अब्दुल छु‘ी के दिन बगीचे की देखभाल में अपने अब्बू की मदद करने गया। अब्बू आज मटर की क्यारियों में से सूखे पत्ते और जंगली घास निकाल कर एक जगह जमा कर रहे थे। अब्दुल भी पास की एक क्यारी में से घास खींचने लगा। वह घास के पौध्े को आसानी से नहीं खींच पा रहा था। दो - तीन घास के पौध्े खींचते ही उसके हाथ लाल हो गए। खींचने के चक्कर में बेल के सहारे के लिए जो डंडी लगी थी, गिर गइर्। और तो और मटर की नाशुक बेल भी टूट गइर्। अब्बू ने कहा, फ्तुम घास के पौध्े क्यों खींच रहे हो? घास की जड़ें बहुत मशबूत होती हैं। तुम्हें इन्हें खोदकर निकालना पड़ेगा।य् अब्दुल ने खुरपी से वुफछ घास के पौधें को उखाड़ना चाहा, पर मुश्िकल था। उसने देखा कि घास का पौध जितना बड़ा शमीन के उफपर था, उससे कहीं श्यादा शमीन के नीचे पैफला हुआ था। झ् घास का छोटा - सा पौध भी आसानी से क्यों नहीं निकल पाया, जबकि मटर की बेल के सहारे के लिए लगी डंडी एक झटके में गिर गइर्? झ् क्या सभी पौधें की जड़ें होती हैं? झ् अपने आस - पास वुफछ पेड़ - पौध्े देखो। अंदाशा लगाओ, इनकी जड़ें कितनी गहरी होंगी? झ् तीन दिन बाद अब्दुल ने देखा कि मटर के पौध्े का टूटा हुआ एक हिस्सा सूख गया था। चित्रा को देखो। अंदाशा लगाओ, पौध्े का कौन - सा हिस्सा सूखा होगा? क्यों? अब्दुल को याद आया कि सलाद के लिए वुफछ मूलियाँ निकालनी हैं। अब्दुल मूलियाँ उखाड़ने लगा। उसने सोचाμक्या ये भी जड़ें हैं? अभी अब्दुल ने वुफछ ही मूलियाँ उखाड़ी थीं कि बहुत तेज आँध्ी - बारिश होने लगी। उन्होंने मूलियों को उठाया और घर की ओर भागे। वे अभी घर पहुँचे ही थे कि अचानक आँगन में खड़े नीम के पेड़ की टहनी टूट कर गिर गइर्। अब्बू बाल - बाल बचे। वे दोनों अम्मा के साथ चाय पीने बैठ गए। अब्बू बोले, फ्पौध्े सूखे जा रहे थे। अब बारिश हो गइर् है, सो हमें पौधें को पानी देने की शरूरत नहीं है। अब हम आराम से बैठकर लूडो खेल सकते हैं।य् झ् तुम क्या सोचते हो कि तेश आँध्ी के बावशूद नीम का पेड़ क्यों नहीं गिरा? झ् मुरझाए हुए पौधें को पानी देने से उनकी पिायाँ पिफर से हरी हो जाती हैं। वैफसे? झ् तुम्हें क्या लगता है, क्या सभी पौधें को पानी चाहिए? झ् तुम्हारे आस - पास किन पौधें को नियमित रूप से पानी देने की शरूरत होती है? झ् अगर इन पौधें को पानी न दें, तो क्या होगा? झ् अब्दुल का ध्यान इस बात पर गया कि उसने तो कभी नीम के पेड़ को पानी नहीं दिया। उसने सोचा, फ्नीम के पेड़ को पानी मिलता कहाँ से है?य् झ् तुम्हारे आस - पास ऐसे कौन - से पेड़ - पौध्े हैं, जिन्हें पानी देने की शरूरत नहीं पड़ती। उन्हें पानी कहाँ से मिलता है? कोइर् दो अंदाश लगाओ। आस - पास झ् अब्दुल को यह सोचकर आश्चयर् हुआ, क्या मूली भी जड़ है। क्यों? झ् नीचे दिए गए चित्रा को देखो। पता लगाओ, इनमें कौन - सी सब्िशयाँ पौधें की जड़ें हैं। सवाल ही सवाल आजकल तो अब्दुल के दिमाग में पौधे ही घूमते हैं। उनके बारे में अनेकों सवाल उठते हैं। स्वूफल की दीवार से एक पौधा निकलते देखकर अब्दुल सोचने लगाμ झ् इस पौध्े की जड़ें कहाँ तक जा रही होंगी? झ् इसकी जड़ों को पानी कहाँ से मिलता होगा? झ् यह पौध कितना बड़ा होगा? झ् दीवार का क्या होगा? झ् सामने के चित्रा में दिखाए गए पौध्े को पहचानो और नाम बताओ? अध्यापक के लिएμ पौध्े जड़ों द्वारा पानी वैफसे लेते है, यह इस उम्र के बच्चों के लिए समझना कठिन है। पिफर भी यह आवश्यक है कि उन्हें इस बारे में सोचने के अवसर दिए जाएँ। बच्चों का चिंतन अलग - अलग स्तर पर होता है। यह शरूरी है कि उनके विचार भी सुनें। क्या तुमने कभी किसी दीवार की दरार से कोइर् पौध उगते हुए देखा है? कहाँ पर? उसे देखकर क्या तुम्हारे मन में कोइर् सवाल उठा? वुफछ प्रश्न बताओ। अपने बड़ों से उनके उत्तर पता करो। उस पौध्े का नाम पता करो, जिसे तुमने देखा। अब्दुल ने देखा कि रास्ते में एक बहुत बड़ा पेड़ गिरा हुआ था। उस पेड़ की वुफछ टूटी हुइर् जड़ें भी दिखाइर् दीं। उसे अपने घर का नीम का पेड़ याद आ गया। उसने सोचाμ झ् क्या इतने बड़े पेड़ को किसी ने उखाड़ा होगा या यह अपने आप ही गिर गया? झ् यह पेड़ कितना पुराना होगा? झ् चित्रा में देखो, वैफसे पेड़ के चारों तरप़फ की शमीन सीमेंट से पक्की की गइर् है। इसे बारिश का पानी वैफसे मिलेगा? बताओ झ् तुम्हारे इलाके में सबसे पुराने पेड़ कौन - से हैं? अपने बड़ांे से पता करो कि वे पेड़ कितने साल पुराने हैं? झ् क्या कभी तुमने कोइर् बड़ा पेड़ गिरा हुआ देखा है? उसे देखकर तुमने क्या सोचा? अरे, जड़ें ऐसी भी ! और सुनो, एक मशेदार बात! बरगद के पेड़ की लटकन, जिस पर अब्दुल और तुम्हारे जैसे बच्चे झूला झूलते हैं, असल में इसकी जड़ें हैं। वे टहनियों से निकलती हैं और आस - पास बढ़ते - बढ़ते शमीन के अंदर चली जाती हैं। ये मशबूत खंभों की तरह पेड़ को सहारा देती हैं। दूसरे पेड़ों की तरह शमीन के अंदर भी बरगद की जड़ें होती हैं। क्या तुमने कभी कोइर् ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़ें, टहनियों से लटकती हों? आओ करें क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीशों को इकऋा करो। काँच का गिलास या चैड़े मुँह वाली बोतल, रुइर्, रबर - बैंड या धगा, वुफछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा। अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग - अलग प्रकार के बीश लें। एक ही तरह के ;5 - 6द्ध बीशों को एक कटोरी पानी में रात भर भ्िागो दो। एक काँच का गिलास या पिफर चैड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुइर् की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर - बैंड या धगे से बाँध् दो। भीगे हुए इन बीशों को गीली रुइर् पर रखो। ध्यान रखें कि रुइर् गीली रहे। इसे दस - बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से वुफछ निकलता दिखाइर् दे रहा है। पौध चैथे और आठवें दिन वैफसा लगता है, उसका चित्रा बनाओ। इन प्रश्नों के उत्तर काॅपी में लिखो झ् सूखे और भ्िागोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे? झ् अगर रुइर् सूखी रह जाती, तो क्या होता? झ् जड़ किस तरप़फ उगी? तना किस तरप़फ उगा? झ् ये पौध्े रुइर् में कितने बड़े हो पाए? झ् क्या सभी बीजों में से पौध्े निकले? झ् जड़ों का रंग क्या है? झ् क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाइर् दे रहे हैं? आस - पास झ् इन पौधें को रुइर् से अलग करने की कोश्िाश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों? झ् तुमने देखा कि जड़ों ने रुइर् को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं? अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधें को भी देखो। क्या तुम जानते हो? आॅस्ट्रेलिया में एक पेड़ पाया जाता है, जिसका नाम है ‘रेगिस्तानी ओक’। इसकी ऊँचाइर् तुम्हारी क्लास की दीवार के लगभग होती है और पिायाँ बहुत ही कम। अंदाशा लगाओ, इसकी जड़ें शमीन में कितनी गहरी जाती होंगी। सोचो, यदि ऐसे तीस पेड़ शमीन पर लाइन से लिटा दिए जाएँ। उस लंबाइर् तक शमीन में गहरी जाती हैं इस पेड़ की जड़ें - जब तक कि पानी तक न पहुँच जाएँ। यह पानी पेड़ के तने में जमा होता रहता है। उस इलाके में रहने वाले लोग यह बात जानते थे। जब कभी इस इलाके में पानी नहीं होता तो वहाँ के लोग इसके तने के अंदर पतला पाइप डालकर पानी निकाल लेते थे। क्या - क्या बढ़ता है ? आरिपफ और रूपाली में आपस में बहस छिड़ गइर् कि ये - ये चीशें बढ़ती हैं़आरिपफ μ पत्ते, मुन्ना, कली, पिल्ला, नाखून, गाड़ी रूपाली μ चाँद, पेड़, मैं, बाल, तरबूश, मच्छर, कौआ झ् तुम्हें क्या लगता है, इनमें से कौन - कौन सी चीशें बढ़ती हैं। तुम भी अपनी एक सूची बनाओ और लिखो। तुम अपने बारे में सोचो, तुम किस - किस तरह से पिछले वुफछ वषो± में बदले हो, जैसेμ झ् क्या तुम्हारी लम्बाइर् बढ़ी है? पिछले एक साल में कितनी? झ् सोचो, अगर तुमने अपने नाखून कभी काटे ही न होते, तो वे कितने बड़े होते। अपनी काॅपी में उनका चित्रा बनाकर दिखाओ। झ् तुम्हारे शरीर की क्या ऐसी कोइर् चीश है, जो बढ़ती रहती है? क्या उसे समय - समय पर काटना पड़ता है?

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