खता कारीगर की महाराज साहब, न इसमें खता मेरी, या मेरा करतब! बुलाया गया, कारीगर झट वहाँ पर, बिठाया गया, कारीगर झट वहाँ पर। कहा राजा ने - कारीगर को सशा दो, खता इसकी है आज इसको कज़ ा दो। कहा कारीगर ने, ज़रा की न देरी, महाराज! इसमें खता वुफछ न मेरी। यह भ्िाश्ती की गलती यह उसकी शरारत, किया गारा गीला उसी की यह गप़्कहा राजा ने - जल्द भ्िाश्ती बुलाओ। पकड़ कर उसे जल्द पफाँसी चढ़ाओ। चला आया भ्िाश्ती, हुइर् वुफछ न देरी, कहा उसनेμइसमें खता वुफछ न मेरी। यह गलती है जिसने मशक को बनाया, कि ज़्यादा ही जिसमें था पानी समाया। मशकवाला आया, हुइर् वुफछ न देरी, कहा उसने इसमें खता वुफछ न मेरी। यह मंत्राी की गलती, है मंत्राी की गप़्उन्हीं की शरारत, उन्हीं की है हिकमत। बड़े जानवर का था चमड़ा दिलाया, चुराया न चमड़ा मशक को बनाया। बड़ी है मशक खूब भरता है पानी, ये गलती न मेरी, यह गलती बिरानी। है मंत्राी की गलती तो मंत्राी को लाओ, हुुआ हक्म मंत्राी को पफाँसी चढ़ाओ। चले मंत्राी को लेके जल्लाद पफौरन,़चढ़ाने को पफाँसी उसी दम उसी क्षण। मगर मंत्राी था इतना दुबला दिखाता, न गदर्न में पफाँसी का पंफदा था आता। कहा राजा ने जिसकी मोटी हो गदर्न, पकड़ कर उसे पफाँसी दो तुम इसी क्षण। चले संतरी ढूँढ़ने मोटी गदर्न, मिला चेला खाता था हलुआ दनादन। कहा संतरी ने चलें आप पफौरन,़महाराज ने भेजा न्यौता इसी क्षण। बहुत मन में खुश हो चला आज चेला, कहा आज न्यौता छवँूफगा अकेला!! मगर आके पहँचा तो देखा झमेला,ुवहाँ तो जुड़ा था अजब एक मेला। टके की बात 1ण् टका पुराने ज़्ामाने का सिक्का था। अगर आजकल सब चीशें एक रुपया किलो मिलने लगें तो उससे किस तरह के प़्ाफायदे और नुकसान होंगे? 2ण् भारत में कोइर् चीश खरीदने - बेचने के लिए ‘रुपये’ का इस्तेमाल होता है और बांग्लादेश में ‘टके’ का। ‘रुपया’ और ‘टका’ क्रमशः भारत और बांग्लादेश की मुद्राएँ हैं। नीचे लिखे देशों की मुद्राएँ कौन - सी हैं? सउफदी अरब जापान Úांस इटली इंग्लैंड कविता की कहानी 1. इस कविता की कहानी अपने शब्दों में लिखो। 2.क्या तुमने कोइर् और ऐसी कहानी या कविता पढ़ी है जिसमें सूझबूझ से बिगड़ा काम बना हो, उसे अपनी कक्षा में सुनाओ। 3.कविता को ध्यान से पढ़कर ‘अंधेर नगरी’ के बारे में वुफछ वाक्य लिखो। ;सड़वेंफ, बाज़्ाार, राजा का राजकाजद्ध 4.क्या ऐसे देश को ‘अंध्ेर नगरी’ कहना ठीक है? अपने उत्तर का कारण भी बताओ। कविता की बात 1. फ्प्रजा खुश हुइर् जब मरा मूखर् राजा।य् ;कद्ध अँध्ेर नगरी की प्रजा राजा के मरने पर खुश क्यों हुइर्? ;खद्ध यदि वे राजा से परेशान थे तो उन्होंने उसे खुद क्यों नहीं हटाया? आपस में चचार् करो। 2. फ्गुरु का कथन, झूठ होता नहीं है।य् ;1द्ध गुरुजी ने क्या बात कही थी? ;2द्ध राजा यह बात सुनकर पफाँसी पर लटक गया। तुम्हारे विचार से गुरुजी ने जो बात कही, क्या वह सच थी? अलग तरह से ऽ अगर कविता ऐसे शुरु हो तो आगे किस तरह बढ़ेगी? थी बिजली और उसकी सहेली थी बदली क्या होता यदि ..1.मंत्राी की गदर्न पँफदे के बराबर की होती? 2.राजा गुरुजी की बातों में न आता? 3.अगर संतरी कहता कि फ्दीवार इसीलिए गिरी क्योंकि पोली थीय् तो महाराज किस - किस को बुलाते? आगे क्या होता? शब्दों की छानबीन 1.नीचे लिखे वाक्य पढ़ो। जिन शब्दों के नीचे रेखा ख्िांची है, उन्हें आजकल वैफसे लिखते हैं, यह भी बताओ। ;कद्ध न जाने की अंध्ेर हो कौन छन में! ;खद्ध गुरु ने कहा तेज ग्वालिन ऩभग री! ;गद्ध इसी से गिरी, यह न मोटी घनी थी! ;घद्ध ये गलती न मेरी, यह गलती बिरानी! ़;डद्ध न ऐसी महूरत बनी बढि़या जैसी 2.चमाचम थी सड़वेंफ ... इस पंक्ित में ‘चमाचम’ शब्द आया है। नीचे लिखे शब्दों को पढ़ो और दिए गए वाक्यों में ये शब्द भरोμ पटापट चकाचक पफटापफट चटाचट झकाझक खटाखट चटपट ऽ आँधी के कारण पेड़ से ................पफल गिर रहे हैं। ऽ हंसा अपना सारा काम ................कर लेती है। आज रहमान ने ................सप्ऽ उस भुक्खड़ ने न्न्óखा डाले। ऽ सारे बतर्न धुलकर हो गए। ऽ ़ोफद वुफतार् पाजामा पहना है। ................सारे लî

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