Unit 2 जिम्मेदारी किसकी? अध्याय 3 3 देख, यहाँ लिखा है कि अपने राज्य में पानी की कमी है और बहुत-से लोग बीमार पड़ रहे हैं। “...कई गाँवों में लोग गंदला पानी पीते हुए पाए गए। नदी-नाले और तालाब सूख गए हैं। बुरी तरह से प्रभावित इलाकों में गाँव के लोग दूर-दूर से पानी लेकर आ रहे हैं।" का पर राज्य शासन कैसे काम करता है। पिछले वर्ष हमने यह चर्चा की थी । कि शासन तीन स्तरों पर काम करता है - स्थानीय, राज्य और केंद्र। हमने । कुछ विस्तार के साथ स्थानीय शासन के कार्यों के बारे में जाना भी था। इस अध्याय में हम जानेंगे कि राज्य स्तर । पर शासन कैसे कार्य करता है। लोकतंत्र में राज्य का शासन किस तरह किया जाता है? विधानसभा सदस्यों और मंत्रियों की क्या भूमिका है? लोग शासन के सामने अपने विचार कैसे रखते हैं। या किसी कार्य की माँग कैसे । करते हैं? हम इन प्रश्नों पर विचार करने के लिए ‘स्वास्थ्य का उदाहरण लेते हैं। "जिला मुख्यालय, पातालपुरम में लोगों को तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई दी जाती है। यहाँ का जिला चिकित्सालय मरीजों से अटा पड़ा है। इनमें बड़ी संख्या में हैजे से पीड़ित बच्चे हैं।" 2015-16 (12-01-15) अचानक... टी.वी. पर समाचार में बताया गया था कि हैजे से दस लोगों की मृत्यु हो गई। क्या ऐसा हो सकता है? क्या कोई सचमुच इससे मर सकता है? उस दिन दोपहर में... मेरी मम्मी ने कहा है कि बाज़ार में कुछ ठंडा नहीं पीना है। आज सुबह उन्होंने अपना एक भाषण मुझे सुना दिया, तुम्हें अपनी सेहत की जिम्मेदारी सँभालनी चाहिए शिरीन!" ही ही। -- रुक जाओ क्या पता? बस मुझे न हो जाए यह बीमारी! हा, हा! कैसी ऊँची आवाज़ है इनकी... ये कोई नेता-वेता होंगे... रैली के कारण यह सड़क बंद है। रैली वालों ने विधायक के घर का घेराव कर लिया है। सचमुच। लेकिन क्यों? उन्होंने हा-हा, ये लोग तो उस कुछ कर दिया है क्या? काम पर गुस्सा दिखा रहे हैं, जो उन्होंने । नहीं किया है। ...और हम यह माँग करते हैं कि अधिकारी तुरंत स्वास्थ्य की स्थिति पर नियंत्रण पाने । के लिए कदम उठाएँ। हमारे विधायक को इसकी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी? - श् श् श्... मैंने इन्हें टी.वी. पर भी देखा है। ये विरोधी दल के हैं। विधायक कौन होता है? उपरोक्त भाग में आपने पातालपुरम् की कुछ घटनाओं के बारे में पढ़ा। पातालपुरम में क्या हो रहा है? आप शायद जिलाधीश, चिकित्सा अधिकारी जैसे अधिकारियों के नामों से परिचित भी होंगे। परंतु क्या आपने विधायक और विधानसभा के यह समस्या इतनी गंभीर क्यों है? बारे में सुना है? क्या आप अपने क्षेत्र के विधायक यानी एम.एल.ए. से । परिचित हैं? क्या आपको पता है कि वे किस पार्टी के हैं? आपके विचार से उपर्युक्त स्थिति में क्या कदम उठाए जा सकते हैं या क्या किया जा सकता है और आपके विधानसभा के सदस्य को ‘विधायक' (एम.एल.ए.) कहा जाता अनुसार किसे यह कार्य करना चाहिए। है। एम.एल.ए., ‘मेम्बर ऑफ लेजिस्लेटिव असेंबली' का संक्षिप्त रूप । आप इस बारे में क्या सोचते हैं? अध्याय 3 - राज्य शासन कैसे काम करता है। 31 2015-16 (12-01-15) अपने शिक्षक के साथ इन शब्दावलियों है। एम.एल.ए का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है। फिर वे पर चर्चा कीजिए- आमसभा, भारत के लेजिस्लेटिव असेंबली के मेंबर यानी विधानसभा के सदस्य बन जाते राज्य, निर्वाचन क्षेत्र, बहुमत, सत्तारूढ़ । हैं और सरकार बनाते हैं। इस प्रकार से हम कह सकते हैं कि दल और विरोधी दल। विधायक जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। नीचे दिए गए उदाहरण से यह बात और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। क्या आप अपने राज्य के संदर्भ में । इनके उदाहरण दे सकते हैं- बहुमत, । भारत के हर राज्य में एक विधानसभा है। हर राज्य कई निर्वाचन सत्तारूढ़ दल और विरोधी दल? क्षेत्रों में बँटा हुआ है। उदाहरण के लिए, यहाँ दिए गए मानचित्र को देखिए। इसमें दर्शाया गया है कि हिमाचल प्रदेश 68 निर्वाचन क्षेत्रों में बँटा है। हर निर्वाचन क्षेत्र से जनता एक प्रतिनिधि चुनती है, जो विधानसभा का सदस्य यानी विधायक बन जाता है। आपने ध्यान दिया होगा कि चुनाव में लोग अलग-अलग पार्टियों के नाम से खड़े होते हैं। इसलिए ये विधायक अलग-अलग राजनीतिक दलों के होते हैं। |जो लोग विधायक होते हैं, वे मंत्री या मुख्यमंत्री कैसे बन जाते हैं? जिस राजनीतिक दल के विधायक आधे से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत जाते हैं, राज्य में उस दल को बहुमत में माना जाता है। बहुमत प्राप्त करने वाले राजनीतिक दल को सत्ता पक्ष और अन्य सबको विरोधी पक्ष वाला कहा जाता है। उदाहरण के लिए हिमाचल प्रदेश की विधासभा में विधायकों के 68 निर्वाचन क्षेत्र हैं। जम्मू और कश्मीर * आंध्र प्रदेश राज्य के पुनर्गठन के बाद, 2 जून 2014 को तेलंगाणा भारत का 29वाँ राज्य बना। ऊपर दिए गए नक्शे में हिमाचल प्रदेश को हरे रंग से दिखाया गया है। इस पुस्तक के पृष्ठ 123 पर दिए गए भारत के नक्शे में पेंसिल से इनकी आकृति बनाइए- {t) आप जिस राज्य में रहते हैं उसकी (ii) हिमाचल प्रदेश राज्य की। पंजाब उत्तराखंड 32 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन 2015-16 (12-01-15) हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के वर्ष 2003 के परिणाम राजनीतिक दल | सदस्यों की संख्या 43 16 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई.एन.सी.) भारतीय जनता पार्टी (बी.जे.पी.) अन्य राजनीतिक दल निर्दलीय (जो किसी पार्टी के नहीं हैं) कुल योग ८ ६ ॥ विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने 2003 का विधानसभा अपने प्रदेश के बारे में वैसे आँकड़े चुनाव जीता और वे विधायक बन गए। विधानसभा में कुल विधायकों पता कीजिए, जैसे आपने हिमाचल । की संख्या 68 है। इसलिए बहुमत प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रदेश की तालिका में देखें। उन्हें एक राजनीतिक दल को 34 से अधिक विधायकों की आवश्यकता होगी। 4 से अधिक विधायकों की आवश्यकता होगी। तालिका के रूप में दर्शाइए। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 43 विधायक होने के कारण उन्हें बहुमत । मिल गया और वे सत्ताधारी दल के सदस्य बन गए। अन्य सब राज्य का प्रमुख ‘राज्यपाल' कहलाता विधायक विरोधी दल के सदस्य बन गए। इस उदाहरण में भारतीय है। उसकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा जनता पार्टी मुख्य विरोधी दल बनी, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती बाद सर्वाधिक विधायक उसी के थे। विरोधी पक्ष में अन्य पार्टियाँ भी है कि राज्य सरकार संविधान के थीं और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी थे, जो चुनाव जीतकर आए थे। नियमों-अधिनियमों के अनुसार अपना कामकाज चलाए। चुनाव के बाद सत्ताधारी दल के विधायक अपने नेता का चुनाव करते हैं, जो मुख्यमंत्री बनता है। इस उदाहरण में कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने श्री वीरभद्रसिंह को अपना नेता चुना और वे मुख्यमंत्री बन कई बार सत्ताधारी दल किसी एक गए। इसके बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों का चयन करता है। चुनाव के बाद पार्टी का न होकर कई पार्टियों से राज्य का राज्यपाल मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है। मिलकर बनता है। इसे गठबंधन सरकार मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों का यह दायित्त्व है कि वे शासन के कहते हैं। अपने शिक्षक से इस विषय पर चर्चा कीजिए। विभिन्न विभागों या मंत्रालयों को चलाएँ। उनके अलग-अलग । कार्यालय होते हैं। विधानसभा ऐसा स्थान होता है जहाँ सभी विधायक, चाहे वे सत्ताधारी दल के हों अथवा विरोधी दल के, विभिन्न विषयों पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होते हैं। इस तरह कुछ विधायकों की दोहरी जिम्मेदारी हो जाती है- एक विधायक के रूप में और दूसरी मंत्री के रूप में। इसके बारे में हम आगे पढ़ेंगे। अध्याय 3 - राज्य शासन कैसे काम करता है। 33 2015-16 (12-01-15) विधानसभा में एक बहस आफ़रीन, सुजाता और उनके विद्यालय के कई अन्य विद्यार्थियों ने विधानसभा देखने के लिए राजधानी की यात्रा की। विधानसभा एक अत्यंत भव्य तथा प्रभावशाली भवन में स्थित थी। बच्चे बहुत उत्सुक थे। सुरक्षा जाँच के बाद उन्हें ऊपर ले जाया गया। ऊपर एक दर्शक दीर्घा थी जहाँ से वे नीचे के विशाल हॉल को देख सकते थे। हॉल में डेस्कों की अनेक कतारें लगी थीं। यह विधानसभा उन दिनों की किसी तत्कालीन समस्या पर बहस करने वाली थी। विधानसभा की बहसों में विधायक अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं, संबंधित विषय पर प्रश्न पूछ सकते हैं या सुझाव दे सकते हैं कि सरकार को इस संबंध में क्या करना चाहिए। सदस्य इस विषय पर जो भी प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहें, कर सकते हैं। इसके बाद मंत्री प्रश्नों के उत्तर देते हैं और सदन को आश्वस्त करते हैं कि ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं। | मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों को निर्णय लेने होते हैं और सरकार चलानी होती है। हम प्रायः उन निर्णयों के बारे में सुनते हैं या समाचार चैनलों अथवा समाचारपत्रों में उन्हें देखते व पढ़ते हैं। हालाँकि जो भी निर्णय लिए जाते हैं, उन्हें विधानसभा के सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया जाना होता है। लोकतंत्र में विधानसभा सदस्य, मंत्रियों व मुख्यमंत्री से प्रश्न पूछ सकते हैं, किसी महत्त्वपूर्ण विषय पर बहस कर सकते हैं, निर्णय ले सकते हैं कि धन कहाँ खर्च किया । जाना चाहिए, आदि। इस तरह मुख्य अधिकार उन्हीं का होता है। विधायक 1 - अखंडगाँव के मेरे निर्वाचन क्षेत्र में पिछले तीन हफ़्तों में हैजे के कारण 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मेरे विचार में सरकार के लिए यह बड़ी शर्मनाक स्थिति है। वह सरकार, जो अपने । को प्रौद्योगिकी में सर्वश्रेष्ठ घोषित कर रही है, हैज़ जैसी साधारण बीमारी को रोकने में असफल रही है। मैं स्वास्थ्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहूँगा कि वे स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाएँ। विधायक 2 - मेरा प्रश्न यह है कि सरकारी अस्पतालों की दशा इतनी खराब क्यों है? सरकार जिला अस्पतालों में डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मचारियों की ठीक से नियुक्ति क्यों नहीं कर रही? मैं यह भी जानना चाहूँगा कि सरकार इस स्थिति का सामना किस प्रकार करने जा रही 34 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन 2015-16 (12-01-15) है, जिससे लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हैं और यह संख्या बढ़ती ही जा रही है? अब यह महामारी का रूप ले चुकी है। विधायक ३ - मेरे निर्वाचन क्षेत्र तोलपट्टी में भी पानी की कमी की गंभीर समस्या है। औरतों को पानी लाने के लिए 3-4 किलोमीटर तक चलना पड़ता है। मैं जानना चाहूँगा कि पानी पहुँचाने के लिए कितने टैंकरों को काम में लगाया गया है? कितने कुँओं और तालाबों की सफ़ाई करवाकर उन्हें संक्रमण-मुक्त किया गया है? विधायक 4 - मुझे लगता है कि मेरे साथी समस्या को बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं। सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कदम उठाए हैं। पानी के टैंकरों को काम में लगा दिया गया है। ओ.आर.एस. के पैकेट बाँटे जा रहे हैं। सरकार लोगों की मदद के लिए भरसक प्रयास कर रही है। विधायक 5 - हमारे अस्पतालों में सुविधाओं की हालत बहुत खस्ता है। कई ऐसे अस्पताल हैं, जिनमें कोई डॉक्टर नहीं है और चिकित्सा कर्मचारी पिछले कई सालों से नियुक्त ही नहीं किए गए। है। दूसरे अस्पताल में डॉक्टर लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। यह क्या दिए गए चित्र में आप सत्ता पक्ष शर्मनाक स्थिति है। मेरे ख्याल से हालात बद से बदतर होते जा रहे। और विरोधी पक्ष के विधायकों को हैं। हम यह कैसे सुनिश्चित करने वाले हैं कि प्रभावित क्षेत्र के सब पहचान सकते हैं? सत्ता पक्ष के परिवारों तक ओ.आर.एस. के पैकेट पहुँच जाएँ? विधायकों को एक रंग से और विरोधी । पक्ष के विधायकों को दूसरे रंग से रंगिए। विधायक 6 - विरोधी पक्ष के सदस्य बिना वज़ह ही सरकार पर दोषारोपण कर रहे हैं। पिछली सरकार ने सफ़ाई पर कोई ध्यान नहीं दिया था। अब हमने कई बरसों से चारों तरफ फैले कूड़े को साफ़ कराने का अभियान शुरू किया है। 1 2 3 । 5 35 2015-16 (12-01-15) जो विधायक सोचते थे कि सरकार स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है, वे मुख्य रूप से क्या-क्या तर्क दे रहे थे? उक्त भाग में आपने विधानसभा में चल रही एक बहस के बारे में पढ़ा। सदस्य, सरकार द्वारा की गई या न की गई कार्रवाई पर बहस कर रहे थे। ऐसा इसलिए है, क्योंकि विधायक सामूहिक रूप से सरकार के काम के लिए उत्तरदायी होते हैं। सामान्य भाषा में ‘सरकार' शब्द से तात्पर्य शासन के विभिन्न विभागों और मंत्रियों से होता है, जो उनके प्रभारी हैं। इन सबका सामूहिक प्रमुख मुख्यमंत्री होता है। सही मायने में तो यही सरकार का कार्यकारी हिस्सा यानी कार्यपालिका कहलाता है। दूसरी तरफ़ सारे विधायक, जो विधानसभा में एकत्र होते हैं, विधायिका कहलाते हैं। विधायिका के रूप में वे सरकार के कार्यकारी हिस्से को काम करने का अधिकार देते हैं। और फिर उसके काम की जाँच भी करते हैं। जैसाकि आपने पाठ के प्रारंभ में देखा था, इन्हीं में से कार्यपालिका का प्रमुख या मुख्यमंत्री बनाया जाता है। यदि आप स्वास्थ्य मंत्री होते, तो उपर्युक्त चर्चा का उत्तर किस प्रकार देते? शासन की कार्यप्रणाली आपके विचार से क्या उपर्युक्त बहस कुछ अर्थों में उपयोगी रही? कैसे? । चर्चा कीजिए। व्याख्या कीजिए कि सरकार की । कार्यप्रणाली में एक सामान्य विधायक और उस विधायक में, जो मंत्री भी है, क्या अंतर है? केवल विधानसभा में ही सरकार के काम के बारे में टीका-टिप्पणी और सरकार से कार्रवाई करने की माँग नहीं की जाती। आप नियमित । रूप से अखबारों, टी.वी. चैनलों और अन्य संगठनों को सरकार के बारे में बातें करते देखते हैं। लोकतंत्र में अनेक माध्यमों द्वारा लोग अपने विचार व्यक्त करते हैं और कार्रवाई करते हैं। इसी तरह का एक तरीका यहाँ देखिए। विधानसभा में चर्चा होने के थोड़े ही समय बाद स्वास्थ्य मंत्री की प्रेसवार्ता की गई। इसमें विभिन्न समाचारपत्रों के प्रतिनिधि काफ़ी संख्या में आए। इसमें मंत्री और कुछ शासकीय अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया। इस प्रेसवार्ता में अखबारों के संवाददाताओं ने अनेक प्रश्न पूछे। इन चर्चाओं की रिपोर्ट विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित हुई। अगले पृष्ठ पर ऐसी ही एक रिपोर्ट दी गई है। अगले सप्ताह मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री पातालपुरम जिले के दौरे पर गए। उन्होंने उन परिवारों से भेंट की, जिनके रिश्तेदारों की मृत्यु हो गई थी। वे अस्वस्थ लोगों को देखने अस्पताल भी गए। सरकार ने इन परिवारों के लिए मुआवज़ा राशि की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विचार से समस्या केवल सफ़ाई की नहीं है, वरन् पीने के स्वच्छ पानी की कमी की भी है। उन्होंने कहा कि 36 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन 2015-16 (12-01-15) पात हैजे को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार द्वारा किए गए दो उपाय लिखिए। सरकार ने कचरे की सुध ली... मुख्यमंत्री ने किया धनराशि का वादा पातालपुरम| रवि आहुजा कि उनकी मंशा पानी के टैंकरों पिछले कुछ सप्ताहों में राज्य। द्वारा हर गाँव में पीने का पानी के कुछ जिलों में अनेक लोग पहुँचाने की है। मुख्यमंत्री ने मौत का शिकार हो चुके हैं। इस कार्य के लिए धन उपलब्ध इस बात पर तीव्र प्रतिक्रिया कराने का वचन दिया है। हुई है कि सरकार ने स्थिति उनकी योजना एक जन । को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया अभियान चला कर लोगों को है। आज हुई प्रेसवार्ता में स्वास्थ्य यह जानकारी देने की भी है। मंत्री ने बताया कि उनकी कि किन उपायों द्वारा हैजे से । सरकार ने सभी जिलाधीशों तथा बचा जा सकता है। जब एक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों पत्रकार ने उनसे पूछा कि महीनों को आवश्यक कदम उठाने से जमा कचरे को जल्दी हटाने हेतु निर्देश दिए हैं। सबसे के लिए क्या किया जा रहा महत्त्वपूर्ण समस्या पीने के पानी है, तो उन्होंने कहा कि वे इस । की है। मंत्री महोदय ने कहा बारे में देखेंगे... प्रेसवार्ता का क्या उद्देश्य है? प्रेसवार्ता आपको सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में किस प्रकार सहायक होती है? एक उच्चस्तरीय जाँच समिति गठित की जाएगी, जो सफ़ाई सुविधाओं के लिए ज़िले की जरूरतों के बारे में विचार करेगी और लोक निर्माण मंत्री को दिशा-निर्देश देगी; ताकि वे क्षेत्र में पानी की उचित व्यवस्था पर ध्यान दे सकें। जैसा आपने ऊपर देखा, वे लोग जो सत्ता में हैं, जैसे-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री-उन्हें समस्याओं पर कार्रवाई करनी होती है। वे यह कार्य विभिन्न विभागों द्वारा करवाते हैं, जैसे-लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आदि। उन्हें विधानसभा में उठाए गए प्रश्नों का भी उत्तर देना होता है और प्रश्न करने वाले लोगों को आश्वस्त करना होता है कि उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ समाचारपत्रों व अन्य माध्यमों में भी इन विषयों पर चर्चा होती है, जिसका उत्तर सरकार को देना होता है- जैसे प्रेसवार्ता आयोजित करना। सरकार, सफ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए कानून बनाने का भी निर्णय ले सकती है। उदाहरण के लिए - वह कानून बनाकर हर नगर निगम के लिए यह अनिवार्य कर सकती है कि शहरी क्षेत्रों अध्याय 3 - राज्य शासन कैसे काम करता है। 37 2015-16 (12-01-15) में पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था हो। यह भी सुनिश्चित किया जा सकता है कि हर ग्राम में एक स्वास्थ्यकर्मी की नियुक्ति हो। किसी विषय पर कानून बनाने का यह कार्य प्रत्येक राज्य की विधानसभा द्वारा किया जाता है। इसके पश्चात् विभिन्न शासकीय विभाग इन कानूनों का क्रियान्वयन करते हैं। पूरे देश के लिए कानून संसद में बनाए जाते हैं। संसद के बारे में आप अगले वर्ष पढ़ेंगे।। लोकतंत्र में विधायकों (एम.एल.ए.) के रूप में जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है और इस तरह शासन मुख्यत: जनता का ही होता है। फिर सत्ता पक्ष के सदस्य सरकार बनाते हैं और कुछ सदस्यों को मंत्री बनाया जाता है। ये मंत्री सरकार के विभिन्न विभागों के प्रभारी होते हैं, जैसे-ऊपर दिए गए उदाहरण में स्वास्थ्य विभाग। इन विभागों द्वारा जो भी कार्य किया जाता है, उसे विधायिका द्वारा अनुमोदित या स्वीकृत कराया जाता है। लोकतंत्र में लोग अपना मत व्यक्त करने और सरकार का विरोध करने के लिए सभाएँ आयोजित करते हैं। 2015-16 (12-01-15) विभाग का नाम उनके कार्यों के उदाहरण स्कूल शिक्षा विभाग लोक निर्माण विभाग कृषि विभाग वॉलपेपर की परियोजना अपने शिक्षक की सहायता से पता लगाइए कि उपरोक्त शासकीय विभाग वॉलपेपर एक मजेदार गतिविधि है, जिसके माध्यम से रुचि के क्या काम करते हैं और उन्हें तालिका । किसी विषय पर शोध किया जा सकता है। यहाँ जो तसवीरें गईं में दिए गए रिक्त स्थानों में भरिए। हैं, वे कक्षा में वॉलपेपर बनाने के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत । करती हैं। शिक्षिका चुने गए विषय का पूरी कक्षा को परिचय देती हैं और संक्षिप्त चर्चा करके कक्षा को कुछ समूहों में बाँट देती हैं। समूह उस मुद्दे पर चर्चा करता है और तय करता है कि वॉलपेपर में क्या-क्या रखना चाहेगा। इसके बाद बच्चे अपने-आप या दो-दो की जोड़ी में इकट्ठी की गई सामग्री को पढ़ते हैं और अपने अनुभवों और विचारों को लिखते हैं। इसके लिए वे कविताओं, कहानियों, साक्षात्कारों, विवरणों आदि की रचना कर सकते हैं। जो भी सामग्री चुनी गई, बनाई गई या लिखी गई, उसे समूह के लोग मिलकर देख लेते हैं। वे एक-दूसरे के लिखे हुए को पढ़ते हैं और अपने सुझाव देते हैं। वे । मिल कर यह तय करते हैं कि वॉलपेपर में क्या-क्या जाएगा और फिर उसका ले-आउट बनाते हैं। अध्याय 3 - राज्य शासन कैसे काम करता है। 39 2015-16 (12-01-15) इसके बाद प्रत्येक समूह अपना वॉलपेपर पूरी कक्षा के सामने प्रस्तुत करता है। यह महत्त्वपूर्ण है कि समूह के एक से अधिक सदस्य को प्रस्तुत करने को कहा जाए और सभी समूहों को अपना काम बताने के लिए बराबर का समय मिले। जब सभी समूह अपना प्रस्तुतीकरण कर लें, तो समीक्षा के लिए ऐसे प्रश्न पूछना अच्छा रहता है- अपने-आप वे और क्या-क्या कर सकते थे? क्या करने से उनका काम और ज्यादा व्यवस्थित हो जाता? लेखन और प्रस्तुतीकरण में सुधार के लिए क्या किया जा सकता था? सन् 2006 में डेंगू की महामारी के विषय में यह वॉलपेपर कक्षा 6 बी, केंद्रीय विद्यालय, क्रंमाक 2, हिन्डन, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों ने बनाया था। अपने राज्य की सरकार के कार्य से जुड़े किसी अन्य मुद्दे पर ऐसा ही वॉलपेपर निकालने की एक परियोजना करो, जैसे ज्वर की महामारी, कोई शिक्षा कार्यक्रम, कानून और व्यवस्था का कोई विषय, मध्याह्न भोजन कार्यक्रम आदि। 40 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन 2015-16 (12-01-15) 1. निर्वाचन क्षेत्र व प्रतिनिधि शब्दों का प्रयोग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि विधायक कौन होता है और उसका चुनाव किस प्रकार होता है? 2. कुछ विधायक मंत्री कैसे बनते हैं? स्पष्ट कीजिए। 3. मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों पर विधानसभा में बहस क्यों होनी चाहिए? 4. पातालपुरम में क्या समस्या थी? निम्नलिखित के द्वारा इस विषय में क्या चर्चा या कार्य किए गए? निम्न तालिका में भरिए - आम सभा विधानसभा प्रेसवार्ता मुख्यमंत्री 5. विधानसभा सदस्य द्वारा विधायिका में किए गए कार्यों और शासकीय विभागों द्वारा किए गए कार्यों के बीच क्या अंतर है? शब्द-संकलन निर्वाचन क्षेत्र - इसका तात्पर्य एक निश्चित क्षेत्र से है, जहाँ रहने वाले सब मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। उदाहरण के लिए, यह कोई पंचायत का वार्ड या वह क्षेत्र हो सकता है, जो विधानसभा सदस्य चुनता है। बहुमत - इसका आशय ऐसी स्थिति से है, जब किसी समूह के आधे से अधिक संख्या में लोग किसी निर्णय या विचार से सहमत हों। इसे साधारण बहुमत भी कहा जाता है। विरोधी पक्ष - इसका तात्पर्य उन चुने हुए प्रतिनिधियों से है, जो सत्ता पक्ष के सदस्य नही हैं और जिनकी भूमिका सरकारी निर्णयों और कार्यों पर प्रश्न उठाने और विधानसभा में विचार के लिए नए मुद्दे उठाने की होती है। प्रेसवार्ता - मीडिया से संबंधित पत्रकारों का ऐसा समूह, जिसे किसी विषय पर अपना पक्ष बताने और उस पर प्रश्न पूछने के लिए आमंत्रित किया गया हो। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे मीडिया के माध्यम से इसके बारे में बड़े जनसमूह को बताएँगे। अध्याय 3 - राज्य शासन कैसे काम करता है. 41 2015-16 (12-01-15)

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