प्यास कैसे बुझाएँ? सुगुणा किताब पढ़ रही थी कि तभी किसी के आने की आवाश आइर्। देखा, शहर से कोइर् मेहमान आए हैं। अप्पा ने उन्हें बिठाया और सेल्वा से कहा कि उनके लिए कोल्ड डिªंक लेकर आए। मेहमान बोले, फ्कोल्ड डिªंक तो मैं नहीं पीता। बस, एक गिलास पानी दे दीजिए।य् अप्पा बोले, फ्हमारे यहाँ आजकल पानी ठीक नहीं आ रहा है। दिखने में भी साप़फ नहीं है। आप यह पानी न ही पीएँ तो अच्छा है। हमारी तो मशबूरी है। हमें तो पीना ही पड़ता है।य् चचार् करो झ् गंदा पानी पीने से शरीर को क्या नुकसान हो सकता है? झ् क्या कभी तुम्हारे इलाके में पीने का पानी गंदा आया है? क्या कारण था? झ् क्या तुम्हारे यहाँ कभी पानी साप़फ न होने के कारण कोइर् बीमार हुआ है? चचार् करो। झ् सुगुणा की बस्ती में लोगों के पीने के लिए साप़फ पानी नहीं था। इसलिए मेहमान बस एक सेवंफड में ही बहुत उफँचाइर् से नीचे पानी में जा पहुँचा। रीना की तो चीख ही निकल गइर्। तभी पावर्फ के बाहर से शोर - गुल और शोर - शोर से चिल्लाने की आवाश सुनाईं देने लगीं। सब बड़े गेट की तरप़फ भागे। वहाँ खाली बाल्िटयाँ और घड़े लिए हुए बहुत सारे लोग खड़े थे। एक छोटा - सा बच्चा खाली बोतल पकड़े अपनी माँ के साथ चिपक कर खड़ा था। रोहन की मम्मी ने उस भीड़ में से एक औरत से पूछा, फ्क्या हो रहा है यहाँ?य् वह औरत तमतमा कर बोली, फ्बाइर्! तुम पूछती हो, क्या हो रहा है। हमारे ़वुँफए सूखे पड़े हैं। हफ्रते में एक बार पीने के पानी का टैंकर आता है। आज तो वह भी नहीं आया। और यहाँ इतना सारा पानी तुम लोगों के खेल के लिए! बोलो, हम क्या करें?य् पढ़ो और लिखो झ् क्या कभी तुम्हारे घर में पानी की किल्लत हुइर् है? कब? झ् तब तुम ने क्या किया? झ् क्या तुम कभी पानी में खेले हो? कब और कहाँ? झ् क्या तुम्हें कभी पानी में खेलने से मना किया जाता है? क्यों? झ् झ् झ् झ् ‘वाॅटर पावर्फ’ में खेलने के लिए पानी ही पानी था, लेकिन उस गाँव में पीने के लिए भी नहीं। झ् अगर तुम कभी ‘वाॅटर पावर्फ’ में जाओ, तो पता करो कि वहाँ पानी कहाँ से आता है। क्या इसे पी सकते हैं? कप़्ाफ परेड, मुंबइर् ़लिफ्रट रुक गइर्, 26वीं मंिाल पर! बड़ा मशा आता है, ़दीपक को लिफ्रट में। आज स्वूफल की छु‘ी है। इसलिए वह माँ के साथ रिाया मेम साहब के यहाँ आया है। यहाँ तो सब वुफछ चकाचक, ठंडा और शांत लगता है। रिाया अखबार पढ़ रही थी। दीपक को देखा तो हंँसकर पूछा, फ्क्यों, आज छु‘ी है क्या?य् मेम साहब ने टी.वी. चला दिया और दीपक काटूर्न की दुनिया में खो गया। इतने में रिाया ने आवाश लगाइर्, फ्अरे, पुष्पा! अखबार में खबर है कि इस इलाके में पीने के पानी वाले पाइप में गटर का पानी मिल गया था। लिखा है, इस गंदे पानी के कारण बहुत लोग दस्त और हैशे से बीमार हैं। कल का भरा हुआ पानी पेंफक दो और पीने के लिए वुफछ पतीले पानी उबाल लो। और हाँ! अपने घर के लिए भी उबला हुआ पानी ले जाना।य् दीपक खुश हुआ कि चलो उसे आज घंटा - भर लाइन में खड़े होने से छु‘ी मिली। काॅपी में लिखो झ् अखबार पढ़कर रिाया परेशान क्यों थी? झ् रिाया ने पिछले दिन का भरा हुआ सारा पानी पेंफकने के लिए कहा। क्या उस पानी को किसी और काम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था? किस काम के लिए? झ् रिाया ने पानी साप़फ करने का क्या तरीका अपनाया? झ् तुम पानी साप़फ करने के कौन - कौन से तरीके जानते हो? झ् अगर रिाया अखबार में आइर् खबर न पढ़ती और सब बिना उबला पानी पी लेते, तो क्या होता? चचार् करो झ् दीपक की बस्ती में पानी भरने के लिए लाइन में लगना पड़ता है, जबकि रिाया के यहाँ दिन भर पानी आता है। ऐसा क्यों? झ् रिाया को अखबार से पानी की खबर मिली। क्या तुमने कभी अखबार में पानी से जुड़ी कोइर् खबर पढ़ी है? क्या? स्वयं करके चचार् करो झ् पिछले एक महीने में, अलग - अलग अखबारों में पानी से जुड़ी जो खबरें आइर् हैं, उन्हें इकट्ठा करो । इन खबरों को एक बड़े कागश पर चिपकाओ और इन पर चचार् करो। क्या तुम्हें कभी दस्त लगे हैं, उल्िटयाँ हुइर् हैं? तब क्या हुआ था? जब दस्त लगते हैं या उल्िटयाँ होती हैं, तो हमारे शरीर से बहुत सारा पानी बाहर निकल जाता है। यह झ् तीसरा समूह अपनी कक्षा के बच्चों को हुइर् बीमारियों के बारे में पता करे। नीचे दिए गए सवाल बच्चों को जानकारी इकट्ठा करने में सहायता करेंगे। समूह एक देखो और लिखोμ झ् सही जगह पर ;9द्ध निशान लगाओ। झ् स्वूफल में पीने का पानी कहाँ से आता है? नल टंकी हैंडपंप कहीं और से झ् तुम स्वूफल में पीने का पानी कहाँ से लेते हो? नल टंकी हैंडपंप कहीं और से झ् यदि नल, मटके या हैंडपंप नहीं हैं, तो पीने का पानी कहाँ से लाते हो? झ् क्या सभी नलों या हैंडपंपों में पानी आता है? झ् क्या इनमें से कोइर् नल बहता या टपकता रहता है? झ् क्या सभी मटकों या बतर्नों में पानी भरा और ढँका रहता है? झ् क्या मटकों या पानी के दूसरे बतर्नों की नियमित सप़फाइर् की जाती है? झ् पानी को पीने लायक वैफसे बनाया जाता है? झ् क्या मटकों या बतर्नों से पानी निकालने के लिए लंबे हैंडल वाले बतर्न हैं? अगर हैं तो कितने? झ् क्या पानी पीने की जगह की नियमित सप़फाइर् की जाती है? सोचो और चचार् करो झ् ये जगहें गंदी क्यों हो जाती हैं? झ् इन जगहों को साप़फ रखने के लिए क्या किया जा सकता है? पता करो और काॅपी में लिखो झ् मटके और उसमें से पानी निकालने वाले बतर्नों की ध्ुलाइर् कितने दिनों में की जाती है? कौन करता है? झ् स्वूफल में कितने बच्चे हैं? कितने नल, मटके या हैंडपंप हैं? क्या वे सभी बच्चों के लिए काप़फी है? झ् इन जगहों की सप़फाइर् कौन करते हैं? झ् जो पानी नीचे गिर जाता है, वह कहाँ जाता है? समूह दो देखो और लिखोμ झ् सही जगह पर ;9द्ध निशान लगाओ। झ् स्वूफल में टाॅयलेट के लिए क्या इंतशाम है? पक्का टाॅयलेट खुली जगह झ् वहाँ कितने टाॅयलेट हैं? झ् क्या लड़के और लड़कियों के टाॅयलेट अलग - अलग हैं?झ् क्या वहाँ पानी है?झ् पानी कहाँ से आता है? झ्नल सेझ्भरी हुइर् टंकी सेझ्घर से लाना पड़ता हैझ् हाथ धेने के लिए पानी है क्या?झ् टाॅयलेट जाने के बाद क्या तुम हाथ धेते हो?झ् क्या कोइर् नल बहता या टपकता रहता है?झ् क्या टाॅयलेट साप़फ रहते हैं?पता करो और लिखो झ् स्वूफल में कितने लड़के और कितनी लड़कियाँ हैं? लड़के लड़कियाँ झ् लड़के और लड़कियों के लिए कितने - कितने टाॅयलेट हैं? लड़कों के लिए लड़कियों के लिए हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं हाँ नहीं झ् यदि नल नहीं है, तो टाॅयलेट में पानी भरकर कौन रखता है? पानी कहाँ से लाना पड़ता है? झ् इस जगह को कौन साप़फ करता है? बताओ झ् टाॅयलेट को साप़फ रखने के लिए क्या - क्या किया जा सकता है? झ् इसके लिए हम सब क्या कर सकते हैं? झ् क्या तुमने कभी बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन पर टाॅयलेट देखा है? घर के अंदर बने टाॅयलेट से ये वैफसे अलग होते हैं? समूह तीन अपनी कक्षा में बच्चों से पता करके नीचे दी गइर् तालिका पूरी करो। पिछले वुफछ महीनों में तुम्हारी कक्षा के कितने बच्चों को नीचे लिखी हुइर् किसी बीमारी का सामना करना पड़ा है? उन बच्चों के नाम सही जगह पर लिखो। सवेर् से, तुमने जो जानकारी इकट्ठी की, उसके बारे में अपनी टीचर से चचार् करो और अपने सुझाव लिखकर एक रिपोटर् तैयार करो। इस रिपोटर् को स्वूफल की सभा में पढ़ो और नोटिस बोडर् पर लगाओ। अध्यापक के लिएμयहाँ केवल उन लक्षणों की बात की गइर् है, जिन्हें बच्चे पहचानते हैं। अगर ऐसा हैशे के कारण हुआ है, तो बीमारी के बारे में चचार् करें। आस - पास कौन - सी बीमारियाँ हैं? शरूरी नहीं है, कि सभी बच्चे इन बीमारियों के नाम जानते हों। अध्यापक के लिएμबच्चों को भारत के नक्शे में कनार्टक ढूँढ़ने के लिए कहें। के लिए यह समझना भी शरूरी था कि पानी पहले से कम क्यों हो गया। सब वुफछ पहले जैसा क्यों नहीं रहा। इन बातों को ठीक से समझने के लिए पंचायत ने शहर के वुफछ लोगों की मदद भी ली। ये लोग पानी के रखरखाव के बारे में जानते थे। सब ने मिलकर योजना बनाइर् और एक साथ काम किया। टंकी एक पहाड़ी पर थी। टंकी में ठहरने की बजाए पानी नीचे बह जाता था। पानी के साथ ही मि‘ी भी बह जाती थी। उन्होंने सबसे पहले टंकी को साप़फ किया। पिफर उसकी दीवार की दरारों को भर कर उसे मशबूत बनाया। आस - पास नए छायादार पेड़ लगाए और पुराने पेड़ों को पानी दिया। घास भी लगाइर्। बच्चों ने ढलान पर जगह - जगह बाँध् बनाए और पिफर किया उन सबने बारिश का इंतशार। बारिश आइर् और टंकी पहले की तरह ही पानी से भर गइर्। उन्होंने उसमें वुफछ मछलियाँ भी छोड़ीं। बच्चे वहाँ की रखवाली करने लगे ताकि कोइर् मछली न चुरा सके और पेड़ - पौध्े न तोड़े। उन्हें मेहनत का पफल मिला। दो - तीन सालों में ही टंकी पिफर पानी से लबालब भर गयी। उसमें पूरे साल पानी रहने लगा। आस - पास का इलाका भी घास और पेड़ - पौधों से हरा - भरा हो गया। ध्ीरे - ध्ीरे गाँव के बाकी वुँफओं और तालाबों में भी पानी भरने लगा। भीमा संघ की इस कामयाब कोश्िाश से अब गमिर्यों में किसी को गाँव नहीं छोड़ना पड़ता। यह सब कर दिखाया तुम्हारी उम्र के बच्चों नेμभीमा संघ ने। वे बच्चे तो अब बड़े हो गए हैं, पर भीमा संघ आज भी है। आज भी उसमें नए - नए बच्चे जुड़ते हैं और काम करते हैं।

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