80ध्दूवार् खुश होकर तब बिजली देगी मुझे चमकती सी तलवार तब माँ कोइर् कर न सकेगाअपने ऊपर अत्याचार। पुलिसमैन अपने काका को पिफर न पकड़ने आएँगे देखेंगे तलवार दूर से ही वे सब डर जाएँगे। अगर चाहती हो माँ काका जाएँ अब न जेलखाना तो पिफर बिजली के घर मुझको तुम जल्दी से पहुँचाना। काका जेल न जाएँगे अब तुझे मँगा दूँगी तलवार पर बिजली के घर जाने का अब मत करना कभी विचार। μ सुभद्रा वुफमारी चैहान क सूरज ने............... बंद कर दिया अपने घर का दरवाशा। ख बादल है............. काका। बरसने लगा................... यह पानी। घ ................... पफोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।घ ..................... डाँट रहे हैं............... कहना नहीं सुना माँ का। 2. इन पंक्ितयों से बारिश के बारे में क्या पता चलता है? क सूरज ने अपने घर का दरवाशा बंद कर लिया। 82ध्दूवार् न, मत और नहीं का इस्तेमाल किसी काम के मनाही के लिए किया गया है। तुम नीचे लिखे वाक्यों में ‘न’, ‘मत’, ‘मना’ और ‘नहीं’ भरो। क तुम वहाँ........जाओ। ख परीक्षा में.............तो रामू पेफल हुआ............ही असलम। ग मुझे इस प्रश्न का उत्तर...............पता। घ माँ ने मुझे छत पर जाने से..................किया है। 5. कविता के अनुसार क सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया? ख बादल काका शोर - शोर से क्यों डाँट रहे हैं? ग बिजली के बच्चों के वार खाली क्यों जा रहे हैं? घ लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?घ बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है? 6. पता करो क वुफछ ऐसे देशभक्तों के नाम पता करके लिखो जो बचपन से ही आशादी की लड़ाइर् में वूफद पड़े थे। ख जब बच्ची अपनी माँ से ये सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम वैफसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। ;संकेत - धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदिद्ध ग कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी? 7. आशादी की बात ‘‘तब माँ कोइर् कर न सकेगा अपने उफपर अत्याचार।’’ कविता की इस पंक्ित में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे? 8. घर की बात ‘‘बिजली के आँगन में अम्मा........’’ इसमें जो आँगन है वह घर के बाहर के हिस्से को कहा गया है। घर के इन भागों को तुम अपनी भाषा में क्या कहते हो? कमरा - - - - - - - - - - - - - - - बरामदा - - - - - - - - - - - - - - - रसोइर् - - - - - - - - - - - - - - - छत - - - - - - - - - - - - - - - नीचे कविता में से वुफछ पंक्ितयाँ दी गइर् हैं। कविता की अगली पंक्ितयाँ स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना। पानी और ध्ूपध्83 बैठक - - - - - - - - - - - - - - - जीना - - - - - - - - - - - - - - - स्नानघर शौचालय - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - 9. कविता बनाओ क तब माँ कोइर् कर न सकेगा ख बिजली के आँगन में अम्माँ ग किसने पफोड़ घड़े बादल के

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