इकाइर्.प्प्प् लोग जब अपना प्रतिनिध्ि चुन लेते हैं तो उसके बाद क्या होता है? ग्रामीण क्षेत्रों में चुने गए प्रतिनिध्ियों द्वारा निणर्य कैसे लिए जाते हैं? यहाँ हम ग्राम सभा को देखेंगे जिसमें लोग प्रत्यक्ष रूप पंचायती राज से भाग लेते हैं और अपने प्रतिनिध्ियों से जवाब माँगते हैं। आज का दिन बड़ा खास है। सभी लोग जल्दी - जल्दी ग्राम सभा के लिए जा रहे हैं। क्या आपको पता है क्यों? क्योंकि पंचायत के चुनावों के बाद आज पहली बार ग्राम सभा की बैठक हो रही है। हरदास गाँव के लोग यह जानने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि नइर् पंचायत ने उनके लिए क्या योजना बनाइर् है। ग्राम सभा ग्राम सभा की बैठक की शुरुआत में सरपचंऔरपंे ़ककीमरम्मतपरहो ेचनसडेनवालखचर् का ब्यौरा दिया। यह सड़ँे ुक गाव कामख्य सड़े े़ती है। इसकेक सजाडबाद पानी की कमी पर चचार् हानेे लगी। गाँव में रहने वाली तिजिया ने बोलना शुरू किया, फ्हरदास गाँव में पानी की कमी की समस्या बहुत बढ़ गइर् है। हैंडपंपों का पानी शमीन में बहुत नीचे चला गया है। मुश्िकल से हैंडपंप में थोड़ा बहुत पानी आता है। औरतों को तीन किलोमीटर दूर सुरु नदी से पानी लेने जाना पड़ता है।य् एकसदस्यने ुुसझाव दिया कि सरु नदी का पानी पाइप से लाकर गाँेएक बड़व मं ी - सी कीमभरले े ूटंें ेतहैं उससपानी की आपतिर् हो किन दसरांजाएगी। लेूेको लगा कि यह बहुत महँगा पड़ सकता है। उन्होनंे कहा कि इस साल फलिएहैंकरलहैवेंडपप और गहरे तेे ं और वुेकोसापफकरलेेहै।फआं ़तंतिजिया ने कहा, फ्इतने से तो काम नहीं चलेेकुेगा ! हमं छ पक्की व्यवस्था करनी पड़गी क्यांेकि हर साल पानी का स्तर नीचे ही गिरता जा रहा है। जितना पानी शमीन मेरिस वें फ जाता है,हमउससे ेे ंश्यादा उपयाग करतहै।य् ग्राम सभा वेूे सदस्य अनवर नेफ एक दसरतब सबको बताया कि उसने महाराष्ट्र वेफ एक गाँेपानीसंफनएतरीवफदेेहै।वमं रक्षणवेेखंवह उस गाँें े भाइर् से मिलने गया था। व मअपनउसको जल संवध्र्न विकास कायर्क्रम ;वाटरशेे ंे ुडद्ध कहतहै। उसनसना था कि सरकार ने इसवेेफ लिए पैसा भी दिया था। उसवफ भाइर् के गाव मेलों े पे़ लगाए थेंँं गोनड,नालापर ‘चेक डैम’ यानी छोटे - छोटे बाँध् बनाए थे एवं टंकियाँ बनाइर् थीं। सबको ़अनवर का यह विचार बडा अच्छा लगा और सबने ग्राम पंे इसवेे मेंचायत काफ बारपता करने ेवफ लिए कहा। ग्राम सभा मंेचचार् के लिए अगला मुद्दा था गरीबीरेेे ेवालेलोेकीसची खा वफ नीचआनगां ूपरस्वीकृतिलेे ूेदजर्नाम ना। जैसही सची मं पंचायती राज ध् 51 पढऩे शुरू किए गए, लोगों के बीच खुसर - पुसर हानेे लगी। फ्नटवर ने हाल ही मंेतो एक रंगीन टेेफबटेेनेलीविशन खरीदा है और उसवएक नइर्मोेेटरसाइकिल भी भजी है। वह गरीबी रखा के नीचे कैसे हो सकता है?य् सूेरजमल नअपने पास बैठे आदमी से ध्ीर - सेे कहा। सरोज ने सुखी बाइर् से कहा, फ्बिरजू का नामइससूेकैसे फपास ची मं आ गया? उसवेतो इतनी शमीन है। इस सूेतो सिपफर् गरीब ची मं लोेे ेूग हानचाहिए। आमप्रकाश एक मशदर है। उसवेुंहै।वह फ पास बिल्कल शमीन नहीमुे ुशारा चला पाता है, पर श्िकल सअपना गउसका नाम इस सूेनहीहै।य् सखी बाइचीमं ुर् ने कहा, फ्तुम्हें तो पता ही है कि नटवर और बिरजू ंेफ दां। अब अमीरचद काअमीरचदवस्तहैें कौनकुेंँछ बाल सकता है? अमीरचद पहलगाव का शमींुत सारी शमीन दार था और अब भी बहका मालिक है। लेेओमप्रकाश का किन हमं नाम तो ूेडलवाना ही चाहिए।य् सची मं सरपचंने देखा कि लोगांेवफेबीच में खुुे ेनपछाकिअगर सर - पसर हारही थी। उन्हांे ूकिसीको ुेतोकहेेेकछकहनाहा।सराजनसूे उकसाने ेश्िाश की कि वह रजमल काकी कानटवर और बिरजू वेे ें पछ। लेफबारमूेकिन सूुपचाप बैठा रहा। अमीरचद ग्राम रजमलचंसभा में बैठा सब पर निगाह रखे हुए था। सरोज ने उठकर कहा कि ओमप्रकाश का नाम सूची मंेहोना चाहिए। दूसरे लोगांेने भी माना कि ओुंमप्रकाश का परिवार बहत गरीब है। सरपच छाकिउसकानामसचीमंने पूूंेक्योनहीं था। जिस श्िाक्षक ने ेेे आने वालेगरीबी रखा वफ नीचपरिवारों का सवेर्क्षण किया था उसने बताया फ्मैंेेआमप्रकाश वफ घर कइर् बार गया, पर हर बार वहाँ ताला लगा हुंआ था। वह शायद कहीकाम ढूढँऩे के लिए गया हआ था।य् सरपुच नंे ेेग्राम सभा में गरीबी रेखा के नीचे आने वाले ’ परिवारों की जो सूची निधर्रित हो रही थी, क्या उसमें कोइर् गड़बड़ी थी? यदि हाँ, तो वह गड़बड़ी क्या थी? सरोज ने सूरजमल से बोलने के लिए कहा, ’ पिफर भी वह चुप क्यों रहा? क्या आपने ऐसी अन्य घटनाएँ देखी हैं जहाँ ’ लोग अपने लिए ही बोल नहीं पाते? आपके अनुसार ऐसा क्यों होता है? इंसान को बोलने से कौन - सी चीश रोकती है? जाएगी और अगर वह सरकार द्वारा तय की गइर् राश्िा से े उसका नाम भी सूेकमहैताचीमं शामिल किया जाएगा। ग्रंाम पचायत ग्राम पंचायत की नियमित रूप से बैठक हाती ेहैंुेेेआने। उसका मख्य काम उसवफ क्षत्रा मं वाले गावाँंेमें विकास कायर्क्रम लागू करवाना होता है। जैसा कि आपने ेंदखा ग्राम सभा ही पचायत वेेेंफ काम कास्वीकृति दती है तभी पचायत अपना काम कर पाती है। पंचायती राज ध् 53 ग्राम पंचायत के काम सड़कों, नालियों, स्वूफलों, भवनों, पानी ’ के स्रोतों और अन्य सावर्जनिक उपयोग के भवनों का निमार्ण और रख - रखाव स्थानीय कर लगाना और इकट्टòा करना ’ गाँव के लोगों को रोजगार देने संबंध्ी ’ सरकारी योजनाएँ लागू करना ग्राम पंचायत की आमदनी के स्रोत घरों एवं बाशारों पर लगाए जाने वाले ’ कर से मिलने वाली राश्िा विभ्िान्न सरकारी विभागों द्वारा चलायी ’ गइर् योजनाओं की राश्िा जो जनपद एवं िाला पंचायत द्वारा आती है। समुदाय के काम के लिए मिलने ’ वाले दान कुेमेग्राम सभाएँ काम करवाने ेछ राज्यां ं वफ लिए समितियाँ ंेबनाती है, उदाहरण वफ लिए निमार्ण समिति। मान लीजिए कि गाँेएक व मं सामुदायिक केद्र का भवन बनवाना है तांे यह काम निमार्ण समिति करेेमंेगी। इन समितियां कुेेें ुछ सदस्य ग्राम सभा वफ हातहैऔर वफछ पंेे ेेमिलकर गाव के विकास चायत वफ। यदानां ँवेेंेंफ लिए काम करतहै। चलिए, दखतहैकि हरदास ग्राम पंेचायत नक्या - क्या काम किया। हरदास गाँेपानी की व की ग्राम सभा मं समस्या को ुे ेफ लिए जोसलझानवविकल्प दिए गए थेे आपको ं, क्या वयाद है? जब हरदास पंेेंनेपहलएकवुग्राम पंचायत की बैठक हुइर् तो कुछ पंचों ने इस मुद्दे को दोबारा उठाया। इस बैठक में सरपंच, पंच और सचिव उपस्िथत थे। चायत वफ सदस्यो फआँ सापफ करने और दो हैंडपपांें को गहरा करने वफेविकल्प पर सोँेच - विचार किया ताकि गाव कापानी वे़। सरपच नसुफ बिना न रहना पडें झाव दिया कि चूकि पंफ पास हैडपंँचायतवेंपकी देेेेकुेउन्हींपैसांखरख वफ मद मं छ पैसा है, सोको इस काम में लगाया जा सकता है। इस पर सभी सदस्य मान गए और सचिव ने उनके निणर्य को रजिस्टर में दजर् कर लिया। उसके बाद सभी सदस्य मिलकर समस्या के स्थायी हल पर विचार करने लगे। उनको पता था कि अगली बैठक में ग्राम सभा के सदस्य पिफर से प्रश्न पूछेंगे। कुछ पंचों ने शंका शाहिर करते हुए पूछा कि क्या जल संरक्षण से पानी के स्तर में कोइर् विशेष पफकर् पड़ेगा। इस पर बहुत चचार् हुइर्। अंत में यह निणर्य हुआ कि ग्राम पंचायत खंड विकास अध्िकारी से बात करके इस योजना पर अध्िक जानकारी इकट्टòा करेगी। पंचायत के तीन स्तर हरदास गाँव की ग्राम सभा और पंचायत के बारे में पढ़ने के बाद आपको समझ में आ ही गया होगा कि पंचायती राज व्यवस्था एक ऐसी प्रिया है जिसके द्वारा लोग अपनी सरकार में भाग लेते हैं। पंचायती राज व्यवस्था लोकतांत्रिाक सरकार की पहली सीढ़ी है। ग्राम पंचायत ग्राम सभा के प्रति जवाबदेह होती है क्योंकि ग्राम सभा के लोग ही उसको चुनते हैं। पंचायती राज व्यवस्था में लोगों की भागीदारी दो और स्तरों पर होती है। ग्राम पंचायत के बाद दूसरा स्तर विकासखंड का होता है। इसे जनपद पंचायत या पंचायत समिति कहते हैं। एक पंचायत समिति में कइर् ग्रामपंचायतें होती हैं। पंचायत समिति के ऊपर िाला पंचायत या िाला परिषद् होती है। यह तीसरा स्तर होता है। िाला परिषद् एक िाले के जल संवध्र्न विकास कायर्क्रम ने केवल दो वषो± में इस बंजर शमीन को हरे - भरे मैदान में बदल दिया है स्तर पर विकास की योजनाएँ बनाती है। पंचायत समिति की मदद से िाला परिषद् सभी पंचायतों में आबंटित राश्िा के वितरण की व्यवस्था करती है। संविधन में दिए हुए निदेशों के आधर पर देश के हर राज्य ने पंचायत से जुड़े कानून बनाए हैं। इसीलिए पंचायत संबंध्ी कानून हर राज्य में कुछ अलग - अलग हो सकते हैं। इसके पीछे मुख्य विचार यही है कि अपने गाँव की व्यवस्था में लोगों की भागीदारी बढ़े और उन्हें अपनी आवाश उठाने के लिए श्यादा से श्यादा मौके मिलें। पंचायती राज ध् 55 अभ्यास 1हरदास गाँव के लोग किन समस्याओं का सामना कर रहे थे? उन्होंने अपनी समस्याएँ सुलझाने के लिए क्या किया? 2आपके विचार में ग्राम सभा का क्या महत्त्व है? क्या आपको लगता है कि सभी लोगों को ग्राम सभा की बैठक में भाग लेना चाहिए? क्यों? 3अपने क्षेत्रा या अपने पास के ग्रामीण क्षेत्रा में पंचायत द्वारा किए गए किसी एक काम का उदाहरण लीजिए और उसके बारे में निम्नलिख्िात बातें पता कीजिएः ;कद्ध यह काम क्यों किया गया? ;खद्ध पैसा कहाँ से आया? ;गद्ध काम पूरा हुआ या नहीं? 4ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के बीच में क्या प़ फकर् है? 5नीचे दी गइर् खबर को पढि़ए और पिफर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिएः चैपुफला - श्िारूर सड़क पर एक गाँव है निमोन। दूसरे गाँवों की तरह पिछले कइर् महीनों से इस गाँव में भी पानी की बहुत कमी चल रही है। गाँव वाले अपनी शरूरतों के लिए टैंकर पर निभर्र हैं। इस गाँव के भगवान महादेव लाड ;35 वषर्द्ध को सात लोगों ने मिलकर डंडे, लोहे की छड़ से बहुत पीटा। इस घटना का पता तब चला जब कुछ लोग बुरी तरह से घायल लाड को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए। पुलिस की रपट में लाड ने लिखवाया कि उस पर हमला तब हुआ जब उसने टैंकर का पानी टंकी में भरने पर जोर दिया था। टंकी, निमोन ग्राम पंचायत की जल आपूतिर् योजना के तहत बनाइर् गइर् थी ताकि पानी का समान रूप से वितरण हो। परंतु लाड का आरोप था कि ऊँची जाति के लोग इस बात के ख्िालापफ थे। वे टैंकर के पानी पर दलित जातियों का अध्िकार नहीं मानते थे। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर, 1 मइर् 2004 ;कद्ध भगवान लाड को पीटा क्यों गया था? ;खद्ध क्या आपको लगता है कि यह एक भेदभाव का मामला है? क्यों? 6जल संरक्षण और उसके प़फायदे के विषय में और जानकारी इकट्टòी कीजिए।

RELOAD if chapter isn't visible.