6 भौतिक एवं रासायनिक परिवतर्न दैनिक जीवन में हमें अपने आस - पास बहुत से परिवतर्न दिखाइर् देते हैं। इन परिवतर्नों में एक या अध्िक पदाथर् सम्िमलित हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपकी माताजी आपसे शीतल पेय बनाने के लिए पानी में शक्कर घोलने के लिए कहती हैं। शक्कर का विलयन बनाना एक परिवतर्न है। इसी प्रकार दूध् से दही जमाना एक अन्य परिवतर्न है। कभी - कभी दूध् ख‘ा हो जाता है। दूध् का ख‘ा होना भी एक परिवतर्न है। खींचा हुआ रबड़ बैंड भी किसी परिवतर्न को प्रदश्िार्त करता है। ऐसे दस परिवतर्नों की सूची बनाइए, जिन्हें आप अपने आस - पास देखते हैं। इस अध्याय में हम वुफछ ियाकलाप करके इनपरिवतर्नों की प्रकृति का अध्ययन करेंगे। व्यापक रूप से, ये परिवतर्न दो प्रकार के होते हैं - भौतिक और रासायनिक। 6.1 भौतिक परिवतर्न ियाकलाप 6.1 कागज़्ा के एक टुकड़े को चार वगार्कार टुकड़ों में काटिए। अब प्रत्येक वगर् को पुनः चार टुकड़ों में काटिए। इन टुकड़ों को पफशर् अथवा किसी मेज़्ा़पर इस प्रकार लगाइए, जिससे ये टुकड़े परस्पर जुड़कर कागज़्ा के टुकड़े का मूल आकार ले लें ;चित्रा 6.1द्ध। स्पष्ट रूप से, आप टुकड़ों को पुनः जोड़कर मूल टुकड़ा नहीं बना सकते, लेकिन क्या कागज़्ा के गुण में कोइर् परिवतर्न हुआ है? ियाकलाप 6.2 अपनी कक्षा के ब्लैकबोडर् के आस - पास प़्ाफशर् पर गिरे चाॅक पाउडर को एकत्रिात कर लें अथवा चाॅक के एक छोटे टुकड़े का चूणर् ;पाउडरद्ध बना लें। इस पाउडर में थोड़ा जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चाॅक के आकार में बेलकर सूखने दें। क्या आप चाॅक के चूणर् से पिफर चाॅक बना सकते हैं? ियाकलाप 6.3 काँच या प्लास्िटक के कटोरे में थोड़ी बप़्ार्फ लीजिए। बप़्ार्फ के थोड़े - से भाग के पिघलने तक बतर्न को ध्ूप में रखें। अब आपके पास बप़्ार्फ और जल का मिश्रण होगा। अब कटोरे को हिमकारी मिश्रण ;बप़्ार्फ और नमकद्ध में रख दें। क्या जल पिफर से ठोस बप़्ार्फ बन गया? कि घर में रखी वुफल्हाड़ी, हथौड़ा आदि को वायु में वुफछ दिनों तक खुला रख देने पर उनमें जंग लग जाती है। रसोइर् में लोहे का गीला तवा वुफछ समय तक खुला छोड़ देने पर उसमें जंग लग जाती है। जंग लोहा नहीं है। जंग उस पदाथर् ;लौहद्ध से भ्िान्न होती है, जिस पर यह लगती है। आइए, हम वुफछ ऐसे और परिवतर्नों पर विचार करें जिनमें नए पदाथर् निमिर्त होते हैं। ियाकलाप 6.6 ;श्िाक्षक द्वारा निद£शत किए जाने के लिएद्ध सावधनी मैग्नीश्िायम के जलते हुए पफीते ;अथवा तारद्ध की ओर लंबी अवध्ि तक देखना हानिकारक होता है। श्िाक्षकों को बच्चों को बताना चाहिए कि वे जलते हुए मैग्नीश्िायम की ओर अध्िक समय तक टकटकी लगाकर न देेखें। मैग्नीश्िायम की पतली प‘ी ;पफीताद्ध अथवा तार का टुकड़ा लीजिए। इसके सिरों को रेगमाल से सापफ़पदाथर् आयरन सल्पेफट के बनने के कारण होता है। लोहे की कील पर भूरा निक्षेप काॅपर या ताँबे की परत के कारण होता है, जो एक अन्य नया पदाथर् है। हम इस अभ्िािया को निम्न प्रकार से व्यक्त कर सकते हैंः काॅपर सल्पेफट विलयन ;ब्नैव्द्ध;नीला थोथाद्ध$लोहा ;थ्मद्ध→4 आयरन सल्पेफट विलयन ;थ्मैव्द्ध;हराद्ध ़ काॅपर ;ब्नद्ध4 ;भूरा निक्षेपद्ध ियाकलाप 6.8 किसी परखनली में लगभग एक चम्मच सिरका लीजिए। इसमें चुटकी भर खाने का सोडा डालिए। आपको एक बुदबुदाहट की ध्वनि सुनाइर् देगी और गैस के बुलबुले बाहर निकलते दिखाइर् देंगे। इस गैस को चित्रा 6.5 में दिखाइर् गइर् व्यवस्था के अनुसार ताजे बने चूने के पानी में से गुजारिए ;चूने का पानी तैयार करने की वििा अध्याय 5 में बताइर् गइर् हैद्ध। चूने के पानी में क्या परिवतर्न होता है? परखनली में परिवतर्न निम्न प्रकार से होते हैंः सिरका ;ऐसीटिक अम्लद्ध$खाने का सोडा ;सोडियम हाइड्रोजन काबोर्नेटद्ध → काबर्न डाइआॅक्साइड ;ब्व्द्ध ़ अन्य पदाथर्2काबर्न डाइआॅक्साइड और चूने के पानी के बीच अभ्िािया निम्न प्रकार से होती हैः काबर्न डाइआॅक्साइड ;ब्व्द्ध ़चूने का पानी ख्ब्ं;व्भ्द्ध, →2 2वैफल्िसयम काबोर्नेट ;ब्ंब्व्द्ध़ जल ;भ्व्द्ध32जब काबर्न डाइआॅक्साइड को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो वैफल्िसयम काबोर्नेट बनता है, जिससे चूने का पानी दूध्िया हो जाता है। चूने के पानी का दूध्िया हो जाना काबर्न डाइआॅक्साइड का मानक परीक्षण है। आप इसका उपयोग अध्याय 10 में यह दिखाने के लिए करेंगे कि हम श्वसन में जो वायु बाहर निकालते हैं उसमें काबर्न डाइआॅक्साइड की मात्रा अध्िक होती है। ियाकलाप 6.6 से 6.8 में आपने देखा कि प्रत्येक परिवतर्न में एक या अध्िक नए पदाथर् बने थे। ियाकलाप 6.6 में मैग्नीश्िायम को जलाने पर बनने वाली भस्म एक नया पदाथर् थी। ियाकलाप 6.7 में काॅपर सल्पेफट की लोहे के साथ अभ्िािया से आयरन सल्पेफट और काॅपर बने थे। ये दोनों नए पदाथर् थे। काॅपर, लोहे के ब्लेड पर निक्षेपित हो गया था। ियाकलाप 6.8 में सिरका और खाने के सोडे की अभ्िािया से काबर्न डाइआॅक्साइड बनी थी, जिसने चूने के पानी को दूिाया कर दिया था। क्या आप इस अभ्िािया में बनने वाले नए पदाथर् का नाम बता सकते हैं? वह परिवतर्न, जिसमें एक अथवा एक - से अिाक नए पदाथर् बनते हैं, रासायनिक परिवतर्न कहलाता है। रासायनिक परिवतर्न को रासायनिक अभ्िािया भी कहते हैं। रासायनिक परिवतर्न हमारे जीवन में अत्यध्िक महत्वपूणर् हैं। सभी नए पदाथर् रासायनिक परिवतर्नों के परिणामस्वरूप ही बनते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी अयस्क में से धतु का निष्कषर्ण करना हो, जैसे लौह अयस्क से लोहे का, तो हमें निश्िचत क्रम में रासायनिक परिवतर्न करने पड़ते हैं। औषध्ि भी रासायनिक अभ्िाियाओं की शृंखला का अन्त्योउत्पाद होती है। उपयोगी नए पदाथर् जैसे, प्लास्िटक और अपमाजर्कों ;डिटजे±ट्सद्ध को रासायनिक अभ्िाियाओं द्वारा ही बनाया जाता है। वास्तव में, प्रत्येक नए पदाथर् की खोज रासायनिक परिवतर्नों का अध्ययन करके की गइर् है। हमने देखा कि रासायनिक परिवतर्न में एक या एक - से अध्िक नए पदाथर् निमिर्त होते हैं। नए उत्पादों ;पदाथो±द्ध के अतिरिक्त, रासायनिक परिवतर्न में निम्न घटनाएँ भी हो सकती हैं। ऽ ऊष्मा, प्रकाश अथवा किसी अन्य प्रकार के विकिरण ;उदाहरण के लिए, पराबैंगनीद्ध का निमुर्क्त ;बाहर निकलनाद्ध अथवा उनका अवशोष्िात होना। ऽ ध्वनि का उत्पन्न होना। ऽ गंध् में परिवतर्न होना अथवा किसी नइर् गंध् का बनना। ऽ रंग में परिवतर्न होना। ऽ किसी गैस का बनना। आइए, अब हम वुफछ अन्य उदाहरणों पर विचार करते हैं। आपने देखा कि मैग्नीश्िायम के पफीते का जलना एक रासायनिक परिवतर्न है। कोयला, लकड़ी अथवापिायों का जलना भी रासायनिक परिवतर्न है। वास्तव में, किसी भी पदाथर् का जलना एक रासायनिकपरिवतर्न है। जलने के साथ सदैव ऊष्मा का उत्पादन होता है। पटाखों का विस्पफोट एक अन्य रासायनिक परिवतर्नहै। आप जानते हैं कि ऐसे विस्पफोट से ऊष्मा, प्रकाश, ध्वनि और अरुचिकर गैसें उत्पन्न होती हैं, जो वायुमंडल को प्रदूष्िात करती हैं। इसलिए आपको पटाखे न जलाने की सलाह दी जाती है। जब भोजन - सामग्री बासी हो जाती है अथवा सड़ - गल जाती है, तो उसमें से दुग±ध् आने लगती है। क्या हम इस परिवतर्न को रासायनिक परिवतर्न कह सकते हैं? अध्याय 5 में, आपने अम्ल और क्षारक को परस्पर मिलाकर उदासीन किया था। क्या उदासीनीकरण की अभ्िािया रासायनिक परिवतर्न है? 6.3 लोहे में जंग लगना आइए, हम जंग लगने की घटना पर पुनः विचार करते हैं। यह एक ऐसा परिवतर्न है, जो लोहे की वस्तुओं को प्रभावित करता है और ध्ीरे - ध्ीरे उन्हें नष्ट कर देता है। चूँकि लोहे का उपयोग सेतु ;पुलद्ध, जहाज़्ा, कार, ट्रक आदि का ढाँचा बनाने और अन्य कइर् वस्तुओं को बनाने के लिए किया जाता है, अतः जंग लगने के कारण होने वाली आथ्िार्क हानि बहुत अिाक होती है। जंग लगने की प्रिया को निम्नलिख्िात समीकरण द्वारा व्यक्त किया जा सकता हैः लोहा ;थ्मद्ध़ आॅक्सीजन ;व्, वायु सेद्ध़ जल ;भ्व्द्ध22→ जंग ;आयरन आॅक्साइड, थ्मव्द्ध23जंग लगने के लिए आॅक्सीजन और जल ;अथवा जलवाष्पद्ध दोनों की उपस्िथति अनिवायर् है। वास्तव में, यदि वायु में आद्रर्ता की मात्रा अध्िक हो, अथार्त् नमी अध्िक हो, तो जंग जल्दी लगती है। हम जंग लगने से रोकथाम वैफसे करते हैं? लोहे की वस्तुओं को आॅक्सीजन अथवा जल अथवा दोनों के संपवर्फ में आने से बचाकर ही ऐसा किया जा सकता है। इसका एक सरल उपाय उन पर पेंट अथवा ग्रीज़्ा की एक परत चढ़ाना है। वास्तव में, लोहे की सभी वस्तुओं पर नियमित रूप से पेंट अथवा ग्रीज़्सावधनी केवल तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल का ही उपयोग करें। जल को उबालते समय सतवर्फ रहें। ा की परत चढ़ाते रहना चाहिए, जिससे उनमें जंग लगने कोरोका जा सके। एक अन्य उपाय लोहे के ऊपर क्रोमियम अथवा जस्ता ;जिंकद्ध जैसी किसी धतु की परत चढ़ाना है। लोहे पर जिंक की परत चढ़ाने का ियाकलाप 6.9 ियाकलाप 6.9 में अम्ल का उपयोग किया जाना है।प्रक्रम यशद- लेपन ;गैल्वेनाइजेशनद्ध कहलाता है। अपने ्अतः इसे श्िाक्षक की उपस्िथति में किया जाए।घरों में पानी की आपूतिर् के लिए उपयोग होने वाले लोहे के पाइप यशद् - लेपित होते हैं, जिससे उनमें जंग नहीं लगता। क्या आप जानते हैं कि पानी के शहाज लोहे के किसी बीकर में लगभग एक कप जल लीजिए औरउसमें तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल की वुफछ बूँदें मिलाइए। जल को गमर् कीजिए। जब जल उबलना आरंभ कर दे, तो इसमें ध्ीरे - ध्ीरे काॅपर सल्पेफट का चूणर् निरंतरबने होते हैं और उनका एक भाग हमेशा पानी में डूबारहता है। पानी के ऊपर के भाग पर भी जल की बूँदें गिरती रहती हैं। यही नहीं, समुद्र के पानी में अनेक लवण भी पाए जाते हैं। लवणयुक्त जल, जंग लगने के चलाते हुए मिलाएँ ;चित्रा 6.6द्ध। काॅपर सल्पेफट का चूणर् मिलाना तब तक जारी रखें, जब तक कि उसमें और काॅपर सल्पेफट घोलना संभव न हो। विलयन को पिफल्टर पेपर की सहायता से छान लीजिए। इसे ठंडाप्रक्रम की दर को बढ़ा देते हैं। अतः, जहाज़्ाों पर पेंट होने दीजिए। जब विलयन ठंडा हो रहा हो, तो उसेकरने के बाद भी उन्हें जंग लगने से कापफी क्षति होती हिला - डुलाकर या अन्य किसी प्रकार न छेडे़ं। वुफछहै। यही नहीं, जहाजों के लोहे के वुफछ भाग को़समय बाद विलयन को देख्िाए। क्या आपको काॅपरबदलना प्रतिवषर् आवश्यक हो जाता है। क्या आप सल्पेफट के िस्टल दिखाइर् देते हैं? यदि नहीं, तो वुफछविश्व में जंग लगने से होने वाली वुफल आथ्िार्क हानि की कल्पना कर सकते हैं? और समय तक प्रतीक्षा कीजिए। आपने भौतिक और रासायनिक परिवतर्नों के बारेस्टेनलेस स्टील लोहे में काबर्न और क्रोमियम, निवैफल में पढ़ा। अपने आस - पास दिखाइर् देने वाले परिवतर्नोंतथा मैंगनीज जैसी धतुओं को मिलाकर बनाया जाता को भौतिक अथवा रासायनिक परिवतर्नों के रूप मेंहै। इसमें जंग नहीं लगती है। पहचानने का प्रयास कीजिए।6.4 िस्टलीकरण कक्षा टप् में आपने पढ़ा था कि साधरण नमक ;लवणद्ध को समुद्रजल के वाष्पन द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार प्राप्त होने वाला नमक शु( नहीं होता है और उसके िस्टल छोटे होते हैं। इस प्रकार प्राप्त नमक के िस्टलों के आकार को स्पष्ट रूप से नहीं देखा जा सकता है। तथापि, किसी पदाथर् के शु( तथा बड़ी आमाप के िस्टल उनके विलयन से प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रिया िस्टलीकरण कहलाती िस्टलहै। यह भौतिक परिवतर्न का एक उदाहरण है। चित्रा 6.6 काॅपर सल्पेफट के िस्टल प्रमुख शब्द रासायनिक परिवतर्न िस्टलीकरण रासायनिक अभ्िािया यशद् - लेपन जंग लगना आपने क्या सीखा अभ्यास 1.निम्नलिख्िात प्रक्रमों के अंतगर्त होने वाले परिवतर्नों को भौतिक अथवा रासायनिकपरिवतर्न के रूप में वगीर्कृत कीजिए। ;कद्ध प्रकाश संश्लेषण ;खद्ध जल में शक्कर को घोलना ;गद्ध कोयले को जलाना ;घद्ध मोम को पिघलाना ;चद्ध ऐलुमिनियम के टुकड़े को पीटकर उसका पतला पत्रा ;पफाॅइलद्ध बनाना। ;छद्ध भोजन का पाचन 2. बताइए कि निम्नलिख्िात कथन सत्य हैं अथवा असत्य। यदि कथन असत्य हो तो, अपनी अभ्यास पुस्ितका में उसे सही करके लिख्िाए। ;कद्ध लकड़ी के लऋे को टुकड़ों में काटना एक रासायनिक परिवतर्न है। ;सत्य/असत्यद्ध ;खद्ध पिायों से खाद का बनना एक भौतिक परिवतर्न है। ;सत्य/असत्यद्ध ;गद्ध जस्ते ;जिंकद्ध लेपित लोहे के पाइपों में आसानी से जंग नहीं लगती है। ;सत्य/असत्यद्ध ;घद्ध लोहा और जंग एक ही पदाथर् हैं। ;सत्य/असत्यद्ध ;चद्ध भाप का संघनन रासायनिक परिवतर्न नहीं है। ;सत्य/असत्यद्ध 3. निम्नलिख्िात कथनों में रिक्त स्थानों को भरिएμ ;कद्ध जब काबर्न डाइआॅक्साइड को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो यह- - - - - - - - - - - - - - - के बनने के कारण दूध्िया हो जाता है। ;खद्ध खाने के सोडे का रासायनिक नाम - - - - - - - - - - - - - - - है। ;गद्ध ऐसी दो विध्ियाँ, जिनके द्वारा लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है - - - - - - - - - - - - - - - , और - - - - - - - - - - - - - - - हैं। ;घद्ध ऐसे परिवतर्न भौतिक परिवतर्न कहलाते हैं, जिनमें किसी पदाथर् के केवल - - - - - - - - - - - - - - - गुणों में परिवतर्न होता है। ;चद्ध ऐसे परिवतर्न जिनमें नए पदाथर् बनते हैं, - - - - - - - - - - - - - - - परिवतर्न कहलाते हैं। 4. जब नींबू के रस में खाने का सोडा मिलाया जाता है, तो बुलबुले बनते हैं और गैस निकलती है। यह किस प्रकार का परिवतर्न है? समझाइए। 5.जब कोइर् मोमबत्ती जलती है, तो भौतिक और रासायनिक परिवतर्न दोनों होते हैं। इन परिवतर्नों की पहचान कीजिए। ऐसे ही किसी ज्ञात प्रक्रम का एक और उदाहरण दीजिए, जिसमें भौतिक और रासायनिक परिवतर्न दोनों होते हैं। 6. आप यह वैफसे दिखाएँगे कि दही का जमना एक रासायनिक परिवतर्न है। 7.समझाइए कि लकड़ी के जलने और उसे छोटे टुकड़ों में काटने को दो भ्िान्न प्रकार के परिवतर्न क्यों माना जाता है। 8. काॅपर सल्पेफट के िस्टल वैफसे बनाते हैं, इसका वणर्न कीजिए। 9.समझाइए कि लोहे के गेट को पेन्ट करने से उसका जंग लगने से बचाव किस कारण से होता है। 10.समझाइए कि रेगिस्तानी क्षेत्रों की अपेक्षा समुद्रतटीय क्षेत्रों में लोहे की वस्तुओं में जंग अिाक क्यों लगती है। 11.हम रसोइर् में जिस गैस का उपयोग करते हैं, वह द्रवित पेट्रोलियम गैस ;एल.पी.जीया स्च्ळद्ध कहलाती है। सिलिंडर में स्च्ळ द्रव के रूप में होती है। सिलिंडर से बाहर आते ही यह गैस में परिवतिर्त हो जाती है ;परिवतर्न ।द्धऋ पिफर यही गैस जलती है ;परिवतर्न ठद्ध। निम्नलिख्िात कथन इन परिवतर्नों से संबंध्ित हैं। सही कथन का चयन कीजिए। ;कद्ध प्रक्रम - । एक रासायनिक परिवतर्न है। ;खद्ध प्रक्रम - ठ एक रासायनिक परिवतर्न है। ;गद्ध प्रक्रम - । और प्रक्रम - ठ दोनों ही रासायनिक परिवतर्न हैं। ;घद्ध इनमें से कोइर् भी प्रक्रम रासायनिक परिवतर्न नहीं है। 12.अवायवीय जीवाणु जैविक अपश्िाष्ट पदाथो± को अपघटित कर जैव गैस ;बायोगैसद्ध बनाते हैं ;परिवतर्न - ।द्ध। पिफर जैव गैस ईंध्न के रूप में जलाइर् जाती है ;परिवतर्न - ठद्ध। निम्नलिख्िात कथन इन परिवतर्नों से संबंध्ित हैं। सही कथन चुनिए। ;कद्ध प्रक्रम - । एक रासायनिक परिवतर्न है। ;खद्ध प्रक्रम - ठ एक रासायनिक परिवतर्न है। ;गद्ध प्रक्रम - । और प्रक्रम - ठ दोनों ही रासायनिक परिवतर्न हैं। ;घद्ध इनमें से कोइर् भी प्रक्रम रासायनिक परिवतर्न नहीं है। विस्तारित अध्िगम - ियाकलाप और परियोजना कायर् 1 ऐसे दो परिवतर्नों का वणर्न कीजिए, जो हानिकारक हों। समझाइए कि आप उन्हें हानिकारक क्यों मानते हैं। आप उनकी रोक - थाम वैफसे कर सकते हैं? 2 चैड़े मुँह वाली काँच की तीन बोतलें लीजिए। उन पर ।ए ठए तथा ब् का चिÉ लगाइए। बोतल । को सामान्य नल के पानी से लगभग आध भर लीजिए। बोतल ठ को उसी स्तर तक वुफछ मिनट तक उबाले हुए जल से भर लीजिए, जहाँ तक बोतल । को भरा था। बोतल ब् में उसी उबले हुए जल को उसी मात्रा में लीजिए, जितनी अन्य बोतलों में ली थी। प्रत्येक बोतल में लोहे की एक जैसी वुफछ कीलों को डाल दीजिए, ताकि वे पूरी तरह से पानी में डूबी रहें। बोतल ब् के जल में एक चम्मच खाना पकाने का तेल डाल दें, ताकि पानी के ऊपर उसकी एक परत बन जाए। बोतलों को वुफछ दिनों तक ऐसे ही रखा रहने दें। प्रत्येक बोतल में से कीलों को निकालकर उनका अवलोकन करें। अपने प्रेक्षणों का कारण समझाएँ। 3 पिफटकरी के िस्टल बनाइए। 4 अपने क्षेत्रा में खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले विभ्िान्न किस्म के ईंधनों के बारे में जानकारी एकत्रिात कीजिए। अपने श्िाक्षकों, माता - पिता अथवा किसी व्यक्ित से इस बारे में चचार् कीजिए कि कौन से ईंध्न कम प्रदूषणकारी हैं और क्यों? क्या आप जानते हैं? दिल्ली मेें वुफतुबमीनार के पास एक लौह स्तम्भ ;चित्रा 6.7द्ध है,जो सात मीटर से अिाक ऊँचा है। इसका भार 6000 ाह से अिाक है। इसे 1600 वषर् से भी अध्िक पहले बनवाया गया था।इतने वषो± में भी इस पर जंग नहीं लगी है। इसके जंग प्रतिरोधकगुण और इसके आमाप की वजह से विश्व भर के सभी भागों केवैज्ञानिकों के द्वारा इसका परीक्षण किया गया है। इससे यह जानकारीमिलती है कि अब से 1600 वषर् पूवर् भारत में धातु प्रौद्योगिकी मेंकितना विकास हो चुका था। चित्रा 6.7 लौह स्तंभ का चित्रा

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