fofo/rk इकाई-I विविधता 2018-19 पाठ की शुरुआती पंक्तियों पर ध्यान दीजिए। अपनी कक्षा में चारों तरफ नज़र दौड़ाइए। क्या कोई ऐसी साथी है जो बिल्कुल आपकी तरह दिखती हो?" यहाँ हमने सोच समझकर विशेषण और क्रिया के स्त्रीलिंग रूप का प्रयोग किया है, जो पूरे पाठ में चलता है। शिक्षा में लड़कियों को समान स्थान और अवसर मिलें - इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। एक तरीका यह भी है कि हम लिखते समय लड़कियों को सीधे संबोधित करें। यदि हम अभी तक की पाठ्यपुस्तकों को देखें तो उनमें पढ़ने वाले को हमेशा एक लड़का मानकर पुलिंग रूपों का ही प्रयोग किया जाता है। यह मान लिया जाता है कि स्त्रीलिंग रूप उसी में शामिल है। यहाँ हमने भाषा की इस परिपाटी को बदला है। इस पाठ के अलावा हमने कुछ अन्य पाठों में भी स्त्रीलिंग रूप का प्रयोग किया है। 2018-19 अध्याय 1 विविधता की समझ अपनी कक्षा में चारों तरफ नजर दौड़ाइए। क्या कोई ऐसी साथी है जो बिल्कुल आपकी तरह दिखती हो? इस पाठ में आप पढेगी कि लोग एक-दूसरे से कई मामलों में भिन्न होते हैं। वे न केवल अलग दिखते हैं, बल्कि वे अलग-अलग क्षेत्रों से भी आते हैं। उनके धर्म, रहन-सहन, खान-पान, भाषा, त्योहार आदि भी भिन्न होते हैं। ये भिन्नताएँ हमारे जीवन को कई तरह से रोचक एवं समृद्ध बनाती हैं। इन भिन्नताओं के कारण ही भारत में विविधता है। विविधता या अनेकता हमारे जीवन को किस तरह बेहतर बनाती है? भारत इतनी विविधताओं वाला देश कैसे बना? क्या सभी तरह की भिन्नताएँ विविधता का ही भाग होती हैं? चलिए, कुछ उत्तर पाने के लिए हम इस पाठ को पढ़ते हैं। अापकी उम्र के तीन बच्चों ने ऊपर दिए गए चित्र ''बनाए हैं। खाली बक्से में आप अपना चित्र बनाइए। क्या आपका चित्र अन्य तीन चित्रों जैसा ही है? हो सकता है कि आपका चित्र इन तीनों से बहुत भिन्न हो जैसे कि ये तीनों चित्र भी आपस में एक-दूसरे से नहीं मिलते हैं। ऐसा इसीलिए कि हम सबका चित्रकारी करने का अपना-अपना एक तरीका होता है। जिस तरह हमारी चित्रकारी में भिन्नता है, उसी तरह हमारे रूप-रंग, खान-पान आदि में भी भिन्नता है। 2018-19 4 / सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन दीजिएः * * * अपने बारे में निम्नलिखित जानकारी वाले चौराहे की लालबत्ती पर अखबार बेचता था। मैं जब भी वहाँ से साइकिल से गुजरता, * बाहर जाते समय मैं । वह अंग्रेज़ी का अखबार हाथ में लहराते हुए मेरे | पहनना पसंद करती हूँ। पीछे भागता और उस दिन की सुर्खियों को। * मैं घर में में बात करती हूँ। हिंदी-अंग्रेजी के मिले-जुले शब्दों में चिल्लाकर सुनाता रहता। इस बार मैं पटरी के सहारे रुका * मेरा पसंदीदा खेल है। और मैंने उससे हिंदी का अखबार माँगा। उसका * मुझे । के बारे में किताबें मुँह खुला का खुला रह गया। उसने पूछा, पढ़ना पसंद है। “मतलब, आपको हिंदी आती है?" “बिल्कुल", मैंने अखबार के पैसे देते हुए | अपनी अध्यापिका की सहायता से यह पता कहा कीजिए कि आपमें से कितनी साथियों के जवाब क्यों? तुमने क्या सोचा?" वह रुका। “पर एक जैसे हैं। क्या कक्षा में कोई ऐसी साथी भी आप लगते तो... बड़े अंग्रेज़ हैं," वह बोला। है जिसकी सूची आपकी सूची से हु-ब-ह “मतलब कि आप हिंदी पढ़ भी सकते हैं?” मिलती है? शायद नहीं हो। हालाँकि ऐसा होगा कि कई साथियों के कुछ जवाब आपके जवाबों से मिलते-जुलते होंगे। कितने साथियों को। आपके जैसी किताब पढ़ना पसंद है? आपकी कक्षा के विद्यार्थी कुल मिलाकर कितनी भाषाएँ बोलते हैं? इनसे अब तक आपको यह अंदाजा हो गया होगा कि कई मामलों में आप अपनी साथियों की तरह हैं और कई मामलों में आप उनसे बिल्कुल अलग हैं। दोस्ती करना क्या ऐसे इंसान से दोस्ती करना आपके लिए आसान होगा जो आपसे बहुत भिन्न है? नीचे । “हाँ, बिल्कुल पढ़ सकता हूँ।" इस बार मैं दी गई कहानी पढे और इस बारे में सोचें। थोड़ा अधीर होते हुए बोला। *मैं हिंदी बोल मैंने इसे एक मज़ाक की तरह लिया। मज़ाक सकता हूँ, पढ़ सकता हूँ और लिख भी सकता जो कि फटे-पुराने कपड़े पहने उस छोटे-से हूँ। मैंने स्कूल में दूसरे ‘सब्जेक्ट' (विषय) के लड़के के लिए था जो जनपथ के भीड़-भाड़ साथ हिंदी पढ़ी है।" 2018-19 विविधता की समझ / 5 “सब्जेक्ट” उसने पूछा। अब जो कभी “आपका नाम?” यह तो बड़े आश्चर्य की बात स्कूल नहीं गया उसको मैं क्या समझाता कि थी। मेरी साइकिल डगमगाई। “मेरा नाम भी सब्जेक्ट क्या होता है। “वह कुछ होता है ..." समीर है” मैंने बताया। "क्या" उसकी आँखें मैंने शुरू किया ही था कि बत्ती हरी हो गई एकदम से चमक उठीं। "हाँ" मैंने मुस्कराते और मेरे पीछे गाड़ियों के हॉर्न का शोर सौ गुना । हुए कहा। “तुम्हें पता है समीर का अर्थ है - बढ़ गया। मैंने भी अपनेआप को ट्रैफिक के । हवा, पवन। और पवनपुत्र कौन हैं जानते हो साथ आगे बढ़ने दिया। न? ... हनुमान।” अगले दिन वह फिर से वहाँ पर था। वह “तो अब से आप समीर एक और मैं समीर मुस्करा रहा था और मेरी तरफ हिंदी का । अखबार बढ़ाते हुए उसने कहा, " भैया, आपका दो”, उसने खूब खुश होते हुए कहा। “हाँ, अखबार। अब बताइए ये सब्जेक्ट क्या चीज़। । ये सजे या चीज ठीक है” मैंने जवाब दिया और अपना हाथ है?" अंग्रेजी का यह शब्द उसकी जुबान पर आगे बढ़ाया। “हाथ मिलाओ समीर दो।” अजीब लग रहा था। ऐसा लगा मानो अंग्रेज़ी में उसका छोटा-सा हाथ मेरे हाथ में एक नन्हीं ‘सब्जेक्ट' शब्द का जो दूसरा अर्थ है 'प्रजा', चिड़िया की तरह समा गया। में साइकिल उस अर्थ में वह उसका प्रयोग कर रहा है। चलाकर आगे बढ़ चुका था, पर उसके हाथ | "ओह, यह कुछ पढाई-लिखाई से संबंधित की गर्माहट अब तक महसूस कर रहा था। है,” मैंने कहा। उसके बाद चूंकि बत्ती लाल हो अगले दिन उसके चेहरे पर उसकी गई थी सो मैंने पूछा, “तुम कभी स्कूल गए हो?” | चिरपरिचित मुस्कान नहीं थी। “मेरठ में बड़ी गड़बड़ हो गई है," उसने कहा। "वहाँ दंगों में कभी नहीं,” उसने जवाब दिया। फिर बात बढ़ाते बहुत लोग मारे गए हैं।” मैंने मुख्य अखबार की हुए उसने गर्व से कहा, "मैं जब इतना ऊँचा था। सुर्खियों की तरफ देखा। बड़े-बड़े अक्षरों तभी से मैंने काम करना शुरू कर दिया था।” में लिखा था - सांप्रदायिक दंगे। लेकिन उसने मेरी साइकिल की गद्दी के बराबर अपने समीर..” मैंने शुरू किया ही था। “मैं मुस्लिम आप को नापा। “पहले मेरी माँ मेरे साथ आती समीर हूँ,” वह बोल पड़ा। “और मेरे सभी लोग थी, लेकिन अब मैं अकेले ही कर लेता हूँ।” मेरठ में हैं।” उसकी आँखें भर आईं। जब मैंने “अभी तुम्हारी माँ कहाँ है?” मैंने पूछा। पर उसके कंधे पर हाथ रखा, उसने नज़र ऊपर तब तक बत्ती हरी हो गई और मैं चल पड़ा। नहीं उठाई। मैंने उसे अपने पीछे कहीं से चिल्लाते हुए सुना, वह मेरठ में है और उसके साथ..."। बाकी | समीर एक और समीर दो में कोई तीन अंतर ट्रैफिक के शोरगुल में डूब गया। लिखिए। “मेरा नाम समीर है," उसने अगले दिन क्या ये अंतर उन्हें दोस्त बनने से रोक पाए? कहा और बड़े शर्माते हुए मेरा नाम पूछा, 2018-19 6 / सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन अगले दिन वह चौराहे पर नहीं था। न उसके थे। उदाहरण के लिए समीर अगले दिन वह दिखा और न आगे फिर कभी। एक ने स्कूल में पढ़ाई की अंग्रेजी या हिंदी का कोई अखबार मुझे नहीं बता थी जबकि समीर दो सकता कि मेरा समीर दो आखिर कहाँ गया।। अखबार बेचता था। | (पोइली सेनगुप्ता की कहानी | समीर दो को स्कूल द लाइट्स चेंज्ड पर आधारित) जाने का मौका मिला ही नहीं। आपने संभवतः अपने जहाँ समीर एक को अंग्रेज़ी ज्यादा अच्छी इलाके में ऐसे कई लोगों आती है, वहीं समीर दो हिंदी बोलता है। को देखा होगा जो गरीब हैं और जिनकी भोजन, हालाँकि दोनों की भाषाएँ अलग हैं, फिर भी घर और कपड़े की जरूरतें भी पूरी नहीं हो दोनों एक-दूसरे से बात कर पाए। उन्होंने पातीं। यह फ़र्क उस फ़र्क से अलग है जिसके इसके लिए प्रयास किया क्योंकि उनके लिए बारे में हमने पहले पढ़ा। यह विविधता का रूप बात करना महत्त्वपूर्ण था। समीर एक और नहीं है, बल्कि गैर-बराबरी का रूप है। समीर दो की धार्मिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमियाँ । के गैर-बराबरी का मतलब है कि कुछ लोगों के पास न अवसर हैं और न ही ज़मीन या पैसे जैसे भी अलग हैं। जहाँ समीर एक हिंदू है, वहीं संसाधन, जो दूसरों के पास हैं। इसीलिए गरीबी समीर दो मुसलमान है। दोनों में दोस्ती हुई और अमीरी विविधता का रूप नहीं हैं। यह क्योंकि दोनों दोस्ती करना चाहते थे। खान-पान, लोगों के बीच मौजूद असमानता यानी पहनावा, धर्म, भाषा आदि की ये भिन्नताएँ गैर-बराबरी है। विविधता के पहलू हैं। | जाति व्यवस्था असमानता का एक और अपनी विविध धार्मिक और सांस्कृतिक । उदाहरण है। इस व्यवस्था में समाज को पृष्ठभूमियों के अलावा समीर एक और समीर अलग-अलग समूहों में बाँटा गया। इस बँटवारे दो कई अन्य मामलों में भी एक-दूसरे से अलग का आधार था कि लोग किस-किस तरह का काम करते हैं। लोग जिस जाति में पैदा होते। उन त्योहारों की सूची बनाइए जो हो सकता । थे, उसे बदल नहीं सकते थे। उदाहरण के लिए है कि समीर एक और समीर दो मनाते हों : समीर एक : समीर दो : समीर दो स्कूल क्यों नहीं जाता था? आपकी राय में अगर वह स्कूल जाना क्या आप ऐसी किसी परिस्थिति के बारे में चाहता तो क्या जा पाता? क्या यह सही सोच सकती हैं जब आपने उससे दोस्ती की है कि कुछ बच्चे स्कूल जा पाते हैं और जो आप से बहुत अलग हो? इसका वर्णन कुछ जा ही नहीं पाते? इस पर चर्चा करें। एक कहानी के रूप में कीजिए। 2018-19 विविधता की समझ / 7 अगर आप कुम्हार के घर में पैदा हो गईं तो आपकी जाति कुम्हार ही होती और आप बस वही बन सकती थीं। कोई व्यक्ति जाति से जुड़ा अपना पेशा भी नहीं बदल सकता था, इसलिए उस ज्ञान के अलावा किसी अन्य ज्ञान को हासिल करना ज़रूरी नहीं समझा जाता था। इससे गैर-बराबरी पैदा हुई। आप इस बारे में अगले पाठों में पढेगी। कहानी बनाना भी पसंद होगा। एक अच्छी विविधता हमारे जीवन को कैसे समृद्ध कहानी पढ़ने से हमेशा खुशी मिलती है। उसको करती है? पढ़कर और ज्यादा कहानियाँ बनाने के लिए जैसे समीर एक और समीर दो दोस्त बने, ठीक नए-नए विचार मिलते हैं। जो लोग कहानियाँ वैसे ही आपकी भी सहेलियाँ होंगी जो आपसे लिखते हैं। वे विभिन्न स्रोतों- किताबों, बहुत अलग होंगी। आपने शायद उनके घर में वास्तविक जीवन और कल्पना से प्रेरणा लेते हैं। अलग तरह का खाना खाया होगा, उनके साथ अलग त्योहार मनाए होंगे, उनके कपड़े पहन कर देखे होंगे और थोड़ी बहुत उनकी भाषा भी सीखी होगी। सूची बनाइए कि आपने भारत के अलग-अलग प्रांतों के कौन-कौन से व्यंजन खाए हैं। अपनी मातृभाषा के अलावा उन भाषाओं की सूची बनाइए जिनके आप कुछ शब्द भी जानती हैं। कुछ लोग जंगल में जानवरों के नज़दीक आपको शायद् तरह-तरह के जानवरों, रहे और उन्होंने जानवरों की दोस्ती व लड़ाइयों रानियों, साहसिक घटनाओं या भूतों की के बारे में कहानियाँ लिखीं। कछ अन्य लोगों कहानियाँ पसंद होंगी। संभव है कि आपको खुद ने राजा-रानियों के वृत्तांत पढ़ कर प्यार और 2018-19 8 / सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन सम्मान के किस्से लिखे। कुछ ने अपने बचपन या कहानी सुनाने वालों को ऐसी जगह पर रहना की यादों में गोते लगाए, स्कूल और दोस्तों की पड़े जहाँ लोग केवल दो ही रंग के कपड़े मधुर यादों से निकालकर कुछ साहस की पहनते हों - लाल एवं सफेद; एक तरह का कहानियाँ लिखीं। खाना खाते हों (शायद आलू!); समान रूप से कल्पना कीजिए कि जिनकी कहानियाँ केवल दो पशु-पक्षी को पालते हों, उदाहरण के आपने सुनी या पढ़ी हैं, उन सभी कहानीकारों लिए हिरन और कौआ; और केवल साँप-सीढ़ी खेल से अपना मनोरंजन करते हों। ऐसी जगह मान लीजिए कि आप एक चित्रकार या रहकर वे कैसी कहानियाँ लिख पाएँगे? कहानीकार हैं जो इस जगह पर रहती हैं। ऐसी जगह के जीवन पर एक कहानी लिखिए या भारत में विविधता । चित्र बनाइए। भारत विविधताओं का देश है। हम विभिन्न क्या आप सोचती हैं कि आपको ऐसी जगह में भाषाएँ बोलते हैं। विभिन्न प्रकार का खाना खाते रहने में मजा आएगा? उन पाँच चीजों की सूची बनाइए जिनकी कमी ऐसी जगह में सबसे ज्यादा हैं, अलग-अलग त्योहार मनाते हैं और खलेगी। भिन्न-भिन्न धर्मों का पालन करते हैं। लेकिन गहराई से सोचें तो वास्तव में हम एक ही तरह भारत के लोग विविध तरीकों से नीचे लिखे काम करते हैं। यहाँ उनमें से एक तरीका बताया गया है। दो और तरीके लिखिए। प्रार्थना / इबादत करना। भक्ति गीत गाना शादी करना अदालत के रजिस्टर में दस्तखत करना विभिन्न प्रकार के कपड़े पहनना मणिपुर में औरतों का फ़नैक पहनना अभिवादन करना झारखंड के आदिवासियों का एक-दूसरे को 'जोहार' कहना सपा के जिला पन्न चावल पकाना मीट या सब्ज़ी डालकर बिरयानी पकाना 2018-19 विविधता की समझ / 9 की चीजें करते हैं केवल हमारे करने के तरीके अगर अलग-अलग क्षेत्रों का इतिहास देखें अलग हैं। तो हमें पता चलेगा कि किस तरह विभिन्न हम विविधता को कैसे समझें? सांस्कृतिक प्रभावों ने वहाँ के जीवन और करीब दो-सवा दो सौ वर्ष पहले जब रेल, संस्कृति को आकार देने में योगदान किया है। इस तरह से कई क्षेत्र अपने विशिष्ट इतिहास हवाईजहाज़, बस और कार हमारे जीवन का के कारण विविधतासंपन्न हो जाते थे। हिस्सा नहीं थे, तब भी लोग संसार के एक । ठीक इसी प्रकार लोग अलग-अलग तरह भाग से दूसरे भाग की यात्रा करते थे। वे पानी । की भौगोलिक स्थितियों से किस प्रकार के जहाज़ में, घोड़ों या ऊँट पर बैठकर जाते। सामंजस्य बैठाते हैं, उससे भी विविधता उत्पन्न या फिर पैदल चलकर। होती है। उदाहरण के लिए समुद्र के पास रहने अक्सर ये यात्राएँ खेती और बसने के लिए में और पहाड़ी इलाकों में रहने में बड़ा फ़र्क नई जमीन की तलाश में या फिर व्यापार के है। न केवल वहाँ के लोगों के कपड़ों और लिए की जाती थीं। चूंकि यात्रा में बहुत समय खान-पान की आदतों में फ़र्क होगा, बल्कि लगता था, इसलिए लोग नई जगह पर अक्सर जिस तरह का काम वे करेंगे, वे भी अलग काफी लंबे समय तक ठहर जाते थे। इसके होंगे। शहरों में अक्सर लोग यह भल जाते हैं। अलावा सूखे और अकाल के कारण भी कई कि उनका जीवन उनके भौतिक वातावरण से बार लोग अपना घर-बार छोड़ देते थे। उन्हें किस तरह गहराई से जड़ा हुआ है। ऐसा जब पेट भर खाना तक नहीं मिलता था तो वे । इसलिए कि शहरों में लोग विरले ही अपनी नई जगह जा कर बस जाते थे। कुछ लोग काम सब्जी या अनाज उगाते हैं। वे इन चीजों के की तलाश में और कुछ युद्ध के कारण घर लिए बाजार पर ही निर्भर रहते हैं। छोड़ देते थे। आइए, भारत के दो भागों - लद्दाख और लोग जब नई जगह में बसना शुरू करते केरल के उदाहरण के जरिए यह समझने की थे तो उनके रहन-सहन में थोड़ा बदलाव आ कोशिश करें कि किसी क्षेत्र की विविधता पर जाता था। कुछ चीजें वे नई जगह की अपना उसके ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों का लेते थे और कुछ चीज़ों में वे पुराने ढर्रे पर ही । हो क्या असर पड़ता है। चलते रहते थे। इस तरह उनकी भाषा, भोजन, संगीत, धर्म आदि में नए और पुराने का मिश्रण एटलस में भारत का नक्शा देखिए और उसमें होता रहता था। उनकी संस्कृति और नई जगह ढूंढिए कि ये दोनों क्षेत्र - लद्दाख तथा केरल की संस्कृति में आदान-प्रदान होता और कहाँ पर हैं। इन दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक धीरे-धीरे एक मिश्रित यानी मिली-जुली स्थितियाँ वहाँ के भोजन, कपड़े और व्यवसाय/पेशे को कैसे प्रभावित करती हैं? संस्कृति उभरती। उनकी सूची बनाइए। 2018-19 10 / सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन लद्दाख तो व्यापार के लिए एक अच्छा रास्ता माना गया क्योंकि यहाँ कई घाटियाँ हैं जिनसे गुजर कर मध्य एशिया के काफिले उस इलाके में पहुँचते थे जिसे आज तिब्बत कहते हैं। ये काफ़िले अपने साथ मसाले, कच्चा रेशम, दरियाँ आदि लेकर चलते थे। लद्दाख के रास्ते ही बौद्ध धर्म तिब्बत पहुँचा। लद्दाख को छोटा तिब्बत भी कहते हैं। करीब चार सौ साल पहले यहाँ पर लद्दाख - ऊँचे पहाड़ों वाला रेगिस्तानी इलाका लोगों का इस्लाम धर्म से परिचय लद्दाख जम्मू और कश्मीर के पूर्वी हिस्से में हुआ और अब यहाँ अच्छी-खासी संख्या में पहाड़ियों में बसा एक रेगिस्तानी इलाका है। यहाँ मुसलमान रहते हैं। लद्दाख में गानों और कविताओं पर बहुत ही कम खेती संभव है, क्योंकि इस क्षेत्र । का बहुत ही समृद्ध मौखिक संग्रह है। तिब्बत का में बारिश बिल्कुल नहीं होती और यह इलाका हर । | ग्रंथ केसर सागा लद्दाख में काफी प्रचलित है। वर्ष काफी लंबे समय तक बर्फ से ढंका रहता है। उसके स्थानीय रूप को मुसलमान और बौद्ध दोनों इस क्षेत्र में बहुत ही कम पेड़ उग पाते हैं। पीने । के पानी के लिए लोग गर्मी के महीनों में पिघलने ही लोग गाते हैं और उस पर नाटक खेलते हैं। वाली बर्फ पर निर्भर रहते हैं। यहाँ के लोग एक खास किस्म की बकरी पालते हैं जिससे पश्मीना ऊन मिलता है। यह ऊन कीमती है, इसीलिए पश्मीना शाल बड़ी महँगी होती है। लद्दाख के लोग बड़ी सावधानी से इस ऊन को इकट्ठा करके कश्मीर के व्यापारियों को बेच देते हैं। मुख्यतः कश्मीर में ही पश्मीना शालें बुनी जाती हैं। यहाँ के लोग दूध से बने पदार्थ, जैसे मक्खन, चीज़ (खास तरह का छेना) एवं मांस खाते हैं। हरएक परिवार के पास कुछ गाय, बकरी और याक होती हैं। रेगिस्तान होने का यह मतलब नहीं कि व्यापारी यहाँ आने के लिए आकर्षित नहीं हुए। पश्मीना शाल बुनती हुई औरतें 2018-19 विविधता की समझ / 11 केरल भारत के दक्षिणी-पश्चिमी कोने में बसा हुआ राज्य है। यह एक तरफ समुद्र से घिरा हुआ है और दूसरी तरफ पहाड़ियों से। इन पहाड़ियों पर विविध प्रकार के मसाले जैसे कालीमिर्च, लौंग, इलायची आदि उगाए जाते हैं। इन मसालों के कारण यह क्षेत्र व्यापारियों के लिए बहुत ही आकर्षक बना। सबसे पहले अरबी एवं यहूदी मछली पकड़ने का चीनी जाल व्यापारी केरल आए। ऐसा माना जाता है कि ईसा मसीह के धर्मदूत । वास्को डि गामा पानी के जहाज़ से यहाँ पहुँचे तो पुर्तगालियों ने संत थॉमस लगभग दो हजार साल यूरोप से भारत तक का समुद्री रास्ता जाना। पहले यहाँ आए। भारत में ईसाई इन सभी ऐतिहासिक प्रभावों के कारण केरल के लोग विभिन्न धर्म लाने का श्रेय उन्हीं को जाता धर्मों का पालन करते हैं जिनमें यहूदी, इस्लाम, ईसाई, हिंदू एवं बौद्ध है। अरब से कई व्यापारी यहाँ धर्म शामिल हैं। आकर बस गए। इब्न बतूता ने, जो चीन के व्यापारी भी केरल आए। यहाँ पर मछली पकड़ने के करीब सात सौ साल पहले यहाँ लिए जो जाल इस्तेमाल किए जाते हैं वे चीनी जालों से हू-ब-हू आए, अपने यात्रा वृत्तांत में मिलते हैं और उन्हें चीना-वला' कहते हैं। तलने के लिए लोग जो मुसलमानों के जीवन का विवरण बर्तन इस्तेमाल करते हैं उसे 'चीनाचट्टी' कहते हैं। इसमें ‘चीन' शब्द देते हुए लिखा है कि मुसलमान । इस बात की ओर इशारा करता है कि उसकी उत्पत्ति कहाँ हुई होगी। समुदाय की यहाँ बड़ी इज्ज़त थी। केरल की उपजाऊ जमीन और जलवायु चावल की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है और वहाँ के अधिकतर लोग मछली, सब्ज़ी और चावल खाते हैं। केरल में मनाए जाने वाले त्योहार ओणम का एक विशेष आकर्षण है - नाव प्रतियोगिता 2018-19 12 / सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन | जहाँ केरल और लद्दाख की भौगोलिक खिलाफ़ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। भारत के स्थितियाँ एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, वहीं स्वतंत्रता संग्राम में अलग-अलग परिवेशों के हम यह भी देखते हैं कि दोनों क्षेत्रों के इतिहास लोग शामिल थे। उन्होंने एकजुट होकर आंदोलन में एक ही प्रकार के सांस्कृतिक प्रभाव हैं। दोनों किया, इकड़े जेल गए और अंग्रेजों का ही क्षेत्रों को चीन और अरब से आनेवाले अलग-अलग तरीकों से विरोध किया। अंग्रेजों ने व्यापारियों ने प्रभावित किया। जहाँ केरल की सोचा था कि वे भारत के लोगों में फूट डाल भौगोलिक स्थिति ने मसालों की खेती संभव सकते हैं क्योंकि उनमें काफी विविधताएँ हैं और बनाई, वहीं लद्दाख की विशेष भौगोलिक स्थिति इस तरह उनका राज चलता रहेगा। मगर लोगों और ऊन ने व्यापारियों को अपनी ओर खींचा। ने दिखला दिया कि वे एक-दूसरे से चाहे इस तरह पता चलता है कि किसी भी क्षेत्र के कितने ही भिन्न हों, अंग्रेजों के खिलाफ़ लड़ी सांस्कृतिक जीवन का उसके इतिहास और जाने वाली लड़ाई में वे सब एक थे। भूगोल से प्रायः गहरा रिश्ता होता है। | विविध संस्कृतियों का प्रभाव केवल बीते दिन खन के हमारे प्यारे न भूल जाना हुए कल की बात नहीं है। हमारे वर्तमान जीवन खुशियों में अपनी हम पर, आँसू बहा के जाना का आधार ही काम के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना है। हरएक कदम के साथ सैयाद ने हमारे, चुन-चुन के फूल तोड़े हमारे सांस्कृतिक रीति-रिवाज और जीने का वीरान इस चमन में, कोई गुल खिला के जाना तरीका धीरे-धीरे उस नए क्षेत्र का हिस्सा बन | दिन खून के हमारे... जाते हैं जहाँ हम पहुँचते हैं। ठीक इसी तरह गोली खा के सोये, जलियाँ बाग में हम अपने पड़ोस में हम अलग-अलग समुदायों के सूनी पड़ी कब्र पर, दिया जला के जाना लोगों के साथ रहते हैं। अपने रोजमर्रा के जीवन | दिन खून के हमारे... में हम मिल-जुलकर काम करते हैं और एक-दूसरे के रीति-रिवाज और परंपराओं में हिंदू औ' मुस्लिमों की, होती है आज होली घुलमिल जाते हैं। बहते हैं एक रंग में, दामन भीगो के जाना दिन खून के हमारे... विविधता में एकता कुछ जेल में पड़े हैं, कुछ कब्र में गड़े हैं। भारत की विविधता या अनेकता को उसकी । दो बूंद आँसू उनपर, प्यारे बहा के जाना ताकत का स्रोत माना गया है। जब अंग्रेजों का दिन खून के हमारे... भारत पर राज था तो विभिन्न धर्म, भाषा और क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों ने अंग्रेजों के - भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) 2018-19 विविधता की समझ / 13 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भाषण देते हुए पांडित नेहरू यह गीत अमृतसर में हुए जलियाँवाला बाग को सारे भारत में लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ हत्याकांड के बाद गाया जाता था। इस इस्तेमाल किया था। हत्याकांड में एक ब्रिटिश जनरल ने उन जवाहरलाल नेहरू ने अपनी किताब भारत शांतिप्रिय, निहत्थे लोगों पर खुले आम गोलियाँ की खोज में लिखा कि भारतीय एकता कोई चलवा दी थीं जो बाग में इकठ्ठ होकर सभा बाहर से थोपी हुई चीज नहीं है, बल्कि यह कर रहे थे। महिला-पुरुष, हिंदू-मुसलमान एवं बहुत ही गहरी है जिसके अंदर अलग-अलग सिख - कितने सारे लोग थे जो अंग्रेज़ों की तरह के विश्वास और प्रथाओं को स्वीकार पक्षपातपूर्ण नीति का विरोध करने के लिए करने की भावना है। इसमें विविधता को जमा हुए थे। उसमें से बहुत लोगों की जानें पहचाना और प्रोत्साहित किया जाता है। यह गई और उससे भी ज्यादा घायल हुए। यह गीत नेहरू ही थे जिन्होंने भारत की विविधता का उन्हीं शहीदों की याद में गाया गया था। वर्णन करते हुए अनेकता में एकता' का स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उभरे गीत और विचार हमें दिया। चिह्न विविधता के प्रति हमारा विश्वास बनाए रखते हैं। क्या आप भारतीय झंडे की कहानी रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित हमारा राष्ट्रगान जानती हैं? स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ही भारत भी भारतीय एकता की ही एक अभिव्यक्ति है। राष्ट्रगान किस तरह से एकता का वर्णन के झंडे की परिकल्पना की गई थी। इस झंडे करता है, इसे अपने शब्दों में लिखिए। 2018-19 14 / सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन अभ्यास 1. अपने इलाके में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की सूची बनाइए। इनमें | से कौन-से त्योहार सभी समुदायों द्वारा मनाए जाते हैं? 2. आपके विचार में भारत की समृद्ध एवं विविध विरासत आपके जीवन को कैसे बेहतर बनाती है। 3. आपके अनुसार 'अनेकता में एकता' का विचार भारत के लिए कैसे उपयुक्त है? भारत की खोज किताब से लिए गए इस वाक्यांश में नेहरू भारत की एकता के बारे में क्या कहना चाह रहे हैं? 4. जलियाँवाला बाग हत्याकांड के ऊपर लिखे गए गाने की उस पंक्ति को चुनिए जो आपके अनुसार भारत की एकता को निश्चित रूप से झलकाती है। 5. लद्दाख एवं केरल की तरह भारत का कोई एक क्षेत्र चुनिए और अध्ययन कीजिए कि कैसे उस क्षेत्र की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने प्रभावित किया है। क्या ये ऐतिहासिक एवं भौगोलिक कारक आपस में जुड़े हुए हैं? कैसे? 2018-19

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