3ण्1 भूमिका पिछली कक्षाओं में, आपने विभ्िान्न प्रकार के आँकड़ों के साथ कायर् किया था। आपने आँकड़ों को एकत्रिात करना, उनको सारणीब( करना तथा उन्हें दंड आलेखों ;इंत हतंचीेद्ध के रूप में प्रदश्िार्त करना सीखा था। आँकड़ों का संग्रह, आलेखन और प्रस्तुतीकरण, हमारे अनुभवों को संगठित करने और उनसे निष्कषर् निकालने में हमारी सहायता करते हैं। इस अध्याय में, हम इस ओर एक कदम और आगे बढ़ेंगे । आपके सम्मुख वुफछ अन्य प्रकार के आँकड़े और आलेख नगरों के तापमान 20ण्6ण्2006 को अिाकतम न्यूनतम अहमदाबाद 38°ब् 29°ब् अमृतसर 37°ब् 26°ब् बेंगलूर 28°ब् 21°ब् चेन्नइर् 36°ब् 27°ब् दिल्ली 38°ब् 28°ब् जयपुर 39°ब् 29°ब् जम्मू 41°ब् 26°ब् मुंबइर् 32°ब् 27°ब् सारणी 3ण्3 एक कक्षा में साप्ताहिक अनुपस्िथति दशार्ने वाले आँकड़े सोमवार मंगलवार बुधवार . बृहस्पतिवार शुक्रवार शनिवार एक बच्चे को निरूपित करता है आँकड़ों के ये संग्रह आपको क्या बताते हैं? उदाहरणाथर्, आप यह कह सकते हैं कि 20 - 6 - 2006 को जम्मू का अिाकतम तापमान सबसे अिाक था ;सारणी 3.1द्ध या हम कह सकते हैं कि बुधवार को कोइर् बच्चा अनुपस्िथत नहीं था ;सारणी 3.3द्ध। क्या हम इन आँकड़ों को किसी अलग तरीके से संगठित और प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उनका विश्लेषण करना और उनकी व्याख्या करना बेहतर हो जाए? इस अध्याय में, हम इसप्रकार के प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने का प्रयत्न करेंगे। 3ण्2 आँकड़ों का संग्रह नगरों के तापमानों के बारे में आँकड़े ;सारणी 3.1द्ध हमें अनेक बातें बता सकते हैं, परंतु ये आँकड़े हमें यह नहीं बता सकते कि पूरे वषर् में किस नगर का अिाकतम तापमान सबसे अिाक था। यह जानने के लिए हमें इन नगरों में से प्रत्येक नगर के पूरे वषर् के दौरान रिकाॅडर् किए गए अिाकतम तापमानों से संबंिात आँकड़े इकट्ठे करने पड़ेंगे। ऐसी स्िथति में, सारणी 3.1 में दिए गए वषर् के एक विश्िाष्ट दिन का तापमान - चाटर् पयार्प्त नहीं है। इससे यह प्रदश्िार्त होता है कि शायद आँकड़ों का एक दिया हुआ संग्रह हमें उससे संबंिात एक विश्िाष्ट सूचना न दे पाए। इसके लिए, हमें उस विश्िाष्ट सूचना को ध्यान में रखते हुए, आँकड़ों को इकट्ठे करने की आवश्यकता है। उपरोक्त स्िथति में, हमें जो विश्िाष्ट सूचना चाहिए थी वह यह थी, कि पूरे वषर् के दौरान इन नगरों के अिाकतम तापमान क्या रहे, जो हमें सारणी 3.1 से प्राप्त नहीं हो सके थे। इस प्रकार, आँकड़ों को इकट्ठे करने से पहले, हमें यह जानना आवश्यक है कि हम इनका उपयोग किसके लिए करेंगे। नीचे वुफछ स्िथतियाँ दी जा रही हैं। आप अध्ययन करना चाहते हैं: दृ गण्िात में अपनी कक्षा के प्रदशर्न का दृ पुफटबाॅल या िकेट में भारत के प्रदशर्न का दृ किसी क्षेत्रा में महिला साक्षरता दर का, अथवा दृ आपके आस - पास के परिवारों में 5 वषर् से कम आयु के बच्चों की संख्या का। उपरोक्त स्िथतियों में, आपको किस प्रकार के आँकड़ों की आवश्यकता है? जब तक आप उपयुक्त आँकड़े इकट्ठे नहीं करेंगे, आप वांछित जानकारी नहीं प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक के लिए, उपयुक्त आँकड़े क्या हैं? अपने मित्रों से चचार् कीजिए और पहचानिए कि प्रत्येक स्िथति में किन आँकड़ों की आवश्यकता होगी। वुफछ आँकड़ों को इकट्ठे करना सरल है और वुफछ को इकट्ठे करना कठिन। 3ण्3 आँकड़ों का संगठन जब हम आँकड़ों को संग्रहित करते हैं, तो हमें उन्हें रिकाॅडर् करके संगठित करना होता है। हमें इसकी क्यों आवश्यकता पड़ती है? निम्न उदाहरण पर विचार कीजिएः कक्षा अध्यापिका सुश्री नीलम यह जानना चाहती थी कि अंग्रेशी में बच्चों का प्रदशर्न वैफसा रहा? वह विद्याथ्िार्यों द्वारा प्राप्त अंकों को निम्नलिख्िात प्रकार से लिखती हैः 23ए 35ए 48ए 30ए 25ए 46ए 13ए 27ए 32ए 38 इस रूप में, आँकड़े सरलता से समझने योग्य नहीं थे। उन्हें यह भी ज्ञात नहीं हुआ कि विद्याथ्िार्यों के बारे में उनकी धारणाएँ उनके प्रदशर्न से मेल करती हैं या नहीं। नीलम के एक सहकमीर् ने उन आँकड़ों को निम्नलिख्िात रूप में इकट्ठे करने में उसकी सहायता की। ;सारणी 3.4द्धः सारणी 3ण्4 रोल नं नाम 50 में से प्राप्त अंक रोल नं नाम 50 में से प्राप्त अंक 1 अजय 23 6 गोविंद 46 2 अरमान 35 7 जय 13 3 आशीष 48 8 कविता 27 4 दीप्ित 30 9 मनीषा 32 5 पैफज़ान 25 10 नीरज 38 इस तरह नीलम यह समझ सकी कि किस छात्रा ने कितने अंक प्राप्त किए। लेकिन वह वुफछ और जानकारी चाहती थी। दीपिका ने उन आँकड़ों को दूसरी तरह से प्रदश्िार्त किया सारणी 3ण्5 रोल नं नाम 50 में से प्राप्त अंक रोल नं नाम 50 में से प्राप्त अंक 3 आश्िाष 48 4 दीप्ित 30 6 गोविंद 46 8 कविता 27 10 नीरज 38 5 पैफजान 25 2 अरमान 35 1 अजय 23 9 मनीषा 32 7 जय 13 अब नीलम यह जानने में समथर् हो गइर् कि किसने सबसे अच्छा प्रदशर्न किया है और किसको सहायता की आवश्यकता है। हमारे सामने आने वाले अनेक आँकड़े सारणीब( रूप में होते हैं। हमारे स्कूल के रजिस्टर, प्रगति रिपोटर्, अभ्यास - पुस्ितकाओं में क्रमानुसार सूची, तापमान के रिकाॅडर् तथा अन्य अनेक आँकड़े सारणीब( ;जंइनसंतद्ध रूप में होते हैं। क्या आप वुफछ और आँकड़ों के बारे में सोच सकते हैं, जो सारणीब( रूप में हैं? जब हम आँकड़ों को एक उपयुक्त सारणी में रख लेते हैं, तो उन्हें समझना और उनकी व्याख्या करना सरल हो जाता है। 3ण्4 प्रतिनििा मान आप ‘औसत’ ;ंअमतंहमद्ध शब्द से अवश्य ही परिचित होंगे तथा अपने दैनिक जीवन में औसत शब्द से संबंध्ित निम्नलिख्िात प्रकार के कथन अवश्य ही सुने या पढ़े होंगेः ऽ इर्शा अपनी पढ़ाइर् पर प्रतिदिन औसतन लगभग 5 घंटे का समय व्यतीत करती है। ऽ इस समय वषर् का औसत तापमान 40 डिग्री ;सेल्िसयसद्ध है। ऽ मेरी कक्षा के विद्याथ्िार्यों की औसत आयु 12 वषर् है। ऽ एक स्कूल की वाष्िार्क परीक्षा के समय विद्याथ्िार्यों की औसत उपस्िथति 98 प्रतिशत थी। इसी प्रकार के अनेक कथन हो सकते हैं। ऊपर दिए हुए कथनों के बारे में सोचिए। क्या आप सोचते हैं कि पहले कथन में बताया गया बच्चा प्रतिदिन ठीक 5 घंटे पढ़ता है? अथवा, क्या उस विशेष समय पर, दिए हुए स्थान का तापमान सदैव 40 डिग्री रहता है? अथवा, क्या उस कक्षा के प्रत्येक विद्याथीर् की आयु 12 वषर् है? स्पष्टतः इन प्रश्नों का उत्तर है ‘नहीं’ । तब, ये कथन हमें क्या बताते हैं? औसत से हम समझते हैं कि इर्शा प्रायः एक दिन मंे 5 घंटे पढ़ती है। वुफछ दिन वह इससे कम घंटे पढ़ती है और वुफछ दिन इससे अिाक घंटे पढ़ती है। इसी प्रकार, 40 डिग्री सेल्िसयस के औसत तापमान का अथर् है कि वषर् के इस समय पर तापमान प्रायः 40 डिग्री सेल्िसयस रहता है। कभी वह 40° ब् से कम रहता है और कभी 40° ब् से अिाक भी रहता है। इस प्रकार, हम यह अनुभव करते हैं कि औसत एक ऐसी संख्या है जो प्रेक्षणों ;वइेमतअंजपवदेद्ध या आँकड़ों के एक समूह की वेंफद्रीय प्रवृिा ;बमदजतंस जमदकमदबलद्ध को निरूपित करती ;या दशार्तीद्ध है। क्यांेकि औसत सबसे अध्िक तथा सबसे कम मूल्य ;अंसनमद्ध के आँकड़ों के बीच में होता है।इसलिए हम कहते हैं कि औसत, आँकड़ों के एक समूह की वेंफद्रीय प्रवृिा का मापक ;उमंेनतमद्ध है। विभ्िान्न प्रकार के आँकड़ों की व्याख्या करने के लिए, विभ्िान्न प्रकार के प्रतिनििा ;तमचतमेमदजंजपअमद्ध या वेंफद्रीय मानों ;बमदजतंस अंसनमेद्ध की आवश्यकता होती है। इनमें से एक प्रतिनििा मान अंकगण्िातीय माध्य या समांतर माध्य ;ंतजीउमजपब उमंदद्ध है। 3ण्5 अंकगण्िातीय माध्य आँकड़ों के एक समूह के लिए अंिाकांशतः प्रयोग किए जाना वाला प्रतिनििा मान अंकगण्िातीय माध्य है, संक्षेप में इसे माध्य ;उमंदद्ध भी कहते हैं। इसे अच्छी प्रकार से समझने के लिए, आइए निम्नलिख्िात उदाहरण को देखें: दो बतर्नों में क्रमशः 20 लीटर और 60 लीटर दूध है। यदि दोनों बतर्नों में बराबर - बराबर दूध रखा जाए, तो प्रत्येक बतर्न में कितना दूध होगा? जब हम इस प्रकार का प्रश्न पूछते हैं, तब हम अंकगण्िातीय माध्य ज्ञात करने के लिए कहते हैं। उपरोक्त स्िथति में, औसत या अंकगण्िातीय माध्य होगा: दध्ू ा की कलु मात्रा 20 ़60 त्र लीटर त्र 40 लीटरबतनर्ों की सख्ंया2 इस प्रकार, प्रत्येक बतर्न में 40 लीटर दूध होगा। औसत या अंकगण्िातीय माध्य ;।ण्डण्द्ध या केवल माध्य को निम्नलिख्िात रूप से परिभाष्िात किया जाता हैः सभी पेक्ष््राणों का योगमाध्य त्र पेक्ष््र ाणों की सख्ंया निम्नलिख्िात उदाहरणों पर विचार कीजिएः उदाहरण 1 आश्िाष तीन क्रमागत दिनों में क्रमशः 4 घंटे, 5 घंटे और 3 घंटे पढ़ता है। उसके प्रतिदिन पढ़ने का औसत समय क्या है? हल आश्िाष के पढ़ने का औसत समय होगा: पढा़इर्मंे लगाया कुल समय 453़़ त्र घंटे त्र 4 घंटे प्रतिदिनदिनांे की संख्या जिनमंे पढ़ाइर् की3 इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि आश्िाष प्रतिदिन 4 घंटे के औसत से पढ़ाइर् करता है। उदाहरण 2 एक बल्लेबाज ने 6 पारियों ;पददपदहेद्ध में निम्नलिख्िात संख्याओं में रन बनाए: 36ए 35ए 50ए 46ए 60ए 55 एक पारी में उसके द्वारा बनाए गए रनों का माध्य ज्ञात कीजिए। हल वुफल रन त्र 36 ़ 35 ़ 50 ़ 46 ़ 60 ़ 55 त्र 282 माध्य ज्ञात करने के लिए, हम सभी प्रेक्षणों का योग ज्ञात करके उसे प्रेक्षणों की वुफल संख्या से भाग देते हैं। अतः, इस स्िथति में माध्य त्र 282 त्र 47ण्6 इस प्रकार, एक पारी में उसके द्वारा बनाए गए रनों का माध्य 47 है। अंकगण्िातीय माध्य कहाँ स्िथत है? ़उदाहरणाथर्, 5 और 11 का माध्य 511 त्र 8 है, जो 5 और 11 के बीच में स्िथत है।2 क्या आप इस अवधारणा का प्रयोग करके, यह दशार् सकते हैं कि दो भ्िान्नात्मक संख्याओं के बीच में जितनी चाहें उतनी भ्िान्नात्मक संख्याएँ ज्ञात की जा सकती हैं? उदाहरणाथर् 1 और211़1 31324के बीच में आपको इनका औसत मिलेगा त्र और पिफर और के बीच में42828 7इनका औसत होगा 16 इत्यादि। 3ण्5ण्1 प्रसार या परिसर सबसे बड़े और सबसे छोटे प्रेक्षणों के अंतर से, हमें प्रेक्षणों के प्रसार का एक अनुमान लग जाता है। इसे सबसे बड़े प्रेक्षण में से सबसे छोटे पे्रक्षण को घटा कर ज्ञात किया जा सकता है। हम इस परिणाम को आँकड़ों या प्रेक्षणों का प्रसार या परिसर ;तंदहमद्ध कहते हैं। निम्नलिख्िात उदाहरण देख्िाए: उदाहरण 3 एक स्कूल के 10 अध्यापकों की वषो± में आयु इस प्रकार है: 32ए 41ए 28ए 54ए 35ए 26ए 23ए 33ए 38ए 40 ;पद्ध सबसे बड़ी उम्र वाले अध्यापक की आयु क्या है? तथा सबसे छोटी उम्र वाले अध्यापक की आयु क्या है? ;पपद्ध अध्यापकों की आयु का परिसर क्या है? ;पपपद्ध इन अध्यापकों की माध्य आयु क्या है? हल ;पद्ध आयु को आरोही क्रम में व्यवस्िथत करने पर, हमें प्राप्त होता है: 23ए 26ए 28ए 32ए 33ए 35ए 38ए 40ए 41ए 54 हमें ज्ञात होता है कि सबसे बड़ी उम्र वाले अध्यापक की आयु 54 वषर् है तथा सबसे छोटी उम्र वाले अध्यापक की आयु 23 वषर् है। ;पपद्ध अध्यापकों की आयु का परिसर त्र ;54 दृ 23द्ध वषर् त्र 31 वषर् है। ;पपपद्ध अध्यापकों की माध्य आयु 23 ़ 26 ़ 28 ़ 32 ़ 33 ़ 35 ़ 38 ़ 40 ़ 41़ 54 त्र वषर्10 350 त्र वषर् त्र 35 वषर्10 1ण् अपनी कक्षा के किन्हीं दस ;10द्ध विद्याथ्िार्यों की ऊँचाइयों का परिसर ज्ञात कीजिए। 2ण् कक्षा के एक मूल्यांकन में प्राप्त किए गए निम्नलिख्िात अंकों को एक सारणीब( रूप में संगठित कीजिए: 4ए 6ए 7ए 5ए 3ए 5ए 4ए 5ए 2ए 6ए 2ए 5ए 1ए 9ए 6ए 5ए 8ए 4ए 6ए 7 ;पद्ध सबसे बड़ा अंक कौन - सा है? ;पपद्ध सबसे छोटा अंक कौन - सा है? ;पपपद्ध इन आँकड़ों का परिसर क्या है? ;पअद्ध अंकगण्िातीय माध्य ज्ञात कीजिए। 3ण् प्रथम 5 पूणर् संख्याओं का माध्य ज्ञात कीजिए। 4ण् एक िकेट ख्िालाड़ी ने 8 पारियों मंे निम्नलिख्िात रन बनाए: 58ए 76ए 40ए 35ए 46ए 50ए 0ए 100ण् उसका माध्य स्कोर ;ेबवतमद्ध या रन ज्ञात कीजिए। 5ण् निम्नलिख्िात सारणी प्रत्येक ख्िालाड़ी द्वारा चार खेलों में अजिर्त किए गए अंकों को दशार्ती हैः ख्िालाड़ी खेल 1 खेल 2 खेल 3 खेल 4 । 14 16 10 10 ठ 0 8 6 4 ब् 8 11 खेला नहीं 13 अब निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दीजिए: ;पद्ध प्रत्येक खेल मंे । द्वारा अजिर्त औसत अंक ज्ञात करने के लिए, माध्य ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध प्रत्येक खेल में ब् द्वारा अजिर्त माध्य अंक ज्ञात करने के लिए, आप वुफल अंकों को 3 से भाग देंगे या 4 से? क्यों? ;पपपद्ध ठ ने सभी चार खेलों में भाग लिया है। आप उसके अंकों का माध्य किस प्रकार ज्ञात करेंगे? ;पअद्ध किसका प्रदशर्न सबसे अच्छा है? 6ण् विज्ञान की एक परीक्षा में, विद्याथ्िार्यों के एक समूह द्वारा ;100 में सेद्ध प्राप्त किए गए अंक 85, 76, 90, 85, 39, 48, 56, 95, 81 और 75 हैं। ज्ञात कीजिए: ;पद्ध विद्याथ्िार्यों द्वारा प्राप्त सबसे अिाक अंक और सबसे कम अंक ;पपद्ध प्राप्त अंकों का परिसर ;पपपद्ध समूह द्वारा प्राप्त माध्य अंक 7ण् छह क्रमागत वषो± में एक स्कूल में विद्याथ्िार्यों की संख्या निम्नलिख्िात थी: 1555ए 1670ए 1750ए 2013ए 2540ए 2820 इस समय काल में स्कूल के विद्याथ्िार्यों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए। 8ण् एक नगर में किसी विशेष सप्ताह के 7 दिनों मंे हुइर् वषार् ;उउ मेंद्ध निम्नलिख्िात रूप से रिकाॅडर् की गइर्ः दिन सोमवार मंगलवार बुधवार वृहस्पतिवार शुक्रवार शनिवार रविवार वषार् ;उउद्ध 0ण्0 12ण्2 2ण्1 0ण्0 20ण्5 5ण्5 1ण्0 ;पद्ध उपरोक्त आँकड़ों से वषार् का परिसर ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध इस सप्ताह की माध्य वषार् ज्ञात कीजिए। ;पपपद्ध कितने दिन वषार्, माध्य वषार् से कम रही? 9ण् 10 लड़कियों की ऊँचाइयाँ बउ में मापी गईं और निम्नलिख्िात परिणाम प्राप्त हुएः 135ए 150ए 139ए 128ए 151ए 132ए 146ए 149ए 143ए 141ण् ;पद्ध सबसे लंबी लड़की की लंबाइर् क्या है? ;पपद्ध सबसे छोटी लड़की की लंबाइर् क्या है? ;पपपद्ध इन आँकड़ों का परिसर क्या है? ;पअद्ध लड़कियों की माध्य ऊँचाइर् ;लंबाइर्द्ध क्या है? ;अद्ध कितनी लड़कियों की लंबाइर्, माध्य लंबाइर् से अिाक है? 3ण्6 बहुलक जैसा कि हम पहले बता चुके हैं केवल माध्य ही वेंफद्रीय प्रवृिा की माप या प्रतिनििा मान नहींहै। विभ्िान्न प्रकार की आवश्यकताओं के अनुसार अन्य प्रकार कि वेंफद्रीय प्रवृिा के मापकों का प्रयोग किया जाता है। निम्नलिख्िात उदाहरण को देख्िाए: कमीशों के विभ्िान्न मापों ;साइशोंद्ध की साप्ताहिक माँग को ज्ञात करने के लिए, एक दुकानदार 90 बउ, 95 बउ, 100 बउ, 105 बउ और 110 बउ मापों की कमीशों की बिक्री का रिकाॅडर् ;तमबवतकद्ध रखता है। एक सप्ताह का रिकाॅडर् इस प्रकार है: माप ;बउ मेंद्ध 90 95 100 105 110 योग बेची गइर् कमीशों की संख्या 8 22 32 37 6 105 यदि वह बेची गइर् कमीशों की संख्या का माध्य ज्ञात करे, तो क्या आप सोचते हैं कि वह यह निणर्य ले पाएगा कि किस माप की कमीशें स्टाॅक ;ेजवबाद्ध में रखी जाएँ? बचेी गइर् कमीशों की कलु सख्ंया 105बेची गइर् कमीशों का माध्य त्र त्रत्र 21 कमीशांे केविभ्िान्न मापों केपक्रार 5 क्या वह प्रत्येक माप की 21 कमीशें स्टाॅक में रखे? यदि वह ऐसा करता है, तो क्या वह अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा कर पाएगा? उपरोक्त रिकाॅडर् को देखकर, दुकानदार 95 बउ, 100 बउ और 105 बउ मापों की कमीशों को मँगवाने का निणर्य लेता है। वह अन्य मापों की कमीशों को मँगवाने का निणर्य, उनके कम खरीददारों को देखते हुए, आगे के लिए टाल देता है। एक अन्य उदाहरण देख्िाए: रेडीमेड ;तमंकलउंकमद्ध कपड़ों का एक दुकानदार कहता है, ‘मेरे द्वारा सबसे अिाक माप की बेची गईं कमीश का माप 90 बउ है।’ ध्यान दीजिए कि यहाँ भी दुकानदार की रुचि विभ्िान्न मापों की बेची गइर् कमीशों की संख्याओं में ही है। वह कमीश के उस माप को देख रहा है, जो सबसे अिाक बिकती है। यह आँकड़ों का एक अन्य प्रतिनििा मान है। सबसे अिाक बिक्री 105 बउ माप की कमीशों की बिक्री है। यह प्रतिनििा मान ;105द्ध आँकड़ों का बहुलक ;उवकमद्ध कहलाता है। दिए हुए प्रेक्षणों के एक समूह में, सबसे अिाक बार आने वाला प्रेक्षण इस समूह का बहुलक कहलाता है। उदाहरण 4 निम्नलिख्िात संख्याओं का बहुलक ज्ञात कीजिएः 1ए 1ए 2ए 4ए 3ए 2ए 1ए 2ए 2ए 4 हल समान मान वाली संख्याओं को एक साथ व्यवस्िथत करने पर, हमें प्राप्त होता है: 1ए 1ए 1ए 2ए 2ए 2ए 2ए 3ए 4ए 4 इन आँकड़ों का बहुलक 2 है, क्योंकि यह अन्य प्रेक्षणों की तुलना में अिाक बार आता है। 3ण्6ण्1 बड़े आँकड़ों का बहुलक यदि प्रेक्षणों की संख्या बड़ी हो, तो उनको समान मान वाले प्रेक्षणों के रूप में व्यवस्िथत करना और पिफर उनको गिनना इतना सरल नहीं होता है। ऐसी स्िथतियों में, हम आँकड़ों को सारणीब( करते हैं, जैसा कि आप पिछली कक्षा मंे कर चुके हैं, आँकड़ों की सारणी बनाने का कायर् मिलानचिÉों ;जंससल उंतोद्ध से प्रारंभ करते हुए, प्रेक्षणों की बारंबारताएँ ;तिमुनमदबपमेद्ध बना कर पूरा किया जा सकता है। निम्न उदाहरणों को देख्िाए: उदाहरण 5 टीमों के एक समूह में खेले गए पुफटबाॅल के मैचों में, जीतने के अंतर गोलों में ;पद हवंसेद्ध निम्नलिख्िात हैं: 1ए 3ए 2ए 5ए 1ए 4ए 6ए 2ए 5ए 2ए 2ए 2ए 4ए 1ए 2ए 3ए 1ए 1ए 2ए 3ए 2ए 6ए 4ए 3ए 2ए 1ए 1ए 4ए 2ए 1ए 5ए 3ए 3ए 2ए 3ए 2ए 4ए 2ए 1ए 2 इन आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए। हल आइए इन आँकड़ों को एक सारणी के रूप में रखें: जीतने का अंतर मिलान चिÉ मैचों की संख्या 1 9 2 14 3 7 4 5 5 3 6 2 योग 40 इस सारणी को देखकर, हम तुरंत यह कह सकते हैं कि ‘2’ बहुलक है, क्योंकि 2 सबसे अिाक बार आया है। इस प्रकार, अिाकांश मैच 2 गोलों के अंतर से जीते गए हैं। क्या संख्याओं के एक समूह मंे दो बहुलक हो सकते हैं? उदाहरण 6 निम्नलिख्िात संख्याओं का बहुलक ज्ञात कीजिएः 2ए 2ए 2ए 3ए 3ए 4ए 5ए 5ए 5ए 6ए 6ए 8 हल यहाँ 2 और 5 दोनों ही तीन बार आए हैं। अतः, ये दोनों ही आँकड़ों के बहुलक हैं। जहाँ माध्य हमें आँकड़ों के सभी प्रेक्षणें का औसत प्रदान करता है, वहीं बहुलक आँकड़ों में सबसे अिाक बार आने वाले प्रेक्षण को दशार्ता है। आइए निम्नलिख्िात उदाहरणों पर विचार करें: ;ंद्ध आपको एक दावत में बुलाए गए 25 व्यक्ितयों के लिए आवश्यक चपातियों की संख्या के बारे में निणर्य लेना है। ;इद्ध कमीशें बेचने वाले एक दुकानदार को अपने स्टाॅक की आपूतिर् करनी है। ;बद्ध हमें अपने घर के लिए आवश्यक दरवाशे की ऊँचाइर् ज्ञात करनी है। ;कद्ध एक पिकनिक ;चपबदपबद्ध पर जाते समय, अगर प्रत्येक व्यक्ित के लिए केवल एक ही पफल खरीदा जाना है, तब, हमें कौन - सा पफल मिलेगा? इन स्िथतियों में हम किसमें बहुलक का एक अच्छे आकलन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं? पहले कथन पर विचार कीजिए। मान लीजिए प्रत्येक व्यक्ित के लिए आवश्यक चपातियों की संख्या इस प्रकार है: 2ए 3ए 2ए 3ए 2ए 1ए 2ए 3ए 2ए 2ए 4ए 2ए 2ए 3ए 2ए 4ए 4ए 2ए 3ए 2ए 4ए 2ए 4ए 3ए 5 इन आँकड़ों का बहुलक 2 चपाती है। यदि हम बहुलक को आँकड़ों के प्रतिनििा मान के रूप में प्रयोग करें, तो हमें प्रति व्यक्ित 2 चपातियों की दर से 25 व्यक्ितयों के लिए केवल 50 चपातियांे की आवश्यकता होगी। परंतु निश्चय ही यह चपातियाँ सभी व्यक्ितयों को अपयार्प्त होंगी। इस स्िथति में क्या माध्य एक उपयुक्त प्रतिनििा मान होगा? तीसरे कथन के लिए, दरवाशे की ऊँचाइर्, उन व्यक्ितयों की ऊँचाइर् से संबंिात है जो उस दरवाशे का प्रयोग करेंगे। मान लीजिए कि घर में 5 बच्चे और 4 वयस्क हैं जो उस दरवाशे का प्रयोग करते हैं तथा 5 बच्चों में सेप्रत्येक की ऊँचाइर् 135 बउ के आसपास है। ऊँचाइयों का बहुलक 135 बउ है। क्या हमें एक ऐसा दरवाशा लेना चाहिए जिसकी ऊँचाइर् 144 बउ है? क्या सभी वयस्क इस दरवाशे में से निकल पाएँगे? यह स्पष्ट है कि इन आँकड़ों के लिए भी बहुलक एक उपयुक्त प्रतिनििा मान नहीं है। क्या यहाँ माध्य एक उपयुक्त प्रतिनििा मान होगा? क्यों नहीं? दरवाशे की ऊँचाइर् के बारे में निणर्य लेने के लिए, ऊँचाइर् के किस प्रतिनििा मान का प्रयोग किया जाए? इसी प्रकार, शेष कथनों का विश्लेषण कीजिए तथा इन स्िथतियों के लिए उपयुक्त प्रतिनििा मान ज्ञात कीजिए। 3ण्7 माध्यक हम देख चुके हैं कि वुफछ स्िथतियों में अंकगण्िातीय माध्य एक उपयुक्त वेंफद्रीय प्रवृिा का मापकहै तथा वुफछ स्िथतियों में बहुलक एक उपयुक्त वेंफद्रीय प्रवृिा का मापक है। आइए अब एक अन्य उदाहरण देखें। 17 विद्याथ्िार्यों के एक समूह पर विचार कीजिए, जिनकीऊँचाइर् बउ में निम्नलिख्िात हैं: 106ए 110ए 123ए 125ए 117ए 120ए 112ए 115ए 110ए 120ए 115ए 102ए 115ए 115ए 109ए 115ए 101ण् खेल की अध्यापिका कक्षा को ऐसे दो समूहों में इस तरह विभाजित करना चाहती है किप्रत्येक समूह में विद्याथ्िार्यों की संख्या बराबर हो तथा एक समूह में विद्याथ्िार्यों की ऊँचाइयाँ एकविशेष ऊँचाइर् से कम हों और दूसरे समूह में विद्याथ्िार्यों की ऊँचाइयाँ उस विशेष ऊँचाइर् से अिाकहों। वह ऐसा किस प्रकार करेगी? आइए उसके पास जो विभ्िान्न विकल्प हैं, उन्हें देखें: ;पद्ध वह माध्य ज्ञात कर सकती है। यह माध्य है: 106 ़110 ़123़125 ़117 ़120 ़112 ़115 ़110 ़120 ़115 ़102 ़115 ़115 ़109 ़115 ़101 17 1930 त्र त्र 113ण्5 17 अतः, अध्यापिका कक्षा के विद्याथ्िार्यों को यदि ऐसे दो समूहों मंे विभाजित करती है, जिनमेंसे एक समूह में माध्य ऊँचाइर् से कम ऊँचाइर् वाले विद्याथीर् हैं और दूसरे समूह में माध्य ऊँचाइर्से अिाक ऊँचाइर् वाले विद्याथीर् हैं। तब, इन समूहों में विद्याथ्िार्यों की संख्याएँ बराबर नहीं रहती हैं क्योंकि एक समूह में 7 सदस्य होंगे तथा दूसरे समूह में 10 सदस्य होंगे। ;पपद्ध उसके पास दूसरा विकल्प है कि वह बहुलक ज्ञात करे। सबसे अिाक बारंबारताओं वाला प्रेक्षण 115 बउ है और इसे बहुलक लिया जाएगा। बहुलक से नीचे वाले 7 विद्याथीर् हैं तथा 10 विद्याथीर् बहुलक के बराबर या उससे ऊपर हैं। अतः, हम कक्षा के विद्याथ्िार्यों को दो बराबर समूहों में विभाजित नहीं कर सकते।इसलिए, आइए अब हम एक अन्य वैकल्िपक प्रतिनििा मान या वेंफद्रीय प्रवृिा के मापक केबारे में सोचें। ऐसा करने के लिए, हम पुनः दी हुइर् ऊँचाइयों ;बउ मेंद्ध को देखते हैं और इन्हें आरोही क्रम में व्यवस्िथत करते हैं। हम निम्नलिख्िात प्रेक्षण प्राप्त करते हैं: 101ए 102ए 106ए 109ए 110ए 110ए 112ए 115ए 115ए 115ए 115ए 115ए 117ए 120ए 120ए 123ए 125 में विभाजित करता है जिनमें से प्रत्येक में 8 विद्याथीर् हैं। यह मान आँकड़ों का माध्यक ;उमकपंदद्ध कहलाता है। माध्यक उस मान को बताता है, जो आँकड़ों के मध्य में स्िथत होता है ;उनको आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्िथत करने परद्ध तथा आधे प्रेक्षण इससे अिाक मान वाले होते हैं और आधे प्रेक्षण इससे कम मान वाले होते हैं। खेल की अध्यापिका इस बीच वाले विद्याथीर् को इस खेल में निणार्यक ;तमतिममद्ध बना सकती है। यहाँ हम केवल उन स्िथतियों को ही लेंगे, जहाँ पे्रक्षणों की संख्या विषम है। इस प्रकार, दिए गए आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्िथत करने के बाद उनका बीचों - बीच ;मध्यद्ध वाला मान उनका माध्यक होता है। ध्यान दीजिए कि सामान्यतः, हमें माध्यक और बहुलक के लिए एक ही मान नहीं मिलेगा। आइए वुफछ उदाहरणों को देखें। उदाहरण 7 निम्नलिख्िात आँकड़ों का माध्यक ज्ञात कीजिए: 24ए 36ए 46ए 17ए 18ए 25ए 35 हल आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्िथत करने पर, हमें प्राप्त होता है: 17ए 18ए 24ए 25ए 35ए 36ए 46 मध्य ;बीचद्ध वाला प्रेक्षण माध्यक होता है। अतः, माध्यक 25 है। 1.गण्िात की एक परीक्षा में, 15 विद्याथ्िार्यों द्वारा ;25 में सेद्ध प्राप्त किए गए अंक निम्नलिख्िात हैंः 19ए 25ए 23ए 20ए 9ए 20ए 15ए 10ए 5ए 16ए 25ए 20ए 24ए 12ए 20 इन आँकड़ों के बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए। क्या ये समान हैं? 2 एक िकेट मैच में ख्िालाडि़यों द्वारा बनाए गए रन इस प्रकार हैं: 6ए 15ए 120ए 50ए 100ए 80ए 10ए 15ए 8ए 10ए 15 3 इन आँकड़ों के माध्य, बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए। क्या ये तीनों समान हैं? एक कक्षा के 15 विद्याथ्िार्यों के भार ;ाह मेंद्ध इस प्रकार हैं: 38ए 42ए 35ए 37ए 45ए 50ए 32ए 43ए 43ए 40ए 36ए 38ए 43ए 38ए 47 4 ;पद्ध इन आँकड़ों के बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए। ;पपद्ध क्या इनके एक से अिाक बहुलक हैं? निम्नलिख्िात आँकड़ों के बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए: 13ए 16ए 12ए 14ए 19ए 12ए 14ए 13ए 14 5 बताइए कि निम्नलिख्िात कथन सत्य है अथवा असत्य: ;पद्ध बहुलक आँकड़ों में से सदैव एक संख्या होता है। ;पपद्ध माध्य दिए हुए आँकड़ों में से एक संख्या हो सकता है। ;पपपद्ध माध्यक आँकड़ों में से सदैव एक संख्या होता है। ;पअद्ध आँकड़ों 6ए 4ए 3ए 8ए 9ए 12ए 13ए 9 का माध्य 9 है। 3ण्8 भ्िान्न उद्देश्य के साथ दंड आलेखों का प्रयोग पिछले वषर् हम देख चुके हैं कि किस प्रकार एकत्रिात ;संग्रहितद्ध की गइर् सूचनाओं को एक बारंबारता बंटन सारणी ;तिमुनमदबल कपेजतपइनजपवद जंइसमद्ध के रूप में पहले व्यवस्िथत करके और पिफर इन सूचनाओं को चित्राीय रूप में चित्रालेखों ;चपबजवहतंचीेद्ध या दंड आलेखों ;इंतहतंचीेद्ध के रूप में निरूपित किया जाता है। आप इन दंड आलेखों को देख सकते हैं और इनके बारे में निष्कषर् निकाल सकते हैं। आप इन दंड आलेखों के आधार पर सूचनाएँ भी प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरणाथर्, आप कह सकते हैं कि सबसे लंबा दंड ;इंतद्ध ही बहुलक है, यदि दंड बारंबारता निरूपित करता है। 3ण्8ण्1 एक स्केल ;या मापदंडद्ध का चुनना हम जानते हैं कि दंड आलेख समान चैड़ाइर् के दंडों द्वारा संख्याओं ;आँकड़ोंद्ध का निरूपण है तथा दंडों की लंबाइयाँ बारंबारताओं और चुने गए स्केल ;ेबंसमद्ध पर निभर्र करती हैं। उदाहरणाथर्, एक दंड आलेख में, जहाँ संख्याओं को इकाइयों में दशार्ना है, आलेख एक प्रेक्षण के लिए एक इकाइर् लंबाइर् निरूपित करता है और यदि उसे संख्याओं को दहाइर् या सैकड़ों में दशार्ना है, तो एक इकाइर् लंबाइर् 10 या 100 प्रेक्षणों को निरूपित कर सकती है। निम्नलिख्िात उदाहरणों पर विचार कीजिएः उदाहरण 8 छठी और सातवीं कक्षाओं के 200 विद्याथ्िार्यों से उनके मनपसंद रंग का नाम बताने के लिए कहा गया, ताकि यह निणर्य लिया जा सके कि उनके स्कूल के भवन का क्या रंग रखा जाए। इसके परिणाम निम्नलिख्िात सारणी में दशार्ए गए हैं। इन आँकड़ों को एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए। मनपसंद रंग लाल हरा नीला पीला नारंगी विद्याथ्िार्यों की संख्या 43 19 55 49 34 इस दंड आलेख की सहायता से निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दीजिए: ;पद्ध कौन - सा रंग सबसे अिाक पसंद किया जाता है और कौन - सा रंग सबसे कम पसंद किया जाता है? ;पपद्ध वुफल कितने रंग हैं? वे क्या हैं? हल एक उपयुक्त पैमाना नीचे दशार्ए अनुसार चुनिए: स्केल को 0 से प्रारंभ कीजिए। आँकड़ों में सबसे बड़ा मान 55 है। अतः, स्केल को 55 से वुफछ अिाक, मान लीजिए 60 पर समाप्त करते हैं। अक्ष पर समान विभाजनों ;कपअपेपवदेद्ध का प्रयोग कीजिए, जैसे कि 10 की वृियाँ। आप जानते हैं कि सभी दंड ;इंतेद्ध 0 और 60 के बीच स्िथत होंगे। हम स्केल को इस प्रकार चुनेंगे, ताकि 0 और 60 के बीच की लंबाइर् न तो अिाक छोटी हो और न ही अिाक बड़ी हो। यहाँ, हम 1 इकाइर् त्र 10 विद्याथीर् लेते हैं। पिफर हम आकृति में दशार्ए अनुसार, दंड आलेख को खींचते और नामांकित करते हैं। दंड आलेख से हम निष्कषर् निकालते हैं कि ;पद्ध नीला रंग सबसे मनपसंद रंग है ;क्योंकि नीले रंग को निरूपित करने वाला दंड सबसे लंबा हैद्ध ;पपद्ध हरा रंग सबसे कम मनपसंद रंग है ;क्योंकि हरे रंग को निरूपित करने वाला दंड सबसे छोटा हैद्ध। ;पपपद्ध यहाँ पांच रंग हैं। ये हैं लाल, हरा, नीला, पीला और नारंगी ;ये क्षैतिज अक्ष पर देखे जा सकते हैंद्ध। उदाहरण 9 निम्नलिख्िात आँकड़े किसी कक्षा के छः विद्याथ्िार्यों द्वारा ;600 में सेद्ध प्राप्त किए गए वुफल अंकों को दशार्ते हैं। इन्हें एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए। विद्याथीर् अजय बाली दीप्ित पैफयाज गीतिका हरी प्राप्तांक 450 500 300 360 400 540 हल 1.एक उपयुक्त स्केल चुनने के लिए, हम 100 की वृियाँ लेते हुए, समान विभाजन अक्ष पर अंकित करते हैं। इस प्रकार, 1 इकाइर् 100 अंक निरूपित करेगी। ;यदि हम 1 इकाइर् से 10 अंकों को निरूपित करें, तो क्या कठिनाइर् होगी?द्ध 2.अब आँकड़ों को दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए। दोहरे दंड आलेख खींचना आँकड़ों के निम्नलिख्िात दो समूहों पर विचार कीजिए, जो दो नगरों, आबेरदीन और मारगेट में, वषर् के सभी बारह महीनों के लिए, धूप रहने के औसत दैनिक घंटों को दशार्ते हैं। ये नगर दक्ष्िाणी ध्रुव के निकट स्िथत हैं और इसीलिए यहाँ प्रतिदिन धूप बहुत कम घंटों के लिए रहती है। मारगेट में जन पफर माचर् अप्रैल मइर् जून जुलाइर् अग सितं अक्तू नव दिसं धूप के औसत 2 3 1 4 4 4 7 3 4 8 7 1 2 7 6 1 4 6 4 2 घंटे आबेरदीन में धूप के औसत घंटे 1 1 2 3 3 1 2 6 5 1 2 6 1 2 5 1 2 5 4 1 2 4 3 1 3 4 इनके अलग - अलग दंड आलेख खींच कर आप निम्नलिख्िात प्रकार के प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैंः ;पद्ध प्रत्येक नगर में, किस महीने में अिाकतम धूप रहती है? या ;पपद्ध प्रत्येक नगर में, किस महीने में न्यूनतम धूप रहती है? परंतु ‘एक विशेष महीने में, किस नगर में धूप अिाक घंटों तक रहती है?’ जैसे प्रश्नों के उत्तर देने के लिए, हमें दोनों नगरों के औसत धूप के घंटों की तुलना करने की आवश्यकता होगी। इसके लिए हम उन आलेखों को खींचना सीखेंगे, जिन्हें दोहरे दंड आलेख ;कवनइसम इंत हतंचीेद्ध कहा जाता है। इनमें दोनों नगरों की सूचना दंड आलेखों द्वारा साथ - साथ दी हुइर् होती हैं। आवृफति 3ण्1 उपरोक्त दंड आलेख ;आवृफति 3ण्1द्ध दोनों नगरों के औसत धूप के समय को दशार्ता है। इसमें प्रत्येक महीने के लिए, हमारे पास दो दंड हैं, जिनकी ऊँचाइयाँ प्रत्येक नगर के औसत धूप के घंटों को दशार्ती हैं। इससे हम यह निष्कषर् निकाल सकते हैं कि अप्रैल के महीने को छोड़कर, अन्य सभी महीनों में मारगेट में आबेरदीन की अपेक्षा धूप सदैव अिाक रहती है। आप इसी प्रकार का दंड आलेख अपने क्षेत्रा या नगर के लिए भी बना सकते हैं। आइए एक और उदाहरण लें, जो हम से अिाक संबंिात है। उदाहरण 10 गण्िात की अध्यापिका यह जानना चाहती है कि तिमाही परीक्षा के बाद, उसके द्वारा पढ़ाइर् में अपनाइर् गइर् नइर् तकनीक का कोइर् प्रभाव पड़ा या नहीं। वह सबसे कमजोर 5 बच्चांे द्वारा तिमाही परीक्षा ;25 में सेद्ध और छःमाही परीक्षा ;25 में सेद्ध में प्राप्त किए अंकों को लेती है, जो इस प्रकार हैं: विद्याथीर् आश्िाष अरुण कविश माया रीता तिमाही छःमाही 10 15 15 18 12 16 20 21 9 15 हल पहले वह संलग्न आकृति में दशार्ए अनुसार एक दोहरा दंड आलेख ;कवनइसम इंत हतंचीद्ध खींचती है। दंडों को देख कर लगता है कि विद्याथ्िार्यों के प्रदशर्न में बहुत सुधार हुआ है। अतः, वह निणर्य लेती है कि उसे अपनी नइर् श्िाक्षण तकनीक जारी रखनी चाहिए। क्या आप वुफछ अन्य स्िथतियों के बारे में सोचते हैं, जहाँ आप दोहरे दंड आलेखों का प्रयोग कर सकते हैं? 1.निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर देने के लिए, आकृति 3.3 में दिए दंड आलेख का प्रयोग कीजिए: ;ंद्ध कौन - सा पालतू पशु अिाक लोकपि्रय है? ;इद्ध कितने विद्याथ्िार्यों का पालतू पशु वुफत्ता है? 2.निम्नलिख्िात दंड आलेख को पढि़ए जो एक पुस्तक भंडार द्वारा 5 क्रमागत वषो± मंे बेची गइर्पुस्तकों की संख्या दशार्ती है, और आगे आने वाले प्रश्नों के उत्तर दीजिए । ;पद्ध वषो± 1989, 1990 और 1992 में से प्रत्येक में लगभग कितनी पुस्तवेंफ बेची गईं? ;पपद्ध किस वषर् में लगभग 475 पुस्तवेंफ बेची गईं? किस वषर् में लगभग 225 पुस्तवेंफ बेची गईं? ;पपपद्ध किन वषो± में 250 से कम पुस्तवेंफ बेची गइर्? ;पअद्ध क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि आप वषर् 1989 में बेची गइर् पुस्तकों का आकलन किस प्रकार करेंगे? आवृफति 3.3 आवृफति 3.4 3.छः विभ्िान्न कक्षाओं के विद्याथ्िार्यों की संख्याएँ नीचे दी गइर् हैं। इन आँकड़ों को एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिएः कक्षा पाँचवीं छठी सातवीं आठवीं नौंवी दसवीं विद्याथ्िार्यों की संख्या 135 120 95 100 90 80 ;ंद्ध आप स्केल किस प्रकार चुनेंगे? ;इद्ध निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दीजिए: ;पद्ध किस कक्षा में विद्याथ्िार्यों की संख्या अिाकतम है? किस कक्षा में न्यूनतम है? ;पपद्ध कक्षा 6 के विद्याथ्िार्यों की संख्या का कक्षा 8 के विद्याथ्िार्यों की संख्या से अनुपात ज्ञात कीजिए। 4.एक विद्याथीर् के प्रथम सत्रा और द्वितीय सत्रा का प्रदशर्न दिया हुआ है। एक उपयुक्त स्केल चुनकर एक दोहरादंड आलेख खींचिए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिएः विषय अंग्रेशी हिन्दी गण्िात विज्ञान सामाजिक विज्ञान प्रथम सत्रा ;अिाकतम अंक 100द्ध 67 72 88 81 73 द्वितीय सत्रा ;अिाकतम अंक 100द्ध 70 65 95 85 75 ;पद्ध किस विषय में विद्याथीर् ने अपने प्रदशर्न में सबसे अिाक सुधार किया है? ;पपद्ध किस विषय में सुधार सबसे कम है? ;पपपद्ध क्या किसी विषय में प्रदशर्न नीचे गिरा है? 5.किसी काॅलोनी में किए गए सवेर्क्षण से प्राप्त निम्नलिख्िात आँकड़ों पर विचार कीजिए: पसंदीदा खेल िकेट बाॅस्केट बाॅल तैरना हाॅकी खेलकूद देखना 1240 470 510 430 250 भाग लेना 620 320 320 250 105 ;पद्ध एक उपयुक्त स्केल चुनकर, एक दोहरा दंड आलेख खींचिए। इस दंड आलेख से आप क्या निष्कषर् निकालते हैं? ;पपद्ध कौन - सा खेल अिाक लोकपि्रय हैं? ;पपपद्ध खेलों को देखना अिाक पसंद किया जाता है या उनमें भाग लेना? 6.इस अध्याय के प्रारंभ में, दिए हुए विभ्िान्न नगरों के न्यूनतम और अिाकतम तापमानों के आँकड़ों ;सारणी 3.1द्ध को लीजिए। इन आँकड़ों का एक दोहरा दंड आलेख खींच करनिम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दीजिए: ;पद्ध दी हुइर् तिथ्िा पर किस नगर के न्यूनतम और अिाकतम तापमान का अंतर सबसे अिाक है? ;पपद्ध कौन - सा नगर सबसे गमर् है और कौन - सा नगर सबसे ठंडा है। ;पपपद्ध ऐसे दो नगरों के नाम लिख्िाए, जिनमें से एक का अिाकतम तापमान दूसरे के न्यूनतम तापमान से कम था। ;पअद्ध उस नगर का नाम लिख्िाए, जिसके न्यूनतम और अिाकतम तापमानों का अंतर सबसे कम है। 3ण्9 संयोग और प्रायिकता ये शब्द प्रायः हमारे जीवन में देखने में आते हैं। हम प्रायः कहते हैं, ‘आज वषार् होने की संभावना ;या संयोगद्ध नहीं है’ तथा यह भी कहते हैं कि ‘यह बहुत वुफछ संभव है कि भारत विश्व कप जीतेगा।’ आइए इन शब्दों को वुफछ अिाक समझने का प्रयत्न करें। निम्नलिख्िात कथनों पर विचार कीजिए: ;पद्ध सूयर् पश्िचम से निकलता है। ;पपद्ध एक चींटी की ऊँचाइर् 3उ हो जाती है। ;पपपद्ध यदि आप एक आयतन वाला घन लेंगे, तो उसकी भुजा भी बड़ी होगी। ;पअद्ध यदि आप बड़े क्षेत्रापफल का एक वृत्त लेंगे, तो उस वृत्त की त्रिाज्या भी बड़ी होगी। ;अद्ध भारत अगली टेस्ट शंृखला जीतेगा। यदि आप उपरोक्त कथनों को देखेंगे, तो आप कहेंगे कि पश्िचम से सूयर् का निकलना असंभव ;पउचवेेपइसमद्ध है, एक चींटी की ऊँचाइर् 3उ होना भी संभव नहीं है। इसके विपरीत, यदि वृत्त बड़े क्षेत्रापफल का है, तो उसकी त्रिाज्या बड़ी होना निश्िचत ;बमतजंपदद्ध है। यही बात आप घन के बड़े आयतन और उसकी भुजा के बारे में कह सकते हैं। दूसरी ओर, भारत अगली टेस्ट शंृखला जीत भी सकता है और हार भी सकता है। दोनों ही संभव है। 3ण्9ण्1 संयोग यदि आप एक सिक्के को उछालें, तो क्या आप सदैव इसकी सही प्रागुक्ित ;चतमकपबजपवदद्ध कर सकते हैं कि क्या प्राप्त होगा? प्रत्येक बार सिक्के को उछालकर उससे प्राप्त होने वाले परिणाम की प्रागुक्ित कीजिए। अपने प्रेक्षण निम्नलिख्िात सारणी के रूप में लिख्िाए: ऐसा 10 बार करिए। प्राप्त परिणामों ;वनजबवउमेद्ध को देख्िाए। क्या आप इनमें कोइर् पैटनर् देखते हैं? प्रत्येक उछाल के बाद आपको क्या प्राप्त होता है? क्या आपको सदैव चित ;ीमंकद्ध ही प्राप्त होता है? इन प्रेक्षणों को 10 और उछालों के लिए दोहराइए और प्रेक्षणों को सारणी में लिख्िाए। आप देखेंगे कि ये पे्रक्षण कोइर् स्पष्ट प्रतिरूप ;चंजजमतदद्ध नहीं दशार्ते हैं। नीचे दी गइर् सारणी में, हम सुशीला और सलमा द्वारा 25 उछालों से प्राप्त प्रेक्षणों को दे रहे हैं। यहाँ, भ् चित को निरूपित करता है तथा ज् पट ;जंपसद्ध को निरूपित करता है। उछाल संख्या 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 परिणाम भ् ज् ज् भ् ज् ज् ज् भ् ज् ज् भ् भ् भ् भ् भ् उछाल संख्या 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 परिणाम ज् ज् भ् ज् ज् ज् ज् ज् ज् ज् ये आँकड़ें आपको क्या बताते हैं? क्या आप चित और पट के लिए कोइर् प्रागुक्तीय प्रतिरूप ;चतमकपबजंइसम चंजजमतदद्ध ज्ञात कर सकते हैं? स्पष्ट है, यहाँ चित और पट के आने का कोइर् निश्िचत प्रतिरूप नहीं है। जब आप प्रत्येक बार सिक्के को उछालते हैं, तो प्रत्येक उछाल का परिणाम चित या पट में से कोइर् भी एक हो सकता है। यह संयोग ;बींदबमद्ध की बात है कि एक विशेष उछाल में आपको इनमें से कोइर् एक प्राप्त हो। उपरोक्त आँकड़ों में प्राप्त किए गए चितों की संख्या और पटों की संख्या गिनिए। सिक्के को कइर् बार उछालिए और रिकाॅडर् करते जाइए कि आपको क्या प्राप्त हो रहा है। यह ज्ञात कीजिए कि आपको कितनी बार चित प्राप्त हुआ और कितनी बार पट प्राप्त हुआ। आपने एक पासे ;कपमद्ध के साथ भी अवश्य खेला होगा। एक पासे मंे छः पफलक ;ंिबमेद्ध होते हैं। जब आप एक पासे को पेंफकते हैं, तो क्या आप प्राप्त होने वाली संख्या की प्रागुक्ित कर सकते हैं? लूडो ;स्नकवद्ध या ‘साँप और सीढ़ी’ का खेल खेलते समय, आपने यह कामना अवश्य की होगी कि एक विशेष पेंफक में एक विशेष संख्या परिणाम के रूप मंे प्राप्त हो। क्या पासा सदैव आपकी कामनाओं के अनुसार कायर् करता है? एक पासा लीजिए, उसे 150 बार पेंफकिए तथा प्राप्त परिणामों को निम्नलिख्िात सारणी में भरिए: पासे की लिख्िात संख्या मिलान चिÉ संख्या कितनी बार प्राप्त हुइर् 1 2 प्रत्येक बार परिणाम प्राप्त होने पर, उपयुक्त संख्या के सम्मुख एक मिलान चिÉ ;जंससल उंताद्ध लगाइए। उदाहरणाथर्, पहली पेंफक ;जीतवूद्ध में 5 आने पर 5 के सम्मुख एक मिलान चिÉ लगाइए। अगली बार आपको संख्या 1 प्राप्त होती है। तब, 1 के सम्मुख एक मिलान चिÉ लगाइए। उपयुक्त संख्याओं के लिए मिलान चिÉ लगाते रहिए। इस प्रिया को 150 बार करिए तथा 150 बार पेंफकों के लिए, प्रत्येक परिणाम की वुफल संख्या ज्ञात कीजिए। उपरोक्त आँकड़ों से एक दंड आलेख बनाइए, जिसमें यह दशार्या गया हो कि परिणाम 1, 2, 3, 4, 5 और 6 कितनी बार आए हैं। पासे पर संख्या मिलान चिÉ 1 द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्यद्यद्यद्य 2 द्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्य 3 द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्यद्यद्य 4 द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्यद्यद्य 5 द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्यद्यद्यद्य 6 द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य द्यद्यद्यद्य इन आँकड़ों के लिए एक दंड आलेख खींचिए। 3.एक पासे को 100 बार पेंफकिए तथा परिणामों को रिकाॅडर् कीजिए। ज्ञात कीजिए कि 1, 2, 3, 4, 5 और 6 कितनी - कितनी बार आए हैं। प्रायकिता क्या है? जब हम किसी सिक्के को उछालते हैं, तो हम जानते हैं कि इसके दो संभव परिणाम चित या पट हैं। साथ ही, एक पासे को पेंफकने पर 6 संभव परिणाम हैं। अपने अनुभव से, हम यह भी जानते हैं कि एक सिक्के के लिए, चित या पट का प्राप्त करना एक समप्रायिक ;मुनंससल सपामसलद्ध घटना है। हम कहते हैं कि एक चित आने की प्रायिकता ;चतवइंइपसपजलद्ध 1 है तथा एक पट आने21की प्रायिकता भी 2 है। पासे पेंफकने पर 1, 2, 3, 4, 5 या 6 के आने की संभावनाएँ बराबर हैं। अथार्त् पासे के लिए 6 समप्रायिक संभव परिणाम हैं। हम कहते हैं कि 1, 2, 3, 4, 5 और 6 में से प्रत्येक के आने की प्रायिकता ;1 द्ध है।6 इसके बारे में, हम अगली कक्षाओं में अध्ययन करेंगे। परंतु अब तक जो हमने किया है, उससे स्पष्ट है कि कइर् संभावनाओं वाली घटना की प्रायिकता 0 और 1 के बीच में होती है। जिनके घटित होने का कोइर् संयोग या संभावना नहीं है, उनकी प्रायिकता 0 होती है तथा जिनको निश्िचत रूप से घटित होना है, उनकी प्रायिकता 1 होती है। एक स्िथति दिए रहने पर, हमें विभ्िान्न संभव परिणामों को समझने तथा प्रत्येक परिणाम के संभावित संयोग के अध्ययन की आवश्यकता होती है। यह संभव है कि सिक्के और पासे की स्िथति के विपरीत ऐसे भी परिणाम हों जिनके घटित होने के संयोग बराबर न हों, अथार्त् वे समप्रायिक न हों। उदाहरणाथर्, यदि एक बतर्न में 15 लाल गेंदे हों और 9 सप़ेफद गेंदे हों और इसमें से एक गेंद बिना देखे निकाली जाती है। तब, लाल गेंद प्राप्त करने का संयोग बहुत अिाक है। क्या आप देख सकते हैं कि क्यों? लाल गेंद प्राप्त करने का संयोग सप़ेफद गेंद प्राप्त करने के संयोग का कितने गुना है? ध्यान दीजिए इन दोनों की प्रायिकताएँ 0 और 1 के बीच में हैं? 1.बताइए कि निम्नलिख्िात में किसका होना निश्िचत है, किसका होना असंभव है तथा कौन हो भी सकता है, परंतु निश्िचत रूप से नहीं: ;पद्ध आज आप कल से अिाक आयु के हैं। ;पपद्ध एक सिक्के को उछालने पर चित आएगा। ;पपपद्ध एक पासे को पेंफकने पर 8 आएगा। ;पअद्ध अगली ट्रैपिफक लाइट हरी दिखेगी। ;अद्ध कल बादल घ्िारे होंगे। 2.एक डिब्बे में 6 वँफचे हैं, जिन पर 1 से 6 संख्याएँ अंकित हैं। ;पद्ध संख्या 2 वाले वँफचे को इसमें से निकालने की प्रायिकता क्या है? ;पपद्ध संख्या 5 वाले वँफचे को इसमंे से निकालने की प्रायिकता क्या है? 3.यह निणर्य लेने के लिए कि कौन - सी टीम खेल प्रारंभ करेगी, एक सिक्का उछाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि आपकी टीम खेल प्रारंभ करेगी? हमने क्या चचार् की? 1.आँकड़ों के संग्रह, रिकाॅ²डग और प्रस्तुतीकरण से हमें अपने अनुभवों को संगठित करने तथा आँकड़ों से निष्कषर् निकालने में सहायता मिलती है। 2.आँकड़ों को इकटा करने से पहले, हमें यह जान लेना चाहिए कि हम इनका उपयोग किसòकायर् मंे करेंगे। 3.एकत्रिात किए गए आँकड़ों को एक उपयुक्त सारणी के रूप में संगठित किए जाने की आवश्यकता होती है, ताकि ये सरलता से समझने के योग्य हों और इनकी व्याख्या की जा सके। 4.औसत एक ऐसी संख्या है, जो दिए हुए प्रेक्षणों के समूह ;या आँकड़ोंद्ध का प्रतिनििात्वकरता है या उनकी वेंफद्रीय प्रवृिा को दशार्ता है। 5.अंकगण्िातीय माध्य आँकड़ों का एक प्रतिनििा मान है। 6.बहुलक वेंफद्रीय प्रवृिा या प्रतिनििा मान का एक अन्य रूप है। प्रेक्षणों के एक समूह का बहुलक वह प्रेक्षण है जो सबसे अिाक बार आता है। 7.माध्यक भी एक प्रकार का प्रतिनििा मान है। यह उस मान को दशार्ता है, जो प्रेक्षण के मध्य ;बीचद्ध में होता है ;उन्हें आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्िथत करने के बादद्ध तथा आधेप्रेक्षण इसके ऊपर होते हैं और आधे प्रेक्षण इसके नीचे होते हैं। 8.इकटेò किए आँकड़ों को बारंबारता बंटन सारणी की सहायता से चित्राीय रूप से दंड आलेखों के रूप में दशार्या जा सकता है। दंड आलेख संख्याओं या आँकड़ों का समान चैड़ाइर् वाले दंडों द्वारा एक चित्राीय निरूपण है। 9.हमने यह भी सीखा है कि एक दोहरा दंड आलेख किस प्रकार खींचा जाता है। यह एक ही दृष्िट में, प्रेक्षणों के दो समूहों की तुलना करने में सहायक रहता है। 10.हमारे दैनिक जीवन में, ऐसी स्िथतियाँ हैं जो निश्िचत रूप से होती हैं, वुफछ ऐसी हैं जिनका होना संभव नहीं है तथा वुफछ ऐसी हैं जो हो भी सकती हैं और नहीं भी हो सकती। ऐसी स्िथति को सदैव घटित होने का संयोग होता है जो घटित हो भी सकती है या नहीं भी हो सकती है।

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अध्याय 3


आँकड़ों का प्रबंधन



3.1 भमिका

पिछली कक्षाओं में, आपने विभिन्न प्रकार के आँकड़ों के साथ कार्य किया था। आपने आँकड़ों को एकत्रित करना, उनको सारणीबद्ध करना तथा उन्हें दंड आलेखों (bar graphs) के रूप में प्रदर्शित करना सीखा था। आँकड़ों का संग्रह, आलेखन और प्रस्तुतीकरण, हमारे अनुभवों को संगठित करने और उनसे निष्कर्ष निकालने में हमारी सहायता करते हैं। इस अध्याय में, हम इस ओर एक कदम और आगे बढ़ेंगे । आपके सम्मुख कुछ अन्य प्रकार के आँकड़े और आलेख आएँगे। आप समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, टेलीविजन और अन्य साधनों से, विभिन्न प्रकार के आँकड़ों को देख चुके हैं। आप यह भी जानते हैं कि सभी आँकड़े हमें किसी न किसी प्रकार की सूचना अवश्य देते हैं। आइए आँकड़ों के कुछ सामान्य रूपों को देखें, जो आपके सम्मुख आते रहते हैं।

411

आँकड़ों के ये संग्रह आपको क्या बताते हैं?

412

उदाहरणार्थ, आप यह कह सकते हैं कि 20-6-2006 को जम्मू का अधिकतम तापमान सबसे अधिक था (सारणी 3.1) या हम कह सकते हैं कि बुधवार को कोई बच्चा अनुपस्थित नहीं था (सारणी 3.3)।

क्या हम इन आँकड़ों को किसी अलग तरीके से संगठित और प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उनका विश्लेषण करना और उनकी व्याख्या करना बेहतर हो जाए? इस अध्याय में, हम इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करने का प्रयत्न करेंगे।


3.2 आँकड़ों का संग्रह

नगरों के तापमानों के बारे में आँकड़े (सारणी 3.1) हमें अनेक बातें बता सकते हैं, परंतु ये आँकड़े हमें यह नहीं बता सकते कि पूरे वर्ष में किस नगर का अधिकतम तापमान सबसे अधिक था। यह जानने के लिए हमें इन नगरों में से प्रत्येक नगर के पूरे वर्ष के दौरान रिकॉर्ड किए गए अधिकतम तापमानों से संबंधित आँकड़े इकट्ठे करने पड़ेंगे। एेसी स्थिति में, सारणी 3.1 में दिए गए वर्ष के एक विशिष्ट दिन का तापमान-चार्ट पर्याप्त नहीं है।

इससे यह प्रदर्शित होता है कि शायद आँकड़ों का एक दिया हुआ संग्रह हमें उससे संबंधित एक विशिष्ट सूचना न दे पाए। इसके लिए, हमें उस विशिष्ट सूचना को ध्यान में रखते हुए, आँकड़ों को इकट्ठे करने की आवश्यकता है। उपरोक्त स्थिति में, हमें जो विशिष्ट सूचना चाहिए थी वह यह थी, कि पूरे वर्ष के दौरान इन नगरों के अधिकतम तापमान क्या रहे, जो हमें सारणी 3.1 से प्राप्त नहीं हो सके थे। इस प्रकार, आँकड़ों को इकट्ठे करने से पहले, हमें यह जानना आवश्यक है कि हम इनका उपयोग किसके लिए करेंगे।

नीचे कुछ स्थितियाँ दी जा रही हैं।

आप अध्ययन करना चाहते हैं :

– गणित में अपनी कक्षा के प्रदर्शन का

– फुटबॉल या क्रिकेट में भारत के प्रदर्शन का

– किसी क्षेत्र में महिला साक्षरता दर का, अथवा

– आपके आस-पास के परिवारों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की संख्या का।

उपरोक्त स्थितियों में, आपको किस प्रकार के आँकड़ों की आवश्यकता है? जब तक आप उपयुक्त आँकड़े इकट्ठे नहीं करेंगे, आप वांछित जानकारी नहीं प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक के लिए, उपयुक्त आँकड़े क्या हैं?

अपने मित्रों से चर्चा कीजिए और पहचानिए कि प्रत्येक स्थिति में किन आँकड़ों की आवश्यकता होगी। कुछ आँकड़ों को इकट्ठे करना सरल है और कुछ को इकट्ठे करना कठिन।


3.3 आँकड़ों का संगठन

जब हम आँकड़ों को संग्रहित करते हैं, तो हमें उन्हें रिकॉर्ड करके संगठित करना होता है। हमें इसकी क्यों आवश्यकता पड़ती है? निम्न उदाहरण पर विचार कीजिएः

कक्षा अध्यापिका सुश्री नीलम यह जानना चाहती थी कि अंग्रेज़ी में बच्चों का प्रदर्शन कैसा रहा? वह विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त अंकों को निम्नलिखित प्रकार से लिखती हैः

23, 35, 48, 30, 25, 46, 13, 27, 32, 38

इस रूप में, आँकड़े सरलता से समझने योग्य नहीं थे। उन्हें यह भी ज्ञात नहीं हुआ कि विद्यार्थियों के बारे में उनकी धारणाएँ उनके प्रदर्शन से मेल करती हैं या नहीं।

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नीलम के एक सहकर्मी ने उन आँकड़ों को निम्नलिखित रूप में इकट्ठे करने में उसकी सहायता की। (सारणी 3.4) :

413

इस तरह नीलम यह समझ सकी कि किस छात्र ने कितने अंक प्राप्त किए। लेकिन वह कुछ और जानकारी चाहती थी। दीपिका ने उन आँकड़ों को दूसरी तरह से प्रदर्शित किया

414

अब नीलम यह जानने में समर्थ हो गई कि किसने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है और किसको सहायता की आवश्यकता है।

हमारे सामने आने वाले अनेक आँकड़े सारणीबद्ध रूप में होते हैं। हमारे स्कूल के रजिस्टर, प्रगति रिपोर्ट, अभ्यास-पुस्तिकाओं में क्रमानुसार सूची, तापमान के रिकॉर्ड तथा अन्य अनेक आँकड़े सारणीबद्ध (tabular) रूप में होते हैं। क्या आप कुछ और आँकड़ों के बारे में सोच सकते हैं, जो सारणीबद्ध रूप में हैं?

जब हम आँकड़ों को एक उपयुक्त सारणी में रख लेते हैं, तो उन्हें समझना और उनकी व्याख्या करना सरल हो जाता है।

 प्रयास कीजिए

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अपनी कक्षा के कम से कम 20 बच्चों (लड़के और लड़कियों) को अलग-अलग तौलिए (किलोग्राम में)। प्राप्त आँकड़ों को संगठित कीजिए तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयत्न कीजिए :

(i) सबसे अधिक भार किसका है? (ii) कौन-सा भार अधिकांश बच्चों का है?

(iii) आपके भार और आपके सबसे अच्छे मित्र के भार में क्या अंतर है?



3.4 प्रतिनिधि मान

आप ‘औसत’ (average) शब्द से अवश्य ही परिचित होंगे तथा अपने दैनिक जीवन में औसत शब्द से संबंधित निम्नलिखित प्रकार के कथन अवश्य ही सुने या पढ़े होंगेः

ईशा अपनी पढ़ाई पर प्रतिदिन औसतन लगभग 5 घंटे का समय व्यतीत करती है।

इस समय वर्ष का औसत तापमान 40 डिग्री (सेल्सियस) है।

मेरी कक्षा के विद्यार्थियों की औसत आयु 12 वर्ष है।

एक स्कूल की वार्षिक परीक्षा के समय विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति 98 प्रतिशत थी।

इसी प्रकार के अनेक कथन हो सकते हैं। ऊपर दिए हुए कथनों के बारे में सोचिए।

क्या आप सोचते हैं कि पहले कथन में बताया गया बच्चा प्रतिदिन ठीक 5 घंटे पढ़ता है?

अथवा, क्या उस विशेष समय पर, दिए हुए स्थान का तापमान सदैव 40 डिग्री रहता है?

अथवा, क्या उस कक्षा के प्रत्येक विद्यार्थी की आयु 12 वर्ष है? स्पष्टतः इन प्रश्नों का उत्तर है ‘नहीं’ ।

तब, ये कथन हमें क्या बताते हैं?

औसत से हम समझते हैं कि ईशा प्रायः एक दिन में 5 घंटे पढ़ती है। कुछ दिन वह इससे कम घंटे पढ़ती है और कुछ दिन इससे अधिक घंटे पढ़ती है।

इसी प्रकार, 40 डिग्री सेल्सियस के औसत तापमान का अर्थ है कि वर्ष के इस समय पर तापमान प्रायः 40 डिग्री सेल्सियस रहता है। कभी वह 40° C से कम रहता है और कभी 40° C से अधिक भी रहता है।

इस प्रकार, हम यह अनुभव करते हैं कि औसत एक एेसी संख्या है जो प्रेक्षणों (observations) या आँकड़ों के एक समूह की केंद्रीय प्रवृत्ति (central tendency) को निरूपित करती (या दर्शाती) है। क्याेंकि औसत सबसे अधिक तथा सबसे कम मूल्य (value) के आँकड़ों के बीच में होता है। इसलिए हम कहते हैं कि औसत, आँकड़ों के एक समूह की केंद्रीय प्रवृत्ति का मापक (measure) है। विभिन्न प्रकार के आँकड़ों की व्याख्या करने के लिए, विभिन्न प्रकार के प्रतिनिधि (representative) या केंद्रीय मानों (central values) की आवश्यकता होती है। इनमें से एक प्रतिनिधि मान अंकगणितीय माध्य या समांतर माध्य (arthmetic mean) है।


3.5 अंकगणितीय माध्य

आँकड़ों के एक समूह के लिए अंधिकांशतः प्रयोग किए जाना वाला प्रतिनिधि मान अंकगणितीय माध्य है, संक्षेप में इसे माध्य (mean) भी कहते हैं। इसे अच्छी प्रकार से समझने के लिए, आइए निम्नलिखित उदाहरण को देखें :

दो बर्तनों में क्रमशः 20 लीटर और 60 लीटर दूध है। यदि दोनों बर्तनों में बराबर-बराबर दूध रखा जाए, तो प्रत्येक बर्तन में कितना दूध होगा? जब हम इस प्रकार का प्रश्न पूछते हैं, तब हम अंकगणितीय माध्य ज्ञात करने के लिए कहते हैं।

उपरोक्त स्थिति में, औसत या अंकगणितीय माध्य होगा :

415

 

इस प्रकार, प्रत्येक बर्तन में 40 लीटर दूध होगा।

औसत या अंकगणितीय माध्य (A.M.) या केवल माध्य को निम्नलिखित रूप से परिभाषित किया जाता हैः

416

निम्नलिखित उदाहरणों पर विचार कीजिएः


उदाहरण 1

आशिष तीन क्रमागत दिनों में क्रमशः 4 घंटे, 5 घंटे और 3 घंटे पढ़ता है। उसके प्रतिदिन पढ़ने का औसत समय क्या है?

हल

आशिष के पढ़ने का औसत समय होगा :

417


इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि आशिष प्रतिदिन 4 घंटे के औसत से पढ़ाई करता है।


उदाहरण 2

एक बल्लेबाज ने 6 पारियों (innings) में निम्नलिखित संख्याओं में रन बनाए : 36, 35, 50, 46, 60, 55

एक पारी में उसके द्वारा बनाए गए रनों का माध्य ज्ञात कीजिए।


हल

कुल रन = 36 + 35 + 50 + 46 + 60 + 55 = 282

माध्य ज्ञात करने के लिए, हम सभी प्रेक्षणों का योग ज्ञात करके उसे प्रेक्षणों कीकुल संख्या से भाग देते हैं। अतः, इस स्थिति में

माध्य 2160.png = 47.

इस प्रकार, एक पारी में उसके द्वारा बनाए गए रनों का माध्य 47 है।

अंकगणितीय माध्य कहाँ स्थित है?

प्रयास कीजिए


आप पढ़ाई में व्यतीत किए गए अपने समय (घंटों में) का पूरे सप्ताह का औसत किस प्रकार ज्ञात करेंगे?


सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

उपरोक्त उदाहरणों में दिए गए आँकड़ों पर विचार कीजिए तथा निम्नलिखित विषय में सोचिएः

 क्या माध्य प्रत्येक प्रेक्षण से बड़ा है?

  क्या यह प्रत्येक प्रेक्षण से छोटा है?

अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए। इसी प्रकार का एक और उदाहरण बनाइए और इन्हीं प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

आप पाएँगे कि माध्य सबसे बड़े और सबसे छोटे प्रेक्षणों के बीच में स्थित होता है।

विशिष्ट रूप में, दो संख्याओं का माध्य सदैव उनके बीच में स्थित होता है।

उदाहरणार्थ, 5 और 11 का माध्य 2165.png है, जो 5 और 11 के बीच में स्थित है।

क्या आप इस अवधारणा का प्रयोग करके, यह दर्शा सकते हैं कि दो भिन्नात्मक संख्याओं के बीच में जितनी चाहें उतनी भिन्नात्मक संख्याएँ ज्ञात की जा सकती हैं? उदाहरणार्थ 2177.png और 2189.png के बीच में आपको इनका औसत मिलेगा 2201.png 2212.png और फिर 2223.png और 2227.pngके बीच में इनका औसत होगा 2232.png इत्यादि।

प्रयास कीजिए

1. एक सप्ताह कि अपनी नींद में व्यतीत किए गए समय (घंटों में) का माध्य ज्ञात कीजिए।

2. 2242.png और 2246.png के बीच कम से कम पाँच संख्याएँ ज्ञात कीजिए।



3.5.1 प्रसार या परिसर

सबसे बड़े और सबसे छोटे प्रेक्षणों के अंतर से, हमें प्रेक्षणों के प्रसार का एक अनुमान लग जाता है। इसे सबसे बड़े प्रेक्षण में से सबसे छोटे प्रेक्षण को घटा कर ज्ञात किया जा सकता है। हम इस परिणाम को आँकड़ों या प्रेक्षणों का प्रसार या परिसर (range) कहते हैं।

निम्नलिखित उदाहरण देखिए :

उदाहरण 3

एक स्कूल के 10 अध्यापकों की वर्षों में आयु इस प्रकार है :

32, 41, 28, 54, 35, 26, 23, 33, 38, 40

(i) सबसे बड़ी उम्र वाले अध्यापक की आयु क्या है? तथा सबसे छोटी उम्र वाले अध्यापक की आयु क्या है?

(ii) अध्यापकों की आयु का परिसर क्या है?

(iii) इन अध्यापकों की माध्य आयु क्या है?


हल

(i) आयु को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर, हमें प्राप्त होता है ः

23, 26, 28, 32, 33, 35, 38, 40, 41, 54

हमें ज्ञात होता है कि सबसे बड़ी उम्र वाले अध्यापक की आयु 54 वर्ष है तथा सबसे छोटी उम्र वाले अध्यापक की आयु 23 वर्ष है।

(ii) अध्यापकों की आयु का परिसर = (54 – 23) वर्ष = 31 वर्ष है।

(iii) अध्यापकों की माध्य आयु

= 2257.pngवर्ष

418

प्रश्नावली 3.1

1. अपनी कक्षा के किन्हीं दस (10) विद्यार्थियों की ऊँचाइयों का परिसर ज्ञात कीजिए।

2. कक्षा के एक मूल्यांकन में प्राप्त किए गए निम्नलिखित अंकों को एक सारणीबद्ध रूप में संगठित कीजिए :

4, 6, 7, 5, 3, 5, 4, 5, 2, 6, 2, 5, 1, 9, 6, 5, 8, 4, 6, 7

(i) सबसे बड़ा अंक कौन-सा है? (ii) सबसे छोटा अंक कौन-सा है?

(iii) इन आँकड़ों का परिसर क्या है? (iv) अंकगणितीय माध्य ज्ञात कीजिए।

3. प्रथम 5 पूर्ण संख्याओं का माध्य ज्ञात कीजिए।

4. एक क्रिकेट खिलाड़ी ने 8 पारियों में निम्नलिखित रन बनाए :

58, 76, 40, 35, 46, 50, 0, 100.

उसका माध्य स्कोर (score) या रन ज्ञात कीजिए।

5. निम्नलिखित सारणी प्रत्येक खिलाड़ी द्वारा चार खेलों में अर्जित किए गए अंकों को दर्शाती हैः


419

अब निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(i) प्रत्येक खेल में A द्वारा अर्जित औसत अंक ज्ञात करने के लिए, माध्य ज्ञात कीजिए।

(ii) प्रत्येक खेल में C द्वारा अर्जित माध्य अंक ज्ञात करने के लिए, आप कुल अंकों को 3 से भाग देंगे या 4 से? क्यों?

(iii) B ने सभी चार खेलों में भाग लिया है। आप उसके अंकों का माध्य किस प्रकार ज्ञात करेंगे?

(iv) किसका प्रदर्शन सबसे अच्छा है?

6. विज्ञान की एक परीक्षा में, विद्यार्थियों के एक समूह द्वारा (100 में से) प्राप्त किए गए अंक 85, 76, 90, 85, 39, 48, 56, 95, 81 और 75 हैं। ज्ञात कीजिए ः

(i) विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त सबसे अधिक अंक और सबसे कम अंक

(ii) प्राप्त अंकों का परिसर

(iii) समूह द्वारा प्राप्त माध्य अंक

7. छह क्रमागत वर्षों में एक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या निम्नलिखित थी :

1555, 1670, 1750, 2013, 2540, 2820

इस समय काल में स्कूल के विद्यार्थियों की माध्य संख्या ज्ञात कीजिए।

8. एक नगर में किसी विशेष सप्ताह के 7 दिनों में हुई वर्षा (mm में) निम्नलिखित रूप से रिकॉर्ड की गईः

420


(i) उपरोक्त आँकड़ों से वर्षा का परिसर ज्ञात कीजिए।

(ii) इस सप्ताह की माध्य वर्षा ज्ञात कीजिए।

(iii) कितने दिन वर्षा, माध्य वर्षा से कम रही?

9. 10 लड़कियों की ऊँचाइयाँ cm में मापी गईं और निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुएः

135, 150, 139, 128, 151, 132, 146, 149, 143, 141.

(i) सबसे लंबी लड़की की लंबाई क्या है?

(ii) सबसे छोटी लड़की की लंबाई क्या है?

(iii) इन आँकड़ों का परिसर क्या है?

(iv) लड़कियों की माध्य ऊँचाई (लंबाई) क्या है?

(v) कितनी लड़कियों की लंबाई, माध्य लंबाई से अधिक है?


3.6 बहुलक

जैसा कि हम पहले बता चुके हैं केवल माध्य ही केंद्रीय प्रवृत्ति का माप या प्रतिनिधि मान नहीं है। विभिन्न प्रकार की आवश्यकताओं के अनुसार अन्य प्रकार कि केंद्रीय प्रवृत्ति के मापकों का प्रयोग किया जाता है।


निम्नलिखित उदाहरण को देखिए :

कमीज़ों के विभिन्न मापों (साइज़ों) की साप्ताहिक माँग को ज्ञात करने के लिए, एक दुकानदार 90cm, 95 cm, 100 cm, 105 cm और 110 cm मापों की कमीज़ों की बिक्री का रिकॉर्ड (record) रखता है। एक सप्ताह का रिकॉर्ड इस प्रकार है :

421

यदि वह बेची गई कमीज़ों की संख्या का माध्य ज्ञात करे, तो क्या आप सोचते हैं कि वह यह निर्णय ले पाएगा कि किस माप की कमीज़ें स्टॉक (stock) में रखी जाएँ?

422

क्या वह प्रत्येक माप की 21 कमीज़ें स्टॉक में रखे? यदि वह एेसा करता है, तो क्या वह अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा कर पाएगा?

उपरोक्त रिकॉर्ड को देखकर, दुकानदार 95 cm, 100 cm और 105 cm मापों की कमीज़ों को मँगवाने का निर्णय लेता है। वह अन्य मापों की कमीज़ों को मँगवाने का निर्णय, उनके कम खरीददारों को देखते हुए, आगे के लिए टाल देता है।

एक अन्य उदाहरण देखिए :

रेडीमेड (readymade) कपड़ों का एक दुकानदार कहता है, ‘मेरे द्वारा सबसे अधिक माप की बेची गईं कमीज़ का माप 90 cm है।’

ध्यान दीजिए कि यहाँ भी दुकानदार की रुचि विभिन्न मापों की बेची गई कमीज़ों की संख्याओं में ही है। वह कमीज़ के उस माप को देख रहा है, जो सबसे अधिक बिकती है। यह आँकड़ों का एक अन्य प्रतिनिधि मान है। सबसे अधिक बिक्री 105cm माप की कमीज़ों की बिक्री है। यह प्रतिनिधि मान (105) आँकड़ों का बहुलक (mode) कहलाता है।

दिए हुए प्रेक्षणों के एक समूह में, सबसे अधिक बार आने वाला प्रेक्षण इस समूह का बहुलक कहलाता है।

उदाहरण 4

निम्नलिखित संख्याओं का बहुलक ज्ञात कीजिएः

1, 1, 2, 4, 3, 2, 1, 2, 2, 4

हल

समान मान वाली संख्याओं को एक साथ व्यवस्थित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

1, 1, 1, 2, 2, 2, 2, 3, 4, 4

इन आँकड़ों का बहुलक 2 है, क्योंकि यह अन्य प्रेक्षणों की तुलना में अधिक बार आता है।


3.6.1 बड़े आँकड़ों का बहुलक

यदि प्रेक्षणों की संख्या बड़ी हो, तो उनको समान मान वाले प्रेक्षणों के रूप में व्यवस्थित करना और फिर उनको गिनना इतना सरल नहीं होता है। एेसी स्थितियों में, हम आँकड़ों को सारणीबद्ध करते हैं, जैसा कि आप पिछली कक्षा में कर चुके हैं, आँकड़ों की सारणी बनाने का कार्य मिलान चिह्नों (tally marks) से प्रारंभ करते हुए, प्रेक्षणों की बारंबारताएँ (frequencies) बना कर पूरा किया जा सकता है।

निम्न उदाहरणों को देखिए :

424

उदाहरण 5

टीमों के एक समूह में खेले गए फुटबॉल के मैचों में, जीतने के अंतर गोलों में (in goals) निम्नलिखित हैं ः

1, 3, 2, 5, 1, 4, 6, 2, 5, 2, 2, 2, 4, 1, 2, 3, 1, 1, 2, 3, 2,

6, 4, 3, 2, 1, 1, 4, 2, 1, 5, 3, 3, 2, 3, 2, 4, 2, 1, 2

इन आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिए।

हल

आइए इन आँकड़ों को एक सारणी के रूप में रखें :

423

इस सारणी को देखकर, हम तुरंत यह कह सकते हैं कि ‘2’ बहुलक है, क्योंकि 2 सबसे अधिक बार आया है। इस प्रकार, अधिकांश मैच 2 गोलों के अंतर से जीते गए हैं।


सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

क्या संख्याओं के एक समूह में दो बहुलक हो सकते हैं?

उदाहरण 6

निम्नलिखित संख्याओं का बहुलक ज्ञात कीजिएः 2, 2, 2, 3, 3, 4, 5, 5, 5, 6, 6, 8

हल

यहाँ 2 और 5 दोनों ही तीन बार आए हैं। अतः, ये दोनों ही आँकड़ों के बहुलक हैं।

1. अपनी कक्षा के साथियों की वर्षों में आयु रिकॉर्ड कीजिए और फिर उनका बहुलक ज्ञात कीजिए।

2. अपनी कक्षा के साथियों की cm में लंबाइयाँ रिकॉर्ड कीजिए और उनका बहुलक ज्ञात कीजिए।

 प्रयास कीजिए

1. निम्नलिखित आँकड़ों का बहुलक ज्ञात कीजिएः

12, 14, 12, 16, 15, 13, 14, 18, 19, 12, 14, 15, 16, 15, 16, 16, 15,

17, 13, 16, 16, 15, 15, 13, 15, 17, 15, 14, 15, 13, 15, 14

2. 25 बच्चों की ऊँचाइयाँ (cm में) नीचे दी गई हैं :

168, 165, 163, 160, 163, 161, 162, 164, 163, 162, 164, 163, 160, 163, 160, 165, 163, 162, 163, 164, 163, 160, 165, 163, 162

उनकी लंबाइयों का बहुलक क्या है? यहाँ बहुलक से हम क्या समझते हैं?


जहाँ माध्य हमें आँकड़ों के सभी प्रेक्षणें का औसत प्रदान करता है, वहीं बहुलक आँकड़ों में सबसे अधिक बार आने वाले प्रेक्षण को दर्शाता है।

आइए निम्नलिखित उदाहरणों पर विचार करें :

(a) आपको एक दावत में बुलाए गए 25 व्यक्तियों के लिए आवश्यक चपातियों की संख्या के बारे में निर्णय लेना है।

(b) कमीज़ें बेचने वाले एक दुकानदार को अपने स्टॉक की आपूर्ति करनी है।

(c) हमें अपने घर के लिए आवश्यक दरवाज़े की ऊँचाई ज्ञात करनी है।

(d) एक पिकनिक (picnic) पर जाते समय, अगर प्रत्येक व्यक्ति के लिए केवल एक ही फल खरीदा जाना है, तब, हमें कौन-सा फल मिलेगा?

इन स्थितियों में हम किसमें बहुलक का एक अच्छे आकलन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं?

पहले कथन पर विचार कीजिए। मान लीजिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक चपातियों की संख्या इस प्रकार है : 2, 3, 2, 3, 2, 1, 2, 3, 2, 2, 4, 2, 2, 3, 2, 4, 4, 2, 3, 2, 4, 2, 4, 3, 5

इन आँकड़ों का बहुलक 2 चपाती है। यदि हम बहुलक को आँकड़ों के प्रतिनिधि मान के रूप में प्रयोग करें, तो हमें प्रति व्यक्ति 2 चपातियों की दर से 25 व्यक्तियों के लिए केवल 50 चपातियाें की आवश्यकता होगी। परंतु निश्चय ही यह चपातियाँ सभी व्यक्तियों को अपर्याप्त होंगी। इस स्थिति में क्या माध्य एक उपयुक्त प्रतिनिधि मान होगा?

तीसरे कथन के लिए, दरवाज़े की ऊँचाई, उन व्यक्तियों की ऊँचाई से संबंधित है जो उस दरवाज़े का प्रयोग करेंगे। मान लीजिए कि घर में 5 बच्चे और 4 वयस्क हैं जो उस दरवाज़े का प्रयोग करते हैं तथा 5 बच्चों में से प्रत्येक की ऊँचाई 135 cm के आसपास है। ऊँचाइयों का बहुलक 135 cm है। क्या हमें एक एेसा दरवाज़ा लेना चाहिए जिसकी ऊँचाई 144 cm है? क्या सभी वयस्क इस दरवाज़े में से निकल पाएँगे? यह स्पष्ट है कि इन आँकड़ों के लिए भी बहुलक एक उपयुक्त प्रतिनिधि मान नहीं है। क्या यहाँ माध्य एक उपयुक्त प्रतिनिधि मान होगा?

क्यों नहीं? दरवाज़े की ऊँचाई के बारे में निर्णय लेने के लिए, ऊँचाई के किस प्रतिनिधि मान का प्रयोग किया जाए?

इसी प्रकार, शेष कथनों का विश्लेषण कीजिए तथा इन स्थितियों के लिए उपयुक्त प्रतिनिधि मान ज्ञात कीजिए।


 प्रयास कीजिए

अपने मित्रों से चर्चा कीजिए और

(a) दो स्थितियाँ दीजिए, जहाँ प्रतिनिधि मान के रूप में माध्य का प्रयोग उपयुक्त होगा।

(b) दो स्थितियाँ दीजिए, जहाँ प्रतिनिधि मान के रूप में बहुलक का प्रयोग उपयुक्त होगा।


3.7 मध्यक

हम देख चुके हैं कि कुछ स्थितियों में अंकगणितीय माध्य एक उपयुक्त केंद्रीय प्रवृत्ति का मापक है तथा कुछ स्थितियों में बहुलक एक उपयुक्त केंद्रीय प्रवृत्ति का मापक है।

आइए अब एक अन्य उदाहरण देखें। 17 विद्यार्थियों के एक समूह पर विचार कीजिए, जिनकी ऊँचाईcm में निम्नलिखित हैं :

106, 110, 123, 125, 117, 120, 112, 115, 110, 120, 115, 102, 115, 115, 109, 115, 101.

खेल की अध्यापिका कक्षा को एेसे दो समूहों में इस तरह विभाजित करना चाहती है कि प्रत्येक समूह में विद्यार्थियों की संख्या बराबर हो तथा एक समूह में विद्यार्थियों की ऊँचाइयाँ एक विशेष ऊँचाई से कम हों और दूसरे समूह में विद्यार्थियों की ऊँचाइयाँ उस विशेष ऊँचाई से अधिक हों। वह एेसा किस प्रकार करेगी?


1542.png
1532.png

आइए उसके पास जो विभिन्न विकल्प हैं, उन्हें देखें :

(i) वह माध्य ज्ञात कर सकती है। यह माध्य है :

अतः, अध्यापिका कक्षा के विद्यार्थियों को यदि एेसे दो समूहों में विभाजित करती है, जिनमें से एक समूह में माध्य ऊँचाई से कम ऊँचाई वाले विद्यार्थी हैं और दूसरे समूह में माध्य ऊँचाई से अधिक ऊँचाई वाले विद्यार्थी हैं। तब, इन समूहों में विद्यार्थियों की संख्याएँ बराबर नहीं रहती हैं क्योंकि एक समूह में 7 सदस्य होंगे तथा दूसरे समूह में 10 सदस्य होंगे।

(ii) उसके पास दूसरा विकल्प है कि वह बहुलक ज्ञात करे। सबसे अधिक बारंबारताओं वाला प्रेक्षण 115 cm है और इसे बहुलक लिया जाएगा।

बहुलक से नीचे वाले 7 विद्यार्थी हैं तथा 10 विद्यार्थी बहुलक के बराबर या उससे ऊपर हैं। अतः, हम कक्षा के विद्यार्थियों को दो बराबर समूहों में विभाजित नहीं कर सकते।

इसलिए, आइए अब हम एक अन्य वैकल्पिक प्रतिनिधि मान या केंद्रीय प्रवृत्ति के मापक के बारे में सोचें। एेसा करने के लिए, हम पुनः दी हुई ऊँचाइयों (cm में) को देखते हैं और इन्हें आरोही क्रम में व्यवस्थित करते हैं। हम निम्नलिखित प्रेक्षण प्राप्त करते हैं :

101, 102, 106, 109, 110, 110, 112, 115, 115, 115, 115, 115, 117, 120, 120, 123, 125

इन आँकड़ों में मध्य मान (middle value) 115 है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को दो बराबर समूहों में विभाजित करता है जिनमें से प्रत्येक में 8 विद्यार्थी हैं। यह मान आँकड़ों का माध्यक (median) कहलाता है। माध्यक उस मान को बताता है, जो आँकड़ों के मध्य में स्थित होता है (उनको आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर) तथा आधे प्रेक्षण इससे अधिक मान वाले होते हैं और आधे प्रेक्षण इससे कम मान वाले होते हैं। खेल की अध्यापिका इस बीच वाले विद्यार्थी को इस खेल में निर्णायक (refree) बना सकती है।

यहाँ हम केवल उन स्थितियों को ही लेंगे, जहाँ प्रेक्षणों की संख्या विषम है।

इस प्रकार, दिए गए आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने के बाद उनका बीचों-बीच (मध्य) वाला मान उनका माध्यक होता है।

ध्यान दीजिए कि सामान्यतः, हमें माध्यक और बहुलक के लिए एक ही मान नहीं मिलेगा।

आइए कुछ उदाहरणों को देखें।


प्रयास कीजिए

आपके एक मित्र ने दिए हुए आँकड़ों के माध्यक और बहुलक ज्ञात किए। उस मित्र द्वारा की गई त्रुटि, यदि कोई हो तो, बताइए और सही कीजिएः

35, 32, 35, 42, 38, 32, 34

माध्यक = 42, बहुलक = 32


उदाहरण 7

निम्नलिखित आँकड़ों का माध्यक ज्ञात कीजिए :

24, 36, 46, 17, 18, 25, 35

हल

आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर, हमें प्राप्त होता है :

17, 18, 24, 25, 35, 36, 46

मध्य (बीच) वाला प्रेक्षण माध्यक होता है। अतः, माध्यक 25 है।


प्रश्नावली 3.2

1. गणित की एक परीक्षा में, 15 विद्यार्थियों द्वारा (25 में से) प्राप्त किए गए अंक निम्नलिखित हैंः

19, 25, 23, 20, 9, 20, 15, 10, 5, 16, 25, 20, 24, 12, 20

इन आँकड़ों के बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए। क्या ये समान हैं?

2. एक क्रिकेट मैच में खिलाड़ियों द्वारा बनाए गए रन इस प्रकार हैं :

6, 15, 120, 50, 100, 80, 10, 15, 8, 10, 15

इन आँकड़ों के माध्य, बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए। क्या ये तीनों समान हैं?

3. एक कक्षा के 15 विद्यार्थियों के भार (kg में) इस प्रकार हैं :

38, 42, 35, 37, 45, 50, 32, 43, 43, 40, 36, 38, 43, 38, 47

(i) इन आँकड़ों के बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए।

(ii) क्या इनके एक से अधिक बहुलक हैं?

4. निम्नलिखित आँकड़ों के बहुलक और माध्यक ज्ञात कीजिए :

13, 16, 12, 14, 19, 12, 14, 13, 14

5. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य है अथवा असत्य :

(i) बहुलक आँकड़ों में से सदैव एक संख्या होता है।

(ii) माध्य दिए हुए आँकड़ों में से एक संख्या हो सकता है।

(iii) माध्यक आँकड़ों में से सदैव एक संख्या होता है।

(iv) आँकड़ों 6, 4, 3, 8, 9, 12, 13, 9 का माध्य 9 है।



3.8  भिन्न उद्देश्य के साथ दंड आलेखों का प्रयोग

पिछले वर्ष हम देख चुके हैं कि किस प्रकार एकत्रित (संग्रहित) की गई सूचनाओं को एक बारंबारता बंटन सारणी (frequency distribution table) के रूप में पहले व्यवस्थित करके और फिर इन सूचनाओं को चित्रीय रूप में चित्रालेखों (pictographs) या दंड आलेखों (bargraphs) के रूप में निरूपित किया जाता है। आप इन दंड आलेखों को देख सकते हैं और इनके बारे में निष्कर्ष निकाल सकते हैं। आप इन दंड आलेखों के आधार पर सूचनाएँ भी प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरणार्थ, आप कह सकते हैं कि सबसे लंबा दंड (bar) ही बहुलक है, यदि दंड बारंबारता निरूपित करता है।

3.8.1 एक स्केल (या मापदंड) का चुनना

हम जानते हैं कि दंड आलेख समान चौड़ाई के दंडों द्वारा संख्याओं (आँकड़ों) का निरूपण है तथा दंडों की लंबाइयाँ बारंबारताओं और चुने गए स्केल (scale) पर निर्भर करती हैं। उदाहरणार्थ, एक दंड आलेख में, जहाँ संख्याओं को इकाइयों में दर्शाना है, आलेख एक प्रेक्षण के लिए एक इकाई लंबाई निरूपित करता है और यदि उसे संख्याओं को दहाई या सैकड़ों में दर्शाना है, तो एक इकाई लंबाई 10 या 100 प्रेक्षणों को निरूपित कर सकती है। निम्नलिखित उदाहरणों पर विचार कीजिएः

उदाहरण 8

छठी और सातवीं कक्षाओं के 200 विद्यार्थियों से उनके मनपसंद रंग का नाम बताने के लिए कहा गया, ताकि यह निर्णय लिया जा सके कि उनके स्कूल के भवन का क्या रंग रखा जाए। इसके परिणाम निम्नलिखित सारणी में दर्शाए गए हैं। इन आँकड़ों को एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।


425

इस दंड आलेख की सहायता से निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(i) कौन-सा रंग सबसे अधिक पसंद किया जाता है और कौन-सा रंग सबसे कम पसंद किया जाता है?

(ii) कुल कितने रंग हैं? वे क्या हैं?

हल

एक उपयुक्त पैमाना नीचे दर्शाए अनुसार चुनिए :

स्केल को 0 से प्रारंभ कीजिए। आँकड़ों में सबसे बड़ा मान 55 है। अतः, स्केल को 55 से कुछ अधिक, मान लीजिए 60 पर समाप्त करते हैं। अक्ष पर समान विभाजनों (divisions) का प्रयोग कीजिए, जैसे कि 10 की वृद्धियाँ। आप जानते हैं कि सभी दंड (bars) 0 और 60 के बीच स्थित होंगे। हम स्केल को इस प्रकार चुनेंगे, ताकि 0 और 60 के बीच की लंबाई न तो अधिक छोटी हो और न ही अधिक बड़ी हो। यहाँ, हम 1 इकाई = 10 विद्यार्थी लेते हैं।

1628.png

फिर हम आकृति में दर्शाए अनुसार, दंड आलेख को खींचते और नामांकित करते हैं।

दंड आलेख से हम निष्कर्ष निकालते हैं कि

(i) नीला रंग सबसे मनपसंद रंग है (क्योंकि नीले रंग को निरूपित करने वाला दंड सबसे लंबा है)

(ii) हरा रंग सबसे कम मनपसंद रंग है (क्योंकि हरे रंग को निरूपित करने वाला दंड सबसे छोटा है)।

(iii) यहाँ पांच रंग हैं। ये हैं लाल, हरा, नीला, पीला और नारंगी (ये क्षैतिज अक्ष पर देखे जा सकते हैं)।

उदाहरण 9

निम्नलिखित आँकड़े किसी कक्षा के छः विद्यार्थियों द्वारा (600 में से) प्राप्त किए गए कुल अंकों को दर्शाते हैं। इन्हें एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।

426

हल

1. एक उपयुक्त स्केल चुनने के लिए, हम 100 की वृद्धियाँ लेते हुए, समान विभाजन अक्ष पर अंकित करते हैं। इस प्रकार, 1 इकाई 100 अंक निरूपित करेगी। (यदि हम 1 इकाई से 10 अंकों को निरूपित करें, तो क्या कठिनाई होगी?)

2. अब आँकड़ों को दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।


1718.png

दोहरे दंड आलेख खींचना

आँकड़ों के निम्नलिखित दो समूहों पर विचार कीजिए, जो दो नगरों, आबेरदीन और मारगेट में, वर्ष के सभी बारह महीनों के लिए, धूप रहने के औसत दैनिक घंटों को दर्शाते हैं। ये नगर दक्षिणी ध्रुव के निकट स्थित हैं और इसीलिए यहाँ प्रतिदिन धूप बहुत कम घंटों के लिए रहती है।

427


इनके अलग-अलग दंड आलेख खींच कर आप निम्नलिखित प्रकार के प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैंः

(i) प्रत्येक नगर में, किस महीने में अधिकतम धूप रहती है? या

(ii) प्रत्येक नगर में, किस महीने में न्यूनतम धूप रहती है?

परंतु ‘एक विशेष महीने में, किस नगर में धूप अधिक घंटों तक रहती है?’ जैसे प्रश्नों के उत्तर देने के लिए, हमें दोनों नगरों के औसत धूप के घंटों की तुलना करने की आवश्यकता होगी। इसके लिए हम उन आलेखों को खींचना सीखेंगे, जिन्हें दोहरे दंड आलेख (double bar graphs) कहा जाता है। इनमें दोनों नगरों की सूचना दंड आलेखों द्वारा साथ-साथ दी हुई होती हैं

1727.png

आकृति 3.1

उपरोक्त दंड आलेख (आकृति 3.1) दोनों नगरों के औसत धूप के समय को दर्शाता है।

इसमें प्रत्येक महीने के लिए, हमारे पास दो दंड हैं, जिनकी ऊँचाइयाँ प्रत्येक नगर के औसत धूप के घंटों को दर्शाती हैं। इससे हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि अप्रैल के महीने को छोड़कर, अन्य सभी महीनों में मारगेट में आबेरदीन की अपेक्षा धूप सदैव अधिक रहती है। आप इसी प्रकार का दंड आलेख अपने क्षेत्र या नगर के लिए भी बना सकते हैं।

आइए एक और उदाहरण लें, जो हम से अधिक संबंधित है।

उदाहरण 10

गणित की अध्यापिका यह जानना चाहती है कि तिमाही परीक्षा के बाद, उसके द्वारा पढ़ाई में अपनाई गई नई तकनीक का कोई प्रभाव पड़ा या नहीं। वह सबसे कमजोर 5 बच्चाें द्वारा तिमाही परीक्षा (25 में से) और छःमाही परीक्षा (25 में से) में प्राप्त किए अंकों को लेती है, जो इस प्रकार हैं :

428

हल

पहले वह संलग्न आकृति में दर्शाए अनुसार एक दोहरा दंड आलेख (double bar graph) खींचती है। दंडों को देख कर लगता है कि विद्यार्थियों के प्रदर्शन में बहुत सुधार हुआ है। अतः, वह निर्णय लेती है कि उसे अपनी नई शिक्षण तकनीक जारी रखनी चाहिए।

429

क्या आप कुछ अन्य स्थितियों के बारे में सोचते हैं, जहाँ आप दोहरे दंड आलेखों का प्रयोग कर सकते हैं?


प्रयास कीजिए

1. दिया हुआ दंड आलेख (आकृति 3.2), विभिन्न कंपनियों द्वारा बनाई गई जल प्रतिरोधी (Water resistant) घड़ियों की जाँच के लिए किए गए एक सर्वेक्षण को दर्शाता है।

इनमें से प्रत्येक कंपनी ने यह दावा किया कि उनकी घड़ियाँ जल प्रतिरोधी हैं। एक जाँच के बाद उपरोक्त परिणाम प्राप्त हुए हैं।

(a) क्या आप प्रत्येक कंपनी के लिए, रिसाव (Leak) वाली घड़ियों की संख्या की, जाँच की गई कुल घड़ियों की संख्या से भिन्न बना सकते हैं?

(b) इसके आधार पर आप क्या बता सकते हैं कि किस कंपनी की घड़ियाँ बेहतर हैं?

1832.png

आकृति 3.2

2. वर्षों 199519961997 और 1998 में, अंग्रेज़ी और हिंदी की पुस्तकों की बिक्री नीचे दी गई हैं :

एक दोहरा दंड आलेख खींचिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

430

(a) किस वर्ष में दोनों भाषाओं की पुस्तकों की बिक्री का अंतर न्यूनतम था?

(b) क्या आप कह सकते हैं कि अंग्रेज़ी की पुस्तकों की माँग में तेज़ी से वृद्धि हुई है? इसका औचित्य समझाइए।


प्रश्नावली 3.3

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए, आकृति 3.3 में दिए दंड आलेख का प्रयोग कीजिए :

(a) कौन-सा पालतू पशु अधिक लोकप्रिय है?

(b) कितने विद्यार्थियों का पालतू पशु कुत्ता है?

2. निम्नलिखित दंड आलेख को पढ़िए जो एक पुस्तक भंडार द्वारा 5 क्रमागत वर्षों में बेची गई पुस्तकों की संख्या दर्शाती है, और आगे आने वाले प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

(i) वर्षों 1989, 1990 और 1992 में से प्रत्येक में लगभग कितनी पुस्तकें बेची गईं?

(ii) किस वर्ष में लगभग 475 पुस्तकें बेची गईं? किस वर्ष में लगभग 225 पुस्तकें बेची गईं?

(iii) किन वर्षों में 250 से कम पुस्तकें बेची गई?

(iv) क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि आप वर्ष 1989 में बेची गई पुस्तकों का आकलन किस प्रकार करेंगे?

431

3. छः विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों की संख्याएँ नीचे दी गई हैं। इन आँकड़ों को एक दंड आलेख द्वारा निरूपित कीजिएः

432


(a) आप स्केल किस प्रकार चुनेंगे?

(b) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ः

(i) किस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिकतम है? किस कक्षा में न्यूनतम है?

(ii) कक्षा 6 के विद्यार्थियों की संख्या का कक्षा 8 के विद्यार्थियों की संख्या से अनुपात ज्ञात कीजिए।

4. एक विद्यार्थी के प्रथम सत्र और द्वितीय सत्र का प्रदर्शन दिया हुआ है। एक उपयुक्त स्केल चुनकर एक दोहरा दंड आलेख खींचिए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिएः

433


(i) किस विषय में विद्यार्थी ने अपने प्रदर्शन में सबसे अधिक सुधार किया है?

(ii) किस विषय में सुधार सबसे कम है?

(iii) क्या किसी विषय में प्रदर्शन नीचे गिरा है?

5. किसी कॉलोनी में किए गए सर्वेक्षण से प्राप्त निम्नलिखित आँकड़ों पर विचार कीजिए :

434

(i) एक उपयुक्त स्केल चुनकर, एक दोहरा दंड आलेख खींचिए।

इस दंड आलेख से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?

(ii) कौन-सा खेल अधिक लोकप्रिय हैं?

(iii) खेलों को देखना अधिक पसंद किया जाता है या उनमें भाग लेना?

6. इस अध्याय के प्रारंभ में, दिए हुए विभिन्न नगरों के न्यूनतम और अधिकतम तापमानों के आँकड़ों (सारणी 3.1) को लीजिए। इन आँकड़ों का एक दोहरा दंड आलेख खींच कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(i) दी हुई तिथि पर किस नगर के न्यूनतम और अधिकतम तापमान का अंतर सबसे अधिक है?

(ii) कौन-सा नगर सबसे गर्म है और कौन-सा नगर सबसे ठंडा है।

(iii) एेसे दो नगरों के नाम लिखिए, जिनमें से एक का अधिकतम तापमान दूसरे के न्यूनतम तापमान से कम था।

(iv) उस नगर का नाम लिखिए, जिसके न्यूनतम और अधिकतम तापमानों का अंतर सबसे कम है।



3.9 संयोग और प्रायिकता

ये शब्द प्रायः हमारे जीवन में देखने में आते हैं। हम प्रायः कहते हैं, ‘आज वर्षा होने की संभावना (या संयोग) नहीं है’ तथा यह भी कहते हैं कि ‘यह बहुत कुछ संभव है कि भारत विश्व कप जीतेगा।’ आइए इन शब्दों को कुछ अधिक समझने का प्रयत्न करें। निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(i) सूर्य पश्चिम से निकलता है।

(ii) एक चींटी की ऊँचाई 3 m हो जाती है।

(iii) यदि आप एक बड़े आयतन वाला घन लेंगे, तो उसकी भुजा भी बड़ी होगी।

(iv) यदि आप बड़े क्षेत्रफल का एक वृत्त लेंगे, तो उस वृत्त की त्रिज्या भी बड़ी होगी।

(v) भारत अगली टेस्ट शृंखला जीतेगा।

यदि आप उपरोक्त कथनों को देखेंगे, तो आप कहेंगे कि पश्चिम से सूर्य का निकलना असंभव (impossible) है, एक चींटी की ऊँचाई 3 m होना भी संभव नहीं है। इसके विपरीत, यदि वृत्त बड़े क्षेत्रफल का है, तो उसकी त्रिज्या बड़ी होना निश्चित (certain) है। यही बात आप घन के बड़े आयतन और उसकी भुजा के बारे में कह सकते हैं। दूसरी ओर, भारत अगली टेस्ट शृंखला जीत भी सकता है और हार भी सकता है। दोनों ही संभव है।

3.9.1 संयोग

यदि आप एक सिक्के को उछालें, तो क्या आप सदैव इसकी सही प्रागुक्ति (prediction) कर सकते हैं कि क्या प्राप्त होगा? प्रत्येक बार सिक्के को उछालकर उससे प्राप्त होने वाले परिणाम की प्रागुक्ति कीजिए। अपने प्रेक्षण निम्नलिखित सारणी के रूप में लिखिए :

435

एेसा 10 बार करिए। प्राप्त परिणामों (outcomes) को देखिए। क्या आप इनमें कोई पैटर्न देखते हैं? प्रत्येक उछाल के बाद आपको क्या प्राप्त होता है? क्या आपको सदैव चित (head) ही प्राप्त होता है? इन प्रेक्षणों को 10 और उछालों के लिए दोहराइए और प्रेक्षणों को सारणी में लिखिए।

आप देखेंगे कि ये प्रेक्षण कोई स्पष्ट प्रतिरूप (pattern) नहीं दर्शाते हैं। नीचे दी गई सारणी में, हम सुशीला और सलमा द्वारा 25 उछालों से प्राप्त प्रेक्षणों को दे रहे हैं। यहाँ, H चित को निरूपित करता है तथा T पट (tail) को निरूपित करता है।

436

ये आँकड़ें आपको क्या बताते हैं? क्या आप चित और पट के लिए कोई प्रागुक्तीय प्रतिरूप (predictable pattern) ज्ञात कर सकते हैं? स्पष्ट है, यहाँ चित और पट के आने का कोई निश्चित प्रतिरूप नहीं है। जब आप प्रत्येक बार सिक्के को उछालते हैं, तो प्रत्येक उछाल का परिणाम चित या पट में से कोई भी एक हो सकता है। यह संयोग (chance) की बात है कि एक विशेष उछाल में आपको इनमें से कोई एक प्राप्त हो।

उपरोक्त आँकड़ों में प्राप्त किए गए चितों की संख्या और पटों की संख्या गिनिए। सिक्के को कई बार उछालिए और रिकॉर्ड करते जाइए कि आपको क्या प्राप्त हो रहा है। यह ज्ञात कीजिए कि आपको कितनी बार चित प्राप्त हुआ और कितनी बार पट प्राप्त हुआ।

आपने एक पासे (die) के साथ भी अवश्य खेला होगा। एक पासे में छः फलक (faces) होते हैं। जब आप एक पासे को फेंकते हैं, तो क्या आप प्राप्त होने वाली संख्या की प्रागुक्ति कर सकते हैं?

लूडो (Ludo) या ‘साँप और सीढ़ी’ का खेल खेलते समय, आपने यह कामना अवश्य की होगी कि एक विशेष फेंक में एक विशेष संख्या परिणाम के रूप में प्राप्त हो।

क्या पासा सदैव आपकी कामनाओं के अनुसार कार्य करता है? एक पासा लीजिए, उसे 150 बार फेंकिए तथा प्राप्त परिणामों को निम्नलिखित सारणी में भरिए :

437


प्रत्येक बार परिणाम प्राप्त होने पर, उपयुक्त संख्या के सम्मुख एक मिलान चिह्न (tally mark) लगाइए। उदाहरणार्थ, पहली फेंक (throw) में 5 आने पर 5 के सम्मुख एक मिलान चिह्न लगाइए। अगली बार आपको संख्या 1 प्राप्त होती है। तब, 1 के सम्मुख एक मिलान चिह्न लगाइए। उपयुक्त संख्याओं के लिए मिलान चिह्न लगाते रहिए। इस प्रक्रिया को 150 बार करिए तथा 150 बार फेंकों के लिए, प्रत्येक परिणाम की कुल संख्या ज्ञात कीजिए।

उपरोक्त आँकड़ों से एक दंड आलेख बनाइए, जिसमें यह दर्शाया गया हो कि परिणाम 1, 2, 3, 4, 5 और 6 कितनी बार आए हैं।


प्रयास कीजिए

(इसे समूह में कीजिए)

1. एक सिक्के को 100 बार उछालिए और ज्ञात कीजिए कि चित कितनी बार आया है तथा पट कितनी बार आया है।

2. आफताब ने एक पासे को 250 बार फेंका और निम्नलिखित सारणी प्राप्त कीः

438

इन आँकड़ों के लिए एक दंड आलेख खींचिए।

3. एक पासे को 100 बार फेंकिए तथा परिणामों को रिकॉर्ड कीजिए। ज्ञात कीजिए कि 12345 और 6कितनी-कितनी बार आए हैं।

प्रायकिता क्या है?

जब हम किसी सिक्के को उछालते हैं, तो हम जानते हैं कि इसके दो संभव परिणाम चित या पट हैं। साथ ही, एक पासे को फेंकने पर 6 संभव परिणाम हैं। अपने अनुभव से, हम यह भी जानते हैं कि एक सिक्के के लिए, चित या पट का प्राप्त करना एक समप्रायिक (equally likely) घटना है। हम कहते हैं कि एक चित आने की प्रायिकता (probability) 2347.png है तथा एक पट आने की प्रायिकता भी 2352.png है। पासे फेंकने पर 1, 2, 3, 4, 5 या 6 के आने की संभावनाएँ बराबर हैं। अर्थात् पासे के लिए 6 समप्रायिक संभव परिणाम हैं। हम कहते हैं कि 1, 2, 3, 4, 5 और 6 में से प्रत्येक के आने की प्रायिकता (2357.png) है।

इसके बारे में, हम अगली कक्षाओं में अध्ययन करेंगे। परंतु अब तक जो हमने किया है, उससे स्पष्ट है कि कई संभावनाओं वाली घटना की प्रायिकता 0 और 1 के बीच में होती है। जिनके घटित होने का कोई संयोग या संभावना नहीं है, उनकी प्रायिकता 0 होती है तथा जिनको निश्चित रूप से घटित होना है, उनकी प्रायिकता 1 होती है।

एक स्थिति दिए रहने पर, हमें विभिन्न संभव परिणामों को समझने तथा प्रत्येक परिणाम के संभावित संयोग के अध्ययन की आवश्यकता होती है। यह संभव है कि सिक्के और पासे की स्थिति के विपरीत एेसे भी परिणाम हों जिनके घटित होने के संयोग बराबर न हों, अर्थात् वे समप्रायिक न हों। उदाहरणार्थ, यदि एक बर्तन में 15 लाल गेंदे हों और 9 सफ़ेद गेंदे हों और इसमें से एक गेंद बिना देखे निकाली जाती है। तब, लाल गेंद प्राप्त करने का संयोग बहुत अधिक है। क्या आप देख सकते हैं कि क्यों? लाल गेंद प्राप्त करने का संयोग सफ़ेद गेंद प्राप्त करने के संयोग का कितने गुना है? ध्यान दीजिए इन दोनों की प्रायिकताएँ 0 और 1 के बीच में हैं?

 प्रयास कीजिए

एेसी पाँच स्थितियाँ बनाइए या सोचिए, जिनमें परिणामों के संयोग बराबर न हों, अर्थात् वे समप्रायिक न हों।


प्रश्नावली 3.4

1. बताइए कि निम्नलिखित में किसका होना निश्चित है, किसका होना असंभव है तथा कौन हो भी सकता है, परंतु निश्चित रूप से नहीं :

(i) आज आप कल से अधिक आयु के हैं।

(ii) एक सिक्के को उछालने पर चित आएगा।

(iii) एक पासे को फेंकने पर 8 आएगा।

(iv) अगली ट्रैफिक लाइट हरी दिखेगी।

(v) कल बादल घिरे होंगे।

2. एक डिब्बे में 6 कँचे हैं, जिन पर 1 से 6 संख्याएँ अंकित हैं।

(i) संख्या 2 वाले कँचे को इसमें से निकालने की प्रायिकता क्या है?

(ii) संख्या 5 वाले कँचे को इसमें से निकालने की प्रायिकता क्या है?

3. यह निर्णय लेने के लिए कि कौन-सी टीम खेल प्रारंभ करेगी, एक सिक्का उछाला जाता है। इसकी क्या प्रायिकता है कि आपकी टीम खेल प्रारंभ करेगी?

हमने क्या चर्चा की?

1. आँकड़ों के संग्रह, रिकॉερंडग और प्रस्तुतीकरण से हमें अपने अनुभवों को संगठित करने तथा आँकड़ों से निष्कर्ष निकालने में सहायता मिलती है।

2. आँकड़ों को इकट्ठा करने से पहले, हमें यह जान लेना चाहिए कि हम इनका उपयोग किस कार्य में करेंगे।

3. एकत्रित किए गए आँकड़ों को एक उपयुक्त सारणी के रूप में संगठित किए जाने की आवश्यकता होती है, ताकि ये सरलता से समझने के योग्य हों और इनकी व्याख्या की जा सके।

4. औसत एक एेसी संख्या है, जो दिए हुए प्रेक्षणों के समूह (या आँकड़ों) का प्रतिनिधित्व करता है या उनकी केंद्रीय प्रवृत्ति को दर्शाता है।

5. अंकगणितीय माध्य आँकड़ों का एक प्रतिनिधि मान है।

6. बहुलक केंद्रीय प्रवृत्ति या प्रतिनिधि मान का एक अन्य रूप है। प्रेक्षणों के एक समूह का बहुलक वह प्रेक्षण है जो सबसे अधिक बार आता है।

7. माध्यक भी एक प्रकार का प्रतिनिधि मान है। यह उस मान को दर्शाता है, जो प्रेक्षण के मध्य (बीच) में होता है (उन्हें आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने के बाद) तथा आधे प्रेक्षण इसके ऊपर होते हैं और आधे प्रेक्षण इसके नीचे होते हैं।

8. इकटे्ठ किए आँकड़ों को बारंबारता बंटन सारणी की सहायता से चित्रीय रूप से दंड आलेखों के रूप में दर्शाया जा सकता है। दंड आलेख संख्याओं या आँकड़ों का समान चौड़ाई वाले दंडों द्वारा एक चित्रीय निरूपण है।

9. हमने यह भी सीखा है कि एक दोहरा दंड आलेख किस प्रकार खींचा जाता है। यह एक ही दृष्टि में, प्रेक्षणों के दो समूहों की तुलना करने में सहायक रहता है।

10. हमारे दैनिक जीवन में, एेसी स्थितियाँ हैं जो निश्चित रूप से होती हैं, कुछ एेसी हैं जिनका होना संभव नहीं है तथा कुछ एेसी हैं जो हो भी सकती हैं और नहीं भी हो सकती। एेसी स्थिति को सदैव घटित होने का संयोग होता है जो घटित हो भी सकती है या नहीं भी हो सकती है।

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