अपने दैनिक जीवन में हम नींबू, इमली, नमक, शक्कर और सिरके जैसे अनेक पदाथो± का उपयोग करते हैं। क्या इन सबका स्वाद एक समान होता है? आइए, हम सारणी 5.1 में सूचीब( किए गए वुफछ खाद्य पदाथो± के स्वाद पर ध्यान दें। यदि आपने इनमें से किसी भी पदाथर् का स्वाद नहीं चखा हो, तो उसे चख्िाए और परिणामों को सारणी 5.1 में लिख्िाए। सारणी 5.1 पदाथर् स्वाद ;ख‘ा/कड़वा/ कोइर् अन्यद्ध नींबू का रस संतरे का रस सिरका दही इमली शक्कर नमक आँवला खाने का सोडा अंगूर कच्चा आम आप देखेंगे कि इनमें से वुफछ पदाथो± का स्वाद ख‘ा, वुफछ का कड़वा, वुफछ का मीठा और वुफछ का नमकीन है। 5.1 अम्ल और क्षारक दही, नींबू का रस, संतरे का रस और सिरके का स्वाद ख‘ा होता है। इन पदाथो± का स्वाद ख‘ा इसलिए होता है, क्योंकि इनमें अम्ल ;एसिडद्ध होते हैं। ऐसे पदाथो±की रासायनिक प्रकृति अम्लीय होती है। एसिड शब्दकी उत्पिा लैटिन शब्द एसियर से हुइर् है, जिसका अथर् है ख‘ा। इन पदाथो± में पाए जाने वाले अम्लप्राकृतिक अम्ल होते हैं। खाने का सोडा ;बेकिंग सोडाद्ध वैफसा होता है? क्या इसका स्वाद भी ख‘ा है? यदि नहीं, तो इसका स्वाद वैफसा है? क्योंकि इसका स्वाद ख‘ा नहीं है, जिसका मतलब है, इसमें कोइर् अम्ल नहीं है। इसका स्वाद कड़वा है। यदि आप इसके विलयन को अपनी अगुलियोंँके बीच रगड़ें, तो यह साबुन जैसा चिकना लगता है। ऐसे पदाथर्, जिनका स्वाद कड़वा होता है और जो स्पशर् करने पर साबुन जैसे लगते हैं, क्षारक कहलाते हैं। इनपदाथो± की प्रकृति क्षारकीय कहलाती है। 5.2 हमारे आस - पास के प्राकृतिक सूचकलिटमसः एक प्राकृतिक रंजक सबसे सामान्य रूप से उपयोग किया जाने वालाप्राकृतिक सूचक लिटमस है। इसे लाइकेनों ;शैकद्ध से निष्कष्िार्त किया जाता है ;चित्रा 5.1द्ध। आसुत जल में इसका रंग माॅव ;नीलशोणद्ध होता है। जब इसे अम्लीय विलयन में मिलाया जाता है, तो यह लाल हो जाता है और जब क्षारीय विलयन में मिलाया जाता है, तो यह नीला हो जाता है। यह विलयन के रूप में अथवा कागज़्ा की प‘ियों के रूप में उपलब्ध् होता है, जिन्हें लिटमस पत्रा कहते हैं। सामान्यतः यह लाल और नीले लिटमस पत्रा के रूप में उपलब्ध् होता है ;चित्रा 5.1द्ध। चित्रा 5.1 ;ंद्ध लाइकेन और ;इद्ध लाल व नीला लिटमस पत्रा विज्ञान ियाकलाप 5.1 ऽ प्लास्िटक के किसी प्याले, कटोरे या परखनली में नींबू का रस लेकर उसमें थोड़ा पानी मिलाइए। ऽ ड्राॅपर की सहायता से उपयुर्क्त विलयन की एक बूँद को लाल लिटमस पत्रा पर डालिए ;चित्रा 5.2द्ध। चित्रा 5.2 लिटमस परीक्षण करते हुए बच्चे क्या इसके रंग में कोइर् परिवतर्न होता है? ऽ इसी परीक्षण को नीले लिटमस पत्रा के साथ दोहराइए। नोट कीजिए कि क्या रंग में कोइर् परिवतर्न हो रहा है? इसी ियाकलाप को निम्नलिख्िात पदाथो± के साथ दोहराइएः नलके का पानी, अपमाजर्क ;डिटजे±टद्ध का घोल, वातित पेय पदाथर्, साबुन का विलयन, शैम्पू, सामान्य नमक का विलयन, शक्कर का विलयन, सिरका, बेविंफग सोडे का विलयन, दूध्िया मैग्नीश्िायम, धवन सोडे का विलयन तथा चूने का पानी ;यदि संभव हो, तो विलयन आसुत जल में बनाएँद्ध। अम्ल, क्षारक और लवण अपने प्रेक्षणों को सारणी 5.2 में नोट कीजिए। सारणी 5.2 क्या आपकी सूची में वुफछ ऐसे विलयन हैं, जिनका लिटमस पत्रा पर कोइर् प्रभाव नहीं होता? इन पदाथो± के नाम लिख्िाए। ऐसे विलयन, जो लाल अथवा नीले लिटमस पत्रा वफेरंग को परिवतिर्त नहीं करते, उदासीन विलयन कहलाते हैं। ऐसे पदाथर् न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारकीय। हल्दी एक अन्य प्राकृतिक सूचक है ियाकलाप 5.2 ऽ एक चम्मच हल्दी पाउडर लीजिए। इसमें थोड़ा जल मिलाकर इसका पेस्ट बनाइए। ऽ स्याही सोख्ता ;ब्लाॅटिंग पेपरद्ध या प्िाफल्टर पत्रा पऱहल्दी का पेस्ट लगाकर हल्दी पत्रा बनाइए और उसे सुखा लीजिए। हल्दी पत्रा की पतली - पतली प‘ियाँ काट लीजिए। ऽ हल्दी पत्रा की प‘ी पर एक बूँद साबुन का विलयन डालिए। आप क्या देखते हैं? इसी प्रकार सारणी 5.3 में दिए गए विलयनों का परीक्षण कीजिए, और अपने प्रेक्षणों को सारणी 5.3 में नोट कीजिए। आप अन्य पदाथो± के विलयनों से भी परीक्षण कर सकते हैं। 53 सूचक के रूप में गुड़हल के पुष्प ियाकलाप 5.3 गुड़हल के पुष्प की वुफछ पंखुडि़याँ एकत्रा कीजिए और उन्हें किसी बीकर में रख दीजिए। इसमें थोड़ा गरम जल मिलाइए। मिश्रण को वुफछ समय तक रख्िाए, जब तक जल रंगीन न हो जाए। रंगीन जल को सूचक के रूप में उपयोग कीजिए। इस सूचक की पाँच - पाँच बूँदें सारणी 5.4 में दिए गए प्रत्येक विलयन में मिलाइए। सारणी 5.4 परीक्षण विलयन आरंभ्िाक रंग अंतिम रंग शैम्पू ;तनु विलयनद्ध नींबू का रस सोडा जल सोडियम हाइड्रोजन काबोर्नेट का विलयन सिरका शक्कर का विलयन नमक का विलयन सूचक का अम्लीय, क्षारकीय और उदासीन विलयनों पर क्या प्रभाव पड़ता है? गुड़हल के पुष्प का सूचक अम्लीय विलयनों को गहरा गुलाबी ;मेजेन्टाद्ध और क्षारकीय विलयनों को हरा कर देता है ;चित्रा 5.3द्ध। आप इन प्राकृतिक सूचकों को बनाकर उनसे अम्लीय, क्षारकीय और उदासीन विलयनों में रंग परिवतर्न देखने का प्रयास कर सकते हैं। पहेली आपके लिए निम्नलिख्िात समस्या लेकर आइर् है। ियाकलाप 5.4 श्िाक्षक/श्िाक्ष्िाका से अपेक्ष्िात है कि वे अपने विद्यालय की प्रयोगशाला अथवा आस - पास के किसी विद्यालय से निम्नलिख्िात रसायनों की उपलब्ध्ता सुनिश्िचत करें।तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल, तनु नाइटिªक अम्ल, ऐसीटिक अम्ल, सोडियम हाइड्राॅक्साइड, अम्ल, क्षारक और लवण ैंसज़ॅंजमत अम्ल $ क्षारक → लवण $ जल;ऊष्मा निमर्ुक्त होती हैद्ध निम्नलिख्िात अभ्िािया इसका उदाहरण हैः हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ;भ्ब्सद्ध ़ सोडियम हाइड्राॅक्साइड ;छंव्भ्द्ध सोडियम क्लोराइड ;छंब्सद्ध ़ जल ;भ्व्द्ध ़ ;ऊष्माद्ध2बूझो ने चूने के पानी में तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल मिलाया। अभ्िािया मिश्रण गमर् हो जाएगा अथवा ठंडा? 5.4 दैनिक जीवन में उदासीनीकरण के उदाहरण अपाचन हमारे आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाया जाता है। आप अध्याय 2 में पढ़ चुके हैं कि यह भोजन के पाचन में हमारी सहायता करता है, लेकिन आमाशय में अम्ल की आवश्यकता से अध्िक मात्रा होने से अपाचन हो जाता है। कभी - कभी अपाचन कापफी कष्टदायक होता है। अपाचन से मुक्ित पाने के लिए हम दूध्िया मैग्नीश्िायम जैसा कोइर् प्रतिअम्ल लेते हैं जिसमें मैग्नीश्िायम हाइड्राॅक्साइड होता है। यह अत्यध्िक अम्ल के प्रभाव को उदासीन कर देता है। चींटी का डंक चींटी के डंक में प़्ाफाॅमिर्क अम्ल होता है। जब चींटी काटती है तो यह त्वचा में अम्लीय द्रव डाल देती है। प्रमुख शब्द अम्ल क्षारक आपने क्या सीखा अम्ल, क्षारक और लवण उदासीन विलयन लवण डंक के प्रभाव को नमीयुक्त खाने का सोडा ;सोडियम हाइड्रोजन काबोर्नेटद्ध अथवा वैफलेमाइन विलयन मलकर उदासीन किया जा सकता है, जिसमें जिंक काबोर्नेट होता है। मृदा उपचार रासायनिक उवर्रकों का अत्यध्िक उपयोग मृदा को अम्लीय बना देता है। यदि मृदा अत्यध्िक अम्लीय अथवा अत्यध्िक क्षारकीय हो, तो पादपों ;पौधंेद्ध की वृि अच्छी नहीं होती। जब मृदा अत्यध्िक अम्लीय होती है, तो उसे बिना बुझा हुआ चूना ;वैफल्िसयम आॅक्साइडद्ध अथवा बुझा हुआ चूना ;वैफल्िसयम हाइड्राॅक्साइडद्ध जैसे क्षारकों से उपचारित किया जाता है। यदि मृदा क्षारकीय हो, तो इसमें जैव पदाथर् मिलाए जाते हैं। जैव पदाथर् मृदा में अम्ल निमुर्क्त करते हैं, जो उसकीक्षारकीय प्रकृति को उदासीन कर देते हैं। कारखानों का अपश्िाष्ट अनेक कारखानों के अपश्िाष्ट ;कचरेद्ध में अम्लीय पदाथर् मिश्रित होते हैं। यदि ऐसे अपश्िाष्ट पदाथो± को सीधे ही जलाशयों में बहने दिया ;विसजिर्त कियाद्ध जाए, तो मछली और अन्य जलीय जीवों को अम्ल नष्ट कर सकते हैं। अतः कारखाने के अपश्िाष्ट को जलाशयों में विसजिर्त करने से पहले क्षारकीय पदाथर् मिलाकर उदासीन किया जाता है। ऽ अम्ल नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। क्षारक लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। ऽ वे पदाथर्, जो न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारकीय, उदासीन कहलाते हैं। ऽ ऐसे पदाथो± के विलयन, जो अम्लीय, क्षारकीय और उदासीन विलयन में भ्िान्न रंग दशार्ते हैं, सूचक कहलाते हैं। ऽ अम्ल और क्षारक एक - दूसरे को उदासीन करके लवण बनाते हैं। लवण अम्लीय,क्षारकीय अथवा उदासीन प्रकृति के होते हैं। अभ्यास 1 अम्लों और क्षारकों के बीच अंतर बताइए। 2 अनेक घरेलू उत्पादों, जैसे ख्िाड़की साप़्ाफ करने के माजर्कों आदि में अमोनिया पाया जाता है।ये लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। इनकी प्रकृति क्या है? 3 उस स्रोत का नाम बताइए, जिससे लिटमस विलयन को प्राप्त किया जाता है। इस विलयन का क्या उपयोग है? 4 क्या आसुत जल अम्लीय/क्षारकीय/उदासीन होता है? आप इसकी पुष्िट वैफसे करेंगे। 5 उदासीनीकरण के प्रक्रम को एक उदाहरण देते हुए समझाइए। 6 निम्नलिख्िात कथन यदि सही हैं, तो ;ज्द्ध अथवा गलत हैं, तो ;थ्द्ध लिख्िाए। ;कद्ध नाइटिªक अम्ल लाल लिटमस को नीला कर देता है। ;खद्ध सोडियम हाइड्राॅक्साइड नीले लिटमस को लाल कर देता है। ;गद्ध सोडियम हाइड्राॅक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक - दूसरे को उदासीन करके लवण और जल बनाते हैं। ;घद्ध सूचक वह पदाथर् है, जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में भ्िान्न रंग दिखाता है। ;चद्ध दंत क्षय, क्षार की उपस्िथति के कारण होता है। 7 दोरजी के रैस्टोरेन्ट में शीतल ;मृदुद्ध पेय की वुफछ बोतलें हैं। लेकिन दुभार्ग्य से वे चिित नहीं हैं। उसे ग्राहकों की माँग के अनुसार पेय परोसने हैं। एक ग्राहक अम्लीय पेय चाहता है, दूसरा क्षारकीय और तीसरा उदासीन पेय चाहता है। दोरजी यह वैफसे तय करेगा, कि कौन - सी बोतल किस ग्राहक को देनी है। 58 विज्ञान 8.समझाइए, ऐसा क्यों होता हैः ;कद्ध जब आप अतिअम्लता से पीडि़त होते हैं, तो प्रतिअम्ल की गोली लेते हैं। ;खद्ध जब चींटी काटती है, तो त्वचा पर वैफलेमाइन का विलयन लगाया जाता है। ;गद्ध कारखाने के अपश्िाष्ट को जलाशयों में बहाने से पहले उसे उदासीन किया जाता है। 9.आपको तीन द्रव दिए गए हैं, जिनमें से एक हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है, दूसरा सोडियम हाइड्राॅक्साइड और तीसरा शक्कर का विलयन है। आप हल्दी को सूचक के रूप में उपयोग करके उनकी पहचान वैफसे करेंगे? 10.नीले लिटमस पत्रा को एक विलयन में डुबोया गया। यह नीला ही रहता है। विलयनकी प्रकृति क्या है? समझाइए। 11.निम्नलिख्िात वक्तव्यों को ध्यान से पढ़ेंः ;कद्ध अम्ल और क्षारक दोनों सभी सूचकों के रंगों को परिवतिर्त कर देते हैं। ;खद्ध यदि कोइर् सूचक अम्ल के साथ रंग परिवतिर्त कर देता है, तो वह क्षारक के साथ रंग परिवतर्न नहीं करता। ;गद्ध यदि कोइर् सूचक क्षारक के साथ रंग परिवतिर्त करता है, तो वह अम्ल के साथ रंग परिवतर्न नहीं करता। ;घद्ध अम्ल और क्षारक में रंग परिवतर्न सूचक के प्रकार पर निभर्र करता है। ऊपर लिखे वक्तव्यों में से कौन - से वक्तव्य सही हैं? ;पद्ध सभी चार ;पपद्ध ;ंद्ध और ;कद्ध ;पपपद्ध ;इद्ध और ;बद्ध ;पअद्ध सिपर्फ ;कद्ध विस्तारित अध्िगम - ियाकलाप और परियोजना कायर् 1.अम्लों और क्षारकों के ज्ञान का उपयोग करते हुए, खाने के सोडे और चुवंफदर की सहायता से एक गुप्त संदेश लिख्िाए। समझाइए यह वैफसे कायर् करता है। ;संकेतः जल में खाने के सोडे का विलयन बनाइए। इस विलयन का उपयोग सपेफद कागज़्ा की शीट पर रुइर् के पफाहे से संदेश लिखने के लिए कीजिए। संदेश के सूख जाने के बाद उस पर ताजी कटी चुवंफदर का एक टुकड़ा मलिए।द्ध अम्ल, क्षारक और लवण 2 लाल पत्तागोभी के टुकड़ों को जल में उबालकर उसका रस तैयार कीजिए। इसका उपयोग सूचक के रूप में करके इससे अम्लीय और क्षारकीय विलयनों का परीक्षण कीजिए। अपने प्रेक्षणों को एक सारणी में प्रस्तुत कीजिए। 3 अपने क्षेत्रा की मृदा का एक नमूना लीजिए। यह मालूम कीजिए, कि यह अम्लीय है, क्षारकीय है अथवा उदासीन। किसानों के साथ बातचीत कीजिए कि वे मृदा का उपचार किस प्रकार करते हैं। 4 किसी चिकित्सक से यह जानने का प्रयास कीजिए, कि अतिअम्लता का उपचार करने के लिए वे कौन - सी औषध्ि लेने का सुझाव देते हैं। उनसे यह जानने का प्रयास कीजिए, कि अतिअम्लता से वैफसे बचा जा सकता है। क्या आप जानते हैं? हमारे शरीर की प्रत्येक कोश्िाका में एक अम्ल, डी - आॅक्सीराइबोन्यूक्लीइक अम्ल अथवा क्छ। होता है। यह शरीर के अनेक व्यक्ितगत गुणों, जैसे हमारे रंग - रूप, आँखोंके रंग, ऊँचाइर् आदि का निधर्रण करता है। सभी प्रोटीन, जो कि हमारी कोश्िाकाओं के भाग होते हैं, भी एमीनो अम्लों के बने होते हैं। हमारे शरीर में पाइर् जाने वाली वसा, वसा अम्ल होते हैं। 60 विज्ञान

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