घन और घनमूल 7ण्1 भूमिका यह कहानी भारत की महान गण्िातीय प्रतिभावान विभूतियों में से एक एस. रामानुजन के बारे मंे है। ़एक बार एक अन्य प्रसि( गण्िातज्ञ प्रोपेफसर जी. एच. हाडीर् उनसे मिलने एक टैक्सी में आए जिसका नंबर 1729 था। रामानुजन से बात करते समय, हाडीर् ने इस संख्या को ‘एक नीरस’ ;कनससद्ध संख्या बताया। रामानुजन ने तुरंत बताया कि 1729 वास्तव में एक रोचक संख्या थी। उन्होंने कहा कि यह ऐसी सबसे छोटी संख्या है जिसे दो घनों ;बनइमेद्ध के योग के रूप में दो भ्िान्न प्रकारों से व्यक्त किया जा सकता हैः 1729 त्र 1728 ़ 1 त्र 123 ़ 13 1729 त्र 1000 ़ 729 त्र 103 ़ 93 तब से इस संख्या 1729 को हाडीर् - रामानुजन संख्या ;भ्ंतकल . त्ंउंदनरंद छनउइमतद्ध कहा जाने लगा, यद्यपि 1729 की यह विशेषता रामानुजन से लगभग 300 वषर् पूवर् भी ज्ञात थी। रामानुजन को इसकी जानकारी वैफसे थी? वह संख्याओं से प्यार करते थे। अपने संपूणर् जीवन में, वे संख्याओं के साथ प्रयोग करते रहे। संभवतः उन्होंने वे संख्याएँँ ज्ञात की होंगी जिन्हें दो वगो± के योग और साथ ही दो घनों के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता था। घनों के अनेक दूसरे रोचक प्रतिरूप ;चंजजमतदेद्ध हैं। आइए, हम घनों, घनमूलों ;बनइम तववजेद्ध तथा इनसे संबंध्ित अनेक रोचक तथ्यों के बारे में सीखें। 7ण्2 घन आप जानते हैं कि शब्द ‘घन’ का प्रयोग ज्यामिति में किया जाता है।घन एक ऐसी ठोस आकृति है, जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। 1 बउ भुजा वाले कितने घनों से 2 बउ भुजा वाला एक घन बनेगा? 1 बउ भुजा वाले कितने घनों से 3 बउ भुजा वाला एक घन बनेगा? अध्याय7 हाडीर् - रामानुजन संख्या 1729 सबसे छोटी हाडीर् - रामानुजन संख्या है। इस प्रकार की अनेक संख्याएँँ हैं:उनमें से वुफछ हैं 4104 ;2ए 16य 9ए 15द्धए 13832 ;18ए 20य 2ए 024द्ध। कोष्ठकों में दी हुइर् संख्याएँँ लेकर इसकी जाँच कीजिए। वे आकृतियाँ जिनकी 3 विमाएँ ;कपउमदेपवदेद्ध होती हैं, ठोस आकृतियाँ कहलाती हैं। 118 संख्याओं 1, 8, 27, ... पर विचार कीजिए, ये पूणर् घन ;चमतमिबज बनइमेद्ध या घन संख्याएँँ ;बनइम दनउइमतेद्ध कहलाती हैं। क्या आप बता सकते हैं कि इनको ये नाम क्यों दिए गए हैं? इनमें से प्रत्येक संख्या तब प्राप्त होती है, जब एक संख्या को स्वयं उसी से तीन बार गुणा किया जाता है। हम देखते हैं कि 1 त्र 1×1×1 त्र 13ए 8 त्र 2×2×2 त्र 23ए 27 त्र 3×3×3 त्र 33 है। क्योंकि 53 त्र 5×5×5 त्र 125 है, इसलिए 125 एक घन संख्या है। क्या 9 एक घन संख्या है? नहीं, क्योंकि 9 त्र 3 × 3 है और ऐसी कोइर् प्राकृत संख्या नहीं है जिसे स्वयं से तीन बार गुणा करने पर 9 प्राप्त हो। हम जानते हैं कि 2×2×2 त्र 8 और 3×3×3 त्र 27 है। इससे यह प्रद£शत होता है कि 9 एक पूणर् घन नहीं है। नीचे 1 से 10 तक की संख्याओं के घन दिए गए हैंः सारणी 1 यहाँ आप देख सकते हैं कि 1 से 1000 तक केवल दस पूणर् घन हैं। ;इसकी जाँच कीजिएद्ध 1 से 100 तक कितने पूणर् घन हैं? सम संख्याओं के घनों को देख्िाए। क्या ये सभी सम हैं? आप विषम संख्याओं के घनों के बारे में क्या कह सकते हैं? अब 11 से 20 तक की संख्याओं के घन नीचे दिए जा रहे हैंः सारणी 2 संख्या घन 11 1331 12 1728 13 2197 14 2744 15 3375 16 4096 17 4913 18 5832 19 6859 20 8000 घन और घनमूल ऐसी वुफछ संख्याओं पर विचार कीजिए जिनकी इकाइर् का अंक 1 है। इनमें से प्रत्येक संख्या का घन ज्ञात कीजिए। उस संख्या के घन के इकाइर् के अंक के बारे में आप क्या कह सकते हैं, जिसकी इकाइर् का अंक 1 है? इसी प्रकार, उन संख्याओं के घनों की इकाइर् के अंकों के बारे में पता कीजिए, निम्नलिख्िात संख्याओं में से प्रत्येक के घन के इकाइर् का अंक जिनकी इकाइर् के अंक 2ए 3ए 4 इत्यादि हैं। ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 3331 ;पपद्ध 8888 ;पपपद्ध 149 ;पअद्ध 1005 7ण्2ण्1 वुफछ रोचक प्रतिरूप ;अद्ध 1024 ;अपद्ध 77 ;अपपद्ध 5022 ;अपपपद्ध 53 1ण् क्रमागत विषम संख्याओं को जोड़ना विषम संख्याओं के योगों के निम्नलिख्िात प्रतिरूप को देख्िाए: 1त्र 1त्र13 3़ 5त्र 8त्र23 7़ 9़11 त्र 27 त्र33 13़15़17़19त्र 64त्र43 21़23़25़27़29त्र125त्र 53 क्या यह रोचक नहीं है? योग 103 प्राप्त करने के लिए कितनी क्रमागत विषम संख्याओं की आवश्यकता होगी? उपरोक्त प्रतिरूप का प्रयोग करते हुए, निम्नलिख्िात संख्याओं को विषम संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त कीजिए: ;ंद्ध 63 ;इद्ध 83 ;बद्ध 73 निम्नलिख्िात प्रतिरूप को देख्िाए: 23 दृ 13 त्र 1 ़ 2 × 1 × 3 33 दृ 23 त्र 1 ़ 3 × 2 × 3 43 दृ 33 त्र 1 ़ 4 × 3 × 3 उपरोक्त प्रतिरूप का प्रयोग करते हुए, निम्नलिख्िात के मान ज्ञात कीजिए: ;पद्ध 73 दृ 63 ;पपद्ध 123 दृ 113 ;पपपद्ध 203 दृ 193 ;पअद्ध 513 दृ 503 2ण् घन और उनके अभाज्य गुणनखंड वुफछ संख्याओं और उनके घनों के निम्नलिख्िात अभाज्य गुणनखंडनों पर विचार कीजिए: एक संख्या का अभाज्य उसके घन का अभाज्य स्वयं के घन मेंगुणनखंडन गुणनखंडन प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड4 त्र2 × 2 43त्र64 त्र 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 त्र 23 × 23 तीन बार आता है।6 त्र2 × 3 63त्र216 त्र 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 त्र 23 × 33 15 त्र3 × 5 153त्र3375 त्र 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5 त्र 33 × 53 12 त्र2 × 2 × 3 123त्र1728 त्र 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 त्र23 × 23 × 33 216 108 54 27 9 3 1 ध्यान दीजिए कि एक संख्या का प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड2 उस संख्या के घन के अभाज्य गुणनखंडन् में तीन बार आता है।2 2 यदि किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडन में प्रत्येक गुणनखंड तीन बार आता है, तो क्या वह संख्या एक पूणर् घन होती है?3 इसके बारे में सोचिए! क्या 216 एक पूणर् घन है?3 3 अभाज्य गुणनखंड द्वारा, 216 त्र 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 प्रत्येक गुणनखंड तीन बार आता है। 216 त्र 23 × 33 त्र ;2 × 3द्ध3 त्र 63 जो एक पूणर् घन है। क्या 729 एक पूणर् घन है? 729 त्र 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3 हाँ, 729 एक पूणर् घन है। आइए, अब 500 के लिए इसकी जाँच करें। 500 का अभाज्य गुणनखंडन हैः 2 × 2 × 5 × 5 × 5 इसलिए 500 एक पूणर् घन नहीं है। उदाहरण 1 रू क्या 243 एक पूणर् घन है? हल रू 243 त्र 3 × 3 × 3 × 3 × 3 यहाँ 3 का एक त्रिाक बनाने के बाद 3 × 3 शेष रहता है। अतः, 243 एक पूणर् घन नहीं है। 7ण्2ण्2 सबसे छोटा गुणज जो पूणर् घन है राज ने प्लास्िटसिन ;चसंेजपबपदमद्ध का एक घनाभ ;बनइवपकद्ध बनाया।निम्नलिख्िात में से कौन सी संख्याएँँ इस घनाभ की लंबाइर्, चैड़ाइर् और ऊँचाइर् क्रमशः 15 बउए 30 बउपूणर् घन हैं? और 15 बउ है।;पद्ध 400 ;पपद्ध 3375 अनु उससे पूछती है कि एक ;पूणर्द्ध घन बनाने के लिए उसे ऐसे;पपपद्ध 8000 ;पअद्ध 15625 कितने घनाभों की आवश्यकता होगी? क्या आप बता सकते हैं?;अद्ध 9000 ;अपद्ध 6859 ;अपपद्ध 2025 ;अपपपद्ध 10648 राज कहता है, घनाभ का आयतन त्र15 × 30 × 15 त्र3 × 5 × 2 × 3 × 5 × 3 × 5 × 3 × 5 त्र2 × 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5 क्योंकि उपरोक्त अभाज्य गुणनखंडन में केवल एक बार 2 है, इसलिए हमें इसे पूणर् घन बनाने के लिए 2 × 2 त्र 4 की आवश्यकता होगी। अतः हमें एक घन बनाने के लिए ऐसे चार घनाभों की आवश्यकता होगी। उदाहरण 2 रू क्या 392 एक पूणर् घन है? यदि नहीं, तो ऐसी सबसे छोटी प्राकृत संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 392 को गुणा करने पर गुणनपफल एक पूणर् घन प्राप्त हो जाए। हल रू 392 त्र 2 × 2 × 2 × 7 × 7 अभाज्य गुणनखंड 7 तीन के समूह में नहीं आ रहा है। अतः 392 एक पूणर् घन नहीं है। इसे पूणर् घन बनाने के लिए, एक और 7 की आवश्यकता है। इस स्िथति में, 392 × 7 त्र 2 × 2 × 2 × 7 × 7 × 7 त्र 2744ए जो एक पूणर् घन है। घन और घनमूल अतः वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या 7 है, जिसे 392 से गुणा करने पर एक पूणर् घन प्राप्त हो जाएगा। उदाहरण 3 रू क्या 53240 एक पूणर् घन है? यदि नहीं, तो 53240 को किस सबसे छोटी प्राकृत संख्या से भाग दिया जाए कि भागपफल एक पूणर् घन प्राप्त हो? हल रू 53240 त्र 2 × 2 × 2 × 11 × 11 × 11 × 5 यहाँ अभाज्य गुणनखंड में 5 तीन के समूह में नहीं आ रहा है। अतः 53240 एक पूणर् घन नहीं है। उपरोक्त गुणनखंडन में 5 केवल एक बार आया है। यदि हम दी हुइर् संख्या को 5 से भाग दें, तो भागपफल के अभाज्य गुणनखंडन में 5 नहीं आएगा। इस प्रकार, 53240 झ् 5 त्र 2 × 2 × 2 × 11 × 11 × 11 अतः वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या 5 है जिससे 53240 को भाग देने पर भागपफल एक पूणर् घन प्राप्त होगा। उस स्िथति में, पूणर् घन 10648 होगा। उदाहरण 4 रू क्या 1188 एक पूणर् घन है? यदि नहीं, तो किस सबसे छोटी प्राकृत संख्या से 1188 को भाग दिया जाए कि भागपफल एक पूणर् घन प्राप्त हो जाए? हल रू 1188 त्र 2 × 2 × 3 × 3 × 3 × 11 अभाज्य गुणनखंड 2 और 11 तीन - तीन के समूहों में नहीं आ रहे हैं। अतः 1188 एक पूणर् घन नहीं है। 1188 के उपरोक्त गुणनखंडन में, अभाज्य 2 केवल दो बार आ रहा है और अभाज्य 11 एक बार। अतः यदि हम 1188 को 2 × 2 × 11 त्र 44 से भाग दें, तो भागपफल के अभाज्य गुणनखंडन में 2 और 11 नहीं आएँगे।अतः वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या 44 है, जिससे 1188 को भाग देने पर भागपफल एक पूणर् घन प्राप्त होगा। साथ ही, परिणामी पूणर् घन त्र 1188 झ् 44 त्र 27 ;त्र33द्ध उदाहरण 5 रू क्या 68600 एक पूणर् घन है? यदि नहीं, तो वह सबसे छोटी प्राकृत संख्या ज्ञात कीजिए जिससे 68ए600 को गुणा करने पर एक पूणर् घन प्राप्त हो जाए? हल रू हमें प्राप्त हैः 68ए600 त्र 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 7 × 7 × 7 इस गुणनखंडन में, 5 की कोइर् त्रिाक ;जतपचसमजद्ध नहीं है। अतः 68ए600 एक पूणर् घन नहीं है। इसे पूणर् घन बनाने के लिए, हम इसे 5 से गुणा करते हैं। इस प्रकार, 68ए600 × 5 त्र 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5 × 7 × 7 × 7 त्र 3ए43ए000 जो एक पूणर् घन है। ध्यान दीजिए कि 343 एक पूणर् घन है। उदाहरण 5 से, हम जानते हैं कि 3ए43ए000 भी एक 122 प्रश्नावली 7ण्1 1ण् निम्नलिख्िात में से कौन - सी संख्याएँँ पूणर् घन नहीं हैं? ;पद्ध 216 ;पपद्ध 128 ;पपपद्ध 1000 ;पअद्ध 100 ;अद्ध 46656 2ण् वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे निम्नलिख्िात संख्याओं को गुणा करने पर पूणर् घन प्राप्त हो जाए: ;पद्ध 243 ;पपद्ध 256 ;पपपद्ध 72 ;पअद्ध 675 ;अद्ध 100 3ण् वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे निम्नलिख्िात संख्याओं को भाग देने पर भागपफल एक पूणर् घन प्राप्त हो जाए: ;पद्ध 81 ;पपद्ध 128 ;पपपद्ध 135 ;पअद्ध 192 ;अद्ध 704 4ण् परीक्ष्िात प्लास्िटसिन का एक घनाभ बनाता है, जिसकी भुजाएँ 5 बउए 2 बउ और 5 बउ हैं। एक घन बनाने के लिए ऐसे कितने घनाभों की आवश्यकता होगी? 7ण्3 घनमूल यदि किसी घन का आयतन 125 बउ3 है, तो उसकी भुजा की लंबाइर् क्या होगी? इस घन की भुजा की लंबाइर् ज्ञात करने के लिए हमें एक ऐसी संख्या ज्ञात करनी होगी, जिसका घन 125 हो। जैसा कि आप जानते हैं कि ‘वगर्मूल’ ज्ञात करना ‘वगर् करने की संिया की प्रतिलोम संिया है।’ इसी प्रकार ‘घनमूल’ ;बनइमतववजद्ध ज्ञात करने की संिया घन ;ज्ञातद्ध करने की संिया की प्रतिलोम संिया है। हम जानते हैं कि 23 त्र 8 है। इसलिए हम कहते हैं कि 8 का घनमूल ;बनइमतववजद्ध 2 है। हम इसे 38 त्र 2 लिखते हैं। संकेत ‘ 3 ’ घनमूल को व्यक्त करता है। निम्नलिख्िात पर विचार कीजिए: कथन निष्कषर् 13 त्र1 3 1 त्र1 23 त्र8 3 8 त्र 3 23 त्र 2 33 त्र27 3 27 त्र 3 33 त्र 3 43 त्र64 3 64 त्र4 53 त्र 125 3 125 त्र5 कथन निष्कषर् 63 त्र 216 3 216 त्र6 73 त्र 343 3 343 त्र7 83 त्र 512 3 512 त्र8 93 त्र 729 3 729 त्र9 103 त्र 1000 3 1000 त्र10 7ण्3ण्1 अभाज्य गुणनखंडन विध्ि द्वारा घनमूल संख्या 3375 पर विचार कीजिए। हम इसका घनमूल अभाज्य गुणनखंडन द्वारा ज्ञात करेंगे: 3375 त्र 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5 त्र 33 × 53 त्र ;3 × 5द्ध3 अतः 3375 का घनमूल त्र 33375त्र 3 × 5 त्र 15 घन और घनमूल 123 इसी प्रकार, 3 74088 ज्ञात करने के लिए, हमें प्राप्त है: 74088 त्र 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 × 7 × 7 × 7 त्र 23 × 33 × 73 त्र ;2 × 3 × 7द्ध3 अतः 3 74088 त्र 2 × 3 × 7 त्र 42 उदाहरण 6 रू 8ए000 का घनमूल ज्ञात कीजिए। हल रू 8ए000 का अभाज्य गुणनखंड 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5 है। अतः 38000 त्र 2 × 2 × 5 त्र 20 उदाहरण 7 रू अभाज्य गुणनखंड विध्ि द्वारा 13824 का घनमूल ज्ञात कीजिए। हल रू 13824 त्र 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3 त्र 23 × 23 × 23 × 33 अतः 313824 त्र 2 × 2 × 2 × 3 त्र 24 सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए बताइए कि सत्य है या असत्यः किसी पूणार्ंक उ के लिए, उ2 ढ उ3 होता है। क्यों? 7ण्3ण्2 किसी घन संख्या का घनमूल यदि आपको यह ज्ञात है कि दी हुइर् संख्या एक घन संख्या है, तो उसका घनमूल ज्ञात करने के लिए निम्नलिख्िात विध्ि का प्रयोग किया जा सकता है: चरण 1 कोइर् घन संख्या, मान लीजिए, 857375 लीजिए तथा उसके सबसे दाइर्ं ओर के अंक से प्रारंभ करते हुए, तीन - तीन अंकों के समूह बनाइए 857 375 ↓ ↓ दसूरा समहू पहला समहू हम किसी दी हुइर् घन संख्या का घनमूल एक चरणब( प्रिया द्वारा आकलित कर सकते हैं। यहाँ हमें तीन अंकों के दो समूह 375 और 857 प्राप्त हुए हैं। चरण 2 पहला समूह ‘375’ आपको वांछित घनमूल के इकाइर् का अंक देगा। संख्या 375 का अंतिम ;इकाइर् काद्ध अंक 5 है। हम जानते हैं कि 5 किसी संख्या के इकाइर् के स्थान पर तब आता है जब उसके घनमूल के इकाइर् का अंक 5 होता है। इस प्रकार हमें घनमूल के इकाइर् का अंक 5 प्राप्त होता है। चरण 3 अब दूसरे समूह 857 को लीजिए। हम जानते हैं कि 93 त्र 729 तथा 103 त्र 1ए000 साथ ही, 729 ढ 857 ढ 1ए000 हम छोटी संख्या 729 के इकाइर् के अंक को वांछित घनमूल के दहाइर् के अंक के रूप में लेते हैं। अतः 3 857375 त्र 95 हमें प्राप्त होता है। उदाहरण 8 रू 17ए576 का घनमूल आकलन द्वारा ज्ञात कीजिए। हल रू दी हुइर् संख्या 17ए576 है। चरण 1 17ए576 के सबसे दाइर्ं ओर के अंक से प्रारंभ करते हुए, तीन - तीन अंकों के समूह बनाइए। ये समूह 17 और 576 हैं। इस स्िथति में एक समूह 576 है जिसमें तीन अंक हैं और दूसरा समूह 17 है जिसमें केवल दो अंक हैं। चरण 2 576 को लीजिए। इसकी इकाइर् का अंक 6 है। हम वांछित घनमूल की इकाइर् का अंक 6 लेते हैं। चरण 3 दूसरे समूह 17 को लीजिए। 2 का घन 8 है और 3 का घन 27 है। संख्या 17 संख्याओं 8 और 27 के बीच में स्िथत है। अब 2 और 3 में से छोटी संख्या 2 है। 2 में इकाइर् का अंक स्वयं 2 है। हम 2 को वांछित घनमूल की दहाइर् का अंक लेते हैं। इस प्रकार, 3 17576 त्र 26 ;इसकी जाँच कर लीजिएद्ध। प्रश्नावली 7ण्2 1ण् अभाज्य गुणनखंडन विध्ि द्वारा निम्नलिख्िात में से प्रत्येक संख्या का घनमूल ज्ञात कीजिएः ;पद्ध 64 ;पपद्ध 512 ;पपपद्ध 10648 ;पअद्ध 27000 ;अद्ध 15625 ;अपद्ध 13824 ;अपपद्ध 110592 ;अपपपद्ध 46656 ;पगद्ध 175616 ;गद्ध 91125 2ण् बताइए सत्य है या असत्य: ;पद्ध किसी भी विषम संख्या का घन सम होता है। ;पपद्ध एक पूणर् घन दो शून्यों पर समाप्त नहीं होता है। ;पपपद्ध यदि किसी संख्या का वगर् 5 पर समाप्त होता है, तो उसका घन 25 पर समाप्त होता है। ;पअद्ध ऐसा कोइर् पूणर् घन नहीं है जो 8 पर समाप्त होता है। ;अद्ध दो अंकों की संख्या का घन तीन अंकों वाली संख्या हो सकती है। ;अपद्ध दो अंकों की संख्या के घन में सात या अध्िक अंक हो सकते हैं। ;अपपद्ध एक अंक वाली संख्या का घन एक अंक वाली संख्या हो सकती है। 3ण् आपको यह बताया जाता है कि 1331 एक पूणर् घन है। क्या बिना गुणनखंड किए आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि इसका घनमूल क्या है? इसी प्रकार 4913ए 12167 और 32768 के घनमूलों के अनुमान लगाइए।

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