अध्याय ठोस आकारों का चित्राण 10 10ण्1 भूमिका कक्षा टप्प् में, आप समतल आकारों और ठोस आकारों के बारे में पढ़ चुके हैं। समतल आकारों के लंबाइर् और चैड़ाइर् जैसे दो मापन होते हैं और इसीलिए इन्हें द्विविमीय ;जूव कपउमदेपवदंसद्ध आकार कहते हैं, जबकि ठोस आकारों के लंबाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् या गहराइर् जैसे तीन मापन होते हैं। इसीलिए, इन आकारों को त्रिाविमीय ;जीतमम कपउमदेपवदंसद्ध आकार कहते हैं। साथ ही, एकठोस वस्तु वुफछ स्थान घेरती है। द्विविमीय और त्रिाविमीय आकृतियों को संक्षेप में क्रमशः 2 - क् और 3 - क् आकृतियाँ भी कहा जा सकता है। आपको याद होगा कि त्रिाभुज, आयत, वृत्त इत्यादि 2 - क् आकृतियाँ हैं, जबकि घन, बेलन, शंवुफ, गोला इत्यादि 3 - क् आकृतियाँ हैं। निम्नलिख्िात का मिलान कीजिए ;आपके लिए, पहला मिलान किया हुआ हैद्धः एक डिब्बा आइसक्रीम एक तंबू एक बेलनाकार खोल शंवुफ पर एक अधर्गोला आरोपितबेलन पर एक शंवुफ आरोपित एक पफोटोÚेम एक कटोरा स्तंभ पर गुंबज एक आयताकार पथ एक अधर्गोलाकार खोल बेलन पर अध्र्गोला आरोपित एक ईंट सामने से दृश्य पाश्वर् दृश्य ऊपर से दृश्य हम घनों को जोड़कर बनाइर् गइर् आकृतियों के भी विभ्िान्न दृश्य प्राप्त कर सकते हैं: ऊपर पाश्वर् सामने तीन घनों से बना ठोस पाश्वर् दृश्य सामने से दृश्य ऊपर से दृश्य ऊपर पाश्वर् सामने चार घनों से बना ठोस ऊपर से दृश्य सामने से दृश्य पाश्वर् दृश्य ऊपर सामने चार घनों से बना ठोस पाश्वर् दृश्य सामने से दृश्य ऊपर से दृश्य ठोस आकारों का चित्राण 167 प्रश्नावली 10ण्1 1ण् दिए हुए प्रत्येक ठोस के लिए, दो दृश्य दिए गए हैं। प्रत्येक ठोस के लिए संगत, ऊपर से दृश्य और सामने से दृश्य का मिलान कीजिए। इनमें से एक आपके लिए किया गया है। वस्तु सामने से दृश्य ऊपर से दृश्य ;ंद्ध ;पद्ध ;पद्ध एक बोतल ;इद्ध ;पपद्ध एक बाट ;बद्ध ;पपपद्ध ;पपपद्ध एक फ्रलास्क ;कद्ध ;पअद्ध ;पअद्ध कप और प्लेट ;मद्ध ;अद्ध ;अद्ध एक डिब्बा 2ण् दिए हुए प्रत्येक ठोस के लिए, तीन दृश्य दिए गए हैं। प्रत्येक ठोस के संगत, ऊपर से दृश्य, सामने से दृश्य और पाश्वर् दृश्य की पहचान कीजिए। ;ंद्ध वस्तु ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध ऊपर पाश्वर् सामने एक अलमारी ;इद्ध ऊपर पाश्वर् सामने एक माचिस की डिब्बी ;बद्ध ऊपर पाश्वर् एक टेलीविशन ;कद्ध ऊपर सामने पाश्वर्एक कार 4ण् दी हुइर् वस्तुओं के, सामने से दृश्य, पाश्वर् दृश्य और ऊपर से दृश्य खींचिए: ऊपर पाश्वर् पाश्वर् ;ंद्ध एक पफौजी तंबू ;इद्ध एक मेश ऊपर सामने सामने ;बद्ध एक नट ऊपर ;कद्ध एक षट्भुजाकार ब्लाॅकऊपर पाश्वर्पाश्वर् सामने सामने ऊपर;मद्ध एक पासा ऊपर ;द्धि एक ठोस पाश्वर् पाश्वर् सामने सामने 10ण्3 अपने आसपास के स्थान का प्रतिचित्राण आप अपनी प्राथमिक कक्षाओं से ही मानचित्रों ;उंचेद्ध या प्रतिचित्रों के साथ कायर् करते आ रहे हैं। भूगोल ;हमवहतंचीलद्ध में, आपसे मानचित्रा पर एक विशेष राज्य, एक विशेष नदी, पवर्त इत्यादि का स्थान बताने को कहा गया था। इतिहास में, आपसे बहुत पहले हुइर् घटना के स्थान को बताने को संभवतः कहा गया होगा। आपने नदियों, सड़कों, रेल लाइनों, व्यापारिक तथा अन्य बहुत से मागो± को खींचा ;या उनका चित्राण कियाद्ध है। हम मानचित्रों को किस प्रकार पढ़ते हैं? एक मानचित्रा को पढ़ते समय, हम क्या निष्कषर् निकाल सकते हैं और क्या समझ सकते हैं? एक मानचित्रा में कौन - सी सूचनाएँ होती हैं और कौन - सी सूचनाएँ नहीं होती हैं? क्या यह एक चित्रा से किसी अथर् में भ्िान्न है? इस अनुच्छेद में,हम इन प्रश्नों में से वुफछ के उत्तर ज्ञात करने का प्रयत्न करेंगे। किसी घर के मानचित्रा को देख्िाए,जिसका चित्रा साथ में ही दिया गया है ;आकृति 10.1द्ध। आकृति 10ण्1 ठोस आकारों का चित्राण 171 इस आकृति से हम क्या निष्कषर् निकाल सकते हैं? जब हम कोइर् चित्रा खींचते हैं, तो हम उसकी स्पष्ट दिखाइर् देने वाली जानकारियों की वास्तविकता को निरूपित करने का प्रयत्न करते हैं, जबकि एक मानचित्रा किसी एक वस्तु का अन्य वस्तुओं के संदभर् में केवल स्थान दशार्ता है। दूसरी बात यह है कि भ्िान्न - भ्िान्न व्यक्ित चित्रों का एक दूसरे से पूणर्तया भ्िान्न विवरण दे सकते हैं, जो इस पर निभर्र करेगा कि वे घर को किस स्थान से देख रहे हैं। परंतु यह एक मानचित्रा की स्िथति में सत्य नहीं है। प्रेक्षक की स्िथति कहीं भी हो, घर का मानचित्रा वही रहता है। दूसरे शब्दों में, एक चित्रा खींचने के लिए, परिप्रेक्ष्य अति महत्त्वपूणर् है, मेरा घर परंतु यह एक मानचित्रा के लिए अनुवूफल नहीं है।अब एक मानचित्रा ;आकृति 10.2द्ध को देख्िाए जो एक सात वषर् के बच्चे राघव ने अपने घर से अपने स्वूफल तक के मागर् के लिए खींचा है। इस मानचित्रा से क्या आप बता सकते हैं कि ;पद्ध राघव का स्वूफल उसके घर से कितनी दूर है? ;पपद्ध मानचित्रा में प्रत्येक वृत्त क्या एक गोल चक्कर दशार्एगा? ;पपपद्ध घर से किसका स्वूफल अध्िक निकट हैμराघव का या उसकी मेरा स्वूफलबहन का?आकृति 10ण्2दिए हुए मानचित्रा को देखकर, उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर देना बहुत कठिन है। क्या आप बता सकते हैं कि क्यों? इसका कारण यह है कि हम नहीं जानते कि इसमें दूरियाँ सही ;उचितद्ध प्रकार से खींची गइर् हैं अथवा खींचेगए वृत्त गोल चक्कर हैं या वुफछ और निरूपित करते हैं। अब एक अन्य मानचित्रा को देख्िाए, जो उसकी 10 वषीर्य बहन मीना ने अपने घर से अपने स्वूफल का मागर्दशार्ने के लिए खींचा है ;आकृति 10.3द्ध। यह मानचित्रा पिछले मानचित्रा से भ्िान्न है। यहाँ,मीना ने भ्िान्न - भ्िान्न सीमा - चिÉों ;संदकउंतोद्ध के लिए भ्िान्न - भ्िान्न संकेतों का प्रयोग किया है। दूसरी बात यह है कि लंबी दूरियों के लिए लंबे रेखाखंड खींचे गए हैं तथा छोटे रेखाखंड खींचे गए हैं। अथार्त् उसने इस मानचित्रा को एक पैमाने ;ेबंसमद्ध के अनुसार खींचा है। अब, आप निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं:ऽ राघव का स्वूफल उसके निवास स्थान से कितनी दूरी पर है?ऽ किसका स्वूफल उनके घर से अध्िक निकट हैμराघव का या मीना का?ऽ मागर् में कौन - कौन से महत्त्वपूणर् सीमा - चिÉ हैं? इस प्रकार, हम यह अनुभव करते हैं कि वुफछ संकेतों का प्रयोग करने और दूरियों का वणर्न करने ;जानकारी देनेद्ध से हमें मानचित्रा को पढ़ने में सहायता मिलती है। ध्यान दीजिए कि मानचित्रा पर दशार्इर् गइर् दूरियाँ भूमि पर वास्तविक दूरियों के समानुपातिक ;चतवचवतजपवदंसद्ध हैं। यह एक उपयुक्त पैमाना मानकर किया जाता है। एक मानचित्रा को खींचते ;या पढ़तेद्ध समय यह ध्यान रखना चाहिए उसे किस पैमाने से खींचना है ;या वह किस पैमाने से खींचा गया हैद्ध, अथार्त् कितनी वास्तविक दूरी को मानचित्रा पर 1 उउ या 1 बउ दूरी से व्यक्त किया गया है। इसका अथर् है कि यदि कोइर् व्यक्ित, एक मानचित्रा खींचता है, तो उसे यह निणर्य करना पड़ता है कि उस मानचित्रा में 1 बउ स्थान एक निश्िचत दूरी जैसे कि 1 ाउ या 10 ाउ दशार्ता है। यह पैमाना एक मानचित्रा से दूसरे मानचित्रा में बदल सकता है, परंतु एक ही मानचित्रा में नहीं बदलता है। उदाहरणाथर्, भारत के मानचित्रा को दिल्ली के मानचित्रा के साथ रखकर देख्िाए। आप देखेंगे कि जब मानचित्रों को विभ्िान्न पैमानों के अनुसार खींचा जाता है, तो दो मानचित्रों में दूरियाँ बदल जाती हैं। अथार्त् दिल्ली के मानचित्रा में 1 बउ स्थान भारत के मानचित्रा की दूरियों की तुलना में छोटी दूरियाँ निरूपित करेगा। स्थान जितना बड़ा होगा और खींचे गए मानचित्रा का साइश जितना छोटा होगा उतनी ही अध्िक दूरी 1 बउ द्वारा निरूपित होगी। इस प्रकार, सारांश, हम 1ण् एक मानचित्रा एक विशेष वस्तु/स्थान की अन्य वस्तुओं/स्थानों के संदभर् में स्िथति दशार्ता है। 2ण् विभ्िान्न वस्तुओं / स्थानों को दशार्ने के लिए उपयुक्त संकेतों काआकृति 10ण्4 प्रयोग किया जाता है। 3ण् एक मानचित्रा में कोइर् संदभर् या परिप्रेक्ष्य नहीं होता है, अथार्त् प्रेक्षक के निकट वाली वस्तुएँउसी साइश में दशार्इर् जाती हैं, जितनी दूर वाली। उदाहरणाथर्, आकृति 10ण्4 को देख्िाए। 4ण् प्रत्येक मानचित्रा में एक पैमाना संब( होता है, जो एक विशेष मानचित्रा के लिए स्िथर ;पिगमकद्ध होता है। यह वास्तविक दूरियों को कागश पर समानुपातिक रूप से छोटा ;कमद्ध कर देता है। 1ण् ;इद्ध लाल रंग से खींचिए। सीनियर सैवेंफडरी स्वूफल? 2ण् कमरे का एक मानचित्रा खींचिए। 3ण् मानचित्रा खींचिए। 4ण् कठिनाइर् के पहुँच जाए। 10ण्4 पफलक, किनारे और शीषर् नीचे दिए ठोसों को देख्िाए: शीषर् पफलक किनारा उपरोक्त ठोसों में से प्रत्येक ठोस बहुभुजीय क्षेत्रों ;चवसलहवदंस तमहपवदेद्ध से मिलकर बना है, जो उसके पफलक ;ंिबमेद्ध कहलाते हैं। ये पफलक किनारों या कोरों ;मकहमेद्ध में मिलते हैं, जो रेखाखंड हैं तथा ये किनारे शीषो± में मिलते हैं, जो ¯बदु हैं। ऐसे ठोसों को बहुपफलक या ये बहुपफलक हैं। ये बहुपफलक नहीं हैं। बहुपफलक उन ठोसों से किस प्रकार भ्िान्न हैं जो बहुपफलक नहीं ;अबहुपफलकद्ध हैं? निम्न आकृतियों का ध्यानपूवर्क अध्ययन कीजिए। आप तीन प्रकारों के सामान्य ठोसों के बारे में जानते हैं। आधर आधर आधर वक्र पृष्ठ पाश्वर् पृष्ठ पाश्वर् पृष्ठ बेलनगोला शंवुफ उत्तल बहुपफलक: आपको उत्तल ;बवदअमगद्ध बहुभुज की अवधरणा के बारे में याद होगा। उत्तल बहुपफलक की अवधरणा भी उसी प्रकार की है। ये उत्तल बहुपफलक हैं। ये उत्तल बहुपफलक नहीं हैं। सम बहुपफलक: एक बहुपफलक तब सम बहुपफलक ;तमहनसंत चवसलीमकतवदद्ध कहलाता है जब उसके सभी पफलक सवा±गसम सम बहुभुजों ;तमहनसंत चवसलहवदेद्ध से बने हों तथा प्रत्येक शीषर् पर मिलने वाले पफलकों की संख्या समान हो। यह एक सम बहुपफलक है। इसके सभी पफलक यह एक सम बहुपफलक नहीं है। सभी पफलक सवा±गसम नहीं हैं, सवा±गसम सम बहुभुज हैं। पफलकों की समान परंतु शीषर् पफलकों की समान संख्याओं से नहीं बनते हैं। । पर संख्याओं से शीषर् बनते हैं। 3 पफलक मिलते हैं, परंतु ठ पर 4 पफलक मिलते हैं। ठोस आकारों का चित्राण 175 ये पि्रश्म हैं। ये पिरामिड हैं। हम कहते हैं कि एक बहुपफलक पि्रश्म होता है, जब उसका आधर ;इंेमद्ध और ऊपरी सिरा ;जवचद्ध सवा±गसम बहुभुज हों तथा उसके अन्य पफलक, अथार्त् पाश्वर् पफलक ;संजमतंस ंिबमेद्ध समांतरचतुभुर्जों के आकार के हों। इसके दूसरी ओर, एक पिरामिड वह बहुपफलक होता है जिसका आधर ;कितनी भी भुजाओंवालाद्ध एक बहुभुज होता है तथा इसके पाश्वर् पफलक एक शीषर् वाले त्रिाभुज होते हैं। ;यदि आप एक बहुभुज के सभी कोनों या शीषो± को एक ऐसे ¯बदु से मिला दें जो उसके तल ;चसंदमद्ध में न हो, तो आपको पिरामिड का एक माॅडल ;उवकमसद्ध प्राप्त हो जाएगा।द्ध एक पि्रश्म या पिरामिड को उसके आधर के अनुसार नामांकित किया जाता है। इस प्रकार,एक षट्भुजीय ;ीमगंहवदंसद्ध पि्रश्म का आधर एक षट्भुज होता है तथा एक त्रिाभुजाकार पिरामिडका आधर एक त्रिाभुज होता है। तब, एक आयताकार पि्रश्म क्या है? एक वगर् पिरामिड क्या है? स्पष्टतः, इनके आधर क्रमशः आयत और वगर् हैं। निम्नलिख्िात बहुपफलकों के लिए पफलकों ;ंिबमेद्ध, किनारों ;मकहमेद्ध और शीषो± ;अमतजपबमेद्ध की संख्याओं को सारणीब( कीजिए: ;यहाँ ट शीषो± की संख्या, थ् पफलकों की संख्या तथा म् किनारों की संख्या प्रद£शत करता है।द्ध ठोस थ् ट म् थ़्ट म़्2 घनाभ त्रिाभुजाकार त्रिाभुजाकार पि्रश्म वगर् आधर वाला पिरामिड वगर् आधर वाला पि्रश्म आप अंतिम दो स्तंभों से क्या निष्कषर् निकालते हैं? क्या प्रत्येक स्िथति में आप थ़्टत्रम़्2, अथार्त् थ़्टदृम्त्र2 प्राप्त करते हैं? यह संबंध् आॅयलर सूत्रा ;म्नसमतश्े थ्वतउनसंद्ध कहलाता है। वास्तव में, यह सूत्रा प्रत्येक बहुपफलक के लिए सत्य है। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए यदि किसी ठोस में से कोइर् टुकड़ा काट दिया जाए, तो थ्ए ट और म् में क्या परिवतर्न होता है? ;प्रारंभ करने के लिए, एक प्लास्िटसीन का घन लीजिए तथा उसका एक कोना काटकर इसकी खोज कीजिए।द्ध प्रश्नावली 10ण्3 1ण् क्या किसी बहुपफलक के पफलक नीचे दिए अनुसार हो सकते हैं? ;पद्ध 3 त्रिाभुज ;पपद्ध 4 त्रिाभुज ;पपपद्ध एक वगर् और चार त्रिाभुज 2ण् क्या ऐसा बहुपफलक संभव है जिसके पफलकों की संख्या कोइर् भी संख्या हो? ;संकेत: एक पिरामिड के बारे में सोचिए।द्ध 3ण् निम्नलिख्िात में से कौन - कौन पि्रश्म हैं? एक कील बिना छिली हुइर् पेंसिल कागशों पर रखने का भार एक बाॅक्स 4ण् ;पद्ध पि्रश्म और बेलन किस प्रकार एक जैसे हैं? ;पपद्ध पिरामिड और शंवुफ किस प्रकार एक जैसे हैं? 5ण् क्या एक वगर् पि्रश्म और एक घन एक ही होते हैं? स्पष्ट कीजिए। 6ण् इन ठोसों के लिए आॅयलर सूत्रा का सत्यापन ;पद्धकीजिए: 7ण् आॅयलर सूत्रा का प्रयोग करते हुए, अज्ञात संख्या को ज्ञात कीजिए: 8ण् क्या किसी बहुपफलक के 10 पफलक, 20 किनारे और 15 शीषर् हो सकते हैं? हमने क्या चचार् की?

RELOAD if chapter isn't visible.