के आयतों को एक के ऊपर एक रखकर घनाभ बनायाजाता है, उसी प्रकार समान मापों के वृत्तों को एक के ऊपर एक रखकर एक बेलन बनाया जा सकता है। इसलिए, उसी तवर्फ द्वारा जो हमने घनाभ के लिए दिया था, हम कह सकते हैं कि बेलन का आयतन, आधर का क्षेत्रापफल × ऊँचाइर् होता है। अथार्त् यह आयतन वृत्तीय आधर का क्षेत्रापफल × ऊँचाइर् त्र πत2ी है। इसलिए, बेलन का आयतन त्र πत2ी जहाँ त आधर की त्रिाज्या और ी बेलन की ऊँचाइर् है। उदाहरण 13: किसी मंदिर के खंभे बेलनाकार हैं ;देख्िाए आवृफति 13ण्26द्ध। यदि प्रत्येक खंभे का आधर 20 बउ त्रिाज्या का एक वृत्तीय क्षेत्रा है और ऊँचाइर्10उ है, तो ऐसे आकृति 13ण्2614 खंभे बनाने में कितने वंफक्रीट मिश्रण की आवश्यकता होगी? हल: चूँकि वंफक्रीट मिश्रण जिससे खंभा बनाया जाएगा उस पूरे खंभे के स्थान को भर देगा, इसलिए हमें बेलनों के आयतनों को ज्ञात करने की आवश्यकता है। बेलन के आधर की त्रिाज्या त्र 20 बउ बेलनाकार खंभे की ऊँचाइर् त्र 10 उ त्र 1000 बउ इसलिए, एक खंभे का आयतन त्र πत2ी 22 त्र  20  20  1000 बउ3 7 8800000 त्र बउ3 78ण्8 त्र उ3;1000000 बउ3 त्र 1उ3द्ध7अतः, 14 खंभांे का आयतन त्र 8ण्8  14 उ3 7 त्र 17ण्6 उ3 इसलिए, 14 खंभों के लिए 17ण्6 उ3 वंफक्रीट मिश्रण की आवश्यकता होगी। उदाहरण14: रमजान के एक मेले में, भोज्य पदाथो± के एक स्टाॅल पर दुकानदार के पास आधर त्रिाज्या 15 बउ वाला एक बतर्न था जो 32 बउ की ऊँचाइर् तक संतरे के जूस से भरा हुआ था। जूस को 3 बउ त्रिाज्या वाले बेलनाकार गिलासों में 8 बउ ऊँचाइर् तक भर कर ृ 3 प्रति गिलास की दर से बेचाजाता है ;देख्िाए आकृति 13.27द्ध। जूस को पूरा बेचने पर दुकानदार को वुफल कितनी राश्िा प्राप्त हुइर्? आकृति 13ण्27 हल: बड़े बतर्न में जूस का आयतन त्र बेलनाकार बतर्न का आयतन त्र πत्2भ् ;जहाँ त् और भ् क्रमशः बतर्न की त्रिाज्या और ऊँचाइर् हैंद्ध त्र π × 15 × 15 × 32 बउ3 इसी प्रकार, एक गिलास जूस का आयतन त्र πत2ी ;जहाँ त और ी क्रमशः गिलास की त्रिाज्या और ऊँचाइर् हैंद्ध त्र π × 3 × 3 × 8 बउ3 इसलिए, जूस के बेचे गए गिलासों की संख्या त्र बतनर् का आयतन एक गिलास का अ ायतन त्र ×15 × 15 × 32 ×3 ×3 × 8   त्र 100 अतः, दुकानदार द्वारा प्राप्त की गइर् राश्िा त्र ृ 3 × 100 त्र ृ 300 प्रश्नावली 13ण्6 जब तक अन्यथा न कहा जाए,π त्र 22 लीजिए।7 1ण् एक बेलनाकार बतर्न के आधर की परिध्ि 132 बउ और उसकी ऊँचाइर् 25 बउ है। इस बतर्न में कितने लीटर पानी आ सकता है? ;1000 बउ3 त्र 1लीटरद्ध 2ण् लकड़ी के एक बेलनाकार पाइप का आंतरिक व्यास 24 बउ है और बाहरी व्यास 28 बउ है। इस पाइप की लंबाइर् 35बउ है। इस पाइप का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, यदि 1बउ3 लकड़ी का द्रव्यमान 0.6 ग्राम है। 3ण् एक सोफ्रट डिªंक;ेवजि कतपदाद्ध दो प्रकार के पैकों में उपलब्ध् है:दृ ;पद्ध लंबाइर्5बउ और चैड़ाइर् 4 बउ वाले एक आयताकार आधर का टिन का डिब्बा जिसकी ऊँचाइर् 15 बउ है और ;पपद्ध व्यास7बउ वाले वृत्तीय आधर और 10 बउ ऊँचाइर् वाला एक प्लास्िटक का बेलनाकार डिब्बा। किस डिब्बे की धरिता अध्िक है और कितनी अध्िक है? 4ण् यदि एक बेलन का पाश्वर् पृष्ठीय क्षेत्रापफल94ण्2बउ2 है और उसकी ऊँचाइर् 5बउ है, तो ज्ञात कीजिए: ;पद्ध आधर की त्रिाज्या ;पपद्ध बेलन का आयतन ;π त्र 3ण्14 लीजिएद्ध 5ण् 10 उ गहरे एक बेलनाकार बतर्न की आंतरिक वक्र पृष्ठ को पेंट कराने का व्यय ृ 2200 है। यदि पेंट कराने की दर ृ 20 प्रति उ2 है, तो ज्ञात कीजिए: ;पद्ध बतर्न का आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपद्ध आधर की त्रिाज्या ;पपपद्ध बतर्न की धरिता 6ण् ऊँचाइर्1 उ वाले एक बेलनाकार बतर्न की धरिता 15ण्4 लीटर है। इसको बनाने के लिए कितने वगर् मीटर धतु की शीट की आवश्यकता होगी? 7ण् सीसे की एक पेंसिल ;समंक चमदबपसद्ध लकड़ी के एक बेलन के अभ्यंतर में ग्रेपफाइट;हतंचीपजमद्ध से बने ठोस बेलन को डाल कर बनाइर् गइर् है। पेंसिल का व्यास 7 उउ है और ग्रेपफाइट का व्यास 1 उउ है। यदि पेंसिल की लंबाइर् 14 बउ है, तो लकड़ी का आयतन और ग्रेपफाइट का आयतन ज्ञात कीजिए। 8ण् एक अस्पताल;ीवेचपजंसद्ध के एक रोगी को प्रतिदिन 7 बउ व्यास वाले एक बेलनाकार कटोरे में सूप ;ेवनचद्ध दिया जाता है। यदि यह कटोरा सूप से 4 बउ ऊँचाइर् तक भरा जाता है, तो इस अस्पताल में 250 रोगियों के लिए प्रतिदिन कितना सूप तैयार किया जाता है? 13ण्8 लम्ब वृत्तीय शंवुफ का आयतन आकृति 13.28 में, आप देखते हैं कि इसमें एक हीआधार त्रिाज्या वाले और एक ही ऊँचाइर् वाले बेलन और शंवुफ दिए हुए हैं। आकृति 13ण्28 ियाकलाप: उपरोक्त आकृतियों की ही तरह, एक ही आधर त्रिाज्या और एक ही ऊँचाइर् वाला एक खोखला बेलन और एक खोखला शंवुफ बनाने का प्रयत्न कीजिए ;देख्िाए आवृफति 13.28द्ध। पिफर हम एक प्रयोग द्वारा यह ज्ञात करेंगे कि एक शंवुफ का आयतन क्या है। आइए इस प्रयोग को प्रारम्भ करें। शंवुफ को रेत से एक बार ऊपर तक भरिए और इस रेत को बेलन में डाल दीजिए। हम देखते हैं कि इससे बेलन का वुफछ भाग भर गया है ¹देख्िाए आवृफति 13ण्29 ;ंद्धह्। पिफर हम दुबारा शंवुफ को रेत से भर कर बेलन में रेत को डाल देते हैं। हम देखते हैं कि बेलन अभी भी पूरा नहीं भरा है ख्देख्िाए आवृफति 13ण्29;इद्ध,। अब शंवुफ को तीसरी बार रेत से भर कर बेलन में डालिए। हम देखते हैं कि बेलन पूरा रेत से भर गया है ख्देख्िाए आवृफति 13ण्29;बद्ध,। आकृति 13ण्29 इस प्रयोग से, हम निष्कषर् निकाल सकते हैं कि तीन शंवुफओं का आयतन बेलन के आयतन के बराबर है। इसका अथर् है कि यदि शंवुफ और बेलन की आधर त्रिाज्या एक हीहो और ऊँचाइर् भी एक ही हो, तो शंवुफ का आयतन बेलन के आयतन का एक - तिहाइर् होता है। अतः, शंवुफ का आयतन त्र 1 πत2ी3 जहाँ त आधर त्रिाज्या है और ी शंवुफ की ऊँचाइर् है। उदाहरण 15: किसी शंवुफ की ऊँचाइर् और तियर्क ऊँचाइर् क्रमशः 21 बउ और 28 बउ हैं। इसका आयतन ज्ञात कीजिए। हल: स2 त्र त2 ़ ी2 से हमें प्राप्त होता है: बउ 77बउ 1 122अतः, शंवुफ का आयतन त्र 3 πत2ी त्र3 × 7  77  77 21 बउ3 त्र 7546 बउ3 उदाहरण 16: मोनिका के पास केनवास का एक टुकड़ा है जिसका क्षेत्रापफल 551 उ2 है। वह इससे 7 उ आधर त्रिाज्या वाला एक शंवुफ का आपतन का तंबू बनवाती है। यह मानते हुए कि सिलाइर् और कटाइर् में लगभग 1 उ2 केनवास नष्ट हुआ होगा, इससे बनाए जाने वाले शंवुफ का आयतन ज्ञात कीजिए। हल: केनवास का क्षेत्रापफल त्र 551 उ2 है और 1 उ2 केनवास सिलाइर्, इत्यादि में नष्ट हो जाता है। अतः, तंबू के लिए उपलब्ध् केनवास त्र ;551 दृ 1द्ध उ2 त्र 550 उ2 इसलिए, तंबू का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 550 उ2 अब, तंबू के आधर की त्रिाज्या त्र 7 उ ध्यान दीजिए कि तंबू की केवल वक्र पृष्ठ ही होती है ;तंबू के पफशर् को ढका नहीं जाता हैद्ध। अतः, तंबू का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 550 उ2 अथार्त्, πतस त्र 550 22या, 7 × 7 × स त्र 550 550या, स त्र 22 उ त्र 25 उ अब, स2 त्र त2 ़ ी2 22 22इसलिए, ी त्र स  त त्र 25  7उ  625  49 उ  576 उ त्र 24 उ 1 122 ती अतः, तंबू का आयतन त्र 2   77  24 उ 3त्र 1232 उ3 3 37 प्रश्नावली 13ण्7 जब तक अन्यथा न कहा जाए, π त्र 22 लीजिए।7 1ण् उस लंब वृत्तीय शंवुफ का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसकी ;पद्ध त्रिाज्या6बउ और ऊँचाइर् 7बउ है। ;पपद्ध त्रिाज्या 3ण्5 बउ और ऊँचाइर्12 बउ है। 2ण् शंवुफ के आकार के उस बतर्न की लीटरों में धरिता ज्ञात कीजिए जिसकी ;पद्ध त्रिाज्या7बउ और तियर्क ऊँचाइर्25 बउ है। ;पपद्ध ऊँचाइर् 12 बउ और तियर्क ऊँचाइर् 13 बउ है। 3ण् एक शंवुफ की ऊँचाइर्15 बउ है। यदि इसका आयतन1570 बउ3 है, तो इसके आधर की त्रिाज्या ज्ञात कीजिए।;π त्र 3ण्14 प्रयोग कीजिए।द्ध 4ण् यदि9 बउ ऊँचाइर् वाले एक लंब वृत्तीय शंवुफ का आयतन48 π बउ3 है, तो इसके आधर का व्यास ज्ञात कीजिए। 5ण् ऊपरी व्यास 3ण्5 उ वाले शंवुफ के आकार का एक गढ्ढा 12 उ गहरा है। इसकी धरिता किलोलीटरों में कितनी है? 6ण् एक लंब वृत्तीय शंवुफ का आयतन9856 बउ3 है। यदि इसके आधर का व्यास 28 बउ है, तो ज्ञात कीजिए: ;पद्ध शंवुफ की ऊँचाइर् ;पपद्ध शंवुफ की तियर्क ऊँचाइर् ;पपपद्ध शंवुफ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल 7ण् भुजाओं 5 बउ, 12 बउ और 13 बउ वाले एक समकोण त्रिाभुज ।ठब् को भुजा 12 बउ के परित घुमाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए। 8ण् यदि प्रश्न 7 के त्रिाभुज ।ठब् को यदि भुजा 5 बउ के परित घुमाया जाए, तो इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए। प्रश्नों 7 और 8 में प्राप्त किए गए दोनों ठोसों के आयतनों का अनुपात भी ज्ञात कीजिए। 9ण् गेहूँ की एक ढेरी 10.5 उ व्यास और ऊँचाइर् 3 उ वाले एक शंवुफ के आकार की है। इसका आयतन ज्ञात कीजिए। इस ढेरी को वषार् से बचाने के लिए केनवास से ढका जाना है। वाँछित केनवास का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 13ण्9 गोले का आयतन आइए अब देखें कि एक गोले का आयतन वैफसे मापा जाए। पहले विभ्िान्न त्रिाज्याओं वाले दो या तीन गोले लीजिए। पिफर एक बतर्न लीजिए, जिसके अंदर इन गोलों को ;केवल एक बार में एकद्ध रखा जा सके। साथ ही, एक बड़ी नाँद ;जतवनहीद्ध लीजिए जिसमें इस बतर्न को रखा जा सके। अब बतर्न को पूरा ऊपर तक पानी से भरिए ख्देख्िाए आवृफति13ण्30;ंद्ध,। अब लिए गए गोलों में से एक को बतर्न में सावधनीपूवर्क डालिए। बतर्न में से वुफछ पानी बाहर निकल कर उस नाँद में जाएगा जिसमें वह बतर्न रखा हुआ है ख्देख्िाए आवृफति 13ण्30;इद्ध,।अब नाँद में आए इस पानी को सावधनीपूवर्क एक नापने वाले बेलन ¹अथार्त् अशांकित बेलनाकार गिलास ;हतंकनंजमक बलसपदकतपबंस रंतद्धह् में डालिए।मान लीजिए पानी में डुबाए गए गोले की त्रिाज्या तहै ;आप गोले का व्यास माप कर उसकी त्रिाज्या ज्ञात कर सकते4हैंद्ध। अब 3πत3 का मान निकालिए। क्या आप यह पाते हैं कि यह मान बतर्न से बाहर निकले पानी के आयतन के लगभग बराबर है? आकृति 13ण्30 एक बार पिफर इसी प्रिया को एक अन्य माप का गोला लेकर दोहराइए। इस गोले की 4त्रिाज्या त् ज्ञात करके त्3 का मान निकालिए। एक बार पिफर यह मान बतर्न से बाहर निकले3 पानी के आयतन के लगभग बराबर है। यह हमें क्या बताता है? हम जानते हैं कि गोले का आयतन उसके द्वारा हटाए गए पानी के आयतन के बराबर है। इस प्रयोग को बार - बार करने4पर, हम प्राप्त करते हैं कि एक गोले का आयतन गोले की त्रिाज्या के घन का  गुना है।3 इससे हमें निम्न सुझाव प्राप्त होता है: 4 3गोले का आयतन त्र त3 जहाँ त गोले की त्रिाज्या है। उच्चतर कक्षाओं में इसे सि( भी किया जा सकता है। परन्तु इस समय तो हम इसे सत्य मान लेते हैं।ण् अब अध्र्गोले के आयतन के बारे में आप क्या अनुमान लगा सकते हैं? हाँ, यह 4 312 त का त्र πत3 है।3 23 2 3अतः, अध्र्गोले का आयतन =  त3 जहाँ त अध्र्गोले की त्रिाज्या है। आइए इन सूत्रों का प्रयोग दशार्ने के लिए वुफछ उदाहरण लें। उदाहरण 17: 11ण्2 बउ त्रिाज्या वाले गोले का आयतन ज्ञात कीजिए। 4हल: वाँछित आयतन त्र πत3 3 422 त्र  11ण्2  11ण्2 11ण्2 बउ3 त्र 5887ण्32 बउ3 3 7 उदाहरण18: एक शाॅट - पट्ट ;ेीवज.चनजजद्ध 4.9 बउ त्रिाज्या वाला एक धतु का गोला है। यदि इस धतु का घनत्व ;कमदेपजलद्ध 7.8 ग्राम प्रति बउ3 है, तो शाॅट - पट्ट का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। हलः चूँकि शाॅट - पट्ट ;ेीवज.चनजजद्ध धतु का एक ठोस गोला है तथा द्रव्यमान आयतन और घनत्व के गुणनपफल के बराबर होता है, इसलिए पहले हमें शाॅट - पट्ट का आयतन ज्ञात करना चाहिए। अब, गोले का आयतन त्र 34 त3 422 3 त्र 4ण्9 4ण्9 4ण्9 बउ 37 त्र 493 बउ3 ;लगभगद्ध साथ ही, 1 बउ3 धतु का द्रव्यमान त्र 7ण्8 ग्राम अतः, शाॅट - पट्ट का द्रव्यमान त्र 7ण्8 × 493 ग्राम त्र 3845ण्44 ग्राम त्र 3ण्85 किलोग्राम ;लगभगद्ध उदाहरण 19: एक अध्र्गोलाकार कटोरे की त्रिाज्या 3ण्5 बउ है। इसके अंदर भरे जा सकने वाले पानी का आयतन ज्ञात कीजिए। हल: कटोरे में भरे जा सकने वाले पानी का आयतन 23 त्र त 3 222 त्र  3ण्5  3ण्5 3ण्5 बउ3 त्र 89ण्8 बउ3 37 प्रश्नावली 13ण्8 22जब अन्यथा न कहा जाए, π त्र 7 लीजिए। 1ण् उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसकी त्रिाज्या निम्न है: ;पद्ध 7 बउ ;पपद्ध 0ण्63उ 2ण् उस ठोस गोलाकार गेंद द्वारा हटाए गए ;विस्थापितद्ध पानी का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसका व्यास निम्न है: ;पद्ध 28 बउ ;पपद्ध 0ण्21उ 3ण् धतु की एक गेंद का व्यास 4.2 बउ है। यदि इस धतु का घनत्व 8.9 ग्राम प्रति बउ3 है, तो इस गेंद का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। 4ण् चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक - चैथाइर् है। चंद्रमा का आयतन पृथ्वी के आयतन की कौन - सी भ्िान्न है? 5ण् व्यास 10.5 बउ वाले एक अध्र्गोलाकार कटोरे में कितने लीटर दूध् आ सकता है? 6ण् एक अध्र्गोलाकार टंकी 1बउ मोटी एक लोहे की चादर ;ेीममजद्ध से बनी है। यदि इसकी आंतरिक त्रिाज्या 1उ है, तो इस टंकी के बनाने में लगे लोहे का आयतन ज्ञात कीजिए। 7ण् उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रापफल 154 बउ2 है। 8ण् किसी भवन का गुंबद एक अध्र्गोले के आकार का है। अंदर से, इसमें सपेफदी कराने में ृ 498.96 व्यय हुए। यदि सपेफदी कराने की दर ृ 2 प्रति वगर् मीटर है, तो ज्ञात कीजिएः ;पद्ध गुंबद का आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल ;पपद्ध गुंबद के अंदर की हवा का आयतन 9ण् लोहे के सत्ताइस ठोस गोलों को पिघलाकर, जिनमें से प्रत्येक की त्रिाज्या त है और पृष्ठीय क्षेत्रापफल ै है, एक बड़ा गोला बनाया जाता है जिसका पृष्ठीय क्षेत्रापफल ै′ है। ज्ञात कीजिएः ;पद्ध नए गोले की त्रिाज्यात ′ ;पपद्ध ै औरै′ का अनुपात 10ण् दवाइर् का एक वैफपसूल;बंचेनसमद्ध 3.5 उउ व्यास का एक गोला ;गोलीद्ध है। इस वैफपसूल को भरने के लिए कितनी दवाइर् ;उउ3 मेंद्ध की आवश्यकता होगी? प्रश्नावली 13ण्9 ;ऐच्िछकद्ध’ 1ण् एक लकड़ी के बुकशैल्पफ ;इववा.ेीमस िद्ध की बाहरी विमाएँ निम्न हैंःऊँचाइर् त्र 110 बउ, गहराइर् त्र 25 बउ, चैड़ाइर् त्र 85 बउ ;देख्िाए आकृति 13.31द्ध। प्रत्येक स्थान पर तख्तों की मोटाइर् 5 बउ है। इसके बाहरी पफलकों पर पालिश कराइर् जाती है और आंतरिक पफलकों पर पेंट किया जाना है। यदि पालिश कराने की दर 20 पैसे प्रति बउ2 है और पेंट कराने की दर 10 पैसे प्रति बउ है, तो इस बुक - शैल्पफ पर पालिश और पेंट कराने का आकृति 13ण्31 वुफल व्यय ज्ञात कीजिए। 2ण् किसी घर के कंपाउंड की सामने की दीवार को 21 बउ व्यास वाले लकड़ी के गोलों को छोटे आधारों पर टिका कर सजाया जाता है, जैसा किआकृति 13.32 में दिखाया गया है। इस प्रकार के आठगोलों का प्रयोग इस कायर् के लिए किया जाना है आकृति 13ण्32 ’यह प्रश्नावली परीक्षा की दृष्िट से नहीं दी गइर् है। और इन गोलों को चाँदी वाले रंग में पेंट करवाना है। प्रत्येक आधर 1.5 बउ त्रिाज्या और ऊँचाइर् 7 बउ का एक बेलन है तथा इन्हें काले रंग से पेंट करवाना है। यदि चाँदी के रंग का पेंट करवाने की दर 25 पैसे प्रति बउ2 है तथा काले रंग के पंेट करवाने की दर 5 पैसे प्रति बउ2 हो, तो़ पेंट करवाने का वुफल व्यय ज्ञात कीजिए। 3ण् एक गोले के व्यास में 25ः की कमी हो जाती है। उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल कितने प्रतिशत कम हो गया है? 13ण्10 सारांश इस अध्याय में, आपने निम्नलिख्िात बिंदुओं का अध्ययन किया हैः 1ण् घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रापफलत्र 2 ;सइ ़ इी ़ ीसद्ध 2ण् घन का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 6ं2 3ण् बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफलत्र 2πती 4ण् बेलन का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफलत्र 2πत ;त ़ीद्ध 5ण् शंवुफ का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र πतस 6ण् शंवुफ का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफलत्र πतस ़ πत2ए अथार्त् πत ;स ़ तद्ध 7ण् गोले का पृष्ठीय क्षेत्रापफल त्र 4 π त2 8ण् अध्र्गोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रापफलत्र 2πत2 9ण् अध्र्गोले का वुफल पृष्ठीय क्षेत्रापफलत्र 3πत2 10ण् घनाभ का आयतनत्र स × इ × ी 11ण् घन का आयतन त्र ं3 12ण् बेलन का आयतनत्र πत2ी 113ण् शंवुफ का आयतनत्र 3 πत2ी 14ण् गोले का आयतनत्र 43  त3 15ण् अध्र्गोले का आयतनत्र 32  त3 ख्यहाँ अक्षरों सए इए ीए ंए तए इत्यादि का प्रयोग, अपने संदभर् के अनुसार, सामान्य अथो± में प्रयोग किया गया है।,

>Chap-13>

अध्याय 13

पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

13.1 भूमिका

हम जिस ओर भी देखें, प्रायः हमें ठोस (solid) ही दिखाई देते हैं। अभी तक हम उन्हीें आकृतियों का अध्ययन करते आ रहे हैं, जिन्हें हम अपनी अभ्यासपुस्तिका अथवा श्यामपट्ट (blackboard) पर खींच सकते हैं। ये समतल आकृतियाँ (plane figures) कहलाती हैं। हम समझ गए हैं कि आयत, वर्ग, वृत्त इत्यादि क्या हैं, उनके परिमाप और क्षेत्रफलों का क्या तात्पर्य है तथा हम इन्हें किस प्रकार ज्ञात कर सकते हैं। हम इनके बारे में पिछली कक्षाओं में पढ़ चुके हैं। यह देखना रोचक होगा कि यदि हम एक ही आकार और एक ही माप की अनेक समतल आकृतियों को गत्ते में से काट कर एक के ऊपर एक रख कर एक ऊर्ध्वाधर ढेरी बनाएँ, तो क्या होता है। इस प्रक्रिया से, हम कुछ ठोस आकृतियाँ (solid figures) प्राप्त करेंगे (जिन्हे प्रायः ठोस कहा जाता है), जैसे कि एक घनाभ (cuboid), एक बेलन (cylinder), इत्यादि। पिछली कक्षाओं में, हम घनाभ, घन और बेलनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों और आयतनों को ज्ञात करना भी सीख चुके हैं। अब हम घनाभों और बेलनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों और आयतनों के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे तथा इस अध्ययन को कुछ अन्य ठोसों, जैसे कि शंकु और गोले, के लिए विस्तृत करेंगे।

13.2 घनाभ और घन के पृष्ठीय क्षेत्रफल

क्या आपने कागज के अनेक पन्नों (शीटों) के एक बंडल को देखा है? यह कैसा दिखता है? क्या यह एेसा दिखाई देता है, जैसा कि आप आकृति 13.1 में देख रहे हैं?

आकृति 13.1

इससे घनाभ बनता है। यदि आप इस घनाभ को ढकना चाहते हैं, तो कितने रंगीन कागज की आवश्यकता पड़ेगी? आइए देखें!

हले हमें इस बंडल के तल (bottom) को ढकने केलिए एक आयताकार टुकड़े की आवश्यकता होगी। यह आकृति 13.2 (a) जैसा होगा।









आकृति 13.2
फिर हमें इधर-उधर के दो सिरों को ढकने के दो लंबे आयताकार टुकड़ों की आवश्यकता होगी। अब यह आकृति 13.2 (b) जैसा दिखाई देगा।

अब, सामने और पीछे के सिरों को ढकने के लिए, हमें एक भिन्न माप के दो और आयताकार टुकड़ों की आवश्यकता होगी। इनके साथ, हमें आकृति 13.2(c) जैसी आकृति प्राप्त होगी।

यह आकृति खोलने पर आकृति 13.2 (d) जैसी दिखाई देगी।

अंत में, बंडल के ऊपरी सिरे को ढकने के लिए, हमें एक अन्य आयताकार टुकड़े की आवश्यकता होगी, जो ठीक तल (आधार) के टुकड़े जैसा होगा, जिसे उपरोक्त आकृति में दाईं ओर लगाने पर, हमें आकृति 13.2(e) प्राप्त होगी।

इस प्रकार, घनाभ की ऊपरी पृष्ठ को पूर्णतयाः ढकने के लिए, हमने छः आयताकार टुकड़ों का प्रयोग किया है।

उपरोक्त चर्चा यह दर्शाती है कि एक घनाभ की बाहरी पृष्ठ छः आयतों (वास्तव में, आयताकार क्षेत्रों, जो घनाभ के फलक कहलाते हैं) से मिल कर बनी है, जिनमें से प्रत्येक का क्षेत्रफल उसकी लंबाई और चौड़ाई का गुणा करके प्राप्त किया जा सकता है और फिर सभी छः क्षेत्रफलों को जोड़ लिया जाता है।

अब, यदि हम घनाभ की लम्बाई l, चौड़ाई b और ऊँचाई h मान लें, तो इन विमाओं (dimensions) के साथ यह आकृति एेसे आकार की दिखाई देगी, जैसी कि आकृति 13.2(f) में दर्शाई गई है।

अतः सभी छः आयतों के क्षेत्रफलों का योग निम्न है:

आयत 1 का क्षेत्रफल (= l × h)

+

आयत 2 का क्षेत्रफल (= l × b)

+

आयत 3 का क्षेत्रफल (= l × h)

+

आयत 4 का क्षेत्रफल (= l × b)

+

आयत 5 का क्षेत्रफल (= b × h)

+

आयत 6 का क्षेत्रफल (= b × h)

= 2(l × b) + 2(b × h) + 2(l × h)

= 2(lb + bh + hl)

इससे हमें प्राप्त होता है :

घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)

जहाँ l, b और h क्रमशः घनाभ के तीन किनारे (कोर) हैं।

टिप्पणी : क्षेत्रफल के मात्रक (unit) को वर्ग इकाई (वर्ग मात्रक) लिया जाता है, क्योंकि हम एक क्षेत्र के परिमाण को मापने के लिए उसे मात्रक (या इकाई) लम्बाई की भुजा वाले वर्गाें से भरते हैं।

उदाहरण के तौर पर, यदि हमारे पास एक घनाभ जिसकी लंबाई, चौड़ाई तथा ऊँचाई क्रमशः 15 cm, 10 cm तथा 20 cm हों, तो इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल होगाः

2[(15 × 10) + (10 × 20) + (20 × 15)] cm2

= 2(150 + 200 + 300) cm2

= 2 × 650 cm2

= 1300 cm2

याद कीजिए कि घनाभ जिसकी लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई बराबर हों एक घन (cube) कहलाता है। यदि घन का प्रत्येक किनारा या कोर (edge) या भुजा (side) a हो, तो उसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 2(a × a + a × a + a × a) अर्थात् 2 (a2 + a2 + a2), अर्थात् 6a2 होगा (देखिए आकृति 13.3), जिससे हमें प्राप्त होता है :

घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a2

जहाँ a घन का किनारा है।

आकृति 13.3

मान लीजिए हम घनाभ के छः फलकों (faces) में से केवल चार फलकों के क्षेत्रफल, निचले और ऊपरी फलकों को छोड़कर, ज्ञात करें। एेसी स्थिति में, इन चारों फलकों का क्षेत्रफल घनाभ का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (lateral surface area) कहलाता है। अतः, एक घनाभ जिसकी लम्बाई l, चौड़ाई b और ऊँचाई h हो, तो उसका पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल 2lh + 2bh, अर्थात् 2(l + b)h होता है। इसी प्रकार, किनारे a वाले एक घन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल 4a2 होता है। उपरोक्त को दृष्टिगत रखते हुए, घनाभ (या घन) के पृष्ठीय क्षेत्रफल को कभी-कभी सम्पूर्ण या कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (total surface area) भी कहा जाता है। आइए कुछ उदाहरण हल करें।

उदाहरण 1 : मैरी अपने क्रिसमस वृक्ष को सजाना चाहती है। वह इस वृक्ष को लकड़ी के एक घनाभाकार बॉक्स (box) पर रखना चाहती है, जिसे सान्ता क्लॉज के चित्र के साथ एक रंगीन कागज़ से ढका जाना है(देखिए आकृति 13.4)। उसका यह जानना आवश्यक है कि उसे कितना कागज़ खरीदना चाहिए। यदि उपरोक्त बॉक्स की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्रमशः 80 cm, 40 cm और 20 cm हैं, तो उसे 40 cm भुजा वाली कागज की कितनी वर्गाकार शीटों की आवश्यकता होगी?


आकृति 13.4

हलः चूँकि मैरी बॉक्स के ऊपरी पृष्ठ को कागज से ढकना चाहती है, इसलिए इस कार्य के लिए आवश्यक कागज़ इस बॉक्स के पृष्ठीय क्षेत्रफल के बराबर होगा, जो एक घनाभ के आकार का है।

बॉक्स की लंबाई 80 cm, चौड़ाई 40 cm और ऊँचाई 20 cm है।

अतः, बॉक्स का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)

= 2[(80 × 40) + (40 × 20) + (20 × 80)] cm2

= 2[3200 + 800 + 1600] cm2

= 2 × 5600 cm2 = 11200 cm2

अब, प्रत्येक शीट का क्षेत्रफल = 40 × 40 cm2 = 1600 cm2

g30

= = 7

इसलिए मैरी को कागज़ की 7 शीटों की आवश्यकता है।

उदाहरण 2 : हमीद ने अपने घर के लिए, ढक्कन वाली एक घनाकार (cubical) पानी की टंकी बनवाई है, जिसका प्रत्येक बाहरी किनारा 1.5m लम्बा है। वह इस टंकी के बाहरीपृष्ठ पर, तली को छोड़ते हुए, 25 cm भुजा वाली वर्गाकार टाइलें(tiles) लगवाता है (देखिए आकृति 13.5)। यदि टाइलों की लागत 360 प्रति दर्जन है, तो उसे टाइल लगवाने में कितना व्यय करना पड़ेगा?

हल: हमीद पाँच बाहरी फलकों पर टाइलें लगवाता है। टाइलों की संख्या ज्ञात करने के लिए, इन पाँचों फलकों का क्षेत्रफल ज्ञात करना आवश्यक है।

अब, घनाकार टंकी का एक किनारा = 1.5 m = 150 cm

अतः, टंकी का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 5 × 150 × 150 cm2



आकृति 13.5

एक टाइल का क्षेत्रफल = भुजा × भुजा = 25 × 25 cm2

g31

= = 180

अब 1 दर्जन, अर्थात् 12 टाइलों की लागत = 360

इसलिए, 1 टाइल की लागत = = 30

अतः, 180 टाइलों की लागत = 180 × 30 = 5400

प्रश्नावली 13.1

1. 1.5 m लंबा, 1.25 m चौड़ा और 65 cm गहरा प्लास्टिक का एक डिब्बा बनाया जाना है। इसे ऊपर से खुला रखना है। प्लास्टिक शीट की मोटाई को नगण्य मानते हुए, निर्धारित कीजिएः

(i) डिब्बा बनाने के लिए आवश्यक प्लास्टिक शीट का क्षेत्रफल।

(ii) इस शीट का मूल्य, यदि 1m2 शीट का मूल्य 20 है।

2. एक कमरे की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्रमशः 5 m, 4 m और 3 m हैं। 7.50 प्रति m2 की दर से इस कमरे की दीवारों और छत पर सफेदी कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

3. किसी आयताकार हॉल के फर्श का परिमाप 250 m है। यदि 10 प्रति m2 की दर से चारों दीवारों पर पेंट कराने की लागत 15000 है, तो इस हॉल की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

[संकेत : चारों डिब्बों का क्षेत्रफल = पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल]

4. किसी डिब्बे में भरा हुआ पेंट 9.375 m2 के क्षेत्रफल पर पेंट करने के लिए पर्याप्त है। इस डिब्बे के पेंट से 22.5 cm × 10 cm × 7.5 cm विमाओं वाली कितनी ईंट पेंट की जा
सकती हैं?

5. एक घनाकार डिब्बे का एक किनारा 10 cm लंबाई का है तथा एक अन्य घनाभाकार डिब्बे की लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्रमशः 12.5 cm, 10 cm और 8 cm हैं।

(i) किस डिब्बे का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल अधिक है और कितना अधिक है?

(ii) किस डिब्बे का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल कम है और कितना कम है?

6. एक छोटा पौधा घर (green house) सम्पूर्ण रूप से शीशे की पट्टियों से (आधार भी सम्मिलित है) घर के अंदर ही बनाया गया है और शीशे की पट्टियों को टेप द्वारा चिपका कर रोका गया है। यह पौधा घर 30 cm लंबा, 25 cm चौड़ा और 25 cm ऊँचा है।

(i) इसमें प्रयुक्त शीशे की पट्टियों का क्षेत्रफल क्या है?

(ii) सभी 12 किनारों के लिए कितने टेप की आवश्यकता है?

7. शांति स्वीट स्टाल अपनी मिठाइयों को पैक करने के लिए गत्ते के डिब्बे बनाने का अॉर्डर दे रहा था। दो मापों के डिब्बों की आवश्यकता थी। बड़े डिब्बों की माप 25 cm × 20 cm × 5 cm और छोटे डिब्बों की माप 15 cm × 12 cm × 5 cm थीं। सभी प्रकार की अतिव्यापिकता (overlaps) के लिए कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल के 5% के बराबर अतिरिक्त गत्ता लगेगा। यदि गत्ते की लागत 4 प्रति 1000 cm2 है, तो प्रत्येक प्रकार के 250 डिब्बे बनवाने की कितनी लागत आएगी?

8. परवीन अपनी कार खड़ी करने के लिए, एक संदूक के प्रकार के ढाँचे जैसा एक अस्थाई स्थान तिरपाल की सहायता से बनाना चाहती है, जो कार को चारों ओर से और ऊपर से ढक ले (सामने वाला फलक लटका हुआ होगा जिसे घुमाकर ऊपर किया जा सकता है)। यह मानते हुए कि सिलाई के समय लगा तिरपाल का अतिरिक्त कपड़ा नगण्य होगा, आधार विमाओं 4 मीटर × 3 मीटर और ऊँचाई 2.5 मीटर वाले इस ढाँचे को बनाने के लिए कितने तिरपाल की आवश्यकता होगी?

13.3 एक लंब वृत्तीय बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल

यदि हम कागज की अनेक वृत्ताकार शीट लें और उन्हें उसी प्रकार एक के ऊपर एक रखकर एक उर्ध्वाधर ढेरी बनाएँ जैसी पहले आयताकार कागज की शीटों से बनाई थी, तो हमें क्या प्राप्त होगा (देखिए आकृति 13.6)?

आकृति 13.6

यदि हम इस ढेरी को सीधा ऊर्ध्वाधर रखते हैं, तो जो हमें प्राप्त होगा वह एक लम्ब वृत्तीय बेलन (right circular cylinder) कहलाता है। इसका कारण यह है कि इसका आधार वृत्ताकार है और ढेरी को आधार से लाम्बिक रूप (समकोण बनाते हुए) से रखा गया है। आइए देखें कि किस प्रकार का बेलन लम्ब वृत्तीय बेलन नहीं होता है।

आकृति 13.7 (a) में, आप एक बेलन को देख रहे हैं, जो निश्चित रूप से वृत्ताकार है, परंतु आधार से समकोण पर नहीं है। इसलिए, हम इसे लम्ब वृत्तीय बेलन नहीं कह सकते।

आकृति 13.7

निःसंदेह, यदि बेलन का आधार वृत्तीय न हो, जैसा कि आप आकृति 13.7 (b) में देख रहे हैं, तो भी हम इसे लंब वृत्तीय बेलन नहीं कह सकते हैं।

टिप्पणी : यहाँ हम केवल लंब वृत्तीय बेलनों का ही अध्ययन करेंगे। अतः, जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘बेलन’ से हमारा तात्पर्य लंब वृत्तीय बेलन से होगा।

अब, यदि किसी बेलन को एक रंगीन कागज से ढकना हो, तो हम कागज की न्यूनतम मात्रा से इसे कैसे करेंगे? पहले कागज की एक आयताकार शीट एेसी लीजिए जिसकी लंबाई एेसी हो कि कागज बेलन के चारों ओर बस एक बार घूम जाए और उसकी चौड़ाई बेलन की ऊँचाई के बराबर हो, जैसा कि आकृति 13.8 में दर्शाया गया है।

आकृति 13.8

इस शीट का क्षेत्रफल हमें बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल देगा। ध्यान दीजिए कि शीट की लंबाई वृत्तीय आधार की परिधि के बराबर है, जो 2πr है।

अतः, बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = आयताकार शीट का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई

= बेलन के आधार का परिमाप × ऊँचाई

     = 2πr × h

इसलिए,

बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh

जहाँ r बेलन के आधार की त्रिज्या है और h उसकी ऊँचाई है।

टिप्पणी : बेलन की स्थिति में, जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘बेलन की त्रिज्या’ से हमारा तात्पर्य उसके आधार की त्रिज्या से होगा।


आकृति 13.9

यदि बेलन के ऊपरी और निचले सिरों को भी ढकना हो, तो हमें दो वृत्तों (वास्तव में वृत्ताकार क्षेत्रों) की और आवश्यकता पड़ेगी, जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या r होगी और क्षेत्रफल πr2 होगा
(देखिए आकृति 13.9)। तब इससे हमें बेलन का संपूर्ण
या कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 2πrh + 2πr2 = 2πr(r + h) प्राप्त होगा।

इसलिए,

बेलन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr(r + h)

जहाँ r और h बेलन की क्रमशः त्रिज्या और ऊँचाई हैं।

टिप्पणी : आपको अध्याय 1 से यह याद होगा कि π एक अपरिमेय संख्या है। इसलिए, π का एक असांत और अनावर्ती दशमलव निरूपण होता है। परन्तु जब हम इसका मान अपने परिकलनों में प्रयोग करते हैं, तो प्रायः हम यह मान लगभग या 3.14 के बराबर लेते हैं।

उदाहरण 3 : सावित्री को अपने विज्ञान के प्रोजेक्ट के लिए एक बेलनाकार केलिडोस्कोप (kaleidoscope) का मॉडल बनाना था। वह इस केलिडोस्कोप की वक्र पृष्ठ बनाने के लिए चार्ट कागज़ (chart paper) का प्रयोग करना चाहती थी (देखिए आकृति 13.10)। यदि वह 25 cm लम्बाई और 3.5 cm त्रिज्या का केलिडोस्कोप बनाना चाहती है, तो उसे चार्ट कागज के कितने क्षेत्रफल की आवश्यकता होगी? g32

आकृति 13.10

हल : बेलनाकार केलिडोस्कोप की त्रिज्या (r) = 3.5 cm

केलिडोस्कोप की ऊँचाई (लंबाई) (h) = 25 cm

अतः, आवश्यक चार्ट कागज़ का क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

= 2πrh

=

= 550 cm2

प्रश्नावली 13.2

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = लीजिए।

1. ऊँचाई 14 cm वाले एक लम्ब वृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 88 cm2 है। बेलन के आधार का व्यास ज्ञात कीजिए।

2. धातु की एक चादर से 1 m ऊँची और 140 cm व्यास के आधार वाली एक बंद बेलनाकार टंकी बनाई जानी है। इस कार्य के लिए कितने वर्ग मीटर चादर की आवश्यकता होगी?

3. धातु का एक पाइप 77 cm लम्बा है। इसके एक अनुप्रस्थकाट का आंतरिक व्यास 4 cm है और बाहरी व्यास 4.4 cm है (देखिए आकृति 13.11)


आकृति 13.11

ज्ञात कीजिए :

(i) आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

(ii) बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

(iii) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

4. एक रोलर (roller) का व्यास 84 cm है और लंबाई 120 cm है। एक खेल के मैदान को एक बार समतल करने के लिए 500 चक्कर लगाने पड़ते हैं। खेल के मैदान का m2 में क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

5. किसी बेलनाकार स्तंभ का व्यास 50 cm है और ऊँचाई 3.5 m है। 12.50 प्रति m2 की दर से इस स्तंभ के वक्र पृष्ठ पर पेंट कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

6. एक लंब वृत्तीय बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 4.4 m2 है। यदि बेलन के आधार की त्रिज्या 0.7 m है, तो उसकी ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

7. किसी वृत्ताकार कुएँ का आंतरिक व्यास 3.5 m है और यह 10 m गहरा है। ज्ञात कीजिएः

(i) आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।

(ii) 40 प्रति m2 की दर से इसके वक्र पृष्ठ पर प्लास्टर कराने का व्यय।

8. गरम पानी द्वारा गरम रखने वाले एक संयत्र में 28 m लंबाई और 5 cm व्यास वाला एक बेलनाकार पाइप है। इस संयत्र में गर्मी देने वाला कुल कितना पृष्ठ है?

9. ज्ञात कीजिए :

(i) एक बेलनाकार पेट्रोल की बंद टंकी का पार्श्व या वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल, जिसका व्यास 4.2 m है और ऊँचाई 4.5 m है।

(ii) इस टंकी को बनाने में कुल कितना इस्पात (steel) लगा होगा, यदि कुल इस्पात का भाग बनाने में नष्ट हो गया है?

10. आकृति 13.12 में, आप एक लैंपशेड का फ्रेम देख रहे हैं। इसे एक सजावटी कपड़े से ढका जाना है। इस फ्रेम के आधार का व्यास 20 cm है और ऊँचाई 30 cm है। फ्रेम के ऊपर और नीचे मोड़ने के लिए दोनों ओर 2.5 cm अतिरिक्त कपड़ा भी छोड़ा जाना है। ज्ञात कीजिए कि लैंपशेड को ढकने के लिए कुल कितने कपड़े की आवश्यकता होगी।


आकृति 13.12

11. किसी विद्यालय के विद्यार्थियों से एक आधार वाले बेलनाकार कलमदानों को गत्ते से बनाने और सजाने की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कहा गया। प्रत्येक कलमदान को 3 cm त्रिज्या और 10.5 cm ऊँचाई का होना था। विद्यालय को इसके लिए प्रतिभागियों को गत्ता देना था। यदि इसमें 35 प्रतिभागी थे, तो विद्यालय को कितना गत्ता खरीदना पड़ा होगा?

13.4 एक लंब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल

अभी तक हम सर्वांगसम आकृतियों को एक के ऊपर एक रख कर ठोस जनित कर रहे थे। संयोग से इन आकृतियों को प्रिज्म (prism) कहते हैं। अब एक अन्य प्रकार के ठोसों को देखें जो प्रिज्म नहीं हैं।(इस प्रकार के ठोस पिरामिड (pyramids) कहलाते हैं।) आइए देखें कि इनको किस प्रकार जनित किया(बनाया)जाता है।

क्रियाकलाप : एक समकोण त्रिभुज ABC जिसका कोण B समकोण हो, काट लीजिए। दोनों लंब भुजाओं में से किसी एक, मान लीजिए AB, के अनुदिश एक लंबी और मोटी डोरी चिपका दीजिए [देखिए आकृति 13.13(a)]। डोरी को दोनों हाथों से त्रिभुज के दोनों ओर से पकड़े हुए, त्रिभुज को डोरी के अनुदिश कई बार घुमाइए। आप क्या देखते हैं? जब त्रिभुज डोरी के अनुदिश घूम रहा है, तो जो वह आकृति बना रहा है, क्या आप उसे पहचानते हैं [देखिए आकृति 13.13(b)]? क्या आपको इस बात की याद दिलाती है कि इसी आकार के एक छोटे बर्तन (पात्र) में भरी आपने कभी आइसक्रीम खाई थी [देखिए आकृति 13.13 (c) और (d)]?


आकृति 13.13

यह आकृति एक लंब वृत्तीय शंकु (right circular cone) कहलाती है। आकृति 13.13(c) में बिन्दु A इस लम्ब वृत्तीय शंकु का शीर्ष (vertex) कहलाता है, AB इसकी ऊँचाई कहलाती है और BC आधार की त्रिज्या कहलाती है। AC इस शंकु की तिर्यक ऊँचाई (slant height) कहलाती है। यहाँ B वृत्तीय आधार का केंद्र (centre) है। शंकु की ऊँचाई, त्रिज्या और तिर्यक ऊँचाई को प्रायः क्रमशः h, r और l से व्यक्त किया जाता है। एक बार पुनः देखें कि किस प्रकार के शंकु को हम लंब वृत्तीय शंकु नहीं कह सकते हैं। आप आकृति 13.14 को देखिए। इनमें जो आप शंकु देख रहे हैं वे लंब वृत्तीय शंकु नहीं हैं। (a) में, शीर्ष को आधार के केंद्र से मिलाने वाली रेखा आधार पर लंब नहीं है और (b) में, आधार वृत्तीय नहीं है।

आकृति 13.14

जैसा कि बेलन की स्थिति में था, जब तक अन्यथा न कहा जाए, ‘शंकु’ से हमारा तात्पर्य लंब वृत्तीय ‘शंकु’ से ही होगा।

क्रियाकलाप : (i) एक साफ बने हुए कागज़ के शंकु को उसके शीर्ष से जाने वाली किसी भुजा या किनारे के अनुदिश काटिए जिसमें कोई अतिव्यापिकता न हो तथा खोल कर देखिए कि किस आकार के कागज़ से शंकु का पृष्ठ बना था। (जिस भुजा या किनारे के अनुदिश आप शंकु को काटेंगे वह उसकी तिर्यक ऊँचाई होगी जिसे l से व्यक्त किया जाता है।) खोला हुआ कागज़ आपको एक गोल केक के भाग की तरह दिखाई देगा।

(ii) यदि आप उन भुजाओं, जिनके सिरों पर A और B अंकित है, को मोड़ कर मिला लें, तो आप देखेंगे कि आकृति 13.15 (c) का वक्रित भाग शंकु का वृत्तीय आधार बनाता है।


आकृति 13.15

(iii) यदि आकृति 13.15 (c) में दिए कागज़ को O से जाती हुई रेखाओं द्वारा सैकड़ों छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर लिया जाए, तो ये कटे हुए भाग लगभग त्रिभुज के आकारों के हैं और इनमें से प्रत्येक की ऊँचाई शंकु की तिर्यक ऊँचाई l के बराबर है।

(iv) अब प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल = × प्रत्येक त्रिभुज का आधार × l

अतः, पूरे कागज़ का क्षेत्रफल

= सभी त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का योग

= =

= × l × [आकृति 13.15(c) की पूरी वक्रित परिसीमा की लंबाई]

(चूँकि b1 + b2 + b3 + . . . मिलकर इस आकृति के वक्रित भाग को बनाते हैं)

परन्तु इस वक्रित भाग से शंकु का आधार बनता है।

साथ ही, इस आधार की परिधि = 2πr, जहाँ r आधार की त्रिज्या है।

इसलिए, 

शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = × l × 2πr = πrl

जहाँ r आधार की त्रिज्या है और l तिर्यक ऊँचाई हैं।

ध्यान दीजिए कि l2 = r2 + h2 होता है, जिसे हम आकृति 13.16 से देख सकते हैं (पाइथागोरस प्रमेय से)। यहाँ h शंकु की ऊँचाई है।


आकृति 13.16

अतः, l = होगा।

अब यदि शंकु के आधार को बंद रखा जाता है, तो ढकने के लिए r त्रिज्या वाले एक वृत्ताकार कागज के टुकड़े की आवश्यकता और होगी। इसका क्षेत्रफल स्पष्टतः πr2 है।

इसलिए, 

शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl + πr2 = πr(l + r)

उदाहरण 4 :एक लंब वृत्तीय शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसकी तिर्यक ऊँचाई 10 cm है और आधार की त्रिज्या 7 cm है।

हल : वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl

= × 7 × 10 cm2

= 220 cm2

उदाहरण 5 : एक शंकु की ऊँचाई 16 cm है और आधार की त्रिज्या 12 cm है। इस शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 का प्रयोग कीजिए)

हल : यहाँ, h = 16 cm और r = 12cm है।

इसलिए, l2 = h2 + r2 से हमें प्राप्त होता है :

l = cm = 20 cm

अतः, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl

= 3.14 × 12 × 20 cm2

= 753.6 cm2

साथ ही, कुल पृष्ठीय क्षेत्रफ = πrl + πr2

= (753.6 + 3.14 × 12 × 12) cm2

= (753.6 + 452.16) cm2

= 1205.76 cm2

उदाहरण 6 : एक भुट्टा कुछ-कुछ शंकु जैसे आकार का है (देखिए आकृति 13.17) जिसके सबसे चौड़े सिरे की त्रिज्या
2.
1cm है और इसकी लम्बाई (ऊँचाई) 20 cm है। यदि भुट्टे के प्रत्येक 1cm2 पृष्ठ पर औसतन चार दानें हों, तो ज्ञात कीजिए कि पूरे भुट्टे पर कुल कितने दानें होंगे?.


आकृति 13.17

हल : चूँकि भुट्टे के दानें उसके वक्र पृष्ठ पर ही होते हैं, इसलिए हमें दानों की संख्या ज्ञात करने के लिए भुट्टे के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को ज्ञात करना होगा। यहाँ हमें शंकु की ऊँचाई दी है। इसलिए, हमें पहले शंकु की तिर्यक ऊँचाई ज्ञात करनी पड़ेगी।

अब, l = = cm

= cm = 20.11 cm

अतः, भुट्टे का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl

= × 2.1 × 20.11 cm2 = 132.726 cm2 = 132.73 cm2 (लगभग)

अतः 1cm2 क्षेत्रफल पर दानों की संख्या = 4

इसलिए, पूरे भुट्टे पर कुल दानों की संख्या = 132.73 × 4 = 530.92 = 531 (लगभग)

अतः, इस भुट्टे पर लगभग 531 दानें होंगे।

प्रश्नावली 13.3

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = लीजिए।

1. क शंकु के आधार का व्यास 10.5 cm है और इसकी तिर्यक ऊँचाई 10 cm है। इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

2. क शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसकी तिर्यक ऊँचाई 21 m है और
आधार का व्यास 24
m है।

3. एक शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 308 cm2 है और इसकी तिर्यक ऊँचाई 14 cm है। ज्ञात कीजिए :

(i) आधार की त्रिज्या (ii) शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

4. शंकु के आकार का एक तंबू 10 m ऊँचा है और उसके आधार की त्रिज्या 24 m है। ज्ञात कीजिए :

(i) तंबू की तिर्यक ऊँचाई

(ii) तंबू में लगे केनवास (canvas) की लागत, यदि 1 m2 केनवास की लागत 70 रुपए है।

5. 8 m ऊँचाई और आधार की त्रिज्या 6 m वाले एक शंकु के आकार का तंबू बनाने में
3
m चौड़े तिरपाल की कितनी लंबाई लगेगी? यह मान कर चलिए कि इसकी सिलाई और कटाई में 20 cm तिरपाल अतिरिक्त लगेगा। (π = 3.14 का प्रयोग कीजिए।)

6. शंकु के आधार की एक गुंबज की तिर्यक ऊँचाई और आधार व्यास क्रमशः 25 m और 14m हैं। इसकी वक्र पृष्ठ पर ` 210 प्रति 100 m2 की दर से सफेदी कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

7. एक जोकर की टोपी एक शंकु के आकार की है, जिसके आधार की त्रिज्या 7 cm और ऊँचाई 24 cm है। इसी प्रकार की 10 टोपियाँ बनाने के लिए आवश्यक गत्ते का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

8. किसी बस स्टाप को पुराने गत्ते से बने 50 खोखले शंकुओं द्वारा सड़क से अलग किया हुआ है। प्रत्येक शंकु के आधार का व्यास 40 cm है और ऊँचाई 1 m है। यदि इन शंकुओं की बाहरी पृष्ठों को पेंट करवाना है और पेंट की दर 12 प्रति m2 है, तो इनको पेंट कराने में कितनी लागत आएगी? (π = 3.14 और = 1.02 का प्रयोग कीजिए।)

13.5 गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल

एक गोला (sphere) क्या होता है? क्या यह एक वृत्त की तरह ही है? क्या आप एक कागज पर वृत्त खींच सकते हैं? हाँ, आप खींच सकते हैं, क्योंकि यह एक बंद समतल आकृति है जिसका प्रत्येक बिंदु एक निश्चित बिंदु (जिसे वृत्त का केंद्र कहते हैं) से एक निश्चित दूरी पर रहता है(जिसे वृत्त की त्रिज्या कहते हैं)। अब यदि आप एक वृत्ताकार चकती(disc) के एक व्यास के अनुदिश एक डोरी चिपका दें और इसे वैसे ही घुमाएँ जैसे आपने पिछले अनुच्छेद में त्रिभुज को घुमाया था, तो आप एक नया ठोस देखेंगे (देखिए आकृति 13.18)। यह किस वस्तु से मिलता-जुलता लगता है? एक गेंद? हाँ, एेसा ही है।यह एक गोला (sphere) कहलाता है।

आकृति 13.18

क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि उस वृत्त के केंद्र का क्या होता है जिसे आपने घुमाया है। निःसंदेह, यह गोले का केंद्र भी हो जाता है। इस प्रकार, गोला एक त्रिविमीय आकृति (three dimensional figure) (ठोस आकृति) है, जो आकाश (स्पेस) (space) में स्थित उन सभी बिंदुओं से मिल कर बनी है जो एक निश्चित बिंदु से (जो गोले का केन्द्र कहलाता है) से एक अचर या निश्चित दूरी पर होते हैं (जो गोले की त्रिज्या कहलाती है)।

टिप्पणी: गोला एक गेंद की पृष्ठ की तरह होता है। ठोस गोला उस ठोस के लिए प्रयोग होता है जिसका पृष्ठ एक गोला हो।

क्रियाकलाप : क्या आप कभी लट्टू के साथ खेले हैं या कभी आपने किसी व्यक्ति को लट्टू के साथ खेलते देखा है? आप यह जानते होंगे कि उस पर डोरी किस प्रकार लपेटी जाती है। अब आइए एक रबर की गेंद लें और उसके ऊपर एक कील लगा दें। कील की सहायता लेते हुए, गेंद पर डोरी लपेटना प्रारम्भ कर दीजिए। जब आप एेसा कर रहे हों, तो डोरी को थामे रखने के लिए, बीच-बीच में पिन लगाते रहिए और डोरी लपेटना तब तक जारी रखिए जब तक कि पूरी गेंद पर डोरी न लिपट जाए [देखिए आकृति 13.19(a)]। डोरी पर प्रारम्भिक और अंतिम बिंदु अंकित कर लीजिए और धीरे-धीरे गेंद से डोरी को हटा लीजिए। अब अपने शिक्षक से गेंद का व्यास मापने के लिए सहायता देने के लिए कहिए। इससे आपको गेंद की त्रिज्या ज्ञात हो जाएगी। इसके बाद, कागज पर गेंद की त्रिज्या के बराबर चार वृत्त खींच लीजिए। अब जो डोरी आपने गेंद पर लपेटी थी उसी को एक-एक करके इन वृत्तों पर रखकर वृत्तों को भरिए [देखिए आकृति 13.19(b)]

आकृति 13.19

इन सबसे आपको क्या प्राप्त होता है?

वह डोरी जिसने एक गोले के पृष्ठ को पूरा-पूरा ढक दिया था अब उसी गोले की त्रिज्या वाले चार वृत्तों के क्षेत्रों को भर रही है। इसका क्या अर्थ हुआ? इससे यह सुझाव मिलता है कि त्रिज्या r वाले एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल

= त्रिज्या r वाले चार वृत्तों का क्षेत्रफल = 4 × (π r2)

इसलिए, 

गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4 π r2

जहाँ r गोले की त्रिज्या है।

गोले के पृष्ठ पर आप कितने फलक देखते हैं? केवल एक। यह वक्रीय है।

आइए एक ठोस गोला लें और इसे बीच से इसके केंद्र से जाते हुए एक तल द्वारा दो भागों में काट लें। गोले का क्या होता है?

यह दो बराबर भागों में विभाजित हो गया है (देखिए आकृति 13.20) प्रत्येक आधा भाग क्या कहलाता है यह एक अर्धगोला (hemisphere) कहलाता है (क्योंकि hemi का अर्थ आधा है।)


आकृति 13.20

अर्धगोले के पृष्ठ के बारे में आप क्या कह सकते हैं? इसके कितने फलक हैं?

दो!, इनमें एक वक्रीय है और एक समतल फलक है (आधार)।

अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल गोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल का आधा, अर्थात् × 4πr2 है।

अतः, 

अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr2

जहाँ r उस गोले की त्रिज्या है जिसका अर्धगोला एक भाग है।

अब दोनों फलकों को लेने पर, इसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr2 + πr2 है।

अतः, 

अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 3πr2

उदाहरण 7 : 7cm त्रिज्या वाले एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल : 7cm त्रिज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल

= 4πr2 = 4 × × 7 × 7 cm2 = 616 cm2

उदाहरण 8 : त्रिज्या 21cm वाले एक अर्धगोले के लिए, ज्ञात कीजिएः

(i) वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (ii) कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

हल : (i) त्रिज्या 21cm वाले अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

= 2πr2 = 2 × × 21 × 21 cm2 = 2772 cm2

(ii) र्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

= 3πr2 = 3 × × 21 × 21 cm2 = 4158 cm2

उदाहरण 9 : सर्कस का एक मोटरसाइकिल सवार जिस खोखले गोले के अंदर अपने करतब (खेल)दिखाता है उसका व्यास 7m है। मोटरसाइकिल सवार के पास ये करतब दिखाने के लिए कितना क्षेत्रफल उपलब्ध है?

हल: गोले का व्यास = 7 m है। इसलिए त्रिज्या 3.5m हुई। अब, करतब दिखाने के लिए, मोटरसाइकिल सवार को उपलब्ध स्थान इस गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल है।

गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4πr2 = 4 × × 3.5 × 3.5 m2 = 154 m2

उदाहरण 10 : किसी भवन का ऊपरी भाग अर्धगोलाकार है और इस पर पेंट किया जाना है (देखिए आकृति 13.21)। यदि इस अर्धगोले के आधार की परिधि 17.6 m है, तो 5 प्रति 100 cm2 की दर से इसे पेंट कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।


आकृति 13.21

हल : चूँकि केवल गोलाकार पृष्ठ पर ही पेंट होगा, इसलिए हमें अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को ज्ञात करने की आवश्यकता है।

अब, आधार की परिधि = 17.6 m है।

इसलिए, 2πr = 17.6

अर्थात्, r = m = 2.8 m

इसलिए, भवन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr2

= 2 × × 2.8 × 2.8 m2

= 49.28 m2

अब, 100cm2 पेंटिंग की लागत = 5

इसलिए, 1m2 पेंटिंग की लागत = 500

अतः, 49.28m2 पेंटिंग की लागत = 500 × 49.28 = 24640

प्रश्नावली 13.4

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = लीजिए।

1. निम्न त्रिज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए :

(i) 10.5 cm (ii) 5.6 cm (iii) 14 cm

2. निम्न व्यास वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए :

(i) 14 cm (ii) 21 cm (iii) 3.5 m

3. 10 cm त्रिज्या वाले एक अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 लीजिए।)

4. एक गोलाकार गुब्बारे में हवा भरने पर, उसकी त्रिज्या 7 cm से 14 cm हो जाती है। इन दोनों स्थितियों में, गुब्बारे के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

5. पीतल से बने एक अर्धगोलाकार कटोरे का आंतरिक व्यास 10.5 cm है। 16 प्रति 100 cm2 की दर से इसके आंतरिक पृष्ठ पर कलई कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

6. उस गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154 cm2 है।

7. चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक-चौथाई है। इन दोनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

8. एक अर्धगोलाकार कटोरा 0.25 cm मोटी स्टील से बना है। इस कटोरे की आंतरिक त्रिज्या
5cm है। कटोरे का बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

9. क लंब वृत्तीय बेलन त्रिज्या r वाले एक गोले को पूर्णतया घेरे हुए है(देखिए आकृति 13.22) ज्ञात कीजिएः


आकृति 13.22

(i) गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल

(ii) बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

(iii) ऊपर (i) और (ii) में प्राप्त क्षेत्रफलों का अनुपात

13.6 घनाभ का आयतन

आप पिछली कक्षाओं में, कुछ आकृतियों (वस्तुओं) के आयतनों (volumes) के बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। आपको याद होगा कि ठोस वस्तुएँ स्थान घेरती हैं। इस घेरे गए स्थान के माप को उस वस्तु का आयतन कहते हैं।

टिप्पणी : यदि कोई वस्तु ठोस है, तो उस वस्तु द्वारा घेरे गए स्थान को मापा जा सकता है और उस माप को वस्तु का आयतन कहा जाता है। दूसरी ओर, यदि वस्तु खोखली है, तो उसका अभ्यंतर (interior) रिक्त होता है, जिसे हवा या द्रव से भरा जा सकता है। यह द्रव उस वस्तु (बर्तन) के आकार का हो जाता है। इस स्थिति में, बर्तन के अभ्यंतर में (अंदर) जितनी वस्तु (या द्रव) भरा जाता है वह उसकी धारिता (capacity) कहलाती है। दूसरे शब्दों में, किसी वस्तु का आयतन उस वस्तु द्वारा घेरे गए स्थान की माप है और किसी वस्तु की धारिता उस वस्तु के अभ्यंतर में भरे जा सकने वाले द्रव (या अन्य वस्तु) का आयतन है। इसलिए इन दोनों के ही मात्रक घन मात्रक (cubic units) हैं।

इसलिए यदि हम घनाभ के आयतन की बात करेंगे, तो उसका अर्थ उस घनाभ द्वारा घेरे गए स्थान के माप से होगा।

साथ ही, क्षेत्रफल अथवा आयतन को एक क्षेत्र (region) के परिमाण के रूप में मापा जाता है। इसलिए, यदि सही तौर पर कहा जाए, तो हम वृत्तीय क्षेत्र का क्षेत्रफल या एक घनाभाकार क्षेत्र का आयतन या एक गोलाकार क्षेत्र का आयतन, इत्यादि ही ज्ञात कर रहे होते हैं। परन्तु सरलता के लिए, प्रायः हम यह कहा करते हैं कि वृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए या एक घनाभ का आयतन ज्ञात कीजिए या एक गोले का आयतन कीजिए, इत्यादि। ये केवल इन क्षेत्रों की परिसीमाएँ ही हैं।

आकृति 13.23

आकृति 13.23 को देखिए। मान लीजिए, हम कहते हैं कि प्रत्येक आयत का क्षेत्रफल A है, जिस ऊँचाई तक आयतों का ढेर लगाया गया है वह h है और घनाभ का आयतन V है। क्या आप बता सकते हैं कि V, A और h के बीच में क्या संबंध होगा?

प्रत्येक आयत द्वारा घेरे गए क्षेत्र का क्षेत्रफल × ऊँचाई

= उस घनाभ द्वारा घेरे गए क्षेत्र का आयतन(माप)

इसलिए, हमें A × h = V प्राप्त होता है।

अतः, 

घनाभ का आयतन = आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई = लम्बाई × चौड़ाई × ऊँचाई

l × b × h


जहाँ l, b और h क्रमशः घनाभ की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई हैं।

टिप्पणी : जब हम त्रिविमीय आकाश (space) में घेरे गए क्षेत्र के परिमाण को मापते हैं, अर्थात् ठोस द्वारा घेरे गए क्षेत्र (स्थान) को मापते हैं, तो हम एेसा उस क्षेत्र में मात्रक लंबाई के घनों की वह संख्या गिनके करते हैं जो उसमें पूर्णतया समाए जा सकते हैं। अतः, आयतन का मात्रक (या घन इकाई) ही लिया जाता है।

साथ ही, 

घन का आयतन = किनारा × किनारा × किनारा = a3

जहाँ a घन का किनारा है (देखिए आकृति 13.24)

आकृति 13.24

इसलिए, यदि एक घन का किनारा 12 cm है, तो

उसका आयतन = 12 × 12 × 12 cm3 = 1728 cm3

याद कीजिए कि आप इन सूत्रों के बारे में पिछली कक्षाओं में पढ़ चुके हैं। आइए इनके प्रयोग को स्पष्ट करने के लिए कुछ उदाहरण लें।

उदाहरण 11 : एक खुले मैदान में 10m लंबी एक दीवार का निर्माण किया जाना था।दीवार की ऊँचाई 4 m है और उसकी मोटाई 24 cm है। यदि इस दीवार को 24 cm × 12 cm × 8 cm विमाओं वाली ईंटों से बनाया जाना है, तो इसके लिए कितनी ईंटों की आवश्यकता होगी?

हल : चूँकि दीवार द्वारा घेरा गया स्थान सभी ईंटों द्वारा घेरे गए स्थान के बराबर होगा, इसलिए आइए दीवार का आयतन ज्ञात करें, जो एक घनाभ है।

यहाँ, लंबाई = 10 m = 1000 cm,

मोटाई = 24 cm

और ऊँचाई = 4 m = 400 cm

अतः, दीवार का आयतन = लंबाई × मोटाई × ऊँचाई

= 1000 × 24 × 400 cm3

अब प्रत्येक ईंट विमाओं 24 cm × 12 cm × 8 cm का एक घनाभ है।

इसलिए, एक ईंट का आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई

= 24 × 12 × 8 cm3

g35

= = 4166.6

इसलिए, दीवार बनाने में 4167 ईंटें लगेंगी।

उदाहरण 12 : एक बच्चा भवन ब्लॉकों से खेल रहा है, जो एक घन के आकार के हैं। उसने इनसे आकृति 13.25 में दर्शाए अनुसार एक ढाँचा बना लिया है। प्रत्येक घन का किनारा 3 cm है। उस बच्चे द्वारा बनाए गए ढाँचे का आयतन ज्ञात कीजिए।


आकृति 13.25

हल : प्रत्येक घन का आयतन = किनारा × किनारा × किनारा

= 3 × 3 × 3 cm3 = 27 cm3

ढाँचे में घनों की संख्या = 15

अतः, ढाँचे का आयतन = 27 × 15 cm3 = 405 cm3

प्रश्नावली 13.5

1. माचिस की डिब्बी के माप 4 cm × 2.5 cm × 1.5 cm हैं। एेसी 12 डिब्बियों के एक पैकेट का आयतन क्या होगा?

2. एक घनाभाकार पानी की टंकी 6 m लंबी, 5 m चौड़ी और 4.5 m गहरी है। इसमें कितने लीटर पानी आ सकता है?

(1 m3 = 1000l)

3. एक घनाभाकार बर्तन 10 m लंबा और 8 m चौड़ा है। इसको कितना ऊँचा बनाया जाए कि इसमें 380 घन मीटर द्रव आ सके?

4. 8 m लंबा, 6 m चौड़ा और 3 m गहरा एक घनाभाकार गढ्ढा खुदवाने में 30 रुपए प्रति m3 की दर से होने वाला व्यय ज्ञात कीजिए।

5. एक घनाभाकार टंकी की धारिता 50000 लीटर पानी की है। यदि इस टंकी की लंबाई और गहराई क्रमशः 2.5 m और 10 m हैं, तो इसकी चौड़ाई ज्ञात कीजिए।

6. एक गाँव जिसकी जनसंख्या 4000 है, को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 150 लीटर पानी की आवश्यकता है। इस गाँव में 20 m × 15 m × 6 m मापों वाली एक टंकी बनी हुई है। इस टंकी का पानी वहाँ कितने दिन के लिए पर्याप्त होगा?

7. किसी गोदाम की माप 40 m × 25 m × 15 m हैं। इस गोदाम में 1.5 m × 1.25 m × 0.5 m की माप वाले लकड़ी के कितने अधिकतम क्रेट (crate) रखे जा सकते हैं?

8. 12 cm भुजा वाले एक ठोस घन को बराबर आयतन वाले 8 घनों में काटा जाता है। नए घन की क्या भुजा होगी? साथ ही, इन दोनों घनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात भी ज्ञात कीजिए।

9. 3 m गहरी और 40 m चौड़ी एक नदी 2 km प्रति घंटा की चाल से बह कर समुद्र में गिरती है। एक मिनट में समुद्र में कितना पानी गिरेगा?

13.7 बेलन का आयतन

हम देख चुके हैं कि जैसे समान मापों के आयतों को एक के ऊपर एक रखकर घनाभ बनाया जाता है, उसी प्रकार समान मापों के वृत्तों को एक के ऊपर एक रखकर एक बेलन बनाया जा सकता है। इसलिए, उसी तर्क द्वारा जो हमने घनाभ के लिए दिया था, हम कह सकते हैं कि बेलन का आयतन, आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई होता है। अर्थात् यह आयतन वृत्तीय आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई = πr2h है।

इसलिए,

बेलन का आयतन = πr2h

जहाँ r आधार की त्रिज्या और h बेलन की ऊँचाई है।

उदाहरण 13 : किसी मंदिर के खंभे बेलनाकार हैं (देखिए आकृति 13.26)। यदि प्रत्येक खंभे का आधार 20 cm त्रिज्या का एक वृत्तीय क्षेत्र है और ऊँचाई 10 m है, तो एेसे 14 खंभे बनाने में कितने कंक्रीट मिश्रण की आवश्यकता होगी?


आकृति 13.26

हल : चूँकि कंक्रीट मिश्रण जिससे खंभा बनाया जाएगा उस पूरे खंभे के स्थान को भर देगा, इसलिए हमें बेलनों के आयतनों को ज्ञात करने की आवश्यकता है।

बेलन के आधार की त्रिज्या = 20 cm

बेलनाकार खंभे की ऊँचाई = 10 m = 1000 cm

इसलिए, एक खंभे का आयतन = πr2h

= cm3

= cm3

= m3 (1000000 cm3 = 1m3)

अतः, 14 खंभाें का आयतन = m3

= 17.6 m3

इसलिए, 14 खंभों के लिए 17.6 m3 कंक्रीट मिश्रण की आवश्यकता होगी।

उदाहरण 14 : रमजान के एक मेले में, भोज्य पदार्थों के एक स्टॉल पर दुकानदार के पास आधार त्रिज्या 15 cm वाला एक बर्तन था जो 32 cm की ऊँचाई तक संतरे के जूस से भरा हुआ था। जूस को 3 cm त्रिज्या वाले बेलनाकार गिलासों में 8 cm ऊँचाई तक भर कर 3 प्रति गिलास की दर से बेचा जाता है (देखिए आकृति 13.27)। जूस को पूरा बेचने पर दुकानदार को कुल कितनी राशि प्राप्त हुई?

आकृति 13.27

हल : बड़े बर्तन में जूस का आयतन = बेलनाकार बर्तन का आयत

= πR2H

(जहाँ R और H क्रमशः बर्तन की त्रिज्या और ऊँचाई हैं)

= π × 15 × 15 × 32 cm3

इसी प्रकार, एक गिलास जूस का आयतन = πr2h

(जहाँ r और h क्रमशः गिलास की त्रिज्या और ऊँचाई हैं)

= π × 3 × 3 × 8 cm3

इसलिए, जूस के बेचे गए गिलासों की संख्या

  g34

=

= 100

अतः, दुकानदार द्वारा प्राप्त की गई राशि = 3 × 100

= 300

प्रश्नावली 13.6

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = लीजिए।

1. एक बेलनाकार बर्तन के आधार की परिधि 132 cm और उसकी ऊँचाई 25 cm है। इस बर्तन में कितने लीटर पानी आ सकता है? (1000 cm3 = 1लीटर)

2. लकड़ी के एक बेलनाकार पाइप का आंतरिक व्यास 24 cm है और बाहरी व्यास 28cm है। इस पाइप की लंबाई 35cm है। इस पाइप का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, यदि 1cm3 लकड़ी का द्रव्यमान 0.6 ग्राम है।

3. एक सोफ्ट ड्रिंक (soft drink) दो प्रकार के पैकों में उपलब्ध है: – (i) लंबाई 5 cm और चौड़ाई 4 cm वाले एक आयताकार आधार का टिन का डिब्बा जिसकी ऊँचाई 15 cm है और
(ii) व्यास 7 cm वाले वृत्तीय आधार और 10 cm ऊँचाई वाला एक प्लास्टिक का बेलनाकार डिब्बा। किस डिब्बे की धारिता अधिक है और कितनी अधिक है?

4. यदि एक बेलन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल 94.2 cm2 है और उसकी ऊँचाई 5 cm है, तो ज्ञात कीजिए :

(i) आधार की त्रिज्या (ii) बेलन का आयतन (π = 3.14 लीजिए)

5. 10 m गहरे एक बेलनाकार बर्तन की आंतरिक वक्र पृष्ठ को पेंट कराने का व्यय 2200 है। यदि पेंट कराने की दर 20 प्रति m2 है, तो ज्ञात कीजिए :

(i) बर्तन का आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

(ii) आधार की त्रिज्या

(iii) बर्तन की धारिता

6. ऊँचाई 1 m वाले एक बेलनाकार बर्तन की धारिता 15.4 लीटर है। इसको बनाने के लिए कितने वर्ग मीटर धातु की शीट की आवश्यकता होगी?

7. सीसे की एक पेंसिल (lead pencil) लकड़ी के एक बेलन के अभ्यंतर में ग्रेफाइट (graphite) से बने ठोस बेलन को डाल कर बनाई गई है। पेंसिल का व्यास 7 mm है और ग्रेफाइट का व्यास 1 mm है। यदि पेंसिल की लंबाई 14 cm है, तो लकड़ी का आयतन और ग्रेफाइट का आयतन ज्ञात कीजिए।

8. एक अस्पताल (hospital) के एक रोगी को प्रतिदिन 7 cm व्यास वाले एक बेलनाकार कटोरे में सूप (soup) दिया जाता है। यदि यह कटोरा सूप से 4 cm ऊँचाई तक भरा जाता है, तो इस अस्पताल में 250 रोगियों के लिए प्रतिदिन कितना सूप तैयार किया जाता है?

13.8 लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन

आकृति 13.28 में, आप देखते हैं कि इसमें एक ही आधार त्रिज्या वाले और एक ही ऊँचाई वाले बेलन और शंकु दिए हुए हैं।


आकृति 13.28

क्रियाकलाप: उपरोक्त आकृतियों की ही तरह, एक ही आधार त्रिज्या और एक ही ऊँचाई वाला एक खोखला बेलन और एक खोखला शंकु बनाने का प्रयत्न कीजिए (देखिए आकृति 13.28)। फिर हम एक प्रयोग द्वारा यह ज्ञात करेंगे कि एक शंकु का आयतन क्या है।

आइए इस प्रयोग को प्रारम्भ करें।

शंकु को रेत से एक बार ऊपर तक भरिए और इस रेत को बेलन में डाल दीजिए। हम देखते हैं कि इससे बेलन का कुछ भाग भर गया है [देखिए आकृति 13.29 (a)]।

फिर हम दुबारा शंकु को रेत से भर कर बेलन में रेत को डाल देते हैं। हम देखते हैं कि बेलन अभी भी पूरा नहीं भरा है [देखिए आकृति 13.29(b)]

अब शंकु को तीसरी बार रेत से भर कर बेलन में डालिए। हम देखते हैं कि बेलन पूरा रेत से भर गया है [देखिए आकृति 13.29(c)]

आकृति 13.29

इस प्रयोग से, हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि तीन शंकुओं का आयतन बेलन के आयतन के बराबर है। इसका अर्थ है कि यदि शंकु और बेलन की आधार त्रिज्या एक ही हो और ऊँचाई भी एक ही हो, तो शंकु का आयतन बेलन के आयतन का एक-तिहाई होता है।

अतः, 

शंकु का आयतन = πr2h

जहाँ r आधार त्रिज्या है और h शंकु की ऊँचाई है।

उदाहरण 15 : किसी शंकु की ऊँचाई और तिर्यक ऊँचाई क्रमशः 21 cm और 28 cm हैं। इसका आयतन ज्ञात कीजिए।

हल : l2 = r2 + h2 से हमें प्राप्त होता है :

r =

अतः, शंकु का आयतन = πr2h = × cm3

= 7546 cm3

उदाहरण 16: मोनिका के पास केनवास का एक टुकड़ा है जिसका क्षेत्रफल 551 m2 है। वह इससे 7 m आधार त्रिज्या वाला एक शंकु का आपतन का तंबू बनवाती है। यह मानते हुए कि सिलाई और कटाई में लगभग 1 m2 केनवास नष्ट हुआ होगा, इससे बनाए जाने वाले शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए।

हल : केनवास का क्षेत्रफल = 551 m2 है और 1 m2 केनवास सिलाई, इत्यादि में नष्ट हो
जाता है।

अतः, तंबू के लिए उपलब्ध केनवास = (5511) m2 = 550 m2

इसलिए, तंबू का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 550 m2

अब, तंबू के आधार की त्रिज्या = 7 m

ध्यान दीजिए कि तंबू की केवल वक्र पृष्ठ ही होती है (तंबू के फर्श को ढका नहीं
जाता है)।

अतः, तंबू का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 550 m2

अर्थात्, πrl = 550

या, × 7 × l = 550

या, l = m = 25 m

अब, l2 = r2 + h2

इसलिए, h = =

= 24 m

अतः, तंबू का आयतन = = 1232 m3

प्रश्नावली 13.7

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π = लीजिए।

1. उस लंब वृत्तीय शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसकी

(i) त्रिज्या 6 cm और ऊँचाई 7 cm है। (ii) त्रिज्या 3.5 cm और ऊँचाई 12 cm है।

2. शंकु के आकार के उस बर्तन की लीटरों में धारिता ज्ञात कीजिए जिसकी

(i) त्रिज्या 7 cm और तिर्यक ऊँचाई 25 cm है।

(ii) ऊँचाई 12 cm और तिर्यक ऊँचाई 13 cm है।

3. एक शंकु की ऊँचाई 15 cm है। यदि इसका आयतन 1570 cm3 है, तो इसके आधार की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 प्रयोग कीजिए।)

4. यदि 9 cm ऊँचाई वाले एक लंब वृत्तीय शंकु का आयतन 48 π cm3 है, तो इसके आधार का व्यास ज्ञात कीजिए।

5. ऊपरी व्यास 3.5 m वाले शंकु के आकार का एक गढ्ढा 12 m गहरा है। इसकी धारिता किलोलीटरों में कितनी है?

6. एक लंब वृत्तीय शंकु का आयतन 9856 cm3 है। यदि इसके आधार का व्यास 28 cm है, तो ज्ञात कीजिए:

(i) शंकु की ऊँचाई (ii) शंकु की तिर्यक ऊँचाई

(iii) शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

7. भुजाओं 5 cm, 12 cm और 13 cm वाले एक समकोण त्रिभुज ABC को भुजा 12 cm के परित घुमाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।

8. यदि प्रश्न 7 के त्रिभुज ABC को यदि भुजा 5 cm के परित घुमाया जाए, तो इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए। प्रश्नों 7 और 8 में प्राप्त किए गए दोनों ठोसों के आयतनों का अनुपात भी ज्ञात कीजिए।

9. गेहूँ की एक ढेरी 10.5 m व्यास और ऊँचाई 3 m वाले एक शंकु के आकार की है। इसका आयतन ज्ञात कीजिए। इस ढेरी को वर्षा से बचाने के लिए केनवास से ढका जाना है। वाँछित केनवास का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

13.9 गोले का आयतन

आइए अब देखें कि एक गोले का आयतन कैसे मापा जाए। पहले विभिन्न त्रिज्याओं वाले दो या तीन गोले लीजिए। फिर एक बर्तन लीजिए, जिसके अंदर इन गोलों को (केवल एक बार में एक) रखा जा सके। साथ ही, एक बड़ी नाँद (trough) लीजिए जिसमें इस बर्तन को रखा जा सके। अब बर्तन को पूरा ऊपर तक पानी से भरिए [देखिए आकृति 13.30(a)]

अब लिए गए गोलों में से एक को बर्तन में सावधानीपूर्वक डालिए। बर्तन में से कुछ पानी बाहर निकल कर उस नाँद में जाएगा जिसमें वह बर्तन रखा हुआ है [देखिए आकृति 13.30(b)] अब नाँद में आए इस पानी को सावधानीपूर्वक एक नापने वाले बेलन [अर्थात् अशांकित बेलनाकार गिलास (graduated cylindrical jar)] में डालिए। मान लीजिए पानी में डुबाए गए गोले की त्रिज्या r है (आप गोले का व्यास माप कर उसकी त्रिज्या ज्ञात कर सकते हैं)। अब πr3 का मान निकालिए। क्या आप यह पाते हैं कि यह मान बर्तन से बाहर निकले पानी के आयतन के लगभग बराबर है?

आकृति 13.30

एक बार फिर इसी प्रक्रिया को एक अन्य माप का गोला लेकर दोहराइए। इस गोले की त्रिज्या R ज्ञात करके का मान निकालिए। एक बार फिर यह मान बर्तन से बाहर निकले पानी के आयतन के लगभग बराबर है। यह हमें क्या बताता है? हम जानते हैं कि गोले का आयतन उसके द्वारा हटाए गए पानी के आयतन के बराबर है। इस प्रयोग को बार-बार करने पर, हम प्राप्त करते हैं कि एक गोले का आयतन गोले की त्रिज्या के घन का गुना है। इससे हमें निम्न सुझाव प्राप्त होता है:

गोले का आयतन =

जहाँ r गोले की त्रिज्या है।

उच्चतर कक्षाओं में इसे सिद्ध भी किया जा सकता है। परन्तु इस समय तो हम इसे सत्य मान लेते हैं।.

अब अर्धगोले के आयतन के बारे में आप क्या अनुमान लगा सकते हैं? हाँ, यह  g33 है।

अतः, अर्धगोले का आयतन =

जहाँ r अर्धगोले की त्रिज्या है।

आइए इन सूत्रों का प्रयोग दर्शाने के लिए कुछ उदाहरण लें।

उदाहरण 17: 11.2 cm त्रिज्या वाले गोले का आयतन ज्ञात कीजिए।

हल : वाँछित आयतन = πr3

= cm3 = 5887.32 cm3

उदाहरण 18 : एक शॉट-पट्ट (shot-putt) 4.9 cm त्रिज्या वाला एक धातु का गोला है। यदि इस धातु का घनत्व (density) 7.8 ग्राम प्रति cm3 है, तो शॉट-पट्ट का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। 

हल : चूँकि शॉट-पट्ट (shot-putt) धातु का एक ठोस गोला है तथा द्रव्यमान आयतन और घनत्व के गुणनफल के बराबर होता है, इसलिए पहले हमें शॉट-पट्ट का आयतन ज्ञात करना चाहिए।

अब, गोले का आयतन =

=

= 493 cm3 (लगभग)

साथ ही, 1 cm3 धातु का द्रव्यमान = 7.8 ग्राम

अतः, शॉट-पट्ट का द्रव्यमान = 7.8 × 493 ग्राम

= 3845.44 ग्राम = 3.85 किलोग्राम (लगभग)

उदाहरण 19 : एक अर्धगोलाकार कटोरे की त्रिज्या 3.5 cm है। इसके अंदर भरे जा सकने वाले पानी का आयतन ज्ञात कीजिए।

हल : कटोरे में भरे जा सकने वाले पानी का आयतन

=

= cm3 = 89.8 cm3

प्रश्नावली 13.8

जब अन्यथा न कहा जाए, π = लीजिए।

1. उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसकी त्रिज्या निम्न है :

(i) 7 cm (ii) 0.63 m

2. उस ठोस गोलाकार गेंद द्वारा हटाए गए (विस्थापित) पानी का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसका व्यास निम्न है :

(i) 28 cm (ii) 0.21 m

3. धातु की एक गेंद का व्यास 4.2 cm है। यदि इस धातु का घनत्व 8.9 ग्राम प्रति cm3 है, तो इस गेंद का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।

4. चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक-चौथाई है। चंद्रमा का आयतन पृथ्वी के आयतन की कौन-सी भिन्न है?

5. व्यास 10.5 cm वाले एक अर्धगोलाकार कटोरे में कितने लीटर दूध आ सकता है?

6. एक अर्धगोलाकार टंकी 1cm मोटी एक लोहे की चादर (sheet) से बनी है। यदि इसकी आंतरिक त्रिज्या 1m है, तो इस टंकी के बनाने में लगे लोहे का आयतन ज्ञात कीजिए।

7. उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154 cm2 है।

8. किसी भवन का गुंबद एक अर्धगोले के आकार का है। अंदर से, इसमें सफेदी कराने में 498.96 व्यय हुए। यदि सफेदी कराने की दर 2 प्रति वर्ग मीटर है, तो ज्ञात कीजिएः

(i) गुंबद का आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (ii) गुंबद के अंदर की हवा का आयतन

9. लोहे के सत्ताइस ठोस गोलों को पिघलाकर, जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या r है और पृष्ठीय क्षेत्रफल S है, एक बड़ा गोला बनाया जाता है जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल S है। ज्ञात कीजिएः

(i) नए गोले की त्रिज्या r (ii) S और Sका अनुपात

10. दवाई का एक कैपसूल (capsule) 3.5 mm व्यास का एक गोला (गोली) है। इस कैपसूल को भरने के लिए कितनी दवाई (mm3 में) की आवश्यकता होगी?

प्रश्नावली 13.9 (एेच्छिक)*

1. एक लकड़ी के बुकशैल्फ (book-shelf) की बाहरी विमाएँ निम्न हैंः


आकृति 13.31

ऊँचाई = 110 cm, गहराई = 25 cm, चौड़ाई = 85 cm (देखिए आकृति 13.31)। प्रत्येक स्थान पर तख्तों की मोटाई 5 cm है। इसके बाहरी फलकों पर पालिश कराई जाती है और आंतरिक फलकों पर पेंट किया जाना है। यदि पालिश कराने की दर 20 पैसे प्रति cm2 है और पेंट कराने की दर 10 पैसे प्रति cm2 है, तो इस बुक-शैल्फ पर पालिश और पेंट कराने का कुल व्यय ज्ञात कीजिए।

2. किसी घर के कंपाउंड की सामने की दीवार को 21 cm व्यास वाले लकड़ी के गोलों को छोटे आधारों पर टिका कर सजाया जाता है, जैसा कि आकृति 13.32 में दिखाया गया है। इस प्रकार के आठगोलों का प्रयोग इस कार्य के लिए किया जाना है


आकृति 13.32

और इन गोलों को चाँदी वाले रंग में पेंट करवाना है। प्रत्येक आधार 1.5 cm त्रिज्या और ऊँचाई 7 cm का एक बेलन है तथा इन्हें काले रंग से पेंट करवाना है। यदि चाँदी के रंग का पेंट करवाने की दर 25 पैसे प्रति cm2 है तथा काले रंग के पेंट करवाने की दर 5 पैसे प्रति cm2 हो, त़ो पेंट करवाने का कुल व्यय ज्ञात कीजिए।

3. एक गोले के व्यास में 25% की कमी हो जाती है। उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल कितने प्रतिशत कम हो गया है?

13.10 सारांश

इस अध्याय में, आपने निम्नलिखित बिंदुओं का अध्ययन किया हैः

1. घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 (lb + bh + hl)

2. घन का पृष्ठीय क्षेत्रफ = 6a2

3. बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πrh

4. बेलन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr (r +h)

5. शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl

6. शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = πrl + πr2, अर्थात् πr (l + r)

7. गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4 π r2

8. अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr2

9. अर्धगोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 3πr2

10. घनाभ का आयतन = l × b × h

11. न का आयतन = a3

12. बेलन का आयतन = πr2h

13. शंकु का आयतन = πr2h

14. गोले का आयतन =

15. अर्धगोले का आयतन =

[यहाँ अक्षरों l, b, h, a, r, इत्यादि का प्रयोग, अपने संदर्भ के अनुसार, सामान्य अर्थों में प्रयोग किया गया है।]


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