24ध्दूवार् हो सकता है कहीं शांत चैपाए घूम रहे हों हो सकता है कहीं सहन में पक्षी झूम रहे हों। तो विनती है यही, कभी मत उस दुनिया को खोना पेड़ों को मत कटने देना, मत चिडि़यों को रोना। एक - एक पत्ती पर हम सब के सपने सोते हैं शाखें कटने पर वे भोले, श्िाशुओं सा रोते हैं। पेड़ों के संग बढ़ना सीखो, पेड़ों के संग ख्िालना पेड़ों के संग - संग इतराना, पेड़ों के संग हिलना। बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा - भरा रखते हैं नहीं समझते जो, दुष्कमो± का वे पफल चखते हैं। आज सभ्यता वहशी बन, पेड़ों को काट रही है शहर पेफपफड़ों में भरकर हम सब को बाँट रही है। μसवेर्श्वरदयाल सक्सेना 25ध्थोड़ी ध्रती पाउँफ दुष्कमर् - बुरा काम सहन - आँगन दहकना - आग की लपटें उठना श्िाशु - बालक अगं - भाग, हिस्सा, शरीर के हाथ - पाँव आदि विनती - प्राथर्ना 1. कविता संबंधी प्रश्न क कवि बाग - बगीचा क्यों लगाना चाहता है? ख कविता में कवि की क्या विनती है? ग कवि क्यों कह रहा है कि घ ‘आज सभ्यता वहशी बन, पेड़ों को काट रही है।’ इस पर अपने विचार लिखो। कविता की इस पंक्ित पर ध्यान दोμ फ्बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा - भरा रखते हैं।य् अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या वुफछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो। 2. वैफसी लगी कविता कविता पढ़ो और जवाब दोμ क कविता की कौन - सी पंक्ितयाँ सबसे अच्छी लगीं? ख वे पंक्ितयाँ क्यों अच्छी लगीं? 3. बातचीत नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गइर् है। इसे अपनी समझ से पूरा करो। 26ध्दूवार् बच्ची - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - लकड़हारा - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - 4. बाग - बगीचा क तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या वुफछ कर सकते हो? बताओ। ख कविता में कवि ने बगीचे के बारे में बहुत वुफछ बताया है। बताओ, नीचे लिखी चीशों में से कौन - सी चीशंे बगीचे में होंगी? कार पूफल क्यारियाँ चिडि़याँ सड़क पफल खेत तालाब कारखाने पेड़ वुफसीर् कागश पत्ता टहनी ऽ ऽ ऽ 27ध्थोड़ी ध्रती पाउँफ ऋ फ्जंगलय् 28ध्दूवार्

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