.पफशर् पर चिडि़या आती है डाल जाती तिनके प़्ाफशर् पर हवा आती है बिखेर जाती ध्ूल पफशर् पर ़सूरज आता है सजा जाता चिंदियाँ प़्ाफशर् पर मुन्ना आता है उलट देता कटोरी पफशर् पर ़मम्मी आती हंै बीनतीं दाल - चावल प़्ाफशर् पर पापा आते हैं उतार देते जूते प़्ाफशर् पर महरी आती है समेट लेती है सब वुफछ पंद्रहवाँ पाठ 1.पाठ से ;कद्ध कविता में .पफशर् पर कौन - कौन और क्या - क्या करते हैं? ;खद्ध .पफशर् पर सभी के द्वारा वुफछ न वुफछ काम करने की बात कविता में हुइर् है, मगर महरी के काम को ही कविता लिखना क्यों कहा गया है? 2 तुम्हारी बात ;कद्ध तुम अगर मुन्ना की जगह रहो तो क्या करोगे और क्यों? ;खद्ध मम्मी और महरी के काम में तुम्हें जो वुफछ समानता और असमानता नजर आती है, उसे अपने ढंग से बताओ। ;गद्ध तुम कविता में सभी को वुफछ न वुफछ करते हुए पाते हो। उसमें से तुम्हें किसका काम सबसे श्यादा पसंद है और क्यों? ;घद्ध तुम अपने घर को सापफ रखने के लिए क्या - क्या करते हो? उन कामों की सूची बनाओ और उसके सामने यह भी लिखो कि तुम वह काम कब - कब करते हो। 3 तुम्हारी कल्पना कविता में से चुनकर वुफछ शब्द नीचे दिए गए हैंμ चिडि़या, डाल, तिनके, सूरज, हवा, हाथ, मुन्ना, कविता इनका प्रयोग करते हुए कोइर् कहानी या कविता लिखो। 4 .पफशर् पर कविता फ्और इस तरह लिखती है हर रोश एक कविता .पफशर् पर।य् दूवार्ध्102 कविता में .पफशर् पर काम करने को भी कविता लिखना बताया गया है। .पफशर् के अतिरिक्त अन्यत्रा भी तुम वुफछ लोगों को काम करते हुए पा सकते हैं। उनमें से तुम जिन कामों को कविता लिखना बता सकते हो, बताओ और उसके कारण भी बताओ। 5.बच्चे और पफशर्बच्चे .पफशर् पर अपनी मशीर् से जो उन्हें अच्छा काम लगता है वो काम करतेे हैं। उसमें कभी - कभी .पफशर् को तो कभी - कभी बच्चों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। पता करोμ ;कद्ध बच्चों द्वारा .पफशर् पर क्या - क्या करने से उन्हें नुकसान होता है? उसकी सूची बनाओ। ;खद्ध बच्चों के किन - किन कामों से .पफशर् को नुकसान होता है? 6.काम के शब्द कविता में बहुत से कामों का िाव्रफ किया गया हैऋ जैसेμबीनना, बिखेरना, सजाना, उतारना, समेटना आदि। इन्हें ियाएँ कहते हैं। नीचे वुफछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें उचित िया के साथ लिखो - पानी, टोकरी, बस्ता, चावल, हथेली, रंग, जूते...........बीनना ...........बिखेरना ...........सजाना...........उतारना ...........समेटना पफशर् परध्103

>ch15>

ianzgok¡ ikB

IkQ'kZ ij

      fpfM+;k vkrh gS

Mky tkrh fruosQ I+kQ'kZ ij

      gok vkrh gS

fc[ksj tkrh /wy I+kQ'kZ ij

      lwjt vkrk gS

ltk tkrk fpafn;k¡ I+kQ'kZ ij

     eqUuk vkrk gS

myV nsrk dVksjh I+kQ'kZ ij

            

            eEeh vkrh gaS

     churha nky&pkoy I+kQ'kZ ij

            ikik vkrs gSa

     mrkj nsrs twrs I+kQ'kZ ij

    

      egjh vkrh gS

lesV ysrh gS lc oqQN

      vius fcokbZ iM+s gkFkksa esa

vkSj bl rjg fy[krh gS gj jks”k

      ,d dfork I+kQ'kZ ijA

-fueZyk xxZ


vH;kl

'kCnkFkZ

fpafn;k¡ & NksVs&NksVs VqdM+s] /wi osQ NksVs&NksVs pdrs

chuuk & pquuk

egjh & dke djus okyh] ?kjsyw lgkf;dk

fcokbZ & gkFk&iSj osQ peM+s dk iQVuk

1- ikB ls

(d) dfork esa -IkQ'kZ ij dkSu&dkSu vkSj D;k&D;k djrs gSa\

([k) -IkQ'kZ ij lHkh osQ }kjk oqQN u oqQN dke djus dh ckr dfork esa gqbZ gS] exj egjh osQ dke dks gh dfork fy[kuk D;ksa dgk x;k gS\

2- rqEgkjh ckr

(d) rqe vxj eqUuk dh txg jgks rks D;k djksxs vkSj D;ksa\

([k) eEeh vkSj egjh osQ dke esa rqEgsa tks oqQN lekurk vkSj vlekurk utj vkrh gS] mls vius <ax ls crkvksA

(x) rqe dfork esa lHkh dks oqQN u oqQN djrs gq, ikrs gksA mlesa ls rqEgsa fdldk dke lcls ”;knk ilan gS vkSj D;ksa\

(?k) rqe vius ?kj dks lkiQ j[kus osQ fy, D;k&D;k djrs gks\ mu dkeksa dh lwph cukvks vkSj mlosQ lkeus ;g Hkh fy[kks fd rqe og dke dc&dc djrs gksA

3- rqEgkjh dYiuk

dfork esa ls pqudj oqQN 'kCn uhps fn, x, gSa-

fpfM+;k] Mky] fruosQ] lwjt] gok] gkFk] eqUuk] dfork

budk iz;ksx djrs gq, dksbZ dgkuh ;k dfork fy[kksA

4- -IkQ'kZ ij dfork

¶vkSj bl rjg fy[krh gS gj jks”k

,d dfork -IkQ'kZ ijA¸

dfork esa -IkQ'kZ ij dke djus dks Hkh dfork fy[kuk crk;k x;k gSA -IkQ'kZ osQ vfrfjDr vU;=k Hkh rqe oqQN yksxksa dks dke djrs gq, ik ldrs gSaA muesa ls rqe ftu dkeksa dks dfork fy[kuk crk ldrs gks] crkvks vkSj mlosQ dkj.k Hkh crkvksA

5- cPps vkSj -IkQ'kZ

cPps -IkQ'kZ ij viuh e”khZ ls tks mUgsa vPNk dke yxrk gS oks dke djrss gSaA mlesa dHkh&dHkh -IkQ'kZ dks rks dHkh&dHkh cPpksa dks Hkh uqdlku mBkuk iM+rk gSA irk djks-

(d) cPpksa }kjk -IkQ'kZ ij D;k&D;k djus ls mUgsa uqdlku gksrk gS\ mldh lwph cukvksA

([k) cPpksa osQ fdu&fdu dkeksa ls -IkQ'kZ dks uqdlku gksrk gS\

6- dke osQ 'kCn

dfork esa cgqr ls dkeksa dk f”kozQ fd;k x;k gS_ tSls-chuuk] fc[ksjuk] ltkuk] mrkjuk] lesVuk vkfnA bUgsa fØ;k,¡ dgrs gSaA uhps oqQN 'kCn fn, x, gSaA bUgsa mfpr fØ;k osQ lkFk fy[kks&

ikuh] Vksdjh] cLrk] pkoy] gFksyh] jax] twrs

-----------   chuuk        -----------   fc[ksjuk        -----------    ltkuk

-----------   mrkjuk       -----------   lesVuk

RELOAD if chapter isn't visible.