अध्याय 12 हीरोन का सूत्रा 12ण्1 भूमिका आप पिछली कक्षाओं में, विभ्िान्न आकारों की आवृफतियों जैसे कि वगर्, आयत, त्रिाभुज और चतुभुर्ज के बारे में पढ़ चुके हैं। आप इनमें से वुफछ आवृफतियों जैसे कि आयत, वगर् इत्यादि के परिमाप और क्षेत्रापफल भी परिकलित कर चुके हैं। उदाहरणाथर्, आप अपनी कक्षा के कमरे के पफशर् का क्षेत्रापफल और परिमाप ज्ञात कर सकते हैं। आइए कमरे के पफशर् का, उसकी भुजाओं के अनुदिश एक बार चलकर, चक्कर लगाएँ। ऐसा करने में आपने जो दूरी तय की है, वह पफशर् का परिमाप है। कमरे के पफशर् का परिमाप या माप ;ेप्रमद्ध उसका क्षेत्रापफल होता है। इस प्रकार, यदि आपकी कक्षा का कमरा आयताकार है तथा इसकी लम्बाइर् और चैड़ाइर् क्रमशः 10 उ और 8 उ हैं, तो उसका परिमाप 2;10 ़ 8 द्ध उ त्र 36 उ होगा तथा उसका क्षेत्रापफल 10 उ × 8 उ, अथार्त् 80 उ2 होगा। लम्बाइर् या चैड़ाइर् मापने का मात्राक ;नदपजद्ध मीटर ;उद्धया सेन्टीमीटर ;बउद्ध, इत्यादि लिया जाता है। किसी समतल आवृफति के क्षेत्रापफल को मापने का मात्राक वगर् मीटर ;उ2द्ध या वगर् सेंटीमीटर;बउ2द्ध, इत्यादि लिया जाता है। मान लीजिए आप एक त्रिाभुजाकार बाग में बैठे हुए हैं। आप इसका क्षेत्रापफल किस प्रकार ज्ञात करेंगे? अध्याय 9 और अपनी पिछली कक्षाओं से, आप जानते हैं कि 1त्रिाभुज का क्षेत्रापफल त्र × आधर × ऊँचाइर्2;प्द्ध हम देखते हैं कि यदि त्रिाभुज एक समकोण त्रिाभुज हो, तो हम समकोण को अंत£वष्ट करने वाली भुजाओंको आधर और ऊँचाइर् लेकर सूत्रा का सीध प्रयोग करके क्षेत्रापफल ज्ञात कर सकते हैं। उदाहरणाथर्, मान लीजिए कि एक समकोण त्रिाभुज ।ठब् की भुजाएँ क्रमशः 5 बउ ए आवृफति 12ण्1 12 बउ और 13 बउ हैं। तब हम आधर 12 बउ औरऊँचाइर्5 बउ लेते हैं। ;देख्िाए आवृफति12ण्1द्ध। अब, त्रिाभुज का क्षेत्रापफल निम्न होगा: 11 × आधर × ऊँचाइर् त्र × 12 × 5 बउ2 22ध्यान दीजिए कि हम आधर 5बउ और ऊँचाइर् 12बउ भी ले सकते थे। अब मान लीजिए कि हम एक समबाहु त्रिाभुज च्फत् का क्षेत्रापफल ज्ञात करना चाहते हैं, जिसकी प्रत्येक भुजा 10बउ है ;देख्िाए आवृफति 12.2द्ध। इस त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञातकरने के लिए, हमें इसकी ऊँचाइर् ज्ञात होनी चाहिए। क्या आप इस त्रिाभुज की ऊँचाइर् ज्ञात कर सकते हैं? आइए हम याद करें कि त्रिाभुज की भुजाएँ ज्ञात होनेपर उसकी ऊँचाइर् वैफसे ज्ञात करते हैं। यह एक समबाहु त्रिाभुज में संभव है। फत् का मध्य - बिन्दु ड लेकर उसे च् से मिलाइए। हम जानते हैं कि Δच्डफ एक समकोण त्रिाभुज है। अतः, पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग करके, हम लम्बाइर् च्ड नीचे दशार्ए अनुसार ज्ञात कर सकते हैं: आवृफति 12ण्2 च्फ2 त्रच्ड2 ़ फड2 अथार्त् ;10द्ध2 त्रच्ड2 ़ ;5द्ध2ए चूँकि फड त्र डत् है। अतः, हमें प्राप्त होता है: च्ड2 त्र 75 अथार्त् च्ड त्र 75 बउ त्र 53बउ 11 2तब, Δ च्फत् का क्षेत्रापफल त्र × आधर × ऊँचाइर् त्र  10  5 3बउ 25 3 बउ22 आइए अब देखें कि इस सूत्रा का प्रयोग करके एक समद्विबाहु त्रिाभुज का क्षेत्रापफल किस प्रकार परिकलित किया जा सकता है। उदाहरणाथर्, हम एक त्रिाभुज ग्ल्र् लेते हैं, जिसकी दोनों बराबर भुजाओं ग्ल् और ग्र् में से प्रत्येक भुजा 5 बउ है तथा वह भुजा जो बराबर नहीं है, अथार्त् ल्र्ए 8 बउ लम्बाइर् की है ;देख्िाए आवृफति 12.3द्ध। इस स्िथति में भी हम त्रिाभुज की ऊँचाइर् जानना चाहते हैं। इसलिए, हम ग् से भुजा ल्र् पर लम्ब ग्च् खींचते हैं। आप देख सकते हैं कि यह लम्ब ग्च् त्रिाभुज के आधर ल्र् को दो बराबर भागों में विभाजित करता है ;त्भ्ै सवा±गसम प्रतिबंध्द्ध। 1अतः, ल्च् त्र च्र् त्र ल्र् त्र 4 बउ2पिफर, पाइथागोरस प्रमेय के प्रयोग द्वारा, हमें प्राप्त होता हैः ग्च्2 त्रग्ल्2 दृ ल्च्2 त्र52 दृ 42 त्र 25 दृ 16 त्र 9 अतः, ग्च् त्र 3बउ आवृफति 12ण्31अब, Δ ग्ल्र् का क्षेत्रापफल त्र × ;आधर ल्र्द्ध × ;ऊँचाइर् ग्च्द्ध21 त्र × 8 × 3 बउ2 त्र 12 बउ2 2अब मान लीजिए कि हमें एक विषमबाहु त्रिाभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ ज्ञात हैं, परन्तु ऊँचाइर् ज्ञात नहीं है। क्या आप अब भी इसका क्षेत्रापफल ज्ञात कर सकते हैं? उदाहरणाथर्, आपके पास एक त्रिाभुजाकार पावर्फ है, जिसकी भुजाएँ 40 उए 32 उ और 24 उ मापी गइर् हैं। आप इसका क्षेत्रापफल किस प्रकार ज्ञात करेंगे? निश्िचत रूप से, यदि आप सूत्रा ;प्द्ध का प्रयोग करके क्षेत्रापफल ज्ञात करना चाहेंगे, तो आपको इसकी ऊँचाइर् ज्ञात करनी होगी। परन्तु हमें इसकी ऊँचाइर् ज्ञात करने का कोइर् संकेत नहीं मिल रहा है। ऐसा करने का प्रयत्न कीजिए। यदि आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो अगले अनुच्छेद पर चले जाइए। 12ण्2 त्रिाभुज का क्षेत्रापफल - हीरोन के सूत्रा द्वारा हीरोन का जन्म संभवतः मिस्र में अलेक्जंेडिªया नामक स्थान पर हुआ। उन्होंने अनुप्रायोगिक गण्िात ;ंचचसपमक उंजीमउंजपबेद्ध पर कायर् किया। उनका गण्िातीय और भौतिकीय विषयों पर कायर् इतना अध्िक और विभ्िान्न प्रकार का था कि उन्हें इन क्षेत्रों का एक विश्वकोण संबंध्ी ;मदबलबसवचमकपबद्ध लेखक समझा जाता था। उनका ज्यामितीय कायर् मुख्यतः मेन्सुरेशन ;क्षेत्रामितिद्ध की समस्याओं से संबंध्ित था। यह कायर् तीन पुस्तकों में लिखा गया है। पुस्तक 1 मंे, वगो±, आयतों, त्रिाभुजों,समलंबों, अनेक प्रकार के विश्िाष्ट चतुभुर्जों, सम बहुभुजों, वृत्तों के हीरोनक्षेत्रापफलों, बेलनों, शंवुफओं, गोलों, इत्यादि के पृष्ठीय क्षेत्रापफलों का वणर्न;10 साúयूúपूú - 75साúयूúपूúद्धहै। इसी पुस्तक में, हीरोन ने त्रिाभुज की तीनों भुजाओं के पदों में उसके आवृफति 12ण्4क्षेत्रापफल का प्रसि( ;या सुपरिचितद्ध सूत्रा प्रतिपादित किया है। हीरोन के इस सूत्रा को हीरो का सूत्रा ;भ्मतवष्े वितउनसंद्ध भी कहा जाता है। इसे नीचे दिया जा रहा हैः त्रिाभुज का क्षेत्रापफल त्र;ेंइेबद्ध; द्ध; द्ध ;प्प्द्धे जहाँ ंए इ और ब त्रिाभुज की भुजाएँ हैं तथा ंइ ब े त्र त्रिाभुज का अध्र्परिमाप ;ेमउप.चमतपउमजमतद्ध त्र है।2 यह सूत्रा उस स्िथति में सहायक होता है, जब त्रिाभुज की ऊँचाइर् सरलता से ज्ञात न होसकती हो। आइए ऊपर बताए गए त्रिाभुजाकार पावर्फ।ठब् का क्षेत्रापफल ज्ञात करने के लिए, इस सूत्रा का प्रयोग करें ;देख्िाए आवृफति 12.5द्ध। आइए ं त्र 40 उए इ त्र 24 उ,ब त्र 32 उ लें ताकि हमें40 24 32 े त्र उ त्र 48 उ 2 प्राप्त होगा। अब, े दृ ं त्र ;48 दृ 40द्ध उ त्र 8 उ, े दृ इ त्र ;48 दृ 24द्ध उ त्र 24 उ, और े दृ ब त्र ;48 दृ 32द्ध उ त्र 16 उ आवृफति 12ण्5 हैं। अतः, पावर्फ।ठब् का क्षेत्रापफल त्र े; द्ध; द्ध; द्धेंइेब त्र 48 24 16 उ 2 384 उ 28 हम यह भी देखते हैं कि322 ़ 242 त्र 1024 ़ 576 त्र 1600 त्र 402 है। अतः, इस पावर्फ की भुजाएँ एक समकोण त्रिाभुज बनाती हैं। सबसे बड़ी, अथार्त् ठब्ए जिसकी लम्बाइर् 40 उ है, इस त्रिाभुज का कणर् है तथा।ठ और ।ब् के बीच का कोण 90° होगा। 1इसलिए, सूत्रा प् से हम जाँच कर सकते हैं कि पावर्फ का क्षेत्रापफल त्र × 32 × 24 उ2 2त्र 384 उ2 हम पाते हैं कि यह क्षेत्रापफल वही है जो हमें हीरोन के सूत्रा से प्राप्त हुआ था। अब आप पहले च£चत किए गए अन्य त्रिाभुजों के क्षेत्रापफलों को हीरोन के सूत्रा से ज्ञात करके जाँच कीजिए कि क्षेत्रापफल पहले जैसे ही प्राप्त होते हैं। ये त्रिाभुज हैं:;पद्ध 10बउ भुजा वाला समबाहु त्रिाभुज और ;पपद्ध असमान भुजा 8बउ और बराबर भुजाएँ 5बउ वाला समद्विबाहु त्रिाभुज। आप देखेंगे कि 10 10 10 ;पद्ध के लिए, ेत्र बउ त्र 15 बउ 2 इसलिए, त्रिाभुज का क्षेत्रापफल त्र 15;15 10द्ध;15 10द्ध;15 10द्ध बउ2 2 2 855 ;पपद्ध के लिए, ेत्र  बउ 9 बउ 2 इसलिए, त्रिाभुज का क्षेत्रापफल त्र त्र 9   42  21 4बउ 12बउ आइए अब वुफछ उदाहरण लें। उदाहरण 1 रू एक त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए जिसकी दो भुजाएँ 8 बउ और 11 बउ हैं और जिसका परिमाप 32 बउ है ;देख्िाए आवृफति 12.6द्ध। हल रू यहाँ, परिमाप त्र 32 बउए ंत्र 8 बउ और इ त्र 11 बउ है। इसलिए, तीसरी भुजा बत्र 32 बउ दृ ;8 ़ 11द्ध बउ त्र 13 बउ अब, 2ेत्र 32 है। इसलिए ेत्र 16 बउ, ेदृ ंत्र ;16 दृ 8द्ध बउ त्र 8 बउ, ेदृ इत्र ;16 दृ 11द्ध बउ त्र 5 बउ, आवृफति 12ण्6 ेदृ बत्र ;16 दृ 13द्ध बउ त्र 3 बउ इसलिए, त्रिाभुज का क्षेत्रापफल त्र ेंइे बद्ध;  द्धे;  द्ध;  त्र 16  5 3बउ 2 8 30 बउ 28 उदाहरण2 रू एक त्रिाभुजाकार पावर्फ ।ठब् की भुजाएँ 120 उ, 80 उ और 50 उ हैं ;देख्िाए आवृफति 12.7द्ध। एक मालिन ध्निया को इसके चारों ओर एक बाड़ लगानी है और इसके अंदर घास उगानी है। उसे कितने क्षेत्रापफल में घास उगानी है? एक ओर 3 उ चैड़े एक पफाटक के लिए स्थान छोड़ते हुए इसके चारों ओर ृ 20 प्रति मीटर की दर से काँटेदार बाड़ लगाने का व्यय भी ज्ञात कीजिए। हल रू पावर्फ का क्षेत्रापफल ज्ञात करने के लिए, हमें प्राप्त है: 2ेत्र 50 उ ़ 80 उ ़ 120 उ त्र 250 उ अथार्त् ेत्र 125 उ इसलिए, ेदृ ंत्र ;125 दृ 120द्ध उ त्र 5 उ, ेदृ इत्र ;125 दृ 80द्ध उ त्र 45 उ, आवृफति 12ण्7 ेदृ बत्र ;125 दृ 50द्ध उ त्र 75 उ अतः, घास उगाने के लिए क्षेत्रापफल त्र;ेंइे बद्ध; द्ध; द्धे त्र 12554575उ2  त्र 375 15 उ 2 साथ ही, पावर्फ का परिमाप त्र ।ठ ़ ठब् ़ ब्।त्र 250 उ अतः, बाड़ लगाने के लिए आवश्यक तार की लम्बाइर् त्र 250 उ दृ 3 उ ;पफाटक के लिएद्ध त्र 247 उ इसलिए, बाड़ लगाने का व्ययत्र ृ 20 × 247 त्र ृ 4940 उदाहरण 3 रू एक त्रिाभुजाकार भूखंड ;चसवजद्ध की भुजाओं का अनुपात 3: 5: 7 है और उसका परिमाप 300 उ है। इस भूखंड का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। हल रू मान लीजिए भुजाएँ ;मीटरों मेंद्ध 3गए 5ग और 7ग हैं ;देख्िाए आवृफति 12.8द्ध। तब, हम जानते हैं कि 3ग ़ 5ग ़ 7ग त्र 300 ;त्रिाभुज का परिमापद्ध इसलिए, 15ग त्र 300 है, जिससे ग त्र 20 प्राप्त होता है। इसलिए, त्रिाभुज की भुजाएँ 3 × 20 उ, 5 × 20 उ और 7 × 20 उ हैं। अथार्त् ये भुजाएँ 60 उ, 100 उ और 140 उ हैं। क्या आप अब ;हीरोन का सूत्रा प्रयोग करकेद्ध क्षेत्रापफल ज्ञात कर सकते हैं? 60  100 140 अब, े त्र उ त्र 150 उ 2 इसलिए, क्षेत्रापफल त्र त्र त्र आवृफति 12ण्8 प्रश्नावली12ण्1 1ण् एक यातायात संकेत बोडर् पर ‘आगे स्वूफल है’ लिखा है और यह भुजा ष्ंष् वाले एक समबाहु त्रिाभुज के आकार का है। हीरोन के सूत्रा का प्रयोग करके इस बोडर् का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। यदि संकेत बोडर् का परिमाप 180 बउ है, तो इसका क्षेत्रापफल क्या होगा? 2ण् किसी फ्रलाइर्ओवर ;सिलवअमतद्ध की त्रिाभुजाकार दीवार को विज्ञापनों के लिए प्रयोग किया जाता है। दीवार की भुजाओं की लंबाइयाँ 122 उ, 22 उ और 120 उ हैं ;देख्िाए आवृफति 12.9द्ध। इस विज्ञापन से प्रति वषर् ृ 5000 प्रति उ2 की प्राप्ित होती है। एक कम्पनी ने एक दीवार को विज्ञापन देने के लिए 3 महीने के लिए किराए पर लिया। उसने कुल कितना किराया दिया? आवृफति 12ण्9 3ण् किसी पावर्फ में एक पिफसल पट्टी ;ेसपकमद्ध बनी हुइर् है। इसकी पाश्वीर्य दीवारों ;ेपकम ूंससेद्ध में से एक दीवार पर किसी रंग से पेंट किया गया है और उस पर फ्पावर्फ को हरा - भरा और सापफ रख्िाएय् लिखा हुआ है ;देख्िाए आवृफति 12.10द्ध। यदि इस दीवार की विमाएँ 15 उ, 11उ और 6उ हैं, तो रंग से पेंट हुए भाग का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। आवृफति 12ण्10 4ण् उस त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए जिसकी दो भुजाएँ 18 बउ और 10 बउ हैं तथा उसका परिमाप 42बउ है। 5ण् एक त्रिाभुज की भुजाओं का अनुपात 12ः17ः25 है और उसका परिमाप 540बउ है। इस त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 6ण् एक समद्विबाहु त्रिाभुज का परिमाप 30 बउ है और उसकी बराबर भुजाएँ 12 बउ लम्बाइर् की हैं। इस त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 12ण्3 चतुभुर्जों के क्षेत्रापफल ज्ञात करने में हीरोन के सूत्रा का अनुप्रयोग मान लीजिए एक किसान के पास खेती के लिए भूमि है और वह इसे खेती करवाने के लिए वुफछ मजदूरों को नियुक्त करती है और उन्हें प्रति वगर् मीटर खेती किए गए क्षेत्रापफल की दर से मजदूरी देती है। वह ऐसा वैफसे करेगी? अनेक बार खेत चतुभुर्जों के आकार के होते हैं। हमें चतुभुर्जाकार को त्रिाभुजाकार भागों में विभाजित करना पड़ता है और पिफर त्रिाभुज के क्षेत्रापफल के सूत्रा का प्रयोग करके चतुभुर्ज का क्षेत्रापफल ज्ञात हो जाता है। आइए नीचे दी हुइर् समस्या को देखें: उदाहरण4 रू कमला के पास 240 उ, 200 उ और 360 उ भुजाओं वाला एक त्रिाभुजाकार खेत है, जहाँ वह गेहूँ उगाना चाहती है। इसी खेत से संलग्न 240 उ, 320 उ और 400 उ भुजाओं वाला एक अन्य खेत है, जहाँ वह आलू और प्याज उगाना चाहती है ;देख्िाए आवृफति 12.11द्ध। उसने इस खेत की सबसे लम्बी भुजा के मध्य - बिन्दु को सम्मुख शीषर् से जोड़कर उसे दो भागों में विभाजित कर दिया। इनमें से एक भाग में उसने आलू उगाए और दूसरे भाग में प्याज उगाइर्। गेहूँ, आलू और प्याज के लिए कितने - कितने क्षेत्रापफलों ;हेक्टेयर मेंद्ध का प्रयोग किया गया है? ;1 हेक्टेयर त्र 10000उ2 हैद्ध हलरू मान लीजिए ।ठब् वह खेत है, जहाँ गेहूँ उगाया गया है। साथ ही, ।ब्क् वह खेत है जिसकी भुजा।क् के मध्य - बिन्दु म् कोब् से जोड़कर इस खेत को दो भागों में विभाजित किया गया है। ं त्र 200 उ, इ त्र 240 उ, ब त्र 360 उ 200  240 360 अतः, े त्र उ त्र 400 उ 2 इसलिए, गेहूँ उगाने के लिए क्षेत्रापफल त्र 400;400  200द्ध ;400 दृ 240द्ध ;400 दृ 360द्ध उ2 त्र 400  200  160  40 उ 2 त्र16000 2उ2 त्र 1ण्6 × 2 हेक्टेयर आवृफति 12ण्11 त्र 2ण्26 हेक्टेयर ;लगभगद्ध आइए अब ।ब्क् का क्षेत्रापफल परिकलित करें। 240  320  400 यहाँ, े त्र उ त्र 480 उ 2 अतः, Δ ।ब्क् का क्षेत्रापफल त्र उ2 त्र 38400 उ2 त्र 3ण्84 हेक्टेयर ध्यान दीजिए कि ।क् के मध्य - बिन्दु म् को सम्मुख शीषर् ब् से जोड़ने वाला रेखाखंड त्रिाभुज ।ब्क् को बराबर क्षेत्रापफलों वाले दो भागों में विभाजित करता है। क्या आप इसका कारण बता सकते हैं? वास्तव में, इन दोनों भागों के बराबर आधर ।म् और म्क् हैं तथानिःसंदेह इनकी संगत ऊँचाइयाँ भी बराबर हैं। अतः, आलू उगाने के लिए क्षेत्रापफल त्र प्याज उगाने के लिए क्षेत्रापफल त्र ;3ण्84 झ् 2द्ध हेक्टेयर त्र 1ण्92 हेक्टेयर उदाहरण 5 रू किसी स्वूफल के विद्या£थयों ने सपफाइर् अभ्िायान के लिए एक रैली निकाली। उन्होंने दो समूहों में, विभ्िान्न गलियों में चलकर माचर् किया। एक समूह ने गलियों ।ठए ठब् और ब्। में माचर् किया तथा अन्य समूह ने गलियों ।ब्ए ब्क् और क्। में माचर् किया ;देख्िाए आवृफति 12.12द्ध। पिफर उन्होंने इन गलियों द्वारा घेरे गए भागों को सापफ किया। यदि ।ठ त्र 9 उए ठब् त्र 40 उ, ब्क् त्र 15 उ, क्। त्र 28 उ और ∠ ठ त्र 90ह् है, तो किस समूह ने अध्िक सपफाइर् की और कितनी अध्िक? विद्या£थयों द्वारा सपफाइर् किया गया वुफल क्षेत्रापफल भी ज्ञात कीजिए। ;यह मान कर चलिए कि गलियों की चैड़ाइयों को छोड़ा जा सकता है।द्ध हल रू चूँकि ।ठ त्र 9 उ और ठब् त्र 40 उ, ∠ ठ त्र 90° है, इसलिए ।ब् त्र 92  40 2 उ त्र 81  1600 उ त्र 1681 उ त्र 41उ आवृफति 12ण्12 अब, पहले समूह ने समकोण त्रिाभुज ।ठब् के क्षेत्रापफल के बराबर सपफाइर् की है। 1अतः, क्षेत्रापफल Δ ।ठब् त्र × आधर × ऊँचाइर्21 त्र × 40 × 9 उ2 त्र 180 उ2 2दूसरे समूह ने Δ।ब्क् के क्षेत्रापफल के बराबर सपफाइर् की है। इसकी भुजाएँ 41 उ, 15 उ और 28 उ हैं। 41  15 28यहाँ, ेत्र उ त्र 42 उ 2 अतः, Δ ।ब्क् का क्षेत्रापफल त्र े;दृ द्ध; दृद्ध;दृेंइेब द्ध 127142 त्र 126 उ2त्र 42   उइसलिए, पहले समूह ने 180 उ2 सपफाइर् की जो दूसरे समूह की सपफाइर् से ;180 - 126द्ध उ2, अथार्त् 54 उ2 अध्िक है। सभी विद्या£थयों द्वारा की गइर् सपफाइर् का वुफल क्षेत्रापफल त्र ;180 ़ 126द्ध उ2 त्र 306 उ2 उदाहरण 6 रू सानया के पास एक खेत है जो एक समचतुभुर्ज के आकार का है ;देख्िाए आवृफति 12.13द्ध। वह अपनी एक पुत्राी और एक पुत्रा से यह चाहती थी कि वे इस खेत पर काम करके अलग - अलग पफसलों ;या उपजोंद्ध का उत्पादन करें। उसने इस खेत को दो बराबर भागों में विभाजित कर दिया। यदि इस खेत का परिमाप 400 उ है और एक विकणर् 160 उ है, तो प्रत्येक को खेती के लिए कितना क्षेत्रापफल प्राप्त होगा? हल रू मान लीजिए ।ठब्क् खेत है। इसका परिमाप त्र 400 उ इसलिए, पत्य्रेक भुजा त्र 400 उ झ् 4 त्र 100 उ अथार्त् ।ठ त्र ।क् त्र 100 उ मान लीजिए विकणर् ठक् त्र 160 उ है। तब आवृफति 12ण्13 Δ ।ठक् का अध्र्परिमाप 100 100 160 ेत्र उ त्र 180 उ 2 2अतः, Δ ।ठक् का क्षेत्रापफल त्र 180;180 100द्ध;180 दृ 100द्ध;180 दृ 160द्ध उउ2 त्र 4800 उ2 इसलिए, प्रत्येक को खेती करने के लिए 4800 उ2 क्षेत्रापफल प्राप्त होगा। वैकल्िपक विध्ि रू ब्म् ⊥ ठक् खीचिए ;देख्िाए आवृफति 12.14द्ध। ंचूँकि ठक् त्र 160 है, इसलिए क्म् त्र 160 उ झ् 2 उ त्र 80 उ साथ ही, क्म्2 ़ ब्म्2 त्र क्ब्2 है। इसलिए, ब्म् त्र क्ब्2  क्म्2 अतः, ब्म् त्र 100 2  80 2 उ  60 उ आवृफति 12ण्14 1इसलिए, Δ ठब्क् का क्षेत्रापफल त्र 160  60उ2 त्र 4800 उ2 2 प्रश्नावली12ण्2 1ण् एक पावर्फ चतुभुर्ज।ठब्क् के आकार का है, जिसमें ∠ ब् त्र 90ह्ए ।ठ त्र 9 उए ठब् त्र 12 उ, ब्क् त्र 5 उ और ।क् त्र 8 उ है। इस पावर्फ का कितना क्षेत्रापफल है? 2ण् एक चतुभुर्ज।ठब्क् का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए, जिसमें ।ठ त्र 3 बउ, ठब् त्र 4 बउ, ब्क् त्र 4 बउ, क्। त्र 5 बउ और ।ब् त्र 5 बउ है। 3ण् राध ने एक रंगीन कागज से एक हवाइर्जहाज का चित्रा बनाया, जैसा कि आवृफति 12.15 में दिखाया गया है। प्रयोग किए गए कागज का वुफल क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। आवृफति 12ण्15 4ण् एक त्रिाभुज और एक समांतर चतुभुर्ज का एक ही आधर है और क्षेत्रापफल भी एक ही है। यदि त्रिाभुज की भुजाएँ 26 बउ, 28 बउ और 30 बउ हैं तथा समांतर चतुभुर्ज 28 बउ के आधर पर स्िथत है, तो उसकी संगत ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। 5ण् एक समचतुभुर्जाकार घास के खेत में 18 गायों के चरने के लिए घास है। यदि इस समचतुभुर्ज की प्रत्येक भुजा 30 उ है और बड़ा विकणर् 48उ है, तो प्रत्येक गाय को चरने के लिए इस घास के खेत का कितना क्षेत्रापफल प्राप्त होगा? 6ण् दो विभ्िान्न रंगों के कपड़ों के 10 त्रिाभुजाकार टुकड़ों को सीकर एक छाता बनाया गया है ;देख्िाए आवृफति 12.16द्ध। प्रत्येक टुकड़े के माप 20 बउ, 50 बउ और 50 बउ हैं। छाते में प्रत्येक रंग का कितना कपड़ा लगा है? 7ण् एक पतंग तीन भ्िान्न - भ्िान्न शेडों ;ेींकमेद्ध के कागजों से बनी है। इन्हें आवृफति 12.17 में प्ए प्प् और प्प्प् से दशार्या गया है। पतंग का ऊपरी भाग 32 बउ विकणर् का एक वगर् है और निचला भाग 6 बउ, 6 बउ और 8 बउ भुजाओं का एक समद्विबाहु त्रिाभुज है। ज्ञात कीजिए कि प्रत्येक शेड का कितना कागज प्रयुक्त किया गया है। आवृफति 12ण्16 आवृफति 12ण्17 8ण् पफशर् पर एक पूफलों का डिज़ाइन 16 त्रिाभुजाकार टाइलों से बनाया गया है, जिनमें से प्रत्येक की भुजाएँ 9 बउ, 28 बउ और 35 बउ हैं ;देख्िाए आवृफति 12.18द्ध। इन टाइलों को 50 पैसे प्रति बउ2 की दर से पालिश कराने का व्यय ज्ञात कीजिए। 9ण् एक खेत समलंब के आकार का है जिसकी समांतर भुजाएँ 25 उ और 10 उ हैं। इसकी असमांतर भुजाएँ 14 उ और 13 उ हैं। इस खेत का क्षेत्रापफल ज्ञात आवृफति 12ण्18कीजिए। 12ण्4 सारांश इस अध्याय में, आपने निम्नलिख्िात ¯बदुओं का अध्ययन किया है: 1ण् यदि त्रिाभुज की भुजाएँ ंए इ और ब हों, तो हीरोन के सूत्रा द्वारा त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ंइब े;े ंद्ध; े इद्ध; े बद्ध होता है जहाँ े त्र है।2 2ण् एक चतुभुर्ज जिसकी भुजाएँ तथा एक विकणर् दिए हों, तो उसका क्षेत्रापफल उसे दो त्रिाभुजों में विभाजित करके और पिफर हीरोन के सूत्रा का प्रयोग करके ज्ञात किया जा सकता है।

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