एक घर कर बैठे तो पिफर और कइर् घर यही करने लगते हैं। पानी की कमी और बढ़ जाती है। शहरों में तो अब कइर् चीजों की तरह पानी भी बिकने लगा है। यह़कमी गाँव शहरों में ही नहीं बल्िक हमारे प्रदेशों की राजधानियों में और दिल्ली, मुंबइर्, कोलकाता, चेन्नइर् और बैंगलोर जैसे बड़े शहरों में भी लोगों को भयानक कष्ट में डाल देती है। देश के कइर् हिस्सों में तो अकाल जैसी हालत बन जाती है। यह तो हुइर् गमीर् के मौसम की बात। भंडार समृ( होता जाता है। पानी का यह खजाना हमें दिखता नहीं, लेकिन इसी खजाने से हम बरसात का मौसम बीत जाने के बाद पूरे साल भर तक अपने उपयोग के लिए घर में, खेतों में, पाठशाला में पानी निकाल सकते हैं। हमारी यह ध्रती भी इसी तरह की खूब बड़ी गुल्लक है। मिट्टðी की बनी इस विशाल गुल्लक में प्रकृति वषार् के मौसम में खूब पानी बरसाती है। तब रुपयों से भी कइर् गुना कीमती इस वषार् को हमें इस बड़ी गुल्लक में जमा कर लेना चाहिए। हमारे गाँव में, शहर में जो छोटे - बड़े तालाब, झील आदि हैं वे ध्रती की गुल्लक में पानी भरने का काम करते हैं। इनमें जमा पानी जमीन के नीचे छिपे जल के भंडार में ध्ीरे - ध्ीरे रिसकर, छनकर जा मिलता है। इससे हमारा भूजल तुम्हारे आस - पास अपने आस - पास के बड़ों से पूछकर पता लगाओμ 1.तुम्हारे घर में पानी कहाँ से आता है? 2.तुम्हारे घर का मैला पानी बहकर कहाँ जाता है? 3.;कद्ध तुम्हारे इलाके में ध्रती के अंदर का पानी कितने प़्ाफीट या कितने हाथ नीचे है? ;खद्ध आज से पंद्रह वषर् पहले यह पानी कितना नीचा था? अनुमान लगाओ पाठ के आधर पर बताओμ 1.अपने घर के नल के पाइप में मोटर लगवाना दूसरों का हक छीनने के बराबर है। लेखक ऐसा क्यों मानते हैं? 2.बड़ी संख्या में इमारतें बनने से बाढ़ और अकाल का खतरा वैफसे पैदा होता है? 3.ध्रती की गुल्लक किन - किन साध्नों से भरती है? यदि हाँ तो..1.क्या तुम्हारे इलाके में कभी बाढ़ आइर् है? यदि हाँ, तो उसके बारे में लिखो। 2.क्या तुम्हारे घर में पानी वुफछ ही घंटों के लिए आता है? यदि हाँ, तो बताओ कि वैफसे तुम्हारे परिवार की दिनचयार् नल में पानी आने के साथ बँधी होती है? 3.क्या तुम्हारे मोहल्ले में रोज़्ामरार् की ज़्ारूरतें पूरी करने के लिए लोगों को पानी खरीदना पड़ता है? यदि हाँ, तो बताओ कि तुम्हारे घर में रोज़्ा औसतन कितने लीटर पानी खरीदा जाता है? इस पर कितना खचार् होता है? संकट क्यों? 1.पाठ में पानी के संकट के किस प्रमुख कारण की बात की गइर् है? 2.पानी के संकट का एक और मुख्य कारण पानी की प्ि़़ाफजूलखचीर् भी है। कक्षा में पाँच - पाँच के समूह में बातचीत करो और बताओ कि अपनी रोजमरार् की ¯ज़्ादगी में पानी की बचत करने के लिए़तुम क्या - क्या उपाय कर सकते हो? 3.जितना उपलब्ध् है, उससे कहीं ज़्यादा खचर् करने से पानी का संकट उत्पÂ होता है। क्या यही बात हम बिजली के संकट के बारे में भी कह सकते हैं? पानी का चक्कर - भाषा का चक्कर 1.पानी की समस्या या बचत से संबंध्ित पोस्टर और नारे तैयार करो। यह काम तुम चार - चार के समूह में कर सकते हो। 2.फ्पानी की बबार्दी, सबकी बबार्दीय् इस नारे में ‘बबार्दी’ शब्द का एक अथर् है या दो अलग अथर् हैं? सोचो। 3.पानी हमारी ज्ि़ांदगी में महत्वपूणर् तो है ही, मुहावरों की दुनिया में भी उसकी खास जगह है। पानी से संबंध्ित वुफछ मुहावरे इकट्टेòकरो और उनका उचित संदभर् में प्रयोग करो।

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