आप लोहा, ऐलुमिनियम, ताँबा, आदि जैसे वुफछ पदाथो± से परिचित हैं। वुफछ पदाथर् सारणी 4.1: पदाथो± की दिखावट और कठोरता वस्तु/पदाथर् दिखावट ;चमकदार/ निष्प्रभद्ध कठोरता ;बहुत कठोर/ बहुत कठोर नहींद्ध आयरन ;लोहाद्ध कोयला सल्पफर ;गंधकद्ध ऐलुमिनियम काॅपर ;ताँबाद्ध - - - - - - - - क्या आप उन पदाथो± के नाम बता सकते हैं जो धातु हैं? सारणी 4.1 में शेष पदाथर् अधातु हैं। धातुओं का अधातुओं से अन्तर उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर किया जा सकता है। स्मरण करिए कि चमक और कठोरता भौतिक गुण हैं। 4.1 धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण क्या आपने लोहार को लोहे के टुकड़े अथवा लोहे से निमिर्त वस्तु, जैसेμ पफावड़ा, बेलचा, वुफल्हाड़ी, आदि को पीटते हुए देखा है? क्या इन वस्तुओं को पीटने पर आप इनके आकार में कोइर् परिवतर्न पाते हैं? क्या लकड़ी के लट्ठे की पीटने पर भी वैसे ही परिवतर्न की अपेक्षा करते हैं? आइए जानें। वि्रफयाकलाप 4.1 एक लोहे की कील, एक कोयले का टुकड़ा, एक मोटे ऐलुमिनियम तार का टुकड़ा और एक पेंसिल लेड लीजिए। लोहे की कील लेकर उसे हथौड़े द्वारा पीटिए ;चित्रा 4.1द्ध। ;परन्तु ध्यान रहे कि इस चित्रा 4.1: हथौड़े से लोहे की कील को पीटना। प्रव्रफम में आप स्वयं को चोट न पहुँचा लें।द्ध जोर से पीटने का प्रयास करिए। ऐलुमिनियम के तार पर भी जोर से चोट करिए। इसी प्रकार का प्रव्रफम कोयले के टुकड़े और पेंसिल लेड के साथ भी करिए। अपने प्रेक्षणों को सारणी 4.2 में रिकाॅडर् करिए। सारणी 4.2: पदाथो± की आघातवधर्नीयता वस्तु/पदाथर् आकार में परिवतर्न;चपटा हो गया/टुकड़े हो गएद्ध लोहे की कील कोयले का टुकड़ा ऐलुमिनियम की तार पेंसिल लेड आपने देखा कि लोहे की कील और ऐलुमिनियम के तार को पीटने पर उनका आकार परिवतिर्त हो गया। यदि उन्हें अिाक शक्ित से पीटा जाए तो उन्हें शीट में परिवतिर्त किया जा सकता है। आप सम्भवतः मिठाइयों को सजाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले चाँदी के ववर्फ से भी परिचित होंगे। आप ऐलुमिनियम पन्नी/पण्िार्का द्वारा खाद्य सामग्री को लपेटने के उपयोग से भी अवश्य परिचित होंगे। धातुओं का गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर शीट में परिवतिर्त किया जा सकता है, आघातवधर्नीयता कहलाता है। यह धातुओं का अभ्िालाक्षण्िाक गुण है। जैसा आपने देखा होगा, कोयले और पेंसिल लेड जैसे पदाथर् यह गुण प्रदश्िार्त नहीं करते। क्या हम इन्हें धातु कह सकते हैं? क्या आप बिना प्लास्िटक या लकड़ी के हत्थे वाले गमर् धतु के पात्रा को, स्वयं को बिना आघात पहुँचाए, पकड़ सकते हैं? शायद नहीं! क्यों? वुफछ अन्य अनुभवों की सूची बनाने का प्रयास करिए जिसमें एक लकड़ी या प्लास्िटक का हत्था आपको घायल होने से बचाता है जब आप गमर् वस्तुओं को पकड़ते हैं। इन अनुभवों के आधार पर आप लकड़ी और प्लास्िटक द्वारा उफष्मा के चालन के विषय में क्या कह सकते हैं? आपने एक विद्युतकमीर् को पेंचकस से काम करते देखा होगा। उसका हत्था किस प्रकार का होता है? क्यों? आइए जानें। वि्रफयाकलाप 4.2 में विभ्िान्न वस्तुओं के साथ यह वि्रफयाकलाप किया होगा। अब इसी वि्रफयाकलाप को सारणी 4.3 में दिए गए पदाथो± के साथ दोहराइए। प्रेक्षण लीजिए और इन पदाथो± को सुचालकों और वुफचालकों में वगीर्वृफत करिए। सारणी 4.3: पदाथो± की वैद्युत चालकता व्रफमसं पदाथर् सुचालक/वुफचालक 1 लोहे की छड़/कील 2 गंधक 3 कोयला 4 ताँबे की तार आपने पाया कि लोहे की छड़, कील और ताँबे का तार सुचालक हैं जबकि गंधक और कोयला वुफचालक हैं। आप ऐलुमिनियम और ताँबे की तारों का उपयोग कहाँ देखते हैं? क्या आपने कोयले की तारें देखी हैं? निश्िचत रूप से नहीं! धातुओं का वह गुण जिससे उन्हें खींचकर तारों में परिवतिर्त किया जा सकता है, तन्यता कहलाता है। क्या आपने कभी लोहे की शीट/प्लेट, धातु का सिक्का, और एक कोयले का टुकड़ा पफशर् पर गिराकर, उनसे उत्पन्न ध्वनि के अन्तर पर ध्यान दिया है? यदि नहीं, तो अब आप प्रयास कर सकते हैं। क्या आप उत्पन्न ध्वनियों में कोइर् अन्तर पाते हैं? क्या आपने मंदिरों में लकड़ी की घंटियाँ देखी हैं? क्या आप इसका कारण बता सकते हैं? धातुओं से बनी वस्तुओं को जब कठोर सतह से टकराया जाता है तो एक निनाद ध्वनि ;तपदहपदह ेवनदकद्ध उत्पन्न होती है। माना आपके पास दो समान दिखने वाले डिब्बे हैं, एक लकड़ी से निमिर्त और दूसरा धातु से। क्या आप दोनों डिब्बों पर चोट करके बता सकते हैं कि कौन सा डिब्बा धातु का बना हुआ है? क्योंकि धातु गायन ध्वनियाँ उत्पन्न करते हैं, अतः वे ध्वानिक कहलाते हैं। धातुओं के अलावा अन्य पदाथर् ध्वानिक नहीं होते। उक्त वि्रफयाकलाप करने के पश्चात् हम कह सकते हैं कि वुफछ पदाथर् कठोर, चमकीले, आघातवध्र्, तन्य, ध्वानिक और उफष्मा तथा विद्युत के सुचालक होते हैं। पदाथर् जिनमें सामान्यतया ये गुण होते हैं, धातु कहलाते हैं। धातुओं के उदाहरण हैं - आयरन, काॅपर, ऐलुमिनियम, वैफल्िसयम, मैग्नीश्िायम, इत्यादि। इसके विपरीत कोयले और सल्पफर जैसे पदाथर् नरम हैं तथा दिखने में मलिन हैं, ये हथौड़े की हलकी चोट से टूटकर चूरा हो जाते हैं, ध्वानिक नहीं हैं और उफष्मा तथा विद्युत के वुफचालक हैं। ये पदाथर् अधातु कहलाते हैं। अधातुओं के उदाहरण हैं - सल्पफर, काबर्न, आॅक्सीजन, पफाॅस्पफोरस, इत्यादि। सोडियम और पोटैश्िायम धातु नरम होते हैं और उन्हें चावूफ से काटा जा सकता है। मवर्फरी ;पाराद्ध केवल ऐसा धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाया जाता है। ये अपवाद हैं। 4.2 धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुण ।ण् आॅक्सीजन से अभ्िावि्रफया आप आयरन में जंग लगने की परिघटना से परिचित हैं। जंग बनने की अभ्िािया का स्मरण करिए। आपने कक्षा टप्प् में मैग्नीश्िायम रिबन के वायु में दहन का वि्रफयाकलाप किया है। आपने सीखा था कि दोनों प्रव्रफमों में आॅक्साइड बनते हैं। आयरन और मैग्नीश्िायम की आॅक्सीजन के साथ निम्नलिख्िात अभ्िावि्रफयाओं को पूरा करिए। आयरन ;थ्मद्ध $ आॅक्सीजन ;व्द्ध $ जल ;भ्व्द्ध → ?22मैग्नीश्िायम ;डहद्ध $ आॅक्सीजन ;व्2द्ध → ? वि्रफयाकलाप 4.3 क्या काॅपर में भी जंग लगता है? मैंने काॅपर के बतर्नों की सतह पर हरा पदाथर् जमा हुआ देखा है। अब मैग्नीश्िायम रिबन के दहन के वि्रफयाकलाप का स्मरण करिए। मैग्नीश्िायम रिबन का दहन करने पर प्राप्त राख को जल में घोलकर उसकी अम्लीय/ क्षारीय प्रवृफति जानने हेतु विलयन का परीक्षण करते हैं। विलयन अम्लीय है या क्षारीय? आप इसको किस प्रकार सुनिश्िचत करेंगे। आपने प्रेक्षण किया होगा कि लाल लिटमस नीला हो जाता है। इसलिए मैग्नीश्िायम के आॅक्साइड की प्रवृफति क्षारीय होती है। सामान्यतः धात्िवक आॅक्साइड क्षारीय प्रवृफति के होते हैं। आइये, अब अधातुओं की आॅक्सीजन के साथ अभ्िावि्रफया का प्रेक्षण करें। वि्रफयाकलाप 4.4 जलना प्रारम्भ हो तो चम्मच को एक गैस जार/काँच के गिलास में ले जाइए ख्चित्रा 4.4;ंद्ध, गिलास को एक ढक्कन से ढक दीजिए जिससे बनने वाली गैस बाहर न जा सके। वुफछ समय पश्चात् चम्मच को हटा दीजिए। गिलास में थोड़ा जल डालिए और तुरन्त ढक्कन से वापस ढक दीजिए। अब गिलास को भली भांति हिलाइए। विलयन का परीक्षण व्रफमशः लाल और नीले लिटमस पत्रों से करिए ख्चित्रा 4.4;इद्ध,। सारणी 4.4: अम्लों और क्षारों में धातु और अधातु व्रफम सं क्षार का नाम धातु अम्ल का नाम अधातु 1 वैफल्िसयम हाइड्राॅक्साइड वैफल्िसयम सल्फ्रयूरिक अम्ल सल्पफर 2 3 4 5 सल्पफर और आॅक्सीजन की अभ्िावि्रफया में बनने वाले उत्पाद का नाम सल्पफर डाइआॅक्साइड गैस है। जब सल्पफर डाइआॅक्साइड को जल में विलेय करते हैं तोसल्फ्रयूरस अम्ल प्राप्त होता है। अभ्िावि्रफया निम्न प्रकार से दी जा सकती है: सल्पफर डाइआॅक्साइड ;ैव्द्ध $ जल ;भ्व्द्ध →22सल्फ्रयूरस अम्ल ;भ्ैव्द्ध23सल्फ्रयूरस अम्ल नीले लिटमस पत्रा को लाल कर देता है। सामान्यतः अधातुओं के आॅक्साइड अम्लीय प्रवृफति के होते हैं। प्रयोगशाला में काम आने वाले वुफछ अम्लों और क्षारों के नाम याद करिए जो आपने कक्षा टप्प् में पढ़े थे। उनके नाम सारणी 4.4 में लिख्िाए। उनमें उपस्िथत धातु अथवा अधातु की पहचान करिए जो आॅक्सीजन के साथ आॅक्साइड बनाता है। ठण् जल के साथ अभ्िावि्रफया आइए देखें, धातु और अधातु किस प्रकार जल से अभ्िावि्रफया करते हैं। सोडियम धातु बहुत अभ्िावि्रफयाशील होता है। यह आॅक्सीजन और जल के साथ अत्यन्त तीव्र अभ्िावि्रफया करता है। अभ्िावि्रफया में बहुत अिाक उफष्मा उत्पन्न होती है। इसलिए यह मिट्टðी के तेल में संचित रखा जाता है। वि्रफयाकलाप 4.5 आपने देखा कि सोडियम जल के साथ तीव्र अभ्िावि्रफया करता है। वुफछ अन्य धातु ऐसा नहीं करते। उदाहरण के लिए, आयरन जल से धीमी अभ्िावि्रफया करता है। सामान्यतः अधातु जल से अभ्िावि्रफया नहीं करते, यद्यपि वे वायु में बहुत सवि्रफय हो सकते हैं। इस प्रकार के अधातुओं को जल में रखा जाता है। उदाहरण के लिए, पफाॅस्पफोरस एक बहुत सवि्रफय अधातु है। वायु में खुला रखने पर यह आग पकड़ लेता है। पफाॅस्पफोरस से वायुमण्डलीय आॅक्सीजन का सम्पवर्फ न हो, इसलिए उसे जल में रखा जाता है। ब्ण् अम्लों से अभ्िावि्रफया आइए देखें, धातु और अधातु अम्लों के साथ किस प्रकार व्यवहार करते हैं। वि्रफयाकलाप 4.6 सावधानी: परखनली के मुँह को अपने चेहरे से दूर रख्िाए। परखनली पकड़ने के लिए परखनली होल्डर का प्रयोग करिए। सारणी 4.5 में सूचीब( धातुओं और अधातुओं के नमूने पृथव्फ परखनलियों में लीजिए और उन्हें ।ए ठए ब्ए क्ए म् और थ् से चिित कर दीजिए। ड्राॅपर की सहायता से प्रत्येक परखनली में एक - एक करके 5 उस् तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालिए। अभ्िावि्रफया का सावधानीपूवर्क प्रेक्षण करिए। यदि ठंडे विलयन में कोइर् अभ्िावि्रफया नहीं होती तो परखनली को हलका गमर् करिए। प्रत्येक परखनली के मुँह के पास एक जलती हुइर् माचिस की तीली लाइए। यही वि्रफयाकलाप तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्लके स्थान पर तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल लेकर दोहराइए। अपने प्रेक्षणों को सारणी 4.5 में लिख्िाए। क्या धातु और अधातु, अम्लों से भ्िान्न प्रकार से अभ्िावि्रफया करते हैं? परखनलियों के मुँह के पास जलती हुइर् माचिस की तीली लाने पर, वुफछ में ‘पाॅप’ ध्वनि क्यों उत्पन्न हुइर् थी? आपने पाया होगा कि अधातु सामान्यतः अम्लों से अभ्िावि्रफया नहीं करते, परन्तु धातु अम्लों से अभ्िावि्रफया करते हैं और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं, जो ‘पाॅप’ ध्वनि के साथ जलती है। आपने देखा कि काॅपर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से गमर् करने पर भी अभ्िावि्रफया नहीं करता। परन्तु यह सल्फ्रयूरिक अम्ल से अभ्िावि्रफया कर लेता है। सारणी 4.5: धातुओं और अधातुओं की अम्लों से अभ्िावि्रफया परखनली का चिह्न धातु/अधातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभ्िावि्रफया तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल से अभ्िावि्रफया सामान्य ताप पर गरम करने पर सामान्य ताप पर गरम करने पर । मैग्नीश्िायम ;रिबनद्ध ठ ऐलुमिनियम ;पन्नीद्ध ब् आयरन ;छीलनद्ध क् काॅपर ;छीला हुआ लचीला तारद्ध म् लकड़ी का कोयला ;चूणर्द्ध थ् सल्पफर ;चूणर्द्ध क्ण् क्षारों से अभ्िावि्रफयाएँ वि्रफयाकलाप 4.7 र्दैव्4 थ्मैव्4 कोइर् परिवतर्न नहीं ‘पाॅप’ ध्वनि क्या दशार्ती है? पहले की तरह ‘पाॅप’ ध्वनि हाइड्रोजन गैस की उपस्िथति दशार्ती है। धातु सोडियम हाइड्राॅक्साइड से अभ्िावि्रफया कर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं। अधातुओं की क्षारों से अभ्िावि्रफयाएँ जटिल हैं। म्ण् विस्थापन अभ्िावि्रफयाएँ काॅपर सल्पेफट और आयरन के मध्य अभ्िावि्रफया वाले वि्रफयाकलाप को याद करिए जो आपने कक्षा टप्प् में किया था। आइए, उस प्रकार की वुफछ और अभ्िावि्रफयाओं को देखें। वि्रफयाकलाप 4.8 बीकर । रू काॅपर सल्पेफट ;ब्नैव्द्ध ़ जिंक का टुकड़ा ;र्दद्धए4बीकर ठ रू काॅपर सल्पेफट ;ब्नैव्द्ध ़ लोहे की कील ;थ्मद्ध4बीकर ब् रू जिंक सल्पेफट ;र्दैव्द्ध ़ ताँबे की छीलन ;ब्नद्धए4बीकर क् रू आयरन सल्पेफट ;थ्मैव्द्ध ़ ताँबे की छीलन ;ब्नद्ध4बीकर म् रू जिंक सल्पेफट ;र्दैव्द्ध ़ लोहे की कील ;थ्मद्ध4चित्रा 4.6 ;ंद्ध तथा ;इद्ध रू विस्थापन अभ्िावि्रफयाएँ। आप विभ्िान्न बीकरों में क्या परिवतर्न देखते हैं? आपने पढ़ा है कि एक धातु दूसरे धातु को उसके यौगिक के जलीय विलयन से विस्थापित करता है। बीकर । में जिंक, काॅपर सल्पेफट विलयन से काॅपर को विस्थापित करता है और इसीलिए काॅपर सल्पेफट का नीला रंग अदृश्य हो जाता है और बीकर के पेंदे पर काॅपर का लाल चूणर् जमा हो जाता है। अभ्िावि्रफया को निम्न प्रकार से प्रदश्िार्त किया जा सकता है: काॅपर सल्पेफट ;ब्नैव्द्ध $ जिंक ;र्दद्ध →4;नीलाद्ध जिंक सल्पेफट ;र्दैव्द्ध $ काॅपर ;ब्नद्ध4;रंगहीनद्ध ;लालद्ध आप इसी प्रकार बीकर ठ में होने वाली अभ्िावि्रफया को लिख सकते हैं। बीकर ब् में जिंक का काॅपर द्वारा और बीकर म् में आयरन द्वारा विस्थापन हो सकता था। इसी प्रकार बीकर क् में आयरन का विस्थापन काॅपर द्वारा हो सकता था। क्योंकि हम बीकर ब् में कोइर् परिवतर्न नहीं देखते, हम इस निष्कषर् पर पहुँच सकते हैं कि काॅपर, जिंक सल्पेफट से ¯जक को प्रतिस्थापित करने में सक्षम नहीं है। परन्तु क्यों? जब बीकर । में जिंक, काॅपर को प्रतिस्थापित कर सकता है, तो बीकर ब् में काॅपर, जिंक को प्रतिस्थापित क्यों नहीं कर सकता? याद रख्िाए विज्ञान मनमाना नहीं होता। यह तथ्यों पर आधारित निश्िचत नियमों का पालन करता है। और यहाँ नियम यह है कि जिंक, काॅपर और आयरन से अिाक अभ्िावि्रफयाशील है। एक अिाक अभ्िावि्रफयाशील धातु, कम अभ्िावि्रफयाशील धातु को विस्थापित कर सकता है परन्तु कम अभ्िावि्रफयाशील धतु, अिाक अभ्िावि्रफयाशील धातु को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता। अब आप समझ सकते हैं कि बीकर क् और म् में विस्थापन अभ्िावि्रफयाएँ क्यों सम्पन्न नहीं हुईं। क्या आप जिंक, आयरन और काॅपर के मध्य अिाक अभ्िावि्रफयाशील से कम अभ्िावि्रफयाशील धातु के व्रफम का अनुमान लगा सकते हैं? 4.3 धातुओं और अधातुओं के उपयोग आपको अनुमान लगाने मंे सक्षम होना चाहिए कि क्यों धातुओं का उपयोग मशीनें, मोटर गाडि़याँ, वायुयान, रेलगाडि़याँ, उपग्रह, औद्योगिक साजो - सामान, खाना बनाने के पात्रा, जल बाॅयलर, आदि के निमार्ण में किया जाता है। आप वुफछ अधातुओं के उपयोगों से भी परिचित होंगे। यहाँ वुफछ रोचक उपयोग दिये जा रहे हैं। हमें विश्वास है कि आप उनका सही अनुमान लगा पाएँगे: ऽ अधातु जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है और जिसे सभी सजीव श्वसन के समय अन्दर लेते हैं। ऽ अधातु जिनका उपयोग उवर्रकों में पौधों की वृि हेतु किया जाता है। ऽ अधातु जिसका उपयोग जल शुिकरण प्रव्रफम में किया जाता है। ऽ अधातु जिसका बैंगनी रंग का विलयन एंटीबायोटिक के रूप में घावों पर लगाया जाता है। ऽ पटाखों में प्रयुक्त होने वाले अधातु। आप अपने अनुभव से धातुओं और अधातुओं के वुफछ और उपयोग जोड़ सकते हैं। आपने कक्षा टप्प् में सीखा है कि रासायनिक अभ्िावि्रफयाओं में नये पदाथर् बनते हैं। ये पदाथर्, उन पदाथो± से भ्िान्न होते हैं जिनमें अभ्िावि्रफया होती है। अब यदि कोइर् पदाथर् रासायनिक अभ्िावि्रफयाओं द्वारा, ठंडा करके, गमर् कर अथवा वैद्युत अपघटन द्वारा और अिाक विघटित नहीं किया जा सकता, तो वह ‘तत्व’ कहलाता है। सल्पफर एक तत्व है। इसी प्रकार आयरन और काबर्न भी एक तत्व हैं। तत्व के एक नमूने में एक ही प्रकार के परमाणु होते हैं। परमाणु तत्व की सबसे छोटी इकाइर् होता है। तत्व के भौतिक परिवतर्नों में तत्व के परमाणु अप्रभावित रहते हैं। उदाहरण के लिए, द्रव सल्पफर का परमाणु पूणर् रूप से ठोस अथवा वाष्प सल्पफर के परमाणु के समान होता है। यद्यपि ब्रह्माण्ड में पदाथो± की असंख्य किस्में हैं, इन्हें बनाने वाले तत्वों की संख्या सीमित है। प्रावृफतिक रूप से पाए जाने वाले तत्वों की संख्या 94 से अिाक नहीं है। धातुओं और अधातुओं के रूप में तत्वों का एक महत्वपूणर् वगीर्करण है। अिाकांश तत्व धातु हैं। 20 से कम अधातु हैं। वुफछ उपधातु हैं जिनमें धातुओं और अधातुओं दोनों के गुण हैं। आपने क्या सीखा ऽ धातुओं में चमक होती है जबकि अधातुओं में चमक नहीं होती। ऽ सामान्यतः धातु आघातवधर्नीय और तन्य होते हैं, अधातु नहीं होते। ऽ सामान्यतः धातु उफष्मा और विद्युत के सुचालक होते हैं परन्तु अधातु नहीं होते। ऽ दहन करने पर धातु आॅक्सीजन से अभ्िावि्रफया कर धातु आॅक्साइड बनाते हैं जो क्षारीय प्रवृफति के होते हैं। अधातु, आॅक्सीजन से अभ्िावि्रफया कर अधातु आॅक्साइड बनाते हैं जिनकी प्रवृफति अम्लीय होती है। ऽ वुफछ धातु, जल से अभ्िावि्रफया कर धातु हाइड्राॅक्साइड और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं। अधातु जल से अभ्िावि्रफया नहीं करते। ऽ धातु अम्लों से अभ्िावि्रफया करते हैं और धातु लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनाते हैं। सामान्यतः अधातु अम्लों से अभ्िावि्रफया नहीं करते। ऽ वुफछ धातु क्षारों से अभ्िावि्रफया कर हाइड्रोजन गैस देते हैं। ऽ अिाक अभ्िावि्रफयाशील धातु, कम अभ्िावि्रफयाशील धातुओं को उनके धातु यौगिकों के जलीय विलयन में विस्थापित कर देते हैं। ऽ धातुओं और अधातुओं का दैनिक जीवन में व्यापक उपयोग होता है। अभ्यास 1. निम्नलिख्िात में से किसको पीटकर पतली चादरों में परिवतिर्त किया जा सकता है? ;कद्ध जिंक ;खद्ध पफाॅस्पफोरस ;गद्ध सल्पफर ;घद्ध आॅक्सीजन 2.निम्नलिख्िात में से कौन सा कथन सही है? ;कद्ध सभी धातुएँ तन्य होती हैं। ;खद्ध सभी अधातुएँ तन्य होती हैं। ;गद्ध सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं। ;घद्ध वुफछ अधातुएँ तन्य होती हैं। 3.रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिएμ ;कद्ध पफाॅस्पफोरस बहुत अधातु है। अ भ् या स;खद्ध धातुएँ उफष्मा और की होती हैं। ;गद्ध आयरन, काॅपर की अपेक्षा अभ्िावि्रफयाशील है। ;घद्ध धातुएँ, अम्लों से अभ्िावि्रफया कर गैस बनाती हैं। 4. यदि कथन सही है तो ष्ज्ष् और यदि गलत है तो कोष्ठक में ष्थ्ष् लिख्िाएμ ;कद्ध सामान्यतः अधातु अम्लों से अभ्िावि्रफया करते हैं। ; द्ध ;खद्ध सोडियम बहुत अभ्िावि्रफयाशील धातु है। ; द्ध ;गद्ध काॅपर, जिंक सल्पेफट के विलयन से जिंक विस्थापित करता है। ; द्ध ;घद्ध कोयले को खींच कर तारें प्राप्त की जा सकती हैं। ; द्ध 5. नीचे दी गइर् सारणी में गुणों की सूची दी गइर् है। इन गुणों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में अन्तर कीजिएμ गुण धातु अधातु 1 दिखावट 2 कठोरता 3 आघातवधर्नीयता 4 तन्यता 5 उफष्मा चालन 6 विद्युत चालन 6 निम्नलिख्िात के लिए कारण दीजिएμ ;कद्ध ऐलुमिनियम की पन्नी का उपयोग खाद्य सामग्री को लपेटने में किया जाता है। ;खद्ध निमज्जन छड़ें ;इमरशन राॅडद्ध धात्िवक पदाथो± से निमिर्त होती हैं। ;गद्ध काॅपर, जिंक को उसके लवण के विलयन से विस्थापित नहीं कर सकता। ;घद्ध सोडियम और पोटैश्िायम को मिट्टðी के तेल में रखा जाता है। 7 क्या आप नींबू के अचार को ऐलुमिनियम पात्रों में रख सकते हैं? स्पष्ट करिए। 8 नीचे दी गइर् सारणी के काॅलम प् में वुफछ पदाथर् दिये गये हैं। काॅलम प्प् में उनके वुफछ उपयोग दिये गये हैं। काॅलम प् के पदाथो± का काॅलम प्प् से सही मिलान करिएμ काॅलम प् काॅलम प्प् 1. गोल्ड 1. थमार्मीटर 2. आयरन 2. बिजली के तार 3. ऐलुमिनियम 3. खाद्य सामग्री लपेटना 4. काबर्न 4. आभूषण 5. काॅपर 5. मशीनें 6. मवर्फरी 6. ईंधन 9. क्या होता है जबμ ;कद्ध तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल काॅपर प्लेट पर डाला जाता है? ;खद्ध लोहे की कील, काॅपर सल्पेफट के विलयन में रखी जाती है? सम्बन्िधत अभ्िावि्रफयाओं के शब्द समीकरण लिख्िाए। 10. सलोनी ने लकड़ी के कोयले का एक जलता हुआ टुकड़ा लिया और उससे उत्सजिर्त होने वाली गैस को एक परखनली में इकट्टòा कियाμ ;कद्ध वह गैस की प्रवृफति वैफसे ज्ञात करेगी? ;खद्ध इस प्रव्रफम में होने वाली सभी अभ्िावि्रफयाओं के शब्द समीकरण लिख्िाए। 11. एक दिन रीता अपनी माँ के साथ आभूषण विव्रेफता की दुकान पर गइर्। उसकी माँ ने सुनार को पाॅलिश करने हेतु सोने के पुराने आभूषण दिए। अगले दिन जब वे आभूषण वापस लाईं तो उन्होंने पाया कि उनका भार वुफछ कम हो गया है। क्या आप भार मंे कमी का कारण बता सकते हैं?

RELOAD if chapter isn't visible.