पहला पाठ गुडि़या मेले से लाया हूँ इसको छोटी सी प्यारी गुडि़या, बेच रही थी इसे भीड़ में बैठी नुक्कड़ पर बुढि़या। मोल - भाव करके लाया हूँ ठोक - बजाकर देख लिया, आँखें खोल मूँद सकती है वह कहती है पिया - पिया। जड़ी सितारों से है इसकी चुनरी लाल रंग वाली, बड़ी भली हंै इसकी आँखें मतवाली काली - काली। ऊपर से है बड़ी सलोनी अंदर गुदड़ी है तो क्या? ओ गुडि़या तू इस पल मेरे श्िाशुमन पर विजयी माया। रखूँगा मैं तुझे ख्िालौनों की अपनी अलमारी में, कागश के पूफलों की नन्हीं रंगारंग पुफलवारी में। नये - नये कपड़े - गहनों से तुझको रोश सजाउफँगा, खेल - ख्िालौनों की दुनिया में तुझको परी बनाउँफगा। μ वुफँवर नारायण 2.तुम्हारी बात ;कद्ध फ्खेल - ख्िालौनों की दुनिया में तुुमको परी बनाउँफगा।य् बचपन में तुम भी बहुत से ख्िालौनों से खेले होगे। अपने किसी ख्िालौने के बारे में बताओ। ;खद्ध फ्मोल - भाव करके लाया हूँ ठोक - बजाकर देख लिया।य् अगर तुम्हें अपने लिए कोइर् ख्िालौना खरीदना हो तो तुम कौन - कौन सी बातें ध्यान में रखोगे? ;गद्ध फ्मेले से लाया हूँ इसको छोटी - सी प्यारी गुडि़याय् यदि तुम मेले में जाओगे तो क्या खरीदकर लाना चाहोगे और क्यों? 3.मेला भारत में अनेक अवसरों पर मेले लगते हैं। वुफछ मेले तो पूरी दुनिया में प्रसि( हैं। ;कद्ध तुम अपने प्रदेश के किसी मेले के बारे में बताओ। पता करो कि वह मेला क्यों लगता है? वहाँ कौन - कौन से लोग आते हैं और वे क्या करते हैं? इस काम में तुम पुस्तकालय या बड़ों की सहायता ले सकते हो। ;खद्ध तुम पुस्तक - मेला, पि़फल्म - मेला और व्यापार - मेला आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करो और बताओ कि अगर तुम्हें इनमें से किसी मेले में जाने का अवसर मिले तो तुम किस मेले में जाना चाहोगे और क्यों? 4.कागश के पूफल कागश से तरह - तरह के ख्िालौने बनाने की कला को ‘आरिगैमी’ कहा जाता है। तुम भी कागश के पूफल / वस्तु बनाकर दिखाओ। 5.घर की बात तुम्हारे घर की बोली में इन शब्दों को क्या कहते हैं? ;कद्ध गुडि़या ;खद्ध पुफलवारी ;गद्ध नुक्कड़ ;घद्ध चुनरी गुडि़याध्3 6.मैं और हम मैं मेले से लाया हूँ इसको हम मेले से लाए हैं इसको ऊपर हमने देखा कि यदि ‘मैं’ के स्थान पर ‘हम’ रख दंे तो हमंे वाक्य में वुफछ और शब्द भी बदलने पड़ जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिए गए वाक्यों को बदलकर लिखो। ;कद्ध मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती हूँ। हम आठवीं कक्षा ...............................। ;खद्ध मैं जब मेले में जा रहा था तब बारिश होने लगी। ;गद्ध मैं तुम्हें वुफछ नहीं बताउँफगी। 7.शब्दों की दुनिया दिए गए शब्दों के अंतिम वणर् से नए शब्द का निमार्ण करोμ मेला लाल लगन नया याद पिया खोल श्िाशुमन दूवार्ध्4

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4- dkx”k osQ iwQy

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