कक्षा टप्प् में आप सीख चके हैुं कि वस्तुएँ गति वैफसे करती हैं। क्या आप बता सकते हैकि हम यह वैफसे नििचत करते हैं ेकि काइर् वस्तु दूसरी वस्तु से अिाक ते एकांेचली गइर् दूरी क्या सूचित करती है?क समय मं आप यह भी जानते हैं कि जैेे जाती है। कभी - कभीसी काइर् गतिषील वस्तु Łाीमी हायह अपनी गति की दिषा भी बदल सकती है। यह भी संभव है कि गेद Łाीमी हांे जाए तथा अपनी दिषा भी बदल ले। क्या आपने कभी सोचा है कि गतिषील वस्तु Łाीमी या ते दिषा वैफसे बदल लेती है? आइए अपने प्रेको स्मरणतिदिन के वुफछ अनुभवां करे। किसी पंफटबाल काुे गतिषील करने के लिए क्या करते हैंेद का, आर अिाक ते? किसी गतिषील गंेैसे चलाने के लिए आप क्या करते हैंे? एक गाली लरक्षकद्ध ेे ेे;गोगदंकाकिस प्रकार राकता है? क्षत्रा रक्षक, बल्लेबाज द्वारा हिट की गइर् गेंद को वैफसे रोंॅॅ्रकते है? हाकी का ख्िालाड़ी हाकी से पहार करके किसी गतिषील गेद की दिषा बदल देता है ;चित्रां11.1द्ध। इन सभी स्िथतियों मंेगेद की गति कांे ते या Łाीमा कर दिया जाता है अथवा इसकी गति की दिषा को बदल दिया जाता है। हम प्रं ेद को Łाक्काायः कहते हैकि जब किसी गंदेते हैंेफकते है, ठाकर मारते हैया पहार करते हैं, पंें्रतो उस पर बल लगाया जाता है। बल क्या है? जिन वस्तुओं पर यह लगाया जाता है उन पर यह क्या प्रेहम ऐसे ही पष्नोभाव डालता है? इस अŁयाय मं ्रं के उऽार खोजेगं।े11.1 बलण्अपकषर्ण या अभ्िाकषर्ण उठाना, खोंलना, बद करना, ठाकर मारना, हिट करना, प्रंहार करना, Łाक्का देना, खीचना आदि ऐसी .ियाएँ हैजो ्रेका वणन करने के लिए पयाग कीपायः वुफछ कायादृ र््रेजाती हैंेसे पत्येक कायर् पायः वस्तु की गति मं। इनमं्र्रेकिसी प्र्रकार का परिवतर्न लाने का पयास करता है। क्या इन षब्दांेकी जगह एक या अिाक अन्य षब्दों का प्रें।याग कर सकते है? आइए ज्ञात करंियाकलाप 11.1 क्या आपने Łयान दिया कि इनमंेसे प्रत्येक कायर् कोर्ंर्अभ्िाकषण ;खीचनाद्ध या अपकषण ;Łाक्का देनाद्ध अथवा दानोंके रूप में व्यक्त किया जा सकता है। क्या हम इससे यह निष्कषर् निकाल सकते हैं कि किसी वस्तु को गति मंेलाने के लिए, उसे Łाक्का देना ;अपकष्िार्ंर्त करनाद्ध या खीचना ;अभ्िाकष्िात करनाद्ध पड़ता है? विज्ञान में किसी वस्तु पर लगने वाले Łाक्के ;अभ्िाकषर्ंर्ेणद्ध या ख्िाचाव ;अपकषणद्ध काबल कहते हैं कि वस्तुओ को दी गइर् गति । अतः हम कह सकते हैंमैनकक्षा टप् मं ंंे ेपढ़ा है कि चुबक एक लावेेकोअपनीओर्फ टुकड़र आकष्िात करता है। क्या आकषर्ंर्ण भी एक ख्िाचाव ;अभ्िाकषणद्ध है?किसीचुंेे ुेवेबक वफ दासमान ध््रवां फ बीच प्रर्ेे ेआपक्यासोचतहै?यह तिकषण वफ बारमं े ंख्िांर्चाव ;अभ्िाकषणद्ध है या Łाक्का ;अपकषर्णद्ध? दषाता हजिनसे संभवतः आप परिचित हागेेंै11.2 बल अन्योन्यिया के कारण लगते हंै चित्रा 11.3 तीन स्िथतियाँ र्ै ं। क्या आप बता सकते हकि इन मान लीजिए कोइर् आदमी स्िथर कार के पीछे खड़ा है स्िथतियोमं ैंै ैैें ेकान खीच रहा हआर कान Łाक्का दरहा ख्चित्रा 11.2;ंद्ध,। क्या उसकी उपस्िथति के कारण कार हैमंे दोेलडकियाएक - दसरका? चित्रा 11.3;ंद्ध नां ़ँ ूेेगति मंेआएगी? मान लीजिए अब आदमी कार को Łाक्का लगाना प्रर्ारम्भ करता है ख्चित्रा 11.2;इद्ध,, अथात, वह इस पर बल लगाता है। कार लगाए गए बल की दिषा मंे गति करना प्रारम्भ कर सकती है। Łयान दीजिए Łाक्कादेतीहु्रेंै ंइर् पतीत हाती हजबकि चित्रा 11.3;इद्ध मेलड़कियांेका युग्म एक दूसरे को खींचने का पयत्न्रकर रहा है। इसी प्रमंकार चित्रा 11.3;बद्ध ेगाय तथा आदमी दोनों एक दूसरे को खीचते पंतीत हा्रते हैे। यहांँ यीगइर्दानोंपर दषार्ेंस्िथतियां मेलड़कियाँ एक - दूसरे पर बल लगा रही हैं। क्या यह बात आदमी तथा गाय पर भी लागू ेहाती है? इन उदाहरणों से हम निष्कषर् निकाल सकते हैं कि बल लगने के लिए कम से कम दो वस्तुओं में अन्योन्य.िया होनी आवष्यक है्रे वस्तुे। इस पकार दाआं वेेफ बीच अन्यान्य.िया के कारण उनके बीच बल लगता है। 11.3 बलोें की खाजबीन आइएबलोवफ बारमंे ुे्रंें ेे वफछ अिाक सीखन का पयत्न कर। ियाकलाप 11.2 कोैेइर् भारी वस्तु जसे मआप जोेला सके। इसे ंर से Łाकेलने पर ही गति मं अकेले Łाकेलने का प्रयत्न कीजिए। क्या आप इसे ख्िासका पाते हैं? अब अपने किसी मित्रा से कहिए कि बक्से को उसी दिषा मंेŁाकेलने में आपकी सहायता करे ख्चित्रा 11.4;ंद्ध,। क्या अब इसको ख्िासकाना आसान है? क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ? अब उसी वस्तु को पिफर से Łाकेलिए लेकिन इस बार अपने मित्रा से कहिए कि वह इसे विपरीत दिषा से Łाकेले ख्चित्रा 11.4;इद्ध,। क्या वस्तु गतिमान होेआती है तो इसकी गति ती है? यदि यह गति मं की दिषा को ेनाट कीजिए। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि आप मंेसे कान अिाक बल लगा ैरहा है? चित्रा 11.4: दो मित्रा एक भारी वस्तु को Łाक्का देते हएु;ंद्ध एक ही दिषा मंे;इद्ध विपरीत दिषा में। क्या आपने कभी रस्साकष्ी का खेल देखा है? इस खेेदो टालियाँ एक रस्से को विपरीत दिषा मंल मंेेखीं ;चित्रा 11.5द्ध। दोेटालियांचती हैनां ेेके सदस्य रस्से को अपनी दिषा मंे खींचने का प्रयत्न करते हैं। कभी - कभी रस्सा बिलवुफल नहीं ख्िासकता। क्या यह चित्रा 11.3;इद्ध मंेदषार्यी गइर् स्िथति के समान नहीं है? जो टोली अिाक जोंर्ंर से खीचती है, अथात अिाक बल लगाती है, अत मेवहीखल मं ें ेेविजयी हाती है। ये उदाहरण बल के बारे मंेक्या सुझाते है?ंकिसी वस्तु पर एक ही दिषा मंे लगाए गए बल जडु़ जाते ह।ंै अब स्मरण कीजिए कि .ियाकलाप 11.2 मंे जब आपतथाआपवेे ंूेंफ मित्रा नभारी सदक का एक ही दिषा मŁावेेुफला था ताक्या हआ था। यदि किसी वस्तु पर दो बल विपरीत दिषा में कायर् करते हैं तो ेेेइस पर लगने वाला वुफल ;नटद्ध बल दानां बलों वफ अंतर के बराबर होैेता ह। .ियाकलाप 11.2 मंेजब आप दानोें भारी संदूक को विपरीत दिषा में Łाकेल रहे थे तो आपने क्या देखा था? स्मरण कीजिए कि रस्साकषी के खेे जब दोंल मंनोटोँ रस्से पर बराबर बल लगा कर खीं तोलियाचती हैरस्सा किसी भी दिषा में नहीं जाता। इस प्रेकार हमने सीखा कि एक बल दूसरसे बड़ा याछोे ्र्रटा हासकता है। बल की पबलता पायः इसके परिमाण से मापी जाती है। बल के बारे मंे बताते समय हमें उस दिषा का उल्लेख करना भी आवष्यक है जिसमें बल कायर् करता है। यह भी याद रख्िाए, यदि लगाए गए बल की दिषा या परिमाण में परिवतर्न हो जाए तो ्रइसका पभाव भी बदल जाता है। क्या इसका अथर् यह है कि यदि किसी वस्तु पर विपरीत दिषाआंेमें लगने वाले बल बराबर हैं तो उस पर लगने वाला नेन्य हाूेट बल षगा? सामान्य रूप मं, किसी वस्तेु पर एक से अिाक बल लगे हो े ंुपरइनकाप्रेेसकतहै। तथापि, वस्तभाव नट बल वफ कारण ही होता है। 11.4 बल वस्तु की गति की अवस्था में परिवतर्ैन कर सकता हआइए अब ज्ञात करें कि जब किसी वस्तु पर बल लगता हैतो ेक्या हाता है। ियाकलाप 11.3 रबड़ की एक गेद लीजिए तथा इसे किसी समतलंसतह जैेसे मअब गेद कांे Łाीरे से समतल सतह पर Łाक्का दीजिए ;चित्रा 11.6द्ध। क्या गंेद गति में आ जाती है? गतिषील गंेद को पिफर से Łाक्का दीजिए। क्या इसकी चाल में वुफछ परिवतर्न हाता है? यह बढे़ती है या घटती है? अब अपनी हथेेली कागतिषील गेद के सामने रख्िाए। जसे ही गतिषील गंेंैद इसे स्पषर् करे हथेे हटा लीजिए। क्या आपकीली काहथेेद पर काइर् बल लगाती है? गंली गंेेद की चाल पर इसका क्या प्ऱभाव पड़ता है? क्या यह बढती है या घटती है? यदि आप गतिषील गेद कांे अपनी हथेें ेली से राक लेताक्या हागा? आप इसी प्रेपर विचारकार की अन्य स्िथतियां कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पेनल्टी किक लेते समय ख्िालाड़ी गेद पर बल लगाता है। किक लगनेंसे पहले गंेद विराम अवस्था मंेथी, अतः इसकी चाल षूेद को गाल की ओन्य थी। लगाए गए बल नेगंेर गति प्रेेदान की। मान लीजिए गाली, गाल बचाने के लिए गेद पर झपटता है या उछलता है। इस .ियांद्वारा गोेद पर बल लगाने का पयत्न्रली गतिषील गंकरता है। उसके द्वारा लगाया गया बल गेंद कोरोेैक सकता है या विक्षपित कर सकता है आर गोेेगंकाल हाने से बचा सकता है। यदि गाली ेद े रोेसपफल हाजाता है ताइसकी चाल षूकनेमं े े न्य हो जाती है। ये पे्रक्षण सुझाते हैं कि किसी वस्तु पर लगाए गए बल द्वारा उसकी चाल बदली जा सकती है। यदि लगाया गया बल गति की दिषा में है तो वस्तु की चाल बढ़ जाती है। यदि बल वस्तु की गति की दिषा के विपरीत दिषा में लगाया जाए तो वस्तु की चाल कम हो जाती है। मैनबच्चोे ूे ेंे ं काएक - दसरसे, रबड़ वफ टायर या किसी घेे को Łावेेरफलकरतकी होे ेड़ लगातदखा है ;चित्रा 11.7द्ध। अब मंैसमझ गया हूँ कि Łाक्का देने पर टायर की चाल क्यों बढ़ जाती है। चित्रा 11.6: विराम अवस्था मंेगेंद पर बल लगाने पर वह चित्रा 11.7: टायर को ते गतिषील हो जाती ह।ैŁाक्का लगाना पड़ता है। पहेली यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या बल लगाने से केवल वस्तु की चाल ही परिवतिर्त होती है। आइए ज्ञात करे।ंियाकलाप 11.4 एक गेद लीजिए तथा इसे .ियाकलाप 11.3 की ंभांेद कोति किसी समतल सतह पर रख्िाए। गंŁाक्का देकर चलाइए। अब चित्रा 11.8 मंेदषार्ए अनुसार इसके रास्ते में अपने ज्यामिति बक्स से लेकर एक पैमाना रख्िाए। ऐसा करने से आप गतिषील गेद पर एक बल लगाएँगं। क्या पेैमाने से टकराने के पष्चात गंेद उसी दिषा में गति करती रहती है? इस .ियाकलाप को ेदाहराइए तथाप्रैे्रत्येक बार पमाने काइस पकार रख्िाए कि ये गतिषील गंेद के पथ से पहले से भ्िान्न कोण बनाए। प्रेपमाने से टकराने के ैत्येक स्िथति मं पष्चात् गंेद की गति की दिषा के बारे में अपने पे्रक्षणों को नोट कीजिए। चित्रा 11.8: ;ंद्ध किसी समतल सतह पर गेंद काŁाक्का देकर गतिषील करना ;इद्ध गेंे में रखेद वफ रास्तपैमाने से टकराने वेंफ पष्चात गेद की गति की दिषा। अब वुफछ और उदाहरणों पर विचार करते है।ंबाॅेमं ्रलीबाल के खल ेख्िालाड़ी पायः विजयी चाल बनाने के लिए गतिषील गेद कांे ध्केल कर अपनी टीम के साथ्िायांेके पास पहुँचा देते हैं। कभी - कभी जो्रेद को मदान के दूसरी आरर से पहार करके गंैेपहुँेबल्लेबा चा दिया जाता है। .िकेट मं गंेद पर बल लगाकर अपना षाॅट खेलते हैं। क्या इन स्िथतियोमं ेद की गति की दिषा मं ें ेगंेकाइर् परिवतर्न होेमंता है? इन सभी उदाहरणां ेबल लगने के कारण गतिषील गेद की चाल तथा दिषा बदल जाती है। क्या ंआपइस प्रै्रकार के वुफछ आर उदाहरण पस्तुत कर सकते हैं? किसी वस्तु की चाल अथवा उसकी गति की दिषा, अथवा दोेमं ेेनां ेहाने वाले परिवतर्न काइसकी गति की अवस्था में परिवतनर्द्वारा व्यक्त किया जाता है। अतः, बल द्वारा किसी वस्तु की गति की अवस्था मंेपरिवतर्न लाया जा सकता ह।ैगति की अवस्था किसी वस्तु र्की गति की अवस्था का वणन इसकी चाल तथा गति की दिषा से किया जाता है। विराम अवस्था को षूेर्ुन्य चाल की अवस्था माना जाता है। काइवस्तविराम अवस्था मंेअथवा गतिषील में हो सकती है.दानोंही इसकी गति की अवस्थाएँ है।ंक्या इसका यह अथर् है कि बल लगने पर सदैव ही किसी वस्तु की गति की अवस्था मंेपरिवतर्न होगा? आइए पता करे।ंयह हमारा सामान्य अनुभव है कि अनेक बार बल लगाने पर भी वस्तु की गति की अवस्था में परिवतर्न नहीं ेहाता। उदाहरण के लिए, एक भारी संदूक आपके द्वारा अिाकतम बल लगाए जाने पर भी गति न करे। इसी प्रेकार, यदि आप किसी दीवार काŁाकेलने का प्रेतो उस पर आपको बल का काइर् पभाव यास करं े्रदिखाइर् नहीं देगा। 11.5 बल किसी वस्तु की आछति में परिवतर्ैन कर सकता हियाकलाप 11.5 सारणी 11.2 के स्तंभ 1 मेवुफछ ऐसी स्िथतियादी गइर् हैं ं ं ंं ँ जिनमेवस्तुएँ गति नहीकर सकती। सारणी के स्तंभ 2 मेवे वििायासुझाइर् गइर् हैजिसमं ्रें ँ ं ेपत्येक वस्तु पर बल लगाया जा सकता है जबकि स्तंभ 3 इन .ियाआं का चित्रा दषार्ेमं संभव हो ्र्रर्ता है। जितनी स्िथतियां ेबल का पभाव देखने का पयत्न कीजिए। आप अपने पयावरण मेउपलब्Łा सामगी का उपयाग करके इसी पकार की वुफछ अन्य स्िथतियां े ँ ेंं ्रे्रेकाभी यहापर जाड़ सकते है। अपने प्रक्षणां को ेनोेेसारणी के स्तंभ 4 तथा 5 मं ट कीजिए। सारणी 11.2 वे्रक्षणां र् निकालतेफ पेेसे आप क्या निष्कषहैंेेके बीच एक पफले हुए? जब आप अपनी हथलियां ूगुे को ंतो क्या होुŁाब्बाररख कर दबाते हैता है? जब गँे आटे ेेेंकी लाइर् काबल कर चपाती बनाते हैताउसकी आ ति पर क्या प्रेभाव पड़ता है? जब आप मरखी किसी रबड़ की गंेद को दबाते हैं तो क्या होता है? इन सभी उदाहरणांेमें आपने देखा कि किसी वस्तु पर बल लगाने से उसकी आछति मंेपरिवतर्न हो सकता है। उपरोक्त सभी .ियाकलाप कर लेने के पष्चात, अब आप समझ गए हांेगे कि बल: ऽ किसी वस्तु को विराम अवस्था से गति में ला सकता है। ऽ गतिषील वस्तु की चाल में परिवतर्न कर सकता है। ऽ गतिषील वस्तु की दिषा में परिवतर्न कर सकता है। ऽ वस्तु की आ ति में परिवतर्न ला सकता है। ऽ इनमंेसे वुफछ अथवा सभी प्रें काउत्पन्न करभावो सकता है। यह स्मरण रखना आवष्यक है कि यद्यपि बल इनमें से एक या अिाक प्रेको उत्पन्न कर सकता है,भावां तथापि, इनमंे से कोइर् भी प्रभाव बगैर बल लगाए उत्पन्न नहीं हो सकता। अतः कोइर् वस्तु बिना बल लगाए, अपने आप गति में नहीं आ सकती, अपने आप दिषा परिवतिर्त नहीं कर सकती तथा अपने आप आ ति मंेपरिवतर्न नहीं ला सकती। 11.6 सम्पवफ बलर्पेषीय बल क्या आप मे Łाकेल या उठा सकते हैंैे? क्या बगर पकड़पानी की किसी बाल्टी को ंउठा सकते है? सामान्यतः, किसी वस्तु पर बल लगाने के लिए, आपके षरीर का वस्तु के साथ सम्पवर्फ होना चाहिए। सम्पवर्फ किसी छड़ी या रस्सी की सहायता से भी हो सकता है। जब हम किसी वस्तु, जसेैअपने विद्यालय वेे को Łाकेलते हैं या पानीफ बस्तकी बाल्टीकों ँउठाते है, ताबल कहा से आता है? यह बल हमारे षरीर की मांेेद्वारा लगता है। हमारीसपिायां मांेेके .ियास्वरूप लगने वाले बल को पेषीयसपिायां बल कहते हैं। पेेअपनसभी .ियाकलाप करनयाग्येषीय बलहीहमं े े बनाता है। इन .ियाकलापोमं ुं ेषरीर की गति तथा मड़ना भी सम्िमलित है। कक्षा टप्प् मंेआपने पढ़ा है कि पाचन प्रेभों ेे.िया मं जन आहार नाल मेआगकी आर Łावफला जाताहै्रेेै। क्या इस प.िया कापषीय बल करता ह? आप है.ियामतयह भी जानते ं कि ष्वसन प्रंे, वायु अन्दर लेे तथा बाहर निकालते समय, पेे पैे औुेफपफड़फलतर सिवफडतहैं्रे ेवेेँ। ष्वसन प.िया कासंभव बनानफ लिए ये पिायाकहाँ ै? हमारे ं पेेद्वारा बल लगानवफस्िथत हंषरीर मेिायां े ेक्यावुैेंफछ आर उदाहरण आप बतला सकतहै? पषु भी अपने षारीरिक .ियाकलापों तथा अन्य कायोको करने के लिए पेग करतेेदृ षीय बल का उपयाहैंैेेे तथा ¯ट जसे पषु हमारे लिए। बल, घाड़, गŁाँैविभ्िान्न कायर् करने के लिए उपयोंग किए जाते है। इन कायोदृ को करने के लिए वे पषीय बल का उपयोेग करते हैं ;चित्रा 11.9द्ध। क्यांेकि पेषीय बल तभी लगाया जा सकता है जब पेँ किसी वस्तु के सम्पवर्फ मेहांिायां , इसलिए इसे ेसम्पवर्फ बल भी कहते हैं्र। क्या अन्य पकार के सम्पवर्फ बल भी हैंे।। आइए पता करंघषर्ण अपने वुफछ अनुभवों को स्मरण कीजिए। पफषर् पर लुढ़ेद Łाीर - Łाीरे Łाीमी हो जाती है आरकनेवालीगंेैअन्त में रुक जाती है। साइकिल चलाते समय जब हमपेंतोयेभीŁाीरेेडल चलाना बद कर देते है - ŁाीरŁाीमी होैंेरुक जाती है। किसी कार ती है आर अत मं या स्वूफटर के इंजन को ंबद कर देने पर वह भी वुफछ समय बाद रुक जाता है। इसी प्रकार नाव भी खेंना बद कर देने पर, वुफछ दूर चलकर रुक जाती है। क्या आप इस प्रेकोकार के वुफछ अन्य अनुभवां इनमंेजोड़ सकते है?ंइन सभी स्िथतियांेमें वस्तुआंेपर कोइर् बल लगता प्रंेेेतीत नहीहाता पिफर भी इनकी चाल Łाीर - Łाीरकम तीजातीहैआरअन्त मेहोैंेये विराम अवस्था मं आ जाती हैंेपरिवतर्न किस । इनकी गति की अवस्था मं कारण होेेता है? क्या इन पर काइर् बल लग रहा हाता है। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं ्रकि पत्येक दषा मेबल किस दिषा मं ें ेलग रहा हागा? इन सभी उदाहरणों में वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवतर्न का कारण घषण बल र्है। पफषर् तथा गेद की सतहोर्ं के बीच लगने वाला घषण बल ही गतिषील गंेद को विराम अवस्था में लाता है। इसी प्रेके बीच घषण, खनाकार पानी तथा नाव की सतहां र्ेबंेेद करने पर नाव काराक देता है। घषर्ेपर लगता है आरैण बल सभी गतिषील वस्तुआं इसकी दिषा सदैव गति की दिषा के विपरीत होती है। क्यांेकि घषर्ण बल दो सतहों के बीच सम्पवर्फ के कारण उत्पन्न होता है इसलिए यह भी सम्पवर्फ बल का एक उदाहरण है। इस बल के बारे मंेआप अिाक जानकारी अŁयाय 12 मंेप्राप्त करेगं।ेआप यह जानने के लिए उत्सुक हांेगे कि क्या यह आवष्यक है कि किसी वस्तु पर बल लगने वाला बल सदैव सम्पवर्फ बल ही हो। आइए पता लगाएँ। 11.7 असम्पवफ बल र्चुंबकीय बल ियाकलाप 11.6 छड़ चंुबकों का एक युग्म लीजिए। चित्रा 11.10 मंेदषार्ुबक को तीन गाल पंेयाए अनुसारएक चंेेंसिलालकड़ी के बेे;रालरांेलनां ेेद्ध पर रख्िाए। अब दूसरचुबक के एक सिरे को बें पर रखे ुबक के ंलनोचंसिरे के समीप लाइए। Łयान रख्िाए कि दोेचंुनां बक एक - दूसरे को स्पषर् न करंे। देख्िाए क्या होता है। अब चुबक के दूसरे सिरे को बें पर रखे ुबक ंलनोचंके उसी सिरे के समीप लाइए ;चित्रा 11.10द्ध। प्रेेेत्येक बार नाट कीजिए कि क्या हाता है जब दूसरचंुबक को बेलनों पर रखे चंुबक के समीप लाया जाता है। लनां बक, दूसरंक्या बेेपर रखा चुंे चुबक को समीप लाने पर गति करने लगता है? क्या यह सदैव समीप आने वाले चंुबक की दिषा में गति करता है? ये पे्रक्षण ? क्याइसकाअथयह हैकि चेक्या सुझाते हैंर् ंुबकां के बीच कोइर् बल अवष्य ही कायर् कर रहा है? कक्षा टप् मेआप सीख चके हैकि दो ंेके ं ुं चुबकां समान Łा्रुव एक - दूसरे को प्रतिकष्िार्त करते हैं तथा असमान Łा्रुव एक - दूसरे को आकष्िार्त करते हैंे। दावस्तुओं के बीच आकषण अथवा पर्तिकष्रण कार्े भी खींेदेखा जा सकता है। क्या चने या Łाक्का देने के रूप मं चंुबकों के बीच लगने वाले बल को देखने के लिए आपको इन्हें सम्पवर्फ मेलाना पड़ता है? एक चुंें बक दूसरचंुबक पर बगैर सम्पवर्फ में आए ही बल लगा सकता है। चुबक द्वारा लगाया गया बल ंअसम्पवर्फ बल का एक उदाहरण है। इसी प्रुबक द्वारा किसी लाहे के टकड़े पर कार, चंेुलगाया गया बल भी असम्पवर्फ बल है। स्िथरवैद्युत बल ियाकलाप 11.7 प्लास्िटक का एक स्टशॅ लीजिए औेर इसकालगभग दो बराबर भागों मंेकाट लीजिए। Łाागे कीसहायतासेएक टुेको ेकड़किसी मकिनारे से लटकाइए ;चित्रा 11.11द्ध। अब स्टाश्ॅ के दूसरे टकड़ुे को अपने हाथ मंेपकडि़ए और इसके स्वतंत्रा सिरे को काग रगडि़ए। स्टाश्ॅ के रगड़े हुए सिरे को लटके हुए स्टाश्ॅ के समीप लाइए। सुनििचत कीजिए कि दोेटकड़एक - दूसरे को स्पषर् न करंनां ुे े। आप क्या देखते हैं? अब, लटके हुए स्टाश्ॅ के स्वतंत्रा सिरे को काग की षीट से रगडि़ए। पिफर से दूसरे स्टाश्ॅ के टुे े जिसे पहले ही काग कड़कारगड़ा जा चुश्ॅ के स्वतंत्रा का है, लटके हुए स्टासिरे के समीप लाइए। अब आप क्या देखते है?ंचित्रा 11.11: काग आकष्िार्ै ेुत करता हलकिन यदि लटका हआ स्टश भी काग यह उसे प्रतिकष्िार्ैत करता ह। काग आवेष उपाजिर्श्ॅ आवेिात वस्तु त कर लेता है। ऐसा स्टाका एक उदाहरण है। एक आवेुिात वस्तद्वारा किसी दूसरी आवेिात अथवा अनावेिात वस्तु ैुपर लगाया गया बल स्िथरवद्यत बल कहलाता हैुेवफ सम्पवर्फ मं ेे। वस्तआं ेे न हानपर भी यह बल कायर् ैुर्करता ह। इसलिए स्िथरवैद्यत बल असम्पवफ बल का एक अन्य उदाहरण हैंे त। आप अŁयाय 15 मविद्युआवेंकेबारमं े गेेषो ेविस्तार सअŁययन करं। गुर्रुत्वाकषण बल आप जानते हैं ेेकि यदि काइर् सिक्का या पन आपके हाथ सेछूटजाए तो ेेयह Łारती की आर गिरता है। पड़ से अलग होँने के पष्चात पिायाया पफल भी Łारती की ओंर ही गिरते है। क्या कभी आपने साचा है कि ऐसा क्यांेहोता है? जब सिक्का आपके हाथ मंेपकड़ा हुआ है तो यह विराम अवस्था में है। जसे ही इसकौे छोड़ा जाता है, यह नीचेे्रेकी आर गिरना पारम्भ हाजाता है। इससे स्पष्ट है कि सिक्के की गति की अवस्था मंेपरिवतर्न होता है। क्या इस पर बिना बल लगे ऐसा हो सकता है? यह बल कौन सा है? वस्तुएँ पष्ें क्योकि यह ंथ्वी की आर इसलिए गिरती हैउन्हें अपनी ओर्ंे ुर आकष्िात करती है। इस बल कागरुत्व बल या केवल गुंर्रुत्व कहते है। यह एक आकषण बल है। गु्रुरुत्व बल पत्येक वस्तु पर लगता है। गरुत्व बल हम सभी पर हर समय बगैर हमारी जानकारी के लगता रहता है। जैेें पानी Łारती की ओसे ही हम काइर् नल खालते हैर बहने लगता है। गुेमंरुत्व बल के कारण ही नदियां ेपानी नीचे ेकी आर बहता है। गुेष्ुं ंेरुत्व वफवल पथ्वी का ही गण नहीहै। वास्तव मविष्व में सभी वस्तएुँ, चाहे वे छोटी हों या बड़ी हो, एक ंदूेेंुर्सरवफ ¯पर बल लगाती है। यह गरुत्वाकषण बल कहलाता है। 11.8 दाब आपने कक्षा टप्प् मंेपढ़ा है कि तूपफान या च.वात के समय प्रेको भी उड़ा ले जाती है। बल पवन घर की छतां आपने यह भी सीखा है कि पवन तथा च.वात वायु दाब के अन्तर के कारण बनते हैंेकाइर्े। क्या दाब तथा बल मं संबंŁा है? आइए पता लगाएँ। किसी लकड़ी के तख्ते में एक कील को इसके षीषर् से ठो्रेकने का पयत्न कीजिए। क्या आप सपफल हापाते हैंेुेेेे्र? अब कील कानकीले सिरस ठाकन का पयत्न कीजिए ;चित्रा 11.12द्ध। क्या आप इस बार इसे ठोेक पातहैंेको किसी वंतथा एक ? सब्िजयां फठित ु;इसनदजद्ध तीखे चावूफ से काटने का प्रयास कीजिए। किसमें आसानी है? क्या आपको ेऐसा लगता है कि जिस क्षत्रापफल पर बल लगाया जाता है ;उदाहरण के लिए, कील के नुकीले सिरे परद्ध वह इन कायादृेको आसान बनाने में एक भूमिका निभाता है? किसी पष््रंेष्ठ के पति एकाक क्षत्रापफल पर लगने वाले बल को दाब कहते है।ंबल दाब त्र क्षत्रे ापफल जिस पर यह लगता है यहाँ पर हम वेेपर विचार करते हैं जो उस फवल उन बलां पष्े्ंष्ठ वफ लम्बवतहैजिस पर दाब ज्ञात करना है। अब मेेआयाकि वुंकोरी समझ मं फलियोजब भारीबोेेवेझ उठाना हाता है ताअपने े को गोेसिर पर एक कपड़ल लपट कर क्यांेरखते हैं ;चित्रा 11.13द्ध। इस प्रे ेषरीरसेबोेर्कार वअपनझ वफ सम्पवफ क्षेेबढ़ादेे ंेत्रापफल कातहै। अतः उनवफ षरीर पर लगने वाला दाब कम हो जाता हैऔेेेर वबाझ काआसानी से उठा सकते है।ंचित्रा 11.12: लकड़ी वेे मेकील ठोकना। चित्रा 11.13 भारीबोेे ेुुफतख्तं झकालजातहएवफली। Łयान दीजिए कि उपरोेक्षत्रापफल ‘हर’ ेक्त व्यंजक मं मंेहै। इसलिए यदि बल बराबर हो तो पष्ष्ठ का क्षेत्रापफल जितना कम होेगा उस पर दाब उतना ही अिाक हागा। कील के नुकीले सिरे ेर् कीका क्षत्रापफल इसके षीषअपेक्षा बहुत कम है। इसलिए वही बल कील के नुकीले सिरे को लकड़ी के तख्ते मंेठोकने के लिए पयार्प्त दाब उत्पन्न कर देता है। क्या अब आप बता सकते हैं कि वंफŁो पर लटकाने वाले थैेमं चैी क्यां लगाइर् जाती है? इन थैेलां ेड़ीपट.ेलां मंे बारीक पट.ी क्यांेनहीं लगाइर् जाती? और, काटने तथा सूराख करने वाले औ होंते है? क्या द्रवांेतथा गैसांेद्वारा भी दाब लगता है? क्या यह भीउस क्षेर्ेत्रापफल पर निभर हाता है जिस पर बल कायर् करता है? आइए ज्ञात करे।ं11.9 द्रवों तथा गैसांेद्वारा लगाया गया दाब ियाकलाप 11.8 चित्रा 11.14: किसी बतर्न की तली पर पानी द्वारा लगाया जाने वाला दाब पानी वेर्फ स्तम्भ की ¯ँचाइपर निभर्ैर करता ह। ियाकलाप 11.9 प्लास्िटक की एक बोतल लीजिए। आप पानी या मष्ेेुदुपय ;ेवजि कतपदाद्ध की उपयाग की जा चकी कोेंदषाएइर् बातल ले सकते है। चित्रा 11.15 मं र्अनुसार बोेदे के पास वुफछ सेटीमीटर ंतल के पंलम्बी काँेच की एक बलनाकार नली लगाइए। ऐसा करने के लिए काँे कोच की नली के एक सिरथोर् ैेड़ा सा गमकीजिए आर पिफर जल्दी से बातल के पंेदे के समीप घुसा दीजिए। सुनििचत कीजिए कि जोड़ के पास से पानी न रिसे। यदि पानी रिसता है तो इसको पिघले मो्रम से अच्छी पकार बंँुह को .ियाकलाप द कीजिए। काच की नली के मँ11.8 के अनुसार एक पतली रबड़ की षीट से बंेे पानी से आŁाा भरिए। द कीजिए। अब बातल काआप क्या देखते हैंँ? इस बार काच की नली के मुह पर लगाइर् गइर् रबड़ की षीट क्यां ूँेपफल जाती है? बोेवुफछ पानी आर डालिए। क्या रबड़ ैतल मं की षीट के पुेवुफछ अन्तर आता है? फलाव मं Łयान दीजिए कि रबड़ की षीट को बतर्न के नीचे । नहीं े;दीवार मंेबल्िक पाष्वर् मं द्ध लगाया गया है। क्या इस स्िथति में रबड़ षीट का पफलना यह दषाूर्ता है कि पानी बतर्न की दीवारों पर भी दाब डालता है? आइए इसकी औे।र अिाक छानबीन करंियाकलाप 11.10 प्लास्िटक की एक खाली बोतल अथवा एक दीवारांेपर दाब डालते ह?ैंक्यागैं ंसेभी दाब डालती है? क्या वे भी जिस बतर्न मंेरखी जाती हैं उसकी दीवारों पर दाब डालती है?ंआइए ज्ञात करे।ंजबआपकिसीगुे े ुं ेब्बारकापफलाते हैताउसके जल - संभरण वे्रेेफ लिए पयाग किए जानवाले पाइपोवेे हुए जोड़ांें फ लीक करतया सूराखोसे मंे पानी वेुेकों ैनफ पफव्वारां बाहर आते ेदखा है। क्या यह पानी द्वारा पाइप की दीवारांेपर लगाए जाने वाले दाब वेंफ कारण नहीहै? मुह काक्यां ंुँे ेबद करना पड़ता है? यदि किसी पफलाए हुए गुे ुह को खाल देतो क्या हाता है? मान ब्बारकेमँें ेलीजिए आपके पास एक ऐसा गुब्बारा है जिसमें सूराख है। क्या आप इसे पुेंफला पाएँग? यदि नही, ताक्यांे? क्या हम कह सकते हैं कि वायु पत्येक दिषा ्रमें दाब लगाती है? स्मरण कीजिए कि यदि साइकिल की ट्ेयूब मं पंेतो ंेक्चर हाइसके अदर की हवा का क्या हाता है? क्या ये पे्रक्षण दषार्ते हैं कि वायु किसी पुफलाए हुए गुब्बारे यासाइकिल कीट्ंेपरदाब यूब की अदर की दीवारां डालती है? इस प्रंैंकार हम कह सकते है कि गसेजिस बतर्न मंेरखी जाती हैं उसकी दीवारों पर दाब डालती है।ं11.10 वायुमंडलीय दाब हम जानते हैं कि हमारे चारांे ओर वायु है। वायु के इस आवरण को ुमंडल कहते हैंुंवाय। वायमडलीय वायु पष्ेैथ्वी के तल से कइर् किलामीटर ¯पर तक पफली हुइर् है। इस वायु द्वारा लगाए गए दाब को ुंवायमडलीय दाब कहते हैं ्रंे। हम जानते हैकि पति एकाक क्षत्रापफल पर लगने वाले बल को ंदाब कहते है। यदि हम एक इकाइर् क्षेे, आर इसके ¯पर वायु से भरा ैत्रापफल की कल्पना करंएक लम्बाबेंेलन खड़ा हुआ माने, तब इस बलन मं वायु का भार वायुमंडलीय दाब के बराबर होगा ;चित्रा 11.17द्ध इकाइर् क्षेत्रापफल चित्रा 11.17: इकाइर् ेेक्षत्रापफल वफ वायुस्तम्भ का भार वायुमंेैडलीय दाब वफ बराबर ह। लेकिन वायुमंडलीय दाब है कितना? आइए इसके परिमाण के बारे मंेविचार कर।ेंियाकलाप 11.11 एक अच्छी रबड़ का एक चूषक ;ेनबामतद्ध लीजिए। यह रबड़ के एक छाटेे प्याले की भाति ंदिखाइर् देता है ;चित्रा 11.18द्ध। इसको किसी समतल चिकनेपष्ेष्ेष्ठ पर जार से दबाइए। क्या यह पष्ठ सचिपक जाताहैे ंष्े? इसकाखीच कर पष्ठ सउठाने का प्रे?ैयत्न कीजिए। क्या आप सपफल हापाते हंजबआपचूे ंे ष्षक कादबाते हैताकप तथा पष्ठ के बीच की अिाकांु बाहर निकल जाती हैषवाय। चूंष्षक पर वायुमडलीय दाब लगता है इसलिए यह पष्ठ के साथ चिपक जाता है। चूे ष्ंषक कापष्ठ से खीच कर अलग करने के लिए लगाया गया बल इतना अिाक होंना चाहिए कि यह वायुमडलीय दाब पर पार पा सके। इस .ियाकलाप से संभवतः आपको ंवायुमडलीय दाब के परिमाण का अनुेे,मान लग गया हागा। वास्तव मंयदि चूष्ेसे समस्त वायु कोषक तथा पष्ठ के बीच मं निकाल दिया जाए तो ूकिसी भी मनुष्य के लिए चषक ष्ठसेखीेपष्ंच कर अलग करना संभव नहीं हागा। क्या इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि वायुमंडलीय दाब कितना अिाक होता ह?ैयदि मेे ेरसिर का क्षत्रापफल 15 बउ × 15 बउ हो तो मंैअपने सिर पर वायु का कितना भार वहन कर रहा हूँ! एक 15 बउ × 15 बउ क्षेंत्रापफल तथा वायुमडल की ¯ँँेंवायकाभार चाइर् के बराबर ¯चाइर् वफ स्तम्भ मु लगभग 225 ाह व्यमान के ंेकिसी पिड कभार ;2250छद्ध के बराबर होेता है ;चित्रा 11.19द्ध। इस भार के नीचहम दब कर पिचक क्यांेनहीं जाते? इसका कारण है कि हमारे ंषरीर के अन्दर का दाब भी वायुमडलीय दाब के बराबर है औेर यह बाहर के दाब कानिरस्त कर देता है। क्या आप जानते हंै? षताब्दीमं र्फएक वटानगेे नो17वीं ेजमनी वेैज्ञानिक आॅे वाॅरिक नबतर्ं से वायु बाहर निकालने के एक पम्प का आविष्कार किया। इस पम्प की सहायता से उन्होननाटकीय ढंग से वायु दाब वफ बल का प्रन किया। उन्होनु वेे खोेंे ेदषर्ंेŁाातफदाखलअŁार्ेे ेपत्येक का व्यास 51 बउ था। इन गालां े ेगाललिए जिनमं ्रेेकाएक साथ जोड़कर उनवफ बीच की वायु निकाल दी गइर््रर्ेे पर आठ - आठ घोे ेखींे वफ लिए लगाए। ;चित्रा 11.20द्ध। वायु । तब पत्येक अŁागालड़विपरीत दिषा मं चकर अलग करनेदाब का बल इतना अिाक था कि इतने घोे भी अŁार्ेेकाअलग न कर पाए। ड़गालां े चित्रा 11.20: अŁार्ेेको खीचते हए घो।ेगालां ंुड़आपने क्या सीखा ऽ बल Łाक्का देना ;अपकष्िार्चना ;अभ्िाकष्िार्तत करनाद्ध या खींकरनाद्ध हो सकता ह।ैऽ बल दो वस्तुआंेफ बीच अन्योन्य.िया वेेैव फ कारण लगता ह। ऽ बल का परिमाण तथा दिषा दानोें हातेे हंै। ऽ किसी वस्तकी चाल मंे परिवतर्ंे नु न अथवा गति की दिषा मपरिवतर्अथवादोेमं ेे र्र् ैनां ेहाने वालपरिवतन का अथहइसकी गति की अवस्था मंेपरिवतर्न होना। ऽ किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसकी गति की अवस्था मंे अथवा उसकी आ ति मंेपरिवतर्न कर सकता ह।ैऽ किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसके साथ सम्पवर्फ में आने पर या सम्पवर्ेआए बगैर लग सकता ह।ैफ मं ऽ प्रति एकां े बल को दाब कहते हंक क्षेत्रापफल पर लगने वाल ै। ऽ द्रव तथा गैसें बतर्नांेकी दीवारांेपर दाब लगाते ह।ैंऽ हमारेचारां ेे ुंेआर की वायु द्वारा लगाए गए दाब कावायमडलीय दाब कहते हंै। अभ्यास 1. Łाक्के या ख्िांफ द्वारा वस्तओकी गति की अवस्था मेपरिवतन वे - दो उदाहरण दीजिए। चाववेुं ं र्फदो2.ऐसे दो उदाहरण दीजिए जिनमें लगाए गए बल द्वारा वस्तु की आ ति मंेपरिवतर्न हो जाए। 3.निम्नलिख्िात कथनांेमंेरिक्त स्थानांेकी पूतिर् कीजिएऽ ;कद्ध वफएुँ से पानी निकालते समय हमंेरस्सी को पड़ता है। ;खद्ध एक आवेु ेुको ैिात वस्तअनाविात वस्त करती ह। ;गद्ध सामान से लदी टशॅे ेेउसको ैली काचलाने वफ लिए हमं पड़ता ह। ;घद्ध किसी चुं्रव दूसरे चुबक वफ उऽारी Łा्रव को ैबक काउऽारीŁाुंेुकरताह। 4.एक ŁानŁार्े हए अपने Łानुष को खीचती ह। तब वह तीर को छोै जो लक्ष्य ुर लक्ष्य पर निषाना साŁातुंैड़ती हकीओैेेमं ंेर बढ़ने लगता ह। इस सूचना वफ आŁाार पर निम्नलिख्िात प्रकथनां ेदिए गए षब्दोका उपयाग करवेेकी पूतिर् कीजिए। फ रिक्त स्थानां पेषीय/सम्पवर्र्र्र्फ/असम्पवफ/गुरुत्व/घषण/आ ति/आकषण ;कद्ध Łानुष को खींेर्ै े मंचने वफ लिए ŁानुŁार एक बल लगाती हजिसवफ कारण, इसकी ेपरिवतर्ेैन हाता ह। ;खद्ध Łानुष को खींेर्बल का उदाहरण ह।ैचने वफ लिए ŁानुŁार द्वारा लगाया गया बल ;गद्ध तीर की गति की अवस्था मंेपरिवतर्न के लिए उत्तरदायी बल का प्रकार बल का उदाहरण है। ;घद्ध जब तीर लक्ष्य की ओै तो इस पर लगने वाले बल तथा वायु वफर गति करता हेवेेेै।फ कारण हातहं5.निम्न स्िथतियांेमंेबल लगाने वाले कारक, तथा जिस वस्तु पर बल लग रहा हैे पहचानिए। प्रत्येक , उनकास्िथति मंेजिस रूप में बल का प्रभाव दिखाइर् दे रहा है उसे भी बताइए। ;कद्ध रस निकालने वेंेको अगुलियोफ लिए नीबू वफ टुकड़ां ँं से दबाना। ;खद्ध दंत मंजन की ट्यूब से पेस्ट बाहर निकालना। ;गद्ध दीवार मंेलगे हुए हुक से लटकी कमानी के दूसरे सिरे पर लटका एक भार। ;घद्ध ¯ँची वूे समय एक ख्िालाड़ी द्वारा एक नििचत ¯ँचाइर् की छड़ ;बाŁााद्ध कोफद करत पार करना। 6.एक औ वालाबललोे ेे े ैहवफ टुकड़काकिस प्रकार प्रभावित करता ह? 7.एक पुफलाए हुए गुब्बारे को संिलष्ट कपड़े के टुकड़े से रगड़कर एक दीवार पर दबाया गया। यह देखा गया कि गुब्बारा दीवार से चिपक जाता हैेर्े। दीवार तथा गुब्बारे वफ बीच आकषण वफ लिए उऽारदायी बल का नाम बताइए। 8.आप अपने हाथ मं पानी से भरी एक प्लास्िटक की बाल्टी लटकाए हुै। बाल्टी पर लगने वाले बलांेेएहंवेर् कीजिए कि बाल्टी पर लगने वाले बलोद्वारा इसकी गति की अवस्था मंेफ नाम बताइए। विचार - विमषं परिवतर्ेनहीं हाता। ेन क्यां 9.किसी उपग्रह को इसकी कक्षा मं प्रमोेॅेे ¯पर की ओेचित करने वफ लिए किसी रावफट कार प्रक्षेपित किया गया। प्रमोंछोेुॅेेदोबलोवेचन मच काड़ने वफ तरंत बाद रावफट पर लगने वालं फ नाम बताइए। 10.जब किसीडाश्पर वॅफचेचंु;नो वेेबाहर निकलती हइदिखलाइदेती ह। बल्ब पर से दाब हटा लेपर मंफरूप मं ुर् र् ैनेपर डशॅेपानीभर जाता हैॅे पानी वफ चढ़ने का कारण हऽ। डशपर मंे ै;कद्ध पानी का दाब ;खद्ध पष्थ्वी का गुरुत्व ;गद्ध रबड़ वेफ बल्ब की आ ति ;घद्ध वायुमंडलीय दाब

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