कल्पना कीजिए कि यदि आपको अपने चारों ओर किसी भी वस्तु में परिवतर्न करने की कोइर् जादुइर् शक्ित अचानक मिल जाए। क्या यह एक बड़े मशे की बात नहीं होगी? वे कौन - सी वस्तुएँ हैं जिन्हें आप बदलना चाहेंगे? वास्तव में हमारे पास कोइर् जादुइर् शक्ित नहीं है, पिफर भी हम अपने चारों ओर की वुफछ वस्तुओं को बदल सकते हैं। शायद बहुत - सी वस्तुएँ। क्या आप वुफछ ऐसी वस्तओं की सूची बना सकते हंै जिन्हें आप बिना किसी जादू का प्रयोग किए बदल सवफते हैं? हमारे चारों ओर बहुत - से परिवतर्न अपने आप होते रहते हैं। खेतांे में पफसलें समयानुसार बदलती रहती हैं।पिायाँ रंग बदलती हैं और सूखकर पेड़ों से गिर जाती हैं। पूफल ख्िालते हैं और पिफर मुरझा जाते हंै। क्या कोइर् परिवतर्न आपके शरीर में भी होते हैं? आपके नाखून बढ़ते हंै, आपके बाल बढ़ते हंै तथा आप बढ़कर लंबे हो जाते हंै। इन सबके बढ़ने के साथ आपका वजन भी बढ़ जाता है। क्या आपको पहले भी महसूस हुआ है कि आपके चारों ओर हर समय बहुत - से परिवतर्न होते रहते हंै? क्या वुफछ परिवतर्नों को साथ - साथ समूहों में रख सकते हंै? हम विभ्िान्न प्रकार के परिवतर्नों को समूहों में वैफसे रख सकते हैं? इनमें यदि कोइर् समानता मिलेगी तो वह हमारे लिए सहायक होगी। 6.1 क्या सभी परिवतर्न सदैव उत्क्रमित किए जा सकते हैं? ियाकलाप 1 एक गुब्बारा लीजिए और उसे पफुलाइए। सावधनी बरतें कि वह पफट न जाए। गुब्बारे का आकार एवं आमाप बदल गया है ;चित्रा 6.1द्ध। अब उसकी हवा निकल जाने दंे। चित्रा 6.1 गुब्बारे में हवा भरने से उसके आमाप और आकार में परिवतर्न हो जाता है ियाकलाप 2 एक कागश का टुकड़ा लें और उसे चित्रा 6.2 के अनुसार मोडं़े। इससे आपके कागश का टुकड़ा ख्िालौना हवाइर् जहाश में परिवतिर्त हो गया है। आपको इस हवाइर् जहाश को वुफछ समय तक उड़ाने में बहुत मशा आएगा। यदि आप थक जाएँ तो कागश को पुनः सीधा कीजिए। चित्रा 6.2 कागश को मोड़कर बनाया गया ख्िालौना हवाइर् जहाश ियाकलाप 3 गूंध्े हुए आटे की एक लोइर् बनाइए। इससे रोटी बेलने की कोश्िाश कीजिए ;चित्रा 6.3द्ध। शायद आप इसके आकार से खुश न हों और इस रोटी को दुबारा लोइर् में परिवतिर्त करना चाहेंगें। चित्रा 6.3 गूंध्े हुए आटे की लोइर् और बेली गइर् रोटी अब आपने ियाकलाप 1, 2 और 3 में जो तीन परिवतर्न देखे हैं उनके बारे में सोचिए। उनमें एक जैसा क्या है? क्या यह संभव है कि गुब्बारा अपने पूवर् आकार और आमाप में वापस आ जाए? क्या कागश का आमाप पहले और हवाइर् जहाश बनाने के बाद समान है? क्या गूंध्े हुए आटे से पुनः लोइर् बनाना संभव है? आपने क्या निष्कषर् निकाला? क्या इन तीनों ियाकलापों में यह संभव है कि जिस पदाथर् से यह ियाकलाप प्रांरभ किया गया है उस पदाथर् को वापस पाया जा सकता है? यदि हाँ, तो इसका मतलब है कि जो परिवतर्न इन ियाकलापों में हो रहे हंै उन्हें पुनः पूवर् स्िथति में लाया जा सकता है। आइए, इन्हीं ियाकलापों को कुछ अलग ढंग से करते हैं। हमारे चारों ओर के परिवतर्न ियाकलाप 4 उसी गुब्बारे को लीजिए जिसका ियाकलाप 1 में उपयोग किया गया है। उसको उसके पूरे आमाप में पुफलाइए तथा उसके मुख को पतले धगे से कसकर बाँिाए। गुब्बारे में अपनी नुकीली पेंसिल से छेद कीजिए। ओह, गुब्बारा पफट गया! ियाकलाप 5 अब वही कागश का टुकड़ा लीजिए जिसे ियाकलाप 2में आपने प्रयोग किया है। उसके ऊपर एक हवाइर् जहाश का रेखाचित्रा बनाइए तथा उसे बाहरी रेखा के साथ - साथ काटिए ;चित्रा 6.4द्ध। चित्रा 6.4 कागश से काटकर बनाया गया हवाइर् जहाश ियाकलाप 6 गूंध्े हुए आटे की लोइर् से रोटी बेलकर उसे तवे पर चित्रा 6.5 एक रोटी यदि आपसे वही तीन प्रश्न पूछे जाएँ जिनके उत्तर आपने ियाकलाप 3 करने के बाद दिए हैं, तो इसबार उनके उत्तर क्या होंगे? हम देखते हैं कि जो परिवतर्न ियाकलाप 4, 5 व 6 में हुए हैं उनको वापस नहीं किया जा सकता है। आप पेंसिल और रबड़ का उपयोग करते हैं। इनके बार - बार उपयोग करने से इनके आकार व आमाप में परिवतर्न हो जाता है। क्या इस परिवतर्न को 47 उलट सकते हैं? आपने वुफम्हार को अपने चाक पर काम करते शरूर देखा होगा। वह मि‘ी के ढेर को बतर्नों में बदल देता है। क्या यह परिवतर्न उत्क्रमित किया जा सकता है? वह अब मि‘ी के बतर्न को भऋी में सेंकता है। क्या अब इस परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है? सारणी 6.1 में वुफछ सामान्य परिवतर्न दिए गए हैं। आपके विचार में, इनमें से किन परिवतर्नों को उत्क्रमित किया जा सकता है? हमने देखा कि परिवतर्नों के वगीर्करण का एक तरीका है - यह देखा जाए कि क्या उन्हें उत्क्रमित किया जा सकता है? परिवतर्न उत्क्रमित किया जा सकता है कच्चे अंडे से उबलाहुआ अंडा हाँ/नहीं गाढ़े घोल से इडली गीले कपड़े से सूखे कपड़े ऊन के धगे से बुना हुआ स्वेटर अनाज से बनाया गया आटा ठंडे दूध् से गमर् दूध् सीध्ी डोरी से वुफंडलित डोरी कली से पूफल दूध् से पनीर गाय के गोबर से बायोगैस ख्िांचे रबड़ बैंड से सामान्यसाइश का रबड़ बैंड जमी हुइर् आइसक्रीम सेपिघली हुइर् आइसक्रीम 6.2 क्या परिवतर्न करने के अन्य तरीके हो सकते हैं? हम सभी ने मि‘ी को खोदने वाले औशार देखे होंगे ;चित्रा 6.6द्ध। क्या आपने इन औशारों में देखा है कि लोहे के पफलक को वैफसे एक लकड़ी के हत्थे पर जड़ दिया जाता है? चित्रा 6.6 लकड़ी के हत्थे लगाने से पहले औशार प्रायः गमर् किए जाते हैं इन औशारों में लोहे के पफलक में एक वलय होता है जिसमें लकड़ी के हत्थे को पंफसा दिया जाता है। साधारणतया इस वलय का आमाप लकड़ी के हत्थे के घेरे से थोड़ा छोटा होता है। हत्थे को वलय में पंफसाने के लिए वलय को गमर् करते हैं जिससे उसका आकार बड़ा हो जाता है ;पैफल जाता हैद्ध। अब हत्था आसानी से इसमें जड़ दिया जाता है। जब वलय ठंडा होता है तो सिवुफड़ जाता है जिससे यह हत्थे पर कस जाता है। इसी प्रकार के परिवतर्न का उपयोग बैलगाड़ी के लकड़ी के पहिए पर लोहे के रिम को कसने के लिए भी किया जाता है, जैसा कि चित्रा 6.7 में दशार्या गया है। धतु के रिम को लकड़ी के पहिए के घेरे से थोड़ा - सा छोटा बनाते हैं। गमर् करने पर रिम पहिए पर विज्ञान चढ़ जाता है। अब पहिए के किनारे के ऊपर ठंडा पानी डालते हैं जिससे रिम ठंडा हो जाता है तथापहिए के ऊपर कस जाता है। जब हम जल को बतर्न में गमर् करते हैं तो वुफछ समय के बाद यह उबलना शुरू हो जाता है। अगर हम इसे लगातार गमर् करते रहें तो जल की मात्रा बतर्न में घटनी शुरू हो जाती है। जल वाष्प में परिवतिर्त हो रहा है। अध्याय 5 के ियाकलाप 7 मंे आपने देखा कि जलवाष्प ठंडा करने पर द्रव जल में परिवतिर्त हो जाता है। हम सभी ने बपर्फ को पिघलते हुए देखा है। गमर् करने पर बप़्ार्फ़पिघलती है। यह किसमें बदल जाती है? क्या इस जल को वापस बपर्फ में बदल सकते हैं?़आइए वुफछ और परिवतर्नों को देखें। पहेली जानना चाहती है कि क्या आपने कभी लोहार को औशार बनाते हुए देखा है? लोहे के टुकड़े को लोहार किस प्रकार विभ्िान्न औशारों में परिवतिर्त करता है। लोहे के टुकड़े को जब तक गमर् करते हैं जब तक लाल न हो जाए। जब यह मुलायम हो जाता है तब उसको पीट कर इच्छानुसार औशार का आकार दिया जाता है। गमर् करने पर लोहे में क्या परिवतर्न हुआ? ियाकलाप 7 एक छोटी मोमबत्ती लेकर उसकी लंबाइर् स्केल से मापें। इसे एक उचित स्थान पर लगाकर जलाएँ। वुफछसमय तक इसे जलने दें। मोमबत्ती को बुझा दें तथा पुनः उसकी लंबाइर् मापें ;चित्रा 6.8द्ध। चित्रा 6.8 मोमबत्ती का जलना क्या मोमबत्ती की लंबाइर् में परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है? यदि हम वुफछ मोम बतर्न में लें और गमर् करें तो क्या इस परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है ;चित्रा 6.9द्ध? चित्रा 6.9 मोम को गमर् करना 49हमारे चारों ओर के परिवतर्न ियाकलाप 7 को ध्ूपबत्ती से दोहराएँ। जब तकयह पूरी तरह से जले, प्रतीक्षा करें। ध्ूपबत्ती में क्यापरिवतर्न दिखाइर् दिए? ध्ूपबत्ती जलने पर वुफछ नए पदाथर् बनाती है। ये वुफछ राख तथा गैस के रूप में हैं। हम इन गैसों को देख तो नहीं सकते परंतु उनकी मनभावन सुगंध् के कारण उन्हें महसूस कर सकते हैं। क्या इस परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है? इसी प्रकार माचिस की तीली में क्या परिवतर्न हुए,जिसे मोमबत्ती को जलाने में उपयोग किया था? अभी तक हमने परिवतर्नों को नियत वस्तुओं या इनके पदाथर् पर देखा है। जब दो पदाथर् एक मिश्रण के रूप में हों तब होने वाले परिवतर्न किस प्रकार के होंगे? अध्याय 4 में हमने नमक को जल में घोला था। क्या आपके अनुसार उस समय जल या नमक में कोइर् परिवतर्न हुआ था? क्या इस परिवतर्न को उत्क्रमित करना संभव है? अध्याय 5 के ियाकलाप में हमने नमक के विलयन को गमर् करके नमक प्राप्त किया था। इस प्रकार क्या हम यह कह सकते हैं कि नमक को पानी में घोलने से हुए परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है? परिवतर्न संवुफचन वाष्पन पहेली ने पूछा कि क्या आपने दही को जमते हुए देखा है? गुनगुने गमर् दूध् में दही की थोड़ी - सी मात्रा मिलाइर् जाती है। दूध् को हिलाकर वुफछ घंटों के लिए एक गमर् स्थान पर आराम से रख देते हैं। वुफछ ही घंटों में दूध् दही में परिवतिर्त हो जाता है। क्या इस परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है? हमने देखा है कि पदाथो± को गमर् करके या किसी अन्य पदाथर् के साथ मिश्रित करके उनमें वुफछ परिवतर्न लाए जा सकते हैं। हमने यह भी देखा है कि वुफछ परिवतर्न उत्क्रमित किए जा सकते हैं जबकि वुफछ अन्य को उत्क्रमित नहीं किया जा सकता। हमारे चारों ओर की वस्तुओं को परिवतिर्त करने की बहुत - सी अन्य विध्ियाँ भी हो सकती हैं। यह संभव है कि इनमें से वुफछ को उत्क्रमित किया जा सके। इस प्रकारहमारे चारों ओर के परिवतर्नों को दो वगो± में वगीर्कृत किया जा सकता है कृ परिवतर्न जिन्हें उत्क्रमित किया जा सके तथा परिवतर्न जिन्हें उत्क्रमित न किया जा सके। अपनी उच्च कक्षाओं में इन परिवतर्नों कोकरने की विध्ियों के बारे में तथा इनको वगीर्कृत करने के बारे में आप विस्तार से अध्ययन करेंगे। विज्ञान 1.जब आप जलमग्न इलाके में घूमते हैं तो अपनी पोशाक को मोड़कर उसकी लंबाइर् कम कर लेते हैं। क्या इस परिवतर्न को उत्क्रमित किया जा सकता है? 2.अकस्मात आपका पि्रय ख्िालौना गिरकर टूट जाता है। आप कतइर् इस परिवतर्न को नहीं चाहते थे? क्या यह परिवतर्न उत्क्रमित किया जा सकता है? 3.नीचे दी गइर् सारणी में वुफछ परिवतर्न दिए गए हैं। प्रत्येक परिवतर्न के सामने रिक्त स्थान में लिख्िाए कि वह परिवतर्न उत्क्रमित किया जा सकता है अथवा नहीं? क्रम संख्या परिवतर्न उत्क्रमित किया जा सकता है ;हाँ/नहींद्ध 1 लकड़ी के टुकड़े चीरना 2 आइसक्रीम का पिघलना 3 चीनी का जल में घुलना 4 खाना पकाना 5 आम का पकना 6 दूध् का दही में जमना 4.चित्राकारी करने पर ड्राॅइंग शीट में परिवतर्न हो जाता है। क्या आप इस परिवतर्न को उत्क्रमितकर सकते हैं?5.उदाहरण देकर उत्क्रमित किए जाने वाले तथा उत्क्रमित न किए जाने वाले परिवतर्नों मंेअतर ंस्पष्ट कीजिए। 6.टूटी हुइर् हंी पर बंध्ी प‘ी के ऊपर प्लास्टर आॅपफ पेरिस ;च्व्च्द्ध की एक मोटी परत चढ़ाइर् जातीहै। सूखने पर यह कठोर हो जाती है जिससे टूटी हंी हिलती नहीं है। क्या च्व्च् में हुए इस परिवतर्न को उत्क्रमित कर सकते हैं?7.रात्रिा में एक सीमेंट की बोरी जो कि खुले मैदान में रखी हुइर् थी, वषार् के कारण भीग जाती है। अगलेदिन तश्ेा ध्ूप निकलती है। सीमेंट में जो परिवतर्न हो गया है क्या उसे उत्क्रमित कर सकते हंै? हमारे चारों ओर के परिवतर्न

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