अध्याय 4 दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण ज्ीम चतपदबपचंस नेम व िजीम ।दंसलजपब ।तज पे जव इतपदह डंजीमउंजपबंस च्तवइसमउे जव म्ुनंजपवदे ंदक जव मगीपइपज जीवेम म्ुनंजपवदे पद जीम उवेज ेपउचसम जमतउे जींज बंद इमण् ;वैश्लेष्िाक कला का मुख्य प्रयोग गण्िातीय समस्याओं को समीकरण में लाना है और इन समीकरणों को यथासंभव सरल पदों में प्रस्तुत करना हैद्ध। कृम्कउनदक भ्ंससमल 4ण्1 भूमिका पिछली कक्षाओं में, आप एक चर वाले रैख्िाक समीकरणों का अध्ययन कर चुके हैं। क्या आप एक चर वाला कोइर् रैख्िाक समीकरण लिख सकते हैं? आप कह सकते हैं कि ग ़ 1 त्र 0ए ग ़ 2 त्र 0 और 2 ल ़ 3 त्र 0 एक चर वाले रैख्िाक समीकरणों के उदाहरण हैं। आप यह भी जानते हैं कि ऐसे समीकरणों का एक अद्वितीय ;अथार्त् एक और केवलएकद्ध हल होता है। आपको संभवतः यह भी याद होगा कि एक संख्या रेखा पर हल को किस प्रकार निरूपित किया जाता है। इस अध्याय में, हम एक चर वाले रैख्िाक समीकरणों पर पुनःविचार करेंगे और उनसे संबंध्ित ज्ञान को दो चरों वाले रैख्िाक समीकरणों पर लागू करेंगे। यहाँ हम इस प्रकार के प्रश्नों पर विचार करेंगेः क्या दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण का एकहल होता है? यदि हाँ, तो क्या यह अद्वितीय होता है? कातीर्य तल पर हल किस प्रकार दिखाइर् पड़ता है? इस प्रकार के प्रश्नों का अध्ययन करने के लिए, हम अध्याय 3 में बताइर्गइर् संकल्पनाओं का भी प्रयोग करेंगे। 4ण्2 रैख्िाक समीकरण आइए पहले हम यह देखें कि अभी तक आपने क्या - क्या अध्ययन किया है। आइए हम निम्नलिख्िात समीकरण लें: 2ग ़ 5 त्र 0 इसका हल, अथार्त् समीकरण का मूल − 5 है। इसे संख्या रेखा पर इस प्रकार निरूपित2 किया जा सकता है, जैसा कि नीचे की आवृफति में दिखाया गया है: आवृफति 4ण्1 एक समीकरण को हल करते समय निम्नलिख्िात बातों को ध्यान में रखना होता है। एक रैख्िाक समीकरण पर तब कोइर् प्रभाव नहीं पड़ता जबकिः ;पद्ध समीकरण के दोनों पक्षों में समान संख्या जोड़ी या घटाइर् जाती है। ;पपद्ध समीकरण के दोनों पक्षों को समान शून्येतर संख्या से गुणा या भाग दिया जाता है। आइए अब हम निम्नलिख्िात स्िथति पर विचार करेेंः नागपुर में भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए एक एकदिवसीय अंतरार्ष्ट्रीय िकेट मैच में दो भारतीय बल्लेबाजों ने एक साथ मिलकर 176 रन बनाए। इस जानकारी को एक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए। यहाँ आप यह देख सकते हैं कि दोनों बल्लेबाजों में से किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रन ज्ञात नहीं हैं, अथार्त् यहाँ दो अज्ञात राश्िायाँ हैं। आइए हम इन अज्ञात राश्िायों को ग और ल से प्रकट करें। इस तरह एक बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रनों की संख्या ग है और दूसरे बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रनों की संख्या ल है। हम जानते हैं कि ग ़ ल त्र 176 है, जो कि अभीष्ट समीकरण है। यह दो चरों वाले एक रैख्िाक समीकरण का एक उदाहरण है। यह परंपरा रही है कि इस प्रकार के समीकरणों के चरों को ग और ल से प्रकट किया जाता है, परंतु अन्य अक्षरों का भी प्रयोग किया जा सकता है। दो चरों वाले रैख्िाक समीकरणों के वुफछ उदाहरण ये हैंः 1ण्2े ़ 3ज त्र 5ए च ़ 4ु त्र 7ए πन ़ 5अ त्र 9 और 3 त्र 2 ग दृ 7ल क्या आप वुफछ और उदाहरण दे सकते हैं? ध्यान दीजिए कि आप इन समीकरणों को क्रमशः 1ण्2े ़ 3ज दृ 5 त्र 0ए च ़ 4ु दृ 7 त्र 0ए πन ़ 5अ दृ 9 त्र 0 और 2 ग दृ 7ल दृ 3 त्र 0 के रूप में व्यक्त कर सकते हैं। अतः उस समीकरण को, जिसे ंग ़ इल ़ ब त्र 0 के रूप में व्यक्त किया जा सकता हो, जहाँ ंए इ और ब वास्तविक संख्याएँ हैं और ं और इ दोनों शून्य नहीं हैं, दो चरों वाला रैख्िाक समीकरण ;सपदमंत मुनंजपवद पद जूव अंतपंइसमेद्ध कहा जाता है। उदाहरण 1 रू नीचे दिए गए समीकरणों को ंग ़ इल ़ ब त्र 0 के रूप में लिख्िाए और प्रत्येक स्िथति में ंए इ और ब के मान बताइए: ;पद्ध 2ग ़ 3ल त्र 4ण्37 ;पपद्ध ग दृ 4 त्र 3 ल ;पपपद्ध 4 त्र 5ग दृ 3ल ;पअद्ध 2ग त्र ल हल रू ;पद्ध 2ग ़ 3ल त्र 4ण्37 को 2ग ़ 3ल दृ 4ण्37 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ ं त्र 2ए इ त्र 3 और ब त्र दृ 4ण्37 है। ;पपद्ध समीकरण ग दृ 4 त्र 3 ल को ग दृ 3 ल दृ 4 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ ं त्र 1ए इ त्र दृ 3 और ब त्र दृ 4 है। ;पपपद्ध समीकरण 4 त्र 5ग दृ 3ल को 5ग दृ 3ल दृ 4 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ ं त्र 5ए इ त्र दृ3 और ब त्र दृ 4 है। क्या आप इस बात से सहमत हैं कि इसे दृ5ग ़ 3ल ़ 4 त्र 0 के रूप में भी लिखा जा सकता है? इस स्िथति में, ं त्र दृ5ए इ त्र 3 और ब त्र 4 है। ;पअद्ध समीकरण 2ग त्र ल को 2ग दृ ल ़ 0 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ ं त्र 2ए इ त्र दृ1 और ब त्र 0 है। समीकरण ंग ़ इ त्र 0 भी दो चरों वाले रैख्िाक समीकरणों का ही एक उदाहरण है, क्योंकि इसे ंग ़ 0ण्ल ़ इ त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, 4 दृ 3ग त्र 0 को दृ3ग ़ 0ण्ल ़ 4 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। उदाहरण 2 रू निम्नलिख्िात में से प्रत्येक को दो चरों वाले समीकरणों के रूप मंे व्यक्त कीजिएः ;पद्ध ग त्र दृ5 ;पपद्ध ल त्र 2 ;पपपद्ध 2ग त्र 3 ;पअद्ध 5ल त्र 2 हल रू ;पद्ध ग त्र दृ5 को 1ण्ग ़ 0ण्ल त्र दृ5ए या 1ण्ग ़ 0ण्ल ़ 5 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। ;पपद्ध ल त्र 2 को 0ण्ग ़ 1ण्ल त्र 2ए या 0ण्ग ़ 1ण्ल दृ 2 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। ;पपपद्ध 2ग त्र 3 को 2ण्ग ़ 0ण्ल दृ 3 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। ;पअद्ध 5ल त्र 2 को 0ण्ग ़ 5ण्ल दृ 2 त्र 0 के रूप में लिखा जा सकता है। प्रश्नावली 4ण्1 1ण् एक नोटबुक की कीमत एक कलम की कीमत से दो गुनी है। इस कथन को निरूपित करने के लिए दो चरों वाला एक रैख्िाक समीकरण लिख्िाए। ;संकेत: मान लीजिए, नोटबुक की कीमत ग रुहै और कलम की कीमत ल रुहैद्ध। 2ण् निम्नलिख्िात रैख्िाक समीकरणों को ंग ़ इल़ ब त्र 0 के रूप में व्यक्त कीजिए और प्रत्येक स्िथति में ंए इ और ब के मान बताइएः ल;पद्ध 2ग़ 3लत्र 9ण्35 ;पपद्ध ग दृ दृ 10 त्र 0 ;पपपद्ध दृ2ग ़ 3ल त्र 6 ;पअद्ध ग त्र 3ल;अद्ध 2गत्र दृ5ल ;अपद्ध 3ग ़ 2 त्र 0 ;अपपद्ध ल दृ 2 त्र 0 ;अपपपद्ध 5त्र2ग 5 4ण्3 रैख्िाक समीकरण का हल आपने देखा है कि एक चर वाले प्रत्येक रैख्िाक समीकरण का एक अद्वितीय हल होता है। दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण के हल के बारे में आप क्या कह सकते हैं? क्योंकि समीकरण में दो चर हैं, इसलिए हल का अथर् होता है ग तथा ल के उन मानों का युग्म जो दिए हुए समीकरण को संतुष्ट करते हैं। आइए, हम समीकरण 2ग ़ 3ल त्र 12 लें। यहाँ ग त्र 3 और ल त्र 2 एक हल है, क्योंकि जब हम ऊपर के समीकरण में ग त्र 3 और ल त्र 2 प्रतिस्थापित करते हैं तब हमें यह प्राप्त होता हैः 2ग ़ 3ल त्र ;2 × 3द्ध ़ ;3 × 2द्ध त्र 12 इस हल को एक क्रमित युग्म ;3ए 2द्ध के रूप में लिखा जाता है, जिसमें पहले ग का और उसके बाद ल का मान लिखा जाता है। इसी प्रकार, ;0ए 4द्ध भी ऊपर दिए गए समीकरण का एक हल है। इसके विपरीत, ;1ए 4द्ध ऊपर दिए गए समीकरण का एक हल नहीं है, क्योंकि ग त्र 1 और ल त्र 4 प्रतिस्थापित करने पर हमें 2ग ़ 3ल त्र 14 प्राप्त होता है जो 12 नहीं है। ध्यान दीजिए कि ;0ए 4द्ध तो एक हल है परंतु ;4ए 0द्ध एक हल नहीं है। इस तरह आपने 2ग ़ 3ल त्र 12 के कम से कम दो हल ;3ए 2द्ध और ;0ए 4द्ध प्राप्त कर लिए हैं। क्या आप कोइर् अन्य हल प्राप्त कर सकते हैं? क्या आप इस बात से सहमत हैं कि ;6ए 0द्ध एक अन्य हल है? यदि हाँ, तो आप इसे सत्यापित कीजिए। वस्तुतः निम्न विध्ि से हम कइर् हल प्राप्त कर सकते हैंः आप 2ग ़ 3ल त्र 12 में अपनी इच्छानुसार ग का एक मान ;मान लीजिए ग त्र 2द्ध ले सकते हैं। तब समीकरण 4 ़ 3ल त्र 12 हो जाता है, जो कि एक चर वाला रैख्िाक समीकरण 88 ⎞⎛है। इसे हल करने पर हमें ल त्र 3 प्राप्त होता है। अतः ⎜ 2ए ⎟ ए 2ग ़ 3ल त्र 12 का एक अन्य⎝ 3 ⎠ हल है। इसी प्रकार, ग त्र दृ5 लेने पर हम पाते हैं कि समीकरण दृ10 ़ 3ल त्र 12 हो जाता 22 ⎛ 22 ⎞है। इससे ल त्र 3 प्राप्त होता है। अतः ⎜−5ए ⎟ ए 2ग ़ 3ल त्र 12 का एक अन्य हल है।⎝ 3 ⎠ इसलिए दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण के विभ्िान्न हलों का कोइर् अंत नहीं है। कहने का अथर् है कि दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। उदाहरण 3 रू समीकरण ग ़ 2ल त्र 6 के चार अलग - अलग हल ज्ञात कीजिए। हल रू देखने पर ग त्र 2ए ल त्र 2 एक हल है, क्यांेकि ग त्र 2ए ल त्र 2 पर ग ़ 2ल त्र 2 ़ 4 त्र 6 है। आइए, अब हम ग त्र 0 लें। ग के इस मान पर दिया हुआ समीकरण 2ल त्र 6 हो जाता है, जिसका कि एक अद्वितीय हल ल त्र 3 होता है। अतः ग त्र 0ए ल त्र 3 भी ग ़ 2ल त्र 6 का एक हल है। इसी प्रकार, ल त्र 0 लेने पर दिया हुआ समीकरण ग त्र 6 हो जाता है। अतः ग त्र 6ए ल त्र 0 भी ग ़ 2ल त्र 6 का एक हल है। अंत में, आइए हम ल त्र 1 लें। अब दिया हुआ समीकरण ग ़ 2 त्र 6 हो जाता है, जिसका हल ग त्र 4 है। इसलिए, ;4ए 1द्ध भी दिए हुए समीकरण का एक हल है। अतः, दिए हुए समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हलों में चार हल ये हैंः ;2ए 2द्धए ;0ए 3द्धए ;6ए 0द्ध और ;4ए 1द्ध टिप्पणीरू ध्यान दीजिए कि एक हल प्राप्त करने की सरल विध्ि ग त्र 0 लेना है और ल का संगत मान प्राप्त करना है। इसी प्रकार, हम ल त्र 0 ले सकते हैं और तब ग का संगत मान प्राप्त कर लेते हैं। उदाहरण 4 रू निम्नलिख्िात समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण के दो हल ज्ञात कीजिएः ;पद्ध4ग ़ 3ल त्र 12 ;पपद्ध2ग ़ 5ल त्र 0 ;पपपद्ध 3ल ़ 4 त्र 0 हलरू ;पद्ध ग त्र 0 लेने पर, हमें 3ल त्र 12ए अथार्त् ल त्र 4 प्राप्त होता है। अतः ;0ए 4द्ध भी दिए हुए समीकरण का एक हल है। इसी प्रकार, ल त्र 0 लेने पर हमें ग त्र 3 प्राप्त होता है। इस तरह, ;3ए 0द्ध भी एक हल है। ;पपद्ध ग त्र 0 लेने पर, हमें 5ल त्र 0ए अथार्त् ल त्र 0 प्राप्त होता है। इसलिए ;0ए 0द्धदिए हुए समीकरण का एक हल है। अब, यदि हम ल त्र 0 लें, तो हमें एक हल के रूप में पुनः ;0ए 0द्ध प्राप्त होता हैऋ जो कि वही है जिसे हमने पहले प्राप्त किया था। एक अन्य हल प्राप्त करने के लिए ग त्र 1 लीजिए। ⎛ 2 ⎞तब आप देख सकते हैं कि ल का संगत मान − 2 है। अतः 1ए − ए 2ग ़ 5ल त्र 0 का⎜⎟5 ⎝ 5 ⎠ एक अन्य हल है। ;पपपद्ध समीकरण 3ल ़ 4 त्र 0 को 0ण्ग ़ 3ल ़ 4 त्र 0 के रूप में लिखने पर, ग के किसी भी 4 ⎛ 4⎞⎛ 4⎞मान पर हमें ल त्र दृ प्राप्त होगा। अतः हमें दो हल ⎜0ए दृ ⎟ आरै⎜1ए दृ ⎟ प्राप्त3 ⎝ 3⎠⎝ 3⎠ हो सकते हैं। प्रश्नावली 4ण्2 1ण् निम्नलिख्िात विकल्पों में कौन - सा विकल्प सत्य है, और क्यों? ल त्र 3ग ़ 5 का ;पद्ध एक अद्वितीय हल है ;पपद्ध केवल दो हल हैं ;पपपद्ध अपरिमित रूप से अनेक हल हैं 2ण् निम्नलिख्िात समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण के चार हल लिख्िाएः ;पद्ध 2ग ़ ल त्र 7 ;पपद्ध πग ़ ल त्र 9 ;पपपद्ध ग त्र 4 ल 3ण् बताइए कि निम्नलिख्िात हलों में कौन - कौन समीकरण ग दृ 2ल त्र 4 के हल हैं और कौन - कौन हल नहीं हैं: ;पद्ध ;0ए 2द्ध ;पपद्ध ;2ए 0द्ध ;पपपद्ध ;4ए 0द्ध ;पअद्ध ; 2ए4 2द्ध ;अद्ध ;1ए 1द्ध 4ण् ा का मान ज्ञात कीजिए जबकि ग त्र 2ए ल त्र 1 समीकरण 2ग ़ 3ल त्र ा का एक हल हो। 4ण्4 दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण का आलेख अभी तक आपने दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण के हल बीजीय रूप से प्राप्त किए हैं। आइए अब हम इसके ज्यामितीय निरूपण को देखें। आप जानते हैं कि प्रत्येक ऐसी समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। इन्हें हम निदेर्शांक तल में किस प्रकार दशार् सकते हैं? हल को मान - युग्मों में लिखने पर आपको इसके वुफछ संकेत मिल सकते हैं। उदाहरण 3 के रैख्िाक समीकरण ग ़ 2ल त्र 6 ;1द्ध के हल को ग के संगत मानों के नीचे ल के मान लिखकर एक सारणी के रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता हैः सारणी 1 ग 0 2 4 6 ण् ण् ण् ल 3 2 1 0 ण् ण् ण् पिछले अध्याय में आपने यह देखा है कि एक आलेख कागज ;हतंची चंचमतद्ध पर बिंदुओं को किस प्रकार आलेख्िात किया जाता है। आइए हम आलेख कागज पर बिंदुओं ;0ए 3द्धए ;2ए 2द्धए ;4ए 1द्ध और ;6ए 0द्ध को आलेख्िात करें। अब किन्हीं दो बिंदुओं को मिलाकर एक रेखा प्राप्त कीजिए। मान लीजिए यह रेखा ।ठ है ;देख्िाए आवृफति 4.2द्ध। क्या आप देखते हैं कि अन्य दो बिंदु भी रेखा ।ठ पर स्िथत हैं? अब, इस रेखा पर एक अन्य बिंदु, मान लीजिए ;8ए दृ1द्धए लीजिए। क्या यह एक हल है? वस्तुतः 8 ़ 2;दृ1द्ध त्र 6 है। अतः ;8ए दृ1द्ध एक हल है। इस रेखा ।ठ पर एक अन्य बिंदु लीजिए और जाँच कीजिए कि इसके निदेर्शांक समीकरण को संतुष्ट करते हैं या नहीं। अब एक ऐसा बिंदु लीजिए जो रेखा ।ठ पर स्िथत नहीं हो। मान लीजिए यह बिंदु ;2ए 0द्ध है। क्या इसके निदेर्शांक समीकरण को संतुष्ट करते हैं? जाँच करने पर आप यह देखेंगे कि ये निदेर्शांक समीकरण को संतुष्ट नहीं करते। इस तरह, हम यह देखते हैं कि 1ण् प्रत्येक बिंदु जिसके निदेर्शांक समीकरण ;1द्ध को संतुष्ट करते हैंऋ रेखा।ठ पर स्िथत होता है। 2ण् रेखा ।ठ पर स्िथत प्रत्येक बिंदु ;ंए इद्ध से समीकरण ;1द्ध का एक हल ग त्र ंए ल त्र इ प्राप्त हो जाता है। 3ण् कोइर् भी बिंदु, जो रेखा ।ठ पर स्िथत नहीं है, समीकरण ;1द्ध का हल नहीं होगा। अतः आप यह निष्कषर् निकाल सकते हैं कि रेखा पर स्िथत प्रत्येक बिंदु रेखा के समीकरण को संतुष्ट करता है और समीकरण का प्रत्येक हल रेखा पर स्िथत एक बिंदु होता है। वस्तुतः दो चरों वाले एक रैख्िाक समीकरण ज्यामितीय रूप से एक ऐसी रेखा से निरूपित किया जाता है जिसके सभी बिंदु समीकरण के हल होते हैं। इसे रैख्िाक समीकरण का आलेख कहा जाता है। अतः दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण का आलेख प्राप्त करने के लिए दो हलों के संगत दो बिंदु आलेख्िात करना और उन्हें एक रेखा से मिला देना पयार्प्त होता है। पिफरभी, उत्तम तो यह होगा कि इस प्रकार के दो से अध्िक बिंदु आलेख्िात किए जाएँ जिससे कि आप आलेख की शु(ता की जाँच तुरंत कर सवेंफ। टिप्पणी रू एक घात वाले बहुपद समीकरण ंग ़ इल ़ ब त्र 0 को रैख्िाक समीकरण इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसका ज्यामितीय निरूपण एक सरल रेखा होती है। उदाहरण 5 रू यदि बिंदु ;1ए 2द्ध दिया हुआ हो, तो क्या आप उस रेखा का समीकरण दे सकते हैं जिस पर वह बिंदु स्िथत है? इस प्रकार के कितने समीकरण हो सकते हैं? हल रू ;1ए 2द्ध उस रैख्िाक समीकरण का एक हल है जिसे आप ढूँढ़ रहे हैं। इस प्रकार आप एक ऐसी रेखा का पता लगाना चाहते हैं जो बिंदु ;1ए 2द्ध से होकर जाती है। इस प्रकार के रैख्िाक समीकरण का एक उदाहरण ग ़ ल त्र 3 है। अन्य समीकरण हैंः ल दृ ग त्र 1ए ल त्र 2गए क्योंकि ये भी बिंदु ;1ए 2द्ध के निदेर्शांकों से संतुष्ट हो जाते हैं। वस्तुतः, ऐसे अपरिमित रूप से अनेक रैख्िाक समीकरण हैं जो बिंदु ;1ए 2द्ध के निदेर्शांकों से संतुष्ट हो जाते हैं। क्या आप इसे चित्राीय रूप से देख सकते हैं? उदाहरण 6 रू ग ़ ल त्र 7 का आलेख खींचिए। हलरू ग्रापफ ;आलेखद्ध खंींचने के लिए हमें समीकरण के कम से कम दो हलों की आवश्यकता होती है। आप यह देख सकते हैं कि दिए हुए समीकरण के हल ग त्र 0ए ल त्र 7 और ग त्र 7ए ल त्र 0 हैं। अतः ग्रापफ खींचने के लिए आप नीचे दी गइर् सारणी का प्रयोग कर सकते हैंः सारणी 2 ग 0 7 ल 7 0 सारणी 2 के दो बिंदुओं को आलेख्िात करके इन्हें एक रेखा से मिलाकर आलेख खींचिए ;देख्िाए आवृफति 4.3द्ध। थ्पसम छंउम रू ब्रू?ब्वउचनजमत ैजंजपवद?डंजी.प्ग् ;भ्पदकपद्ध?ब्ींचजमत?ब्ींच.4?ब्ींच.4ण्च्ड65 आवृफति 4ण्3 उदाहरण 7 रू आप जानते हैं कि एक ¯पड पर लगाया गया बल ¯पड में उत्पन्न त्वरण के अनुक्रमानुपाती होता है। इस स्िथति को व्यक्त करने वाला एक समीकरण लिख्िाए और समीकरण को आलेख्िात कीजिए। हलरू यहाँ चर, बल और त्वरण हैं। मान लीजिए लगाया गया बल ल मात्राक है और उत्पन्न त्वरण ग मात्राक है। अनुपात और समानुपात से आप इस तथ्य को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैंः ल त्र ाग जहाँ ा एक अचर है। ;विज्ञान के अध्ययन से आप यह जानते हैं कि वास्तव में ा ¯पड का द्रव्यमान होता हैद्ध। अब क्योंकि हम यह नहीं जानते कि ा क्या है, इसलिए हम ल त्र ाग का परिशु( आलेख नहीं खंींच सकते। पिफर भी, यदि हम ा को एक मान दे दें, तब हम आलेख खींच सकते हैं। आइए हम ा त्र 3 लें। तब हम ल त्र 3ग को निरूपित करने वाली रेखा खींच सकते हैं। इसके लिए, इस समीकरण के हम दो हल ज्ञात करते हैं। मान लीजिए ये हल ;0ए 0द्ध और ;2ए 6द्ध हैं ;देख्िाए आकृति 4ण्4द्ध। इस आलेख से आप यह देख सकते हैं कि जब लगाया गया बल 3 मात्राक होता है, तब उत्पन्न त्वरण 1 मात्राक होता है। आप यहाँ यह भी देखते हैं कि बिंदु ;0, 0द्ध आलेख पर स्िथत है, जिसका अथर् यह है कि जब लगाया गया बल 0 मात्राक होता है तो उत्पन्न त्वरण 0 मात्राक होता है। टिप्पणीरू ल त्र ाग के रूप वफी समीकरण का आलेख एक रेखा होती है जो सदा मूलबिंदु से होकर जाती है। उदाहरण 8 रू आवृफति 4.5 में दिए गए प्रत्येक आलेख को ध्यान से देख्िाए और नीचे के प्रत्येक आलेख के विकल्पों से आलेख में दिए गए समीकरण का चयन कीजिएः ;ंद्ध आवृफति 4ण्5 ;पद्ध के लिए, ;पद्ध ग ़ ल त्र 0 ;पपद्ध ल त्र 2ग ;पपपद्ध ल त्र ग ;पअद्ध ल त्र 2ग़ 1 ;इद्ध आवृफति 4ण्5 ;पपद्ध के लिए, ;पद्ध ग ़ ल त्र 0 ;पपद्ध ल त्र 2ग ;पपपद्ध लत्र 2ग ़ 4 ;पअद्ध ल त्र ग दृ 4 ;बद्ध आवृफति 4ण्5 ;पपपद्ध के लिए, ;पद्ध ग ़ ल त्र 0 ;पपद्ध ल त्र 2ग ;पपपद्ध लत्र 2ग ़ 1 ;पअद्ध ल त्र 2ग दृ 4 ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध आवृफति 4ण्5 हल रू ;ंद्ध आवृफति 4ण्5 ;पद्ध में रेखा पर बिंदु ;दृ1ए दृ2द्धए ;0ए 0द्धए ;1ए 2द्ध हैं। देखने पर, इस आलेख का संगत समीकरण ल त्र 2ग है। आप यहांँ यह देख सकते हैं कि प्रत्येक स्िथति में ल.निदेर्शांक, ग.निदेर्शांक वफा दोगुना है। ;इद्ध आवृफति 4ण्5 ;पपद्ध में रेखा पर बिंदु ;दृ2ए 0द्धए ;0ए 4द्धए ;1ए 6द्ध हैं। आप जानते हैं कि आलेख के बिंदुओं के निदेर्शांक समीकरण ल त्र 2ग ़ 4 को संतुष्ट करते हैं। अतः, ल त्र 2ग ़ 4 आवृफति 4ण्5 ;पपद्ध के आलेख का संगत समीकरण है। ;बद्ध आवृफति 4ण्5 ;पपपद्ध में, रेखा पर बिंदु ;दृ1ए दृ 6द्धए ;0ए दृ 4द्धए ;1ए दृ 2द्धए ;2ए 0द्ध हैं। देखकर आप यह कह सकते हैं कि ल त्र 2ग दृ 4 दिए हुए आलेख का संगत समीकरण है। प्रश्नावली 4ण्3 1ण् दो चरों वाले निम्नलिख्िात रैख्िाक समीकरणों में से प्रत्येक का आलेख खींचिएः ;पद्ध ग ़ ल त्र 4 ;पपद्ध ग दृ ल त्र 2 ;पपपद्ध ल त्र 3ग ;पअद्ध 3 त्र 2ग़ ल 2ण् बिंदु ;2, 14द्ध से होकर जाने वाली दो रेखाओं के समीकरण लिख्िाए। इस प्रकार की और कितनी रेखाएँ हो सकती हैं, और क्यांे? 3ण् यदि बिंदु ;3, 4द्ध समीकरण 3ल त्र ंग ़ 7 के आलेख पर स्िथत है, तो ं का मान ज्ञात कीजिए। 4ण् एक नगर में टैक्सी का किराया निम्नलिख्िात है: पहले किलोमीटर का किराया 8 रु है और उसके बाद की दूरी के लिए प्रति किलोमीटर का किराया 5 रु है। यदि तय की गइर् दूरी ग किलोमीटर हो, और वुफल किराया ल रु हो, तो इसका एक रैख्िाक समीकरण लिख्िाए और उसका आलेख खींचिए। 5ण् निम्नलिख्िात आलेखों में से प्रत्येक आलेख के लिए दिए गए विकल्पों से सही समीकरण का चयन कीजिएः आवृफति 4ण्6 के लिए आवृफति 4ण्7 के लिए ;पद्ध ल त्र ग ;पद्ध ल त्र ग ़ 2 ;पपद्ध ग ़ ल त्र 0 ;पपद्ध ल त्र ग दृ 2 ;पपपद्ध ल त्र 2ग ;पपपद्ध ल त्र दृग ़ 2 ;पअद्ध 2 ़ 3ल त्र 7 ग ;पअद्ध ग ़ 2ल त्र 6 6ण् एक अचर बल लगाने पर एक ¯पड द्वारा किया गया कायर् ¯पड द्वारा तय की गइर् दूरी के अनुक्रमानुपाती होता है। इस कथन को दो चरों वाले एक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए और अचर बल 5 मात्राक लेकर इसका आलेख खींचिए। यदि ¯पड द्वारा तय की गइर् दूरी ;पद्ध 2 मात्राक ;पपद्ध 0 मात्राक हो, तो आलेख से किया हुआ कायर् ज्ञात कीजिए। 7ण् एक विद्यालय की कक्षा प्ग् की छात्राएं यामिनी और पफातिमा ने मिलकर भूवंफप पीडि़त व्यक्ितयों की सहायता के लिए प्रधनमंत्राी राहत कोष में 100 रु अंशदान दिया। एक रैख्िाक समीकरण लिख्िाए जो इन आंकड़ों को संतुष्ट करती हो। ;आप उनका अंशदान ग रु और ल रुमान सकते हैंद्ध। इस समीकरण का आलेख खींचिए। 8ण् अमरीका और कनाडा जैसे देशों में तापमान पफारेनहाइट में मापा जाता है, जबकि भारत जैसे देशों में तापमान सेल्िसयस में मापा जाता है। यहाँ पफारेनहाइट को सेल्िसयस में रूपांतरित करने वाला एक रैख्िाक समीकरण दिया गया है: 9⎛⎞थ् त्र ब़्32 ⎜⎟5⎝⎠ ;पद्ध सेल्िसयस को ग.अक्ष और पफारेनहाइट को ल.अक्ष मानकर ऊपर दिए गए रैख्िाक समीकरण का आलेख खींचिए। ;पपद्ध यदि तापमान 30°ब् है, तो पफारेनहाइट में तापमान क्या होगा? ;पपपद्ध यदि तापमान 95°थ् है, तो सेल्िसयस में तापमान क्या होगा? ;पअद्ध यदि तापमान 0°ब् है, तो पफारेनहाइट में तापमान क्या होगा? और यदि तापमान 0ह्थ् है, तो सेल्िसयस में तापमान क्या होगा? ;अद्ध क्या ऐसा भी कोइर् तापमान है जो पफारेनहाइट और सेल्िसयस दोनों के लिए संख्यात्मकतः समान है? यदि हाँ, तो उसे ज्ञात कीजिए। 4ण्5 ग.अक्ष और ल.अक्ष के समांतर रेखाओं के समीकरण आप यह पढ़ चुके हैं कि किस प्रकार कातीर्य तल में एक दिए हुए बिंदु के निदेर्शांक लिखे जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि कातीर्य तल पर ;2ए 0द्धए ;दृ3ए 0द्धए ;4ए 0द्ध और ;दए 0द्धए जहाँ द कोइर् वास्तविक संख्या है, कहाँ पर स्िथत होते हैं? हाँ, ये सभी बिंदु ग.अक्ष पर स्िथत हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों है? ऐसा इसलिए है क्योंकिग.अक्ष पर प्रत्येक बिंदु का ल.निदेर्शांक 0 होता है। वस्तुतः ग.अक्ष पर स्िथत प्रत्येक बिंदु ;गए 0द्ध के रूप का होता है। क्या अब आप ग.अक्ष के समीकरण का अनुमान लगा सकते हैं? हाँ, यह समीकरण ल त्र 0 होता है। जैसा कि आप देख सकते हैं, ल त्र 0 को 0ण्ग ़ 1ण्ल त्र 0 के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इसी प्रकार, आप यह आवृफति 4ण्8 देख सकते हैं कि ल.अक्ष का समीकरण ग त्र 0 होता है। अब समीकरणग दृ 2 त्र 0 लीजिए। यदि इसे हम केवल एक चर ग वाला एक समीकरण मान लें, तो इसका एक अद्वितीय हल ग त्र 2 होता है, जो संख्या रेखा पर स्िथत एक बिंदु है। साथ ही, इसे दो चरों वाला समीकरण मान लेने पर इसे ग ़ 0ण्ल दृ 2 त्र 0 के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इसके अपरिमित रूप से अनेक हल हैं, जो ;2ए तद्ध के रूप के हैं, जहाँ त एक वास्तविक संख्या है। साथ ही आप यह जाँच सकते हैं कि ;2ए तद्ध के रूप का प्रत्येक बिंदु इस समीकरण का एक हल है। अतः दो चरों वाले समीकरण की भांति, ग दृ 2 त्र 0 के आलेख को आवृफति 4.8 में रेखा ।ठ से निरूपित किया जाता है। उदाहरण 9 रू समीकरण 2ग ़ 1 त्र ग दृ 3 को हल कीजिए और हल को ;पद्ध संख्या रेखा ;पपद्ध कातीर्य तल पर निरूपित कीजिए। हल रू 2ग ़ 1 त्र ग दृ 3 को हल करने पर यह प्राप्त होता हैः 2ग दृ ग त्र दृ3 दृ 1 अथार्त् ग त्रदृ4 ;पद्ध संख्या रेखा पर हल के निरूपण को आवृफति 4.9 में दिखाया गया है, जहाँ ग त्र दृ 4 को एक चर वाला समीकरण माना गया है। आवृफति 4ण्9 ;पपद्ध हम जानते हैं कि चर ग और ल वाले रैख्िाक समीकरण के रूप में हम ग त्र दृ 4 को ग ़ 0ण्ल त्र दृ 4 के रूप में लिख सकते हैं। इसे एक रेखा से निरूपित किया जाता है। अब ल के सभी मान मान्य होते हैं, क्योंकि 0ण्ल सदा ही शून्य होता है। पिफर भी ग को संबंध् ग त्र दृ 4 को अवश्य संतुष्ट करना चाहिए। अतः दिए हुए समीकरण के दो हल ग त्र दृ 4ए ल त्र 0 और ग त्र दृ 4ए ल त्र 2 हैं। ध्यान दीजिए कि आलेख ।ठए ल.अक्ष के समांतर एक रेखा है जो इसके बायीं ओर 4 एकक की दूरी पर है ;देख्िाए आवृफति 4.10द्ध। आवृफति 4ण्10 इसी प्रकार, ल त्र 3 या 0ण्ग ़ 1ण्ल त्र 3 के प्रकार के समीकरणों के संगत, हम ग.अक्ष के समांतर एक रेखा प्राप्त कर सकते हैं। प्रश्नावली 4ण्4 1ण् ;पद्ध एक चर वाले ;पपद्ध दो चर वाले समीकरण के रूप में ल त्र 3 का ज्यामितीय निरूपण कीजिए। 2ण् ;पद्ध एक चर वाले ;पपद्ध दो चर वाले समीकरण के रूप में 2ग ़ 9 त्र 0 का ज्यामितीय निरूपण कीजिए। 4ण्6 सारांश इस अध्याय में, आपने निम्नलिख्िात बिंदुओं का अध्ययन किया हैः 1ण् ंग ़ इल ़ ब त्र 0 के रूप के समीकरण को जहाँए ंए इ और ब वास्तविक संख्याएँ हैं और ं और इ दोनों शून्य नहीं हैं, दो चरों वाला रैख्िाक समीकरण कहा जाता है। 2ण् दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। 3ण् दो चरों वाले प्रत्येक रैख्िाक समीकरण का आलेख एक सरल रेखा होता है। 4ण् ग त्र 0ए ल.अक्ष का समीकरण है और ल त्र 0ए ग.अक्ष का समीकरण है। 5ण् ग त्र ं का आलेख ल.अक्ष के समांतर एक सरल रेखा होता है। 6ण् ल त्र ं का आलेख ग.अक्ष के समांतर एक सरल रेखा होता है। 7ण् ल त्र उग के प्रकार का समीकरण मूलबिंदु से होकर जाने वाली एक रेखा को निरूपित करता है। 8ण् दो चरों वाले रैख्िाक समीकरण के आलेख पर स्िथत प्रत्येक बिंदु रैख्िाक समीकरण का एक हल होता है। साथ ही, रैख्िाक समीकरण का प्रत्येक हल रैख्िाक समीकरण के आलेख पर स्िथत एक बिंदु होता है।

>Chapter-4>

अध्याय 4

दो चरों वाले रैखिक समीकरण

The principal use of the Analytic Art is to bring Mathematical Problems to Equations and to exhibit those Equations in the most simple terms that can be.

(वैश्लेषिक कला का मुख्य प्रयोग गणितीय समस्याओं को समीकरण में लाना है और इन समीकरणों को यथासंभव सरल पदों में प्रस्तुत करना है)

Edmund Halley

4.1 भूमिका

पिछली कक्षाओं में, आप एक चर वाले रैखिक समीकरणों का अध्ययन कर चुके हैं। क्या आप एक चर वाला कोई रैखिक समीकरण लिख सकते हैं? आप कह सकते हैं कि x + 1 = 0, x + = 0 और y + = 0 एक चर वाले रैखिक समीकरणों के उदाहरण हैं। आप यह भी जानते हैं कि एेसे समीकरणों का एक अद्वितीय (अर्थात् एक और केवल एक) हल होता है। आपको संभवतः यह भी याद होगा कि एक संख्या रेखा पर हल को किस प्रकार निरूपित किया जाता है। इस अध्याय में, हम एक चर वाले रैखिक समीकरणों पर पुनः विचार करेंगे और उनसे संबंधित ज्ञान को दो चरों वाले रैखिक समीकरणों पर लागू करेंगे। यहाँ हम इस प्रकार के प्रश्नों पर विचार करेंगेः क्या दो चरों वाले रैखिक समीकरण का एक हल होता है? यदि हाँ, तो क्या यह अद्वितीय होता है? कार्तीय तल पर हल किस प्रकार दिखाई पड़ता है? इस प्रकार के प्रश्नों का अध्ययन करने के लिए, हम अध्याय 3 में बताई गई संकल्पनाओं का भी प्रयोग करेंगे।

4.2 रैखिक समीकरण

आइए पहले हम यह देखें कि अभी तक आपने क्या-क्या अध्ययन किया है। आइए हम निम्नलिखित समीकरण लें:

2x + 5 = 0

इसका हल, अर्थात् समीकरण का मूल है। इसे संख्या रेखा पर इस प्रकार निरूपित किया जा सकता है, जैसा कि नीचे की आकृति में दिखाया गया है :

आकृति 4.1

एक समीकरण को हल करते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना होता है।

एक रैखिक समीकरण पर तब कोई प्रभाव नहीं पड़ता जबकिः

(i) समीकरण के दोनों पक्षों में समान संख्या जोड़ी या घटाई जाती है।

(ii) समीकरण के दोनों पक्षों को समान शून्येतर संख्या से गुणा या भाग दिया जाता है।

आइए अब हम निम्नलिखित स्थिति पर विचार करेेंः

नागपुर में भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए एक एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में दो भारतीय बल्लेबाजों ने एक साथ मिलकर 176 रन बनाए। इस जानकारी को एक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए।

यहाँ आप यह देख सकते हैं कि दोनों बल्लेबाजों में से किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रन ज्ञात नहीं हैं, अर्थात् यहाँ दो अज्ञात राशियाँ हैं। आइए हम इन अज्ञात राशियों को x और y से प्रकट करें। इस तरह एक बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रनों की संख्या x है और दूसरे बल्लेबाज द्वारा बनाए गए रनों की संख्या y है। हम जानते हैं कि

x + y = 176

है, जो कि अभीष्ट समीकरण है।

यह दो चरों वाले एक रैखिक समीकरण का एक उदाहरण है। यह परंपरा रही है कि इस प्रकार के समीकरणों के चरों को x और y से प्रकट किया जाता है, परंतु अन्य अक्षरों का भी प्रयोग किया जा सकता है। दो चरों वाले रैखिक समीकरणों के कुछ उदाहरण ये हैंः

1.2s + 3t = 5, p + 4q = 7, πu + 5v = 9 और 3 = x – 7y

क्या आप कुछ और उदाहरण दे सकते हैं? ध्यान दीजिए कि आप इन समीकरणों को क्रमशः 1.2s + 3t – 5 = 0, p + 4q – 7 = 0, πu + 5v – 9 = 0 और x – 7y – 3 = 0 के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।

अतः उस समीकरण को, जिसे ax + by + c = 0 के रूप में व्यक्त किया जा सकता हो, जहाँ a, b और c वास्तविक संख्याएँ हैं और a और b दोनों शून्य नहीं हैं, दो चरों वाला रैखिक समीकरण (linear equation in two variables) कहा जाता है।

उदाहरण 1 : नीचे दिए गए समीकरणों को ax + by + c = 0 के रूप में लिखिए और प्रत्येक स्थिति में a, b और c के मान बताइए :

(i) 2x + 3y = 4.37 (ii) x – 4 = y (iii) 4 = 5x – 3y (iv) 2x = y

हल : (i) 2x + 3y = 4.37 को 2x + 3y – 4.37 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ a = 2, b = 3 और c = – 4.37 है।

(ii) समीकरण x – 4 = y को xy – 4 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ  a = 1, b = – और c = – 4 है।

(iii) समीकरण 4 = 5x – 3y को 5x – 3y – 4 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ a = 5, b = –3 और c = – 4 है। क्या आप इस बात से सहमत हैं कि इसे –5x + 3y + 4 = 0 के रूप में भी लिखा जा सकता है? इस स्थिति में, a = –5, b = 3 और c = 4 है।

(iv) समीकरण 2x = y को 2xy + 0 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है। यहाँ a = 2, b = –1 और c = 0 है।

समीकरण ax + b = 0 भी दो चरों वाले रैखिक समीकरणों का ही एक उदाहरण है, क्योंकि इसे ax + 0.y + b = 0 के रूप में लिखा जा सकता है।

उदाहरण के लिए, 4 – 3x = 0 को –3x + 0.y + 4 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है।

उदाहरण 2 :  निम्नलिखित में से प्रत्येक को दो चरों वाले समीकरणों के रूप में व्यक्त कीजिएः

(i) x = –5 (ii) y = 2 (iii) 2x = 3 (iv) 5y = 2

हल : (i) x = –5 को 1.x + 0.y = –5, या 1.x + 0.y + 5 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है।

(ii) y = 2 को 0.x + 1.y = 2, या 0.x + 1.y – 2 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है।

(iii) 2x = 3 को 2.x + 0.y – 3 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है।

(iv) 5y = 2 को 0.x + 5.y – 2 = 0 के रूप में लिखा जा सकता है।

प्रश्नावली 4.1

1. एक नोटबुक की कीमत एक कलम की कीमत से दो गुनी है। इस कथन को निरूपित करने के लिए दो चरों वाला एक रैखिक समीकरण लिखिए।

(संकेत: मान लीजिए, नोटबुक की कीमत x रु है और कलम की कीमत y रु है)।

2. निम्नलिखित रैखिक समीकरणों को ax + by + c = 0 के रूप में व्यक्त कीजिए और प्रत्येक स्थिति में a, b और c के मान बताइएः

(i) 2x + 3y = (ii) x – 10 = 0 (iii) –2x + 3y = 6 (iv) x = 3y

(v) 2x = –5y (vi) 3x + 2 = 0 (vii) y – 2 = 0 (viii) 5 = 2x

4.3 रैखिक समीकरण का हल

आपने देखा है कि एक चर वाले प्रत्येक रैखिक समीकरण का एक अद्वितीय हल होता है। दो चरों वाले रैखिक समीकरण के हल के बारे में आप क्या कह सकते हैं? क्योंकि समीकरण में दो चर हैं, इसलिए हल का अर्थ होता है x तथा y के उन मानों का युग्म जो दिए हुए समीकरण को संतुष्ट करते हैं। आइए, हम समीकरण 2x + 3y = 12 लें। यहाँ x = 3 और y = 2 एक हल है, क्योंकि जब हम ऊपर के समीकरण में x = 3 और y = 2 प्रतिस्थापित करते हैं तब हमें यह प्राप्त होता हैः

2x + 3y = (2 × 3) + (3 × 2) = 12

इस हल को एक क्रमित युग्म (3, 2) के रूप में लिखा जाता है, जिसमें पहले x का और उसके बाद y का मान लिखा जाता है। इसी प्रकार, (0, 4) भी ऊपर दिए गए समीकरण का एक हल है।

इसके विपरीत, (1, 4) ऊपर दिए गए समीकरण का एक हल नहीं है, क्योंकि x = 1 और y = 4 प्रतिस्थापित करने पर हमें 2x + 3y = 14 प्राप्त होता है जो 12 नहीं है। ध्यान दीजिए कि (0, 4) तो एक हल है परंतु (4, 0) एक हल नहीं है। इस तरह आपने 2x + 3y = 12 के कम से कम दो हल (3, 2) और (0, 4) प्राप्त कर लिए हैं।

क्या आप कोई अन्य हल प्राप्त कर सकते हैं? क्या आप इस बात से सहमत हैं कि (6, 0) एक अन्य हल है? यदि हाँ, तो आप इसे सत्यापित कीजिए। वस्तुतः निम्न विधि से हम कई हल प्राप्त कर सकते हैंः

आप 2x + 3y = 12 में अपनी इच्छानुसार x का एक मान (मान लीजिए x = 2) ले सकते हैं। तब समीकरण 4 + 3y = 12 हो जाता है, जो कि एक चर वाला रैखिक समीकरण है। इसे हल करने पर हमें y = प्राप्त होता है। अतः , 2x + 3y = 12 का एक अन्य हल है। इसी प्रकार, x = –5 लेने पर हम पाते हैं कि समीकरण –10 + 3y = 12 हो जाता है। इससे y = प्राप्त होता है। अतः , 2x + 3y = 12 का एक अन्य हल है। इसलिए दो चरों वाले रैखिक समीकरण के विभिन्न हलों का कोई अंत नहीं है। कहने का अर्थ है कि दो चरों वाले रैखिक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं।

उदाहरण 3 : समीकरण x + 2y = 6 के चार अलग-अलग हल ज्ञात कीजिए।

हल : देखने पर x = 2, y = 2 एक हल है, क्याेंकि x = 2, y = 2 पर

x + 2y = 2 + 4 = 6

है। आइए, अब हम x = 0 लें। x के इस मान पर दिया हुआ समीकरण 2y = 6 हो जाता है, जिसका कि एक अद्वितीय हल y = 3 होता है। अतः x = 0, y = 3 भी x + 2y = 6 का एक हल है। इसी प्रकार, y = 0 लेने पर दिया हुआ समीकरण x = 6 हो जाता है। अतः x = 6, y = 0 भी x + 2y = 6 का एक हल है। अंत में, आइए हम y = 1 लें। अब दिया हुआ समीकरण x + 2 = 6 हो जाता है, जिसका हल x = 4 है। इसलिए, (4, 1) भी दिए हुए समीकरण का एक हल है। अतः, दिए हुए समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हलों में चार हल ये हैंः

(2, 2), (0, 3), (6, 0) और (4, 1)

टिप्पणी : ध्यान दीजिए कि एक हल प्राप्त करने की सरल विधि x = 0 लेना है और y का संगत मान प्राप्त करना है। इसी प्रकार, हम y = 0 ले सकते हैं और तब x का संगत मान प्राप्त कर लेते हैं।

उदाहरण 4 : निम्नलिखित समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण के दो हल ज्ञात कीजिएः

(i) 4x + 3y = 12

(ii) 2x + 5y = 0

(iii) 3y + 4 = 0

हल : (i) x = 0 लेने पर, हमें 3y = 12, अर्थात् y = 4 प्राप्त होता है। अतः (0, 4) भी दिए हुए समीकरण का एक हल है। इसी प्रकार, y = 0 लेने पर हमें x = 3 प्राप्त होता है। इस तरह, (3, 0) भी एक हल है।

(ii) x = 0 लेने पर, हमें 5y = 0, अर्थात् y = 0 प्राप्त होता है। इसलिए (0, 0) दिए हुए समीकरण का एक हल है।

अब, यदि हम y = 0 लें, तो हमें एक हल के रूप में पुनः (0, 0) प्राप्त होता है; जो कि वही है जिसे हमने पहले प्राप्त किया था। एक अन्य हल प्राप्त करने के लिए x = 1 लीजिए। तब आप देख सकते हैं कि y का संगत मान है। अतः , 2x + 5y = 0 का एक अन्य हल है।

(iii) समीकरण 3y + 4 = 0 को 0.x + 3y + 4 = 0 के रूप में लिखने पर, x के किसी भी मान पर हमें y = प्राप्त होगा। अतः हमें दो हल 23 प्राप्त

हो सकते हैं।

प्रश्नावली 4.2

1. निम्नलिखित विकल्पों में कौन-सा विकल्प सत्य है, और क्यों?

y = 3x + 5 का

(i) एक अद्वितीय हल है (ii) केवल दो हल हैं (iii) अपरिमित रूप से अनेक हल हैं

2. निम्नलिखित समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण के चार हल लिखिएः

(i) 2x + y = 7 (ii) πx + y = 9 (iii) x = 4y

3. बताइए कि निम्नलिखित हलों में कौन-कौन समीकरण x – 2y = 4 के हल हैं और कौन-कौन हल नहीं हैं ः

(i) (0, 2) (ii) (2, 0) (iii) (4, 0) (iv) (v) (1, 1)

4. k का मान ज्ञात कीजिए जबकि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y = k का एक हल हो।

4.4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण का आलेख

अभी तक आपने दो चरों वाले रैखिक समीकरण के हल बीजीय रूप से प्राप्त किए हैं। आइए अब हम इसके ज्यामितीय निरूपण को देखें। आप जानते हैं कि प्रत्येक एेसी समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं। इन्हें हम निर्देशांक तल में किस प्रकार दर्शा सकते हैं? हल को मान-युग्मों में लिखने पर आपको इसके कुछ संकेत मिल सकते हैं। उदाहरण 3 के रैखिक समीकरण

x + 2y = 6 (1)

के हल को x के संगत मानों के नीचे y के मान लिखकर एक सारणी के रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता हैः

सारणी 1

x 0 2 4 6 ...
y 3 2 1 0 ...


आकृति 4.2

पिछले अध्याय में आपने यह देखा है कि एक आलेख कागज (graph paper) पर बिंदुओं को किस प्रकार आलेखित किया जाता है। आइए हम आलेख कागज पर बिंदुओं (0, 3), (2, 2), (4, 1) और (6, 0) को आलेखित करें। अब किन्हीं दो बिंदुओं को मिलाकर एक रेखा प्राप्त कीजिए। मान लीजिए यह रेखा AB है
(देखिए आकृति 4.2)।

क्या आप देखते हैं कि अन्य दो बिंदु भी रेखा AB पर स्थित हैं? अब, इस रेखा पर एक अन्य बिंदु, मान लीजिए (8, –1), लीजिए। क्या यह एक हल है? वस्तुतः 8 + 2(–1) = 6 है। अतः (8, –1) एक हल है। इस रेखा AB पर एक अन्य बिंदु लीजिए और जाँच कीजिए कि इसके निर्देशांक समीकरण को संतुष्ट करते हैं या नहीं। अब एक एेसा बिंदु लीजिए जो रेखा AB पर स्थित नहीं हो। मान लीजिए यह बिंदु (2, 0) है। क्या इसके निर्देशांक समीकरण को संतुष्ट करते हैं? जाँच करने पर आप यह देखेंगे कि ये निर्देशांक समीकरण को संतुष्ट नहीं करते।

इस तरह, हम यह देखते हैं कि

1. प्रत्येक बिंदु जिसके निर्देशांक समीकरण (1) को संतुष्ट करते हैं; रेखा AB पर स्थित होता है।

2. रेखा AB पर स्थित प्रत्येक बिंदु (a, b) से समीकरण (1) का एक हल x = a, y = b प्राप्त हो जाता है।

3. कोई भी बिंदु, जो रेखा AB पर स्थित नहीं है, समीकरण (1) का हल नहीं होगा।

अतः आप यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि रेखा पर स्थित प्रत्येक बिंदु रेखा के समीकरण को संतुष्ट करता है और समीकरण का प्रत्येक हल रेखा पर स्थित एक बिंदु होता है। वस्तुतः दो चरों वाले एक रैखिक समीकरण ज्यामितीय रूप से एक एेसी रेखा से निरूपित किया जाता है जिसके सभी बिंदु समीकरण के हल होते हैं। इसे रैखिक समीकरण का आलेख कहा जाता है। अतः दो चरों वाले रैखिक समीकरण का आलेख प्राप्त करने के लिए दो हलों के संगत दो बिंदु आलेखित करना और उन्हें एक रेखा से मिला देना पर्याप्त होता है। फिर भी, उत्तम तो यह होगा कि इस प्रकार के दो से अधिक बिंदु आलेखित किए जाएँ जिससे कि आप आलेख की शुद्धता की जाँच तुरंत कर सकें।

टिप्पणी : एक घात वाले बहुपद समीकरण ax + by + c = 0 को रैखिक समीकरण इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसका ज्यामितीय निरूपण एक सरल रेखा होती है।

उदाहरण 5 : यदि बिंदु (1, 2) दिया हुआ हो, तो क्या आप उस रेखा का समीकरण दे सकते हैं जिस पर वह बिंदु स्थित है? इस प्रकार के कितने समीकरण हो सकते हैं?

हल : (1, 2) उस रैखिक समीकरण का एक हल है जिसे आप ढूँढ़ रहे हैं। इस प्रकार आप एक एेसी रेखा का पता लगाना चाहते हैं जो बिंदु (1, 2) से होकर जाती है। इस प्रकार के रैखिक समीकरण का एक उदाहरण x + y = 3 है। अन्य समीकरण हैंः yx = 1, y = 2x, क्योंकि ये भी बिंदु (1, 2) के निर्देशांकों से संतुष्ट हो जाते हैं। वस्तुतः, एेसे अपरिमित रूप से अनेक रैखिक समीकरण हैं जो बिंदु (1, 2) के निर्देशांकों से संतुष्ट हो जाते हैं। क्या आप इसे चित्रीय रूप से देख सकते हैं?

उदाहरण 6 : x + y = 7 का आलेख खींचिए।

हल : ग्राफ (आलेख) खींचने के लिए हमें समीकरण के कम से कम दो हलों की आवश्यकता होती है। आप यह देख सकते हैं कि दिए हुए समीकरण के हल x = 0, y = 7 और x = 7, y = 0 हैं। अतः ग्राफ खींचने के लिए आप नीचे दी गई सारणी का प्रयोग कर सकते हैंः

सारणी 2

x 0 7
y 7 0


सारणी 2 के दो बिंदुओं को आलेखित करके इन्हें एक रेखा से मिलाकर आलेख खींचिए (देखिए आकृति 4.3)।

आकृति 4.3

उदाहरण 7 : आप जानते हैं कि एक पिंड पर लगाया गया बल पिंड में उत्पन्न त्वरण के अनुक्रमानुपाती होता है। इस स्थिति को व्यक्त करने वाला एक समीकरण लिखिए और समीकरण को आलेखित कीजिए।

आकृति 4.4

हल : यहाँ चर, बल और त्वरण हैं। मान लीजिए लगाया गया बल y मात्रक है और उत्पन्न त्वरण x मात्रक है। अनुपात और समानुपात से आप इस तथ्य को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैंः

y = kx

जहाँ k एक अचर है। (विज्ञान के अध्ययन से आप यह जानते हैं कि वास्तव में k पिंड का द्रव्यमान होता है)।

अब क्योंकि हम यह नहीं जानते कि k क्या है, इसलिए हम y = kx का परिशुद्ध आलेख नहीं खींच सकते। फिर भी, यदि हम k को एक मान दे दें, तब हम आलेख खींच सकते हैं। आइए हम k = 3 लें। तब हम y = 3x को निरूपित करने वाली रेखा खींच सकते हैं।

इसके लिए, इस समीकरण के हम दो हल ज्ञात करते हैं। मान लीजिए ये हल (0, 0) और (2, 6) हैं (देखिए आकृति 4.4)।

इस आलेख से आप यह देख सकते हैं कि जब लगाया गया बल 3 मात्रक होता है, तब उत्पन्न त्वरण 1 मात्रक होता है। आप यहाँ यह भी देखते हैं कि बिंदु (0, 0) आलेख पर स्थित है, जिसका अर्थ यह है कि जब लगाया गया बल 0 मात्रक होता है तो उत्पन्न त्वरण 0 मात्रक होता है।

टिप्पणी : y = kx के रूप की समीकरण का आलेख एक रेखा होती है जो सदैव मूलबिंदु से होकर जाती है।

उदाहरण 8 : आकृति 4.5 में दिए गए प्रत्येक आलेख को ध्यान से देखिए और नीचे के प्रत्येक आलेख के विकल्पों से आलेख में दिए गए समीकरण का चयन कीजिएः

(a) आकृति 4.5 (i) के लिए,

(i) x + y = 0 (ii) y = 2x (iii) y = x (iv) y = 2x + 1

(b) आकृति 4.5 (ii) के लिए,

(i) x + y = 0 (ii) y = 2x (iii) y = 2x + 4 (iv) y = x – 4

(c) आकृति 4.5 (iii) के लिए,

(i) x + y = 0 (ii) y = 2x (iii) y = 2x + 1 (iv) y = 2x – 4

(i)

(ii)

(iii)

आकृति 4.5

हल : (a) आकृति 4.5 (i) में रेखा पर बिंदु (–1, –2), (0, 0), (1, 2) हैं। देखने पर, इस आलेख का संगत समीकरण y = 2x है। आप यहांँ यह देख सकते हैं कि प्रत्येक स्थिति में y-निर्देशांक, x-निर्देशांक का दोगुना है।

(b) आकृति 4.5 (ii) में रेखा पर बिंदु (–2, 0), (0, 4), (1, 6) हैं। आप जानते हैं कि आलेख के बिंदुओं के निर्देशांक समीकरण y = 2x + 4 को संतुष्ट करते हैं। अतः, y = 2x + 4 आकृति 4.5 (ii) के आलेख का संगत समीकरण है।

(c) आकृति 4.5 (iii) में, रेखा पर बिंदु (–1, –6), (0, –4), (1, –2), (2, 0) हैं। देखकर आप यह कह सकते हैं कि y = 2x – 4 दिए हुए आलेख का संगत समीकरण है।

प्रश्नावली 4.3

1. दो चरों वाले निम्नलिखित रैखिक समीकरणों में से प्रत्येक का आलेख खींचिएः

(i) x + y = 4 (ii) xy = 2 (iii) y = 3x (iv) 3 = 2x + y

2. बिंदु (2, 14) से होकर जाने वाली दो रेखाओं के समीकरण लिखिए। इस प्रकार की और कितनी रेखाएँ हो सकती हैं, और क्याें?

3. यदि बिंदु (3, 4) समीकरण 3y = ax + 7 के आलेख पर स्थित है, तो a का मान ज्ञात कीजिए।

4. एक नगर में टैक्सी का किराया निम्नलिखित है ः पहले किलोमीटर का किराया 8 रु है और उसके बाद की दूरी के लिए प्रति किलोमीटर का किराया 5 रु है। यदि तय की गई दूरी
x किलोमीटर हो, और कुल किराया y रु हो, तो इसका एक रैखिक समीकरण लिखिए और उसका आलेख खींचिए।

5. निम्नलिखित आलेखों में से प्रत्येक आलेख के लिए दिए गए विकल्पों से सही समीकरण का चयन कीजिएः

आकृति 4.6 के लिए आकृति 4.7 के लिए

(i) y = x (i) y = x + 2

(ii) x + y = 0 (ii) y = x – 2

(iii) y = 2x (iii) y = –x + 2

(iv) 2 + 3y = 7x (iv) x + 2y = 6



आकृति 4.6


आकृति 4.7

6. एक अचर बल लगाने पर एक पिंड द्वारा किया गया कार्य पिंड द्वारा तय की गई दूरी के अनुक्रमानुपाती होता है। इस कथन को दो चरों वाले एक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए और अचर बल 5 मात्रक लेकर इसका आलेख खींचिए। यदि पिंड द्वारा तय की गई दूरी

(i) 2 मात्रक (ii) 0 मात्रक हो, तो आलेख से किया  हुआ कार्य ज्ञात कीजिए।

7. एक विद्यालय की कक्षा IX की छात्राएं यामिनी और फातिमा ने मिलकर भूकंप पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में 100 रु अंशदान दिया। एक रैखिक समीकरण लिखिए जो इन आंकड़ों को संतुष्ट करती हो। (आप उनका अंशदान `x और `y मान सकते हैं) इस समीकरण का आलेख खींचिए।

8. अमरीका और कनाडा जैसे देशों में तापमान फारेनहाइट में मापा जाता है, जबकि भारत जैसे देशों में तापमान सेल्सियस में मापा जाता है। यहाँ फारेनहाइट को सेल्सियस में रूपांतरित करने वाला एक रैखिक समीकरण दिया गया है ः

F =

(i) सेल्सियस को x-अक्ष और फारेनहाइट को y- अक्ष मानकर ऊपर दिए गए रैखिक समीकरण का आलेख खींचिए।

(ii) यदि तापमान 30°C है, तो फारेनहाइट में तापमान क्या होगा?

(iii) यदि तापमान 95°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या होगा?

(iv) यदि तापमान 0°C है, तो फारेनहाइट में तापमान क्या होगा? और यदि तापमान 0ºF है, तो सेल्सियस में तापमान क्या होगा?

(v) क्या एेसा भी कोई तापमान है जो फारेनहाइट और सेल्सियस दोनों के लिए संख्यात्मकतः समान है? यदि हाँ, तो उसे ज्ञात कीजिए।

4.5 x-अक्ष और y-अक्ष के समांतर रेखाओं के समीकरण

आकृति 4.8

आप यह पढ़ चुके हैं कि किस प्रकार कार्तीय तल में एक दिए हुए बिंदु के निर्देशांक लिखे जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि कार्तीय तल पर (2, 0), (–3, 0), (4, 0) और (n, 0), जहाँ n कोई वास्तविक संख्या है, कहाँ पर स्थित होते हैं? हाँ, ये सभी बिंदु x-अक्ष पर स्थित हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि एेसा क्यों है? एेसा इसलिए है क्योंकि x-अक्ष पर प्रत्येक बिंदु का y-निर्देशांक 0 होता है। वस्तुतः x-अक्ष पर स्थित प्रत्येक बिंदु (x, 0) के रूप का होता है। क्या अब आप x-अक्ष के समीकरण का अनुमान लगा सकते हैं? हाँ, यह समीकरण y = 0 होता है। जैसा कि आप देख सकते हैं, y = 0 को 0.x + 1.y = 0 के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इसी प्रकार, आप यह देख सकते हैं कि y-अक्ष का समीकरण x = 0 होता है।

अब समीकरण x – 2 = 0 लीजिए। यदि इसे हम केवल एक चर x वाला एक समीकरण मान लें, तो इसका एक अद्वितीय हल x = 2 होता है, जो संख्या रेखा पर स्थित एक बिंदु है। साथ ही, इसे दो चरों वाला समीकरण मान लेने पर इसे x + 0.y – 2 = 0 के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इसके अपरिमित रूप से अनेक हल हैं, जो (2, r) के रूप के हैं, जहाँ r एक वास्तविक संख्या है। साथ ही आप यह जाँच सकते हैं कि (2, r) के रूप का प्रत्येक बिंदु इस समीकरण का एक हल है। अतः दो चरों वाले समीकरण की भांति, x – 2 = 0 के आलेख को आकृति 4.8 में रेखा AB से  निरूपित किया जाता है।

उदाहरण 9 : समीकरण 2x + 1 = x – 3 को हल कीजिए और हल को(i) संख्या रेखा (ii) कार्तीय तल पर निरूपित कीजिए।

हल : 2x + 1 = x – 3 को हल करने पर यह प्राप्त होता हैः

2xx = –3 – 1

अर्थात् x = – 4

(i) संख्या रेखा पर हल के निरूपण को आकृति 4.9 में दिखाया गया है, जहाँ x = – 4 को एक चर वाला समीकरण माना गया है।

आकृति 4.9

(ii) हम जानते हैं कि चर x और y वाले रैखिक समीकरण के रूप में हम x = – 4 को x + 0.y = – 4 के रूप में लिख सकते हैं। इसे एक रेखा से निरूपित किया जाता है। अब y के सभी मान मान्य होते हैं, क्योंकि 0.y सदा ही शून्य होता है। फिर भी x को संबंध x = – 4 को अवश्य संतुष्ट करना चाहिए। अतः दिए हुए समीकरण के दो हल x = – 4, y = 0 और x = – 4, y = 2 हैं।

ध्यान दीजिए कि आलेख AB, y-अक्ष के समांतर एक रेखा है जो इसके बायीं ओर 4 एकक की दूरी पर है (देखिए आकृति 4.10)।

आकृति 4.10

इसी प्रकार, y = 3 या 0.x + 1.y = 3 के प्रकार के समीकरणों के संगत, हम x-अक्ष के समांतर एक रेखा प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्नावली 4.4

1. (i) एक चर वाले (ii) दो चर वाले

समीकरण के रूप में y = 3 का ज्यामितीय निरूपण कीजिए।

2. (i) एक चर वाले (ii) दो चर वाले

समीकरण के रूप में 2x + 9 = 0 का ज्यामितीय निरूपण कीजिए।

4.6 सारांश

इस अध्याय में, आपने निम्नलिखित बिंदुओं का अध्ययन किया हैः

1. ax + by + c = 0 के रूप के समीकरण को जहाँ, a, b और c वास्तविक संख्याएँ हैं और a और b दोनों शून्य नहीं हैं, दो चरों वाला रैखिक समीकरण कहा जाता है।

2. दो चरों वाले रैखिक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं।

3. दो चरों वाले प्रत्येक रैखिक समीकरण का आलेख एक सरल रेखा होता है।

4. x = 0, y-अक्ष का समीकरण है और y = 0, x-अक्ष का समीकरण है।

5. x = a का आलेख y-अक्ष के समांतर एक सरल रेखा होता है।

6. y = a का आलेख x-अक्ष के समांतर एक सरल रेखा होता है।

7. y = mx के प्रकार का समीकरण मूलबिंदु से होकर जाने वाली एक रेखा को निरूपित करता है।

8. दो चरों वाले रैखिक समीकरण के आलेख पर स्थित प्रत्येक बिंदु रैखिक समीकरण का एक हल होता है। साथ ही, रैखिक समीकरण का प्रत्येक हल रैखिक समीकरण के आलेख पर स्थित एक बिंदु होता है।

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