स्थलमंडलीय प्लेट: भू - पपर्टी में अनेक बड़ी एवं वुफछ छोटी कठोर, असमान - आकार की प्लेटें होती हैं, जिन पर महाद्वीप एवं महासागर की सतहें टिकी हैं। स्थलमंडल अनेक प्लेटों में विभाजित है, जिन्हें स्थलमंडलीय प्लेट कहते हैं। आपको यह जानकर आश्चयर् होगा कि ये प्लेट हमेशा ध्ीमी गति से चारों तरपफ घूमती रहती हैं - प्रत्येक वषर् केवल वुफछ मिलीमीटर के लगभग। पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाली गति के कारण ऐसा होता है। पृथ्वी के अंदरपिघला हुआ मैग्मा एक वृत्तीय रूप में घूमता रहता है, जैसा कि ियाकलाप में दिखाया गया है। प्लेट की इस गति के कारण पृथ्वी की सतह पर परिवतर्न होता है। पृथ्वी की गति को उन बलों के आधर पर विभाजित किया गया है जिनके कारण ये गतियाँ उत्पन्न होती हैं। जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग मंे घटित होते हैं उन्हें अंतजर्नित बल ;एंडोजेनिक पफोसर्द्ध कहते हैं एवं जो बल पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं उन्हें बहिजर्निक बल ;एक्सोजेनिक पफोसर्द्ध कहते हैं ;चित्रा 3.1द्ध। अंतजर्नित बल कभी आकस्िमक गति उत्पन्न करते हंै, तो कभी ध्ीमी गति। भूकंप एवं ज्वालामुखी जैसी आकस्िमक गति के कारण पृथ्वी की सतह पर अत्यध्िक हानि होती है। ज्वालामुखी भू - पपर्टी पर खुला एक ऐसा छिद्र होता है, जिससे पिघले हुए पदाथर् अचानक निकलते हैं ;चित्रा 3.2द्ध। एंडो ;अन्तःद्ध गैसें व राख एक्सो व्रेफटर ;बाह्यद्ध निकास ;वेंटद्ध लावा पपर्टी मैग्मा कोष्ठमैंटल चित्रा 3.2: एक ज्वालामुखी इसी प्रकार, स्थलमंडलीय प्लेटों के गति करने पर पृथ्वी की सतह पर कंपन होता है। यह कंपन पृथ्वी के चारों ओर गति कर सकता है। इस कंपन को भूकंप कहते हंै ;चित्रा 3.3द्ध। भू - पपर्टी के नीचे वह स्थान जहाँ वंफपन आरंभ होता है, उद्गम वेंफद्र कहलाता है। उद्गम वेंफद्र के भूसतह पर उसके निकटतम स्थान को अिावेंफद्र कहते हैं। अध्िवेंफद्र से कंपन बाहर की ओर तरंगों के रूप में गमन करती हैं। अध्िवेंफद्र के निकटतम भाग में सवार्ध्िक हानि होती है एवं अध्िवेंफद्र से दूरी बढ़ने के साथ भूकंप की तीव्रता ध्ीरे - ध्ीरे कम होती जाती है। चित्रा 3.3: एक भूवंफप की उत्पिा एंडोजेनिक ़जेनिक ;उत्पिाद्ध एक्सोजेनिक एक बतर्न लें। उसे जल से भरकर ढक्कन से बंद कर दें तथा जल गमर् करने के लिए रख दें। अब वुफछ मटर, चम्मच और मोती ढक्कन के उफपर रख दें। आप क्या देखते हैं? जैसे ही जल में उबाल आता है, ढक्कन भी हिलने लगता है। जो वस्तुएँआपने ढक्कन के ऊपर रखी हैं उनमें वंफपन होने लगता है। दाने नीचे जाते है और चम्मच के वंफपन से ध्वनि उत्पन्न होती है। इसी भाँति जब भूवंफप आते हैं, तो पृथ्वी में वंफपन उत्पन्न होने लगता है। भूवंफपीय तरंगे तीन प्रकार की होती हैंμ ऽ पी तरंगें अथवा अनुदैध्यर् तरंगें ऽ एस तरंगें अथवा अनुप्रस्थ तरंगें ऽ एल तरंगें अथवा पृष्ठीय तरंगें इन तरंगों के गुणध्मर् विश्वकोश से ज्ञात करने का प्रयास कीजिए। यद्यपि, भूकंप की भविष्यवाणी संभव नहीं, लेकिन यदि हम पहले से तैयार हों, तो इसके प्रभाव को निश्िचत रूप से कम किया जा सकता है। स्थानीय लोग वुफछ सामान्य तरीकों से भूकंप की संभावना का अनुमान लगातेहैं, जैसेμजानवरों के व्यवहार का अध्ययन, तालाब में मछलियों की उत्तेजना, साँपों का ध्रातल पर आना। भूवंफपμ एक वस्तुस्िथति अध्ययन 14 हमारा पयार्वरण मुख्य स्थलावृफतियाँ अपक्षय एवं अपरदन नामक दो प्रक्रमों द्वारा दृश्यभूमि लगातार विघटित होती रहती है। पृथ्वी की सतह पर शैलों के टूटने से अपक्षय की िया होती है। भू - दृश्य पर जल, पवन एवं हिम जैसे विभ्िान्न घटकों के द्वारा होने वाले क्षय को अपरदन कहते हैं। वायु, जल आदि अपरदित पदाथर् को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं, और पफलस्वरूप एक स्थान पर निक्षेपित करते हैं। अपरदन एवं निक्षेपण के ये प्रक्रम पृथ्वी के ध्रातल पर विभ्िान्न स्थलावृफतियों का निमार्ण करते हैं। ऽ विश्व में हशारों छोटे - छोटेजलप्रपात हैं। सबसे ऊँचा जलप्रपात दक्ष्िाण अमेरिका के वेनेजुएला का एंजेल जलप्रपात है। अन्य जलप्रपातउत्तरी अमेरिका में कनाडा नदी के कायर् नदी के जल से दृश्य भूमि का अपरदन होता है। जब नदी किसी खडे़ ढाल वाले स्थान से अत्यध्िक कठोर शैल या खड़े ढाल वाली घाटी में गिरती है, तो यह तथा संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा पर स्िथत नियाग्रा जलप्रपात है और अप्ऱफीका में जांबिया एवं ¯जबाबवे की जलप्रपात बनाती है ;चित्रा 3.5द्ध। सीमा पर स्िथत विक्टोरिया जलप्रपात हैं। कठोर शैल जल की शक्ित द्वारा काटे गए मृदु शैल नियाग्रा जलप्रपातचित्रा 3.5: एक जलप्रपात जब नदी मैदानी क्षेत्रा में प्रवेश करती है, तो वह मोड़दार मागर् पर बहने लगती है। नदी के इन्हीं बडे़ मोड़ों को विसपर् कहते हैं। इसके बाद विसपो± के किनारों पर लगातार अपरदन एवं निक्षेपण शुरू हो जाता है। विसपर् लूप के सिरे निकट आते जाते हैं। समय के साथ विसपर् लूप नदी बाढ़ का मैदान से कट जाते हैं और एक अलग झील बनाते हैं, जिसे तटबंध्चापझील भी कहते हैं। कभी - कभी नदी अपने तटों से बाहर बहने लगती है। पफलस्वरूप निकटवतीर् क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है। बाढ़ के कारण नदी के तटों के निकटवतीर् क्षेत्रों में महीन मिट्टðचापझीली एवं अन्य पदाथो± का निक्षेपण करती है। ऐसी मिट्टðविसपर्ी एवं पदाथो± को अवसाद कहते हैं। इससे समतल उपजाऊ बाढ़वृफत मैदान का निमार्ण होता है। नदी के उत्िथत तटों को तटबंध् कहते हैं। समुद्र तक पहुँचते - पहुँचते नदी का प्रवाह धीमा हो जाता है तथा नदी अनेक धाराओं में विभाजित चित्रा 3.6: बाढ़वृफत मैदान में नदी द्वारा निमिर्त स्थलावृफतियाँ हो जाती है, जिनको वितरिका कहा मुख्य नदी वितरिका जाता है। यहाँ नदी इतनी ध्ीमी हो जाती है कि यह अपने साथ लाए मलबे का निक्षेपण करने लगती है। प्रत्येक वितरिका अपने मुहाने का निमार्ण करती है। सभी मुहानों के अवसादों के संग्रह से डेल्टा का निमार्ण होता है चित्रा 3.7: डेल्टा ;चित्रा 3.7द्ध। कर समुद्री पुलिन का निमार्ण करती हैं। हिमनद के कायर् हिमनद अथवा हिमानी बप़्ार्फ की नदियाँ होती हैं। हिमनद अपने नीचे की कठोर च‘ानों से गोलाश्मी मि‘ी और पत्थरों को अपरदित कर देती है और गोलाश्मी मि‘ी एवं पत्थरों से भूदृश्य का अपरदन करती है। हिमनद गहरे गतो± का निमार्ण करते हैं। पवर्तीय क्षेत्रा में बपर्फ पिघलने से उन गतो± में जल भर जाता है और वे सुंदर झील बन जाते हैं। हिमनद के द्वारा लाए गए पदाथर्, जैसेμछोटे - बड़े शैल, रेत एवं तलछट मि‘ी निक्षेपित होते हैं। ये निक्षेप हिमनद हिमोढ़ का निमार्ण करते हैं।पवन के कायर् क्या आपने कभी रेगिस्तान देखा है? बालू टिब्बे के वुफछ चित्रा एकत्रा करने का प्रयास कीजिए। रेगिस्तान में पवन, अपरदन एवं निक्षेपण का प्रमुख कारक है। रेगिस्तान में आप छत्राक के आकार के शैल देख सकते है, जिन्हंे सामान्यतः छत्राक शैलकहते हंै। पवन शैल के ऊपरी भाग की अपेक्षा निचले भाग को आसानी से काटती है। इसलिए ऐसी शैल के आधर संकीणर् एवं शीषर् विस्तृत होते हैं। पवन चलने पर, यह अपने साथ रेत को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाती है। जब पवन का बहाव रुकता है तो यह रेत गिरकर छोटी पहाड़ी बनाती है। इनको बालू टिब्बा कहते हंै ;चित्रा 3.10द्ध। जब बालू कण महीन एवं हल्के होते हैं, तो वायु उनको उठाकर अत्यध्िक दूर ले जा सकती है। जब येे बालू कण विस्तृत क्षेत्रा में निक्षेपित हो जाते है, तो इसे लोएस कहते हैं। चीन में विशाल लोएस निक्षेप पाए जाते हैं। चित्रा 3.10: बालू टिब्बे 1.निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिएμ ;कद्ध प्लेटें क्यों घूमती हैं? ;खद्ध बहिजर्निक एवं अंतजर्नित बल क्या हैं? ;गद्ध अपरदन क्या है? ;घद्ध बाढ़वृफत मैदान का निमार्ण वैफसे होता है? ;चद्ध बालू टिब्बा क्या है? ;छद्ध समुद्री पुलिन का निमार्ण वैफसे होता है? ;जद्ध चापझील क्या है? 2.सही ;ऽद्ध उत्तर चिित कीजिएμ ;कद्ध इनमें से कौन - सी समुद्री तरंग की विशेषता नहीं है? ;पद्ध शैल ;पपद्ध किनारा ;पपपद्ध समुद्री गुपफा ;खद्ध हिमनद की निक्षेपण विशेषता है ;पद्ध बाढ़वृफत मैदान ;पपद्ध पुलिन ;पपपद्ध हिमोढ़ ;गद्ध पृथ्वी की आकस्िमक गतियों के कारण कौन - सी घटना होती है? ;पद्ध ज्वालामुखी ;पपद्ध वलन ;पपपद्ध बाढ़वृफत मैदान ;घद्ध छत्राक शैलें पाइर् जाती है ;पद्ध रेगिस्तान में ;पपद्ध नदी घाटी में ;पपपद्ध हिमनद में ;चद्ध चापझील यहाँ पाइर् जाती हैं ;पद्ध हिमनद ;पपद्ध नदी घाटी ;पपपद्ध रेगिस्तान 3.निम्नलिख्िात स्तंभों को मिलाकर सही जोडे़ बनाइएμ ;कद्ध हिमनद ;पद्ध समुद्री तट ;खद्ध विसपर् ;पपद्ध छत्राक शैल ;गद्ध पुलिन ;पपपद्ध बप़्ार्फ की नदी ;घद्ध बालू टिब्बा ;पअद्ध नदियाँ ;चद्ध जलप्रपात ;अद्ध पृथ्वी का कंपन ;छद्ध भूकंप ;अपद्ध समुद्र भृगु ;अपपद्ध कठोर संस्तर शैल ;अपपपद्ध रेगिस्तान 4.कारण बताइएμ ;कद्ध वुफछ शैल छत्राक के आकार में होते हैं। ;खद्ध बाढ़वृफत मैदान बहुत उपजाऊ होते हैं। ;गद्ध समुद्री गुपफा स्टैक के रूप में परिवतिर्त हो जाती है। ;घद्ध भूकंप के दौरान इमारतें गिरती हैं। 5.ियाकलापμ नीचे दिए गए चित्रों को देखें। यह नदी द्वारा निमिर्त स्थलावृफतियाँ हैं। इन्हें पहचानिए एवं बताइए कि ये नदी के अपरदन अथवा निक्षेपण अथवा दोनों का परिणाम हैं। चित्रा स्थलावृफति प्रकार ;अपरदन अथवा निक्षेपण अथवा दोनोंद्ध 18 हमारा पयार्वरण 6.आओ खेलें बाएँ से दाएँ 2ण् नदी के लूप जैसा मोड़ 4ण् जल का ठोस रूप 7ण् हिम का चलना 9ण् जल का उँफचाइर् से गिरना 11ण् समुद्री तरंग द्वारा दुबर्ल शैल में बनाइर् गयी प्रावृफतिक गुपफा 12ण् नदी के तटबंध् 13ण् समुद्री जल का विशाल भंडार 14ण् शुष्क प्रदेश जहाँ बालू के टिब्बे पाए जाते हैं 15ण् बालू की छोटी पहाड़ी जो पवन के कायर् से बनती है 16ण् बाढ़ के समय नदी निक्षेपण द्वारा निमिर्त समतल मैदान उफपर से नीचे 1ण् जल की सतह पर पवन द्वारा जल का उठना एवं गिरना 3ण् चैनल में जल का बहाव 5ण् समुद्री तट पर तीव्र उफध्वार्ध्र शैल 6ण् हिमनद द्वारा लाए गए पदाथर् 8ण् नदी विसपर् द्वारा निमिर्त चापाकार झील 10ण् पवन द्वारा निक्षेपित महीन बालू 13ण् समुद्र तट के निकट एकल दीवार जैसी शैल आवृफति 14ण् नदी के मुहाने पर अवसाद निक्षेपण से निमिर्त आवृफति

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