हम अनेक प्रकार के आकार ;ैींचमेद्ध देखते हैं, जिनसे हम परिचित हैं। हम बहुत से चित्रा बनाते हैं। इन चित्रों में विभ्िान्न आकार निहित होते हैं। हम इन आकारों में से वुफछ के बारे में पिछले अध्यायों में पढ़ भी चुके हैं। आप इन आकारों की एक सूची बना लें कि ये किस प्रकार प्रकट होते हैं? इस अध्याय में, हम इन आकारों को बनाना सीखेंगे। इनको बनाने के लिए, हमें यंत्रों के बारे में जानने की आवश्यकता है। आइए, उन्हें देखें तथा उनके नाम और प्रयोग के बारे में जानकारी प्राप्त करें। क्र.सं नाम आकृति विवरण प्रयोग 1ण् रूलर अथवा सीध किनारा सै(ांतिक रूप में एक रूलर में कोइर् चिह्न नहीं होते हैं। परंतु आपके ज्यामिति बक्स की रूलर में एक किनारे के अनुदिश सेंटीमीटर में चिह्न होते हैं ;और कभी - कभी दूसरे किनारे पर इंचों में चिह्न होते हैंद्ध रेखाखंडों को खींचना और उनकी लंबाइयाँ मापना 2ण् परकार पेंसिल नुकीला सिरा इसके दो सिरे होते हैं। एक सिरा नुकीला होता और दूसरे सिरे पर पेंसिल रखने का स्थान होता है। बराबर लंबाइयाँ अंकित करने के लिए, परंतु उन्हें मापने के के लिए नहीं।चाप और वृत्त खींचनेके लिए। 3ण् डिवाइडर इसके दो नुवफीले सिरे होते हैं। लंबाइयों की तुलना करने के लिए 4ण् सेट स्क्वेयर 1 2 3 4 5 6 7 8 9 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 दो त्रिाभुजाकार यंत्रा हैं μ एक में शीषो± पर कोण 45°ए 45°ए 90° हैं और दूसरे में यह कोण 30°ए 60°ए 90° होते हैं। लंब रेखाओं और समांतर रेखाओं को खींचना 5ण् चाँदा ;कोण मापकद्ध मध्य ¯बदु एक अध्र्वृत्ताकार यंत्रा जिस पर 180 ;कमहतममद्ध भाग चिित होते हैं। यह मापन दाईं ओर से 0° से प्रारंभ होकर बाईं ओर 180° पर समाप्त होता है और ऐसा ही बाईं ओर से 0° प्रारंभ होकर दाईं ओर 180° पर समाप्त होता है। कोणों को खींचना और मापना 9296 हम ‘रूलर और परकार की रचनाओं’ पर विचार करने जा रहे हैं। इनमें रूलर ;तनसमतद्ध का केवल रेखाएँ खींचने और परकार ;बवउचंेेद्ध का केवल चाप खींचने में प्रयोग किया जाएगा। इन रचनाओं को बनाते समय पूणर् सावधनी बरतिए। यहाँ आपकी सहायता के लिए वुफछ सुझाव दिए जा रहे हैं: ;ंद्ध पतली रेखाएँ खींचिए और हल्के ¯बदु अंकित कीजिए। ;इद्ध अपने यंत्रों को नुवफीले सिरे और पतले किनारे वाला बनाकर रख्िाए। ;बद्ध अपने बक्स में दो पेंसिल रख्िाए। एक परकार में रखने के लिए और दूसरी रेखा या वक्र खींचने और बिंदुओं को अंकित करने के लिए। 14ण्2 वृत्त सामने दशार्ए गए पहिए को देख्िाए। इसकी परिसीमा ;ठवनदकंतलद्ध पर स्िथत प्रत्येक ¯बदु इसके वेंफद्र से बराबर दूरी पर हंै। क्या आप ऐसी वुफछ और वस्तुएँ बता सकते हैं और उन्हें खींच सकते हैं? ऐसी पाँच वस्तुओं के बारे में सोचिए जो इसी आकार की हों। 14ण्2ण्1 एक वृत्त खींचना जब उसकी त्रिाज्या ज्ञात हो मान लीजिए हम 3सेमी त्रिाज्या का एक वृत्त खींचना चाहते हैं। हमें अपने परकार का प्रयोग करने की आवश्यकता है। यह निम्न चरणों में किया जा सकता है: चरण 1 परकार को वांछित त्रिाज्या 3 सेमी के लिए खोलिए। चरण 2 एक नुकीली पेंसिल से वह ¯बदु अंकित कीजिए जिसे हम वृत्त का वेंफद्र बनाना चाहते हैं। इसे ¯बदु व् से नामांकित कीजिए। चरण 3 परकार के नुकीले सिरे को व् पर रख्िाए। चरण 4 वृत्त खींचने के लिए, परकार को ध्ीरे - ध्ीरे घुमाइए। ध्यान रख्िाए कि चक्कर एक ही बार में पूरा हो जाए। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए क्या आप वंेफद्र व् लेकर एक ¯बदु, मान लीजिए च् से होकर वृत्त खींच सकते हैं? प्रश्नावली 14ण्1 1ण् 3ण्2 सेमी त्रिाज्या का एक वृत्त खींचिए। 2ण् एक ही वेंफद्र व् लेकर 4 सेमी और 2ण्5 सेमी त्रिाज्या वाले दो वृत्त खींचिए। 3ण् एक वृत्त और उसके कोइर् दो व्यास खींचिए। यदि आप इन व्यासों के सिरों को जोड़ दें, तोकौन सी आकृति प्राप्त होती है? यदि व्यास परस्पर लंब हों, तो कौन सी आकृति प्राप्त होगी?आप अपने उत्तर की जाँच किस प्रकार करेंगे? 4ण् एक वृत्त खींचिए और ¯बदु ।ए ठ और ब् इस प्रकार अंकित कीजिए कि ;ंद्ध । वृत्त पर स्िथत हो। ;इद्धठ वृत्त के अभ्यंतर में स्िथत हो। ;बद्ध ब् वृत्त के बहिभार्ग में स्िथत हो। 5ण् मान लीजिए । और ठ समान त्रिाज्याओं वाले दो वृत्तों के वेंफद्र हैं। इन्हें इस प्रकार खींचिए ताकिएक वृत्त दूसरे के वेंफद्र से होकर जाए। इन्हें ब् और क् पर प्रतिच्छेद करने दीजिए। जाँच कीजिए कि ।ठ और ब्क् परस्पर समकोण पर हैं। 14ण्3 एक रेखाखंड याद कीजिए कि एक रेखाखंड दो अंत ¯बदुओं से परिब( ;ठवनदकमकद्ध होती है। इसी कारण हम इसकी लंबाइर् रूलर से माप सकते हैं। यदि हमें किसी रेखाखंड की लंबाइर् ज्ञात हो, तो इसे एकआकृति द्वारा निरूपित करना संभव हो जाता है। आइए, देखें कि हम ऐसा वैफसे करते हैं। 14ण्3ण्1 एक दी हुइर् लंबाइर् के रेखाखंड की रचना करना मान लीजिए हम 4ण्7 सेमी लंबाइर् के एक रेखाखंड की रचना करना चाहते हैं। हम रूलर का प्रयोग करके 4ण्7 सेमी की दूरी पर दो ¯बदु । और ठ अंकित करते हैं। । औरठ को मिलाने पर हमें रेखाखंड ।ठ प्राप्त होता है। ¯बदु । और ठ को अंकित करते समय, हमें रूलर पर सीधेनीचे की ओर देखना चाहिए, अन्यथा हमें सही उत्तर प्राप्त नहीं होगा। रूलर और परकार का प्रयोग एक अच्छी विध्ि यह होगी कि दी हुइर् लंबाइर् के एक रेखाखंड की रचना करने के लिए, परकार का प्रयोग किया जाए चरण 1 एक रेखा स खींचिए और उस पर एक ¯बदु। अंकित कीजिए। चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को रूलर के शून्य पर रख्िाए। इसे इस प्रकार खोलिए कि पेंसिल वाला सिरा 4ण्7 सेमी चिह्न पर आ जाए। 298 चरण 3 यह सावधनी लेते हुए कि परकार के पैफलाव में कोइर् परिवतर्न न हो, उसके नुकीले सिरे को ¯बदु । पर रखें और स को ठ पर काटता हुआ एक चाप लगा दीजिए। चरण 4 ।ठ वांछित लंबाइर् 4ण्7 सेमी का एक रेखाखंडहै। प्रश्नावली 14ण्2 1ण् रूलर का प्रयोग करके 7ण्3 सेमी लंबाइर् का एक रेखाखंड खींचिए। 2ण् रूलर और परकार का प्रयोग करते हुए 5ण्6 सेमी लंबाइर् का एक रेखाखंड खींचिए। 3ण् 7ण्8 सेमी लंबाइर् का रेखाखंड ।ठ खींचिए। इसमें से ।ब् काटिए जिसकी लंबाइर् 4ण्7 सेमी हो। ठब् को मापिए। 4ण् 3ण्9 सेमी लंबाइर् का एक रेखाखंड ।ठ दिया है। एक रेखाखंड च्फ खींचिए जो रेखाखंड च्फ का दोगुना हो। मापन से अपनी रचना की जाँच कीजिए। 5ण् 7ण्3 सेमी लंबाइर् का रेखाखंड ।ठ और 3ण्4 सेमी लंबाइर् का रेखाखंड ब्क् दिया है। एक रेखाखंड ग्ल् खींचिए ताकि ग्ल् की लंबाइर् ।ठ और ब्क् की लंबाइयों के अंतर के बराबर हो। 14ण्3ण्2 एक दिए हुए रेखाखंड के बराबर रेखाखंड की रचना करना मान लीजिए आप एक ऐसे रेखाखंड की रचना करना चाहते हैं, जिसकी लंबाइर् एक दिए हुए रेखाखंड ।ठ की लंबाइर् के बराबर हो। एक तुरंत और स्वाभाविक विध्ि यह होगी कि आप रूलर का प्रयोग करें। ;जिस पर सेंटीमीटर और मिलीमीटर के चिह्न अंकित होंद्ध उससे ।ठ को माप लिया जाए और पिफर उसी लंबाइर् का प्रयोग करके एक रेखाखंड ब्क् खींच लिया जाए। एक दूसरी विध्ि यह होगी कि एक पारदशर्क कागश का प्रयोग करके ।ठ को कागश के अन्य भाग पर अक्स ;जतंबमद्ध कर लिया जाए। परंतु इन विध्ियों से सदैव सही परिणाम प्राप्त नहीं हो सकते हैं। एक और अच्छी विध्ि होगी कि रचना के लिए, रूलर और परकार का प्रयोग किया जाए। यह रचना ।ठ के लिए निम्न प्रकार की जाती है: चरण 1 रेखाखंड ।ठ दिया है, जिसकी लंबाइर् ज्ञात नहीं है। ।ठ चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को ।पर रख्िाए और पेंसिल को ठ पर रख्िाए। परकार का पैफलाव ।ठ की लंबाइर् बताता है। चरण 3 कोइर् रेखा स खींचिए। स पर कोइर् ¯बदु ब् लीजिए। परकार के पैफलाव में बिना वुफछ परिवतर्न किए, उसके नुकीले सिरे को ब् पर रख्िाए। चरण 4 एक चाप लगाइए जो स को क् पर ;मान लीजिएद्ध काटे। अब ब्क् ही ।ठ की लंबाइर् के बराबर का रेखाखंड है। प्रश्नावली 14ण्3 1ण् कोइर् रेखाखंड च्फ खींचिए। बिना मापे हुए, च्फ के बराबर एक रेखाखंड की रचना कीजिए। 2ण् एक रेखाखंड ।ठ दिया हुआ है, जिसकी लंबाइर् ज्ञात नहीं है। एक रेखाखंड च्फ की रचना कीजिए जिसकी लंबाइर् ।ठ की लंबाइर् की दोगुनी हो। 14ण्4 लंब रेखाएँ आप जानते हैं कि दो रेखाएँ ;या किरणें या रेखाखंडद्ध परस्पर लंब ;चमतचमदकपबनसंतद्ध कही जाती हैं, जब वे इस प्रकार प्रतिच्छेद करती हैंकि उनके बीच के कोण समकोण हों। संलग्न आकृति में स और उ300 परस्पर लंब हैं। एक पुफलस्केप ;विवसेबंचद्ध कागश या आपकी अभ्यास पुस्ितका के कोने दशार्ते हैं कि दो रेखाएँ परस्पर समकोणों पर हैं। आप अपने आसपास और कहाँ लंब रेखाएँ देखते हैं? एक कागश का पृष्ठ लीजिए और उसे बीच में से मोडि़ए तथा मोड़ का निशान ;बतमंेमद्ध बनाइए। इसी कागश को बीच में से अन्य दिशा में मोडि़ए। मोड़ का निशान बनाइए और कागश को खोल लीजिए। दोनों मोड़ के निशान एक दूसरे पर ;परस्परद्ध लंब हैं। 14ण्4ण्1 एक दी हुइर् रेखा पर स्िथत एक ¯बदु से होकर लंब खींचना एक रेखा स कागश पर ख्िांची हुइर् है और च् उस पर स्िथत एक ¯बदु है। च् से होकर गुजरता हुआ स पर लंब खींचना सरल है। हम कागश को केवल इस प्रकार मोड़ सकते हैं कि मोड़ के निशान के दोनों ओर वाले स के भाग एक दूसरे को आच्छादित करें। अक्स कागश या कोइर् पारदशर्क कागश ियाकलाप के लिए अच्छा रहेगा। आइए, एक कागश लें और उस पर कोइर् रेखा स खींचे। अब स पर कोइर् ¯बदु च् अंकित कर लें। अब कागश को इस प्रकार मोडि़ए कि स स्वयं पर परावतिर्त हो जाए। अथार्त् स्वयं पर गिरे। मोड़ के निशान को इस प्रकार समायोजित कीजिए कि वह च् से होकर जाए। कागश को खोल लीजिए। मोड़ का निशान च् से होकर जाता हुआ रेखा स पर लंब है। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए आप इसकी जाँच वैफसे करेंगे कि यह स पर लंब है? ध्यान दीजिए कि यह च् से होकर जाता ह।ैएक चुनौती रू रूलर और सेट स्क्वेयर की सहायता से लंब खींचना ;एक ऐच्िछकियाकलापद्ध: चरण 1 एक रेखा स और एक ¯बदु च् दिए हुए हैं।ध्यान दीजिए कि च् रेखा स पर स्िथत है। चरण 2 रूलर के एक किनारे को रेखा स के अनुदिश रख्िाए। इसे कस कर पकड़े रहिए। चरण 3 एक सेट स्क्वेयर को इस प्रकार रेखा स पर रख्िाए कि उसका समकोण बनाने वाला एक किनारा रूलर के उस किनारे के अनुदिश रहे जो रेखा स के साथ लगा हुआ है तथा सेट स्क्वेयर का समकोण वाला कोना भी रूलर के स्पशर् में रहे। चरण 4 सेट स्क्वेयर को रूलर के अनुदिश तब तक सरकाइए जब तक कि उसका समकोण वाला कोना ¯बदु च् पर न आ जाए। चरण 5 इस स्िथति में, सेट स्क्वेयर को कस कर पकड़े रहिए। सेट सक्वेयर के समकोण के दूसरे किनारे के अनुदिश च्फ खींचिए च्फ रेखा स पर लंब है ;आप इसको दशार्ने के लिए संकेत ⊥ का किस प्रकार प्रयोग करते हैं?द्ध। ¯बदु च् पर बने कोण को माप कर इस रचना की जाँच कीजिए। क्या हम ‘रूलर’ के स्थान पर इस रचना में दूसरे सेट स्क्वेयर का प्रयोग कर सकते हैं? इसके बारे में सोचिए। रूलर और परकार की विध्ि ज्यामिति में लंब डालने की जिस विध्ि को प्राथमिकता दी जाती है वह ‘रूलर - परकार’ की विध्ि है। इस रचना को नीचे दिया जा रहा है: चरण 1 एक रेखा स पर ¯बदु च् दिया हुआ है। चरण 2 च् को वेंफद्र मानकर और एक सुविधजनक त्रिाज्या लेकर एक चाप लगाइए जो रेखा स को दो ¯बदुओं । और ठ पर प्रतिच्छेद करें। चरण 3 ।और ठ को वेंफद्र मानकर और ।च् से अध्ि क की त्रिाज्या लेकर दो चापों की रचना कीजिए जो परस्पर फ पर काटें। 302 ेननत चरण 4 च्फ को जोडि़ए ;या मिलाइएद्ध तब च्फ ही स ेननतपर लंब है। हम इसे च्फ ⊥ स लिखते हैं। 14ण्4ण्2 एक रेखा पर उस ¯बदु से होकर लंब जो उस पर स्िथत नहीं है। ;कागश मोड़नाद्ध यदि हमें एक रेखा स दी हुइर् है और एक ऐसा ¯बदु च् दिया है, जो रेखा स पर स्िथत नहीं है, तो च् से होकर जाते हुए रेखा स पर लंब खींचने के लिए हम पहले जैसा कागश मोड़ने का सरल ियाकलाप पुनः कर सकते हैं। एक कागश का पृष्ठ लीजिए ;पारदशर्क हो तो अच्छा रहेगाद्ध। उस पर एक रेखा स खींचिए और कोइर् ¯बदु च् अंकित कीजिए जो स पर स्िथत न हो। कागश को इस प्रकार मोडि़ए कि मोड़ का निशान च् से होकर जाए तथा रेखा स का एक भाग उसके दूसरे भाग पर पड़े। कागश को खोल लीजिए। मोड़ का निशान स पर लंब है और च् से होकर जाता है। रूलर और सेट स्क्वेयर की विध्ि ;एक ऐच्िछक ियाकलापद्ध चरण 1 चरण 2 मान लीजिए स एक रेखा है और च् उसके बाहर एक ¯बदु है। एक सेट स्क्वेयर को स पर इस प्रकार रख्िाए कि उसके समकोण का एक किनारा स के अनुदिश रहे। चरण 3 सेट स्क्वेयर के समकोण के सम्मुख किनारे के अनुदिश एक रूलर को रख्िाए। चरण 4 रूलर को कसकर पकड़े रहिए और सेट स्क्वेयर को रूलर के अनुदिश तब तक सरकाइए जबतक कि च् समकोण बनाने वाले दूसरे किनारे को स्पशर् न करने लग।ेचरण 5 सेट स्क्वेयर के इस किनारे को अनुदिश च् से होती हुइर् रेखा खींचिए जो स को ड पर काटती है। ेननत अब रेखा च्ड ⊥ स है। रूलर और परकार की विध्ि निस्संदेह, रूलर और परकार प्रयोग करने की विध्ि ही एक अच्छी विध्ि है। चरण 1 रेखा स और एक ¯बदु च् दिया है जो स पर स्िथत नहीं है। चरण 2 च् को वेंफद्र मान कर और एक सुविधजनक त्रिाज्या लेकर एक चाप लगाइए जो रेखा स को दो ¯बदुओं । और ठ पर प्रतिच्छेद करे। चरण 3 समान त्रिाज्या का प्रयोग करके । औरठ को वेंफद्र मानकर दो चाप खींचिए जो एकदूसरे को ¯बदु च् के दूसरी तरपफ फ पर प्रतिच्छेद करे। ेननत चरण 4 च्फ को जोडि़ए। तब च्फ ही रेखा स पर वांछित लंब है। 304 प्रश्नावली 14ण्4 1ण् एक रेखाखंड ।ठ खींचिए। इस पर कोइर् ¯बदु ड अंकित कीजिए। ड से होकर ।ठ पर एक लंब, रूलर और परकार द्वारा खींचिए। 2ण् एक रेखाखंड च्फ खींचिए। कोइर् ¯बदु त् लीजिए जो च्फ पर न हो। त् से होकर च्फ पर एक लंब खींचिए। ;रूलर और सेट स्क्वेयर द्वाराद्ध 3ण् एक रेखा स खींचिए और उस पर स्िथत एक ¯बदु ग् से होकर, रेखा स पर एक लंब रेखाखंड ग्ल् खींचिए। अब ल् से होकर ग्ल् पर एक लंब, रूलर और परकार द्वारा खींचिए। 14ण्4ण्3 एक रेखाखंड का लंब समद्विभाजक एक कागश को मोडि़ए। मान लीजिए ।ठ मोड़ का निशान है। कहीं पर स्याही से एक ¯बदु ग् अंकित कीजिए। ।ठ को दपर्ण रेखा ;उपततवत सपदमद्ध मानते हुए ग् का प्रति¯बबग्श् ज्ञात कीजिए। मान लीजिए ।ठ और ग्ग्ष् परस्पर व् पर प्रतिच्छेद करते हैं। क्या व्ग् त्र व्ग्श् है घ् क्यों घ् इसका अथर् है कि ।ठ रेखाखंड ग्ग्ष् को दो बराबर लंबाइयों के भागों में विभाजित करता है। अथार्त् ।ठ रेखाखंड ग्ग्ष् का समद्विभाजक है। यह भी ध्यान दीजिए कि ∠।व्ग् और ∠ठव्ग् समकोण हैं ;क्यों?द्ध अतः रेखा ।ठ रेखाखंड ग्ग्ष् का लंब समद्विभाजक है। आकृति में हम ।ठ का केवल एक हिस्सा ही देखते हैं। दो ¯बदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड का लंब समद्विभाजक उनकी सममित अक्ष ;सपदम व िेलउउमजतलद्ध भी है? ;पारदशर्क पफीताद्ध चरण 1 एक रेखाखंड ।ठ खींचिए। चरण 2 एक आयताकार पारदशर्क पफीते की एक पट्टी को ।ठ के विकणर्तः इस प्रकार रखें कि इसके किनारे ¯बदुओं । और ठ पर रहें, जैसा कि सामने आकृति में दिखाया गया है। चरण 3 इसी प्रिया को एक अन्य पट्टी लेकर इस प्रकार दोहराइए कि दूसरी पट्टी विकणर्तः पहली पट्टी को । और ठ पर काटे। मान लीजिए ये दोनों पटि्टयाँ ड और छ पर भी काटती हैं। चरण 4 ड और छ को जोडि़ए। क्या डछ रेखाखंड ।ठ का समद्विभाजक है? मापकर जाँच कीजिए। क्या यह ।ठ का लंब समद्विभाजक भी हैघ् ।ठ का मध्य ¯बदु कहाँ हैं। रूलर और परकार द्वारा रचना चरण 1 किसी भी लंबाइर् का एक रेखाखंड ।ठ खींचिए। चरण 2 । को वेंफद्र मानकर, परकार की सहायता से एक वृत्त खींचिए। आपके वृत्त की त्रिाज्या ।ठ के आध्े से अध्िक होनी चाहिए। चरण 3 ठ को वेंफद्र मानकर और चरण 2 वाली त्रिाज्या लेकर एक अन्य वृत्त परकार की सहायतासे खींचिए। मान लीजिए वह वृत्त पहले वृत्त को बिंदुओं ब् और क् पर प्रतिच्छेद करता है। 306 चरण 4 ब्क् को मिलाइए। यह ।ठ को व् पर प्रतिच्छेद करता है। अपने डिवाइडर का प्रयोग करके जाँच कीजिए कि व् रेखाखंड ।ठ का मध्य बिंदु है। साथ ही, यह भी जाँच कीजिए कि ∠ब्व्। और ∠ब्व्ठ समकोण हैं। अतः, रेखाखंड ब्क् रेखाखंड ।ठ का लंब समद्विभाजक है। उपरोक्त रचना में, हमें ब्क् को निधर्रित करने के लिए दो बिंदुओं ब् और क् की आवश्यकता थी। क्या इनको ज्ञात करने के लिए पूरे वृत्तों को खींचने की आवश्यकता है?क्या यह पयार्प्त नहीं है कि इन बिंदुओं को ज्ञात करने के लिए इन वृत्तों के दो छोटे चाप ही खींच लिए जाएँ? वास्तव में, व्यावहारिक रूप में हम यही करते हैं। प्रश्नावली 14ण्5 1ण् 7ण्3 सेमी लंबाइर् का एक रेखाखंड ।ठ खींचिए और उसकी सममित अक्ष ज्ञात कीजिए। 2ण् 9ण्5 सेमी लंबा एक रेखाखंड खींचिए और उसका लंब समद्विभाजक खींचिए। 3ण् एक रेखाखंड ग्ल् का लंब समद्विभाजक खींचिए जिसकी लंबाइर् 10ण्3 सेमी है। ;ंद्ध इस लंब समद्विभाजक पर कोइर् बिंदु च् लीजिए। जाँच कीजिए कि च्ग् त्र च्ल् है। ;इद्ध यदि ड रेखाखंड ग्ल् का मध्य बिंदु है, तो डग् और ग्ल् के विषय में आप क्या कह सकते हैं? 4ण् लंबाइर् 12ण्8 सेमी वाला एक रेखाखंड खींचिए। रूलर और परकार की सहायता से इसके चार बराबर भाग कीजिए। मापन द्वारा अपनी रचना की जाँच कीजिए। 5ण् 6ण्1 सेमी लंबाइर् का एक रेखाखंड च्फ खींचिए और पिफर च्फ को व्यास मानकर एक वृत्त खींचिए। 307 6ण् वेंफद्र ब् और त्रिाज्या 3ण्4 सेमी लेकर एक वृत्त खींचिए। इसकी कोइर् जीवा ।ठ खींचिए। इस जीवा ।ठ का लंब समद्विभाजक खींचिए। जाँच कीजिए कि क्या यह वृत्त के वेंफद्र ब् से होकर जाता है। 7ण् प्रश्न 6 को उस स्िथति के लिए दोबारा कीजिए जब ।ठ एक व्यास है। 8ण् 4 सेमी त्रिाज्या का एक वृत्त खींचिए। इसकी कोइर् दो जीवाएँ खींचिए। इन दोनों जीवाओं के लंब समद्विभाजक खींचिए। ये कहाँ मिलते हैं? 9ण् शीषर् व् वाला कोइर् कोण खींचिए। इसकी एक भुजा पर एक बिंदु । और दूसरी भुजा पर एक अन्य बिंदु ठ इस प्रकार लीजिए कि व्। त्र व्ठ है। व्। और व्ठ के लंब समद्विभाजक खींचिए। मान लीजिए ये च् पर प्रतिच्छेद करते हैं क्या च्। त्र च्ठ है? 14ण्5 कोण 14ण्5ण्1 दिए हुए माप का कोण बनाना मान लीजिए हम 40° का कोण बनाना चाहते हैं। इसके लिए वांछित चरण निम्न हैंः चरण 1 एक किरण ।ठ खींचिए। चरण 2 चाँदे के वेंफद्र को । पर इस प्रकार रख्िाए कि इसका शून्य किनारा ;0°दृ 0°द्ध किरण ।ठ के अनुदिश रहे। चरण 3 ठ के पास के शून्य ;0द्ध से प्रारंभ करते हुए, 40° के सम्मुख, बिंदु ब् अंकित कीजिए। 308 चरण 4 ।ब् मिलाकर किरण।ब् बनाइए। ∠ठ।ब् ही वांछित कोण है। 14ण्5ण्2 एक दिए हुए कोण के बराबर कोण बनाना मान लीजिए हमें एक कोण दिया है जिसका माप हमें ज्ञात नहीं है। हम इस कोण के बराबर एक कोण बनाना चाहते हैं। देख्िाए कि ऐसा किस प्रकार किया जाता है। ∠। दिया है जिसका माप ज्ञात नहीं है। चरण 1 एक रेखा स खींचिए और उस पर एक बिंदु च् अंकित कीजिए। चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को । पर रखकर, एक चाप खींचिए जो ∠। की भुजाओं को ठ और ब् पर काटता है। चरण 3 परकार के पैफलाव में बिना कोइर् परिवतर्न किए, उसके नुकीले सिर को च् पर रखकर एक चाप लगाइए जो स को फ पर काटता है। चरण 4 परकार को लंबाइर् ठब् के बराबर खोलिए। चरण 5 परकार के पैफलाव में बिना परिवतर्न किए, उसके नुकीले सिरे को फ पर रख्िाए और एक चाप लगाइए जो पिछले चाप को त् पर काटता है। चरण 6 च्त् को मिलाकर किरण च्त् बनाइए। इससे ∠च् प्राप्त होता है। ∠च् ही वांछित कोण है जिसका माप ∠। के बराबर है। इसका अथर् है कि∠फच्त् और ∠ठ।ब् के माप बराबर हैं। 14ण्5ण्3 एक कोण का समद्विभाजक एक कागश पर एक बिंदु व् अंकित कीजिए।व् को प्रारंभ्िाक बिंदु लेकर दो किरणें व्।और व्ठखींचिए। आपको ∠।व्ठ प्राप्त हो जाता है। इस कागश को इस प्रकार मोडि़ए कि मोड़ का निशान व् से होकरजाए तथा किरणें व्।और व्ठपरस्पर संपाती हो जाएँ। मान लीजिए व्ब् मोड़ का निशान है जो हमें कागश को खोलने पर प्राप्त होगा। स्पष्टतः किरण व्ब् कोण ∠।व्ठ की सममित अक्ष है। ∠।व्ब् और ∠ब्व्ठ को मापिए। क्या ये बराबर हैं? अतः, व्ब् कोण ∠।व्ठ की सममित अक्ष है और ∠।व्ठ की समद्विभाजक है।310 रूलर और परकार द्वारा रचना मान लीजिए एक कोण ∠। दिया है। चरण 1 । को वेंफद्र मानकर परकार की सहायता से एक चाप लगाइए जो ∠। की किरणों ;भुजाओंद्ध को ठ और ब् पर काटता है। चरण 2 ठ को वेंफद्र मानकर और ठब् के आध्े से अध्िक की त्रिाज्या लेकर एक चाप ∠। के अभ्यंतर में खींचिए। चरण 3 ब् को वेंफद्र मानकर एक चरण 2 वाली त्रिाज्या लेकर, ∠। के अभ्यंतर में एक और चाप लगाइए। मान लीजिए ये दोनों चाप बिंदु क् पर प्रतिच्छेद करते हैं तब ।क्ही ∠। का वांछित समद्विभाजक है। उपरोक्त चरण 2 में, यदि हम त्रिाज्या ठब् के आध्े से कम लें, तो क्या कोण होगा? 14ण्5ण्4 विशेष मापों के कोण वुफछ विशेष मापों के कोणों की रचना करने की वुफछ सुंदर और परिशु( विध्ियाँ हैं, जिनमें चाँदे का प्रयोग नहीं किया जाता है। इनमें से वुफछ की चचार् हम यहाँ करेंगे। 60° के कोण की रचना चरण 1 एक रेखा स खींचिए और उस पर एक बिंदु व् अंकित कीजिए। चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को व् पर रख्िाए और एक सुविधजनक त्रिाज्या लेकर एक चाप खींचिए, जो रेखा स को, मान लीजिए बिंदु । पर काटता है। चरण 3 अब । को वेंफद्र मानकर, व् से होकर जाता एक चाप खींचिए। चरण 4 मान लीजिए ये दोनों चाप परस्पर बिंदु ठ पर काटते हैं। व्ठ को जोड़कर किरण व्ठ बनाइए। तब ∠ठव्। ही 60° माप का वांछित कोण है। 30° माप के कोण की रचना उफपर दशार्ए अनुसार 60° के कोण की रचना कीजिए। अब इस कोण को समद्विभाजित कीजिए। प्रत्येक कोण 30° का है। मापन द्वारा अपनी रचना की जाँच कीजिए। चरण 1 एक रखोस खींचकर उस पर एक स बिंदु व् अंकित कीजिए। चरण 2 परकार का नुकीला सिरा व् पर रखकर और एक सुविधजनक त्रिाज्या लेकर स एक चाप लगाइए जो रेखा स को । पर प्रतिच्छेद करे। चरण 3 परकार के पैफलाव में बिना कोइर् परिवतर्न किए और । को वेंफद्र मान कर एक स चाप लगाइए जो पिछले चाप को ठ पर काटता है। चरण 4 पुनः, परकार के पैफलाव में बिना कोइर् परिवतर्न किए और ठ को वेंफद्र मानकर सएक चाप लगाइए जो पहले चाप को ब् पर काटता है। 90° के कोण की रचना एक रेखा पर उस पर दिए हुए एक बिंदु से होकर एक लंब खींचिए, जो पहले कर चुके हैं। यह वांछित 90° का कोण है। प्रश्नावली 14ण्6 1ण् 75° माप वाले कोण ∠च्व्फ की रचना कीजिए और इसकी सममित अक्ष खींचिए। 2ण् 147° माप वाले एक कोण की रचना कीजिए और उसका समद्विभाजक खींचिए। 3ण् एक समकोण खींचिए और उसके समद्विभाजक की रचना कीजिए। 4ण् 153° का एक कोण खींचिए और इसके चार बराबर भाग कीजिए। 5ण् रूलर और परकार की सहायता से निम्न मापों के कोणों की रचना कीजिए: ;ंद्ध 60° ;इद्ध 30° ;बद्ध 90° ;कद्ध 120° ;मद्ध 45° ;द्धि135° 6ण् 45° का एक कोण खींचिए और उसके समद्विभाजक कीजिए। 7ण् 135° का एक कोण खींचिए और उसे समद्विभाजित कीजिए। 8ण् 70व का एक कोण खींचिए। इस कोण के बराबर रूलर और परकार की सहायता से एक कोण बनाइए। 9ण् 40व का एक कोण खींचिए। इसके संपूरक के बराबर एक कोण बनाइए। हमने क्या चचार् कीघ् इस अध्याय में, ज्यामितीय आकारों को खींचने की विभ्िान्न विध्ियाँ बताइर् गइर् हैं। 1ण् आकारों की रचना करने के लिए, हम ज्यामिति बक्स में दिए निम्न यंत्रों का प्रयोग करते हैंः ;पद्ध रूलर ;पपद्ध परकार ;पपपद्ध डिवाइडर ;पअद्ध सेट स्क्वेयर ;अद्ध चाँदा 2ण् रूलर और परकार की सहायता से निम्न रचनाएँ की जा सकती हैं: ;पद्ध एक वृत्त जब उसकी त्रिाज्या की लंबाइर् दी हो? ;पपद्ध एक रेखाखंड जब उसकी लंबाइर् दी हो। ;पपपद्ध एक रेखाखंड के बराबर रेखाखंड बनाना। ;पअद्ध एक रेखा पर एक बिंदु से लंब खींचना जब वह बिंदु: ;ंद्ध रेखा पर स्िथत हो। ;इद्ध रेखा पर स्िथत न हो। ;अद्ध दी हुइर् लंबाइर् के रेखाखंड का लंब समद्विभाजक। ;अपद्ध दिए हुए माप का एक कोण। ;अपपद्ध दिए हुए कोण के बराबर कोण बनाना। ;अपपपद्ध दिए हुए कोण का समद्विभाजक। ;पगद्ध वुफछ विशेष मापों के कोण, जैसे: ;ंद्ध 90व ;इद्ध 45व ;बद्ध 60 व ;कद्ध 30व ;मद्ध 120 व ;द्धि 135व 314

>Chapter_14>


अध्याय 14

प्रायोगिक ज्यामिति


14.1 भूमिका

हम अनेक प्रकार के आकार (Shapes) देखते हैं, जिनसे हम परिचित हैं। हम बहुत से चित्र बनाते हैं। इन चित्रों में विभिन्न आकार निहित होते हैं। हम इन आकारों में से कुछ के बारे में पिछले अध्यायों में पढ़ भी चुके हैं। आप इन आकारों की एक सूची बना लें कि ये किस प्रकार प्रकट होते हैं?

इस अध्याय में, हम इन आकारों को बनाना सीखेंगे। इनको बनाने के लिए, हमें यंत्रों के बारे में जानने की आवश्यकता है। आइए, उन्हें देखें तथा उनके नाम और प्रयोग के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

img06Img02Img03


हम ‘रूलर और परकार की रचनाओं’ पर विचार करने जा रहे हैं। इनमें रूलर (ruler) का केवल रेखाएँ खींचने और परकार (compass) का केवल चाप खींचने में प्रयोग किया जाएगा। इन रचनाओं को बनाते समय पूर्ण सावधानी बरतिए। यहाँ आपकी सहायता के लिए कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं :

(a) पतली रेखाएँ खींचिए और हल्के बिंदु अंकित कीजिए।

(b) अपने यंत्रों को नुकीले सिरे और पतले किनारे वाला बनाकर रखिए।

(c) अपने बक्स में दो पेंसिल रखिए। एक परकार में रखने के लिए और दूसरी रेखा या वक्र खींचने और बिंदुओं को अंकित करने के लिए।


14.2 वृत्त

सामने दर्शाए गए पहिए को देखिए। इसकी परिसीमा (Boundary) पर स्थित प्रत्येक बिंदु इसके केंद्र से बराबर दूरी पर हैं। क्या आप एेसी कुछ और वस्तुएँ बता सकते हैं और उन्हें खींच सकते हैं? एेसी पाँच वस्तुओं के बारे में सोचिए जो इसी आकार की हों।



14.2.1 एक वृत्त खींचना जब उसकी त्रिज्या ज्ञात हो

मान लीजिए हम 3 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचना चाहते हैं। हमें अपने परकार का प्रयोग करने की आवश्यकता है। यह निम्न चरणों में किया जा सकता है :

Img04

चरण 1 परकार को वांछित त्रिज्या 3 सेमी के लिए खोलिए।

चरण 2 एक नुकीली पेंसिल से वह बिंदु अंकित कीजिए जिसे हम वृत्त का केंद्र बनाना चाहते हैं। इसे बिंदु O से नामांकित कीजिए।

चरण 3 परकार के नुकीले सिरे को O पर रखिए।

चरण 4 वृत्त खींचने के लिए, परकार को धीरे-धीरे घुमाइए। ध्यान रखिए कि चक्कर एक ही बार में पूरा हो जाए।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

क्या आप केंद्र O लेकर एक बिंदु, मान लीजिए P से होकर वृत्त खींच सकते हैं?

प्रश्नावली 14.1

1. 3.2 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।

2. एक ही केंद्र O लेकर 4 सेमी और 2.5 सेमी त्रिज्या वाले दो वृत्त खींचिए।

3. एक वृत्त और उसके कोई दो व्यास खींचिए। यदि आप इन व्यासों के सिरों को जोड़ दें, तो कौन सी आकृति प्राप्त होती है? यदि व्यास परस्पर लंब हों, तो कौन सी आकृति प्राप्त होगी? आप अपने उत्तर की जाँच किस प्रकार करेंगे?

4. एक वृत्त खींचिए और बिंदु A, B और C इस प्रकार अंकित कीजिए कि

(a) A वृत्त पर स्थित हो।

(b) B वृत्त के अभ्यंतर में स्थित हो।

(c) C वृत्त के बहिर्भाग में स्थित हो।

5. मान लीजिए A और B समान त्रिज्याओं वाले दो वृत्तों के केंद्र हैं। इन्हें इस प्रकार खींचिए ताकि एक वृत्त दूसरे के केंद्र से होकर जाए। इन्हें C और D पर प्रतिच्छेद करने दीजिए। जाँच कीजिए कि और परस्पर समकोण पर हैं।


14.3 एक रेखाखंड

याद कीजिए कि एक रेखाखंड के दो अंत बिंदु होते हैं। इसी कारण हम इसकी लंबाई रूलर से माप सकते हैं। यदि हमें किसी रेखाखंड की लंबाई ज्ञात हो, तो इसे एक आकृति द्वारा निरूपित करना संभव हो जाता है। आइए, देखें कि हम एेसा कैसे करते हैं।


14.3.1 एक दी हुई लंबाई के रेखाखंड की रचना करना

मान लीजिए हम 4.7 सेमी लंबाई के एक रेखाखंड की रचना करना चाहते हैं। हम रूलर का प्रयोग करके 4.7 सेमी की दूरी पर दो बिंदु A और B अंकित करते हैं। A और B को मिलाने पर हमें रेखाखंड प्राप्त होता है। बिंदु A और B को अंकित करते समय, हमें रूलर पर सीधे नीचे की ओर देखना चाहिए, अन्यथा हमें सही उत्तर प्राप्त नहीं होगा।

रूलर और परकार का प्रयोग

एक अच्छी विधि यह होगी कि दी हुई लंबाई के एक रेखाखंड की रचना करने के लिए, परकार का प्रयोग किया जाए

चरण 1 एक रेखा l खींचिए और उस पर एक बिंदु A अंकित कीजिए।


चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को रूलर के शून्य पर रखिए। इसे इस प्रकार खोलिए कि पेंसिल वाला सिरा 4.7 सेमी चिह्न पर आ जाए।


चरण 3 यह सावधानी लेते हुए कि परकार के फैलाव में कोई परिवर्तन न हो, उसके नुकीले सिरे को बिंदु A पर रखें और l को B पर काटता हुआ एक चाप लगा दीजिए।

Img05

चरण 4 वांछित लंबाई 4.7 सेमी का एक रेखाखंड है।


प्रश्नावली 14.2


1. रूलर का प्रयोग करके 7.3 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए।

2. रूलर और परकार का प्रयोग करते हुए 5.6 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए।


3. 7.8 सेमी लंबाई का रेखाखंड खींचिए। इसमें से काटिए जिसकी लंबाई 4.7 सेमी हो। को मापिए।

4. 3.9 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड दिया है। एक रेखाखंड खींचिए जो रेखाखंड का दोगुना हो। मापन से अपनी रचना की जाँच कीजिए।


(संकेत : खींचिए ताकि लंबाई की लंबाई के बराबर हो। फिर काटिए ताकि की लंबाई भी की लंबाई के बराबर हो। इस प्रकार, और की लंबाइयाँ मिलकर की लंबाई का दोगुना हो जाएँगी।)

5. 7.3 सेमी लंबाई का रेखाखंड और 3.4 सेमी लंबाई का रेखाखंड दिया है। एक रेखाखंड खींचिए ताकि की लंबाई और की लंबाइयों के अंतर के बराबर हो।


14.3.2 एक दिए हुए रेखाखंड के बराबर रेखाखंड की रचना करना

मान लीजिए आप एक एेसे रेखाखंड की रचना करना चाहते हैं, जिसकी लंबाई एक दिए हुए रेखाखंड की लंबाई के बराबर हो।

एक तुरंत और स्वाभाविक विधि यह होगी कि आप रूलर का प्रयोग करें। (जिस पर सेंटीमीटर और मिलीमीटर के चिह्न अंकित हों) उससे को माप लिया जाए और फिर उसी लंबाई का प्रयोग करके एक रेखाखंड खींच लिया जाए। एक दूसरी विधि यह होगी कि एक पारदर्शक कागज़ का प्रयोग करके को कागज़ के अन्य भाग पर अक्स (trace) कर लिया जाए। परंतु इन विधियों से सदैव सही परिणाम प्राप्त नहीं हो सकते हैं।

एक और अच्छी विधि होगी कि रचना के लिए, रूलर और परकार का प्रयोग किया जाए। यह रचना के लिए निम्न प्रकार की जाती है :

चरण 1 रेखाखंड दिया है, जिसकी लंबाई ज्ञात नहीं है।



चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को A पर रखिए और पेंसिल को B पर रखिए। परकार का फैलाव की लंबाई बताता है।



चरण 3 कोई रेखा l खींचिए। l पर कोई बिंदु C लीजिए। परकार के फैलाव में बिना कुछ परिवर्तन किए, उसके नुकीले सिरे को C पर रखिए।


चरण 4 एक चाप लगाइए जो l को D पर (मान लीजिए) काटे। अब ही की लंबाई के बराबर का रेखाखंड है।



प्रश्नावली 14.3

1. कोई रेखाखंड खींचिए। बिना मापे हुए, के बराबर एक रेखाखंड की रचना कीजिए।

2. एक रेखाखंड दिया हुआ है, जिसकी लंबाई ज्ञात नहीं है। एक रेखाखंड की रचना कीजिए जिसकी लंबाई की लंबाई की दोगुनी हो।



14.4 लंब रेखाएँ




आप जानते हैं कि दो रेखाएँ (या किरणें या रेखाखंड) परस्पर लंब (perpendicular) कही जाती हैं, जब वे इस प्रकार प्रतिच्छेद करती हैं कि उनके बीच के कोण समकोण हों। संलग्न आकृति में l और m परस्पर लंब हैं। एक फुलस्केप (foolscap) कागज़ या आपकी अभ्यास पुस्तिका के कोने दर्शाते हैं कि दो रेखाएँ परस्पर समकोणों पर हैं।



Do_this

आप अपने आसपास और कहाँ लंब रेखाएँ देखते हैं?

एक कागज़ का पृष्ठ लीजिए और उसे बीच में से मोड़िए तथा मोड़ का निशान (crease) बनाइए। इसी कागज़ को बीच में से अन्य दिशा में मोड़िए। मोड़ का निशान बनाइए और कागज़ को खोल लीजिए। दोनों मोड़ के निशान एक दूसरे पर (परस्पर) लंब हैं।


14.4.1 एक दी हुई रेखा पर स्थित एक बिंदु से होकर लंब खींचना

एक रेखा l कागज़ पर खिंची हुई है और P उस पर स्थित एक बिंदु है। P से होकर गुजरता हुआ l पर लंब खींचना सरल है।



हम कागज़ को केवल इस प्रकार मोड़ सकते हैं कि मोड़ के निशान के दोनों ओर वाले l के भाग एक दूसरे को आच्छादित करें। अक्स कागज़ या कोई पारदर्शक कागज़ क्रियाकलाप के लिए अच्छा रहेगा। आइए, एक कागज़ लें और उस पर कोई रेखा l खींचे। अब l पर कोई बिंदु P अंकित कर लें।

अब कागज़ को इस प्रकार मोड़िए कि l स्वयं पर परावर्तित हो जाए। अर्थात् स्वयं पर गिरे। मोड़ के निशान को इस प्रकार समायोजित कीजिए कि वह P से होकर जाए। कागज़ को खोल लीजिए। मोड़ का निशान P से होकर जाता हुआ रेखा l पर लंब है।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

आप इसकी जाँच कैसे करेंगे कि यह l पर लंब है? ध्यान दीजिए कि यह P से होकर जाता है।

एक चुनौती : रूलर और सेट स्क्वेयर की सहायता से लंब खींचना (एक एेच्छिक क्रियाकलाप) :

चरण 1 एक रेखा l और एक बिंदु P दिए हुए हैं। ध्यान दीजिए कि P रेखा l पर स्थित है।


चरण 2 रूलर के एक किनारे को रेखा l के अनुदिश रखिए। इसे कस कर पकड़े रहिए।


चरण 3 एक सेट स्क्वेयर को इस प्रकार रेखा l पर रखिए कि उसका समकोण बनाने वाला एक किनारा रूलर के उस किनारे के अनुदिश रहे जो रेखा l के साथ लगा हुआ है तथा सेट स्क्वेयर का समकोण वाला कोना भी रूलर के स्पर्श में रहे।


चरण 4 सेट स्क्वेयर को रूलर के अनुदिश तब तक सरकाइए जब तक कि उसका समकोण वाला कोना बिंदु P पर न आ जाए।


चरण 5 इस स्थिति में, सेट स्क्वेयर को कस कर पकड़े रहिए। सेट सक्वेयर के समकोण के दूसरे किनारे के अनुदिश खींचिए रेखा l पर लंब है (आप इसको दर्शाने के लिए संकेत img07 का किस प्रकार प्रयोग करते हैं?)।


बिंदु P पर बने कोण को माप कर इस रचना की जाँच कीजिए। क्या हम ‘रूलर’ के स्थान पर इस रचना में दूसरे सेट स्क्वेयर का प्रयोग कर सकते हैं? इसके बारे में सोचिए।

रूलर और परकार की विधि

ज्यामिति में लंब डालने की जिस विधि को प्राथमिकता दी जाती है वह ‘रूलर-परकार’ की विधि है। इस रचना को नीचे दिया जा रहा है :

चरण 1 एक रेखा l पर बिंदु P दिया हुआ है।


चरण 2 P को केंद्र मानकर और एक सुविधाजनक त्रिज्या लेकर एक चाप लगाइए जो रेखा l को दो बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करें।


चरण 3 A और B को केंद्र मानकर और AP से अधिक की त्रिज्या लेकर दो चापों की रचना कीजिए जो परस्पर Q पर काटें।


चरण 4 PQ को जोड़िए (या मिलाइए) तब img12 ही l पर लंब है। हम इसेimg12 img07 l लिखते हैं।




14.4.2 एक रेखा पर उस बिंदु से होकर लंब जो उस पर स्थित नहीं है।

Do_this

(कागज़ मोड़ना)


यदि हमें एक रेखा l दी हुई है और एक एेसा बिंदु P दिया है, जो रेखा l पर स्थित नहीं है, तो P से होकर जाते हुए रेखा l पर लंब खींचने के लिए हम पहले जैसा कागज़ मोड़ने का सरल क्रियाकलाप पुन: कर सकते हैं।


एक कागज़ का पृष्ठ लीजिए (पारदर्शक हो तो अच्छा रहेगा)। उस पर एक रेखा l खींचिए और कोई बिंदु P अंकित कीजिए जो l पर स्थित न हो। कागज़ को इस प्रकार मोड़िए कि मोड़ का निशान P से होकर जाए तथा रेखा l का एक भाग उसके दूसरे भाग पर पड़े। कागज़ को खोल लीजिए। मोड़ का निशान l पर लंब है और P से होकर जाता है।

रूलर और सेट स्क्वेयर की विधि (क एेच्छिक क्रियाकलाप)


चरण 1 मान लीजिए l एक रेखा है और P उसके बाहर एक बिंदु है।

चरण 2 एक सेट स्क्वेयर को l पर इस प्रकार रखिए कि उसके समकोण का एक किनारा l के अनुदिश रहे।


चरण 3 सेट स्क्वेयर के समकोण के सम्मुख किनारे के अनुदिश एक रूलर को रखिए।


चरण 4 रूलर को कसकर पकड़े रहिए और सेट स्क्वेयर को रूलर के अनुदिश तब तक सरकाइए जब तक कि P समकोण बनाने वाले दूसरे किनारे को स्पर्श न करने लगे।


चरण 5 सेट स्क्वेयर के इस किनारे को अनुदिश P से होती हुई रेखा खींचिए जो l को M पर काटती है।

अब रेखा img13img07 l है।


रूलर और परकार की विधि

निस्संदेह, रूलर और परकार प्रयोग करने की विधि ही एक अच्छी विधि है।

चरण 1 रेखा l और एक बिंदु P दिया है जो l पर स्थित नहीं है।


चरण 2 P को केंद्र मान कर और एक सुविधाजनक त्रिज्या लेकर एक चाप लगाइए जो रेखा l को दो बिंदुओं A और B पर प्रतिच्छेद करे।


चरण 3 समान त्रिज्या का प्रयोग करके A और B को केंद्र मानकर दो चाप खींचिए जो एक दूसरे को बिंदु P के दूसरी तरफ Q पर प्रतिच्छेद करे।



चरण 4 PQ को जोड़िए। तब  ही रेखा l पर वांछित लंब है।




प्रश्नावली 14.4

1. एक रेखाखंड खींचिए। इस पर कोई बिंदु M अंकित कीजिए। M से होकर पर एक लंब, रूलर और परकार द्वारा खींचिए।

2. एक रेखाखंड खींचिए। कोई बिंदु R लीजिए जो पर न हो। R से होकर पर एक लंब खींचिए। (रूलर और सेट स्क्वेयर द्वारा)

3. एक रेखा l खींचिए और उस पर स्थित एक बिंदु X से होकर, रेखा l पर एक लंब रेखाखंड खींचिए।

अब Y से होकर पर एक लंब, रूलर और परकार द्वारा खींचिए।



14.4.3 एक रेखाखंड का लंब समद्विभाजक


एक कागज़ को मोड़िए। मान लीजिए मोड़ का निशान है। कहीं पर स्याही से एक बिंदु X अंकित कीजिए। को दर्पण रेखा (mirror line) मानते हुए X का प्रतिबिंब X' ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए और परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। क्या OX = OX'है ? क्यों ?


इसका अर्थ है कि रेखाखंड को दो बराबर लंबाइयों के भागों में विभाजित करता है। अर्थात् रेखाखंड का समद्विभाजक है। यह भी ध्यान दीजिए कि और समकोण हैं (क्यों?) अत: रेखा रेखाखंड का लंब समद्विभाजक है। आकृति में हम का केवल एक हिस्सा ही देखते हैं। दो बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड का लंब समद्विभाजक उनकी सममित अक्ष (line of symmetry) भी है?


Do_this

(पारदर्शक फीता)

चरण 1 एक रेखाखंड खींचिए।


चरण 2 एक आयताकार पारदर्शक फीते की एक पट्टी को के विकर्णत: इस प्रकार रखें कि इसके किनारे बिंदुओं A और B पर रहें, जैसा कि सामने आकृति में दिखाया गया है।


चरण 3 इसी प्रक्रिया को एक अन्य पट्टी लेकर इस प्रकार दोहराइए कि दूसरी पट्टी विकर्णत: पहली पट्टी को A और B पर काटे। मान लीजिए ये दोनों पट्टियाँ M और N पर भी काटती हैं।



चरण 4 M और N को जोड़िए। क्या रेखाखंड का समद्विभाजक है? मापकर जाँच कीजिए। क्या यह का लंब समद्विभाजक भी है? का मध्य बिंदु कहाँ हैं।


रूलर और परकार द्वारा रचना

चरण 1 किसी भी लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए।


चरण 2 A को केंद्र मानकर, परकार की सहायता से एक वृत्त खींचिए। आपके वृत्त की त्रिज्या के आधे से अधिक होनी चाहिए।


चरण 3 B को केंद्र मानकर और चरण 2 वाली त्रिज्या लेकर एक अन्य वृत्त परकार की सहायता से खींचिए। मान लीजिए वह वृत्त पहले वृत्त को बिंदुओं C और D पर प्रतिच्छेद करता है।


चरण 4 को मिलाइए। यह को O पर प्रतिच्छेद करता है। अपने डिवाइडर का प्रयोग करके जाँच कीजिए कि O रेखाखंड का मध्य बिंदु है। साथ ही, यह भी जाँच कीजिए कि ∠COA और∠COB समकोण हैं। अत:, रेखाखंड रेखाखंड का लंब समद्विभाजक है।


उपरोक्त रचना में, हमें को निर्धारित करने के लिए दो बिंदुओं C और D की आवश्यकता थी। क्या इनको ज्ञात करने के लिए पूरे वृत्तों को खींचने की आवश्यकता है? क्या यह पर्याप्त नहीं है कि इन बिंदुओं को ज्ञात करने के लिए इन वृत्तों के दो छोटे चाप ही खींच लिए जाएँ? वास्तव में, व्यावहारिक रूप में हम यही करते हैं।

Try_these

रूलर और परकार की रचना के चरण 2 में, यदि हम त्रिज्या के आधे से कम लें, तो क्या होगा?



प्रश्नावली 14.5

1. 7.3 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए और उसकी सममित अक्ष ज्ञात कीजिए।

2. 9.5 सेमी लंबा एक रेखाखंड खींचिए और उसका लंब समद्विभाजक खींचिए।

3. एक रेखाखंड का लंब समद्विभाजक खींचिए जिसकी लंबाई 10.3 सेमी है।

(a) इस लंब समद्विभाजक पर कोई बिंदु P लीजिए। जाँच कीजिए कि PX = PY है।

(b) यदि M रेखाखंड का मध्य बिंदु है, तो MX और XY के विषय में आप क्या कह सकते हैं?

4. लंबाई 12.8 सेमी वाला एक रेखाखंड खींचिए। रूलर और परकार की सहायता से इसके चार बराबर भाग कीजिए। मापन द्वारा अपनी रचना की जाँच कीजिए।

5. 6.1 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए और फिर को व्यास मानकर एक वृत्त खींचिए।

6. केंद्र C और त्रिज्या 3.4 सेमी लेकर एक वृत्त खींचिए। इसकी कोई जीवा खींचिए। इस जीवा का लंब समद्विभाजक खींचिए। जाँच कीजिए कि क्या यह वृत्त के केंद्र C से होकर जाता है।

7. प्रश्न 6 को उस स्थिति के लिए दोबारा कीजिए जब एक व्यास है।

8. 4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए। इसकी कोई दो जीवाएँ खींचिए। इन दोनों जीवाओं के लंब समद्विभाजक खींचिए। ये कहाँ मिलते हैं?

9. शीर्ष O वाला कोई कोण खींचिए। इसकी एक भुजा पर एक बिंदु A और दूसरी भुजा पर एक अन्य बिंदु B इस प्रकार लीजिए कि OA = OB है। और के लंब समद्विभाजक खींचिए। मान लीजिए ये P पर प्रतिच्छेद करते हैं क्या PA = PB है?



14.5 कोण



14.5.1 दिए हुए माप का कोण बनाना

मान लीजिए हम 40º का कोण बनाना चाहते हैं। इसके लिए वांछित चरण निम्न हैं:

चरण 1 एक किरण खींचिए।




चरण 2 चाँदे के केंद्र को A पर इस प्रकार रखिए कि इसका शून्य किनारा (0º–0º) किरण के अनुदिश रहे।


चरण 3 B के पास के शून्य (0) से प्रारंभ करते हुए, 40º के सम्मुख, बिंदु C अंकित कीजिए।


चरण 4 AC मिलाकर किरण AC बनाइए। ∠BAC ही वांछित कोण है।



14.5.2 एक दिए हुए कोण के बराबर कोण बनाना

मान लीजिए हमें एक कोण दिया है जिसका माप हमें ज्ञात नहीं है। हम इस कोण के बराबर एक कोण बनाना चाहते हैं। देखिए कि एेसा किस प्रकार किया जाता है।

∠ A दिया है जिसका माप ज्ञात नहीं है।


चरण 1 एक रेखा l खींचिए और उस पर एक बिंदु P अंकित कीजिए।


चर 2 परकार के नुकीले सिरे को A पर रखकर, एक चाप खींचिए जो ∠A  की भुजाओं को B और C पर काटता है।



चरण 3 परकार के फैलाव में बिना कोई परिवर्तन किए, उसके नुकीले सिर को P पर रखकर एक चाप लगाइए जो l को Q पर काटता है।

img08

चरण 4 परकार को लंबाई BC के बराबर खोलिए।


चरण 5 परकार के फैलाव में बिना परिवर्तन किए, उसके नुकीले सिरे को Q पर रखिए और एक चाप लगाइए जो पिछले चाप को R पर काटता है।


चरण 6 PR को मिलाकर किरण PR बनाइए। इससे ∠P प्राप्त होता है।  ∠P ही वांछित कोण है जिसका माप ∠A के बराबर है। इसका अर्थ है कि∠QPR और ∠BAC के माप बराबर हैं।



14.5.3 एक कोण का समद्विभाजक

Do_this

एक कागज़ पर एक बिंदु O अंकित कीजिए। O को प्रारंभिक बिंदु लेकर दो किरणें img09 और img10खींचिए। आपको ∠AOB प्राप्त हो जाता है। इस कागज़ को इस प्रकार मोड़िए कि मोड़ का निशान O से होकर जाए तथा किरणें img09 और  img10 परस्पर संपाती हो जाएँ। मान लीजिए OC मोड़ का निशान है जो हमें कागज़ को खोलने पर प्राप्त होगा।


स्पष्टत: किरण OC कोण ∠AOB की सममित अक्ष है।

∠ AOC और ∠COB को मापिए। क्या ये बराबर हैं? अत:, OC कोण ∠AOB की सममित अक्ष है और ∠AOB  की समद्विभाजक है।

रूलर और परकार द्वारा रचना

मान लीजिए एक कोण ∠A  दिया है।


चरण 1 A को केंद्र मानकर परकार की सहायता से एक चाप लगाइए जो ∠A की किरणों (भुजाओं) को B और C पर काटता है।




चरण 2 B को केंद्र मानकर और BC के आधे से अधिक की त्रिज्या लेकर एक चाप ∠A  के अभ्यंतर में खींचिए।


चरण 3 C को केंद्र मानकर एक चरण 2 वाली त्रिज्या लेकर, ∠A  के अभ्यंतर में एक और चाप लगाइए। मान लीजिए ये दोनों चाप बिंदु D पर प्रतिच्छेद करते हैं तब ही  ∠A का वांछित समद्विभाजक है।


Try_these

उपरोक्त चरण 2 में, यदि हम त्रिज्या BC के आधे से कम लें, तो क्या कोण होगा?



14.5.4 विशेष मापों के कोण

कुछ विशेष मापों के कोणों की रचना करने की कुछ सुंदर और परिशुद्ध विधियाँ हैं, जिनमें चाँदे का प्रयोग नहीं किया जाता है। इनमें से कुछ की चर्चा हम यहाँ करेंगे।

60º के कोण की रचना

चरण 1 एक रेखा l खींचिए और उस पर एक बिंदु O अंकित कीजिए।


चरण 2 परकार के नुकीले सिरे को O पर रखिए और एक सुविधाजनक त्रिज्या लेकर एक चाप खींचिए, जो रेखा l को, मान लीजिए बिंदु A पर काटता है।


चरण 3 अब A को केंद्र मानकर, O से होकर जाता एक चाप खींचिए।



चरण 4 मान लीजिए ये दोनों चाप परस्पर बिंदु B पर काटते हैं। OB को जोड़कर किरण OB बनाइए। तब ∠BOA  ही 60º माप का वांछित कोण है।


30º माप के कोण की रचना

ऊपर दर्शाए अनुसार 60º के कोण की रचना कीजिए। अब इस कोण को समद्विभाजित कीजिए। प्रत्येक कोण 30º का है। मापन द्वारा अपनी रचना की जाँच कीजिए।

Try_these

15º के कोण की रचना आप किस प्रकार करेंगे?

120º के कोण की रचना

120º का कोण 60º के कोण के दोगुने के अतिरिक्त कुछ नहीं है। अत:, इसकी रचना निम्न प्रकार की जा सकती है :

चरण 1 एक रेखा l खींचकर उस पर एक बिंदु O अंकित कीजिए।


चरण 2 परकार का नुकीला सिरा O पर रखकर और एक सुविधाजनक त्रिज्या लेकर एक चाप लगाइए जो रेखा l को A पर प्रतिच्छेद करे।


चरण 3 परकार के फैलाव में बिना कोई परिवर्तन किए और A को केंद्र मान कर एक चाप लगाइए जो पिछले चाप को B पर काटता है।


चरण 4 पुन:, परकार के फैलाव में बिना कोई परिवर्तन किए और B को केंद्र मानकर एक चाप लगाइए जो पहले चाप को C पर काटता है।


चरण 5 OC को जोड़कर किरण OC बनाइए। तब, ∠COA  ही वह कोण है जिसका माप 120º है।

img11

Try_these

150º के कोण की रचना आप किस प्रकार करेंगे?


90º के कोण की रचना

एक रेखा पर उस पर दिए हुए एक बिंदु से होकर एक लंब खींचिए, जो पहले कर चुके हैं। यह वांछित 90º का कोण है।

Try_these

45º के कोण की रचना आप किस प्रकार करेंगे?



प्रश्नावली 14.6

1. 75º माप वाले कोण ∠POQ की रचना कीजिए और इसकी सममित अक्ष खींचिए।

2. 147º माप वाले एक कोण की रचना कीजिए और उसका समद्विभाजक खींचिए।

3. एक समकोण खींचिए और उसके समद्विभाजक की रचना कीजिए।

4. 153º का एक कोण खींचिए और इसके चार बराबर भाग कीजिए।

5. रूलर और परकार की सहायता से निम्न मापों के कोणों की रचना कीजिए :

(a) 60º (b) 30º (c) 90º (d) 120º (e) 45º (f) 135º

6. 45º का एक कोण खींचिए और उसके समद्विभाजक कीजिए।

7. 135º का एक कोण खींचिए और उसे समद्विभाजित कीजिए।

8. 70o का एक कोण खींचिए। इस कोण के बराबर रूलर और परकार की सहायता से एक कोण बनाइए।

9. 40o का एक कोण खींचिए। इसके संपूरक के बराबर एक कोण बनाइए।




हमने क्या चर्चा की?

इस अध्याय में, ज्यामितीय आकारों को खींचने की विभिन्न विधियाँ बताई गई हैं।

1. आकारों की रचना करने के लिए, हम ज्यामिति बक्स में दिए निम्न यंत्रों का प्रयोग करते हैं:

(i) रूलर                       (ii) परकार

(iii) डिवाइडर                 (iv) सेट स्क्वेयर

(v) चाँदा

2. रूलर और परकार की सहायता से निम्न रचनाएँ की जा सकती हैं :

(i) एक वृत्त जब उसकी त्रिज्या की लंबाई दी हो?

(ii) एक रेखाखंड जब उसकी लंबाई दी हो।

(iii) एक रेखाखंड के बराबर रेखाखंड बनाना।

(iv) एक रेखा पर एक बिंदु से लंब खींचना जब वह बिंदु :

(a) रेखा पर स्थित हो। (b) रेखा पर स्थित न हो।

(v) दी हुई लंबाई के रेखाखंड का लंब समद्विभाजक।

(vi) दिए हुए माप का एक कोण।

(vii) दिए हुए कोण के बराबर कोण बनाना।

(viii) दिए हुए कोण का समद्विभाजक।

(ix) कुछ विशेष मापों के कोण, जैसे :
(a) 90º (b) 45º (c) 60º (d) 30º (e) 120º (f) 135º

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