अपने आस - पास हम जो भी आकार ;ेींचमेद्ध देखते हैं वे वक्रों या रेखाओं से बने होते हैं। हम अपने परिवेश में कोने, किनारे, तल, खुली वक्र और बंद वक्र देखते हैं। हम इन्हेंरेखाखंडों, कोणों, त्रिाभुजों, बहुभुजों और वृत्तों में संगठित करते हैं। हम पाते हैं कि ये विभ्िान्न साइज या मापों के होते हैं। आइए, इनकी मापों की तुलना करने की कुछ विध्ियाँ विकसित करें। 5.2 रेखाखंडों का मापना हमने अनेक बार रेखाखंडों को देखा और खींचा है। एक त्रिाभुज तीन रेखाखंडों से बनता है। और एक चतुभुर्ज चार रेखाखंडों से बनता है। एक रेखाखंड ;सपदम ेमहउमदजद्ध एक रेखा ;सपदमद्ध का एक निश्िचत भाग होता है। इससे रेखाखंड को मापना संभव हो जाता है। प्रत्येक रेखाखंड का यह माप ;उमंेनतमद्ध एक अद्वितीय संख्या है, जो उसकी लंबाइर् ;समदहीजेद्ध कहलाती है। हम इस अवधरणा को रेखाखंडों की तुलना करने में प्रयोग करते हैं। दो रेखाखंडों की तुलना करने के लिए, हम उनकी लंबाइयों के बीच एक संबंध् ज्ञात करते हैं। ऐसा अनेक विध्ियों से किया जा सकता है। ;पद्ध देखकर तुलना आप देख सकते हैं कि रेखाखंड ।ठ बड़ा है। परंतु आप अपने सामान्य निणर्य के बारे में सदैव निश्िचत नहीं हो सकते हैं। उदाहरणाथर्, निम्नलिख्िात रेखाखंडों को देख्िाए: इन दोनों रेखाखंडों की लंबाइयों का अंतर इतना स्पष्ट नहीं है। अतः, हमें तुलना करने की अन्य विध्ियों की आवश्यकता है। वास्तव में, संलग्न आकृति में, ।ठ और च्फ की एक ही लंबाइर् है। यह इतना स्पष्ट नहीं है। इसलिए हमें रेखाखंडों की तुलना करने के लिए और अच्छी विध्ियों की आवश्यकता है। ;पपद्ध अक्स द्वारा तुलना ।ठ और ब्क् की तुलना करने के लिए, हम एक अक्स कागश ;जतंबपदह चंचमतद्ध का प्रयोग करते हैं। हम अक्स कागश पर ब्क् का अक्स खींचते हैं और इस अक्स कागश पर बने रेखाखंड को ।ठ पर रखते हैं। क्या अब आप बता सकते हैं कि ।ठ और ब्क् में से कौन बड़ा है? यह विध्ि इस बात पर निभर्र करती है कि हम रेखाखंड का अक्स कितनी शु(ता से खींचते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि आपको किसी और रेखाखंड से तुलना करनी हो, तो उस अन्य रेखाखंड का भी अक्स खींचना पडे़गा। यह कठिन है, क्योंकि जब रेखाखंडों की तुलना करनी रूलर डिवाइडर ध्यान दीजिए कि रूलर पर चिह्न किस प्रकार अंकित हैं। यह 15 बराबर भागों में विभाजित है। प्रत्येक भाग की लंबाइर् 1 सेमी है। इनमें से प्रत्येक भाग को आगे और उपविभाजित ;ेनइ कपअपकमद्ध किया गया है। वैफसे? इस प्रकार उपविभाजित प्रत्येक भाग की लंबाइर् क्या है? प्रत्येक सेंटीमीटर को दस बराबर भागों में उपविभाजित किया गया है। 1 सेमी का प्रत्येक उपविभाजित भाग 1 मिमी है। कितने मिलीमीटरों से एक सेंटीमीटर बनता है? 1 मिमी 0.1 सेमी होता है,1 सेमी त्र 10 मिमी होता है तो हम 2 सेमी और 3 मिमी 2 मिमी 0.2 सेमी होता है, इत्यादि 2.3 सेमी का अथर्को वैफसे लिखेंगे? 7.7 सेमी का क्या अथर् है? होगा 2 सेमी और 3 मिमीमान लीजिए रेखाखंड ।ठ की लंबाइर् मापनी है। रूलर के शून्य चिह्न को । पर रख्िाए। ठ के सम्मुख चिह्न को रूलर पर पढि़ए। इससे रेखाखंड ।ठ की ।ण् ण्ठ लंबाइर् ज्ञात हो जाएगी। मान लीजिए यह लंबाइर् 5.8 सेमी है। हम इसे लंबाइर् ।ठ त्र 5ण्8 सेमी लिख सकते हैं या केवल ।ठ त्र 5ण्8 सेमी लिख सकते हैं। इस प्रिया में भी त्राुटि की संभावना रहती है। रूलर की मोटाइर् के कारण उस पर अंकित चिह्नों को पढ़ने में कठिनाइर् हो सकती है। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए 1.अन्य कौन - सी त्राुटियाँ और कठिनाइयाँ हमारे सम्मुख आ सकती हैं? 2.यदि रूलर पर अंकित चिह्नों को ठीक प्रकार से न पढ़ा जाए, तो किस प्रकार की त्राुटियाँ हो सकती हैं? इनसे वैफसे बचा जा सकता है? आँख की आँख की सही स्िथति स्िथति के कारण त्राुटिआँख कीगलत स्िथति गलत स्िथति सही माप लेने के लिए आँख की स्िथति सही होनीचाहिए। आँख को चिह्न के ठीक ऊपर रखा जाए। अन्यथा तिरछा देखने पर त्राुटि हो सकती है। वस्तु जिसे मापना है। क्या हम इस समस्या से बच सकते हैं? क्या इससे और कोइर् अच्छी विध्ि है? आइए, लंबाइर् मापने के लिए डिवाइडर ;कपअपकमतद्ध का प्रयोग करें। डिवाइडर को खोलिए। इसकी एक भुजा के अंतबिंदु को । पर रख्िाए और दूसरी भुजा के अंतबिंदु को ठ पर रख्िाए। इस पफैलाव में बिना कोइर् परिवतर्न किए, डिवाइडर को रूलर पर इस प्रकार रख्िाए कि एक अंतबिंदु रूलर के शून्य चिह्न पर रहे। अब दूसरे अंतबिंदु के सम्मुख चिह्न को पढि़ए। यही रेखाखंड ।ठ की लंबाइर् है ;नीचे दी आवृफति देख्िाएद्ध।96 1 रेखाखंड की तुलना केवल देखकर करने से क्या हानि है? 2 एक रेखाखंड की लंबाइर् मापने के लिए रूलर की अपेक्षा डिवाइडर का प्रयोग करना क्यों अध्िक अच्छा है? 3 कोइर् रेखाखंड ।ठ खींचिए। । और ठ के बीच स्िथत कोइर् बिंदु ब् लीजिए। ।ठए ठब् और ब्। की लंबाइर् मापिए। क्या ।ठ त्र ।ब् ़ ब्ठ है? ;टिप्पणी: यदि किसी रेखा पर बिंदु ।ए ठए ब् इस प्रकार स्िथत हों कि ।ब् ़ ब्ठ त्र ।ठ है, तो निश्िचत रूप से बिंदु ब् बिंदु । और ठ के बीच स्िथत होता है।द्ध 4 एक रेखा पर बिंदु ।ए ठ और ब् इस प्रकार स्िथत हैं कि ।ठ त्र 5 सेमी, ठब् त्र 3 सेमी और ।ब् त्र 8 सेमी है। इनमें से कौन - सा बिंदु अन्य दोनों बिंदुओं के बीच स्िथत है? 5 जाँच कीजिए कि संलग्न आवृफति में क् रेखाखंड ।ळ का मध्य - बिंदु है। 6 ठ रेखाखंड ।ब् का मध्य - बिंदु है और ब् रेखाखंड ठक् का मध्य बिंदु है, जहाँ ।ए ठए ब् और क् एक ही रेखा पर स्िथत हैं। बताइए कि ।ठ त्र ब्क् क्यों है। 7 पाँच त्रिाभुज खींचिए और उनकी भुजाओं को मापिए। प्रत्येक स्िथति में जाँच कीजिए कि किन्हीं दो भुजाओं की लंबाइयों का योग तीसरी भुजा की लंबाइर् से सदैव बड़ा है। 5.3 कोणμ‘समकोण’ और ‘)जुकोण’ आपने भूगोल ;ळमवहतंचीलद्ध में दिशाओं के बारे में सुना है। हम जानते हैं कि चीन भारत केउत्तर में और श्रीलंका दक्ष्िाण में है। हम यह भी जानते हैं कि सूयर् पूवर् में उदय होता है और पश्िचम में डूबता है। कुल मिलाकर चार दिशाएँ हैं। ये हंैः उत्तर ;छवतजीद्ध ;छद्धएदक्ष्िाण ;ैवनजीद्ध ;ैद्धए पूवर् ;म्ंेजद्ध ;म्द्ध और पश्िचम ;ॅमेजद्ध;ॅद्ध। क्या आप जानते हैं कि उत्तर के विपरीत कौन - सी दिशा है? पश्िचम के विपरीत कौन - सी दिशा है? आप पहले से जो जानते हैं उसे याद कीजिए। अब हम इस ज्ञान का प्रयोग कोणों के कुछ गुणों को सीखने में करेंगे। उत्तर की ओर मुँह करके खडे़ होइए।घड़ी की दिशा ;दक्ष्िाणावतर् दिशाद्ध ;बसवबा.ूपेमद्ध में पूवर् की ओर घूम जाइए। आप एक समकोण ;तपहीज ंदहसमद्ध के बराबर घूम गए हैं। घड़ी की दिशा में एक समकोण और घूमिए। अब आप दक्ष्िाण की ओर मुँह करके खडे़ हैं। यदि आप घड़ी की विपरीत दिशा ;वामावतर् दिशाद्ध ;ंदजप बसवबा.ूपेमद्ध में एक समकोण घूम जाएँ, तो आपका मुँह किस दिशा में होगा? यह पुनः पूवर् है ;क्यों?द्ध निम्नलिख्िात स्िथतियों को देख्िाए: आप उत्तर की ओर घड़ी की दिशा में एक एक अन्य समकोण घूमने पर मुँह किए खडे़ हैं समकोण घूमने पर अब आपअंत में दक्ष्िाण की ओर मुँहपूवर् की ओर मुँह किएकिए खडे़ हैंखड़े हैं उत्तर की ओर मुँह होने से दक्ष्िाण की ओर मुँह होने तक घूमने में, आप दो समकोण घूमगए हैं। क्या यह दो समकोणों के एक घूणर्न के बराबर नहीं है?उत्तर से पूवर् तक का घूमना ;घूणर्नद्ध एक समकोण के बराबरघूमना है।उत्तर से दक्ष्िाण तक का घूमना दो समकोणों के बराबर घूमना है। इसे एक )जुकोण ;ेजतंपहीज ंदहसमद्ध कहते हैं। छै एक सीध्ी रेखा है। दक्ष्िाण की ओर मुँह करके खडे़ होइए। एक )जुकोण के बराबर घूमिए। अब आप किस दिशा में मुँह किए खडे़ हैं?आप उत्तर दिशा की ओर मुँह किए खडे़ हैं।उत्तर से दक्ष्िाण तक घूमने के लिए आप एक )जुकोण के बराबरघूमे हैं। पुनः दक्ष्िाण से उत्तर तक आने में आप एक )जुकोण केबराबर घूमे हैं। इस प्रकार, दो )जुकोणों के बराबर उसी दिशा में घूमने पर आप प्रारंभ्िाक स्िथति में आ जाते हैं। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए: आप अपनी प्रारंभ्िाक स्िथति तक आने के लिए, एक ही दिशा मेंकितने समकोण घूमेंगे? एक ही दिशा में दो )जुकोण ;या चार समकोणद्ध घूमने पर एकचक्कर पूरा हो जाता है। यह एक पूरा चक्कर एक घूणर्न कहलाता है।एक घूणर्न के लिए कोण एक संपूणर् कोण ;बवउचसमजम ंदहसमद्ध कहलाता है। हम इन घूणर्नों ;तमअवसनजपवदेद्ध को एक घड़ी पर देख सकते हैं। जब घड़ी की एक सुइर्एक स्थान से अन्य स्थान पर पहँुचती है, तो वह एक कोण ;ंदहसमद्ध पर घूम जाती ह।ैमान लीजिए घड़ी की एक सुइर् 12 से चलना प्रारंभ करके घूमती हुइर् 12 पर पुनः पहँुचजाती है। क्या उसने एक घूणर्न पूरा नहीं कर लिया है? अतः उसने कितने समकोण घूम लिए हैं? इन उदाहरणों ;आवृफतियोंद्ध को देख्िाए: 12 से 6 तक 6 से 9 तक 1 से 10 तक 11 3एक घूणर्न का एक घूणर्न का एक घूणर्न का24 4 ध्यान दीजिए कि तीन - चैथाइर् घूणर्न के लिए कोण का कोइर् विशेष नाम नहीं है। प्रश्नावली 5.2 1.घड़ी की घंटे वाली सुइर् एक घूणर्न के कितनी भ्िान्न घूम जाती है, जब वह ;ंद्ध 3 से 9 तक पहुँचती है? ;इद्ध 4 से 7 तक पहुँचती है? ;बद्ध 7 से 10 तक पहुँचती है? ;कद्ध 12 से 9 तक पहुँचती है? ;मद्ध 1 से 10 तक पहुँचती है? ;द्धि 6 से 3 तक पहुँचती है? 2.एक घड़ी की सुइर् कहाँ रुक जाएगी, यदि वह 1 ;ंद्ध 12 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में 2 घूणर्न करे? ;इद्ध 2 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में 2 घूणर्न करे? ;बद्ध 5 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में 4 घूणर्न करे? ;कद्ध 5 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में 3 घूणर्न करे?1 1 43ण् आप किस दिशा में देख रहे होंगे यदि आप प्रारंभ में ;ंद्ध पूवर् की ओर देख रहे हों और घड़ी की दिशा में 1 घूणर्न करें?21 ;इद्ध पूवर् की ओर देख रहे हों और घड़ी की दिशा में 1 2 घूणर्न करें? ;बद्ध पश्िचम की ओर देख रहे हों और घड़ी की विपरीत दिशा में 4 घूणर्न करें? ;कद्ध दक्ष्िाण की ओर देख रहे हों और एक घूणर्न करें? ;क्या इस अंतिम प्रश्न के लिए, हमें घड़ी की दिशा या घड़ी की विपरीत दिशा की बात 3 करनी चाहिए? क्यों नहीं? 4.आप एक घूणर्न का कितना भाग घूम जाएँगे, यदि आप ;ंद्ध पूवर् की ओर मुख किए खड़े हों और घड़ी की दिशा में घूमकर उत्तर की ओर मुख कर लें? ;इद्ध दक्ष्िाण की ओर मुख किए खड़े हों और घड़ी की दिशा में घूमकर पूवर् की ओर मुख कर लें? ;बद्ध पश्िचम की ओर मुख किए खडे़ हों और घड़ी की दिशा में घूमकर पूवर् की ओर मुख कर लें? 5.घड़ी की घंटे की सुइर् द्वारा घूमे गए समकोणों की संख्या ज्ञात कीजिए, जब वह ;ंद्ध 3 से 6 तक पहुँचती है। ;इद्ध 2 से 8 तक पहुँचती है। ;बद्ध 5 से 11 तक पहुँचती है। ;कद्ध 10 से 1 तक पहुँचती है। ;मद्ध 12 से 9 तक पहुँचती है। ;द्धि 12 से 6 तक पहुँचती है। 6. आप कितने समकोण घूम जाएँगे, यदि आप प्रारंभ में ;ंद्ध दक्ष्िाण की ओर देख रहे हों और घड़ी की दिशा में पश्िचम की ओर घूम जाएँ? ;इद्ध उत्तर की ओर देख रहे हों और घड़ी की विपरीत ;वामावतर्द्ध दिशा में पूवर् की ओर घूम जाएँ? ;बद्ध पश्िचम की ओर देख रहे हों और पश्िचम की ओर घूम जाएँ? ;कद्ध दक्ष्िाण की ओर देख रहे हों और उत्तर की ओर घूम जाएँ? 7.घड़ी की घंटे वाली सुइर् कहाँ रुकेगी, यदि वह प्रारंभ करे ;ंद्ध 6 से और 1 समकोण घूम जाए? ;इद्ध 8 से और 2 समकोण घूम जाए? ;बद्ध 10 से और 3 समकोण घूम जाए? ;कद्ध 7 से और 2 )जुकोण घूम जाए? 5.4 कोणμ‘न्यून’, ‘अध्िक’ और ‘प्रतिवतीर्’ हमने देखा कि एक समकोण और एक )जुकोण का क्या अथर् है। परंतु जो कोण हमें देखने को मिलते हैं वे सदैव इन दोनों प्रकारों के ही नहीं होते हैं। एक सीढ़ी द्वारा दीवार से ;या पफशर् सेद्ध बनाया गया कोण न तो समकोण है और न ही )जुकोण है। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए क्या कुछ ऐसे कोण हैं जो समकोण से छोटे हैं? क्या कुछ ऐसे कोण हैं जो समकोण से बड़े हैं? क्या आपने बढ़इर् का वगर् देखा है? यह अंगे्रज़्ष्स्ष् जैसा होता है। वह इससे समकोणों की जाँच करता है। आइए, हम भी समकोणों की जाँच के लिए इसी प्रकार के ‘टेस्टर’ ;जमेजमतद्ध को बनाएँ। चरण 3चरण 1 चरण 2 कागश का एक टुकड़ा लीजिए इसे बीच से मोडि़ए सीध्े किनारे पर पुनः मोडि़ए। आपका टेस्टर तैयार है। अपने द्वारा ‘बनाए गए’ समकोण टेस्टर को देख्िाए ;क्या हम इसे त्। टेस्टर कहें?द्ध क्या इसका एक किनारा दूसरे पर सीध खड़ा है? मान लीजिए कोनों वाला कोइर् आकार दिया हुआ है। आप इसके कोनों पर बने कोणों की जाँच त्। टेस्टर द्वारा कर सकते हैं। क्या इसके किनारे एक कागश के कोणों से दिखाइर् देते हैं? यदि हाँ, तो यह एक समकोण दशार्ता है। 1.घड़ी की घंटे वाली सुइर् 12 से 5 तक चलती है। क्या इसका घूणर्न 1 समकोण से अध्िक है? 2.घड़ी पर यह कोण वैफसा दिखता है? घड़ी की घंटे वाली सुइर् 5 से 7 तक चलती है। क्या इस सुइर् द्वारा घूमा गया कोण 1 समकोण से अध्िक है? 3.घड़ी पर सुइयों की स्िथति निम्न प्रकार बनाकर कोणों की जाँच त्। टेस्टर द्वारा कीजिए। ;ंद्ध 12 से 2 तक जाना ;इद्ध 6 से 7 तक जाना ;बद्ध 4 से 8 तक जाना ;कद्ध 2 से 5 तक जाना 4.कोने वाले पाँच भ्िान्न - भ्िान्न आकार लीजिए। कोनों के नाम लिख्िाए। अपने टेस्टर द्वारा इन कोणों की जाँच कीजिए और प्रत्येक स्िथति के परिणाम को एक सारणी के रूप में निम्न प्रकार लिख्िाए: कोने से छोटा से बड़ा । ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ठ ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ब् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् अन्य नाम ऽ समकोण से छोटा कोण न्यूनकोण ;ंबनजम ंनहसमद्ध कहलाता है। ये कोण न्यून कोण हैं: छत का ऊपरी सिरा सी - साॅ ;ेमम.ेंूद्ध पुस्तक खोलना क्या आप देख रहे हैं कि इनमें से प्रत्येक एक घूणर्न के एक - चैथाइर् से छोटा है? अपने त्। टेस्टर से इनकी जाँच कीजिए। ऽ यदि कोइर् कोण एक समकोण से बड़ा और एक )जुकोण से छोटा है, तो वह एक अिाक कोण ;वइजनेम ंदहसमद्ध कहलाता है। ये कोण अध्िक कोण हैं: घर पुस्तक पढ़ने की डेस्क 1 1क्या आप देख सकते हैं कि इनमें से प्रत्येक घूणर्न से अध्िक है और घूणर्न से 4 2कम है? इसकी जाँच करने में आपका त्। टेस्टर सहायता कर सकता है। पिछले उदाहरणों में भी अध्िक कोणों की पहचान कीजिए। ऽ एक प्रतिवतीर् कोण ;तमसिमग ंदहसमद्ध एक )जुकोण से बड़ा होता है और एक संपूणर् कोण से छोटा होता है। यह इस आवृफति में दशार्ए प्रकार का होता है ;घड़ी पर कोण को देख्िाएद्ध। आपने जो इससे पहले आवृृफतियाँ बनाइर् थीं, क्या उनमें प्रतिवतीर् कोण बने थे? आप इनकी जाँच किस प्रकार करेंगे? 1.निम्न को सुमेलित ;उंजबीद्ध कीजिए: ;पद्ध )जुकोण ;ंद्ध 1 घूणर्न से कम4 1;पपद्ध समकोण ;इद्ध घूणर्न से अध्िक2 ;पपपद्ध न्यून कोण ;बद्ध 21 घूणर्न 1;पअद्ध अध्िक कोण ;कद्ध 4 घूणर्न ;अद्ध प्रतिवतीर् कोण ;मद्ध 1 घूणर्न और 1 घूणर्न के बीच में42;द्धि एक पूरा या संपूणर् घूणर्न 2.निम्न में से प्रत्येक कोण को समकोण, )जुकोण, न्यूनकोण, अध्िक कोण या प्रतिवतीर् कोण के रूप में वगीर्वृफत कीजिए: 5.5 कोणों का मापन अपने बनाए गए ष्त्। टेस्टर’ की सहायता से, हमने कोणों की समकोण से तुलना की। इससे हम कोणों को न्यून कोण, अिाक कोण और प्रतिवतीर् कोणों में वगीर्वृफत करने में भी समथर् हो गए थे। परंतु इससे कोणों की परिशु(ता की तुलना नहीं हो पाती है। इससे यह पता नहीं लगता कि दिए हुए दो अध्िक कोणों में कौन बड़ा है। इसलिए, कोणों की तुलना अध्िक परिशु(ता से करने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें ‘माप’ लिया जाए। ऐसा हम एक चाँदे ;चतवजतंबजवतद्ध की सहायता से कर सकते हैं। कोण का माप हम अपनी इस माप को डिगरी माप ;अंश मापद्ध ;कमहतमम उमंेनतमद्ध कहते हैं। एक संपूणर् घूणर्न को 360 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक भाग एक अंश ;कमहतममद्ध कहलाता है। हम तीन सौ साठ अंश कहने के लिए 360व लिखते हैं। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए 1 घूणर्न में कितनी डिगरी हैं? 1 समकोण में कितनी डिगरी हैं?21 )जुकोण में कितनी डिगरी ;अंशद्ध हैं? कितने समकोणों से 180व बनते हैं? कितने समकोणों से 360व बनते हैं? 1.एक चूड़ी की सहायता से एक - एक वृत्ताकार आकृति बनाइए याइसी मान की एक वृत्ताकार शीट लीजिए। 2.इसे दो बार मोडि़ए जिससे दशार्इर् गइर् आकृति प्राप्त हो। इसे एक चतुथा±श ;ुनंकतंदजद्ध कहते हैं। 3.इसे खोल लीजिए। आपको एक अध्र्वृत्त प्राप्त होगा। जिसके बीच में एक मोड़ का निशान है। 4.इस वृत्त को मोड़कर चतुथा±श बना लीजिए। इस चतुथा±श को एक बार पुनः मोड़कर दशार्इर् हुइर्आकृति प्राप्त कीजिए। अब कोण 90° का आध, अथार्त् 45° है। आधर रेखा 5.अब इसे खोल लीजिए। दोनों ओर एक - एक मोड़ का निशान दिखाइर् दे रहा है। आधर रेखा की बाईं ओर वाले पहले मोड़ के निशान पर 45° लिख्िाए। 6.दूसरी ओर वाले मोड़ के निशान पर 90° ़ 45° त्र 135° लिखा जाएगा। 7.कागज को अब़45° तक ;चतुथा±श के आधेद्ध मोडि़ए। अब इसका आध कीजिए। आधर रेखा के बाईं ओर वाला पहला मोड़ का निशान 45° का आधा, अथार्त् 22)° दशार्एगा। 135° के बाईं ओर का कोण 157)° है। चाँदा आपके ज्यामिति बक्स में आपको चाँदा बना बनाया मिल जाएगा। इसके वक्रीय किनारे ;मकहमद्ध को 180 बराबर भागों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक भाग एक अंश ;डिगरीद्ध ;कमहतममद्ध कहलाता है। इस पर चिह्न दाइर्ं ओर से प्रारंभ करके बाइर्ं ओर तक 0व से 180व तक लगे होते हैं। मान लीजिए आप कोइर् कोण ।ठब् को मापना चाहते हैं। 106 ∠ ।ठब् का मापना 1.चाँदे को इस प्रकार रख्िाए कि इसके सीध्े किनारे का मध्य - बिंदु ;आवृफति में डद्ध कोण के शीषर् ठ पर स्िथत हो। 2.चाँदे को इस प्रकार समायोजित कीजिए कि किरण ठब् इस सीध्े किनारे के अनुदिश रहे। 3.चाँदे पर दो ‘स्केल’ ;ेबंसमद्ध हैं: वह स्केल पढि़ए जिससे किरण ठब् चिह्न 0व से मिल रही है। 4.वक्रीय किनारे पर किरण ।ठ द्वारा दश्िार्त चिह्न कोण का अंशीय माप ;कमहतमम उमंेनतमद्ध ज्ञात कराता है। आवृफति में यह 40व है। हम इसे उ ∠ ।ठब् त्र 40व या केवल ∠ ।ठब् त्र 40° लिखते हैं। प्रश्नावली 5.4 1.निम्न के क्या माप हैं: ;पद्ध एक समकोण? ;पपद्ध एक )जुकोण? 2.बताइए सत्य ;ज्द्ध या असत्य ;थ्द्ध: ;ंद्ध एक न्यून कोण का माप ढ 90व है। ;इद्ध एक अध्िक कोण का माप ढ 90व है। ;बद्ध एक प्रतिवतीर् कोण का माप ढ 180व है। ;कद्ध एक संपूणर् घूणर्न का माप त्र 360व है। ∠;मद्ध यदि उ।त्र 53° और उ ढ ठ त्र 35° है, तो उ ∠ । झ उ ∠ ठ है। 3.निम्न के माप लिख्िाए: ;ंद्ध कुछ न्यून कोण ;इद्ध कुछ अध्िक कोण ;प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।द्ध 4.निम्न कोणों को चाँदे से मापिए और उनके माप लिख्िाए: 5.किस कोण का माप बड़ा है? पहले आकलन ;मेजपउंजमद्ध कीजिए और पिफर मापिए। कोण । का माप त्र कोण ठ का माप त्र 6.निम्न दो कोणों में से किस कोण का माप बड़ा है? पहले आकलन कीजिए और पिफर मापन द्वारा पुष्िट कीजिए। 7.न्यून कोण, अध्िक कोण, समकोण या )जुकोण से रिक्त स्थानों को भरिए: ;ंद्ध वह कोण, जिसका माप एक समकोण के माप से कम है, ........................ होता है। ;इद्ध वह कोण, जिसका माप एक समकोण के माप से अध्िक हो, ................... होता है। ;बद्ध वह कोण जिसका माप दो समकोणों के योग के बराबर है .................... होता है। ;कद्ध यदि दो कोणों के मापों का योग समकोण के माप के बराबर है, तो प्रत्येक कोण ............. होता है। ;मद्ध यदि दो कोणों के मापों का योग एक )जुकोण के माप के बराबर है, और इनमें से एक कोण न्यून कोण है, तो दूसरा कोण .................... होना चाहिए। 8.नीचे दी आवृफति में दिए प्रत्येक कोण का माप ज्ञात कीजिए ;पहले देखकर आकलन कीजिए और पिफर चाँदे से मापिए। द्ध: 108 9.नीचे दी प्रत्येक आकृति में घड़ी की सुइयों के बीच के कोण का माप ज्ञात कीजिए: प्रातः 9ः 00 दोपहर 1ः 00 सायं 6ः 00 10.खोज कीजिए: दी हुइर् आवृफति में चाँदा 30व दशार् रहा है। इसी आवृफति को एक आवध्र्न शीशे ;उंहदपलिपदह हसंेेद्ध द्वारा देख्िाए। क्या यह कोण बड़ा हो जाता है? क्या कोण का माप बड़ा हो जाता है? 11.मापिए और प्रत्येक कोण को वगीर्वृफत कीजिए: कोण ∠।व्ठ ∠।व्ब् ∠ठव्ब् ∠क्व्ब् ∠क्व्। ∠क्व्ठ माप प्रकार 5.6 लंब रेखाएँ यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें और उनके बीच का कोण एक समकोण हो, तो वे रेखाएँ एक दूसरे पर लंब ;चमतचमदकपबनसंतद्ध रेखाएँ कहलाती हैं। यदि एक रेखा ।ठ रेखा ब्क् पर लंब है, तो इसे ।ठ ⊥ ब्क् लिखते हैं। सोचिए, चचार् कीजिए और लिख्िाए यदि ।ठ ⊥ ब्क् है, तो हमें क्या यह भी कहना चाहिए कि ब्क् ⊥ ।ठ है? हमारे आस - पास लंब रेखाएँ! आप अपने आस - पास की वस्तुओं में से लंब रेखाओं ;या रेखाखंडोंद्ध के अनेक उदाहरण दे सकते हैं। अंग्रेज़्ाी वणर्माला का अक्षर ज् इनमें से एक है। क्या कोइर् और अक्षर भी है, जो लंबों का उदाहरण है? एक पोस्टकाडर् को लीजिए। क्या इसके किनारे परस्पर लंब हैं? मान लीजिए। डछ बिंदु ड से होकर जाने वाली रेखाखंड ।ठ पर कोइर् रेखा लंब है। क्या रेखा डछ रेखाखंड ।ठ को दो बराबर भागों में विभाजित करती हैं? क्या डछ रेखाखंड ।ठ पर लंब है? इस प्रकार, डछ रेखाखंड ।ठ को समद्विभाजित करती है ;अथार्त् दो बराबर भागों में विभाजित करती हैद्ध और उस पर लंब भी है। इसलिए, हम कहते हैं कि रेखा डछ रेखाखंड ।ठ का लंब समद्विभाजक ;चमतचमदकपबनसंत इपेमबजवतद्ध है। इसकी रचना करना आप बाद में सीखेंगे। प्रश्नावली 5.5 1.निम्नलिख्िात में से कौन लंब रेखाओं के उदाहरण हैं? ;कद्ध मेज के ऊपरी सिरे की आसन्न भुजाएँ़;खद्ध रेल पथ की पटरियाँ ;गद्ध अक्षर स् बनाने वाले रेखाखंड ;घद्ध अक्षर ट बनाने वाले रेखाखंड 2.मान लीजिए रेखाखंड च्फ रेखाखंड ग्ल् पर लंब है। मान लीजिए ये परस्पर बिंदु । पर प्रतिच्छेद करते हैं। ∠च्।ल् की माप क्या है? 3.आपके ज्यामिति बक्स में दो सेट स्क्वेयर हैं। इनके कोनों पर बने कोणों के माप क्या हैं? क्या इनमें कोइर् ऐसी माप है जो दोनों में उभयनिष्ठ है? 4.इस आकृति को ध्यान से देख्िाए। रेखा स रेखा उ पर लंब है। ;कद्ध क्या ब्म् त्र म्ळ है? ;खद्ध क्या रेखा च्म् रेखाखंड ब्ळ को समद्विभाजित करती है? ;गद्ध कोइर् दो रेखाखंडों के नाम लिख्िाए जिनके लिए च्म् लंब समद्विभाजक है। ;घद्ध क्या निम्नलिख्िात सत्य हैं? ;पद्ध ।ब् झ थ्ळ ;पपद्ध ब्क् त्र ळभ् ;पपपद्ध ठब् ढ म्भ् 110 5.7 त्रिाभुजों का वगीर्करण क्या आपको सबसे कम भुजाओं वाले बहुभुज के बारे में याद है? यह एक त्रिाभुज ;जतपंदहसमद्ध है। आइए, विभ्िान्न प्रकार के जो त्रिाभुज हो सकते हैं, उन्हंे देखें। आइए, नीचे दिए हुए त्रिाभुजों के कोणों और भुजाओं को क्रमशः चाँदे और रूलर से मापें। दी हुइर् सारणी में इनकी मापों को भरिए: त्रिाभुज के कोणों की माप आप कोणों के बारे में क्या कह सकते हैं? त्रिाभुज की भुजाओं की माप ;ंद्ध ण्ण्ण्600 ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्600ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्600 ण्ण्ण्ण्ण्ए ;इद्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ;बद्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ;कद्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ;मद्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ;द्धि ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ;हद्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ;ीद्ध ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए सभी कोण बराबर हैं ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् कोण ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ए उपरोक्त कोण, त्रिाभुज और उनकी भुजाओं की मापों को ध्यानपूवर्क देख्िाए। क्या इनके बारे में कोइर् बात कही जा सकती है? आप क्या प्राप्त करते हैं? ऽ त्रिाभुज जिनके सभी कोण बराबर हैं। यदि किसी त्रिाभुज के सभी कोण बराबर हैं, तो इसकी भुजाएँ भी ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् हैं। ऽ त्रिाभुज जिनमें सभी भुजाएँ बराबर हैं। यदि एक त्रिाभुज की सभी भुजाएँ बराबर हैं, तो उसके कोण भी ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् हैं। ऽ त्रिाभुज जिनमें दो कोण बराबर हैं और दो भुजाएँ बराबर हैं। यदि किसी त्रिाभुज की दो भुजाएँ बराबर हैं, तो उसके ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्कोण बराबर होते हैं। ऽ त्रिाभुज जिनमें कोइर् भी दो भुजाएँ बराबर नहीं हैं। यदि किसी त्रिाभुज के कोइर् भी दो कोण बराबर नहीं हैं, तो उसकी कोइर् भी दो भुजाएँ बराबर नहीं होती हैं। यदि किसी त्रिाभुज की तीनों भुजाएँ बराबर नहीं हैं, तो उसके तीनों कोण भी ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् नहीं हैं। कुछ और त्रिाभुज लीजिए और उपरोक्त कथनों की जाँच कीजिए। इसके लिए, हमें त्रिाभुजों के कोण और उनकी भुजाओं को पुनः मापना पडे़गा। त्रिाभुजों को विभ्िान्न श्रेण्िायों में वगीर्वृफत किया गया है और उन्हें विशेष नाम दिए गए हैं। आइए, देखें कि ये क्या हैं। भुजाओं के आधर पर त्रिाभुजों का नामकरण एक त्रिाभुज जिसकी तीनों भुजाएँ बराबर नहीं हों, विषमबाहु त्रिाभुज ;ैबंसमदम जतपंदहसमद्ध कहलाता ख्;बद्धए ;मद्ध, है। एक त्रिाभुज जिसकी दो भुजाएँ बराबर हों, एक समद्विबाहु त्रिाभुज ;प्ेवेबमसमे जतपंदहसमद्ध कहलाता ख्;इद्धए ;द्धि, है। त्रिाभुज जिसकी तीनों भुजाएँ बराबर हों, समबाहु त्रिाभुज ;म्ुनपसंजमतंस जतपंदहसमद्ध कहलाता है। ख्;ंद्धए ;कद्ध, इन परिभाषाओं का प्रयोग करके उन सभी त्रिाभुजों का वगीर्करण112 कीजिए, जिनकी भुजाएँ आप पहले माप चुके हैं। कोणों के आधर पर त्रिाभुजों का नामकरण यदि त्रिाभुज का प्रत्येक कोण 90व से कम हो, तो वह एक न्यूनकोण त्रिाभुज ;ंबनजम ंदहसमक जतपंदहसमद्ध कहलाता है। यदि इसका कोइर् कोण समकोण हो, तो वह त्रिाभुज एक समकोण त्रिाभुज ;तपहीज ंदहसमक जतपंदहसमद्ध कहलाता है। यदि इसका कोइर् कोण 90व से अध्िक हो, तो वह त्रिाभुज एक अध्िक कोण त्रिाभुज ;वइजनेम ंदहसमक जतपंदहसमद्ध कहलाता है।न्यून कोण त्रिाभुज समकोण त्रिाभुज अध्िक कोण त्रिाभुज उपरोक्त परिभाषाओं के अनुसार, उन त्रिाभुजों का वगीर्करण कीजिए जिनके कोण आप पहले माप चुके हैं। इनमें से कितने समकोण त्रिाभुज थे? निम्न के रपफ चित्रा खींचने का प्रयत्न कीजिए: ;ंद्ध एक विषमबाहु न्यूनकोण त्रिाभुज ;इद्ध एक अध्िक कोण समद्विबाहु त्रिाभुज ;बद्ध एक समकोण समद्विबाहु त्रिाभुज ;कद्ध एक विषमबाहु समकोण त्रिाभुज क्या आप सोचते हैं कि निम्न आवृफति खींचना संभव है: ;मद्ध एक अध्िक कोण समबाहु त्रिाभुज? ;द्धि एक समकोण समबाहु त्रिाभुज? ;हद्ध एक त्रिाभुज जिसमें दो समकोण हों? सोचिए, चचार् कीजिए और पिफर अपने निष्कषोंर् को लिख्िाए। प्रश्नावली 5.6 1.निम्नलिख्िात त्रिाभुजों के प्रकार लिख्िाए: ;ंद्ध त्रिाभुज जिसकी भुजाएँ 7 सेमी, 8 सेमी और 9 सेमी हैं। ;इद्ध Δ ।ठब् जिसमें ।ठ त्र 8ण्7 सेमी, ।ब् त्र 7 सेमी और ठब् त्र 6 सेमी है। ;बद्ध Δच्फत् जिसमें च्फ त्र फत् त्र त्च् त्र 5 सेमी है। ;कद्ध Δ क्म्थ् जिसमें उ ∠ क् त्र 90व है। ;मद्ध Δ ग्ल्र् जिसमें उ ∠ ल् त्र 90व और ग्ल् त्र ल्र् है। ;द्धि Δ स्डछ जिसमें उस्त्र 30व∠ए उ ∠ ड त्र 70व और उ ∠ छ त्र 80व है। 2. निम्न का सुमेलन कीजिए: त्रिाभुज के माप त्रिाभुज का प्रकार ;पद्ध समान लंबाइर् की तीन भुजाएँ ;ंद्ध विषमबाहु समकोण त्रिाभुज ;पपद्ध समान लंबाइर् की दो भुजाएँ ;इद्ध समद्विबाहु समकोण त्रिाभुज ;पपपद्ध अलग - अलग लंबाइयों की ;बद्ध अध्िक कोण त्रिाभुज सभी भुजाएँ ;पअद्ध 3 न्यूनकोण ;कद्ध समकोण त्रिाभुज ;अद्ध 1 समकोण ;मद्ध समबाहु त्रिाभुज ;अपद्ध बराबर लंबाइयों की भुजाओं ;द्धि न्यून कोण त्रिाभुज के साथ 1 समकोण ;हद्ध समद्विबाहु त्रिाभुज 3.निम्नलिख्िात त्रिाभुजों में से प्रत्येक का दो प्रकार से नामकरण कीजिए ;आप कोण का प्रकार केवल देखकर ज्ञात कर सकते हैं।द्ध 5 सेमी 8 सेमी 7 सेमी 10 सेमी 5.2 सेमी 10 सेमी 4.माचिस की तीलियों की सहायता से त्रिाभुज बनाने का प्रयत्न कीजिए। इनमें से कुछ आवृफति में दिखाए गए हैं। क्या आप निम्न से त्रिाभुज बना सकते हैं? ;ंद्ध 3 माचिस की तीलियाँ ;इद्ध 4 माचिस की तीलियाँ ;बद्ध 5 माचिस की तीलियाँ ;कद्ध 6 माचिस की तीलियाँ ;ध्यान रख्िाए कि आपको प्रत्येक स्िथति में सभी उपलब्ध् माचिस की तीलियों का उपयोग करना हैद्ध। प्रत्येक स्िथति मेें त्रिाभुज के प्रकार का नाम बताइए। यदि आप त्रिाभुज नहीं बना पाते हैं, तो उसके कारण के बारे में सोचिए। 5.8 चतुभुर्ज आपको याद होगा कि चार भुजाओं का बहुभुज एक चतुभुर्ज ;ुनंकतपसंजमतंसद्ध कहलाता है। 1.दो डंडी लीजिए और उन्हें इस प्रकार रख्िाए कि उनका एक - एक सिरा एक सिरे पर मिले। अब डंडियों के एक अन्य युग्म को इस प्रकार रख्िाए कि उनके सिरे डंडियों के पहले युग्म के स्वतंत्रा सिरों से जुड़ जाएँ। इस प्रकार हमें क्या आवृफति प्राप्त होती है? यह एक चतुभुर्ज है, जो आप सामने देख रहे हैं। इस चतुभुर्ज की भुजाएँ ।ठ ए ठब् ए ऋऋऋए ऋऋऋ हैं। इस चतुभुर्ज के चार कोण हैं। ये ∠ ठ।क्ए ∠ ।क्ब्ए ∠ क्ब्ठए और ऋऋऋऋऋ हैं।इसका एक विकणर् है। अन्य विकणर् कौन सा है? सभी भुजाओं और विकणोंर् की लंबाइयाँ मापिए। सभी कोणों को भी मापिए। 2.जैसा आपने ऊपर ियाकलाप किया है, चार डंडियाँ लेकर देख्िाए कि क्या आप इनसे ऐसा चतुभुर्ज बना सकते हैं जिसमें ;ंद्ध चारों कोण न्यून कोण हैं। ;इद्ध एक कोण अध्िक कोण है। ;बद्ध एक कोण समकोण है। ;कद्ध दो कोण अध्िक कोण हैं। ;मद्ध दो कोण समकोण हैं। ;द्धि विकणर् परस्पर समकोण पर हैं। आयत आपके ज्यामिति बक्स में दो सेट स्क्वेयर हैं। एक 30वदृ60वदृ90व सेट स्क्वेयर है और दूसरा 45वदृ45वदृ90व सेट स्क्वेयर। आप और आपका मित्रा मिलकर इस िया को कर सकते हैं: ;ंद्ध आप दोनों के पास एक - एक 30वदृ60वदृ90व सेट स्क्वेयर है। इनको आवृफति में दशार्ए अनुसार रख्िाए। क्या आप इस प्रकार बने चतुभुर्ज का नाम बता सकते हैं? इसके प्रत्येक कोण का माप क्या है? यह चतुभुर्ज एक आयत ;तमबजंदहसमद्ध है। आयत का एक और गुण जो आप स्पष्ट रूप से यहाँ देख सकते हैं कि इसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। आप अन्य कौन से गुण ज्ञात कर सकते हैं? ;इद्ध यदि अन्य सेट स्क्वेयर 45वदृ45वदृ90व के युग्म का प्रयोग करें, तो आपको एक अन्य चतुभुर्ज प्राप्त होगा। यह एक वगर् ;ेुनंतमद्ध है। क्या आप देख सकते हैं कि सभी भुजाओं की लंबाइयाँ बराबर हैं? आप इसके कोणों और विकणोर्ं के बारे में क्या कह सकते हैं? वगर् के कुछ अन्य गुण ज्ञात करने का प्रयत्न कीजिए। ;बद्ध यदि आप 30वदृ60वदृ90व सेट स्क्वेयरों को आवृफति में दशार्ए अनुसार एक अन्य स्िथति में रखें, तो आपको एक समांतर चतुभुर्ज ;चंतंससमसवहतंउेद्ध प्राप्त होता है। क्या आप देख रहे हैं कि इसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर हैं? क्या इसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं? क्या इसके विकणर् बराबर हैं? ;कद्ध यदि आप चार 30वदृ60वदृ90व सेट स्क्वेयरों का प्रयोग करें, तो आपको एक समचतुभुर्ज ;तीवउइनेद्ध प्राप्त होता है। 116 ;मद्ध यदि आप आवृफति में दशार्ए अनुसार कइर् सेट स्क्वेयरों का प्रयोग करें, तो हमें एक ऐसा चतुभुर्ज प्राप्त होगा जिसकी दो भुजाएँ समांतर होंगी। यह एक समलंब ;जतंचम्रपनउद्ध है। यहाँ आपकी खोजों के सारांश की एक रूपरेखा दी जा रही है। इसे पूरा कीजिए। चतुभुर्ज सम्मुख भुजाएँ समांतर बराबर सभी भुजाएँ बराबर सम्मुख कोणबराबर विकणर् बराबर परस्पर लंब समांतर चतुभुर्ज आयत हाँ हाँ नहीं नहीं हाँ नहीं नहीं वगर् समचतुभुर्ज समलंब नहीं हाँ हाँ प्रश्नावली 5.7 1.सत्य ;ज्द्ध या असत्य ;थ्द्ध कहिए: ;ंद्ध आयत का प्रत्येक कोण समकोण होता है। ;इद्ध आयत की सम्मुख भुजाओं की लंबाइर् बराबर होती है। ;बद्ध वगर् के विकणर् एक दूसरे पर लंब होते हैं। ;कद्ध समचतुभुर्ज की सभी भुजाएँ बराबर लंबाइर् की होती हैं। ;मद्ध समांतर चतुभुर्ज की सभी भुजाएँ बराबर लंबाइर् की होती हैं। ;द्धि समलंब की सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। 2.निम्नलिख्िात के लिए कारण दीजिए: ;ंद्ध वगर् को एक विशेष प्रकार का आयत समझा जा सकता है। ;इद्ध आयत को एक विशेष प्रकार का समांतर चतुभुर्ज समझा जा सकता है। ;बद्ध वगर् को एक विशेष प्रकार का समचतुभर्ुज समझा जा सकता है। ;कद्ध वगर्, आयत, समचतुभर्ुज और समांतर चतुभुर्ज में से प्रत्येक एक चतुभुर्ज भी है। ;मद्ध वगर् एक समांतर चतुभुर्ज भी है। 3.एक बहुभुज सम ;तमहनसंतद्ध होता है, यदि उसकी सभी भुजाएँ बराबर हों और सभी कोणबराबर हों। क्या आप एक सम चतुभुर्ज ;तमहनसंत ुनंकतपसंजमतंसद्ध की पहचान कर सकते हैं? 5.9 बहुभुज अभी तक आपने 3 और 4 भुजाओं वाले बहुभुजों ;चवसलहवदेद्ध का अध्ययन किया है। जिन्हेंक्रमशः त्रिाभुज और चतुभुर्ज कहते हैं। अब हम बहुभुजों की अवधरणा को ऐसी आवृफतियोंके रूप में विस्तृत करने का प्रयत्न करेंगे, जिनमें चार से अध्िक भुजाएँ होंगी। हम बहुभुजों117 को उनकी भुजाओं की संख्याओं के आधर पर निम्न प्रकार वगीर्कृत कर सकते हैं: भुजाओं की संख्या नाम आवृफति 3 त्रिाभुज 4 चतुभर्ुज 5 पंचभुज 6 षड्भुज 8 अष्टभुज आप इस प्रकार के आकार ;ेींचमेद्ध अपने दैनिक जीवन में देखते हैं। ख्िाड़कियाँ, दरवाशे,दीवार, अलमारियाँ, ब्लैकबोडर्, अभ्यास - पुस्ितकाएँ आदि सभी आयत के आकार के होते हैं।पफशर् की टाइल भी आयताकार होती हैं। त्रिाभुज की दृढ़ता वाली प्रवृफति के कारण इस आकारका इंजीनियरिंग निमार्णों में लाभप्रद रूप से प्रयोग किया जाता है। निमार्ण काया±े में त्रिाभुज का अनुप्रयोग होता है। मध्ुमक्खी अपना घर बनाने में षड्भुज के आकार की उपयोगिता जानती हैं। अपने परिवेश में देख्िाए कि आप इन आकारों को कहाँ - कहाँ पा सकते हैं। प्रश्नावली 5.8 1.जाँच कीजिए कि निम्न में से कौन - सी आवृफतियाँ बहुभुज हैं। यदि इनमें से कोइर् बहुभुज नहीं है, तो कारण बताइए। 2.प्रत्येक बहुभुज का नाम लिख्िाए: इनमें से प्रत्येक के दो और उदाहरण बनाइए। 3.एक सम षड्भुज ;तमहनसमत ीमगंहवदद्ध का एक रपफ चित्रा खींचिए। उसके किन्हीं तीन शीषोंऱ्को जोड़कर एक त्रिाभुज बनाइए। पहचानिए कि आपने किस प्रकार का त्रिाभुज खींच लिया है। 4.एक सम अष्टभुज ;तमहनसमत वबजंहवदद्ध का रप़्ाफ चित्रा खींचिए। ख्यदि आप चाहें, तो वगा±कित कागश ;ेुनंतमक चंचमतद्ध का प्रयोग कर सकते हैं।, इस अष्टभुज के ठीक चार शीषोर्ं को जोड़कर एक आयत खींचिए। 5.किसी बहुभुज का विकणर् उसके किन्हीं दो शीषोर्ं ;आसन्न शीषोंर् को छोड़करद्ध को जोड़ने से प्राप्त होता है ;यह इसकी भुजाएँ नहीं होती हंैद्ध। एक पंचभुज का एक रप़्ाफ चित्रा खींचिए और उसके विकणर् खींचिए। 5.10 त्रिाविमीय आकार यहाँ कुछ आकार ;ेींचमेद्ध दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने दैनिक जीवन में देखते हैं। प्रत्येक आकार एक ठोस ;ेवसपकद्ध है। यह एक ‘सपाट ;सिंजद्ध’ आकार नहीं है। यह गेंद एक गोला आइसक्रीम शंकु ;बवदमद्ध यह केन ;बंदद्ध एक बेलन;ेचीमतमद्ध है। के आकार में है। ;बलसपदकमतद्ध है यह बाॅक्स ;इवगद्ध एक यह पासा ;कपमद्ध एक घन यह एक पिरामिड ;चलतंउपकद्ध घनाभ ;बनइवपकद्ध है। का आकार है।;बनइमद्ध है। किन्हीं पाँच वस्तुओं के नाम बताइए जो एक गोले से मिलती - जुलती हों। किन्हीं ऐसी पाँच वस्तुआंे के नाम बताइए जो एक शंकु से मिलती - जुलती हों। पफलक, किनारे और शीषर् अनेक त्रिाविमीय आकारों ;जीतमम कपउमदेपवदंस ेींचमेद्ध में हम उनके पफलकांे, किनारों और शीषो± की सरलता से पहचान कर सकते हैं। इन तीन पदों, अथार्त् पफलक, किनारे और शीषर् से हमारा क्या तात्पयर् है? पफलक पफलकबिंदु पर मिलते हैं, जो घन का शीषर् कहलाता है। सामने एक पि्रश्म ;चतपेउद्ध का चित्रा दिया है। क्या आपने इसे अपनी प्रयोगशाला में देखा है? इसके दो पफलक त्रिाभुज के आकार के हैं। इसलिए यह पि्रज्म एक त्रिाभुजाकार पि्रश्म ;जतपंदहनसनत चतपेउद्ध कहलाता है। यह त्रिाभुजाकार पफलक इसका आधर ;इंेमद्ध भी कहलाता है। इस पि्रश्म के दो सवर्सम ;पकमदजपबंसद्ध त्रिाभुजाकार पफलक हैं। एक आधर और दूसरा ऊपरी ;जवचद्ध सिरा कहलाता है। इन दोनांे पफलकों के अतिरिक्त अन्य पफलक समांतर चतुभुर्ज हैं। यदि पि्रश्म का आधर आयताकार हो, तो यह पि्रश्म एक आयताकार ;तमबजंदहनसंतद्ध पि्रश्म कहलाता है। आयताकार पि्रश्म के लिए क्या आपको याद है कि एक अन्य नाम क्या है? एक पिरामिड वह आकार है जिसमें आधर का पफलक किसी भी बहुभुज के आकार का हो सकता है और शेष पफलक त्रिाभुजाकार होते हैं। सामने की आवृफति में एक वगर् पिरामिड ;ेुनंतम चलतंउपकद्ध का चित्रा दिखाया गया है। इसका आधर एक वगर् है। क्या आप एक त्रिाभुजाकार पिरामिड की कल्पना कर सकते हैं? इसका एक रप़्ाफ चित्रा बनाने का प्रयत्न कीजिए। बेलन, शंकु और गोले में कोइर् सीध किनारा ;ेजतंपहीज मकहमद्ध नहीं होता है। शंकु काआधर क्या है? क्या यह एक वृत्त है? बेलन का आधर भी एक वृत्त है। बेलन का ऊपरी सिराआधर जैसा एक सवर्सम वृत्त है। निःसंदेह, गोले का कोइर् पफलक नहीं है। इसके बारे में सोचिए !1.एक घनाभ एक आयताकार बक्स जैसा है। इसके 6 पफलक हैं। प्रत्येक पफलक के चार किनारे हैं। प्रत्येक पफलक के चार कोने हैं ;जो इसके शीषर् कहलाते हैंद्ध। 2.एक घन ऐसा घनाभ होता है, जिसके सभी किनारे बराबर लंबाइर् के होते हैं। इसके ऋऋऋऋऋऋ पफलक हैं। प्रत्येक पफलक के ऋऋऋऋऋऋ किनारे हैं। प्रत्येक पफलक के ऋऋऋऋऋऋ शीषर् हैं। 3.एक त्रिाभुजाकार पिरामिड का आधर एक त्रिाभुज होता है। यह चतुष्पफलक ;जमजतंीमकतवदद्ध भी कहलाता है। पफलक: ऋऋऋऋऋऋ किनारे: ऋऋऋऋऋऋ कोने: ऋऋऋऋऋऋ 4.एक वगर् पिरामिड का आधर एक वगर् होता है। पफलक: ऋऋऋऋऋऋ किनारे: ऋऋऋऋऋऋ कोने: ऋऋऋऋऋऋ 5.एक त्रिाभुजाकार पि्रश्म प्रायः एक केलाइडोस्कोप ;ज्ञंसमपकवेबवचमद्ध के आकार का होताहै। इसका आधर और ऊपरी सिरा त्रिाभुज के आकार के होते हैं। पफलक: ऋऋऋऋऋऋ किनारे: ऋऋऋऋऋऋ कोने: ऋऋऋऋऋऋ प्रश्नावली 5.9 1.निम्न का सुमेलन कीजिए: ;ंद्ध शंकु ;पद्ध ;इद्ध गोला ;पपद्ध ;बद्ध बेलन ;पपपद्ध ;कद्ध घनाभ ;पअद्ध ;मद्ध पिरामिड ;अद्ध इन आकारों में से प्रत्येक के दो और उदाहरण दीजिए। 2.निम्न किस आकार के हैं? ;ंद्ध आपका ज्यामिति बक्स ;इद्ध एक ईंट ;बद्ध एक माचिस की डिब्बी ;कद्ध सड़क बनाने वाला रोलर ;तवससमतद्ध ;मद्ध एक लड्डू हमने क्या चचार् की? 1.एक रेखाखंड के दोनों अंतःबिंदुओं के बीच की दूरी उसकी लंबाइर् कहलाती है। 2.रेखाखंडों की तुलना करने के लिए एक अंशांकिक रूलर और एक डिवाइडर उपयोगी होते हैं। 3.जब घड़ी की एक सुइर् एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती है, तो हमें कोण का एक उदाहरण प्राप्त होता है। सुइर् का एक पूरा चक्कर 1 घूणर्न कहलाता है। 11 समकोण घूणर्न है और )जुकोण घूणर्न है। कोणों को अंशों ;कमहतममेद्ध में मापने के42 लिए हम चाँदे का प्रयोग करते हैं। समकोण की माप 90व और )जुकोण की माप 180व होती है। एक कोण जिसकी माप समकोण से कम हो, न्यून कोण कहलाता है और जिसकी माप समकोण से अध्िक और )जुकोण से कम हो अध्िक कोण कहलाता है। एक प्रतिवतीर् कोण )जुकोण से बड़ा और संपूणर् कोण से छोटा होता है। 4.दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ परस्पर लंब कहलाती हैं, यदि उनके बीच का कोण 90व हो। 5.एक रेखाखंड का लंब समद्विभाजक उस रेखाखंड पर लंब होता है और उसे दो बराबर भागों में विभाजित करता है। 6.कोणों के आधर पर त्रिाभुजों को निम्न प्रकार वगीर्वृफत किया जाता है: त्रिाभुज के कोणों के प्रकार नाम प्रत्येक कोण न्यून कोण एक कोण समकोण एक कोण अध्िक कोण न्यून कोण त्रिाभुज समकोण त्रिाभुज अध्िक कोण त्रिाभुज 122 7.भुजाओं की लंबाइयों के आधर पर त्रिाभुजों का वगीर्करण निम्न प्रकार होता है: त्रिाभुजों की भुजाओं की लंबाइयाँ नाम तीनों भुजाएँ असमान लंबाइयों वाली दो भुजाओं की लंबाइयाँ बराबर तीनों भुजाओं की लंबाइयाँ बराबर विषमबाहु त्रिाभुज समद्विबाहु त्रिाभुज समबाहु त्रिाभुज 8.बहुभुजों के नाम उनकी भुजाओं की संख्या के आधर पर निम्न प्रकार हैं: भुजाओं की संख्या बहुभुज का नाम 3 त्रिाभुज 4 चतुभुर्ज 5 पंचभुज 6 षड्भुज 8 अष्टभुज 9.चतुभुर्जों को उनके गुणों के आधर पर वगीर्वृफत किया जाता है: गुण चतुभुर्ज का नाम समांतर रेखाओं के दो युग्म 4 समकोण वाला समांतर चतुभुर्ज 4 बराबर भुजाओं वाला समांतर चतुभुर्ज 4 समकोण वाला समचतुभुर्ज समांतर चतुभुर्ज आयत समचतुभुर्ज वगर् 10.हम अपने परिवेश में ;आस - पासद्ध अनेक त्रिाविमीय आकार देखते हैं। इनमें से कुछ घन, घनाभ, गोला, बेलन, शंकु और पिरामिड हैं।

>Chapter_5>


अध्याय 5

प्रारंभिक आकारों को समझना


5.1 भूमिका

अपने आस-पास हम जो भी आकार (shapes) देखते हैं वे वक्रों या रेखाओं से बने होते हैं। हम अपने परिवेश में कोने, किनारे, तल, खुली वक्र और बंद वक्र देखते हैं। हम इन्हें रेखाखंडों, कोणों, त्रिभुजों, बहुभुजों और वृत्तों में संगठित करते हैं। हम पाते हैं कि ये विभिन्न साइज या मापों के होते हैं। आइए, इनकी मापों की तुलना करने की कुछ
विधियाँ विकसित करें।


5.2 रेखाखंडों का मापना

हमने अनेक बार रेखाखंडों को देखा और खींचा है। एक त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बनता है। और एक चतुर्भुज चार रेखाखंडों से बनता है।

एक रेखाखंड (line segment) एक रेखा (line) का एक निश्चित भाग होता है। इससे रेखाखंड को मापना संभव हो जाता है। प्रत्येक रेखाखंड का यह माप (measure) एक अद्वितीय संख्या है, जो उसकी लंबाई (lenghts) कहलाती है। हम इस अवधारणा को रेखाखंडों की तुलना करने में प्रयोग करते हैं।

दो रेखाखंडों की तुलना करने के लिए, हम उनकी लंबाइयों के बीच एक संबंध ज्ञात करते हैं। एेसा अनेक विधियों से किया जा सकता है।

(i) देखकर तुलना

केवल देखकर ही क्या आप बता सकते हैं कि उपरोक्त में से कौन सा रेखाखंड बड़ा है?

आप देख सकते हैं कि रेखाखंड बड़ा है।

परंतु आप अपने सामान्य निर्णय के बारे में सदैव निश्चित नहीं हो सकते हैं। उदाहरणार्थ, निम्नलिखित रेखाखंडों को देखिए :


इन दोनों रेखाखंडों की लंबाइयों का अंतर इतना स्पष्ट नहीं है। अत:, हमें तुलना करने की अन्य विधियों की आवश्यकता है।

वास्तव में, संलग्न आकृति में, और की एक ही लंबाई है। यह इतना स्पष्ट नहीं है।



इसलिए हमें रेखाखंडों की तुलना करने के लिए और अच्छी विधियों की आवश्यकता है।

(ii) अक्स द्वारा तुलना

और की तुलना करने के लिए, हम एक अक्स कागज़ (tracing paper) का प्रयोग करते हैं। हम अक्स कागज़ पर का अक्स खींचते हैं और इस अक्स कागज़ पर बने रेखाखंड को पर रखते हैं।

क्या अब आप बता सकते हैं कि और में से कौन बड़ा है?

यह विधि इस बात पर निर्भर करती है कि हम रेखाखंड का अक्स कितनी शुद्धता से खींचते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि आपको किसी और रेखाखंड से तुलना करनी हो, तो उस अन्य रेखाखंड का भी अक्स खींचना पड़ेगा। यह कठिन है, क्योंकि जब रेखाखंडों की तुलना करनी हो, तो आप सदैव रेखाखंड का अक्स ही नहीं खींचते रहेंगे।

(iii) रूलर और डिवाडर द्वारा तुलना

क्या आप अपने ज्यामिति बक्स में रखी वस्तुओं को पहचानते हैं? अन्य वस्तुओं के अतिरिक्त इनमें एक रूलर (ruler) और एक डिवाइडर भी है।

रूलर


डिवाइडर


ध्यान दीजिए कि रूलर पर चिह्न किस प्रकार अंकित हैं। यह 15 बराबर भागों में विभाजित है। प्रत्येक भाग की लंबाई 1 सेमी है।

इनमें से प्रत्येक भाग को आगे और उपविभाजित (sub divide) किया गया है। कैसे? इस प्रकार उपविभाजित प्रत्येक भाग की लंबाई क्या है?

प्रत्येक सेंटीमीटर को दस बराबर भागों मेें उपविभाजित किया गया है। 1 सेमी का प्रत्येक उपविभाजित भाग 1 मिमी है।

कितने मिलीमीटरों से एक सेंटीमीटर बनता है?

1  मिमी 0 .1  सेमी होता है, 2  मिमी 0 .2  सेमी होता है, इत्यादि 2 .3  सेमी का अर्थ होगा 2  सेमी और 3  मिमी

1 सेमी = 10 मिमी होता है तो हम 2 सेमी और 3 मिमी को कैसे लिखेंगे? 7.7 सेमी का क्या अर्थ है?

मान लीजिए रेखाखंड AB की लंबाई मापनी है। रूलर के शून्य चिह्न को A पर रखिए। B के सम्मुख चिह्न को रूलर पर पढ़िए। इससे रेखाखंड की लंबाई ज्ञात हो जाएगी। मान लीजिए यह लंबाई 5.8 सेमी है। हम इसे लंबाई AB = 5.8 सेमी लिख सकते हैं या केवल AB = 5.8 सेमी लिख सकते हैं।


इस प्रक्रिया में भी त्रुटि की संभावना रहती है। रूलर की मोटाई के कारण उस पर अंकित चिह्नों को पढ़ने में कठिनाई हो सकती है।


सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए


1. अन्य कौन-सी त्रुटियाँ और कठिनाइयाँ हमारे सम्मुख आ सकती हैं?

2. यदि रूलर पर अंकित चिह्नों को ठीक प्रकार से न पढ़ा जाए, तो किस प्रकार की त्रुटियाँ हो सकती हैं? इनसे कैसे बचा जा सकता है?


स्थिति के कारण त्रुटि

सही माप लेने के लिए आँख की स्थिति सही होनी चाहिए। आँख को चिह्न के ठीक ऊपर रखा जाए। अन्यथा तिरछा देखने पर त्रुटि हो सकती है।



क्या हम इस समस्या से बच सकते हैं? क्या इससे और कोई अच्छी विधि है? आइए, लंबाई मापने के लिए डिवाइडर (divider) का प्रयोग करें।

डिवाइडर को खोलिए। इसकी एक भुजा के अंतबिंदु को A पर रखिए और दूसरी भुजा के अंतबिंदु को B पर रखिए। इस फैलाव में बिना कोई परिवर्तन किए, डिवाइडर को रूलर पर इस प्रकार रखिए कि एक अंतबिंदु रूलर के शून्य चिह्न पर रहे। अब दूसरे अंतबिंदु के सम्मुख चिह्न को पढ़िए। यही रेखाखंड AB की लंबाई है (नीचे दी आकृति देखिए)।

Img02

Try_these

1. एक पोस्टकार्ड लीजिए। उपरोक्त तकनीक का प्रयोग करके, इसकी दो आसन्न भुजाओं को मापिए।

2. कोई तीन वस्तुएँ चुनिए जिनके ऊपरी सिरे सपाट हों। डिवाइडर और रूलर का प्रयोग करते हुए, इन ऊपरी सिरों की सभी भुजाओं को मापिए।



प्रश्नावली 5.1

1. रेखाखंड की तुलना केवल देखकर करने से क्या हानि है?

2. एक रेखाखंड की लंबाई मापने के लिए रूलर की अपेक्षा डिवाइडर का प्रयोग करना क्यों अधिक अच्छा है?

3. कोई रेखाखंड खींचिए। A और B के बीच स्थित कोई बिंदु C लीजिए। AB, BC और CA की लंबाई मापिए। क्या AB = AC + CB है?

(टिप्पणी : यदि किसी रेखा पर बिंदु A, B, C इस प्रकार स्थित हों कि AC + CB = AB है, तो निश्चित रूप से बिंदु C बिंदु A और B के बीच स्थित होता है।)

4. एक रेखा पर बिंदु A, B और C इस प्रकार स्थित हैं कि AB = 5 सेमी, BC = 3 सेमी और AC = 8 सेमी है। इनमें से कौन-सा बिंदु अन्य दोनों बिंदुओं के बीच स्थित है?

5. जाँच कीजिए कि संलग्न आकृति में D रेखाखंड का मध्य-बिंदु है।

6. B रेखाखंड का मध्य-बिंदु है और C रेखाखंड का मध्य बिंदु है, जहाँ A, B, C और D एक ही रेखा पर स्थित हैं। बताइए कि AB = CD क्यों है।

7. पाँच त्रिभुज खींचिए और उनकी भुजाओं को मापिए। प्रत्येक स्थिति में जाँच कीजिए कि किन्हीं दो भुजाओं की लंबाइयों का योग तीसरी भुजा की लंबाई से सदैव बड़ा है।


5.3 कोण–‘समकोण’ और ‘ऋजुकोण’


आपने भूगोल (Geography) में दिशाओं के बारे में सुना है। हम जानते हैं कि चीन भारत के उत्तर में और श्रीलंका दक्षिण में है। हम यह भी जानते हैं कि सूर्य पूर्व में उदय होता है और पश्चिम में डूबता है। कुल मिलाकर चार दिशाएँ हैं।

ये हैं : उत्तर (North) (N), दक्षिण (South) (S), पूर्व (East) (E) और पश्चिम (West)(W)।

क्या आप जानते हैं कि उत्तर के विपरीत कौन-सी दिशा है?

पश्चिम के विपरीत कौन-सी दिशा है?

आप पहले से जो जानते हैं उसे याद कीजिए। अब हम इस ज्ञान का प्रयोग कोणों के कुछ गुणों को सीखने में करेंगे।

Do_this

उत्तर की ओर मुँह करके खड़े होइए।


घड़ी की दिशा (दक्षिणावर्त दिशा) (clock-wise) में पूर्व की ओर घूम जाइए।


आप एक समकोण (right angle) के बराबर घूम गए हैं। घड़ी की दिशा में एक समकोण और घूमिए। अब आप दक्षिण की ओर मुँह करके खड़े हैं।

यदि आप घड़ी की विपरीत दिशा (वामावर्त दिशा) (anti clock-wise) में एक समकोण घूम जाएँ, तो आपका मुँह किस दिशा में होगा? यह पुन: पूर्व है (क्यों?)

निम्नलिखित स्थितियों को देखिए :

Img03

उत्तर की ओर मुँह होने से दक्षिण की ओर मुँह होने तक घूमने में, आप दो समकोण घूम गए हैं। क्या यह दो समकोणों के एक घूर्णन के बराबर नहीं है?

उत्तर से पूर्व तक का घूमना (घूर्णन) एक समकोण के बराबर घूमना है।

उत्तर से दक्षिण तक का घूमना दो समकोणों के बराबर घूमना है।

इसे एक ऋजुकोण (straight angle) कहते हैं। NS एक सीधी रेखा है।


दक्षिण की ओर मुँह करके खड़े होइए।

एक ऋजुकोण के बराबर घूमिए।

अब आप किस दिशा में मुँह किए खड़े हैं?

आप उत्तर दिशा की ओर मुँह किए खड़े हैं।


उत्तर से दक्षिण तक घूमने के लिए आप एक ऋजुकोण के बराबर घूमे हैं। पुन: दक्षिण से उत्तर तक आने में आप एक ऋजुकोण के बराबर घूमे हैं। इस प्रकार, दो ऋजुकोणों के बराबर उसी दिशा में घूमने पर आप प्रारंभिक स्थिति में आ जाते हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए :

आप अपनी प्रारंभिक स्थिति तक आने के लिए, एक ही दिशा में कितने समकोण घूमेंगे?

एक ही दिशा में दो ऋजुकोण (या चार समकोण) घूमने पर एक चक्कर पूरा हो जाता है। यह एक पूरा चक्कर एक घूर्णन कहलाता है। एक घूर्णन के लिए कोण एक संपूर्ण कोण (complete angle) कहलाता है।


हम इन घूर्णनों (revolutions) को एक घड़ी पर देख सकते हैं। जब घड़ी की एक सुई एक स्थान से अन्य स्थान पर पहुँचती है, तो वह एक कोण (angle) पर घूम जाती है।

मान लीजिए घड़ी की एक सुई 12 से चलना प्रारंभ करके घूमती हुई 12 पर पुन: पहुँच जाती है। क्या उसने एक घूर्णन पूरा नहीं कर लिया है? अत: उसने कितने समकोण घूम लिए हैं? इन उदाहरणों (आकृतियों) को देखिए :

Img04



Try_these

1. आधे घूर्णन के लिए कोण का नाम क्या है?

2. एक-चौथाई घूर्णन के लिए कोण का नाम क्या है?

3. एक घड़ी पर आधे घूर्णन, एक चौथाई घूर्णन और तीन-चौथाई घूर्णन के लिए पाँच अन्य स्थितियाँ दीजिए।


ध्यान दीजिए कि तीन-चौथाई घूर्णन के लिए कोण का कोई विशेष नाम नहीं है।


प्रश्नावली 5.2


1. घड़ी की घंटे वाली सुई एक घूर्णन के कितनी भिन्न घूम जाती है, जब वह

(a) 3 से 9 तक पहुँचती है? (b) 4 से 7 तक पहुँचती है?

(c) 7 से 10 तक पहुँचती है? (d) 12 से 9 तक पहुँचती है?

(e) 1 से 10 तक पहुँचती है? (f) 6 से 3 तक पहुँचती है?

2. एक घड़ी की सुई कहाँ रुक जाएगी, यदि वह

(a) 12 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में घूर्णन करे?

(b) 2 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में घूर्णन करे?

(c) 5 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में घूर्णन करे?


(d) 5 से प्रारंभ करे और घड़ी की दिशा में घूर्णन करे?

3. आप किस दिशा में देख रहे होंगे यदि आप प्रारंभ में


(a) पूर्व की ओर देख रहे हों और घड़ी की दिशा में घूर्णन करें?

(b) पूर्व की ओर देख रहे हों और घड़ी की दिशा में 1 घूर्णन करें?

(c) पश्चिम की ओर देख रहे हों और घड़ी की विपरीत दिशा में घूर्णन करें?

(d) दक्षिण की ओर देख रहे हों और एक घूर्णन करें?

(क्या इस अंतिम प्रश्न के लिए, हमें घड़ी की दिशा या घड़ी की विपरीत दिशा की बात करनी चाहिए? क्यों नहीं?

4. आप एक घूर्णन का कितना भाग घूम जाएँगे, यदि आप

(a) पूर्व की ओर मुख किए खड़े हों और घड़ी की दिशा में घूमकर उत्तर की ओर मुख कर लें?

(b) दक्षिण की ओर मुख किए खड़े हों और घड़ी की दिशा में घूमकर पूर्व की ओर मुख कर लें?

(c) पश्चिम की ओर मुख किए खड़े हों और घड़ी की दिशा में घूमकर पूर्व की ओर मुख कर लें?

5. घड़ी की घंटे की सुई द्वारा घूमे गए समकोणों की संख्या ज्ञात कीजिए, जब वह

(a) 3 से 6 तक पहुँचती है। (b) 2 से 8 तक पहुँचती है।

(c) 5 से 11 तक पहुँचती है। (d) 10 से 1 तक पहुँचती है।

(e) 12 से 9 तक पहुँचती है। (f) 12 से 6 तक पहुँचती है।

6. आप कितने समकोण घूम जाएँगे, यदि आप प्रारंभ में

(a) दक्षिण की ओर देख रहे हों और घड़ी की दिशा में पश्चिम की ओर घूम जाएँ?

(b) उत्तर की ओर देख रहे हों और घड़ी की विपरीत (वामावर्त) दिशा में पूर्व की ओर घूम जाएँ?

(c) पश्चिम की ओर देख रहे हों और पश्चिम की ओर घूम जाएँ?

(d) दक्षिण की ओर देख रहे हों और उत्तर की ओर घूम जाएँ?

7. घड़ी की घंटे वाली सुई कहाँ रुकेगी, यदि वह प्रारंभ करे

(a) 6 से और 1 समकोण घूम जाए?

(b) 8 से और 2 समकोण घूम जाए?

(c) 10 से और 3 समकोण घूम जाए?

(d) 7 से और 2 ऋजुकोण घूम जाए?



5.4 कोण–‘न्यून’, ‘अधिक’ और ‘प्रतिवर्ती’

हमने देखा कि एक समकोण और एक ऋजुकोण का क्या अर्थ है। परंतु जो कोण हमें देखने को मिलते हैं वे सदैव इन दोनों प्रकारों के ही नहीं होते हैं। एक सीढ़ी द्वारा दीवार से (या फर्श से) बनाया गया कोण न तो समकोण है और न ही ऋजुकोण है।


सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

क्या कुछ एेसे कोण हैं जो समकोण से छोटे हैं?

क्या कुछ एेसे कोण हैं जो समकोण से बड़े हैं?


क्या आपने बढ़ई का वर्ग देखा है? यह अंग्रेज़ी वर्णमाला के अक्षर ‘L’ जैसा होता है। वह इससे समकोणों की जाँच करता है। आइए, हम भी समकोणों की जाँच के लिए इसी प्रकार के ‘टेस्टर’ (tester) को बनाएँ।

Do_this

Img05

अपने द्वारा ‘बनाए गए’ समकोण टेस्टर को देखिए (क्या हम इसे RA टेस्टर कहें?) क्या इसका एक किनारा दूसरे पर सीधा खड़ा है?

मान लीजिए कोनों वाला कोई आकार दिया हुआ है। आप इसके कोनों पर बने कोणों की जाँच RA टेस्टर द्वारा कर सकते हैं।

क्या इसके किनारे एक कागज़ के कोणों से दिखाई देते हैं? यदि हाँ, तो यह एक समकोण दर्शाता है।

Try_these

1. घड़ी की घंटे वाली सुई 12 से 5 तक चलती है। क्या इसका घूर्णन 1 समकोण से अधिक है?


2. घड़ी पर यह कोण कैसा दिखता है? घड़ी की घंटे वाली सुई 5 से 7 तक चलती है। क्या इस सुई द्वारा घूमा गया कोण 1 समकोण से अधिक है?


3. घड़ी पर सुइयों की स्थिति निम्न प्रकार बनाकर कोणों की जाँच RA टेस्टर द्वारा कीजिए।

(a) 12 से 2 तक जाना

(b) 6 से 7 तक जाना

(c) 4 से 8 तक जाना

(d) 2 से 5 तक जाना

4. कोने वाले पाँच भिन्न-भिन्न आकार लीजिए। कोनों के नाम लिखिए। अपने टेस्टर द्वारा इन कोणों की जाँच कीजिए और प्रत्येक स्थिति के परिणाम को एक सारणी के रूप में निम्न प्रकार लिखिए :

Img06

अन्य नाम

  • समकोण से छोटा कोण न्यूनकोण (acute augle) कहलाता है। ये कोण न्यून कोण हैं :
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       क्या आप देख रहे हैं कि इनमें से प्रत्येक एक घूर्णन के एक-चौथाई से छोटा है? अपने RA टेस्टर से इनकी जाँच कीजिए।

  • यदि कोई कोण एक समकोण से बड़ा और एक ऋजुकोण से छोटा है, तो वह एक अधिक कोण (obtuse angle) कहलाता है।

ये कोण अधिक कोण हैं :

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क्या आप देख सकते हैं कि इनमें से प्रत्येक घूर्णन से अधिक है और घूर्णन से कम है? इसकी जाँच करने में आपका RA टेस्टर सहायता कर सकता है।

पिछले उदाहरणों में भी अधिक कोणों की पहचान कीजिए।



  • एक प्रतिवर्ती कोण (reflex angle) एक ऋजुकोण से बड़ा होता है और एक संपूर्ण कोण से छोटा होता है। यह इस आकृति में दर्शाए प्रकार का होता है (घड़ी पर कोण को देखिए)। आपने जो इससे पहले आकृृतियाँ बनाई थीं, क्या उनमें प्रतिवर्ती कोण बने थे? आप इनकी जाँच किस प्रकार करेंगे?

Try_these

1. आप अपने आस-पास देखिए और कोनों पर मिलने वाले किनारों को पहचानिए, जो कोण बना रहे हों। एेसी दस स्थितियाँ लिखिए।

2. एेसी दस स्थितियाँ लिखिए, जहाँ न्यूनकोण बन रहे हों।

3. एेसी दस स्थितियाँ लिखिए, जहाँ समकोण बन रहे हों।

4. एेसी पाँच स्थितियाँ लिखिए, जहाँ अधिक कोण बन रहे हों।

5. एेसी पाँच स्थितियाँ लिखिए, जहाँ प्रतिवर्ती कोण बन रहे हों।


प्रश्नावली 5.3


1. निम्न को सुमेलित (match) कीजिए :

(i) ऋजुकोण      (a) घूर्णन से कम

(ii) समकोण     (b) घूर्णन से अधिक

(iii) न्यून कोण     (c) घूर्णन

(iv) अधिक कोण     (d) घूर्णन

(v) प्रतिवर्ती कोण     (e) घूर्णन और घूर्णन के बीच में

                                (f) एक पूरा या संपूर्ण घूर्णन

2. निम्न में से प्रत्येक कोण को समकोण, ऋजुकोण, न्यूनकोण, अधिक कोण या प्रतिवर्ती कोण के रूप में वर्गीकृत कीजिए :

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5.5 कोणों का मापन

अपने बनाए गए ‘RA टेस्टर’ की सहायता से, हमने कोणों की समकोण से तुलना की। इससे हम कोणों को न्यून कोण, अधिक कोण और प्रतिवर्ती कोणों में वर्गीकृत करने में भी समर्थ हो गए थे।

परंतु इससे कोणों की परिशुद्धता की तुलना नहीं हो पाती है। इससे यह पता नहीं लगता कि दिए हुए दो अधिक कोणों में कौन बड़ा है। इसलिए, कोणों की तुलना अधिक परिशुद्धता से करने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें ‘माप’ लिया जाए। एेसा हम एक चाँदे (protractor) की सहायता से कर सकते हैं।

कोण का माप

हम अपनी इस माप को डिगरी माप (अंश माप) (degree measure) कहते हैं। एक संपूर्ण घूर्णन को 360 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक भाग एक अंश (degree) कहलाता है। हम तीन सौ साठ अंश कहने के लिए 360o लिखते हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए


घूर्णन में कितनी डिगरी हैं? 1 समकोण में कितनी डिगरी हैं?

1 ऋजुकोण में कितनी डिगरी (अंश) हैं? कितने समकोणों से 180o बनते हैं? कितने समकोणों से 360o बनते हैं?

Do_this

1. एक चूड़ी की सहायता से एक वृत्ताकार आकृति बनाइए या इसी मान की एक वृत्ताकार शीट लीजिए।


2. इसे दो बार मोड़िए जिससे दर्शाई गई आकृति प्राप्त हो। इसे एक चतुर्थांश (quadrant) कहते हैं।


3. इसे खोल लीजिए। आपको एक अर्धवृत्त प्राप्त होगा। जिसके बीच में एक मोड़ का निशान है।


4. इस वृत्त को मोड़कर चतुर्थांश बना लीजिए। इस चतुर्थांश को एक बार पुन: मोड़कर दर्शाई हुई आकृति प्राप्त कीजिए। अब कोण 90º का आधा, अर्थात् 45º है।


5. अब इसे खोल लीजिए। दोनों ओर एक-एक मोड़ का निशान दिखाई दे रहा है। आधार रेखा की बाईं ओर वाले पहले मोड़ के निशान पर 45º लिखिए।


6. दूसरी ओर वाले मोड़ के निशान पर 90º + 45º = 135º लिखा जाएगा।


7. कागज़ को अब 45º तक (चतुर्थांश के आधे) मोड़िए। अब इसका आधा कीजिए। आधार रेखा के बाईं ओर वाला पहला मोड़ का निशान 45º का आधा, अर्थात् 22½º दर्शाएगा। 135º के बाईं ओर का कोण 157½º है।



चाँदा

आपके ज्यामिति बक्स में आपको चाँदा बना बनाया मिल जाएगा। इसके वक्रीय किनारे (edge) को 180 बराबर भागों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक भाग एक अंश (डिगरी) (degree) कहलाता है। इस पर चिह्न दाईं या बाईं ओर से प्रारंभ करके क्रमश: बाईं या दाईं ओर तक 0º से 180º तक लगे होते हैं।

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मान लीजिए आप कोई कोण ABC को मापना चाहते हैं।




1. चाँदे को इस प्रकार रखिए कि इसके सीधे किनारे का मध्य-बिंदु (आकृति में M) कोण के शीर्ष B पर स्थित हो।

2. चाँदे को इस प्रकार समायोजित कीजिए कि किरण BC इस सीधे किनारे के अनुदिश रहे।

3. चाँदे पर दो ‘स्केल’ (scale) हैं : वह स्केल पढ़िए जिससे किरण BC चिह्न 0º से मिल रही है।

4. वक्रीय किनारे पर किरण AB द्वारा दर्शित चिह्न कोण का अंशीय माप (degree measure) ज्ञात कराता है।

आकृति में यह 40º है।

हम इसे ABC = 40º या केवल ABC = 40º लिखते हैं।


प्रश्नावली 5.4

1. निम्न के क्या माप हैं :

(i) एक समकोण? (ii) एक ऋजुकोण?

2. बताइए सत्य (T) या असत्य (F) :

(a) एक न्यून कोण का माप < 90º है।

(b) एक अधिक कोण का माप < 90º है।

(c) एक प्रतिवर्ती कोण का माप >180º है।

(d) एक संपूर्ण घूर्णन का माप = 360º है।

(e) यदि m∠a = 53º और m < B = 35º है, तो ∠ A > m ∠ B है।

3. निम्न के माप लिखिए :

(a) कुछ न्यून कोण

(b) कुछ अधिक कोण

(प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।)


4. निम्न कोणों को चाँदे से मापिए और उनके माप लिखिए :

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5. किस कोण का माप बड़ा है?


∠ABC दिया है ∠ABC का मापना


पहले आकलन (estimate) कीजिए और फिर मापिए।


कोण A का माप =

कोण B का माप =

6. निम्न दो कोणों में से किस कोण का माप बड़ा है? पहले आकलन कीजिए और फिर मापन द्वारा पुष्टि कीजिए।


7. न्यून कोण, अधिक कोण, समकोण या ऋजुकोण से रिक्त स्थानों को भरिए :

(a) वह कोण, जिसका माप एक समकोण के माप से कम है, ........................ होता है।

(b) वह कोण, जिसका माप एक समकोण के माप से अधिक हो, ................... होता है।

(c) वह कोण जिसका माप दो समकोणों के योग के बराबर है .................... होता है।

(d) यदि दो कोणों के मापों का योग समकोण के माप के बराबर है, तो प्रत्येक कोण ............. होता है।

(e) यदि दो कोणों के मापों का योग एक ऋजुकोण के माप के बराबर है, और इनमें से एक कोण न्यून कोण है, तो दूसरा कोण .................... होना चाहिए।

8. नीचे दी आकृति में दिए प्रत्येक कोण का माप ज्ञात कीजिए (पहले देखकर आकलन कीजिए और फिर चाँदे से मापिए। ) :

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9. नीचे दी प्रत्येक आकृति में घड़ी की सुइयों के बीच के कोण का माप ज्ञात कीजिए :

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10. खोज कीजिए :

दी हुई आकृति में चाँदा 30º दर्शा रहा है। इसी आकृति को एक आवर्धन शीशे (magnifying glass) द्वारा देखिए। क्या यह कोण बड़ा हो जाता है?


क्या कोण का माप बड़ा हो जाता है?

11. मापिए और प्रत्येक कोण को वर्गीकृत कीजिए :

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5.6 लंब रेखाएँ

यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें और उनके बीच का कोण एक समकोण हो, तो वे रेखाएँ एक दूसरे पर लंब (perpendicular) रेखाएँ कहलाती हैं। यदि एक रेखा AB रेखा CD पर लंब है, तो इसे AB CD लिखते हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए

यदि AB CD है, तो हमें क्या यह भी कहना चाहिए कि CD AB है?

हमारे आस-पास लंब रेखाएँ!

आप अपने आस-पास की वस्तुओं में से लंब रेखाओं (या रेखाखंडों) के अनेक उदाहरण दे सकते हैं। अंग्रेज़ी वर्णमाला का अक्षर T इनमें से एक है। क्या कोई और अक्षर भी है, जो लंबों का उदाहरण है?

एक पोस्टकार्ड को लीजिए। क्या इसके किनारे परस्पर लंब हैं? मान लीजिए। MN बिंदु M से होकर जाने वाली रेखाखंड AB पर कोई रेखा लंब है। क्या रेखा MN रेखाखंड AB को दो बराबर भागों में विभाजित करती हैं?


क्या MN रेखाखंड AB पर लंब है?


इस प्रकार, MN रेखाखंड AB को समद्विभाजित करती है (अर्थात् दो बराबर भागों में विभाजित करती है) और उस पर लंब भी है।

इसलिए, हम कहते हैं कि रेखा MN रेखाखंड AB का लंब समद्विभाजक (perpendicular bisector) है।

इसकी रचना करना आप बाद में सीखेंगे।



प्रश्नावली 5.5

1. निम्नलिखित में से कौन लंब रेखाओं के उदाहरण हैं?

(a) मेज़ के ऊपरी सिरे की आसन्न भुजाएँ

(b) रेल पथ की पटरियाँ

(c) अक्षर L बनाने वाले रेखाखंड

(d) अक्षर V बनाने वाले रेखाखंड

2. मान लीजिए रेखाखंड PQ रेखाखंड XY पर लंब है। मान लीजिए ये परस्पर बिंदु A पर प्रतिच्छेद करते हैं।PAY की माप क्या है?

3. आपके ज्यामिति बक्स में दो सेट स्क्वेयर हैं। इनके कोनों पर बने कोणों के माप क्या हैं? क्या इनमें कोई एेसी माप है जो दोनों में उभयनिष्ठ है?

4. इस आकृति को ध्यान से देखिए। रेखा l रेखा m पर लंब है।

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(a) क्या CE = EG है?

(b) क्या रेखा PE रेखाखंड CG को समद्विभाजित करती है?

(c) कोई दो रेखाखंडों के नाम लिखिए जिनके लिए PE लंब समद्विभाजक है।

(d) क्या निम्नलिखित सत्य हैं?

(i) AC > FG

(ii) CD = GH

(iii) BC < EH


5.7 त्रिभुजों का वर्गीकरण


क्या आपको सबसे कम भुजाओं वाले बहुभुज के बारे में याद है? यह एक त्रिभुज (triangle) है। आइए, विभिन्न प्रकार के जो त्रिभुज हो सकते हैं, उन्हें देखें।

Do_this

आइए, नीचे दिए हुए त्रिभुजों के कोणों और भुजाओं को क्रमश: चाँदे और रूलर से मापें। दी हुई सारणी में इनकी मापों को भरिए :


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उपरोक्त कोण, त्रिभुज और उनकी भुजाओं की मापों को ध्यानपूर्वक देखिए। क्या इनके बारे में कोई बात कही जा सकती है?

आप क्या प्राप्त करते हैं?


  •  त्रिभुज जिनके सभी कोण बराबर हैं।

यदि किसी त्रिभुज के सभी कोण बराबर हैं, तो इसकी भुजाएँ भी ............. हैं।

  • त्रिभुज जिनमें सभी भुजाएँ बराबर हैं।

यदि एक त्रिभुज की सभी भुजाएँ बराबर हैं, तो उसके कोण भी ............. हैं।

  • त्रिभुज जिनमें दो कोण बराबर हैं और दो भुजाएँ बराबर हैं। यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर हैं, तो उसके .............कोण बराबर होते हैं।
  • त्रिभुज जिनमें कोई भी दो भुजाएँ बराबर नहीं हैं। यदि किसी त्रिभुज के कोई भी दो कोण बराबर नहीं हैं, तो उसकी कोई भी दो भुजाएँ बराबर नहीं होती हैं। यदि किसी त्रिभुज की तीनों भुजाएँ बराबर नहीं हैं, तो उसके तीनों कोण भी ............. नहीं हैं।

कुछ और त्रिभुज लीजिए और उपरोक्त कथनों की जाँच कीजिए। इसके लिए, हमें त्रिभुजों के कोण और उनकी भुजाओं को पुन: मापना पड़ेगा।

त्रिभुजों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है और उन्हें विशेष नाम दिए गए हैं। आइए, देखें कि ये क्या हैं।


भुजाओं के आधार पर त्रिभुजों का नामकरण

एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ बराबर नहीं हों, विषमबाहु त्रिभुज (Scalene triangle) कहलाता [(c), (e)] है। एक त्रिभुज जिसकी दो भुजाएँ बराबर हों, एक समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles triangle) कहलाता [(b), (f)] है।

त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ बराबर हों, समबाहु त्रिभुज (Equilateral triangle) कहलाता है। [(a), (d)] इन परिभाषाओं का प्रयोग करके उन सभी त्रिभुजों का वर्गीकरण कीजिए, जिनकी भुजाएँ आप पहले माप चुके हैं।


कोणों के आधार पर त्रिभुजों का नामकरण

यदि त्रिभुज का प्रत्येक कोण 90o से कम हो, तो वह एक न्यूनकोण त्रिभुज (acute angled triangle) कहलाता है। यदि इसका कोई कोण समकोण हो, तो वह त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज (right angled triangle) कहलाता है। यदि इसका कोई कोण 90o से अधिक हो, तो वह त्रिभुज एक अधिक कोण त्रिभुज (obtuse angled triangle) कहलाता है।

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उपरोक्त परिभाषाओं के अनुसार, उन त्रिभुजों का वर्गीकरण कीजिए जिनके कोण आप पहले माप चुके हैं। इनमें से कितने समकोण त्रिभुज थे?


निम्न के रफ चित्र खींचने का प्रयत्न कीजिए :

(a) एक विषमबाहु न्यूनकोण त्रिभुज

(b) एक अधिक कोण समद्विबाहु त्रिभुज

(c) एक समकोण समद्विबाहु त्रिभुज

(d) एक विषमबाहु समकोण त्रिभुज

क्या आप सोचते हैं कि निम्न आकृति खींचना संभव है :

(e) एक अधिक कोण समबाहु त्रिभुज?

(f) एक समकोण समबाहु त्रिभुज?

(g) एक त्रिभुज जिसमें दो समकोण हों?

सोचिए, चर्चा कीजिए और फिर अपने निष्कर्षों को लिखिए।



प्रश्नावली 5.6

1. निम्नलिखित त्रिभुजों के प्रकार लिखिए :

(a) त्रिभुज जिसकी भुजाएँ 7 सेमी, 8 सेमी और 9 सेमी हैं।

(b) △ABC जिसमें AB = 8.7 सेमी, AC = 7 सेमी और BC = 6 सेमी है।

(c) △PQR जिसमें PQ = QR = RP = 5 सेमी है।

(d) △DEF जिसमें m ∠D = 90º है।

(e) △XYZ जिसमें m ∠Y = 90o और XY = YZ है।

(f) △LMN जिसमें m ∠ L = 30o, m ∠M = 70º और m ∠N = 80o है।

2. निम्न का सुमेलन कीजिए :

त्रिभुज के माप                                                            त्रिभुज का प्रकार

(i) समान लंबाई की तीन भुजाएँ                            (a) विषमबाहु समकोण त्रिभुज

(ii) समान लंबाई की दो भुजाएँ                              (b) समद्विबाहु समकोण त्रिभुज

(iii) अलग-अलग लंबाइयों की सभी भुजाएँ           (c) अधिक कोण त्रिभुज

(iv) 3 न्यूनकोण                                                  (d) समकोण त्रिभुज

(v) 1 समकोण                                                      (e) समबाहु त्रिभुज

(vi) 1 अधिक कोण                                               (f) न्यून कोण त्रिभुज

(vii) दो बराबर लंबाइयों की भुजाओं                     (g) समद्विबाहु त्रिभुज

के साथ 1 समकोण

3. निम्नलिखित त्रिभुजों में से प्रत्येक का दो प्रकार से नामकरण कीजिए (आप कोण का प्रकार केवल देखकर ज्ञात कर सकते हैं।)


4. माचिस की तीलियों की सहायता से त्रिभुज बनाने का प्रयत्न कीजिए। इनमें से कुछ आकृति में दिखाए गए हैं। क्या आप निम्न से त्रिभुज बना सकते हैं?


(a) 3 माचिस की तीलियाँ

(b) 4 माचिस की तीलियाँ

(c) 5 माचिस की तीलियाँ

(d) 6 माचिस की तीलियाँ

(ध्यान रखिए कि आपको प्रत्येक स्थिति में सभी उपलब्ध माचिस की तीलियों का उपयोग करना है)।

प्रत्येक स्थिति मेें त्रिभुज के प्रकार का नाम बताइए। यदि आप त्रिभुज नहीं बना पाते हैं, तो उसके कारण के बारे में सोचिए।


5.8 चतुर्भुज

आपको याद होगा कि चार भुजाओं का बहुभुज एक चतुर्भुज (quadrilateral) कहलाता है।

Do_this

1. दो डंडी लीजिए और उन्हें इस प्रकार रखिए कि उनका एक-एक सिरा एक सिरे पर मिले। अब डंडियों के एक अन्य युग्म को इस प्रकार रखिए कि उनके सिरे डंडियों के पहले युग्म के स्वतंत्र सिरों से जुड़ जाएँ। इस प्रकार हमें क्या आकृति प्राप्त होती है?

यह एक चतुर्भुज है, जो आप सामने देख रहे हैं। इस चतुर्भुज की भुजाएँ , , ___, ___ हैं।



इस चतुर्भुज के चार कोण हैं। ये ∠BAD, ∠ADC, ∠DCB, और _____ हैं।

इसका एक विकर्ण है। अन्य विकर्ण कौन सा है? सभी भुजाओं और विकर्णों की लंबाइयाँ मापिए। सभी कोणों को भी मापिए।

2. जैसा आपने ऊपर क्रियाकलाप किया है, चार डंडियाँ लेकर देखिए कि क्या आप इनसे एेसा चतुर्भुज बना सकते हैं जिसमें

(a) चारों कोण न्यून कोण हैं।

(b) एक कोण अधिक कोण है।

(c) एक कोण समकोण है।

(d) दो कोण अधिक कोण हैं।

(e) दो कोण समकोण हैं।

(f) विकर्ण परस्पर समकोण पर हैं।


आयत


Do_this

आपके ज्यामिति बक्स में दो सेट स्क्वेयर हैं। एक 30º–60º–90º सेट स्क्वेयर है और दूसरा 45º–45º–90º सेट स्क्वेयर।

आप और आपका मित्र मिलकर इस क्रिया को कर सकते हैं :

(a) आप दोनों के पास एक-एक 30º–60º–90º सेट स्क्वेयर है। इनको आकृति में दर्शाए अनुसार रखिए। क्या आप इस प्रकार बने चतुर्भुज का नाम बता सकते हैं? इसके प्रत्येक कोण का माप क्या है?

यह चतुर्भुज एक आयत (rectangle) है।

आयत का एक और गुण जो आप स्पष्ट रूप से यहाँ देख सकते हैं कि इसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।

आप अन्य कौन से गुण ज्ञात कर सकते हैं?


(b) यदि अन्य सेट स्क्वेयर 45º–45º–90º के युग्म का प्रयोग करें, तो आपको एक अन्य चतुर्भुज प्राप्त होगा। यह एक वर्ग (square) है।

क्या आप देख सकते हैं कि सभी भुजाओं की लंबाइयाँ बराबर हैं? आप इसके कोणों और विकर्णों के बारे में क्या कह सकते हैं? वर्ग के कुछ अन्य गुण ज्ञात करने का प्रयत्न कीजिए।



(c) यदि आप 30º–60º–90º सेट स्क्वेयरों को आकृति में दर्शाए अनुसार एक अन्य स्थिति में रखें, तो आपको एक समांतर चतुर्भुज (parallelograms) प्राप्त होता है। क्या आप देख रहे हैं कि इसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर हैं? क्या इसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं?

क्या इसके विकर्ण बराबर हैं?


(d) यदि आप चार 30o–60o–90o सेट स्क्वेयरों का प्रयोग करें, तो आपको एक समचतुर्भुज (rhombus) प्राप्त होता है।


(e) यदि आप आकृति में दर्शाए अनुसार कई सेट स्क्वेयरों का प्रयोग करें, तो हमें एक एेसा चतुर्भुज प्राप्त होगा जिसकी दो सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर है।

यह एक समलंब (trapezium) है।


यहाँ आपकी खोजों के सारांश की एक रूपरेखा दी जा रही है। इसे पूरा कीजिए।

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प्रश्नावली 5.7

1 . सत्य (T) या असत्य (F) कहिए :


(a) आयत का प्रत्येक कोण समकोण होता है।

(b) आयत की सम्मुख भुजाओं की लंबाई बराबर होती है।

(c) वर्ग के विकर्ण एक दूसरे पर लंब होते हैं।

(d) समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर लंबाई की होती हैं।

(e) समांतर चतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर लंबाई की होती हैं।

(f) समलंब की सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं।

2 . निम्नलिखित के लिए कारण दीजिए :

(a) वर्ग को एक विशेष प्रकार का आयत समझा जा सकता है।

(b) आयत को एक विशेष प्रकार का समांतर चतुर्भुज समझा जा सकता है।

(c) वर्ग को एक विशेष प्रकार का समचतुर्भुज समझा जा सकता है।

(d) वर्ग, आयत, समचतुर्भुज और समांतर चतुर्भुज में से प्रत्येक एक चतुर्भुज भी है।

(e) वर्ग एक समांतर चतुर्भुज भी है।

3 . एक बहुभुज सम (regular) होता है, यदि उसकी सभी भुजाएँ बराबर हों और सभी कोण बराबर हों। क्या आप एक सम चतुर्भुज (regular quadrilateral) की पहचान कर सकते हैं?



5.9 बहुभुज

अभी तक आपने 3 और 4 भुजाओं वाले बहुभुजों (polygons) का अध्ययन किया है। जिन्हें क्रमश: त्रिभुज और चतुर्भुज कहते हैं। अब हम बहुभुजों की अवधारणा को एेसी आकृतियों के रूप में विस्तृत करने का प्रयत्न करेंगे, जिनमें चार से अधिक भुजाएँ होंगी। हम बहुभुजों को उनकी भुजाओं की संख्याओें के आधार पर निम्न प्रकार वर्गीकृत कर सकते हैं :

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आप इस प्रकार के आकार (shapes) अपने दैनिक जीवन में देखते हैं। खिड़कियाँ, दरवाज़े, दीवार, अलमारियाँ, ब्लैकबोर्ड, अभ्यास-पुस्तिकाएँ आदि सभी आयत के आकार के होते हैं। फर्श की टाइल भी आयताकार होती हैं। त्रिभुज की दृढ़ता वाली प्रकृति के कारण इस आकार का इंजीनियरिंग निर्माणों में लाभप्रद रूप से प्रयोग किया जाता है।

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अपने परिवेश में देखिए कि आप इन आकारों को कहाँ-कहाँ पा सकते हैं।



प्रश्नावली 5.8

1 . जाँच कीजिए कि निम्न में से कौन-सी आकृतियाँ बहुभुज हैं। यदि इनमें से कोई बहुभुज नहीं है, तो कारण बताइए।

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2 . प्रत्येक बहुभुज का नाम लिखिए :


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इनमें से प्रत्येक के दो और उदाहरण बनाइए।

3 . एक सम षड्भुज (reguler hexagon) का एक रफ़ चित्र खींचिए। उसके किन्हीं तीन शीर्षों को जोड़कर एक त्रिभुज बनाइए। पहचानिए कि आपने किस प्रकार का त्रिभुज खींच लिया है।

4 . एक सम अष्टभुज (reguler octagon) का रफ़ चित्र खींचिए। [यदि आप चाहें, तो वर्गांकित कागज़ (squared paper) का प्रयोग कर सकते हैं।] इस अष्टभुज के ठीक चार शीर्षों को जोड़कर एक आयत खींचिए।

5 . किसी बहुभुज का विकर्ण उसके किन्हीं दो शीर्षों (आसन्न शीर्षों को छोड़कर) को जोड़ने से प्राप्त होता है (यह इसकी भुजाएँ नहीं होती हैं)। एक पंचभुज का एक रफ़ चित्र खींचिए और उसके विकर्ण खींचिए।


5.10 त्रिविमीय आकार

यहाँ कुछ आकार (shapes) दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने दैनिक जीवन में देखते हैं। प्रत्येक आकार एक ठोस (solid) है। यह एक ‘सपाट (flat)’ आकार नहीं है।

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किन्हीं पाँच वस्तुओं के नाम बताइए जो एक गोले से मिलती-जुलती हों।

किन्हीं एेसी पाँच वस्तुआें के नाम बताइए जो एक शंकु से मिलती-जुलती हों।


फलक, किनारे और शीर्ष


अनेक त्रिविमीय आकारों (three dimensional shapes) में हम उनके फलकाें, किनारों और शीर्षों की सरलता से पहचान कर सकते हैं। इन तीन पदों, अर्थात् फलक, किनारे और शीर्ष से हमारा क्या तात्पर्य है?

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उदाहरण के लिए, एक घन (cube) को लीजिए।

घन का प्रत्येक ऊपरी सपाट (वर्गाकार) पृष्ठ एक फलक है। इसके दो फलक एक रेखाखंड में मिलते हैं, जो घन का एक किनारा कहलाता है। तीन किनारे एक बिंदु पर मिलते हैं, जो घन का शीर्ष कहलाता है।


सामने एक प्रिज़्म (prism) का चित्र दिया है। क्या आपने इसे अपनी प्रयोगशाला में देखा है? इसके दो फलक त्रिभुज के आकार के हैं। इसलिए यह प्रिज्म एक त्रिभुजाकार प्रिज़्म (triangulur prism) कहलाता है।

यह त्रिभुजाकार फलक इसका आधार (base) भी कहलाता है। इस प्रिज़्म के दो सर्वसम (identical) त्रिभुजाकार फलक हैं। एक आधार और दूसरा ऊपरी (top) सिरा कहलाता है। इन दोनाें फलकों के अतिरिक्त अन्य फलक समांतर चतुर्भुज हैं।

यदि प्रिज़्म का आधार आयताकार हो, तो यह प्रिज़्म एक आयताकार (rectangular) प्रिज़्म कहलाता है। आयताकार प्रिज़्म के लिए क्या आपको याद है कि एक अन्य नाम क्या है?

एक पिरामिड वह आकार है जिसमें आधार का फलक किसी भी बहुभुज के आकार का हो सकता है और शेष फलक त्रिभुजाकार होते हैं।




सामने की आकृति में एक वर्ग पिरामिड (square pyramid) का चित्र दिखाया गया है। इसका आधार एक वर्ग है। क्या आप एक त्रिभुजाकार पिरामिड की कल्पना कर सकते हैं? इसका एक रफ़ चित्र बनाने का प्रयत्न कीजिए।

बेलन, शंकु और गोले में कोई सीधा किनारा (straight edge) नहीं होता है। शंकु का आधार क्या है? क्या यह एक वृत्त है? बेलन का आधार भी एक वृत्त है। बेलन का ऊपरी सिरा आधार जैसा एक सर्वसम वृत्त है। नि:संदेह, गोले का कोई फलक नहीं है। इसके बारे में सोचिए !

Do_this

1. एक घनाभ एक आयताकार बक्स जैसा है। इसके 6 फलक हैं। प्रत्येक फलक के चार किनारे हैं। प्रत्येक फलक के चार कोने हैं (जो इसके शीर्ष कहलाते हैं)।


2. एक घन एेसा घनाभ होता है, जिसके सभी किनारे बराबर लंबाई के होते हैं।


इसके ______ फलक हैं।

प्रत्येक फलक के ______ किनारे हैं।

प्रत्येक फलक के ______ शीर्ष हैं।


3. एक त्रिभुजाकार पिरामिड का आधार एक त्रिभुज होता है। यह चतुष्फलक (tetrahedron) भी कहलाता है।


फलक : ______

किनारे : ______

कोने : ______

4. एक वर्ग पिरामिड का आधार एक वर्ग होता है।


फलक : ______

किनारे : ______

कोने : ______

5. एक त्रिभुजाकार प्रिज़्म प्राय: एक केलाइडोस्कोप (Kaleidoscope) के आकार का होता है। इसका आधार और ऊपरी सिरा त्रिभुज के आकार के होते हैं।


फलक : ______

किनारे : ______

कोने : ______



प्रश्नावली 5.9

1. निम्न का सुमेलन कीजिए :

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इन आकारों में से प्रत्येक के दो और उदाहरण दीजिए।

2. निम्न किस आकार के हैं?

(a) आपका ज्यामिति बक्स

(b) एक ईंट

(c) एक माचिस की डिब्बी

(d) सड़क बनाने वाला रोलर (roller)

(e) एक लड्डू



हमने क्या चर्चा की?

1. एक रेखाखंड के दोनों अंत:बिंदुओं के बीच की दूरी उसकी लंबाई कहलाती है।

2. रेखाखंडों की तुलना करने के लिए एक अंशांकिक रूलर और एक डिवाइडर उपयोगी होते हैं।

3. जब घड़ी की एक सुई एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती है, तो हमें कोण का एक उदाहरण प्राप्त होता है।

सुई का एक पूरा चक्कर 1 घूर्णन कहलाता है।

समकोण घूर्णन है और ऋजुकोण घूर्णन है। कोणों को अंशों (degrees) में मापने के लिए हम चाँदे का प्रयोग करते हैं।


समकोण की माप 90o और ऋजुकोण की माप 180o होती है। एक कोण जिसकी माप समकोण से कम हो, न्यून कोण कहलाता है और जिसकी माप समकोण से अधिक और ऋजुकोण से कम हो अधिक कोण कहलाता है।

एक प्रतिवर्ती कोण ऋजुकोण से बड़ा और संपूर्ण कोण से छोटा होता है।

4. दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ परस्पर लंब कहलाती हैं, यदि उनके बीच का कोण 90o हो।

5. एक रेखाखंड का लंब समद्विभाजक उस रेखाखंड पर लंब होता है और उसे दो बराबर भागों में विभाजित करता है।

6. कोणों के आधार पर त्रिभुजों को निम्न प्रकार वर्गीकृत किया जाता है :

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7. भुजाओं की लंबाइयों के आधार पर त्रिभुजों का वर्गीकरण निम्न प्रकार होता है :

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8. बहुभुजों के नाम उनकी भुजाओं की संख्या के आधार पर निम्न प्रकार हैं :

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9. चतुर्भुजों को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है :

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10. हम अपने परिवेश में (आस-पास) अनेक त्रिविमीय आकार देखते हैं। इनमें से कुछ घन, घनाभ, गोला, बेलन, शंकु और पिरामिड हैं।

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