9 सजीव एवं उनका परिवेश पहेली और बुझो छुिðयों में अनेक रोमांचक स्थानों की सैर पर गए। ऐसी ही एक यात्रा परवे ट्टष्िाकेश में गंगा नदी देखने गए। उन्होंने हिमालय की हिमाच्छादित पवर्त शृंखला के वुफछ पवर्तों का पवर्तारोहण किया जहाँ बहुत ठंड थी। इन पवर्तों पर उन्होंने ओक, चीड़ एवं देवदार जैसे अनेक वृक्ष देखे जो उनके मैदानी क्षेत्रा के वृक्षों से बहुत अध्िक भ्िान्न थे। एक और अभ्िायान में उन्होंने राजस्थान की यात्रा कीएवं ऊँट पर ऊष्ण मरुस्थल भी घूमे। यहाँ से उन्होंने नाग.पफनी के अनेक प्रकार के पौधे एकत्रा किए। अंत में वे पुरी गए और उन्होंने समुद्र तट की सैर की और वहाँ वैफजुराइना के वृक्ष की कतार देखी। इन स्थानों के भ्रमण के रोमांचक एवं उल्लासपूणर् क्षणों का स्मरण करते हुए, उन्हें अचानक एक विचार आया। ये सभी स्थान एक - दूसरे से बहुत भ्िान्न थे। वुफछ बहुत ठंडे थे,वुफछ बहुत ऊष्ण एवं शुष्क तथा वुफछ स्थान आद्रर् थे। परंतु उन सभी स्थानों पर अनेक प्रकार के बहुत सारे जीव ;सजीव वस्तुएँद्ध थे। उन्होंने यह जानने की कोश्िाश की कि क्या पृथ्वी पर कोइर् ऐसा भी स्थान है, जहाँ कोइर् भी जीव नहीं पाया जाता। बूझो ने अपने घर के आस - पास के स्थानों का ध्यान किया। घर के अंदर उसने अलमारी एवं दरवाशों को देखा। उसने सोचा था कि इनमें कोइर् सजीव नहीं होगा, परंतु उसे एक छोटी - सी मकड़ी नशर आइर्। घर से बाहर भी वह किसी ऐसे स्थान के बारे में नहीं सोच पाया जहाँ किसी न किसी प्रकार के जीव न पाए जाते हों ;चित्रा 9.1द्ध। पहेली ने दूर - दूर के स्थानों के विषय में पढ़ना एवं सोचना प्रारंभ किया। उसे पता लगा कि लोगों ने तो ज्वालामुखी के मुख ;मुहानेद्ध में भी सूक्ष्म जीवों को खोज निकाला है। चित्रा 9.1 सजीवों के लिए खोज 9.1 सजीव एवं उनका परिवेश पहेली एवं बूझो के मस्ितष्क में एक और विचार आया। जिन स्थानों की उन्होंने सैर की थी, वहाँ किसप्रकार के जीव पाए जाते हैं? मरुस्थल में ऊँट थे। पवर्त पर बकरी एवं याक थे। पुरी के समुद्र तट पर केकड़े एवं अनेक प्रकार की मछलियाँ थीं जिन्हें मछुआरे पकड़ रहे थे। साथ ही चींटियों जैसे अनेक प्रकार के जीव इन सभी स्थानों पर उपस्िथत थे। इन क्षेत्रांे में पाए जाने वाले विभ्िान्न प्रकार के पौध्े अन्य क्षेत्रों के पौधंे की प्रजातियांे से भ्िान्न थे। इन विभ्िान्न क्षेत्रों का परिवेश वैफसा था? क्या उनका परिवेश भी एक समान था? ियाकलाप 1 आइए, एक वन से प्रारंभ करते हैं। यहाँ पाए जाने वाले सभी पौधें, जंतुओं एवं वस्तुओं के बारे में सोचिए। एक जंगल में पाए जाने वाले जंतुओं, पौधें एवं वस्तुओं को सारणी 9.1 के काॅलम 1 में लिख्िाए। दूसरे क्षेत्रों में पाए जाने वाली वस्तुओं, जंतुओं एवं पौधों के नाम भी में रहने योग्य बनाती है। ऊँट के पैर लंबे होते हैं जिससे उसका शरीर रेत की गरमी से दूर रहता है ;चित्रा 9.2द्ध। उनमें मूत्रोत्सजर्न की मात्रा बहुत कम होती है तथा मल शुष्क होता है। उन्हें पसीना ;स्वेदद्ध भी नहीं आता क्योंकि शरीर से जल का ”ास बहुत कम होता है। इसलिए जल के बिना भी वे अनेक दिनों तक रह सकते हैं। चित्रा 9.3 विभ्िान्न प्रकार की मछलियाँ आइए, विभ्िान्न प्रकार की मछलियों को देखें। इनमें से कुछ को चित्रा 9.3 में दशार्या गया है। परंतु इतने अध्िक किस्म की मछलियों में क्या आपकोइनकी आकृति में वुफछ समानताएँ दिखाइर् देती हैं। इन सभी का शरीर धरा - रेखीय होता है, जिसकी चचार्हम अध्याय - 8 में कर चुके हैं। उनकी यह आकृति उन्हें जल के अंदर विचरण करने में सहायता करती है। मछलियों का शरीर चिकने शल्कों से ढका होता है। ये शल्क मछली को सुरक्षा तो प्रदान करते ही हैं साथ ही उन्हें जल में सुगम गति करने में भी सहायक हैं। हमने अध्याय 8 में चचार् की थी कि मछली के पंख एवं पूँछ चपटी होती हैं, जो उन्हें जल के अंदर दिशा परिवतर्न एवं संतुलन बनाए रखने में सहायता करते हैं। मछली के गिल ;क्लोमद्ध होते हैं जो उसे जल में श्वास लेने में सहायता करते हैं। हम देखते हैं कि मछली की संरचनाएँ उसे जलमें रहने में सहायक होती हैं तथा ऊँट वफी संरचनाएँ उसे मरुस्थल में रहने में सहायता करती हैं। सजीव एवं उनका परिवेश हमने पृथ्वी पर पाए जाने वाले असंख्य प्रकार के जंतुओं में से केवल दो उदाहरण लिए। हम देखते हैं कि सजीवों की इन सभी किस्मों में ऐसी वुफछ विश्िाष्ट संरचनाएँ होती हैं जो उन्हें अपने परिवेश में रहने योग्य बनाती हैं जिसमें वे प्रायः पाए जाते हैं। जिन विश्िाष्ट संरचनाओं अथवा स्वभाव की उपस्िथति किसी पौध्े अथवा जंतु को उसके परिवेश में रहने के योग्य बनाती है, अनुवूफलन कहते हैं। विभ्िान्न जंतु भ्िान्न परिवेश के प्रति अलग रूप से अनुवूफलित हो सकते हैं। किसी सजीव का वह परिवेश जिसमंे वह रहता है, उसका आवास कहलाता है। अपने भोजन, वायु, शरण स्थल एवं अन्य आवश्यकताआंे के लिए जीव अपने आवास पर निभर्र रहता है। आवास का अथर् है वास स्थान ;एक घरद्ध। विभ्िान्न प्रकार के पौधे एवं जंतु एक ही आवास में संयुक्त रूप से रह सकते हैं। स्थल ;शमीनद्ध पर पाए जाने वाले पौधों एवं जंतुओं के आवास को स्थलीय आवास कहते हैं। वन, घास के मैदान, मरुस्थल, तटीय एवं पवर्तीय क्षेत्रा स्थलीय आवास के कुछ उदाहरण हैं। जलाशय, दलदल, झील, नदियाँ एवं समुद्र, जहाँ पौधे एवं जंतु जल में रहते हैं, जलीय आवास हैं। विश्व के विभ्िान्न भागों में पाए जाने वाले वनों, घास के मैदानों, मरुस्थलों, तटीय एवं पवर्तीय क्षेत्रों में भी बहुत विषमताएँ हैं। यह सभी जलीय आवासों के लिए भी सत्य है। किसी आवास में पाए जाने वाले सभी जीव जैसे कि पौध्े एवं जंतु उसके जैव घटक हैंान, मिट्टी, ð। चट्टðवायु एवं जल जैसी अनेक निजीर्व वस्तुएँ आवास के अजैव घटक हैं। सूयर् का प्रकाश एवं ऊष्मा भी परिवेश के अजैव घटक हैं। हम जानते हैं कि वुफछ पौध्े बीजों से उगते हैं। आइए बीज वेेफ अंकुरण से नए पौध्े वफ बनने की प्रिया में वुफछ अजैव कारकांे की भूमिका का अध्ययन करें। 81 हम देखते हैं कि सजीव बहुत ठंडे और बहुतऊष्ण परिवेश में भी पाए जाते हैं। क्या ऐसा नहीं है? ये जीव इस विषम परिवेश में जीवित रहने के लिए किस विश्िाष्ट व्यवस्था को अपनाते हैं? यहाँ अनुवूफलन काम आता है। अनुवूफलन अल्प काल में नहीं होता है। हजारों वषो± की अवध्ि में किसी क्षेत्रा के अजैव घटकों में परिवतर्न आते हैं। वे जंतु जो इन परिवतर्नों के प्रति अपने आपको नहीं ढाल पाते, मर जाते हैं। केवल वे जीव ही जीवित रहते हैं जो अपने आपको बदलते परिवेश के अनुसार अनुवूफलित कर लेते हैं। जंतु विभ्िान्न अजैव कारकों के लिए विभ्िान्न विध्ि यों से अपने आपको अनुवूफलित कर लेते हैं। इसका परिणाम भ्िान्न आवासों में जीवों की विविध्ता का होना है। आइए, वुफछ आवासों, इनके अजैव घटकों एवं उसमें रहने वाले विभ्िान्न जीवों में अनुवूफलन का अध्ययन करें। 9.3 विभ्िान्न आवासों की यात्रा वुफछ स्थलीय आवास मरुस्थलमरुस्थल के अजैव घटकों एवं ऊँट के अनुवूफलन के विषय में हम पहले ही चचार् कर चुके हैं। मरुस्थल में पाए जाने वाले अन्य जंतुओं एवं पौधों में क्या होता है? क्या उनमें भी इसी प्रकार के अनुवूफलन पाए जाते हैं? विज्ञान चित्रा 9.4 बिल में मरुस्थलीय जंतु मरुस्थल में रहने वाले चूहे एवं साँप के, ऊँट की भाँति लंबे पैर नहीं होते। दिन की तेश गरमी से बचने के लिए वे भूमि के अंदर गहरे बिलों में रहते हैं ;चित्रा 9.4द्ध। रात्रिा के समय जब तापमान में कमी आती है, तो ये जंतु बाहर निकलते हैं। चित्रा 9.5 मरुस्थल में उगने वाले वुफछ पौधे मरुस्थल में उगने वाले वुफछ सामान्य पौधों को चित्रा 9.5 में दशार्या गया है। यह पौध्े मरुस्थल के प्रति किस प्रकार अनुवूफलित हैं? ियाकलाप 3 गमले में लगा एक वैफक्टस तथा पिायों वाला एक पौध कक्षा में लाइए। दोनों पौधें के वुफछ भाग को पाॅलिथीन थैली से ढककर उसी प्रकार बाँध्िए, जिस प्रकार अध्याय 7 के ियाकलाप 4 में हमने पौधें में वाष्पोत्सजर्न का अध्ययन करते समय बाँध था। गमले में लगे पौधें को धूप में रख दीजिए तथा वुफछ घंटे सजीव एवं उनका परिवेश सामान्यतः शंक्वाकार होते हैं तथा इनकी शाखाएँतिरछी होती हैं। इनमें से वुफछ वृक्षों की पिायाँ सुइर् के आकार की होती हैं। इससे वषार् वफा जल एवं हिम सरलता से नीचे की ओर ख्िासक जाता है। पवर्तों परइन वृक्षों से अध्िक भ्िान्न आकृति एवं आकार वाले वृक्ष भी मिल सकते हैं। पवर्त पर जीवित रहने के लिए इनमें वुफछ अन्य प्रकार का अनुवूफलन हो सकता है। पवर्तीय क्षेत्रा में पाए जाने वाले जंतु भी वहाँ की परिस्िथतियांे के प्रति अनुवूफलित होते हैं ;चित्रा 9.7द्ध। उनकी मोटी त्वचा या पफर ठंड से उनका बचाव करती है। उदाहरणतः शरीर को गरम रखने के लिए याक का शरीर लंबे बालों से ढका होता है। पहाड़ी तेंदुए के शरीर पर पफर होते हैं। यह बप़र्फ पर चलते समय उसके पैरों को ठंड से बचाता है। पहाड़ी बकरी के मजबूत खुर उसे ढालदार चट्टðानों पर दौड़ने के लिए अनुवूफलित बनाते हैं।जैसे - जैसे हम पवर्तीय क्षेत्रों में ऊपर चढ़ते जाते हंै परिवेश का स्वरूप बदलता जाता है और हमें विभ्िान्नऊँचाइयों पर पाए जाने वाले जीवों के अनुवूफलन में विविध्ता दिखाइर् देती है। घासस्थल शेर वन में अथवा घासस्थल में रहता है तथा एक ऐसा शक्ितशाली जंतु है, जो हिरण जैसे जंतुओं का श्िाकार कर उन्हें मारकर खा जाता है। यह मटमैले ;हल्के भूरेद्ध रंग का होता है। एक शेर एवं हिरण का चित्रा देख्िाए ;चित्रा 9.8द्ध। इन दोनों जंतुओं की आँखें उनके चेहरे पर किस प्रकार स्िथत हैं? क्या वे चेहरे के सामने हैं अथवा पाश्वर् में हैं? शेर के अगले पैर के नखर लंबे होते हैं जिन्हें वह पादांगुलियों के अंदर खींचकर छिपा सकता है। क्या शेर की यह संरचनाएँ उसके जीवन - यापन में सहायता करती हैं? उसका मटमैला ;हल्का भूराद्ध रंग श्िाकार के दौरान उसे घास के सूखे मैदानों में छिपाए रखता है और विज्ञान चित्रा 9.8 ;ंद्ध एक शेर एवं ;इद्ध हिरण श्िाकार को पता भी नहीं चलता। चेहरे के सामने की आँखें उसे वन में दूर तक श्िाकार खोजने में सहायक होती हैं। एक दूसरा जंतु हिरण है जो वन या घासस्थल में रहता है। पौधें के कठोर तनों को चबाने के लिए इसके मजबूत दाँत होते हैं। हिरण को अपने श्िाकारी ;शेर जैसे जंतु जो उसे अपना श्िाकार बनाते हैंद्ध की उपस्िथति की जानकारी आवश्यक है, ताकि वह उसका श्िाकार न बन सके और वहाँ से भाग जाए। उसके लंबे कान उसे श्िाकारी की गतिविध्ि की जानकारी देते हैं। इसके सिर के पाश्वर् में दोनों ओर स्िथत आँखें प्रत्येक दिशा में देखकर खतरा महसूस सजीव एवं उनका परिवेश कर सकती हैं। हिरण की तेश गति उसे श्िाकारी से दूर भागने में सहायक होती हैं। शेर, हिरण तथा अन्य जंतुओं एवं पौधों में और भी बहुत - सी विश्िाष्ट संरचनाएँ होती हैं, जो उन्हें उनके आवास में जीवित रहने योग्य बनाती हैं। वुफछ जलीय आवास समुद्र समुद्र में रहने के लिए मछली के अनुवूफलन के विषय में हम चचार् कर चुके हैं। दूसरे बहुत से समुद्री जंतुओं का शरीर भी धारा - रेखीय होता है जिससे वह जल में सुगमता से चल सकते हैं। स्िक्वड एवं आॅक्टोपस जैसे वुफछ समुद्री जंतुओं का शरीर आमतौर पर धारा - रेखीय नहीं होता। वे समुद्र की गहराइर् में, तलहटी में रहते हैं तथा अपनी ओर आने वाले श्िाकार को पकड़ते हैं। जब वे जल में चलते हैं तो अपने शरीर को धारा - रेखीय बना लेते हैं। जल में श्वास लेने के लिए इनमें गिल ;क्लोमद्ध होते हैं। डाॅलपिफन एवं ह्नेल जैसे वुफछ जंतुओं में गिल नहीं होते। ये सिर पर स्िथत नासाद्वार अथवा वात - छिद्रों द्वारा श्वास लेते हैं। ये जल में लंबे समय तक बिना श्वास लिए रह सकते हैं। वे समय - समय पर समुद्री सतह ;जल से बाहरद्ध पर आकर श्वसन - छिद्रों से जल बाहर निकालते हैं एवं श्वास द्वारा स्वच्छ वायु अंदर भरते हैं। क्या आपने कभी दूरदशर्न पर अथवा समुद्री जीवन पर चलचित्रा में डाॅलपिफन की इस रोचक िया को देखा है? तालाब एवं झील क्या आपने तालाब, झील, नदियों एवं नालों में पौधों को उगे देखा है? यदि संभव हो तो समीपवतीर् किसी तालाब के भ्रमण पर जाइए और वहाँ दिखाइर् देने वाले वुफछ पौधें को बाहर निकाल लीजिए। इन पौधों कीपिायाँ, तने और जड़ें किस प्रकार व्यवस्िथत हैं? 85 चित्रा 9.9 वुफछ जलीय पौध्े जल सतह पर प्लवन करते हैं आंश्िाक रूप से जलमग्न पौधे जिनकी जडें़ मिट्टðी में स्िथर हैं। वुफछ पौध्े पूणर्तः जलमग्न हैं। इनमें से वुफछ पौधों की जडें़ जलाशय की तलहटी की मिट्टðंी में स्िथर रहती है ;चित्रा 9.9द्ध। स्थलीय पौधों में जड़ मिट्टðी से जल एवं खनिज पोषकों के अवशोषण का महत्वपूणर् कायर् करती हैं। परंतु जलीय पौधों में जड़ें आकार में बहुत छोटी होती हैं एवं इनका मुख्य कायर् पौधे को तलहटी में जमाए रखना होता है। इन पौधों का तना लंबा, खोखला एवं हल्का होता है। तना जल की सतह तक वृि करता है,जबकि पिायाँ एवं पूफल जल की सतह पर प्लवन करते रहते हैं। वुफछ जलीय पौधे जल में पूणर्रूपेण डूबे रहते हैं। ऐसे पौधें के सभी भाग जल में वृि करते हैं।इनमें से वुफछ पौधों की पिायाँ संकरी एवं पतले रिबन की तरह होती हैं। यह बहते जल में सरलतासे मुड़ जाती हैं। वुफछ अन्य जलमग्न पौधों में पिायाँ बहुत अिाक विभाजित होती हैं जिससे जल इनकेबीच से बहता रहता है और पत्ती को कोइर् क्षति भी नहीं होती। मेंढक आमतौर पर तालाब में पाया जाने वाला एक जंतु है। यह तालाब के जल एवं स्थल दोनों पर रह सकता है। इसके पश्चपाद लंबे एवं मजबूत होते हैं जो उन्हें छलांग लगाने एवं श्िाकार पकड़ने में सहायता करते हैं। इनके पश्चपाद में जालयुक्त पादांगुलियाँ होती हंै जो उन्हें तैरने में सहायता करती हंै। हमने केवल वुफछ ही जंतुओं एवं पौधों की चचार् की है। जबकि विभ्िान्न आवास में रहने वाले जीवों की संख्या बहुत अिाक है। अध्याय 7 में सुझाए ियाकलाप के अंतगर्त जब आप पिायों की एलबम तैयार कर चुके होंगे तब तक आप पौधें की अनेक प्रजातियों के बारे में जानकारी कर चुके होंगे। कल्पना कीजिए कि यदि हम पृथ्वी के सभी क्षेत्रों में उपलब्ध् पौधें की पिायों का एलबम तैयार करें तो उनमें कितनी विविध्ता होगी! 9.4 हमारे आस - पास के जीव हमने विभ्िान्न आवास क्षेत्रों की यात्रा की तथा अनेक पौधों एवं जंतुओं की चचार् भी की। ियाकलाप 1 में हमने विभ्िान्न परिवेश में पाए जाने वाली वस्तुओं, पौधों एवं जंतुओं की सूची बनाइर्। कल्पना कीजिए कि यदि हम जानना चाहें कि हमारी सूची में सजीव के कौन - से उदाहरण हैं? आइए, वन में पाइर् जाने वाली वस्तुओं के विषय में सोचें। वृक्ष, आरोही - लता, विसपीर् - लता, छोटे - बड़े जंतु, पक्षी, सपर्, कीट, चट्टððान, पत्थर, मिट्टी, जल, वायु, सूखी पिायाँ, मृत जंतु, छत्राक एवं काइर् ;माॅसद्ध वन में पाइर् जाने वाली विभ्िान्न वस्तुओं के वुफछ उदाहरण हैं। इनमें से कौन सजीव हैं? अपने चारों ओर पाइर् जाने वाली विभ्िान्न वस्तुओं के विषय में सोचिए तथा उन्हें निजीर्व एवं सजीव समूहों में बाँटिए। वुफछ प्रकरणों में हमारे लिए यह आसान होगा। उदाहरणतः हमारे घर की वुफसीर् अथवा 86 विज्ञान मेश जैसी वस्तुएँ सजीव नहीं हैं। पहेली एडवडर् लियर द्वारा रचित कम्पलीट नाॅनसेन्स का यह छंद पढ़ रही थीः पहेली और बूझो को कविता बहुत मशेदार लगी, क्योंकि वे जानते थे कि मेश और वुफसीर् सजीव नहीं हैं। अतः ये न तो चल सकते हैं, न बोल सकते हैं और न ही ऐसी समस्याओं को महसूस कर सकते हैं जिनसे हम पीडि़त होते हैं। हम जानते हैं कि वुफसीर्, मेश, पत्थर अथवा एक सिक्का सजीव नहीं हैं। इसी प्रकार हम जानते हैं कि हम जीवित हैं और हमारी ही तरह संसार के सभीमनुष्य तथा वुफत्ता, बिल्ली, बंदर, गिलहरी, कीट जैसे जंतु सभी सजीव हैं। हमें वैफसे पता चलता है कि कोइर् वस्तु सजीव है? कभी - कभी यह निणर्य करना इतना आसान नहींहोता। हम कहते हैं कि पौधे सजीव हैं, परंतु वे वुफत्ते अथवा कबूतर की भाँति चल नहीं सकते। दूसरी ओर एक कार अथवा बस चल सकती है पिफर भी हम उन्हें निजीर्व कहते हैं। पौधे एवं जंतु समय के साथ वृि करते हैं। परंतु कइर् बार ऐसा भी प्रतीत होता है सजीव एवं उनका परिवेश जैसे कि आकाश में बादल अपने आकार में वृि कर रहे हों तो क्या इसका अथर् है कि बादल सजीव हैं? नहीं। तो, आख्िारकार हम निजीर्व एवं सजीवों में अंतर किस प्रकार करेंगे? क्या सजीवों में वुफछ विशेष लक्षण होते हैं जो उन्हें निजीर्व पदाथो± से अलग करते हैं। आप स्वयं सजीवों का एक बहुत अच्छा उदाहरण हैं। आपमें ऐसे कौन - से विशेष लक्षण हैं जो आपको निजीर्व वस्तुओं से अलग करते हैं? अपनी नोटबुक में ऐसे वुफछ लक्षणों के नाम लिख्िाए। अपनी बनाइर् सूची को ध्यान से देख्िाए एवं पता लगाइए कि कौन - से लक्षण, अन्य जंतुओं अथवा पौधों में भी पाए जाते हैं। संभवतः इनमें से वुफछ लक्षण सभी सजीव वस्तुओं मंे एक समान होंगे। क्या सभी सजीवों को भोजन की आवश्यकता होती है? अध्याय 1 एवं 2 मंे हमने यह जाना कि सभी जीवांे को भोजन की आवश्यकता होती हैं। भोजन हमारे लिए एवं विभ्िान्न जंतुओं के लिए नितांत आवश्यक है। हमने यह भी सीखा कि पौधे प्रकाश - संश्लेषण के द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। जंतु भोजन के लिए पौधों अथवा अन्य जंतुओं पर निभर्र रहते हैं। भोजन सजीवों को उनकी वृि के लिए आवश्यकऊजार् प्रदान करता है। सजीवों को उनके अंदर होनेवाले अन्य जैव - प्रक्रमों के लिए भी ऊजार् की आवश्यकता है। क्या सभी जीवों में वृि परिलक्ष्िात होती है? क्या चार वषर् पुराना वुफतार् आपको अभी भी ठीक आता है? इसे आप अब और नहीं पहन सकते। क्या ऐसा नहीं है? इन वषो± में आप लंबे हो गए हैं। आपको इसका आभास नहीं हो रहा है, लेकिन आप में हर समय वृि हो रही है और वुफछ वषर् बाद आप वयस्क हो जाएँगे ;चित्रा 9.10द्ध। जंतुओं के बच्चे भी वृि कर वयस्क जाते हो हैं।आपने अवश्य देखा होगा कि वुफत्ते के पिल्ले वयस्क चित्रा 9.10 एक श्िाशु वृि करके वयस्क हो जाता है हो जाते हैं। एक अंडे से स्पुफटित होकर चूशा ;मुगीर् का बच्चाद्ध वृि करके मुगीर् अथवा मुगार् में परिवतिर्त हो जाता है ;चित्रा 9.11द्ध। पौध्े भी वृि करते हैं। अपने चारों ओर पाए जाने वाले विभ्िान्न प्रकार के पौधें का अवलोकन कीजिए। इनमें से वुफछ चित्रा 9.11 एक चूजा वृि कर वयस्क हो जाता हैबहुत छोटे तथा नवजात हैं तो वुफछ विकसित हैं। ये सभी वृि की विभ्िान्न स्िथतियों में हो सकते हैं। वुफछ दिनों और वुफछ सप्ताह बाद पौधों को देख्िाए। आप देखेंगे कि उनकी लंबाइर् में वृि हुइर् है। वृि सभी सजीवों में होती है। क्या आप सोचते हैं कि निजीर्व वस्तु वृि प्रदश्िार्त नहीं कर सकते? क्या सभी सजीव श्वसन करते हैं? क्या हम श्वसन के बिना जीवित रह सकते हैं? जब हम श्वास लेते हैं तो बाहर की वायु शरीर के अंदर 88 जाती है। जब हम श्वास छोड़ते हैं तो शरीर के अंदर की वायु बाहर निकल जाती है। श्वास लेना श्वसन िया का एक हिस्सा है। श्वसन में अंदर ली गइर् वायु की आॅक्सीजन की वुफछ मात्रा का उपयोग होता है। इस िया में बनी काबर्न डाइर्आॅक्साइड को हम श्वास द्वारा बाहर निष्काष्िात कर देते हैं।गाय, भैंस, वुफत्ता तथा बिल्ली जैसे वुफछ जंतुओं में श्वसन िया मनुष्य की तरह ही होती है। इनमें से किसी भी जंतु का विश्राम की अवस्था में प्रेक्षण कीजिए तथा उसके उदर की गति पर ध्यान दीजिए। यह मंद गति उनकी श्वास लेने की िया को दशार्ती है। श्वसन सभी सजीवों के लिए आवश्यक है। ग्रहण किए गए भोजन से श्वसन के द्वारा ही हमारे शरीर कोऊजार् मिलती है। वुफछ जंतुओं में गैस आदान - प्रदान का तरीका भ्िान्न हो सकता है, जो श्वसन का एक हिस्सा होता है। उदाहरण के लिए वेंफचुआ त्वचा द्वारा साँस लेता है। हमने पढ़ा है कि मछली के गिल होते हैं जिनकी सहायता से वह जल में विलेय वायु से आॅक्सीजन अवशोष्िात कर लेती है। क्या पौधे भी श्वसन करते हैं? पौधों की श्वसन िया में गैसों का आदान - प्रदान मुख्यतः उनकीपिायों द्वारा होता है। पिायाँ सूक्ष्म रंध्रों द्वारा वायु को अंदर लेती हैं तथा आॅक्सीजन का उपयोग करती हैंआॅक्साइड वायु में निष्काष्िात कर। वह काबर्न डाइर्देती हैं। हम जानते हैं कि प्रकाश की उपस्िथति में पौधे वायु की काबर्न डाइर्आॅक्साइड का उपयोग भोजन बनाने के लिए करते हैं तथा आॅक्सीजन छोड़ते हैं। पौधे केवल दिन के समय ही भोजन बनाते हैं, जबकि श्वसन िया दिन और रात, दोनों में ही निरंतर चलती रहती है। भोजन बनाने की प्रिया में निष्कासित आॅक्सीजन की मात्रा पौधे द्वारा श्वसन में उपयोग की गइर् आॅक्सीजन की अपेक्षा बहुत अिाक होती है। विज्ञान क्या सभी सजीव उद्दीपन के प्रति अनुिया करते हैं? जब आप नंगे पैर टहल रहे हों तथा आपका पैर अचानक ही किसी कँाटे अथवा नुकीली वस्तु पर पड़ जाए, तो आप किस प्रकार अनुिया करेंगे। जब आप अपने पि्रय व्यंजन को देखते हंै अथवा उसके विषय में सोचते हैं तो क्या अनुभव होता है? आप अंधेरे स्थान से अचानक तेश धूप में आते हंै तो क्या होता है? आपकी आँखें स्वतः ही वुफछ क्षण के लिए बंद हो जाती हैं, जब तक कि वे तेश प्रकाश की अभ्यस्त नहीं हो जातीं। आपका पि्रय व्यंजन, तेश प्रकाश एवं कँाटा उपरोक्त स्िथतियों में आपके बाह्य वातावरण में होने वाले पवितर्नों के वुफछ उदाहरण हैं। हम इन सभी प्रकार के परिवतर्नों के प्रति अनुिया करते हैं। वातावरण में होने वाले इन परिवतर्नों को उद्दीपन कहते हैं। क्या दूसरे जंतुओं में भी उद्दीपन के प्रति अनुिया होती है? खाना देते समय जंतु ;पशुद्ध के व्यवहार को ध्यान से देख्िाए। क्या वे भोजन देखते ही अचानक अिाक चैतन्य नहीं हो जाते? जब आप एक चिडि़या की ओर कदम बढ़़ाते हैं तो वह क्या करती है? जब जंगली होतेे़चित्रा 9.12 पौधे की सूयर् के प्रकाश के प्रति अनुिया गमला रख्िाए ;चित्रा 9.12द्ध। वुफछ दिनों तक पौधे को नियमित जल देते रहें। क्या यह पौधा खुले स्थान पररखे पौधे की तरह सीधा ऊपर की ओर वृि करता है? यदि यह सीधा वृि नहीं करता तो ज्ञात कीजिए, यह किस ओर मुड़ता है? आपके विचार में क्या यह किसी उद्दीपन के प्रति अनुिया है? सभी सजीव वस्तुएँ अपने परिवेश में होने वाले परिवतर्नों के प्रति अनुिया दशार्ती हैं। सजीवों में उत्सजर्नजानवरों पर तीव्र प्रकाश डालते हैं, तो वे भाग खडहैं। इसी प्रकार यदि रात्रिा में आप रसोइर्घर में बल्ब प्रदीप्त कर देते हैं तो काॅकरोच अचानक अपने छिपने के स्थान में भाग जाते हैं। क्या आप जंतुओं में उद्दीपन के प्रति अनुिया के वुफछ और उदाहरण दे सकते हैं? क्या पौधे भी उद्दीपन के प्रति अनुिया दशार्ते हैं? वुफछ पौधों के पुष्प केवल रात्रिा के समय ही ख्िालते हैं। वुफछ पौधों के पुष्प सूयार्स्त के बाद बंद हो जातेहैं। छुइर् - मुइर् ;गुलमेंहदीद्ध के पौधे की पिायाँ छूने पर अचानक मुरझा ;सिवुफड़द्ध जाती हैं। यह पौधों में उद्दीपन के प्रति अनुिया के वुफछ उदाहरण हैं। ियाकलाप 4 एक कमरे की ख्िाड़की जिससे दिन के समय धूप ;सूयर् का प्रकाशद्ध आती हो, के पास एक पौधे का सजीव एवं उनका परिवेश सभी सजीव भोजन करते हैं। जीव इस ग्रहण किए हुए भोजन की संपूणर् मात्रा का उपयोग नहीं करता। आहार का केवल वुफछ ही भाग जीव के शरीर द्वारा उपयोग में आता है। भोजन के बचे हुए शेष भाग का क्या होता है? वे इसे अपश्िाष्ट के रूप में शरीर से बाहर निकाल देते हैं। विभ्िान्न जैव - प्रक्रमों के पफलस्वरूप हमारे शरीर में वुफछ अपश्िाष्ट पदाथर् उत्पन्न होते हैं, सजीवों द्वारा इन अपश्िाष्ट पदाथो± के निष्कासन के प्रक्रम को उत्सजर्न कहते हैं। क्या पौधें में भी उत्सजर्न होता है? हाँ, पौध्े भी उत्सजर्न करते हैं। परंतु उनमें इस प्रक्रम का ढंग वुफछ अलग है। पौधें में वुफछ हानिकारक अथवा विषैले पदाथर् उत्पन्न होते हैं। वुफछ पौधें में यह अपश्िाष्ट 89 पौधे भी प्रजनन करते हैं? जंतुओं की तरह पौधों में भी प्रजनन के तरीके भ्िान्न - भ्िान्न हैं। बहुत - से पौधे बीजों द्वारा प्रजनन करते हैं। पौधे बीज उत्पादित करते हैं। हम उन्हें अंवुफरित करके नए पौधे उगा सकते हैं चित्रा 9.15 एक पौधे का बीज अंवुफरित होकर नया पौधा बनता है वुफछ पौध्े बीज वेफ अतिरिक्त अपने कायिक भागों द्वारा भी नए पौध्े उत्पन्न करते हैं। उदाहरणतः आलू के कलिका वाले भाग से नया पौध बनता है चित्रा 9.16 आलू की सुप्त कलिका से उगता एक पौध पौध्े कलम द्वारा भी उगाए जाते हैं। क्या आप स्वयं इस विध्ि द्वारा पौध उगाना चाहेंगे? ियाकलाप 5 गुलाब अथवा मेंहदी की धड़ - कलम लीजिए। इसे मिट्टðी में लगाइए। इसे नियमित रूप से जल दीजिए। आप वुफछ दिनों के बाद क्या देखते हैं? कलम से पौध बनाना सरल कायर् नहीं है। यदि आपकी कलम में वृि नहीं हुइर् है तो निराश न हों। विज्ञान यदि संभव हो तो एक माली से बात करके कलम से पौध्े बनने के अंतराल में की जाने वाली देखभाल की जानकारी प्राप्त कीजिए। सजीव प्रजनन प्रिया द्वारा अपने समान अनेक संतान उत्पन्न करते हैं। विभ्िान्न जीवों में प्रजनन की विध्ियाँ भी भ्िान्न प्रकार की होती हैं। क्या सभी सजीव गति करते हैं? अध्याय 8 में हमने जंतुओं में गति के विभ्िान्न तरीकों की चचार् की थी। वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते हैं तथा उनके शरीर में अन्य प्रकार की गति भी दिखाइर् देती हैं। पौधों के विषय में क्या विचार है? क्या वे भी गति करते हैं? पौधे सामान्यतः भूमि में जकड़े रहते हैं। अतः वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं जा सकते हैं। परंतु विभ्िान्न पदाथर् जैसे कि जल, खनिज एवं संश्लेष्िात खाद्य पदाथर् पौध्े के एक भाग से दूसरे में संवहित होते हैं। क्या आपने पौधों में अन्य प्रकार की गति भी देखी हैं? पुष्पों का ख्िालना एवं बंद होना। क्या आप याद कर सकते हैं कि वुफछ पौध्े विभ्िान्न उद्दीपनों के प्रति किस प्रकार अनुिया करते हैं? हम वुफछ निजीर्व वस्तुओं को भी गति करते देखते हैं। बस, कार, कागश का छोटा टुकड़ा, बादल तथा अन्य वुफछ वस्तुएँ इसके उदाहरण हैं। क्या इनकी गति सजीवों की गति से किसी प्रकार भ्िान्न है? प्रवृफति में विविध् प्रकार के जीव हैं, लेकिन उन सभी में वुफछ लक्षण एक समान होते हैं जिसकी हम पहले चचार् कर चुके हैं। मृत्यु सजीवों के लिए एक सामान्य लक्षण है। चूँकि जीव की मृत्यु होती है, इसलिए जीवों की प्रजातियाँ हशारों वषो± तक तभी अस्ितत्व में रह सकती हैं जबकि वे प्रजनन कर अपने समान संतान उत्पन्न करें। एक अकेला जीव प्रजनन किए बिना भी मर सकता है, परंतु सजीव की प्रजाति तभी अस्ितत्व में रहती है जब उसके सदस्यों में प्रजनन होता रहता है। सजीव एवं उनका परिवेश हमने देखा कि सभी सजीव वस्तुओं में वुफछ विश्िाष्ट लक्षण समान रूप से दिखाइर् देते हैं। उन सभी को भोजन की आवश्यकता होती है। उनमें श्वसन, उत्सजर्न, उद्दीपन के प्रति अनुिया, प्रजनन, गति एवं वृि होती है तथा मृत्यु होती है। क्या हम ऐसी वुफछ निजीर्व वस्तुओं को जानते हैं जिनमें इन लक्षणों में से वुफछ लक्षण दिखाइर् देते हैं? कार, साइकिल, घड़ी एवं नदी का जल गति करते हैं। आकाश में चंद्रमा गति करता है। हमारे देखते - देखते एक बादल के आकार में वृि हो जाती है। क्या इन वस्तुओं को सजीव कहा जा सकता है? हमें स्वयं से प्रश्न करना होगा कि क्या इनमें सजीवों के अन्य सभी लक्षण भी पाए जाते हैं? सामान्यतः सजीवों में वे सभी लक्षण पाए जाते हैं, जिनकी हमने चचार् की हैं परंतु निजीर्व वस्तुओं में वे सभी लक्षण एक साथ दिखाइर् नहीं देते। क्या यह हमेशा सत्य है? क्या हमें सभी सजीवों में वे सभी लक्षण जिनकी हमने चचार् की, हमेशा निश्िचत रूप से दिखाइर् देते हैं? क्या हमें निजीर्वों में वे सभी लक्षण कभी भी एक साथ दिखाइर् नहीं देते, उनमें से मात्रा वुफछ लक्षण ही दिखाइर् देते हैं। इस विषय को और अच्छी प्रकार से समझने के लिए आइए किसी बीज के विषय मंे विचार करें। वुफछ विश्िाष्ट उदाहरण देखें। उदाहरणतः मूँग के बीज के बारे में क्या होता है? क्या यह जीवित है? यह एक दुकान अथवा भंडार में महीनों रखा रहता है तथा इसमें कोइर् वृि नहीं होती अथवा जीवन के वुफछ अन्य लक्षण भी दिखाइर् नहीं देते हैं। परंतु जब हम इन्हीं बीजों को मिट्टðी में बोकर जल से सींचते हैं तो यह पौध बन जाता है। क्या महीनों तक दुकान में रखे बीज को भोजन की आवश्यकता थी अथवा इसमें उत्सजर्न, वृि अथवा प्रजनन हुआ था? हमने देखा कि वुफछ ऐसे भी उदाहरण हैं जब हम सरलता से नहीं कह सकते कि उनमें सजीवों के 91 अनुवूफलन आवास जलीय आवास जैव घटक उत्सजर्न वृि सजीव प्रजनन श्वसन उद्दीपन हमने देखा कि बीजांे में श्वसन की िया उस समय भी चलती रहती है जबकि अन्य जैव प्रक्रम उतने सिय नहीं होते। संभवतः हमारे प्रश्न ‘‘आख्िार जीवन है क्या?’’का उत्तर देना इतना सरल नहीं हो सकता। परंतु, अपने चारों ओर पाए जाने वाले जीवों की विविधता को देखकर अचानक ही मुँह से निकल जाता है कि जीवन सुंदर है। विज्ञान ऽ चट्टान, मिट्टी, वायु, जल, प्रकाश एवं ताप हमारे परिवेश के वुफछ अजैव घटक हैं।ððऽ सजीव वस्तुओं के वुफछ सामान्य लक्षण हैं - उन्हें भोजन की आवश्यकता होती है, वे श्वसन, उत्सजर्न, पयार्वरण के प्रति अनुिया, प्रजनन, वृि एवं गति करते हैं। 1.आवास किसे कहते हैं? 2.वैफक्टस मरुस्थल में जीवनयापन के लिए किस प्रकार अनुवूफलित है? 3.रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिएः ;कद्ध पौध्े एवं जंतुओं में पाए जाने वाले विश्िाष्ट लक्षण जो उन्हें आवास विशेष में रहने योग्य बनाते हैं, - - - - - - - - - - - - - - - - - - कहलाते हैं। ;खद्ध स्थल पर पाए जाने वाले पौधें एवं जंतुओं के आवास को - - - - - - - - - - - - - - - - - - आवास कहते हैं। ;गद्ध वे आवास जिनमें जल में रहने वाले पौधे एवं जंतु रहते हैं, - - - - - - - - - - - - - - - - - - आवास कहलाते हैं। ;घद्ध मृदा, जल एवं वायु किसी आवास के - - - - - - - - - - - - - - - - - - घटक हैं। ;घद्ध हमारे परिवेश में होने वाले परिवतर्न जिनके प्रति हम अनुिया करते हैं, - - - - - - - - - - - - - - - - - - कहलाते हैं। 4.निम्नलिख्िात सूची में कौन - सी निजीर्व वस्तुएँ हैं? हल, छत्राक, सिलाइर् मशीन, रेडियो, नाव, जलवुंफभी, वेंफचुआ। 5.किसी ऐसी निजीर्व वस्तु का उदाहरण दीजिए जिसमें सजीवों के दो लक्षण दिखाइर् देते हैं। 6.निम्न में से कौन - सी निजीर्व वस्तुएँ किसी समय सजीव का अंश थीं? मक्खन, चमड़ा, मृदा, ऊन, बिजली का बल्ब, खाद्य - तेल, नमक, सेब, रबड़। 7.सजीवों के विश्िाष्ट लक्षण सूचीब( कीजिए? 8. घास के मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले जंतुओं को अपना अस्ितत्व बनाए रखने के लिए तीव्र गति क्यों आवश्यक है। ;संकेत - घासस्थल आवासों में छिपने के लिए वृक्षों की संख्या बहुत कम होती है।द्ध सजीव एवं उनका परिवेश विज्ञान

RELOAD if chapter isn't visible.