दो या अध्िक सेलों की बैटरियाँ बनाने के लिए आप सेल होल्डर बाजार से भी खरीद सकते हैं। इनमें़सेलों को उचित ढंग से इस प्रकार व्यवस्िथत कीजिए कि एक सेल का ध्न टमिर्नल दूसरे सेल के )ण टमिर्नल से संयोजित हो। चित्रा 14.5 में दशार्ए अनुसार सेल होल्डर की धतु की दो क्िलपों में प्रत्येक के साथ तार का एक टुकड़ा संयोजित कीजिए। आपकी बैटरी उपयोग के लिए तैयार है। चित्रा 14.5 दो सेलों की बैटरी किसी बैटरी को निरूपित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला प्रतीक, सारणी 14.1 में दशार्या गया है। आइए, अब हम सारणी 14.1 में दशार्ए गए प्रतीकों का उपयोग करके किसी विद्युत परिपथ का परिपथ आरेख खीचें। ियाकलाप 14.1 चित्रा 14.7 में दशार्ए अनुसार विद्युत परिपथ बनाइए। आपने कक्षा 6 में इस प्रकार के परिपथ का उपयोग एक बल्ब को दीप्त करने के लिए किया था। क्या आपको याद है कि बल्ब केवल तभी दीप्त होता है, जब स्िवच ‘आॅन’ की स्िथति में होता है। जैसे ही स्िवच ‘आॅन’ की स्िथति में पहुँचता है, वैसे ही बल्ब दीप्त हो जाता है। चित्रा 14.8 चित्रा 14.7 में दशार्ए गए विद्युत परिपथ का परिपथ आरेख विद्युत धरा और इसके प्रभाव 171 चित्रा 14.12 विद्युत बल्ब का दीप्त तंतु तंतु इतने उच्च ताप तक तप्त हो जाते हैं कि दीप्त होकर प्रकाश देना आरंभ कर देते हैं ;चित्रा 14.12द्ध। यदि किसी तार से बड़े परिमाण की विद्युत धरा प्रवाहित होती है, तो तार इतना अध्िक तप्त हो सकता है कि वह पिघलकर टूट जाएगा। परंतु क्या यह संभव है कि कोइर् तार पिघलकर टूट जाए? आइए, इसका परीक्षण करें ियाकलाप 14.4 जिस विद्युत परिपथ का उपयोग हमने ियाकलाप 14.3 में किया था, उसे पिफर से बनाइए। परंतु इस बार सेल के स्थान पर चार सेलों की बैटरी का उपयोग कीजिए। साथ ही, नाइक्रोम तार के स्थान पर इस्पात ऊणर् ;स्टील वूलद्ध का तार ;या पतली लड़ीद्ध बाँिाए ;इस्पात ऊणर् के जूने का उपयोग प्रायः रसोइर्घरों में ़बतर्नों को सापफ करने में होता है तथा यह किराने की दुकानों पर उपलब्ध् होता हैद्ध। यदि कमरे में विद्युत पंखा चल रहा हो, तो उसका स्िवच ‘आॅपफ’ कर दीजिए। वुफछ समय के लिए परिपथ से विद्युत धरा प्रवाहित करिए। इस्पात ऊणर् के तार अथवा लड़ी का ध्यान से प्रेक्षण कीजिए। नोट कीजिए, क्या होता है। क्या इस्पात ऊणर् का तार या लड़ी पिघलकर टूटती है? विद्युत बल्बों का उपयोग प्रकाश के लिए किया जाता है। परंतु बल्ब ऊष्मा भी देते हैं, जो वांछनीय नहीं है। इससे विद्युत की क्षति होती है। इस क्षति को बल्बों के स्थान पर प्रतिदीप्त नलिकाओं ;फ्ऱलोरेसेंट ट्यूब लाइटद्ध का उपयोग करके कम किया जा सकता है। संहत प्रतिदीप्त लैम्प ;ब्थ्स्ेद्ध भी विद्युत की क्षति में कमी करते हैं तथा इन्हें सामान्य बल्ब होल्डरों में लगाया जा सकता है। चित्रा 14.13 प्रतिदीप्त नलिकाएँ तथा ब्थ्स्े तथापि बल्बों, प्रतिदीप्त नलिकाओं अथवा ब्थ्स्े को क्रय करने से पहले इन पर भारतीय मानक ब्यूरो के प्ैप् चिÉ को देखना चाहिए। वास्तव में किसी भी विद्युत साध्ित्रा का क्रय करने से पूवर् इस चिÉ को अवश्य देखना चाहिए। प्ैप् चिÉ यह सुनिश्िचत करता है कि साध्ित्रा के निमार्ण में सुरक्षा संबंध्ी सभी शतो± का ध्यान रखा गया है तथा इसके उपयोग में ऊजार् की क्षति न्यूनतम होगी। विज्ञान

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