रात में दिन मैं वैशाली हूँ। मेरे बाबूजी सब्शी बेचते हैं। इस काम में अम्मा, भैया, छोटू और मैं भी मदद करते हैं। पता है, हम काम कब शुरू करते हैं? सुबह के तीन बजे। जब बहुत से लोग गहरी नींद में सोए होते हैं, तब हम अपना काम शुरू करते हैं। बाबूजी, अम्मा, भैया और मैं, पिछले दिन की बची हुइर् सब्िशयाँ बोरियों और टोकरियों में से निकालते हैं। ताशी सब्िशयाँ जो मंडी से लानी होती हैं। कभी - कभी छोटू भी इस काम में मदद करता है। काम को निबटाकर जब सब चाय पी रहे होते हैं, तो टैम्पो के हाॅनर् की पौं - पौं... सुनाइर् देती है। पिफर बाबूजी, भैया और चाचू, मोहल्ले के और लोगों के साथ टैम्पो में सब्शी लेने मंडी जाते हैं। आस - पास झ्क्या तुम्हारे घर में भी किसी को सुबह बहुत जल्दी उठना पड़ता है? किस समय? किस काम के लिए? दिन की तैयारी बाबूजी के जाने के बाद छोटू, अम्मा और मैं पिछले दिन की बची सब्िशयों को बोरियों पर रखकर पानी छिड़कते हैं। सुबह लगभग 6.30 बजे तक बाबूजी मंडी से ताशी सब्िशयों के टोकरे और बोरे लेकर घर पहुँच जाते हैं। उस समय तो मानो घर में ही सब्शीमंडी लग जाती हैμबैंगन, आलू, टमाटर, भ्िांडी, पेठा, घीया, मिचीर् आदि सब चारों तरपफ दिखते़हैं। घर के सब लोग मिलकर इन सब्िशयों को छाँटते हैं। जो सब्िशयाँ कच्ची होती हैं और बेचने के लिए तैयार नहीं होती, उन्हें अलग रख देते हंै। ये सब काम जल्दी - जल्दी खत्म करने की कोश्िाश होती है, जिससे बाशार शल्दी पहुँचा जा सके। अध्यापक के लिएμबच्चों को मंडी में होने वाले कामों के बारे में बताया जा सकता है। मंडी से घर तक सात बजे तक सब्िशयों को ठेले पर लगाकर बाबूजी और भैया बाशार चले जाते हैं। बाबूजी कहते हैं कि अगर देर हो जाए, तो ग्राहक दूसरे सब्शी वालों से सब्िशयाँ खरीद लेते हैं। बाबूजी के जाने के बाद मैं स्वूफल के लिए जल्दी - जल्दी तैयार होती हूँ। मुझे भी तो 7.30 बजे तक स्वूफल पहुँचना होता है। बाबूजी बाज़ार में छोटू का स्वूफल दोपहर का है। वह थोड़ा आराम करके बाबूजी और भैया के लिए नाश्ता लेकर बाशार पहुँच जाता है। थोड़ी देर वह ठेले के पास रहता है, पिफर दोपहर में स्वूफल चला जाता है। कभी - कभी शाम को, स्वूफल के बाद भी, वह बाबूजी की मदद के लिए उनके पास जाता है। बाबूजी पिछले दिन की बची हुइर् सब्िशयों को पहले बेचने की कोश्िाश करते हैं। आस - पास बताओ झ्बाबूजी पिछले दिन की सब्िजयाँ पहले बेचने की कोश्िाश करते हैं। वे ऐसा क्यों करते होंगे? झ्क्या तुमने कभी सूखी या सड़ी - गली सब्शी देखी है? कहाँ? झ्तुम्हें वैफसे पता चलता है कि सब्शी खराब हो गइर् है? जैसे - जैसे पिछले दिन की सब्िशयाँ बिकती जाती हैं, भैया बोरियों मंे से ताशी सब्िशयाँ निकालकर ठेले पर लगाते जाते हैं। साथ ही सब्िशयों पर पानी छिड़कते रहते हैं, जिससे वे सूख न जाएँ, खासकर ग£मयों में। बाबूजी और भैया रात को दस बजे तक सब्िशयाँ बेचकर घर लौटते हैं। तब तक मैं और छोटू तो सो चुके होते हैं। घर के बाकी सब लोग 11 से 11.30 बजे तक ही सो पाते हैं। केवल चार घंटे बाद सुबह 3.00 बजे शुरू होता है, हमारे परिवार का नया दिन! झ् नीचे घडि़यों में दिखाए गए समय पर तुम और वैशाली क्या - क्या कर रहे होते हो? सुबह सुबह रात वैशाली वैशाली वैशाली तुम तुम तुम झ्तुम्हारे घर में सब्िशयाँ कहाँ से आती हैं? उन्हें कौन लाता है? मंडी से घर तक सब्िज़यों के साथ कुछ खेल झ्अब की बार जब घर में भ्िांडी आए, तब वुफछ भ्िांडी लेकर देखो। क्या ये सब भ्िांडियाँ एक ही नाप की हंै? झ्उनमें से सबसे लंबी और सबसे छोटी भ्िांडी छाँटो और नाप कर लिखो। झ्क्या उनके रंग एक से हैं? क्या वे एक जितनी मोटी हैं? दो भ्िांडियों को लंबाइर् में काटो। क्या उनमें एक जितने बीज हंै? काॅपी में उनके चित्रा बनाओ। झ्सीमा की मम्मी बाशार से वुफछ पफल - सब्िशयाँ लाइर् हैं। चित्रा में उन्हें ढूँढ़ो और रंग भरो। काॅपी में उनके नाम भी लिखो। आस - पास पता करो झ्यहाँ पर वुफछ पफल और सब्िशयों की सूची दी गइर् है। इनमें से कौन - कौन से पफल और सब्िशयाँ पहले खराब हो जाएँगे और कौन - से वुफछ दिन तक रखे जा सकते हैं? उनके नाम तालिका में ठीक जगह पर भरो। तुम अपनी तरपफ से वुफछ औऱनाम भी इस सूची में डाल सकते हो। पालकलौकी आलूप्याश केला टमाटरपूफलगोभी खीरा नाशपाती अंगूर चीवूफअदरक अनानास जल्दी खराब होने वाले कुछ दिनों तक रखे जा सकने वाले फल और सब्िज़याँ फल और सब्िज़याँ इनमें से वुफछ पफल और सब्िशयाँ छूने से चिकनी लगती हैं और वुफछ खुरदरी। इनके नाम छाँट कर सही सूची में लिखो। चिकनी सब्िज़याँ खुरदरी सब्िज़याँ मंडी से घर तक झ्किसी एक पफल या सब्शी का नाम लिखो, जो तुम्हें उठाने में सबसे भारी लगे। उसका चित्रा काॅपी में बनाओ। झ् तुमने जो पफल और सब्िशयाँ खाईं हैं, उनमें से सबसे हल्वफा पफल या सब्शी कौन - सी है? उसका नाम लिखकर काॅपी में चित्रा बनाओ। झ्तीन ऐसी सब्िशयों के नाम लिखो, जिनमें बीज नहीं होते। नीचे दी गइर् तालिका को पूरा करो। तुम इसमें अपनी पसंद के तीन और नाम जोड़ सकते हो। रंग लंबाइर् मात्रा दाम सेब ;क् किलोद्ध केला ;1दजर्नद्ध आलू ;क् किलोद्ध झ् अपने इलाके के किसी सब्शी बेचने वाले व्यक्ित से बातचीत करो। उनसे ये प्रश्न पूछकर काॅपी में एक छोटी - सी रिपोटर् बनाओ। झ्उनका नाम क्या है? झ्उनके घर में कितने लोग हैं? कितने बच्चे हैं? झ्उनके बच्चों के नाम और उनकी उम्र क्या है। झ्सब्शी बेचने में उनकी मदद कौन - कौन करते हैं? आस - पास झ्ठेले/रेहड़ी/दुकान पर उनके अलावा कौन - कौन बैठते हैं? झ्वे कौन - कौन सी सब्िशयाँ बेचते हैं? झ्वे कितने बजे काम शुरू करते हैं? झ्वे दिन में लगभग कितने घंटे काम करते हैं? झ्उनसे किन्हीं तीन सब्िशयों के बारे में वुफछ बातें पता करोμ सब्शी - 1 सब्शी - 2 सब्शी - 3 सब्जी का नाम उसका दाम कौन - सी जगह से लाइर् जाती है? एक बार में वे कितनी सब्शी खरीदते हैं? यह सब्शी किन महीनों में श्यादा आती है?

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