15ण्1 भूँैेमिकाः तल - आऽतियाआर ठास आकार इस अŁयाय में, आप अब तक देखी गइर् आऽतियों को उनकी विमाआंेके रूप मंे;कपउमदेपवदेद्ध वगीर्ऽत करंगे ।ेनिकजीवनम,हमअपनेे कवस्तएखतहैअपने दैंे े परिवष सविभ्िान्न आकारांे की अनेुँ देे ंै, जसे पुेफ, गंे ंे वफ, इत्यादि । अध्िकाषतः, इन सभी वस्तआंे मेएक बात सवनिष्ठ ;बवउउवदद्ध स्तवंद,आइसऽीमषंुंुं र्है, वह यह है ंे सपत्यक की वफछ लं, चार्डाइ, उफचाइया गहराइह।किइनमे्रेुबाइै़र्ँर् र्ै इसी कारण, ये सभी स्थान घेे ं औँ ं ेरतहैर इनकी तीन विमाएहै। इसीलिए, यत्रिाविमीय आकार ;जीतममकपउमदेपवदंस ेींचमेद्ध कहलाते हैं क्याआपको ेमंदेेगएवुे;ठासआकारांेेमेयादह?पिछली कक्षाआं ेखफछ त्रिाविमीय आकारां ेेफ बारं ैद्धवउपरोेसपत्यक आकार जसी वफछ वस्तआं े ्रक्तमं े ्रेैुुेकी पहचानकरनकापयत्नकीजिए। इसी प्रेर्े हैं कि एक काग पर खींची जा सकने वाली आऽतियोकारवफतवफद्वारा,हमकहसकतं ;जिनकी वेंर्ैैर्ेेफवल लबाइआर चाड़ाइहाती हैद्ध काद्विविमीय ;जूव कपउमदेपवदंसद्ध ;या तलद्ध कहना चाहिए। हम दो विमाओकी वफछ आऽतियां को ंे मं भी देुेंं ुेपिछली कक्षाओख चवफ है। द्विविमीय आऽतियोका नामां ें ेवफ साथ मिलान कीजिए ;आऽति15ण्2द्धरू ;पद्ध ;ंद्ध वष्ऽा ;पपद्ध ;इद्ध आयत ;पपपद्ध ;बद्ध वगर् ;पअद्ध ;कद्ध चतुभुर्ज ;अद्ध ;मद्ध त्रिाभजुआऽति15ण्2 टिप्पणीः हम सक्षप मंे 2.क् औे 3.क् लिख सकते हैंंेे, द्विविमीय कार त्रिाविमीय का। 15ण्2 पफलक, किनारे और्र षीषक्या आपको पहले ़हुए ठास आकारां वेे, षीषादृ औेवफ बारमं वुैपढे ेेफपफलकांेरकिनारां ेे ेफछयादह? यहाँें, एक घन वफ लिए, इन्हेदिखाया गया है: ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध आऽति15ण्3 घनवेेेउसवेर् ं।घनवेँेकोबनानेवाले ेंफ8कानफ षीष;अमतजपबमेद्ध हैफ ढाच12 रखाखड उसवफ किनारे ेे ं।6सपाटवगार्ष्े ंया कार ;मकहमेद्ध कहलातहैकार पष्ठ, जाघन की खाल या त्वचा है, उसवफेपफलक ;ंिबमेद्ध कहलाते हैं । पहचान की जा सकती है ? उदाहरणाथर्े, एक बलन वेेपफलकऐे ंजोवष्ंफ दासहैऽा है, तथा दषार्ए गए पिरामिड वेुंफ पफलक त्रिाभज है। अबहमयह देेकाप्रेगंकिकिसपकारवफछ 3.क् आकारां कोखनयत्नकरे ्रुे2.क् आऽतिया;अथार्त् काग । ऐे वेुेसनिकटतम रूप सपरिचित हाना चाहें । आइए सा करनफ लिए, हम त्रिाविमीय वस्तआं े े ेगइन वस्तुेको उनसबनाने का पयास करंे इनवेे ंआं े ्रे,जाफजाल ;दमजद्ध कहलातहै। 15ण्3 3.क् आकार बनाने ेेवफ लिए जाल ;नटद्ध एक गऽो का बक्सा ;इवगद्ध लीजिए । इसको वुेवफ अनदिष काट कर सपाट ;सिंजद्ध बना फछ किनारां ेुलीजिए । अब आपवेे का जाल है । जाल 2.क् मेएक पकार का एसा ढाचा ;या ँफपासइसबक्सं ्रेरूपरेेै ेेेखाद्ध हाता ह;आऽति 15ण्4 ;पद्धद्ध जिसमाड़नपर ;आऽति 15ण्4 ;पपद्धद्ध। परिणामस्वरूप एक 3.क् आकार प्रेाप्त हाजाता है ;आऽति 15ण्4 ;पपपद्धद्ध। ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध आऽति15ण्4 यहाँ आपने किनारांेको उपयुक्त रूप से पष्थव्फ करके, एक जाल प्र्रंँाप्त किया है । क्या इसकी विपरीत पिया सभव है ? यहा, एक बक्सेे्र्रवफ जाल का पतिरूप दिया है ;आऽति15ण्5द्ध। इसका पतिरूप बनाकर उसका विस्तार ;मदसंतहमद्ध कर लीजिए । पिफर इसे ुउपयक्त प्रेेैकार समाड़ कर आर चिपका कर एक बक्सा बनाइए । आप उपयुेया मात्राकां ;नदपजेद्ध काप्रेेक्त इकाइयां ेयाग कर सकतहैं्रेे। पाप्त बक्सा एक ठास है । यह घनाभ ;बनइवपकद्ध वफ आकार की एक 3.क् वस्तु ्रंुे ेर्ष्है । इसी पकार, आप एक षवफ काउसवफ तियक पष्ठ वेुी ;या झिरीद्ध काट कर, इसका जाल पाप्त कर सकतहंफ अनदिष एक पतली पटण््रे ै;आऽति15ण्6द्ध। भ्िान्न - भ्िान्न आकारांेके लिए, भ्िान्न - भ्िान्न जाल हातेे हैं । दिए हुए जालांेके प्रतिरूप बनाइए और उनका विस्तार कीजिए, अथवा दिए हुए जालांेके विस्तारित रूपांेके प्रतिरूप बनाइए;आऽति15ण्7द्ध पिफर इनके नीचे लिखंे3.क् आकारों को बनाने का प्रयासकीजिए। आप गऽो की पतली पिण्याँ लेैंकर आर उन्हेकाग क्िलपो;बसपचेद्ध सबाध् कर आकारां ेँें े ँेवफ ढाचभी बनाना चाह सकते हैं । घन ;पद्ध हम गि ;ळतमंज च्लतंउपकद्ध ;आऽति 15ण्8द्ध के प्रकार वफेपिरामिड वेेकाप्रे ं र्फ लिए भी जाल बनानयास कर सकतहै। इस पिरामिड का आधर एक वगहै तथा चारोभजाआं पर त्रिाभुे ै। दख्िाए कि क्या आप दिए हुए जाल ;आऽति 15.9द्धं ुेजबनहुएहं ेण् आऽति15ण्8 आऽति15ण्9 1ण् उन जालां को पहचानिए,जिनका प्रेेेको बना सकते है;इन जालां वेेयाग करवफ आप घनां ं ेफ प्रेे्रतिरूप काट कर एसा करनका पयास कीजिएद्धरू ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध ;पअद्ध ;अद्ध ;अपद्ध 2ण् पासे ;कपबमद्ध एसेे घन हातेे है, जिनवंफ पेत्य्रक पफलक पर flबदेु ;कवजेद्ध अकितहांतेेहैं।एक पासेवेुेपरअकितflबदआं ंेकायागसदव7हाताहै। फ सम्मख पफलकां ंुेकी सख्याआं ेैेयहाँे ;घनोद्ध को बनाने वफ लिए, दो जाल दिए जा रहे है। पत्यक वगमं ं,पासंें ्रेर् ेलिखी सख्या उस बक्से वेुेको दषाती है । फ flबदआं र्हुएकिपासफसम्मं ेगसदव7 यह याद रखते े वेख पफलकाुेकी संख्याआं का योैहोेपर उपयक्त सख्याएँ लिख्िाए । ता है, रिक्त स्थानां ुंआऽति15ण्11 3ण् क्या यह पासे कि लिए एक जाल हो सकता है ? अपने उऽार को स्पष्ट कीजिए । 4ण् यहाँ एक घन बनाने के लिए, एक अध्ूरा जाल दिया गया है । इसको ेे विभ्िान्न विध्ियों सकम - स - कम दो पूेेेरा कीजिए । याद रख्िाए कि घन वफ 6 पफलक हातहैं । यहाँ इस जाल मंेकितने पफलक दिए हुए हैं । ;दो पष््ष्् र्कोसरलबनानेवेथवफ - पथवफ चित्रा दीजिए। कायफ लिए, आप वगादृका पयाग कर सकते है।द्ध कितकाग ्रें 5ण् जालां को ुेेसमिलान कीजिए: ेउपयक्त ठासां े ;ंद्ध ;पद्ध ;इद्ध ;पपद्ध ;बद्ध ;पपपद्ध ;कद्ध ;पअद्ध यहखेेल खलिए: आपऔ ेैे ं।आपमेसएकव्यक्ितकाइर आपका मित्रा परस्पर पीठ - स - पीठ मिलाकर बठहैं े ेर् 3.क् आकारबनाने े़ू्रवफ लिए एक जाल पढता है, जबकि दसरा व्यक्ित इसका पतिरूप बना कर, बोेगए 3.क् आकार को खींचने या बनाने का प्रल यत्न करता है । 15ण्4 एक सपाट पष्ेेको खीचना ष्ठ पर ठासां ंआपका यह सपाट पष् । जब आप एक ठास आकार को खींचते है, तो पतिबिबांष्ठएककाग ें्रंेको वुे़े त्रिाविमीय दिखाइर् दे। यह एक दष्िटभम है । फछ विऽत ;टढाद्ध कर दिया जाता है, ताकि वं ष््रयहाँ आपकी सहायता वेे तकनीके दी जा रही हैं।फ लिए, दां15ण्4ण्1 तियक या अनियमित चित्रा र्यहाँ ेसामने ेदेे ेएक घन का चित्रा दिया है;आऽति15ण्11द्ध । जब इससखा जाए ताइससयह स्पष्ट पता चलता है कि एक घन वैै। आप इसवेुेको दख नहीं पाते है।फसा दिखता हफ वफछ पफलकां ें खींचे गए इस चित्रा मेलबाइर् बराबर नहीं है। जबकि घन मंेयह बराबर हों ंनी चाहिए। पिफर भी आपयह पहचानकरलेे ं ेेर्तहैकि यह एक घन है। किसी ठास का एसा चित्रा एक तियक ;या अनियमितद्ध चित्रा ;वइसपुनम ेामजबीद्ध कहलाताहै।आपऐेचित्राकिसप्रे ंसकार खींच सकतहै? आइए इसकी तकनीक को सीखने का प्रे। आपको एक वगाकित ;रखाकित या flबदकितद्ध यत्नकरं दृेंुकाग ।पारभमं ्रे्रंेइसपकारवफकाग वे्रेफ बाद, आप बिना इस पकार वफ काग खींचसकतें र्े्रेहै। आइए एक3 ×3 ×3 का एक तियक चित्रा ;एक एसा घन जिसका पत्यक किनारा 3 इकाइर् हैद्ध खींचने का प्रे;आऽति 15ण्12द्ध।यत्न करं चरण1 चरण 2 सामने का पफलक खींसामनवफ पफलक का सम्मख पफलक खीचिए । चिए ेेुंपफलकांेके माप बराबर होने चाहिए । परंु ेेुतयह चित्रा चरण 1 वफ चित्रा कावफछ चरण 3 चरण 4 गत कानो छिपए किनाराफ लिए, चित्रा कोसंेंकामिलाइए ेहुंेवेflबदुेें का पयाग करतहए पनः कितरखाआ्रेे ुुखींैचिए ;यह एक परपरा या परिपाटी हद्धअब अभीष्ट चित्रा तैैयार हआऽति 15ण्12 उपरोर्े, क्या आप निम्नलिख्िात बातां को दें ंक्ततियकचित्रामंेखरहेहै? ;पद्ध सामनेेैेुेंवफ पफलक आर उसवफ सम्मख पफलक वफ माप समान हैऋ तथा ;पपद्ध घन वफ किनारजो बराबर हाते है, चित्रा मं भी बराबर - बराबर प्रेे हैं यद्यपि इनकोेे ेंतीतहातबराबर नहीं लिया गया है । अबआपएकघनाभकातियर्ेकाप्रे ंक चित्रा बनानयास कर सकतहै;याद रख्िाए इस स्िथति मे, पफलक आयत है । ंटिप्पणीः आप एसचित्रा भी खींच सकते है, जिनमं माप ;या मापनद्ध, दिए हुए ठोेेंेे ंेसवफमापावेुुूे ेेवेेएकएसकाग फ अनसार ;अनवफलद्ध ही हा। एसा करनफ लिए हमं ेे आवष्यकता होे समदूर्् समान दूेवाली गी, जिसरीक षीट ;पेवउमजतपब ेीममजद्ध अथातरियां षीटद्धकहतें ूेे ्रहै। आइए हम एक समदरीक षीट पर एसा घनाभ बनानका पयास करतें ंर् ैर् ैँर्हैजिसकी लबाइ4 बउ, चाड़ाइ3 बउ आर ¯चाइ3 बउ है। 15ण्4ण्2 समदरीक चित्रा ूक्याआपनेएकसमदूुे्रर् ;ेंउचसमद्ध इसपुेरीक flबदकित षीट दखी है ? ;इसका एक पतिदषस्तक वफ अंेदियाहै।द्धइसपकारकी षीटमंूतमं ्रेराकाग ,पबने छोेेे समबाहु त्रिाभुंे मं ँेे चित्रा खींचने वेेेट - छाटजोबट जाता है । एसफ लिए जिनवफ माप दिए हुए ठास की मापोवफ अनुसार हा, हम इन flबदंुूेका प्रयाग कर सकते है।ं ेेकित समदरीक षीटां ें आइए विमाओ4 ×3 ×3 वाले एक घनाभ ;जिसका अथर् है कि इसकी लं, चाड़ाइर् आरंबाइर्ैैउफँर् ऽमषः 4, 3 औेकी हैद्ध का एक समदरीक चित्रा बनाने का पयत्न करंेचाइर3इकाइयां ंू्र;आऽति15ण्13द्ध। आपने ;पद्ध लंर् ;पपद्ध चैर् औँर् मेसपत्यक वफ अनदिष कितनी - कितनी बाइड़ाइर ;पपपद्ध उफचाइंे्रेेुली है?क्यायकचित्रामं र् र् ेससलितहै?इकाइयाँ ं े तियर्ेदषाइगइइकाइयां े मुें 1ण् एक समदूरीक flबदुकित काग का एक समदूरीक चित्रा खींचिए: आऽति15ण्15 ;पद्ध.;पअद्ध 2ण् किसी घनाभ की विमाए5बउ 3 बउ औं । इस घनाभ वेँ र2 बउ हैफ तीन भ्िान्न - भ्िान्न समदूरीक चित्रा खींचिए । 3ण् 2 बउ किनारों वाले तीन घनांेको परस्पर सटा कर रखते हुए एक घनाभ बनाया गया है । इस घनाभ का एक तियर्ूक अथवा एक समदरीक चित्रा खींचिए । 4ण् निम्नलिख्िात समदूरीक आकारों मंेसे प्रत्येक के लिए, एक तियर्क चित्रा खींचिए: 5ण् निम्नलिख्िातमं े ्रेेर्ैूंेसपत्यक वफ लिए, ;पद्ध एक तियक चित्रा आर ;पपद्ध एक समदरीक चित्रा खीचिए: ;ंद्ध 5 बउ,3 बउ औेवाला एक घनाभ ;क्या आपका चित्रा अद्वितीय है ?द्ध र2 बउ विमाआं ;इद्ध 4 बउ लबंे किनारे वाला एक घन । इस पुें, एक समदरीक षीट लगी है। आप इस पर अपने मित्रा द्वारा नि£दष्ट स्तकवफअतमंूविमाआंेके घन या घनाभ खींच सकते हैं । 15ण्4ण्3 ठोस वस्तुओं का चित्राण यहाँ वुं आप अपने खाली समय मेकरनफछ ियाकलाप दिए जा रहे है, जिन्हें े काप्रे ं ेआपकोवुेुेवफचित्राणयाउनवफेयास कर सकतहै। इनसफछ ठास वस्तआं ेबारे मेयह कल्पना करने मं सहायता मिलेे वैे दिखाइर् देे ंं ेगी किवफसतहै। ;पद्ध ;पपपद्ध आऽति 15ण्16 वुं आऽति 15.16 मेदषाए अनसार व्यवस्िथत कीजिए । अब अपनफछ घन लीजिए तथा उन्हें र्ुे मित्रासेपूुेेुेदेेपरकितनेछिए कि वह इसका अनमान लगाए कि तीर वफ चि वफ अनसार इसकाखनघन दिखाइर् दतेे हैं ? हल जसाकि आप दख सकतहै;आऽति15ण्18द्ध जब घनां े सटा कर रखा जाता इस प्रकार का चित्राीयकरण बहुत सहायक होता है । मान लीजिए आप ऐसे घनों को जोड़ कर एक घनाभ बनाते हैं । इस स्िथति में, आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि उस घनाभ की लंबाइर्, चैड़ाइर् और उफँचाइर् क्या होगी ? उदाहरण2 यदि 2 बउ × 2 बउ × 2 बउ विमाओं वाले दो घनों को परस्पर सटा कर रखा जाए, तो परिणामी घनाभ की विमाएँ क्या होंगी ? 2 बउ 2 बउ स् आऽति 15ण्18 ैेें ेकाहै,तोवेंर्ही एकऐेविहुइष्र्है।यह 2 ़2 त्र फवल लबाइसा मापन है जिसमं 4 बउ हो जाती है । घनाभ की चैर् त्र 2 बउ हआर उफचाइर् भी त्र 2 बउ ह।ड़ाइैैँै 15ण्5 किसी ठास वफ विभ्िान्न भागां े ेेेेकादखना आइएअबइसपरचचार् ेकिएक 3.क् वस्तु को किस पकार विभ्िान्न विध्ियां े देकरं ्रेसखाजा सकता है । 15ण्5ण्1 किसीवस्त कादखने कीएक विध्ि ह उस काटना याउसवफ पतल टकडे़ुेेैेेेुकरना टु़करनवाला खलकडेे ेयहाँ एक डबल रोर् है ;आऽति15ण्20द्ध। यह वगार्े एक टी ;इतमंकद्ध दी हुइकार आधर वालआऽति15ण्20 घनाभजैूे ेुेसा है । आप चावफ सइसवफ टकड़कीजिए । ध्ररूपसहैकटकड़ाप्तहा,जसा जब आप इसे उफŁवार्े काटते , तांे आपको अनेुे प्रे जाते हैंैआऽति 15.20 मे दषाया गया है । एक टकडे ्रेर् ें र्ु़कापत्यकपफलकएकवगहै।हमइसपफलककाडबलरोु्रे ं।वस्तुंे पस्थकाट टी की एक अनपस्थ - काट ;बतवेे ेमबजपवदद्ध कहतहैतः, इस स्िथति म, अनु्रलगभग एक वगर् र्ेे आपकोहै । Łयान रख्िाए! यदि आपका यह काटना या कटाव ‘उफŁवाध्र’ नहीं हागा, ताएक भ्िान्न अनु्र्रे सकती है । इसवेे मेसाचिए ! आपवफ द्वारा पाप्त अनपस्थ - काट पस्थ - काटपाप्तहाफबारं ेे्रु्रकी परिसीमा एक तल - आऽति है । क्या आप इसे देंख रहे है? एक रसाइेर् खलेक्या आपने सब्िजयांेके अनुप्रस्थ - काट के आकारों पर Łयान दिया है, जब उन्हें रसाइेर् मंेपकाने वेुेको दख्िाए तथा सब्िजयां को काटने े प्रफ लिए काटा जाता है ? विभ्िान्न टकड़ां ेेसाप्त अनु्रेेसपरिचितहोजाइए। पस्थ - काट वफ आकारां े इसे ेखलिए निम्नलिख्िात ठोेवफ मिटी ;या प्लास्िटक की मिटीद्ध वफ माडल ;उवकमसेद्ध बनाइए तथा इनकासांेण्ण्ेॅे उफŁवार्ैे काटिए । अपने द्वारा प्रु्रेवफ रप़ध्र या क्षतिज रूप साप्त अनपस्थ - काटां ेफ ;तवनहीद्ध चित्रा खींजिए । जहाँ ंेेभी सभव हा, इनवफ नाम भी लिख्िाए । आऽति15ण्21 आपको कानसा अनैपुस्थ - काट प्राप्त हा्रती है, जब आप निम्नलिख्िात ठोसोें को ;पद्ध उफŁवार्े औैे काटतेध्ररूपसर ;पपद्ध क्षतिज रूप स;ंद्ध एक इदृट ;इद्ध एकगालसेेब ;कद्ध एक बे;मद्ध एक आइसऽीम षवफुलनाकार पाइप ं15ण्5ण्2 एक अन्य विध्ि छाया खेल वाली है एक छाया खेल यह समझानेवे्रुेकाफ लिए कि किस पकार त्रिाविमीय वस्तआं े जा सकता है, छायाएँ इनवेे ुदरद्ध उदाहरण हैं।फअच्छ;यासं हैं ? ;बद्ध एक पासा द्विविमीय आकारोवफ रूप मं ें ेेदखा क्या आपने कभी एक छाया खेे्रेंल ;ेींकवू चसंलद्ध दखा है ? यह एक पकार का मनारजन है आऽति 15ण्22 जिसमेसस्पष्ट ठास आऽतियां को एक प्र्रेेे रखकर उनवें ुेेकाषमय सात वफ सामनफ गतिमान प्रंेवफ भम उत्पन्न किए जाते है। इसमंतिबिबां े्रं ेगण्िात की अवधरणाओं का वफछ अपुत्यक्ष रूप स्रे पया्रग होेता है । आपको इस ियाकलाप वे्रे्रेुफ लिए, एक पकाष वफ सात तथा वफछ ठोेकी आवष्यकता हागी । ;यदि आपवफ पास एक आवरहैड स आकारां ेेेप्रेेेठोेबल्बवेंर्ाजक्टर ;वअमतीमंक चतवरमबजवतद्ध है,तासकाफअतगत रख्िाएऔेंुेेएकटाचर्काप्रर इनकी खाज कीजिए ।द्ध एक षवफ वफ ठीक सामनकाष डालिए । यह पदर्ेपर किस प्रकार की छाया दषाता है ;आऽति 15.23द्ध ? र्ठोेवाला है । इसकी छाया की कितनी विमाएँ हैं ?स तीन विमाआं यदि आप इस खेे, षवफ वफ स्थान पर एक घन को टाचर् वफ सामने रखंेलमंुेे,तोआपको ्र्रे;पद्ध किस पकार की छाया पाप्त हागी ? प्रे्रेेतथा ठास वस्तकी विभ्िान्न स्िथतियां े े्रेकाष वफ सात की विभ्िान्न स्िथतियां ेु ेकालकर पयाग कीजिए । प्रर् छायाओवफ आकारां तथा मापोपर इनवफ पभावांाप्तकी गइं ेें े्रेकाअŁययनकीजिए। यहाँएकऔें्रेर मनारजक पयाग दिया जा रहा है, जिसे ंे ही कर चुेेग। एक वऽााकार चाय वफ प्याले को खले मंसभवतःआपपहलवफहांे ष्ेुेरख दीजिए, जब दोे वेूर् उसवेे े आऽति 15.24 मेदिखाया पहर12बजफसमयसयफठीकउफपरहा।इसं गया है। आपको ैर् ेउसकी छाया वफसी दिखाइदती है ? क्यायह छायाएकही प्रैकार की रहती ह? और ;इद्ध सांआऽति15ण्24 ;पद्ध .;पपपद्ध सूर् की स्िथतियोआर पेेेवफ अनसार, छायाआंयंै्रफसमयांेुेक्षण वका अŁययन कीजिए । 1ण् निम्नलिख्िात ठासां वे्रेेेेफ ठीक उफपर एक जलता हुआ बल्ब रखा गया है । पत्यक स्िथति मं प्रे़फ चित्रा बनाने का पयास ्राप्त छाया वफ आकार का नाम बताइए । इस छाया का एक रपकीजिए । ;पहले आप प्रेे का प्रेआर पिफर उऽार दंयाग करनयास करं ैे।द्ध एक गंेद एक बेलनाकार पाइप एक पुस्तक ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध 2ण् यहाँ वफछ 3.क् वस्तआं की छायाएँ र् ैजो उन्हेएक आवरहड पाजक्टर वफ लैुुेदीगइं ं ेै्रेेेंहप ;बल्बद्ध फअतगतयानीचरखकरपाप्तकीगइह्रेे े ेवेंर्े ्रर् ंै।पत्यकछायासमिलानवालठासकी पहचान कीजिए। ;इनमंेएक से अध्िक उऽार हो सकते हैं!द्ध 3ण् जाँच कीजिए कि क्या ये कथन सत्य हैं । ;पद्ध एकघनएकआयतवे ेफ आकार की छाया दसकता है । ;पपद्ध एक घन एक षड्भुे े सकता है । ज वफ आकार की छाया द15ण्5ण्3 एक तीसरी विध्ि यह है कि इसके विभ्िान्न दष्ष्य देखने के लिए इसे वुफछ विषेेें से देखा जाए ष काणाकोर् भी व्यक्ित किसी वस्तु को उसवेे े या उसकी एक ओर्े या उसवेइफ सामनसर ;पाष्वद्ध सफ उफपर सेे्रेे ष्ेदख सकता है । पत्यक बार उसएक भ्िान्न दष्य मिलगा ;आऽति 15ण्25द्ध। सामने े ष्पाष्वर् ष्उफपर से ष्सदष्य दष्य दष्य आऽति15ण्25 यहाँ ेकाइर् व्यक्ित एक भवन वफ विभ्िान्न दष्य पाप्त कर , एक उदाहरण दिया जा रहा है, जिसमं ेेष््रसकता है ;आऽति15ण्26द्ध। भवन सामनका दष्य र् ष्उफपर का दष्य े ष्पाष्वदष्य ष्आऽति15ण्26 आप इन्हेंको जाड़ने सबनी आऽतियां वे े ं,घनां ेे ेफलिएभी करसकतहै। आऽति 15ण्27 घनोको एक साथ रखकर ठास बनाइए आर पिफर उन्हेविभ्िान्न दिषाआं े देें ेैं ेसखकरउनवफ ¯पर बताए अनुे ्रसार चित्रा बनानका पयत्न कीजिए। हमने क्या चचार् की ? 1ण् वऽा, वग, आयत, चतभज आर त्रिाभज समतल आऽतियां ेंष्र्ुर्ैुेवफ उदाहरण हैतथा घन, घनाभ, ला, बलन, षवफ आस आकारोंगोेंुर पिरामिड ैठोंवफ उदाहरण है। 2ण् समतल आऽतियां की दो ँ ंे2.क्द्ध हाती हैतथा ठास आकारांेविमाए;सक्ष्िाप्त मं ें ेेकी तीन विमाएँ ंे3.क्द्ध हाती है।;सक्ष्िाप्त मं ें 3ण् ठास आकार वफ काने उसवफ षीष,उसवफढाचंवेेंेेेेेर्ेँेफ रखाखड उसवफ किनारे ;या कारद्ध तथा उसवेष्ेेंफ सपाट पष्ठ उसवफ पफलक कहलातहै। 4ण् ठोस का एक जाल दो विमाओं मंेएक ऐसा ढाँचा ;या रूप रेखाद्ध है, जिसे मोड़कर वह ठो्रेजाताहै।एकही ठोेे्रेेसकते ंस पाप्त हास वफ अनक पकार वफ जाल हाहै। 5ण् वास्तविक रूप स, ठास आकारां को सपाट पष्े;जसकाग ेेेष्ठांैे । हम इसे ेे हैं3.क् ठास का 2.क् निरूपण कहत। 6ण् एक ठोस के दो प्रकार के चित्रा बनाना संभव है: ;ंद्ध एक तियर्ेलबाइयाँ समानपाती नहीं हाती हैं । पिफर भी यह ठास वफ रुप ेक चित्रा, जिसमंुेेवेे मेसभी महत्वपणर् जानकारी पदान कर दता है । ेफबारं ू्र;इद्ध एक समदूरीक चित्रा को ूुएक समदरीक flबदकित काग एकप्रर्इसपुेंदियागयाहै।किसी ठासवफएकसमदरीकचित्रा तिदषस्तकवफअतमं ेेूमेलं को समानुं बाइयोपाती रखा जाता है । 7ण् ठास आकारां का चित्राण एक बहुत ही उपयोैै । आपको ठोेेेेगी काषल हस आकार वफ छिपहुए भाग दिखाइर् दे जाने चाहिए । 8ण् एक ठास वफ विभ्िान्न भागां को अनेेसदखा जा सकता है । ेेेेक विध्ियां े ;ंद्ध एक विध्ि यह है कि दिए हुए आकार को काट लिया जाए । इससे हमें ठोस का एक अनु्र्रे;इद्ध एक अन्य विध्ि यह है कि एक 3.क् आकार की एक 2.क् छाया देपस्थ - काट पाप्त हाजाती है । खी जाए । ;बद्ध तीसरी विध्ि यह है कि ठोे विभ्िान्न कोेसदखा जाए। दखे गए आकार स आकार काणां े ेेका सामने का दष्ष्य, पाष्वर् दष्ष्य आरै¯पर का दष्ष्य हमंेउस आकार के बारे में बहुत अध्िक जानकारी प्रे ंदान कर सकतहै।

>Chap-15-Hindi Final>
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अध्याय 15


ठोस आकारों का चित्रण



15.1 भूमिकाः तल-आकृतियाँ और ठोस आकार

इस अध्याय में, आप अब तक देखी गई आकृतियों को उनकी विमाओं के रूप में (dimensions) वर्गीकृत करेंगे।

अपने दैनिक जीवन में, हम अपने परिवेश से विभिन्न आकारों की अनेक वस्तुएँ देखते हैं, जैसे पुस्तकें, गेंदें, आइसक्रीम शंकु, इत्यादि । अधिकांशतः, इन सभी वस्तुओं में एक बात सर्वनिष्ठ (common) है, वह यह है कि इनमें से प्रत्येक की कुछ लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई या गहराई है ।

इसी कारण, ये सभी स्थान घेरते हैं और इनकी तीन विमाएँ हैं । इसीलिए, ये त्रिविमीय आकार (three dimensional shapes) कहलाते हैं

क्या आपको पिछली कक्षाओं में देखे गए कुछ त्रिविमीय आकारों (ठोस आकारों) के बारे में याद है ?

 1



उपरोक्त में से प्रत्येक आकार जैसी कुछ वस्तुओं की पहचान करने का प्रयत्न कीजिए ।

इसी प्रकार के तर्क द्वारा, हम कह सकते हैं कि एक कागज़ पर खींची जा सकने वाली आकृतियों (जिनकी केवल लंबाई और चौड़ाई होती है) को द्विविमीय (two dimensional) (या तल) कहना चाहिए। हम दो विमाओं की कुछ आकृतियों को पिछली कक्षाओं में भी देख चुके हैं।

द्विविमीय आकृतियों का नामों के साथ मिलान कीजिए (आकृति 15.2):

(i) 3061.png (a) वृत्त

(ii) 3071.png (b) आयत

(iii) 3082.png (c) वर्ग

(iv) 3094.png (d) चतुर्भुज

(v) 3105.png (e) त्रिभुज

आकृति 15.2


टिप्पणीः हम संक्षेप में, द्विविमीय को 2-D और त्रिविमीय को 3-D लिख सकते हैं ।


15.2 फलक, किनारे और शीर्ष

क्या आपको पहले पढ़े हुए ठोस आकारों के फलकों, शीर्षों और किनारों के बारे में कुछ याद है? यहाँ, एक घन के लिए, इन्हें दिखाया गया है :

 1544.png

 

आकृति 15.3

घन के 8 कोने उसके शीर्ष (vertices) हैं । घन के ढाँचे को बनाने वाले 12 रेखाखंड उसके किनारे या कोर (edges) कहलाते हैं । 6 सपाट वर्गाकार पृष्ठ, जो घन की खाल या त्वचा हैं, उसके फलक (faces) कहलाते हैं ।

निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए :


 2

 

 

क्या आप देख सकते हैं कि द्विविमीय आकृतियों के रूप में त्रिविमीय आकारों के फलकों की पहचान की जा सकती है ? उदाहरणार्थ, एक बेलन 3116.png के दो फलक एेसे हैं जो वृत्त हैं, तथा दर्शाए गए पिरामिड 3127.png के फलक त्रिभुज हैं ।

अब हम यह देखने का प्रयत्न करेंगे कि किस प्रकार कुछ 3-D आकारों को 2-D आकृतियों (अर्थात् कागज़ पर) को चित्रीय रूप से निरूपित किया जा सकता है ।


एेसा करने के लिए, हम त्रिविमीय वस्तुओं से निकटतम रूप से परिचित होना चाहेंगे । आइए इन वस्तुओं को उनसे बनाने का प्रयास करें, जो इनके जाल (net) कहलाते हैं ।

15.3 3-D आकार बनाने के लिए जाल (नेट)

एक गत्ते का बक्सा (box) लीजिए । इसको कुछ किनारों के अनुदिश काट कर सपाट (flat) बना लीजिए । अब आपके पास इस बक्से का जाल है । जाल 2-D में एक प्रकार का एेसा ढाँचा (या रूपरेखा) होता है (आकृति 15.4 (i)) जिसे मोड़ने पर (आकृति 15.4 (ii))। परिणामस्वरूप एक 3-D आकार प्राप्त हो जाता है (आकृति 15.4 (iii))।

3

यहाँ आपने किनारों को उपयुक्त रूप से पृथक् करके, एक जाल प्राप्त किया है । क्या इसकी विपरीत प्रक्रिया संभव है ? यहाँ, एक बक्से के जाल का प्रतिरूप दिया है (आकृति 15.5)। इसका प्रतिरूप बनाकर उसका विस्तार (enlarge) कर लीजिए । फिर इसे उपयुक्त प्रकार से मोड़ कर और चिपका कर एक बक्सा बनाइए ।

4

आप उपयुक्त इकाइयों या मात्रकों (units) का प्रयोग कर सकते हैं । प्राप्त बक्सा एक ठोस है । यह घनाभ (cuboid) के आकार की एक 3-D वस्तु है । इसी प्रकार, आप एक शंकु को उसके तिर्यक पृष्ठ के अनुदिश एक पतली पट्टी (या झिरी) काट कर, इसका जाल प्राप्त कर सकते हैं (आकृति 15.6)।

4.1

भिन्न-भिन्न आकारों के लिए, भिन्न-भिन्न जाल होते हैं । दिए हुए जालों के प्रतिरूप बनाइए और उनका विस्तार कीजिए, अथवा दिए हुए जालों के विस्तारित रूपों के प्रतिरूप बनाइए (आकृति 15.7) फिर इनके नीचे लिखें 3-D आकारों को बनाने का प्रयास कीजिए । आप गत्ते की पतली पट्टियाँ लेकर और उन्हें कागज़ के क्लिपों (clips) से बाँध कर आकारों के ढाँचे भी बनाना चाह सकते हैं ।

4.2


हम गिज़ा (मिस्र में हैं) के ग्रेट पिरामिड (Great Pyramid) (आकृति 15.8) के प्रकार के पिरामिड के लिए भी जाल बनाने का प्रयास कर सकते हैं । इस पिरामिड का आधार एक वर्ग है तथा चारों भुजाओं पर त्रिभुज बने हुए हैं । देखिए कि क्या आप दिए हुए जाल (आकृति 15.9) से इस पिरामिड को बना सकते हैं ।

.4.3

यहाँ आप चार जालों को देख रहे हैं (आकृति 15.10)। एक चतुष्फलक (tetrahedron) बनाने के लिए, इनमें से दो जाल सही हैं । देखिए कि क्या आप यह ज्ञात कर सकते हैं कि किन-किन जालों से चतुष्फलक बन सकता है ।

 

 5

 

आकृति 15.10

प्रश्नावली 15.1

1. उन जालों को पहचानिए,जिनका प्रयोग करके आप घनों को बना सकते हैं (इन जालों के प्रतिरूप काट कर एेसा करने का प्रयास कीजिए):

6

2. पासे (dice) एेसे घन होते हैं, जिनके प्रत्येक फलक पर बिंदु (dots) अंकित होते हैं । एक पासे के सम्मुख फलकों पर अंकित बिंदुओं की संख्याओं का योग सदैव 7 होता है ।

यहाँ, पासे (घनों) को बनाने के लिए, दो जाल दिए जा रहे हैं । प्रत्येक वर्ग में लिखी संख्या उस बक्से के बिंदुओं को दर्शाती है ।

6.1

यह याद रखते हुए कि पासे के सम्मुख फलकों की संख्याओं का योग सदैव 7 होता है, रिक्त स्थानों पर उपयुक्त संख्याएँ लिखिए ।

3. क्या यह पासे कि लिए एक जाल हो सकता है ? अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए ।

4. यहाँ एक घन बनाने के लिए, एक अधूरा जाल दिया गया है । इसको कम-से-कम दो विभिन्न विधियों से पूरा कीजिए । याद रखिए कि घन के 6 फलक होते हैं । यहाँ इस जाल में कितने फलक दिए हुए हैं । (दो पृथक्-पृथक् चित्र दीजिए। कार्य को सरल बनाने के लिए, आप वर्गांकित कागज़ का प्रयोग कर सकते हैं ।)

6.3

5. जालों को उपयुक्त ठोसों से मिलान कीजिए :

6.2

 

यह खेल खेलिए :

आप और आपका मित्र परस्पर पीठ-से-पीठ मिलाकर बैठे हैं । आप में से एक व्यक्ति कोई 3-D आकार बनाने के लिए एक जाल पढ़ता है, जबकि दूसरा व्यक्ति इसका प्रतिरूप बना कर, बोले गए 3-D आकार को खींचने या बनाने का प्रयत्न करता है ।


15.4 एक सपाट पृष्ठ पर ठोसों को खींचना

आपका यह सपाट पृष्ठ एक कागज़ है । जब आप एक ठोस आकार को खींचते हैं, तो प्रतिबिंबों को कुछ विकृत (टेढ़ा) कर दिया जाता है, ताकि वे त्रिविमीय दिखाई दें । यह एक दृष्टिभ्रम है । यहाँ आपकी सहायता के लिए, दो तकनीकें दी जा रही हैं।

15.4.1 तिर्यक या अनियमित चित्र

यहाँ एक घन का चित्र दिया है (आकृति 15.11) । जब इसे सामने से देखा जाए तो इससे यह स्पष्ट पता चलता है कि एक घन कैसा दिखता है। आप इसके कुछ फलकों को देख नहीं पाते हैं । खींचे गए इस चित्र में लंबाई बराबर नहीं है। जबकि घन में यह बराबर होनी चाहिए। फिर भी आप यह पहचान कर लेते हैं कि यह एक घन है। किसी ठोस का एेसा चित्र एक तिर्यक (या अनियमित) चित्र (oblique sketch) कहलाता है । आप एेसे चित्र किस प्रकार खींच सकते हैं ? आइए इसकी तकनीक को सीखने का प्रयत्न करें । आपको एक वर्गांकित (रेखांकित या बिंदुकित) कागज़़ की आवश्यकता है । प्रारंभ में इस प्रकार के कागज़़ पर चित्र खींचने का अभ्यास करने के बाद, आप बिना इस प्रकार के कागज़ की सहायता के सादे कागज़़ पर ये चित्र सरलता से खींच सकते हैं । आइए एक 3 × 3 × 3 का एक तिर्यक चित्र (एक एेसा घन जिसका प्रत्येक किनारा 3 इकाई है) खींचने का प्रयत्न करें (आकृति 15.12)

2061.png

आकृति 15.11

7

आकृति 15.12

उपरोक्त तिर्यक चित्र में, क्या आप निम्नलिखित बातों को देख रहें हैं ?

(i) सामने के फलक और उसके सम्मुख फलक के माप समान हैं; तथा

(ii) घन के किनारे जो बराबर होते हैं, चित्र में भी बराबर-बराबर प्रतीत होते हैं यद्यपि इनको बराबर नहीं लिया गया है ।

अब आप एक घनाभ का तिर्यक चित्र बनाने का प्रयास कर सकते हैं (याद रखिए इस स्थिति में, फलक आयत है ।

टिप्पणी : आप एेसे चित्र भी खींच सकते हैं, जिनमें माप (या मापन), दिए हुए ठोस के मापों के अनुसार (अनुकूल) ही हो । एेसा करने के लिए हमें एक एेसे कागज़़ की आवश्यकता होगी, जिसे समदूरीक शीट (isometric sheet) अर्थात् समान दूरियों वाली शीट) कहते हैं । आइए हम एक समदूरीक शीट पर एेसा घनाभ बनाने का प्रयास करते हैं जिसकी लंबाई 4 cm, चौड़ाई 3 cm और ऊँचाई 3 cm है।

15.4.2 समदूरीक चित्र

क्या आपने एक समदूरीक बिंदुकित शीट देखी है ? (इसका एक प्रतिदर्श (sample) इस पुस्तक के अंत में दिया है ।) इस प्रकार की शीट में, पूरा कागज़ (अर्थात् स्वयं यह शीट) बिंदुकित रेखाओं से बने छोटे-छोटे समबाहु त्रिभुजों में बँट जाता है । एेसे चित्र खींचने के लिए जिनके माप दिए हुए ठोस की मापों के अनुसार हों, हम इन बिंदुकित समदूरीक शीटों का प्रयोग कर सकते हैं ।

आइए विमाओं 4 × 3 × 3 वाले एक घनाभ (जिसका अर्थ है कि इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्रमशः 4, 3 और 3 इकाइयों की हैं) का एक समदूरीक चित्र बनाने का प्रयत्न करें (आकृति 15.13)।

8


आकृति 15.13

ध्यान दीजिए कि एक समदूरीक चित्र में, मापन ठीक (यथार्थ में) ठोस की दी हुई मापों के होते हैं, जबकि तिर्यक चित्र की स्थिति में एेसा नहीं होता है ।

उदाहरण 1 यहाँ किसी घनाभ का एक तिर्यक चित्र दिया है (आकृति 15.14 (i))। इस चित्र से मिलान करने वाला एक समदूरीक चित्र खींचिए ।

2186.png

आकृति 15.14 (i)

हल इसका हल आकृति 15.14 (ii) में चित्र खींच कर दर्शाया गया है । ध्यान दीजिए कि किस प्रकार मापों के अनुसार चित्र खींचा गया है ।

2204.png

आकृति 15.14 (ii)

आपने (i) लंबाई (ii) चौड़ाई और (iii) ऊँचाई में से प्रत्येक के अनुदिश कितनी-कितनी इकाइयाँ ली हैं ? क्या ये तिर्यक चित्र में दशाई गई इकाइयों से सुमेलित हैं ?


प्रश्नावली 15.2

1. एक समदूरीक बिंदुकित कागज़ का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित आकृतियों में से प्रत्येक का एक समदूरीक चित्र खींचिए ः

7.1

आकृति 15.15 (i)-(iv)

2. किसी घनाभ की विमाएँ 5 cm 3 cm और 2 cm हैं । इस घनाभ के तीन भिन्न-भिन्न समदूरीक चित्र खींचिए ।

3. 2 cm किनारों वाले तीन घनों को परस्पर सटा कर रखते हुए एक घनाभ बनाया गया है । इस घनाभ का एक तिर्यक अथवा एक समदूरीक चित्र खींचिए ।

4. निम्नलिखित समदूरीक आकारों में से प्रत्येक के लिए, एक तिर्यक चित्र खींचिए :

7.2


5. निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए, (i) एक तिर्यक चित्र और (ii) एक समदूरीक चित्र खींचिए :

(a) 5 cm, 3 cm और 2 cm विमाओं वाला एक घनाभ (क्या आपका चित्र अद्वितीय है ?)

(b) 4 cm लंबे किनारे वाला एक घन ।

इस पुस्तक के अंत में, एक समदूरीक शीट लगी है। आप इस पर अपने मित्र द्वारा निर्दिष्ट विमाओं के घन या घनाभ खींच सकते हैं ।


15.4.3 ठोस वस्तुओं का चित्रण

कभी-कभी जब आप संयोजित या जुड़े हुए आकारों को देखते हैं, तो इनमें से कुछ आपकी दृष्टि से छिप जाते हैं, अर्थात् आपको दिखाई नहीं देते हैं ।

यहाँ कुछ क्रियाकलाप दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने खाली समय में करने का प्रयास कर सकते हैं । इनसे आपको कुछ ठोस वस्तुओं के चित्रण या उनके बारे में यह कल्पना करने में सहायता मिलेगी कि वे कैसे दिखाई देते हैं ।

9

आकृति 15.16

कुछ घन लीजिए तथा उन्हें आकृति 15.16 में दर्शाए अनुसार व्यवस्थित कीजिए । अब अपने मित्र से पूछिए कि वह इसका अनुमान लगाए कि तीर के चिह्न के अनुसार इसको देखने पर कितने घन दिखाई देते हैं ?

10

 

इस प्रकार का चित्रीयकरण बहुत सहायक होता है । मान लीजिए आप एेसे घनों को जोड़ कर एक घनाभ बनाते हैं । इस स्थिति में, आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि उस घनाभ की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्या होगी ?

10.1

उदाहरण 2 यदि 2 cm × 2 cm × 2 cm विमाओं वाले दो घनों को परस्पर सटा कर रखा जाए, तो परिणामी घनाभ की विमाएँ क्या होंगी ?

हल जैसाकि आप देख सकते हैं (आकृति 15.18) जब घनों को सटा कर रखा जाता है, तो केवल लंबाई ही एक एेसा मापन है जिसमें वृद्धि हुई है । यह 2 + 2 = 4 cm हो जाती है । घनाभ की चौड़ाई = 2 cm है और ऊँचाई भी = 2 cm है ।


प्रयास कीजिए

1. दो पासों को आकृति में दर्शाए अनुसार, परस्पर सटा कर रखा गया है । क्या आप बता सकते हैं कि निम्नलिखित फलकों के विपरीत फलकों पर अंकित बिंदुओं का योग क्या होगा ?

(a) 5 + 6 (b) 4 + 3

(याद रखिए कि एक पासे पर सम्मुख फलकों पर अंकित संख्याओं का योग सदैव 7 होता है ।)

2. 2 cm किनारों वाले तीन घनों को परस्पर सटा कर रखते हुए, एक घनाभ बनाया गया है । इस घनाभ का एक तिर्यक चित्र बनाने का प्रयास कीजिए और बताइए कि इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्या हो सकती है ?


15.5 किसी ठोस के विभिन्न भागों को देखना

आइए अब इस पर चर्चा करें कि एक 3-D वस्तु को किस प्रकार विभिन्न विधियों से देखा जा सकता है ।


15.5.1 किसी वस्तु को देखने की एक विधि है उसे काटना या उसके पतले टुकड़े करना

टुकड़े करने वाला खेल

यहाँ एक डबल रोटी (bread) दी हुई है (आकृति 15.20)। यह वर्गाकार आधार वाले एक घनाभ जैसा है । आप चाकू से इसके टुकड़े कीजिए ।

Pic24.tif

आकृति 15.20

जब आप इसे ऊर्ध्वाधर रूप से काटते हैं, तो आपको अनेक टुकड़े प्राप्त हो जाते हैं, जैसा आकृति 15.20 में दर्शाया गया है । एक टुकड़े का प्रत्येक फलक एक वर्ग है । हम इस फलक को डबल रोटी की एक अनुप्रस्थ-काट (cross section) कहते हैं । वस्तुतः, इस स्थिति में, अनुप्रस्थ काट लगभग एक वर्ग है । ध्यान रखिए! यदि आपका यह काटना या कटाव ‘ऊर्ध्वाधर’ नहीं होगा, तो आपको एक भिन्न अनुप्रस्थ-काट प्राप्त हो सकती है । इसके बारे में सोचिए ! आपके द्वारा प्राप्त अनुप्रस्थ-काट की परिसीमा एक तल-आकृति है । क्या आप इसे देख रहे हैं ?


एक रसोई खेल

क्या आपने सब्जियों के अनुप्रस्थ-काट के आकारों पर ध्यान दिया है, जब उन्हें रसोई में पकाने के लिए काटा जाता है ? विभिन्न टुकड़ों को देखिए तथा सब्जियों को काटने से प्राप्त अनुप्रस्थ-काट के आकारों से परिचित हो जाइए ।

इसे खेलिए

निम्नलिखित ठोसों के मिट्टी (या प्लास्टिक की मिट्टी) के मॉडल (models) बनाइए तथा इनको ऊर्ध्वाधर या क्षैतिज रूप से काटिए । अपने द्वारा प्राप्त अनुप्रस्थ-काटों के रफ़ (rough) चित्र खींजिए । जहाँ भी संभव हो, इनके नाम भी लिखिए ।


10.2

आकृति 15.21


प्रश्नावली 15.3

1. आपको कौनसा अनुप्रस्थ-काट प्राप्त होती है, जब आप निम्नलिखित ठोसों को

(i) ऊर्ध्वाधर रूप से और (ii) क्षैतिज रूप से काटते हैं ?

(a) एक ईंट (b) एक गोल सेब (c) एक पासा

(d) एक बेलनाकार पाइप (e) एक आइसक्रीम शंकु


15.5.2 एक अन्य विधि छाया खेल वाली है

एक छाया खेल

यह समझाने के लिए कि किस प्रकार त्रिविमीय वस्तुओं को द्विविमीय आकारों के रूप में देखा जा सकता है, छायाएँ इनके अच्छे (या सुंदर) उदाहरण हैं ।

Pic21.tif

आकृति 15.22

क्या आपने कभी एक छाया खेल (shadow play) देखा है ? यह एक प्रकार का मनोरंजन है जिसमें सुस्पष्ट ठोस आकृतियों को एक प्रकाशमय स्रोत के सामने रखकर उनके गतिमान प्रतिबिंबों के भ्रम उत्पन्न किए जाते हैं । इसमें गणित की अवधारणाओं का कुछ अप्रत्यक्ष रूप से प्रयोग होता है ।

Pic22.tif

आकृति 15.23

आपको इस क्रियाकलाप के लिए, एक प्रकाश के स्रोत तथा कुछ ठोस आकारों की आवश्यकता होगी । (यदि आपके पास एक ओवरहैड प्रोजेक्टर (overhead projector) है, तो ठोस को बल्ब के अंतर्गत रखिए और इनकी खोज कीजिए ।) एक शंकु के ठीक सामने एक टार्च का प्रकाश डालिए । यह पर्दे पर किस प्रकार की छाया दर्शाता है (आकृति 15.23) ?

ठोस तीन विमाओं वाला है । इसकी छाया की कितनी विमाएँ हैं ?

Pic15.tif

(i)

यदि आप इस खेल में, शंकु के स्थान पर एक घन को टार्च के सामने रखें, तो आपको किस प्रकार की छाया प्राप्त होगी ?


प्रकाश के स्रोत की विभिन्न स्थितियों तथा ठोस वस्तु की विभिन्न स्थितियों को लेकर प्रयोग कीजिए । प्राप्त की गई छायाओं के आकारों तथा मापों पर इनके प्रभावों का अध्ययन कीजिए ।

यहाँ एक और मनोरंजक प्रयोग दिया जा रहा है,

जिसे संभवतः आप पहले ही कर चुके होंगे । एक वृत्ताकार चाय के प्याले को खुले में रख दीजिए, जब दोपहर 12 बजे के समय सूर्य उसके ठीक ऊपर हो । इसे आकृति 15.24 में दिखाया गया है । आपको उसकी छाया कैसी दिखाई देती है ?

क्या यह छाया एक ही प्रकार की रहती है?


10.3


आकृति 15.24 (i) - (iii)

सूर्य की स्थितियों और प्रेक्षण के समयों के अनुसार, छायाओं का अध्ययन कीजिए ।



प्रश्नावली 15.4

1. निम्नलिखित ठोसों के ठीक ऊपर एक जलता हुआ बल्ब रखा गया है । प्रत्येक स्थिति में प्राप्त छाया के आकार का नाम बताइए । इस छाया का एक रफ़ चित्र बनाने का प्रयास कीजिए । (पहले आप प्रयोग करने का प्रयास करें और फिर उत्तर दें ।)

10.4


2. यहाँ कुछ 3-D वस्तुओं की छायाएँ दी गई हैं जो उन्हें एक ओवरहैड प्रोजेक्टर के लैंप (बल्ब) के अंतर्गत या नीचे रख कर प्राप्त की गई हैं । प्रत्येक छाया से मिलान वाले ठोस की पहचान कीजिए। (इनमें एक से अधिक उत्तर हो सकते हैं !)

10.5

3. जाँच कीजिए कि क्या ये कथन सत्य हैं ।

(i) एक घन एक आयत के आकार की छाया दे सकता है ।

(ii) एक घन एक षड्भुज के आकार की छाया दे सकता है ।


15.5.3 एक तीसरी विधि यह है कि इसके विभिन्न दृश्य देखने के लिए इसे कुछ विशेष कोणों से देखा जाए

कोई भी व्यक्ति किसी वस्तु को उसके सामने से या उसकी एक ओर (पार्श्व) से या उसके ऊपर से देख सकता है । प्रत्येक बार उसे एक भिन्न दृश्य मिलेगा (आकृति 15.25)।

10.6

आकृति 15.25

यहाँ, एक उदाहरण दिया जा रहा है, जिसमें कोई व्यक्ति एक भवन के विभिन्न दृश्य प्राप्त कर सकता है (आकृति 15.26)।

10.7

आकृति 15.26

आप इन्हें, घनों को जोड़ने से बनी आकृतियों के लिए भी कर सकते हैं ।

10.8

आकृति 15.27

घनों को एक साथ रखकर ठोस बनाइए और फिर उन्हें विभिन्न दिशाओं से देखकर उनके ऊपर बताए अनुसार चित्र बनाने का प्रयत्न कीजिए।

10.9


हमने क्या चर्चा की ?

1. वृत्त, वर्ग, आयत, चतुर्भज और त्रिभुज समतल आकृतियों के उदाहरण हैं तथा घन, घनाभ, गोला, बेलन, शंकु और पिरामिडठोस आकारों के उदाहरण हैं ।

2. समतल आकृतियों की दो विमाएँ (संक्षिप्त में 2-D) होती हैं तथा ठोस आकारों की तीन विमाएँ (संक्षिप्त में 3-D) होती हैं ।

3. ठोस आकार के कोने उसके शीर्ष, उसके ढाँचें के रेखाखंड उसके किनारे (या कोर) तथा उसके सपाट पृष्ठ उसके फलक कहलाते हैं ।

4. ठोस का एक जाल दो विमाओं में एक एेसा ढाँचा (या रूप रेखा) है, जिसे मोड़कर वह ठोस प्राप्त हो जाता है । एक ही ठोस के अनेक प्रकार के जाल हो सकते हैं ।

5. वास्तविक रूप से, ठोस आकारों को सपाट पृष्ठों (जैसे कागज़) पर खींचा जा सकता है । हम इसे 3-D ठोस का 2-D निरूपण कहते हैं ।

6. एक ठोस के दो प्रकार के चित्र बनाना संभव है :

(a) एक तिर्यक चित्र, जिसमें लंबाइयाँ समानुपाती नहीं होती हैं । फिर भी यह ठोस के रुप के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर देता है ।

(b) एक समदूरीक चित्र को एक समदूरीक बिंदुकित कागज़ पर खींचा जाता है, जिसका एक प्रतिदर्श इस पुस्तक के अंत में दिया गया है । किसी ठोस के एक समदूरीक चित्र में लंबाइयों को समानुपाती रखा जाता है ।

7. ठोस आकारों का चित्रण एक बहुत ही उपयोगी कौशल है । आपको ठोस आकार के छिपे हुए भाग दिखाई दे जाने चाहिए ।

8. एक ठोस के विभिन्न भागों को अनेक विधियों से देखा जा सकता है ।

(a) एक विधि यह है कि दिए हुए आकार को काट लिया जाए । इससे हमें ठोस का एक अनुप्रस्थ-काट प्राप्त हो जाती है ।

(b) एक अन्य विधि यह है कि एक 3-D आकार की एक 2-D छाया देखी जाए ।


(c) तीसरी विधि यह है कि ठोस आकार को विभिन्न कोणों से देखा जाए। देखे गए आकार का सामने का दृश्य, पार्श्व दृश्य औरऊपर का दृश्य हमें उस आकार के बारे में बहुत अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं।


3040.png

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