शहीद झलकारी बाइर्ध्67 सरदार अँग्रेजों से जा मिले हैं। अब हमारे सामने सिप़फ एक ही रास्ता बचा र्है कि हम किले का पफाटक खोल दें और अंग्रेज सेना को यु( के लिए ललकारें। झँासी की रक्षा के लिए अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। सामंत: रानी माँ ! झाँसी पर अपने प्राण न्योछावर करने के लिए हम हमेशा तैयार हैं। दामोदर राव की सुरक्षा का प्रबंध भी हम कर लेंगे। लेकिन जानμबूझकर अंग्रेजों की सेना के सामने जाकर प्राण देने में कोइर् समझदारी नहीं है। उचित तो यह होगा कि किसी तरह किले से सुरक्ष्िात निकलकर हम पिफर से सेना को संगठित करें। लक्ष्मीबाइर्: मैं आपकी योजना से सहमत हूँ। लेकिन अब इस अंग्रेश सेना का घेरा तोड़कर किले से बाहर निकल पाना आसान नहीं है। आप तो जानते ही हैं कि अंग्रेजों के भेदिए महल के भीतर भी हैं। ये गद्दार हमारी छोटीμछोटी बातें अंग्रशों तक पहुँचा रहे हैं। ऐसी स्िथति में चूहे की तरह बिल में घुसे रहने से तो अच्छा है, हम शेर की तरह शत्राु पर टूट पड़ें। नाना साहबः महारानी ! आप जैसी वीराँगना को हम मरने के लिए अंगे्रशों की सेना के सामने नहीं धकेल सकते। मैं सामंत की बात से सहमत हूँ। आपका यह निणर्य वीरोचित तो है पर रणनीति की दृष्िट से उचित नहीं है। हमें कोइर् दूसरा रास्ता निकालना होगा। आपकी पराजय केवल रानी लक्ष्मीबाइर् की पराजय नहीं होगी। वह झँासी की पराजय होगी। यदि झाँसी इतनी आसानी से पराजित हो गइर् तो पूरे भारत में चल रहा स्वाधीनता संग्राम ही खतरे में पड़ जाएगा। सबकी निगाहें आप पर टिकी हैं। ;एक दूत का प्रवेशद्ध दूत: महारानी की जय ! लक्ष्मीबाइर्: कहो दूत, क्या समाचार लाए हो? दूत: रानी माँ। समाचार शुभ नहीं है। अंग्रेजों की सेना का घेरा झाँसी के चारों ओर बहुत कड़ा हो गया है। उन्होंने आपको िांदा ही पकड़ने की ठान रखी है। लक्ष्मीबाइर्: दूत तुम जाओ ! घटनाओं पर कड़ी निगाह रखो ! ;दूत तेश कदमों से चला जाता है।द्ध 68ध्दूवार् लक्ष्मीबाइर्: नाना साहब ! मैं किसी भी हालत में अंग्रेजों की बंदी नहीं होना चाहती। मैं झाँसी की रक्षा करतेμकरते शहीद हो जाना पसंद करूँगी। आप आदेश दें ! हम अंग्रेजों पर टूट पड़ना चाहते हैं। ;तभी नारी सेना की सेनापति झलकारीबाइर् का प्रवेश होता है। लक्ष्मीबाइर् की हमशक्लद्ध झलकारीबाइर्ः महारानी की जय ! लक्ष्मीबाइर्: आओμआओ झलकारी बाइर्। तुम ठीक समय पर आइर् हो। कहो तुम्हारी सेना की क्या तैयारी है? झलकारीबाइर्ः रानी माँ! नारी सेना, अगली पंक्ितयों में लड़ने के लिए तैयार खड़ी है। बस... आपके आदेश की प्रतीक्षा है ! ¯कतु.........लक्ष्मीबाइर्: ¯कतु क्या? निस्संकोच होकर कहो। झलकारीबाइर्ः गुस्ताखी माप़फ हो रानी माँ ! मुझे इस निणार्यक यु( के लिए आपके वस्त्रा, पगड़ी और कलगी चाहिए। लक्ष्मीबाइर्: ;मुसवुफराकरद्ध ठीक है झलकारी ! तुम्हारी यह इच्छा अवश्य पूरी होगी। ;लक्ष्मीबाइर् कक्ष में जाती है और एक थाल लाकर झलकारी को देती है। झलकारी उन्हें झुककर प्रणाम करती है। झलकारी का प्रस्थान।द्ध लक्ष्मीबाइर्: देखा आपने! अब अिाक सोचने का समय नहीं है। मैदान में उतरने का समय है। ;नाना साहब वुफछ कहना ही चाहते हैं तभी झलकारीबाइर्, रानी वफी वेशभूषा में सजकर प्रवेश करती है। सब लोग उसे देखकर आश्चयर् में पड़ जाते हैं।द्ध नाना साहबः अरे झलकारीबाइर्, तुम ! तुम तो हूμबμहू लक्ष्मीबाइर् लग रही हो। झलकारीबाइर्ः आप ठीक कह रहे हैं। मेरा रानी माँ का हमशक्ल होना शायद आज ही साथर्क हो सकता है। नाना साहबः झलकारीबाइर्, तुम्हारी योजना क्या है। यह तो बताओ? झलकारीबाइर्ः मेरी योजना यह है कि मैं अपनी सेना लेकर किले के मुख्य द्वार पर अंग्रेजों को उलझा कर रखूँगी। इससे उनका पूरा ध्यान मुझ पर बना रहेगा। वे रानी समझकर मुझे घेरने का प्रयत्न करते रहेंगे। इतने में रानी माँ दामोदर सहित अपने वीर सैनिकों को लेकर महल से दूर निकल जाएँगी। लक्ष्मीबाइर्: लेकिन झलकारीबाइर् ! मैं तुम्हें जानबूझ कर मौत के मुँह में वैफसे जाने दूँ? झलकारीबाइर्ः रानी माँ ! आप ही ने हमें सिखाया है कि वीराँगनाएँ मौत से नहीं डरतीं। हम प्राणों की बाशी लगाकर भी झाँसी की रक्षा करेंगे। नाना साहबः झलकारीबाइर् ठीक कहती है महारानी। अब आप देर मत कीजिए। झलकारीबाइर् जैसा कहती है वैसा ही कीजिए। ;महारानी की जय ! झाँसी अमर रहे का जयघोष करते झलकारीबाइर् का प्रस्थान।द्ध 70ध्दूवार् ;लक्ष्मीबाइर् के वेश में झलकारीबाइर् अंग्रेजी सेना पर टूट पड़ती है। अंग्रेजी सेना को काटती हुइर् झलकारीबाइर् आगे बढ़ती हैै। नारी सेना भी शत्राुओं को काटती हुइर् यु( कर रही है। झलकारीबाइर् के शरीर पर अनेक घाव लगे हैं। वह निढाल हैै। यह देखकर जनरल अपने सैनिकों को हुक्म देता है।द्ध जनरल रोशः सैनिको! झाँसी की रानी को िांदा पकड़ना है। चारों ओर से घेर लो इसे। ;अंगे्रजी सेना आगे बढ़ती है और निढाल झलकारीबाइर् को बंदी बना लेती है।द्ध जनरल रोशः झँासी की रानी ! तुम बहुत बहादुर हो। हम तुम्हारी बहादुरी को सलाम करते हैं। लेकिन अब तुम हमारी बंदी हो। झलकारीबाइर्ः जनरल ! झाँसी की रानी को िांदा पकड़ना तुम्हारे बूते की बात नहीं है। वह जीवित रहने तक स्वतंत्रा ही रहेगी। रानी झाँसी की जय! ;इतना कहकर झलकारीबाइर् बेहोश हो जाती है।द्ध जनरल रोशः क्या यहाँ कोइर् है जो इसे पहचानता हो? ;एक सैनिक वहाँ आता है और झलकारी को पहचान लेता है।द्ध सैनिक: जनरल, आपका शक ठीक है। यह लक्ष्मीबाइर् नहीं उनकी हमशक्ल झलकारीबाइर् है। जनरल रोशः झलकारीबाइर्! इस औरत ने तो कमाल कर दिया। ;झलकारीबाइर् का मृत शरीर धरती पर पड़ा है। जनरल रोश अवाक खड़ा है। पदार् धीरेμधीरे गिरता है।द्ध शहीद झलकारी बाइर्ध्71 दत्तकपुत्रा - गोद लिया हुआ बेटा गद्दार - विद्रोही ललकारना - चुनौती देना संग्राम - यु( स्वाधीनता - आशादी वीराँगना - वीर स्त्राी निगाह - नशर, दृष्िट कलगी - पगड़ी में लगाया जाने वाला तुरार् निणार्यक - निणर्य करने वाला हू - ब - हू - वैसा का वैसा हमशक्ल - एक जैसी शक्ल/सूरत वाला अवाक होना - आश्चयर् में पड़ जाना निढाल होना - थक जाना रणनीति - योजना 1. पढ़ो, समझो और करो 2. मुहावरे 72ध्दूवार् 4. खोजबीन क ख 5. तुम्हारी समझ 6. हमशक्ल 7. अभ्िानय

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